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ईवीएम 100 प्रतिशत फुलप्रूफ हैं, अगर वे आज फिर सवाल उठाते हैं, तो हम उन्हें फिर से बताएंगे-राजीव कुमार

नई दिल्ली  महाराष्ट्र और झारखंड के लिए चुनाव तिथियों की घोषणा से पहले विपक्षी दलों द्वारा एक बार फिर ईवीएम में हेराफेरी का मुद्दा उठाए जाने के बाद, मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को कहा कि जनता ने मतदान में हिस्सा लेकर सवालों के जवाब दिए हैं. कुमार ने कहा, “जनता मतदान में भाग लेकर सवालों के जवाब देती है. जहां तक ​​ईवीएम का सवाल है, वे 100 प्रतिशत फुलप्रूफ हैं. अगर वे आज फिर सवाल उठाते हैं, तो हम उन्हें फिर से बताएंगे.” कांग्रेस नेता ने पेजर हैक का उदाहरण देकर ईवीएम पर उठाया सवाल इससे पहले, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने दावा किया था कि ईवीएम में हेराफेरी की जा सकती है, उन्होंने इजरायल द्वारा आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह के पेजर हैक करने का उदाहरण दिया. राशिद अल्वी ने कहा, “महाराष्ट्र में विपक्ष को ईवीएम के बजाय पेपर बैलेट से मतदान कराने पर जोर देना चाहिए. अन्यथा महाराष्ट्र में भाजपा सरकार और चुनाव आयोग कुछ भी कर सकते हैं. अगर इज़रायल पेजर और वॉकी-टॉकी के इस्तेमाल से लोगों को मार सकता है, तो ईवीएम कहां है? प्रधानमंत्री के इज़रायल के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं. इजरायल ऐसी चीजों में माहिर है. ईवीएम का बड़ा खेल कहीं भी हो सकता है और उसके लिए भाजपा चुनाव से पहले यह सब खेल कर लेती है.” कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने हरियामा चुनाव को लेकर दी है लिखित शिकायत पिछले हफ्ते कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपा और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि निकाय इस मुद्दे का संज्ञान लेगा और उचित निर्देश देगा. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पार्टी के संचार प्रभारी महासचिव ने लिखा, “9 अक्टूबर को कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव आयोग को शिकायतों से भरा ज्ञापन सौंपा था. इसे आगे बढ़ाते हुए आज हमने हरियाणा के 20 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रक्रिया में गंभीर और स्पष्ट अनियमितताओं को उजागर करते हुए एक अपडेटेड ज्ञापन दिया है. हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग इसका संज्ञान लेगा और उचित निर्देश जारी करेगा.” कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने 20 सीटों पर गड़बड़ी की लिस्ट आयोग को सौंपी है कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि पार्टी ने 20 सीटों की सूची भेजी है, जिन पर उम्मीदवारों ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में ईवीएम की मतगणना को लेकर अपनी लिखित और मौखिक शिकायतें प्रस्तुत की हैं. खेड़ा ने कहा, “हमने चुनाव आयोग को 20 सीटों की सूची भेजी है, जिसके बारे में हमारे उम्मीदवारों ने 99 प्रतिशत बैटरी चार्ज होने की लिखित और मौखिक शिकायतें दी हैं. यह मुद्दा मतगणना के दिन उठाया गया था… यह एक अजीब संयोग है कि जिन मशीनों में 99 प्रतिशत बैटरी चार्ज दिखाई गई, वे वही मशीनें थीं जिन पर कांग्रेस को ज्यादातर हार का सामना करना पड़ा. 60-70 प्रतिशत बैटरी चार्ज वाली मशीनें वे थीं जिन पर कांग्रेस जीती. ऐसा क्यों हुआ?” चुनाव आयोग मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड के लिए चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा.

भारत ने कनाडा के 6 राजनायिकों को किया निष्कासित, 19 अक्टूबर तक देश छोड़ने का आदेश

नई दिल्ली  भारत-कनाडा के रिश्तों को एक और बड़ा झटका लगा है। कनाडा से अपने राजनयिकों को वापस बुलाने के फैसले के बाद अब भारत सरकार ने देश से कनाडा के 6 राजनयिकों को निष्कासित करने का फैसला किया है। भारत ने कनाडा के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है और उन्हें शनिवार 19 अक्टूबर को रात 12 बजे से पहले भारत छोड़ने के लिए कहा गया है. भारत ने ये फैसला खालीस्तानी आतंकी निज्जर हत्याकांड की जांच में भारतीय हाई कमिश्नर और डिप्लोमेट्स को पर्सन ऑफ इंटरेस्ट के रूप में जोड़ने के बाद लिया है. हालांकि, MEA से चर्चा के बाद कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि हमारे नेशनल टास्कफोर्स और अन्य जांच के जरिए RCMP ने कई सबूत प्राप्त किए हैं. भारत ने कनाडा के जिन राजनयिकों को निष्कासित किया है. इसमें एक्टिंग उच्चायुक्त स्टीवर्ट रॉस व्हीलर, डिप्टी उच्चायुक्त पैट्रिक हेबर्ट, फर्स्ट सेक्रेटरी मैरी कैथरीन जोली, फर्स्ट सेक्रेटरी लैन रॉस डेविड ट्राइट्स, फर्स्ट सेक्रेटरी एडम जेम्स, फर्स्ट सेक्रेटरी पाउल ओरजुएला का नाम शामिल है. इन सभी राजनयिकों को पांच दिनों में शनिवार, 19 अक्टूबर को रात 11:59 बजे तक भारत छोड़ने को कहा गया है.   ‘कनाडा ने पेश किए हैं सबूत’ MEA कार्यालय से बाहर निकलते हुए व्हीलर ने कहा कि भारत को अपने दावों का पालन करना चाहिए जो उसने ओटावा में आरोपों के संबंध में लिया था. व्हीलर ने दावा किया कि कनाडा ने यह प्रमाणित और अप्रमाणिक सबूत पेश किए हैं कि भारतीय सरकार के एजेंटों का कनाडाई नागरिक की हत्या में हाथ हो सकता है.उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के हित में है कि वे इस मामले की तह तक जाएं. कनाडा इस मामले में भारत के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है. कनाडा ने सोमवार को भारतीय हाई कमिश्नर संजय कुमार वर्मा को निज्जर हत्याकांड में ‘पर्सन ऑफ इंटरेस्ट’ के रूप में नामित किया था. इसपर भारत ने कड़ा विरोध जताते हुए इन आरोपों को बेतुका बताया था. विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडाई सरकार ने भारत की संलिप्तता का एक भी ठोस प्रमाण नहीं दिया है, जबकि बार-बार अनुरोध किया गया था और प्रधानमंत्री ट्रूडो पर वोट बैंक की राजनीति करने और कनाडाई जमीन पर अलगाववादी एलिमेंट्स से निपटने के लिए पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया. MEA  ने कनाडाई डिप्लोमेट को किया था तलब इस मामले को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने सोमवार शाम को कनाडाई कार्यवाहक डिप्लोमेट को तलब किया था और उन्हें सूचित किया कि भारतीय हाई कमिश्नर और अन्य डिप्लोमेट्स के खिलाफ बिना किसी सबूत के आरोप लगाया जाना अस्वीकार्य है. भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि इस तरह के आरोपों की वजह से उग्रवाद और हिंसा का माहौल पैदा हुआ है, जिससे हमारे डिप्लोमेट्स की सुरक्षा खतरे में है.” खतरे में है राजनयिकों की सुरक्षा: MEA इससे पहले कनाडा में भारत के उच्चायुक्त को वापस लेने की घोषणा करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि उग्रवाद और हिंसा के माहौल में ट्रूडो सरकार की कार्रवाई से राजनयिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है. भारत सरकार ने एक बयान में कहा, “हमें मौजूदा कनाडाई सरकार की प्रतिबद्धता पर कोई विश्वास नहीं है कि वे हमारे डिप्लोमेट्स की सुरक्षा करेंगे. इसलिए, भारत सरकार ने हाई कमिश्नर और अन्य डिप्लोमेट्स और अधिकारियों को वापस बुलाने का फैसला किया है.” बता दें कि पिछले साल कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर बिना सबूत के निज्जर की हत्या को लेकर भारत पर आरोप लगाए थे और दावा किया था कि भारत ने ही निज्जर को मरवाया है. भारत लगातार इसके सबूत मांग रहा है, लेकिन ट्रूडो शासन ने अब तक भारत को कोई सबूत पेश नहीं किए हैं. वहीं, एमईए ने कनाडाई डिप्लोमेट्स के साथ मीटिंग के बाद बयान में कहा था कि कनाडा से बार-बार सबूत मांगने के बाद भी सबूत पेश नहीं किए गए. हालांकि, कनाडाई डिप्लोमेट ने इसे खारिज किया था.  

महाराष्ट्र और झारखंड में कब होंगे assembly elections? EC आज करेगा ऐलान

नईदिल्ली भारतीय चुनाव आयोग (ECI) मंगलवार, 15 अक्टूबर को दोपहर 3.30 बजे महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा करेगा। दिवाली, छठ और देव दीपावली सहित कई आगामी त्यौहारों के मद्देनजर, चुनाव आयोग नवंबर के दूसरे सप्ताह में मतदान कराने की संभावना है। महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त होने वाला है। जबकि झारखंड विधानसभ चुनाव आयोग आज महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभाओं के लिए कार्यक्रम की घोषणा करेगा चुनाव आयोग आज महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभाओं के लिए कार्यक्रम की घोषणा करेगा  झारखंड की राजनीति परिदृष्य झारखंड में, सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) INDIA ब्लॉक का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के खिलाफ उतरेगा, जिसमें ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSU), जनता दल (यूनाइटेड) और बीजेपी शामिल हैं। महाराष्ट्र में ‘महायुति’ और MVA के बीच मुकाबला महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP), सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना और डिप्टी सीएम अजित पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से बना सत्तारूढ़ ‘महायुति’ गठबंधन ‘महा विकास अघाड़ी’ के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा, जिसमें कांग्रेस, शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) शामिल हैं। उपचुनाव का भी हो सकता है ऐलान निर्वाचन आयोग दो विधानसभा चुनावों के अलावा तीन लोकसभा और कम से कम 47 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की भी घोषणा कर सकता है, जो विभिन्न कारणों से रिक्त हैं। लोकसभा की जो तीन सीटें रिक्त हैं उनमें केरल में वायनाड, महाराष्ट्र में नांदेड़ और पश्चिम बंगाल में बशीरहाट सीट शामिल है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में वायनाड और रायबरेली सीट से जीत दर्ज की थी। गांधी ने वायनाड सीट खाली कर दी थी और रायबरेली सीट को बरकरार रखा था। नांदेड़ सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस सांसद वसंत चव्हाण और बशीरहाट सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले तृणमूल कांग्रेस के सांसद हाजी शेख नुरुल इस्लाम के हाल में निधन के बाद इन सीट पर चुनाव कराना आवश्यक हो गया है।  महाराष्ट्र-झारखंड में कब समाप्त होगा विधानसभा का कार्यकाल? महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त होने वाला है। जबकि झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी, 2025 को समाप्त होगा। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव 288 सीटों पर होंगे, जबकि झारखंड में 81 सीटों पर मतदान होगा। दोनों राज्यों के अलावा इस दौरान उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 10 सीटों के लिए उप चुनाव की तारीख की भी घोषणा हो सकती है।  दिवाली के बाद चुनाव होने की उम्मीद भारतीय चुनाव आयोग (ECI) मंगलवार, 15 अक्टूबर को दोपहर 3.30 बजे महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा करेगा। दिवाली, छठ और देव दीपावली सहित कई आगामी त्यौहारों के मद्देनजर, चुनाव आयोग नवंबर के दूसरे सप्ताह में मतदान कराने की संभावना है।  महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान आज निर्वाचन आयोग आज यानी मंगलवार (15 अक्टूबर) को महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनावों की घोषणा करेगा। महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है। जबकि झारखंड विधानसभा का कार्यकाल अगले साल पांच जनवरी को समाप्त होने वाला है।

भारत-कनाडा संबंधों की स्थिति भारतीय सरकार तब तक स्थगित रखी जाएगी जब तक कनाडा में नेतृत्व परिवर्तन नहीं होता

 नई दिल्ली भारत और कनाडा में बढ़ते तनाव के बीच कनाडाई पत्रकार डैनियल बोर्डम ने प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो पर निशाना साधते हुए उनकी विश्वसनीयता और नेतृत्व पर सवाल खड़ा किया है. बोर्डम ने भारतीय सरकार द्वारा उच्चायुक्त और अन्य राजनयिकों को वापस बुलाने के फैसले को दोनों देशों के बीच गहरे होते मतभेदों का स्पष्ट संकेत बताया. उन्होंने कहा, ‘खालिस्तानी तत्व इस स्थिति का पूरा फायदा उठा रहे हैं… वे इसे अपनी पूरी जीत मान रहे हैं और भारत पर हमले कर रहे हैं.’ ‘कनाडा के लोगों में ट्रूडो को लेकर नाराजगी’ पत्रकार डैनियल बोर्डम ने कहा कि कनाडा के लोग ट्रूडो के इस फैसले से बेहद निराश हैं. कनाडा के अधिकांश लोग इस सरकार से थक चुके हैं. वे संस्थाओं पर विश्वास नहीं करते, मीडिया को विश्वसनीय नहीं मानते और जस्टिन ट्रूडो को भी विश्वसनीय नहीं मानते. बहुत से कनाडाई इस पर सिर झुकाएंगे और शायद भारत के पक्ष में भी खड़े हो जाएंगे. बोर्डम ने कहा कि भारत-कनाडा संबंधों की स्थिति भारतीय सरकार द्वारा तब तक स्थगित रखी जाएगी जब तक कनाडा में नेतृत्व परिवर्तन नहीं होता. बोर्डम ने अनुमान लगाया कि यदि चुनाव होते हैं तो नई सरकार भारत के साथ संबंधों के प्रति एक अलग दृष्टिकोण अपनाएगी. उन्होंने कहा कि चुनाव में ट्रूडो की सत्ता जाना लगभग तय है. जानें क्या है ताजा विवाद भारत ने कनाडा से अपने उच्चायुक्त और अन्य राजनयिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है. इस बीच भारत ने कनाडा के छह राजनयिकों को निष्कासित करने का भी फैसला किया है. भारत सरकार ने इन्हें 19 अक्टूबर की रात 12 बजे तक भारत छोड़ने को कहा है. दरअसल सोमवार को भारत ने कनाडा के एक डिप्लोमैटिक कम्युनिकेशन को खारिज किया था, जिसमें कनाडा ने भारत के उच्चायुक्त और अन्य भारतीय राजनयिकों पर पिछले साल खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में पर्सन्स ऑफ इंटरेस्ट होने का आरोप लगाया था.  

हिमाचल प्रदेश में मुस्लिम पक्ष को फिलहाल के लिए राहत, नहीं गिराया जाएगा मंडी में मस्जिद का अवैध ढांचा

 मंडी हिमाचल प्रदेश के मंडी में प्रधान सचिव टीसीपी (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) ने अवैध मस्जिद के ढांचे को गिराने और पुरानी स्थिति में बहाल करने के आदेशों पर रोक लगा दी है. इस मामले में अगली सुनवाई प्रधान सचिव टीसीपी के कोर्ट में ही होगी. इस दौरान नगर निगम भी ऑफिस रिकार्ड के साथ अपना पक्ष रखा रखेगा. इस मामले की अगली सुनवाई आने वाली 20 अक्तूबर को होगी. बता दें कि हिंदू संगठनों द्वारा 10 सिंतबर को नगर निगम के बाहर और 13 सिंतबर को शहर में प्रदर्शन किया गया था. इस दौरान शहर के जेल रोड स्थित अवैध मस्जिद को गिराने की मांग उठाई गई थी. इसी दिन निगम कोर्ट ने मस्जिद के ढांचे को अवैध और टीसीपी नियमों के विरुद्ध बताते हुए गिराने का आदेश दिया था. 20 सितंबर को नगर निगम ने इस मस्जिद के बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए थे. आयुक्त कोर्ट ने इसके लिए मस्जिद संचालन समिति को एक महीने का समय दिया था. मुस्लिम पक्ष का क्या कहना है प्रधान सचिव टीसीपी के समक्ष सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने अवैध निर्माण की बात को नकारा. मुस्लिम पक्ष के अनुसार 2013 में हुई भारी बारिश के कारण मस्जिद का मुख्य और बड़ा हिस्सा गिर गया था. जिसे अगस्त 2023 को फिर से बनाया गया है. मुस्लिम पक्ष के अनुसार आयुक्त कोर्ट में उनका पक्ष सही तरह से नहीं सुना गया. हिंदू संगठन भी कोर्ट जाने की तैयारी में उधर, इस फैसले के आने के बाद शिकायतकर्ता पक्ष और अन्य हिंदू संगठन अब प्रदेश उच्च न्यायालय जाने की तैयारी में हैं. इस बाबत जल्द ही हिंदू संगठनों की मंडी में एक अहम बैठक होगी.

चीन की चाल का खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ, पैंगोंग झील किनारे बस्ती को आकार दिया जा रहा

बीजिंग भारत और चीन सीमा पर तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखे हुए हैं। हालांकि इस बातचीत का बहुत थोड़ा फायदा होता नजर आ रहा है। लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर कई बिंदु ऐसे हैं, जहां अब भी भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने हैं। इसमें पूर्वी लद्दाख में स्थित पैंगोंग त्सो झील दोनों देशों के बीच तनाव का एक महत्वपूर्ण स्थल है। अब पता चला है कि चीन इन दिनों भारत से बातचीत की आड़ में पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी तट के पास बड़े पैमाने पर एक बस्ती का निर्माण कर रहा है। चीन की इस चाल का खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ है, जिसमें बस्ती को आकार लेते देखा जा सकता है। पैंगोंग झील के उत्तर में बन रही बस्ती  हालिया सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी तट के पास एक बड़ी चीनी बस्ती का निर्माण चल रहा है। यह बस्ती भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच 2020 के गतिरोध बिंदुओं में से एक से लगभग 38 किलोमीटर पूर्व में स्थित है, हालांकि यह भारत के क्षेत्रीय दावों से बाहर है। दुनिया की सबसे ऊंची खारे पानी की झील पैंगोंग त्सो भारत, चीन प्रशासित तिब्बत और उनके बीच विवादित सीमा पर फैली हुई है। 17 हेक्टेयर के क्षेत्र में हो रहा निर्माण कार्य रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी कंपनी मैक्सार टेक्नोलॉजीज द्वारा 9 अक्टूबर को कैप्चर की गई सैटेलाइट तस्वीरों में लगभग 17 हेक्टेयर क्षेत्र में तेजी से निर्माण कार्य दिखाया गया है। 4,347 मीटर की ऊंचाई पर येमागौ रोड के पास स्थित यह स्थल निर्माण और मिट्टी हटाने वाली मशीनरी से भरा हुआ है। तक्षशिला संस्थान में जियो पॉलिटिकल रिसर्च प्रोग्राम के प्रोफेसर और प्रमुख वाई निथ्यानंदम के अनुसार, “आवासीय संरचनाओं और बड़ी प्रशासनिक इमारतों सहित 100 से अधिक इमारतें बनाई जा रही हैं। खुली जगहें और समतल भूमि पार्कों या खेल सुविधाओं के लिए संभावित भविष्य के उपयोग का सुझाव देती हैं।” हेलीकॉप्टर के लिए हेलीपैड का भी किया गया निर्माण उन्होंने दक्षिण-पूर्व कोने में 150 मीटर लंबी आयताकार पट्टी की ओर भी इशारा किया, यह अनुमान लगाते हुए कि इसे हेलीकॉप्टर संचालन के लिए तैयार किया जा सकता है। ओपन-सोर्स सैटेलाइट इमेजरी के विश्लेषण से संकेत मिलता है कि झील की ओर ढलान वाली नदी के किनारे अप्रैल 2024 की शुरुआत में निर्माण शुरू हुआ था। सैन्य सूत्रों के अनुसार, यह बस्ती संभवतः प्रशासनिक और परिचालन क्षेत्रों के बीच अंतर करते हुए दो भागों में विभाजित प्रतीत होती है। एक से दो मंजिला इमारतें बनाई जा रहीं संरचनाओं के छाया विश्लेषण से पता चलता है कि इस बस्ती में एक और दो मंजिला इमारतों का मिश्रण है, पास में छोटी झोपड़ियां हैं, जिनमें से प्रत्येक में छह से आठ लोग रह सकते हैं। दो बड़ी संरचनाएं प्रशासन और भंडारण सुविधाओं के रूप में काम कर सकती हैं। सीधी रेखाओं के बजाय अर्धचंद्राकार लाइनों में डिजाइन किया गया लेआउट लंबी दूरी के हमलों के प्रति असुरक्षा को कम करने के इरादे का सुझाव देता है। ऊंची चोटियों के पीछे बस्ती बना रहा चीन ऊंची चोटियों के पीछे बस्ती का स्थान इसके रणनीतिक लाभ को और बढ़ाता है, जिससे आस-पास के क्षेत्रों से दृश्यता सीमित हो जाती है। निथ्यानंदम ने कहा, “आस-पास की ऊंची चोटियां भूमि-आधारित निगरानी उपकरणों से साइट को अस्पष्ट करती हैं।” सैन्य सूत्रों का अनुमान है कि यदि सैन्य उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता है, तो बस्ती “एड-हॉक फॉरवर्ड बेस” के रूप में कार्य कर सकती है, जिससे चीनी सेना के लिए प्रतिक्रिया समय कम हो सकता है।

आईएमएफ के अनुसार कृषि और कपड़ा क्षेत्रों ने पाकिस्तान के विकास की संभावनाओं को दशकों से अवरुद्ध कर रखा है

कराची  आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे पड़ोसी देश पाकिस्तान की मुश्किलें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहीं। बीते कुछ समय से विदेशी कर्जे पर निर्भर पाकिस्तान के कृषि और कपड़ा क्षेत्र पर आईएमएफ ने कड़ी टिप्पणी की है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान से कहा है कि वह इन क्षेत्रों को तरजीह देना और कर में छूट देना बंद करे। आईएमएफ के अनुसार इन क्षेत्रों ने देश के विकास की संभावनाओं को दशकों से अवरुद्ध कर रखा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अपनी स्टॉफ रिपोर्ट में पाकिस्तान की संघर्षरत अर्थव्यवस्था की चुनौतियों के कारणों पर चर्चा की है। रिपोर्ट में पाकिस्तान की खस्ताहाल आर्थिक स्थिति का जिम्मेदार कृषि और कपड़ा क्षेत्र को ठहराया गया है। आईएमएफ के अनुसार ये क्षेत्र देश के राजस्व में पर्याप्त योगदान नहीं दे रहे। ये क्षेत्र सरकारी पैसे का एक बड़ा हिस्सा मदद के दौर पर लेने के बावजूद अकुशल और अप्रतिस्पर्धी बने हुए हैं। हाल ही में वैश्विक ऋणदाता से सात अरब डॉलर की मदद (ईएफएफ) हसिल करने वाले पाकिस्तान को आईएमएफ ने कहा है कि उसे अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए 75 साल से जारी आर्थिक प्रथाओं को बदलना होगा। आईएमएफ ने 10 अक्तूबर को जारी रिपोर्ट में कहा कि अपने जैसे दूसरे देशों की तुलना में पाकिस्तान काफी पिछड़ा है। इससे यहां के लोगों का जीवनस्तर प्रभावित हुआ है और 40 प्रतिशत से ज्यादा आबादी गरीबी रेखा के नीचे पहुंच गई है। आईएमएफ के अनुसार पाकिस्तान निर्यात के लिए चीजें बनाने में असफल रहा। ज्ञान आधारित निर्यात भी कम बना हुआ है, क्योंकि यह क्षेत्र भी नवाचार (इनोवेशन) करने में विफल रहा। साल 2022 में पाकिस्तान आर्थिक जटिलता सूचकांक में 85वें नंबर पर रहा, इस इंडेक्स में पाकिस्तान वर्ष 2000 में भी इसी स्थान पर था।  

तूफान हेलेन और मिल्टन के कारण अमेरिका में हेल्थ केयर प्रोवाइडर को मेडिकल प्रोडक्ट्स की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा

सैक्रामेंटो  संयुक्त राज्य अमेरिका में हेल्थ केयर प्रोवाइडर को मेडिकल प्रोडक्ट्स की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। तूफान हेलेन और मिल्टन ने इंट्रावेनस (आईवी) फ्लुइड्स की सप्लाई चेन को गंभीर रूप से बाधित कर दिया है। अमेरिका में सबसे बड़े अस्पताल-बेस्ड रिसर्च एंटरप्राइज, मास जनरल ब्रिघम ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह  बुधवार तक गैर-आपातकालीन, वैकल्पिक प्रक्रियाओं को स्थगित कर देगा। इसने कहा कि यह साफ नहीं है कि आईवी फ्लुइड्स की आपूर्ति कब सुधरेगी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, हेल्थकेयर लॉजिस्टिक्स कंपनी प्रीमियर इंक की तरफ से  जारी एक सर्वे के अनुसार, देश भर में 86 फीसदी से अधिक हेल्थ केयर प्रोवाइडर आईवी फ्लुइड्स की कमी का सामना कर रहे हैं। यह स्थिति तब शुरू हुई जब पिछले महीने के अंत में तूफान हेलेन ने उत्तरी कैरोलिना में बैक्सटर आईवी प्लांट को नुकसान पहुंचाया। इससे देश की 60 फीसदी आईवी सॉल्यूशन सप्लाई निकट भविष्य के लिए ऑफलाइन हो गई। अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्री जेवियर बेसेरा ने 9 अक्टूबर को स्वास्थ्य सेवा नेताओं को लिखे पत्र में कहा कि आने वाले हफ्तों में सप्लाई ‘बाधित रह सकती है’ और तूफान मिल्टन ‘पहले से ही कमजोर बाजार’ को और अधिक बाधित कर सकता है। खाद्य और औषधि प्रशासन और बैक्सटर, वैकल्पिक आईवी, डायलिसिस और न्यूट्रिशन प्रोडक्ट की पहचान कर रहे हैं।    

इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा, “IDF सैनिक हिजबुल्लाह की संपत्तियों को जमीन के ऊपर और नीचे दोनों जगह नष्ट कर रहे हैं

यरूशलम इजरायल का कहना है कि वह मिलिट्री ऑपरेशन खत्म होने के बाद हिजबुल्लाह को दक्षिणी लेबनानी सीमा क्षेत्र पर दोबारा कब्जा नहीं करने देगा। इजरायल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा कि इजरायल ‘हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे वाले (दक्षिणी लेबनानी) गांवों की पूरी पहली पंक्ति’ को अपना ‘मिलिट्री टारेगट’ मानता है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, गैलेंट ने कहा कि हिजबुल्लाह आतंकवादियों ने इन गांवों में कई भूमिगत सुरंगों और हथियारों के गोदाम का निर्माण किया है। इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा, “आईडीएफ सैनिक वर्तमान में इन (हिजबुल्लाह) संपत्तियों को जमीन के ऊपर और नीचे दोनों जगह नष्ट कर रहे हैं।” उन्होंने चल रहे छापों को ‘शक्तिशाली और प्रभावी’ बताया। गैलेंट ने कहा कि आईडीएफ सैनिकों के वापस चले जाने के बाद भी हम हिजबुल्लाह आतंकवादियों को इन क्षेत्रों में वापस नहीं आने देंगे। इजरायल-लेबनान सीमा पर  भी लड़ाई जारी रही। इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने लेबनान में हिजबुल्लाह के लगभग 200 ठिकानों पर हमला किया, जिसमें रॉकेट लांचर, एंटी-टैंक मिसाइल पोजिशन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। सेना ने यह भी बताया कि हिजबुल्लाह लड़ाकों के साथ लड़ाई में 28 सैनिक घायल हुए हैं। आईडीएफ ने दक्षिणी लेबनान के 21 से अधिक गांवों के निवासियों से अवली नदी के उत्तर के इलाके को खाली करने का अल्टीमेटम दिया। इजरायली सैन्य प्रवक्ता अविचाय एड्राई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘अपनी सुरक्षा के लिए, आपको तुरंत अपने घर छोड़ देने चाहिए। बिना देरी किए खाली कर दें। हिजबुल्लाह के तत्व, सुविधाएं या हथियार क्षेत्र में हैं, जो आपकी जान को जोखिम में डाल रहे हैं।” वहीं हिजबुल्लाह की तरफ से इजरायली ठिकानों पर हमले जारी हैं। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, हिजबुल्लाह ने रविवार शाम तक उत्तरी इजरायल में कम से कम 90 रॉकेट दागे। हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के बिन्यामीना में गोलानी ब्रिगेड के ट्रेनिंग बेस पर ड्रोन अटैक की जिम्मेदारी ली। यह हमला इजरायल में एक दुर्लभ घटना है, जिसके दौरान एक ड्रोन इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली को भेद गया और भारी नुकसान पहुंचाया। हमलें में कम से कम चार इजरायली सैनिक मारे गए और दर्जनों अन्य घायल हो गए। इजरायल ने अक्टूबर की शुरुआत से लेबनान में ‘सीमित’ जमीनी अभियान शुरू किया, जिसमें दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हवाई हमले भी तेज कर दिए हैं, जो हिजबुल्लाह का गढ़ है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने  बताया कि 8 अक्टूबर, 2023 से लेबनान पर इजरायली हवाई हमलों में मरने वालों की संख्या 2,306 तक पहुंच गई है, जबकि कुल 10,698 लोग घायल हुए हैं।    

जलवायु परिवर्तन से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन और अवशोषण की उसकी क्षमता प्रभावित हो सकती है : शोध

नई दिल्ली जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली अत्यधिक गर्मी और उमस अमेजन वर्षावन की ग्रीनहाउस गैस मीथेन को सोखने की क्षमता में 70 फीसदी कमी ला सकती है। ब्राजील स्थित साओ पाउलो विश्वविद्यालय के हालिया शोध में यह दावा किया गया है। शोधकर्ताओं ने कहा कि गर्म जलवायु के कारण दक्षिण अमेरिका के अमेजन वर्षावन के कुछ हिस्सों में अत्यधिक बारिश होने, जबकि कुछ में सूखा पड़ने का अनुमान है, जिससे ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन और अवशोषण की उसकी क्षमता प्रभावित हो सकती है। “पृथ्वी के फेफड़े” कहलाने वाले अमेजन वर्षावन का अधिकांश भाग ब्राजील में है, जबकि कुछ हिस्सा पेरू, कोलंबिया, इक्वाडोर और अन्य दक्षिण अमेरिकी देशों में पड़ता है। इन वर्षावनों को हवा में मौजूद ग्रीनहाउस गैसों को सोखने के लिहाज से काफी अहम माना जाता है। शोधकर्ता ने कहा कि हालांकि, अमेजन वर्षावन का 20 फीसदी हिस्सा साल के लगभग छह महीने बाढ़ग्रस्त रहने के कारण मीथेन का उत्सर्जन करता है, जिससे ग्रीनहाउस गैसों को सोखने की उसकी क्षमता प्रभावित होती है। अध्ययन के नतीजे एक पत्रिका में प्रकाशित किए गए हैं। पूर्व में हुए कुछ अध्ययनों से पता चला है कि वैश्विक स्तर पर आर्द्रभूमि से होने वाले कुल मीथेन उत्सर्जन में अमेजन वर्षावन के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों की लगभग 30 फीसदी हिस्सेदारी होती है। प्रमुख शोधकर्ता जूलिया गोंटिजो ने कहा, “भले ही यह पहले भी देखा चुका है कि वायु तापमान और मौसमी बाढ़ जैसे कारक ऐसे क्षेत्रों में मीथेन के प्रवाह पर असर डालने वाले सूक्ष्मजीव समुदायों की आबादी को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन जलवायु परिवर्तन और अनुमानित चरम मौसम परिस्थितियों के संदर्भ में हमें क्या उम्मीद करनी चाहिए?” शोध के लिए शोधकर्ताओं ने अमेजन के दो बाढ़ग्रस्त क्षेत्र और ऊंचाई वाले एक वन क्षेत्र से मिट्टी के नमूने लिए, जो मीथेन को अवशोषित करने के लिए जाने जाते हैं। इन नमूनों को अत्यधिक तापमान (27 डिग्री सेल्सियस और 30 डिग्री सेल्सियस) और तेज उमस के संपर्क में रखा गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि ऊंचाई वाले वन क्षेत्र से प्राप्त मिट्टी के नमूनों में गर्म और शुष्क परिस्थितियों में मीथेन सोखने की क्षमता में 70 फीसदी की कमी आई, जबकि भारी वर्षा की स्थिति में मीथेन उत्पादन में वृद्धि हुई, क्योंकि मिट्टी अत्यधिक उमस को झेलने में सक्षम नहीं थी। उन्होंने कहा, “ऊंचाई वाले वन क्षेत्र में शुष्क परिस्थितियों में तापमान में वृद्धि के साथ (मीथेन) अवशोषण की क्षमता में औसतन 70 प्रतिशत की कमी देखी गई।” गोंजिटो के मुताबिक, इसका मतलब यह है कि बाढ़ क्षेत्र का माइक्रोबायोम (किसी क्षेत्र में पाई जाने वाली सूक्ष्म जीवों की आबादी) खुद को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल ढाल सकता है, लेकिन ऊंचाई वाले वन क्षेत्रों का माइक्रोबायोम इसके प्रभावों के प्रति संवेदनशील है, जिससे भविष्य में अमेजन वर्षावन की ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन और अवशोषण की क्षमता प्रभावित हो सकती है।    

आदिलाबाद गांव के लोगों ने सोनियां गांधी और राहुल गांधी को पत्र लिखकर छह गारंटियों को तत्काल लागू करने की मांग की

हैदराबाद तेलंगाना के आदिलाबाद जिले के एक गांव के लोगों ने कांग्रेस नेता सोनियां गांधी और राहुल गांधी को पत्र लिखकर छह गारंटियों को तत्काल लागू करने की मांग की है। आदिलाबाद जिले के एचोडा मंडल के मुखरा गांव के ग्रामीणों ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पोस्टकार्ड भेजकर उनसे पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस के द्वारा दी गई गारंटियों को तत्काल लागू करने की अपील की है। मुखरा गांव की रहने वाली वैष्णवी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लिखे पत्र में बताया कि आपने चुनाव के दौरान अपने घोषणापत्र में जो छह वादे किए थे, उनको आपने और आपकी पार्टी ने अब तक पूरा नहीं किया है। महालक्ष्मी योजना के तहत 2,500 रुपये महिलाओं को देने का जो वादा था वह भी पूरा नहीं किया है। मैं सोनिया गांधी मैडम से अनुरोध करती हूं, आपकी पार्टी ने चुनाव के समय जो 6 वादे किए गए थे। उन्हें जल्द लागू किया जाए। महिला ने सोनिया गांधी को भी पोस्टकार्ड भेजा है। उन्होंने उसमें लिखा, “सोनिया गांधी मैडम, तेलंगाना में विधानसभा चुनाव के दौरान तुक्कुगुडा में जनसभा में कहा था कि पहली गारंटी महालक्ष्मी योजना के तहत हर महिला को प्रति महीना 2,500 रुपये देने का है। 100 दिन में छह गारंटी अमल में लाने की बात कही गई थी। सरकार को सत्ता में आए 300 दिन हो गए लेकिन, अभी तक छह गारंटी को अमल में नहीं लाया गया है। अब तक महालक्ष्मी योजना के तहत किसी भी महिला को 2500 रुपये नहीं मिले हैं। आपसे अनुरोध है कि आप अपने वादे को तुरंत अमल में लाएं। इसके अलावा एक और पोस्टकार्ड में नवले प्रवमिका ने लिखा कि तेलंगाना में 100 दिन में छह गारंटी अमल में लाने की बात कांग्रेस के द्वारा बोली गई थी। लेकिन, आपकी सरकार को सत्ता में आए 300 दिन हो गए हैं, मगर अभी तक छह गारंटी अमल में नहीं लाई गई। आपसे अनुरोध है कि अपने वादे तुरंत लागू करें। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को भी पोस्टकार्ड भेजकर छह गारंटियों के लागू करने में देरी पर असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने राहुल गांधी को याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी ने 100 दिनों में गारंटियों को लागू करने का वादा किया था, लेकिन, सत्ता में 300 दिन पूरे होने के बाद भी वह ऐसा करने में विफल रही।

यूएसआईएसपीएफ अध्यक्ष ने कहा- आर्थिक विकास में चीन और अमेरिका से आगे निकल जाएगा भारत

नई दिल्ली अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष जॉन चैंबर्स ने सोमवार को दावा किया कि भारत प्रमुख आर्थिक मापदंडों में चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका से आगे निकल जाएगा। नई दिल्ली में यूएसआईएसपीएफ द्वारा आयोजित वार्षिक ‘भारत नेतृत्व शिखर सम्मेलन 2024’ में बोलते हुए, चैंबर्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक प्रगति की तेज गति की तारीफ की। चैंबर्स ने कहा, “महत्वपूर्ण क्षण वह था जब राष्ट्रपति बाइडेन और प्रधानमंत्री मोदी ने वाशिंगटन में मुलाकात की और घोषणा की कि यह अब तक की सबसे रणनीतिक साझेदारी है।” यूएसआईएसपीएफ अध्यक्ष ने कहा, “जीडीपी प्रति व्यक्ति आय वृद्धि के मामले में भारत चीन से लगभग 100 प्रतिशत और अमेरिका से 33 प्रतिशत बड़ा होगा। यहां जीवन स्तर और समग्र विकास दुनिया के किसी भी अन्य देश से आगे निकल जाएगा।” चैंबर्स ने जोर देते हुए कहा, ‘यह भारत की सदी है।’ उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका के साथ मिलकर व्यापार, सरकार, शिक्षा जगत के लीडर्स के साथ काम करके भारत वैश्विक विकास के लिए एक मॉडल बन सकता है। यूएसआईएसपीएफ अध्यक्ष ने आगे भविष्यवाणी की कि मजबूत अमेरिकी-भारत साझेदारी के माध्यम से, ‘हम संभावित रूप से भारत की जीडीपी वृद्धि को दो प्रतिशत वार्षिक दर से बढ़ा सकते हैं और अमेरिकी जीडीपी वृद्धि को एक प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं।” यूएसआईएसपीएफ शिखर सम्मेलन प्रधानमंत्री मोदी की संयुक्त राज्य अमेरिका की सफल यात्रा के बाद हो रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को मजबूत करना, सप्लाई चेन को बढ़ावा देना, सेमीकंडक्टर निवेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नोलॉजी सहयोग को बढ़ावा देना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल नई दिल्ली के भारत मंडपम में वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली का करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह 10 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली (डब्ल्यूटीएसए) 2024 का उद्घाटन करेंगे जिसका आयोजन अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ द्वारा किया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी कार्यक्रम के दौरान इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 के आठवें संस्करण का भी उद्घाटन करेंगे। वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली (डब्ल्यूटीएसए) अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) के मानकीकरण कार्य के लिए शासी सम्मेलन है, जो संयुक्त राष्ट्र की डिजिटल प्रौद्योगिकी एजेंसी है। यह सम्मेलन हर चार साल में आयोजित किया जाता है। पहली बार इसका आयोजन भारत और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में किया जाएगा। यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक आयोजन है। इसमें 190 से ज्यादा देशों के तीन हजार से अधिक उद्यमी, नीति-निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो दूरसंचार, डिजिटल और आईसीटी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगे। डब्ल्यूटीएसए 2024 एक ऐसा मंच प्रदान करेगा जहां देश को अगली पीढ़ी की महत्वपूर्ण तकनीकों जैसे 6जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), आईओटी, बिग डेटा, साइबर सुरक्षा आदि के मानकों के भविष्य पर चर्चा की जाएगी। भारत में इस कार्यक्रम की मेजबानी करने से देश को वैश्विक दूरसंचार एजेंडे को आकार देने और भविष्य की प्रौद्योगिकियों की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। भारतीय स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थान बौद्धिक संपदा अधिकार और मानक आवश्यक पेटेंट विकसित करने में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए तैयार हैं। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम का प्रदर्शन होगा, जिसमें प्रमुख दूरसंचार कंपनियां और नवप्रवर्तनकर्ता क्वांटम तकनीक, सर्कुलर इकोनॉमी, 6जी, 5जी, क्लाउड और एज कंप्यूटिंग, आईओटी, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, ग्रीन टेक, सैटकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में नवाचार और प्रगति का प्रदर्शन करेंगे। इंडिया मोबाइल कांग्रेस, एशिया का सबसे बड़ा डिजिटल तकनीकी मंच, दुनिया भर में उद्योग, सरकार, अकादमिक, स्टार्टअप और अन्य प्रमुख हितधारकों के लिए नवीनतम समाधान, सेवाएं और आधुनिक उपयोग के मामलों को प्रदर्शित करने का एक जाना-माना प्लेटफॉर्म बन गया है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में 400 से अधिक प्रदर्शकों, लगभग 900 स्टार्टअप और 120 से ज्यादा देशों की भागीदारी होगी। इस आयोजन का उद्देश्य 900 से अधिक तकनीकी उपयोग परिदृश्यों का प्रदर्शन करना, 100 से अधिक सत्र और चर्चाएं आयोजित करना है, जिसमें 600 से अधिक वैश्विक और भारतीय वक्ता शामिल होंगे।

एयर होस्टेस ने खोला फ्लाइट इंडस्ट्री का काला सच, अनसुने अनुभवों से किया पर्दाफाश

नई दिल्ली आसमान में उड़ान भरना हमेशा से एक आकर्षक और ग्लैमरस अनुभव माना जाता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि इस चमक-दमक के पीछे क्या-क्या चुनौतियां छिपी होती हैं? हाल ही में, लंदन में रहने वाली एक पूर्व एयर होस्टेस, स्काई टेलर, ने अपनी 17 साल की करियर यात्रा के दौरान सामने आए कई गंभीर और चौंकाने वाले अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें कई यात्रियों के अजीब व्यवहार और तनावपूर्ण हालात का सामना करना पड़ा। शराब के नशे में यात्रियों का बेकाबू होना स्काई ने लॉस वेगास की फ्लाइट के बारे में एक दिलचस्प कहानी साझा की। उनके मुताबिक, “लॉस वेगास का नाम सुनते ही मुझे सिहरन होने लगती है। यहां के यात्रियों का शराब पीने का स्तर बहुत अधिक होता है, खासकर वीकेंड के दौरान।” इस फ्लाइट में, यात्रियों की बदतमीजी और गैर-जिम्मेदाराना हरकतें आम होती हैं। वह बताती हैं, “लोग टॉयलेट में वाइप्स का धुआं करते हैं, कैबिन क्रू से बदतमीजी करते हैं, चिल्लाते हैं, गाली-गलौज करते हैं, और कभी-कभी तो हाथापाई की कोशिश भी करते हैं। यह सब देखकर मुझे हर बार अंदर तक हिल जाती हूँ।” स्काई ने बताया कि कुछ सेलेब्स और इंफ्लूएंसर्स विशेष रूप से सिरदर्द साबित होते हैं। “कुछ लोग खुद को बहुत बड़ा स्टार समझते हैं और क्रू से VIP ट्रीटमेंट की उम्मीद करते हैं,” उन्होंने कहा। कई बार, ये इंफ्लूएंसर्स क्रू मेंबर से यह उम्मीद करते हैं कि उन्हें पहचाना जाए या उनके फैंस बनें। “एक बार, किसी ने मुझे कहा, ‘मेरे एक लाख फॉलोअर्स हैं,’ लेकिन फिर भी मेरी यहां कोई अहमियत नहीं थी,” उन्होंने मजाक में कहा। इससे स्पष्ट होता है कि स्टारडम के पीछे भी वास्तविकता का एक कड़वा सच होता है। केबिन क्रू की ‘हॉट’ पार्टियां स्काई ने यह भी बताया कि जोहान्सबर्ग में केबिन क्रू के स्टॉपओवर्स पर अक्सर ‘हॉट’ पार्टियां होती थीं। उन्होंने कहा, “जोहान्सबर्ग में हर बार कुछ न कुछ गड़बड़ होती थी। शराब और ऑक्सीजन की कमी का असर वहां के माहौल में देखने को मिलता था।” इन पार्टियों में कई बार चीजें इतनी आगे बढ़ जाती थीं कि उन्हें वहां से निकलना पड़ता था। स्काई ने कहा, “मैंने कई बार देखा कि एयरहोस्टेस और पायलट के बीच कितनी करीबी हो जाती है। यह स्थिति कभी-कभी बहुत असहज हो जाती थी।”  ‘ऑर्गी’ का माहौल एक और चौंकाने वाला अनुभव शेयर करते हुए, स्काई ने कहा कि स्टॉपओवर्स के माहौल को ‘ऑर्गी’ जैसा नहीं कह सकते, लेकिन यह उससे कम भी नहीं होता। “इन पार्टियों में एक अजीब किस्म का माहौल होता है, जहां लोग बिना किसी रोक-टोक के एक-दूसरे के साथ यौन संबंध बना सकते हैं।” उन्होंने कहा कि फ्लाइट का मैनेजर भी इस माहौल को और खराब करने में योगदान देता है। “ये सब देखकर मुझे हमेशा असहजता महसूस होती थी,” उन्होंने कहा। मानसिक स्वास्थ्य और दबाव स्काई ने अपने करियर के दौरान मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर भी ध्यान दिया। “इन परिस्थितियों का मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत प्रभाव पड़ता है,” उन्होंने कहा। लगातार तनाव और असुरक्षा का सामना करना एक एयर होस्टेस के लिए आसान नहीं होता। “कई बार, जब मैं फ्लाइट के बाद अकेली होती थी, तो मुझे उन अनुभवों के बारे में सोचकर बहुत दुख होता था,” उन्होंने कहा। इस तरह की कहानियों से यह स्पष्ट होता है कि एयर होस्टेस का काम जितना आसान और ग्लैमरस नजर आता है, असल में वह कई प्रकार की चुनौतियों से भरा होता है। यात्रियों के व्यवहार, पेशेवर संबंधों की जटिलताएं, और व्यक्तिगत सुरक्षा का ध्यान रखना—ये सब चीजें एयर होस्टेस के जीवन का हिस्सा हैं। स्काई की यह कहानी हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि फ्लाइट इंडस्ट्री के पीछे क्या-क्या सच्चाइयाँ छिपी होती हैं। इस प्रकार, एयर होस्टेस की जिंदगी केवल यात्रा करने या लोगों की सेवा करने तक सीमित नहीं होती; यह एक संघर्ष है, जो कई बार मानसिक और शारीरिक तनाव के साथ-साथ असुरक्षा भी लाता है। इस अनुभव ने यह साबित कर दिया है कि हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती।  

छोटे से विवाद के चलते एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी, बेटे पर लेटी मां, हाथ जोड़ते रहे पिता

मुंबई देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मॉब लिंचिंग का मामला सामने आया है। यहा कुछ लोगों ने एक छोटे से विवाद के चलते एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी। जानकारी के मुताबिक, विवाद गाड़ी को ओवरटेक को लेकर हुआ था। जिसमें कुछ लोगों ने युवक को इतना मारा कि उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान आकाश माइन के रूप में हुई है। इस घटना को लेकर वायरल हो रहा वीडियो दिल को झकझोर देने वाला है। दिंडोशी पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताय कि मृतक का नाम आकाश है। आकाश का रास्ते में गाड़ी ओवरटेक करने को लेकर कुछ लोगों से विवाद हुआ था। इसी बीच लोगों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। मारपीट होते देख मौके पर काफी संख्या में भीड़ जमा हो गई। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने भी मृतक पर हाथ साफ किया। बेटे के ऊपर लेटी मां, फिर भी पीटते रहे लोग आकाश की जब लोगों द्वारा पिटाई की जा रही थी, तब उसकी मां और उसके पिता बचाने के लिए आए। पिता जहां हाथ जोड़कर रहम की भीख मांग रहा था तो वहीं बेटे को बचाने के लिए मां उसके ऊपर लेट गई, ताकि उसके बेटे को मार न लगे, लेकिन इस दौरान उग्र भीड़ ने फिर भी उसे मारना नहीं छोड़ा। बुजुर्ग पिता को भी लोगों ने पीटा वीडियो में ये भी देखा जा सकता है कि हाथ-पैर जोड़ रहे बुजुर्ग पिता पर भी लोगों ने हाथ साफ किया। वह लोगों से काफी मिन्नत कर रहा था, लेकिन लोग उसके बेटे को पीटे जा रहे थे और अंत में आकाश की मौत हो गई। फिलहाल दिंडोशी पुलिस ने इस घटना के बाद हत्या का मामला दर्ज कर नौ आरोपियों को किया गिरफ्तार किया है। वहीं मामले की जांच जारी है। लोग कितने बेरहम होते जा रहे हैं। किसी की जिंदगी की अब कोई कीमत नहीं रही। आए दिन लड़ाई-झगड़ों में लोग अपना धैर्य खो दे रहे हैं। एक समाज के रूप में हम कहां आकर खड़े हो गए हैं। भीड़ युवक को पीटती रही, फिर भी नहीं दिखी पुलिस वहीं इस वीडियो के वायरल होने के बाद कई तरह के सवाल खेड़ हो रहे हैं। अगर इतनी देर तक भीड़ युवक को पीटती रही तो पुलिस कहां पर थी, क्या दिंडोशी इलाके में उस समय एक भी गश्त की टीम नहीं घूम रही थी। अगर पुलिस समय से पहुंचती तो शायद युवक को जान बच जाती। भीड़ ने जिस तरह से युवक की पीट-पीटकर हत्या की, उससे राजधानी मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। युवक का मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

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