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हिंदू मंदिर पर कनाडा में हो रहे हमले को लेकर गुस्से में CM मान, केंद्र सरकार से कर दी ये मांग

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को कनाडा के ब्रैम्पटन में एक हिंदू मंदिर पर हमले की निंदा की और केंद्र से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कनाडाई सरकार के साथ इस मुद्दे को उठाने का आग्रह किया। बता दें कि खालिस्तानी झंडे लेकर प्रदर्शनकारी रविवार को ब्रैम्पटन के एक हिंदू मंदिर में लोगों से भिड़ गए। CM मान ने केंद्र सरकार से की ये मांग सीएम भगंवत मान ने बठिंडा में संवाददाताओं से कहा कि मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं। मैं भारत सरकार से भी मांग करता हूं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इस मुद्दे पर कनाडाई सरकार से बात की जाए। उन्होंने कहा कि कई पंजाबी कनाडा को अपना दूसरा घर मानते हैं और कोई नहीं चाहता कि वहां ऐसी हिंसक घटना हो। निज्जर हत्याकांड के बाद भारत-कनाडा के संबंधों में तनाव भारत ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह कनाडा में अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। खालिस्तानी अलगाववादियों को उत्तरी अमेरिकी देश के कथित समर्थन और भारत द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की संलिप्तता के आरोप को लेकर भारत-कनाडा संबंधों में गहरा तनाव बना हुआ है। पीएम मोदी ने भी की निंदा कनाडा में हिंदू मंदिरों पर हुए हमले को लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य भारत के संकल्प को कमजोर नहीं करेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि कनाडा में हिंदू मंदिर पर जानबूझकर हमला किया गया है और वह इसकी निंदा करते हैं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि मैं कनाडा में एक हिंदू मंदिर पर जानबूझकर किए गए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। हमारे राजनयिकों को डराने-धमकाने की कायरतापूर्ण कोशिशें भी उतनी ही भयावह हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा के ऐसे कृत्य कभी भी भारत के संकल्प को कमजोर नहीं करेंगे। हम कनाडा सरकार से न्याय सुनिश्चित करने और कानून के शासन को बनाए रखने की उम्मीद करते हैं। पहले भी हिंदू मंदिर को बनाया गया निशाना इससे पहले कनाडा के ब्रैम्पटन में हिंदू महासभा मंदिर को खालिस्तान समर्थकों ने निशाना बनाया था। चरमपंथियों ने हिंदू भक्तों पर भी हमला किया। हमलों के बाद, कनाडा में हिंदू समुदाय के लिए काम करने वाले एक गैर-लाभकारी संगठन हिंदू कैनेडियन फाउंडेशन ने मंदिर पर हमले का एक वीडियो साझा किया और कहा कि खालिस्तानी आतंकवादियों ने बच्चों और महिलाओं पर हमला किया।

पटाखों पर बैठो और ऑटो जीतो… लड़कों ने लगाई शर्त, फिर देखा दोस्त की मौत का तमाशा

बेंगलुरु कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में दीपावली के दिन एक शख्स की उसके दोस्तों की लगाई गई शर्त की वजह से मौत हो गई. 31 अक्टूबर को दीपावली पर कोनानकुंटे में 32 साल के शबरीश को उसके दोस्तों पटाखों से भरे डिब्बे के ऊपर बैठा दिया गया. उसके दोस्तों ने वादा किया था कि अगर वह पटाखों के डिब्बे पर बैठने की शर्त जीत लेगा, तो उसे एक ऑटोरिक्शा खरीद कर देंगे. चंद पैसे पाने की आस में शबरीश कुछ सोचे बिना पटाखों के डिब्बों पर बैठ गया. इसमें विस्फोट होते ही उसकी मौत हो गई. पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. मामले की जांच जारी है. DCP साउथ लोकेश के मुताबिक, दीपावली पर शबरीश और उसके दोस्तों ने जमकर शराब पी. फिर सभी पटाखे फोड़ने लगे. इसी दौरान दोस्तों ने शबरीश को पटाखों से भरे डिब्बे पर बैठने का चैलेंज दिया. नशे में धुत शबरीश ने बिना सोचे चैलेंज मान लिया. दोस्तों ने कहा था कि अगर वह पटाखों पर बैठने का चैलेंज जीत गया तो उसे ब्रांड न्यू ऑटो खरीदकर देंगे. वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि 4 लड़के शबरीश को पटाखों के डिब्बे पर बैठाते हैं. फिर इनमें से कोई आग लगा देता है. चंद सेकेंड में तेज धमाका होता है और शबरीश लुढ़कते हुए जमीन पर गिर जाता है. फिर धुआं कम होते ही उसके दोस्त उसे घेर लेते हैं. बाद में उसकी मौत हो जाती है. इस घटना के बाद शबरीश के परिवार ने उसके 6 दोस्तों के खिलाफ केस दर्ज कराया है. पुलिस इन 6 लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है.

लुधियाना में बम फेंकने वाले 4 बदमाश गिरफ्तार, बब्बर खालसा गैंग से संबंध

  लुधियाना काउंटर इंटेलिजेंस और लुधियाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए विदेश में रह रहे हरजीत सिंह उर्फ ​​लाडी और साबी द्वारा संचालित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव ने मंगलवार को बताया कि इस अभियान के तहत शिवसेना नेताओं को निशाना बनाकर की गई पेट्रोल बम की घटनाओं को सफलतापूर्वक सुलझाया है, जिसमें 16 अक्टूबर, 2024 को योगेश बख्शी के आवास पर हमला और हाल ही में 02 नवंबर, 2024 को लुधियाना के मॉडल टाउन एक्सटेंशन में हरकीरत सिंह खुराना के घर पर हुई घटना शामिल है। श्री यादव ने बताया कि मॉड्यूल के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, और टोही तथा ट्रैकिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों के संपर्कों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है और अतिरिक्त गिरफ्तारियां की जानी हैं। डीजीपी ने कहा कि हरजीत सिंह उर्फ ​​लाडी भी पंजाब के नांगल में विकास प्रभाकर की हत्या के मामले में वांछित आरोपी है और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। कई हिन्दू नेते थे टारगेट पुलिस कमिश्नर चहल ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों ने माना है कि उनके सरगना के निशाने पर कई और नेता भी है। वह जिस भी नेता पर हमला करने या माहौल खराब करने के लिए पेट्रोल बम फेंकने के आदेश देते थे, वहां पर वह अंजाम देकर आते थे। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अब आरोपियों का अदालत से रिमांड हासिल कर गहनता से पूछताछ की जाएगी। इन आरोपियों के बाकी कौन से और साथी पंजाब में सक्रिय है उनके बारे भी गहनता से पड़ताल की जा रही है। बदमाशों के मोबाइल नंबर भी खंगाले जा रहे है ताकि हरजीत सिंह खालसा की लोकेशन पता चल सके। सोशल साइट्स के जरिए कंटेक्ट में आए पुलिस कमिश्नर चहल ने कहा कि आरोपी बबर खालसा से सोशल साइट्स के जरिए कॉन्टैक्ट में आए है। आतंकी युवाओं को पैसों का लालच देकर सोशल साइट्स पर निशाना बनाते है। जो युवक पकड़े गए है इन पर नशा तस्करी जैसे कई मामले दर्ज है।  

प्रधानमंत्री मोदी ने की हिंदू मंदिर पर हमले की निंदा, प्रदर्शन में शामिल पुलिस अधिकारी निलंबित

ओटावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा में हिंदू मंदिर पर जानबूझकर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के राजनयिकों को डराने-धमकाने की कायराना कोशिशें भी उतनी ही भयावह हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा के ऐसी घटनाएं कभी भी देश के संकल्प को कमजोर नहीं कर पाएंगी। पीएम मोदी ने कनाडा सरकार से न्याय सुनिश्चित करने और कानून का शासन बनाए रखने का आह्वान किया। कनाडा के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में श्रद्धालुओं से मारपीट बता दें कि कनाडा के ओंटारियो के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास शिविर में रविवार लोगों के साथ हिंसा की गई। हिंदू सभा मंदिर में आए लोगों पर खालिस्तानी समर्थकों ने अचानक हमला कर दिया। हमलावरों के हाथों में खालिस्तानी झंडे थे। हमलावरों ने मंदिर में मौजूद लोगों पर लाठी-डंडे बरसाए। कनाडा की घटना की चौतरफा आलोचना उसके बाद मौके पर पहुंची कनाडा पुलिस ने भी श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की। घटना के बाद से इलाके में तनाव कायम है। वहीं, कनाडा की घटना की चौतरफा आलोचना हो रही है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हम कनाडा सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं कि सभी पूजा स्थलों को ऐसे हमलों से बचाया जाए। विदेश मंत्रालय भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित विदेश मंत्रालय ने कनाडा सरकार से कहा कि हम यह भी उम्मीद करते हैं कि हिंसा में लिप्त लोगों पर मुकदमा चलाया जाएगा। हम कनाडा में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। मंत्रालय ने कहा कि भारतीयों और कनाडाई नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने के लिए हमारे वाणिज्य दूतावास अधिकारियों की पहुंच को धमकी, उत्पीड़न और हिंसा से रोका नहीं जाएगा। वीडियो में पहचाना गया कनाडा पुलिस का अधिकारी सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में विरोध प्रदर्शन के वीडियो में पहचाने जाने के बाद पील क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि निलंबित अधिकारी सार्जेंट हरिंदर सोही हैं। एक ऑफ-ड्यूटी कनाडा पुलिस अधिकारी प्रदर्शन में शामिल दिखाया गया पील पुलिस के प्रवक्ता रिचर्ड चिन ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो के बारे में पता है, जिसमें उनके एक ऑफ-ड्यूटी अधिकारी को विरोध प्रदर्शन में भाग लेते हुए दिखाया गया है। सीबीसी न्यूज के अनुसार, चिन ने कहा, “हमें सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो के बारे में पता है, जिसमें एक ऑफ-ड्यूटी पील पुलिस अधिकारी को प्रदर्शन में शामिल दिखाया गया है। इस अधिकारी को तब से सामुदायिक सुरक्षा और पुलिस अधिनियम के अनुसार निलंबित कर दिया गया है। हम वीडियो में दर्शाई गई परिस्थितियों की पूरी तरह से जांच कर रहे हैं और जब तक यह जांच पूरी नहीं हो जाती, हम आगे कोई जानकारी देने में असमर्थ हैं।” इस बीच, पील क्षेत्रीय पुलिस ने दावा किया कि वे अधिकारियों को तैनात करके “शांतिपूर्ण और वैध” नियोजित विरोध प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रहे हैं।

मोहाली में हथियारों की नोक पर लूटपाट करने वाले छह गिरफ्तार, नौ दिन में लूटीं दो कारें पुलिस ने की बरामद

मोहाली हाईवे पर कार चालकों को सेक्स का लालच देकर सुनसान ले जाती और अपनी गैंग के अन्य साथियों के साथ लूटपाट कर लेती थी। मोहाली पुलिस ने इस तरह से करीब 20 कार चालकों को लूटने वाली कश्मीर की शमा खान को उसके 6 साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर थार, आईफोन, सोने का ब्रेसलेट और अन्य सामान जब्त किए है। ये सामान महिला ने पंजाब के गोबिंदगढ़ के कारोबारी से लूटे थे। इन्होंने एक अन्य पीड़ित से आई-20 कार लूटी, पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया है। मोहाली पुलिस ने सोमवार को मामले का खुलासा किया कि आरोपियों की पहचान बठिंडा के रहने वाले अर्शदीप सिंह, जसपाल सिंह, सोहाना के विक्रम सिंह, गुरप्रीत सिंह, चंडीगढ़ सैक्टर-35 के अंगदजोत सिंह और उनकी साथी शमा खान के रूप में हुई है। मूलरूप से कश्मीर की रहने वाली आरोपी शमा खान मोहाली के मटौर में रहती थी। वह लिफ्ट मांगने के बाहने राहगीरों को रोकती थी और बाद में उन्हें सुनसान जगह ले जाकर अपने साथियों को बुला लेती थी। उसके साथी साजिश में फंसे राहगीर से मारपीट कर उसे लूट लेते थे। एक वारदात को आरोपियों ने 26 अक्तूबर व दूसरी को 3 नवम्बर को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से दोनों वारदातों में लूटी गई एक थार, एक आई-20 कार, एक ​​स्विफ्ट डिजायर, एक .315 बोर का देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। डी.आई.जी. निलांबरी जगदाले ने बताया कि 3 नवम्बर की सुबह 4 बजे गोबिंदगढ़ का करने वाला कारोबारी दीपक अग्रवाल महिला मित्र के साथ थार में जा रहा था। जैसे ही वह सैक्टर-77 में लाइट प्वाइंट राधा स्वामी डेरा ब्यास के समीप पहुंचा तो एक मारुति कार थार के आगे आकर रुकी। उसमेें से 3-4 युवक उतरे और मारपीट करने लगे। इसके बाद आरोपी उसकी थार, आईफोन और सोने का ब्रेसलेट लेकर फरार हो गए थे। इस वारदात को लेकर सोहाना थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोपियों के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं। एयरपोर्ट रोड पर लूटी थी आई-20 कार डी.आई.जी. ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जब उनसे पूछताछ की तो सामने आया कि आरोपियों ने अपनी महिला साथी की मदद लेकर इससे पहले एयरपोर्ट रोड पर एक आई-20 कार लूटी थी। महिला ने पहले कार चालक को लुभा कर उसे सुनसान एरिया में रोका था। वहां योजना के तहत पहले से तैयार बैठे उसके साथियों ने पीड़ित को घेर कर उसकी कार लूट ली थी। इस मामले को लेकर सोहाना थाना पुलिस ने केस दर्ज किया था। जब कोई जाल में फंस जाता तो शमा खान उससे शारीरिक संबंध बनाने के बहाने सुनसान जगह ले जाती। उसके साथी वहां पहले से मौजूद होते थे। आरोपी विक्रम सिंह को सोहाना से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी 10वीं पास है और अविवाहित है। आरोपी गुरप्रीत सिंह को बठिंडा से गिरफ्तार किया है। वह 9वीं पास है और अविवाहित है। आरोपी अंगदजोत सिंह को चंडीगढ़ सेक्टर-36 से गिरफ्तार किया है, जो बीए पास है। आरोपी महिमा खान उर्फ खुशी को मटौर से गिरफ्तार किया गया है। वह अनपढ़ है और अविवाहित है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी खुशी मटौर में किराये पर रहती थी।   फेज-3बी2 में बनाई थी लूटपाट की प्लानिंग पूछताछ में सामने आया है कि अर्शदीप और गुरप्रीत सिंह दोनों बठिंडा के रहने वाले हैं। तीसरा साथी जसपाल भी मूलरूप से बठिंडा का रहने वाला है लेकिन यहां बहन के पास रहता था। अर्शदीप और गुरप्रीत दोनों जसपाल से मिलने आते थे। जसपाल ने आगे विक्रम से उनकी दोस्ती करवाई थी। चारों फेज-3बी2 की मार्केट में अंगद से मिलने आते थे। वहीं उनके संपर्क में खुशी आई। सभी ने वहीं बैठकर लूटपाट की योजना बनाई। इन वारदातों को दिया था अंजाम उक्त गिरोह ने 26 अक्टूबर अलसुबह पहली वारदात को अंजाम दिया था। टीडीआई सिटी सेक्टर-111 के रहने वाले बलजिंदर सिंह से आरोपियों ने उसकी आई-20 कार लूटी थी। बलजिंदर सिंह सुबह 11 बजे अपनी आई-20 कार में मोहाली क्लब अपनी ड्यूटी पर गया था और अलसुबह 4 बजे वह सेक्टर-86/79 कोर्ट कॉम्पलैक्स को जाती सडक़ पर अपनी गाड़ी रोककर बाथरूम करने लगा तो वहां एक स्विफ्ट गाड़ी आई जिसमें एक खुशी (उक्त आरोपी) उतरी और उसने खरड़ जाने का रास्ता पूछा। उसी दौरान कार से दो और व्यक्ति उतरे और उन्होंने बलजिंदर से उसकी कार की चाबी छीन ली और उसकी आई-20 गाड़ी लेकर फरार हो गए। इस मामले में सोहाना थाने में अज्ञात के खिलाफ लूटपाट का मामला दर्ज हुआ था। दूसरी वारदात को आरोपियों ने 3 नवंबर को अंजाम दिया। आरोपियों ने मंडी गोबिंदगढ़ के रहने वाले दीपक अग्रवाल पर हमला कर उसकी थार कार छीन ली थी। दीपक अग्रवाल अपनी महिला मित्र पूजा के साथ थार में सवार था। वह दोनों अपने दोस्त मोहित सेठी के पास मोहाली आ रहे थे। जब वह गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना से लखनौर की तरफ जा रही सडक़ पर पहुंचे तो करीब सवा 3 बजे उनकी गाड़ी को मारूति जेन कार ने आकर घेर लिया। कार में चार व्यक्ति सवार थे और दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर वहां आकर रूके। उन लोगों ने दीपक की थार का साइड वाला शीशा तोड़ा और उसे बाहर निकालकर उसके सिर पर बेसबॉल बैट से हमला कर दिया। उन्होंने उसकी सोने की चेन, ब्रेसलेट, मोबाइल फोन और 12 हजार कैश निकाला और उसकी थार गाड़ी लेकर फरार हो गए। इस मामले में भी अज्ञात हमलावरों के खिलाफ सोहाना थाने में लूटपाट का मामला दर्ज हुआ था। उक्त आरोपियों को गिरफ्तार करने उपरांत दोनों मामलों में नामजद कर लिया है।

पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान देने वाले महंत रामगिरी महाराज ने कहा है कि वह इसके लिए माफी नहीं मांगेंगे

मुंबई पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान देने वाले महंत रामगिरी महाराज ने कहा है कि वह इसके लिए माफी नहीं मांगेंगे। साथ ही रामगिरी महाराज ने यह भी कहाकि वह इस्लाम विरोधी नहीं हैं। रामगिरी महाराज ने यह बात मुंबई में एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहाकि इस मामले में कोर्ट जो भी फैसला देगा उन्हें वह मान्य होगा। गौरतलब है कि पिछले दिनों रामगिरी महाराज पर नासिक जिले के सिन्नार तालुका स्थित के पंचाले गांव में पैगंबर मोहम्मद के ऊपर विवादित बयान देने का आरोप लगा था। सोशल मीडिया पर बयान वायरल होने के बाद छत्रपती संभाजीनगर के वैजापुर शहर में काफी तनाव बढ़ गया था। इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी बड़े पैमाने पर हुए थे और एफआईआर भी दर्ज हुई थी। रामगिरि महाराज ने कहाकि हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है और यह अधिकार संविधान ने दिया है। उन्होंने कहाकि अगर मेरी टिप्पणियों से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो यह उसका व्यक्तिगत मुद्दा है। महंत रामगिरी महाराज ने कहाकि उनके बयान के बाद देश के बाहर से सोशल मीडिया यूजर्स देश में हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इस प्रेस कांफ्रेंस में रामगिरी महाराज के साथ पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर सत्यपाल सिंह भी मौजूद थे। सत्यपाल सिंह ने कहाकि महंत रामगिरी माफी नहीं मांगेंगे, क्योंकि उन्होंने वही कहा जो इस्लामिक किताबों में लिखा हुआ है। सिंह ने मुंबई में पत्रकारों से कहा कि इस्लाम के विद्वानों और मौलानाओं को सभी को बताना चाहिए कि क्या रामगिरि की टिप्पणियां तथ्यात्मक नहीं थीं। महाराष्ट्र सरकार ने एक महीने पहले बंबई हाई कोर्ट के सामने कहा था कि नासिक में एक कार्यक्रम में इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर रामगिरि महाराज के खिलाफ राज्य में लगभग 67 एफआईआर दर्ज की गई हैं। सरकार ने अदालत से कहा था कि साइबर अपराध पुलिस कथित अपमानजनक टिप्पणियां ऑनलाइन माध्यमों से हटा रही है। सत्यपाल सिंह ने कहा कि जिहाद के नाम और भारत में अराजकता पैदा करने के लिए पर रामगिरि महाराज को निशाना बनाने की एक साजिश रची जा रही है। सिंह ने कहाकि कुछ ताकतें ऐसी हैं जो चुनाव से पहले ही सक्रिय हो जाती हैं। हमारा काम उन ताकतों के बारे में लोगों को जागरूक करना है। सिंह ने कहा कि रामगिरि महाराज और अन्य की टिप्पणियां इंटरनेट पर उपलब्ध हैं और वह इस्लाम के विद्वानों और मौलानाओं से तथ्यों को दुनिया के सामने लाने का अनुरोध करते हैं। सिंह ने कहाकि सच बोलना कोई अपराध नहीं है। कौन हैं रामगिरी महाराज रामगिरी महाराज अहमदनगर स्थित गौड़ा धाम के महंत हैं। उनका असली नाम नाम सुरेश रामकृष्ण राणे है। उन्होंने साल 2009 में दीक्षा ली और गंगागीर महाराज के शिष्य नारायणगिरि महाराज के शिष्य बन गए। नासिक जिले के सिन्नर तालुका में होने वाले हिंदू कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विवादित बयान दिया था। इस कार्यक्रम में लाखों लोग आते हैं। पिछले दिनों महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हाल ही में यहां का दौरा किया था।

मंदिर में मांगो माफी या 5 करोड़ दो … सलमान को फिर मिली जान से मारने की धमकी

मुंबई बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान, कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की धमकी के बाद से लगातार खबरों में हैं. कुछ वक्त पहले एक युवक ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर सलमान को धमकी दी थी. साथ ही उसने पांच करोड़ रुपये की फिरौती भी मांगी थी. इस युवक को पुलिस ने जमशेदपुर से गिरफ्तार किया था. अब एक बार फिर से सलमान खान को लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी दी गई है. एक बार फिर से धमकी के साथ 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की गई है. धमकी देने वाले ने दावा किया है कि वो लॉरेंस बिश्नोई का भाई है. सलमान को फिर मिली धमकी जानकारी के अनुसार, पुलिस ने बताया कि मुंबई पुलिस की ट्रैफिक कंट्रोल को लॉरेंस बिश्नोई के नाम से धमकी भरा मैसेज मिला है. पुलिस ने आगे बताया, ट्रैफिक कंट्रोल रूम को भेजे गए मैसेज में दावा किया गया है कि लॉरेंस बिश्नोई का भाई बोल रहा है. धमकी में कहा गया कि ‘अगर सलमान खान जिंदा रहना चाहते हैं तो उन्हें हमारे मंदिर में जाकर माफी मांगनी चाहिए या 5 करोड़ रुपये देने चाहिए. ऐसा न करने पर उन्हें जान से मार देंगे, हमारी गैंग आज भी सक्रिय है.’ पुलिस ने आगे बताया कि उन्हें इस धमकी भरे मैसेज की जानकारी कल मिली, जब आधी रात को ट्रैफिक कंट्रोल रूम में काम करने वाले अधिकारी ने यह पढ़ा. पुलिस फिलहाल मैसेज भेजने वाले शख्स की तलाश कर रही है. एक धमकी देने वाले को किया जा चुका है अरेस्ट अक्टूबर में भी सलमान को इसी तरह की एक धमकी मिली थी, जिसकी जांच के बाद पुलिस ने जमशेदपुर से 24 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने जानकारी में बताया था कि धमकी देने वाला शख्स सब्जी बेचने का काम करता है. उसने हाल ही में टीवी पर लॉरेंस बिश्नोई द्वारा सलमान खान की हत्या की धमकी की खबरें देखी थी. इसके बाद उसे रंगदारी मांगने का विचार आया. शख्स ने मुंबई ट्रैफिक पुलिस के व्हाट्सएप नंबर पर धमकी भरा मैसेज भेजा और इसके बाद अपना मोबाइल बंद कर लिया. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की तरफ से मिल रही धमकी और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की मौत की वजह से सलमान खान की सिक्योरिटी को और भी टाइट कर दिया गया है. एक्टर को Y प्लस सिक्योरिटी दी गई है. लेकिन जान पर बने खतरे के बावजूद सलमान अपने वर्क कमिटमेंट्स को पूरा कर रहे हैं. हाल ही में उन्होंने डायरेक्टर ए.आर. मुरुगदास की फिल्म ‘सिकंदर’ का शूट शुरू किया है. सलमान ने इसी बीच अजय देवगन की फिल्म ‘सिंघम अगेन’ के लिए एक कैमियो भी शूट किया है.  

मुंबई : नाबालिग लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाते समय शख्स की निकल गई जान, मौत

मुंबई महाराष्ट्र में मुंबई के ग्रांट रोड इलाके से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां के एक होटल में एक नाबालिग लड़की के साथ यौन संबंध बनाने के बाद 41 वर्षीय एक व्यक्ति की अचानक मौत हो गई. एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को ये जानकारी दी है. अधिकारी ने कहा कि मृतक, एक हीरा कंपनी का मैनेजर था, उस पर 14 साल की लड़की की मां की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत बलात्कार और अन्य अपराधों के लिए मामला दर्ज किया गया है. अधिकारी ने बताया,’वह लड़की को गुजरात से अपने साथ लाया था. घटना शनिवार को हुई. उसकी हालत  बिगड़ने पर होटल के कर्मचारी उसे अस्पताल ले गए जहां कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई. पहली नजर में ऐसा लगता है कि उसे दिल का दौरा पड़ा था.’ डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने कहा,’सूचना मिलने के बाद बच्ची की मां मुंबई आई. उसने हमें बताया कि उस व्यक्ति ने झूठे वादे के साथ बच्ची को बहला-फुसलाकर मुंबई लाया था. मामले में आगे की जांच जारी है.’ बता दें कि छोटी बच्चियों को बहलाकर यौन शोषण और रेप के कई मामले आए दिन आते रहते हैं. तीन महीने पहले ही दिल्ली के रोहिणी में एक फर्जी तांत्रिक ने सात साल की मासूम बच्ची के साथ पहले रेप किया और फिर बच्ची को डराया कि अगर उसने इसके बारे में किसी को भी बताया तो उसका बीमार पिता मर जाएगा. इतना ही नहीं तांत्रिक ने बच्ची को 51 रुपये भी दिए. इस मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया है.  

पीएम विश्वकर्मा योजना ने काफी प्रगति, अब तक 2.58 करोड़ आवेदन जमा किए गए : NSDC

नई दिल्ली  केंद्र सरकार द्वारा बढ़ई, राजमिस्त्री और दर्जी जैसे पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों के उत्थान के लिए लाई गई पीएम विश्वकर्मा योजना ने काफी प्रगति की है और अब तक 2.58 करोड़ आवेदन जमा किए गए हैं। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) द्वारा इकट्ठा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इनमें से 23.75 लाख आवेदकों को तीन चरण की वेरिफिकेशन प्रक्रिया के बाद योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए सफलतापूर्वक रजिस्टर किया गया है। इस योजना के तहत करीब 10 लाख लोगों को अपने व्यवसाय के लिए आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए ई-वाउचर के माध्यम से 15,000 रुपये तक के टूलकिट प्रोत्साहन मिले हैं। इस साल 29 जुलाई तक, 56,526 आवेदनों को 551.80 करोड़ रुपये के कुल ऋण स्वीकृत किए गए हैं। ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज दर है, जिसे सरकार सब्सिडी देती है। भारत सरकार 8 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान करती है, जिससे कुल ऋण लागत कम हो जाती है। ऋण की पहली किस्त 18 महीने में तथा दूसरी किस्त 30 महीने में चुकाई जा सकती है। बीते साल 17 सितंबर को पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना का उद्देश्य 18 व्यवसायों के कारीगरों और शिल्पकारों को उनके हाथों और औजारों से काम करने में सहायता प्रदान करना है। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को उद्यमी और आत्मनिर्भर बनने में मदद करना है। देश के 26 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों और शिल्पकारों के पारंपरिक कौशल को अपग्रेड और मॉर्डन बनाने के लिए बेसिक स्किल ट्रेनिंग के रूप में फॉर्मल ट्रेनिंग शुरू की गई है। इस योजना के तहत पीएम विश्वकर्मा प्रमाणपत्र और आईडी कार्ड, स्किल अपग्रेडेशन, टूलकिट प्रोत्साहन, ऋण सहायता, डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन और मार्केटिंग सहायता प्रदान की जाती है। उम्मीद है कि इस योजना से कारीगरों और शिल्पकारों के लिए आजीविका के अवसर पैदा होंगे, उनके कौशल में वृद्धि होगी और उनके काम में आधुनिक उपकरण और तकनीक को लाया जा सकेगा। इसके अलावा, उन्हें घरेलू और वैश्विक बाजारों से जुड़ने के अवसर मिलेंगे।    

अमेरिका बना सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, भारत 2025 में भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा

नई दिल्ली  अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। वहीं रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक बार फिर से दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का पहला स्थान बरकरार रखा है और वर्ष 2025 में यह सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था होने का अनुमान है। अमेरिका का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) अनुमानित 29,840 बिलियन डॉलर तक पहुँच जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में चीन, अमेरिका से ठीक पीछे होगा, जिसका अनुमानित जीडीपी 19,790 बिलियन डॉलर रहने का अनुमान है। पश्चिमी देशों के आर्थिक प्रतिबंधों और विभिन्न आर्थिक झटकों के बावजूद चीन ने इस उच्च स्तर को बनाए रखा है। वहीं, जर्मनी की अर्थव्यवस्था कुछ कठिनाइयों से जूझने के बावजूद 4,591 बिलियन डॉलर के अनुमान के साथ तीसरे स्थान पर रहेगी। यह संकेत देता है कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में स्थिरता बनाए रखने में जर्मनी ने उल्लेखनीय काम किया है। आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार, यूनाइटेड किंगडम 3,685 बिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ छठे स्थान पर बना रहेगा, जबकि फ्रांस 3,223 बिलियन डॉलर के साथ सातवें स्थान पर रहेगा। ब्राज़ील और इटली के बीच भी मामूली अंतर है, जिसके चलते ब्राज़ील आठवें स्थान पर और इटली नौवें स्थान पर आ जाएगा। ब्राजील के जीडीपी का अनुमान 2,438 बिलियन डॉलर और इटली का अनुमान 2,390 बिलियन डॉलर है। कनाडा 2,361 बिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दसवें स्थान पर रहेगा। भारत की जीडीपी अगले साल उत्पाद 4,340 बिलियन डॉलर पहुंचेगी रिपोर्ट के अनुसार, भारत वर्ष 2025 में जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। अनुमान के मुताबिक, भारत का सकल घरेलू उत्पाद 4,340 बिलियन डॉलर पहुंच सकता है। भारत ने तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ यूनाइटेड किंगडम को पीछे छोड़कर पांचवें स्थान से चौथे स्थान पर छलांग लगाई है। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और सरकार द्वारा आर्थिक सुधारों और विभिन्न योजनाओं के परिणामस्वरूप आई है। जापान जो आर्थिक मंदी का सामना कर रहा है, 4,310 बिलियन डॉलर के अनुमानित जीडीपी के साथ पांचवें स्थान पर होगा। भारत का भविष्य उज्जवल आईएमएफ की रिपोर्ट बताती है कि आर्थिक अस्थिरता और वैश्विक बदलावों के बीच कई देशों ने अपनी स्थिति को बनाए रखने और सुधारने में सफलता प्राप्त की है। विशेष रूप से भारत की आर्थिक प्रगति से यह संकेत मिलता है कि यह देश निकट भविष्य में और भी ऊंचाइयों पर पहुंच सकता है। जबकि अमेरिका, चीन और जर्मनी जैसी अर्थव्यवस्थाएं अब भी स्थिरता बनाए हुए हैं।  

केरल, पंजाब और यूपी में 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव अब 20 नवंबर को होंगे

 नई दिल्ली केरल, पंजाब और यूपी में 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव अब 20 नवंबर को होंगे. विभिन्न उत्सवों के कारण चुनाव आयोग ने वोटिंग को एक हफ्ते तक टालने का फैसला किया है. बता दें कि 13 नवंबर को होने वाली वोटिंग को टालने के लिए कांग्रेस, भाजपा समेत कई दलों ने चुनाव आयोग से अपील की थी. पार्टियों का कहना था कि कई त्योहारों के चलते 13 नवंबर को वोटिंग कम हो सकती है. हालांकि, चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को ही आएंगे. इसी दिन महाराष्ट्र और झारखंड के चुनावी नतीजे भी आएंगे. कार्तिक पुर्णिमा के चलते बीजेपी ने की थी ये मांग भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने यूपी में होने वाले विधानसभा उप-चुनाव की तारीखों में बदलाव की मांग को लेकर चुनाव आयोग को ज्ञापन दिया था. बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने अपने ज्ञापन में कहा था कि 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा होने की वजह से कुंदरकी, मीरापुर, गाजियाबाद और प्रयागराज में लोग तीन चार दिन पहले इकट्ठे जो जाते हैं. ऐसे में चुनाव आयोग को कार्तिक पूर्णिमा को ध्यान में रखते हुए तारीखों में बदलाव करना चाहिए. बीजेपी की मांग थी कि 13 नवंबर की जगह 20 नवंबर को चुनाव कराए जाएं. बता दें कि अब 20 नवंबर को उत्तर प्रदेश में 9 सीटों पर उपचुनाव होने हैं जिनमें- कानपुर की सीसामऊ, प्रयागराज की फूलपुर, मैनपुरी की करहल, मिर्जापुर की मझवां, अंबेडकरनगर की कटेहरी, गाजियाबाद सदर, अलीगढ़ की खैर, मुरादाबाद की कुंदरकी और मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट शामिल है. जानकारी के मुताबिक, हाईकोर्ट में मुकदमा लंबित होने के चलते चुनाव आयोग ने मिल्कीपुर में चुनाव की तारीख का एलान नहीं किया है. चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को आएंगे. इसी दिन महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे भी सामने आएंगे. यूपी की इन 9 सीटों पर होना है विधानसभा उपचुनाव     करहल     सीसामऊ     कुंदरकी     गाजियाबाद     फूलपुरट     मझवां     कटेहरी     खैर     मीरापुर  

कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमला: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- ऐसे कृत्य भारत के संकल्प को कमजोर नहीं कर सकते हैं

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा में एक हिंदू मंदिर पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, मैं कनाडा में हिंदू मंदिर पर किए गए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। इसी तरह, हमारे राजनयिकों को डराने-धमकाने की कायरतापूर्ण कोशिशें भयावह हैं। इस प्रकार की हिंसा कभी भी भारत के संकल्प को कमजोर नहीं कर सकती। हम कनाडा सरकार से न्याय सुनिश्चित करने और कानून का शासन बनाए रखने की उम्मीद करते हैं। पीएम मोदी की ओर से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब लगातार दूसरे दिन खालिस्तान समर्थकों ने कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमला किया और वहां मंदिर में मौजूद हिंदुओं को घायल कर दिया। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि दूसरे दिन के हमले के दौरान पुलिस मंदिर परिसर और आसपास मौजूद थी। लेकिन उसके बाद भी उन पर हमले किए गए। मामले को कनाडा के सामने उठाए भारत सरकार: कांग्रेस इस बीच, विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने भी कनाडा के ब्रांपटन में हिंदू मंदिर पर खालिस्तानी चरमपंथियों की ओर से की गई हिंसा की निंदा की और भारत सरकार से इस मामले को कनाडा के सामने मजबूती के साथ उठाने का अनुरोध किया। कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, यह पूरी तरह से निंदनीय है और कांग्रेस स्पष्ट शब्दों में इस घटना की आलोचना करती है। हम भारत सरकार से इस मुद्दे को कनाडाई अधिकारियों के सामने मजबूती से उठाने का आग्रह करते हैं। किसी को भी श्रद्धालुओं को मंदिर में जाने से रोकने की अनुमति नहीं दी जा सकती। हमले पर विदेश मंत्राय ने क्या कहा हिंदू मंदिर पर हमला ऐसे समय में हुआ है, जब भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव बढ़ा हुआ है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नई दिल्ली कनाडा में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा,  हम ब्रांपटन, ओंटारियों में हिंदू सभा मंदिर में चरमपंथियों और अलगाववादियों की ओर से की गई हिंसा की निंदा करते हैं। हम कनाडा सरकार से आग्रह करते हैं कि सभी पूजा स्थलों को ऐसे हमलों से सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग हिंसा में शामिल हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। 

कनाडा : मंदिर पर खालिस्तानियों का हमला, गुस्साए हिंदू संगठनों ने लिया बड़ा फैसला, सिखों का भी मिला साथ!

नई दिल्ली/ ओटावा  कनाडा के ओटावा में भारतीय उच्चायोग ने 4 नवंबर को एक बयान जारी कर खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। ओटावा में भारतीय उच्चायोग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “हमने आज (3 नवंबर) टोरंटो के पास ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर के साथ मिलकर आयोजित वाणिज्य दूतावास शिविर के बाहर भारत विरोधी तत्वों द्वारा हिंसक व्यवधान देखा है। यह देखना बेहद निराशाजनक है कि हमारे वाणिज्य दूतावास द्वारा स्थानीय सह-आयोजकों के पूर्ण सहयोग से आयोजित किए जाने वाले नियमित वाणिज्य दूतावास संबंधी कार्यों में इस तरह की रुकावट पैदा की जा रही हैं। हम भारतीय नागरिकों सहित आवेदकों की सुरक्षा के लिए भी बहुत चिंतित हैं, जिनकी मांग पर ही इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भारत विरोधी तत्वों के इन प्रयासों के बावजूद, हमारा वाणिज्य दूतावास भारतीय और कनाडाई आवेदकों को 1000 से अधिक जीवन प्रमाण पत्र जारी करने में सक्षम रहा।” इससे पहले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भी हमले की निंदा की और कहा कि हर कनाडाई को अपने धर्म का स्वतंत्र और सुरक्षित तरीके से पालन करने का अधिकार है। ट्रूडो ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में आज हुई हिंसा अस्वीकार्य है। हर कनाडाई को अपने धर्म का स्वतंत्र और सुरक्षित तरीके से पालन करने का अधिकार है।” कनाडा में एक हिंदू मंदिर पर हुए हमले पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि, “कनाडाई प्रधानमंत्री द्वारा कनाडा में हिंदू मंदिरों पर हुए हमलों की निंदा करना एक अच्छा कदम है। चूंकि कई भारतीय कनाडा में काम कर रहे हैं, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा है, मेरा मानना है कि कनाडा सरकार वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा का ध्यान रखेगी।” 3 नवंबर को ब्रैम्पटन हिंदू सभा मंदिर के पास हुई घटना में खालिस्तानी चरमपंथियों ने विरोध प्रदर्शन किया और भारतीय तिरंगे को थामे एक समूह के साथ उनकी झड़प हो गई। वीडियो फुटेज से पता चलता है कि खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने विरोधी समूह पर हमला किया। मंदिर में आने वाले कई लोग सुरक्षा की तलाश में मंदिर परिसर में भाग गए, जिससे चरमपंथियों ने मंदिर पर हमला कर दिया। इससे पहले, विंडसर, मिसिसॉगा और ब्रैम्पटन में मंदिरों को भी इसी तरह की तोड़फोड़ का सामना करना पड़ा था, जिसकी कनाडाई और भारतीय नेताओं ने निंदा की थी। कनाडा और भारत के बीच संबंधों में उस समय गिरावट आ गई जब ओटावा ने 45 वर्षीय कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की 2023 में वैंकूवर में हत्या की साजिश रचने का आरोप भारत सरकार पर लगाया था। निज्जर एक प्रमुख खालिस्तान कार्यकर्ता था।  कनाडा में लगे ‘बंटोगे तो कटोगे’ के नारे… मंदिर पर खालिस्तानियों के हमले के बाद हिंदुओं की हुंकार कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों की हिमाकत लगातार बढ़ रही है. वो खुलेआम भारत के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे हैं. यहां तक कि हिंदुओं और मंदिरों पर हमले भी कर रहे हैं. इस बीच, अब हिंदुओं में भी एकजुटता के प्रयास तेज हो गए हैं. यहां हिंदुओं ने कनाडा में ‘बंटोगे तो कटोगे’ के नारे लगाए हैं और एकता दिखाने की अपील की है. दरअसल, रविवार को खालिस्तानी समर्थकों ने ब्रैम्पटन में हिंदू मंदिर में भक्तों के एक समूह को निशाना बनाया है. इस घटना से हिंदुओं में बड़े स्तर पर आक्रोश फैल गया है. खुद प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो सामने आए और घटना की निंदा की. ट्रूडो ने कहा, मंदिर में हिंसा की घटनाएं अस्वीकार्य हैं. प्रत्येक कनाडाई को अपने धर्म का स्वतंत्र और सुरक्षित तरीके से पालन करने का अधिकार है. उन्होंने इस घटना की जांच करने के लिए त्वरित एक्शन लेने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसी को धन्यवाद भी दिया. इस घटना से कनाडा के हिंदुओं के बीच लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है. अब ब्रैम्पटन मंदिर के पुजारी ने एकता का परिचय देने का आग्रह किया और ‘बंटोगे तो कटोगे’ के नारे लगाए हैं. खालिस्तानी हमले के बाद हिंदुओं ने ब्रैम्पटन में बंटोगे तो कटोगे के नारे लगाए हैं. ब्रैम्पटन मंदिर के पुजारी का कहना था कि अब सबको एक होना पड़ेगा. कनाडा में हिंदुओं को एकजुट होने की जरूरत है. आप एकजुट रहेंगे तो सुरक्षित बने रहेंगे. हिंदू सभा मंदिर के बाहर एकजुट हिंदुओं ने ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगाए. पुजारी का कहना था कि सिर्फ नारे नहीं लगाने हैं. ये हमला सिर्फ हिंदू सभा पर नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया के हिंदुओं पर हुआ है. आज वो समय आ गया है, जब हम लोगों को एकजुट होने की जरूरत है. हमें अपने बारे में ही नहीं, बल्कि आने वाले समय के बारे में भी सोचना होगा. सबको एक होना पड़ेगा. हम किसी का भी विरोध नहीं करते हैं. लेकिन कोई अगर हमारा विरोध करेगा तो… उसके बाद फिर नारेबाजी होने लगती है. कनाडा : मंदिर पर खालिस्तानियों का हमला, गुस्साए हिंदू संगठनों ने लिया बड़ा फैसला, सिखों का भी मिला साथ! कनाडा के ब्रैम्पटन में मंदिर में हिंसा और श्रद्धालुओं के साथ मारपीट पर हिंदू संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हिंदू संगठनों ने खालिस्तानियों के बढ़ते हौसले और हिंदू समुदाय पर हमलों को देखते हुए जस्टिन ट्रूडो सरकार से सवाल किए हैं। कैनेडियन नेशनल काउंसिल ऑफ हिंदू और हिंदू फेडरेशन ने मंदिर के पुजारियों और हिंदू अधिकारों के लिए लड़ने वाले समूहों के साथ मंदिर पर हमले के बाद एक आधिकारिक बयान जारी किया है। साथ ही ये फैसला लिया है कि राजनेताओं को अब राजनीतिक उद्देश्यों के लिए मंदिर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कैनेडियन नेशनल काउंसिल ऑफ हिंदू और हिंदू फेडरेशन ने अपने बयान में कहा है कि ब्रैम्पटन में मंदिर में हमला हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है। खालिस्तानियों की हिंसा और हिंदुओं पर हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में इस घटना की जांच और इसमें शामिल लोगों पर कार्रवाई बहुत जरूरी है। साथ ही में फैसला लिया गया है कि मंदिरों में राजनीतिक गतिविधियों की इजाजत ना दी जाए।  

CIA भारत, बांग्‍लादेश, म्‍यांमार को बांटने का प्लान- CM लालदुहोमा

वॉशिंगटन  मिजोरम के मुख्यमंत्री पीयू लालदुहोमा ने बीते महीने, 4 सितंबर को अमेरिका के इंडियानापोलिस में एक भाषण दिया है। इस भाषण में कही गई उनकी बातों की ना सिर्फ भारत बल्कि बांग्लादेश और म्यांमार में भी चर्चा है। इस दौरान लालदुहोमा ने चिन-कुकी-जो की एकजुटता और एक देश का आह्वान किया। चिन-कुकी-जो भारत, बांग्लादेश और म्यांमार में रहने वाली ईसाई जनजातियां हैं। अमेरिका में हुए इस भाषण के बाद सवाल है कि क्या यूएस की खुफिया एजेंस‍ियां भारत, बांग्‍लादेश और म्‍यांमार के कुछ हिस्सों को अलग करते हुए अलग ईसाई देश बनाने के लिए काम कर रही हैं क्योंकि अमेरिका की जमीन पर उनको इस बात को रखने के लिए मंच मिला है। गोवा क्रोनिकल के मुताबिक, मिजोरम सीएम के भाषण के अंतर्निहित निहितार्थों ने अलगाववादी एजेंडे के बारे में चिंताएं पैदा कर दी हैं, जो दक्षिण एशिया को अस्थिर कर सकता है। धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर टिप्पणियों के साथ लालदुहोमा के भाषण ने किसी विदेशी समर्थन का संदेह पैदा किया है। साथ ही संप्रभुता, क्षेत्रीय स्थिरता और भूराजनीतिक पैंतरेबाजी पर भी बहस छेड़ दी है। लालदुहोमा बोले- हम सब एक लोग लालदुहोमा ने अपने भाषण में कहा, ‘हम एक लोग हैं, हम भाई बहन हैं और बंटने का जोखिम नहीं उठा सकते। ईश्वर ने हमें एक बनाया और हम राष्ट्रीयता की हासिल करने के लिए एक नेतृत्व के तहत उठेंगे। हालांकि किसी देश की सीमाएं हो सकती हैं लेकिन एक सच्चा राष्ट्र उनसे परे होता है। हमें तीन देशों की तीन सरकारों में अन्यायपूर्वक विभाजित किया गया है। हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते।’ लालदुहोमा नेराजनीतिक एकता की एक मुखर दृष्टि का प्रस्ताव रखा, जिससे संप्रभुता के बारे में चिंताएं पैदा हुई हैं। लालदुहोमा ने अपने भाषण में ‘राष्ट्रीयता की नियति’ पर बात करते हुए साझा सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का आह्वान किया। उन्होंने इस पर जोर दिया कि चिन-कुकी-जो लोगों के पास उन सरहदों के बावजूद एक राष्ट्र होने का ऐतिहासिक दावा है। यह भावना चिन-कुकी-जो समुदाय की ओर से हाल में उभरी है, जो खुद को हाशिए पर महसूस कर रहे हैं। ये समुदाय भारत के मणिपुर और मिजोरम राज्यों के साथ-साथ बांग्लादेश और म्यांमार के कुछ हिस्सों में फैली हुई हैं।ये भाषाई, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध साझा करती हैं जो उन्हें सीमाओं के पार जुड़ा हुआ महसूस कराती हैं। बांग्लादेश की पूर्व पीएम ने भी किया था दावा ये चिंता लंबे समय ये रही है कि विदेशी शक्तियां रणनीतिक उद्देश्यों के लिए इस क्षेत्र में विभाजन करा सकती हैं। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कुछ समय पहले दावा किया था कि एक अमेरिकी अधिकारी ने बांग्लादेश, म्यांमार और भारत के कुछ हिस्सों को मिलाकर एक ईसाई राष्ट्र बनाने की योजना के बारे में बात की थी। हसीना के बयान ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचाई थी। अब मिजोरम सीएम का बयान भी इसी तरह की चिंताओं को बढ़ाता करता है कि क्या अमेरिका से इस क्षेत्र में कोई हस्तक्षेप हो रहा है। लालदुहोमा के भाषण की सेटिंग और समय इन चिंताओं को और भी बढ़ाता है क्योंकि उन्होंने अमेरिकी धरती पर यह संदेश देने का विकल्प चुना है। अमेरिका पर पूर्व में भी रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए अलगाववादी आंदोलनों का समर्थन करने का आरोप लगा है। हसीना के बाद इंडियानापोलिस में अपना भाषण देकर लालदुहोमा ने अमेरिकी इरादों के बारे में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। खालिस्‍तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्‍नू को सीआईए का एजेंट माना जाता है।

बेअंत हत्याकांड: बब्बर खालसा सदस्य राजोआना को नहीं मिली राहत

नई दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह और 16 अन्य की करीब 29 साल पहले हुई हत्या के मामले में मौत की सजा पाए प्रतिबंधित बब्बर खालसा सदस्य 57 वर्षीय राजोआना को अंतरिम राहत देने से सोमवार को इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति बी आर गवई, न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने करीब तीन दशकों से जेल में बंद राजोआना को राहत देने से मना कर दिया तथा इस मामले में पंजाब सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए और दो सप्ताह का समय दिया। राजोआना ने अपनी दया याचिका पर फैसला में अत्यधिक देरी के कारण अपनी सजा कम करने की शीर्ष अदालत से गुहार लगाई की थी। शीर्ष अदालत के समक्ष राजोआना की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि यह चौंकाने वाला मामला है, क्योंकि याचिकाकर्ता 29 साल से हिरासत में है। वह कभी जेल से बाहर नहीं आया। उन्होंने पीठ से गुहार लगाते हुए कहा,“कृपया उसे (याचिकाकर्ता) कुछ अंतरिम राहत दी जाए। उसे देखने दिया जाए कि बाहर क्या है।” इस पर पीठ ने कहा कि इस स्तर पर कोई अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती। पीठ ने पंजाब सरकार के वकील से पूछा कि क्या राज्य सरकार ने याचिका पर जवाब दाखिल किया है। इस पर वकील ने निर्देश के लिए समय मांगा। इसके बाद पीठ ने मामले को 18 नवंबर को सुनवाई के सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अंतरिम राहत की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में निर्देश लेने की आवश्यकता है। श्री रोहतगी ने दलील देते हुए कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 21 का पूरी तरह से उल्लंघन है, क्योंकि उनकी दया याचिका 12 वर्षों से विचाराधीन है। शीर्ष अदालत ने सितंबर में इस मामले में नोटिस जारी किया था। अदालत ने तीन मई 2023 को दया याचिका पर फैसला करने में 10 साल से अधिक की अत्यधिक देरी के कारण राजोआना की मौत की सजा को कम करने की याचिका को खारिज कर दी थी। तब अदालत ने कहा था कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर निर्णय लेना कार्यपालिका का अधिकार क्षेत्र है। पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह सहित 16 अन्य लोगों की 31 अगस्त 1995 को एक बम विस्फोट में मृत्यु हो गई थी, जबकि एक दर्जन अन्य घायल हो गए थे। इस मामले में याचिकाकर्ता राजोआना को 27 जनवरी 1996 को गिरफ्तार किया गया था। जिला अदालत ने 27 जुलाई 2007 को याचिकाकर्ता के साथ-साथ सह-आरोपी जगतार सिंह हवारा, गुरमीत सिंह, लखविंदर सिंह, शमशेर सिंह और नसीब सिंह को दोषी ठहराया था। याचिकाकर्ता के साथ-साथ सह-आरोपी जगतार सिंह हवारा को मौत की सजा सुनाई गई थी। उच्च न्यायालय ने 10 दिसंबर 2010 को याचिकाकर्ता की दोषसिद्धि और सजा की पुष्टि की थी। हालांकि, उच्च न्यायालय ने जगतार की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया था।  

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