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तेज रफ्तार कार और टैक्सी की टक्कर से हुआ हादसा, टैक्सी चालक और महिला यात्री की मौत

मुंबई महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के दादर इलाके में एक फ्लाइओवर पर तेज रफ्तार कार और टैक्सी की टक्कर में टैक्सी चालक और एक महिला यात्री की मौत हो गई। पुलिस ने कार चला रहे 21 वर्षीय युवक को मौके से हिरासत में ले लिया है। शुरुआती जांच में यह मामला लापरवाही और तेज गति से गाड़ी चलाने का पाया गया है। टैक्सी चालक और महिला यात्री की मौत इस दर्दनाक हादसे में टैक्सी चालक और उसमें सवार 55 वर्षीय महिला यात्री रेखा परमार की मौत हो गई। यह घटना शनिवार दोपहर करीब 1:15 बजे एल्फिन्सटन ब्रिज पर हुई, जब प्रियांशु बांद्रे (21) नामक युवक की कार दादर रेलवे स्टेशन की ओर जा रही थी। पुलिस के अनुसार, प्रियांशु बांद्रे ने कार से नियंत्रण खो दिया, जिससे उसकी गाड़ी उत्तर दिशा की लेन से दक्षिण दिशा की लेन में आ गई और सामने से आ रही टैक्सी से टकरा गई। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक को हिरासत में लिया। पुलिस ने दर्ज किया मामला पुलिस ने प्रियांशु बांद्रे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह हादसा लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के कारण हुआ। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी नशे की हालत में तो नहीं था।

वैष्णो देवी भवन पर श्राइन बोर्ड की ओर से कई ऐसी सुविधाएं और सेवाएं बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध करवाई जाती हैं

जम्मू नवरात्र के अवसर पर माता वैष्णो देवी धाम पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में यदि आप भी इन पवित्र दिनों में धाम जाने का प्लान कर रहे हैं तो हम आपको कई जरूरी बातें बताएंगे। दरअसल, वैष्णो देवी भवन पर श्राइन बोर्ड की ओर से कई ऐसी सुविधाएं और सेवाएं बिल्कुल मुफ्त (Free Services at Vaishno Devi Dham) उपलब्ध करवाई जाती हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी क्रम में आइए, इन सुविधाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानते हैं और जानते हैं उन नई सेवाओं को, जिन्हें श्राइन बोर्ड (Vaishno Devi Shrine Board) नवरात्र के अवसर पर शुरू कर रहा है।       हर तीर्थयात्री की 24×7 ट्रैकिंग से युक्त RFID Card।     भवन, सांझीछत और भैरो जी में 24×7 माता का लंगर।     स्वच्छ पेयजल के काउंटर।     भवन, सांझीछत और अर्धकुंवारी में आवास सुविधा।     लॉकर, कंबल और स्नान सुविधाएं।     चिकित्सा एवं एम्बुलेंस सेवाएं 24×7।     हर यात्री को फ्री दुर्घटना बीमा कवर और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं।     दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए बैटरी कार की सुविधा।   वे सुविधाएं जो श्राइन बोर्ड द्वारा न्यूनतम दर पर उपलब्ध करवाई जाती हैं     भोजनालय: जम्मू, कटरा, अर्धकुंवारी और भवन।     कक्ष और डॉर्मिटरी: जम्मू, कटरा, अर्धकुंवारी और भवन।     स्मारक सामग्री की दुकानें जम्मू, कटरा और भवन।     पंचागव्य प्रसाद काउंटर: जम्मू, हवाई अड्डा, वैष्णवी धाम जम्मू, YRC कटरा, त्रिकुटा भवन कटरा, सांझीछत, भैरोजी और भवन।     किसी भी सहायता या सवाल के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर 9906019494  पर संपर्क किया जा सकता है। नवरात्र पर शुरू होंगी नई सेवाएं बीते दिनों श्री माता वैष्णो देवी (Shri Mata Vaishno Devi) श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशुल गर्ग (CEO Anshul Garg) ने कहा कि नवरात्र के मौके पर श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी। मौजूदा समय में लगभग 40 हजार तीर्थयात्री रोजाना माता वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन करने आते हैं, हफ्ते के आखिरी में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है और नवरात्र में यह संख्या और बढ़ जाएगी।     चैत्र नवरात्रि से भवन में अटका आरती (Atka Aarti at Vaishno Devi Bhawan) और अर्धकुंवारी में गर्भजून आरती के लिए दिव्यांग तीर्थयात्रियों के लिए निशुल्क स्थान आरक्षित किए कर सकते हैं।     चैत्र नवरात्रि में यात्रियों की सुविधा के लिए अर्धकुंवारी में 1,500 तीर्थयात्रियों के लिए सभी मौसम में कवर किया जाने वाला विश्राम क्षेत्र बनाए गए हैं।     चैत्र नवरात्रि के मौके पर प्रसाद की होम डिलीवरी का भी विकल्प होगा, बुकिंग maavaishnodevi.org के जरिए की जा सकती है।  

भारत इस मुश्किल घड़ी में म्यांमार के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है, PM मोदी ने वरिष्ठ जनरल से की बात

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को म्यांमार के वरिष्ठ जनरल महामहिम मिन आंग ह्लाइंग से बात की। उन्होंने कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में म्यांमार के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। एक्स पर एक पोस्ट में मोदी ने कहा, “म्यांमार के वरिष्ठ जनरल महामहिम मिन आंग ह्लाइंग से बात की। विनाशकारी भूकंप में हुई मौतों पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। एक करीबी दोस्त और पड़ोसी के रूप में, भारत इस मुश्किल घड़ी में म्यांमार के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत आपदा राहत सामग्री, मानवीय सहायता, खोज और बचाव दल को प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से भेजा जा रहा है।” म्यांमार और पड़ोसी थाईलैंड में शुक्रवार को उच्च तीव्रता वाला भूकंप आया, जिससे इमारतें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे नष्ट हो गए। म्यांमार में कम से कम 1,002 लोगों की मौत हुई। भारत ने शनिवार को म्यांमार को 15 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक पोस्ट में कहा कि ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के हिस्से के रूप में, भारत ने शुक्रवार के भीषण भूकंप से प्रभावित म्यांमार के लोगों की सहायता के लिए पहले प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में काम किया। टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, भोजन के पैकेट, स्वच्छता किट, जनरेटर और जरूरी दवाओं सहित 15 टन राहत सामग्री की हमारी पहली खेप यांगून पहुंच गई है।” इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विनाशकारी भूकंप पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने एक्स पर लिखा, “म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद की स्थिति से चिंतित हूं। सभी की सुरक्षा और खुशहाली के लिए प्रार्थना करता हूं। भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। इस संबंध में, हमने अपने अधिकारियों से तैयार रहने को कहा है। साथ ही विदेश मंत्रालय से म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों के साथ संपर्क में रहने को कहा है।” म्यांमार में शुक्रवार दोपहर को 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, सागाइंग के पास आए इस भूकंप के बाद 2.8 से 7.5 तीव्रता के 12 झटके महसूस किए गए, जिससे प्रभावित इलाकों में हालात और खराब हो गए। म्यांमार के राज्य प्रशासन परिषद की सूचना टीम ने जानकारी दी है कि भूकंप में 1,002 लोग मारे गए, 2,376 लोग घायल हुए और 30 लोग अब भी लापता हैं। म्यांमार के नेता वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय समुदायों से मानवीय सहायता की अपील की है।

जम्मू-कश्मीर में तनाव बढ़ गया, हो जाये सावधान !, पलिस द्वारा बड़ी मात्रा में सुरक्षा बलों के तैनात, हाई अलर्ट

कठुआ कठुआ में चल रहे एनकाउंटर के बाद जम्मू-कश्मीर में तनाव बढ़ गया है। अगर बात जम्मू की करें तो यहां पर पलिस द्वारा बड़ी मात्रा में सुरक्षा बलों के तैनात किया गया है जिसके चलते यहां पर हाई अलर्ट जारी किया जा चुका है। जम्मू के विक्रम चौक में एसपी साउथ अजय शर्मा के नेतृत्व में एक स्पेशल नाका लगाया गया है। इस दौरान आने-जाने वाले सभी वाहनों की सघन जांच की गई, विशेष रूप से बैग और सामान की कड़ी चैकिंग की जा रही है। लोगों से निवेदन किया गया है कि यदि कोई संदिग्ध गतिविधी दिखे तो तुरंत पुलिस को जानकारी दी जाए। मीडिया से बातचीत में एसपी साउथ ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जम्मू में रेड अलर्ट जारी किया गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए यह विशेष जांच अभियान चलाया गया है।

नितिन गडकरी ने ऑटो समिट में महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की गई, अब टू-व्हीलर खरीदने पर दो ISI हेलमेट देने होंगे

नई दिल्ली भारत में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के इरादे से केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि अब हर दोपहिया वाहन के साथ दो ISI सर्टिफाइट हेलमेट देना अनिवार्य होगा। नई दिल्ली में आयोजित ऑटो समिट में इस महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की गई, जिसे टू-व्हीलर हेलमेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया का पूरा समर्थन मिला है। गडकरी का यह सख्त निर्देश उद्योग जगत द्वारा एक महत्वपूर्ण और लंबे समय से अपेक्षित कदम माना जा रहा है, जो इन अनावश्यक मौतों को रोकने में मदद करेगा। टू-व्हीलर हेलमेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (THMA), जो लंबे समय से ISI सर्टिफाइट हेलमेट की अनिवार्यता की मांग कर रहा था उसने इस सक्रिय नेतृत्व की सराहना की। बता दें कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। हर साल 4,80,000 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इसमें करीब 1,88,000 से अधिक लोगों की जान जाती है। इनमें से 66% मृतक 18 से 45 वर्ष की आयु के होते हैं। खासकर दोपहिया वाहनों से जुड़े हादसों में हर साल 69,000 से अधिक लोग मारे जाते हैं, जिनमें से 50% मौतें हेलमेट न पहनने के कारण होती हैं। इस पर THMA के अध्यक्ष राजीव कपूर ने कहा, “यह केवल एक नियम नहीं, बल्कि देश की आवश्यकता है। जो परिवार सड़क दुर्घटनाओं में अपनों को खो चुके हैं, उनके लिए यह फैसला उम्मीद की किरण है कि अब ऐसी त्रासदियों को रोका जा सकेगा।” उद्योग जगत ने जोर देकर कहा कि दोपहिया वाहनों की सवारी अब जोखिमभरी नहीं होनी चाहिए। यदि राइडर और पीछे बैठने वाले दोनों के पास ISI सर्टिफाइट हेलमेट होगा, तो सफर सुरक्षित और ज़िम्मेदारी भरा बनेगा। हेलमेट निर्माता संघ ने आश्वासन दिया कि वे क्वालिटी ISI हेलमेट के प्रोडक्शन में वृद्धि करेंगे और देशभर में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने गडकरी की इस पहल को सड़क सुरक्षा में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह कदम भारत में सुरक्षित और समझदारी भरी दोपहिया यात्रा के नए युग की शुरुआत करेगा। क्योंकि हर हेलमेट के पीछे एक कीमती जीवन होता है। अब 2000 रुपए का चालान भारत सरकार ने 1998 मोटर वाहन अधिनियम में बदलाव किया है। जिसमें टू-व्हीलर चलाने वालों के हेलमेट नहीं पहनने या फिर ठीक से हेलमेट नहीं पहनने पर 2,000 रुपए तक का तत्काल जुर्माना लगाया जाएगा। यानी बाइक सवार ने हेलमेट पहना है, लेकिन वह खुला हुआ है, तो इस पर 1,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। आपने हेलमेट पहना है और सिर से बांधे रखने वाले पट्टी टाइट करके नहीं पहनी है तो भी आप पर 1 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। कुल मिलाकर हेलमेट को अब पूरी तरह ठीक से पहनना होगा। यदि ऐसा नहीं होता है तब आपके ऊपर 2000 रुपए का चालान होगा।  

गृहमंत्री अमित शाह ने अमित शाह का संदेश, हथियार और हिंसा से बदलाव नहीं आ सकता

नई दिल्ली केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सल विरोधी अभियान के तहत जारी एनकाउंटर में सुरक्षा बलों की सफलता की सराहना की है। सुरक्षा बलों ने इस मुठभेड़ में 16 नक्सलियों को ढेर कर ऑटोमेटिक हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। गृहमंत्री ने इसे नक्सलवाद पर एक और निर्णायक प्रहार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। गृहमंत्री अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “नक्सलवाद पर एक और प्रहार! हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने सुकमा में एक ऑपरेशन में 16 नक्सलियों को ढेर कर दिया है और ऑटोमेटिक हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के लिए संकल्पित हैं।” सशस्त्र विद्रोह में अभी भी शामिल लोगों से सीधी अपील करते हुए शाह ने कहा, “हथियार रखने वालों से मेरी अपील है कि हथियार और हिंसा से बदलाव नहीं आ सकता, केवल शांति और विकास ही बदलाव ला सकता है।” अधिकारियों द्वारा सुकमा में अब तक की सबसे बड़ी मुठभेड़ों में से एक बताई जा रही इस मुठभेड़ में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की जॉइंट टीमें शामिल हैं। सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने घटनास्थल से 16 नक्सलियों के शव बरामद होने की पुष्टि करते हुए कहा कि ऑपरेशन के दौरान हमारे दो जवान घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने इलाके से एके-47 राइफल, सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर) और इंसास राइफल सहित अत्याधुनिक हथियारों का एक बड़ा जखीरा भी बरामद किया है। एसपी चव्हाण ने कहा, “इसे सुकमा में अब तक की सबसे बड़ी मुठभेड़ों में से एक कहा जा सकता है।” अधिकारी ने कहा कि मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। शुक्रवार को जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा शुरू किए गए संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान के बाद गोलीबारी शुरू हुई। अधिकारियों के अनुसार, सुकमा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत केरलपाल क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी के बारे में विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान शुरू किया गया था। संयुक्त दल 28 मार्च को तलाशी अभियान के लिए निकला था और शनिवार 29 मार्च की सुबह से ही रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है। सुरक्षा बल फिलहाल मुठभेड़ स्थल और आसपास के जंगलों की गहन तलाशी कर रहे हैं। सुकमा छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सबसे अधिक प्रभावित जिलों में से एक है, जहां पहले भी कई नक्सली हमले हो चुके हैं। इससे पहले 22 मार्च को अमित शाह ने संसद को बताया था कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद का खात्मा हो जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच 16,463 हिंसक घटनाएं हुईं, लेकिन पिछले दस सालों में यह संख्या 53 फीसदी कम हुई है। उन्होंने बताया कि 2004 से 2014 के बीच 1,851 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए, लेकिन पिछले 10 सालों में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों की संख्या घटकर 509 रह गई, यानी 73 फीसदी की कमी आई। नागरिकों की मौतों की संख्या 4,766 से घटकर 1,495 हो गई, जो 70 प्रतिशत की कमी है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 2014 से 2024 तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 11,503 किलोमीटर राजमार्गों का निर्माण किया गया। इसके अलावा, 20,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनाई गईं। पहले चरण में 2,343 मोबाइल टावर लगाए गए, जबकि दूसरे चरण में 2,545 टावर लगाए गए। 4,000 मोबाइल टावर लगाने का काम अभी भी जारी है। शाह ने बताया कि 1 दिसंबर तक पूरा नक्सल प्रभावित क्षेत्र मोबाइल कनेक्टिविटी से लैस हो जाएगा।  

गंगा की सफाई को लेकर बिहार सरकार पर 50,000 का जुर्माना, सु्प्रीम कोर्ट ने NGT के आदेश पर लगाई रोक

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें बिहार सरकार पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। एनजीटी ने गंगा नदी के प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण से संबंधित मामले में अपने निर्देशों का पालन न करने और उचित सहायता न करने के लिए बिहार सरकार पर यह जुर्माना लगाया था। एनजीटी ने पिछले साल 15 अक्टूबर को पारित अपने आदेश में बिहार के मुख्य सचिव को गंगा नदी में प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों के बारे में उसे अवगत कराने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये उसके समक्ष पेश होने का भी निर्देश दिया था। जस्टिस बी आर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने एनजीटी के आदेश को चुनौती देने वाली बिहार सरकार की याचिका पर सुनवाई की। पीठ ने इस मामले में केंद्र और अन्य हितधारकों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर याचिका पर जवाब मांगा है। जस्टिस बी आर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने शुक्रवार को पारित अपने आदेश में कहा, ‘अगले आदेश तक, विवादित आदेश पर रोक रहेगी। ’ एनजीटी गंगा नदी के प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के मुद्दे पर विचार कर रहा है और इस मामले को राज्यवार तरीके से देखा जा रहा है, जिसमें वे सभी राज्य और जिले शामिल हैं जहां से नदी और उसकी सहायक नदियां बहती हैं। एनजीटी ने अपने आदेश में कहा था कि उसने पहले बिहार में गंगा और उसकी सहायक नदियों के जल की गुणवत्ता के मुद्दे पर विचार किया था।

उत्तर पश्चिम भारत में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, फिर गर्मी का दिखेगा कहर: मौसम विभाग

नई दिल्ली उत्तर भारत में आज मौसम का मिजाज बदलने वाला है। तेज हवा चलने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर पश्चिम भारत में आज 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। वहीं, 30 मार्च से दो अप्रैल के बीच काफी गर्मी बढ़ने जा रही है। उत्तर पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान चार से छह डिग्री सेल्सियस बढ़ने जा रहा है। वहीं, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तरी इंटीरियर कर्नाटक में एक और दो अप्रैल को ओले गिरेंगे और तेज बारिश होगी। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो जम्मू कश्मीर, लद्दाख, पूर्वी उत्तर प्रदेश में हवा चली। वहीं, उत्तर पश्चिम भारत में 29 मार्च को 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने वाली है। वहीं, अरुणाचल प्रदेश में 29 मार्च को भारी बारिश होगी। इसके अलावा, आंधी तूफान व बिजली कड़कने वाली है। वहीं, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, गुजरात, रायलसीमा में एक और दो अप्रैल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में 31 मार्च से दो अप्रैल के बीच बारिश, आंधी तूफान व बिजली कड़कने की चेतावनी है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य भारत में तीन दिनों तक कोई अहम बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद इसमें दो से तीन डिग्री की कमी आ जाएगी। वहीं, उत्तर प्रदेश में दो से चार डिग्री तक गिरावट आने वाली है और उसके बाद फिर चार से छह डिग्री तक पारा बढ़ जाएगा। वहीं, महाराष्ट्र में अगले दो दिनों बाद न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। इसके अलावा, गुजरात में अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने वाली है। वहीं, गंगीय पश्चिम बंगाल में 29 मार्च और ओडिशा में 29 और 30 मार्च को हीटवेव चलने वाली है।  

संचार की दुनिया में आएगी नई क्रांति, संचार उपग्रहों के लिए मार्ग प्रशस्त होगा, ISRO का एक और कमाल

नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने 300 एमएन (मिलिन्यूटन) ‘स्टेशनरी प्लाज्मा थ्रस्टर’ पर 1,000 घंटे का जीवनकाल परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने की घोषणा की है। यह थ्रस्टर उपग्रहों की विद्युत प्रणोदन प्रणाली में शामिल करने के लिए विकसित किया गया है। ऐसा प्रस्ताव है कि विद्युत प्रणोदन प्रणाली का इस्तेमाल अंतरिक्ष एजेंसी के भावी उपग्रहों में रासायनिक प्रणोदन प्रणाली के स्थान पर किया जाएगा तथा इससे ऐसे संचार उपग्रहों के लिए मार्ग प्रशस्त होगा, जो कक्षा उन्नयन समेत अन्य कार्यों के लिए केवल विद्युत प्रणोदन प्रणाली का उपयोग करेंगे। इसरो ने कहा कि इन थ्रस्टर के शामिल होने से व्यापक पैमाने पर बचत होगी, जिससे संचार उपग्रहों में ‘ट्रांसपोंडर’ क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलेगी। उसने कहा कि इन थ्रस्टर में प्रणोदक के रूप में रासायनिक तत्व ‘जेनॉन’ का उपयोग किया गया है। अंतरिक्ष प्रणोदन प्रणाली का एक प्रमुख प्रदर्शन सूचक यानी ‘इलेक्ट्रिक प्रणोदन प्रणाली’ का विशिष्ट आवेग पारंपरिक प्रणोदन प्रणाली से कम से कम छह गुना अधिक है। उसने कहा, ‘‘यह परीक्षण 5.4 किलोवाट के पूर्ण शक्ति स्तर पर उस कक्ष में किया गया, जो अंतरिक्ष की स्थितियों के अनुसार काम करता है। इस दौरान‘इलेक्ट्रोड लाइनर’ के क्षरण की समय-समय पर निगरानी की गई।’’ इसरो ने कहा, ‘‘यह परीक्षण उपग्रहों में शामिल किए जाने से पहले थ्रस्टर्स की विश्वसनीयता और मजबूती को प्रदर्शित करने के लिए एक मील का पत्थर है।’’

मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए उचित समय पर राष्ट्रपति शासन लगाया गया है: अमित शाह

मणिपुर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि मणिपुर में स्थिति अब पहले की तुलना में काफी शांतिपूर्ण है और सरकार स्थायी शांति स्थापित करने के लिए मेइती और कुकी समुदायों के साथ चर्चा कर रही है। शाह ने यह भी कहा कि मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए उचित समय पर राष्ट्रपति शासन लगाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री समिट, 2025′ में कहा, “अब स्थिति अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण है। सामान्य जीवन फिर से शुरू हो गया है। गृह मंत्रालय ने दोनों समुदायों के साथ अलग-अलग बैठकें की हैं। दोनों समुदायों ने एक-दूसरे से बात भी की है। धीरे-धीरे चीजें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही हैं। अब चिंता की कोई बात नहीं है।” गृह मंत्री ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब राज्य में जातीय हिंसा हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहले भी इस तरह की हिंसा हो चुकी है और यह तीन से चार साल तक चली है। यह पूछे जाने पर कि क्या मणिपुर में केंद्रीय शासन लागू करने में देरी हो रही है, शाह ने कहा कि दूर बैठकर टिप्पणी करना आसान है। उन्होंने कहा, “जब तक दोनों समुदाय इसे स्वीकार नहीं करते, राष्ट्रपति शासन सफल नहीं हो सकता। जब उचित समय था, हमने इसे लागू कर दिया।” जम्मू-कश्मीर को लेकर क्या बोले शाह अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को वादे के मुताबिक पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा लेकिन इस तरह से सार्वजनिक मंच पर समय का ऐलान नहीं किया जा सकता है। राज्य का दर्जा बहाल करने की समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “हमने आश्वासन दिया है कि राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। लेकिन सार्वजनिक मंच पर यह नहीं बताया जा सकता कि यह कब दिया जाएगा।” जब 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया था और तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया था, तो शाह ने संसद में कहा था कि उचित समय पर जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “कश्मीर में 40 साल बाद यह पहला चुनाव था जिसमें किसी भी स्थान पर पुनर्मतदान नहीं हुआ। एक भी आंसू गैस या गोली नहीं चलाई गई। 60 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, यह बहुत बड़ा बदलाव है।”  

पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर उसके शव को सूटकेस में छिपाने की कोशिश की, मुंह बंद कर पेट में घोंपा चाकू

बेंगलुरु हाल ही में बेंगलुरु के दक्षिणी इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक 36 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या कर उसके शव को सूटकेस में छिपाने की कोशिश की। पहले यह मामला आवेश में की गई हत्या माना जा रहा था, लेकिन जांच में यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा प्रतीत हो रहा है। राकेश ने अपनी पत्नी को थप्पड़ मारा, उसका मुंह बंद किया और चाकू से गले व पेट में वार किए। हैरानी की बात यह है कि गौरी को सूटकेस में तब ठूंसा गया, जब वह अभी जिंदा थी। हत्या के बाद शव को सूटकेस में छिपाने की कोशिश आरोपी राकेश राजेंद्र खेडेकर ने अपनी 32 वर्षीय पत्नी गौरी अनिल संबरेकर को घरेलू विवाद के दौरान चाकू से गोदकर मार डाला। पुलिस जांच में सामने आया कि उसने गौरी को जिंदा रहते हुए ही सूटकेस में डालने की कोशिश की थी, लेकिन सूटकेस का हैंडल टूट जाने के कारण वह उसे घर से बाहर नहीं ले जा सका। बाद में उसने शव को बाथरूम में खींचकर रखा। इतना ही नहीं, उसने शव को पानी की निकासी वाली जगह पर रखा ताकि खून आसानी से गटर में चला जाए। फॉरेंसिक विशेषज्ञों का मानना है कि गौरी उस समय तक जीवित थी, जब उसे सूटकेस में बंद किया गया। सूटकेस में म्यूकस (श्लेष्मा) के निशान मिले, जो इस बात का संकेत देते हैं कि वह मृत नहीं थी।   मुंबई से बेंगलुरु आए थे दोनों राकेश और गौरी एक महीने पहले मुंबई से बेंगलुरु आए थे। राकेश को एक आईटी कंपनी में वर्क-फ्रॉम-होम नौकरी मिल गई थी, जबकि गौरी नई नौकरी की तलाश में थी। बुधवार रात दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद राकेश ने गौरी को थप्पड़ मार दिया। जवाब में गौरी ने रसोई का चाकू उठाकर उस पर फेंक दिया, जिससे उसे हल्की चोट लगी। गुस्से में आकर राकेश ने गौरी के गले और पेट में चाकू से वार कर दिया। हत्या के बाद अपराध छिपाने की कोशिश पुलिस के अनुसार, गौरी ने बचाव के लिए संघर्ष किया था, जिसके निशान राकेश के शरीर पर पाए गए। हत्या के बाद राकेश ने घर की सफाई की और शव को सूटकेस में डालकर ठिकाने लगाने की योजना बनाई, लेकिन असफल रहा। इसके बाद उसने घर में ताला लगाकर रात 12:45 बजे अपनी होंडा सिटी कार से फरार हो गया। हत्या की जानकारी भाई को दी, फिर आत्महत्या की कोशिश फरार होने के बाद राकेश ने अपने मोबाइल फोन को बंद कर दिया और पुणे के पास शिरवल पहुंचकर दोबारा चालू किया। वहां से उसने गौरी के भाई गणेश अनिल संबरेकर को फोन कर हत्या की बात बताई और फिर फोन बंद कर दिया। गणेश ने महाराष्ट्र पुलिस को सूचना दी, जिसने बेंगलुरु पुलिस को जानकारी दी। बेंगलुरु पुलिस जब राकेश के घर पहुंची तो ताला लगा हुआ था। जब दरवाजा तोड़ा गया, तो उन्हें अंदर कोई फांसी पर लटका नहीं मिला, बल्कि बाथरूम में रखे सूटकेस में गौरी का शव बरामद हुआ। गिरफ्तारी और आत्महत्या की नाकाम कोशिश पुलिस लोकेशन ट्रैक कर शिरवल पहुंची, जहां राकेश ने फिनाइल और कीटनाशक पीकर आत्महत्या की कोशिश की थी। एक राहगीर की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी जान बचा ली गई। फिलहाल वह खतरे से बाहर है और जल्द ही बेंगलुरु लाकर पूछताछ की जाएगी। गौरी के भाई ने बेंगलुरु आकर उसकी अंत्येष्टि कर दी। बेंगलुरु पुलिस अब इस हत्या की साजिश की परतें खोलने में जुटी है। पत्नी का ममेरा भाई है राकेश, पास बैठकर करता रहा बात राकेश और गौरी का रिश्ता परिवार की मर्जी के खिलाफ था। राकेश गौरी का मामेरा भाई था और गौरी ने अपने स्कूल के दिनों में राकेश के घर में रहकर पढ़ाई की थी। चार साल के लिव-इन रिलेशनशिप के बाद दोनों ने दो साल पहले शादी की थी। राकेश ने कबूल किया कि उसकी पत्नी ‘डॉमिनेटिंग’ थी और उसके माता-पिता के साथ मतभेद हो गए थे। वह अलग रहना चाहती थी, इसलिए वह उसे बेंगलुरु ले आया। हालांकि, पत्नी ने कथित तौर पर उसे शहर में लाने के लिए पति को दोषी ठहराना शुरू कर दिया, क्योंकि उसे शहर में नौकरी नहीं मिल पा रही थी। अधिकारी ने बताया कि राकेश का दावा है कि वह अपनी पत्नी के शव के पास बैठा था और उससे पूछा कि उसने ऐसा व्यवहार क्यों किया। पुलिस ने कहा, “हमें संदेह है कि उसने कुछ समय तक बात की होगी और बाकी समय घर की सफाई में बिताया होगा।”  

देश में पूर्व सैनिकों के लिए पर्याप्त पेंशन और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने उचित कदम उठाए

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने देश में पूर्व सैनिकों के लिए पर्याप्त पेंशन और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए हैं। भूतपूर्व सैनिकों की मांग के आधार पर सरकारी संगठनों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, कॉर्पोरेट घरानों, निजी क्षेत्र, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों आदि में भूतपूर्व सैनिकों को नौकरी के अवसर प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न पुनर्वास एवं कौशल विकास प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, रोजगार और स्वरोजगार योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना का उद्देश्य समान सेवा अवधि के साथ समान रैंक से सेवानिवृत्त होने वाले वर्तमान और पूर्व पेंशनभोगियों की पेंशन दरों के बीच के अंतर को पाटना है। यह जानकारी रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने लोकसभा में देवेश शाक्य को एक लिखित उत्तर में दी। पूर्व सैनिकों की जनगणना आंकड़े, 31 दिसंबर 2023 तक देश के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में कुल 2.78 करोड़ पूर्व सैनिकों को दर्शाते हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसयू) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए ग्रुप ‘सी’ में 14.5% रिक्तियां और ग्रुप ‘डी’ में 24.5% रिक्तियां आरक्षित हैं। केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसयू) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण में विकलांग भूतपूर्व सैनिकों और युद्ध में शहीद हुए सैन्यकर्मियों के आश्रितों के लिए 4.5% रिक्तियां शामिल हैं। वहीं, भारतीय सेना के अधिकारी चयन में भूतपूर्व सैनिकों की विधवाओं और युद्ध में हताहत हुए लोगों के बच्चों के लिए रिक्तियां आरक्षित हैं। इसके अतिरिक्त, महिलाओं के लिए शॉर्ट सर्विस कमीशन में 5% रिक्तियां उन रक्षा कर्मियों की विधवाओं को प्रदान की जाती हैं, जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो गई है। वहीं, विधवा और पूर्व सैनिकों के बच्चों को संबंधित रेजिमेंटल केंद्रों द्वारा नामांकित किया जा रहा है। साथ ही उन्हें अग्निपथ योजना और नियमित कैडर के तहत भर्ती के लिए ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा में बोनस अंक दिए जाते हैं। सैन्य सेवा के कारण सेवा में मारे गए सैनिकों के मामले में, विशेष पारिवारिक पेंशन या उदारीकृत पारिवारिक पेंशन स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, अनुग्रह राशि/ग्रेच्युटी भी स्वीकृत की गई है।  

आतंकी कसाब को जिंदा पकड़ने वाले वीर तुकाराम ओंबले का बनेगा स्मारक, महाराष्ट्र सरकार ने लिया फैसला

मुंबई महाराष्ट्र सरकार ने 26/11 के आतंकी हमले में शहीद हुए मुंबई पुलिस के सब-इंस्पेक्टर अशोक चक्र विजेता तुकाराम ओंबले के सम्मान में एक स्मारक बनाने का फैसला किया है. यह स्मारक सतारा जिले में उनके पैतृक गांव केदांबे में बनाया जाएगा, जहां तुकाराम ओंबले का जन्म हुआ था.महाराष्ट्र सरकार ने इस स्मारक के निर्माण के लिए 13.46 करोड़ रुपये की राशि मंजूर किए हैं. इस स्वीकृत राशि की पहली किस्त 2.70 करोड़ रुपये (20%) प्रशासन को उपलब्ध करा दी गई है तुकाराम ओम्बले वही पुलिस कर्मचारी थे जिन्होंने अजमल कसाब को जिंदा पकड़ा था.  सरकार उनके सम्मान में सतारा जिले के मौजे केडंबे गांव में एक भव्य स्मारक बनाने जा रही है, जिसके लिए 13.46 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. महाराष्ट्र सरकार ने इस परियोजना की पहली 2.70 करोड़ रुपये (20%) की राशि प्रशासन को जारी कर दी है, जिससे स्मारक निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जा सके. कौन थे तुकाराम ओंबले? 26/11 मुंबई हमलों के दौरान मुंबई पुलिस के जांबाज अफसर तुकाराम ओंबले ने अपनी जान पर खेलकर आतंकवादी अजमल कसाब को जिंदा पकड़ने में अहम भूमिका निभाई थी. उनकी बहादुरी के लिए उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था. 26 नवंबर 2008 की रात मुंबई पर हुए आतंकवादी हमलों में 166 लोग मारे गए थे, जबकि सैकड़ों घायल हुए थे। इस हमले को अंजाम देने आए आतंकियों में से सिर्फ अजमल कसाब जिंदा पकड़ा गया था, जिसे पकड़ने में तुकाराम ओंबले की अहम भूमिका रही थी. जान की बाजी लगाकर कसाब को जिंदा पकड़े 26 नवंबर 2008 को जब 10 पाकिस्तानी आतंकियों ने मुंबई पर हमला किया, तब पूरी मुंबई दहशत में थी. इनमें से दो आतंकी छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (CST) स्टेशन पर अंधाधुंध गोलीबारी कर रहे थे. एक था अजमल कसाब और दूसरा अबू इस्माइल. पुलिस ने आतंकियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और गिरगांव चौपाटी पर बैरिकेड लगाए. जैसे ही आतंकियों की कार बैरिकेड्स के पास आई, पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें अबू इस्माइल मारा गया. अजमल कसाब ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, लेकिन तुकाराम ओंबले ने अपनी जान की परवाह किए बिना उस पर झपट्टा मारा और उसके AK-47 को पकड़ लिया. कसाब ने लगातार गोली चलाई, लेकिन ओंबले कसाब के हथियार को कसकर पकड़े रहे, जिससे बाकी पुलिसकर्मियों को उसे जिंदा पकड़ने का मौका मिला. गोली लगने की वजह से तुकाराम ओंबले शहीद हो गए, लेकिन उनकी बहादुरी से भारत ने एकमात्र आतंकी को जिंदा पकड़ लिया, जिससे पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 साल के अपने कार्यकाल मे पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय जाएंगे

नागपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 साल के अपने कार्यकाल मे पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय जाएंगे। नागपुर में संघ का मुख्यालय रेशमबाग में स्थित है। पीएम मोदी वैसे तो इन सालों में कई बार नागपुर के दौरे पर पहुंचे हैं लेकिन वह पहली बार रेशमबाग स्थित संघ मुख्यालय जाएंगे। पीएम मोदी के दौरे को लेकर नागपुर में चाकचौबंद तैयारियां की गई है। इस महीने 17 मार्च को नागपुर के महल इलाके में हिंसा और दंगों को देखते हुए पीएम मोदी की सुरक्षा की अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। बतौर प्रधानमंत्री पहली बार संघ मुख्यालय जाने को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं छिड़ी हुई हैं। पीएम मोदी 30 मार्च को नागपुर पहुंचेंगे। पीएम मोदी अक्टूबर, 2001 में सीएम बने थे, लेकिन वह इसके बाद से कभी संघ मुख्यालय नहीं गए हैं। वह 1972 में प्रचारक बने थे। 1987 में वह भाजपा में शामिल हुए। बाद में वरिष्ठ नेताओं की ओर से मोदी को पार्टी में बड़ी जिम्‍मेदारी मिली थी। अभी तक जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार पीएम मोदी ने संघ मुख्यालय का आखिरी दौरा बतौर प्रचारक ही किया था। जानें क्या है पूरा कार्यक्रम आधिकारिक कार्यक्रम के हिंदू नववर्ष के शुभारम्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रतिपदा कार्यक्रम के साथ प्रधानमंत्री स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे और आरएसएस के संस्थापकों को श्रद्धांजलि देंगे। वह सुबह करीब 9 बजे स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे, फिर दीक्षाभूमि जाएंगे। सुबह करीब 10 बजे वे नागपुर में माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। माधव नेत्रालय आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर का नया विस्तार भवन है। 2014 में स्थापित यह संस्थान नागपुर में स्थित एक प्रमुख सुपर-स्पेशलिटी नेत्र चिकित्सा केंद्र है। संस्थान की स्थापना गुरुजी श्री माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर की स्मृति में की गई थी। आगामी परियोजना में 250 बिस्तरों वाला अस्पताल, 14 बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) और 14 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे, जिसका उद्देश्य लोगों को सस्ती और विश्व स्तरीय नेत्र उपचार सेवाएं प्रदान करना है। प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12:30 बजे नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में यूएवी के लिए लोइटरिंग म्यूनिशन टेस्टिंग रेंज और रनवे सुविधा का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी इसके बाद छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगे। 2007 में आए थे बाजपेयी गुढ़ीपाड़वा के मौके पर प्रधानमंत्री के नागपुर आगमन को लेकर काफी ज्यादा अलर्ट है। बीजेपी की तरफ से उनके स्वागत की अभूतपूर्व तैयारियां की गई हैं। पीएम मोदी के एयरपोर्ट पर आगमन से लेकर स्मृति मंदिर रेशिमबाग, दीक्षाभूमि, माधव नेत्रालय कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुढ़ीपाड़वा को महाराष्ट्र में नए साल के तौर पर मनाया जाता है। 2007 में अटल बिहारी बाजपेयी ने डॉ. हेडगेवार स्मारक स्मृति मंदिर का दौरा किया था। तब वे प्रधानमंत्री नहीं थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रचारक के तौर पर रेशिमबाग आ चुके हैं लेकिन बतौर प्रधानमंत्री पहली बार वह संघ मुख्यालय जाएंगे। इसको लेकर राजनीतिक तौर पर अटकलों का बाजार गर्म और कौतूहल है। उनके इस दौरे को काफी ज्यादा अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह पहली बार बतौर पीएम रेशिमबाग में प्रवेश करेंगे। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ संघ का शीष नेतृत्व मौजूद रहेगा। प्रधानमंत्री की सुरक्षा संभालने वाली एसपीपी ने तमाम प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए तैयारियों को पूरा कर लिया है।

म्‍यांमार और थाइलैंड में विनाशकारी भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा 1000 के पार, भारत ने भेजी राहत सामग्री

नेपीडा  म्यांमार और पड़ोसी देश थाईलैंड में शुक्रवार आए शक्तिशाली भूकंप में मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों को मिलकर 1000 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अमेरिकी भूगर्भ एजेंसी ने 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका जताई है। समाचार एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक म्यांमार के अधिकारियों ने बताया है कि विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या शनिवार सुबह बढ़कर 1000 हो गई है, जबकि 2300 लोग घायल हुए हैं। हालांकि बैंकॉक के अधिकारियों ने शुक्रवार को थाईलैंड में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या अब कम कर दी है। थाईलैंड ने मरने वालों की संख्या को लेकर अपडेट रिपोर्ट दी है, जिसमें 6 लोगों की मौत की रिपोर्ट दी गई है। वहीं 22 लोगों को घायल और 101 लोगों को लापता बताया गया है। इससे पहले शुक्रवार को मरने वालों का आंकड़ा 10 था। हालांकि थाईलैंड की राजधानी को आपदा क्षेत्र घोषित किया गया है। जबकि म्यांमार की तानाशाह सेना ने भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल लागू कर दिया है। म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने देश की सरकारी टेलीविजन पर कहा है कि उन्होंने “किसी भी देश” को मदद और दान देने के लिए आमंत्रित किया है। इसके अलावा उन्होंने भी आशंका जताई है की भूकंप की वजह से भारी संख्या में लोगों की जान गई होगी। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने बताया कि भूकंप की गहराई 10 किमी थी। USGS ने आज सुबह अपनी ताजा रिपोर्ट में 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका जताई है। मुश्किल वक्त में भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया है। इसके तहत भारत सरकार ने भीषण भूकंप से प्रभावित म्यांमार के लोगों की सहायता के लिए तुरंत ही कदम उठाए हैं। टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, खाद्य पैकेट, स्वच्छता किट, जनरेटर और आवश्यक दवाओं सहित 15 टन राहत सामग्री लेकर हमारा हेलीकॉप्टर यांगून पहुंचा है। 15 टन राहत सामग्री भेजी गई यांगून विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ये जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि भारत से भेजी मदद की पहली खेप यांगून पहुंच गई है। इससे पहले AFS हिंडन से भारतीय वायुसेना का सी 130 जे विमान राहत सामग्री के साथ म्यांमार के लिए उड़ान भरा था। इस विमान में लगभग 15 टन राहत सामग्री म्यांमार भेजी गई। जिसमें टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, खाने के लिए तैयार भोजन, वाटर प्यूरीफायर, हाइजीन किट, सोलर लैंप, जनरेटर सेट, आवश्यक दवाएं (पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, कैनुला, सीरिंज, दस्ताने, कॉटन बैंडेज, मूत्र बैग आदि) शामिल हैं। म्यांमार भूकंप: जुंटा की सूचना टीम के एक बयान में कहा गया है कि शुक्रवार के उथले 7.7 तीव्रता के भूकंप में 1,002 लोगों की मौत हो गई है, और 2,376 घायल हुए हैं। बैंकॉक मेट्रो और लाइट रेल का अधिकांश हिस्सा सामान्य रूप से फिर से शुरू हो गया है। बैंकॉक मेट्रो और लाइट रेल के ऑपरेटरों के अनुसार, शनिवार की सुबह ज़्यादातर मेट्रो और लाइट रेल सेवाएं सामान्य रूप से चलने लगी थीं। हालाँकि, दो लाइट रेल लाइनें अभी भी बंद हैं और उनकी जाँच चल रही है। शुक्रवार को म्यांमार में एक ज़ोरदार भूकंप आया। इससे काफ़ी नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। अभी तक 140 से ज़्यादा लोगों की मौत की खबर है। पड़ोसी देश थाईलैंड में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई। बैंकॉक में एक निर्माणाधीन ऊँची इमारत गिर गई थी। म्यांमार में भूकंप से भारी तबाही म्यांमार में शुक्रवार को आए भूकंप ने भयानक तबाही मचाई है। कई जगह पर बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों को नुकसान पहुंचा है। पूरे देश में हालात बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। ऐसे में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए भारत आगे आया है। भारत ने 15 टन से ज्यादा राहत सामग्री यांगून भेज दी है। यह मदद IAF के C-130J विमान से भेजी गई। इस विमान ने एयर फोर्स स्टेशन हिंडन से उड़ान भरा। चश्मदीदों ने भयानक भूकंप को लेकर क्या बताया? भूकंप को लेकर चश्मदीदों ने बताया है कि अचानकर इमारतें जोर-जोर से हिलने लगी और अफरा-तफरी मच गई। हजारों लोग सड़क पर आ गये। सभी लोग बदहवाश थे। बैंकॉक में लोग अपने अपने दफ्तरों, घरों और मॉल से बाहर निकल आए। छतों पर बने पूल से पानी बह रहा था और लोग बुरी तरह से डरे हुए थे। उस वक्त भूकंप के झटके लगातार आ रहे थे। बैंकॉक में एक स्कॉटिश पर्यटक ने कहा कि “अचानक पूरी इमारत हिलने लगी। लोग चीख-चिल्ला रहे थे और इधर-उधर भाग रहे थे।” सोशल मीडिया पर म्यांमार के मांडले से कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें टूटे घर और टूटी इमारतें देखी जा सकती हैं। म्यांमार में चल रहे गृहयुद्ध के कारण मौतों का असली आंकड़ा शायद पूरी तरह से कभी सामने नहीं आ पाए। इसके अलावा गृहयुद्ध ने राहत-बचाव कार्यों को और भी मुश्किल बना दिया है। इसके अलावा बीबीसी की रिपोर्ट में जेल अधिकारियों के एक करीबी सूत्र के बताया है कि म्यांमार की जेल में बंद नेता आंग सान सू पूरी तरह से सुरक्षित हैं। भूकंप का उनपर कोई असर नहीं पड़ा है और वे राजधानी नेपीडा की जेल में ही हैं। आपको बता दें कि 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद से आंग सान सू को गिरफ्तार कर लिया गया था और अलग अलग मामलों में उन्हें 50 सालों से ज्यादा की जेल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा चीन ने कहा है कि उसने 37 लोगों की एक आपदा प्रतिक्रिया टीम को म्यांमार में राहत और बचाव कार्य में सहायता करने के लिए म्यांमार में भेज दिया है। चीनी शहर युन्नान से भेजी गई यह टीम भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली, ड्रोन और पोर्टेबल सैटेलाइट सहित आपातकालीन बचाव उपकरणों के 112 सेट लेकर आई है। भारत ने भेजीं ये जरूरी चीजें राहत सामग्री में कई जरूरी चीजें शामिल हैं। टेंट और स्लीपिंग बैग लोगों को रहने के लिए जगह देंगे। कंबल उन्हें ठंड से बचाएंगे। तैयार भोजन और पानी शुद्ध करने वाले उपकरण खाने-पीने की समस्या दूर करेंगे। स्वच्छता किट लोगों को साफ रहने में मदद करेंगे। सोलर लैंप और जेनरेटर सेट रोशनी … Read more

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