LATEST NEWS

पंजाब में किसानों द्वारा कल राज्य के सभी टोल प्लाजा फ्री करवाएं जाएंगे

पंजाब पंजाब के लोगों के लिए जरूरी खबर है। दरअसल, किसानों द्वारा कल यानी 17 अक्टूबर को राज्य के सभी टोल प्लाजा फ्री करवाएं जाएंगे। जानकारी के अनुसार भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने धान की खरीद उचित तरीके से न होने के विरोध में टोल प्लाजा को फ्री करवाने का फैसला लिया है।  किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां और महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां ने बताया कि संगठन की 5 सदस्यीय राज्य नेतृत्व टीम ने उक्त फैसला लिया है। फैसले के अनुसार दोनों तरह के मार्च लगातार दिन-रात जारी रहेंगे। वहीं ये प्रदर्शन केंद्र और पंजाब सरकार दोनों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा घोषित संघर्ष धान की निर्बाध खरीद होने तक जारी रहेगा। बता दें कि संगठन ने शुक्रवार से विधायकों, मंत्रियों और भाजपा नेताओं के घरों के बाहर स्थायी मोर्चा लगाने का ऐलान किया है। इसी के साथ पंजाब रोडवेज व PRTC के मुलाजिमों ने भी 21 अक्टूबर को बसों का चक्का जाम करने जा रहे है।

कनाडा राजनयिक विवाद में ब्रिटेन की एंट्री, कहा- भारत सही ट्रैक पर

लंदन ब्रिटेन ने भारत और कनाडा के बीच जारी राजनयिक विवाद के संदर्भ में बुधवार को कहा कि कनाडा की कानूनी प्रक्रिया के साथ भारत सरकार का सहयोग ‘‘गंभीर घटनाक्रम” पर अगला सही कदम है। विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय ने यहां एक बयान में कहा कि वह ‘‘भारत सरकार से जुड़ी कनाडाई जांच” को लेकर कनाडा के साझेदारों के संपर्क में है और उसने ओटावा की न्यायिक प्रणाली पर विश्वास जताया। यह बयान तब आया है जब इससे पहले भारत ने कनाडा के छह राजनयिकों को निष्कासित कर दिया और कनाडा में अपने उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा को वापस बुला लिया। भारत ने इस सप्ताह की शुरुआत में कनाडा के आरोपों को ‘बेतुका’ बताते हुए इन्हें जस्टिन ट्रूडो सरकार के राजनीतिक एजेंडे से जुड़ा बताया, जो वोट बैंक की राजनीति पर केंद्रित है। एफसीडीओ के बयान से दो दिन पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने सोमवार को कनाडा के अपने समकक्ष जस्टिन ट्रूडो से फोन पर बातचीत की थी। ब्रिटेन और कनाडा ‘फाइव आइज’ नामक एक गठबंधन का हिस्सा हैं जिसमें ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और अमेरिका भी शामिल है। एफसीडीओ के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम कनाडा में स्वतंत्र जांच में सामने आए गंभीर घटनाक्रम को लेकर अपने कनाडाई साझेदारों के संपर्क में हैं।” प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ब्रिटेन को कनाडा की न्यायिक प्रणाली पर पूरा भरोसा है। संप्रभुत्ता तथा कानून के शासन के लिए सम्मान आवश्यक है। कनाडा की कानूनी प्रक्रिया में भारत सरकार का सहयोग अगला सही कदम है।” पिछले साल सितंबर में प्रधानमंत्री ट्रूडो द्वारा खालिस्तानी चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की ‘संभावित’ संलिप्तता के आरोपों के बाद भारत और कनाडा के बीच संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया है। भारत ने कनाडा में आपराधिक गिरोहों से भारतीय एजेंटों को जोड़ने के कनाडाई प्राधिकारियों के प्रयासों को दृढ़ता से खारिज किया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत सरकार इन बेतुके आरोपों को सिरे से खारिज करती है और उन्हें ट्रूडो सरकार के राजनीतिक एजेंडे से जुड़ा बताती है, जो वोट बैंक की राजनीति पर केंद्रित है।” इसमें कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री ट्रूडो ने सितंबर 2023 में कुछ आरोप लगाए थे और कनाडा सरकार ने तब से हमारी ओर से कई अनुरोधों के बावजूद भारत सरकार के साथ सबूतों का एक अंश भी साझा नहीं किया है।” बयान में कहा गया, ‘‘इससे कोई संदेह नहीं रह जाता कि जांच के बहाने राजनीतिक लाभ के लिए यह भारत को बदनाम करने की जानबूझकर रची गई रणनीति है।” ब्रिटेन सरकार ने स्टॉर्मर और ट्रूडो के बीच फोन पर बातचीत के बाद एक बयान में कहा था, ‘‘उन्होंने कनाडा में आरोपों की जांच के संबंध में हाल के घटनाक्रम पर चर्चा की। दोनों ने कानून के शासन के महत्व पर सहमति व्यक्त की। वे जांच के निष्कर्ष पर पहुंचने तक करीबी संपर्क में रहने के लिए सहमत हुए।”    

लैंड घोटाले की जांच के बीच MUDA के अध्यक्ष मारी गौड़ा ने अपने पद से दिया इस्तीफा, सिद्धारमैया के हैं करीबी

नई दिल्ली मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) के अध्यक्ष मारी गौड़ा ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे के पीछे उन्होंने अपने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है। उल्लेखनीय है कि उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उनकी पत्नी बीएन पार्वती और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ चल रहे भूमि घोटाले की जांच राज्य और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही है। बताया जा रहा है मारी गौड़ा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मारी गौड़ा लंबे समय से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के सहयोगी रहे हैं। गौड़ा 1983 से सिद्धारमैया के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने 1995 में मैसूरु तालुक पंचायत के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दीं और 2000 में जिला पंचायत के उपाध्यक्ष बने। 2008 में उन्हें प्रमोशन देकर शीर्ष पद पर नियुक्त किया गया था। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अभी तक उनके इस्तीफे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर लोकायुक्त और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच की जा रही है। सिद्धारमैया और उनकी पत्नी बीएन पार्वती पर मैसूरु के विजयनगर क्षेत्र में 14 प्लॉट आवंटित किए गए प्लॉट को लेकर सवाल उठे थे। हाल ही में सिद्धारमैया की पत्नी ने प्लॉट लौटाने की पेशकश की थी। जिसे वापस लेने पर प्राधिकरण ने सहमति जताई, लेकिन यह स्पष्ट किया कि इससे जांच पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बीएन पार्वती ने पहले MUDA को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह पहले से ही इन प्लॉटों को छोड़ने की योजना बना रही थीं लेकिन उन्हें यह कहते हुए सलाह दी गई कि उनके पति के खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। इसके बाद, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उनकी पत्नी राजनीति की घृणा की राजनीति का शिकार हो रही हैं और उन्हें मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अपनी पत्नी के फैसले का सम्मान किया।

इंजीनियर रशीद का दावा- पीएम मोदी ने फारूक और उमर से सलाह लेने के बाद हटाया था आर्टिकल 370

श्रीनगर नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। उनके साथ पांच अन्य मंत्रियों ने भी मंत्रीपद की शपथ ली है। इस बीच, अवामी इत्तेहाद पार्टी के अध्यक्ष और सांसद शेख अब्दुल रशीद उर्फ ​​इंजीनियर रशीद ने बुधवार को आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाने के मामले में फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलीभगत की है। रशीद ने दावा किया कि पीएम मोदी ने यह कदम उठाने से पहले अब्दुल्ला परिवार से सलाह ली थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने घाटी में नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) को फिर से सत्ता में लाने में मदद की। मीडिया से बात करते हुए रशीद ने कहा, “उमर अब्दुल्ला राज्य के दर्जे, अनुच्छेद 370 और 35ए की बात करते हैं… उमर अब्दुल्ला 370 से भाग रहे हैं। जब पीएम मोदी ने अनुच्छेद 370 को हटाया, तो उससे 3 दिन पहले उन्होंने फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात की थी… मुलाकात के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कुछ भी नहीं हटने वाला था, लेकिन इसे हटा दिया गया और फारूक और उमर अब्दुल्ला को गेस्ट हाउस में रखा गया। ऐसा लगता है कि फारूक और उमर अब्दुल्ला इसमें शामिल थे।” रशीद ने कहा, “पीएम मोदी ने उनसे सलाह-मशविरा करने के बाद अनुच्छेद 370 हटाया। यह सब मैच फिक्सिंग थी। इसमें कोई संदेह नहीं है कि भाजपा ने एनसी को सत्ता में आने में मदद की।” अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया। 2005 में, इंजीनियर राशिद को आतंकवादियों का समर्थन करने के आरोप में श्रीनगर में विशेष अभियान समूह (एसओजी) द्वारा गिरफ्तार किया गया था और तीन महीने और 17 दिनों तक हिरासत में रखा गया था। उन पर राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के आरोप लगे और उन्हें कार्गो, हुमहामा और राज बाग जेलों में रखा गया। हालांकि, बाद में श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मानवीय आधार पर उनके खिलाफ सभी आरोप हटा दिए। अगस्त 2019 में, राशिद को फिर से गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया गया। अपनी कैद के दौरान, उन्होंने जेल से 2024 के संसदीय चुनावों के लिए अपना नामांकन दाखिल किया और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को हराकर 204,000 मतों के अंतर से जीत हासिल की। सुरिंदर चौधरी को बनाया गया डिप्टी सीएम जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को पार्टी नेता सुरिंदर चौधरी को उप-मुख्यमंत्री चुना है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने नौशेरा से चौधरी को इस पद के लिए इसलिए चुना क्योंकि वह क्षेत्र को लोगों को प्रतिनिधित्व देने के साथ ही अपनी सरकार को समावेशी बनाना चाहते हैं। नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद पत्रकारों से कहा, ”हमारा प्रयास सभी को साथ लेकर चलना होगा।” अब्दुल्ला के साथ पांच मंत्रियों – सकीना मसूद (इटू), जावेद डार, जावेद राणा, सुरिंदर चौधरी और सतीश शर्मा ने भी पद की शपथ ली। अब्दुल्ला ने कहा कि तीन पद खाली हैं और ”उन्हें भी धीरे धीरे भर दिया जाएगा।” ‘जम्मू के लोग खुद को अलग-थलग महसूस न करें’ उन्होंने कहा कि चौधरी को उपमुख्यमंत्री के रूप में इसलिए चुना गया ताकि जम्मू के लोग खुद को सरकार से अलग थलग महसूस न करें। जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में कड़ी टक्कर देते हुए बड़ी प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रवींद्र रैना को नौशेरा में चौधरी ने 7,819 मतों से हराया था। चौधरी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के पूर्व नेता हैं। उन्होंने कहा, ”मैंने कहा था कि हम जम्मू को यह महसूस नहीं होने देंगे कि इस सरकार में उनकी आवाज नहीं है, उनका कोई प्रतिनिधि नहीं है। मैंने जम्मू से उपमुख्यमंत्री इसलिए चुना है ताकि जम्मू के लोगों को लगे कि यह सरकार जितनी बाकियों की है, उतनी ही उनकी भी है।”

केंद्रीय कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला, डीए में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान

नई दिल्ली केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशन धारकों को सरकार की ओर से दीपावली का तोहफा मिलने जा रहा है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को हुई अपनी बैठक के दौरान महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को अपनी मंजूरी दे दी है। इस बढ़ोतरी के बाद डीए मूल वेतन का 50 प्रतिशत से बढ़कर 53 प्रतिशत हो गया है। केंद्र सरकार के इस फैसले का लाखों सरकारी कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। महंगाई भत्ते की गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर की जाती है। डीए को लेकर हर 6 महीने में संशोधन होता है। महंगाई राहत सेवानिवृत्त केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दी जाती है। डीए में बढ़ोतरी के बाद जनवरी और जुलाई में एडजस्टमेंट प्रभावी होता है। डीए को लेकर मार्च और सितंबर में घोषणा की जाती है। जनवरी में डीए में बढ़ोतरी की घोषणा मार्च तक जाती है। इसी तरह जुलाई में डीए में बढ़ोतरी की घोषणा दीपावली तक जाती है। तीन प्रतिशत डीए बढ़ोतरी के बाद एंट्री लेवल सरकारी कर्मचारी के मूल वेतन में मासिक आधार पर 540 रुपये की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। सरकार के इस फैसले से करीब एक करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन धारकों को राहत मिलेगी। कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर का एरियर मिलने की भी उम्मीद की जा रही है। 9 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद डीए में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि, केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन धारकों को इस संशोधन के लिए कुछ लंबा इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को घोषणा की कि दीपावली और त्योहारी सीजन से पहले राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 4% की बढ़ोतरी की जाएगी। जिससे यह मूल वेतन का 50% हो जाएगा। यह वृद्धि 1 अक्टूबर से लागू होगी।

पश्चिमी देश भारत से रिश्ते मजबूत करने पर अड़े, वही जस्टिन ट्रूडो को अपनों ने दिखा दी औकात, जमकर हो रही खूब किरकिरी

नई दिल्ली भारत के साथ रिश्ते बिगाड़ चुके जस्टिन ट्रूडो के करीबी देशों ने भी अब उन्हें औकात दिखा दी है। पश्चिमी देशों के समर्थन पर खूब उछल रहे कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बावजूद अमेरिका और ब्रिटेन ने मोदी सरकार के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने का इरादा जाहिर किया है। पहले ट्रूडो ने दावा किया था कि भारतीय राजनयिकों ने कनाडा में रहने वाले सिख अलगाववादियों पर निगरानी रखी और उन्हें धमकाया, ब्लैकमेल किया या मार डाला। हालांकि, ट्रूडो के इन दावों की खिल्ली उड़ गई है, भारत बार-बार इस बेतुके बयानों के बारे में सबूत मांगता रहा है मगर कनाडा सरकार इस बारे में पुख्ता जानकारी मुहैया नहीं करा पाई है। और बढ़ी भारत-कनाडा के बीच रिश्तों की खाई यह विवाद पिछले साल उस समय शुरू हुआ जब ट्रूडो ने भारत पर ब्रिटिश कोलंबिया में एक सिख आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था। अब कनाडा ने आरोप लगाया है कि भारतीय अधिकारियों ने कनाडा की जमीन पर और भी कई अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया। सोमवार को कनाडा ने छह भारतीय राजनयिकों को निष्कासित कर दिया, क्योंकि भारत ने उनकी राजनयिक छूट हटाने से इनकार कर दिया। इसके जवाब में भारत ने भी छह कनाडाई राजनयिकों को वापस भेज दिया। ट्रूडो को अपनों ने ही दिखाई औकात ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रूडो के इन आरोपों से पश्चिमी देशों के भारत के साथ संबंधों को लेकर प्रश्न उठ रहे थे लेकिन अमेरिका और ब्रिटेन ने मंगलवार को जो बयान जारी किए कि उनके दृष्टिकोण में कोई बड़ा बदलाव नहीं है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, “हमने साफ किया है कि ये आरोप बेहद गंभीर हैं और इन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए।” हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारत अमेरिका का अत्यंत मजबूत साझेदार है और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक प्रमुख भूमिका निभाता है। इस बीच ट्रूडो ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से फोन पर बातचीत की लेकिन उनके बयान में भारत का नाम नहीं लिया गया। दोनों की बातचीत के बारे में कहा गया कि दोनों नेताओं ने कानून के शासन के महत्व पर सहमति जताई और जांच पूरी होने तक संपर्क में रहने की बात कही। पश्चिमी देशों के लिए भारत क्यों अहम पश्चिमी देश हाल के वर्षों में भारत को एक महत्त्वपूर्ण सामरिक साझेदार के रूप में देख रहे हैं, खासकर चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ पश्चिमी देशों ने भारत को खास अहमियत दी। जबकि ब्रिटेन भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौते पर काम कर रहा है, वहीं अमेरिका रक्षा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और ऊर्जा के क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग कर रहा है।

हरियाणा में तीसरी बार सरकार बनने पर बोले अमित शाह, भाजपा के खिलाफ भ्रांति फैलाई गई थी कि किसानों से अन्याय हो रहा है

हरियाणा हरियाणा में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। पार्टी की विधायक दल की मीटिंग में बुधवार को नायब सिंह सैनी को नेता चुन लिया गया। अब वह सरकार गठन का दावा करेंगे और गुरुग्राम को पंचकूला में शपथ लेंगे। नायब सैनी को नेता चुने जाने की जानकारी अमित शाह ने दी और कहा कि भाजपा के खिलाफ भ्रांति फैलाई गई थी कि किसानों से अन्याय हो रहा है। अमित शाह ने कहा, ‘यह भ्रांति फैलाई गई कि किसानों से अन्याय हुआ। मैं आज विपक्ष से कहना चाहता हूं कि पूरे देश में यदि कोई राज्य 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदता है तो वह भाजपा के शासन वाला हरियाणा है।’ गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बनी केंद्र की यह ऐसी पहली सरकार है, जिसने एमएसपी पर सबसे ज्यादा फसलों की खरीद की है। एक बात और स्पष्ट कर दूं कि यह सरकार अग्निवीरों के जरिए युवाओं पर अन्याय करने वाली नहीं है बल्कि अग्निवीर के माध्यम से सेना को युवा बनाने वाली है। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि बीते 10 साल जैसे भाजपा की सरकार ने काम किए हैं। उसी तरह से नायब सिंह सैनी की सरकार भी काम करती रहेगी। विपक्ष ने लोगों को भड़काने में कोई कमी नहीं छोड़ी। हमारा वादा है कि अग्निवीर से लौटा हुआ एक-एक जवान भारत और हरियाणा की सरकार में पेंशन वाली नौकरी पाएगा। उन्होंने कहा कि हमने अपनी प्राथमिकता में रखा है कि जवानों और किसानों के हितों की रक्षा की जाए। अमित शाह ने कहा कि यह पीएम नरेंद्र मोदी के विकास की नैरेटिव की जीत है। वह पूरे देश में विकास के मुद्दे को लेकर ही आगे बढ़ रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि यह भाजपा की नीतियों की भी जीत है। 1980 के बाद से अब तक ऐसा कहीं नहीं हुआ कि लगातार तीन बार किसी पार्टी को जीत मिली हो, ऐसा भाजपा के साथ ही हरियाणा में हुआ है। सीएम नायब सिंह सैनी गुरुवार को पंचकूला के दशहरा ग्राउंड में सुबह 10 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे। उनके साथ कुछ और मंत्री भी शपथ ले सकते हैं, जिनमें वरिष्ठ नेता अनिल विज, राव नरबीर, आरती सिंह राव, मुकेश शर्मा, शक्ति रानी शर्मा आदि शामिल हो सकते हैं। इस शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा शक्ति प्रदर्शन के तौर पर पेश करना चाहती है। इसमें पीएम मोदी, अमित शाह, डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे। इसके अलावा एनडीए शासित देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम भी मौजूद रहेंगे।

बेटे को मिली सीएम पद की कुर्सी को कांटों भरा ताज बताया : फारूक अब्दुल्ला

श्रीनगर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ 6 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली है। कुछ निर्दलियों को साथ लेकर लगभग अपने दम पर ही नेशनल कॉन्फ्रेंस ने यह सरकार बनाई है। फिर भी उमर अब्दुल्ला की शपथ के बाद उनके पिता फारूक अब्दुल्ला का बयान आया है। उन्होंने बेटे को मिली सीएम पद की कुर्सी को कांटों भरा ताज बताया है। उन्होंने कहा कि यह ‘कांटों का ताज’ है और अल्लाह लोगों की उम्मीदों को पूरा करने में उनकी मदद करे। अपने दादा से प्रेरणा लेते हुए उमर अब्दुल्ला के बेटे जहीर अब्दुल्ला ने कहा कि नई सरकार की पहली प्राथमिकता राज्य का दर्जा बहाल करना है। फारूक अब्दुल्ला ने शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में शपथ ग्रहण समारोह के बाद कहा, ‘राज्य चुनौतियों से भरा है और मुझे उम्मीद है कि यह सरकार वही करेगी जो उसने चुनाव घोषणापत्र में वादा किया था। यह कांटों का ताज है और अल्लाह उन्हें (उमर को) सफलता दिलाए और वह लोगों की उम्मीदों को पूरा करें। यह मेरा संदेश है।’ जहीर अब्दुल्ला ने कहा, ‘राज्य का दर्जा मिलने के बाद, अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए हमारा असली संघर्ष शुरू होगा। अनुच्छेद 370 हमेशा हमारी प्राथमिकता रहेगी।’ उमर अब्दुल्ला 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद से जम्मू-कश्मीर में पहली निर्वाचित सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। 2019 में तत्कालीन राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था। बता दें कि इस शपथ समारोह में जहीर अब्दुल्ला भी नजर आए और मीडिया से भी बात की। यह पहला मौका था, जब अब्दुल्ला परिवार की चौथी पीढ़ी ने मीडिया से इस तरह खुलकर बात की। बता दें कि अब्दुल्ला परिवार से अब तक तीन लोग सीएम बन चुके हैं। फारूक अब्दुल्ला, शेख अब्दुल्ला भी मुख्यमंत्री रहे हैं।

मैंने डीजी को निर्देश दिया कि लोगों को होने वाली असुविधा को कम-से-कम किया जाए: उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री बनने के बाद उमर अब्दुल्ला ने तुरंत बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस को निर्देश दिया है कि उनकी वजह से आम लोगों को होने वाली असुविधा को कम से कम किया जाए। साथ ही, जब भी वह किसी सड़क मार्ग से जाएं तो वहां कोई भी ग्रीन कॉरिडोर न बनाया जाए। अगस्त, 2019 को रद्द किए गए आर्टिकल-370 के बाद उमर अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। साथ ही, पांच अन्य मंत्रियों को भी उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने शपथ दिलाई। सीएम बनने के बाद उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”मैं जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजी से बात की है कि जब मैं सड़क मार्ग से कहीं जाऊं तो कोई ग्रीन कॉरिडोर या यातायात अवरोध न हो। मैंने उन्हें निर्देश दिया है कि लोगों को होने वाली असुविधा को कम-से-कम किया जाए और सायरन का इस्तेमाल कम-से-कम किया जाए। किसी भी तरह की लाठी लहराने या आक्रामक हरकतों से पूरी तरह बचना चाहिए। मैं अपने कैबिनेट सहयोगियों से भी यही उदाहरण अपनाने को कह रहा हूं। हर चीज में हमारा व्यवहार लोगों के अनुकूल होना चाहिए। हम लोगों की सेवा करने के लिए हैं, उन्हें असुविधा पहुंचाने के लिए नहीं।” ‘जल्द ही पूर्ण राज्य का दर्जा मिलेगा’ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी सरकार का पहला काम लोगों की आवाज बनना होगा और उम्मीद जताई कि जम्मू-कश्मीर लंबे समय तक केंद्र शासित प्रदेश नहीं रहेगा और जल्द ही पूर्ण राज्य का दर्जा हासिल कर लेगा। शपथ लेने से कुछ घंटे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने पीटीआई वीडियोज से कहा कि गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के साथ उनका सब कुछ ठीक है और उनकी पार्टी मंत्री पदों को भरने के लिए कांग्रेस और अपनी टीम के साथ बातचीत कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार की लोगों के प्रति जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “हमें लोगों से जनादेश मिला है कि हम उनकी समस्याओं को हल करने के लिए काम करें और यही हमारा लक्ष्य पहले दिन से है।” नेशनल कॉन्फ्रेंस और उसके गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के बीच दरार की अटकलों पर उमर ने चुटकी लेते हुए कहा, “नहीं, सब कुछ ठीक क्यों नहीं है। अगर सब कुछ ठीक नहीं है, तो (मल्लिकार्जुन) खरगे (कांग्रेस अध्यक्ष), राहुल (गांधी) और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता यहां क्यों आ रहे हैं। यहां उनकी मौजूदगी इस बात का संकेत है कि गठबंधन मजबूत है और हम (जम्मू-कश्मीर के) लोगों के लिए काम करेंगे।”

सरकार द्वारा किसानों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि, फसलों की पराली जलाने से रोकने जागरुकता अभियान चलाया जा रहा

फतेहाबाद हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी  है।  सरकार द्वारा किसानों को 1 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि बांटी जाएगी। किसानों को फसलों की अवशेष और पराली जलाने से रोकने के लिए प्रशासन द्वारा ये जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। फतेहाबाद DC ने जागरुकता वाहन को किसानों के जाकर जागरूक करने के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस जागरुकता वाहन द्वारा किसानों को गांव-गांव जाकर जागरुक किया जाएगा। वहीं रेड और येलो जोन से ग्रीन जोन में आने वाली ग्राम पंचायतों को 1 लाख और 50 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। DC ने किसानों से की अपील कि पर्यावरण सुरक्षा में अपना योगदान दें। पराली न जलाकर उसका उचित प्रबंधन करें। धान के अवशेष यानि पराली हर साल शासन और प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बन जाती है। किसान पराली न जलाएं इसके लिए सरकार और प्रशासन किसानों से अपील के साथ-साथ सख्ती भी बरत रहा है। मगर पराली का जलना बददस्तूर जारी है।

मशहूर गुरु नानक बेकरी में ऊपरी मंजिल पर आग लगी, बेकरी जलकर राख, मचा हड़कंप

पंजाब लुधियाना के थाना टिब्बा में मशहूर गुरु नानक बेकरी में आग लगने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार आज सुबह गुरु नानक बेकरी की ऊपरी मंजिल पर आग लगी है। आग इतनी भीषण थी कि पूरी बेकरी जलकर राख हो गई। इस उक्त घटना की सूचना दमकल विभाग को दी गई। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की गाड़ियों ने बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया। वहीं संदेह है कि आग दुकान के बाहर लगे मीटर के कारण लगी है। बेकरी मालिक ने बताया कि परिवार सहित दुकान की ऊपरी मंजिल पर सो रहा था। जब आग लगने का अहसास हुआ तो हड़कंप मच गया। उन्होंने जोर-जोर से शोर मचाया तो उनकी मदद के लिए लोग आगे आए। लोगों की मदद से उनका परिवार सुरक्षित बाहर निकला। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। थाना टिब्बा की पुलिस ने बताया कि बेकरी में लगी आग से सामान जलकर राख हो गया लेकिन गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। 

नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले सैनी ने रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया, कहा- पहले रोजगार फिर शपथ ग्रहण

हरियाणा हरिणाया में एक बार फिर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ही सत्ता की बागडोर थामेंगे। सौनी को सर्वसम्मति से हरियाणा में भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। अब हरियाणा में नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले सैनी ने रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले 24 हजार युवाओं को नौकरी देंगे उसके बाद शपथ ग्रहण करेंगे। नायब सिंह सैनी ने एक्स पर पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा, “मैंने संकल्प लिया था शपथ बाद में लूंगा पहले 24 हजार युवाओं को ज्वाइनिंग दूंगा। वादे को पूरा करते हुए कल नतीजे घोषित किए जाएंगे। भाजपा जो कहती है वो करती है।” सैनी पेश किया सरकार बनाने का दावा नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से राजभवन में मुलाकात की और राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया। इससे कुछ घंटे पहले ही पंचकूला में हुई बैठक में सैनी को सर्वसम्मति से हरियाणा में भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हुए। नवनिर्वाचित विधायकों कृष्ण कुमार बेदी और अनिल विज ने सैनी के नाम का प्रस्ताव दिया था। राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 48 सीट पर जीत मिली है जबकि कांग्रेस ने 37 सीट प्राप्त की हैं। सैनी गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे। विधायक दल का नेता चुने जाने पर क्या बोले सैनी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बुधवार को विधायक दल का नेता चुने जाने पर पार्टी के नेताओं और प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया है। सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कुशल मार्गदर्शन, राष्ट्रीय नेतृत्व का निरंतर प्रोत्साहन और हरियाणा की देवतुल्य जनता द्वारा चुने गये सभी विधायकों के समर्थन से विधायक दल का नेता चुना गया हूं और सभी के भरोसे पर शत-प्रतिशत खरा उतरूंगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मेरे परिजनों को यह विश्वास दिलाता हूं, “आपका यह भाई, आपका यह बेटा, आपका यह सेवक हर समय आपके लिए आपकी सेवा में उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण जिम्मेवारी के लिए मैं पुनः केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल तथा शीर्ष नेतृत्व सहित अपने उन सभी कार्यकर्ताओं को भी धन्यवाद देना चाहता हूं, जिनके अथक परिश्रम के बल पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तीसरी बार हरियाणा में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है।”

बेंगलुरु में आज भारी बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया, मौसम विभाग ने कल भी लगातार बारिश की संभावना जताई

बेंगलुरु बेंगलुरु बुधवार को भारी बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया। अधिकारियों ने प्रभावित निवासियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए दो ट्रैक्टरों की व्यवस्था की है। मौसम विभाग ने बुधवार को पूरे दिन और गुरुवार को भी लगातार बारिश होने का संभावना जताई है। बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने येलहंका इलाके के निवासियों की मदद के लिए केंद्रीय विहार अपार्टमेंट में दो ट्रैक्टरों की व्यवस्था की है। रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार शाम को एक हेल्प डेस्क स्थापित की गई और जरूरी सामान जैसे पीने का पानी, दूध, ब्रेड तथा बिस्कुट की आपूर्ति के लिए व्यवस्था की गई है। मुख्य आयुक्त तुषार गिरिनाथ ने सुबह पानी से भरे इलाकों और अपार्टमेंट परिसरों का दौरा किया तथा समस्या को कम करने के लिए उठाए गए कदमों की निगरानी की। गिरिनाथ ने केंद्रीय विहार अपार्टमेंट का दौरा किया। यहां करीब 3 फीट पानी जमा हो गया था। उन्होंने अधिकारियों को समस्या के समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। निवासियों को अपार्टमेंट परिसर में प्रवेश करने और बाहर निकलने में मदद करने के लिए दो ट्रैक्टरों की व्यवस्था की गई है। समस्या के समाधान के लिए 20 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी मौके पर हैं। गिरिनाथ ने रमणश्री कैलिफोर्निया लेआउट का भी दौरा किया और अधिकारियों को पानी बाहर निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने मीडिया से बताया कि सोमवार से मंगलवार तक 30 मिमी बारिश हुई है। मंगलवार को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक करीब 60 मिमी से 70 मिमी बारिश दर्ज की गई। उन्होंने कहा, “बेंगलुरु के उत्तरी हिस्से में भारी बारिश हुई है। सभी झीलें भर गई हैं और पानी के ओवरफ्लो होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। हर साल यह समस्या रही है। हम येलहंका के जलमग्न निचले इलाकों से पानी निकालने के लिए कदम उठा रहे हैं।” लगातार जारी बारिश के कारण मुख्य आयुक्त ने आज सुबह एक वर्चुअल बैठक की। बैठक के दौरान सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने उनसे मौके पर स्थिति का आकलन करने और स्थायी समाधान खोजने की दिशा में काम करने को कहा है।  

पंजाब और हरियाणा सरकारों को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई, पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर नाराजगी

नई दिल्ली दिल्ली एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण की समस्या का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। बुधवार को कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा सरकारों को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पराली जलाने की घटनाओं के लिए दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं करने के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों को तलब किया है और उन्हें 23 अक्टूबर को अदालत में पेश होकर अपनी सफाई पेश करने के लिए कहा है। कोर्ट ने कहा कि दोनों राज्य प्रदूषण की समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पराली जलाने वाले लोगों पर मामूली जुर्माना लगाकर उन्हें छोड़ दिया जा रहा है। यही वजह है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने में कोई मदद नहीं मिल रही है। कोर्ट ने आगे कहा कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। कोर्ट ने एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन को निर्देश दिया है कि वह उन अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करें जो अदालत के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खतरे के निशान के पार पहुंच गया है। नोएडा ग्रेटर, नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के कई ऐसे इलाके हैं जहां पर एक्यूआई 300 के आंकड़े को पार कर चुका है। स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस सिस्टम यानी ग्रैप का पहला चरण लागू कर दिया है। ग्रैप के पहले चरण के तहत पूरे दिल्ली एनसीआर में आतिशबाजी, होटल रेस्टोरेंट में कोयला और लकड़ी जलाने के उपयोग पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। इसके साथ ही खुले में कूड़ा फेंकना और कचरा जलाना भी पूरी तरीके से प्रतिबंधित कर दिया गया है।  

पत्नी को लेने जा रहे पति आया ट्रेन की चपेट में, जिसके चलते उसकी दर्दनाक मौत हुई

फरीदाबाद फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ में फोन पर बात करते समय ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में युवक ट्रेन की चपेट में आ गया। जिसके चलते उसकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद जीआरपी थाना पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम और पहचान के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में तो रखवा दिया, लेकिन पुलिस मृतक के परिजनों को खोजने में नाकामयाब रही। पत्नी को लेने के लिए जा रहा था मृतक गौरतलब है कि मृतक के परिजन खुद उसे ढूंढते हुए बादशाह खान सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में पहुंचे, जहां उन्हें पता चला कि उसकी मौत बीते रविवार को ट्रेन हादसे का शिकार होकर हो गई थी। मृतक की पत्नी अनु ने बताया कि उनके पति फोन पर बात करते हुए उसे लेने के लिए आ रहे थे। अनु के मुताबिक उसकी शादी 2017 में हुई थी, उनकी तीन बेटियां हैं। रात के समय पकड़नी थी ट्रेन अनु कोलकाता में अपनी मौसी के घर पर गई हुई थी। बीते रविवार की शाम लगभग 7:30 बजे उसके पति रोशन ने फोन करके कहा था कि मैं तुम्हें लेने के लिए आ रहा हूं, तुम रेडी रहना मेरा तुम्हारे और बच्चों के बिना मन नहीं लग रहा। इसके बाद उन्हें रात को 10:40 बजे ट्रेन पकड़नी थी, लेकिन इस दौरान उनके साथ यह हादसा हो गया। इसके बारे में उन्हें पता ही नहीं चला। कुछ देर बाद जब उसने रोशन पर फोन मिलाया तो रोशन का फोन स्विच ऑफ आ रहा था। काफी फोन मिलाने के बाद रोशन का फोन नहीं मिला, तब उसने फरीदाबाद में अपने रिश्तेदारों को इसकी जानकारी दी और वह भी ट्रेन पकड़कर रोशन को खोजते हुए फरीदाबाद आ गई। उसने पुलिस में भी जाकर शिकायत की, लेकिन कहीं कोई सुहाग नहीं लगा। उसके बाद बीके अस्पताल पहुंचे। अंतिम बार की थी बच्चों तो वीडियो कॉल उन्होंने शक जताते हुए मॉर्च्युरी में भी रोशन के बारे में पूछताछ की। इसके बाद उन्हें पता चला कि बल्लभगढ़ में बीते रविवार की रात लगभग 10 बजे ट्रेन हादसे में एक युवक की मौत हुई थी। जिसके शव को उन्हें जब दिखाया गया, तब उन्होंने रोशन के हाथ पर नाम को देखकर उसे पहचान लिया। अनु ने रो रो कर बताया कि रोशन ने अंतिम बार वीडियो कॉल करके अपने बच्चों और उन्हें देखा था और बात की थी।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet