LATEST NEWS

संजौली मस्जिद के अवैध हिस्से को तोड़ने का काम मस्जिद कमेटी ने शुरू करा दिया

शिमला  संजौली मस्जिद के अवैध हिस्से को तोड़ने का काम मस्जिद कमेटी ने शुरू करा दिया है। नगर निगम शिमला के आयुक्त की कोर्ट ने मस्जिद की तीन मंजिलों को अवैध करार देते हुए मस्जिद कमेटी को अपने ख़र्चे पर इसे दो महीने में गिराने के फरमान दिए थे। कोर्ट के फरमान के 15 दिन बाद मस्जिद में बने अवैध हिस्से को तोड़ने का काम शुरू हो पाया है। यह मस्जिद रिहायशी इलाके में बनी है। मस्जिद के आसपास कई भवन सटे हैं। ऐसे में अवैध तीन मंजिलों को गिराने में काफी वक्त लगेगा। इस कार्य के लिए मजदूर लगाए गए हैं। मजदूरों ने पहले दिन मस्जिद की सबसे ऊपर की मंजिल में लगी टीन को उखाड़ना शुरू किया। मस्जिद कमेटी को अपने ख़र्चे पर अवैध निर्माण तोड़ने के आदेश हैं। संजौली मस्जिद कमेटी के प्रधान लतीफ मोहम्मद की देखरेख में अवैध निर्माण को तोड़ा जा रहा है। लतीफ मोहम्मद ने कहा कि अवैध हिस्से को गिराने में काफी खर्चा आएगा और इसके लिए फंड जुटाया जा रहा है। मस्जिद कमेटी अपने स्तर पर फंड की व्यवस्था कर रहा है। इस कार्य के लिए हमें राज्य सरकार व अन्य किसी संस्था से धनराशि नहीं मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक फंड की मैनेजमेंट नहीं हुई और काम करने के लिए काफी फंड की जरूरत है। ऐसे में अवैध हिस्से को तोड़ने में तीन से चार महीने का समय लग सकता है और अगली सुनवाई में कोर्ट से अतिरिक्त समय देने का आग्रह किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमन, शांति व भाईचारा कायम रखने के लिए मस्जिद कमेटी ने अवैध निर्माण तोड़ने का निर्णय लिया है और नगर निगम कोर्ट के फैसले को चुनौती नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि मस्जिद कमेटी ने इन मंजिलों को गिराने के लिए खुद ही कोर्ट में लिखित आवेदन भी दिया था। मस्जिद की ऊपर की तीन मंजिले अवैध, दो माह में गिराने के आदेश सुर्खियों में रहने वाली इस विवादित चार मंजिला मस्जिद में अवैध निर्माण को लेकर बीते 5 अक्टूबर को नगर निगम के कोर्ट में सुनवाई हुई। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर सुनवाई करते हुए मस्जिद कमेटी को अहम आदेश दिया है। मस्जिद की ऊपर की तीन मंजिलें अवैध रूप से बनी हैं। कोर्ट ने फरमान जारी किए हैं कि मस्जिद की दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिलों को गिराना होगा। 14 साल में आया फैसला, 46 बार हुई सुनवाई मस्जिद में अवैध निर्माण की पिछले 14 सालों से आयुक्त कोर्ट में सुनवाई चल रही है। 46वीं सुनवाई पर नगर निगम आयुक्त ने यह फैसला सुनाया है। वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी को अपने खर्चे पर तीन मंजिलें गिराने को कहा गया है। कोर्ट ने मामले की आगामी सुनवाई 21 दिसंबर 2024 को निर्धारित की है। मस्जिद में बिना अनुमति खड़ी कर दीं चार मंजिलें संजौली की इस विवादित मस्जिद का निर्माण वर्ष 2007 में शुरू हुआ था। स्थानीय लोगों ने मस्जिद को अवैध बताते हुए वर्ष 2010 में इसके खिलाफ नगर निगम की कोर्ट में याचिका दाखिल की। तब से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। खास बात यह है कि तब से लेकर प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन किसी भी सरकार के कार्यकाल ने इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। मस्जिद कमेटी के पूर्व प्रधान ने कोर्ट में बताया कि वर्ष 2012 तक मस्जिद दो मंजिला थी। इसके बाद यहां अवैध निर्माण हुआ। संजौली मस्जिद विवाद पर हिंदु संगठनों ने किये थे उग्र प्रदर्शन संजौली की इस मस्जिद के मुद्दे पर पूरे प्रदेश में कोहराम का आलम रहा। सितंबर महीने में हिन्दू संगठनों के बैनर तले हिन्दू शिमला सहित अन्य जिलों में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर अवैध मस्जिदों को गिराने और बाहर से आने वाले विशेष समुदाय के लोगों की रजिस्ट्रेशन की मांग कर रहे हैं। संजौली में बीते 11 सितम्बर को हिंदूओं ने उग्र प्रदर्शन कर विवादित मस्जिद स्थल तक पहुंचने की कोशिश की थी।  

उड़ानों पर धमकी भरे फर्जी कॉल पर केंद्र सरकार सख्त, कानून में बदलाव करने का निर्णय, जुर्माने के साथ सजा भी दी जाएगी

नई दिल्ली देश भर की तमाम एयरलाइन कंपनियों के विमानों में बम की धमकी मिलने का सिलसिला पिछले कई हफ्तों से जारी है। रविवार को भी 25 विमानों में बम होने की धमकी दी गई थी, जिसके बाद 25 विमानों में बम होने की धमकी दी गई। इन धमकियों को लेकर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक आरएस भट्टी और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) के महानिदेशक जुल्फिकार हसन ने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन से उनके कार्यालय में मुलाकात की। इस बैठक के दौरान गृह मंत्रालय को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर धमकी भरे फर्जी कॉल के बारे में अवगत कराया गया। केंद्र सरकार इस मामले में सख्त हो गई। उन्होंने कानून में बदलाव करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही अपराधी को जुर्माने के साथ सजा भी दी जाएगी। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने  विमानों को बम से उड़ाने की धमकी पर बात की। उन्होंने कहा, “अगर आवश्यक हुआ तो हमने मंत्रालय की तरफ से कुछ विधायी कार्रवाई के बारे में सोचा है। हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि ऐसे दो क्षेत्र हैं जिन पर हम काम कर सकते हैं। 1. विमान सुरक्षा नियमों में संशोधन। एन नियमों को बदलकर हम जो करना चाहते हैं , वह यह है कि अपराधी जब पकड़ा जाएगा तो हम उन्हें नो-फ्लाइंग सूची में डालना चाहते हैं। 2.  नागरिक उड्डयन सुरक्षा अधिनियम के विरुद्ध गैरकानूनी कार्यों को खत्म करना।” उन्होंने आगे कहा, “हम इसे संज्ञेय अपराधों की सूची में डाल रहे हैं और उस संशोधन के आधार पर जुर्माने के साथ सजा भी दी जाएगी।” लगातार मिल रहे इन धमकियों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने हवाईअड्डों पर एहतियातन सतर्कता बढ़ा दी है। उन्होंने इन झूठी धमकियों की रिपोर्ट भी मांगी है। रविवार को इंडिगो, विस्तारा, एयर इंडिया और अकासा समेत 20 से अधिक भारतीय विमानों में बम की धमकी मिली। इंडिगो, विस्तारा और एयर इंडिया की छह-छह उड़ानों में बम होने की धमकी दी गई। इंडिगो के प्रवक्ता ने बताया कि इंडिगो की 6E 58 जेद्दा से मुंबई, 6E87 कोझिकोड से दम्मम, 6E11 दिल्ली से इस्तांबुल, 6E17 मुंबई से इस्तांबुल, 6E133 पुणे से जोधपुर और 6E112 गोवा से अहमदाबाद फ्लाइट में बम होने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विमानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले हैंडल को ब्लॉक कर दिया गया। पिछले हफ्ते से अब तक 100 से अधिक उड़ानों में बम की धमकियां मिल चुकी हैं। सभी धमकियां अफवाह निकली हैं। 

अब मालदीव में भी भारत का UPI चलेगा, रिश्तों की बागडोर थाम मुइज्जू फिर भारत के दरवाजे पर आ खड़ा हुआ

नई दिल्ली  अब मालदीव में भी भारत का यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स सिस्टम) चलेगा। मोहम्मद मुइज्जू ने चुनाव प्रचार के दौरान से ही भारत के खिलाफ जो आक्रोश दिखाना शुरू किया था, अब वो ठंडा पड़ गया है। राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद मुइज्जू ने भारत के सैनिकों को मालदीव से निकाल दिया। इस बीच मुइज्जू की कुछ मंत्रियों ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बहुत ओछी टिप्पणियां कीं। ये सब कुछ महीनों तक चलता रहा, लेकिन जब नफरत की गांठ खुली तो रिश्तों की बागडोर थाम मालदीव फिर भारत के दरवाजे पर आ खड़ा हुआ। इस वजह से भारत और मालदीव के बीच रिश्तों में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। मुइज्जू सरकार ने भारत के मुकाबले चीन की ओर अधिक झुकाव दिखाना शुरू किया। हालांकि, हाल के दिनों में भारत और मालदीव ने अपने रिश्तों को सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। हाल ही में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मालदीव में तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को लागू करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। जयशंकर ने कहा कि यह डिजिटल इनोवेशन मालदीव में पर्यटन और आर्थिक विकास पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। जैसा कि आप सभी जानते हैं, भारत ने अपने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से वास्तव में डिजिटल लेनदेन में क्रांति ला दी है। भारत में इसने वित्तीय समावेशन को नए स्तरों पर पहुंचाया है। आज दुनिया के 40 प्रतिशत रियल टाइम डिजिटल पेमेंट हमारे देश में होते हैं। हम अपने जीवन में हर दिन इस क्रांति को देखते हैं। मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि आज समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करके हमने मालदीव में इस डिजिटल इनोवेशन को लाने की दिशा में पहला कदम उठाया है। इसका पर्यटन पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। भारत-मालदीव के रिश्तों में क्यों आई थी खटास? वर्ष 1988 से ही डिफेंस और सिक्यॉरिटी भारत और मालदीव के बीच सहयोग के बड़े क्षेत्र रहे हैं। भारत के रक्षा संस्थानों में मालदीव के सैनिकों को ट्रेनिंग दी जाती रही है। भारत और मालदीव के बीच अप्रैल 2016 में समन्वित रक्षा साझेदारी का भी समझौता हुआ था। भारत और मालदीव के बीच संबंधों में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारतीय सैन्य कर्मियों की वापसी की मांग की। यह घटना उस समय हुई जब उन्होंने भारतीय सैन्य सहायता को एक खतरे के रूप में देखा। इसके बाद, भारतीय सैन्य कर्मियों को मालदीव से हटा दिया गया। यह स्थिति भारत के लिए न केवल कूटनीतिक दृष्टि से बल्कि सामरिक दृष्टि से भी चिंता का विषय बन गई। मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन की सरकार ने चीन के साथ निकटता बढ़ाई थी और भारत के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया था। यामीन के कार्यकाल में भारत के खिलाफ ‘इंडिया आउट कैंपेन’ चलाया गया, जिसने भारत-मालदीव संबंधों को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया। ऊपर से मालदीव ने चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव में शामिल होकर भारत से अपने संबंधों को और कमजोर कर दिया। मालदीव हमारी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ पॉलिसी की आधारशिलाओं में से एक है, यह हमारे विजन सागर में से एक है, साथ ही ग्लोबल साउथ के प्रति हमारी प्रतिबद्धता भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों में संक्षेप में कहें तो भारत के लिए पड़ोस प्राथमिकता है और पड़ोस में मालदीव प्राथमिकता है। हम इतिहास और रिश्तेदारी के सबसे करीबी बंधन भी साझा करते हैं। मित्रता के दौर में वापसी हालांकि, हाल के महीनों में स्थिति में बदलाव आया है। राष्ट्रपति मुइज्जू के नेतृत्व में मालदीव ने भारत के साथ संबंधों को फिर से सुधारने का प्रयास किया है। उनका यह निर्णय आर्थिक संकट, भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका और चीन से अपेक्षित समर्थन की कमी के कारण आया है। हाल ही में, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मालदीव की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान यह घोषणा की कि भारत और मालदीव ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत मालदीव में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) लागू किया जाएगा। जयशंकर ने कहा, ‘यह डिजिटल इनोवेशन मालदीव में लाने की दिशा में पहला कदम है। इससे पर्यटन में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।’ मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जामीर ने भी भारत को अपना करीबी मित्र और विकास साझीदार बताया, जो आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित है। उन्होंने मालदीव दौरे में कहा, ‘जैसा कि आप सभी जानते हैं, भारत ने अपने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से वास्तव में डिजिटल लेनदेन में क्रांति ला दी है। भारत में इसने वित्तीय समावेशन को नए स्तरों पर पहुंचाया है। आज दुनिया के 40 प्रतिशत रियल टाइम डिजिटल पेमेंट हमारे देश में होते हैं। हम अपने जीवन में हर दिन इस क्रांति को देखते हैं। मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि आज समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करके हमने मालदीव में इस डिजिटल इनोवेशन को लाने की दिशा में पहला कदम उठाया है। मैं दोनों पक्षों के हितधारकों को शुभकामनाएं देता हूं और आशा करता हूं कि हम जल्द ही यहां पहला UPI लेनदेन देखेंगे। इसका पर्यटन पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।’ सहयोग की नई संभावनाएं भारत और मालदीव के बीच संबंधों में सुधार के लिए कई कारण सामने आए हैं। सबसे पहले, आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। मालदीव ने भारत से वित्तीय सहायता की मांग की है, जिसमें करेंसी स्वैप की सुविधा भी शामिल है। भारत ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए 750 मिलियन डॉलर की करेंसी स्वैप की सुविधा की पेशकश की है। इसके अलावा, मालदीव और भारत के बीच व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक मुक्त व्यापार समझौते की संभावनाएं भी हैं। जामीर ने कहा कि ऐसे समझौते व्यापार उदारीकरण को सरल बनाएंगे और दोनों देशों के बीच व्यापारिक जोखिम को कम करेंगे। मालदीव दौरे पर जयशंकर ने कहा था, ‘मालदीव हमारी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ पॉलिसी की आधारशिलाओं में से एक है, यह हमारे विजन सागर में से एक है, साथ ही ग्लोबल साउथ के प्रति हमारी प्रतिबद्धता भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों में संक्षेप में कहें तो भारत के लिए पड़ोस प्राथमिकता है और पड़ोस में मालदीव प्राथमिकता है। हम इतिहास और रिश्तेदारी के सबसे करीबी बंधन भी साझा करते हैं।’ राजनीतिक … Read more

देश में सड़क हादसों में हर साल मरने वालों में 60% लोग 18-34 वर्ष की आयु वर्ग के होते हैं

नई दिल्ली भारत में सड़क हादसों में होने वाली मौतों का आंकड़ा चिंताजनक है। 2023 में देश में 1,73,000 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा बैठे। इनमें से लगभग 55% मौतें केवल छह बड़े राज्यों – उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई हैं। राजस्थान में सड़क हादसों में सबसे ज्यादा इजाफा देखा गया है, जहां 2022 की तुलना में 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 6% की वृद्धि हुई है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस बढ़ते हुए आंकड़े पर चिंता व्यक्त करते हुए शनिवार को अधिकारियों और इंजीनियरों से सड़क दुर्घटनाओं की जांच करने और सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया। सड़क हादसों में बुझ गए हजारों घरों के चिराग आंकड़ों से पता चलता है कि 2023 में इन छह राज्यों में 95,246 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई, जबकि 2022 में यह संख्या 91,936 थी। हालांकि सड़क परिवहन मंत्रालय और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा अभी तक सड़क दुर्घटनाओं और मौतों पर रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की गई है, लेकिन यह ट्रेंड बताता है कि भारत द्वारा अगले छह वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को आधा करने की कोशिश के बावजूद यह समस्या कितनी गंभीर होती जा रही है। पिछले साल देश में कहां हुए सबसे अधिक सड़क हादसे दिल्ली में संयुक्त आयुक्त (यातायात) रह चुके पूर्व आईपीएस अधिकारी सत्येंद्र गर्ग ने बताया कि दुर्घटनाओं की उचित जांच और हस्तक्षेप से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम किया जा सकता है। दिल्ली के यातायात मुद्दों से निपटने के दौरान मुझे इसका एहसास हुआ था। ज़्यादातर दुर्घटनाओं और मौतों को रोका जा सकता है। हादसों की जांच जरूरी विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी अधिकारियों को इस मानसिकता से बाहर निकलने की जरूरत है कि बड़े राज्यों में सड़कें और वाहन ज्यादा होने के कारण सड़क हादसों में होने वाली मौतों की संख्या भी ज्यादा होगी। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ और ड्राइविंग मैनुअल के लेखक नरेश राघवन का कहना है कि कानूनों को लागू करने के साथ-साथ ड्राइवरों को शिक्षित करने पर भी ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। वह कहते हैं कि याद रखें कि केवल पांच या छह नियमों को ही पुलिस यातायात नियमों को लागू कर सकती है। शेष 45 बुनियादी सड़क नियम लोगों/ड्राइवरों को सिखाने होंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को सड़क और पुल निर्माण में उभरते रुझानों और तकनीकों पर एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले साल सड़क दुर्घटनाओं में हमने 1.73 लाख लोगों की जान गंवाई है और याद रखें कि हर साल मरने वाले लगभग 60% लोग 18-34 वर्ष की आयु वर्ग के होते हैं। सड़क दुर्घटनाओं की सामाजिक-आर्थिक लागत हमारे सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 3% है। कृपया इसे गंभीरता से लें। सड़क सुरक्षा के मुद्दों को संवेदनशीलता से निपटें, दुर्घटनाओं की जांच करें, खतरनाक जगहों को ठीक करें और मुद्दों का समाधान करें। हमने युद्धों में भी इतने लोगों को कभी नहीं खोया।

CM नायडू ने देश के जनसांख्यिकीय लाभ को बनाए रखने के लिए युवा आबादी को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया

अमरावती आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बढ़ती उम्रदराज आबादी के बारे में चिंता जाहिर की है. इसे लेकर बढ़ती चिंताओं का हवाला देते हुए उन्होंने दक्षिणी राज्यों के परिवारों से अधिक बच्चे पैदा करने का आग्रह किया. नायडू ने देश के जनसांख्यिकीय लाभ को बनाए रखने के लिए क्षेत्र में युवा आबादी को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया. अपने संबोधन के दौरान, मुख्यमंत्री ने बड़े परिवारों को प्रोत्साहित करने वाले कानून को पेश करने की योजना का खुलासा किया. नायडू ने घोषणा की, “सरकार केवल दो से अधिक बच्चों वाले लोगों को स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने के लिए पात्र बनाने के लिए कानून लाने की योजना बना रही है.” बढ़ती उम्रदराज आबादी पर जाहिर की चिंता इस कदम का उद्देश्य परिवारों को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करना और आने वाले वर्षों में एक युवा, अधिक जीवंत आबादी सुनिश्चित करना है. नायडू ने आंध्र प्रदेश सहित दक्षिण भारत में बढ़ती उम्रदराज आबादी के उभरते मुद्दे पर प्रकाश डाला.  उन्होंने कहा, “हालांकि हमारे पास 2047 तक जनसांख्यिकीय लाभ है, लेकिन दक्षिण भारत में उम्र बढ़ने की समस्या के संकेत दिखाई देने लगे हैं. जापान, चीन और कुछ यूरोपीय देशों जैसे कई देश इस मुद्दे से जूझ रहे हैं, जहां आबादी का एक बड़ा हिस्सा बुजुर्ग है.” उन्होंने कहा कि बेहतर अवसरों की तलाश में युवा लोगों के देश के दूसरे हिस्सों या विदेश में पलायन के कारण दक्षिणी राज्यों में यह चुनौती और भी बदतर हो गई है. ट्रेंड जारी रहा तो दिक्कतें बढ़ेंगी- नायडू CM नायडू ने कहा, “आंध्र प्रदेश और देश भर के कई गांवों में केवल बुजुर्ग लोग ही बचे हैं. युवा पीढ़ी शहरों में चली गई है.” नायडू ने आगे कहा कि दक्षिणी राज्यों में प्रजनन दर पहले ही 1.6 तक गिर गई है, जो राष्ट्रीय औसत 2.1 से काफी कम है. उन्होंने चेताते हुए कहा, “अगर प्रजनन दर में गिरावट जारी रही, तो हम 2047 तक गंभीर वृद्धावस्था समस्या का सामना करेंगे, जो वांछनीय नहीं है.”

उपराष्ट्रपति ने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा- स्वतंत्रता के इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई और वंचितों को श्रेय नहीं मिला

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय में आयोजित प्रथम दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की और गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों को पुरस्कृत किया। समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि स्वतंत्रता के इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई और वंचितों को श्रेय नहीं मिला। दुर्भाग्य है कि स्वाधीनता की लड़ाई में योगदान देने वाले महान नायकों की प्रेरक कहानियों का हमारी पाठ्य पुस्तकों में अब तक कोई उल्लेख नहीं है। यह दर्दनाक है कि स्वतंत्रता के इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई और वंचितों को इसका श्रेय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों को चरित्र निर्माण की धुरी बनना होगा। प्राचीन काल से ही भारत में शिक्षा को महत्ता दी गई है। शिक्षा व्यावसायीकरण से प्रेरित नहीं होनी चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, शिक्षा प्रणाली को बदलने के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप है। युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम के वास्तविक नायकों के बारे में जागरूक करना हमारा परम कर्तव्य है। यह सुखद है कि हाल के दिनों में हम पूरे देश में अपने गुमनाम नायकों या सुप्रसिद्ध नायकों का जोरदार जश्न मना रहे हैं। इतिहासकारों की अगली पीढ़ी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान इस पीढ़ी को प्रेरित करें। धनखड़ ने कहा कि सभ्यताएं और संस्थाएं अपने नायकों से जीवित रहती हैं। राजा महेंद्र प्रताप सिंह स्वतंत्रता संग्राम के एक नायक थे, जिन्हें हमारे स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में जगह दी जानी चाहिए थी। उनके जैसे नायकों के बलिदान के कारण ही आज हम एक स्वतंत्र वातावरण में जी रहे हैं। स्वतंत्रता संग्राम में राजा महेंद्र प्रताप सिंह के योगदान पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि 1915 में सिंह ने काबुल में भारत की पहली अस्थायी सरकार की स्थापना की थी, जो स्वतंत्रता उद्घोष करने का एक बहुत बढ़िया विचार था। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह को याद करते हुए कहा कि हमें अपने नायकों को पहचानने में इतना समय क्यों लगा। डॉ. अंबेडकर को सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ देर से दिया गया। वर्ष 1990 में डॉ अंबेडकर, और 2023 में चौधरी चरण सिंह तथा कर्पूरी ठाकुर को सम्मानित किया गया।

म्यांमार में यात्री नौका पलटने से आठ लोगों की मौत, 18 लापता

यांगून दक्षिणी म्यांमार में एक यात्री नौका पलट गई। इस हादसे में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और 18 लोग लापता बताए जा रहे हैं। मायिक अग्निशमन सेवा विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि 11 घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि दुर्घटना रविवार को स्थानीय समयानुसार रात करीब 9:15 बजे तनिन्थयी क्षेत्र में मायिक जिले के पलाव कस्बे में हुई। अधिकारी ने बताया कि बताया कि यह दुर्घटना स्ट्रॉन्ग भंवर की वजह से हुई। इसने नौका को पलट दिया। उन्होंने कहा, “क्षेत्र में खराब मौसम और इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण हमें आगे की जानकारी प्राप्त करने में परेशानी हो रही है।” उन्होंने कहा कि मृतकों और लापता लोगों की संख्या बढ़ सकती है। बचाव और खोज अभियान अभी भी जारी है। बता दें कि हाल ही में दक्षिणी म्यांमार के तनिन्थयी क्षेत्र में एक तेल वाहक जहाज में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई थी और तीन घायल हो गए थे। स्थानीय अग्निशमन विभाग ने बताया था कि यह घटना क्षेत्र के दावेई टाउनशिप के एक बंदरगाह पर हुई थी। उस समय एक तेल टैंकर दूसरे तेल स्टोरेज जहाज (पोत) में तेल भर रहा था, तभी तेल स्टोरेज जहाज में आग लग गई थी। दावेई अग्निशमन सेवा विभाग के एक अधिकारी ने बताया था कि मृतकों में सात पुरुष और एक महिला शामिल थी। जबकि दो पुरुष और एक महिला घायल हुई थी।

तस्लीमा नसरीन ने एक्स पर लिखा, प्रिय अमित शाहजी नमस्कार, ‘मुझे भारत में रहने दीजिए’, लगाई गुहार

नई दिल्ली बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन भारत में अपने रेजिडेंस परमिट को लेकरपरेशान हैं। उन्होंने सोमवार को इस संबंध में एक ट्वीट करके गृहमंत्री अमित शाह से भी गुहार लगाई। तस्लीमा नसरीन ने एक्स पर लिखा, “प्रिय अमित शाहजी नमस्कार। मैं भारत में रहती हूं क्योंकि मुझे इस महान देश से प्यार है। पिछले 20 सालों से यह मेरा दूसरा घर रहा है। लेकिन गृह मंत्रालय जुलाई 22 से मेरे रेजिडेंस परमिट को आगे नहीं बढ़ा रहा है। मैं बहुत चिंतित हूं। अगर आप मुझे रहने देंगे तो मैं आपकी बहुत आभारी रहूंगी। हार्दिक शुभकामनाएं।” बता दें तस्लीमा नसरीन 1990 के दशक की शुरुआत में अपने निबंधों और उपन्यासों के कारण खासी चर्चित रहीं। उनके लेखन में उन्होंने ‘उन धर्मों’ की आलोचना की, जिन्हें वे ‘महिला विरोधी’ मानती हैं। नसरीन 1994 से निर्वासन में रह रही हैं। यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका में एक दशक से अधिक समय तक रहने के बाद, वह 2004 में भारत आ गईं। तस्लीमा नसरीन के 1994 में आए ‘लज्जा’ उपन्यास ने पूरी दुनिया के साहित्यिक जगत का ध्यान खींचा था। यह पुस्तक दिसंबर 1992 में भारत में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद बंगाली हिंदुओं के खिलाफ हिंसा, बलात्कार, लूटपाट और हत्याओं के बारे में लिखी गई थी। पुस्तक पहली बार 1993 में बंगाली में प्रकाशित हुई और बाद में बांग्लादेश में प्रतिबंधित कर दी गई। फिर भी प्रकाशन के छह महीने बाद इसकी हजारों प्रतियां बिकीं। ऐसा कहा जाता है कि इसके बाद उन्हें मौत की धमकियां मिलने लगी जिसके चलते उन्हें देश छोड़ने को मजबूर होना पड़ा।

टाटा ग्रुप देश का सबसे बेहतर कारोबारी ग्रुप है: वैश्विक निवेशक मार्क मोबियस

नई दिल्ली वैश्विक निवेशक मार्क मोबियस की ओर से सोमवार को कहा गया कि टाटा ग्रुप देश का सबसे बेहतर कारोबारी ग्रुप है। साथ ही उन्होंने बताया कि वह कुछ वर्षों पहले रतन टाटा से मिले थे। वे दिग्गज भारतीय कारोबारी होने के बाद भी विनम्र थे। ‘एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2024’ में मोबियन ने अपने निवेश मंत्रा पर बात करते हुए आगे कहा कि वह निवेश के दौरान कंपनी में रिटर्न-ऑन-इक्विटी, डेट-टू-इक्विटी और मैनेजमेंट की क्वालिटी देखते हैं। वहीं, उन्होंने आगे कहा कि वह निवेश के दौरान प्राइस-टू-अर्निंग (पीई) रेश्यो को ज्यादा महत्व नहीं देते हैं, क्योंकि यह कंपनी के पुराने प्रदर्शन को दिखाता है। मोबियस ने कहा कि भारत आने वाले समय में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक लीडर बनने जा रहा है। इसकी वजह भारत में मांग, अच्छी अर्थव्यवस्था और एक मजबूत सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम होना है। दिग्गज निवेशक ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटलीकरण कार्यक्रम का लाभ सभी लोगों को मिला है। यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) से टैक्स सिस्टम का एकीकरण किया है, जो कि एक बहुत बड़ा बदलाव है। मोबियस ने युवा निवेशकों को सलाह देते हुए कहा कि कभी भी बाजार में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। आपको बाजार को अच्छे से समझना चाहिए और तर्क के आधार पर चुने हुए शेयरों में निवेश करना चाहिए। मोबियस ने जोर देते हुए कहा कि अगर देश को समृद्ध बनाना है तो बाजार आधारित अर्थव्यवस्था बनानी होगी। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान भी जानते हैं कि किसी भी देश में पैसा कमाने के लिए बाजार आधारित अर्थव्यवस्था होना जरूरी है। बाजार अर्थव्यवस्था के लिए आपको पूंजी जुटाने के लिए शेयर बाजारों की आवश्यकता होती है।

जब प्रमुख वैश्विक मुद्दों को सुलझाने की बात आती है तो पूरा विश्व भारत के नेतृत्व की ओर देखता है: भूटान के पीएम

नई दिल्ली भूटान के पीएम शेरिंग तोबगे ने पिछले 10 वर्षों में भूटान के आर्थिक विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जब प्रमुख वैश्विक मुद्दों को सुलझाने की बात आती है तो पूरा विश्व, विशेष रूप से ग्लोबल साउथ, भारत के नेतृत्व की ओर देखता है। शेरिंग तोबगे ने कहा, “दुनिया को भारत की जरूरत है। यह कई कारणों से भारत की सदी है – भारत की आबादी दुनिया में सबसे ज्यादा है और यह लगातार बढ़ रही है। भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, यदि कोविड न होता तो पांच ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर जाती। भारत के पास सबसे बड़ा उपभोक्ता आधार है और विशेष रूप से उन्नत देशों में बहुत बड़ा प्रवासी समुदाय है। हर मायने में यह भारत की सदी है।’ भूटाने के पीएम ने सोमवार को समिट में ‘भारत भूटान संबंध: अगला चरण’ विषय पर आयोजित चर्चा के दौरान कहा, “एक चीज जो सबसे अलग है, वह है भारत का नेतृत्व। न केवल भारतीय बल्कि पूरा ग्लोबल साउथ भारत के नेतृत्व पर भरोसा करता है।” पश्चिम बंगाल के कलिम्पोंग में जन्मे 59 वर्षीय नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के पिछले दो कार्यकालों का इस्तेमाल आने वाले वर्षों में भारत को आगे ले जाने के लिए किया जाएगा। हिमालयी देश के प्रधानमंत्री ने कहा, “अगर कोई देश किसी समस्या का समाधान कर सकता है, तो वह भारत है। आर्थिक समस्याओं की बात आने पर दुनिया भारतीय बाजारों की ओर देखती है। कोविड महामारी के दौरान दुनिया ने टीकों और दवाओं के लिए भारत की ओर देखा। यहां तक ​​कि रूस और यूक्रेन, अगर कोई व्यक्ति संघर्ष को सुलझा सकता है, तो मेरा मानना ​​है कि वह प्रधानमंत्री मोदी हैं।” प्रधानमंत्री मोदी को अपना ‘भाई’ बताते हुए तोबगे ने कहा कि जब भी भूटान को किसी भी प्रकार की मदद की जरूरत हुई, प्रधानमंत्री मोदी सहायता के लिए तैयार थे।

एलएसी पर पेट्रोलिंग व्यवस्था को लेकर हुए भारत-चीन समझौते को ‘सकारात्मक कदम’ बताया: एस. जयशंकर

नई दिल्ली विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर पेट्रोलिंग व्यवस्था को लेकर हुए भारत-चीन समझौते को ‘सकारात्मक कदम’ बताया। हालांकि उन्होंने परिणामों के बारे में बहुत जल्दी अनुमान न लगाने की सलाह दी। इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार दोपहर घोषणा की कि पिछले कई हफ्तों से चल रही चर्चाओं के बाद दोनों देश एलएसी पर गश्त व्यवस्था को लेकर एक समझौते पर पहुंचे हैं, जिसके परिणामस्वरूप सैनिकों की वापसी हुई और अंततः जून 2020 में गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद क्षेत्र में उत्पन्न मुद्दों का समाधान हो रहा है। समिट में बोलते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यह समझौता, उस शांति और सौहार्द का आधार तैयार करता है, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में होना चाहिए और जो 2020 से पहले मौजूद भी था। पिछले कुछ वर्षों से द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के लिए भारत की यही प्रमुख चिंता रही है। जयशंकर ने कहा, “हमने हमेशा यह माना है कि एक तरफ, हमें स्पष्ट रूप से जवाबी तैनाती करनी थी…लेकिन, साथ ही, हम सितंबर 2020 से बातचीत भी कर रहे हैं। यह एक बहुत ही धैर्यपूर्ण प्रक्रिया रही है, शायद यह जितनी हो सकती थी उससे कहीं अधिक जटिल प्रक्रिया थी। तथ्य यह है कि यदि हम, पेट्रोलिंग करने और एलएसी की पवित्रता का पालन करने को लेकर एक समझ बना पाते हैं, तो, मुझे लगता है, उस शांति का आधार बनेगा जो सीमा क्षेत्रों में होना चाहिए और 2020 से पहले वहां मौजूद थी।” बता दें चीनी पक्ष ने जब भारत-चीन सीमा पर एलएसी का उल्लंघन करने का प्रयास किया, तो नई दिल्ली ने यह स्पष्ट कर दिया कि जमीन पर शांति और स्थिरता बनाए रखना प्रासंगिक द्विपक्षीय समझौतों, प्रोटोकॉल और दोनों सरकारों के बीच बनी समझ के अनुसार होना चाहिए। हालांकि, विदेश मंत्री ने सावधानी बरतने और परिणामों के बारे में बहुत जल्दी अनुमान न लगाने की सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि समझौता अभी हुआ है और अगले कदमों की योजना बनाने के लिए चर्चा और बैठकें होंगी। विदेश मंत्री ने कहा, “हम पड़ोसी हैं और हमारे बीच सीमा विवाद अभी तक सुलझा नहीं है। वे बढ़ रहे हैं और हम भी बढ़ रहे हैं।’

प्रज्वल रेवन्ना को रेप केस में जमानत देने से किया इनकार, हाई कोर्ट से लगा बड़ा झटका

कर्नाटक कर्नाटक हाई कोर्ट ने जनता दल (एस) के निलंबित नेता प्रज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका खारिज कर दी है। प्रज्वल रेवन्ना पर रेप और यौन उत्पीड़न के आरोप हैं। इस मामले की सुनवाई जस्टिस नागप्रसन्ना की अदालत में हुई, जिसने एक महीने पहले अपना फैसला सुरक्षित रखा था। प्रज्वल रेवन्ना पर यौन उत्पीड़न और रेप के तीन मामले दर्ज हैं। इन मामलों में उनकी जमानत की मांग को कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। वकील की दलीलें प्रज्वल रेवन्ना के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभुलिंग के. नवदगी ने सुनवाई के दौरान कई दलीलें पेश कीं। उन्होंने कहा कि जिस महिला ने रेवन्ना पर अवैध तरीके से घर से निकाले जाने का आरोप लगाया, उसने पहले यौन दुर्व्यवहार का आरोप नहीं लगाया था। इस दलील का उद्देश्य यह दिखाना था कि आरोपों में कुछ inconsistencies हैं। नवदगी ने इस पर जोर दिया कि पहले आरोप के बिना, यौन दुर्व्यवहार के मामले को उचित तरीके से नहीं देखा जा सकता। फोरेंसिक रिपोर्ट की दलील प्रभुलिंग के. नवदगी ने आगे दलील दी कि फोरेंसिक रिपोर्ट में जिस कथित वीडियो का जिक्र किया गया है, उससे प्रज्वल रेवन्ना के संबंध का कोई ठोस सबूत नहीं मिलता। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इस रिपोर्ट में जो जानकारी दी गई है, वह रेवन्ना के खिलाफ सीधा आरोप साबित नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि रेवन्ना के फोन में किसी आपराधिक वीडियो के होने का कोई सबूत नहीं है। नवदगी ने यह स्पष्ट किया कि जिस फोन पर सवाल उठाया जा रहा है, वह वास्तव में रेवन्ना के ड्राइवर कार्तिक का है, न कि रेवन्ना का। आईटी अधिनियम के आरोप प्रज्वल रेवन्ना के वकील, नवदगी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 66ई के तहत जो आरोप लगे हैं, वे रेवन्ना पर सीधे तौर पर नहीं हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि शिकायत में देरी के कारण कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला है, जिसका हवाला सुप्रीम कोर्ट के फैसले से दिया गया। राज्य की ओर से दलीलें राज्य की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक प्रोफेसर रवि वर्मा कुमार ने कहा कि पीड़ित को रेवन्ना ने धमकाया था, और शिकायत में देरी के कारणों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक साक्ष्य रेवन्ना के खिलाफ हैं, खासकर पीड़ित की बेटी के आरोपों के संबंध में। इस प्रकार, कर्नाटक हाई कोर्ट ने प्रज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका को खारिज कर दिया, जिससे उनकी कानूनी स्थिति और भी जटिल हो गई है।

इन्फ्लूएंजा वायरस दो महीने से 10 साल के बच्चों को आसानी से अपनी जकड़ में ले रहा, पंजाब में हुआ सक्रिय

अमृतसर मौसम के करवट लेते ही इन्फ्लूएंजा वायरस सक्रिय हो गया है। इन्फ्लूएंजा वायरस दो महीने से 10 साल के बच्चों को आसानी से अपनी जकड़ में ले रहा है। सरकारी अस्पतालों तथा प्राइवेट डॉक्टर के पास बड़ी तादाद में उक्त वर्ग के बच्चे उपचार के लिए आ रहे हैं। इन्फ्लूएंजा वायरस के लक्षण कोरोना वायरस से मिलते जुलते हैं। अभिभावक यदि उक्त वायरस को हल्के में लेते हैं तो कई बार यह वायरस घातक भी बच्चों के लिए साबित हो सकता है। जानकारी अनुसार मौसम के करवट लेते ही इन्फ्लूएंजा वायरस तेजी से फैल रहा है। यह वायरस अक्तूबर से मई तक अपना असर दिखाता है। पिछले समय के दौरान कोरोना वायरस भी एकदम तेजी से फैला था तथा तब भी लोगों में जागरूकता की कमी होने के कारण कई मरीजों की जान जा चुकी थी परंतु अब इन्फ्लूएंजा वायरस कोरोना वायरस से मिलते जुलते लक्षणों वाला सामने आने लगा है। इन्फ्लूएंजा जो श्वास मनाली से संबंधित बीमारी को फ्लू भी कहा जाता है। यह ऐसी बीमारी है जो आपको इन्फ्लूएंजा वायरस से होती है। इसके कारण सिर और शरीर में दर्द, गले में खराश, बुखार और सांस संबंधी लक्षण जैसे लक्षण होते हैं, जो गंभीर हो सकते हैं। फ्लू सर्दियों के महीनों में सबसे आम है, जब कई लोग एक साथ बीमार हो सकते हैं। सबसे ज़्यादा मामले (पीक) आमतौर पर दिसंबर और फरवरी के बीच होते हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेज के अधीन आने वाले बच्चा विभाग तथा अन्य स्वास्थ्य विभाग के सरकारी अस्पतालों की बात करें तो वहां पर बड़ी तादाद में उक्त लक्षण वाले बच्चे उपचार के लिए अभिभावक लेकर आ रहे हैं। यहां तक कि जिले के प्रसिद्ध छाती रोग विशेषज्ञों के पास भी उक्त लक्षण वाले बच्चे उपचार पाने के लिए आ रहे हैं। फ्लू तथा सामान्य सर्दी में अंतर इंडियन मैडीकल एसोसिएशन के टी.बी. कंट्रोल प्रोग्राम के नोडल अधिकारी तथा प्रसिद्ध छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेश चावला ने बताया कि फ्लू तथा सामान्य सर्दी के लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, जैसे बहती नाक और खांसी, लेकिन सर्दी के लक्षण आमतौर पर हल्के होते हैं और फ्लू के लक्षण गंभीर हो सकते हैं और गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकते हैं। अलग-अलग वायरस सर्दी और फ्लू का कारण बनते हैं। कुछ स्वास्थ्य स्थितियाँ आपको फ्लू से गंभीर बीमारी के जोखिम में डाल सकती हैं। इसमें जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली जटिलताएँ शामिल हैं जिनके लिए अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है। अस्थमा, सी.ओ.पी.डी. या अन्य दीर्घकालिक फेफड़ों की बीमारी हो तथा इसके अलावा स्ट्रोक सहित किडनी, लीवर, न्यूरोलॉजिकल, हृदय या रक्त वाहिकाओं की बीमारी इत्यादि वाले मरीज फ्लू की जकड़ में आने से गंभीर अवस्था में पहुंच सकते हैं। हर वर्ष लाखों बच्चे फ्लू की जकड़ में आते हैं इंडियन मैडीकल एसोसिएशन के सक्रिय मेंबर तथा प्रसिद्ध मैडीसिन रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रजनीश शर्मा ने बताया कि फ्लू के हर वर्ष भारत में लाखों बच्चे जकड़ में आते हैं। इसके अलावा सीज़न में, अमेरिका में लगभग 20 से 40 मिलियन लोग फ्लू की चपेट में आते हैं। इन्फ्लूएंजा वायरस फ्लू का कारण बनता है। इन्फ्लूएंजा ए, बी और सी सबसे आम प्रकार हैं जो लोगों को संक्रमित करते हैं। इन्फ्लूएंजा ए और बी मौसमी हैं, (अधिकांश लोग सर्दियों में इनसे पीड़ित होते हैं) और इनके लक्षण अधिक गंभीर होते हैं। इन्फ्लूएंजा सी गंभीर लक्षण पैदा नहीं करता है और यह मौसमी नहीं है – पूरे वर्ष इसके मामलों की संख्या लगभग समान रहती है।  

खालिस्तानी आतंकी पन्नू की धमकी- 1 से 19 नवम्बर तक ना करें Flights में सफर

गुरदासपुर सिख फार जस्टिस प्रतिबंधित संगठन के संस्थापक खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की नई धमकी, 1 से 19 नवम्बर तक एयर इंडिया के विमानों को बम से उड़ाने की धमकी दी। खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने सिख विरोधी दंगों की 40वीं बरसी का हवाला देते हुए 1 से 19 नवम्बर के बीच एयर इंडिया पर हमले की चेतावनी दी है। पन्नू द्वारा जारी वीडियों में सिख विरोधी दंगों की 40वीं बरसी पर हमले की चेतावनी देते हुए कहा कि लोग इन दिनों में एयर इंडिया विमानों पर सफर न करें। यह धमकी ऐसे समय में आई है जब भारत में एयरलाइंस को कई फर्जी संदेशों का सामना करना पड़ रहा है। पन्नु ने 2023 में लगभग इसी समय इसी तरह की धमकियां दी थी। खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने सोमवार को यात्रियों को 1 से 19 नवम्बर तक एयर इंडिया की उड़ानों में न चढऩे की चेतावनी दी। उन्होंने दावा किया कि एयर इंडिया की उड़ान पर कुछ निश्चित तारीखों के दौरान हमला किया जा सकता है, जो सिख धर्म की 40वीं वर्षगांठ के नरसंहार के साथ मेल खाता है। कनाडा और अमेरिका की दोहरी नागरिकता रखने वाले सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के संस्थापक ने पिछले साल भी इसी तरह की धमकी दी थी। ोवही दूसरी और दिल्ली स्थित एक उच्च अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने के आश्वासन पर कहा कि गुरपतवंत सिंह पन्नु एक तरफ अपनी जान बचाता फिर रहा है,वही दूसरी और इस तरह की धमकियां देना तथा आतंकवादी घटनाए करने वालों को इनाम देने की घोषणाए करना उसका शौंक बन चुका है। पन्नु ने आज तक जो इनाम देने की घोषणाए की थी उस संबंधी विदेशों से करोड़ों डालर तो वह इक्कठा करने में सफल रहा,पंरतु आज तक उसने एक पैसा भी किसी को इनाम में नही दिया। आतंकवाद को हवा देते रहना उसकी दुकानदारी व मजबूरी है,जबकि पन्नु एक डरपोक व्यक्ति  तथा मानसिक रोगी है। भारत सरकार पन्नु की हर चुनौती का सामना करने को तैयार है।  

गुरुग्राम को बेहतर बनाने के लिए परिवार की तरह करना होगा काम, हर महीने होगी समीक्षा बैठक: विधायक मुकेश शर्मा

गुड़गांव गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा ने कहा कि विकसित, स्वच्छ, हराभरा, सुंदर व बेहतर गुरुग्राम बनाने के लिए हम सभी को एक परिवार की तरह कार्य करना होगा। इसके तहत जनता को समयबद्ध तरीके से सडक़, सीवरेज, पेयजल, सफाई, पार्क, ग्रीन बेल्ट, सामुदायिक केन्द्र आदि मूलभूत सुविधाएं बेहतर ढंग से मुहैया करवाई जाएंगी। विधायक ने उक्त बात सोमवार को स्थानीय लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में नगर निगम गुरुग्राम के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारे नाम की नहीं, बल्कि काम की चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने स्वच्छ, विकसित व सुंदर गुरुग्राम बनाने के लिए 100 दिन का लक्ष्य लिया है, जिसे पूरा करने में अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सफाई व सीवरेज कार्य से संबंधित टेंडर करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि संबंधित एजेंसी के पास पर्याप्त संख्या में मैनपावर व मशीनरी उपलब्ध हो। विधायक ने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम के अधीन जितनी भी सड़के आती हैं, उन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाएगा, ताकि नागरिकों व वाहन चालकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने सभी कार्यकारी अभियंताओं से कहा कि वे अगले माह आयोजित होने वाली बैठक से पूर्व सड़क दुरुस्तीकरण कार्य को पूरा करवाएं। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क निर्माण संबंधी टैंडर करते समय गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा इस प्रकार की व्यवस्था की जाए कि सड़क निर्माण के कम से कम 5 वर्ष तक उसकी मरम्मत व रख-रखाव की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की ही हो। उन्होंने सेक्टर-4, सेक्टर-56, सेक्टर-45 व बसई रोड़ की सडक़ों को दुरूस्त करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। विधायक ने कहा कि निगम सीमा में सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या का बेहतर समाधान किया जाएगा तथा अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर कार्यों का जायजा लेंगे। इसके साथ ही जितने भी सीवर के ढक्कन टूटे हुए हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से बदलने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिदिन किए जाने वाले कार्य की प्रगति रिपोर्ट उच्च अधिकारियों के साथ-साथ उन्हें भी भेजी जाए, ताकि वे स्वयं भी मौका निरीक्षण कर सकें। विधायक ने कहा कि स्वच्छ गुरुग्राम बनाना उनकी प्राथमिकता सूची में है तथा इसके लिए संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सेकेंडरी कलेक्शन प्वाइंटों की सतह पक्की हो तथा वहां पर प्रतिदिन आने वाले कचरे का उठान उसी दिन ही सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने तथा कचरा अलगाव के बारे में प्रेरित करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। उन्होंने सडक़ों, गलियों, सार्वजनिक स्थानों आदि की नियमित सफाई सुनिश्चित करने की बात भी बैठक में कही। बैठक में छात्रों को बेहतर करने, दिवाली से पूर्व सभी स्ट्रीट लाइटों को जगमग करने, शीतला माता के नाम पर भव्य द्वार बनाने, गुरु द्रोण के नाम से पार्क या द्वार बनाने, हर क्षेत्र या कॉलोनी में निगम की बची हुई जमीनों पर सामुदायिक केन्द्र निर्माण, रेवेन्यू रास्तों का निर्माण, सदर बाजार को अतिक्रमण मुक्त व स्वच्छ, सुरक्षित बाजार बनाने, अवैध रूप से चल रही मांस-मछली की दुकानों पर कार्रवाई करने आदि पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सीवरेज की समस्या के समाधान के लिए एक कमेटी बनाने का भी निर्णय लिया गया, जिसमें दो निवर्तमान पार्षदों सहित नगर निगम के दो अधिकारी शामिल होंगे। इस मौके पर नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त डा. नरहरि सिंह बांगड़ ने विधायक का स्वागत किया तथा कहा कि स्वच्छ व सुंदर गुरुग्राम बनाने की दिशा में नगर निगम द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet