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दो सीटों से चुनाव लड़ने की अटकलों को खारिज करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वो सिर्फ एक सीट से चुनाव लड़ेंगे

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनावों का ऐलान हो चुका है। 5 फरवरी को दिल्ली में वोटिंग होनी है। चुनावों के ऐलान से पहले ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल दिल्ली की दो सीटों से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल ने सभी अटकलों पर ब्रेक लगाते हुए अपना मूड बता दिया। अटकलों को खारिज करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वो सिर्फ एक सीट से चुनाव लड़ेंगे। बता दें कि विधानसभा चुनावों के की सुगबुगाहट के बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ेंगे। इस मामलो को लेकर भाजपा ने भी हवा दी थी। भाजपा का कहना था कि अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव में जीत को लेकर अश्वस्त नहीं हैं, इसलिए वो दूसरी सीट से भी चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, अब इन सभी अटकलों विराम लगाते हुए केजरीवाल ने साफ कर दिया है कि वो सिर्फ नई दिल्ली विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने तेजी दिखाते हुए सभी 70 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है। ‘आप’ कैंडिडेट लिस्ट में जानकारी सामने आई, जिसमें पूर्व डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की सीट बदल गई थी। सिसोदिया की सीट पटपड़गंज विधानसभा से मशहूर शिक्षक और यूट्यूबर अवध ओझा पर आम आदमी पार्टी ने भरोसा जताया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री आतिशी कालका जी और मनीष सिसोदिया को इस बार के चुनावों में जंगपुरा सीट से मैदान में उतारा है। इसके अलावा आप ने सभी प्रत्याशियों के नाम का ऐलान पहले ही कर दिया था। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों के ऐलान के बाद अब भाजपा के प्रत्याशियों का ऐलान बाकी है। हालांकि, भाजपा ने भी 29 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव: अरविन्द केजरीवाल ने चला आरक्षण दांव, पीएम मोदी को लेटर भी लिखा

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में आरक्षण कार्ड खेल दिया है। उन्होंने जाट समुदाय को साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली के जाटों से चार बार ओबीसी लिस्ट में जोड़ने का वादा किया, लेकिन इसे पूरा नहीं किया। पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेटर भी लिखा है और दिल्ली के जाटों के साथ 5 अन्य जातियों को केंद्र की ओबीसी लिस्ट में शामिल करने की मांग की है। अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि दिल्ली में केंद्र सरकार की संस्थाओं में राजस्थान के जाटों को आरक्षण मिलता है, लेकिन दिल्ली के जाटों को नहीं। उन्होंने सरकार बनने पर जाटों के आरक्षण के लिए संघर्ष करने का वादा भी किया। पूर्व सीएम ने जाटों के अलावा रावत, रोनियार, राय तंवर, चारण और ओड का भी जिक्र किया। अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी के नाम लिखे लेटर में कहा है कि उन्होंने और गृहमंत्री ने कई बार दिल्ली के जाटों से वादा किया किया कि उन्हें केंद्र की ओबीसी लिस्ट में शामिल किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि केंद्र की नीतियों में कई विसंगतियां हैं जिनकी ओर वह ध्यान खींचना चाहते हैं। केजरीवाल ने लिखा, ‘मुझे पता चला कि केंद्र की ओबीसी लिस्ट में होने की वजह से राजस्थान से आने वाले जाट समाज के युवाओं को दिल्ली यूनिवर्सिटी में ओबीसी आरक्षण का लाभ मिलता है, दूसरी तरफ दिल्ली के ही जाट समाज को दिल्ली यूनिवर्सिटी में ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है, क्योंकि आपकी सरकार ने दिल्ली में जाट समाज को ओबीसी आरक्षण होने के बावजूद उन्हें केंद्र लिस्ट में शामिल नहीं किया गया।’ केजरीवाल ने कहा कि यह दिल्ली के जाट समाज के साथ धोखा है और 10 साल से केंद्र सरकार लगातार धोखा दे रही है। केंद्र सरकार दूर करे विसंगतियां: केजरीवाल केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी, एनडीएमसी, डीडीए, एम्स, सफरदरजंग, राम मनोहर लोहिया जैसे केंद्र सरकार के कई संस्थानों में नौकरियां नहीं हैं, जिनमें केंद्र सरकार के नियम लागू होते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की वादाखिलाफी की वजह से दिल्ली के ओबीसी समाज के हजारों युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। केजरीवाल ने लिखा, ‘जाट समाज व ओबीसी की 5 अन्य जातियों के साथ केंद्र सरकार के ये पक्षपातपूर्ण रवैया इन जातियों के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के उचित अवसर हासिल नहीं होने दे रहा है। इसलिए केंद्र सरकार को तुरंत केंद्रीय ओबीसी सूची की विसंगतियों में सुधार कर दिल्ली में ओबीसी दर्जा प्राप्त सभी जातियों को केंद्र सरकार के संस्थानों में भी आरक्षण का लाभ देना चाहिए। मैं आपके जवाब का इंतजार करूंगा।’ कुछ और जातियों की बात केजरीवाल ने कहा है कि सिर्फ जाट समाज नहीं बल्कि रावत, रोनियार, राय तंवर, चारण और ओड जातियों को भी दिल्ली सरकार में ओबीसी दर्जा दिया हुआ है, लेकिन केंद्र सरकार इन जातियों को दिल्ली में मौजूद अपने संस्थानों में ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं दे रही है।

दिल्ली के किसान, इस बार किसकी खड़ी करेंगे खाट, शिवराज-आतिशी में जमकर वाकयुद्ध!

delhi farmers whose cot will they destroy time fierce war of words between shivraj and atishi Delhi’s Farmers: दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार किसान भी मुद्दा बन रहे हैं। दिल्ली विधानसभा क्षेत्रों में करीब 300 से ज्यादा गांव हैं। ये गांव करीब आधा दर्जन सीटों को प्रभावित करते हैं। इस बार किसान महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। भाजपा ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पूरी तरह से इस काम में लगा रखा है। चौहान दिल्ली के किसानों से लगातार मिल रहे हैं। वह आप सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप भी लगा रहे हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और शिवराज सिंह में किसानों को लेकर बयानबाजी हो चुकी है। शिवराज के पत्र पर आतिशी ने किया पलटवार शिवराज ने पिछले दिनों आतिशी को पत्र लिखकर दिल्ली के किसानों की व्यथा बताई थी। पलटवार करते हुए आतिशी ने जवाब दिया था कि भाजपा का किसानों के बारे में बात करना वैसे ही है, जैसे दाऊद अहिंसा पर प्रवचन दे रहा हो। उन्होंने कहा कि जितना बुरा हाल किसानों का भाजपा के समय हुआ, उतना कभी नहीं हुआ। पंजाब में किसान आमरण अनशन पर बैठे हैं। भाजपा के राज में किसानों पर गोलियां और लाठियां चलाई गई थीं। ‘शीशमहल’ पर सियासत…धरने पर बैठे आप नेता दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद ‘शीशमहल’ मामले को लेकर सियासत गर्मा गई है। आप सांसद संजय सिंह ने भाजपा को चुनौती दी कि वह 2700 करोड़ रुपए में बने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आलीशान राजमहल को दिखाए। संजय सिंह ने कहा था कि वह पहले मुख्यमंत्री आवास जाएंगे। उसके बाद प्रधानमंत्री का आवास देखने जाएंगे। वह सौरभ भारद्वाज के साथ दिल्ली सीएम आवास पहुंचे। आप नेताओं को सीएम आवास में जाने से पुलिस ने रोक दिया। इस पर आप नेता धरने पर बैठ गए। बाद में दोनों नेता पीएम आवास के लिए निकले। रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस और आप नेताओं के बीच नोकझोंक हुई। दोनों आप नेता प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठ गए।

Delhi: ‘दिल्ली के जाटों को OBC सूची में करें शामिल’, जाट समाज को लेकर अरविंद केजरीवाल ने PM मोदी को लिखा पत्र

arvind kejriwal writes to pm modi to include the jat community of delhi in the center s obc list आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के जाट समुदाय को केंद्र की ओबीसी सूची में शामिल करने के लिए पीएम मोदी को पत्र लिखा। केजरीवाल ने लिखा कि केंद्र सरकार पिछले 10 सालों से लगातार जाट समाज के साथ धोखा कर रही है। केंद्र सरकार की वादाखिलाफी की वजह से दिल्ली के ओबीसी समाज के हजारों युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। केजरीवाल ने पत्र में लिखा, ‘एक महत्वपूर्ण विषय पर 10 साल पहले आपका किया वादा आपको याद दिलाने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं। दिल्ली के जाट समाज के कई प्रतिनिधियों से पिछले कुछ दिनों में मुलाकात हुई। इन सभी ने केंद्र की ओबीसी लिस्ट में दिल्ली के जाट समाज की अनदेखी किये जाने पर चिंता जाहिर की। जाट समाज के प्रतिनिधियों ने मुझे बताया कि आपने 26 मार्च 2015 को दिल्ली के जाट समाज के प्रतिनिधियों को अपने घर बुलाकर ये वादा किया था कि जाट समाज, जो दिल्ली की ओबीसी लिस्ट में है, उसे केंद्र की ओबीसी लिस्ट में भी जोड़ा जाएगा ताकि उन्हें दिल्ली में मौजूद केंद्र सरकार के कॉलेजों और नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिल सके।’ केजरीवाल ने आगे लिखा, ‘फिर 8 फरवरी 2017 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यूपी चुनाव से पहले चौधरी बीरेंद्र सिंह के घर पर दिल्ली और देश के जाट नेताओं की मीटिंग बुलाई और उनसे वादा किया कि स्टेट लिस्ट में जो ओबीसी जातियां हैं उनको केंद्र की लिस्ट में जोड़ा जाएगा। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली में फिर भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा के आवास पर अमित शाह जाट नेताओं से मिले और उन्होंने फिर वादा किया कि दिल्ली के जाट समाज को केंद्र की ओबीसी लिस्ट में शामिल किया जाएगा लेकिन चुनाव के बाद इस पर कोई काम नहीं हुआ।’केजरीवाल ने लिखा, ‘ओबीसी आरक्षण को लेकर केंद्र की नीतियों में कई विसंगतियां हैं जिनकी तरफ मैं आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। जैसे कि मुझे पता चला कि केंद्र की ओबीसी लिस्ट में होने की वजह से राजस्थान से आने वाले जाट समाज के युवाओं को दिल्ली यूनिवर्सिटी में ओबीसी आरक्षण का लाभ मिलता है, लेकिन दूसरी तरफ दिल्ली के ही जाट समाज को दिल्ली यूनिवर्सिटी में ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है क्योंकि आपकी सरकार ने दिल्ली में जाट समाज को ओबीसी आरक्षण होने के बावजूद उन्हें केंद्रीय ओबीसी लिस्ट में शामिल नहीं किया है। ये तो दिल्ली के जाट समाज के साथ धोखा है। और भाजपा की केंद्र सरकार पिछले 10 सालों से लगातार ये धोखा कर रही है। सिर्फ जाट समाज ही नहीं रावत, रौनियार, राय तंवर, चारण व ओड, इन सभी जातियों को दिल्ली सरकार ने ओबीसी दर्जा दिया हुआ है, लेकिन केंद्र सरकार इन जातियों को दिल्ली में मौजूद अपने संस्थानों में ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं दे रही है।’उन्होंने आगे लिखा, ‘दिल्ली में केंद्र सरकार की सात यूनिवर्सिटी हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के दर्जनों कॉलेज हैं। दिल्ली पुलिस, एनडीएमसी, डीडीए, एम्स, सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया जैसे केंद्र सरकार के कई संस्थानों में नौकरियां हैं जिनमें केंद्र सरकार के नियम लागू होते हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की इस वादाखिलाफी की वजह से दिल्ली के ओबीसी समाज के हजारों युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। दिल्ली में जाट समाज व ओबीसी की 5 अन्य जातियों के साथ केंद्र सरकार का ये पक्षपातपूर्ण रवैया इन जातियों के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के उचित अवसर हासिल नहीं होने दे रहा है। इसलिए केंद्र सरकार को तुरंत केंद्रीय ओबीसी सूची की विसंगतियों में सुधार कर दिल्ली में ओबीसी दर्जा प्राप्त सभी जातियों को केंद्र सरकार के संस्थानों में भी आरक्षण का लाभ देना चाहिये।

दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले एक और बड़ा दांव चला, ‘सनातन सेवा समिति’ के गठन का किया ऐलान

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने बड़ा दांव चल दिया है। पार्टी ने ‘सनातन सेवा समिति’ के गठन का ऐलान किया है। इसे भाजपा के ‘मंदिर प्रकोष्ठ’ का जवाब माना जा रहा है। अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में भाजपा के मंदिर प्रकोष्ठ के कई सदस्यों को इस विंग में शामिल भी किया गया। पुजारियों और ग्रंथियों को मासिक 18 हजार रुपए का ऐलान कर चुकी पार्टी ने कई संतों की मौजूदगी में नई विंग की घोषणा की। आम आदमी पार्टी के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में संतों का स्वागत किया गया जिनमें जगतगुरु रामानुजाचार्य, स्वामी योगेश्वर महाराज, स्वामी अवधेश महाराज, कथावाचक आचार्य श्री मधुर दास जी महाराज, बालाजी महंत महेश चंद्र जी महाराज समेत अनेक संत और पुजारी शामिल हुए। अरविंद केजरीवाल ने संतों को भगवा अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। संतों ने 18 हजार रुपए वाली घोषणा को लेकर केजरीवाल की तारीफ की। केजरीवाल ने कहा कि ऊपर वाला तय करता है कि किस काम के लिए उसे किसे चुनना है। उन्होंने कहा कि वह ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करते हैं कि शिक्षा, स्वास्थ्य क्रांति और बिजली सुधार के लिए उन्हें चुना। केजरीवाल ने कहा, ‘अब सनातन धर्म के लिए जो इतना बड़ा काम किया जा रहा है, सनातन धर्म के लिए जो पुजारी वर्ग, संत वर्ग 24 घंटे काम करता है, जो लोगों और भगवान के बीच सेतु का काम करता है, उन लोगों के लिए सेवा करने का मौका हमें दिया, इसके लिए मैं अपने आप को और आम आदमी पार्टी को सौभाग्यशाली मानता हूं।’ जो कहा है वह पूरा करेंगे: केजरीवाल केजरीवाल ने कहा, ‘भाजपा का एक मंदिर प्रकोष्ठ है वे लोग समय-समय पर वादे करते रहे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। आम आदमी पार्टी जो कहती है वह करती है। चाहे हम ऐलान करने में थोड़ी देरी कर दें, लेकिन ऐलान कर देते हैं तो रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन ना जाए। जो हम कह रहे है वह करेंगे। चुनाव बाद इसे लागू करेंगे। आप लोगों का इसमें गाइडेंस रहेगा सभी संतों और सनातन धर्म के लोगों का।’ इमामों को पहले से मिल रहा पैसा, घेर रही थी भाजपा गौरतलब है कि अब तक इमामों को मासिक सहायता राशि देती आ रही आप सरकार ने कहा है कि एक बार फिर सत्ता मिली तो पुजारियों और ग्रंथियों को भी 18 हजार मासिक सम्मान राशि दी जाएगी। सिर्फ इमामों को वेतन देने की वजह से भाजपा लंबे समय से हमलावर थी और पुजारियों को भी वेतन देने की मांग उठा रही थी। चुनाव के ऐलान से ठीक पहले ‘आप’ ने वादा कर दिया कि चौथी बार सरकार मिलने पर पुजारियों और ग्रंथियों को भी सम्मान राशि दी जाएगी।

दिल्ली में सीएम आवास पर संग्राम, पुलिस ने रोका तो संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज धरने पर बैठे

delhi assembly election 2025 police stopped aap sanjay singh and saurabh bhardwaj to cm residence Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली का विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है. इस बीच बीजेपी के सीएम आवास को शीशमहल करार दिए जाने पर आम आदमी पार्टी बीजेपी पर हमलावर है. आप के दो वरिष्ठ नेता संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज बुधवार (8 जनवरी) को सीएम आवास दिखाने के लिए 6 फ्लैग स्टाफ मार्ग पहुंच गए. आप नेता को 6 फ्लैग स्टाफ मार्ग पर स्थित सीएम आवास पर जाने से रोक दिया गया. यहां भारी संख्या में पुलिस का जाप्ता तैनात रहा. साथ ही दोनों नेताओं को रोकने के लिए बेरीकेडिंग की गई. इसके बाद संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज ने सीएम आवास के बाहर ही धरना दिया. उन्होंने कहा कि हमें सीएम आवास जाने से क्यों रोका जा रहा है. भारद्वाज ने कहा कि पुलिस ने हमें बताया कि ऊपर से आदेश है. इस बीच पीडब्ल्यूडी ने मुख्यमंत्री आवास को अपने कब्जे में ले लिया. वहीं धरना खत्म होने के बाद संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज सेंट्रल विस्टा में बन रहे पीएम आवास के लिए निकल गए. आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि जब हम सीएम आवास जनता को दिखाने के लिए आए हैं तो हमें क्यों रोका जा रहा है. हम ये दिखाना चाहते हैं बीजेपी झूठे आरोप लगाती है. साथ ही उन्होंने कहा कि जनता को पीएम आवास भी दिखाना चाहिए जो कि इससे कहीं ज्यादा कीमत का है.

दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक पार्टिया कर रही चुनावी वादे, ‘आप’ के ये पांच वादे, मिलेगी हैट्रिक!

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में जनता को लुभाने के लिए राजनीतिक पार्टियों के द्वारा चुनावी वादे किए जा रहे हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी पांच चुनावी वादे कर तीसरी बार हैट्रिक लगाने की योजना बना रही है। केजरीवाल ने हाल ही में ‘महिला सम्मान योजना’ की घोषणा की। इस योजना के तहत हर महिला को प्रति माह 2100 रुपये दिए जाएंगे। केजरीवाल ने हाल ही में इस योजना के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू क‍िया था। केजरीवाल की इस योजना के सामने कांग्रेस ने ‘प्यारी दीदी योजना’ लाई है। इस योजना के तहत महिलाओं के बैंक खाते में प्रतिमाह 2500 रुपये देना का वादा किया गया है। हालांकि, भाजपा ने अभी महिलाओं के हित में कोई बड़ी घोषणा नहीं की है। लेकिन नई दिल्ली व‍िधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी प्रवेश वर्मा महिलाओं को चुनाव से पहले 1100 रुपये की सहायता राशि दे रहे हैं। इसे लेकर आम आदमी पार्टी और भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आप का आरोप है कि भाजपा प्रत्याशी पैसे बांटकर वोट खरीद रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी का कहना है कि मैं तो चुनाव से पहले बांट रहा हूं, केजरीवाल की तो दिल्ली में सरकार है वह चुनाव के बाद क्यों सहायता राशि देने की बात कर रहे हैं, अगर उन्हें सहायता करनी है, तो वह अभी क्यों नहीं कर रहे हैं। दिल्ली में तीसरी बार सरकार बनाने के मकसद से केजरीवाल ने न‍िम्‍न पांच घोषणाएं की हैं। 1.’महिला सम्मान योजना’ के तहत महिलाओं को 2100 रुपये दिए जाएंगे। 2.बुजुर्गों के लिए ‘संजीवनी योजना’ इसके तहत 60 वर्ष या इससे अधिक उम्र के बुजुर्गों का फ्री में इलाज होगा। 3..ऑटो चालकों के परिवार में बेटी की शादी पर 1 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। 4..दलित छात्रों के लिए अंबेडकर स्कॉलरशिप, इस योजना के तहत द‍िल्‍ली सरकार दलित छात्रों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी। 5, पुजारियों-ग्रंथियों के लिए 18 हजार रुपये महीना दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव का बिगुल मंगलवार को बज गया। 5 फरवरी को दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी और 8 फरवरी को परिणाम घोषित किया जाएगा।

चुनाव की घोषणा के बाद आप ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा- सीएम आतिशी को मुख्यमंत्री आवास से बाहर निकाल दिया

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाते हुए कहा कि सीएम आतिशी को मुख्यमंत्री आवास से बाहर निकाल दिया गया। तीन महीने में यह दूसरी बार हुआ है जब मुख्यमंत्री आवास से सीएम आतिशी को बाहर निकल गया है। सीएम आतिशी ने मंगलवार को सौरभ भारद्वाज और संजय सिंह के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये जानकारी साझा की है। आतिशी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “भाजपा ने तीन महीने में दो बार मुझसे मेरा आवास छीना है। अगर जरूरत पड़ी तो मैं दिल्ली वालों के घर में जाकर रहूंगी लेकिन दिल्ली वालों के काम नहीं रुकेंगे।” इस मौके पर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से भारतीय जनता पार्टी को इस बात की चिंता नहीं है कि दिल्ली वालों के बारे में कुछ काम किया जाए। दिल्ली वालों को 24 घंटे बिजली कैसे मिले। उनका अस्पताल में इलाज कैसे हो। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ आम आदमी पार्टी के नेताओं को परेशान करना जानती है कि कोई नई जांच शुरू कर दी जाए ताकि आप के नेताओं को जेल में भेज दिया जाए। भाजपा ने देश के 75 सालों के इतिहास में पहली बार एक ऐसा काम किया जो कभी सुना नहीं था। भाजपा ने एक राज्य की मुख्यमंत्री को दूसरी बार उनके आधिकारिक निवास से बेघर कर दिया है। मुख्यमंत्री का सारा सामान पैक करके मुख्यमंत्री निवास से बाहर फेंका गया है। इस मौके पर आतिशी ने कहा कि दिल्ली के चुनाव की घोषणा जिस दिन होती है उससे पिछली रात को भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने जो मेरा सरकारी आवास है, उससे मुझे बाहर कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने मुझे तीन महीने में दूसरी बार मुख्यमंत्री आवास से निकाल कर बाहर फेंक दिया है। मुख्यमंत्री आवास का अलॉटमेंट कैंसिल किया और मुख्यमंत्री आवास एक चुनी हुई सरकार की चुनी हुई मुख्यमंत्री से छीन लिया। तीन महीने पहले भी उन्होंने मुख्यमंत्री आवास से मेरा सामान, मेरे परिवार का सामान घर से निकालकर सड़क पर फेंक दिया था। भारतीय जनता पार्टी को लगता है कि वह घर छीनकर, हमारे साथ गाली गलौज करने से मेरे परिवार के बारे में निचले स्तर की बातें करके हमारे काम रोक देंगे। उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली वालों को यह कहना चाहूंगी कि अगर जरूरत पड़े तो मैं आपके घर पर जाकर रहूंगी और आपके घर से दिल्ली वालों के लिए काम करूंगी। दोगुनी स्पीड से काम करूंगी, दोगुने जज्बे से काम करूंगी। भारतीय जनता पार्टी को यह बताने के लिए काम करूंगी कि आप हम पर कोई भी अत्याचार कर लीजिए, हमें कितना भी परेशान कर लीजिए, हम दिल्ली वालों के काम रुकने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि तीन महीने पहले मेरा सामान सड़क पर भले फेंक दिया था। उसके बाद तीन महीने में मैंने दिल्ली की सड़क ठीक करवाई। मैंने दिल्ली में फ्लाईओवर बनवाए। मैंने दिल्ली में स्कूल बनवाए, मोहल्ला क्लीनिक में जो टेस्ट रुके हुए थे वो टेस्ट शुरू करवाए। उन्होंने कहा कि जब भाजपा वालों ने मुझे मुख्यमंत्री आवास से बाहर निकाल कर फेंक है। अब वह याद रखें कि आज मैं यह प्रण ले रही हूं दिल्ली की हर महिला को 2,100 रुपये दिलवा कर रहूंगी। संजीवनी योजना के तहत दिल्ली के हर बुजुर्ग को सरकारी अस्पताल में प्राइवेट अस्पताल में फ्री इलाज करवा कर रहूंगी। दिल्ली के हर पुजारी और हर ग्रंथी को हर महीने 18,000 रुपये की सम्मान राशि दिलवा कर रहूंगी। भारतीय जनता पार्टी वाले समझ लें कि आम आदमी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता, एक एक नेता और मुख्यमंत्री अपने सिर पर कफन बांधकर निकला है। दिल्ली वालों के लिए काम करने के लिए निकला है। आप हमें जितना परेशान करेंगे, हम और ज्यादा जज्बे से काम करेंगे।

दिल्ली की जनता बेसब्री से चुनाव का इंतजार कर रही है, जनता आप को हटाकर भाजपा को सत्ता में लाना चाहती है: मनोज तिवारी

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तारीख के ऐलान में अब कुछ ही घंटे का समय बचा है। आम आदमी पार्टी (आप) जहां दोबारा सत्ता में आने का दावा कर रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्तारूढ़ पार्टी पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ रही। इसी बीच भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने अरविंद केजरीवाल और आप पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि हम और दिल्ली की जनता बेसब्री से चुनाव का इंतजार कर रही है। जनता आप को हटाकर भाजपा को सत्ता में लाना चाहती है। झाड़ू वाला ही दारू वाला है उन्होंने कहा, ‘जनता आप को हटाकर भाजपा को लाकर, अब दिल्ली को सर्वश्रेष्ठ, बेहतरीन, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र बनाना चाहती है। दिल्ली के लोग इतने परेशान हैं कि कल मैं दिल्ली के एक हिस्से में था और वहां कुछ महिला-पुरुष मिलकर यह गीत गा रहे थे- झूठ बोलने में न हिचकता, मन का काला है, ये झाड़ू वाला ही दारू वाला है। तो जिस दिल्ली को यह पता है कि चिकनी चुपड़ी बातें करके, अच्छे-अच्छे सपने दिखाकर दिल्ली को लूटने वाला, शराबी बनाने वाला, शराब घोटाला करने वाला, बुजुर्गों का पेंशन रोकने वाला, दिल्ली की हवा को प्रदूषित करने वाला, अब वो है जाने वाला। अरविंद केजरीवाल और उसका जो गिरोह है अपराधियों का, वो लोग जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी आएगी। आपदा को हटाएंगे, भाजपा को लाएंगे। हमें भी हैं इंतजार।’ इससे पहले तिवारी ने बीते गुरुवार को आप सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा था कि दुर्भाग्य से दिल्ली में एक ऐसी सरकार है जिसकी बुनियाद झूठ और लूट पर टिकी हुई है। तिवारी ने कहा था कि प्रदेश सरकार दिल्ली के लोगों को ‘मौत परोस’ रही है और भाजपा दिल्लीवासियों को ‘जीवन’ देना चाहती है। वहीं भाजपा सांसद मिलकर दिल्ली के विकास के लिए काम कर रहे हैं। दिल्ली के विकास और यहां के लोगों के जीवन स्तर को सुधारने को लेकर केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर रहे हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने ‘आप’ पर दबाव डालने और ऐसी जानकारी मांगने का आरोप लगाया है जिसे साझा करने की अनुमति नहीं है

नई दिल्ली नई दिल्ली विधानसभा सीट को लेकर विवाद बढ़ता दिख रहा है, जहां से ‘आप’ प्रमुख अरविंद केजरीवाल चौथी बार चुनाव लड़ रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने ‘आप’ पर दबाव डालने और ऐसी जानकारी मांगने का आरोप लगाया है जिसे साझा करने की अनुमति नहीं है। अधिकारी की शिकायत पर ‘आप’ के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि डीएम कोई लाट साहब नहीं हैं और शिकायत होगी तो उन्हें ही तो बताया जाएगा। सांसद ने यह भी कहा कि डीएम का प्रॉटोकॉल उनके मुकाबले बहुत नीचे है और अधिकारी को तो सम्मानित महसूस करना चाहिए कि वह (सांसद) उनके दफ्तर तक गए। संजय सिंह ने एएनआई से बातचीत में नई दिल्ली जिले के डीएम और जिला निर्वाचन अधिकारी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, ‘वह कोई लाट साहब नहीं हैं। उनकी जवाबदेही है हमारे प्रति। उनका काम है चुनाव की व्यवस्था को देखना, चुनाव में निष्पक्षता रहे। यह देखना, वह इतने बड़े लाट साहब हैं कि मैं उसे मिल नहीं सकता। यदि चुनाव से संबंधित कोई शिकायत है तो डीएम से नहीं करेंगे? उनको यह सोचना चाहिए कि एक सांसद होकर, वैसे यदि आप प्रॉटोकॉल की बात करें, हम लोग इन चक्करों में नहीं पड़ते, डीएम का प्रॉटोकॉल हमसे बहुत नीचा है, हम तो इनके दफ्तर गए, उनको अपने आप को सम्मानित महसूस करना चाहिए, शर्म नहीं आती इस तरह के बयान देने में।’ चुनाव अधिकारी को डराए-धमकाए जाने के आरोप को लेकर एक सवाल के जवाब में संजय सिंह ने कहा, ‘किस प्रकार डरा धमका रहे हैं। अपने चुनाव के वोटर लिस्ट के बारे में पूछा और जो फर्जी ऑब्जेक्टर्स के बारे में जानकारी लेना डराना धमाका होता है? केंद्रीय चुनाव आयोग को इस बात का संज्ञान लेना चाहिए कि ऐसे अफसर जो मुलाकात को डराना धमाका बता रहे हैं वह क्या चुनाव कराएंगे। हम तो राजनीतिक दल हैं, 100 बार मिलना पड़ेगा अधिकारी से। जो अधिकारी मुलाकात को धमकाना बताएगा वह क्या चुनाव कराएगा। कोई गड़बड़ी होगी तो उनसे ही तो मिलेंगे। इसे धमकी कहेंगे तो अजीब बात हो जाएगी। इतना दिमाग सातवें आसमान पर नहीं रहना चाहिए किसी अधिकारी का।’

DM को सम्मानित महसूस करना चाहिए कि हम उनके दफ्तर गए: संजय सिंह

नई दिल्ली. नई दिल्ली विधानसभा सीट को लेकर विवाद बढ़ता दिख रहा है, जहां से ‘आप’ प्रमुख अरविंद केजरीवाल चौथी बार चुनाव लड़ रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने ‘आप’ पर दबाव डालने और ऐसी जानकारी मांगने का आरोप लगाया है जिसे साझा करने की अनुमति नहीं है। अधिकारी की शिकायत पर ‘आप’ के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि डीएम कोई लाट साहब नहीं हैं और शिकायत होगी तो उन्हें ही तो बताया जाएगा। सांसद ने यह भी कहा कि डीएम का प्रॉटोकॉल उनके मुकाबले बहुत नीचे है और अधिकारी को तो सम्मानित महसूस करना चाहिए कि वह (सांसद) उनके दफ्तर तक गए। संजय सिंह ने नई दिल्ली जिले के डीएम और जिला निर्वाचन अधिकारी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, ‘वह कोई लाट साहब नहीं हैं। उनकी जवाबदेही है हमारे प्रति। उनका काम है चुनाव की व्यवस्था को देखना, चुनाव में निष्पक्षता रहे। यह देखना, वह इतने बड़े लाट साहब हैं कि मैं उसे मिल नहीं सकता। यदि चुनाव से संबंधित कोई शिकायत है तो डीएम से नहीं करेंगे? उनको यह सोचना चाहिए कि एक सांसद होकर, वैसे यदि आप प्रॉटोकॉल की बात करें, हम लोग इन चक्करों में नहीं पड़ते, डीएम का प्रॉटोकॉल हमसे बहुत नीचा है, हम तो इनके दफ्तर गए, उनको अपने आप को सम्मानित महसूस करना चाहिए, शर्म नहीं आती इस तरह के बयान देने में।’ चुनाव अधिकारी को डराए-धमकाए जाने के आरोप को लेकर एक सवाल के जवाब में संजय सिंह ने कहा, ‘किस प्रकार डरा धमका रहे हैं। अपने चुनाव के वोटर लिस्ट के बारे में पूछा और जो फर्जी ऑब्जेक्टर्स के बारे में जानकारी लेना डराना धमाका होता है? केंद्रीय चुनाव आयोग को इस बात का संज्ञान लेना चाहिए कि ऐसे अफसर जो मुलाकात को डराना धमाका बता रहे हैं वह क्या चुनाव कराएंगे। हम तो राजनीतिक दल हैं, 100 बार मिलना पड़ेगा अधिकारी से। जो अधिकारी मुलाकात को धमकाना बताएगा वह क्या चुनाव कराएगा। कोई गड़बड़ी होगी तो उनसे ही तो मिलेंगे। इसे धमकी कहेंगे तो अजीब बात हो जाएगी। इतना दिमाग सातवें आसमान पर नहीं रहना चाहिए किसी अधिकारी का।’

आसाराम को मिली यौन शोषण केस में जमानत, देखें क्या-क्या हैं शर्तें

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने स्वयंभू संत आसाराम बापू को बलात्कार मामले में मंगलवार को अंतरिम जमानत दे दी। साल 2013 के रेप केस को लेकर मेडिकल आधार पर उन्हें यह राहत मिली है। आसराम को 31 मार्च तक के लिए बेल मिली है। इसके साथ ही, एससी ने आसाराम को निर्देश दिया कि वह अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बाद अपने अनुयायियों से नहीं मिलेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया, ‘आसाराम बापू को तीन पुलिसकर्मियों का एस्कॉर्ट मुहैया कराया जाएगा। यह शर्त होगी कि वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे। साथ ही, उन्हें अपने अनुयायियों से सामूहिक रूप से मिलने की इजाजत नहीं दी जाएगी।’ मालूम हो कि एससी का यह फैसला गुजरात में उस बलात्कार मामले के संबंध में आया है, जिसमें वह आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। हालांकि, राजस्थान में दर्ज ऐसे ही एक मामले को लेकर वह अभी भी हिरासत में हैं। जनवरी 2023 में सत्र अदालत ने आसाराम बापू को 2013 के बलात्कार मामले में दोषी ठहराया था। यह मामला एक महिला ने दर्ज कराया जो अपराध के समय गांधीनगर के पास उनके आश्रम में रह रही थी।

Delhi Election 2025 Date: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 5 फरवरी को मतदान, 8 को आएंगे नतीजे

Delhi Assembly Election 2025 Date: चुनाव आयोग ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर 5 फरवरी 2025 को मतदान होगा। 8 फरवरी 2025 को मतगणना होगी और इसी के साथ यह तय हो जाएगा कि दिल्ली में अगली सरकार किसकी बनने जा रही है? दिल्ली में इस तरह है चुनाव कार्यक्रम चुनाव की अधिसूचना- 10 जनवरीनामांकन की आखिरी तारीख- 17 जनवरीनामांकन पत्रों की जांच- 18 जनवरीनाम वापसी का अंतिम दिन- 20 जनवरीमतदान की तारीख- 5 फरवरीमतगणना की तारीख- 8 फरवरी ‘दुनिया के देशों में तो एक-एक महीने काउंटिंग चल रही है’ मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि हम पर यह सवाल उठाए गए कि शाम पांच बजे के बाद कैसे मतदान का आंकड़ा बढ़ जाता है? करोड़ों वोट कैसे बढ़ जाते हैं? यह ध्यान रखना होगा कि सुबह 9:30 बजे, 11:30, दोपहर 1:30, 3:30 और शाम 5:30 बजे के बीच सेक्टर मजिस्ट्रेट मतदान का आंकड़ा इकट्ठा करते हैं। वोटिंग खत्म होने के समय फॉर्म 17-सी दिया जाता है। जब शाम 7:30 बजे तक अधिकारी तक सारी मशीनें इकट्ठा करता है, तब उसके मतदान केंद्र का अंतिम आंकड़ा पता चल पाता है, जबकि हमसे कहा जाता है कि छह बजे ही आंकड़ा बता दें। लोग ये भूल जाते हैं कि दुनिया के बड़े देशों में तो एक-एक महीना मतगणना चल रही है। ‘ईवीएम को नई बैटरी डालकर सील किया जाता है’ उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले ईवीएम में नई बैटरी डाली जाती है। उसी दिन उसे सील किया जाता है। जिस दिन मतदान होता है, उस दिन सील पोलिंग एजेंट के सामने तोड़ी जाती है। मॉक पोल किया जाता है। पोलिंग एजेंट रिकॉर्ड रखते हैं कि कौन आया, कौन गया। किसमें कितने वोट पड़े, इसकी संख्या उनको दी जाती है। काउंटिंग के दिन भी पूरी प्रक्रिया दोहराई जाती है। फॉर्म 17 सी से मिलान होता है। उसके बाद किसी भी पांच वीवीपैट से भी मिलान किया जाता है। हमारी प्रक्रिया पर कई बार सवाल उठाए गए हैं। फॉर्म सात के बिना नाम नहीं हटाया जा सकता: चुनाव आयोग चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि भारतीय मतदाता बेहद जागरूक हैं। मतदाता सूचियों को लेकर अब भी कहानियां चल रही हैं। करीब 70 सीटें हैं। जिसमें राजनीतिक दल और उम्मीदवार हमारे साथ रहते हैं, जितने भी दावे और आपत्तियां आती हैं। उन्हें सभी राजनीतिक दलों के साथ साझा किया जाता है। फॉर्म सात के बिना नाम नहीं हटाया जा सकता। ईवीएम मतगणना के लिए फुलप्रूफ डिवाइस: चुनाव आयोग चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि ईवीएम में अविश्वसनीयता या किसी खामी का कोई सबूत नहीं है। ईवीएम में वायरस या बग आने का कोई सवाल ही नहीं है। ईवीएम में अवैध वोट होने का सवाल ही नहीं है। कोई धांधली संभव नहीं है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट अलग-अलग फैसलों में लगातार यही कह रहे हैं और क्या कहा जा सकता है? ईवीएम मतगणना के लिए फुलप्रूफ डिवाइस है। टेम्परिंग के आरोप बेबुनियाद हैं। हम अभी बोल रहे हैं क्योंकि चुनाव के समय हम नहीं बोलते।

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले ‘सामना’ में केजरीवाल पर कड़ी टिप्पणी की, जनता की अनदेखी कर ‘शीशमहल’ बनवाया

मुंबई शिवसेना (यूबीटी) ने अपने संपादकीय ‘सामान’ में दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। ‘सामना’ में कहा गया है कि केजरीवाल ने दिल्ली की जनता के हितों पर कुठाराघात किया है। केजरीवाल ने मुख्यमंत्री रहते हुए जनता के हितों की अनदेखी करते हुए अपने लिए करोड़ों का शीशमहल बनवा लिया, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। ‘सामना’ में कहा गया है कि केजरीवाल सरकार अपने वादों को पूरा करने में विफल साबित हुई। उन्होंने दिल्ली की जनता को जो सुविधाएं देने का दावा और वादा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज होने से पहले किया था। बड़े अफसोस की बात है कि वो उन दावों और वादों को पूरा करने में विफल साबित हुए और दिल्ली की जनता यह सबकुछ देख रही है। इतना ही नहीं, ‘सामना’ के संपादकीय में दिल्ली के विधानसभा चुनाव की तुलना मौत से की गई है। कहा गया है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव अब दोनों पार्टियों के लिए जिंदगी और मौत का खेल बन चुका है। ऐसी स्थिति में यह देखना दिलचस्प रहेगा कि दिल्ली की राजनीति की दिशा व दशा कैसी रहती है। ‘सामना’ ने अपने संपादकीय में कहा है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने मिलकर लड़ा था। लेकिन, अब दिल्ली का विधानसभा चुनाव दोनों ही पार्टियां फ्रीस्टाइल कुश्ती के तौर पर लड़ रही है। बता दें कि फरवरी में दिल्ली विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। ऐसे में अभी से ही दोनों पार्टियां चुनाव प्रचार में जुट गई है। दिल्ली की राजनीति में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच माना जा रहा है। बता दें कि इससे पहले उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना ने अपने संपादकीय ‘सामना’ में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तारीफ करके प्रदेश की राजनीतिक में कई बड़े संकेत दे दिए थे। ‘सामना’ ने अपने संपादकीय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कई कार्यों का उल्लेख कर उनकी तारीफ की थी। ‘सामना’ ने अपने लेख में लिखा था कि नए साल की शुरुआत में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गढ़चिरौली जिले को विकास की नई दिशा देने का संकल्प लिया। जब बाकी मंत्रिमंडल के मंत्री विशेष जिलों और मलाईदार महकमों की तलाश में थे, मुख्यमंत्री फडणवीस ने गढ़चिरौली का दौरा किया और वहां कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था। ‘सामना’ में आगे कहा गया था कि मुख्यमंत्री ने इस दौरान गढ़चिरौली के विकास के नए युग की शुरुआत की बात कही। मुख्यमंत्री का कहना था कि अगर यह विकास योजनाएं सफल होती हैं, तो यह न केवल गढ़चिरौली, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लिए एक सकारात्मक कदम होगा। विशेष रूप से गढ़चिरौली के गरीब आदिवासी समुदाय के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।  

बड़ा वादा: अब कांग्रेस ने दिल्ली की महिलाओं के लिए 2500 रुपए हर महीने देने का वादा किया

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने बड़ा वादा किया है। आम आदमी पार्टी के बाद अब कांग्रेस ने दिल्ली की महिलाओं के लिए 2500 रुपए हर महीने देने का वादा किया है। ‘आप’ की ‘महिला सम्मान’ योजना के सामने कांग्रेस ने ‘प्यारी दीदी’ योजना का लाने का वादा किया है। इस योजना के तहत दिल्ली में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए दिए जाएंगे। बता दें कि आम आदमी पार्टी ने सबसे पहले दिल्ली की महिलाओं के लिए महिला सम्मान योजना के तहत 2100 रुपए देने का वादा किया है। इसका ऐलान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल ने किया था। अब कांग्रेस ने भी महिला वोटरों को लुभाने के लिए ‘प्यारी दीदी योजना’ के तहत दिल्ली की महिलाओं को 2500 रुपए हर महीना देने का वादा किया है। सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली कांग्रेस के नेताओं ने प्यारी दीदी योजना के तहत दिल्ली में सरकार बनने के बाद महिलाओं को 2500 रुपए देने का वादा किया है। इससे पहले साल 2023 में हुए कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने महिलाओं के लिए खातों में पैसे देने का वादा किया था। उस साल सरकार बनने के बाद से कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ‘गृह लक्ष्मी योजना’ के तहत महिलाओं को 2000 रुपए हर महीने महिलाओं के खातों में भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा कांग्रेस ने एक और योजना का ऐलान किया था, जिसके तहत महिलाओं को गैस सिलेंडर भी दिया जा रहा है। इसकी जानकारी सोमवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी लगातार घोषणाएं कर रही है। दिल्ली की महिलाओं के लिए महिला सम्मान योजना के साथ ही आम आदमी पार्टी ने दलित छात्रों के लिए विदेश में पढ़ाई के लिए पूरा खर्च उठाने का वादा भी किया है। इसके अलावा भी आम आदमी पार्टी ने कई वादे किए हैं।

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