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आप भी ना हो जाएं डिजिटल अरेस्ट का शिकार, देश में तेजी से बढ़ता फ्रॉड का नया तरीका, जानिए कैसे बचे

नई दिल्ली कुछ दिनों पहले दिग्गज उद्योगपति एस पी ओसवाल के साथ 7 करोड़ रुपए की ठगी होने की खबर सामने आई थी। साइबर ठगों ने उद्योगपति से कहा कि वे ‘डिजिटल अरेस्ट’ हो गए हैं और अपनी बात साबित करने के लिए नकली वर्चुअल कोर्ट रूम भी बनाया। पैसे अपने बैंक में ट्रांसफर करवाने के लिए ठगों ने फर्जी सीबीआई और नकली चीफ जस्टिस के ऑर्डर तक पेश कर दिए। इसी तरह डिजिटल अरेस्ट की वजह से दिल्ली के एक 50 वर्षीय पत्रकार को 1.86 करोड़ रुपये गवांने पड़े। वहीं कुछ दिनों पहले ही साइबर अपराधियों ने अहमदाबाद की एक 27 साल की महिला से 5 लाख रुपये की जबरन वसूली करने से पहले उसे वेबकैम पर कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया। इन मामलों में एक बात समान है। सभी मामलों में पीड़ितों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया गया था। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक पिछले कुछ सालों में साइबर अपराधों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। फरवरी में तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने एक जवाब में लोकसभा को बताया था कि 2023 में वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की 11 लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। देश में इंटरनेट यूजर्स की बढ़ती संख्या के बीच साइबर फ्रॉड के नए नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट भी इन्हीं में से एक है। क्या है डिजिटल अरेस्ट? डिजिटल अरेस्ट के दौरान ऑडियो या वीडियो कॉल के जरिए अपराधी फर्जी अधिकारी बन कर लोगों को डराते हैं और गिरफ्तारी के झूठे दलील से उन्हें उनके घर में रहने पर मजबूर करते हैं। इस दौरान वह उन्हें छोड़ने के बदले में उनसे पैसे ऐंठते हैं। मार्च 2024 में गृह मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी। इसके जरिए सरकार ने लोगों को सचेत किया था कि किस तरह अपराधी फर्जी पुलिस अधिकारी, सीबीआई, नारकोटिक्स विभाग, आरबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और दूसरे कानून प्रवर्तन एजेंसियों का रूप धारण करके लोगों को ब्लैकमेल करते हैं और उन्हें डिजिटल गिरफ्तारी की धमकी देते हैं। कैसे लगाते हैं चूना इस तरह के मामलों में अपराधी आम तौर पर पीड़ितों से संपर्क करते हैं और आरोप लगाते हैं कि पीड़ित ने या तो अवैध सामान, जैसे ड्रग्स, नकली पासपोर्ट या अन्य प्रतिबंधित सामान वाला पार्सल भेजा है या उसे प्राप्त होने वाला है। कुछ मामलों में वे आरोप लगाते हैं कि पीड़ित का कोई करीबी रिश्तेदार या दोस्त किसी अपराध में शामिल रहा है और अब हिरासत में है। तथाकथित मामले को सुलझाने के लिए धोखेबाज पैसे की मांग करते हैं। कुछ मामलों में पीड़ितों को कहा जाता है कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया है और जब तक अपराधियों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं तब तक उन्हें स्काइप या अन्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए लगातार निगरानी में रखा जाता है। ठग पुलिस स्टेशनों और सरकारी दफ़्तरों की तर्ज पर स्टूडियो का इस्तेमाल करते हैं और असली दिखने के लिए वर्दी पहनते हैं। सरकार ने किया है आगाह गृह मंत्रालय के मुताबिक यह एक संगठित ऑनलाइन अपराध है और इसे सीमा पार का सिंडिकेट संचालित करता है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज़ नहीं है फिर भी पढ़े-लिखे लोग इन अपराधियों के शिकार हो रहे हैं। साइबर अपराध से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए बनाए गए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने भी एक चेतवानी जारी की है जिसमें कहा गया है कि सीबीआई, पुलिस या ईडी वीडियो कॉल पर किसी को भी गिरफ्तार नहीं करते हैं। कहां करें शिकायत इस तरह के धोखाधड़ी वाले कॉल आने के बाद व्यक्ति को तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर घटना की रिपोर्ट करनी चाहिए। ऑनलाइन स्टॉकिंग से लेकर वित्तीय धोखाधड़ी तक किसी भी साइबर अपराध की रिपोर्ट गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर की जा सकती है। मदद के लिए स्थानीय पुलिस स्टेशन से भी संपर्क किया जा सकता है। न्यूज 18 ने सैट्रिक्स इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी लिमिटेड के कंट्री मैनेजर मोहन मदवाचर के हवाले से बताया कि अपराधी ‘जेल’, ‘पुलिस स्टेशन’ और ‘गिरफ्तारी’ जैसे शब्दों से व्यक्ति के डर और कलंक का फायदा उठाते हैं। उन्होंने इन स्कैमर्स से निपटने के लिए जागरूकता अभियान की जरूरत पर जोर दिया है।

अगर यूरोपीय संघ समझौते में डेयरी उद्योग को जोड़ने की मांग पर जोर देता रहेगा तो यह समझौता नहीं हो पाएगा

नई दिल्ली केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को भारत और यूरोपीय संघ के बीच होने वाले मुक्त व्यापार समझौते को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर यूरोपीय संघ समझौते में डेयरी उद्योग को जोड़ने की मांग पर जोर देता रहेगा तो यह समझौता नहीं हो पाएगा। अपनी बात पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि दोनों पक्षों के बीच में मुक्त व्यापार समझौता वार्ता में तेजी आए लेकिन यह आपसी संवेदनशीलता और समझने की क्षमता के बिना नहीं हो सकता। एशिया पैसिफिक के नाम से आयोजित एक सम्मेलन में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी समझौते पर आगे बढ़ने के लिए दोनों पक्षों को एक-दूसरे की संवेदनशीलताओं को समझना होगा। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की प्रति व्यक्ति आय भारतीय राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है। जिस समय केंद्रीय मंत्री गोयल यह बात बोल रहे थे वहां पर जर्मनी के आर्थिक मंत्री बैठे हुए थे। डेयरी सेक्टर नहीं खोल सकता- पीयूष गोयल केंद्रीय मंत्री ने डेयरी सेक्टर पर अपनी बात साफ-साफ रखते हुए कहा कि मैं भारत का डेयरी सेक्टर नहीं खोल सकता। यदि आप बार-बार इस पर जोर देते हैं तो फिर यह समझौता होगा ही नहीं। आप इसके बिना कोई बेहतर विक्लप पर आ सकते हैं तो फिर यह बेहतर है। आप ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण ले लीजिए, हम दोनों ही देशों में डेयरी सेक्टर मजबूत है ऐसे में हमारे बीच में जो एफटीए साइन हुआ वह बिना डेयरी सेक्टर के हुआ। पहले औद्योगिक क्षेत्रों पर ध्यान दें दोनों पक्ष- जर्मन मंत्री भारत की तरफ से सीधी बात रखी जाने के बाद जर्मनी के आर्थिक मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों के लिए यही बेहतर होगा कि पहले औद्योगिक पक्ष पर ध्यान केंद्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि इस समझौते के लिए एक समस्याग्रस्त क्षेत्र है क्योंकि भारत और जर्मनी में कृषि क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की संख्या में भारी अंतर है। उन्होंने कहा कि जर्मनी में यह जनसंख्या का 2 प्रतिशत है जबकि भारत में यह लगभग 60 प्रतिशत है। अगर समझौते के तहत भारत का कृषि बाजार खोल दिया जाएगा तो यह भारत के लिए परेशानी खड़ी कर देगा।

इजरायल की सिर्फ इस एक गलती पर 1000 मिसाइलें दागेगा ईरान, खतरनाक प्लान का खुलासा

इजरायल इजरायल फिलहाल लेबनान और गाजा में हमले कर रहा है। हमास ने तो सीजफायर को लेकर भी सहमति जता दी है, लेकिन एक बड़ी जंग शायद मुहाने पर खड़ी है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार ईरान प्लान कर रहा है कि यदि इजरायल ने उस पर 1 अक्टूबर को किए गए अटैक के जवाब में हमला किया तो क्या ऐक्शन लिया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार ईरान के ही 4 अधिकारियों का कहना है कि अयातुल्लाह खामेनेई ने सेना को तैयारी करने को कहा है। उन्होंने सेना से कहा है कि वह संभावित स्थितियों के लिए तैयार रहे और इजरायल यदि अटैक करता है तो फिर जवाबी हमला कैसे किया जाएगा, उसे लेकर प्लान बना लिया जाए। इनमें से 2 अधिकारी ईरान की सेना से ही जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि इजरायल ने ईरान के परमाणु एवं तेल ठिकानों पर हमला किया तो फिर युद्ध नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि ईरान फिर जंग को नए स्तर पर ले जाएगा और इसकी चपेट में पूरा मध्य पूर्व ही आ सकता है। सूत्रों का कहना है कि ईरान की ओर से बलिस्टिक मिसाइलों का बेड़ा तैयार रखा गया है। यदि इजरायल ने कोई हमला किया तो फिर जवाब में 1000 बलिस्टिक मिसाइलें दागी जा सकती हैं। 1 अक्टूबर को 200 मिसाइलें ही दागी गई थीं। अमेरिका समेत तमाम देशों की चिंता यह है कि यदि युद्ध इस लेवल पर पहुंचा तो फिर तेल की सप्लाई पर असर होगा। इसके अलावा इंटरनेशनल ट्रेड रूट भी बाधित होगा। वहीं ईरान का नेतृत्व इस बात पर भी विचार कर रहा है कि यदि इजरायल ने उसके सैन्य ठिकानों पर ही हमला किया तो फिर ज्यादा ऐक्शन नहीं लिया जाएगा। इस बात की भी संभावना है कि फिर ईरान सीधा हमला न करे। इस तरह दो बड़ी शक्तियों के बीच सीधी जंग थम जाएगी। बता दें कि इससे पहले चर्चे थे कि इजरायल की ओर से ईरान के तेल एवं परमाणु ठिकानों को टारगेट किया जा सकता है। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने सीधे तौर पर ईरान को धमकी दी थी कि इस हमले का बदला लिया जाएगा। खासतौर पर ईरान के संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। ईरान के नेता यह कहते रहे हैं कि हम क्षेत्र में जंग और अस्थिरता नहीं चाहते हैं। विदेश मंत्री अब्बास अरागची कई बार यह बात दोहरा चुके हैं। लेकिन ईरान को यह भी लगता है कि इससे यह संदेश न जाए कि वह बैकफुट पर है और इजरायल के मुकाबले रक्षात्मक है। यही वजह है कि ईरान आक्रामक तेवर भी दिखा रहा है, लेकिन सीधे तौर पर किसी बड़ी जंग में उतरने से बचना भी चाहता है।

भारत ने कनाडा से मुख्य राजनयिक संजय कुमार वर्मा समेत 6 लोगों को वापस बुला लिया, खोल दी ट्रूडो सरकार की पोल

नई दिल्ली खालिस्तानी तत्वों को शरण देने और उनके बचाव में भारत से लड़ने के चलते कनाडा के साथ रिश्ते बिगड़ गए हैं। इसी के चलते भारत ने कनाडा से मुख्य राजनयिक संजय कुमार वर्मा समेत 6 लोगों को वापस बुला लिया है। भारत वापस लौटे संजय कुमार वर्मा ने कनाडा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एएनआई को दिए इंटरव्यू में कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार पर आरोप लगाया कि वह वोटबैंक के लिए खालिस्तानी तत्वों को शरण दे रही है। यही नहीं उन्होंने कहा कि यदि उन्हें खालिस्तानी तत्वों से इतना ही प्यार है तो फिर उनका देश तो बहुत बड़ा है। उसके ही एक हिस्से को वह खालिस्तान क्यों नहीं घोषित कर देते। आखिर कनाडा का ऐसा रवैया क्यों है? इस सवाल पर संजय वर्मा ने कहा, ‘उनको शायद इससे कुछ फायदा मिलता होगा। कनाडा की आज की सरकार को उनसे सपोर्ट, पैसा और चुनाव में वोट मिलता है। वे लोग डरते हैं कि उनका वोटबैंक खिसक जाएगा। कनाडा चाहता है कि वे लोग वहां रहें और उनके प्रति नरमी रखता है। मैं तो कहूंगा कि यदि खालिस्तान का वह इतना ही समर्थन करते हैं तो फिर अपने ही एक हिस्से को खालिस्तान घोषित कर दें। कनाडा तो एक बहुत बड़ा देश है और वह ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में खालिस्तान बनना संभव नहीं होगा।’ उन्होंने कहा कि ये लोग इसलिए ऐसे अराजक तत्वों को सपोर्ट करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इनके माध्यम से कई जगहों पर चुनाव जीत सकते हैं। इसके अलावा उनको इनके माध्यम से फंडिंग भी मिलती है। संजय कुमार वर्मा ने एक अन्य इंटरव्यू में बताया था कि कनाडा में उनके ऊपर खालिस्तानी तत्वों ने तलवार से भी हमला किया था। बता दें कि भारत ने कनाडा में अपने राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। इसी को आधार बनाते हुए भारत ने अपने 6 राजनयिकों को वहां से वापस बुला लिया। वहीं कनाडा के भी कुछ राजनयिकों को भारत सरकार ने वापस लौटने का आदेश दिया है।

उत्तरकाशी में मस्जिद को गिराने की मांग को लेकर हंगामा बढ़ा, हिंदू संगठनों ने किया बंद का ऐलान, धारा 163 लागू

उत्तराखंड उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में एक मस्जिद को गिराने की मांग को लेकर हंगामा बढ़ गया है। आरोप है कि यह मस्जिद अवैध रूप से सरकारी जमीन पर बनाई गई है। इस मस्जिद को हटाने की मांग करते हुए हिंदू संगठनों के लोग दो दिन से सड़कों पर उतरे हुए हैं। गुरुवार को पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसका विरोध करते हुए हिंदू संगठनों ने शुक्रवार को बंद का आह्वान किया है। व्यापारियों का समर्थन गंगाघाटी और यमुनाघाटी प्रांतीय उद्योग व्यापार संघ ने पुलिस लाठीचार्ज का विरोध किया है। उन्होंने सभी व्यापार मंडलों से अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखने के लिए कहा है। पिछले दिन भी संयुक्त हिंदू संगठन की ‘जन आक्रोश’ रैली के समर्थन में उत्तरकाशी, डुंडा, भटवाड़ी और जोशियाड़ा में बाजार बंद रहे। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर BNS 163 लागू की है, जिसके तहत 5 से ज्यादा लोग एक जगह जमा नहीं हो सकेंगे। आज शुक्रवार की नमाज अदा की जानी है, लेकिन हिंदूवादी संगठनों ने नमाज का विरोध किया है।   पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की और पुलिस पर पथराव किया, जिसमें 7-8 पुलिसकर्मी घायल हुए। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया।   प्रशासन की कार्रवाई प्रदर्शनकारी हिंदू संगठनों ने प्रशासन से मस्जिद में जुमे की नमाज पर भी रोक लगाने की मांग की है। तनाव के मद्देनजर पूरे उत्तरकाशी शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का दावा है कि गुरुवार के प्रदर्शन के बाद स्थिति सामान्य हो गई है और उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। हालांकि, फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है। प्रशासन स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सतर्क है।  

दिवाली से पहले कर्मचारियों मिला तौफा, चंडीगढ़ में जारी नोटिफिकेशन, महंगाई भत्ता 50% से बढ़ाकर 53% हुआ

चंडीगढ़ चंडीगढ़ प्रशासन ने कर्मचारियों को दिवाली से पहले बड़ा तोहफा दिया है।  दरअसल, चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा काउंसिल हॉल चंडीगढ़ में जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यू. टी. चंडीगढ़ में  6वें  वेतन आयोग के तहत वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता 50% से बढ़ाकर 53% कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2024 से लागू होगी। प्रशासन ने सभी विभागों और प्रबंधकों को इस नए आदेश से अवगत करा दिया है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि ये बढ़ोतरी सिर्फ यू.टी. चंडीगढ़ के उन कर्मचारियों के लिए है जो केंद्रीय मापदंडों के अनुसार महंगाई भत्ता प्राप्त कर रहे हैं। महंगाई भत्ते में यह बढ़ोतरी केंद्रीय पैटर्न के तहत होगी। इसके साथ ही आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए नए स्तर पर पहले से ही अमल किया जा चुका है। महत्वपूर्ण प्रशासनिक अधिकारियों एवं जिम्मेदार विभागों को निर्देश जारी कर इस अधिसूचना की एक कॉपी अकाऊंटैंट जनरल खजाना अधिकारी और आई.टी. विभाग के अधिकारियों को  अपडेट करने के लिए भेजी गई है। साथ ही स्टेट एनफोर्समेंट अधिकारी को इस जानकारी को सैलरी पोर्टल पर अपडेट करने का निर्देश दिया गया है।

पुलिस को रेड दौरान मिली सफलता, अवैध हथियार के साथ पुलिस गिरफ्त में, थाना डाबा में केस दर्ज हुआ

लुधियाना अवैध हथियार के साथ एक आरोपी को पुलिस ने काबू किया है। पकड़ा गया आरोपी विशाल सिंह राणा उर्फ मनी चाचा है जोकि मोहल्ला सरपंच कालोनी का रहने वाला है। आरोपी से एक देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। आरोपी के खिलाफ थाना डाबा में केस दर्ज किया गया है। मामले की जानकारी देते हुए इंस्पैक्टर नरपिंदरपाल सिंह ने बताया कि ए.एस.आई. अमरजीत सिंह एवं पुलिस पार्टी के साथ इलाके में गश्त पर थे। इस दौरान उन्हें सूचना मिली कि उक्त आरोपी के साथ अवैध हथियार है जिसके बाद उस को रेड कर पकड़ लिया। तलाशी दौरान अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी अलग-अलग थानों में 2 केस दर्ज हैं। आरोपी यू.पी. से देसी पिस्तौल लेकर आया था। पुलिस आरोपी का रिमांड हासिल कर उससे पूछताछ कर रही है।

पंजाब सरकार के वित्त विभाग द्वारा सभी पेंशन देने वाले बैंकों को पत्र जारी किया गया, 30 अक्टूबर को जारी होगी पेंशन

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने दिवाली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए पैंशनधारकों को बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, सरकार ने राज्य के पेंशनधारकों को अक्टूबर महीने की पेंशन 30 अक्टूबर, 2024 को जारी करने का फैसला लिया है। इस संबंध में पंजाब सरकार के वित्त विभाग द्वारा सभी पेंशन देने वाले बैंकों को पत्र जारी किया गया है। पत्र में बताया गया है कि दिवाली का त्योहार 31 अक्टूबर 2024 को है, जिसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पैंशनरों को अक्टूबर 2024 की पेंशन तिथि 30 अक्टूबर 2024 को जारी करने का निर्णय लिया है।इसलिए बैंकों को निर्देश दिया गया है कि पंजाब के सभी पेंशनधारकों को अक्टूबर 2024 की पेंशन का भुगतान 30 अक्टूबर 2024 को किया जाए।  

दो आई.पी.एस. अधिकारियों का तबादला हुआ है, उनमें आई.पी.एस. गौरव तूरा व अभिमन्यु राणा के नाम शामिल

पंजाब पंजाब सरकार की तरफ से अधिकारियों के तबादलों का दौर जारी है, जिसके तहत आज 2 आई.पी.एस. अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। अतः जिन दो आई.पी.एस. अधिकारियों का तबादला हुआ है, उनमें आई.पी.एस. गौरव तूरा व अभिमन्यु राणा के नाम शामिल हैं। पंजाब सरकार द्वारा अधिकारियों के तबादलों का दौर जारी है। इसी बीच एक IAS अधिकारी का ट्रांसफर होने की खबर मिली है। जारी हुए सूची के मुताबिक, तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर परमवीर सिंह की जगह पर उक्त IAS अधिकारी राहुल को जिले का नया DC लगाया गया है। आपको बता दें कि 1 अक्टूबर 2024: पंजाब सरकार ने तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर गुलप्रीत सिंह औलख का तबादला करके उनकी जगह IAS अधिकारी परमवीर सिंह को नियुक्त किया था। पंजाब डैस्क : पंजाब सरकार की तरफ से अधिकारियों के तबादलों का दौर जारी है, जिसके तहत आज 2 आई.पी.एस. अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। अतः जिन दो आई.पी.एस. अधिकारियों का तबादला हुआ है, उनमें आई.पी.एस. गौरव तूरा व अभिमन्यु राणा के नाम शामिल हैं। इन अधिकारियों को अब कहां की जिम्मेदारी दी गई हैं, इस संबंधी ब्यूरो आप लिस्ट में पढ़ सकते हैं।

कैथल में सरकारी सिस्टम से किसान परेशान, ऊपर से रेट न आने के कारण किसानों को खाली हाथ जाना पड़ रहा: सेल्समेन

कैथल कैथल में किसानों को सरकारी सिस्टम का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, गेहूं के बीज का भंडार होने के बाद भी किसान को बीज नहीं मिल रहा, जिसका कारण है कि सरकार की तरफ से आज तक भी बीज का रेट तय नहीं किया गया, उधर गेहूं बिजाई का समय निकलता जा रहा है, गेहूं की बिजाई का सीजन जोरों पर होने के कारण किसानों को गेहूं के बीज की तुरंत आवश्यकता है, लेकिन किसान जब गेहूं का बीज उपलब्ध करवाने वाली सरकारी दुकान पर जाते हैं तो उनको एक ही जवाब मिलता है कि अभी सरकार की तरफ से बीज का रेट तय नहीं किया गया, किसान बीज मिलने की उम्मीद में हर रोज सरकारी बीज भंडार पर आते हैं लेकिन सरकार से रेट न आने के कारण मायूस होकर वापस लौट जाते हैं। समय पर बिजाई नहीं हुई तो बाद में कम उपजाऊ होगा बीज: किसान कैथल के किसान बलविंदर सिंह ने बताया कि गेहूं की बिजाई के लिए किसानों की जमीन तैयार है, अगर समय पर बिजाई नहीं हुई तो बाद में बीज कम उपजाऊ होगा, अगर समय पर बिजाई होगी तो पैदावार भी अच्छी होगी। अगर एक-दो दिन के अंदर सरकार ने बीज उपलब्ध नहीं करवाया तो किसानों को मजबूरन बीज प्राइवेट दुकान से खरीदना पड़ेगा, जो काफी महंगा मिलता है, जिससे किसानों पर दोहरी मार पड़ेगी। इसलिए सरकार जल्दी से जल्दी बीज का रेट तय करें ताकि किसान समय पर गेहूं की बिजाई कर सकें। बालू गांव के किसान बलवान ने बताया कि सरकारी बीज केंद्र के गोदाम में माल बहुत है, परंतु उनको गेहूं का बीज नहीं मिल रहा, बिजाई का सीजन सिर पर है, आधे से ज्यादा किसानों ने बिजाई भी कर ली है लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक भी बीज का रेट तय नहीं किया गया। अगर किसानों को जल्दी बीज नहीं मिला तो उनके खेत खाली रह जाएंगे, और अब भी समय पर बीज नहीं मिला तो बाद में बीज को कोई नहीं खरीदेगा। जिससे सरकार को भी भारी नुकसान होगा। इसीलिए सरकार को जल्दी से जल्दी बीज का रेट तय करना चाहिए। ऊपर से रेट न आने के कारण किसानों को खाली हाथ जाना पड़ रहा: सेल्समेन सरकारी बीज केंद्र के सेल्समेन मोहित कौशिक ने बताया कि उनके केंद्र पर 6 अक्टूबर से बीज आया हुआ है, लेकिन ऊपर से रेट न आने के कारण किसानों को खाली हाथ जाना पड़ता है। वह जब भी इस बारे में अधिकारियों से बात करते हैं तो वह कहते हैं कि एक-दो दिन के अंदर रेट आ जाएगा। उनको उम्मीद थी कि सरकार की तरफ से आज के दिन रेट जरूर आ जाएगा परंतु आज भी नहीं आया। सेल्समेन मोहित ने बताया कि अब तक 15 सौ क्विंटल बीज की स्टेकिंग सेल काउंटर पर हो चुकी है। रेट न होने के कारण हम सेल शुरु नहीं कर पा रहे। उन्होंने बताया कि हर साल यहां से 5000 से अधिक क्विंटल बीज की सेल होती है। पूरे जिले में ऐसे चार बिक्री केंद्र हैं। आज बीज लेने पहुंचे किसान जरनैल सिंह, पाला राम, सुरजभान, नरेश कुमार, गुरमुख सिंह, विजय ने कहा कि गेहूं की बिजाई का समय चल रहा है। किसानों को बीज की तुरंत आवश्यकता है, लेकिन कैथल रोड स्थित बीज की सरकारी दुकान पिछले कई दिनों से बंद पड़ी है। किसानों ने कहा कि इस संबंध में वे कई बार अधिकारियों को सूचित करवा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का हल नहीं हो रहा। किसानों ने मांग रखी कि सरकार जल्दी बीज के रेट निर्धारित करें ताकि किसानों को समय रहते बीज उपलब्ध हो सके।

उमर अब्दुल्ला सरकार के आते ही आतंकी वारदातों में इजाफा, 15 दिन में 19 का कत्ल

 श्रीनगर जम्मू-कश्मीर को 10 साल बाद चुनी हुई सरकार मिली है और उमर अब्दुल्ला अब मुख्यमंत्री बन गए हैं। इसके बाद भी केंद्र शासित प्रदेश में आतंकी हमले थमने की बजाय और बढ़ गए हैं। बीते 15 दिनों में ही अलग-अलग आतंकी हमलों में अब तक 19 लोग मारे जा चुके हैं। 24 अक्टूबर की शाम को कश्मीर के गुलमर्ग में फिर एक आतकी हमला हुआ, जिसमें दो आर्मी पोर्टर और दो जवान शहीद हो गए। यह हमला भी टूरिस्ट हॉटस्पॉट वाले इलाके में हुआ। यही नहीं यहां सेना की बड़ी संख्या में तैनाती रहती है। उसके बाद भी आतंकियों के सेना तक पहुंचने और उनको निशाना बनाने से सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले 20 अक्टूबर को गांदरबल जिले के गगनगीर इलाके में एक सुरंग के निर्माण की साइट पर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 6 बाहरी मजदूरों और एक स्थानीय डॉक्टर का कत्ल कर दिया गया। इन लोगों पर आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं और ज्यादातर लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इससे पूर्व 18 तारीख को भी शोपियां में बिहार के एक मजदूर का कत्ल कर दिया गया था। इन घटनाओं के बीच एलजी मनोज सिन्हा ने सुरक्षा बलों को सख्ती बरतने और पुलिस एवं सेना को साथ मिलकर अभियान चलाने का आदेश दिया है। फिर भी अब तक कोई नियंत्रण नहीं दिख रहा है। बीती रात को सेना और आतंकियों के बीच छिड़े संघर्ष ने चिंताओं को और बढ़ा दिया है। बारामूला, पुंछ, शोपियां, गांदरबल और कश्मीर समेत ज्यादातर इलाकों में सुरक्षा बलों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल ज्यादातर जगहों पर सुरक्षा बल सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं और कई जगहों पर कैंपिंग बढ़ा दी गई है। 9 अक्टूबर को भी एक लापता सैनिक का गोलियों से छलनी शव बरामद हुआ था। खबर थी कि सैनिक को अनंतनाग से आतकियों ने अगवा कर लिया है। अंत में उनका शव ही बरामद किया गया। जवान की पहचान हिलाल अहमद भट के तौर पर हुई है। इस बीच गुरुवार को सीएम उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली में राजनाथ सिंह और होम मिनिस्टर अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने इस दौरान राज्य का दर्जा बहाल किए जाने की मांग की। वहीं भाजपा के एक नेता ने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा तब तक नहीं मिल सकता, जब तक सुरक्षा के हालात सुधर नहीं जाते। उन्होंने उमर अब्दुल्ला सरकार के आते ही आतंकी वारदातों में इजाफे की ओर भी इशारा किया। माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में शांति पूर्ण चुनाव और सरकार गठन से पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन बौखला गए हैं और वे लोगों पर हमले कर रहे हैं। इसी के चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई है। बारामूला आतंकी हमले पर क्या बोले फारूक अब्दुल्ला नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बारामूला आतंकी हमले पर उन्होंने कहा, ‘इस रियासत में ऐसा होता रहेगा। जब तक इस समस्या से निकलने का रास्ता नहीं निकलेगा, तब तक यह नहीं रुकेगा। मैं 30 साल से देख रहा हूं कि निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं।’ फारूक ने कहा कि हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनने वाले हैं, तो वे ऐसा क्यों कर रहे हैं? हमारा भविष्य बर्बाद करने के लिए? उन्हें अपने देश को देखना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मैं उनसे फिर अपील करता हूं कि वे इसे रोकें और दोस्ती का रास्ता खोजें। अगर दोस्ती नहीं की गई तो भविष्य बहुत मुश्किल होगा। मैं इस घटना में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देता हूं।’ जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में गुरुवार को किए गए आतंकवादी हमले में गंभीर रूप से घायल हुए 2 जवानों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस हमले में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है। सैन्य बल के साथ काम करने वाले 2 कुलियों की कल मौत हो गई थी। तीन सैनिकों सहित चार लोग घायल हुए थे जिनमें से दो सैनिकों ने बाद में दम तोड़ दिया। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में गुलमर्ग से छह किलोमीटर दूर आतंकवादियों ने सेना के एक वाहन पर हमला दिया। बूटापथरी इलाके में सेना के वाहन पर तब गोलीबारी की जब वह अफरावत रेंज में नागिन चौकी की ओर जा रहा था। अधिकारियों ने कहा कि यह क्षेत्र पूरी तरह से सेना के कब्जे में है। उमर अब्दुल्ला बोले- हालिया हमले गंभीर चिंता का विषय जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि घाटी में हालिया हमले गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘उत्तरी कश्मीर के बूटापथरी क्षेत्र में सेना के वाहनों पर हमले की बेहद दुर्भाग्यपूर्ण खबर है, जिसमें कुछ लोग हताहत हुए हैं। कश्मीर में हालिया हमले गंभीर चिंता का विषय हैं।’ अब्दुल्ला ने कहा कि मैं इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं और जान गंवाने वाले लोगों के प्रियजन के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं यह भी प्रार्थना करता हूं कि घायल पूरी तरह और शीघ्र स्वस्थ हों। पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी हमले की निंदा की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ‘बारामूला में सेना के काफिले पर आतंकवादी हमले से स्तब्ध और दुखी हूं। इसकी स्पष्ट रूप से निंदा करती हूं और घायल सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करती हूं।’

हरियाणा में 9 हजार युवाओं ने छोड़ी नौकरी, अपने आप को किया तृतीय श्रेणी में अपडेट

चंडीगढ़ हरियाणा में करीब नौ हजार युवाओं ने चतुर्थ श्रेणी की नौकरियां छोड़कर तृतीय श्रेणी की नौकरियां ज्वाइन की है। ये वे युवा हैं, जिन्होंने चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में रहते हुए स्वयं को अपग्रेड किया और अपनी योग्यता व मैरिट के आधार पर प्रतियोगी परीक्षाओं में अव्वल स्थान हासिल करते हुए तृतीय श्रेणी की नौकरियां प्राप्त की हैं। तृतीय श्रेणी की नौकरियां ज्वाइन करने के लिए ही हरियाणा के विभिन्न विभागों व बोर्ड-निगमों में कार्यरत ग्रुप-डी यानी चतुर्थ श्रेणी के हजारों युवाओं ने नौकरी छोड़ी है। सरकारी सेवाओं में रहते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखने और खुद को अपग्रेड करने का लाभ इन युवाओं को मिला है। 18 अक्टूबर को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ग्रुप-सी व डी के 25 हजार पदों के नतीजे घोषित किए गए थे। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पास अभी तक इस तरह का कोई अधिकृत डाटा नहीं है कि ग्रुप-डी के कितने कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ी है, लेकिन मोटे तौर पर इसे नौ से साढ़े नौ हजार माना जा रहा है।

अंबाला के सिविल अस्पताल में आपसी लड़ाई के बीच आम जनता इधर-उधर भटकती हुई नजर आई

अंबाला अंबाला छावनी के सिविल अस्पताल में शुक्रवार को MRI करने वालों की आपसी लड़ाई के कारण आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आपसी लड़ाई के बीच आम जनता इधर-उधर भटकती हुई नजर आई। आम जनता सुबह से सिविल अस्पताल में MRI के लिए के काफी देर तक बैठे रहे। आज सिविल अस्पताल में MRI करने वालों की आपसी लड़ाई के कारण आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्टाफ ने आपस मे झगड़े के चलते MRI ही नहीं की। जिससे सारा काम ठप्प पड़ गया। बताया जा रहा है पहले मरीजों की फाइल तैयार कर दी फिर उन्हें फाइल वापिस करके जाने को कह दिया जा रहा है। वहीं मरीजों ने बताया कि हम सुबह से यहां पर आए हुए हैं। हमारा बच्चा सिविल अस्पताल में एडमिट है। आज बच्चे की खाली पेट एमआरआई होनी है। पहले इन्होंने बहाना स्टाफ न आने का लगाया, पता नहीं इनकी क्या आपसी बात हुई है। पहले इन्होंने फाइल ले ली और अब वापिस कर दी। हम सुबह से धक्के खा कर परेशान हो चुके हैं। Diagnostic Centre के मालिक ने बताया कि हॉस्पिटल स्टाफ ने मेरे स्टाफ के साथ झगड़ा किया। इसलिए एमआरआई नहीं हो रही। झगड़े का कारण कुछ नहीं है, बस यह फार्मों को लेकर या कभी किसी कारण को लेकर झगड़ा करते हैं।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत दिए जाने वाले 10 लाख रुपये के लोन की लिमिट को बढ़ाकर 20 लाख रुपये …..

नईदिल्ली  दिवाली (Diwali) से पहले मोदी सरकार (Modi Government) अपने कारोबार को फैलाने और विस्तार  देने की योजना बना रहे उद्यमियों को बड़ी सौगात दी है. अब उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana) के तहत पहले के मुकाबले डबल लोन मिल सकेगा. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत मुद्रा लोन (Mudra Loan) की लिमिट को मौजूदा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया है. सरकार ने इस फैसले को लेकर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने 23 जुलाई, 2024 को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश करते हुए ये एलान किया था कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत दिए जाने वाले 10 लाख रुपये के लोन की लिमिट को बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया जाएगा. अब इस एलान को लागू कर दिया गया है. वित्त मंत्रालय ने कहा, इस लिमिट को बढ़ाये जाने से मुद्रा स्कीम का जो लक्ष्य है उसे हासिल करने में मदद मिलेगी और ऐसे नए उद्यमी जिन्हें फंड की जरूरत है उन्हें अपने कारोबार के ग्रोथ और विस्तार करने के लिए अब ज्यादा फंड उपलब्ध कराया जा सकेगा.    मौजूदा समय में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में शिशु, किशोर और तरुण नाम से तीन कैटगरी है जिसके तहत लोन दिया जाता है. अब तरुण प्लस (Tarun Plus) नाम से नए कैटगरी को लॉन्च किया गया है. मुद्रा योजना में शिशु के तहत 50,000 रुपये तक का लोन देने का प्रावधान है. किशोर स्कीम के तहत अपना कारोबार करने वाले 50,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक मुद्रा लोन ले सकते हैं. तरुण स्कीम के तहत 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक का लोन देने का नियम है. जिन कारोबारियों ने तरुण योजना के तहत लिए गए कर्ज को सफलतापूर्वक लौटा दिया है उन्हें अपने कारोबार के ग्रोथ और विस्तार करने के लिए तरुण प्लस कैटगरी के तहत 10 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये का लोन अब मिल सकेगा.   प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 20 लाख रुपये तक के लोन पर गारंटी कवरेज क्रेडिट गारंटी फंड फॉर माइक्रो यूनिट्स (Credit Guarantee Fund for Micro Units) के तहत दिया जाएगा. 

आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए हरियाणा का जवान शहीद, चना के बाद से उनके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

सिरसा जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सिरसा का रहने वाले जीवन सिंह शहीद हो गए। जीवन सिंह के शहीद होने की सूचना उनके परिवार को आज 25 अक्टूबर शुक्रवार को दे दी गई। जीवन सिंह का पार्थिव शरीर सिरसा के गांव रोहण लाया गया। आज शाम राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। जीवन सिंह के शहीद होने की सूचना के बाद से उनके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन का कहना है कि जीवन सिंह साल 2016 राजपूताना राइफल में भर्ती हुआ था। जीवन सिंह की शादी 4 साल पहले कोमल से हुई थी, उनकी दो बेटियां थीं। जीवन सिंह जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में तैनात थे। वीरवार 24 अक्टूबर की रात को उन्हें सूचना मिली कि इलाके में आतंकवादी है, जिसके बाद जीवन सिंह ने निडर होकर आतंकवादियों का सामना किया। बेटे के शहीद होने पर उनके पिता सुखदेव सिंह का कहना है कि “मुझे गर्व है कि मेरा जीवन सिंह भारत माता की रक्षा करते हुए शहीद हुआ”।  मुठभेड़ में जीवन सिंह को कई गोलियां लगी, लेकिन जीवन सिंह आखिरी तक लड़ता रहा। घायल जीवन सिंह को सेना के अस्पताल में भर्ती किया गया,जहां पर इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आज सुबह 5 बजे शुक्रवार को सेना के अधिकारी ने शहीद होने की सूचना जीवन सिंह के घरवालों को दी।

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