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ऑस्ट्रेलिया सावधान! जिम्बाब्वे कर सकता है बड़ा उलटफेर

कोलंबो ग्रुप बी में सबकी नजरें अब क्लासिक डेविड बनाम गोलियथ मुकाबले पर टिकी हैं, जब शुक्रवार को यहां आर. प्रेमदासा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे का मुकाबला टूर्नामेंट की फेवरेट टीम ऑस्ट्रेलिया से होगा। ऑस्ट्रेलिया इस मुकाबले में जीत की जबरदस्त संभावना और दुनिया भर में दबदबे के साथ उतर रहा है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्बाब्वे इस एडिशन का पहला बड़ा उलटफेर कर सकता है? सिकंदर रजा की टीम ने चुपचाप मोमेंटम बना लिया है। ओमान पर उनकी आठ विकेट की बड़ी जीत ने गेंद से डिसिप्लिन और बल्ले से धैर्य दिखाया। लेकिन शुक्रवार का मुकाबला एक बिल्कुल अलग चुनौती पेश करता है – ऑस्ट्रेलियाई टीम का सामना करना जिसमें पावर-हिटर्स, अच्छे ऑलराउंडर्स और कोलंबो के हालात के हिसाब से एक मजबूत स्पिन अटैक है। जिम्बाब्वे की उम्मीदें निडर रवैये पर टिकी होंगी। ब्रायन बेनेट, जिन्होंने पिछले गेम में 48 रन बनाए, पिछले साल उनके सबसे लगातार परफॉर्मर रहे हैं और टॉप पर अहम होंगे। अगर बेनेट और तदीवानाशे मारुमानी नई गेंद को संभालकर एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार कर पाते हैं, तो ब्रेंडन टेलर, रज़ा और रयान बर्ल की अनुभवी तिकड़ी बीच के ओवरों में स्कोरिंग को आगे बढ़ा सकती है। असली मौका गेंद के साथ हो सकता है। ब्लेसिंग मुजराबानी और रिचर्ड नगारवा ने अपने पिछले मैच में छह विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया था। एक ऐसी सतह पर जिससे शुरू में स्विंग और बाद में टर्न मिलने की उम्मीद है, ज़िम्बाब्वे का पेस-स्पिन कॉम्बिनेशन ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक टॉप ऑर्डर की परीक्षा ले सकता है। आयरलैंड के खिलाफ थोड़ी कमज़ोरी दिखाने वाले मिडिल ऑर्डर को बेनकाब करने के लिए शुरुआती ब्रेकथ्रू जरूरी होंगे। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया अभी भी मजबूत है। कप्तान ट्रैविस हेड लीडर के तौर पर पहली जीत हासिल करने के बाद आगे से लीड करने के लिए बेताब होंगे। जोश इंग्लिस, ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस और कैमरन ग्रीन की मौजूदगी पूर्व चैंपियन को ऐसी गहराई देती है जिसका मुकाबला कुछ ही टीमें कर सकती हैं। एडम जम्पा और मैथ्यू कुहनेमन की उनकी स्पिन जोड़ी भी कोलंबो की धीमी होती पिच का फ़ायदा उठा सकती है। प्रेमदासा की पिच ने हमेशा लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को फ़ायदा पहुँचाया है, पिछले दस में से आठ मैच बाद में बैटिंग करने वाली टीम ने जीते हैं। मैच के दिन बादल छाए रहने का अनुमान है, जिससे गेंदबाजों को शुरुआत में और मदद मिल सकती है, जिससे मुकाबले में एक और अप्रत्याशित बात जुड़ जाएगी। ज़िम्बाब्वे के लिए, यह सिर्फ़ ग्रुप-स्टेज का मैच नहीं है। यह सोच को बदलने और खुद को सिर्फ़ हिस्सा लेने वाले के बजाय असली दावेदार के तौर पर पेश करने का मौका है। उलटफेर टी20 वर्ल्ड कप की धड़कन रहे हैं, और सबसे छोटे फ़ॉर्मेट में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होती। कागज़ पर ऑस्ट्रेलिया शायद बहुत ज़्यादा पसंदीदा हो, लेकिन अगर ज़िम्बाब्वे खास मौकों का फ़ायदा उठाता है – खासकर पावरप्ले और डेथ ओवरों में – तो कहानी एक बड़ा मोड़ ले सकती है। मंच तैयार है। पसंदीदा टीमें पक्की हैं। लेकिन टी20 क्रिकेट में, भरोसा भी नाम जितना ही ताकतवर हो सकता है।  

200+ का चौथा कारनामा, विश्व कप में भारत ने फिर दिखाई बल्लेबाजी की ताकत

नई दिल्ली दिल्ली में नामीबिया के खिलाफ भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 209/9 का विशाल स्कोर बनाया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में मात्र चौथा अवसर है जब भारतीय टीम ने 200 रनों की सीमा को पार किया है। इसी के साथ आज का यह स्कोर (209 रन) इस टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। भारत ने रचा इतिहास, बनाया विश्व कप का अपना तीसरा सबसे बड़ा स्कोर, चौथी बार छुआ 200+ का आंकड़ा टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप ए मैच में भारत ने नामीबिया के खिलाफ रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेलते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 209/9 का विशाल स्कोर बनाया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में मात्र चौथा अवसर है जब भारतीय टीम ने 200 रनों की सीमा को पार किया है। इसी के साथ आज का यह स्कोर (209 रन) इस टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। भारतीय बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। यह प्रदर्शन दिखाता है कि भारतीय टीम इस विश्व कप में कितनी मजबूत स्थिति में है। इस मैच में भारत की शुरुआत और अंत दोनों ही धमाकेदार रहे। सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए मात्र 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और कुल 61 रनों की बेहतरीन पारी खेली। उनके बाद मध्यक्रम में हार्दिक पांड्या ने भी नामीबियाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली और 52 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि, नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और भारत के 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। भारत की पारी आखिरी के दो ओवरों में लड़खड़ाती हुई नजर आई वरना यहां आंकड़े कुछ और होते और भारतीय टीम और विशाल स्कोर खड़ा करती। भारत ने पहली बार 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में 200 से अधिक रन बनाए थे। डरबन के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए उस ऐतिहासिक मैच में भारत ने 218/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया था। यह आज भी टी20 वर्ल्ड कप में भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। इसके बाद साल 2021 में अबू धाबी में अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों का बल्ला जमकर बोला था। उस मुकाबले में भारत ने मात्र 2 विकेट खोकर 210 रन बनाए थे, जो इस सूची में दूसरे स्थान पर है। इन दोनों ही मैचों में भारतीय टीम ने विपक्षी गेंदबाजों पर पूरी तरह से दबाव बनाए रखा था और बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। तीसरी बार 200 का आंकड़ा छूने का कारनामा भारत ने पिछले 2024 के वर्ल्ड कप में किया था। ग्रॉस आइलेट में ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ भारत ने 205/5 रनों का मजबूत स्कोर बनाया था। आज नामीबिया के खिलाफ 209 रन बनाकर भारत चौथी बार 200 का स्कोर बनाने का कारनामा किया है और अपने पिछले उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। अरुण जेटली स्टेडियम की सपाट पिच और छोटी बाउंड्री का भारतीय बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया। संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी ने टीम को और मजबूती प्रदान की। टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत के 4 सबसे बड़े स्कोर 1. 218/4 बनाम इंग्लैंड (डरबन, 2007): यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत का अब तक का उच्चतम स्कोर है। 2. 210/2 बनाम अफगानिस्तान (अबू धाबी, 2021): भारत ने इस मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 200+ का आंकड़ा छुआ था। 3. 209/9 बनाम नामीबिया (दिल्ली, 2026): आज के मैच में ईशान किशन (61) और हार्दिक पांड्या (52) के अर्धशतकों की बदौलत भारत ने यह स्कोर बनाया। 4. 205/5 बनाम ऑस्ट्रेलिया (ग्रॉस आइलेट, 2024): पिछले विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने यह धमाकेदार प्रदर्शन किया थ

होटल बिल बना शर्मिंदगी की वजह! पाक खिलाड़ियों को विदेश में झेलनी पड़ी भारी बेइज्जती

कैनबरा पाकिस्तान हॉकी टीम के सदस्यों को कैनबरा पहुंचने पर कई घंटे सड़क पर ही बिताने पड़े क्योंकि पैसे के अभाव में पाकिस्तान हॉकी महासंघ होटल के बिल का भुगतान नहीं कर सका, जिससे होटल बुकिंग रद्द हो गई। पाकिस्तानी टीम होबर्ट में एफआईएच प्रो लीग के दूसरे चरण के मैच खेलने आस्ट्रेलिया में है। टीम के सूत्रों के अनुसार खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों को घंटों तक सड़क पर रहकर धूल फांकनी पड़ी। एक सूत्र ने बताया ,”खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिये कैनबरा में एक चार सितारा होटल में कमरे बुक किये गए थे । उन्हें बताया गया था कि पाकिस्तान खेल बोर्ड और पीएचएफ ने कैनबरा में उनके रहने के लिये सारे भुगतान कर दिये हैं ।” सूत्र ने कहा , ”लेकिन पिछले सप्ताह कैनबरा पहुंचने पर पता चला कि उस होटल में कोई बुकिंग थी ही नहीं । टीम के मुख्य कोच ताहिर जमान टाइम जोन अलग होने के कारण पीएसबी और पीएचएफ अधिकारियों से संपर्क नहीं कर सके ।” सू्त्र ने कहा ,”ताहिर ने उन्हें इस स्थिति के बारे में बताया कि लाहौर से लंबा सफर करके आये खिलाड़ियों के पास आराम करने की कोई जगह नहीं है ।” हॉकी पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल बता दें कि हॉकी पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल है और टीम प्रो लीग में आस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसी शीर्ष टीमों से खेल रही है । सूत्र ने बताया कि कई घंटे बाहर इंतजार करने के बाद होटल प्रबंधन ने खिलाड़ियों को कुछ कमरे दिये । सूत्र ने कहा ,”कमरे उपलब्ध नहीं थे लिहाजा एक ही कमरे में दो तीन खिलाड़ी रूके और अगले दिन आस्ट्रेलिया से मैच खेलने स्टेडियम गए जिसमें 2-3 से पराजय मिली ।”इससे पहले अर्जेंटीना में प्रो लीग के पहले चरण में खिलाड़ियों को दैनिक भत्ते नहीं मिले थे जिससे विदेश में उन्हें पैसों की किल्लत हो गई । सुरक्षा अधिकारियों से झड़प कैनबरा में टीम मैनेजर के बिना गई है क्योंकि नियमित मैनेजर और पूर्व ओलंपियन अंजुम सईद को पीएचएफ ने निकाल दिया है ।उन्हें वापिस लौटते समय फ्लाइट में सिगरेट पीते पाया गया और हवाई अड्डे पर सुरक्षा अधिकारियों से उनकी झड़प भी हुई । सूत्र ने बताया कि कैनबरा में कुछ स्थानीय पाकिस्तानी लोगों से संपर्क किया गया जिन्होंने आकर उनकी मदद की । पाकिस्तान प्रो लीग के सभी छह मैच हार चुका है ।

घुड़सवारी महासंघ पर आयकर का शिकंजा, करोड़ों की देनदारी को लेकर भेजा नोटिस

नई दिल्ली आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम 1961 की धारा 156 के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआई) को पहली बार 4.62 करोड़ रुपये का मांग नोटिस जारी किया है। आधिकारिक दस्तावेजों में यह जानकारी दी गई है। ईएफआई को नौ फरवरी, 2026 के नोटिस में कहा गया है कि इस खेल महासंघ को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 4,62,18,102 रुपये की राशि भुगतान करनी होगी। ईएफआई के चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा महासंघ के पदाधिकारियों को लिखे गए पत्र के अनुसार, कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करना और उन्हें आयकर विभाग के समक्ष पेश करना जरूरी था। इस मामले के संबंध में एक अंतिम संचय प्रमाण पत्र भी तैयार किया गया है, लेकिन ईएफआई के महासचिव कर्नल जयवीर सिंह ने बताया कि ईएफआई कार्यकारी समिति ने दस्तावेज तैयार करने में देरी की जिससे उसे इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘कार्यकारी समिति के सभी सदस्यों द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित यह संचय प्रमाण पत्र आयकर विभाग के पास जमा करना जरूरी था। इस दस्तावेज़ को प्रस्तुत न करने के कारण यह पत्र जारी किया गया है। आयकर नियमों के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार महासंघ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।’’ ‘संचय प्रमाणपत्र’ से तात्पर्य आम तौर पर उस दस्तावेज़ से है जिसे कोई संगठन चालू वर्ष में कर लगाए बिना भविष्य में उपयोग के लिए आय अलग रखने के लिए दाखिल करता है। ईएफआई सूत्रों ने यह भी कहा कि कर्नल जगत सिंह के नेतृत्व वाले महासंघ ने अधिनियम की धारा 11 से संबंधित प्रावधानों के तहत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से अनुमोदन हासिल नहीं किया था, जो कुछ विदेशी लेन देन से जुड़े मामलों में जरूरी होता है। ईएफआई अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी निकाय से संबद्ध होने के कारण राष्ट्रीय खेल महासंघ के रूप में संबद्धता शुल्क, भागीदारी राशि और संबंधित अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के लिए विदेशों में धन भेजता है। नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान न करने पर अधिनियम की धारा 220(2) के तहत प्रत्येक माह एक प्रतिशत की दर से साधारण ब्याज लगेगा। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि भुगतान न करने पर धारा 221 के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जा सकती है जो सुनवाई का अवसर प्रदान करने के बाद बकाया कर की राशि तक हो सकती है। यदि बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत वसूली की कार्यवाही भी शुरू की जा सकती है। ईएफआई युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ और अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी निकाय से संबद्ध है।  

2027 वर्ल्ड कप मिशन पर हिटमैन फोकस्ड: भारत के लिए ट्रॉफी जीतना ही सपना

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को टी20 विश्व कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब दिलाया, लेकिन उनके दिल में विश्व कप 2023 का खिताब न जीत पाने का गम अभी भी जिंदा है। रोहित उस कसक को मिटाने के लिए अगला वनडे विश्व कप खेलने और जीतने के प्रति दृढ़संकल्पित हैं। रोहित शर्मा ने बुधवार को एक आईसीसी इवेंट में कहा, “वह सिर्फ वनडे विश्व कप 2027 खेलना नहीं चाहते हैं, बल्कि 2023 में अहमदाबाद में फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हारने वाली ट्रॉफी उठाने के लिए बेताब हैं। पूर्व कप्तान ने कहा, “मैं 50-ओवर का विश्व कप देखते हुए बड़ा हुआ हूं। उस समय कोई टी20 विश्व कप नहीं था, कोई आईपीएल नहीं था। वह क्रिकेट का सबसे ऊंचा स्तर था, जो हर चार साल में होता था। इसलिए, बेताबी थी। उस एक ट्रॉफी का इतना ज्यादा बोझ था। मैं सच में वह ट्रॉफी चाहता हूं, इसलिए मैं कड़ी मेहनत करने और उसे पाने के लिए अपनी पूरी ताकत और काबिलियत से सब कुछ करने की कोशिश करूंगा। मैं वहां जाकर अपने देश के लिए विश्व कप जीतना चाहता हूं।” टी20 और टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास ले चुके रोहित शर्मा की उम्र और फिटनेस की वजह से 2027 विश्व कप में खेलने को लेकर सवाल था। पिछले 6 महीने में रोहित ने अपनी फिटनेस पर काम किया और अपना वजन कम किया है। साथ ही उनकी बल्लेबाजी में भी जोरदार बदलाव दिखा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में उनका बल्ला बेशक नहीं चला था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रोहित ने अपनी बल्लेबाजी से रोमांचित किया था। फिटनेस और फॉर्म के प्रति रोहित की सजगता देखते हुए विश्व कप 2027 को लेकर उनके समर्पण का अंदाजा लगाया जा सकता है। मौजूदा समय में वनडे फॉर्मेट के बेहतरीन सलामी बल्लेबाजों में से रोहित शर्मा ने 282 वनडे की 274 पारियों में 33 शतक और 61 अर्धशतक की मदद से 11,577 रन बनाए हैं।  

शतरंज बदला, रणनीति बदली; गहरी समझ ही बनाती है चैंपियन: विश्वनाथन आनंद

मदुरै (तमिलनाडु) पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने गुरुवार को यहां कहा कि ऐसे युग में जहां खिलाड़ी कंप्यूटर से मिलने वाली सहायता से अभिभूत हैं तब खेल की गहरी समझ आधुनिक शतरंज में एकमात्र असली निर्णायक कारक बन गई है। आनंद ने तीन दिवसीय शतरंज कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में कहा, ‘‘दिलचस्प बात यह है कि आपको जितना अधिक ज्ञान उपलब्ध कराया जाता है, उतना ही कम आप जान पाते हैं। यदि हर दिन आपको 20-30 नए निष्कर्ष मिलते हैं तो आप उन्हें कैसे समझ पाएंगे। मेरा मानना है कि आज के शतरंज खिलाड़ियों को अलग करने वाली एकमात्र चीज गहरी समझ है।’’ कई साल पहले जब आनंद ने कंप्यूटर का उपयोग करना सीखा था, तब का उदाहरण देते हुए इस ग्रैंडमास्टर ने कहा कि नए विचारों के प्रति खुला रहना मददगार होता है, लेकिन बारीकियों को समझना एक खिलाड़ी को नए स्तर पर ले जाता है। आनंद ने इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि शतरंज में महारत हासिल करना रटने के बजाय पैटर्न को पहचानने पर आधारित है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा दिमाग हमारी क्षमता से कहीं अधिक पैटर्न बनाता है। किसी का खेल देखने के हफ्तों बाद अक्सर खिलाड़ियों के दिमाग में नए विचार आ जाते हैं। उन्हें इसका अहसास नहीं होता है कि वे कहीं और से कुछ नकल कर रहे हैं।’’  

टीम इंडिया का तूफानी प्रदर्शन, दूसरे मैच में नामीबिया के सामने 210 रनों की चुनौती

नई दिल्ली दिल्ली के अरुण जेलटी स्टेडियम में भारत और नामीबिया के बीच खेले जा रहे विश्व कप के मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 209 रन बनाए हैं। नामीबिया को अब निर्धारित 20 ओवरों में 210 रनों का विशाल स्कोर बनाना है। नामीबिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया लेकिन उसका यह फैसला सही साबित नहीं हुआ। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की। संजू सैमसन ने आते ही 3 गगनचुंबी छक्के लगाए। वे 8 गेंदों में 22 रन बनाकर आउट हुए। उसके बाद ईशान किशन ने मोर्चा संभाला जिन्होंने 20 गेंदों में ताबड़तोड़ अर्धशतक जड़ा। वे 61 रन बनाकर आउट हुए। भारत की ओर से हार्दिक पांड्या ने 28 गेंदों में 52 रनों की पारी खेली। तिलक वर्मा ने 25 रन बनाए वहीं, सूर्यकुमार यादव 12 रन बनाकर आउट हुए। भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए हैं। नामीबिया ने आखिरी दो ओवरों में शानदार गेंदबाजी की और भारत के एक के बाद एक विकेट लिए जिससे भारतीय टीम 209 रनों पर ही रुक गई। अब क्या 210 रनों के स्कोर का नामीबिया पीछा कर पाएगी जानने के लिए बने रहिए हमारे साथ।   पिछले मैच में कठिन पिच पर संघर्ष करने के बाद, भारतीय बल्लेबाज दिल्ली के छोटे मैदान पर अपनी छक्के लगाने की लय वापस पाने के लिए बेताब होंगे। संजू सैमसन को आज ओपनिंग का मौका मिल सकता है क्योंकि अभिषेक शर्मा पेट की बीमारी के कारण शायद न खेलें। वहीं, दूसरी ओर नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने अपनी टीम को बिना किसी डर के नामीबियाई अंदाज में लड़ने का आह्वान किया है। दर्शकों को एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है।

टी20 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक विकेट लेने वाले नंबर-2 गेंदबाज बने एडम जांपा

कोलंबो एडम जांपा टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। इस लेग स्पिनर ने अब तक टी20 वर्ल्ड कप में 40 विकेट हासिल किए हैं, जिसके साथ उन्होंने वानिंदु हसरंगा और राशिद खान की बराबरी कर ली है। इन तीनों ही गेंदबाजों ने टी20 वर्ल्ड कप में 40-40 विकेट हासिल किए हैं, जबकि शाहिद अफरीदी 39 विकेट के साथ इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं। शीर्ष पर बांग्लादेश के शाकिब अल हसन हैं, जिन्होंने 50 विकेट अपने नाम किए। आयरलैंड के खिलाफ इस मुकाबले में एडम जांपा ने 4 ओवर गेंदबाजी करते हुए 23 रन देकर 4 विकेट निकाले। यह जांपा का टी20 वर्ल्ड कप में दूसरा ‘फोर-विकेट हॉल’ है। उन्होंने टूर्नामेंट में एक बार मैच में 5 विकेट भी निकाले हैं। कुल मिलाकर, जांपा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के 112 मुकाबलों में 20.56 की औसत से 143 विकेट लिए हैं। इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट खोकर 182 रन बनाए। इस टीम के लिए मार्कस स्टोइनिस ने सर्वाधिक 45 रन बनाए, जबकि मैट रेनेशॉ और जोश इंगलिस ने 37-37 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। विपक्षी खेमे से मार्क अडायर ने सर्वाधिक 2 विकेट हासिल किए, जबकि मैथ्यू हम्फ्रीज, जॉर्ज डॉकरेल और हैरी टेक्टर ने 1-1 विकेट निकाला। इसके जवाब में आयरलैंड की टीम 16.5 ओवरों में 115 रन पर सिमट गई। इस टीम के लिए जॉर्ज डॉकरेल ने सर्वाधिक 41 रन बनाए, जबकि लॉरेन टकर ने 24 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से नाथन एलिस और एडम जांपा ने 4-4 विकेट निकाले। एक विकेट मैथ्यू कुहनेमन के हाथ लगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम 13 फरवरी को अपने अगले मुकाबले में इसी वेन्यू पर जिम्बाब्वे से भिड़ेगी, जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 के उनके ग्रुप स्टेज का दूसरा मैच होगा। इस मुकाबले में जांपा के पास राशिद और हसरंगा से आगे निकलने का मौका होगा।  

बायर्न का सेमीफाइनल टिकट कन्फर्म, जर्मन कप में लीपजिग को चटाई धूल

बर्लिन बायर्न म्यूनिख ने 2020 के बाद पहली बार जर्मन कप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। क्वार्टरफाइनल में आरबी लीपजिग को 2-0 से हराकर बायर्न ने सेमीफाइनल में जगह बना ली। दोनों गोल दूसरे हाफ में आए। लीपजिग ने मैच की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। क्रिस्टोफ बॉमगार्टनर ने चौथे मिनट में गोल भी कर दिया था, लेकिन वीएआर समीक्षा के बाद इसे ऑफसाइड करार दिया गया। इसके बाद बायर्न ने धीरे-धीरे खेल पर पकड़ बनानी शुरू की। हैरी केन ने शुरुआती मिनटों में गोलकीपर मार्टेन वेंडेवोर्ड्ट को कठिन बचाव करने पर मजबूर किया, जबकि 11वें मिनट में कैस्टेलो लुकेबा ने रिबाउंड पर संभावित गोल को लाइन से हटाकर टीम को राहत दी। पहले हाफ के मध्य में बायर्न ने दबाव बढ़ाया। लुइस डियाज और केन ने करीब से गोल करने की कोशिश की, लेकिन लीपजिग का डिफेंस मजबूती से डटा रहा। एक विवादित क्षण तब आया जब जोसिप स्टैनिसिक ने एंटोनियो नुसा को पेनल्टी बॉक्स के बाहर गिराया, पर रेफरी ने पेनल्टी नहीं दी। हाफ टाइम तक दोनों टीमें गोलरहित रहीं। दूसरे हाफ में मुकाबला संतुलित रहा, लेकिन 64वें मिनट में निर्णायक मोड़ आया। लीपजिग के गोलकीपर वेंडेवोर्ड्ट स्टैनिसिक को चैलेंज करते हुए फिसल गए और बायर्न को पेनल्टी मिल गई। हैरी केन ने शांतचित्त होकर पेनल्टी को गोल में बदला और टीम को बढ़त दिलाई। इसके तीन मिनट बाद ही लुइस डियाज ने 67वें मिनट में दूसरा गोल दागकर बढ़त दोगुनी कर दी। इसके बाद बायर्न ने खेल पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा और लीपजिग को वापसी का मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ बायर्न सेमीफाइनल में बायर लेवरकुसेन, स्टटगार्ट और फ्रीबर्ग के साथ शामिल हो गया है। अंतिम चार के लिए ड्रॉ 22 फरवरी को होगा। मैच के बाद लीपजिग के चेयरमैन ओलिवर मिंट्जलाफ ने बायर्न को बधाई देते हुए कहा कि उनकी टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन भविष्य में बायर्न को हराने के लिए और मेहनत की जरूरत होगी।  

मुश्किलों को दी मात, देश को दिलाया मेडल: वरुण सिंह भाटी का जज्बा सलाम के काबिल

नई दिल्ली वरुण सिंह भाटी का नाम देश के श्रेष्ठ पैरा एथलीटों में लिया जाता है। वह ऊंची कूद में देश को पैरालंपिक में पदक दिला चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता का सफर वरुण के लिए आसान नहीं था, लेकिन अपनी मुश्किलों को पीछे छोड़ते हुए और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने अपना रास्ता बनाया है। वरुण सिंह भाटी का जन्म 13 फरवरी 1995 को नोएडा में हुआ था। महज छह महीने की उम्र में पोलियोमाइलाइटिस का शिकार होने के बाद उनके एक पैर में स्थायी विकलांगता आ गई। गलत दवा की वजह से उनकी परेशानी और बढ़ गई। बचपन में शारीरिक रूप से मिले इस झटके के बावजूद वरुण के परिवार ने उन्हें कभी कमजोर और हतोत्साहित नहीं होने दिया और हमेशा उन्हें कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित किया। बचपन से ही वरुण को खेलों में रुचि थी। बास्केटबॉल उनका पसंदीदा खेल था, लेकिन बाद में उन्होंने ऊंची कूद में बेहतर करने का लक्ष्य बनाया। उन्होंने सामान्य एथलीटों के साथ अभ्यास करना शुरू किया ताकि उन्हें बेहतर करने की प्रेरणा मिल सके। पूर्व राष्ट्रीय एथलीट सत्यनारायण की कोचिंग में उनके करियर को नई उड़ान मिली। गोस्पोर्ट्स फाउंडेशन के पैरा चैंपियंस प्रोग्राम से मिले समर्थन ने भी उनके सफर को मजबूती दी। टी42 श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करने वाले वरुण ने 2012 में 1.60 मीटर की छलांग के साथ लंदन पैरालिंपिक के लिए ‘ए’ क्वालिफिकेशन मार्क हासिल किया था, हालांकि सीमित स्लॉट के कारण वे उस संस्करण में हिस्सा नहीं ले सके। इसके बाद उन्होंने 2014 एशियन पैरा गेम्स में भाग लिया और उसी साल चाइना ओपन में स्वर्ण पदक जीता। 2016 उनके करियर के लिए शानदार था। आईपीसी एशिया-ओशिनिया चैंपियनशिप में 1.82 मीटर की छलांग लगाकर उन्होंने स्वर्ण और एशियन रिकॉर्ड अपने नाम किया। रियो पैरालिंपिक 2016 में 1.86 मीटर की व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ उन्होंने कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। 2017 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने कांस्य पदक जीता। 2018 एशियन पैरा गेम्स में 1.82 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। उनके बेहतरीन खेल और सफलता को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 29 अगस्त 2018 को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था।  

नेपाल बेबस, इटली का जलवा बरकरार—10 विकेट से दर्ज की ऐतिहासिक फतह

मुंबई (महाराष्ट्र) इटली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुरुवार को वानखेड़े स्टेडियम में ग्रुप C मैच में नेपाल को 10 विकेट से हराकर ICC टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। इटली ने पूरे मैच में अपनी ऑलराउंड कोशिशें दिखाईं जिसमें नेपाल को टी20 वर्ल्ड कप में पहली बार खेलने वाली टीम ने हराया और वानखेड़े में यादगार जीत हासिल की। 124 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ओपनर और भाई जस्टिन मोस्का और एंथनी मोस्का ने इटली को अच्छी शुरुआत दिलाई और पहले 2 ओवर में 16 रन बनाए। एंथनी ने शुरुआती ओवरों में कुछ बाउंड्री लगाईं। अगले ही ओवर में नेपाल के बॉलर करण केसी को जस्टिन ने एक छक्के और दो चौकों की मदद से 14 रन ठोके जिससे इटली का स्कोर 30/0 हो गया। यूरोपियन नेशन ने एक और महंगे ओवर के बाद सिर्फ चार ओवर में अपनी फिफ्टी पूरी की, जब ओपनर्स ने ललित राजबंशी को 20 रन ठोके। वर्ल्ड कप में डेब्यू करने वाली टीम ने पावरप्ले का अंत 68/0 के जबरदस्त स्कोर के साथ किया। इटली के 10वें ओवर में 97/0 के मजबूत स्कोर पर पहुंचने के बाद दोनों ओपनर्स ने राइनोज के खिलाफ अपना अटैक जारी रखा। दोनों भाइयों ने 11वें ओवर में अपनी-अपनी हाफ-सेंचुरी पूरी की जिसमें जस्टिन ने 37 गेंदों में और एंथनी ने 28 गेंदों में यह माइलस्टोन पूरा किया। इटली की बैटिंग का यह शानदार प्रदर्शन था क्योंकि उन्होंने सिर्फ 12.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। उन्होंने नेपाल को 10 विकेट से हराया और इटली ने ICC टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। इससे पहले टॉस जीतकर पहले गेंदाबाजी चुनने वाले इटैलियन बॉलर्स ने शानदार परफॉर्मेंस दी और ग्रुप C मैच में नेपाल को सिर्फ 123 रनों पर रोक दिया। दूसरे ओवर में अली हसन की गेंद पर कुशाल भुर्टेल (5) के आउट होने के बाद राइनोज की शुरुआत खराब रही और नेपाल का स्कोर 8/1 हो गया। आसिफ शेख और कप्तान रोहित पौडेल ने दूसरे विकेट के लिए 41 रन की पार्टनरशिप की, लेकिन दो विकेट जल्दी गिर गए। पौडेल का विकेट कलुगामागे की गेंद पर गिर गया और आसिफ को बेन मानेंटी ने आउट किया जिससे आठवें ओवर में नेपाल का स्कोर 49/3 हो गया। इसके बाद दीपेंद्र सिंह ऐरी और आरिफ शेख के बीच चौथे विकेट के लिए 43 रन की अहम पार्टनरशिप हुई जिसके बाद एक और विकेट गिर गया। हालांकि, इटली की शानदार बॉलिंग के बाद अचानक विकेट गिरे। दीपेंद्र सिंह ऐरी 17 रन बनाकर आउट हो गए, आरिफ ने 27, लोकेश बाम (3), गुलसन झा (3), और नादान यादव (0) ने 17वें ओवर में नेपाल का स्कोर 8/102 कर दिया। नेपाल ने सिर्फ 9 रन पर 5 विकेट खो दिए। आखिर में नेपाल 19.3 ओवर में 123 रन के मामूली स्कोर पर आउट हो गया। इटली के लिए बेन मानेंटी (2/9), अली हसन (1/34), जेजे स्मट्स (1/22), कलुगामागे (3/18) और जसप्रीत सिंह (1/8) ने विकेट लिए।

नामीबिया से भिड़ंत में टीम इंडिया पहले करेगी बैटिंग, जानें किन खिलाड़ियों को मिला मौका

नई दिल्ली आज टी20 विश्व कप 2026 के 18वें मुकाबले में भारत का सामना नामीबिया से हो रहा है। यह मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जा रहा है, जहां नामीबिया के कप्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया है।  पिछले मैच में कठिन पिच पर संघर्ष करने के बाद, भारतीय बल्लेबाज दिल्ली के छोटे मैदान पर अपनी छक्के लगाने की लय वापस पाने के लिए बेताब होंगे। संजू सैमसन को आज ओपनिंग का मौका मिल सकता है क्योंकि अभिषेक शर्मा पेट की बीमारी के कारण शायद न खेलें। वहीं, दूसरी ओर नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने अपनी टीम को बिना किसी डर के नामीबियाई अंदाज में लड़ने का आह्वान किया है। दर्शकों को एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है।   भारत पिछला मैच अमेरिका से जीतकर आया है, लेकिन मुंबई की वानखेड़े स्टेडियम की पिच में भारतीय बल्लेबाज लड़खड़ाते हुए नजर आए थे। आज देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय धुरंधर क्या करते हैं और उन्हें नमीबियाई गेंदबाज कहां तक रोक पाते हैं। बने रहिए हमारे साथ लाइव अपडेट के लिए। टी-20 विश्व कप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज   दोनों टीमों की प्लेइंग 11: भारत -संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह। नामीबिया- लौरेन स्टीनकैंप, जान फ्रिलिंक, जान निकोल लोफ्टी-ईटन, गेरहार्ड इरास्मस (कप्तान), जेजे स्मिट, ज़ेन ग्रीन (विकेटकीपर), रूबेन ट्रम्पलमैन, मालन क्रूगर, बर्नार्ड शोट्ज़, बेन शिकोंगो और मैक्स हेंगो। नामीबिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी।  

फेडरर के टेनिस हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के समारोह के टिकट दो मिनट में बिके

न्यूपोर्ट (अमेरिका) रोजर फेडरर ने भले ही टेनिस को अलविदा कह दिया हो लेकिन उनका जादू अब भी प्रशंसकों पर सर चढ़कर बोलता है जिसकी बानगी यहां उन्हें अंतरराष्ट्रीय टेनिस हॉल ऑफ़ फेम में शामिल करने के समारोह के टिकटों की भारी मांग में देखने में मिली। फेडरर से जुड़े इस समारोह के सभी टिकट दो मिनट में बिक गए। आयोजकों ने आउटडोर पार्टी के लिए अलग से अतिरिक्त टिकट जारी किए जो हाथों हाथ बिक गए। आखिर में आयोजकों को कहना पड़ा कि उनकी क्षमता सीमित है और वह अधिक टिकट जारी नहीं कर सकते हैं। आयोजक हॉल ऑफ़ फेम ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एक छोटा लेकिन ऐतिहासिक स्थल होने के कारण हमारी क्षमता सीमित है।’’ हॉल ने कहा कि उसे पहले से ही इस बात का अंदाज़ा था कि 20 ग्रैंड स्लैम एकल खिताब जीतने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी फेडरर को लेकर कितना उत्साह होगा। इस दिग्गज टेनिस खिलाड़ी को 29 अगस्त को प्रसारक मैरी कैरिलो के साथ हॉल ऑफ़ फेम में शामिल किया जाएगा। न्यूपोर्ट स्थित इस प्रतिष्ठित हॉल में होने वाले मुख्य समारोह के लिए पहले से उपलब्ध 900 टिकटों के अलावा हॉल अपने 3,600 सीटों वाले स्टेडियम को एक विशेष कार्यक्रम के लिए खोलेगा। इसके बावजूद हॉल की प्रवक्ता मेगन एर्ब्स ने कहा कि 4,500 टिकट दो मिनट के भीतर ही बिक गए।  

गुस्से ने बिगाड़ा खेल! अंपायर से बहस के बाद अफगानी स्टार पर भारी फाइन

नई दिल्ली अफगानिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर मोहम्मद नबी पर बुधवार (11 फरवरी) को अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप डी मुकाबले के दौरान आईसीसी आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए जुर्माना लगाया गया है। उन्हें उनकी मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना देने का निर्देश दिया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें आईसीसी की आचार संहिता के स्तर 1 के उल्लंघन का दोषी पाया गया। नबी पर यह कार्रवाई विशेष रूप से संहिता के अनुच्छेद 2.4 के तहत की गई है, जो किसी अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अंपायर के निर्देशों की अवहेलना करने या उनके आदेशों को न मानने से संबंधित है। जुर्माने के अलावा, नबी के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया गया है, जो पिछले 24 महीनों के भीतर उनका पहला आधिकारिक अपराध दर्ज किया गया है। यह घटना अफगानिस्तान की पारी के 14वें ओवर की शुरुआत में हुई, जब मैदान पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। नबी दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज लुंगी एनगिडी के हाथ में बंधे रिस्ट बैंड यानी कलाई की पट्टी को लेकर मैदानी अंपायरों के साथ लंबी और तीखी बहस करने लगे। अंपायरों द्वारा दिए गए निर्देशों को नजरअंदाज करना और बहस को लंबा खींचना आईसीसी के नियमों के खिलाफ माना गया। इस मामले में मैदानी अंपायर जयरामन मदनगोपाल और शरफुद्दौला इब्ने शाहिद के साथ-साथ तीसरे अंपायर नितिन मेनन और चौथे अंपायर के.एन. अनंतपद्मनाभन ने आधिकारिक रूप से उन पर यह चार्ज लगाया था। मोहम्मद नबी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और एमिरेट्स आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी के डेविड गिल्बर्ट द्वारा प्रस्तावित सजा को बिना किसी विरोध के मान लिया है। खिलाड़ी द्वारा स्वेच्छा से अपराध स्वीकार किए जाने के कारण इस मामले में किसी औपचारिक सुनवाई (फॉर्मल हियरिंग) की आवश्यकता नहीं पड़ी और मैच रेफरी के फैसले को अंतिम माना गया। आईसीसी के नियमों के अनुसार, स्तर 1 के उल्लंघनों के लिए सजा का दायरा एक आधिकारिक फटकार से लेकर मैच फीस के अधिकतम 50 प्रतिशत तक की कटौती और एक या दो डिमेरिट अंक जोड़ने तक हो सकता है। नबी के मामले में, उनके व्यवहार को देखते हुए मैच फीस में कटौती का यह फैसला लिया गया। आईसीसी की सख्त नीतियों के अनुसार, ये डिमेरिट अंक खिलाड़ी के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड पर पूरे 24 महीनों तक बने रहते हैं और उसके बाद ही उन्हें हटाया जाता है। यदि कोई खिलाड़ी इस 24 महीने की अवधि के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट अंक प्राप्त कर लेता है, तो उन्हें निलंबन अंकों (सस्पेंशन पॉइंट्स) में बदल दिया जाता है, जिससे खिलाड़ी पर मैचों के लिए प्रतिबंध लग जाता है। उदाहरण के लिए, दो निलंबन अंक एक टेस्ट मैच या दो वनडे या फिर दो टी20 मैचों के प्रतिबंध के बराबर होते हैं, जो भी पहले हो। हालांकि नबी के लिए यह इस अवधि का पहला अपराध है, लेकिन भविष्य में और अधिक डिमेरिट अंक उन्हें आगामी महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों से बाहर कर सकते हैं।

India vs Namibia: दूसरे मैच में दम दिखाने को तैयार टीम इंडिया, T20 वर्ल्ड कप में बड़ी टक्कर आज

नई दिल्ली नमस्कार, विश्व कप की लाइव कवरेज में आपका स्वागत है। आज आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के 18वें मुकाबले में भारत का सामना नामीबिया से होगा। यह मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे से खेला जाएगा, साढ़े 6 बजे दोनों टीमों के कप्तान टॉस के लिए बीच मैदान पर होंगे। पिछले मैच में कठिन पिच पर संघर्ष करने के बाद, भारतीय बल्लेबाज दिल्ली के छोटे मैदान पर अपनी छक्के लगाने की लय वापस पाने के लिए बेताब होंगे। संजू सैमसन को आज ओपनिंग का मौका मिल सकता है क्योंकि अभिषेक शर्मा पेट की बीमारी के कारण शायद न खेलें। वहीं, दूसरी ओर नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने अपनी टीम को बिना किसी डर के नामीबियाई अंदाज में लड़ने का आह्वान किया है। दर्शकों को एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है। भारत पिछला मैच अमेरिका से जीतकर आया है, लेकिन मुंबई की वानखेड़े स्टेडियम की पिच में भारतीय बल्लेबाज लड़खड़ाते हुए नजर आए थे। आज देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय धुरंधर क्या करते हैं और उन्हें नमीबियाई गेंदबाज कहां तक रोक पाते हैं। बने रहिए हमारे साथ लाइव अपडेट के लिए। दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग 11: • भारत: संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव, शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह। • नामीबिया: लौरें स्टीनकैंप, जान फ्रिलिंक, जान निकोल लॉफ्टी-ईटन, गेरहार्ड इरास्मस (कप्तान), जेजे स्मिट, जेन ग्रीन (विकेटकीपर), डायलन लीचर, रूबेन ट्रम्पेलमैन, विलेम मायबर्ग, बर्नार्ड शोल्ट्ज़, मैक्स हेंगो।  

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