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वक्फ कानून : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, अगली सुनवाई 15 मई को

 नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई टाल दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई 15 मई को न्यायमूर्ति बीआर गवई के समक्ष निर्धारित की है। बीआर गवई देश के अगले मुख्य न्यायधीश होंगे। ऐसे में याचिका अब उनके सामने ही रखी जाएगी। मौजूदा सीजेआई जस्टिस संजीव खन्ना 13 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। पिछली सुनवाई में अदालत ने कानून के दो मुख्य पहलुओं पर रोक लगा दी थी। 17 अप्रैल को सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार व जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ को केंद्र की ओर से आश्वासन दिया गया था कि वह 5 मई तक न तो वक्फ बाय यूजर समेत वक्फ संपत्तियों को गैर-अधिसूचित करेगा, न ही केंद्रीय वक्फ परिषद व बोर्डों में कोई नियुक्ति करेगा। केंद्र ने उसे सुने बिना कानून पर रोक न लगाने का आग्रह भी किया था। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई की तारीख 5 मई तय की थी।

आतंकियों का ठिकाना दिखाने ले जा रहे युवक ने क्यों लगाई नाले में छलांग? हुई मौत

श्रीनगर जम्मू- कश्मीर में पहलगाम हमले के बाद सुरक्षाबल एक्शन में हैं। इसी बीच नदी के किनारे एक युवक की लाश मिले। इस लेकर सियासत शुरू हो गई। सुरक्षाबलों पर आरोप लगे, क्योंकि युवक को पूछताछ के लिए उठाया गया था। मामले में एक वीडियो सामने आया है, जिसने आरोपों को पलटकर रख दिया। इस वीडियो में दिख रहा है कि युवक खुद सुरक्षाबलों से बचकर भाग रहा है। वह नदी में छलांग लगा देता है और बह जाता है। युवक पर आतंकियों को शरण देने और उनकी मदद करने का आरोप था। फिलहाल मामले में न्यायिक जांच के आदेश हुए हैं। युवक की उम्र 23 साल थी और उसका नाम इम्तियाज अहमद मगरे थे। युवक को सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले के बाद शुरू की गई थी। उस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। तगंमार्ग का रहने वाला था इम्तियाज इम्तियाज अहमद मगरे नाम का यह युवक कुलगाम जिले के दमहाल हांजीपोरा इलाके के तंगमार्ग का रहने वाला था। वह दिहाड़ी मजदूर था। उसका शव रविवार की सुबह एक नदी में मिला। पुलिस का कहना है कि वह एक आतंकवादी ठिकाने का पता लगाने के दौरान भागने की कोशिश कर रहा था, तभी डूब गया। वीडियो में क्या एक ऊंची जगह से बनाए गए वीडियो में 23 वर्षीय व्यक्ति इम्तियाज अहमद मगरे को वन क्षेत्र से कुछ समय के लिए बाहर निकलने के बाद अचानक चट्टानी नदी में कूदते हुए दिखाया गया है। इम्तियाज को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया था। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान, उसने पुलिस को बताया कि उसने कुलगाम में तंगमार्ग के जंगल में छिपे आतंकवादियों को खाना और शेल्टर दिया था। आतंकियों के ठिकाने की थी इम्तियाज को जानकारी जम्मू- कश्मीर पुलिस का दावा है कि इम्तियाज मगरे को शुक्रवार को हिरासत में लिया गया था। उसने दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों के बारे में जानकारी दी थी। पुलिस ने कहा कि सुबह जब CASO (कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन) शुरू किया गया, तो वह ड्रोन वीडियोग्राफी के माध्यम से कड़ी निगरानी में नदी के पास ठिकाने वाली जगह पर गया। इसके बाद, उसने विशव नाला में छलांग लगा दी। शायद उसने नदी के रास्ते भागने की कोशिश की। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है इन कारणों से वो कूदा होगा पहला- सुरक्षाबलों ने बचकर भागा कि कहीं वे ज्यादा सख्त पूछताछ ना करें. दूसरा- आतंकियों का ठिकाना दिखाने से उसका आतंक फैलाने का मकसद पूरा नहीं हो पाता तीसरा- आतंकियों का ठिकाना दिखाने के बाद आतंकियों से भी वह खतरा महसूस करता जंगल में आतंकियों का ठिकाना बताने जा रहा था मागरे पूछताछ के दौरान उसने बताया था कि कुलगाम में ही एक जंगल में आतंकियों के छिपने का ठिकान है और 4 मई को सेना उसे हाइडआउट का रास्ता बताने के लिए अपने साथ ले जा रही थी. इसी बीच इम्तियाज ने नाले में कूदकर अपनी जान दे दी और ये पूरी घटना कैमरा में कैप्चर हो गई क्योंकि सेना के जवान ड्रोन का भी इस्तेमाल कर रहे थे. इस मामले को लेकर इम्तियाज के घरवाले सेना और पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं लेकिन फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि वो किस तरह से कूदा और उसकी मौत हो गई.  पुलिस का दावा X पर लीक हुए एक 38 सेकंड के वीडियो में मगरे को नदी के किनारे की ओर बढ़ते हुए, फिर दौड़ते हुए और तेज बहते पानी में कूदते हुए दिखाया गया है। पुलिस ने कहा कि इम्तियाज को 23 अप्रैल को तंगमार्ग जंगल में सुरक्षा बलों के ध्वस्त किए गए एक पुराने ठिकाने के बारे में भी पता था। जम्मू-कश्मीर में सियासत हालांकि इम्तियाज की मौत के मामले में सियासत गरमा गई है। पॉपुलर डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता और पूर्व मंत्रियों की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इम्तियाज अहमद मगरे की मौत की साजिश का आरोप लगाया। सामाजिक कल्याण मंत्री सकीना इटू ने युवक के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने उपराज्यपाल से न्यायिक जांच कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मगरे बहुत गरीब परिवार से था। उसकी मौत सुरक्षा एजेंसियों की हिरासत में हुई। ये एजेंसियां सीधे केंद्र सरकार को रिपोर्ट करती हैं।

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने पीएम मोदी से की मुलाकात

नई दिल्ली रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच यह अहम मुलाकात चल रही है। इससे पहले वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रविवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में यह अहम बैठक हुई थी। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने भी शनिवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी और उन्हें अरब सागर में महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की समग्र स्थिति से अवगत कराया था। लोक कल्याण मार्ग स्थित पीएम आवास पर बैठक राष्ट्रीय राजधानी में लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर हुई यह बैठक पीएम की अध्यक्षता में उस बैठक के कुछ दिनों बाद हुई, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हुए थे। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे। सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक भी हुई थी पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के एक दिन बाद सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक हुई थी। हमले में आतंकियों ने 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। सरकार ने आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के भारत के राष्ट्रीय संकल्प को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों और इसके पीछे के साजिशकर्ताओं को कड़ी सजा मिलेगी। सरकार ने सशस्त्र बलों को भारत के पलटवार के तरीके, लक्ष्य और समय पर निर्णय लेने के लिए पूरी आजादी भी दी। सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी इससे पहले पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी। विपक्षी दलों ने आतंकी हमले के साजिशकर्ताओं के खिलाफ सरकार की ओ से की गई किसी भी कार्रवाई के लिए अपना पूरा समर्थन व्यक्त किया है। सीसीएस को दी गई ब्रीफिंग में आतंकी हमले के सीमा पार संबंधों को उजागर किया गया। यह पाया गया कि यह हमला जम्मू-कश्मीर में चुनावों के सफल आयोजन और आर्थिक विकास की दिशा में इसकी निरंतर प्रगति के मद्देनजर हुआ। सरकार ने सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कड़ी कार्रवाइयां कीं। सरकार ने सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया। इसके अलावा भी मोदी सरकार ने पाकिस्तान पर कई पाबंदियां लगाई हैं।

विदेशी सिनेमा पर डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ स्ट्राइक, US से बाहर बनने वाली फिल्मों पर लगाया 100% टैक्स

न्यूयॉर्क अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक के बाद एक कड़े फैसले लेकर दुनिया को चौंका रहे हैं। हाल ही में उन्होंने सख्ती दिखाते हुए कई देशों पर टैरिफ बम फोड़ा। इसके बाद अब तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिल्मों पर ही 100% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। यह टैरिफ उन फिल्मों पर लगेगा जो अमेरिका से बाहर बन रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने यह खत्म दम तोड़ रही अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री को फिर से जिंदा करने के लिए उठाया है। उन्होंने इसे देश की सुरक्षा के लिए खतरा भी बताया और साथ ही अमेरिका में फिर से फिल्में बनाने पर जोर दिया। ‘नए टैरिफ का मकसद…’ डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री बहुत तेजी से खत्म हो रही है. यह अन्य देशों द्वारा किया गया एक ठोस उपाय है और इसलिए, यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है. यह, बाकी सब चीजों के अलावा, संदेश और प्रोपेगैंडा है.” ट्रंप ने घरेलू फिल्म प्रोडक्शन पर लौटने की जरूरत पर जोर दिया और कहा, “हम चाहते हैं कि फिल्में फिर से अमेरिका में बनाई जाएं. नए टैरिफ का मकसद खेल के मैदान को लेवल में लाना और स्टूडियो को अमेरिकी धरती पर अपना ऑपरेशन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है. अलकाट्राज़ जेल खोलने का प्लान… रविवार को ट्रंप ने सैन फ्रांसिस्को खाड़ी में अलकाट्राज़ जेल को फिर से खोलने की योजना का भी खुलासा किया. उन्होंने कथित तौर पर न्याय विभाग, एफबीआई और होमलैंड सिक्योरिटी के साथ कोऑर्डिनेशन में जेल ब्यूरो को ऐतिहासिक सुविधा का पुनर्निर्माण और विस्तार करने का निर्देश दिया, जिसमें 1963 में बंद होने से पहले देश के कुछ सबसे कुख्यात अपराधियों को रखा गया था. ट्रंप ने लिखा, “अलकाट्राज़ का पुनर्निर्माण करें और उसे खोलें! जब अमेरिका एक ज्यादा गंभीर राष्ट्र था, तो हम जानते थे कि सबसे खतरनाक अपराधियों को कैसे अलग-थलग किया जाए. अब इसे वापस लाने का वक्त आ गया है.” ट्रंप ने कहा कि नया अलकाट्राज़ देश के सबसे हिंसक और खतरनाक अपराधियों के लिए एक हाई-सेक्योरिटी सुविधा के रूप में काम करेगा. ट्रंप ने ऐलान करते हुए क्या कहा? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ के जरिए दी। उन्होंने लिखा, “अमेरिकी फिल्म उद्योग तेजी से खत्म हो रहा है। अन्य देश फिल्म निर्माताओं और स्टूडियो को आकर्षित करने के लिए कई तरह के प्रोत्साहन दे रहे हैं, जिससे वे अमेरिका से दूर हो रहे हैं। हॉलीवुड और अमेरिका के कई अन्य क्षेत्रों को इससे बड़ा नुकसान हो रहा है। यह अन्य देशों की एक साजिश है और इसलिए यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।” ‘अमेरिका में फिर से बनें फिल्में’ उन्होंने कहा कि इसलिए, मैं वाणिज्य विभाग और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को विदेशी फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दे रहा हूं। हम चाहते हैं कि फिल्में फिर से अमेरिका में बनें। चीन ने कम कर दिया था अमेरिकी फिल्मों का कोटा यह कदम ऐसे वक्त में उठाया गया है जब टैरिफ को लेकर पहले ही अमेरिका और चीन आमने-सामने हैं। इससे पहले अप्रैल में चीन ने डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर पलटवार करते हुए अपने देश में अमेरिकी फिल्मों का कोटा कम कर दिया था। इसको लेकर चीन के फिल्म प्रशासन ने जारी एक बयान में कहा था, “अमेरिकी सरकार द्वारा टैरिफ का दुरुपयोग चीन के प्रति गलत कार्रवाई है, जिससे अमेरिकी फिल्मों में घरेलू दर्शकों की रुचि कम हो सकती है। हम बाजार के नियमों का पालन करेंगे, दर्शकों की पसंद का सम्मान करेंगे और आयातित अमेरिकी फिल्मों की संख्या में थोड़ी कमी लाएंगे।”

राष्ट्रपति जिनपिंग विजय दिवस के लिए रूस जाएंगे, पुतिन के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करेंगे

मॉस्को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग मॉस्को में विजय दिवस परेड में भाग लेने के लिए 7-10 मई तक रूस का दौरा करेंगे और अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के बाद जिनपिंग की यह पहली मॉस्को यात्रा होगी। शी ने पिछली बार अक्टूबर 2024 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए रूस का दौरा किया था। जिनपिंग का अहम रूस दौरा चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने  बीजिंग में एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति शी 7 से 10 मई तक रूस की राजकीय यात्रा करेंगे और मॉस्को में महान युद्ध में विजय की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भाग लेंगे। बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति जिनपिंग नई परिस्थितियों में चीन-रूस संबंधों और कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर राष्ट्रपति पुतिन के साथ रणनीतिक संवाद करेंगे, जो स्पष्ट रूप से ट्रंप द्वारा पुतिन पर यूक्रेन युद्ध और चीन के खिलाफ उनके टैरिफ युद्ध से जुड़ा है। मॉस्को में क्रेमलिन ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन के व्यक्तिगत निमंत्रण पर 7-10 मई तक शी की आधिकारिक यात्रा के दौरान दोनों नेता कई द्विपक्षीय अंतर-सरकारी और अंतर-विभागीय दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करेंगे। इसमें कहा गया है, बातचीत के दौरान, व्यापक साझेदारी और रणनीतिक बातचीत के संबंधों के आगे विकास के मुख्य मुद्दों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय एजेंडे के मौजूदा मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। पीएम मोदी को किया गया था आमंत्रित रूस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजय दिवस परेड के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन फिर तय हुआ कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। हालांकि, राजनाथ सिंह भी विजय दिवस परेड में शामिल नहीं होंगे और उनके डिप्टी संजय सेठ इस कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच रक्षा राज्य मंत्री को 9 मई के समारोह में भेजने का कदम उठाया गया है। जर्मनी पर सोवियत विजय की 80वीं वर्षगांठ द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी पर सोवियत विजय की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित विजय दिवस समारोह के लिए 9 मई को मास्को में ब्राजील, वेनेजुएला और वियतनाम सहित 20 देशों के नेताओं के आने की उम्मीद है। पुतिन और शी ने 2013 से ही व्यक्तिगत मित्रता कायम की है, उन्होंने घनिष्ठ राजनीतिक और सैन्य संबंध बनाए हैं, जिससे अमेरिका और यूरोपीय संघ के वैश्विक प्रभुत्व को बड़ी चुनौती मिली है। रूस-चीन की करीबी दोनों नेताओं ने कई बार मुलाकात की है और घनिष्ठ व्यापारिक संबंध स्थापित किए हैं, जिसके तहत चीन रूसी तेल और गैस का सबसे बड़ा खरीदार बनकर उभरा है। चीन ने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण पर भी रणनीतिक अस्पष्टता बनाए रखी और मास्को को हथियार आपूर्ति करने के आरोपों से इनकार किया। पुतिन यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए ट्रंप के दबाव में थे, वहीं ट्रंप ने चीनी निर्यात पर अभूतपूर्व 145 प्रतिशत टैरिफ भी लगाया, जो व्हाइट हाउस के अनुसार 245 प्रतिशत तक पहुंच गया।

युद्ध में पाकिस्तान भारत के खिलाफ 4 दिन भी खड़ा नहीं हो पाएगा : बाबा रामदेव

नागपुर योग गुरु बाबा रामदेव ने भविष्यवाणी की है कि पाकिस्तान खुद ही टूट जाएगा और कुछ दिनों में कुछ दिनों में गुरुकुल बनाना पड़ सकता है। जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्ते तल्ख हो गए हैं। भारत लगातार पड़ोसी मुल्क के खिलाफ ऐक्शन ले रहा है। 22 अप्रैल को हुए अटैक में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय शख्स की मौत हो गई थी। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, रामदेव ने कहा, ‘पाकिस्तान अपने आप ही टूट जाएगा। बलूचिस्तान में रहने वाले पश्तून आजादी की मांग कर रहे हैं। POK में हालात और भी ज्यादा बुरे हैं। उसके पास भारत से लड़ने की ताकत नहीं है। युद्ध में वो भारत के खिलाफ 4 दिन भी खड़ा नहीं हो पाएगा…। मुझे लगता है कि कुछ दिनों में हमें अगला गुरुकुल कराची और एक लाहौर में बनाना पड़ेगा।’ भारत की क्या तैयारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने  कहा कि सशस्त्र बलों के साथ मिलकर काम करना और भारत पर बुरी नजर रखने वालों को ‘मुंहतोड़ जवाब’ देना उनकी जिम्मेदारी है। रक्षामंत्री सिंह ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं और उनकी कार्यशैली, दृढ़ संकल्प और जिस तरह से वह ‘जोखिम उठाते’ हैं, उससे वे भली-भांति परिचित हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सिंह ने कुछ भी स्पष्ट किए बिना कहा, ‘मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आप जो चाहते हैं, वह निश्चित रूप से होगा।’ वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के मध्य बढ़ते तनाव के बीच रविवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। यह बैठक नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी द्वारा प्रधानमंत्री को अरब सागर में अहम समुद्री मार्गों की समग्र स्थिति से अवगत कराने के 24 घंटे से भी कम समय बाद हुई है। पीटीआई भाषा के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि वायुसेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक की। हालांकि, उन्होंने इससे अधिक कोई जानकारी नहीं दी। पिछले मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक में सशस्त्र बलों को पहलगाम आतंकवादी हमले का जवाब देने के तरीके, लक्ष्य और समय पर निर्णय लेने के लिए ‘पूरी छूट’ दी।

समंदर से सरहद तक भारतीय सेना का इन आधुनिक तकनीकी ताकतों के बूते गूंजता है पराक्रम

नई दिल्ली भारतीय नौसेना ने हाल के सालों में बहुत तेजी से बड़ी तकनीकी उपलब्धियां हासिल की हैं। यही वजह है कि भारतीय नौसेना दुनिया की टॉप समुद्री सेनाओं में शामिल हो गई है। स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर, परमाणु पनडुब्बियां, लंबी दूरी की मारक क्षमता, आधुनिक मिसाइल प्रणालियां और रोबोटिक सिस्टम जैसी टेक्नोलॉजी ने भारत की समुद्री सुरक्षा को आधुनिक बनाया है। इतना ही नहीं इन कोशिशों से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी बड़े कदम उठाए गए हैं। आज हम भारतीय नौसेना की 5 बड़ी टेक्नोलॉजिकल उपलब्धियों के बारे में जानेंगे। भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत INS विक्रांत भारत का पहला पूरी तरह स्वदेशी विमानवाहक पोत है। इसे भारतीय नौसेना के लिए भारत में ही बनाया गया है। INS विक्रांत कोचीन शिपयार्ड में बनाया गया और साल 2022 से यह नौसेना का हिस्सा रहा है। इसकी लंबाई लगभग 262 मीटर है और यह 30 से ज्यादा लड़ाकू विमान ले जा सकता है। INS विक्रांत की वजह से भारत की समुद्री ताकत काफी बढ़ गई है। इसकी मदद से नौसेना को समुद्र के किसी भी कोने में हवाई हमले करने की क्षमता मिलती है। यह आत्मनिर्भर भारत अभियान की एक बड़ी उपलब्धि रहा है। परमाणु ताकत से लैस अरिहंत पनडुब्बी INS अरिहंत भारत की पहली स्वदेशी और परमाणु शक्ति से चलने वाली पनडुब्बी है। इसकी मदद से भारत “न्यूक्लियर ट्रायड” में शामिल हो पाया है। कहते का मतलब है कि INS अरिहंत जल, थल और वायु से परमाणु हमला करने की क्षमता भारतीय नौसेना को देता है। इस पनडुब्बी की खासियत है कि बिना सतह पर आए यह कई महीनों तक समुद्र में रह सकती है। इससे दुश्मन को इसकी लोकेशन का अंदाजा लंबे समय तक नहीं हो पाता। INS अरिहंत परमाणु मिसाइल भा दाग सकता है। इसकी वजह से भारत की सामरिक ताकत बहुत बढ़ जाती है। बता दें कि इसे विशाखापत्तनम के विशेष डॉकयार्ड में तैयार किया गया है। यह उपलब्धि अपने आप में दिखाती है कि भारत अब उन देशों में से एक है जो जटिल न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में माहिर है। लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता भारतीय नौसेना अब “ब्लू वॉटर नेवी” बन चुकी है, यानी वह सिर्फ अपने समुद्री तट की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि दुनिया के किसी भी समुद्र में जाकर अभियान चला सकती है। इसके लिए नौसेना ने आधुनिक युद्धपोत, टैंकर और सपोर्ट जहाज तैनात किए हैं। भारतीय नौसेना की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हमारे पास अब ऐसी टेक्नोलॉजी और जहाज हैं जो 7,000 किलोमीटर या उससे भी दूर जाकर ऑपरेशन कर सकते हैं। यह तकनीकी प्रगति भारत की समुद्री सुरक्षा, व्यापारिक मार्गों की रक्षा और आपदा राहत अभियानों में बेहद काम की साबित हुई है। सतह से हवा में मार करने वाला SAM System भारतीय नौसेना के युद्धपोतों को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों से लैस किया गया है। इसमें ब्रह्मोस, बाराक-8 जैसी मिसाइलें शामिल हैं जो दुश्मन के विमानों, ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर सकती हैं। यह सिस्टम पूरी तरह रडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से जुड़ा है। इसकी वजह से किसी भी खतरे का पता चलते ही तुरंत बाद जवाबी कार्रवाई की जा सकती है। इससे युद्धपोतों की रक्षा क्षमता बहुत मजबूत हो गई है। स्वदेशी ड्रोन और रोबोटिक सिस्टम भारतीय नौसेना अब समुद्र में निगरानी के लिए स्वदेशी ड्रोन और अंडरवॉटर रोबोट्स का इस्तेमाल कर रही है। ये सिस्टम इतने आधुनिक हैं कि दुश्मन की निगाह से बचकर खतरनाक जानकारी इकट्ठा कर सकते हैं। इसके अलावा इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बम जैसी चीजों को डिफ्यूज करने के लिए भी किया जाता है। बड़ी बात ये है कि ये टेक्नोलॉजी भारत में विकसित की गई हैं। इससे रक्षा के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ी है।

अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास मिसाइल से हमला के बाद इजरायल पीएम ने कहा- एक नहीं, बल्कि कई धमाके होंगे

तेल अवीव इजरायल के तेल अवीव एयरपोर्ट के पास हुए मिसाइल हमले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यमन के हूतियों को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि एक नहीं, बल्कि कई धमाके होंगे।  यमन के ईरान समर्थित विद्रोहियों ने इजरायल के मुख्य अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास मिसाइल से हमला कर दिया था, जिससे कुछ समय के लिए एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही प्रभावित रही। इस हमले के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यमन के हूतियों के खिलाफ बहु-चरणीय हमलों का वादा किया। नेतन्याहू ने टेलीग्राम मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो में कहा, “हमने अतीत में उनके खिलाफ कार्रवाई की है और हम भविष्य में भी कार्रवाई करेंगे, लेकिन मैं विस्तार से नहीं बता सकता। यह एक धमाके में नहीं होगा, बल्कि कई धमाके होंगे।” विद्रोहियों द्वारा दागी गई मिसाइल के बाद तेल अवीव एयरपोर्ट के पास एक गहरा गड्ढा बन गया। मिसाइल गिरते ही तुरंत चारों ओर धुएं का गुबार उठने लगा, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। गाजा में युद्ध के दौरान फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए हूती पूरे इजरायल पर हमला कर रहे हैं। बेन-गुरियन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला इज़रायली कैबिनेट मंत्रियों द्वारा गाजा पट्टी में सैन्य अभियान तेज करने के बारे में मतदान करने से कुछ घंटे पहले हुआ। अधिकारियों ने कहा कि सेना ने व्यापक अभियान में हजारों रिजर्व सैनिकों को बुलाना शुरू कर दिया है। हमले के बाद इजरायली सेना ने कहा कि यमन से लॉन्च की गई मिसाइल को रोकने के कई प्रयास किए गए, लेकिन यह एक दुर्लभ हूती हमला था जिसने इजराइल की हवाई सुरक्षा को भेद दिया। एक अधिकारी ने ‘एएफपी’ को बताया कि देश की सुरक्षा कैबिनेट शाम को बैठक करेगी। पुलिस के एक वीडियो में अधिकारियों को जमीन में एक गहरे गड्ढे के किनारे खड़े दिखाया गया है, जिसके पीछे नियंत्रण टॉवर दिखाई दे रहा है। एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

सेबी अध्यक्ष बोले- केवाईसी सिस्टम को किया जा रहा केंद्रीकृत, वित्त मंत्रालय कर रहा इस काम में मदद

नई दिल्ली बाजार नियामक संस्था सेबी, केंद्रीय वित्त मंत्रालय और अन्य बाजार नियामकों के साथ मिलकर केवाईसी सिस्टम को केंद्रीकृत करने की दिशा में काम कर रहा है। सेबी अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने यह जानकारी दी। केंद्रीय KYC एक ऑनलाइन डेटाबेस है जो ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को केंद्रीकृत तरीके से रखता है, जिसका उद्देश्य वित्तीय संस्थानों में अनुपालन को आसान करना है। जल्द पूरा होने की उम्मीद सेबी अध्यक्ष ने बताया कि केंद्रीकृत केवाईसी सिस्टम बनाने के लिए काम कर रही समिति की अध्यक्षता वित्त सचिव कर रहे हैं और प्रक्रिया को तेज करने की कोशिश हो रही है। हालांकि उन्होंने इसकी कोई समयसीमा तय नहीं की, लेकिन कहा कि ये जल्द हो जाना चाहिए। उन्होंने केंद्रीकृत केवाईसी सिस्टम की खूबी बताते हुए कहा कि यह व्यवस्था बहुत प्रभावी रहेगी, जहां एक जगह केवाईसी होगी और वो सभी जगह अपने आप हो जाएगी। तुहिन कांत पांडे ने यह सिर्फ ऐसा नहीं है कि केवाईसी अपलोड हो जाएगी, बल्कि इसकी वैधता की पूरी जांच होगी। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में किया था एलान गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में घोषणा की कि 2025 में एक नया, संशोधित केंद्रीय अपने ग्राहक को जानो (KYC) रजिस्ट्री शुरू की जाएगी। इसके बाद, अप्रैल में, वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने केंद्रीय KYC रिकॉर्ड रजिस्ट्री के पुनर्गठन पर चर्चा करने और वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच की सुविधा के लिए KYC अनुपालन से संबंधित प्रमुख मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। पांडे ने बताया कि अनधिकृत सलाहकार सेवाओं का पता लगाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म की निरंतर निगरानी की जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के साथ सहयोग के माध्यम से, सेबी ने 70,000 से अधिक धोखाधड़ी वाले निवेश हैंडल और भ्रामक पोस्ट को सफलतापूर्वक हटाया है। उन्होंने एआई के अंतर्निहित जोखिमों के बारे में भी चेतावनी दी।  

यूपीआई पेमेंट का 16 जून से बदलेगा अंदाज अब सिर्फ 15 सेकंड में होगा लेनदेन

नई दिल्ली आप जो यूपीआई पेमेंट करते हैं, वह अब और तेज होने वाला है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के आदेश के बाद अब सिर्फ 15 सेकंड में लेनदेन पूरा हो जाएगा। पहले इसमें 30 सेकंड लगते थे। यानी अब आपके मोबाइल से होने वाला लेदनेन 50 फीसदी फास्‍ट होने वाला है। 16 जून से यह प्रोसेस शुरू होने जा रहा है, जिसमें एपीआई रेस्‍पॉन्‍स टाइम की अहम भूमिका होगी। अभी तक लोगों को यूपीआई ऐप से पैसे भेजने में, क्‍यूआर कोड स्‍कैन करने में और लेनदेन की पुष्टि होने में इंतजार करना पड़ता है, जो कई बार काफी लंबा हो जाता है। एनपीसीआई ने इस देरी को कम करने का फैसला किया है। क्‍या होता है API रेस्‍पॉन्‍स टाइम, जिसे कम किया जा रहा API रेस्‍पॉन्‍स टाइम, उस समय को कहा जाता है, जिसमें एपीआई के लिए रिक्‍वेस्‍ट आती है, उसे प्रोसेस किया जाता है और रेस्‍पॉन्‍स वापस भेजने में जो टाइम लगता है। एपीआई का मतलब होता है एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस। यह रूल्‍स का एक सेट है, जिसके अनुसार सॉफ्टवेयर एक-दूसरे से कनेक्‍ट करते हैं। यूपीआई पेमेंट सिस्‍टम में इसका इस्‍तेमाल होता है। कैसे काम करेगा सिस्‍टम, उदाहरण से समझिए TOI की रिपोर्ट के अनुसार, आप एक दुकान पर गए और आपने दुकानदार से एक हजार रुपये का सामान खरीदा। आप ICICI बैंक के iMobile ऐप से पेमेंट करते हैं। तो आप दुकानदार के QR कोड को स्कैन करेंगे। अब वह QR कोड HDFC बैंक अकाउंट से जुड़ा है। इस सिचुएशन में ICICI बैंक रिक्‍वेस्‍ट करेगा। व‍ह रिक्‍वेस्‍ट NPCI नेटवर्क के जरिए HDFC बैंक को जाएगी। पेमेंट हुआ या नहीं, यह जानने के लिए HDFC बैंक की ओर से रेस्‍पॉन्‍स भेजा जाएगा। जो फ‍िर से NPCI नेटवर्क से ICICI बैंक को आएगा। पहले इस काम में 30 सेकंड लग जाते थे। जून से इसमें 15 सेकंड लगने की उम्‍मीद है। बेहतर होगा लोगों का अनुभव, फटाफट होंगे पेमेंट एनपीसीआई, यूपीआई पेमेंट को फास्‍ट बनाना चाहती है। उसका मानना है कि नए बदलावों से लोगों का अनुभव और बेहतर होगा। एनपीसीआई ने फोनपे और पेटीएम जैसे बड़े प्‍लेयर्स से भी कहा है कि वो नए नियमों के अनुसार अपने सिस्‍टम को अपडेट कर लें। एनपीसीआई का सर्कुलर कहता है कि इन बदलावों का मकसद यूजर के ओवरऑल एक्‍सपीरियंस को बेहतर बनाना है। वह चाहती है कि यूपीआई पेमेंट का यूज करने वाले तमाम लोग झट से पेमेंट कर पाएं और उन्‍हें फटाफट से पैसा रिसीव हो। आने वाले दिनों में पता चलेगा कि यूपीआई का यह फैसला कितना कारगर साबित होता है।

आज भारत और जापान एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय चर्चा करने जा रहे हैं

नई दिल्ली भारत और जापान एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय चर्चा करने जा रहे हैं। इस चर्चा में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की मौजूदा स्थिति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच होने वाली चर्चा काफी महत्वपूर्ण है। इस चर्चा में भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान की ओर से वहां के रक्षा मंत्री शामिल होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज नई दिल्ली में जापान के रक्षा मंत्री जनरल नाकातानी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों पक्ष वर्तमान क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। भारत और जापान के बीच दीर्घकालिक मित्रता है। 2014 में इस सहयोग को विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी में शामिल करने के बाद दोनों देशों की इस मित्रता ने गुणात्मक गति प्राप्त की है। रक्षा और सुरक्षा दोनों देशों के बीच संबंधों के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। रणनीतिक मामलों पर बढ़ते समन्वय के कारण हाल के वर्षों में भारत और जापान के बीच रक्षा आदान-प्रदान को बल मिला है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और स्थिरता के मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण से इसका महत्व बढ़ रहा है। नवंबर 2024 में लाओ पीडीआर में आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस के मौके पर दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच बातचीत हुई थी। उस बातचीत के बाद छह महीने के भीतर दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच यह दूसरी बैठक होगी। इससे पहले भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान जापान के राजदूत ने जम्मू कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की थी। उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले समेत आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की। इस दौरान दोनों पक्षों ने जापान और भारत के बीच चल रहे रक्षा सहयोग की समीक्षा की थी। भारत और जापान अपने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही दोनों देश अपने रिश्तों को और बेहतर एवं विस्तारित करने के नए अवसरों पर काम कर रहे हैं।

पाकिस्तान ने फिर किया सीजफायर का उल्लंघन, LoC पर फिर की फायरिंग; सेना ने दिया माकूल जवाब

श्रीनगर पहलगाम में आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रही है। आज पाकिस्तान ने लगातार 10वें दिन एलओसी के पास फायरिंग कर सीजफायर का उल्लंघन किया है। पाकिस्तान की कई पोस्ट्स से भारत की तरफ बिना किसी उकसावे के फायरिंग की गई। हालांकि भारत की सेना ने भी पाकिस्तान की इस हरकत का माकूल जवाब दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की सेना की लगभग 32 चौकियां सक्रिय हो गई हैं, जहां से फायरिंग की गई है। छोटे हथियारों से की फायरिंग ताजा जानकारी के मुताबिक 03-04 मई 2025 की रात को, पाकिस्तानी सेना की चौकियों ने जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में फायरिंग की। इसमें कुपवाड़ा, बारामुल्ला, पुंछ, राजौरी, मेंढर, नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर के आसपास के इलाकों में नियंत्रण रेखा के पार बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की गई। भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान की ओर से की गई इस फायरिंग का तुरंत और आनुपातिक रूप से जवाब दिया। पाकिस्तान की 32 चौकियां सक्रिय बता दें कि 03-04 मई की दरमियानी रात पाकिस्तानी सेना की लगभग 32 चौकियां सक्रिय हो गईं। उन्होंने भारतीय सेना के अग्रिम ठिकानों पर गोलीबारी की।वहीं भारतीय सेना का अनुमान है कि पाकिस्तान ने घात लगाकर हमला करने की कोशिश की है। इन हमलों के जरिए पाकिस्तानी सेना अपने आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की कोशिश कर रही है। पाकिस्तान सीमा पार या सर्जिकल स्ट्राइक से डर रहा है और यही वजह से लगातार इस तरह की हरकतें कर रहा है। वहीं पाकिस्तान की इस हरकत से कश्मीर और जम्मू क्षेत्र की नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ गया है। आतंकियों ने पांच गुटों में बनाए कैंप जानकारी के मुताबिक, ताजा संघर्ष विराम उल्लंघन के दौरान पाक सेना ने पांच समूहों में अलग-अलग स्तर के शिविर बनाए हैं। ये अलग-अलग पोस्ट मानसेरा, मुजफ्फराबाद, कोटली, मुरीदके और बहावलपुर में बनाए गए हैं। इन पोस्ट की बात करें तो मानशेरा में बालाकोट, गढ़ी हबीबुल्लाह, बतरासी; मुजफ्फराबाद में चेलाबंदी, सवाईनाला, मुस्कराअक्सा, अब्दुल्ला बिन मसूद, दुलई नाला; कोटली में गुलपुर, सेंसा, बराली, डुंगी; बहावलपुर में बरनाला और मुरीदके में कालीघाटी हजीरा हैं। अल्फा 3 मुख्य नियंत्रण कक्ष से ये आतंकी कश्मीर में घुसपैठ के लिए योजना बना रहे हैं और आतंकवादियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। आतंकियों के तीन प्रमुख लॉन्चिंग पैड वहीं जांच के दायरे में पाकिस्तान के तीन मुख्य आतंकी कैंप सामने आए हैं। इसमें कोटा हलान नॉर्थ, पीओजेके; तशराजी कैंप, कोटा बाजार, पीओजेके और हलान नॉर्थ, पीओजेके हैं। फॉरवर्ड कोटा हलान नॉर्थ में हिजबुल मुजाहिदीन का लॉन्चिंग पैड है। इस लॉन्चिंग पैड पर सभी संगठनों के मुजाहिदीन की कुल संख्या 15 से 20 है। कमांडर सैफुल्लाह खालिद बटूर इसका लॉन्चिंग कमांडर है। लश्कर-ए-फॉरवर्ड का दूसरा लॉन्चिंग पैड तशराजी कैंप के नाम से है, जो फॉरवर्ड कोटा बाजार में है। इस लॉन्चिंग पैड पर फिलहाल लश्कर का कमांडर अजमतुल्लाह खान है। इस लॉन्चिंग पैड पर 15 से 12 मुजाहिदीन हैं, जो सभी संगठनों से जुड़े हुए हैं। वहीं तीसरा लॉन्चिंग पैड हलान नॉर्थ में है, जो जैश-ए-मोहम्मदी संगठन से जुड़ा हुआ है। इस लॉन्चिंग पैड पर केवल चार मुजाहिद्दीन हैं जो इस पैड की देखभाल कर रहे हैं और बाकी लॉन्चिंग पैड को ज्यादातर बंद रखा गया है। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ा तनाव दरअसल, एक तरफ पाकिस्तान के नेता आरोप लगा रहे हैं कि भारत उनपर हमला करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, दूसरी तरफ पाकिस्तान की सेना खुद ही लगातार जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा यानी LoC पर सीजफायर का उल्लंघन कर रही है। पाकिस्तान की तरफ से बीते 10 दिनों से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है। भारतीय सेना भी पाकिस्तान की फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दे रही है।

भारत सरकार पाक के खिलाफ लगातार सख्त रुख, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और विदेश मंत्री के ‘एक्स’ अकाउंट को ब्लॉक किया

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपनाती हुई नजर आ रही है। इसके अलावा, सरकार देश के खिलाफ जहर उगलने वाले पाकिस्तानी नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट्स को भारत में बैन कर रही है। इसी कड़ी में रविवार को पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख इमरान खान और विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो के ‘एक्स’ अकाउंट को ब्लॉक कर दिया गया है। भारत में इमरान खान और बिलावल भुट्टो के एक्स को सर्च करने पर अकाउंट की प्रोफाइल पिक्चर और कवर इमेज ब्लैंक नजर आ रही है। इसके साथ ही एक संदेश भी लिखा हुआ दिख रहा है, जिसमें कानूनी बाध्यता का जिक्र है। इससे पहले, पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार के एक्स अकाउंट को भी भारत में बैन कर दिया गया है। तरार ने हाल ही में दावा किया था कि इस्लामाबाद के पास विश्वसनीय खुफिया जानकारी है, जिससे पता चलता है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद नई दिल्ली 24 से 36 घंटे के भीतर पड़ोसी देश पर सैन्य हमला कर सकता है। इसके अलावा, भारत ने शुक्रवार को ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के आधिकारिक यूट्यूब अकाउंट को भी ब्लॉक कर दिया था। शरीफ का चैनल अब तक का सबसे हाई-प्रोफाइल सोशल मीडिया अकाउंट है, जिसे भारत सरकार ने ब्लॉक किया। शहबाज शरीफ के ब्लॉक किए गए प्रोफाइल में लिखा है, “राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित सरकार के आदेश के कारण यह कंटेंट फिलहाल इस देश में उपलब्ध नहीं है। सरकार की तरफ से हटाए जाने के अनुरोधों के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया गूगल पारदर्शिता रिपोर्ट देखें।” भारत सरकार इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक्स अकाउंट को ब्लॉक कर चुकी है। ब्लॉक किए गए प्रमुख यूट्यूब चैनलों में पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब अख्तर, पत्रकार आरजू काजमी और कमेंटेटर सैयद मुज्जमिल शाह के चैनल शामिल हैं। ओलंपियन अरशद नदीम का इंस्टाग्राम अकाउंट और पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी के यूट्यूब अकाउंट भी सस्पेंड किए गए हैं। 30 अप्रैल को, प्रमुख पाकिस्तानी अभिनेत्रियों हनिया आमिर और माहिरा खान के इंस्टाग्राम प्रोफाइल को ब्लॉक कर दिया गया। केंद्र की मोदी सरकार की ओर से की जा रही ये कार्रवाइयां 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर की गई, जिसमें 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के प्रतिनिधि ‘द रेजिस्टेंस फोर्स’ (टीआरएफ) ने ली थी। हालांकि, बाद में उसने अपनी संलिप्तता से इनकार कर दिया था। पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। नई दिल्ली ने इस्लामाबाद के खिलाफ कई सख्त कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाए हैं। इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने, अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद करने, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करना शामिल हैं।

तीनों सेनाओं के स्तर पर चल रही रणनीतिक तैयारियों के बीच पीएम मोदी ने प्रमुख एयरचीफ मार्शल एपी सिंह के साथ बैठक की

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देने के लिए तीनों सेनाओं के स्तर पर चल रही रणनीतिक तैयारियों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल एपी सिंह के साथ बैठक की। वायुसेना प्रमुख के साथ पीएम की हुई इस बैठक की कोई जानकारी साझा नहीं की गई मगर समझा जाता है कि पहलगाम आतंकी हमले के गुनहगारों तथा उसके संरक्षकों को सबक सिखाने के लिए वायुसेना की रणनीतिक तैयारियों पर इसमें चर्चा हुई। तैयारियों की हो रही समीक्षा वायुसेना प्रमुख से पहले प्रधानमंत्री ने शनिवार को नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी के साथ बैठक कर नौसेना की रक्षा तैयारियों का जायजा लिया था। देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व तथा सेनाओं के प्रमुखों के बीच पिछले कई दिनों से जारी बैठकों के दौर का संकेत है कि पहलगाम आतंकी हमले का पाकिस्तान को करारा जवाब देने के लिए सामरिक-रणनीतिक तैयारियों की पुख्ता समीक्षा की जा रही है। इस हमले पर भारत की जवाबी कार्रवाई की तैयारियों की हलचलों के बीच नियंत्रण रेखा पर पिछले 10 दिनों से पाकिस्तान की ओर से लगातार की जा रही गोलीबारी का भारतीय सेना रणनीतिक तरीके से माकूल जवाब दे रही है। वायुसेना प्रमुख के साथ प्रधानमंत्री की रविवार को बैठक की पुष्टि करते हुए सूत्रों ने कहा कि पिछले 24 घंटे के दौरान सैन्य नेतृत्व संग यह पीएम की दूसरी बैठक थी। कठोर कार्रवाई की हो रही मांग शनिवार को नौसेना प्रमुख से भी पीएम ने पहलगाम हमले के परिप्रेक्ष्य में उनसे मंत्रणा की थी। जबकि बीते हफ्ते ही प्रधानमंत्री की रक्षामंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ तथा तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ लंबी बैठक हुई थी। विपक्षी पार्टियां भी इस मुद्दे पर एक सुर से पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार का पूरा समर्थन करने की घोषणा कर चुकी हैं।  

पहलगाम आतंकी हमला : दो आतंकी कश्मीरी, पर्यटकों से की दोस्ती फिर घटना वाली जगह ले गए

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में गुस्से का माहौल है। इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म पूछकर निशाना बनाया। इस हमले की जांच एनआईए कर रही है। इस बीच आतंकियों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि पहलगाम हमले के चार आतंकवादियों में से दो जम्मू में कठुआ की तरफ से भारत में वापस आए और हमले से पहले पर्यटकों के साथ घुलमिल गए थे। इन आतंकियों ने पर्यटकों को एक फूड कोर्ट में इकट्ठा किया था। पर्यटकों के बीच घुल-मिल गए थे दो आतंकी रिपोर्ट के अनुसार, पहलगाम हमले के चार आतंकियों में से दो दक्षिण कश्मीर से थे। वे पहले अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान गए थे। लेकिन उनके भारत वापस आने का कोई रेकॉर्ड नहीं है। माना जा रहा है कि वे जम्मू में कठुआ की तरफ से भारत में वापस आए। ये आतंकी पर्यटकों के बीच घुल मिल गए उन्हें फूड कोर्ट में इकट्ठा किया। इसके बाद अन्य दो आतंकियों ने पर्यटकों से धर्म पूछकर गोलियां चलाईं। गोली चलाने वाले आतंकी पाकिस्तान के थे। चार-पांच दिनों से बैसरन के आसपास थे आतंकी एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी 4-5 दिनों से बैसरन के आसपास ही थे। यह बिना स्थानीय लोगों की मदद के मुमकिन नहीं था। खुफिया जानकारी में वायरलेस चैट से भी पता चला था कि आतंकवादी उसी इलाके में हैं। लेकिन उनके संचार सेट अलग होने के कारण बातचीत को समझा नहीं जा सका। सरकार को इस बात की चिंता है कि हथियारबंद आतंकवादी खुलेआम घूम रहे हैं। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थलों से स्नाइपर राइफल, एम-सीरीज राइफल और कवच-भेदी गोलियां जैसे आधुनिक हथियार बरामद किए हैं। शक है कि ये अफगानिस्तान में NATO सैनिकों के बचे हुए हथियार हैं। पहले ही मिली थी खतरे की जानकारी इस हमले से पहले सुरक्षा एजेंसियों को खतरे की जानकारी मिल गई थी। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि श्रीनगर के होटलों में ठहरे पर्यटकों को निशाना बनाया जा सकता है। खतरे को देखते हुए डल झील और मुगल गार्डन के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पुलिस के बड़े अधिकारी भी हमले से कुछ दिन पहले घाटी में ही डेरा डाले हुए थे। अधिकारियों को लगा कि हमला श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित किसी होटल पर हमला हो सकता है। इसलिए पहलगाम हमले से पहले डाचीगाम, निशात और आसपास के इलाकों में 10-15 दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

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