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संसद की सुरक्षा में भारी चूक : दो घटनाएं, 4 गिरफ्तार, लोकसभा में धुआं ही धुआं.

Serious lapses in Parliament security: Two incidents, 4 arrested, chaos in the Lok Sabha दिल्ली: संसद पर हमले की बरसी के दिन ही संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक देखने को मिली है. दरअसल, बुधवार दोपहर करीब एक बजे दो लोग लोकसभा में दर्शक दीर्घा से सदन के भीतर कूद पड़े और पीली गैस का स्प्रे करने लगे. इसके बाद इनमें से एक शख्स लोकसभा स्पीकर की कुर्सी की तरफ दौड़ने लगा. इन आरोपियों के सदन में कूदने के बाद वहां मौजूद सांसदों ने हिम्मत दिखाते हुए दोनों आरोपियों को सदन के अंदर ही पकड़ लिया. इस घटना को लेकर अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि घटना की जांच हो रही है. दोनों आरोपी पकड़े गए हैं और इनके पास से सभी तरह की सामग्री को जब्त कर लिया गया है. वहीं, संसद के बाहर नारेबाजी कर रही एक महिला और शख्स को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. हालांकि, बाद में इन सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. दर्शक दीर्घा अगले आदेश तक के लिए बंद इस घटना के बाद दर्शक दीर्घा को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है. दरअसल, दोनों युवकों ने दर्शक दीर्घा के जरिए ही घटना को अंजाम दिया. दो गुट में आए थे आरोपी बता दें कि आरोपी शख्स ने सदन के अंदर फ्लोरोसेंट गैस का छिड़काव भी किया. खास बात ये है कि हमला करने वाले लोग दो अलग-अलग ग्रुप में आए थे. एक ग्रुप संसद के अंदर गया जबकि दूसरा ग्रुप संसद भवन की इमारत के बाहर ही रुका रहा. दिल्ली पुलिस ने बाहर मौजूद आरोपियों को पकड़ा लिया है जबकि अंदर घुसे शख्स को संसद भवन के अंदर ही पकड़ लिया गया है. संसद के अंदर जो 2 लोग पकड़े हैं ,उनमें एक नाम सागर शर्मा है और दूसरे का नाम मनोरंजन डी है. ये दोनों कर्नाटक के हैं. बीजेपी सांसद ने कही ये बात बीजेपी सांसद सत्यपाल सिंह ने एनडीटीवी से कहा कि लोकसभा में शून्यकाल की कार्यवाही के दौरान अचानक दो लड़के विजिटर्स गैलरी से नीचे कूद गए, उन्होंने पीले रंग की गैस भी छोड़ी. यह सिक्योरिटी लैप्स का मामला है. लोकसभा की सिक्योरिटी ब्रीच हुई है. हालांकि सांसदों ने तुरंत उन लड़कों को पकड़ लिया. “20 साल के थे दो युवक” वहीं कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि अचानक करीब 20 साल के दो युवक दर्शक दीर्घा से सदन में कूद पड़े और उनके हाथ में टिन के डिब्बे थे, जिनसे पीला धुआं निकल रहा था. उनमें से एक अध्यक्ष की कुर्सी की ओर भागने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने नारे लगाए. यह धुआं जहरीला हो सकता था.संसद हमले की बरसी के दिन यह सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है !

सिंधिया परिवार को कोर्ट से झटका.

The Scindia family faces a setback in court. करोड़ों रुपए की जमीन बेचने पर रोक लगाई भोपाल। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके परिवार को कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। सिंधिया परिवार एक संपत्ति को अपनी बताकर बिक्री कर रहा था, जिस पर कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है सिंधिया परिवार कई प्रकार के प्रॉपर्टी डिस्प्यूट में उलझा हुआ है। ऐसी ही एक संपत्ति विवाद में न्यायालय का फैसला सुनाया है। न्यायालय में निर्णय हुआ है कि महल गांव में यशवंत राव राणे की जमीन को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उनकी माताजी माधवी राजे सिंधिया, उनकी बहन चित्रांगदा राजे और नारायणन बिल्डर्स एवं डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर, अपनी संपत्ति बताकर बेच रहे हैं। न्यायालय ने इस पर रोक लगा दी है। ग्वालियर में रियासत काल में सिंधिया परिवार के शाही महल जयविलास पैलेस का परिसर बहुत विशाल था। इसमें शिकारगाह, हैलीपेड, कृषिभूमि आदि भी थी, लेकिन स्वतंत्रता के पश्चात सिंधिया परिवार ने इसके आसपास की भूमि में पॉश कॉलोनियां विकसित कर जगह बेच दी, जो सिंध विहार, चेतकपुरी, वसंत विहार, चेतकपुरी आदि कॉलोनियां के नाम से जानी जाती हैं। सिंधिया परिवार ने ग्वालियर में चेतकपुरी के सामने महल गांव में सर्वे नंबर 1211/1, 1211/2 एवं 1211/3 की कुल 6 बीघा 4 विस्वा जमीन नारायण बिल्डर एंड डेवलपर को बेचने का सौदा किया तो इसके स्वामित्व को लेकर एक वाद दायर किया गया। यशवंत राव राने के परिवार ने इस जमीन को अपना बताते हुए इसका भूस्वामी बताया और सिंधिया परिवार के विक्रय अनुबंधों को अवैद्य बताते हुए की जा रही बिक्री पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। द्वादशम सत्र न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश अजय सिंह ने इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद इस केस में अपना निर्णय सुनाया है। उन्होंने याचिकाकर्ता यशवंत राव राणे को इस जमीन का स्वामी घोषित कर दिया है। इसी के साथ आदेश दिया है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उनकी माताजी माधवी राजे सिंधिया, उनकी बहन चित्रांगदा राजे और नारायणन बिल्डर्स एवं डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर, जमीन का विक्रय नहीं कर सकते हैं। ग्वालियर के जिला कलेक्टर एवं नगर निगम ग्वालियर के कमिश्नर को आदेश का पालन करने के लिए कहा गया है।

कटनी के बरही में कोयले का अवैध कारोबार, प्रशासन कार्रवाई करने में नाकाम, माफियाओं के हौसले बुलंद.

Illegal coal trade is rampant in Barhi, Katni; the administration’s failure to take action has emboldened the coal mafia. बरही नगर के वार्ड क्रमांक 15 तैयब नगर में किया जा रहा कोयले का अवैध स्टॉक। प्रशासन कार्रवाई करने में नाकाम। Illegal stocking of coal is taking place in Ward Number 15 of Barhi Nagar, but the administration has failed to take any action. कटनी, बरही नगर मे कोयल का अवैध कारोबार बेखौफ फल फूल रहा है। इस पर कार्रवाई न होने से माफिया के हौसले बुलंद है। गौरतलब है कि नगर के वार्ड क्रमांक 15 तैयब नगर मे शासकीय भूमि पर कोयले का अवैध स्टॉक किया गया है। खनिज विभाग से बिना अनुमति लिए भारी मात्रा में कोयले का अवैध स्टॉक किया गया है। बताया गया है कि सरई ग्राम से कोयला लोड होकर खन्ना बंजारी रेलवे स्टेशन से मालगाड़ी पहुंचती है। गाड़ी खड़ी होते ही कोयला माफिया के गुर्गे बोगी में चढ़कर ट्रैक के किनारे कोयला उतार देते हैं और ट्रैक्टर ट्राली लगाकर कोयला भरकर तैयब नगर में स्टॉक करते है यहां अवैध कारोबार कई से चल रहा है लेकिन प्रशासन के के द्वारा कार्यवाई नहीं की जाती जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद है। बताया गया है कि कोयला माफिया व रेलवे के अधिकारियों से बड़ी सेटिंग है जिसके तहत यह कारोबार मिलीभगत में बेखौफ चल रहा है। इस ओर पुलिस,आरपीएफ,रेलवे प्रशासन ध्यान नही दे रहा है जिससे अवैध कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद है। कोयले के अवैध कारोबार पर नहीं हो रही कार्रवाई माफियाओं के हौसले बुलंद बरही नगर के वार्ड क्रमांक 15 तैयब नगर में किया जा रहा कोयले का अवैध स्टॉक प्रशासन कार्रवाई करने में नाकाम माफियाओं के हौसले बुलंद बरही नगर मे कोयल का अवैध कारोबार बेखौफ फल फूल रहा है। इस पर कार्रवाई न होने से माफिया के हौसले बुलंद है। गौरतलब है कि नगर के वार्ड क्रमांक 15 तैयब नगर मे शासकीय भूमि पर कोयले का अवैध स्टॉक किया गया है। खनिज विभाग से बिना अनुमति लिए भारी मात्रा में कोयले का अवैध स्टॉक किया गया है। बताया गया है कि सरई ग्राम से कोयला लोड होकर खन्ना बंजारी रेलवे स्टेशन से मालगाड़ी पहुंचती है। गाड़ी खड़ी होते ही कोयला माफिया के गुर्गे बोगी में चढ़कर ट्रैक के किनारे कोयला उतार देते हैं और ट्रैक्टर ट्राली लगाकर कोयला भरकर तैयब नगर में स्टॉक करते है यहां अवैध कारोबार कई से चल रहा है लेकिन प्रशासन के के द्वारा कार्यवाई नहीं की जाती जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद है। बताया गया है कि कोयला माफिया व रेलवे के अधिकारियों से बड़ी सेटिंग है जिसके तहत यह कारोबार मिलीभगत में बेखौफ चल रहा है। इस ओर पुलिस,आरपीएफ,रेलवे प्रशासन ध्यान नही दे रहा है जिससे अवैध कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद है। प्रतिदिन उतर रहा कोयला,शासन को लग रहा लाखों रुपए का चूना खन्ना बंजारी रेलवे स्टेशन में मालगाड़ी से प्रतिदिन कोयला उतर रहा है जिसमे शासन को लाखों रुपए का चूना लग रहा है लेकिन प्रशासन इस अवैध कारोबार पर रोक लगाने में नाकाम है वही माफिया व रेलवे आरपीएफ पुलिस के जिम्मेदार चांदी काट रहे है।खन्ना बंजारी रेलवे स्टेशन में मालगाड़ी से प्रतिदिन कोयला उतर रहा है जिसमे शासन को लाखों रुपए का चूना लग रहा है लेकिन प्रशासन इस अवैध कारोबार पर रोक लगाने में नाकाम है वही माफिया व रेलवे आरपीएफ पुलिस के जिम्मेदार चांदी काट रहे है।

पदस्थापना को बदलवाने के दुष्चक्र में पड़ जाते है हम आईएफएस एसोसिएशन के व्हाट्सप्प ग्रुप में पोस्ट के बाद अफसरों में सन्नाटा.

In the cycle of positions upheaval occurs, Silence prevails among officers after the post in the IFS Association WhatsApp group is altered. उदित नारायण भोपाल। 1993 बैच के आईएफएस शशि मलिक ने सेवानिवृत के आठ महीने पहले एसोसिएशन के व्हाट्सप्प ग्रुप पर अपने भावनाओं को संकलित कर ब्लॉग के रूप में एक पोस्ट किया है। एसोसिएशन के व्हाट्सप्प ग्रुप में ब्लॉग पोस्ट होते ही लोकसेवक बिरादरी में सन्नाटा खींच गया। मलिक ने लिखा है कि पदस्थापना को बदलवाने के फेर में हम ऐसे दुष्चक्र में फंस जाते कि आईने के सामने खड़े होकर स्वयं से भी नजरें नहीं मिला पाते है. हम केवल एक कठपुतली मात्र बनकर रह जाते हैं तथा हमारा सम्पूर्ण व्यक्तित्व कहीं न कहीं विलीन हो जाता है।नए साल के जुलाई में रिटायर होने वाले शशि मलिक जहां भी सदस्य रहे, वहां सुर्खियों में बने रहे। वर्तमान में वे मुख्यालय के समन्वय शाखा में प्रमुख हैं। यहां का पदभार संभालते ही उन्होंने तृतीय और चतुर्थ कर्मचारी को कार्यालय में गणवेश (वर्दी) पहनकर आने की अनिवार्यता आदेश जारी कर सुर्खियों में है। इसकी वजह यह है कि मुख्यालय में ही उनके आदेश का माख़ौल उड़ाया जा रहा है। अपने तमाम पदस्थापनाओं के दौरान अनुभवों को समेटते हुए एक ब्लॉग में लिखा कि कई बार हम अपनी वर्तमान पद स्थापना से संतुष्ट नहीं होते है तथा येन-केन-प्रकारेण पदस्थापना को बदलवाने के दुष्चक्र में पड़ जाते है। इस सम्पूर्ण प्रक्रिया में हमारा कई प्रकार से दोहन किया जाता है। जिसका प्रभाव पुनः हमारे प्राकृतिक संसाधनों पर भी पड़ता है। इस प्रकार हम एक दुष्चक्र में फंस जाते है जिससे निकलने का हमें कोई भी मार्ग नहीं मिलता है। हम केवल एक कठपुतली मात्र बनकर रह जाते हैं तथा हमारा सम्पूर्ण व्यक्तित्व कहीं न कहीं विलीन हो जाता है। इस दुष्वक्र में फंसकर हम न तो स्वतंत्र रूप से कोई निर्णय ले पाते हैं तथा न ही कर्तव्यों का सम्पादन उचित रूप से कर पाते है, जिसकी हमसे अपेक्षा की जाती है। हम अपने वर्तमान की उस समय से तुलना करें, जब हम इस पवित्र शासकीय सेवा के सदस्य नहीं थे। उस समय हमारी विचारधारा क्या थी, हम क्या सोचते थे ? परन्तु शासकीय सेवा में आते ही हमारे विभिन्न प्रकार के स्वार्थ जाग्रत हो जाते हैं तथा हम उन्ही की पूर्ति में लग जाते है। हमें इस प्रकार की मानसिकता से बाहर निकलने की आवश्यकता है। जहां भी हमारी पदस्थापना होती है, हमें उसी में पूर्ण रूप से आनंद लेना चाहिए, क्योंकि कई बार इस दुष्चक्र में फंसकर जाने-अनजाने में हम कोई ऐसा कार्य कर जाते हैं कि आईने के सामने खड़े होकर स्वयं से भी नजरें न मिला सकेंगे तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही क्यों होने दी जाए ? हमसे अपेक्षा की जाती है कि प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्य को हम नौकरी समझ कर नही बल्कि एक पवित्र कार्य मानते हुये निष्काम भाव से पूर्ण करे। हमारे कर्तव्य पालन का केवल एक ही तरीका है।

फर्जी दस्तावेज लगाकर 16 साल से नौकरी कर रहे 8 शिक्षक, 15 साल चली जांच.

Eight teachers have been working for 16 years using fake documents; investigation has been ongoing for the past 15 years. मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर Special Correspondent, Sahara Samachaar, Gwalior भोपाल। ग्वालियर में शिक्षक भर्ती परीक्षा के जरिये टीचर के रूप सोलह साल से नौकरी कर रहे, आठ शिक्षकों की जांच मे बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि इन टीचरों ने शिक्षक भर्ती परीक्षा के समय फर्जी मार्कशीट और फर्जी दस्तावेज लगाए थे। पुलिस ने ऐसे आठ शिक्षकों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज बनाने और धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर ली है। इसकी खबर फैलने के बाद न केवल ग्वालियर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के शिक्षा विभाग में हड़कम्प मच गया है। 2007-08 में बने थे शिक्षक2007-08 में मध्य प्रदेश सरकार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। इस परीक्षा को पास करने के बाद कुछ शिक्षकों पर फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी पाने का आरोप लगा था। ग्वालियर के भितरवार इलाके में फरियादी गौरी शंकर राजपूत ने इसकी शिकायत थाने में की थी। जिसमें बताया गया था कि जनपद पंचायत भितरवार में पदस्थ शिक्षा कर्मियों ने फर्जी और कूटरचित अंकसूचियों की संरचना करके शासकीय सेवा प्राप्त कर अनाधिकृत रूप से शासकीय सेवा का लाभ उठाया है। उन्होंने इस मामले में धर्मेंद्र सिंह यादव, भगवत शर्मा, कृष्णा ,पान सिंह यादव, अनिल पाठक, बृजेंद्र सिंह रावत, अरविंद सिंह राणा, सतीश कुमार रजक, केशव सिंह पर फर्जी दस्तावेज लगाकर शासकीय नौकरी पाने का आरोप लगाया था। 2008 से चल रही थी जांच, 15 साल बाद हुई एफआईआरएडिशनल एसपी ग्वालियर निरंजन शर्मा ने बताया कि इस मामले पर विभिन्न बिन्दुओं पर बारीकी से जांच पड़ताल और साक्ष्य संकलन किया गया और फरियादी द्वारा प्रस्तुत आरोप के दस्तावेज सही पाए जाने पर आठ आरोपियों के खिलाफ थाना भितरवार में धोखाधड़ी और दस्तावेजों की कूटरचना करके शासकीय नौकरी पाने की धारा में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच का दायरा बढ़ने पर बढ़ सकती है आरोपियों की संख्याअतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि अभी जांच जारी है और इस मामले में आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। इस एफआईआर की सूचना से पूरे प्रदेश के शिक्षा विभाग में भूचाल मच गया है। क्योंकि जांच का दायरा बढ़ा तो प्रदेश भर में ऐसे सैकड़ों मामले उजागर हो सकते हैं।

उत्तरप्रदेश जा रहा ट्रक रीवा से गायब, ड्राइवर मलिक के साथ मिलकर 25 लाख रुपए की लहसुन कर दिया पार.

A truck, heading to Uttar Pradesh from Rewa, has gone missing. The driver, along with the owner, reportedly vanished after collectively embezzling 25 lakh rupees. भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा से एक हैरान कर देने वाली करना सामने आई है। यहां बदमाशों ने एक व्यापारी को सुनसान स्थान पर छोड़कर एक ट्रक 25 लख रुपए की लहसुन गायब कर दी है। शिकायत मिलने पर पुलिस ने वाहन मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। ट्रक सहित चोरी गया लहसुन बरामद का लिया गया है। जानकारी अनुसार शमशाद अहमद निवासी गाजीपुर उत्तर प्रदेश ने शाजापुर से एक ट्रक लहसुन 25 लाख में खरीदा था। लहसुन को नूर मोहम्मद ट्रांसपोर्ट शुजालपुर से वाहन (एमएच 18 बीजी 5235) में लोड कर ड्राइवर और कालिंजर के साथ लेकर गाज़ीपुर जा रहे थे। 4 दिसंबर को क्योंटी पुलिया के पास सुबह 10 बजे पहुंचे तो ड्राइवर ने नहाने व खाना खाने के नाम पर ट्रक को रोक दिया। दोपहर 2:30 बजे उन लोगों ने निकलने का प्रयास किया, तो ट्रक चालू नहीं हुआ। ड्राइवर ने इसकी जानकारी वाहन मालिक विजय पटेल निवासी जमुई को दी तो वह गढ़ पहुंच गया। ऊपर ट्रक मिस्त्री को ढूंढ़ने के बहाने ड्राइवर अवधेश कुमार साकेत और व्यापारी को अपने साथ लेकर चला गया। व्यापारी को उन्होंने कुछ दूर एक सुनसान स्थान पर उतार दिया और चुपके से वहां से निकलकर लहसुन लोड ट्रक को लेकर फरार हो गए। पीड़ित व्यापारी किसी तरह क्योंटी पुलिया पर पहुंचा तो वहां ट्रक नहीं था। देर समय तक ट्रक को ढूंढता रहा। इसके बाद थाना पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। वाहन को ट्रेस कर पुलिस ने विजय पटेल को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर ट्रक बरामद हो गया। आरोपियों ने मऊगंज में किराए का एक कमरा लेकर वहां लहसुन अनलोड किया था, जहां से मंडी में बेचने वाले थे। घटना में ट्रक मालिक व ड्राइवर सहित जीप में सवार आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। रीवा पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रक में लहसुन लोड कर आरोपी गाजीपुर जा रहे थे। बीच रास्ते में व्यापारी को उतार कर लहसुन लेकर गोल हो गए। शिकायत मिलने पर केस दर्ज कर ट्रक सहित लहसुन को बरामद कर लिया है। ट्रक मालिक से पूछताछ की जारी है।

क्या बच्चे के गार्जियन के क्रिमिनल रिकॉर्ड को लेने का अधिकार है या नहीं?

Does the guardian have the right to obtain the criminal record of a child? राज्य सूचना आयोग में आया ससुराल वालों के क्रिमिनल रिकॉर्ड की जानकारी लेने का मामला राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने कारण बताओ नोटिस किया जारी, तत्कालीन एडिशनल एसपी ग्वालियर ऋषिकेश मीणा को कारण बताओं नोटिस किया जारी. तत्कालीन एडिशनल एसपी ग्वालियर को भोपाल किया तलब, प्रकरण में अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी ग्वालियर में उमेश नागर ने लगाई थी आरटीआई, राजस्थान के कोटा के रहने वाले हैं उमेश नागर, ससुराल वालों के क्रिमिनल रिकॉर्ड की मांगी थी जानकारी भोपाल। क्या RTI आवेदक को अपने ससुरालवालों के क्रिमिनल रिकार्ड जानने का हक़ है? राजस्थान के एक व्यक्ति ने अपनी बेटी के नाना और उनके परिवार वालों का क्रिमिनल रिकार्ड नहीं देने पर ग्वालियर पुलिस के विरुद्ध मप्र सूचना आयोग में अपील लगाई है। इस मामले में सुनवाई करते हुए सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने स्पष्ट किया कि अपने बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को प्राप्त करना न केवल एक पैरंट का अधिकार है बल्कि बच्चे से जुड़ी उसकी जवाबदेही और जिम्मेदारी भी है। राजस्थान के कोटा शहर के उमेश नागर ने अपने ससुराल वालों के क्रिमिनल रिकार्ड की जानकारी के लिए ग्वालियर एसपी कार्यालय में RTI लगाई थी। पर ग्वालियर पुलिस ने क्रिमिनल रिकार्ड की जानकारी को व्यक्तिगत जानकारी बताते हुए नागर को जानकारी देने से मना कर दिया। नागर ने सुनवाई के दौरान सूचना आयोग को बताया कि यह जानकारी उनके लिए बेहद जरूरी है क्योंकि उनकी बेटी की कस्टडी उनके ससुराल वालों के पास है। दरसल कोटा निवासी नागर की शादी ग्वालियर में हुई थी। पर शादी के बाद पारिवारिक मतभेद होने पर उनकी पत्नी अपनी बेटी को लेकर ग्वालियर में अपने परिवार वालों के साथ रहने लगी। डाइवोर्स और चाइल्ड कस्टडी के लिए भी मामला अदालत में चल रहा है। आयोग ने पूछा अपराध कैसे निजी जानकारी?सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने सुनवाई के दौरान ग्वालियर पुलिस से यह पूछा किसी व्यक्ति का क्रिमिनल रिकॉर्ड व्यक्तिगत जानकारी कैसे हो सकती है? सिंह ने स्पष्ट किया कि कोई भी अपराध समाज के विरुद्ध किया जाता है और समाज में रहने वाले व्यक्तियों को जानने का अधिकार है कि अपराध किनके द्वारा किया जा रहा है ताकि वह अपने आप को सजग और सुरक्षित रख पाए। पुलिस के जानकारी रोकने पर सवाल उठाते हुए सिंह ने कहा कि अगर अपराध को निजी जानकारी की श्रेणी में रखा जाए तो हर अपराधी अपराध करने के बाद यह रहेगा कि उसके द्वारा किया गया अपराध उसका निजी विषय है और इसकी जानकारी किसी को न दी जाए। बच्चे से अलग रहे पिता को क्या जानकारी लेने अधिकार है? सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने अपने आदेश में लिखा कि ये मामला डाइवोर्स प्रकरण के चलते चाइल्ड कस्टडी और बच्चों के वेलफेयर से जुड़ा हुआ विषय है। पिता को शक है कि उनके ससुराल पक्ष के सदस्यों का क्रिमिनल रिकॉर्ड है जो कि उनके बच्चे की सुरक्षा के एवं नैसर्गिक विकास के लिए उपयुक्त नहीं है। इस जानकारी को RTI में लेकर वे अपने बच्चे के भविष्य को सुरक्षित रखना चाहते हैं। सिंह ने कहा कि इस RTI को लेकर सवाल ये उठना है कि अपने बच्चों से अलग रह रहे पिता को क्या बच्चे के गार्जियन के क्रिमिनल रिकॉर्ड को लेने का अधिकार है या नहीं? सूचना आयुक्त ने बताया बच्चों की सुरक्षा की जानकारी है अहम सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान की व्यवस्था में बच्चों के प्रति दोनों ही पेरेंट्स की सामान जवाबदेही और जिम्मेदारी बनती है। वही इस देश का संविधान बच्चों की सुरक्षा एवं उनके नैसर्गिक विकास और उनके अधिकारों की गारंटी देता है। RTI में मांगी जानकारी को पिता के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए राहुल सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के करीब ढाई सौ से अधिक विभिन्न कानून लागू है जो बच्चों की सुरक्षा और वेलफेयर के लिए बने हुए हैं। आयोग: बच्चों की सुरक्षा की जानकारी में पारदर्शिता जरूरी बच्चों के सुरक्षा से जुड़े मामलों की व्याख्या करते हुए सिंह ने बताया कि संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत परित सूचना का अधिकार कानून जीवन और स्वतंत्रता जैसे मूलभूत अधिकारों से भी सीधे तौर से जुड़ा हुआ है।सूचना का अधिकार अधिनियम के अनुरूप अगर कोई बच्चा खतरे में है या उसकी स्वतंत्रता या जीवन को लेकर सवाल है तो इस देश का नागरिक बच्चों से जुड़ी हुई जानकारी को जानने का अधिकार रखता है ताकि संविधान के अनुरूप बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो पाए। आयोग के बाद 5 दिन में मिली जानकारीराज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने ग्वालियर एसपी के जानकारी रोकने के आदेश को खारिज कर दिया। आयोग से जानकारी मिलने के आदेश के बाद ग्वालियर पुलिस ने आवेदक को जानकारी प्रेषित भी कर दी है। जानकारी को अवैध तरीके से रोकने के लिए तत्कालीन एडिशनल एसपी ग्वालियर ऋषिकेश मीणा को कारण बताओं नोटिस जारी कर भोपाल तलब किया है। अब इस प्रकरण में अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी।

पुलिस आरक्षक का मंदिर में रिश्वत लेने का विडियो वायरल

The viral video depicts a police constable accepting a bribe inside a temple. कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी के न्यायालय परिसर में एक आरक्षक का खुलेआम रिश्वत लेते वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिस वर्दी में एक आरक्षक कुछ युवकों से रुपए लेते दिख रहा है। इस दौरान किसी ने यह पूरा वाक्या मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया। हालांकि सहारा समाचार इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। मिली जानकारी के अनुसार रिश्वत लेने वाला आरक्षक कुठला थाने में पदस्थ है। बताया जा रहा है कि आरक्षक काफी समय से कुठला थाने से चालानी पेपर लेकर न्यायालय में आ रहा हैं। हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि न्यायालय परिसर में आरक्षक युवकों से किस बात के रुपए ले रहा है। इधर वीडियो सामने आने के बाद इस वायरल वीडियो की जांच की भी पुलिस के द्वारा बात की जा रही है। अगर इसमें अवैध तरिके से आरक्षण पैसा लेते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी जा सकती है। फिलहाल आरक्षक का पैसे लेते वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है।

उप तहसील कार्यालय भवन में गुणवत्ता विहीन निर्माण की वजह से आई दरारें ठेकेदार की लापरवाही, होगी जांच.

Cracks have appeared in the sub-tehsil office building due to the contractor’s negligence in quality construction; an investigation will be conducted. Special Correspondent, Sahara Samachaar, Katni कटनी । ठेकेदार के घटिया निर्माण की वजह से भवन में दरारें आ गई हैं बताया गया है कि ढीमरखेडा तहसील में करीब दो वर्ष पहले निर्मित हुए सिलौंड़ी के उप तहसील भवन के दीवारों और खंभों में दरारों और भवन के जर्जर होंने की जांच करनें के निर्देश कलेक्टर अवि प्रसाद ने दिये है। कलेक्टर अवि प्रसाद ने बीते बुधवार को ढ़ीमरखेड़ा क्षेत्र के भ्रमण के दौरान सिलौंड़ी के उप तहसील कार्यालय का निरीक्षण किया जहां यहां पदस्थ नायब तहसीलदार दिनेश असाटी द्वारा उपतहसील भवन में आई दरारों की वहज से भवन के जर्जर होने की जानकारी दी। कलेक्टर ने भवन का भ्रमण कर मौका मुआयना किया तो दिसंबर 2021 में करीब दो वर्ष पहले बनकर तैयार हुए इस उपतहसील भवन की दीवारों में दरारें दिखाई दे रहीं थी। साथ ही घटिया गुणवत्ता की वजह से कमरों एवं बाथरूम मे लगी टाईल्सें टूटी हुई पाईं गई। बिजली फिटिंग का भी कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया। इस स्थिति के मद्देनजर कलेक्टर ने भवन जर्जर होने की जांच हेतु ग्रामीण यंत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री को निर्देश जारी किया है। नायब तहसीलदार सिलौंड़ी ने बताया कि इस भवन के निर्माण ठेकेदार विनोद कुमार रजक है।कलेक्टर नें गुरूवार को उपतहसील भवन सिलौंडी के जांच हेतु जारी आदेश में कहा है कि उपतहसील भवन सिलौंड़ी के भवन निर्माण का विधिवत स्थल जांच कर दोषी पाये गए संबंधित क्रियान्वयन एजेसी, ठेकेदार तथा विभागीय अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। गौर तलब है कि बिलहरी उप तहसील कार्यालय में भी घटिया निर्माण की वजह से दरारें आ गई थी जिसमें जांच उजागर हुई

44 लाख की लागत से कन्या छात्रावास की गुणवत्ताहीन दीवार का निर्माण, भ्रष्टाचार के लेप से हो रहा था, कलेक्टर हुए नाराज.

A substandard wall of a girls’ hostel, constructed at a cost of 4.4 million, was being built with corruption involved, leading to the displeasure of the collector. कटनी। सरकारी निर्माण में भी भ्रष्टाचार की बू उस समय आई जब विकासखण्ड बड़वारा के खितौली स्थित सुभाष चन्द्र बोस कन्या छात्रावास के निर्माणाधीन, गुणवत्ताहीन बाउन्ड्रीवाल को गिराकर नये सिरे से बनाया जायेगा। इसके लिए शुक्रवार की सुबह से ही घटिया किस्म की ईंटो से निर्मित बाउंड्री वॉल को गिराने का काम शुरू हो गया है।बताते चलें कि कलेक्टर अवि प्रसाद ने गुरूवार को अपने भ्रमण के दौरान छात्रावास परिसर की सुरक्षा के लिए करीब 44 लाख रूपये की लागत से निर्माणाधीन बाउन्ड्रीवाल के निरीक्षण के बाद इसमें खराब गुणवत्ता की ईटों का प्रयोग पाये जाने पर 30 मीटर लंबी और 1.2 मीटर ऊंची निर्माणाधीन बाउन्ड्रीवॉल को ध्वस्त कर नवीन बाउन्ड्रीवाल बनाने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर श्री प्रसाद ने गुरुवार को मौके पर पहुंचकर सीमेंट निर्मित ईट की गुणवत्ता परखा। ईंट को ऊपर से स्वयं जमीन पर गिराकर ईंट की गुणवत्ता को देखा। ईंट जमीन पर पहुंचते ही टूट गई और प्रथम दृष्टया ही गुणवत्ताहीन पाई गई। इस पर कलेक्टर श्री प्रसाद ने पी.आई.यू के स्थानीय उपयंत्री अंकित राठोर द्वारा कार्य के नियमित पर्यवेक्षण न किये जाने पर गहन नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्माण कार्य के सतत् निगरानी और पर्यवेक्षण के निर्देश दिए थे।उन्होंने हिदायत दी थी की निर्माण कार्य की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। स्थल पर मौजूद निर्माण एजेंसी परियोजना क्रियान्वयन ईकाई के कार्यपालन यंत्री एन.के.पोनीकर को भी निर्देशित किया था कि अच्छी गुणवत्तायुक्त ईटों से बाउन्ड्रीवाल का नये सिरे से निर्माण कराया जाये वे स्वयं भी बाउन्ड्रीवाल निर्माण कार्य की निगरानी करें।

स्लीमनाबाद पुलिस ने अवैध शराब पर की कार्यवाही.

Sleemnabaad police took action against illegal alcohol. Special Correspondent Sahara Samachaar Katniकटनी, पुलिस अधीक्षक कटनी अभिजीत कुमार रंजन के निर्देशन मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज केड़िया के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी निरीक्षक अखलेश दाहिया द्वारा मुखबिर की सूचना पर एक व्यक्ति को।मोटर सायकिल से अवैध शराब लेकर जाते हुए पकड़ा गया।कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए स्लीमनावाद थाना प्रभारी अखिलेश दहिया ने बताया की मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी द्वारा तत्काल टीम को रवाना किया गया। मौके पर पहुचकर आरोपी विमल चौधरी पिता स्व. विजय चौधरी निवासी तेवरी के कब्जे से 96 पाव देशी प्लेन एवं 48 पाव लाल मसाला कुल 144 पाव मदिरा कीमती 14400 रूपये के साथ गिरफ्तार किया गया। अवैध शऱाब एवं मोटर सायकिल को जप्त कर आरोपी से पूछताछ की गयी जिसके द्वारा बताया गया कि विजय जायसवाल निवासी लखनवारा के द्वारा पैसे देकर शराब बुलवाई गई थी, आरोपी विमल चौधरी निवासी तेवरी एवं विजय जायसवाल निवासी लखनवारा के विरूद्ध धारा 34 (ए) आबकारी एक्ट 109 ताहि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना लिया गया।

रीवा लोकायुक्त टीम ने केंद्रीय विद्यालय के रिश्वतखोर प्राचार्य को 19000/ कि रिश्वत लेते हुए आज धर दबोचा.

Lokayukta team in Rewa today caught the corrupt principal of a central school accepting a bribe of Rs. 19,000. रीवा। रीवा लोकायुक्त पुलिस टीम ने केंद्रीय विद्यालय रीवा के रिश्वतखोर प्राचार्य को रिश्वत कि रकम लेते हुए आज धर दबोचा है, जहाँ लोकायुक्त टीम ने आवेदक सत्य प्रकाश पिता सत्येंद्र कुमार प्रभाकर निवासी पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 कर्मचारी आवास टाइप रीवा उच्च श्रेणी लिपिक (एस एस )केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 रीवा कि शिकायत पर कार्यवाई करते हुए विद्यालय के आरोपी प्राचार्य सतपाल सिंह पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 रीवा को रिश्वत कि राशि ₹. 19000 लेते हुए प्राचार्य को उसी के कक्ष में पकड़ लिया गया है, लोकायुक्त ने बताया कि..आरोपी प्राचार्य जो अपने ही कार्यालय में पदस्थ एस एस लिपिक से 200000 रुपए के इंटरएक्टिव पैनल क्रय करने के बाद बिल के भुगतान के लिए बिल का 12% कमिशन के रूप में रिश्वत कि मांग कि थी, जिसे आज दिनांक 07.12.2023 को ₹19000 की रिश्वत लेते हुए प्राचार्य को उसी के कक्ष में रंगे हाथ पकड़ा गया है, *ट्रेपकर्ता अधिकारी* प्रवीण सिंह परिहार उप पुलिस अधीक्षक, ट्रेप दल के सदस्य प्रवीण सिंह परिहार के साथ निरीक्षक प्रमेंद्र कुमार सिंह सहित 15 सदस्यीय टीम शामिल रही।

थाने के अंदर दलित महिला के कपड़े उतार कर पिटाई.

Stripping and beating of a Dalit woman inside the police station. पुलिस अधीक्षक की 2 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज बंशकार समाज ने पुलिस थाने के सामने जमकर किया विरोध प्रदर्शन  जबलपुर । मध्य प्रदेश की जबलपुर पुलिस का एक बार फिर अमानवीय चेहरा सामने आया है. एक प्राइवेट होटल में हुई जेवरात की चोरी के शक में पुलिस ने बिना एफआईआर दर्ज किए, महिला के कपड़े उतरवाए और बर्बरता से जमकर मारपीट की। दलित महिला के साथ की गई मारपीट के बाद बंशकार समाज ने पुलिस थाने के सामने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक ने दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच करते हुए पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके बाद मामला शांत हुआ। महिला का जबलपुर के नेताजी सुभाषचन्द्र बोस मेडिकल अस्पताल में इलाज चल रहा है। दरअसल, यह पूरा मामला ओमती थाना क्षेत्र के एक प्राइवेट होटल में ब्रेसलेट चोरी से जुड़ा हुआ है। होटल के कमरा नंबर 103 में रुके यात्री ने ओमती थाने पहुंच कर पुलिस को सूचना दी कि वह होटल में रुकने के लिए पहुंचा था। उसी दौरान होटल से उसकी ब्रेसलेट चोरी हो गई। यात्री के साथ पुलिस होटल पहुंची और शक के आधार पर होटल में काम करने वाली महिला मंजू वंशकार और एक अन्य युवक को लेकर पुलिस थाने आई। पुलिस ने पार की सारी मर्यादाएं जहां पूछताछ के दौरान पुलिस ने सारी मर्यादाएं पार कर दी। महिला पुलिसकर्मी ने बेहरहमी से मारपीट करते हुए महिला के कपड़े उतरवाए। हद तो तब हो गई जब मारपीट के दौरान महिला बेहोश हो गई तो और पुलिसकर्मियों ने इलाज कराने की बजाए महिला को पुलिस थाने के बाहर छोड़ दिया। बंशकर समाज के लोगों ने थाने का किया घेराव महिला के साथ की गई बर्बरता से मारपीट के विरोध में बंशकार समाज के लोग महिला को घायल अवस्था में लेकर पुलिस थाने पहुंचे और महिला को थाने की दहलीज पर ही लिटा दिया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग करने लगे। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि जब महिला को थाने लाया गया था तो बिना एफआईआर दर्ज किए इतनी बेरहमी से मारपीट क्यों कि गई। दो पुलिसकर्मी हुए लाइन अटैच हंगामें की जानकारी लगते ही जबलपुर पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह खुद ओमती थाने पंहुचे। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद यह पूरा मामला शांत हुआ। इस मामले में विभागीय जांच पूरी होने तक पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने दो पुलिसकर्मी को लाइन अटैच कर दिया है। पूरे मामले की जांच नगर पुलिस अधीक्षक पंकज मिश्रा को दी गई है, जो पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।

बहुचर्चित सरपंच मर्डर कांड का आरोपी PF कमिश्नर गिरफ्तार.

The accused in the high-profile Sarpanch murder case, Commissioner of PF, has been arrested. ग्वालियर। इंदौर के PF कमिश्नर मुकेश रावत गिरफ्तारमुंबई एयरपोर्ट से हुई गिरफ़्तारी मुंबई पुलिस के ACP डा. मनोज शर्मा की मदद से पकड़ा सरपंच विक्रम रावत के मर्डर का आरोपी है PF कमिश्नरग्वालियर पुलिस ने आरोपी पर 10 हज़ार का घोषित किया था इनाम 9 अक्टूबर को ग्वालियर में हुआ था विक्रम रावत हत्या कांड शार्प शूटरों ने फायरिंग कर की थी विक्रम की हत्या

पिता जीत गए, अब तू पैरों पर चल भी नहीं पाएगा’, नवनिर्वाचित विधायक प्रीतम लोधी के बेटे पर धमकी का मुकदमा दर्ज.

A case of threatening the son of elected legislator Preetam Lodhi has been filed with the message, ‘Your father won, now you won’t be able to walk on your feet’ ग्वालियर। पिछोर विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक प्रीतम लोधी के बेटे ने ग्वालियर के एक युवक को फोन कर धमकी दी है। पिता के चुनाव जीतते ही उसने युवक को फोन कर कहा- अब पिता चुनाव जीत गए, तेरा क्या होगा। तू अपने पैरों पर चल भी नहीं पाएगा।पूरी बातचीत युवक ने रिकार्ड कर ली। इसके बाद उसने पुरानी छावनी थाने पहुंचकर एफआइआर दर्ज करवाई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने बताया है कि प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी ने ग्वालियर के पुरानी छावनी स्थित जलालपुर निवासी सिकंदर यादव को धमकी दी है ।सिकंदर यादव ने शिकायत कर बताया है कि जब दिनेश ने पार्षद का चुनाव लड़ा था तो दूसरे प्रत्याशी का समर्थन उन्होंने व उनके परिजनों ने किया था। इससे दिनेश उनसे नाराज चल रहा था। पिता के चुनाव जीतते ही उसने फोन कर धमकी दी है यह आडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुआ है। पुलिस ने फिलहाल मामला दर्ज कर लिया है और वायरल ऑडिओ की जांच की जा रही है।बता दें कि प्रीतम लोधी विवादित बयानों के चलते चर्चा में रहे हैं।निरंजन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

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