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पेपर लीक की खबर के बाद बोर्ड ने लिए लिया फैसला, असम में कक्षा 11वीं की परीक्षाएं रद: शिक्षा मंत्री

नई दिल्ली पूर्वोत्तर राज्य असम में राज्य बोर्ड की कक्षा 11वीं की 24 मार्च से 29 मार्च तक होने वाली सभी परीक्षाओं को रद कर दिया गया है। इस बात की जानकारी शिक्षा मंत्री रनोज पेगू ने दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य के कई स्थानों से परीक्षा पेपर लीक होने की खबरें सामने आई हैं। इन खबरों का संज्ञान लेते हुए कक्षा 11वीं की 24 मार्च से 29 मार्च तक होने वाली सभी परीक्षाओं को रद करने का फैसला लिया गया है। जानकारी दें कि इससे पहले असम राज्य विद्यालय शिक्षा बोर्ड (एएसएसईबी) का 21 मार्च को होने वाला उच्चतर माध्यमिक प्रथम वर्ष का गणित का पेपर भी लीक हो गया था। इस पेपर लीक के बाद अधिकारियों ने सभी परीक्षाओं रद करने का फैसला लिया था। अब कक्षा 11वीं की 24 मार्च से होने वाली सभी परीक्षाओं को रद कर दिया गया।  बता दें कि कक्षा 11वीं की सभी विषयों की परीक्षाएं छह मार्च से शुरू हुईं और 29 मार्च तक होने वाली थीं।

औरंगजेब की कब्र पर ताला लगाने की चेतावनी, बालराजे आवारे ताला लगाने के इरादे से निकले थे, पुलिस ने किया अरेस्ट

संभाजीनगर महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र हटाने को लेकर विवाद चल रहा है। इस बीच छत्रपति संभाजीराजे शौर्य प्रतिष्ठान ने औरंगजेब की कब्र पर ताला लगाने की चेतावनी दी। इसके बाद बालराजे आवारे मुंबई से खुल्दाबाद में औरंगजेब की कब्र पर ताला लगाने के इरादे से निकले थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें समृद्धि राजमार्ग पर अजंता इंटरचेंज के पास रोक दिया और छत्रपति संभाजी नगर जिले से बाहर भेज दिया। पुलिस ने उन्हें नोटिस भी जारी किया, इसके बावजूद आवारे छत्रपति संभाजी नगर शहर की सड़कों पर घूमते नजर आए। पुलिस ने उन्हें कार से उतारा और हिरासत में ले लिया। बालराजे आवारे ने कहा कि हम कब्र पर ताला लगाकर ही रहेंगे, जिससे उनकी मंशा साफ हो गई। इस बीच, प्रशासन ने कब्र की सुरक्षा और बढ़ा दी है। अब कब्र के चारों ओर सुरक्षा दीवार पर कंटीले तार लगा दिए गए हैं, ताकि कोई अनधिकृत व्यक्ति वहां न पहुंच सके। पुलिस और प्रशासन ने इस मामले में किसी भी तरह की अशांति को रोकने की पूरी तैयारी की है। बता दें कि महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग जोर पकड़ रही है। इस मांग को लेकर पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। नागपुर में भी विरोध प्रदर्शन के बाद हिंसा हो गई थी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि नागपुर हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों से कराई जाएगी और अगर वे भुगतान नहीं करते, तो उनकी संपत्ति जब्त कर बेची जाएगी। सीएम फडणवीस ने जानकारी दी थी कि हिंसा में शामिल 104 लोगों को पकड़ा गया है, इनमें से 92 गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि शेष नाबालिग हैं। दंगाइयों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए की जा रही है और अंतिम आरोपी की गिरफ्तारी तक कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा था कि हिंसा औरंगजेब की प्रतीकात्मक कब्र जलाने के बाद फैली। इसके बाद सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाई गईं कि एक चादर जलाई गई थी, जिस पर कुरान की आयतें लिखी थीं, लेकिन यह पूरी तरह झूठ था। उन्होंने ऐलान किया था कि सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों को भी आरोपी बनाया जाएगा। इसके साथ ही बांग्लादेशी कनेक्शन की जांच भी की जाएगी, हालांकि इस पर फिलहाल कुछ कहना जल्दबाजी होगी।

सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों का जायजा लेते फडणवीस ने कहा- समय पर सभी तैयारियां होगी पूरी, धन कोई कमी नहीं

नासिक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को त्र्यंबकेश्वर और नासिक में 2027 के सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि समय पर सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी और इस काम में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। फडणवीस ने कहा कि त्र्यंबकेश्वर मंदिर और आसपास के इलाके के विकास के लिए योजना तैयार की गई है। इससे पहले उन्होंने त्र्यंबकेश्वर मंदिर में दर्शन किए और कुशावर्त तीर्थ का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि कुंभ मेले के लिए कॉरिडोर, पार्किंग, शौचालय, मंदिर और तालाबों की मरम्मत जैसे काम किए जाएंगे। साथ ही ब्रह्मगिरि क्षेत्र में प्राकृतिक रास्ते बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने पानी की शुद्धता पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) नेटवर्क की योजना बनाई गई है। उन्होंने वादा किया कि कुंभ मेले से पहले सभी काम पूरे होंगे। फडणवीस ने कहा, “इसके लिए बड़ी रकम चाहिए होगी, लेकिन राज्य सरकार धन की कमी नहीं आने देगी। हम जरूरी फंड मुहैया कराएंगे।” उनका कहना था कि देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश के कुंभ मेले की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी कानून बनाने की बात कही। उन्होंने बताया कि कुंभ मेला प्राधिकरण का गठन होगा, ताकि तैयारियों के लिए मजबूत कानूनी ढांचा तैयार हो सके। संतों की इस मांग पर कि वह स्वयं कुंभ मेले की जिम्मेदारी लें, फडणवीस ने कहा, “मुख्यमंत्री के नाते यह मेरी जिम्मेदारी है। हम उत्तर प्रदेश की तरह ही कानून बनाकर काम करेंगे। इससे कुंभ मेले का आयोजन व्यवस्थित और भव्य होगा।” कुशावर्त तीर्थ के पानी की खराब स्थिति पर नाराजगी जताते हुए फडणवीस ने कहा कि उन्होंने विशेषज्ञों की टीम से जांच कराई थी। विशेषज्ञों ने पानी साफ करने के उपाय सुझाए हैं, जिनमें से कुछ पर फैसला लिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सबसे अच्छा विकल्प चुनकर तुरंत कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने केंद्र सरकार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि प्याज पर लगी 20 फीसद निर्यात शुल्क को हटा लिया गया है। यह फैसला शनिवार को लिया गया, जिससे प्याज किसानों को फायदा होगा। फडणवीस ने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और बाजार में राहत मिलेगी। उन्होंने 2027 में नासिक और त्र्यंबकेश्वर में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के बारे में बताया कि इसके लिए कई बैठकें हो रही हैं और हर तरह की व्यवस्था की जा रही है। त्र्यंबकेश्वर के विकास के लिए 1,100 करोड़ रुपये का प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत मंदिर क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी, जैसे पार्किंग, शौचालय, रास्ते और पानी की व्यवस्था। उन्होंने कहा, “हम इस काम को दो हिस्सों में करेंगे। पहला चरण 2027 तक और दूसरा 2028-29 तक पूरा होगा।” मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि कुंभ मेला भव्य होगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में प्रयागराज महाकुंभ का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां उम्मीद से ज्यादा लोग आए थे। ठीक वैसे ही नासिक में भी भारी भीड़ होने की संभावना है। इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। फडणवीस ने त्र्यंबकेश्वर के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह धार्मिक स्थल देशभर के लोगों को आकर्षित करता है। इसलिए, सरकार इसका पूरा विकास करना चाहती है। 1,100 करोड़ के प्लान में मंदिर और आसपास के इलाकों को बेहतर बनाने की योजना है। साथ ही, कुंभ मेले के दौरान व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर के डोडा में संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद

जम्मू जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि यह बरामदगी डोडा की भद्रवाह तहसील के भलरा इलाके में तलाशी के दौरान की गई। अधिकारियों ने कहा, “संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान, एके-सीरीज के 25 कारतूस, एक पिस्तौल, तीन पिस्तौल मैगजीन और पिस्तौल के छह कारतूस बरामद किए गए हैं। यह एक महत्वपूर्ण जब्ती है जो क्षेत्र में उपद्रवी तत्वों की मौजूदगी को दर्शाती है।” अधिकारियों ने कहा, “यह अभियान खुफिया सूचनाओं पर आधारित था, जिसमें सुरक्षाबलों को संदेह था कि इलाके में आतंकवाद को फिर से जिंदा करने की कोशिशें की जा रही हैं। ऐसे हथियारों का होना खतरा पैदा करता है। इन हथियारों को जमा करने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।” पिछले छह महीनों से आतंकवादियों ने जम्मू डिवीजन के डोडा, किश्तवाड़, राजौरी, पुंछ, रामबन और कठुआ जिलों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। इन जिलों के घने जंगली इलाकों को आतंकवादियों द्वारा छिपने की जगह के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। माना जा रहा है कि ये ज्यादातर कट्टर विदेशी भाड़े के आतंकवादी हैं। इन आतंकवादियों की कार्यप्रणाली यह रही है कि वे हमला करके तुरंत भाग जाते हैं और फिर घने जंगलों में छिप जाते हैं। आतंकवादियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए सेना और सुरक्षा बलों ने भी अपनी रणनीति में बदलाव किया है। केवल घेराबंदी और तलाशी अभियान पर निर्भर रहने के बजाय, सेना और सुरक्षाबल अब जंगली इलाकों में भी तैनात हैं। जंगल युद्ध में प्रशिक्षित 4,000 से अधिक विशिष्ट कमांडो अब पुंछ, राजौरी, डोडा, किश्तवाड़, कठुआ और रामबन जिलों के वन क्षेत्रों में तैनात हैं। सेना और सुरक्षा बलों की रणनीति में बदलाव के बाद इन जिलों में आतंकवादी हमलों में कमी आई है।

दुकान बंद होने के कारण नहीं मिली शराब तो बाप और बेटी को सिरफिरे ने गोली मारी थी: पीड़ित परिवार

वाशिंगटन वर्जीनिया में एक डिपार्टमेंटल स्टोर के बाहर गुजराती पिता-पुत्री की हत्या ने अमेरिका में भारतीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है. अब गुजरात में पीड़ित परिवार ने खुलासा किया है कि बाप और बेटी को एक अफ्रीकी-अमेरिकी व्यक्ति ने सिर्फ इसलिए गोली मारी थी, क्योंकि उसे शराब चाहिए था और दुकान बंद हो गई थी. उसे इसके लिए दुकान खुलने का रात भर इंतजार करना पड़ा, जिस कारण वह गुस्से में था. प्रदीपभाई पटेल (56) जब 21 मार्च की सुबह करीब 5:30 बजे अपनी बेटी उर्मी के साथ डिपार्टमेंटल स्टोर खोल रहे थे, तभी उस व्यक्ति ने दोनों को गोली मार दी. प्रदीपभाई पटेल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी 26 वर्षीय बेटी ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. प्रदीप के परिवार ने कहा कि आरोपी की पहचान जॉर्ज फ्रेजियर डेवोन व्हार्टन के रूप में हुई है, जो पूरी रात शराब खरीदने के लिए उनके डिपार्टमेंटल स्टोर के आसपास मंडराता रहा.   शराब के लिए करना पड़ा इंतजार तो मारी गोली जब प्रदीप और उर्मी वहां पहुंचे तो उसने उनसे पूछा कि दुकान क्यों बंद है? आरोपी ने इस बात के लिए दोनों पर गुस्सा जताया कि उसे रातभर इंतजार करना पड़ा. गुस्से और आवेश में जॉर्ज ने दोनों पर गोलियां चला दीं. प्रदीप को दो गोलियां लगीं, जबकि एक गोली उर्मी को लगी. घटना के दो घंटे के भीतर अमेरिकी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. छह साल पहले प्रदीपभाई और उनकी पत्नी हंसाबेन अपनी सबसे छोटी बेटी उर्मी के साथ विजिटर वीजा पर अमेरिका गए थे. कुछ समय बाद इस गुजराती परिवार ने वर्जीनिया के एकोमैक काउंटी में डिपार्टमेंटल स्टोर खोला. प्रदीपभाई पटेल की एक बेटी कनाडा में रहती है, जबकि दूसरी शादीशुदा है और अहमदाबाद में रहती है. घटना के बाद प्रदीप की बेटी और दामाद अहमदाबाद से अमेरिका पहुंचे. जॉर्ज पर मर्डर, अटेम्प्ट टू मर्डर प्रयास, अवैध बंदूक रखने और अपराध में घातक हथियार के उपयोग की धाराओं में आरोपी बनाया गया है. शेरिफ ऑफिस के बयान में कहा गया है कि जब पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, तो एक व्यक्ति को शॉपिंग सेंटर में फर्श पर पड़ा पाया गया, उसके शरीर पर गोली के घावों के निशान थे और उसकी मृत्यु हो चुकी थी. गोलीबारी की घटना में एक संदिग्ध गिरफ्तार शॉपिंग सेंटर की तलाशी के दौरान, पुलिसकर्मियों को गोली से घायल एक महिला भी मिली. व्यक्ति को घटना स्थल पर मृत घोषित कर दिया गया. वहीं महिला को सेंटारा नॉरफॉक जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया. एकोमैक काउंटी शेरिफ ऑफिस के अधिकारी डब्ल्यू टॉड वेसेल्स के अनुसार, वर्जीनिया के शॉपिंग सेंटर में हुई गोलीबारी के सिलसिले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है. उसकी पहचान ओनानकॉक निवासी 44 वर्षीय जॉर्ज फ्रेजियर डेवोन व्हार्टन के रूप में हुई है और उसे वर्तमान में बिना बांड के एकोमैक जेल में रखा गया है.   घटना से सदमे में हैं US में रहने वाले भारतीय वर्जीनिया के एक टेलीविजन स्टेशन WAVY-TV ने बताया कि परेश पटेल ने खुद को उस स्टोर का मालिक बताया है, जिसमें यह घटना हुई. उन्होंने यह भी पुष्टि की कि दोनों मृतक उनके परिवार के सदस्य थे. परेश ने कहा, ‘मेरे चचेरे भाई की पत्नी और उसके पिता आज सुबह जब स्टोर में काम कर रहे थे, तो कुछ लोग यहां आए और उन्होंने दोनों को गोली मार दी. मुझे समझ नहीं आ रहा अब मैं क्या करूं.’ इस घटना ने अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों को सदमे में डाल दिया है.  

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने दावा किया कि नागपुर में हाल में हुई हिंसा में बांग्लादेश से जुड़े लोगों का हाथ

मुंबई नागपुर में आयत लिखी चादर जलाने की अफवाह और दक्षिणपंथी संगठनों के प्रदर्शन के बाद भड़की हिंसा को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। इस मामले में दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया है। रविवार को शिवसेना नेता संजय निरुपम ने  दावा किया कि नागपुर में हाल में हुई हिंसा में बांग्लादेश से जुड़े लोगों का हाथ है। निरुपम ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह भी दावा किया कि हिंसा पूर्व नियोजित थी और यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी। महाराष्ट्र के नागपुर शहर में 17 मार्च को छत्रपति संभाजीनगर में मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन के दौरान आयतें लिखी ‘चादर’ जलाए जाने की अफवाह के बाद हिंसा भड़क उठी थी। झड़पों के परिणामस्वरूप शहर के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर पथराव और आगजनी हुई, जिसमें पुलिस उपायुक्त स्तर के तीन अधिकारियों सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए। निरुपम ने यह भी आरोप लगाया कि हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में से एक ‘मुजाहिदीन गतिविधियों’ के लिए धन जुटाने के वास्ते सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहा था। निरुपम ने ऐसे समूहों के साथ शिवसेना (UBT) के कथित गठबंधन की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘क्या शिवसेना (UBT) मुजाहिद्दीन के साथ जुड़ रही है? क्या ठाकरे और (संजय) राउत उनका समर्थन कर रहे हैं?’ शिवसेना के नेता ने कहा कि इसे महाराष्ट्र में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने विपक्षी दल शिवसेना (UBT) के वर्तमान नेतृत्व और पार्टी की राजनीतिक रणनीतियों को नकारते हुए कहा, ‘मातोश्री (मुंबई में उद्धव ठाकरे का निवास) में जल्द ही (शिवसेना संस्थापक) बालासाहेब ठाकरे और शिवाजी महाराज की तस्वीर के पास औरंगजेब की तस्वीर होगी।’ इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा था कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगा कि नागपुर हिंसा का विदेश या बांग्लादेश से कोई संबंध है।

दक्षिणी गाजा पट्टी में बमबारी में हमास का बड़ा नेता समेत 19 मारे गए, इजरायल ने डरावनी बना दीं गाजा की रातें

इजरायल दक्षिणी गाजा पट्टी में रविवार को रातभर हुए इजराइली हमलों में हमास के एक बड़े नेता समेत कम से कम 19 फलस्तीनी मारे गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस बीच, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इजराइल पर एक और मिसाइल दागी, जिससे हवाई हमले के सायरन बजने लगे। इजराइली सेना ने कहा कि मिसाइल को बीच में ही मार गिराया गया और इससे जान-माल का किसी प्रकार का नुकसान होने की जानकारी नहीं है। दक्षिणी गाजा के दो अस्पतालों ने बताया कि रातभर हुए हमलों में मारे गए बच्चों एवं महिलाओं समेत 17 लोगों के शव अस्पताल लाए गए हैं। हमास ने बताया कि खान यूनिस के पास हुए हमले में उसके राजनीतिक ब्यूरो और फलस्तीनी संसद के सदस्य सलाह बर्दाविल और उसकी पत्नी की मौत हो गई। बर्दाविल हमास की राजनीतिक शाखा का जाना-माना सदस्य था। अस्पतालों द्वारा बताई गई मृतकों की संख्या में हमास के नेता और उसकी पत्नी का नाम शामिल नहीं है। इजरायल ने लेबनान में भी कई ठिकानों को निशाना बनाया है जिसमें कम से कम 6 लोगों की मारे जाने की खबर है। पूर्वी और दक्षिणी लेबनान को निशाना बनाकर शनिवार को किए गए इज़रायली हवाई हमलों में कम से कम छह लोग घायल भी हो गए। लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने कहा कि दक्षिणी लेबनान में, टायर शहर के साथ-साथ कई घाटियों और गांवों को निशाना बनाकर इज़रायली हवाई हमले में छह लोगों की मौत हो गई और 22 लोग घायल हो गए। साथ ही पूर्वी लेबनान में हुए हमलों में छह लोग घायल हो गए। इस बीच, लेबनान के एक सुरक्षा सूत्र ने बताया कि इज़रायल ने शनिवार शाम तक 15 हवाई हमले किए हैं।

मुस्कान का परिवार केस लड़ने को तैयार नहीं है ऐसे में सरकारी वकील के लिए न्यायालय को लिखा पत्र, जेलर से लगाई गुहार

नई दिल्ली दिल दहला देने वाले हत्याकांड के बाद आरोपी साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी के दिन अब जेल में कट रहे हैं। बताया गया कि जेल में भी वे नशे के लिए तड़पते रहे। वे खाना भी नहीं खा रहे हैं। वहीं जेल प्रशासन ने नशा छुड़वाने के लिए दवाइयों और काउंसलिंग का सहारा लिया है। सीनियर जेल सुपरिंटेंडेंट वीरेश राज शर्मा ने बताया कि उन्हें अलग-अलग बैरक में रखा गया है। उन्होंने कहा कि मुस्कान का परिवार केस लड़ने को तैयार नहीं है ऐसे में सरकारी वकील के लिए न्यायालय को पत्र लिखा गया है। उन्होंने बताया, तीन दिन पहले मुस्कान और साहिल को जेल में लाया गया था।आते ही वे कहने लगे कि उन्हें पास की बैरक में रखा जाए। हालांकि साफ तौर पर बता दिया गया था कि जेल में जो व्यवस्था है उसके मुताबिक पुरुष और महिला बैरक का कोई कॉन्टैक्ट नहीं होता है। ऐसे में दोनों को अलग-अलग रखा गया है। जब भी कोई बंदी आता है तो उसका स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जाता है। पाया गया कि वे नशे के आदी हैं। कारागर मे नशा नहीं मिल सकता। उन्हें दवाई दी जा रही है। नशा मुक्ति केंद्र के माध्यम से उनकी काउंसलिंग हो रही है और योग, मेडिटेशन में लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा, हमारा प्रयास है कि आम कैदी उनसे दूर रहें और बार-बार उनके केस के बारे में ना पूछें। उन्होंने बताया, मुस्कान ने मिलने की इच्छा जाहिर की थी। मैंने उसे बुलाया तो उसने कहा कि घर वाले उससे नाराज हैं। वे केस नहीं लड़ेंगे। ऐसे में उसे सरकारी वकील दिलाया जाए। इसको लेकर एक पत्र न्यायालय को भेजा जा रहा है। कैदी का अधिकार है कि उसे वकील मिले और इसके लिए कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा, उन लोगों को जेल का सिस्टम पता नहीं था। महिला और पुरुष के बैरक आधा किलोमीटर दूर हैं। उन्हें समझा दिया गया तो वे मान गए। उन्होंने कहा, वे ड्रग्स की डिमांड तो नहीं कर रहे थे। हालांकि डॉक्टरों ने जानकारी दी कि वे नशा करते हैं। जो लोग ज्यादा समय से नशा ले रहे होते हैं उन्हें दवाई दी जाती है। धीरे-धीरे उनमें सुधार हो रहा है। 10 से 15 दिन में उनकी नशे की आदत छूट जाएगी। उन्होंने कहा कि साहिल ने अभी सरकारी वकील को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। उनका कहा था कि घर वाले केस लड़ेंगे और अगर नहीं लड़ेंगे तो बताया जाएगा। जेल की सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा, न्यायालय की प्रक्रिया और हाई प्रोफाइल केस के बारे में ज्यादा कुछ तो नहीं कहा जा सकता लेकिन सीसीटीवी, जेलरों ओर मैं खुद सुरक्षा का पूरा ध्यान रख रहे हैं। आम कैदियों से कहा गया है कि केस के बारे में उन्हें बार-बार याद ना दिलवाएं। वे अन्य कैदियों के साथ हैं लेकिन ज्यादा बातचीत ना करने के निर्देश दिया गया है। बता दें कि मुस्कान के माता-पिता ने पहले ही कहा था कि सौरभ अच्छा पति था लेकिन उनकी बेटी ही गलत थी। सौरभ मर्चेंट नेवी में अधिकारी थे। पिछले दो साल से वह लंदन में थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक लंदन से वापस आने के बाद उन्हें मुस्कान और साहिल के अफेयर के बारे में पता चल गया था। इसके बाद मुस्कान और साहिल ने मिलकर उनकी हत्या का प्लान बना डाला। मुस्कान ने सौरभ की हत्या कर शव के टुकड़े ड्रम में छिपा दिए और खुद साहिल के साथ घूमने शिमला चली गई। लगभग 13 दिन बाद पता चला कि ड्रम में सौरभ की लाश है। इसके बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया गया है।

भाजपा विधायक ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, सुशांत सिंह राजपूत को नहीं मिला न्याय

मुंबई बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की 2020 में हुई मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शनिवार को अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। इसके बाद से सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा विधायक राम कदम ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राम कदम ने कहा कि ठाकरे सरकार ने सुशांत के मामले में जानबूझकर लापरवाही बरती और बिहार पुलिस को मुंबई में जांच करने से रोका था। राम कदम ने एक वीडियो संदेश में कहा, “जब पूरे देश ने सुशांत सिंह राजपूत के मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग की, तब उद्धव ठाकरे सरकार ने जानबूझकर लापरवाही दिखाई। जब बिहार पुलिस मुंबई में जांच करने आई तो उन्हें रोका गया। ऐसा क्यों किया गया? उद्धव ठाकरे सरकार के लोगों को बचाने के लिए सभी सबूत नष्ट कर दिए गए। सुशांत के घर का फर्नीचर हटा लिया गया। उसे पेंट किया गया और फिर वापस उसके असली मालिक को लौटा दिया गया।” इसके साथ ही राम कदम ने यह भी आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे की सरकार ने सुशांत सिंह राजपूत के परिवार को न्याय दिलाने में अड़चन डाली। उन्होंने कहा, “अगर उद्धव ठाकरे ने सही समय पर इस मामले को सीबीआई के हवाले किया होता तो सुशांत के परिवार को निश्चित रूप से न्याय मिलता। अगर आज उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है तो इसके लिए उद्धव ठाकरे सरकार जिम्मेदार है।” सीबीआई ने शनिवार को मुंबई कोर्ट में सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। यह रिपोर्ट सुशांत की मौत के लगभग पांच साल बाद दाखिल की गई है। सीबीआई की रिपोर्ट में यह कहा गया कि सुशांत की मौत आत्महत्या के रूप में दर्ज की गई थी और इसमें किसी भी तरह की साजिश या हत्या का आरोप नहीं पाया गया है। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत का शव 14 जून, 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित उनके फ्लैट से बरामद हुआ था। उनकी मौत के बाद पूरे देश में उथल-पुथल मच गई थी और मामले की जांच के लिए सीबीआई को सौंपने की मांग उठने लगी थी। सुशांत के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण “आस्फीक्सिया” बताया गया था, जो कि सांस न लेने के कारण होता है। दिशा सालियान की मौत का मामला भी गरमाया इस बीच, सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में भी हलचल तेज हो गई है। दिशा की मृत्यु 8 जून, 2020 को हुई थी, यानी सुशांत की मौत से छह दिन पहले। दिशा के पिता सतीश सालियान ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने अपनी बेटी की मौत की पुनः जांच की मांग की है और आदित्य ठाकरे सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी अपील की है। दिशा की मौत की परिस्थितियां भी संदिग्ध बताई जाती रही हैं और इसे सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जोड़ा गया है। अब सतीश सालियान की याचिका के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।

फगान तालिबान ने दो सालों से कैद में बैठे अमेरिकी शख्स को पिछले हफ्ते किया रिहा, हक्कानी के ऊपर से हटाया इनाम

वाशिंगटन संयुक्त राज्य अमेरिका ने अफगान तालिबान के साथ अपने रिश्तों को सुधारने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। अफगान तालिबान ने दो सालों से कैद में बैठे अमेरिकी शख्स को पिछले हफ्ते रिहा कर दिया था। इसके बाद अब अमेरिकी सरकार ने भी तालिबान के तीन प्रमुख नेताओं सिराजुद्दीन हक्कानी, अब्दुल अजीज हक्कानी, याह्या हक्कानी पर से कई मिलियन डॉलर के भारी भरकम इनाम हटा लिया है। अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि तीन लोगों पर से अमेरिका इनाम को हटाया गया है इनमें से दो सगे भाई हैं, जबकि तीसरा उनका ही चचेरा भाई है। अमेरिका ने इनकी सूचना देने पर यह इनाम रखा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, हक्कानी के ऊपर रखे गए इनाम को हटाने की घोषणा शनिवार को ही कर दी गई थी। लेकिन इसके बाद भी अभी तक एफबीआई की वेबसाइट से इनाम की सूची में से हक्कानी का नाम नहीं हटाया गया है। इस सूची में कहा गया है कि हक्कानी के ऊपर अफगानिस्तान में संयुक्त राज्य अमेरिका और नाटो के सैनिकों के खिलाफ सीमा पार हमलों की व्यवस्था करने और उनमें भाग लेने का आरोप है। हक्कानी के ऊपर से इनाम हटाने का निर्णय गुरुवार को तालिबान द्वारा अमेरिकी नागरिक को रिहा करने के बाद लिया गया। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसके बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट में लिखा कि जॉर्ज ग्लीजमैन, जिन्हें ढाई साल से अफगानिस्तान में गलत तरीके से गिरफ्तार करके रखा गया था उन्हें रिहा कर दिया गया है। 65 साल के ग्लीजमैन को ढाई साल पहले उस वक्त तालिबान द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था, जब वह अफगानिस्तान की यात्रा पर गए हुए थे। न्यूयार्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने ट्रम्प के विशेष बंधक दूत एडम बोहलर, तालिबान अधिकारियों और कतर के अधिकारियों द्वारा मध्यस्थता की गई बातचीत के बाद उन्हें रिहा किया। अमेरिका द्वारा तालिबानी नेताओं के ऊपर से इनाम हटाने के इस घटनाक्रम को तालिबान द्वारा एक जीत के रूप में देखा जा रहा है। एक अधिकारी शफी आजम ने इस पूरे घटनाक्रम को 2025 में दोनों देशों के बीच में संबंधों के सामान्यीकरण की शुरुआत बताते हुए कहा कि इस के बाद दोनों देशों के संबंधों में सामान्य होने की शुरुआत मान सकते हैं। इससे पहले तालिबान ने घोषणा की थी कि वह नॉर्वे में अफगानिस्तान के दूतावास पर नियंत्रण कर रहा है। 2021 में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से चीन अफगान राजनयिकों को स्वीकार करने वाला पहला देश रहा। कई अन्य देशों ने भी तालिबान के प्रतिनिधियों को स्वीकार किया है।

भारतीय संविधान में धर्म आधारित आरक्षण को स्वीकार नहीं किया गया था: आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसाबले

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने मुस्लिमों को ठेकेदारी में 4 प्रतिशत आरक्षण देने के कर्नाटक सरकार के फैसले का विरोध किया है। आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसाबले ने कहा कि भारतीय संविधान में धर्म आधारित आरक्षण को स्वीकार नहीं किया गया था, जिसे बाबा साहब भीमराव आंबेडकर ने तैयार किया था। इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने शनिवार को अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा द्वारा पारित प्रस्ताव पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधि सभा में संगठनात्मक कार्यों का विश्लेषण, विकास, प्रभाव और समाज परिवर्तन पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि संघ ने गत 100 वर्षों में कार्य के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है। संघ की यात्रा के बारे में जानकारी दी और एक शाखा से लेकर पूरे देश में क्रमिक विस्तार की जानकारी रखी। उन्होंने कहा कि संघ का लक्ष्य ‘सर्वस्पर्शी, सर्वव्यापी’ होना है, जो समाज और राष्ट्र के सभी पहलुओं को स्पर्श करे। संघ आज देश के 134 प्रमुख संस्थानों (premiere institutions) में मौजूद है और आने वाले वर्षों में सभी संस्थानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। बांग्लादेश में हिन्दुओं के उत्पीड़न पर प्रस्ताव अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में पारित ‘बांग्लादेश के हिन्दू समाज के साथ एकजुटता से खड़े होने का आह्वान’ शीर्षक वाले प्रस्ताव पर कहा कि संघ बांग्लादेश में कट्टरपंथी इस्लामी तत्वों के हाथों हिन्दुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हो रही हिंसा, उत्पीड़न और लक्षित उत्पीड़न पर गहरी चिंता व्यक्त करता है। बांग्लादेश की स्थिति पर अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा द्वारा पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि धार्मिक संस्थानों पर व्यवस्थित हमलों, क्रूर हत्याओं, जबरन धर्मांतरण और हिन्दुओं की संपत्तियों को नष्ट करने के चक्र ने बांग्लादेश में हिन्दू समुदाय के लिए अस्तित्व का संकट पैदा कर दिया है। प्रस्ताव में धार्मिक असहिष्णुता और मानवाधिकारों के उल्लंघन के इन कृत्यों की कड़ी निंदा की गई है और वैश्विक समुदाय से निर्णायक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। बांग्लादेश में हिन्दुओं पर लगातार अत्याचार अरुण कुमार ने कहा कि मठों, मंदिरों पर हमले, देवी-देवताओं की अपवित्रता, संपत्तियों की लूट और जबरन धर्म परिवर्तन निंदनीय है, लेकिन संस्थागत उदासीनता और सरकारी निष्क्रियता के कारण अपराधियों का हौसला बढ़ गया है। बांग्लादेश में हिन्दू आबादी में लगातार गिरावट पर अरुण जी ने कहा कि 1951 में 22% से घटकर आज केवल 7.95% रह गई है, यह संकट की गंभीरता को दर्शाता है। हिन्दुओं का ऐतिहासिक उत्पीड़न, विशेष रूप से अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के बीच, एक सतत मुद्दा बना हुआ है। हालांकि, पिछले साल संगठित हिंसा का स्तर और सरकार की निष्क्रियता चिंताजनक है।

कैश कांड: जस्टिस यशवंत वर्मा को दिल्ली HC ने फोन रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के दिए निर्देश

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा अपने सरकारी आवास में आग लगने के दौरान मिले कैश को लेकर घिरते दिख रहे हैं। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजेआई) के निर्देश पर जस्टिस वर्मा को अपने फोन के सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा है। इसमें बातचीत, मैसेज और डेटा शामिल हैं, क्योंकि उनके इर्द-गिर्द विवाद लगातार सामने आ रहा है। जस्टिस वर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय को दिए गए एक बयान में नकदी बरामदगी की घटना में उन पर लगे आरोपों का खंडन किया। जस्टिस वर्मा ने बताया, ”उनके स्टाफ में से किसी को भी मौके पर मौजूद कैश या मुद्रा के कोई अवशेष नहीं दिखाए गए। उन्होंने अपने बयान में कहा, “मैंने पर्सनली अपने स्टाफ के साथ इस मामले की जांच की, जिन्होंने पुष्टि की कि घर में कथित रूप से पाए गए नोटों को हटाया नहीं गया था। केवल मलबा और बचाए जा सकने वाले सामान ही हटाए गए थे। ये घर में अलग से रखे हैं और निरीक्षण के लिए उपलब्ध हैं।” इस बीच, पुलिस कमिश्नर ने कथित तौर पर दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को सूचित किया है कि जस्टिस वर्मा के आवास पर तैनात सुरक्षा गार्ड के अनुसार, 15 मार्च की सुबह कुछ मलबा और आंशिक रूप से जली हुई वस्तुएं हटा दी गई थीं। जस्टिस वर्मा ने किसी भी तरह के गलत काम के आरोपों को खारिज करते हुए जवाब दिया। हालांकि, जब हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने उन्हें घटना का वीडियो दिखाया, तो जस्टिस वर्मा ने उनकी प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाकर उन्हें बदनाम वाली संभावित गहरी साजिश की आशंका जताई। सुप्रीम कोर्ट ने एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है और दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने हाल की घटना की गहन जांच की मांग की है। अपने जवाब में जस्टिस यशवंत वर्मा ने कहा कि न तो उन्हें, न ही उनकी बेटी को और ना ही उनके घर के स्टाफ को कभी भी जली हुई नकदी की बोरियां दिखाई गईं, जो कथित तौर पर मौके पर पाई गई थीं। जस्टिस वर्मा ने मीडिया को लेकर भी निराशा जताते हुए कहा कि उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाले मानहानिकारक दावे फैलाने से पहले उचित जांच की जानी चाहिए थी।

बैंकॉक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का अनुरोध कर रहे मोहम्मद यूनुस, भारत नहीं दे रहा भाव

बैंकॉक बांगलादेश के अस्थायी सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस आगामी BIMSTEC शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का अनुरोध भारत से कर रहे हैं। हालांकि अभी तक भारत ने उन्हें प्रधानमंत्री से मिलने का समय नहीं दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर से जब एक संसदीय पैनल ने बैठक के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि यह मामला अभी विचाराधीन है। गौरतलब है कि यह बैठक इस शनिवार को संसदीय परामर्श समिति की पहली बैठक के रूप में आयोजित हुई थी, जिसमें कई सांसदों ने बांगलादेश में हिंदू समुदाय पर हमलों को लेकर चिंता व्यक्त की और भारत द्वारा इस संदर्भ में उठाए गए कदमों के बारे में सवाल किए। बैठक में एस जयशंकर ने सांसदों को बताया कि ढाका में अस्थायी सरकार ने दावा किया है कि बांगलादेश में हिंदू समुदाय पर हुए हमले राजनीतिक रूप से प्रेरित थे और इन्हें माइनॉरिटी टार्गेटेड नहीं माना जाना चाहिए। जयशंकर ने सांसदों को बांगलादेश, मालदीव, म्यांमार और श्रीलंका के साथ भारत के संबंधों पर भी जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने पाकिस्तान और चीन के मामलों पर बाद में बात करने का संकेत दिया और इस बैठक में इन मुद्दों को अलग से उठाने की बात की। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि SAARC (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) पाकिस्तान के रवैये के कारण निष्क्रिय हो गया है और इसीलिए भारत BIMSTEC को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। जयशंकर ने संकेत दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 से 4 अप्रैल तक थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित होने वाले BIMSTEC शिखर सम्मेलन में भाग ले सकते हैं, हालांकि उन्होंने इस यात्रा की पुष्टि बैठक में नहीं की। बैठक में विभिन्न सांसदों ने बांगलादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों की गंभीरता को लेकर चिंता जताई और भारत सरकार से इसके खिलाफ ठोस कदम उठाने की मांग की। विशेष रूप से, बांगलादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रहे हमले और उनके बारे में अस्थायी सरकार का बयान चर्चा का विषय बने। जयशंकर ने बांगलादेश की सरकार के इस दृष्टिकोण को साझा किया कि इन हमलों का कोई धार्मिक या अल्पसंख्यक आधार नहीं था, बल्कि ये राजनीतिक कारणों से हुए थे। BIMSTEC की भूमिका BIMSTEC बंगाल की खाड़ी के चारों ओर स्थित देशों को एक मंच पर लाने का कार्य करता है। इसमें भारत की रणनीति काफी महत्वपूर्ण है। जयशंकर ने इस बात का उल्लेख किया कि SAARC की निष्क्रियता के कारण भारत BIMSTEC को सक्रिय करने और दक्षिण एशिया में आर्थिक और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कदम उठा रहा है। BIMSTEC के सदस्य देशों में बांगलादेश, भारत, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं। इस संगठन का उद्देश्य बहुपक्षीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है। विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के BIMSTEC शिखर सम्मेलन में भाग लेने की पुष्टि नहीं की, लेकिन उन्होंने यह संकेत जरूर दिया कि यह दौरा होने की संभावना है। यह सम्मेलन 2 से 4 अप्रैल तक बैंकॉक में आयोजित होगा और प्रधानमंत्री मोदी के इसमें भाग लेने से भारत-बांगलादेश और BIMSTEC देशों के साथ सहयोग को और अधिक मजबूती मिल सकती है।

मंडोली जेल के आरएमओ रिटायरमेंट के दिन सस्पेंड, सुकेश चंद्रशेखर को घड़ी पहनने की सलाह देनी आरएमओ पड़ी महंगी

नई दिल्ली दिल्ली की मंडोली जेल में बंद कुख्यात ठग सुकेश चंद्रशेखर को कथित तौर पर घड़ी पहनने की सलाह देना जेल के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) को काफी महंगा पड़ गया। इस मामले में आरएमओ को उनकी रिटायरमेंट वाले दिन ही सस्पेंड कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, मंडोली जेल के आरएमओ को सस्पेंड कर दिया गया है। जेल के एक अधिकारी ने बताया कि आरएमओ ने जेल में बंद कुख्यात ठग सुकेश चंद्रशेखर को कलाई की घड़ी पहनने की डॉक्टरी सलाह दी थी। आरएमओ की ओर से इस मामले में जेल के संबंधित उच्च अधिकारी को कोई सूचना नहीं दी गई। अधिकारी की अनुमति के बिना कलाई घड़ी की डॉक्टरी सलाह का मामला संज्ञान में आने के बाद जेल प्रशासन द्वारा आरएमओ आर. राठी के खिलाफ जांच शुरू की गई और उसके बाद गत 28 फरवरी को उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। बताया गया कि उसी दिन आरएमओ की रिटायरमेंट का भी दिन था। जेल अधिकारी फिलहाल इस बात की जांच कर रहे हैं कि आरएमओ ने आखिर किस कारण से सुकेश को कलाई घड़ी पहनने की सलाह दी थी। बता दें कि, इससे पहले दिल्ली की निचली अदालत के निर्देश पर संबंधित सुरक्षा जांच के साथ जेल अधिकारियों ने सुकेश चंद्रशेखर को कलाई घड़ी उपलब्ध करा दी थी, लेकिन बाद में आदेश के खिलाफ जेल अधिकारियों की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी। एक जेल अधिकारी ने बताया कि पिछले महीने दिल्ली हाईकोर्ट ने मंडोली जेल के अधिकारियों द्वारा दाखिल याचिका पर नोटिस जारी किया था, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी उक्त फैसले को चुनौती दी गई थी। याचिका में सुरक्षा कारणों के चलते हाईकोर्ट से यह अपील की गई थी कि निचली अदालत के आदेश को खारिज कर दिया जाए।

खुल रहा एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन, 74 किस्मों के फूलों का होगा दीदार

श्रीनगर एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन 26 मार्च को कश्मीर घाटी में पर्यटन सीजन की शुरुआत को चिह्नित करने के लिए जनता के लिए खुलेगा। डल झील और जबरवान पहाड़ियों के बीच बसा लगभग 55 हेक्टेयर में फैले उद्यान में लगभग 17 लाख ट्यूलिप फूल के पौधे लगाए गए हैं। जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला गार्डन का उद्घाटन करेंगे। ट्यूलिप गार्डन में सहायक फ्लोरीकल्चर अधिकारी आसिफ अहमद ने कहा कि गार्डन 26 मार्च को जनता के लिए खोल दिया जाएगा। उद्यान के उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर हैं और इसे तैयार करने के लिए अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस साल उद्यान में ट्यूलिप की दो नई किस्में जोड़ी गई हैं, जिससे कुल संख्या 74 हो गई है। उन्होंने कहा कि हम हर साल ट्यूलिप उद्यान के लिए कुछ नया करने की कोशिश करते हैं। इस साल हम नई रंग योजना लेकर आ रहे हैं। इस साल वसंत फूल जैसे कि हाइसिंथ, डेफोडिल, मस्करी और साइक्लेमेन भी प्रदर्शित किए जाएंगे। अहमद ने बताया कि 55 हेक्टेयर में फैले उद्यान में लगभग 17 लाख ट्यूलिप फूल के पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस साल हमारे पास 1.7 मिलियन फूल के पौधे हैं, जिन पर पर्यटक फूल खिलते हुए देख पाएंगे। उद्यान का विस्तार लगभग अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच गया है। नीदरलैंड से आयातित 50 हजार ट्यूलिप के साथ उद्यान को छोटे पैमाने पर शुरू किया गया था। इसने पर्यटकों के बीच तुरंत लोकप्रियता हासिल कर ली और हर साल आगंतुकों की संख्या और खिलने वाले ट्यूलिप दोनों के मामले में लगातार बढ़ाेतरी हुई है। पिछले साल 4.65 लाख से अधिक घरेलू और विदेशी आगंतुकों ने उद्यान का दौरा किया, जबकि 2023 में यह संख्या 3.65 लाख थी। पर्यटकों के लिए खुशखबरी नीदरलैंड से आयातित 50,000 ट्यूलिप बल्बों के साथ गार्डन की शुरुआत छोटे पैमाने पर हुई थी. जल्द पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो गया. हर साल पर्यटकों और ट्यूलिप की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. पिछले साल 4.65 लाख से अधिक घरेलू और विदेशी पयर्टकों ने गार्डन का दौरा किया था. कब खुलेगा ट्यूलिप गार्डन 2023 में पर्यटकों की संख्या 3.65 लाख थी. बागबानों के अनुसार इस साल हाइसिंथ, डेफोडिल, मस्करी और साइक्लेमेन जैसे अन्य वसंत फूल भी प्रदर्शित किए जाएंगे. 55 हेक्टेयर में फैले गार्डन में लगभग 17 लाख ट्यूलिप बल्ब लगाए गए हैं. इस साल बाग में 1.7 मिलियन बल्ब पर्यटक खिलते हुए देख पाएंगे. गार्डन का विस्तार लगभग पूरी क्षमता तक पहुंच गया है.   

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