LATEST NEWS

मैडम देती थीं पैसे का लालच, छत्तीसगढ़-बिलासपुर के स्कूल में मासूम बच्चों से उठवाया दो क्विंटल चावल

बिलासपुरः छत्तीसगढ़ में शिक्षा की बदहाली के कई मामले सामने आ चुके हैं। कप-प्लेट धुलवाने से लेकर पान-गुटखा मंगवाने के कई मामले पहले ही वायरल हो चुके हैं। अब ताजा मामला बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड के प्राइमरी स्कूल का है। यहां का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसमें स्कूली बच्चे साइकल पर 50-50किलो की चावल की बोरी ढोकर ले जाते दिख रहे हैं। दरअसल, मस्तूरी विकासखंड के सोन गांव स्थित प्राइमरी स्कूल में मिड डे मील के लिए चावल स्कूली बच्चों से ढुलवाने का मामला सामने आया है। यहां की हेड मास्टर पुष्पा साहू पर बच्चों से काम कराने का आरोप है। साइकिल में चावल लाने वाले छात्रों ने बताया कि चार बार में 50-50 किलो कर 2 क्विंटल स्कूल में लेकर आए। कभी पैसे का लालच तो कभी धमका कर काम स्कूल की हेड मास्टर पर आरोप है कि वह वह स्कूल के बच्चों को कभी पैसे का लालच देकर तो कभी धमकियों का सहारा लेकर चावल ढुलवाने के लिए मजबूर करती है। बच्चों के साइकिल पर चावल ढोते हुए देखकर गांव के कुछ युवकों ने इसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। हालांकि इस तरह बच्चों से काम कराने के चलते उनकी पढ़ाई पर प्रभाव पड़ रहा है। हेड मास्टर ने कहा-बदनाम करने की कोशिश वहीं, सोशल मीडिया में वायरल वीडियो को लेकर हेडमास्टर ने कहा कि उन्हें बदनाम करने के लिए पुराना वीडियो सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है। वीडियो सितंबर महीने का है जिसे अब शेयर कर उन्हें परेशान करने के लिए कर रहे हैं। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर ब्लाक शिक्षा अधिकारी सोनवानी ने बताया कि मामला पुराना है। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलने पर स्कूल का निरीक्षण किया गया था। मामला सही पाए जाने पर चेतावनी दी गई थी। आपको बता दें कि यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले बिल्हा ब्लाक में बच्चों से कप प्लेट धुलवाने की घटना हुई थी। वहीं, मस्तूरी ब्लाक में ही प्यून के द्वारा बच्चों से पान-गुटखा मंगवाने का मामला सामने आया था।

नक्सलियों के खिलाफ सफल अभियान के लिए अमित शाह ने मुख्यमंत्री साय की तारीफ की

नई दिल्ली/रायपुर देश के नक्सल प्रभावित राज्यों में जारी नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों पर एक अहम बैठक आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक का केंद्र बिंदु छत्तीसगढ़ का हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ नक्सल विरोधी ऑपरेशन था, जिसमें राज्य की पुलिस ने 31 नक्सलियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ पुलिस की कुशल रणनीति और राज्य सरकार की योजनाओं की सफलता पर विशेष चर्चा की गई। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्री नित्यानंद राय तथा छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उनकी टीम के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक छत्तीसगढ़ के सुरक्षा बलों ने लगभग 194 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराए हैं। वहीं 801 नक्सली गिरफ्तार हुए एवं 742 नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है। उन्होंने कहा आज भी जो युवा नक्सलवाद में लिप्त है उनसे आग्रह है कि हथियार छोड़ कर मुख्य धारा से जुड़े। सभी राज्यों ने आपके पुनर्वास के लिए बेहतर योजनाएं बनाई हैं उसका फायदा लीजिए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में नक्सल ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने महीनों की मेहनत और प्लानिंग के बाद इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। ऑपरेशन में करीब 1000 जवान शामिल थे, जिन्होंने 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित गवाड़ी पहाड़ को घेरकर 31 नक्सलियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में कई बड़े नक्सली नेता मारे गए, जिनमें 16 पर कुल 1 करोड़ 30 लाख का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में 18 पुरुष और 13 महिला नक्सली मारे गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि कैसे राज्य की पुलिस फोर्स ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। मुख्यमंत्री ने बैठक में केवल ऑपरेशन की सफलता पर ही नहीं, बल्कि राज्य में चल रहे विकास कार्यों पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ाई गई है। हम निरंतर गाँवों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुंचा रहे हैं, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।” श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  के लगातार मिल रहे मार्गदर्शन में हमने माओवादियों के कोर को तोड़ा। ऐसे एरिया में हमने 32 नये कैम्प स्थापित किये हैं, जिसे वो अपनी राजधानी तक कहते थे। उनकी बटालियन के कमांडर हिड़मा के गाँव में भी हमने कैंप स्थापित किया और उसकी माँ को भी स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई। भविष्य की योजनाओं और लक्ष्य की दी जानकारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सरकार की आगे की योजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य नक्सलियों के बचे हुए गढ़ों को समाप्त करना और इन इलाकों में स्थाई शांति और विकास सुनिश्चित करना है। निकट भविष्य में, दक्षिण बस्तर में 29 नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना की जाएगी, ताकि नक्सलियों के प्रभाव को खत्म किया जा सके। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा केंद्र हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में हुए सफल ऑपरेशन की तारीफ करते हुए अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे भी छत्तीसगढ़ की खुफिया तकनीकी और आपसी समन्वय के आधार पर अपने अपने राज्यों में ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सहित अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए पूरा समर्थन देगी।

कवर्धा में गौ माता के अंतिम संस्कार का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर हो रहा वायरल

कवर्धा छत्तीसगढ़ की धर्म नगरी कवर्धा में गौ माता के अंतिम संस्कार का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है. दरअसल आज सुबह गौ पालक राजू पाण्डेय के यहां लंबे समय से अस्वस्थ एक गाय का निधन हो गया. परिवार वाले और मोहल्लेवासियों ने बाजे-गाजे के साथ मृत गाय की अंतिम यात्रा निकाली और विधि विधान से अंतिम संस्कार भी किया. गाय की अंतिम यात्रा में न केवल गौ पालक राजू पाण्डेय का परिवार शामिल हुआ बल्कि पूरे मोहल्लेवासी भी शामिल हुए. मोहल्लेवासियों ने नम आंखों से गौ माता को विदाई दी. इस दौरान गाय के प्रति लोगों का प्रेम और सम्मान इस कदर देखने को मिला कि कइयों की आंखें नम हो गई.

जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का लगाया आरोप, छत्तीसगढ़-बीजापुर के जिला शिक्षा अधिकारी पर नपा उपाध्यक्ष गुस्साए

बीजापुर. बीजापुर नगर पालिका परिषद बीजापुर के उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम सल्लूर ने रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि बीजापुर जिले में लोकतांत्रिक रूप से जनता द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधियों को शासकीय कार्यक्रमों से लगातार दरकिनार किया जा रहा है, जो कि ग़लत है। नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम सल्लूर ने विज्ञप्ति में कहा कि बीजापुर जिले के अंतर्गत जनता के द्वारा संवैधानिक रूप से चुने हुए जनप्रतिनिधि को बुला सल्लूर ने कहा कि सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष, जनपद उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पालिका उपाध्यक्ष और पार्षद के होते हुए भी जिले के स्वामी आत्मानंद अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल बीजापुर, पोटाकेबिन छात्रावास बीजापुर और कन्या हाई स्कूल नैमेड में प्रशासन द्वारा आयोजित सायकल वितरण कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के किसी भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को बुलाना उचित नहीं समझा और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों जो संवैधानिक पदों पर आसीन है उनकी उपेक्षा करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय कार्यक्रम में बीजापुर की प्रबुद्ध जनता द्वारा नकारे गए और चुनाव में हारे हुए भाजपा के नेता, कार्यकर्ता और सदस्यों को बुला लिया और उनका महिमा मंडन करने लगे। इस तरह जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय कार्यक्रमों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमत्रण न दे कर एक नई परंपरा की शुरुआत करने में लगे हुए है जो कि लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। नपा उपाध्यक्ष ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि जिले में निर्वाचित जनप्रनिधियों की शासकीय कार्यक्रमों से हो रही उपेक्षा की जांच किया जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो अन्यथा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की हो रही उपेक्षा के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

हाईकोर्ट ने दिखाई संवेदनशीलता, महिला की याचिका पर सुनवाई के लिए समय से पहले खुला कोर्ट

बिलासपुर हाईकोर्ट ने अर्जेंट हियरिंग के एक मामले में संवेदनशीलता दिखाई है. बेघर महिला की याचिका पर सुनवाई के लिए कोर्ट समय से पहले खुला. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में मामले की सुनवाई हुई. दुर्ग की महिला ने अर्जेंट हियरिंग की मांग की थी. क्योंकि थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद महिला का पति लापता है. दुर्ग पुलिस प्रशासन ने बिना चेतावनी महिला के घर को सील कर दिया है. महिला ने सील बंद घर को खुलवाने याचिका लगाई है. कोर्ट ने दुर्ग आईजी को नोटिस कर जल्द सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं. दुर्ग निवासी उषा कौर ने पुलिस द्वारा सीलबंद किए गए घर को खुलवाने की हाईकोर्ट से गुहार लगाई. याचिकाकर्ता ने कहा- जिस घर को पुलिस ने सील कर दिया है वहां वह अपने परिवार के साथ रहती हैं. घर सील होने के कारण वह और परिवार के सदस्य बेघर हो गए हैं. याचिकाकर्ता ने 30.09.2024 को पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग को आवास गृह का सील खोलने और गुमशुदा पति की खोजबीन करने के लिए अभ्यावेदन भी दिया था, लेकिनअब तक मामला लंबित है. दरअसल, एक मामले में याचिकाकर्ता के पति का नाम अन्य व्यक्तियों के साथ एफआईआर में दर्ज है. एफआईआर दर्ज होने के बाद से वह लापता हैं. मामले की सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया, कि पुलिस ने याचिकाकर्ता के पति को गिरफ्तार नहीं किया है. जब याचिकाकर्ता के पति की एक मामले में संलिप्तता पाई गई तब पूछताछ करने के उद्देश्य से पुलिस याचिकाकर्ता के घर गई थी, तो घर में ताला लगा था, इसलिए पुलिस ने उसे सील कर दिया है. अर्जेंट हियरिंग की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने आईजी दुर्ग को नोटिस जारी किया, और याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का शीघ्र सुनवाई कर इस पर निर्णय देने कहा है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को दुर्ग आईजी से संपर्क कर अभ्यावेदन पेश करने कहा है.

चंदा देवी मल्टीस्पेशयलिटी हाॅस्पिटल के नवीन भवन का विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया लोकार्पण

बलौदाबाजार जिले में स्वास्थ्य सेवा में अग्रणी चंदा देवी मल्टीस्पेशयलिटी हाॅस्पिटल के नवीन भवन का आज पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने लोकार्पण किया एवं तिवारी परिवार को बधाई शुभकामनाएं दी. इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक अमर अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं डाॅक्टर उपस्थित थे. इस अवसर पर अम्बिकापुर से बायरोड रायपुर और वहां से बलौदाबाजार पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री का डाॅ. रमन सिंह ने नाड़ी देखकर स्वास्थ्य जांच भी किया और कहा सब कुछ ठीक है. बलौदाबाजार पहुंचने पर डाॅ. रमन सिंह का चंदा देवी हाॅस्पिटल के डायरेक्टर डाॅ. प्रमोद तिवारी, डाॅ. नितिन तिवारी, डाॅ. गीतिका शंकर तिवारी, पूर्व आयुक्त गणेश शंकर मिश्रा सहित तिवारी परिवार ने स्वागत किया. इसके बाद डाॅ. रमन सिंह, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर लोकार्पण किया. डाॅ. रमनसिंह ने कहा कि चंदा देवी हाॅस्पिटल पूर्व विधायक बंशराज तिवारी द्वारा स्थापित है, जो सन 2001 से निरंतर लोगों को स्वास्थ्य सेवा दे रहा है. अब यह 180 बिस्तर के साथ आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ क्षेत्र सहित प्रदेश वासियों को सेवा देने जा रहा है. मैं पूरे तिवारी परिवार को बधाई शुभकामनाएं देता हूं. डाॅ. नितिन तिवारी डायरेक्टर चंदा देवी मल्टीस्पेशयलिटी हाॅस्पिटल ने कहा कि हम और हमारा परिवार स्वास्थ्य सेवा में श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम सेवा देने अग्रसर है. यह हमारे पूज्य बाबूजी स्व. पंडित बंशराज तिवारी, पिताजी डाॅ. प्रमोद तिवारी का सपना था कि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दें, जो आज पूरा हुआ है. आज इसका शुभारंभ पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह सहित अतिथियों ने किया है. डाॅ. गीतिका शंकर तिवारी डायरेक्टर चंदा देवी हास्पिटल ने क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त किया और कहा कि लगभग 35 वर्षों से हमारा परिवार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देते आ रहा है. आज हम इसमें और विस्तार किए हैं. मैं सभी को धन्यवाद देती हूं और विश्वास दिलाते हैं कि आगे और बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएंगे.

अमित शाह से 6 राज्यों के सीएम करेंगे सीक्रेट मीटिंग, छत्तीसगढ़-सीएम विष्णुदेव साय दिल्ली दौरे पर

रायपुर/दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय रविवार को दिल्ली दौरे के लिए रवाना हो गए हैं। सीएम आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक में हिस्सा लेंगे। अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने की घोषणा की है। ऐसे में शाह नक्सलवाद के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। अमित शाह 6 राज्यों के सीएम के साथ चर्चा करेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- “जब से हम लोग सरकार में आए हैं नक्सलवाद के साथ मजबूती से लड़ रहे हैं। कल एक बैठक गृह मंत्री अमित शाह के साथ है। जितने भी नक्सल से प्रभावित राज्य हैं वहां के मुख्यमंत्री और DGP के साथ बैठक होने वाली है।” अमित शाह ने सीएम से की थी चर्चा बता दें कि शुक्रवार को अमित शाह ने सीएम विष्णुदेव साय से बात की थी। अमित शाह ने दंतेवाड़ा-नारायणपुर जिले के बॉर्डर पर हुए मुठभेड़ की जानकारी ली थी और आगे की कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए थे। बता दें कि आमित शाह अगस्त महीने में छत्तीसगढ़ दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने नक्सल प्रभावित राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने कहा था कि अब नक्सलियों के खिलाफ रणनीति बनाकर अंतिम प्रहार करने का समय आ गया है। शाह ने कहा था कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाएगा। दंतेवाड़ा में हुआ था बड़ा एनकाउंटर छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले में सीमा पर जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 31 नक्सली मारे गए थे। छत्तीसगढ़ में अभी तक का यह सबसे बड़ा नक्सली ऑपरेशन था। मारे गए नक्सलियों में 18 पुरुष और 13 नक्सली थे। मारे गए नक्सलियों में से 16 की पहचान हो गई थी। जिसने ऊपर 1 करोड़ 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। नक्सलियों के शव के पास से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार बरामद हुए थे।

बांस में बांधकर शव ले गए ग्रामीण, छत्तीसगढ़-सरगुजा के गांव में अब तक नहीं पहुंची सड़क

सरगुजा. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के पटकुरा पंचायत के आश्रित गांव घटोन में एक बार फिर से बुनियादी सुविधाओं की कमी का गंभीर मामला सामने आया है. सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को एक शव को बांस के सहारे ढोकर घर तक ले जाना पड़ा. इस पूरी घटना का वीडियो ग्रामीणों ने खुद बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद एक बार फिर सरकार की विकास योजनाओं और दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं. भले ही सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी देश के कई गांव बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली और पानी से वंचित हैं. घटोन गांव इसका एक जीता-जागता उदाहरण है. पहाड़ी गांव में लोगों ने खुद बनाई सड़क पहाड़ी क्षेत्र में बसे इस गांव तक पहुंचने के लिए करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर कोई सड़क नहीं है. ग्रामीणों ने खुद सड़क बनाई है, लेकिन बरसात के मौसम में यह भी खराब हो जाती है, जिससे वाहनों का पहुंचना असंभव हो जाता है. इसी कारण गांव में एंबुलेंस सेवा भी नहीं पहुंच पाती. शव को बांस में बांधकर ले जाना पड़ा घटना के दौरान एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी, और सड़क न होने की वजह से ग्रामीणों ने शव को बांस में बांधकर गांव तक पहुंचाया. यह पहली बार नहीं है जब इस गांव के लोगों को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा हो. पहले भी कई बार यहां के लोग शवों को इसी तरीके से ले जाने के लिए मजबूर हुए हैं. अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉक्टर शैलेंद्र गुप्ता ने बताया, “मौत के बाद हमने परिजनों के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कर दी थी, लेकिन एंबुलेंस आखिरकार घर तक क्यों नहीं पहुंची, यह जांच का विषय है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी.” ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनके गांव तक पक्की सड़क नहीं बनाई जाती, तब तक उन्हें इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता रहेगा.

विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में था तैनात, छत्तीसगढ़-बीजापुर में टावर टावर से गिरा बुजुर्ग

बीजापुर. उसूर ब्लॉक के मुख्यालय आवापल्ली में टावर गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई है। वह विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ था। सीएमएचओ डॉक्टर बीआर पुजारी ने बताया कि देर शाम होने की वजह से शव का पोस्टमार्टम सुबह किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, आवापल्ली में शाम को अचानक मौसम बदला और गरज के साथ हवा चलने लगी। इसी दौरान आईसीडीएस व कृषि कार्यालय   के पास लगा पुराना टावर  गिर गया। इसकी चपेट में आने से गटपल्ली सत्यम (50) निवासी माड़वीपारा आवापल्ली के सिर में गहरी चोट लग गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरो ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि मृतक बुजुर्ग गटपल्ली सत्यम विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ था। मृतक का शव अभी अस्पताल के मोर्चुरी में रखा गया है। सीएमएचओ डॉक्टर बीआर पुजारी ने बताया कि देर शाम होने की वजह से शव का पोस्टमार्टम सुबह किया जाएगा।

पांच दिन से लापता 10 साल के मासूम का 10 टुकड़ों में मिला शव

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लॉक में दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। 10 वर्षीय मासूम का शव सिर कटा हुआ बरामद होने के बाद गांव में सनसनी फैल गई है। नरबलि की आशंका जताई जा रही है, जिससे पूरा गांव सदमे में है। बच्चे का शव घर से 500 मीटर दूर नदी किनारे 10 टुकड़ों में मिला। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पांच दिन पहले तोरफा गांव के इस मासूम बच्चे के घर के सामने से अचानक गायब होने के बाद से परिजन और ग्रामीण उसे खोजने में लगे थे। पुलिस को भी सूचना दी गई, लेकिन खोजबीन के दौरान कोई सफलता नहीं मिली। पांच दिन बाद आज सुबह बच्चे का सिर कटा हुआ शव मिलने पर गांव में हड़कंप मच गया। बलंगी पुलिस चौकी ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों को नरबलि की आशंका घटना को लेकर ग्रामीणों में नरबलि की संभावना जताई जा रही है। इस तरह की क्रूरता और धार्मिक अंधविश्वास से जुड़े अपराधों ने पहले भी ग्रामीण इलाकों में भय पैदा किया है। बलरामपुर पुलिस ने शुरू की जांच पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस भयावह घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है। ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आसपास के संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

लोहारीडीह कांड पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जारी की FIR में दर्ज 167 लोगों की सूची

रायपुर कवर्धा जिले के लोहारीडीह गांव में घटित घटना पर कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर बनी हुई है, क्योंकि कांग्रेस के लिए सरकार को घेरने का सबसे बड़ा मुद्दा इन दिनों लोहारीडीह कांड से मिला हुआ है. कांग्रेस के तमाम बड़े नेता इस कांड पर सरकार को घेरने में पीछे नहीं रहे है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तो लगातार प्रेसवार्ता कर सरकार से जवाब मांग रहे हैं. आज एक बार फिर भूपेश बघेल ने इस मुद्दे पर प्रेसवार्ता कर उस सूची को जारी किया, जिसे अब तक पुलिस की ओर से जारी नहीं किया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री ने रघुनाथ साहू हत्याकांड में दर्ज एफआईआर में 167 लोगों के नाम की सूची जारी की. बघेल ने बताया कि इस सूची में जो नाम शामिल हैं उनमें- 137 साहू समाज, 20 यादव समाज, 8 आदिवासी समाज, 1 मानिकपुरी समाज और 1 पटेल समाज से हैं. बघेल ने आरोप लगाया कि पुलिस ने विवेचना करने में बड़ी लापरवाही बरती है. पुलिस ने मृतक रघुनाथ साहू के बेटे विनोद साहू के बयान के आधार पर ही 167 लोगों के नाम एफआईआर दर्ज कर दी है, जबकि पूरे गांव का बयान लेना था, फिर कार्रवाई की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और सभी को जेल में डाल दिया गया है. उन्होंने कहा कि हद तो यह हो गई है कि कई ऐसे लोगों का नाम भी एफआईआर में दर्ज कर लिया गया, जो गांव में घटना के दिन थे ही नहीं. अभी बहुत से ऐसे लोग हैं, जो गांव से बाहर है उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. एफआईआर में अन्य लिखकर भी छोड़ गया है, जिससे यह प्रतीत होता है कि कभी किसी का नाम इस घटना में जोड़ा जा सकता है. और तो और कई गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर किया गया है. यहां तक की मॉब लीचिंग के तहत पूरे देश में पहली एफआईआर 167 लोगों के खिलाफ इसी घटना में दर्ज की गई है. गांव वालों से यह भी पता चला है कि पुलिस ने एक-एक घर नाम दर्ज करने के लिए रजिस्टर लेकर घूमती रही है. उन्होंने एफआईआर में दर्ज नाम के आधार पर सरकार से सवाल किया है कि अब सरकार ही बताए क्या पूरे गांव को फांसी दिलाना चाहती है ? क्योंकि आजीवन कारावास, मृत्युदंड जैसे गंभीर मामलों में गिरफ्तारियां की गई है. सरकार से हमारी यही मांग है कि इस मामले में दोबारा विवेचना की जाए. जो आरोपी है उन्हें गिरफ्तार करें, जो निर्दोष है उन्हें रिहा करे.

16 लोग घायल और चार गंभीर, छत्तीसगढ़-कबीरधाम में तेज रफ्तार पिकअप पलटी

कबीरधाम. कबीरधाम जिले में एक बार फिर से सड़क हादसा हुआ है। जिले के सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम बचेड़ी में रविवार सुबह 7.30 तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। इस वाहन में करीब 20 लोग सवार थे, जो मंजगाव से खड़ोदा कृषि कार्य करने जा रहे थे। पिकअप पलटने के बाद हाहाकार मच गया। मौके से 16 लोगों को सहसपुर लोहारा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। यहां चार की हालत गंभीर बताते हुए उन्हें जिला अस्पताल कवर्धा रेफर किया गया है। पुलिस-प्रशासन के सुस्त रवैया से लगातार जिले में पिकअप हादसे हो रहे हैं। इसी साल मई माह में कुकदूर थाना क्षेत्र में पिकअप हादसा हुआ था, जिसमें 19 लोगों की जान चली गई थी। इसके बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा पिकअप वाहन में सवारी बैठाने वालो के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है।

छत्‍तीसगढ़ के स्कूल में दशहरा की आज से छह दिन रहेंगे छुट्टी

रायपुर छत्‍तीसगढ़ के निजी-सरकारी स्कूलों में सात से 12 अक्टूबर तक दशहरा के लिए छह दिन का अवकाश रहेगा। वहीं केंद्रीय विद्यालयों में आठ से 17 अक्टूबर यानी 10 दिन का शरद ऋतु अवकाश रहेगा। राज्य सरकार की ओर से निर्धारित की गई छुट्टियों के अनुसार अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों व डीएड, बीएड, एमएड कॉलेजों में अवकाश रहेगा। 13 अक्टूबर के लिए रविवार है। इस दिन देश भर में छुट्टियां रहेगी। दीपावली पर 28 अक्टूबर से दो नवंबर तक अवकाश रहेगा। शीतकालीन अवकाश 23 से 28 दिसंबर 2024 तक कुल छह दिन और ग्रीष्मकालीन अवकाश एक मई से 15 जून 2025 तक कुल 46 दिन का अवकाश घोषित किया गया है। राज्य सरकार ने इस छुट्टी के साथ-साथ विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों की योजना भी बनाई है, ताकि छात्रों को इस दौरान अध्ययन और अवकाश के बीच एक संतुलन बनाने का अवसर मिले। छुट्टियों का कार्यक्रम दीपावली: स्कूल 28 अक्टूबर से 2 नवंबर 2024 तक बंद रहेंगे। शीतकालीन अवकाश: 23 से 28 दिसंबर 2024 तक छह दिनों का शीतकालीन अवकाश रहेगा। गर्मी की छुट्टियां: एक मई से 15 जून 2025 तक कुल 46 दिनों का ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है।

छत्‍तीसगढ़ कांग्रेस ने न्याय यात्रा के कसी कमर, नगरीय निकायाें में नियुक्त होंगे प्रभारी

रायपुर प्रदेश कांग्रेस संगठन छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा के बाद नगरीय निकायत चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। प्रदेश के सभी निकायों में जल्द ही प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों से चर्चा के बाद सूची तैयार कर ली है। दीपावली से पहले सूची को सार्वजनिक किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। दरअसल, विधानसभा और लोकसभा चुनाव की हार के बाद कांग्रेस के समक्ष अपने कब्जे वाले निकायों को बचाने की चुनौती है। यही कारण है कि संगठन ने वरिष्ठ नेताओं से लेकर पदाधिकारियों को निकाय की जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया है। पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि सभी निकायों के लिए दो-दो प्रभारी नियुक्त किए जा सकते हैं। इनके नामों की घोषणा होते ही निकायों में तैनात कर दिया जाएगा। साथ ही निकाय चुनाव के लिए प्रत्याशियों की तलाश भी शुरू हो जाएगी। प्रदेश में नगरीय निकायों का कार्यकाल दिसंबर में समाप्त हो जाएगा। चुनावी प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी, इससे पहले कांग्रेस अपने प्रत्याशियों की तलाश पूरी करना चाहती है। प्रभारियों की रिपोर्ट से नाम होंगे तय निकायों में प्रभारी तय होते ही काम करना शुरू कर देंगे। ये निकायों में बैठकें लेकर सक्रिय नेताओं की तलाश करेंगे। इसके बाद एक सूची तैयार कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को भेजेंगे। इसके बाद निकाय के प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा शुरू होगी।

सरकारी अस्पतालों पर भरोसा पर प्रश्न चिन्ह, स्वास्थ्य मंत्री के दावों पर सवाल

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने सरकारी अस्पतालों में लोगों का विश्वास बढ़ाने की आवश्यकता जताई है। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और बयां करती है। मंत्री का दावा है कि ओपीडी और आईपीडी की संख्या में डेढ़ गुना वृद्धि हुई है, लेकिन सवाल उठता है कि क्या इस बढ़ोतरी का असल मतलब अस्पतालों की गुणवत्ता में सुधार है या फिर सिर्फ आंकड़ों का खेल मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि सरकारी अस्पतालों में इलाज की गारंटी देने के लिए कानून या मोनोराइट्स के बजाय धीरे धीरे विश्वास अर्जित करना होगा। लेकिन क्या जनता इतनी लंबी प्रक्रिया के इंतजार में है, जब निजी अस्पतालों में त्वरित इलाज के विकल्प मौजूद हैं स्वास्थ्य मंत्री का यह बयान तब आया है जब प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों की हालत चिंताजनक है।  इन अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, दवाओं की अनुपलब्धता और डॉक्टरों की लापरवाही की खबरें आए दिन सामने आती रहती हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या सरकारी अस्पतालों में सुधार सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएगा आश्वासन तो दिए जा रहे हैं, लेकिन असल बदलाव कब दिखेगा, यह एक बड़ा सवाल है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet