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जिले में बाल विवाह के खिलाफ कैंडल मार्च निकालकर दिलाई गई शपथ

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में बाल विवाह मुक्त भारत कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ जिसका लाइव प्रसारण का आयोजन जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर छ.ग. में महिला बाल विकास विभाग द्वारा प्रत्येक पंचायत में आम सभा बुलवाकर प्रोजेक्टर के माध्यम से संबंधित विभाग के अधिकारी की उपस्थिति में जिला महिला बाल विकास अधिकारी श्री शुभम बंसल जी के नेतृत्व में आयोजन किया गया। इस आयोजन के सह कार्यशाला में डोमेनपारा के सरपंच भवन सिंह, डिहुली के सरपंच सोनकुंवर जी, प्रधान अध्यापक नील कुसुम कुजुर जी के अतिरिक्त हार्ड संस्था ष्जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एलायंसष् के साथ भागीदारी कर हार्ड संस्था के कार्यकर्ता राखी जी, संतोषी जी, कमलेश जी, सागर जी, नीता जी के साथ मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला के ग्राम डोमनपारा, भालोर, डिहुली, डगौरा एवं अन्य ग्रामों में हार्ड संस्था के प्रमुख श्री सुशील शर्मा जी के मार्गदर्शन में बाल विवाह मुक्त भारत के लिए शपथ व कैंडल मार्च आदि का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देश से बाल विवाह के खात्मे के लिए भारत सरकार के बाल विवाह मुक्त भारत के आह्वान के समर्थन में किया गया जिसका उद्घाटन 27 नवंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। इस दौरान उन्होंने पंचायतों और स्कूलों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही शपथ लेने वालों की संख्या 25 करोड़ तक पहुंच जाएगी। इस मौके पर बाल विवाहों की सूचना व शिकायत के लिए एक राष्ट्रीय पोर्टल भी शुरू किया गया है। वर्षों से बाल विवाह के खिलाफ काम करने के नाते हम भलीभांति जानते हैं कि समग्र और समन्वित प्रयासों के बिना यह लड़ाई नहीं जीती जा सकती लेकिन अब हमें यह विश्वास है कि सरकार और नागरिक समाज के साझा प्रयासों से भारत 2030 से पहले ही बाल विवाह के खात्मे के लक्ष्य को हासिल कर सकता है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव ने धान खरीदी के मुद्दे पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज पर जमकर निशाना साधा

रायपुर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने धान खरीदी के मुद्दे पर लगातार झूठ फैलाने और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पर जमकर निशाना साधा है। श्री देव ने कहा कि बैज समेत सभी कांग्रेस नेता धान खरीदी के मुद्दे पर लगातार झूठ बोलकर प्रदेश के किसानों को गुमराह करने और प्रदेश में येन-केन-प्रकारेण अराजकता फैलाने के टूलकिट एजेंडा पर चल रहे हैं। भाजपा प्रदेशअध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि सत्ता के लिए बौखलाती कांग्रेस ने पहले महतारी वंदन योजना को लेकर लगातार झूठ बोला। जब भाजपा सरकार ने तथ्यों के साथ कांग्रेस के झूठ की धज्जियाँ उड़ाई तो अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर नया टूलकिटिया एजेंडा चलाया। जब कांग्रेस के लोग ही अमूमन हर बड़े अपराध में संलिप्त पाए जाकर बेनकाब होने लगे, कानून के शिकंजे में जब खुद कांग्रेसी या उनके करीबी आने लगे तब अपने ही बुने षड्यंत्रों के जाल में फँसकर कांग्रेस छटपटाने लगी। महतारी वंदन और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर मुँह की खाने के बाद भी कांग्रेस अपनी ओछी और साजिशाना राजनीति से बाज नहीं आ रही है और अब वह धान खरीदी के मुद्दे पर फिर झूठ की राजनीति करने पर आमादा है। श्री देव ने कहा कि धान खरीदी को लेकर किसी भी बिंदु पर प्रदेश की भाजपा सरकार पर उंगली उठाने का नैतिक अधिकार कांग्रेस को नहीं रह गया है। कांग्रेस को कोई भी आक्षेप लगाने से पहले अपने गिरेबाँ में झाँकना चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि कांग्रेस ने वादाखिलाफी करके अपने 5 वर्ष के कार्यकाल में लगातार किसानों को प्रताड़ित करने का काम किया। किसानों को इन 5 वर्षों में धान बेचने के लिए सोसाइटियों में बारदाने की समस्या से लगातार जूझना पड़ा। भूपेश बघेल की सरकार ने किसानों को कभी गिरदावरी के नाम पर कटौती कर किसानों को परेशान किया तो कभी बारदाने नहीं है, कहकर किसानों को बारदाने खरीदने के लिए कहा और बाहर से बारदाने लाने का पैसा स्वयं देने का भी वादा किया लेकिन आज तक उन किसानों को बारदाने के पैसे का भुगतान नहीं किया गया। श्री देव  ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के किसानों को लगातार 5 वर्षों तक धान खरीदी का पैसा हमेशा किश्तों में दिया जाता था। कभी भी किसानों को उनकी उपज का एकमुश्त भुगतान पिछली भूपेश सरकार ने नहीं किया जिसकी वजह से किसान  कोई बड़ा काम नहीं कर पाता था। श्री देव ने कहा कि आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी कर रही है और 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान का भुगतान किसानों को एकमुश्त किया जा रहा है जिससे आज प्रदेश का किसान खुशहाल है।

मुख्यमंत्री से केन्द्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज शाम उनके निवास में छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए केन्द्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने सोमन्ना का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह व शॉल भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री सोमन्ना से राज्य में रेल परियोजनाओं के विकास सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव द्वय पी. दयानंद और डॉ. बसवराजु एस, मंडल रेल प्रबंधक रायपुर संजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को केंद्र सरकार से एक बड़ी उपलब्धि प्राप्त हुई, राज्य में फिल्म सिटी और सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण होगा

रायपुर छत्तीसगढ़ में पर्यटन (Chhattisgarh Tourism) को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी सौगात दी है. राज्य में दो प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं के लिए 147.66 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है. इन परियोजनाओं में रायपुर के माना तुता में फिल्म सिटी और जनजातीय व सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण शामिल है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल और प्रयासों के कारण यह बड़ी उपलब्धि संभव हो पाई है. उनके निर्देश पर छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के Managing Director विवेक आचार्य ने 15 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की थी. इस दौरान राज्य के लिए 300 करोड़ रुपये के प्रस्ताव दिए गए थे जिसमें से 147.66 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है. 95.79 करोड़ रुपये से बनेगी फिल्म सिटी छत्तीसगढ़ के रायपुर में 95.79 करोड़ रुपये की लागत से चित्रोत्पला फिल्म सिटी बनाई जाएगी. ये फिल्म सिटी प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देगी और यहां फिल्म शूटिंग के लिए देशभर से Producer-Director आ सकेंगे. इससे न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान बढ़ेगी बल्कि फिल्म पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान फिल्म सिटी के साथ ही रायपुर में 51.87 करोड़ रुपये की लागत से जनजातीय और सांस्कृतिक सम्मेलन केंद्र बनाया जाएगा. ये केंद्र छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को दुनिया के आगे पेश करेगा. यहां लोक कला, संगीत और नृत्य के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिससे पर्यटक और लोगों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू हो सकेंगे. केंद्र सरकार से मिली बड़ी सौगात CG News: इसके अंतर्गत 95.79 करोड़ रुपए की लागत से माना तूता रायपुर में चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण तथा 51.87 करोड़ रुपए की लागत से माना तूता रायपुर में जनजातीय और सांस्कृतिक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण शामिल है। छत्तीसगढ़ में इन परियोजनाओं के शुरू होने से राज्य में पर्यटन ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी। ये योजनाएं रोजगार सृजन, विकास और छत्तीसगढ़ को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी। 300 करोड़ रुपए का दिया था प्रस्ताव जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से 15 अक्टूबर को नई दिल्ली में मुलाकात कर छत्तीसगढ़ की पर्यटन गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजना के तहत राजधानी रायपुर में फिल्म सिटी, कन्वेंशन सेंटर, वेलनेस रिसॉर्ट और नेचर सिटी के लिए लगभग 300 करोड़ रुपए के प्रस्ताव दिए थे। जिसके परिप्रेक्ष में फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 147.66 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। रोजगार के नए अवसर मिलेंगे इन परियोजनाओं से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. फिल्म सिटी और सांस्कृतिक केंद्र के जरिए स्थानीय युवाओं को नई नौकरियां मिलेंगी और प्रदेश का आर्थिक विकास होगा. फिल्म सिटी और सांस्कृतिक केंद्र के निर्माण से छत्तीसगढ़ को नई पहचान मिलेगी. साथ ही इससे छत्तीसगढ़ एक आइकॉनिक टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में उभर सकता है.

किसानों से धान नहीं खरीदने षड्यंत्र कर रही सरकार: पीसीसी चीफ बैज

  रायपुर छत्तीसगढ़ में धान खरीदी समेत किसानों के मुद्दों को लेकर राजीव भवन में कांग्रेस ने प्रेसवार्ता कर भाजपा सरकार पर हमला बोला. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार धान नहीं खरीदने का षड्यंत्र कर रही है. विष्णु देव साय सरकार की नई नीति से स्पष्ट है कि वह किसानों से धान खरीदी कम करना चाहती है. बैज ने कहा, इस बार 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य है. इसके लिए 14 नवंबर से 31 जनवरी तक का समय निर्धारित है. शनिवार, रविवार और सरकारी छुट्टियों को घटाकर कुल 47 दिन मिल रहे हैं. इसका मतलब यह है कि प्रतिदिन सरकार को लगभग साढ़े तीन लाख मिट्रिक टन की ख़रीदी प्रति दिन करनी होगी, तब जाकर लक्ष्य पूरा होगा. वर्तमान में जिस रफ्तार से धान खरीदी हो रही है उसमें लक्ष्य प्राप्त करना असंभव लग रहा. सोसाइटियो को निर्देश है कि एक दिन में अधिकतम 752 क्विंटल यानी 1880 कट्टा धान ही खरीदा जाना है. ऐसे में एक किसान का शेष धान के लिये उसको आगामी दिनों की तारीख दी जा रही है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार ने यह घोषणा किया है कि 72 घंटे में किसानों के खाते में पैसा आएगा, लेकिन जो लोग 14 नवंबर को धान बेचे थे, उनके खाते में रकम नहीं आया है, जो रकम आ रहा है वह एक मुश्त 3100 नहीं है. (जो समर्थन मूल्य है उतना) सिर्फ 2300 रुपए प्रति क्विंटल ही आ रहा है। बैज ने कहा कि अनावरी रिपोर्ट गलत बनाया जा रहा, जिसके आधार पर मात्र 9 से 12-14 क्विंटल धान खरीदा जा रहा. किसानों से पूरा 21 क्विंटल धान नहीं खरीदा जा रहा है. बीज उत्पादक किसानों से सोसायटी में धान नहीं खरीदा जा रहा. सोसायटी में सूचना चस्पा किया गया है कि बीज उत्पादक किसानों का धान नहीं लिया जाएगा. सोसायटी में बारदाने की कमी है, किसान परेशान हैं. सरकार ने कहा है कि 50 प्रतिशत नए, 50 प्रतिशत पुराने बारदानों का उपयोग किया जाए. 50 प्रतिशत पुराने बारदाने समितियों में पहुंचे ही नहीं हैं, जिसके कारण धान खरीदी बाधित हो रही है. धान खरीदी केंद्रों में जारी नहीं हो रहा टोकन, किसान परेशान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में टोकन नहीं जारी किया जा रहा है. किसान घंटों खड़े रहते हैं. आनलाइन टोकन सिस्टम के कारण किसानों को 15 दिन बाद का भी टोकन नहीं मिल रहा है. धान की कीमत का भुगतान 3217 रुपए में करें, क्योंकि 3100 रुपए भाजपा ने अपने चुनावी वायदे में कहा था. केन्द्र सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 117 रुपए बढ़ा दिया है. इस कारण इस वर्ष धान की खरीदी 3100 रुपए से बढ़ाकर 3217 रुपए किया जाए. कांग्रेस के समय भी कांग्रेस ने धान का समर्थन मूल्य 2500 देने का वादा किया था, लेकिन समर्थन मूल्य बढ़ने पर कांग्रेस ने 2640 रुपएमें धान खरीदा था. भाजपा की नई नीति से धान खरीदी हुई प्रभावित प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने कहा कि धान उपार्जन की कांग्रेस सरकार की नीति को भाजपा सरकार ने बदल दिया है. नई नीति के अनुसार 72 घंटे में बफ़र स्टॉक के उठाव की नीति को बदल दिया है. पहले इस प्रावधान के होने से समितियों के पास ये अधिकार होता था कि वे समय सीमा में उठाव न होने पर चुनौती दे सकें. अब जो बदलाव हुआ है उसके बाद बफ़र स्टॉक के उठाव की कोई सीमा ही नहीं है. धान खरीदी केन्द्रो में जगह की कमी आ रही है. पहले मार्कफ़ेड द्वारा समस्त धान का निपटान 28 फ़रवरी तक कर देने की बाध्यता रखी गई थी. अब इसे बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया है. धान खरीदी बंद होगी 31 जनवरी को, यानी समितियों/संग्रहण केंद्रों में धान अब दो महीने तक रखा रहेगा. धान की मीलिंग करने में राइस मिलराें ने जताई है असमर्थता उन्होंने कहा कि धान मिलिंग के लिए कांग्रेस सरकार ने प्रति क्विंटल 120 रुपए देने का निर्णय लिया था, जिसका परिणाम यह हुआ था कि प्रदेशभर में 700 नई राइस मिलें खुली थीं. अब सरकार ने मिलर के लिए 120 रुपए को घटाकर 60 रुपए कर दिया है. इस कारण राइस मिलर हड़ताल पर है. धान सोसायटी में जाम है. मिलरों को 120 की जगह 60 रुपए देने के फ़ैसले के बाद विभिन्न ज़िलों में राइस मिलर एसोसिएशन धान की मीलिंग करने में असमर्थता व्यक्त करने लगे हैं. पत्रकारवार्ता में पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, पूर्व सांसद छाया वर्मा, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, जिला अध्यक्ष उधोराम वर्मा, महामंत्री सकलेन कादार, प्रदेश कांग्रेस वरिष्ठ प्रवक्ता आरपी सिंह, धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, किसान कांग्रेस अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह, प्रवक्ता वंदना राजपूत उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के फैसलों से किसानों में संतोष व्याप्त, जिले में धान की बम्पर आवक

धमतरी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के फैसलों से किसानों में संतोष व्याप्तप्रदेश सहित जिले में 14 नवंबर से धान खरीदी सुचारू रूप से शुरू हो चुकी है। धान का सही मूल्य मिलने से किसानों के चेहरे पर साफ तौर पर खुशी देखी जा सकती है। जिले में इस वर्ष धान की बम्पर खरीदी हो रही है। मिली जानकारी अनुसार जिले में गत वर्ष की तुलना में दुगुनी गति से इस वर्ष खरीदी की जा रही है। अब तक जिले के 25 हजार 731 पंजीकृत किसानों द्वारा कुल 11 लाख 25 हजार 515 क्विंटल 60 किलोग्राम धान का विक्रय किया गया, इसके एवज में किसानों को 259.93 करोड़ रूपये का भुगतान को किया जा चुका है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा किसानों के हित में लिए गए बड़े फैसले और प्रशासनिक व्यवस्था की सराहना करते हुए किसान खुश हैं। इन समन्व्ति प्रयासों के चलते जिले में धान खरीदी का यह खरीफ सीजन संतोषजनक साबित हो रहा है। धान खरीदी केन्द्रों में की गयी बेहतर व्यवस्था शासन की मंशानुरूप धान खरीदी केन्द्रों में धान का विक्रय करने के लिए आने वाले किसानों को सभी सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही है, जिसमें किसानों को माईक्रो एटीएम की सुविधा सहित पर्याप्त मात्रा में बारदानों की उपलब्धता, सही नापतौल के लिए इलेक्ट्रानिक तराजू, पेयजल, छाया, बिजली, शौचालय आदि की व्यवस्था की गयी है। माईक्रो एटीएम के जरिए किसान खरीदी केन्द्रों में 10 हजार रूपये तक की राशि आहरित कर सकते हैं साथ ही राशि जमा भी किया जा सकता है, इससे बैंकों में होने वाली अनावश्यक भीड़ से राहत मिल रही है और समय की भी बचत हो रही है। जिले में इस बार भी बेहतर प्रबंधन और किसानों के हित में उठाए गए कदमों के चलते किसानों में उत्साह है। उल्लेखनीय है कि जिले में एक लाख 28 हजार 364 किसान पंजीकृत हैं। इनके लिए 100 धान खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं। किसानों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार धमतरी जिले के धान उपार्जन केन्द्र अछोटा में पहुंचे ग्राम जंवरगांव के किसान भीखूराम निषाद ने बताया कि वे ऑनलाईन टोकन कटाए थे और वे अपने उपज का 58 क्विंटल 80 किलोग्राम धान बेचने के लिए खरीदी केन्द्र पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा बेचे गए धान के एवज में मिले राशि का उपयोग वे घर बनाने में करेंगे। उन्होंने किसानों के हित में प्रदाय की गई सुविधा के लिए प्रदेश के मुखिया श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापन किया। वहीं अछोटा के समिति प्रबंधक श्री विरेन्द्र कुमार सिन्हा ने बताया कि उनके केन्द्र में धान की खरीदी सुचारू रूप से चल रही है और नियमित धान का उठाव भी हो रहा है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी केन्द्र में किसानों की सुविधा के लिए दी गई माईक्रो एटीएम की सुविधा की जानकारी देते हुए बताया कि इससे किसान प्रतिदिन 10 हजार रूपये आहरित कर सकता है अथवा जमा भी कर सकता है। इस सुविधा से बैंकों की भीड़ से बचा जा सकता है और समय की भी बचत होगी। उन्होंने बताया कि किसानों को माईक्रो एटीएम की सुविधा के बारे में किसानों को भी बताया जा रहा है।

लखपति दीदी ने कमाई से खरीदी गाड़ी, बच्चों को पढ़ा रहीं, अब हजार मुर्गियों की फार्म बनाने की कर रहीं तैयारी

रायपुर, कभी आम गृहिणी थी नागेश्वरी, लेकिन आज है लखपति दीदी। ग्राम कठिया की रहने वाली श्रीमती नागेश्वरी वर्मा आज से 5 साल पहले सामान्य गृहिणी थी। जो घर के चूल्हा-चौके तक ही सीमित थी, लेकिन आज वह अपने पैरों पर खड़ी और घर गृहस्थी संभालने के साथ ही सालाना डेढ़ से दो लाख रूपये कमा रही है वह भी मुर्गीपालन जैसे व्यवसाय से। नागेश्वरी के बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहें है और वह अपने दम पर एक हजार मुर्गियों को पालने की तैयारी भी कर रही है। आज नागेश्वरी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का बार बार धन्यवाद देते हुए कह रही है कि आज जो भी कुछ हूं उन्ही के बदौलत हूं। मुझ जैसी अन्य महिलाएं भी इस योजना से आत्मनिर्भर हुई हैैं। श्रीमती वर्मा बताती हैं कि कुछ वर्ष पहले बिहान के सहयोग से करीब डेढ़ लाख रूपए लोन प्राप्त की। इसके बाद मुर्गीपालन का व्यवसाय शुरू की। मनरेगा से उन्हें मुर्गी शेड की सहायता मिली। शुरूआत में कम संख्या में मुर्गीपालन किया फिर धीरे-धीरे मुनाफा देखते हुए आज 500 मुर्गियों तक पहुंच गई। इन मुर्गियों को आस-पास के बड़े पोल्ट्री फार्म वालों को बेंचना शुरू किया था, अब वो खुद आकर ले कर जाते है।       श्रीमती वर्मा बताती है कि मुर्गीपालन व्यवसाय में अच्छी सफलता मिलने की विगत पांच वर्षों में अच्छी आय होने पर नया घर बनाया, दुपहिया वाहन खरीदी अब अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रही हूं, बेटा बीबीए कर रहा है और बेटी की अच्छी करियर का भी प्लान कर रही हूं। इस प्रकार उनके घर में मां लक्ष्मी के साथ-साथ मां सरस्वती की कृपा भी बनी हुई है।

सड़क दुर्घटनाओं को रोकने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का कड़ाई से हो पालन: मुख्यमंत्री साय

रायपुर,  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में प्रदेश के सड़क सुरक्षा परिदृश्य, सड़क दुर्घटना के नियंत्रण के उपायों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बैठक में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के नियंत्रण के लिए दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और चार पहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट के उपयोग तथा वाहन चलाते समय सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए जनजागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से चलाया जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़कों पर ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्य में तेजी लाने, जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने, सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के इलाज के लिए निर्माणाधीन ट्रामा स्टेब्लाईजेशन यूनिट्स का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में परिवहन विभाग द्वारा तैयार कराया गया ‘‘बस संगवारी एप’’ लांच किया और परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा पर प्रकाशित पोस्टर का विमोचन किया।     बैठक में जानकारी दी गई कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के स्कूलों में कक्षा पहली से लेकर दसवीं तक के राज्य शैक्षणिक अनुसंधान परिषद की पाठ्यपुस्तकों में सड़क यातायात नियमों से संबंधित अध्याय पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। बैठक में बताया गया कि यातायात व्यवस्था का इलेक्ट्रॉनिक सर्विलेंस रायपुर, बिलासपुर और नवा रायपुर में किया जा रहा है। भिलाई और दुर्ग में यह व्यवस्था आंशिक रूप से संचालित है। सितंबर 2023 से अक्टूबर 2024 तक 101 ब्लैक स्पॉट और 748 जंक्शन के सुधार कार्य पूर्ण किए गए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने पर सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु की संभावना 40 प्रतिशत तक कम हो सकती है। अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर परिवहन विभाग द्वारा 6 लाख 70 हजार से अधिक तथा पुलिस विभाग द्वारा 4 लाख 87 हजार से अधिक चालानी कार्यवाही की गई है। 01 जनवरी 2023 से 31 अक्टूबर 2024 तक 7826 वाहन चालकों का लायसेंस निलंबित किया गया है। 8 दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों राजनांदगांव, धरसींवा अभनपुर, पाली, सिमगा, सुकमा, बेमेतरा और पत्थलगांव में ट्रामा स्टेब्लाईजेशन यूनिट निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई है। 14 हजार 261 वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस, 72 हजार से अधिक वाहनों में स्पीड गवर्नर तथा 2200 बसों में पेनिक बटन लगाए गए हैं। बैठक में ब्लैक स्पॉट की पहचान, सुधार की कार्यवाही, सड़कों में यातायात संकेतक, होर्डिंग्स हटाने, फुटपाथ, पार्किंग, सर्विस लेन से अतिक्रमण हटाने आदि कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, श्री बसव राजू एस. और श्री राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश, आबकारी सचिव श्रीमती आर. संगीता, एडीजी ट्रेफिक श्री प्रदीप गुप्ता, अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर उपस्थित थे। सभी संभागों के आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक वर्चुअली बैठक में शामिल हुए। अंतर्विभागीय लीड एजेंसी के अध्यक्ष एवं एआईजी ट्रेफिक श्री संजय शर्मा ने बैठक में प्रेजेंटेशन दिया।

अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से लगा झटका, हाई कोर्ट से मिली जमानत को की रद्द

रायपुर प्रदेश के बहुचर्चित शराब घोटाला में आरोपी अनवर ढेबर की अंतरिम जमानत सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दी है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाई कोर्ट में जाकर फिर से जमानत अर्जी दाखिल करने को कहा है. जानकारी के अनुसार, जिस मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अनवर ढेबर को हाई कोर्ट ने जमानत दी थी, उसे सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ पुलिस ने चेलेंज किया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जमानत को रद्द करते हुए वापस हाई कोर्ट में भेज दिया है. दरअसल, अनवर ढेबर को हाई कोर्ट ने जुलाई में किडनी और गॉलब्लैडर स्टोन की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अंतरिम जमानत दी थी. ढेबर के वकील ने मेडिकल ग्राउंड पर इलाज के लिए जस्टिस अरविन्द वर्मा की पीठ के सामने जमानत देने का आग्रह किया था. इस मेडिकल रिपोर्ट को बनाने वाले डीकेएस सुपर स्‍पेशलिटी अस्‍पताल के गेस्‍ट्रो सर्जन को छत्तीसगढ़ सरकार ने बर्खास्त करने के साथ उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी थी. शराब घोटाला के आरोप में जेल में बंद ढेबर को 8 जून को ईलाज के लिए डीकेएस ले जाया गया था. वकील ने तर्क दिया कि अनवर को किडनी की बीमारी है, और उन्हें पेशाब करने में दिक्कत हो रही है. सुनवाई के दौरान यह भी तर्क दिया गया कि ढेबर का इलाज चल रहा है, जिसके लिए अस्पताल जाने की जरूरत पड़ती है. जेल में गार्ड उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिसके चलते इलाज नहीं हो पा रहा है.

आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को पुनर्वास नीति के तहत मिलेगा आवास : साय

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 15,000 आवासों की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों और पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए यह पहल एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 15,000 आवास केवल मकान नहीं बल्कि उन परिवारों के लिए सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक हैं। हमारी सरकार इस योजना को पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ लागू करेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश के विकास और शांति स्थापना की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन देने के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। पीड़ित परिवारों को आवास मिल जाने से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। यह योजना सामाजिक समरसता और विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि इस योजना में विशेष रूप से उन परिवारों को शामिल किया जाएगा जिनका नाम सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 और आवास प्लस 2018 की सूची में शामिल नहीं था। इन नामों को 6 दिसंबर 2024 तक आवास प्लस पोर्टल पर अपलोड करने की अनुमति केंद्र सरकार द्वारा दी गई है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास देने की स्वीकृति हेतु निवेदन किया था परिणामस्वरूप 15 हजार आवास की स्वीकृति भारत सरकार से दी गयी है।            उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि इस विशेष परियोजना के तहत पुलिस अधीक्षक जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत को आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों की सूची प्रदान करेंगे। इसके बाद जिला पंचायत द्वारा इस सूची का सर्वेक्षण और सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन उपरांत कलेक्टर के माध्यम से लाभार्थियों के लिए भूमि का चिन्हांकन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के दिशानिर्देशों के अनुरूप आवास निर्माण की प्रक्रिया आरंभ होगी।

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सुगमता से हो रही धान की खरीदी

  रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। छत्तीसगढ़ में धान 14 नवम्बर सें शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। राज्य में 14 नवम्बर से अब तक 18.09 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। राज्य में अब तक 3.85 लाख किसानों ने अपना धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 3706 करोड़ 69 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी।  खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 29 नवम्बर को 46345 किसानों से 2.12 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 54805 टोकन जारी किए गए थे।

ग्राम बेलगहना में एनएसएस के 7 दिवसीय विशेष शिविर, छात्रों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति किया जागरूक

बिलासपुर ग्राम बेलगहना में आयोजित एनएसएस के 7 दिवसीय विशेष शिविर के चतुर्थ दिवस पर विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य और स्वच्छता को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित कीं भोजन के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में डाक विभाग की ब्रीफिंग ब्रांच पोस्ट मास्टर सूरज केलकर ने सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र, बचत खाता, आवर्ती जमा खाता, स्वास्थ्य बीमा और पोस्ट ऑफिस ऐप के उपयोग की जानकारी दी। ब्लड ग्रुप और हीमोग्लोबिन जांचा गया साथ ही स्वास्थ्य शिविर में ग्रामवासियों और विद्यार्थियों का ब्लड ग्रुप और हीमोग्लोबिन जांचा गया।जिनका हीमोग्लोबिन कम पाया गया, उन्हें पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी गई। इस कार्यक्रम में बिलासा ब्लड बैंक बिलासपुर के विशेषज्ञों का सहयोग सराहनीय रहा। प्रारंभिक सत्र में विद्यार्थियों ने सुबह प्रभात फेरी निकालकर नशा मुक्ति, मतदाता जागरूकता, स्वास्थ्य और स्वच्छता का संदेश दिया। इसके बाद मुक्तिधाम की सफाई कर उसे स्वच्छ और आवागमन योग्य बनाया। स्वच्छता व स्वास्थ्य का संदेश फैलाया सायंकालीन सत्र में ग्रामवासियों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को समझा गया और स्वच्छता व स्वास्थ्य का संदेश फैलाया गया। विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति, स्वच्छता और जागरूकता पर स्लोगन और नारों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया। इसके बाद मुक्तिधाम में तीन घंटे की मेहनत से सफाई की गई। रास्तों को आवागमन योग्य बनाते हुए अनावश्यक कचरों का निपटान किया गया। गोष्ठी, स्वास्थ्य शिविर और सांस्कृतिक कार्यक्रम दोपहर के गोष्ठी सत्र में डाक विभाग ने वित्तीय योजनाओं की जानकारी दी, वहीं स्वास्थ्य शिविर में ब्लड ग्रुप और हीमोग्लोबिन जांच कर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी गई। शाम को ग्रामवासियों से संपर्क कर उनके बीच स्वास्थ्य और स्वच्छता का संदेश प्रसारित किया गया। दिन का समापन प्रेरणादायक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ, जिसमें देशभक्ति, मतदाता जागरूकता और स्वच्छता पर आधारित नाटक और गीत प्रस्तुत किए गए।

कार्ययोजना के क्रियान्वयन” विषय पर कार्यशाला सम्पन्न

 रायपुर,   छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र (CGSCCC) द्वारा नवा रायपुर अटल नगर स्थित अरण्य भवन में ”सतत आवास और कृषि क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (APCC) के क्रियान्वयन” पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एयर कंडीशनर तापमान विनियमन पर पोस्टर और जलवायु परिवर्तन से संबंधित 100 सफलता कहानियों पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया गया।     कार्यशाला में पद्मश्री उमा शंकर पांडे ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित अरण्य भवन में आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जल संकट आज विश्व की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है। उन्होंने यह बात दोहराई कि पानी बनाया नहीं जा सकता, केवल बचाया जा सकता है। उन्होंने सभी से जल बचाने की अपील की और इस दिशा में ठोस व सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।     उन्होंने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए संग्रहालय और विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही, उन्होंने यह सुझाव दिया कि छात्रों को पानी बचाने के उपायों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाए और ”पानी की पाठशाला” जैसी पहल शुरू की जाए, ताकि जल के महत्व और उसके संरक्षण की तकनीकों को लोगों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी पद्धतियां अपनाई जानी चाहिए, जिनसे घर का पानी घर में, गांव का पानी गांव में और जंगल का पानी जंगल में ही संरक्षित रहे। उन्होंने नया रायपुर में मौजूद जल संरचनाओं और जलाशयों की सराहना की। इसके अलावा, उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की प्रशंसा की और नदियों को स्वच्छ रखने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।     प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी. श्रीनिवास राव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की समस्या को कम करने के लिए समुदाय की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस दिशा में ”प्लास्टिक का उपयोग न करने” और आम जनता के बीच जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी), हरित भवन (ग्रीन बिल्डिंग), और हरित इस्पात (ग्रीन स्टील) जैसे नवाचारी उपायों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समुदाय के प्रत्येक सदस्य को अपनी भूमिका समझनी होगी और पर्यावरण अनुकूल आदतें विकसित करनी होंगी। साथ ही, उन्होंने     जोर दिया कि जागरूकता अभियानों और स्थानीय स्तर पर प्रयासों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।     कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडे ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सतत आवास और कृषि क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रभावी समाधान खोजने के साथ-साथ (APCC) के तहत बनाई गई रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा करना है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र (CGSCCC) राज्य की जलवायु परिवर्तन संबंधी समस्याओं को सुलझाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री और वन मंत्री के नेतृत्व में तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख के मार्गदर्शन में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नीतियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है।     कार्यशाला में आबकारी विभाग की सचिव एवं आयुक्त आर. संगीता, आईआईटी मुंबई के क्लाइमेट स्टडीज विभाग के प्रोफेसर डॉ. रघु मर्तुगुडे, तमिलनाडु WTC के पूर्व निदेशक डॉ. पन्नीरसेल्वम, रायपुर नगर निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा, बेंगलुरु के वास्तुकार डॉ. सुजीत कुमार, अंबिकापुर नगर निगम के स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी रितेश सैनी और नर्मदा नैचुरल फार्म्स के संस्थापक संकल्प शर्मा सहित अन्य विशेषज्ञों ने भाग लिया। इन विशेषज्ञों ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपने विचार और अनुभव साझा किए।      कार्यशाला में दो तकनीकी सत्र और दो पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं। कार्यशाला में विभिन्न विषय विशेषज्ञों, अधिकारियों और पर्यावरणविदों सहित पीसीसीएफ आनंद बाबू, अतिरिक्त पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) प्रेम कुमार, वानिकी विशेषज्ञ बी.पी. सिंह, आईएफएस अधिकारी अमिताभ बाजपेयी, और कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

पहुंचविहीन इलाकों में सरपट पहुंच रही बाइक एंबुलेंस, चार हजार से ज्यादा लोगों को मिल चुका है फायदा

बिलासपुर कोटा के सुदूर वनांचलों में बसे गांवों में वो दिन लद गए जब अस्पताल तक नहीं पहुंच पाने की वजह से स्वास्थ्य सुविधा मुहैया न हो पाता था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चलायी जा रही योजनाओं से ग्रामीणों को त्वरित स्वास्थ्य सेवा मिलने लगी है। बाइक एम्बुलेंस की सुविधा चौबीसों घंटे आदिवासियों को मिल रही गर्मी, बरसात या सर्दी सभी मौसम में बाइक एम्बुलेंस की सुविधा चौबीसों घंटे आदिवासियों को मिल रही है। कोटा ब्लाक के एक बड़े हिस्से में विषम भौगोलिक परिस्थिति के चलते सड़क मार्ग से पहुंच पाना संभव नहीं होता है। ऐसे में ग्रामीणों को आपातकाल स्थिति में घर से अस्पताल आने-जाने के लिए बाइक एम्बुलेंस निश्शुल्क परिवहन का एक अच्छा माध्यम बन गया है। निःशुल्क सुविधा संगवारी एक्सप्रेस में बाइक को एक मिनी एम्बुलेंस की तरह बनाया गया है। इसमें एक मरीज को बिना असुविधा के अस्पताल तक पहुचांया जा सकता है। यह बिल्कुल निःशुल्क सुविधा है। कोटा ब्लाक के सुदूर वनांचलों में रहने वाली गर्भवती महिलाएं सहित अन्य लोगों के लिए बाइक एम्बुलेंस संजीवनी साबित हो रही है। क्षेत्र के हिसाब से ऐसे मिल रहा सेवा का लाभ विकासखंड कोटा में बाइक एम्बुलेंस की सुविधा मार्च 2024 से शुरू किया गया है। शुरू होने से अब तक 4089 मरीजों को इसका सीधा लाभ मिला है। इसमें सभी वर्ग के मरीज शामिल हैं। इसमें शिवतराई पीएचसी अंतर्गत 1108, कुरदर अंतर्गत 850, केंदा अंतर्गत 1310, आमागोहन अंतर्गत 821 मरीजों को बाइक एम्बुलेंस की सुविधा मिली है। बाइक एंबुलेंस के जरिए वनांचल क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए केन्द्र तक लाया जाता है और शिशुवती माताओं को प्रसव के बाद सुरक्षित घर भी पहुंचाया जाता है। आपात स्थिति में नहीं अब परेशानी वनांचल क्षेत्र के ग्रामीण इस सुविधा से काफी खुश है। उनका कहना है कि जहां वे पहले इलाज के लिए मिलों दूर पैदल चलकर कठिनाईयों का सामना कर अस्पताल पहुंचते थे। लेकिन बाइक एंबुलेंस की सुविधा मिलने से अब कठिनाइयां आड़े नहीं आ पाती है और मरीजों को बिना देरी के तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। मैं और मेरा बच्चा पूरी तरह स्वस्थ मंजगवा की मनीषा को बाइक एम्बुलेंस के जरिए प्रसव के लिए केंदा अस्पताल लाया गया था। वे कहती हैं कि इस सुविधा के चलते ही मैं और मेरा बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं। वहीं छतौना की 35 वर्षीय मंदाकनी को भी बाइक एम्बुलेंस के जरिए केंदा अस्पताल लाया गया था और उन्हें समय पर इलाज मिला। इसके अलावा बाइक एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, बच्चों के टीकाकरण एवं मौसमी बीमारियों के उपचार के लिए भी उपयोग में लाया जा रहा है।

महानदी पर मेघा पुल टूटने से लोग परेशान, वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों और व्यापारियों ने किया प्रदर्शन

धमतरी जिले के मेघा गांव में महानदी पर पुल टूटने के बाद वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों और व्यापारियों ने प्रदर्शन किया. इसके चलते स्टेट हाइवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई है. बता दें कि मेघा महानदी पुल दो महीने पहले टूटा है. इसके बाद इस मार्ग पर आवाजाही बंद कर दी गई है. इसके कारण राजिम, मगरलोड क्षेत्र के लोगों को कुरूद जाने के लिए कई किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा. बता दें कि नब्बे के दशक में तत्कालीन विधायक स्व. दीपा साहू के प्रयास से महानदी पर मेघा पुल का निर्माण कराया गया था. इस पुल के बनने से मगरलोड, नगरी, गरियाबंद क्षेत्र में कुरुद की कन्केक्टिविटी बढ़ी, जिससे वन क्षेत्रों में विकास की किरणें जगने लगी थी, लेकिन रेत माफियाओं ने क्षेत्र की इस अनमोल धरोहर को भी नहीं छोड़ा. गाड़ाडीह और मेघा के बीच महानदी पर बने पुल के तीन पिल्लर गिर गए, नीचे का सपोर्ट खत्म हो जाने से पुल में दरार आ गई है. अब यह पुल धंसता और टूटता जा रहा है.

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