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हैबिटेट स्टूडियो में शूट हुआ कुणाल कामरा का शो, BMC ने वहां की छत को तोड़ा

मुंबई महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा के बयान से सियासी पारा चढ़ा हुआ है. इस बीच बीएमसी के अधिकारियों की टीम ने मुंबई के हैबिटेट स्टूडियो के एक हिस्से को ढहा दिया है. इसी स्टूडियो में कामरा ने वह विवादित शो किया था, जिसमें शिंदे पर टिप्पणी की गई थी. इस विवाद के बाद हैबिटेट स्टूडियो ने बयान जारी करते हुए अस्थायी रूप से स्टूडियो को बंद किए जाने की बात कही थी. हैबिटेट स्टूडियो ने बयान जारी कर कहा था कि कलाकार अपने विचारों और रचनात्मक विकल्पों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं और हम कभी भी उनके द्वारा पेश किए गए कंटेंट में शामिल नहीं रहे हैं. लेकिन हाल की घटनाओं ने हमें इस बारे में फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कैसे हमें हर बार दोषी ठहराया जाता है और निशाना बनाया जाता है, जैसे कि हम कलाकार के प्रतिनिधि हों. स्टूडियो को तब तक बंद किया जा रहा है जब तक हम खुद को और अपनी संपत्ति को खतरे में डाले बिना मुक्त अभिव्यक्ति के लिए एक मंच प्रदान करने का सबसे अच्छा तरीका नहीं खोज लेते. स्टूडियो के फ्लोर को BMC ने किया सील कॉमेडियन कुणाल कामरा विवाद में BMC ने अपनी कार्रवाई को लेकर कहा कि स्टूडियो के छत को लेकर तोड़क कार्यवाही की गई है. ⁠स्टूडियो के फ्लोर को खार पुलिस ने सील कर रखा है इसलिए वहां तोड़क कार्यवाही नहीं हुई.  कुणाल कामरा पर क्या बोलीं शाइना एनसी? कुणाल कामरा पर शिवसेना नेत्री शाइना एनसी ने कहा कि यह कॉमेडी नहीं अश्लीलता है जो कि आपके लिए ट्रेजेडी बनने जा रही है. स्टूडियो को BMC ने शुरू किया तोड़ना कुणाल कामरा का शो जहां शूट हुआ, उस स्टूडियो को बीएमसी ने तोड़ना शुरू कर दिया है. बीएमसी अधिकारियों के स्टूडियो में जाने का भी वीडियो सामने आया था.  आदित्य ठाकरे ने क्या कहा? आदित्य ठाकरे ने कहा कि मिर्ची क्यों लगी? नाम तो किसी का लिया ही नहीं.  क्या कारण था की तोड़फोड़ की गई. कल तो पीएम के लिए भी कुणाल ने बोला. वो कुछ न कुछ किसी को बोलते रहते हैं. मुझे भी बोलता रहता है. लेकिन कल उनको इतनी मिर्ची क्यों लगी. क्या दाढ़ी वाले भ्रष्टाचारी आप ही है?  कुणाल कामरा विवाद पर मंत्री प्रताप सरनाईक का बड़ा बयान कुणाल कामरा विवाद पर मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि जिस स्टूडियो में उन्होंने शिवसेना पर टिप्पणी की, वो स्टूडियो अवैध है और उसपर बुलडोजर एक्शन होना चाहिए. इसके लिए BMC कमिश्नर से बात की. अपनी टिप्पणियों और हाजिरजवाबी से लोगों को हंसाने वाले कुणाल कामरा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया था. उन्होंने बॉलीवुड की फिल्म ‘दिल तो पागल है’ के गीत पर पैरोडी सॉन्ग बनाया था. इसके जरिये उन्होंने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर तीखे कमेंट किए थे. यही कमेंट शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं को नागवार गुजरा. इस वीडियो के वायरल होते ही शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता उग्र हो गए हैं. वीडियो सामने आते ही शिवसैनिक नाराज हो गए और उन्होंने मुंबई के खार इलाके में स्थित स्टूडियो और होटल यूनिकॉन्टिनेंटल में तोड़फोड़ की. शिवसैनिकों द्वारा दावा किया जा रहा है कि यहीं पर वीडियो शूट हुआ था. इस बीच कुणाल कामरा के खिलाफ MIDC पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है. शिंदे सेना विधायक मुराजी पटेल ने शिकायत दर्ज कराई है. संविधान के तहत क्या बोलने की नहीं है आजादी कुणाल कामरा ने संविधान की तस्वीर पोस्ट कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि संविधान हमें बोलने की आजादी देता है. और उनकी अभिव्यक्ति संवैधानिक प्रावधानों के अनुकूल ही है. लेकिन देश का संविधान ही राजकाज चलाने में सहूलियत लाने के लिए नागरिकों के ‘कुछ भी बोलने पर’ रोक भी लगाता है. आइए जानते हैं कि किन धाराओं के तहत हम क्या क्या नहीं बोल सकते हैं. आजादी के बाद जब संविधान बना, तो संविधान निर्माताओं ने नागरिकों को मौलिक अधिकार दिए. ये अधिकार अनुच्छेद 12 से अनुच्छेद 35 तक वर्णित हैं. इन्हें भारतीय संविधान का आधार माना जाता है. ये अधिकार नागरिकों को अलग-अलग स्वतंत्रताएं एवं सुरक्षा प्रदान करते हैं.   अनुच्छेद 19 के तहत भारतीय नागरिकों को अभिव्यक्ति की आजादी यानी कि बोलने की स्वतंत्रता दी गई है.   वाक और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब है कि एक भारतीय नागरिक लिखकर, बोलकर, छापकर, इशारे सा या किसी भी तरीके से अपने विचारों को व्यक्त कर सकता है. लेकिन, अनुच्छेद 19 (2) में उन परिस्थितियों के बारे में भी बताया गया है जब बोलने की आजादी को प्रतिबंधित किया गया है. ये परिस्थितियां हैं. वैसे बयान जब भारत की संप्रभुता और अखंडता को खतरा हो. जब राज्य की सुरक्षा को खतरा हो. जब किसी के बयान से विदेशी राज्यों से मैत्रीपूर्ण संबंध बिगड़ने का खतरा हो. जब किसी के बयान से सार्वजनिक व्यवस्था के खराब होने का खतरा हो. जब सार्वजनिक शालीनता या नैतिकता खराब हो. जब किसी के बयान से अदालत की अवमानना हो. जब किसी की मानहानि हो. जब किसी के बयान से अपराध को बढ़ावा मिलता हो. संविधान का यह हिस्सा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को संतुलित करता है ताकि व्यक्तिगत अधिकारों का दुरुपयोग न हो और समाज व राष्ट्र के हितों की रक्षा हो सके. इसका अर्थ यह भी है कि कोई भी कानून मनमाना नहीं हो सकता और उसे न्यायिक समीक्षा के दायरे में रखा जा सकता है. इसलिए, अनुच्छेद 19(2) यह सुनिश्चित करता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पूर्ण नहीं है और इसे कुछ निर्धारित आधारों पर सीमित किया जा सकता है. अगर आपकी किसी बात से या शब्द से या इशारे से इन सभी परिस्थितियों में से किसी एक का भी खतरा होता है तो बोलने की आजादी को प्रतिबंधित किया जा सकता है. वहीं कुणाल कामरा का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद शिवसेना विधायक मुर्जी पटेल ने कुणाल कामरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है. एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर एमआईडीसी पुलिस ने सोमवार तड़के कामरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की, जिसमें धारा 353(1)(बी) (Statements conducing to public mischief) और 356(2) (Defamation) शामिल … Read more

केंद्र सरकार ने सांसदों के वेतन और पेंशन में की बढ़ोतरी, अधिसूचना जारी

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने सांसदों के वेतन में 24 प्रतिशत की वृद्धि को अधिसूचित कर दिया है। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी होगी और इसे मूल्य वृद्धि सूचकांक के आधार पर तय किया गया है। संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, न केवल सांसदों के वेतन में वृद्धि की गई है, बल्कि बैठकों में भाग लेने पर मिलने वाले दैनिक भत्ते, पूर्व सांसदों की पेंशन, और अतिरिक्त सेवा वर्षों के लिए दी जाने वाली पेंशन में भी बढ़ोतरी की गई है। नए वेतन और भत्ते इस प्रकार हैं: सांसदों का मासिक वेतन पहले: 1,00,000 रुपए प्रति माह अब: 1,24,000 रुपए प्रति माह दैनिक भत्ता (संसद सत्र के दौरान बैठकों में भाग लेने पर) पहले: 2,000 रुपए प्रति दिन अब: 2,500 रुपए प्रति दिन पूर्व सांसदों की मासिक पेंशन पहले: 25,000 रुपए प्रति माह अब:  31,000 रुपए प्रति माह अतिरिक्त पेंशन (पांच वर्ष की सेवा से अधिक के प्रत्येक वर्ष के लिए) पहले:  2,000 रुपए प्रति माह अब:  2,500 रुपए प्रति माह सरकार ने यह बढ़ोतरी सांसद वेतन, भत्ता और पेंशन अधिनियम के तहत आयकर अधिनियम, 1961 में निर्दिष्ट मूल्य वृद्धि सूचकांक के आधार पर अधिसूचित की है।

अब सांसदों को हर महीने 1,24,000 रुपये मिलेंगे, जो पहले एक लाख रुपये थी

 नई दिल्ली केंद्र सरकार ने सांसदों के वेत्तन और भत्ते में बढ़ी बढ़ोत्तरी की है। इसके साथ ही पूर्व सांसदों के पेंशन में भी इजाफा किया गया है। बड़ी बात यह है कि यह बढ़ोत्तरी 1 अप्रैल, 2023 से ही प्रभावी होगी। अब सांसदों को हर महीने 1,24,000 रुपये मिलेंगे, जो पहले एक लाख रुपये थी। इसके अलावा, सांसदों का दैनिक भत्ता भी बढ़ाकर अब 2000 से ढाई हजार कर दिया गया है। पूर्व सांसदों का पेंशन 25 हजार से बढ़ाकर अब 31 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। यह बढ़ोत्तरी संसद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम, 1954 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के तहत किया गया है। यह आयकर अधिनियम, 1961 में उल्लिखित लागत मुद्रास्फीति सूचकांक पर आधारित है।सरकार ने वेतन बढ़ोत्तरी से जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी है।संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार संसद सदस्यों के वेतन में लागत मुद्रास्फीति सूचकांक के आधार पर 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जो एक अप्रैल, 2023 से प्रभावी होगी। हर पांच साल पर होनी है वेतन की समीक्षा सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, वैसे पूर्व सांसदों के अतिरिक्त पेंशन में भी बढ़ोत्तरी की गई है, जो एक से ज्यादा कई कार्यकाल तक सांसद रहे हैं। इसके तहत पूर्व सांसदों को सेवा के हरेक वर्ष के लिए अतिरिक्त पेंशन के तौर पर अब 2500 रुपये मासिक पेंशन मिलेंगे, जो पहले 2,000 प्रति माह थी। वेतन-भत्ते में यह बढ़ोत्तरी 2018 के बाद से लागू किए गए उस नियम के तहत किया गया है, जिसमें सांसदों के वेतन और भत्ते की हर पांच साल पर समीक्षा करने का प्रावधान है। यह समीक्षा महंगाई दर पर आधारित होती है। बता दें कि यह कदम कर्नाटक सरकार द्वारा मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के वेतन में 100% वृद्धि को मंजूरी दिए जाने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। हालांकि, कर्नाटक विधानसभा में विधायकों के वेतन भत्ते में बढ़ोतेतरी पर तीखी बहस हुई थी।

दुर्घटना होते-होते बची जब हिमाचल प्रदेश के डिप्टी सीएम और डीजीपी सवार फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी आई

शिमला  हिमाचल प्रदेश के शिमला एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा टल गया। यात्रियों से भरे फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान तकनीकी दिक्कत आई और प्लेन क्रैश होने से बच गया। इमरजेंसी ब्रेक लगाकर प्लेन को रोका गया। इस फ्लाइट में हिमाचल प्रदेश के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और डीजीपी अतुल वर्मा भी सवार थे। एयरलाइन कंपनी ने भी टेक्निकल प्रॉब्लम की पुष्टि की है। घटना जुब्बरहट्टी एयरपोर्ट पर हुई। बताया जा रहा है कि प्लेन में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया। कई सहम गए। हालांकि चालक दल ने लोगों को शांत रहने को कहा। सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों की जान में जान आई। रनवे पर तेज आवाज के साथ फटा टायर इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान विमान का टायर भी फट गया। तेज आवाज हुई और प्लेन डगमगा गया। गनीमत रही कि प्लेन रनवे से बाहर नहीं गया और बड़ा हादसा होने से टल गया। हादसे के बाद सुरक्षा कारणों के चलते धर्मशाला जाने वाली अगली उड़ान को रद्द कर दिया गया। धर्मशाला की फ्लाइट्स कैंसल एयरलाइन कंपनी के मुताबिक इस घटना के बाद धर्मशाला समेत सारी फ्लाइट कैंसल कर दी गई हैं। अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। डेप्युटी सीएम और डीजीपी एयरपोर्ट से सुरक्षित निकल चुके हैं। जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट के ऑफिशिएटिंग डायरेक्टर केपी सिंह ने बताया कि विमान में तकनीकी खामी की बात सामने आई है। धर्मशाला की फ्लाइट को कैंसल कर दिया गया है। विमान की आधे रनवे पर लैंडिंग क्यों करवाई गई इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

पाकिस्तान इमाम ने बताया बिजली का बिल बचाने का नुक्सा, Meter पर ‘जम-जम’ लिखो

कराची कोई शख्स बिजली के बिल से परेशान है, तो उसे क्या करना चाहिए? कोई कहेगा कि बिजली का कम से कम इस्तेमाल करें, ज्यादा खपत वाले उपकरणों (जैसे AC या हीटर) को सीमित समय के लिए चलाएं. लेकिन अगर कोई इस समस्या का बिल्कुल अलग समाधान बताए. ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक पाकिस्तान के मौलाना ने बिजली का बिल कम करने का ऐसा अनोखा तरीका बताया कि सुनने वाले हैरान रह गए. यह क्लिप अब तेजी से वायरल हो रही है. पाकिस्तान के एक प्राइवेट चैनल पर एक शो प्रसारित होता है, जिसका कॉन्सेप्ट यह है कि मौलाना आजाद जमील नाम के शख्स लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनके समाधान बताते हैं. बिजली के मीटर और ‘जमजम’ का क्या कनेक्शन?   इसी कड़ी में, कराची के एक शहरी ने शो में सवाल किया कि उसका बिजली का बिल बहुत ज्यादा आता है और उसने इसका कोई हल जानना चाहा. इस पर मौलाना आजाद जमील ने बिजली का बिल कम करने का एक अनोखा हल बताया. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के घर में बिजली का बिल ज्यादा आता है, वे अपने बिजली के मीटर पर उंगली से ‘जम-जम’ लिखें, इससे उनके बिल में कमी आएगी. पाकिस्तानी मौलाना का यह बयान देखते ही देखते वायरल हो गया. कुछ लोगों ने इसे सुनकर सिर पकड़ लिया, जबकि कुछ का मानना था कि शायद यह एक तंज था. हालांकि, पाकिस्तान के कई लोगों ने इस पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं. किसी ने कहा कि दरअसल, मौलाना साहब का असली मतलब यह था कि उंगली उन स्विचों पर रखें, जो बेवजह चालू हैं-जैसे पंखे या AC के स्विच पर उंगली रखें. अगर ऐसा किया जाए, तो अगले महीने तक बिजली का बिल खुद ही कम हो जाएगा! हालांकि, कई लोगों ने इस नुस्खे को आजमाया और अपने अनुभव कमेंट में अपने अनुभव भी शेयर किए. किसी ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ा, जबकि किसी और का कहना था कि उन्होंने दो बार ‘जम-जम’ लिख दिया, जिससे उनका बिजली का बिल अब दोगुना आने लगा.  

सुबह-सुबह भूकंप के झटकों से भारत की धरती कांप उठी

नई दिल्ली एक बार फिर भारत में भूकंप आया है। भूकंप के झटकों से भारत की धरती कांप उठी। आपके जागने से पहले ही सुबह-सुबह धरती डोल उठी। उसके बाद लोग गिरते-पड़ते घरों से भागकर बाहर निकले। दरअसल आज (24 मार्च) सुबह-सुबह लद्दाख में 3.6 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। इस भूकंप का केंद्र लद्दाख की राजधानी लेह में 34.35 उत्तरी अक्षांश और 78.06 पूर्वी देशांतर पर 10 किमी गहराई में था। नेशनल सीस्मोलॉजी सेंटर (NCS) के मुताबिक, यह भूकंप सुबह 4 बजकर 32 मिनट 58 सेकंड पर आया। जैसे ही भूकंप के झटके महसूस हुए, लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने बताया कि भूकंप के झटकों से ही उनकी नींद खुली और फिर वो घरों से बाहर निकल आए। हालांकि इस भूकंप के किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बता दें कि लद्दाख हिमालय पर्वत के पास स्थित है, इसी वजह से भूकंप के लिहाज से यह संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यहां छोटे-छोटे भूकंप का आना सामान्य बात है, लेकिन बड़े भूकंप का खतरा भी बना रहता है। इस बार जो भूकंप आया है, वो सामान्य है। इस बार भी जो भूकंप आया है, उसकी रिक्टर स्केल पर 3.6 तीव्रता मापी गई है। ऐसे भूकंप से नुकसान की संभावना कम रहती है। होली के दिन सुबह-सुबह कांपी थी लद्दाख की धरती बता दें कि  लद्दाख और जम्मू-कश्मीर की धरती होली के दिन भी कांपी थी। लद्दाख और जम्मू-कश्मीर पर रात 2.50 पर और अरुणाचल प्रदेश में सुबह 6 बजे भूकंप के झटके महसूस हुए। लद्दाख के कारगिल में 5.2 तीव्रता का भूकंप आया। वहीं अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग इलाके में 4.0 तीव्रता का भूकंप मांपा गया था।

नैनी झील जल स्तर में कमी से झील की सुंदरता और सफाई प्रभावित, 4.7 फीट तक गिरा level

नैनीताल नैनीताल की खूबसूरत नैनी झील, जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है, इन दिनों जलस्तर में भारी गिरावट की वजह से सुर्खियों में है। 2019 से 2024 के बीच झील का जलस्तर करीब 15 से 18 फीट तक गिर चुका है, जो पर्यावरणविदों और स्थानीय प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। अभी गर्मी का मौसम पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन झील का जलस्तर 4.7 फीट तक गिर चुका है, जो पिछले पांच सालों में सबसे कम है। हर दिन इसमें 0.5 इंच की गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे आने वाले समय में जल संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। इस बार नैनीताल में औसत से बहुत कम बारिश और बर्फबारी हुई है। अक्टूबर 2024 से लेकर अब तक वर्षा और बर्फबारी में करीब 90% की गिरावट दर्ज की गई है। इसके कारण झील को रिचार्ज करने वाले प्राकृतिक जल स्रोत भी सूख चुके हैं। नैनी झील के किनारे सीसी सड़कें और कंक्रीट निर्माण बढ़ने से जल सोखने की जगहें खत्म हो रही हैं। इससे बारिश का पानी झील तक नहीं पहुंच पा रहा, जिससे जलस्तर में लगातार गिरावट आ रही है। जलस्तर घटने से नैनीताल जल संस्थान को पेयजल सप्लाई के लिए रोस्टर प्रणाली लागू करनी पड़ी है। मार्च से शहर में सिर्फ सुबह और शाम 2.5-2.5 घंटे पानी दिया जा रहा है। पर्यटन सीजन में बढ़ सकती है परेशानी गर्मी के मौसम में नैनीताल में भारी संख्या में पर्यटक आते हैं, जिससे पानी की मांग बढ़ जाती है। होटल और स्थानीय लोगों के लिए पानी की उपलब्धता चुनौती बन सकती है। जलस्तर गिरने से झील के किनारों पर डेल्टा बनने लगे हैं और झील की साफ-सफाई भी प्रभावित हो रही है। जैसे-जैसे पानी कम हो रहा है, झील की सुंदरता भी घट रही है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता डी डी सती के अनुसार, अगर जलस्तर में गिरावट जारी रही तो 15 अप्रैल से जल संस्थान को 8 एमएलडी से अधिक पानी छोड़ने पर प्रतिबंध लगाना पड़ सकता है। बारिश पर टिकी हैं उम्मीदें जलस्तर को बनाए रखने के लिए बारिश ही मुख्य स्रोत है। उम्मीद की जा रही है कि गर्मियों की बारिश से स्थिति में सुधार होगा। प्रशासन झील की स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। नैनी झील, जो नैनीताल की पहचान है, पर्यावरणीय संकट से जूझ रही है। स्थानीय लोग, होटल व्यवसायी और प्रशासन इस समस्या से निपटने के लिए समाधान की तलाश कर रहे हैं, ताकि आने वाले समय में पानी की किल्लत न हो।

फिलिस्तीन में अब तक इजरायल के हमलों से 50 हजार लोग मारे जा चुके, कई शीर्ष कमांडर भी शामिल

 गाजा इजरायल और हमास के बीच करीब 6 सप्ताह तक सीजफायर चला। इस दौरान इजरायल ने फिलिस्तीन के सैकड़ों कैदियों को रिहा किया तो करीब 150 बंधकों को हमास ने भी छोड़ा। इन लोगों को हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को किए भीषण हमले में अगवा कर लिया था। इसके बाद से ही वे बंधक थे। अब भी करीब 60 बंधकों के हमास के पास ही होने की खबरें हैं। लेकिन सीजफायर आगे बढ़ाने पर कोई बात नहीं बनी तो इजरायल ने फिर से हमले तेज कर दिए हैं। बीते 3 से 4 दिनों में ही इजरायल ने गाजा में ताबड़तोड़ हमले किए हैं, जिनमें 500 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा रविवार को ही उसने गाजा पर फिर से कई हवाई हमले किए, जिसमें 51 लोग मारे गए। इन हमलों में इजरायल का एक शीर्ष कमांडर भी मारा गया है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार इजरायल के हमलों में रविवार को 51 लोग मरे, जिनमें से एक इजरायल के राजनीतिक विंग का सदस्य इस्माइल बरहूम भी शामिल है। वह खान यूनिस शहर के नासिर अस्पताल में इलाज करा रहा था। इसी दौरान इजरायल ने हमला किया, जिसमें वह मारा गया। इसके अलावा लेबनान में भी इजरायल ने हमले किए हैं, जिनमें 8 लोग मारे गए हैं। हालांकि लेबनान में सक्रिय उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने इजरायल के हमले की बात से इनकार किया है। दरअसल करीब डेढ़ साल तक अकेले हमास से लड़ने के बाद 4 महीनों से इजरायल ने हिजबुल्लाह को भी निशाने पर लेना शुरू किया है। फिलहाल इजरायल की ओर से गाजा में और सैनिक भेजने की तैयारी की जा रही है। बेंजामिन नेतन्याहू सरकार में इसे लेकर सहमति बन गई है और आने वाले कुछ दिनों इजरायली सैनिकों की बड़ी संख्या गाजा में डेरा डाल सकती है। सीजफायर के दौरान इजरायल ने अपने सैनिकों की संख्या को कम कर लिया था। गाजा की हेल्थ मिनिस्ट्री का कहना है कि फिलिस्तीन में अब तक इजरायल के हमलों से कुल 50 हजार लोग मारे जा चुके हैं। यही नहीं एक्सपर्ट्स का कहना है कि आंकड़ा इससे ज्यादा का ही है क्योंकि बहुत सारे शवों की तो गिनती तक नहीं हो सकी है। ईरान के तीन हथियार- हूती, हिजबुल्लाह और हमास वहीं मध्य पूर्व में अमेरिका की सक्रियता भी लगातार बढ़ी हुई है। उसने यमन में सक्रिय विद्रोही संगठन हूती पर फिर से हमले किए हैं। दरअसल हूती विद्रोही संगठन लगातार यमन की खाड़ी में जहाजों को टारगेट कर रहा था। ऐसा करने के पीछे उसकी कोशिश थी कि जंग रोकने के लिए इजरायल पर दबाव बनेगा। लेकिन अब अमेरिका ने ही मोर्चा संभाल लिया है। हूती, हिजबुल्लाह और हमास का ईरान समर्थित संगठन माना जाता है। ये तीनों ही इजरायल के कट्टर दुश्मन हैं और मध्य पूर्व में ईरान के एजेंडे को मजबूत करते हैं।

मुंबई- अहमदाबाद बुलेट ट्रेन काम के बीच हादसा, रेलवे रूट बाधित, देखें कैंसल ट्रेनों की लिस्ट

मुंबई  देर रात अहमदाबाद के वटवा के पास मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के निर्माण के दौरान एक सेगमेंटल लॉन्चिंग गांत्री (Segmental Launching Gantry) फिसलकर गिर गई। यह हादसा रात करीब 11:00 बजे हुआ, जिससे मुंबई-अहमदाबाद रेलवे मार्ग पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। हादसे के कारण कई ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट या शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है। सूत्रों के अनुसार, यह गैंट्री को एक कंक्रीट गार्डर लॉन्च करने के बाद पीछे हटाया जा रहा था, तभी बैलेंस बिगड़ा और गिर गई। इस दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। हादसे से बुलेट ट्रेन के निर्माणाधीन वायाडक्ट को कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन इससे पास की रेलवे पटरियों को हल्की क्षति पहुंची, जिससे रेलवे संचालन प्रभावित हुआ। रेलवे यातायात बाधित, कई ट्रेनें रद्द और डायवर्ट गैंट्री गिरने के बाद वटवा-अहमदाबाद डाउन-लाइन प्रभावित हुई है, जिससे कुछ ट्रेनें अप-लाइन से चलाई जा रही हैं। रेलवे प्रशासन ने तुरंत एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (ART) रवाना की और नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। कई ट्रेनें रद्द, शॉर्ट-टर्मिनेट और डायवर्ट रद्द की गई ट्रेनें (24/03/2025) -ट्रेन संख्या 12931 (मुंबई सेंट्रल – अहमदाबाद) डबल डेकर एक्सप्रेस -ट्रेन संख्या 19033 (वलसाड – अहमदाबाद) गुजरात क्वीन -ट्रेन संख्या 22953 (मुंबई सेंट्रल – अहमदाबाद) गुजरात सुपरफास्ट एक्सप्रेस -ट्रेन संख्या 20959 (वलसाड – वडनगर) वडनगर सुपरफास्ट एक्सप्रेस शॉर्ट-टर्मिनेट और डायवर्ट की गई ट्रेनें -ट्रेन संख्या 19417 (मुंबई सेंट्रल – अहमदाबाद) को वडोदरा जंक्शन (BRC) पर शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया। -ट्रेन संख्या 14702 (बांद्रा टर्मिनस – श्रीगंगानगर) अरावली एक्सप्रेस को वडोदरा जंक्शन (BRC) – रतलाम (RTM) – चंदेरिया (CNA) – अजमेर जंक्शन (AII) के रास्ते डायवर्ट किया गया है। यात्रियों की सहायता के लिए मुंबई सेंट्रल, बांद्रा टर्मिनस, बोरिवली, उधना जंक्शन और सूरत रेलवे स्टेशन पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। अधिकारियों की सतर्कता, जांच जारी NHSRCL ने आश्वासन दिया है कि बुलेट ट्रेन वायाडक्ट को कोई नुकसान नहीं हुआ है और जल्द से जल्द रेलवे परिचालन सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। NHSRCL ने बताया, ’23/03/2025 को रात 11 बजे वटवा (अहमदाबाद के पास) में वायाडक्ट निर्माण में उपयोग की जा रही एक सेगमेंटल लॉन्चिंग गांत्री कंक्रीट गार्डर स्थापित करने के बाद पीछे हट रही थी, तभी वह फिसलकर गिर गई। इस घटना से पास की रेलवे लाइन प्रभावित हुई है। NHSRCL के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारी मौके पर निगरानी कर रहे हैं। इस दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और निर्माणाधीन संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।’ फिलहाल रेलवे अधिकारी और NHSRCL की टीम प्रभावित सेक्शन को जल्द से जल्द क्लियर करने और संचालन सामान्य करने में जुटी है। मुंबई-अहमदाबाद रूट पर यात्रा कर रहे यात्रियों को अपडेटेड शेड्यूल चेक करने की सलाह दी गई है।

नागपुर हिंसा: दंगा भड़कने के मामले में रशासन का ऐक्शन, मास्टरमाइंड फहीम खान के घर चला बुलडोजर

नागपुर नागपुर में बीते सप्ताह दंगा भड़क गया था। इसमें एक दर्जन पुलिसकर्मी घायल हुए थे और करीब इतने ही नागरिक जख्मी हो गए थे। इस दौरान बड़ी संख्या में सड़कों पर खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया था, जबकि दुकानों पर भी तोड़फोड़ हुई थी। पुलिस का कहना है कि इस हिंसा का मास्टरमाइंड फहीम खान नाम का शख्स था, जिसके घर पर आज बुलडोजर चला है। नागपुर महानगरपालिका की टीम सुबह ही बुलडोजर लेकर फहीम खान के घर पर पहुंच गई। इस दौरान बड़े पैमाने पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। फहीम खान पेशे से बुर्का विक्रेता है। माना जा रहा है कि उसने कुछ वीडियो जारी किए थे और उत्तेजक बयान दिए थे, जिससे लोग भड़के और उन्होंने नागपुर शहर में उपद्रव काट दिया। फहीम खान को पुलिस ने बीते मंगलवार को ही अरेस्ट कर लिया था और उसे अदालत में पेश किया गया था। फहीम खान समेत कुल 6 लोगों के खिलाफ पुलिस ने देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया था। फहीम खान माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी नाम के दल का शहर प्रमुख रहा है। वह कई बार पुलिस को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी करता रहा है। वह हिंदू पुलिस जैसी टिप्पणी करता रहा है। प्रशासन ने फहीम खान के घर के उस हिस्से को ढहाया है, जो अतिक्रमण करके बना था और अवैध पाया गया। इसके अलावा अन्य हिस्से के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। नागपुर के महल इलाके में यह हिंसा हुई थी, जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय भी स्थित है। आरएसएस का दफ्तर हिंसा वाले इलाके से थोड़ी ही दूर पर स्थित है। नागपुर महानगरपालिका ने कुछ दिन पहले ही फहीम खान के परिवार को नोटिस भेजा था। इसमें पालिका ने बताया था कि कैसे उसका घर नियमों का उल्लंघन करके बना है। घर बनाने से पहले अथॉरिटी से नक्शा भी पास नहीं कराया गया था। नागपुर के यशोधरा नगर स्थित संजय बाग कॉलोनी में फहीम खान का घर है। बता दें कि फहीम खान अभी जेल में ही बंद है और इधर प्रशासन ने उसके घर पर बुलडोजर चलाया है। किस अफवाह पर 17 मार्च को भड़का था नागपुर में दंगा फहीम खान को 17 मार्च को हुई हिंसा का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। यह हिंसा विश्व हिंदू परिषद के प्रदर्शन के दौरान हुई थी, जब मुस्लिम समाज के भी तमाम लोग प्रदर्शन के सामने आए गए थे। दरअसल अफवाह थी कि वीएचपी के प्रदर्शन के दौरान एक कपड़ा जलाया गया है, जिसमें कुरान की आयतें लिखी थीं। इसी अफवाह के चलते भड़के लोगों ने हमला बोला था।

उधमपुर में विमान सेवा शुरू करने पर मिली सहमति, अब सीधे फ्लाइट से वैष्णो देवी जा सकते हैं श्रद्धालु

उधमपुर जम्मू संभाग के उधमपुर में विमान सेवा शुरू करने पर सहमति मिलने इस पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए सुखद है। इससे विमान सेवा से बाहर जाने वालों को तो राहत मिलेगी ही, उधमपुर व रियासी जिले के पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है। अभी तक विमान सेवा सिर्फ जम्मू और श्रीनगर के राजधानी शहरों में ही उपलब्ध है। इस कारण अगर किसी को दिल्ली, मुंबई या फिर कहीं पर भी जाना पड़े तो उसे पहले जम्मू एयरपोर्ट पर आना ही पड़ता है। हालांकि, अभी उधमपुर में कब सेवा शुरू होगी और किस जगह से सीधे फ्लाइट उतरेगी, इस पर कोई भी फैसला नहीं हुआ है। अब सीधे फ्लाइट से वैष्णो देवी जा सकते हैं श्रद्धालु अभी एक उच्च स्तरीय टीम मूल्यांकन करने के लिए आ रही है और बहुत हद तक उनकी रिपोर्ट पर ही आगे की कार्रवाई होगी, लेकिन इससे इस जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में रहने वालों के लिए एक नई उम्मीद जग गई है। श्री माता वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए हर वर्ष एक करोड़ के आसपास श्रद्धालु आते हैं। बहुत से श्रद्धालु हवाई मार्ग से जम्मू में आते हैं। अगर उन्हें यह सुविधा उधमपुर तक मिलेगी तो कटड़ा से नजदीक होने के कारण श्रद्धालु उधमपुर को प्राथमिकता दे सकते हैं। यही नहीं अपने धार्मिक व पहाड़ी पर्यटन के लिए जाने जाने वाले उधमपुर, रियासी, डोडा जैसे जिलों में भी पर्यटक जाने को प्राथमिकता दे सकते हैं। फ्लाइट सर्विस के लिए उधमपुर होगा तीसरा शहर लेकिन इसके लिए क्षेत्र में अभी आधारभूत ढांचा विकसित करने की आवश्यकता है। अच्छी बात यह है कि उधमपुर एक सैन्य क्षेत्र भी है। यहां पर सेना की उत्तरी कमान का मुख्यालय है। वायु सेना और सीमा सुरक्षा बल का प्रशिक्षण केंद्र भी कुछ ही दूरी पर स्थित है। जहाज उतारने से इन सभी को भी लाभ होगा। जहाज उतारने के लिए पहले से ही उधमपुर में सुविधा है। ऐसे में यह उम्मीद लगाई जा सकती है कि आने वाले दिनों में चाहे कुछ एक ही सही लेकिन जहाज सेवा शुरू हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो जम्मू-कश्मीर में जम्मू और श्रीनगर के बाद उधमपुर तीसरा ऐसा शहर हो जाएगा जहां पर जहाज सेवा होगी। इससे लोगों की यात्रा बेहद आसान होगी।

कुडू में जमीन मालिकों को एक तरफ सर्वे को लेकर हो रही परेशानी, दूसरी ओर आ गई एक और नई आफत

कुडू कुडू नवाटोली से लातेहार के उदयपुरा तक राष्ट्रीय उच्च मार्ग-39 में फोरलेन निर्माण कार्य में कुडू मौजा के रैयतों की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है।वैसे रैयतों के पास बैंककर्मी बनकर रैयतों से जमीन का पेपर, चेक, मोबाइल नंबर और फोन का ओटीपी मांगा जा रहा है। आधा दर्जन रैयत सीओ मधुश्री मिश्रा से मिलने पहुंचे और लिखित आवेदन देकर मामले की जानकारी दी। फोरलेन सड़क निर्माण के लिए कुडू मौजा के नावाटोली, कुडू, जामुन टोला और अन्य स्थानों का जमीन अधिग्रहण करने की प्रक्रिया चल रही है। जालसाज हो गए हैं एक्टिव अंचल कार्यालय, एनएचएआई और जिला भू-अर्जन कार्यालय द्वारा अधिग्रहित होने वाले जमीन के रैयतों से जमीन के पेपर और अन्य कागजात जमा कराया जा रहा है। इसकी जानकारी जालसाजों को हो गई है। जालसाज और साइबर ठग जमीन रैयतों से ठगी को लेकर एक से बढ़कर एक हथकंडा अपना रहे हैं। दो दिनों से कुडू नवाटोली के रैयतों सोमरा उरांव, तेंबू उरांव, संतोष उरांव, पार्वती उरांव और अन्य के पास बैंककर्मी बनकर फोन करते हुए जमीन का पेपर, चेक मांगा जा रहा है। खुद को बताते हैं बड़ा अधिकारी साथ ही अधिग्रहित होने वाले जमीन को दिखाते हुए फोटो मांगा जा रहा है। फोन करने वाले खुद को बैंक का बड़ा अधिकारी बताते हुए रैयतों को धमका रहे हैं कि जमीन के पास फोटो नहीं खींचाने, चेक नहीं देने और मोबाइल में आने वाले ओटीपी नहीं बताने पर पैसा नहीं आएगा।सभी रैयत अंचल कार्यालय पहुंचे और सीओ मधुश्री मिश्रा को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। सीओ ने मामले की जानकारी कुडू पुलिस को दी है। पुलिस मामले में जांच कर रही है। डोरंडा गोलीबारी मामले में 22 नामजद और 20 अज्ञात पर प्राथमिकी वहीं दूसरी ओर रांची में डोरंडा बेलदार मोहल्ले में शुक्रवार की रात हुई गोलीबारी और मारपीट के मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। घायल तबरेज अंसारी के बयान पर डोरंडा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शुक्रवार की रात को पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया था। शनिवार को भी तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसमें आजम, अपराधी अली के ससुर और पिता के अलावा एक महिला है। हिरासत में लिए गए लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है। प्राथमिकी में मोईन खान, अज्जू खान, विक्की, रूस्तम, आरिफ, सरफराज उर्फ मुग्गी, साहेब, फैज कुरैशी, शाहनवाज कलीम उर्फ ट्विंकल, मो. साद, अशरफ, फरमान फैजल, बिट्टू, शाहबाज उर्फ चोंच, आजम अहमद, इब्राहिम खान उर्फ इबू के 22 नामजद के अलावा 20 अज्ञात आरोपित हैं। आरोप लगाया गया है कि इन आरोपियों ने इलाके में वर्चस्व कायम करने के लिए 24 राउंड गोली चलाई। कई लोगों ने पिस्टल के बट और पंच से मारकर घायल किया। घटना में कई लोगों को गोली लगी है। सभी रिम्स में इलाजरत हैं। इसी दौरान जेल में बंद मो अली ने उन्हें फोन कर केस नहीं करने की धमकी भी दी है। वहीं, दूसरी प्राथमिकी इमरान अंसारी उर्फ इमू ने किया है।उनका आरोप है कि अली के गुर्गों ने रंगदारी नहीं देने पर उसे शुक्रवार की शाम लोहे के रॉड से मारकर बुरी तरह से घायल कर दिया।

सीएम फडणवीस बोले- नागपुर हिंसा में हुई नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से करेंगे, सभी इलाकों से हटा कर्फ्यू

नागपुर महाराष्ट्र के नागपुर शहर में हालात सामान्य होने के बाद प्रशासन ने नागपुर के सभी इलाकों से कर्फ्यू हटा लिया है। रविवार दोपहर 3 बजे से कोतवाली, तहसील, गणेशपेठ और यशोधरा नगर में भी प्रतिबंधों में ढील दी गई। पुलिस आयुक्त रवींद्र सिंघल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया है। इससे पहले शनिवार को पाचपावली, शांतिनगर, लकड़गंज, सक्करदरा और इमामवाड़ा में कर्फ्यू समाप्त कर दिया गया था। वहीं, कोतवाली, तहसील और गणेशपेठ में शनिवार रात 7 से 10 बजे तक अस्थायी राहत दी गई थी। हिंसा का नुकसान उपद्रवियों से वसूला जाएगा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि 17 मार्च को हुई हिंसा के दौरान हुए नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से करवाई जाएगी। उन्होंने कहा, “जो लोग शहर की अमन-चैन को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उनसे इसकी कीमत वसूली जाएगी। अगर वे भुगतान नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्तियां नीलाम की जाएंगी और जरूरत पड़ी तो बुलडोज़र का भी इस्तेमाल होगा।” गिरफ्तारियां और जांच जारी नागपुर हिंसा मामले में अब तक कुल 99 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पुलिस ने Minorities Democratic Party के कार्यवाहक अध्यक्ष हमीद इंजीनियर को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। इस बात की पुष्टि डीसीपी लोहित मातानी ने की। वहीं, इस मामले के मुख्य आरोपी फहीम खान ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था, जिसके बाद नागपुर कोर्ट ने उनके मेडिकल परीक्षण का आदेश दिया। उनकी मजिस्ट्रेट कस्टडी रिमांड (MCR) दर्ज कर ली गई है, जबकि पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) को लेकर अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है। पुलिस आयुक्त रवींद्र सिंघल ने कहा, “अब तक 99 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच पूरी निष्पक्षता से की जा रही है और कानून अपना काम करेगा।”

डाटा चोरी के आरोप में हिरासत में लिया गया, तीन महीने से जेल में हैं कंट्री हेड, परिवार ने सरकार से मांगी मदद

नई दिल्ली आईटी दिग्गज टेक महिंद्रा के कतर स्थित कंट्री हेड अमित गुप्ता को इस साल 1 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया गया था। वर्तमान में वह जेल में हैं। जानकारी के अनुसार अमित गुप्ता पर डेटा चोरी का आरोप लगाया गया है। इसी मामले की जांच के संबंध में उनको हिरासत में लिया गया है। दरअसल, अमित गुप्ता कतर में आईटी दिग्गज टेक महिंद्रा के कंट्री हेड हैं। स्थानी सुरक्षा एजेंसियों ने उनके खिलाफ डाटा चोरी का आरोप लगाया है। 1 जनवरी से ही वह जेल में बंद हैं। उनका परिवार उनकी रिहाई के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। वहीं, इस मामले में टेक महिंद्रा का बयान भी सामने आया है। कंपनी ने कहा कि कर्मचारी के परिवार से साथ संपर्क लगातार बनाए हुए हैं। तीन महीने से जेल में हैं कंट्री हेड जानकारी दें कि अमित गुप्ता मूल रूप से गुजरात के वडोदरा के रहने वाले हैं। वह आईटी दिग्गज टेक महिंद्रा के कतर कंट्री हेड हैं। जनवरी में स्थानीय अधिकारियों ने उनके ऊपर डाटा चोरी के आरोप में हिरासत में लिया गया है। इसके बाद उनका पूरा परिवार उनकी रिहाई के लिए तमाम प्रयास कर रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कतर में भारतीय दूतावास अमित गुप्ता के परिवार और कतर के अधिकारियों के साथ मिलकर इस पूरी समस्या के निवारण में लगा है। टेक महिंद्रा ने क्या कहा? बता दें कि इस मामले में टेक महिंद्रा का बयान सामने आया है। टेक महिंद्रा के प्रवक्ता ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए बताया कि वह परिवार के साथ निकट संपर्क में हैं। परिवार को कंपनी की ओर से आवश्यक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। दोनों देशों के अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहे हैं और इसके साथ उचित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। कंपनी ने कहा कर्मचारी की भलाई सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमित के परिवार ने क्या कहा? अमित गुप्ता साल 2013 में वडोजरा से कतर की राजधानी दोहा चले गए थे। वहां पर उन्हें इसी साल के पहले दिन यानी एक जनवरी को हिरासत में ले लिया गया था। उनकी मां पुष्पा गुप्ता ने इस संबंध में समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि उन्हें हिरासत में लेने के बाद करीब 48 घंटों तक हिरासत में बैठाए गए रखा था। बाद उनको एक कमरे में शिफ्ट कर दिया गया था। अब उन्हें तीन महीनों से वहीं पर रखा गया है। वहीं, पूछे जाने पर कि हिरासत में लेने की वजह क्या है, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि कंपनी में किसी ने कुछ किया होगा, जिस कारण उनको (अमित गुप्ता) को इसलिए गिरफ्तार कर लिया, क्योंकि वे कंपनी के कंट्री हेड हैं। केवल पांच मिनट कॉल करने की अनुमति बता दें कि अमित गुप्ता की मां ने एक साक्षात्कार में बताया कि हर बुधवार को उनके पास बेटे का कॉल आता है। यही उनके बेटे से संपर्क स्थापित करने का एकमात्र साधन है। उन्होंने बताया कि वह हाल के दिनों में ही दोहा गए थे। जहां पर वे करीब एक महीने तक रहे। वहीं, भारतीय राजदूत के हस्तक्षेप के बाद अमित गुप्ता से उनकी मां की मुलाकात हो सकी। अमित ने अपने परिवार को बताया कि वह किस दौर से गुजर रहे हैं। अमित के परिवार की मदद के लिए वडोदरा के सांसद हेमंग जोशी आगे आए और उन्होंने अमित की मां और परिवार से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह सरकार से समक्ष इस मुद्दे को उठाएंगे। सरकार का क्या कहना है? ध्यान देने वाली बात है कि इस मामले में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने बताया कि कतर में भारतीय दूतावास अमित गुप्ता के परिवार की मदद कर रहा है। सूत्रों की मानें तो कतर में हमारा दूतावास एक भारतीय नागरिक अमित गुप्ता को कतर के अधिकारियों द्वारा चल रही जांच के सिलसिले में हिरासत में लिए जाने के बारे में जानता है। यह मिशन नियमित आधार पर परिवार, अमित गुप्ता का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील और कतर के अधिकारियों के संपर्क में है। हमारा दूतावास इस मामले में हर संभव सहायता प्रदान करना जारी रखे हुए है और मामले पर बारीकी से नजर रखे हुए है।

हीरानगर में सुरक्षाबलों को आतंकी के छिपे होने की मिली थी खबर, सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरा, सर्च ऑपरेशन जारी

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के रविवार (23 मार्च 2025) को आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई. कठुआ जिले के हीरानगर में सुरक्षाबलों को आतंकी के छिपे होने की खबर मिली थी, जिसके बाद यहां बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था. इसी दौरान सुरक्षाबलों ने तीन से चार आतंकियों को देखा और फिर मुठभेड़ शुरू हो गई. अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास तलाशी अभियान भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाके में संदिग्ध देखे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन चलाया है. सुरक्षाबलों को शक है कि इस इलाके में आतंकी छिपे हो सकते हैं. खुफिया जानकारी के आधार पर जम्मू-कश्मीर पुलिस की विशेष टीम, सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की टीमों ने कठुआ जिले के हीरानगर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास जंगल के क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया. सुरक्षा बलों ने भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक ग्रुप को रोका और फिर मुठभेड़ शुरू हो गई. जिस जगह पर ये एनकाउंटर हो रहा है वह इलाका घने जंगलों वाला है. ऐसे में यह ऑपरेशन लंबे समय तक चल सकता है. कठुआ में तीन निर्दोषों को मारा जम्मू में पिछले कुछ दिनों से आतंकियों की घुसपैठ की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. 17 मार्च 2025 को कुपवाड़ा जिले में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें एक पाकिस्तानी आतंकी मारा गया था. हाल ही में कठुआ जिले में आतंकवादियों ने तीन निर्दोष नागरिकों की हत्या कर दी थी. इनमें से एक 14 साल का लड़का भी था. मृतक की पहचान दर्शन सिंह (40), योगेश सिंह (32) और वरुण सिंह (15) में हुई, जो 5 मार्च को बिलावर तहसील के लोहाई मल्हार में एक शादी समारोह से लौटते समय लापता हो गए थे. इसके बाद पुलिस, सेना, सीआरपीएफ, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और विलेज डिफेंस गार्ड ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया. उनके शवों को एक झरने से बरामद किया गया.

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