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स्तर पर्यटन ने भरी नई उड़ान, वर्षों से लंबित योजनाओं को मिली गति

रायपुर प्राकृतिक सौंदर्य, झरनों की कलकल ध्वनि, घने वनों की हरियाली और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से परिपूर्ण बस्तर अंचल अब पर्यटन विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर लंबे समय से अपेक्षाएँ थीं, वहाँ अब चरणबद्ध तरीके से आधारभूत एवं आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। राज्य शासन और पर्यटन विभाग के समन्वित प्रयासों से बस्तर के पर्यटन परिदृश्य में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट दिखाई देने लगा है। प्रमुख स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, दंतेवाड़ा, बारसूर, नारायणपुर और कोंडागांव सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों पर सड़क संपर्क को बेहतर किया गया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग, पेयजल व्यवस्था, आधुनिक शौचालय, विश्राम शेड, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया गया है। साथ ही, पर्यटकों को जानकारी उपलब्ध कराने हेतु सूचना केंद्र एवं हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। प्रमुख स्थलों पर आकर्षक व्यू-पॉइंट, सेल्फी जोन और सौंदर्यीकरण कार्यों से इन स्थलों की भव्यता और बढ़ी है। टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर और डिजिटल पहल जगदलपुर में टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर के माध्यम से पर्यटकों को आवास, स्थानीय भ्रमण, गाइड सुविधा और अन्य आवश्यक जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल भुगतान और प्रचार-प्रसार के आधुनिक माध्यमों का उपयोग कर पर्यटन सेवाओं को अधिक सुगम बनाया गया है। स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर पर्यटन विकास का सबसे सकारात्मक प्रभाव स्थानीय युवाओं के रोजगार पर पड़ा है। गाइड प्रशिक्षण, आतिथ्य सेवा, साहसिक पर्यटन गतिविधियों और होम-स्टे योजना के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। स्थानीय हस्तशिल्प, बेलमेटल कला, टेराकोटा और जनजातीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है। पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर विशेष ध्यान पर्यटन विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। स्वच्छता अभियान, प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र, हरित पट्टी विकास और जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों से बस्तर की प्राकृतिक पहचान को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है। सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा बस्तर की पहचान केवल प्राकृतिक स्थलों से ही नहीं, बल्कि इसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से भी है। बस्तर दशहरा, मड़ई महोत्सव और लोकनृत्य आयोजनों के माध्यम से सांस्कृतिक पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे देश-विदेश के पर्यटक बस्तर की अनूठी परंपराओं से परिचित हो रहे हैं। दीर्घकालीन मास्टर प्लान पर कार्य पर्यटन विभाग द्वारा बस्तर के समग्र विकास हेतु दीर्घकालीन मास्टर प्लान के अंतर्गत योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। भविष्य में साहसिक पर्यटन, इको-टूरिज्म, वाइल्डलाइफ टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन को और सशक्त बनाने की दिशा में पहल जारी है। स्थानीय नागरिकों, पर्यटन व्यवसायियों और आगंतुकों ने इन विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए विश्वास जताया है कि बस्तर आने वाले वर्षों में प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। बस्तर का पर्यटन क्षेत्र अब नई ऊर्जा, नई सोच और समन्वित प्रयासों के साथ आगे बढ़ रहा है। सुविधाओं के विस्तार और सतत विकास की इस पहल से न केवल पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि स्थानीय समाज और अर्थव्यवस्था को भी स्थायी लाभ प्राप्त होगा।

कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में पहल, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना बनी बच्चों का सहारा

रायपुर. कुपोषण उन्मूलन की सशक्त पहल: मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना एवं ‘वजन त्यौहार’ से बच्चों को मिला स्वास्थ्य संबल प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी पहल के अंतर्गत कुपोषण उन्मूलन की दिशा में ठोस एवं परिणाममुखी कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित “वजन त्यौहार” अभियान के माध्यम से बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की सतत निगरानी कर उन्हें समुचित उपचार एवं पोषण परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। महासमुंद जिले में नयापारा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 80 बच्चों का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान 29 बच्चे कुपोषित एवं अति कुपोषित श्रेणी में पाए गए, जिन्हें तत्काल आवश्यक दवाइयां, चिकित्सकीय परामर्श तथा पोषण संबंधी उपचार उपलब्ध कराया गया। गंभीर रूप से प्रभावित बच्चों को नियमित फॉलोअप एवं आवश्यकता पड़ने पर पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती की जानकारी दी गई। महासमुंद जिले में इसी क्रम में 9 से 18 फरवरी तक आयोजित “वजन त्यौहार” के अंतर्गत शहरी परियोजना क्षेत्र के डॉ. सुशील सैमुअल वार्ड (सेक्टर-01) में विशेष शिविर आयोजित कर बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का वजन एवं ऊंचाई मापी गई। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर कुपोषित एवं अत्यंत कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें विशेष पोषण आहार, चिकित्सा सुविधा एवं निरंतर निगरानी से जोड़ा गया। गर्भवती महिलाओं को आयरन, कैल्शियम एवं आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों के नियमित सेवन तथा संतुलित आहार अपनाने की सलाह दी गई। पोषण, स्वच्छता और टीकाकरण पर विशेष जोर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य दल द्वारा पालकों को संतुलित आहार की उपयोगिता, नियमित टीकाकरण, स्वच्छता, कृमिनाशक दवा सेवन, साफ पेयजल के उपयोग तथा दस्त-उल्टी जैसी स्थिति में त्वरित उपचार के महत्व से अवगत कराया गया। बच्चों के भोजन में दाल, हरी सब्जियां, दूध, अंडा, फल एवं मौसमी खाद्य पदार्थ शामिल करने की सलाह दी गई।पालकों को यह भी बताया गया कि जीवन के प्रारंभिक छह वर्ष बच्चे के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास की आधारशिला होते हैं। नियमित वजन-ऊंचाई मापन और पोषण प्रबंधन से एनीमिया एवं कुपोषण जैसी समस्याओं की प्रभावी रोकथाम संभव है। सामाजिक जागरूकता के साथ शिक्षा से जोड़ने की पहल अभियान के दौरान केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल की गई। देवार जाति की चार शाला त्यागी किशोरियों को पुनः विद्यालय में प्रवेश दिलाने हेतु समझाइश दी गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। यह प्रयास बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने तथा सामाजिक समावेशन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषण स्तर का मूल्यांकन, आवश्यक दवा वितरण, परामर्श तथा गंभीर मामलों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर कर उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। महासमुंद जिले में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से कुपोषण उन्मूलन की दिशा में जनसहभागिता आधारित सशक्त वातावरण निर्मित हो रहा है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयास रंग लाए: वनांचल के सुदूर टोलों में पहुंचेगी बिजली

रायपुर.  जंगलों के बीच बसे जिन टोलों ने पीढ़ियों तक अंधेरे को अपनी नियति मान लिया था, वहां अब उजाले की पहली किरण पहुंचने जा रही है।सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के तीन सुदूर ग्रामों में आज़ादी के दशकों बाद पहली बार नियमित बिजली पहुंचाने के लिए 3 करोड़ 6 लाख 92 हजार 670 रुपये की बड़ी स्वीकृति जारी की गई है। यह महत्वपूर्ण पहल महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा भटगांव विधायक  लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से संभव हो पाई है। सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मसंकी, बांक और असुरा के कई मजरा-टोले अब तक मुख्य विद्युत लाइन से कटे हुए थे। रात ढलते ही यहां घना अंधेरा छा जाता था और ग्रामीण ढिबरी या सीमित सोलर लाइट के सहारे जीवन यापन करने को विवश थे। बच्चों की पढ़ाई, किसानों का कार्य और सामान्य जनजीवन अंधेरे की मार झेल रहा था। क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने ऊर्जा विभाग और राज्य स्तर पर पहल कर इन टोलों के विद्युतीकरण का प्रस्ताव आगे बढ़ाया। ‘मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना’ के तहत स्वीकृत इस राशि से ग्राम मसंकी के लुकभुकिया और पतेरीपारा, ग्राम बांक के खासपारा और स्कूलपारा तथा ग्राम असुरा के खासपारा, पण्डोपारा और असुरा-1 में विद्युत विस्तार कार्य किया जाएगा। करोड़ों की लागत से होने वाला यह कार्य न केवल घरों को रोशन करेगा, बल्कि शिक्षा, कृषि और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा। सबसे बड़ी चुनौती वन भूमि की अनुमति थी। चूंकि संबंधित टोले घने जंगलों के बीच स्थित हैं, इसलिए विशेष स्वीकृति आवश्यक थी। मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े की पहल पर विभागीय स्तर पर आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर लिया गया है और अब शीघ्र ही जमीनी स्तर पर कार्य प्रारंभ किया जाएगा। मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश का कोई भी घर अंधेरे में न रहे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्युत सुविधा उपलब्ध होने से बच्चों को अध्ययन में सुविधा मिलेगी, किसानों को कृषि कार्यों में सहूलियत होगी तथा स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और लघु उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा। यह पहल वनांचल क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

नीलकंठेश्वर धाम में भव्य प्राण-प्रतिष्ठा, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति

रायपुर. नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय हुए शामिल मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज जशपुर प्रवास के दौरान दुलदुला विकास खंड के ग्राम सिरीमकेला स्थित  नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के पावन प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित हुए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देवाधिदेव महादेव से समस्त छत्तीसगढ़वासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की। महाशिवरात्रि के पावन पर्व के एक दिन पूर्व आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन को उन्होंने श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया।  मुख्यमंत्री  साय ने ग्राम सिरीमकेला में सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इससे स्थानीय नागरिकों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए सुदृढ़ आधार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कल हम सब महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाएंगे और इस अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि सिरीमकेला में भक्तों और अपने परिवारजनों के बीच आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और आनंद की अनुभूति हो रही है। भक्ति और श्रद्धा के इस अनूठे आयोजन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सनातन परंपरा को पुनर्स्थापित करते हुए अयोध्या धाम दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्राएँ करा रही है। श्रवण कुमार के पदचिन्हों पर चलने का प्रयास करते हुए अब तक प्रदेश के 42 हजार से अधिक तीर्थ यात्रियों को रामलला के दर्शन कराए जा चुके हैं।  उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या धाम में  रामलला का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है और हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर आज ध्वज लहरा रहा है। प्रत्येक राम भक्त की आस्था 500 वर्षों तक प्रज्वलित रही — यह एक ऐसा यज्ञ था जिसकी लौ कभी नहीं डगमगाई। हम सब निमित्त मात्र हैं, जो अपने भांचा राम के दर्शन उनके भव्य मंदिर में कर रहे हैं और श्रद्धालुओं को करा पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नीलकंठेश्वर महादेव का दर्शन पाकर वे स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। दशहरा पर्व के दिन नीलकंठ के दर्शन को अत्यंत शुभ माना जाता है और आज प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत यहाँ निरंतर दर्शन लाभ मिलना हम सबके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि जशपुर में मधेश्वर महादेव स्थित हैं, जिसे लोक मान्यता के अनुसार एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग कहा जाता है। सनातन परंपरा में भक्ति का विशेष महत्व है और राज्य सरकार भक्तों का सम्मान करती है। सावन माह में भोरमदेव मंदिर में कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर हर वर्ष आस्था प्रकट की जाती है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहे जाने वाले राजिम त्रिवेणी संगम में इन दिनों राजिम कुंभ कल्प का भव्य आयोजन हो रहा है, जहाँ आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। राजिम कुंभ कल्प की प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित किया गया है, ऐतिहासिक बस्तर दशहरा की पहचान देश-विदेश तक है तथा छत्तीसगढ़ के पाँच शक्ति पीठों के विकास के लिए कार्य योजना बनाकर सतत कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता और प्रकृति संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं।  कार्यक्रम के समापन अवसर पर उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के इस पावन कालखंड में नीलकंठेश्वर महादेव की कृपा हम सभी पर बनी रहे, प्रदेश में सुख-शांति, समृद्धि और विकास की नई धाराएँ प्रवाहित हों तथा छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक वैभव के साथ निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रहे — यही उनकी हार्दिक कामना है। इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक मती गोमती साय, महासमुंद विधायक  योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व राज्यसभा सांसद  रणविजय सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष मती सुशीला साय,  कृष्णा राय,  पवन साय,  भरत सिंह,  अरविन्द प्रसाद साय,  कपिल देव साय, सरगुजा आईजी  दीपक कुमार झा, कलेक्टर  रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, वनमंडलाधिकारी  शशि कुमार तथा महादेव मंदिर समिति के सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

अगले 7 दिन बड़े बदलाव के संकेत नहीं, वैलेंटाइन डे पर मौसम रहेगा साफ!

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम स्थिर बना हुआ है. वेलेंटाइन डे पर अगर आप भी कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यह मौसम राहत भरा रहने वाला है. राजधानी में दिन के वक्त हल्की गर्मी महसूस हो सकती है, हालांकि सुबह धुंध भी छाए रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने अगले 7 दिन अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव की संभावना नहीं जताई है. पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहा. प्रदेश में अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया. इस दौरान कहीं भी बारिश नहीं हुई. अगले दो दिन मौसम शुष्क ही रहने के आसार हैं. मौसम विभाग ने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में कोई सक्रिय मौसम प्रणाली प्रभावी नहीं है. इसके कारण पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है. फिलहाल बारिश को लेकर कोई अलर्ट नहीं है.  रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में शनिवार को मौसम शुष्क रहने वाला है. सुबह के वक्त धुंध छाए रहने के आसार हैं. अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

इलाके में मचा हड़कंप, जगदलपुर में कार में SDO का मिला शव

जगदलपुर. शहर के इंदिरा स्टेडियम के पास खड़ी एक ब्रेज़ा कार से युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत बोधघाट थाना पुलिस को घटना की सूचना दी. मृतक की पहचान वृन्दावन कॉलोनी निवासी शोभा राम देहारी के रूप में हुई है. वह छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के नियानार कार्यालय में एसडीओ के पद पर पदस्थ थे. जांच में जुटी पुलिस जानकारी के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद बोधघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज जगदलपुर भेजा गया. बताया जा रहा है कि युवक बीती रात शराब सेवन की हालत में किसी से फोन पर तेज आवाज में बात कर रहा था. पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मौत का कारण हृदयाघात माना जा रहा है. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है.

उप पंजीयन विभाग को मिला 30 करोड़ का राजस्व, अंबिकापुर में 5743 रजिस्ट्री

अंबिकापुर. अंबिकापुर उप पंजीयन विभाग ने वित्तीय वर्ष समाप्त होने के एक माह पहले ही तीस करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व शुल्क प्राप्त किया है. वित्तीय वर्ष की समाप्ति में अब मात्र एक माह का समय शेष रह गया है. वर्तमान वित्तीय वर्ष में पंजीयक विभाग को शासन से लक्ष्य नहीं मिला है. पंजीयक विभाग के द्वारा गत वित्तीय वर्ष के लक्ष्य को ही मौजूदा वित्तीय वर्ष का लक्ष्य मानते हुए राजस्व प्राप्ति में ताकत झोंक दिया गया है. कलेक्ट्रेट परिसर स्थित उप पंजीयक विभाग में वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभी तक 5743 दस्तावेजों से 30 करोड़ दस लाख 27 हजार 36 रूपए का राजस्व प्राप्त किया है. वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6912 दस्तावेजों से 37 करोड़ 39 लाख 29 हजार 754 रूपए का आय प्राप्त हुआ था. उप पंजीयक अलबर्ट कुजूर के मुताबिक हर रोज दस्तावेजों के लिए 30 से 35 अपाइमेंट आ रहे हैं. इस बार गत वित्तीय वर्ष की तुलना में अधिक राजस्व प्राप्ति का अनुमान है.

कलेक्टर की बैठक में हड़ताल समाप्त का किया ऐलान, पटवारी-आरआई 15 दिन बाद काम पर लौटे

मुंगेली. जिले के लोरमी तहसील में पिछले 15 दिनों से चल रहा पटवारी, राजस्व निरीक्षक (आरआई) और तहसीलदार के बीच का गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। कलेक्टर के मार्गदर्शन और हस्तक्षेप के बाद उनके निर्देशन में प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के अधिकारियों तथा पटवारी-आरआई संगठनों के बीच बैठक आयोजित की, जिसमें आपसी सामंजस्य से समाधान निकाल लिया गया। इसके बाद हड़ताली पटवारी और राजस्व निरीक्षक अपने-अपने कार्य पर लौट आए। दरअसल, पटवारी और राजस्व निरीक्षक संघ ने लोरमी तहसील में पदस्थ तहसीलदार शेखर पटेल को हटाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया था। हड़ताली कर्मचारियों का आरोप था कि तहसीलदार द्वारा कार्य के दौरान अनावश्यक दबाव और प्रताड़ना दी जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर 29 जनवरी से लोरमी तहसील के पटवारी और आरआई अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब तीन दिनों के लिए जिला पटवारी–आरआई संघ ने भी समर्थन दे दिया। वहीं कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ (नायब तहसीलदार एवं तहसीलदार) ने तहसीलदार शेखर पटेल को हटाने की स्थिति में जोरदार विरोध दर्ज कराने की बात कही थी। संघ पदाधिकारियों ने कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी नाराजगी और मांगें रखी थीं। लगातार बढ़ते गतिरोध और प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर को हस्तक्षेप करना पड़ा। वहीं कलेक्टर द्वारा बुलाई गई बैठक में सभी पक्षों को विस्तार से सुना गया। बैठक में आपसी संवाद, संयम और प्रशासनिक मर्यादा बनाए रखते हुए कार्य करने पर सहमति बनी। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की जो भी जायज मांगें या शिकायतें हैं, उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए। इससे पहले उन्होंने मीटिंग में राजस्व प्रकरणों के मामलों का तेजी से निपटारा करने के निर्देश दिए, साथ ही शासन एवं जिला प्रशासन के प्राथमिकता वाले कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के भी निर्देश दिए।

छत्तीसगढ़ में वेटलैंड प्राधिकरण की अहम बैठक, संरक्षण रणनीति पर चर्चा

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण की चतुर्थ बैठक आयोजित वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण  केदार कश्यप की अध्यक्षता में प्राधिकरण की चतुर्थ बैठक का आयोजन अरण्य भवन,अटल नगर में किया गया। बैठक में मुख्य सचिव एवं प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विकासशील, अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी. निवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) अरूण कुमार पाण्डेय, सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग, सदस्य सचिव तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।            यह प्राधिकरण राज्य के आर्द्रभूमियों (Wetlands) के संरक्षण, प्रबंधन, उनके पारिस्थितिक स्वरूप को बनाए रखने और उन पर होने वाली गतिविधियों के नियमन के लिए उत्तरदायी है। यह प्राधिकरण गिधवा-परसदा और कोपरा जैसे जलाशयों के संरक्षण, प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा, और जिला स्तर पर बनी समितियों के माध्यम से प्रबंधन की निगरानी करता है।          बैठक में रामसर सचिवालय से प्राप्त कोपरा जलाशय के रामसर प्रमाणपत्र का विमोचन किया गया। इसके साथ ही कोपरा जलाशय तथा गिधवा-परसदा वेटलैण्ड काम्प्लेक्स के लोगों का भी अनावरण किया गया। बैठक में राज्य के वेटलैण्ड क्षेत्रों के संरक्षण, संवर्धन और विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। यह भी निर्णय लिया गया कि विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से वेटलैण्ड क्षेत्रों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को जागरूक किया जाएगा, ताकि प्राकृतिक जल स्रोतों और जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

सरस्वती सायकल योजना: अब आसान हुई अदिति की शिक्षा की राह

रायपुर पढ़ाई छोड़ने का इरादा हुआ खत्म, अब रोज़ समय पर पहुंचती है स्कूल सरकार की सरस्वती सायकल योजना छात्राओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव की सशक्त मिसाल बन रही है। इसी योजना के अंतर्गत शासकीय कन्या स्कूल, मुंगेली की कक्षा नवमी की छात्रा अदिति कुर्रे को निःशुल्क सायकल प्रदान की गई, जिसने उसकी पढ़ाई की राह को आसान और सुरक्षित बना दिया। घर से स्कूल की दूरी अधिक होने के कारण अदिति कुर्रे को रोज़ाना आना-जाना कठिन हो गया था। समय की कमी, थकान और रास्ते की परेशानियों के चलते उनके मन में कई बार पढ़ाई छोड़ने का विचार भी आया। लेकिन सरस्वती सायकल योजना के तहत मिली सायकल ने उनकी मुश्किलों को दूर कर दिया।         अदिति कुर्रे ने बताया कि अब वह कम समय में, बिना थके और सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंच पा रही हैं। सायकल मिलने से न सिर्फ आने-जाने में सुविधा हुई है, बल्कि पढ़ाई के लिए समय भी बढ़ गया है। अब वह पूरे मन से विद्यालय जाती हैं और नियमित रूप से कक्षाओं में शामिल हो रही हैं। अदिति के परिवार ने भी इस योजना के लिए शासन का आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह सायकल केवल एक साधन नहीं, बल्कि उनकी बेटी के उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ाया गया मजबूत कदम है। जिला शिक्षा अधिकारी श्री एल.पी.डाहिरे ने बताया कि जिले के तीनों विकासखण्डों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 अंतर्गत 05 हजार 274 सायकल वितरण का लक्ष्य रखा गया था। लक्ष्य के अनुरूप शतप्रतिशत सायकल वितरण कर छात्राओं को लाभान्वित किया जा चुका है।

तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ, विकास कार्यों पर 523 करोड़ की मुहर

अंबिकापुर.  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पहले मैनपाट महोत्सव में आना हुआ था, इस वर्ष महोत्सव में बड़ा परिवर्तन दिख रहा है। समारोह में भव्यता दिख रही है, मैनपाट महोत्सव को आने वाले हर वर्ष मनाया जाएगा। सभी से चर्चा कर आयोजन के लिए एक तिथि निर्धारित करेंगे। दो वर्ष पहले मैनपाट महोत्सव हेतु 50 लाख रुपये स्वीकृत किया गया था, आने वाले समय में समारोह की और भव्यता के लिए सरकार चिंता करेगी। सरगुजा की संस्कृति, अस्मिता को दिखाने का माध्यम यह समारोह है। आने वाले समय में यहां की संस्कृति से देश दुनिया परिचित होगी। बाहर से आने वाले एवं स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलेगा और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने 523 करोड़ रुपये से अधिक के विकास व निर्माण कार्यों का भूमिपूजन तथा लोकार्पण किया। कार्यक्रम में सांसद मनोज तिवारी, संभागायुक्त नरेन्द्र दुग्गा, पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा, कलेक्टर अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि व आमजन उपस्थित थे। पर्यटन क्षेत्र में विकास पथ पर अग्रसर है प्रदेश : राजेश पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर विकास हो रहा है।   राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण और नई संभावनाओं के सृजन की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मैनपाट जैसे प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थल पर पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। होम-स्टे, होटल व्यवसाय, स्थानीय हस्तशिल्प, परिवहन सेवाएं और खाद्य व्यवसाय से जुड़े लोगों की आय में वृद्धि हो रही है। इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। समारोह को सीतापुर विधायक राम कुमार टोप्पो व लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने भी संबोधित किया। मैनपाट में पर्यटन विकास के लिए एक करोड़,सीतापुर में बनेगा नया बस स्टैंड मुख्यमंत्री ने मैनपाट में पर्यटन के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने सीतापुर में सर्व सुविधायुक्त नए बस स्टैंड के निर्माण किए जाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने नगर पालिक निगम अंबिकापुर के आठ करोड़ के नवीन कार्यालय भवन का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का तिब्बती बंधुओं द्वारा तिब्बती संस्कृति पर आधारित ताशी शोपा नृत्य के साथ आत्मीय स्वागत किया ग    मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्रियों का वितरण किया गया   इस अवसर पर सांसद व भोजपुरी गायक मनोज तिवारी के साथ स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।  

ग्राम स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से साकार होगा विकसित भारत का संकल्प: मंत्री नेताम

रायपुर. आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम के उपस्थिति में जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर में विकसित भारत के संकल्प को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी जी राम जी) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मंत्री  नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा जब ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन के साथ स्थानीय सहभागिता सुनिश्चित हो। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने जल संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत को अपनी कार्ययोजना में  प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। कार्यशाला में मिशन अंतर्गत ग्राम स्तर पर ठोस एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों द्वारा जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, अधोसंरचना विकास, ग्रामीण आजीविका सृजन, आपदा निवारण एवं सामुदायिक संसाधनों के सुदृढ़ीकरण से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। साथ ही बताया गया कि (वीबी जी राम जी) के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे।

‘ग्रहण मंत्री’ बयान पर भड़के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कहा— भाषा ही सोच को उजागर करती है

रायपुर कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ‘ग्रहण मंत्री’ बताए जाने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि मुझे क्या कहा, क्या नहीं कहा, यह तो स्पष्ट हो रहा है. लेकिन ये जो कह रहे हैं, जो भूपेश बघेल कह रहे हैं, उनके शब्दों की निम्नता है. उस पर मैं केवल यही कह सकता हूं कि अपने गिरेबान में झांक कर देख लें. गृह मंत्री विजय शर्मा ने इसके साथ ही विधायक देवेंद्र यादव पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकार के दौरान हुई घटना की याद दिलाते हुए कहा कि टीचर्स डे पर एक टीचर से बलात्कार हुआ था, तब वे कहां थे? पाटन विधानसभा में जब सामूहिक हत्याएं हुईं थीं, तब वे कहां थे? उन्हें उस समय भी चिंता करनी चाहिए थी. गृह मंत्री ने इसके साथ भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के जेल वाले बयान पर कहा कि देखिए फर्क यह है कि आपको कहां-कहां राजनीति करनी है, कहां नहीं करनी है. वही जेल है, वही सेल है. वहां मैं भी था. वही जेल है. मैं बाहर निकाल कर आया तो मैंने नहीं कहा कि वहां ऐसा है, वैसा है. मतलब जबरदस्ती किसी बात पर राजनीति करनी हो तो यह तरीका है कांग्रेस के लोगों का. दरअसल, पूर्व कांग्रेस नेता, राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट में भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने कहा था कि उन्हें जेल में कीड़े वाला पानी दिया गया. कैदी इंजेक्शन लगाते थे, और टॉयलेट वाली जगह पर ही रहना पड़ता था.

मंत्री ने अष्टधातु प्रतिमा का भी अनावरण किया

रायपुर. रामानुजगंज में सुशासन के प्रतीक भव्य अटल परिसर का किया लोकार्पण रामानुजगंज के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ते हुए, कैबिनेट मंत्री  रामविचार नेताम ने रामानुजगंज में नवनिर्मित श्अटल परिसरश् का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में स्थापित भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की अष्टधातु प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मती पुष्पा नेताम विशेष रूप से उपस्थित रहीं। स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सुमधुर स्वागत गीत ‘सांसों की सरगम गाए… सुस्वागतम‘ के साथ कार्यक्रम का आगाज हुआ। समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री  नेताम ने रामानुजगंज को एक ‘मॉडल नगर‘ के रूप में विकसित करने की बात कही। ’उन्होंने पूर्व में हुए कार्य की सराहना करते हुए कहा कि पूर्वे समय में’ तय किए गए मॉडल के अनुरूप ही आज नगर में सड़कों का जाल बिछा है और बड़े पैमाने पर रिनोवेशन व नाली निर्माण के कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि वार्डों में पेयजल, बिजली और नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी नहीं होने दी जाएगी और विकास कार्यों में आने वाली किसी भी बाधा का समन्वय कर समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने निस्वार्थ भाव से जनसेवा करने और क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर एवं विकसित बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं नगरवासी उपस्थित थे।

शोर पर लगाम: डीजे प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई, दर्जनभर से अधिक वाहन जब्त

बिलासपुर  बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए शहर में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। हाईकोर्ट की नाराजगी और परीक्षा के दौरान छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसे गंभीरता से लेते हुए एसएसपी के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आरटीओ को भी नोटिस जारी कर मॉडिफाइड डीजे वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने बीते दिनों शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 12 से अधिक मॉडिफाइड डीजे वाहन जब्त किए हैं, जिनमें क्षमता से अधिक तेज स्पीकर लगाए गए थे। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि रात 10 बजे के बाद डीजे संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ध्वनि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वाहन जब्ती के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। नियमों की अनदेखी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई छत्तीसगढ़ बोर्ड की कक्षा 10वीं की परीक्षा 21 फरवरी से 13 मार्च 2026 तक और 12वीं की परीक्षा 20 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएगी। पुलिस का कहना है कि परीक्षा अवधि में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यार्थियों को शांत और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों की अनदेखी करने वाले डीजे संचालकों पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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