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कुर्ला में भयानक हादसा, बेकाबू बस लोगों को कुचलते हुए मार्केट में घुसी,6 की मौत, 25 जख्मी

मुंबई  मुंबई के कुर्ला में भयानक हादसा हुआ है। सार्वजनिक परिवहन सेवा ‘बेस्ट’ की एक बस ने सोमवार रात पैदल यात्रियों और कुछ वाहनों को टक्कर मार दी। इससे 6  लोगों की मौत हो गई और 30  लोग घायल हो गए। पुलिस और बीएमसी के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बीएमसी के अधिकारियों ने बताया कि ऐसा संदेह है कि कुर्ला में बीएमसी एलवार्ड के पास यह दुर्घटना बस के ब्रेक में गड़बड़ी होने के कारण हुई। उन्होंने बताया कि बस चालक को हिरासत में ले लिया गया है। कैसे हुआ हादसा? बीएमसी ने बताया कि बेस्ट बस के चालक ने मार्ग संख्या 332 पर वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया और बस ने पैदल यात्रियों एवं कुछ वाहनों को टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि इसके बाद बेस्ट की बस बुद्ध कॉलोनी नामक एक आवासीय सोसायटी में घुस गई और फिर रुक गई। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना स्थल से तीन लोगों को मृत अवस्था में पास के भाभा अस्पताल लाया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में एक किशोरी समेत 30   घायलों का इलाज जारी है। 1 दिसंबर को ही शुरू की थी नौकरी आरोपी ड्राइवर को आज दोपहर दो बजे कोर्ट में पेश किया जाएगा. वहीं, BEST की तकनीकी टीम बस की खराबी की जांच करेगी. यह भी पता चला है कि संजय मोरे ने एक दिसंबर को ही ड्राइवर के तौर पर बेस्ट की नौकरी ज्वॉइन की थी. बता दें कि सोमवार रात करीब पौने 10 बजे BEST की 332 नंबर की बस ने बेकाबू होकर कई गाड़ियों को टक्कर मार दी थी. बस ने करीब 30 लोगों को कुचलते हुए एक सोसाइटी की दीवार भी तोड़ दी थी. इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 26 लोग घायल हुए थे. मरने वालों में 3 पुरुष और 3 महिलाएं हैं. बेकाबू बेस्ट बस ने कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया है. जानकारी के मुताबिक, बस कुर्ला से अंधेरी जा रही थी तभी अंबेडकर नगर में बुद्ध कॉलोनी के पास बस अनियंत्रित हो गई. बस ने 30 लोगों को कुचल दिया. हादसे के बाद घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे अफरातफरी का माहौल बन गया. कुछ घायलों की हालत नाजुक घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। दुर्घटना में कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। उन्होंने बताया कि बस की पंजीकरण संख्या एमएच01-ईएम-8228 है। उन्होंने बताया कि यह बस कुर्ला रेलवे स्टेशन से अंधेरी जा रही थी, तभी यह दुर्घटना हुई। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि 12 मीटर लंबी यह इलेक्ट्रिक बस हैदराबाद स्थित ‘ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक’ द्वारा निर्मित है और इसे बेस्ट ने पट्टे पर लिया था। उन्होंने बताया कि ऐसी बसों के चालक निजी ऑपरेटर की ओर से उपलब्ध कराए जाते हैं। तीन महीने पुरानी है बस तारदेव क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के एक अधिकारी ने कहा कि बस सिर्फ तीन महीने पुरानी है। इसे इस साल 20 अगस्त को ईवीईवाई ट्रांस नामक कंपनी के नाम पर पंजीकृत किया गया है। ‘बेस्ट’ अधिकारियों ने कहा कि घटनास्थल पर भीड़ के कारण उन्हें जांच करने में परेशानी हो रही है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

इराक एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा, यूरोप और पश्चिम एशिया के बीच नया परिवहन लिंक बनाएगा

बगदाद इराक एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। यह प्रोजेक्ट यूरोप और पश्चिम एशिया के बीच नया परिवहन लिंक बनाएगा। इस प्रोजेक्ट की लागत 17 बिलियन डॉलर है, जिसके तीन साल में पूरा होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट को ‘विकास का मार्ग’ (Route of Development) नाम दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के मिस्र की स्वेज नहर के रस्ते को टक्कर देने की उम्मीद है। स्वेज नहर का रूट एशिया और यूरोप के बीच बेहद महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग है। द मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, यह नया रूट 745 मील लंबा होगा, जो उत्तरी तुर्की सीमा से दक्षिणी फारस की खाड़ी तक फैला होगा। इसमें सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों को शहरों से जोड़ते हुए का एक नेटवर्क बनाया जाएगा। इसका मकसद एशिया और यूरोप के बीच समुद्री यात्रा के समय को कम करना है, ताकि इसे स्वेज नहर रूट के विकल्प के तौर पर दुनिया के सामने लाया जा सके। इराक को होगा बड़ा फायदा? यह नया मार्ग ग्रैंड अल फॉ पोर्ट प्रोजेक्ट पर आधारित होगा, जो कि फारस की खाड़ी पर एक बंदरगाह है। यह इराक को अपने निर्यात को दुनियाभर में बेहतर तरीके से वितरित करने में सक्षम बनाता है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा विकासात्मक प्रयास है। इराकी प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल सुदानी इस परियोजना को एक टिकाऊ गैर-तेल अर्थव्यवस्था की आधारशिला के रूप में देखते हैं। वह इसे आर्थिक एकीकरण के प्रयास के रूप में देखते हैं। परियोजना का लक्ष्य बसरा और लंदन के बीच निर्बाध राजमार्ग और रेल गलियारा स्थापित करना है। इराक का कहना है कि रूट ऑफ डेवलपमेंट स्वेज नहर के मुकाबले आर्थिक रूप से अधिक व्यवहार्य विकल्प हो सकता है। इराकी परिवहन मंत्री का कहना है कि यह मिस्र स्थित स्वेज नहर की तुलना में यात्रा के समय में 12 से 15 दिनों की बचत कर सकता है। इस परियोजना को कई प्रभावशाली देशों का समर्थन मिला है। इसमें यूएई और कतर शामिल हैं। दोनों देशों ने इस संबंध में समझौते पर दस्तखत किए हैं। इस परियोजना से बहुत उम्मीदे हैं लेकिन इसके सामने कई चुनौतियां भी हैं। इराकी सरकार का कहना है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद वह इस परियोजना को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। यह परियोजना इराक के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इराकी सरकार को उम्मीद है कि यह परियोजना इराक के लोगों के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आएगी।

अब बार-बार नहीं किसानों को कराना होगा KYC, एक क्लिक में मिलेगा सभी स्कीम का लाभ, बस आज ही कर लें ये का

नई दिल्ली अगर आप एक किसान हैं तो आपके लिए खुशखबरी है. उत्तर प्रदेश में किसानों के लिए एग्री स्टैक योजना के तहत डिजिटल बेस किसान रजिस्ट्री तैयार की जा रही है. एग्री स्टैक योजना केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रारंभ की गई है, जिसके तहत किसानों की भलाई और कृषि उद्योग की समग्र उन्नति के लिए एक व्यापक डिजिटल ढांचा तैयार किया जाएगा. इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारतीय कृषि को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सशक्त बनाना और किसानों को तकनीकी साधनों से जोड़कर उनकी उत्पादकता और आय दोनों में वृद्धि करना है. इस योजना के अंतर्गत किसानों की डिजिटल प्रोफाइल तैयार की जाएगी, जिसमें उनके भूमि रिकॉर्ड, फसल के विवरण, और आर्थिक गतिविधियों सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी शामिल होगी. इस रजिस्ट्री का उद्देश्य किसानों को फसली ऋण, पीएम किसान योजना, फसल बीमा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराना है.  इसको लेकर  यूपी के कृषि निदेशक डॉ जितेंद्र कुमार तोमर ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में किसान रजिस्ट्री का कार्यक्रम बहुत तेजी से चलाया जा रहा है. जिसमें किसानों के अभिलेखों जैसे खसरा, खतौनी को उनके आधार से लिंक किया जा रहा है. इसका फायदा यह होगा कि इसके बाद से किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को बार-बार  KYC नहीं करानी पड़ेगी. किसानों को मिलेगा काफी फायदा     पीएम किसान योजना     फसली लोन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड     एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड एवं कृषि विकास     अन्य कोई भी लोन क्या काम करवाना है और कैसे करवाएं? इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को फॉर्मर रजिस्ट्री करवाना अनिवार्य है. जानकारी के मुताबिक, किसानों को 31 दिसंबर 2024 से पहले यह रजिस्ट्री का काम पूरा करवा लेना है. इसके लिए किसान अपने नजदीकी कैंप में जाकर रजिस्ट्री कराकर सभी सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से ले सकते हैं. इस पोर्टल पर जाकर कराएं रजिस्ट्रेशन फॉर्मर रजिस्ट्री करवाने के लिए आप विभाग की वेब पोर्टल https://upfr.agristack.gov.in पर जा सकते हैं. पोर्टल के अलावा आप अपने नजदीकी जन सुविधा केंद्र पर जाकर या फिर सरकार द्वारा पंचायत भवन या गांव में अन्य जगहों पर लगाए गए कैंप से आप ये काम करवा सकते हैं. इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत     आधार कार्ड     योजना से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर     खतौनी  

2029 के बाद की राजनीति पर फोकस, भाजपा में मोदी युग के बाद का नेतृत्व तैयार करने में जुटा संघ

नई दिल्ली. पहले हरियाणा में हार को जीत में बदल कर तीसरी बार सरकार बनाने और फिर महाराष्ट्र में आशा के विपरीत एकतरफा तूफानी बहुमत हासिल करके भारतीय जनता पार्टी और उसके नेतृत्व वाले गठबंधन एनडीए ने लोकसभा चुनावों में मिले खासे झटके के सदमे को नए हौसले में बदल दिया है। हालांकि, इसी दौर में जम्मू कश्मीर और झारखंड में विपक्षी इंडिया गठबंधन की भी जीत हुई है, लेकिन हरियाणा और महाराष्ट्र की जीत के जश्न और शोर में इन दोनों राज्यों में भाजपा की नाकामयाबी की चर्चा दब गई है। भाजपा की इस जीत का श्रेय यूं तो हर बार की तरह पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति को दे रही है, लेकिन दूसरी तरफ इन दोनों राज्यों की सफलता को भाजपा के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने हजारों स्वयंसेवकों की मेहनत का नतीजा बताया है। आमतौर पर संघ पर्दे के पीछे रहकर ही काम करता है और चुनावी सफलता का श्रेय संघ कभी सीधे नहीं लेता है, लेकिन पहली बार उसने खुलकर इसका श्रेय अपने स्वयंसेवकों को दिया है। इसके साथ ही संघ अब मोदी युग के बाद भाजपा के नेतृत्व को गढ़ने में जुट गया है। संघ के इस रुख के कई संकेत हैं। पहला ये कि लोकसभा चुनावों में जब भाजपा के 370 और एनडीए के चार सौ पार के नारे की हवा निकली और भाजपा बमुश्किल 240 सीटें ही जीत पाई और तीसरी बार उसे अपनी सरकार बनाने के लिए सहयोगी दलों के समर्थन पर निर्भर होना पड़ा है। तब संघ की तरफ से यह संदेश दिया गया कि ऐसा इसलिए हुआ कि लोकसभा चुनावों में आरएसएस के स्वयंसेवक उदासीन हो गए और संघ ने इन चुनावों को पूरी तरह मोदी शाह और भाजपा के भरोसे छोड़ दिया था।नतीजा ये कि भाजपा को अपने बलबूते बहुमत के आंकड़े के भी लाले पड़ गए।यह एक तरह से चुनावों के बीच में एक अखबार को दिए गए इंटरव्यू में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बयान कि भाजपा अब अपने पैरों पर खडी हो गई है और उसे अब संघ के सहारे की जरूरत नहीं है,का संघ की तरफ से दिया गया जवाब भी माना जा सकता है। लोकसभा चुनावों के झटके के बाद भाजपा ने हरियाणा महाराष्ट्र और झारखंड के चुनावों के लिए संघ की तरफ देखा और संघ ने इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया। संघ के हजारों स्वयंसेवक इन राज्यों में फैल गए। बताया जाता है कि अकेले हरियाणा में संघ ने छोटी बड़ी सब मिलाकर करीब बीस हजार बैठकें कीं। यह संख्या महाराष्ट्र में और भी ज्यादा थी। इन विधानसभा चुनावों के पूरे सियासी विमर्श को संघ ने ही गढ़ा। सबसे पहले उत्तर प्रदेश में संघ के चहेते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नया नारा दिया बटेंगे तो कटेंगे जो लोकसभा चुनावों में विपक्ष द्वारा सामाजिक न्याय के नाम पर किए गए जातीय ध्रुवीकरण की काट के तौर पर दिया गया था। योगी के इस नारे पर संघ प्रमुख सर संघ चालक मोहन भागवत ने मुहर लगाई और फिर नारा विधानसभा चुनावों में भाजपा का चुनावी नारा बन गया। महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे थोड़ा परिष्कृत करके कहा एक हैं तो सेफ हैं। इन दोनों नारों का संदेश साफ था कि हिंदुओं जातियों में न बंट कर एकजुट होकर भाजपा के लिए मतदान करो। हरियाणा में जहां इस नारे के जरिए जाटों के वर्चस्व के जवाब में गैर जाटों का भाजपा के पक्ष में ध्रुवीकरण किया गया वहीं महाराष्ट्र में विपक्ष के मुस्लिम और जातीय ध्रुवीकरण के जवाब में यह नारा हिंदू ध्रुवीकरण का मंत्र बन गया। कोशिश झारखंड में भी की गई लेकिन वहां हेमंत सोरेन के आदिवासी ध्रुवीकरण ने बटेंगे तो कटेंगे को बेअसर कर दिया। इस नारे से बने चुनावी विमर्श और उससे आए महाराष्ट्र के नतीजों ने भाजपा पर संघ की पकड़ को फिर से मजबूत कर दिया है, जो 2019 के बाद धीरे धीरे कमजोर हो चली थी। इसका सबसे बड़ा परीक्षण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के चयन सामने आया जब करीब दो सप्ताह तक चली भारी कशमकश के बाद आखिरकार देवेंद्र फडणनवीस के नाम पर ही पार्टी ने मुहर लगाई। हालांकि, लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में भाजपा को मिली करारी हार से देवेंद्र फडणनवीस के करिश्मे पर भी ग्रहण लग गया था और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी लेते हुए उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के पेशकश भी की थी, लेकिन उसे नामंजूर करते हुए पार्टी ने उन्हें विधानसभा चुनावों के लिए जुट जाने को कहा और देवेंद्र फडणनवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भाजपा नीत महायुति गठबंधन की जीत के लिए रणनीति बनाने से लेकर प्रत्याशी चयन,सीटों के बंटवारे और प्रचार अभियान का नेतृत्व करते हुए जी तोड़ मेहनत की और महायुति की महाजीत का श्रेय भी सबसे ज्यादा उन्हें ही मिला। इसलिए जब मुख्यमंत्री के नाम पर अटकलें लगीं तो सबसे ऊपर उनका ही नाम था। इसके बावजूद करीब 13 दिनों तक भाजपा उनके नाम की घोषणा इसलिए नहीं कर सकी, क्योंकि पार्टी में ही एक धड़ा उनका विरोध कर रहा था और फडणनवीस के विरोधियों ने निवर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तक को भी इसके लिए इस्तेमाल किया कि फडणनवीस का रास्ता रोका जा सके, लेकिन आखिरकार विरोधी नाकाम हुए और संघ के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन ने देवेंद्र फडणनवीस को फिर से महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री पद सौंप दिया। लोकसभा चुनावों के बाद घटे इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम ने भाजपा की राजनीति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को फिर सत्ता के एक निर्णायक केंद्र की भूमिका में ला दिया है। संघ का अगला मिशन भाजपा के संगठन को फिर अपने प्रभाव में लेने का है, जो पिछले कुछ वर्षों में उसके हाथ से काफी हद तक फिसल गया था। इसके लिए अब संघ भाजपा अध्यक्ष पद पर किसी ऐसे नेता को बिठाने की कवायद में है जो संघ निष्ठ होने के साथ साथ पार्टी संगठन को भी संघ के विचारों संस्कारों और कार्यशैली में ढाल सके। हालांकि, अपनी इस कवायद में संघ अपने परिवार के सबसे लोकप्रिय चेहरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी नाराज और अनदेखा नहीं कर सकता है, इसलिए उसकी कोशिश है कि अध्यक्ष पद पर किसी ऐसे नेता के … Read more

बर्फबारी के बाद गुलमर्ग में -9 डिग्री पर लुढ़का पारा

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के हिमालयी इलाकों में बर्फबारी के एक दिन बाद सोमवार को कश्मीर के कई इलाकों में रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक ठंड रहने का अनुमान जताया है। श्रीनगर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा है कि उत्तरी कश्मीर के स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान -9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.4 डिग्री कम है। कश्मीर घाटी के मौसम निगरानी केंद्रों में यह इस मौसम में सबसे कम तापमान है। मौसम विभाग ने ताजा अपडेट में कहा कि आने वाला सप्ताह ठंडा और शुष्क रहेगा। इसमें कहा गया है, “अगले 7 दिनों के दौरान कई केंद्रों पर कड़ाके की ठंड और शुष्क मौसम रहेगा।” हालांकि, सोमवार को राजधानी श्रीनगर में दिन में धूप खिली और अपेक्षाकृत गर्मी रही। मौसम विज्ञानी एम हुसैन मीर ने कहा, “धूप वाले दिन रात में आसमान साफ ​​रहने के कारण रात में तापमान में गिरावट आती है।” रविवार को गुलमर्ग, कुपवाड़ा और पीर की गली समेत कश्मीर के ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई, जिससे मुगल रोड और सिंथन रोड बंद हो गए। ट्रैफिक पुलिस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मुगल रोड, सिंथन रोड और श्रीनगर-सोनमर्ग और गुमरी रोड बर्फ जमा होने के कारण अभी भी बंद हैं। मौसम विभाग के अपडेट में कहा गया है कि दक्षिण कश्मीर के पहलगाम के पर्यटन स्थल में भी इस मौसम का सबसे कम तापमान -6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 4 डिग्री कम है। दक्षिण के काजीगुंड में न्यूनतम तापमान -5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 4.5 डिग्री कम है। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में पारा रविवार के -0.5 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले सोमवार को -3.3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। राजधानी में शुक्रवार को इस मौसम का सबसे कम तापमान -4.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। उत्तरी कश्मीर के सीमांत क्षेत्रों में भी पारा शून्य से नीचे चला गया है, जिसमें कुपवाड़ा भी शामिल है, जहां न्यूनतम तापमान -4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने अब अगले तीन दिनों तक शुष्क मौसम का पूर्वानुमान लगाया है। IMD के मुताबिक, 12 दिसंबर को सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी होगी। मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन में कहा है कि 13 से 18 दिसंबर तक मौसम सामान्य रूप से शुष्क रहेगा। रविवार को हुई बर्फबारी के कारण सुबह के समय ठंड के कारण पहाड़ी सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं। इस बीच, केंद्र ने टूरिस्ट एडवायजरी में पर्यटकों और यात्रियों से प्रशासन की सलाह का पालन करने का आग्रह किया है। इसमें कहा गया है कि महत्वपूर्ण दर्रों और ऊंचे इलाकों की सड़कों पर तापमान शून्य से नीचे और बर्फीली स्थिति को देखते हुए पर्यटकों और यात्रियों को प्रशासन/यातायात सलाह का पालन करने की सलाह दी जाती है। कई जिला स्तरीय अधिकारियों ने ट्रांसपोर्टरों से पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करते समय 4 बाय 4 वाहनों का उपयोग करने या टायरों पर चेन लगाने का आग्रह करते हुए सलाह जारी की गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि कश्मीर में शीत लहर चल रही है। घाटी 40 दिनों की सबसे कठोर सर्दियों की अवधि के लिए तैयार है, जो 21 दिसंबर से शुरू होगी।

पहले हिन्दुओं की रक्षा और धर्मस्थलों की सुरक्षा करें तय: विदेश सचिव विक्रम मिसरी

ढाका. पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर बढ़ते हमलों के बीच पहली बार विदेश सचिव विक्रम मिसरी बातचीत के लिए ढाका पहुंचे हैं। ढाका पहुंचते ही उन्होंने बांग्लादेश को दो टूक लहजे में कहा है कि सबसे पहले हिन्दुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की रक्षा और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा तय करनी होगी। उन्होंने अपने समकक्ष के सामने सख्ती से ये मुद्दा उठाया। विदेश सचि‍व मिसरी ने बांग्‍लादेश के विदेश सलाहकार से कहा क‍ि भारत सकारात्मक, रचनात्मक और साझा हित चाहता है, इसलिए बांग्लादेश को भी उसी तरह का व्यवहार करना चाहिए। अपनी उच्च स्तरीय बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मिसरी ने कहा, “मैंने आज बांग्लादेश प्राधिकरण की अंतरिम सरकार के साथ मिलकर काम करने की भारत की इच्छा को रेखांकित किया है।” दोनों देशों के संबंधों में आए तनाव के बीच विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को ढाका में अपने बांग्लादेशी समकक्ष मोहम्मद जशीमुद्दीन के साथ बैठक की। अगस्त में प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के अपदस्थ होने के बाद भारत की ओर से यह पहला उच्च-स्तरीय दौरा है। मिसरी की यह यात्रा हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर नई दिल्ली और ढाका के बीच संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि मिसरी भारतीय वायुसेना के विमान से ढाका पहुंचे। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की। भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा भी हवाई अड्डे पर मौजूद रहे। यहां पहुंचने के तुरंत बाद मिसरी ने जशीमुद्दीन के साथ बैठक की। बांग्लादेश विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हमारे विदेश सचिव जशीमुद्दीन और उनके समकक्ष विक्रम मिसरी के बीच बैठक राज्य अतिथि गृह में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हो रही है। पहले उन्होंने आमने-सामने संक्षिप्त बातचीत की और फिर दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ औपचारिक बैठक शुरू हुई।’’ अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेशी पक्ष सोमवार को वार्ता के बारे में मीडिया को जानकारी देगा, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों के सभी मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। दो दिनी दौरे के दौरान मिसरी बांग्लादेश के कार्यवाहक विदेश मंत्री मोहम्मद तौहीद हुसैन से भी मुलाकात करेंगे। उनका बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस से शिष्टाचार भेंट करने का भी कार्यक्रम है। माना जा रहा है कि वह हिंदुओं पर हमलों को लेकर भारत की चिंताओं को ढाका के समक्ष उठाएंगे। अगस्त में बड़े पैमाने पर सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। हसीना के भारत में शरण लेने के कुछ दिनों बाद ही यूनुस ने अंतरिम सरकार की बागडोर संभाल ली थी। पड़ोसी देश में हुए घटनाक्रम के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में तनाव आ गया। हालिया हफ्तों में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों और हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद दोनों देशों के संबंध और भी तनावपूर्ण हो गए। त्रिपुरा के अगरतला में बांग्लादेश उप उच्चायोग में प्रदर्शनकारियों के जबरन घुसने के मामले पर भी दोनों देशों के संबंधों पर असर पड़ा।पिछले कुछ हफ्तों में पड़ोसी देश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं के साथ-साथ मंदिरों पर हमलों की घटनाएं हुई हैं, जिसे लेकर नई दिल्ली द्वारा गहरी चिंता जताई गई है।

संजय मल्होत्रा लेंगे शक्तिकांत दास की जगह, जानें कौन हैं RBI के नए गर्वनर

नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा बनाए गए हैं। सरकार ने रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा ​​को भारतीय रिजर्व बैंक का 26वां गवर्नर नियुक्त किया है। समाचार एजेंसी एएनआई ने आधिकारिक कागजात का हवाला देते हुए बताया कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मल्होत्रा ​​को 12 दिसंबर, 2024 से शुरू होने वाले तीन साल के कार्यकाल के लिए अगला आरबीआई गवर्नर नियुक्त किया है। बता दें कि मल्होत्रा, वर्तमान में वित्त मंत्रालय में रेवेन्यू सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत हैं और 11 दिसंबर से तीन साल के कार्यकाल के लिए भारतीय रिजर्व बैंक का प्रभार संभालेंगे। मल्होत्रा 1990 बैच के राजस्थान कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं। वह मौजूदा गवर्नर शक्तिकान्त दास की जगह लेंगे, जिनका दूसरा कार्यकाल कल यानी मंगलवार (10 दिसंबर, 2024) को समाप्त हो रहा है। कौन हैं संजय मल्होत्रा? मल्होत्रा ​​के पास फाइनेंस, पावर, आईटी, टैक्सेशन और माइन्स समेत अलग-अलग सेक्टर में 33 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर वरिष्ठ भूमिकाओं में काम किया है। दिसंबर 2022 में रेवेन्यू सेक्रेटरी के रूप में नियुक्ति से पहले वह फाइनेंस सर्विस डिपार्टमेंट में सेक्रेटरी थे, जहां उन्होंने फाइनेंस सुधारों को आगे बढ़ाने और बैंकिंग सेक्टर को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने टैक्स कलेक्शन में वृद्धि को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और जीएसटी काउंसिल के एक्स-ओफ्फिसिओ सेक्रेटरी के तौर पर भी कार्य किया है। मल्होत्रा आईआईटी-कानपुर से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की है और प्रिंसटन विश्वविद्यालय, अमेरिका से पब्लिक पॉलिसी में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। अपनी रणनीतिक सोच के लिए जाने जाने वाले मल्होत्रा ​​पहले राज्य संचालित आरईसी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभाल चुके हैं। बता दें कि मल्होत्रा ​​की नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब अर्थव्यवस्था महत्वपूर्ण चुनौतियों और सुधारों से गुजर रही है।

हैती देश से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई , जादू टोना के शक पर 110 लोगों की हत्या कर दी गई

सोलेइल हैती देश से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां जादू टोना के शक पर 110 लोगों की हत्या कर दी गई है। इसमें ज्यादातर बुजुर्गों को निशाना बनाया गया है। बता दें कि इस घटना को मोनेल “मिकानो” फेलिक्स गिरोह के नेता ने विव अंसनम ग्रुप के साथ मिलकर अंजाम दिया है। इससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। दरअसल, मामला केरिबियन द्वीप समूह के देश हैती के सिटे सोलेइल स्लम का है। यहां मोनेल “मिकानो” फेलिक्स गिरोह का एक बच्चा बीमार हो गया था। जिसे तांत्रिक के पास ले जाने के बाद उसकी मौत हो गई थी। तांत्रिक से ली थी सलाह नेशनल ह्यूमन राइट डिफेंस नेटवर्क द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, बीमार बच्चे को तांत्रिक के पास ले जाया गया था और सलाह मांगी। जिसके बाद उसकी हालत बिगाड़ने लगी, फिर बच्चे की मौत हो गई। जिससे गुस्साए गिरोह के नेता ने अपने लोगों के साथ मिलकर इलाके के बुजुर्गों की हत्या कर दी। जिनपर आरोप लगाया कि इनलोगों ने जादू टोना की मदद से बच्चे को नुकसान पहुंचाया है। लोगों में डर का माहौल आगे RNDDH की जानकारी के मुताबिक, गैंग के लोगों ने चाकू और छुरे से शुक्रवार को लगभग 60 और शनिवार को लगभग 50 लोगों की हत्या कर दी। जिनकी उम्र 60 साल से अधिक थी। फिलहाल, इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई है।

तीन आपराधिक कानून सुधारों पर होगी चर्चा, हरियाणा के CM नायब सैनी कल होंगे गृह मंत्रालय की बैठक में शामिल

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सैनी मंगलवार को दिल्ली के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री कल गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित तीन प्रमुख आपराधिक कानून सुधारों से संबंधित बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। गृह मंत्रालय में आयोजित इस बैठक में तीन महत्वपूर्ण आपराधिक कानून सुधारों पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि ये सुधार भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और साक्ष्य अधिनियम से संबंधित हैं। इन कानूनों में सुधार का उद्देश्य कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना और न्याय प्रणाली में बदलाव लाना है। अपनी गहरी प्रशासनिक समझ और स्पष्ट दृष्टि के लिए सराहे जाने वाले मुख्यमंत्री नायब सैनी इस बैठक में हरियाणा की स्थिति और आवश्यकताओं के बारे में अपना दृष्टिकोण रखेंगे। गृह मंत्रालय की मुख्य बैठक से पहले मुख्यमंत्री नायब सैनी हरियाणा भवन में अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श करेंगे। इस बैठक में ही आगामी केंद्रीय बैठक के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। सूत्रों के अनुसार बैठक में हरियाणा सरकार द्वारा हाल ही में आपराधिक न्याय प्रणाली में किए गए सुधारों पर भी चर्चा होगी। अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मशहूर हरियाणा को इस बैठक से काफी उम्मीदें हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने कार्यकाल में अपराध पर लगाम लगाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। दिल्ली दौरे के दौरान वे हरियाणा के विजन और चुनौतियों को प्रभावी तरीके से पेश करते हैं। अब देखना होगा कि इस बैठक से हरियाणा को क्या लाभ मिलता है। क्या राज्य को कानून व्यवस्था के मोर्चे पर नई नीतियां और सहयोग मिल पाएगा?

नौसेना के नए युद्धपोत ‘आईएनएस तुशील’ की कमिशनिंग में हो रहे शामिल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस पहुंचे

मॉस्को। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को रूस में नौसेना के नवीनतम, बहुउद्देश्यीय, स्टील्थ-गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट ( युद्धपोत) ‘आईएनएस तुशील’ का जलावतरण करेंगे। रक्षा मंत्री कलिनिनग्राद के यंत्र शिपयार्ड में ‘युद्धपोत, परियोजना 1135.6’ के तहत एक उन्नत ‘क्रिवाक III श्रेणी फ्रिगेट’ का जलावतरण करेंगे। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, भारत और रूस वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान उपस्थित रहेंगे। रक्षा मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, रक्षा मंत्री 8-10 दिसंबर तक रूस की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। राजनाथ सिंह और रूसी रक्षा मंत्री आंद्रे बेलौसोव 10 दिसंबर को मास्को में सैन्य और सैन्य तकनीकी सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-एमएंडएमटीसी) की 21वीं बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। दोनों नेता रक्षा के क्षेत्र में भारत-रूस के बीच बहुआयामी संबंधों की समीक्षा करेंगे। वे आपसी हितों के समकालीन क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। इसके अलावा, राजनाथ सिहं दूसरे विश्व युद्ध के दौरान मारे गए सोवियत सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए मॉस्को में ‘अज्ञात सैनिक की समाधि/द टॉम्ब ऑफ अननोन सोल्जर’ पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। वह भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे। क्रिवाक श्रेणी के छह युद्धपोत पहले से ही सेवा में हैं। इनमें सेंट पीटर्सबर्ग के बाल्टिस्की शिपयार्ड में निर्मित ‘तलवार श्रेणी’ के तीन जहाज और कैलिनिनग्राद के यंतर शिपयार्ड में निर्मित ‘टेग श्रेणी’ के तीन जहाज शामिल हैं। ‘आईएनएस तुषिल’ इस सीरिज का सातवां और दो अपग्रेडेड एडीशनल फॉलोऑन जहाजों में से पहला होगा। इसके लिए भारत सरकार और नौसेना ने अक्टूबर 2016 में जेएससी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। अधिकारियों ने बताया कि 125 मीटर लंबा और 3,900 टन वजनी यह जहाज घातक है। इसमें युद्धपोत निर्माण की सर्वोत्तम पद्धतियों के अलावा रूसी और भारतीय अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का प्रभावशाली मिश्रण है। पोस्ट कंस्ट्रक्शन और तैयार होने के बाद, जनवरी 2024 से जहाज को कई परीक्षणों से गुजराना पड़ा है। इसमें फैक्ट्री समुद्री परीक्षण, राज्य समिति परीक्षण और अंत में, एक भारतीय एक्सपर्ट टीम द्वारा डिलीवरी स्वीकृति परीक्षण शामिल है। परीक्षण के दौरान, जहाज ने 30 नॉट (55 किमी प्रति घंटे) से अधिक की प्रभावशाली गति दर्ज की। यह लगभग युद्ध के लिए तैयार स्थिति में भारत पहुंचेगा। नौसेना के एक अधिकारी के अनुसार, ‘तुशील’ नाम का अर्थ है ‘सुरक्षा कवच’ और इसका शिखर ‘अभेद्य कवच’ (अभेद्य कवच) का प्रतिनिधित्व करता है। अपने आदर्श वाक्य ‘निर्भय, अभेद्य और बलशील’ के साथ, यह जहाज देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भारतीय नौसेना एक्सपर्ट्स और सेवर्नॉय डिजाइन ब्यूरो के सहयोग से, जहाज की स्वदेशी सामग्री को 26 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। कमीशन होने पर, आईएनएस तुशील पश्चिमी नौसेना कमान के तहत भारतीय नौसेना के ‘स्वॉर्ड आर्म’, पश्चिमी बेड़े में शामिल हो जाएगा।

शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने सपा के अलग होने पर दी सफाई, संविधान और प्रजातंत्र की रक्षा में विपक्ष एकजुट

नई दिल्ली। विपक्षी महागठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक में हो रही टूट और अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) से राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार को आईएएनएस से खास बात की। ‘इंडिया’ ब्लॉक को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी प्रदेश के पार्टी अध्यक्ष अबू आजमी ने गठबंधन से पीछे हटने बात कही है, वहीं शिवसेना (यूबीटी) से विधायक आदित्य ठाकरे ने सपा को भारतीय जनता पार्टी की ‘बी’ टीम बताया है। प्रियंका चतुर्वेदी ने इस पर कहा कि ‘इंडिया’ ब्लॉक एकजुट है और आगे भी रहेगा। देश के संविधान और प्रजातंत्र की रक्षा करने के लिए यहां पर हम सभी एक साथ आए हैं। भाजपा इस चीज को दरकिनार करने की कोशिश कर रही है। महाराष्ट्र के संदर्भ में प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “आदित्य ठाकरे ने बहुत स्पष्ट तरीके से बताया था कि अखिलेश यादव हमारे साथ मिलकर वो लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सपा के कुछ अन्य लोग हैं, जो महाविकास अघाड़ी से अलग होने वाले बयान देकर, भाजपा को फायदा दे रहे हैं। इससे हमें बचना चाहिए। अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ पुरजोर तरीके से लड़ रहे हैं। ऐसे में उनकी लड़ाई को कमजोर करना सही नहीं है। वो इसका संज्ञान लेंगे। मेरी उम्मीद है कि महाविकास अघाड़ी में सभी एक साथ होकर यह लड़ाई लड़ेंगे।” मांगों को लेकर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली की तरफ कूच कर रहे किसानों को लेकर प्रियंका गांधी ने कहा, “यह बहुत ही शर्मनाक है। ये सरकार हमेशा किसानों के खिलाफ काम करती है। उनके हित के बारे में नहीं सोचती। उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही थी, इसके बाद तीन काले कानून लाए। जब 700 से अधिक किसान शहीद हुए, तो उन्हें आतंकवादी, एंटी इंडिया, खालिस्तानी समर्थक बताया गया। लेकिन फिर भी वो लड़ाई लड़ते रहे और मजबूर कर दिया कि उन तीन काले कानून को वापस लें। शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा, “तीन काले कानून वापस लेते समय सरकार ने एमएसपी देने का वादा किया था। जो अभी तक नहीं मिली। इसी मांग को लेकर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन पुलिस टियर गैस, लाठी चार्ज करके किसानों को घायल करती है। किसानों को दिल्ली बॉर्डर से आने नहीं देते हैं और उन पर पाबंदी लगाते हैं। ये खुद को किसान प्रेमी बताते हैं, लेकिन उनके विरोध में काम करते हैं। देश के उपराष्ट्रपति ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को फटकारा था कि यह कैसी वादाखिलाफी है, जिस पर उनको संज्ञान लेना चाहिए।”

‘चुनौतियों से टकराने का नाम है राजस्थान’, ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में पीएम मोदी शामिल

 जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयपुर में 9 से 11 दिसंबर तक आयोजित होने वाले राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का उद्घाटन किया।राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “राजस्थान की विकास यात्रा में आज एक और अहम दिन है। देश और दुनिया से बड़ी संख्या में प्रतिनिधी और निवेशक यहां पधारे हैं। यहां उद्योग जगत के भी अनेक साथी मौजूद हैं। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में आप सभी का अभिनंदन है। मैं राजस्थान की भाजपा सरकार को इस शानदार आयोजन के लिए बधाई दूंगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज दुनिया का हर एक्सपर्ट, हर इन्वेस्टर भारत को लेकर बहुत ही उत्साहित है। रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर चलते हुए भारत ने जो विकास किया है, वो हर क्षेत्र में नजर आ रहा है। आजादी के बाद, सात दशक में भारत, दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन पाया था, जबकि पिछले 10 वर्ष में भारत 11वीं अर्थव्यवस्था से दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। पीएम मोदी ने कहा डेमोक्रेटिक रहते हुए मानवता का कल्याण, भारत का मूल चरित्र है। आज भारत की जनता अपने डेमोक्रेटिक हक के माध्यम से भारत में स्थिर सरकार के लिए वोट कर रही है। भारत के इस पुरातन संस्कार को हमारी युवा शक्ति आगे बढ़ा रही है। आने वाले अनेक वर्षों तक भारत, दुनिया के सबसे युवा देशों में रहने वाला है। भारत में युवाओं का सबसे बड़ा पुल होने के साथ ही सबसे बड़ा स्किल्ड युवा वर्ग भी होगा। इसके लिए सरकार एक के बाद एक कई फैसले ले रही है।

हिंदुओं पर हो रहे हमले के बीच होगी अहम मुद्दों पर बात, बांग्लादेश पहुंचे भारत के विदेश सचिव

ढाका. बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। यहां हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस बीच भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ढाका के दौरे पर हैं। वह भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करने के लिए सोमवार सुबह यहां पहुंचे। इस दौरान वह अपने बांग्लादेशी समकक्ष से मुलाकात करेंगे। ये दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब इस साल अगस्त में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। अगस्त में शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़कर भारत आने के साथ ही नई कार्यवाहक सरकार और उसके प्रमुख मो. यूनुस ने भारत को निशाने पर लेना शुरू कर दिया। शेख हसीना के देश छोड़ने के साथ ही बांग्लादेश में हिंदुओं का उत्पीड़न शुरू हो गया। लोगों के घर जलाए गए, हत्याएं हुईं और मंदिरों को भी निशाना बनाया गया। इस बीच इस्कॉन भी बांग्लादेश के निशाने पर आ गया। कुछ संगठनों ने इस्कॉन को आतंकी संगठन घोषित करने की मांग कर डाली। यहां तक कि कुछ दिनों पहले हिंदुओं के जाने-माने नेता चिन्मय कृष्ण दास को भी गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद से यहां लगातार तनाव जारी है। द्विपक्षीय संबंधों के सभी मुद्दों पर होगी चर्चा अब इन सब चिंताजनक हालातों के बीच भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ढाका पहुंचे हैं। दोनों देशों के विदेश सचिवों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल द्वारा दोनों देशों के बीच स्थापित विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) तंत्र में भाग लेकर द्विपक्षीय संबंधों के सभी मुद्दों पर चर्चा किए जाने की उम्मीद है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने चार दिसंबर को बताया था कि दोनों देशों के विदेश सचिव आपसी हितों के मुद्दों पर बातचीत करेंगे। तौहीद हुसैन ने जयशंकर से की थी मुलाकात इस साल सितंबर में, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश सलाहकार (मंत्री) मोहम्मद तौहीद हुसैन ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के मौके पर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी। उन्होंने अच्छे कामकाजी संबंध बनाए रखने का फैसला किया। साथ ही भारत और बांग्लादेश के बीच एफओसी आयोजित करने का भी निर्णय लिया।

दो घायल, महाराष्ट्र-पुणे में पेड़ से कार टकराने से दो प्रशिक्षु पायलटों की मौत

पुणे. पुणे में एक कार के पेड़ से टकराने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान प्रशिक्षु पायलट के तौर पर की गई है। यह घटना सुबह करीब साढ़े तीन बजे बारामती-भिगवान रोड पर घटी। नशे में गाड़ी चलाने से पहले पीड़ितों ने छोटी सी पार्टी की थी। दोनों की पहचान तक्षु शर्मा और आदित्य कनासे के तौर पर हुई है। वाहन चला रहे कृष्ण सिंह और चेष्टा बिश्नोई घायल हो गए और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुणे के पिंपरी चिंचवड़ के चिखली इलाके में एक स्क्रैप गोदाम में भीषण आग लग गई। आग बुझाने के लिए दमकल की छह गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची।

बिफरे विपक्ष ने बताया दूसरा तख्तापलट, दक्षिण कोरिया-राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को सौंपीं शक्तियां

सियोल. दक्षिण कोरिया में लगातार सियासी उथल-पुथल जारी है। यहां के हालात तब ज्यादा बदतर हो गए, जब तीन दिसंबर की रात राष्ट्रपति यून सुक-योल ने इमरजेंसी यानी मार्शल लॉ लगाने का एलान किया था। हालांकि, भारी विरोध के बाद कुछ ही घंटों बाद इसे समाप्त कर दिया गया था। हालांकि, इसके वाबजूद भी हालात सही नहीं हैं। अब यहां के विपक्ष ने सत्तारूढ़ पार्टी पर सत्ता पर काबिज होने तथा मार्शल लॉ के एलान के लिए राष्ट्रपति यून सूक योल पर महाभियोग चलाने से इनकार करके दूसरा तख्तापलट करने का आरोप लगाया। छह घंटे चले मार्शल लॉ ने बिगाड़े हालात राष्ट्रपति यून सुक योल ने हाल ही में मार्शल लॉ (सैन्य शासन) घोषित कर दिया था, यह आरोप लगाते हुए कि विपक्ष देश की लोकतंत्र और स्थिरता के लिए खतरा बन रहा है। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद, राष्ट्रपति ने इस फैसले को वापस ले लिया। यह कदम जनता के विरोध और नेशनल असेंबली की कड़ी आलोचना के बाद लिया गया था। दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ केवल लगभग छह घंटे चला। हालांकि चंद घटों के लिए लागू हुए मार्शल लॉ ने देश की राजनीतिक को हिला कर रख दिया। यून पर महाभियोग लगाने में नाकाम रहा विपक्ष राष्ट्रपति योल के इस फैसले के खिलाफ विपक्ष समेत देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। मार्शल लॉ के कारण विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति यून पर महाभियोग लगाने का प्रयास किया। हालांकि, यह प्रस्ताव असफल हो गया क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी के ज्यादातर सांसदों ने वोटिंग का बहिष्कार किया। वहीं, विपक्षियों ने कथित विद्रोह को लेकर यून और पूर्व रक्षा मंत्री सहित कम से कम नौ लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। प्रधानमंत्री को सत्ता सौंपने पर सहमति! राष्ट्रपति और कुछ शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ विद्रोह के लिए जांच की जा रही है, लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी के बहिष्कार के बाद शनिवार को योल के खिलाफ महाभियोग चलाने का प्रयास विफल हो गया। पार्टी का दावा है कि बेहद अलोकप्रिय नेता ने प्रधानमंत्री हान डक-सू और पार्टी प्रमुख को सत्ता सौंपने पर सहमति जता दी है। यह दूसरा तख्तापलत… डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता पार्क चान-डे ने कहा कि यह एक गैरकानूनी, असंवैधानिक कृत्य है, जो दूसरा विद्रोह और दूसरा तख्तापलट है। उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी से इसे तुरंत रोकने का आग्रह किया। क्या है नियम? दक्षिण कोरिया के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति तब तक सरकार का मुखिया और सेना का कमांडर इन चीफ बना रहता है, जब तक कि वह अक्षम न हो जाए, इस्तीफा न दे दे या पद न छोड़ दे। ऐसे मामले में, चुनाव होने तक अंतरिम आधार पर सत्ता प्रधानमंत्री को सौंप दी जाती है। सू को खुद को ऊपर रखना योल के रवैया जैसा: पार्क पार्क ने कहा कि यह दावा करना कि राष्ट्रपति योल पद पर बने रह सकते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी शक्तियां प्रधानमंत्री और अपनी सत्तारूढ़ पीपुल्स पावर पार्टी के नेता को सौंप दी हैं – जो निर्वाचित अधिकारी नहीं हैं। यह एक स्पष्ट संवैधानिक उल्लंघन है, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने कहा, ‘खुद को संविधान से ऊपर रखने का उनका रवैया विद्रोही यून सुक योल जैसा है।’ पुलिस का क्या कहना है? जांचकर्ताओं ने पहले ही पूर्व रक्षा मंत्री को हिरासत में ले लिया है, उनके कार्यालयों पर छापे मारे हैं, कई शीर्ष अधिकारियों पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिए हैं और सोमवार को जनरल को बुलाया है, जिन्हें आगे की पूछताछ के लिए मार्शल लॉ कमांडर बनाया गया था।पुलिस ने सोमवार को कहा कि यून को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वे इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या उन्हें यात्रा करने से प्रतिबंधित किया जाए। राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी के राष्ट्रीय जांच मुख्यालय के प्रमुख वू जोंग-सू ने कहा, ‘जांच के विषय पर कोई मानवीय या शारीरिक प्रतिबंध नहीं हैं। पुलिस बिना किसी अपवाद के कानून और सिद्धांतों के अनुसार जांच करेगी।’

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