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इमरान खान, बिलावल भुट्टो का ‘एक्स’ अकाउंट भारत में ब्लॉक

नई दिल्ली पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो के ‘एक्स’ अकाउंट को भारत में ब्लॉक कर दिया गया है। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार के ‘एक्स’ अकाउंट पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे एक दिन पहले ही उन्होंने दावा किया था कि इस्लामाबाद के पास विश्वसनीय खुफिया जानकारी है, जिससे पता चलता है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद नई दिल्ली 24 से 36 घंटे के भीतर पड़ोसी देश पर सैन्य हमला कर सकता है। इमरान खान और बिलावल भुट्टो के ‘एक्स’ अकाउंट पर एक संदेश लिखा हुआ सामने आ रहा है। इसमें लिखा है कि कानूनी मांग के जवाब में इसे भारत में रोक दिया गया है। पाकिस्तानी राजनेताओं के एक्स अकाउंट की प्रोफाइल पिक्चर और कवर इमेज ब्लैंक (खाली) दिख रही है। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर की गई। हमले में प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) की शाखा ‘द रेजिस्टेंस फोर्स’ (टीआरएफ) के आतंकवादियों ने निर्दोष नागरिकों पर गोलीबारी की और 26 की निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद कई पाकिस्तानी राजनेताओं के ‘एक्स’ अकाउंट प्रतिबंधित किए गए। इसके अलावा भारत ने हनिया आमिर और माहिरा खान सहित कई पाकिस्तानी अभिनेताओं के इंस्टाग्राम अकाउंट भी ब्लॉक कर दिए।

बदरीनाथ धाम के खुले कपाट, सीएम धामी ने भी की पूजा-अर्चना

बदरीनाथ बदरीनाथ मंदिर के कपाट आज सुबह छह बजे रवि पुष्य लग्न में श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। कपाट खुलते ही धाम जय बदरी विशाल के जयकारों की गूंज से गूंज उठा। वहीं, श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा हुई। बदरीनाथ के कपाट खुलने पर यहां छह माह से जल रही अखंड ज्योति के दर्शन के लिए देश-विदेश के श्रद्धालु धाम पहुंचे हैं। धाम में 10,000 से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। 40 क्विंटल  गेंदे के फूलों से सजाया गया बदरीनाथ मंदिर कपाटोद्धघाटन के लिए बदरीनाथ मंदिर को 40 क्विंटल गेंदे के फूलों से सजाया गया है। देर शाम तक भी मंदिर के सिंहद्वार के शीर्ष भाग पर फूलों की सजावट का काम जारी रहा। पॉलीथिन मुक्त होगी बदरीनाथ धाम की यात्रा चमोली जिला प्रशासन ने इस वर्ष बदरीनाथ की तीर्थयात्रा को पॉलीथिन मुक्त रखने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने धाम और यात्रा पड़ावों पर स्थित होटल व ढाबा संचालकों को पॉलीथिन का उपयोग कम से कम करने का आग्रह किया है। उन्होंने प्रतिष्ठानों को साफ-सुथरा करने के लिए कहा है। कर्णप्रयााग, गौचर, नंदप्रयाग, पीपलकोटी, ज्योतिर्मठ, गोविंदघाट और पांडुकेश्वर के होटलों के संचालकों को अनिवार्य रूप से रेट लिस्ट चस्पा करने और फायर सिलिंडर रखने के निर्देश दिए हैं।  

INS सूरत को हजीरा पोर्ट पर तैनात कर भारत ने पाकिस्तान पर की बड़ी स्ट्राइक, ठप होगा कराची पोर्ट

अहमदाबाद  पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ भारत की कड़ी कार्रवाई जारी है। गुजरात के सूरत में आईएनएस सूरत की तैनाती के बाद अब पाकिस्तान की पोर्ट्स की तरफ मूवमेंट नहीं कर पाएगी। आईएनएस सूरत को हजीरा पोर्ट पर तैनात किया गया है। अरब सागर में अगर पाकिस्तान की बोट भारतीय सीमा में प्रवेश करेंगी तो भारतीय एजेंसियों की तरफ से कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ भारत की नावें और जहाज पाकिस्तान की तरफ नहीं जाएंगे। सूत्रों के अनुसार आईएनएस सूरत के हजीरा पोर्ट पहुंचने और पाकिस्तान की नावों और जहाजों पर पाबंदी कराची पोर्ट ठप्प पड़ जाएगा। पाकिस्तान का कराची बंदरगाह सुमद्री व्यापार का बड़ा अड्‌डा है। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सबसे पहले सिंधु जल समझौता रद्द किया था।   तैनाती के बाद लगाई रोक भारत का आईएनएस सूरत 1 मई को गुजरात के हजीरा पोर्ट पर पहुंचा था। भारत के आतंक हमलों के लिए जिम्मेदार पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए तीनों सेनाएं अलर्ट मोड पर आने के बाद भारत ने यह कदम उठाया था। आईएनएस सूरत को कुछ महीने पहले मुंबई में कमीशन किया गया था। भारतीय नौसेना अरब सागर में अपने अभ्यास तेज को तेज किया। इसे युद्ध से पहले की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। नौसेना का जंगी जहाज आईएनएस सूरत को पहली बार सूरत के हजीरा पोर्ट पर तैनात कर दिया गया। अपने नाम वाले शहर पहुंचने पर आईएनएस सूरत का गर्मजोशी से स्वागत किया गया था। नई तकनीक से लैस है INS सूरत नौसेना का आईएनएस-सूरत युद्धपोत विध्वंसक श्रेणी में आता है। यह पनडुब्बी, जहाज, विमान जैसे किसी भी लक्ष्य को निशाना बना सकता है। आईएनएन सूरत में हेलिकॉप्टर भी तैनात हैं।युद्धपोत में आधुनिक हथियार प्रणाली, रडार, और मिसाइलें लगी हैं जो इसे समुद्री सुरक्षा के लिए बेहद प्रभावी बनाती हैं। आईएनएस सूरत में सभी वे खूबियां मौजूद हैं जिससे वह दुश्मन को नेस्तनाबूद कर सकता है। महाराष्ट्र और गुजरात के स्थापना दिवस पर जब आईएनएस सूरत जब अपने होम सिटी पहुंचा था। तब इस बड़े कदम के तौर पर देखा गया था। एक्सपर्ट का कहना है कि आईएनएस सूरत न सिर्फ लंबी समुद्री सीमा को सुरक्षा को मजबूत करेगा बल्कि दुश्मन की समुद्र में निगरानी सख्त होगी।   इंडियन नेवी ने अपने सभी वॉरशिप को अलर्ट पर रखा है। अरब सागर में एंटी शिप और एंटी एयरक्राफ्ट फायरिंग की प्रैक्टिस की गई। गुजरात के नजदीक कोस्ट गार्ड को भी अलर्ट पर रखा गया है। उधर, पाकिस्तान ने इंटरनेशनल बॉर्डर पर चौकियों पर अपने झंडे फिर लगा दिए हैं। एक दिन पहले पाक ने चौकियों से झंडे हटा दिए थे। इस बीच खबर है कि पाकिस्तान ने अमेरिका से मदद मांगी है।     भारत-पाक सीमा के फॉरवर्ड पोस्ट्स पर पाकिस्तान ने सेना तैनात कर दी हैं। इसमें चीन से मिली तोपें भी शामिल हैं।     नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) चीफ सदानंद दाते गुरुवार दोपहर पहलगाम पहुंचे। वह तीन घंटे बायसरन में रहे।     प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका से अपील की है कि वह भारत पर जिम्मेदारी से पेश आने और बयानबाजी कम करने का दबाव बनाए।     अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से शरीफ ने यह भी कहा कि भारत के उकसाने वाले रवैया से क्षेत्रीय हालात बिगड़ सकते हैं। आईएनएस विक्रांत अरब सागर में तैनात भारतीय नौसेना ने स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को अरब सागर में तैनात किया था। यह भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक रणनीतिक संकेत माना जा रहा है। तैनाती 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी।इससे पहले भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया था। इसमें लिखा गया, ‘एकता में शक्ति, उद्देश्यपूर्ण उपस्थिति।’ नौसेना ने पोस्ट के साथ कई हैशटैग भी लगाए थे।

सुंदर पिचाई की सुरक्षा पर करोड़ो खर्च करता है गूगल

कैलिफ़ोर्निया गूगल की पैरंट कंपनी है अल्‍फाबेट। इसकी कमान संभालते हैं भारत से नाता रखने वाले सुंदर पिचाई जोकि कंपनी के सीईओ हैं। अपने सीईओ को गूगल करोड़ों रुपये सैलरी ऑफर करती है। इतना ही नहीं, उनकी सुरक्षा का भी खास ध्‍यान रखा जाता है। सुंदर पिचाई जहां भी जाते हैं उनके साथ सुरक्षाकर्मियों की एक टीम होती है, जो हर वक्‍त पिचाई को बुरी नजर से बचाने में लगी रहती है। अब पिचाई की नौकरी ही ऐसी है कि गूगल का हरेक फैसला बिना उनकी राय जाने नहीं हो सकता। इसीलिए कंपनी अपने सीईओ पर मोटा पैसा खर्च कर रही है। पिचाई की सुरक्षा में वह करोड़ों रुपये लगा रही है। आंकड़े पिछले साल के सामने आए हैं। इनसे पता चला है कि गूगल ने 2023 के मुकाबले 2024 में सुंदर पिचाई की सेफ्टी के लिए कहीं ज्‍यादा रकम खर्च की। 8 मिलियन डॉलर एक साल में सेफ्टी पर खर्च गूगल ने यूएस सिक्‍या‍ेरिटी एंड एक्‍सचेंज कमीशन को बताया है कि सुंदर पिचाई की सुरक्षा के लिए पिछले साल यानी 2024 में 8 मिलियन डॉलर (लगभग 68 करोड़ रुपये) से ज्‍यादा पैसे खर्च किए गए। रिपोर्ट से पता चलता है कि पिचाई की सेफ्टी का खर्च ही 22 फीसदी बढ़ गया है। साल 2023 में उनकी सुरक्षा पर 6.78 मिलियन डॉलर (लगभग 57.48 करोड़ रुपये) खर्च आया था, जो 2024 में ज्‍यादा हो गया। खास यह है कि गूगल के कई कर्मचारियों की सैलरी में इतना इजाफा नहीं होता होगा, जितना सीईओ की सेफ्टी पर खर्च बढ़ गया। किस वजह से सेफ्टी पर खर्च हुए इतने पैसे रिपोर्टों के अनुसार, सुंदर पिचाई की सुरक्षा उनको पर्सनल फायदा पहुंचाने के लिए नहीं हुआ है। कंपनी का कहना है कि पिचाई की नौकरी और उनकी जॉब प्रोफाइल की वजह से यह खर्च जरूरी है। कंपनी उनके घर की सुरक्षा, गाड़‍ियों और यात्रा के दौरान की जाने वाली सुरक्षा पर यह सब खर्च कर रही है। गूगल ने यह भी बताया है कि उसने अपने टॉप अधिकारियों की सैलरी भी बढ़ाई है। गूगल के फुल टाइम कर्मचारियों की सैलरी में करीब 5 फीसदी बढ़ोतरी की गई है। एआई कंपनियों से कड़ी टक्‍कर मिल रही गूगल को सुंदर पिचाई की सुरक्षा पर खर्च के अलावा गूगल को एआई कंपनियों से कड़ी टक्‍कर मिल रही है। भविष्‍य में एआई की भूमिका को देखते हुए ओपनएआई, परप्‍लेक्सिटी जैसी कंपनियां तेजी से अमेरिका में उभर रही हैं। इन कंपनियों के एआई टूल्‍स जैसे- चैटजीपीटी, गूगल को कड़ी टक्‍कर दे रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट के कोपायलट से भी उसे चुनौती मिल रही है। इन सभी हालात ने गूगल को एआई पर फोकस करने के लिए मजबूर किया है। गूगल का क्रोम ब्राउजर भी एआई से मिल रही चुनौत‍ियों का सामना कर रहा है। सुंदर पिचाई का भारत से है खास नाता दुनिया की सबसे बड़ी टेक दिग्‍गज गूगल के टॉप बॉस सुंदर पिचाई का नाता भारत से है। उनका जन्‍म तमिलनाडु के मदुरै में हुआ था। उन्‍होंने अपनी पढ़ाई भी भारत से की। चेन्‍नई से 12वीं करने के बाद उन्‍होंने आईआईटी खड़गपुर से बैचलर किया। आगे की पढ़ाई के लिए वह स्‍टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और पे‍नस्लिवेनिया यूनिवर्सिटी गए। साल 2004 में उन्‍होंने गूगल को जॉइन किया था और आज कंपनी के टॉप अध‍िकारियों में वह शामिल हैं।

मॉस्को में नौ मई को रूस की विक्टरी डे परेड में शामिल नहीं होंगे राजनाथ सिंह

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस द्वारा नौ मई को मॉस्को में आयोजित विक्टरी डे परेड में शामिल नहीं होंगे और उनके स्थान पर रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ वहां भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने दी जानकारी दी। मॉस्को में नौ मई को आयोजित होने वाले समारोह में रक्षा राज्य मंत्री सेठ को भेजने का कदम पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर भारत व पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर उठाया गया है। जर्मनी पर सोवियत विजय की याद में कार्यक्रम रूस ने द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी पर सोवियत विजय की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर होने वाली विक्टरी-डे परेड के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया था, लेकिन यह निर्णय लिया गया कि रक्षा मंत्री राजनाथ इसमें शिरकत करेंगे। सूत्रों ने बताया कि अब रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ परेड में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। रूस ने इस वर्ष विक्टरी डे परेड में भाग लेने के लिए कई मित्र देशों के नेताओं को आमंत्रित किया है। प्रधानमंत्री मोदी पिछले वर्ष राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन और कजान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो बार रूस गए थे। इस वर्ष रूसी राष्ट्रपति के वार्षिक शिखर सम्मेलन में शिरकत के लिए भारत आने की उम्मीद है।

भगवान के दर्शन करने हजारों श्रद्धालु पहुंचे, आज भक्तों को देंगे दर्शन, खुलेंगे भगवान बद्रीनाथ के पट

नई दिल्ली भगवान बद्रीनाथ के पट आज खुलेंगे। भगवान के दर्शन करने हजारों श्रद्धालु एक दिन पहले ही वहां पहुंच गए हैं। कहते हैं कि 6 माह के बाद भी पट खुलने के बाद भी एक ज्योति जलती रहती है। बता दें कि बद्रीनाथ जहां भगवान विष्णु विराजमान हैं, जहां दर्शन भर से व्यक्ति के लिए मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं। ब्रदीनाथ ही वह स्थान है जहां दर्शन करने से व्यक्ति जन्म मरण के चक्र से मुक्ति पा सकता है। बद्रीनाथ चार प्रमुख धाम में से एक है। बद्रीनाथ को लेकर कहावत भी है कि “जो जाए बद्री, वो न आए ओदरी”, इसका अर्थ है कि जो व्यक्ति बद्रीनाथ के दर्शन कर लेता है। भगवान विष्णु योग ध्यान मुद्रा में लीन थे भगवान विष्णु के नहीं बल्कि मां लक्ष्मी के नाम पर पड़ा है। मान्यताओं और कथाओं के अनुसार, एक बाद भगवान विष्णु योग ध्यान मुद्रा में लीन थे अधिक बर्फबारी होने के कारण वह बर्फ से पूरी तरह ढक चुके थे। उनकी यह दशा देखकर मां लक्ष्मी का हृदय द्रवित हो उठा वह बहुत परेशान हो गई। फिर माता लक्ष्मी भगवान विष्णु के पास जाकर एक बेर वृक्ष का रूप ले लिया( जिसका नाम बदरी था) और सारी बर्फ उस वृक्ष के ऊपर गिरे लगी। बदरीनाथ की मूर्ति की लंबाई 1 मीटर है भगवान विष्णु की प्रतिमा मंदिर से गायब हो गई थी। बदरीनाथ की मूर्ति की लंबाई 1 मीटर यानी 3।3 फीट है। जब हिंदू और बौद्ध धर्म में संघर्ष चल रहा था इस समय मूर्ति की रक्षा के लिए इसे मंदिर के समीप स्थित नारद कुंड में छिपा दिया गया था। इसके बाद 8वीं सदी में शंकराचार्य को नारद कुंड से मूर्ति प्राप्त हुई थी। उन्होंने इसे एक गुफा में स्थापित कर दिया लेकिन, कहा जाता है कि वहां से फिर मूर्ति अचानक गायब हो गई थी। कलियुग में बद्रीनाथ की महिमा पुराण की मानें तो जल प्रलय और सूखा पड़ने के बाद गंगा लुप्त हो जाएगी। इसके बाद बद्रीनाथ के दर्शन नहीं हो पाएंगे। कहते तो ये भी हैं कि इस दिन नर नारायण पर्वत भी आपस में मिल जाएंगे तब बद्रीनाथ जाने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाएगा। यह भी कहते हैं कि सिर्फ बद्रीनाथ ही नहीं केदारनाथ मंदिर भी पूरी तरह से लुप्त हो जाएगा। इसके बाद कई वर्षों बाद भविष्य बद्री नाम का नया तीर्थस्थल स्थापित होगा। जहां भक्त जन पूजा कर पाएंगे।

NIA को मिला अहम सुराग हमले के समय पहलगाम में प्रतिबंधित हुवावे सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल हुआ था

श्रीनगर  जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच अब NIA कर रही है। इस हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक सहित 26 लोगों की जान चली गई थी। जांच एजेंसियों को एक अहम सुराग मिला है। हमले के समय पहलगाम इलाके में एक प्रतिबंधित हुवावे (Huawei) सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल हुआ था। हुवावे एक चीनी कंपनी है। इस पर भारत में रोक है। शक है कि यह फोन पाकिस्तान या किसी दूसरे देश से तस्करी करके लाया गया था। चीनी टेलीकॉम कंपनी पर है रोक दरअसल भारत में चीनी टेलीकॉम कंपनियां हुवावे और ZTE (झोंगक्सिंग टेलीकम्युनिकेशन इक्विपमेंट) को 5G नेटवर्क के लिए उपकरण बेचने की अनुमति नहीं है। हालांकि इन पर कोई सीधा प्रतिबंध नहीं है। लेकिन भारतीय टेलीकॉम कंपनियों ने हुवावे और ZTE को 5G रोलआउट से बाहर कर दिया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये कंपनियां भारत सरकार की ओर से तय किए गए ‘विश्वसनीय स्रोत’ की शर्त को पूरा नहीं करती हैं। सुरक्षा कारणों से भारतीय टेलीकॉम कंपनियां यूरोपीय उपकरण इस्तेमाल करने के लिए ज्यादा पैसे देने को भी तैयार हैं। अमेरिका और यूरोप में चीनी हुवावे पर प्रतिबंध अमेरिका और यूरोप में चीनी हुवावे पर प्रतिबंध लगा है। जुलाई 2022 में अमेरिका और ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन के खिलाफ चेतावनी जारी की थी। FBI और MI5 के प्रमुखों ने आरोप लगाया था कि चीन आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। चीन ने इन आरोपों को निराधार बताया था। अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड, जो कनाडा के साथ फाइव आइज़ इंटेलिजेंस-शेयरिंग गठबंधन के सदस्य हैं, उन्होंने भी हुवावे को अपने 5G नेटवर्क से प्रतिबंधित कर दिया है। पहलगाम अटैक की एनआईए कर रही हर एंगल से जांच पहलगाम हमला हाल के समय में कश्मीर में हुए सबसे घातक हमलों में से एक है। इसमें बेकसूर पर्यटकों को निशाना बनाया गया था। एनआईए फॉरेंसिक एक्सपर्ट और टेक्निकल इंटेलिजेंस की मदद से कई पहलुओं पर जांच कर रही है। इसमें सैटेलाइट फोन को ट्रैक करना भी शामिल है। इसके लिए पश्चिमी एजेंसियों से मदद ली जा रही है। पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। टीआरएफ ने क्या दी है चेतावनी? TRF ने कहा है कि 85,000 से ज्यादा डोमिसाइल गैर-स्थानीय लोगों को जारी किए गए हैं। इससे भारतीय कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (IOJK) में जनसांख्यिकीय परिवर्तन का रास्ता खुल गया है। ये गैर-स्थानीय लोग पर्यटक बनकर आते हैं। डोमिसाइल प्राप्त करते हैं और फिर ऐसे व्यवहार करते हैं जैसे वे जमीन के मालिक हों। नतीजतन हिंसा उन लोगों के खिलाफ निर्देशित की जाएगी जो अवैध रूप से बसने की कोशिश कर रहे हैं। TRF का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में बाहर के लोगों को बसाया जा रहा है, इसलिए वे हिंसा करेंगे। तीन संदिग्धों के स्केच जारी चश्मदीदों ने बताया है कि हमले में पांच से ज्यादा हमलावर शामिल थे। NIA इन बयानों की जांच कर रही है ताकि घटनाओं का क्रम पता चल सके। NIA की टीमें एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर सुराग ढूंढ रही हैं। जम्मू-कश्मीर में ओवरग्राउंड वर्कर्स भी जांच के दायरे में हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहले तीन संदिग्धों के स्केच जारी किए थे और प्रत्येक पर 20 लाख रुपये का इनाम रखा था। NIA ने कहा है कि वह आतंकी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। फॉरेंसिक टीमें हमले की जगह पर सबूत ढूंढ रही हैं। दोषियों को न्याय के कटघरे में लाएगी एनआईए NIA ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद एनआईए ने औपचारिक रूप से पहलगाम आतंकी हमले के मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी ने कहा कि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। एनआईए इस मामले की तह तक जाएगी और दोषियों को सजा दिलाएगी।

सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन जल्द तैनाती क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों में काफी मददगार

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में बढ़ती आतंकी गतिविधियों के बीच सुरक्षा अधिकारियों का मानना ​​है कि सीआरपीएफ के जंगल वारियर्स (कोबरा बटालियन) की जल्द तैनाती क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों में काफी मददगार हो सकती है. दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों को इस बात की चिंता है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए नरसंहार में शामिल आतंकवादियों का अभी तक पता नहीं चल पाया है. इस संबंध में सीआरपीएफ के पूर्व महानिदेशक सुजॉय लाल थाउसेन ने ईटीवी भारत से कहा, “कोबरा आतंकी गतिविधियों से लड़ने में काफी सक्षम है. उन्हें फिर से ट्रेन किया जा सकता है और वे आतंकवाद विरोधी अभियानों में जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की मदद कर सकते हैं.” कोबरा बटालियन कोबरा बटालियन, जिसे कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन के नाम से भी जाना जाता है, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की एक स्पेशल यूनिट है. यह मुख्य रूप से गुरिल्ला और जंगल युद्ध की रणनीति में अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती है, खासकर वामपंथी उग्रवाद (LWE) से निपटने में. कोबरा को जंगल के इलाकों में ऑपरेशन पर ध्यान केंद्रित करने के कारण ‘जंगल योद्धा’ भी कहा जाता है. थाओसेन ने कहा, “नक्सल इलाकों में अपनी प्रतिबद्धता से मुक्त होने के बाद कोबरा आतंकवाद विरोधी अभियानों में शामिल हो सकेंगे. झारखंड, ओडिशा, बंगाल और बिहार जैसे राज्यों में कोबरा की प्रतिबद्धता कुछ साल पहले की तुलना में बहुत कम है. उन सभी इकाइयों को जम्मू-कश्मीर के माहौल के हिसाब से फिर से प्रशिक्षित किया जा सकता है और आतंकवादियों से लड़ने के लिए जम्मू-कश्मीर में तैनात किया जा सकता है.” जम्मू-कश्मीर में एक कंपनी पहले ही प्रशिक्षित हो चुकी है इससे पहले जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान में कोबरा बटालियन को तैनात करने की पहल की गई थी. हालांकि, इसे आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए नहीं रखा गया. सीआरपीएफ महानिदेशक के रूप में थाउसेन के कार्यकाल के दौरान एक कोबरा कंपनी को अनुकूलन प्रक्रिया के लिए जम्मू-कश्मीर भेजा गया था. थाउसेन ने कहा, “अपने कार्यकाल के दौरान मैंने जम्मू-कश्मीर में एक कोबरा कंपनी भेजी है. चूंकि नक्सल क्षेत्र में हमारी भागीदारी कम हो रही थी, इसलिए मैंने अपने कार्यकाल के दौरान जम्मू-कश्मीर में एक कंपनी को परिचित कराने के लिए भेजा था.” हालांकि, स्थानीय प्राधिकारी और स्थानीय पुलिस की इच्छा होने पर ऐसे केंद्रीय बलों को तैनात किया जाता है. थाउसेन ने कहा, “अगर स्थानीय प्राधिकारी और स्थानीय पुलिस मांग करती है, तो केंद्रीय बलों को विशिष्ट क्षेत्र में तैनात किया जाता है.” तैनाती प्रक्रिया तैनाती प्रक्रिया के बारे में बात करते हुए थाउसन ने कहा कि तैनाती प्रक्रिया किसी विशिष्ट क्षेत्र में आतंकवादियों की गतिविधियों पर निर्भर करती है.उन्होंने कहा, “यह इस बात पर निर्भर करता है कि जम्मू-कश्मीर में कितनी यूनिट की आवश्यकता है. तैनाती प्रक्रिया जिलों या क्षेत्रों में आतंकवादी गतिविधियों पर भी निर्भर करती है.तैनाती आतंकवादियों की कुल संख्या की गणना पर निर्भर करती है.” पहलगाम में आतंकवादियों का ठिकाना सुरक्षा बलों का मानना ​​है कि पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादी प्राकृतिक गुफाओं और वन क्षेत्रों में छिपे हो सकते हैं. पिछले 11 दिनों से बैसरन घाटी, तरानाउ हप्तगुंड, दावरू और अन्य निकटवर्ती क्षेत्रों के घने जंगलों में सघन तलाशी अभियान चल रहा है. कोबरा एक गेम चेंजर साबित हो सकता है भारत के सुरक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना ​​है कि कोबरा बल की तैनाती जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद विरोधी अभियान में गेम चेंजर साबित हो सकती है. प्रसिद्ध सुरक्षा विशेषज्ञ (सेवानिवृत्त) ब्रिगेडियर बीके खन्ना ने कहा, “बटालियन (कोबरा) को जंगल में युद्ध करने का अनुभव है. एक बार जब यह जम्मू-कश्मीर के इलाकों से लैस हो जाएगा, तो सुरक्षा एजेंसियों को अधिकतम लाभ मिलेगा.” कोबरा नक्सलियों से लड़ रहा है कोबरा यूनिट को नक्सली आंदोलन की रीढ़ तोड़ने का क्रेडिट दिया जाता है. यह सीआरपीएफ की एक विशेष गुरिल्ला युद्ध कमांडो यूनिट है, जिसे जंगल के इलाकों में लड़ने में व्यापक विशेषज्ञता हासिल है. कोबरा यूनिट के कमांडो मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत होते हैं. इनमें से ज़्यादातर कोबरा टीमें नक्सल हिंसा से प्रभावित विभिन्न राज्यों में तैनात हैं. साथ ही, कोबरा की कुछ यूनिटें आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए पूर्वोत्तर राज्यों में भी तैनात की गई हैं.

साबरकांठा में भीषण सड़क हादसा, जीप, बस और बाइक की जबरदस्त टक्कर, 6 लोगों की मौत

साबरकांठा गुजरात के साबरकांठा में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में एक बच्ची समेत छह लोगों की मौत हो गई। वहीं, दुर्घटना में 9 लोग घायल हो गए। दरअसल, राज्य परिवहन बस, जीप और एक मोटरसाइकिल की जोरदार टक्कर हो गई। दुर्घटना हिंगटिया गांव के पास गटी। पुलिस ने जानकारी दी कि मोटरसाइकिल पर तीन लोग सवार थे। मारे जाने वाले ज्यादातर लोग जीप में सवार थे। टक्कर के बाद जीप के परखच्चे उड़ गए। घायलों का जिला मुख्यालय हिम्मतनगर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने आगे बताया कि मृतकों में से अधिकांश साबरकांठा जिले के पुरुष थे।

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उमर अब्दुल्ला की पीएम मोदी से यह पहली मुलाकात, स्थिति को लेकर हुई चर्चा

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उमर अब्दुल्ला की प्रधानमंत्री मोदी से यह पहली मुलाकात है। इस हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे। दोनों नेताओं के बीच आतंकी हमले के बाद की स्थिति को लेकर चर्चा हुई। सीएम उमर अब्दुल्ला ने सुरक्षा को लेकर पीएम मोदी से खास बातचीत की। आतंकी हमले के बाद देश की जनता में आक्रोश है। आतंकवाद की जड़ों को खत्म करने के लिए पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी है। देश की जनता आतंक को खत्म करने की पीएम मोदी से अपील कर रही है। इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।

भारत के CRPF जवान को पाकिस्तानी महिला से शादी करना पड़ा भारी, नौकरी से बर्खास्त

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान में जारी तनाव के बीच केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने अपने जवान मुनीर अहमद को पाकिस्तानी महिला से अपनी शादी की बात छिपाने के आरोप में नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। मुनीर अहमद का यह काम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक पाया गया। जवान की आखिरी तैनाती देश के प्रमुख आंतरिक सुरक्षा बल सीआरपीएफ की 41वीं बटालियन में थी। आधिकारिक सूत्रों ने ‘पीटीआई’ को बताया कि उसे उन नियमों के तहत सेवा से बर्खास्त किया गया है, जिसके तहत जांच की जरूरत नहीं होती। सीआरपीएफ के प्रवक्ता उप महानिरीक्षक (डीआईजी) एम दिनाकरन ने कहा, “मुनीर अहमद को पाकिस्तानी नागरिक से अपनी शादी को छिपाने और जानबूझकर उसके वीजा की वैधता से परे उसे शरण देने के कारण तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।” पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर उठाए गए कूटनीतिक उपायों के तहत भारत द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के लिए कहने के बाद अहमद की मीनल खान के साथ शादी का पता चला था। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। दोनों ने पिछले साल 24 मई को एक वीडियो कॉल के जरिए शादी की थी। सीआरपीएफ की जांच में पाया गया कि जवान ने संबंधित अधिकारियों को अपनी शादी और उसके भारत में रहने की सूचना नहीं दी थी। आतंकी हमले के बाद भारत ने पाक के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार ने अल्पकालिक वीजा वाले पाकिस्तानी नागरिकों के साथ-साथ भारत में इस्लामाबाद के शीर्ष सैन्य अधिकारियों को देश छोड़ने का निर्देश दिया था। अन्य ऐक्शन में सैन्य राजनयिकों को अवांछित व्यक्ति घोषित करना, अटारी-वाघा सीमा को बंद करना, सिंधु जल संधि को रोकना, पाकिस्तानी जहाजों को भारत में प्रवेश करने से रोकना और सभी पाकिस्तानी आयातों पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।

भारत आतंकवाद और इसका समर्थन करने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक बार फिर कहा कि भारत आतंकवाद और इसका समर्थन करने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका यह बयान पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया। हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ मैनुअल गोंकाल्वेस लौरेंको के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आतंकवाद के खिलाफ हमारे रुख में हम पूरी तरह एकजुट हैं। मैं पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के प्रति सहानुभूति जताने के लिए राष्ट्रपति लौरेंको और अंगोला के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “हम आतंकवादियों और उनका समर्थन करने वालों के खिलाफ दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंगोला के समर्थन के लिए उसे धन्यवाद देते हैं।” आतंकियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल – पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में लोगों (ज्यादातर पर्यटक) पर गोलियां चला दी थीं। हमले में 26 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। प्रतिबंधित आतंकवादी समूह ‘लश्कर-ए-तैयबा’ से जुड़े ‘टीआरएफ’ ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। चार भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने पहलगाम में क्रूर हमला किया था। प्रतिबंधित आतंकवादी समूह ‘लश्कर-ए-तैयबा’ से जुड़े ‘टीआरएफ’ ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। हमलावरों में से दो पाकिस्तानी नागरिक होने की पुष्टि हुई है। 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत सरकार ने तुरंत 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समिति (सीसीएस) की बैठक बुलाई। इस नरसंहार के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने की घोषणा की और अटारी सीमा को बंद करने का आदेश दिया। इसके साथ ही पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी वीजा रद्द कर दिए, पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों और एक्स हैंडलों पर व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी, उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या में और कटौती का आदेश देकर राजनयिक संबंधों को कमतर कर दिया, कई राजनयिकों को प्रभावी रूप से इस्लामाबाद वापस भेज दिया गया। सीसीएस बैठक के बाद एक सख्त संदेश में, प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ देश के आक्रामक रुख को रेखांकित करते हुए कहा, “हम हर आतंकवादी और उसके समर्थकों की पहचान करेंगे, उनका पता लगाएंगे और उन्हें दंडित करेंगे। हम उन्हें धरती के अंत तक खदेड़ेंगे।”

ऑस्ट्रेलिया चुनाव में गरीब मां के बेटे एंथनी अल्बनीज का कमाल, दूसरी बार बने ऑस्ट्रेलिया के पीएम

कैनबरा ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ 21 वर्षों में लगातार दो बार तीन साल का कार्यकाल जीतने वाले पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं। विपक्षी नेता पीटर डटन अपनी संसदीय सीट से हार गए हैं। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के चुनाव में अल्बनीज ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जीत के बाद पोस्ट किया है। ऑस्ट्रेलिया के चुनाव में मौजूदा प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और विपक्षी नेता पीटर डटन के बीच टक्कर थी। एंथनी अल्बनीज की जीत के बाद पीटर डटन ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। डटन ने अल्बनीज को फोन पर बधाई दी। जीत के बाद अल्बनीज ने कहा कि ये उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने निष्पक्षता, आकांक्षा और अवसर के लिए वोट दिया है। अल्बनीज ने कहा कि वह कल से ही अपने काम पर जुट जाएंगे। गरीब परिवार से निकलकर चमके लेबर पार्टी के नेता अल्बनीज खुद को एक आधुनिक नेता के रूप में पेश करते हैं। उन्होंने हालिया वर्षों में ऑस्ट्रेलिया राजनीति में स्थिरता लाने की कोशिश की है। दरअसल साल 2007 में हावर्ड के बाद ऑस्ट्रेलिया में छह प्रधानमंत्री बदले हैं। ऐसे में अल्बनीज का लगातार दूसरा कार्यकाल हासिल करना और खास हो जाता है। अल्बनीज ने ना सिर्फ अपना पूरा कार्यकाल पूरा किया बल्कि दूसरे टर्म के लिए चुनाव भी जीता है। एंथनी अल्बनीज बीते 30 सालों से सांसद हैं और साल 2022 से ऑस्ट्रलिया के प्रधानमंत्री हैं लेकिन यह जीत उनके व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन में बड़ी उपलब्धि है। इसकी एक वजह ये है कि वह बेहद साधारण परिवार से आते हैं। सिडनी में एंथनी को उनकी मां ने सिंगल मदर के तौर पर पाला पोसा है। उनकी मां पेंशन पर निर्भर थीं और वे सरकारी घर में रहते थे। गरीबी में पले एंथनी आज वह ऑस्ट्रेलिया की राजनीति के सबसे अहम चेहरे हैं। अल्बनीज ने चुनाव प्रचार के दौरान भी कई दफा ये कहा कि वह गरीबी और संघर्ष को समझते हैं।

आज तहव्वुर राणा की आवाज और हैंडराइटिंग के सैंपल दिल्ली की एक अदालत के सामने इकट्ठा किए, NIA की पूछताछ जारी

मुंबई 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की पूछताछ जारी है। इस कड़ी में, शनिवार को राणा की आवाज और हैंडराइटिंग के सैंपल दिल्ली की एक अदालत के सामने इकट्ठा किए गए। तहव्वुर राणा को कड़ी सुरक्षा में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास वैभव कुमार के समक्ष लाया गया, जहां एनआईए ने उसकी हैंडराइटिंग के नमूने एक बंद कमरे में दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार, तहव्वुर राणा से अलग-अलग अक्षरें और संख्याएं लिखवाई गईं। 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की पूछताछ जारी है। इस कड़ी में, शनिवार को राणा की आवाज और हैंडराइटिंग के सैंपल दिल्ली की एक अदालत के सामने इकट्ठा किए गए। तहव्वुर राणा को कड़ी सुरक्षा में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास वैभव कुमार के समक्ष लाया गया, जहां एनआईए ने उसकी हैंडराइटिंग के नमूने एक बंद कमरे में दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार, तहव्वुर राणा से अलग-अलग अक्षरें और संख्याएं लिखवाई गईं। तहव्वुर राणा को कानूनी सहायता में मदद देने वाले वकील पीयूष सक्सेना ने इस बारे में अधिक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हाल के अदालती आदेश का पूरी तरह पालन किया, जिसमें उन्हें अपनी आवाज और हैंडराइटिंग के सैंपल जमा करने का निर्देश दिया गया था। बीते दिनों अदालत ने एनआईए को राणा के आवाज और हस्तलेखन के नमूने एकत्र करने की इजाजत दी थी। विशेष एनआईए जज चंदर जीत सिंह ने 28 अप्रैल को राणा की हिरासत को 12 दिनों के लिए बढ़ाया था, उन्होंने 30 अप्रैल को एनआईए की ओर से दायर आवेदन पर यह आदेश पारित किया। 26/11 आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड मुंबई के ताज होटल सहित कई ठिकानों पर 26 नवंबर 2008 को हुए हमलों ने विश्व भर में लोगों को दहला दिया था, जिसमें विदेशी नागरिकों सहित 166 लोग मारे गए थे। राण इन हमलों का एक मुख्य आरोपी है। अमेरिका के साथ प्रत्यपर्ण समझौते के अंतर्गत वहां से 10 अप्रैल को भारत लाया गया। तब से वह एनआईए की हिरासत में है। तहव्वुर पाकिस्तानी मूल और कनाडा का नागरिक है। उस पर 26/11 हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के लिए मुंबई में हमले की जगहों की रेकी करने का आरोप है। आरोप है कि वह अपने बचपन के दोस्त डेविड कोलमैन हेडली के साथ हमले की साजिश में शामिल था।

बाबा केदार के दर्शन के लिए आए तीर्थयात्री भी टोकन सिस्टम से दर्शन की आसानी से काफी खुश नजर आए

रुद्रप्रयाग उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई 2025 को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। बाबा केदार के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने इस साल टोकन सिस्टम लागू किया है, ताकि सभी श्रद्धालु आसानी से मंदिर में दर्शन कर सकें। उल्लेखनीय है कि केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर देशभर से बाबा केदार के दर्शन के लिए आए तीर्थयात्री भी टोकन सिस्टम से दर्शन की आसानी से काफी खुश नजर आए। देहरादून से शुभ कुमार, छत्तीसगढ़ से डॉ. दीपिका तथा अन्य श्रद्धालुओं ने इसके लिए प्रशासन की सराहना की। उनका कहना है कि लाइन में खड़े होने और घंटों इंतजार करने का झंझट खत्म हो गया है। टोकन में टाइम स्लॉट है, जिससे अपने नंबर पर आसानी से मंदिर में दर्शन करने में सुविधा हो रही है। जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को सुखद और सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन हरसंभव प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में मंदिर परिसर में प्रवेश से पहले हेलीपैड के पास टोकन सिस्टम लगाया गया है, जिससे यात्रियों को दर्शन से पहले अपना नंबर पता चल जाएगा, इस बीच यात्री केदारपुरी घूम सकेंगे। छत्तीसगढ़ के रायपुर से आईं डॉ. दीपिका ने कहा कि टोकन व्यवस्था से बहुत आसानी हो गई है। इसमें टाइम स्लॉट है, इसलिए लाइन लगाने की जरूरत नहीं है। इससे लोगों को बहुत सुविधा हो रही है। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से आए एक श्रद्धालु ने कहा कि यहां बहुत अच्छी सुविधा है। बाबा के दर्शन के लिए टोकन मिल रहा है। समय पर दर्शन हो रहे हैं। गाजियाबाद के एक श्रद्धालु ने कहा कि मंदिर में दर्शन के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। टोकन की व्यवस्था बहुत अच्छी है। लाइन से बाबा के बहुत अच्छे दर्शन हो रहे हैं। राज्य सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। बता दें कि केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे। कपाट खुलने के बाद पहले ही दिन (शुक्रवार को) दर्शनों को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। पहले दिन रिकॉर्ड 30,154 तीर्थ यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए।

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