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बेटे गोपाल राणा ने बसपा-इनेलो की टिकट पर असंध विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, हरा चुनाव तो पिता का हुआ निधन

हरियाणा हरियाणा बसपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पानीपत राजपूत सभा के अध्यक्ष नरेंद्र राणा का हुआ निधन। उनके बेटे गोपाल राणा ने बसपा-इनेलो की टिकट पर असंध विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। जिसमें वह हार गए थे। इसके बाद नरेंद्र राणा को चंडीगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हरियाणा चुनाव प्रचार के दौरान वह अपने बेटे गोपाल राणा के समर्थन में वोट की अपील करते नजर आए थे। उनकी हालत में थोड़ा सुधार हुआ था, लेकिन चुनाव के बाद उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। बता दें कि नरेंद्र राणा कई महीनों से बीमार थे। चुनाव हारने के बाद गोपाल राणा ने सोशल मीडिया पर लिखा- अगर मैं चुनाव जीत जाता तो शायद आज मेरे पिता ठीक होते। उनका अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव ददलाना में किया गया। उनके निधन पर राजनीतिक, धार्मिक व सामाजिक संगठनों के साथ-साथ उनके चाहने वालों ने गहरा दुख व्यक्त किया।   गोपाल राणा ने 2 दिन पहले किया था पोस्ट नरेंद्र राणा के बेटे गोपाल राणा ने 8 अक्टूबर को असंध विधानसभा चुनाव हारने के दो दिन बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने लिखा था कि आज चुनाव गोपाल राणा नहीं बल्कि बेटा हारा है। मैं अपने पिता के सपने के लिए लड़ रहा था। जनता ने आशीर्वाद दिया लेकिन मैं सरकारी सिस्टम से हार गया। गोपाल ने लिखा- जैसे ही पापा को हार की खबर मिली, उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मैं सोच रहा था कि क्या पता मेरी जीत से पापा ठीक हो जाते, लेकिन ऐसा नहीं हो सका, मैं सिस्टम का शिकार हो गया, मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि भविष्य में किसी के साथ अन्याय न हो। टिकट न मिलने के कारण ब्रेन हेमरेज हुआ पलवल के पूर्व विधायक सुभाष चौधरी को टिकट न मिलने के कारण ब्रेन हेमरेज हो गया था। जिसके कारण 73 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। चुनाव से पहले एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि यह उनका आखिरी चुनाव होगा। अगर उन्हें टिकट नहीं मिला तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे। इसी बीच कांग्रेस ने करण दलाल को टिकट दे दिया। जिसके बाद उनकी तबीयत खराब हो गई। सुभाष चौधरी की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। उनका एक बेटा अमरजीत और एक बेटी सविता है। दोनों की शादी हो चुकी है। बेटी पहले प्रिंसिपल थी, लेकिन शादी के बाद उसने नौकरी छोड़ दी।

देशभर में जल रहा था रावण, कैथल में जलीं एक ही परिवार की 8 चिताएं, पूरे गांव में नहीं जला चूल्हा

कैथल कल दशहरे के दिन मुंदडी गांव के पास सिरसा ब्रांच नहर में हुए हादसे ने पूरे जिले को झझकोर कर कर रख दिया है। एक ही परिवार के आठ सदस्यों की मौत के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। घटना के बाद गांव में किसी के भी घर में चूल्हा नहीं जला, सभी ग्रामीण अपने दुकान व काम धंधे छोड़कर पीड़ित परिवार का ढांढस बंधाने पहुंचे। परिवार के आठ सदस्यों की एक साथ चिताएं जलाई गई। जिसके बाद गांव में चारों ओर मातम की चीख और पुकार ही सुनाई दी। मृतकों के आवास पर ढांढस बंधाने पहुंचने वाले प्रत्येक की आंखें नम थी। गांव में सभी ने अपनी दुकान से लेकर अन्य संस्थान तक सभी बंद रखे, यहां तक की गांव के मंदिर में भगवान की आरती भी नहीं हुई। गंभीर हादसे में हुई 8 मौतों के कारण  सवाल उठता है कि आखिर इन आठ सदस्यों की मौत का जिम्मेवार कौन है? गांव में पसरा मातम, नहीं जला चूल्हा गांव में एक साथ एक ही परिवार के 8 सदस्यों की दर्दनाक मौत की घटना ने जिले ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। गांव में हादसे के कारण दशहरे के पर्व की सभी खुशियां मातम में बदल गई। पूरे गांव में किसी के भी घर चूल्हा नहीं जला। पूरे गांव के लोग उनके निवास पर शोत संतप्त थे। ग्रामीणों ने अपने काम धंधे छोड़ मृतक परिवार के परिजनों का ढांढस बंधाया। सभी ने अपनी दुकान से लेकर अन्य संस्थान तक सभी बंद कर दिए। यहां तक की गांव के मंदिर में भगवान की आरती भी नहीं की गई। विधायक ने दिया अर्थी को कंधा घटना की सूचना मिलते ही पुंडरी के नवनिर्वाचित भाजपा विधायक सतपाल जाम्बा सहित अन्य पार्टियों के कई नेता गांव में पहुंचे। जहां विधायक सतपाल ने मृतकों की अर्थियों को अपना कांधा दिया। उनके साथ भाजपा के जिला अध्यक्ष मुनीष कठवाड़, भाजपा युवा जिला अध्यक्ष आदित्य भारद्वाज, पूर्व आजाद प्रत्याशी सतबीर भाना सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। सभी ने इस दुख की घड़ी में परिवार को हर तरह की संभव सहायता करने की भी बात कही। ऐसा बताया जा रहा है कि हादसे में कार चालक कर्मजीत उर्फ काला ने करीब एक माह पहले ही यह अल्टो गाड़ी खरीदी थी। ऐसे में लोग गाड़ी को अपशगुन मान रहा है जिस कारण पूरा परिवार मौत के आगोश में समां गया। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि अल्टो गाड़ी पांच सीटर होती है। कर्मजीत को उसमें 9 सदस्य नहीं बैठाने चाहिए थे। इस जगह पर पहले भी कई हो चुके हैं हादसे इससे पूर्व भी इस जगह पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। कुछ महीने पहले इसी स्थान पर कैथल के हुड्डा 20 सेक्टर के एक युवक की गाड़ी नहर में गिरी थी। उसम समय समाजसेवी राजू डोहर ने खुद नहर के अंदर जाकर गाड़ी को रस्सियों से बाहर निकाला था परन्तु गाड़ी चालक की मौत हो गई थी। उस समय लोगों ने सिंचाई विभाग से यहां पर सीमेंट की दीवार या लोहे की ग्रिल लगाने की मांग की थी लेकिन विभाग द्वारा अभी तक यह कार्य नहीं किया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि यहां पर लोहे की ग्रिल या दीवार होती तो शायद परिवार के 8 लोगों की जान बच सकती थी।

डीके शिवकुमार ने कहा- कन्नड़ जाने बिना कर्नाटक में नहीं रह सकते, 1 नवंबर को फहराएं कन्नड़ झंडा

कर्नाटक कर्नाटक सरकार ने 1 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर कन्नड़ झंडा फहराना अनिवार्य कर दिया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य के स्थापना दिवस पर बेंगलुरु में सूचना प्रौद्योगिकी (IT), जैव प्रौद्योगिकी (BT) क्षेत्र समेत सभी शिक्षण संस्थाओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और कारखानों में कन्नड़ ध्वज जरूर फहराया जाए। उन्होंने कहा कि शहर और बेंगलुरू शहरी जिले में रहने वाले लगभग 50 प्रतिशत लोग अन्य राज्यों से हैं। उन्हें भी कन्नड़ सीखने को प्राथमिकता देनी चाहिए। शिवकुमार ने कहा, ‘हम मैसूर राज्य का नाम बदलकर कर्नाटक किए जाने के 50 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। 1 नवंबर कन्नड़ लोगों के लिए उत्सव का दिन है। बेंगलुरू के प्रभारी मंत्री के तौर पर मैंने एक नया कार्यक्रम तैयार किया है, जिसके तहत सभी स्कूलों और कॉलेजों, कारखानों, आईटी-बीटी क्षेत्र सहित व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में अनिवार्य रूप से कन्नड़ ध्वज फहराया जाना चाहिए।’ उन्होंने बताया कि इस संबंध में आदेश जारी किया जाएगा। ‘कर्नाटक में कन्नड़ जाने बिना नहीं रहा जा सकता’ अनौपचारिक लेकिन व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त पीले व लाल ‘कन्नड़ ध्वज’ को 1960 के दशक में वीर सेनानी मा राममूर्ति ने डिजाइन किया था। शिवकुमार ने कहा, ‘राज्योत्सव का सरकारी समारोह एक स्थान पर आयोजित किया जाएगा, लेकिन निजी और सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में भी अनिवार्य रूप से समारोह आयोजित किए जाने चाहिए।’ शिवकुमार ने कहा कि हर किसी को यह महसूस करना चाहिए कि कर्नाटक में कन्नड़ जाने बिना नहीं रहा जा सकता। उन्होंने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में एक नवंबर को कन्नड़ ध्वज फहराने के साथ स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस की तर्ज पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने चाहिए। ‘स्कूलों में कन्नड़ विषय को अनिवार्य कर दिया’ मंत्री ने कहा कि वह कारखानों और व्यसायिक संस्थानों से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए नहीं कह रहे हैं। मगर, कन्नड़ ध्वज अनिवार्य रूप से फहराया जाना चाहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकारी आदेश का पालन न करने वालों को दंडित किया जाएगा, उन्होंने कहा, ‘मैं सभी को सूचित कर रहा हूं कि इस कन्नड़ भूमि पर, कन्नड़ सीखना उनका कर्तव्य है। हमने स्कूलों में कन्नड़ विषय को अनिवार्य कर दिया है। कन्नड़ ध्वज फहराने के ऐसे कार्यक्रम गांवों में आयोजित किए जाते हैं, लेकिन बेंगलुरु शहर में प्रभारी मंत्री के रूप में मैं इसे अनिवार्य बना रहा हूं।’ शिवकुमार ने कन्नड़ समर्थक संगठनों को चेतावनी दी कि अगर वे संस्थाओं या व्यवसायों पर यह कदम थोपने की कोशिश करेंगे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘सरकार की ओर से ऐसा करने के लिए अपील किए जाने जाने के बाद संस्थाएं और व्यवसाय स्वेच्छा से ऐसा करेंगे।’

पीएम मोदी ने ‘पीएम गति शक्ति’ के भारत की बुनियादी ढांचे और विकास पर पड़ने वाले प्रभाव का जिक्र किया

नई दिल्ली रविवार को ‘पीएम गति शक्ति’ पहल के तीन साल पूरे हो चुके हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘पीएम गति शक्ति’ के भारत की बुनियादी ढांचे और विकास पर पड़ने वाले प्रभाव का जिक्र किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘माई गवर्नमेंट इंडिया’ ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “आज हम पीएम गति शक्ति के तीन साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं, जिसे पीएम मोदी ने लॉन्च किया था। यह अभूतपूर्व पहल भारत के बुनियादी ढांचे को और अधिक स्मार्ट और एकीकृत बना रही है, आर्थिक विकास को बढ़ावा दे रही है और विकास के भविष्य को आकार दे रही है।” इस पोस्ट पर पीएम मोदी ने लिखा, “गति शक्ति की बदौलत देश विकसित भारत के हमारे सपने को पूरा करने के लिए गति के साथ आगे बढ़ रहा है। यह प्रगति, उद्यमशीलता और नवाचार को प्रोत्साहित करेगा।” इसके अलावा, उन्होंने इस दूसरे पोस्ट में लिखा, “पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान भारत के बुनियादी ढांचे में क्रांति लाने के उद्देश्य से एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभरा है। इसने मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाया है, जिससे सभी क्षेत्रों में तेज और अधिक कुशल विकास हुआ है। इसने लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा दिया है, देरी कम हुई है और कई लोगों के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं।” पीएम गति शक्ति के तीन साल पूरे होने पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पर पोस्ट किया, “आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के लिए प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के शुभारंभ के 3 वर्ष पूरे हो गए हैं। लॉजिस्टिक्स को सुव्यवस्थित करके और कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाकर, यह पथप्रदर्शक पहल तेज और अधिक कुशल परियोजना कार्यान्वयन सुनिश्चित करती है। यह एक आधुनिक, परस्पर जुड़े बुनियादी ढांचे के नेटवर्क को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे विकसित भारत के निर्माण की दृष्टि को मजबूती मिलती है।”  

बसेरा न होने से पहाड़ियों पर ली शरण, इजरायल की बमबारी में विस्थापित लेबनानी

बेरूत. लेबनान में इजरायल के युद्ध से हालात बदतर हो गए हैं. हर तरफ बमबारी हो रही है. लाखों लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं. कहा जा रहा है कि अब तक 30 लाख लोगों को बेघर होना पड़ा है. हालात तब और खराब हो गए जब इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह के ठिकानों को टार्गेट करते हुए दक्षिणी लेबनान के 20 से ज्यादा गांवों के लोगों को तुरंत खाली करने का आदेश जारी कर दिया. दक्षिणी बेरूत के कई स्कूल और कॉलेज अब आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (IDP) के कैंपों में तब्दील हो चुके हैं. यहां न सिर्फ महिलाओं और बच्चों का भारी संख्या में आना जाना है, बल्कि उनकी सुरक्षा और उनके मेंटल हेल्थ को लेकर चिंताएं भी बढ़ रही हैं. इंडिया टुडे ने यहां रिफ्यूजी कैंप में लोगों से बात की जिन्होंने बताया, “बमबारी की आवाज से बच्चे परेशान हो जाते हैं, लेकिन हमें इसकी आदत हो गई है.” हजारों लोगों ने छोड़ा अपना घर एक 50 वर्षीय अन्य लेबनानी नागरिक ने कहा, “हमने सुरक्षा के लिए अपने गांवों को छोड़ा है क्योंकि वे (इजरायली सेना) घरों पर हमला कर रही हैं. उनके पास इस दावे का कोई प्रमाण नहीं है कि वहां हथियार जमा हैं.” कैंप में खाने-पीने और अन्य जरूरतों की व्यवस्था स्थानीय और विदेशी एनजीओ कर रहे हैं. एक अन्य नागरिक ने बताया कि हालात अच्छे नहीं हैं. हजारों लोग अपना घर छोड़ रहे हैं. लेबनान में 2300 से ज्यादा नागरिकों की मौत युद्ध के बारे में पूछे जाने पर स्थानीय ने बताया कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता और इसका कोई हल जल्द नजर नहीं आता. इजरायल-हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष तब शुरू हुए जब हमास के समर्थन में संगठन ने इजरायल पर बमबारी की. हमास के समर्थन में हिज्बुल्लाह लड़ाके शुरू से इजरायली क्षेत्रों में बमबारी कर रहे थे. अब आलम ये है कि इजरायल लगातार यहां बमबारी कर रहा है. मसलन, 2300 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं. इजरायल-हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष इजरायली सेना लेबनान के भीतर अभियान चला रही हैं और हिज्बुल्लाह लड़ाकों के साथ वे लगातार टकराव में हैं. वे टैंकों और भारी हथियारों के साथ लेबनान में घुसे हैं. हिज्बुल्लाह के प्रमुख हसन नसरल्लाह के मारे जाने के बाद हिज्बुल्लाह की कमर टूट चुकी है और इजरायली सेना उसके उत्तराधिकारियों को भी नहीं बख्श रहे हैं. फिलहाल लेबनान में उसकी सेना हिज्बुल्लाह के ठिकानों को तबाह कर रही है. इजरायल का दावा है कि यहां लोगों ने अपने घरों में हथियार छिपा रखे हैं, लेकिन स्थानीय आम लोग इससे इनकार करते हैं.

मुसीबत में बिजनेस लाउंज में रातभर ठहरवाया, अमेरिकी छात्रा के भगवान बने कतर एयरवेज के सीईओ

शिकागो. कभी-कभी जब आप मुसीबत में फंसे हों और कोई ऐसा व्यक्ति आपकी मदद कर दे जिसे आप जानते भी न हों तो वो भगवान से कम नहीं होता। ऐसा ही कुछ अमेरिका की एक छात्रा के साथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ। यहां 20 साल की छात्रा जूलिया जारोस्लावस्की बैंकॉक से यूएस लौटते समय मुसीबतों में फंस गई। दरअसल, जूलिया को भरोसा था कि बैंकॉक से शिकागो लौटते समय आसानी से उसे फ्लाइट मिल जाएगी। लेकिन कतर से दोहा की उड़ान को लेकर बोर्डिंग के आखिर में उसे पता चला कि उड़ान में सीटें नहीं है। जिसके बाद वह परेशानी में पड़ गई। आखिर में वहां उसकी मदद कतर एयरवेज के एक सीईओ ने की। लगा था आराम से शिकागो पहुंच जाऊंगी रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिकागो की 20 वर्षीय छात्रा जूलिया जारोस्लावस्की ने ईमेल के जरिए बताया कि थाईलैंड से अमेरिका लौटने के दौरान दोहा, कतर के लिए उड़ान भरने के बाद, उसे उसी दिन शिकागो के लिए स्टैंडबाय उड़ान भरने की उम्मीद थी। शुरू में जब उन्होंने एयरलाइन कर्मचारियों के साथ बात की तो उन्होंने कहा कि उसे घर जाने के लिए उड़ान भरने में कोई समस्या नहीं आएगी। क्योंकि उस वक्त तक दोहा से शिकागो की उड़ान में बहुत सारी सीटें उपलब्ध थीं। लेकिन आखिर में बोर्डिंग के आखिर में एयरलाइन कर्मियों ने उसे बताया कि उड़ान की सारी सीटें भर चुकी हैं। इसके अलावा, बाकी किसी भी उड़ान में सीटें खाली नहीं हैं। कॉफी शॉप में मिले कतर एयरवेज के सीईओ जूलिया ने बताया कि वह बुरी तरह से थक चुकी थी, ये सुनते ही उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। इतना ही नहीं उसकी आंखों से आंसू निकल आए। जिसके बाद उसने बेहतर कनेक्शन वाली वैकल्पिक उड़ानों की खोज शुरू की लेकिन पाया कि आने वाले दिनों में दोहा से शिकागो की उड़ानें पूरी तरह से बुक थीं। ऐसे में बुरी तरह से परेशान जूलिया को एक रात एयरपोर्ट पर ही बितानी पड़ी। इसी दौरान भूख लगने पर वह एयरपोर्ट पर एक कॉफी की दुकान में गई। वहां उसने खाने के लिए ऑर्डर दिया। इस दौरान उसके चेहरे को देखने से पता लग रहा था कि वह परेशान है, उसकी आंखे डबडबाई हुईं थी। खाने के दौरान वह एक ऐसे व्यक्ति से एक सीट दूर बैठी जो उसकी ओर मुंह करके ही बैठा था। जूलिया को परेशान देख उसने जूलिया से परेशानी का कारण पूछा। जूलिया ने कहा कि इस पर मैनें उससे अपनी परेशानी बताई। इस पर उस व्यक्ति ने खुद का परिचय कतर एयरवेज के सीईओ बद्र मोहम्मद अल-मीर के रूप में दिया और उसकी मदद की पेशकश की। उन्होंने कहा कि मैं कतर एयरवेज का सीईओ हूं। आप चाहें तो कतर एयरवेज के बिजनेस लाउंज में आराम कर सकती हैं। इसके साथ ही उन्होंने बिजनेस क्लास में विजिट करने का ऑफर दिया। इसके बाद जूलिया तो बिजनेस लाउंज में ले जाया गया। जहां उसे सभी सुविधाएं दी गई। जूलिया ने बताया कि यात्रा से पहले उसने वहां नहाया और खाया। उन्होंने कहा कि कुछ ही क्षणों में, मेरा दिन पूरी तरह से बदल गया। जूलिया ने कहा कि  ऐसी सोई जैसी पहले कभी नहीं सोई। इसके बाद अगली सुबह उसने न्यूयॉर्क के लिए फ्लाइट ली। जहां से वह शिकागो गई। जूलिया ने अपनी इस यात्रा का अनुभव बताते हुए कहा कि भले ही मेरी यात्रा उम्मीद से कहीं अधिक लंबी रही, लेकिन यह एक ऐसी यात्रा है जिसे मैं हमेशा याद रखूंगी। अब कतर एयरवेज के सीईओ की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है।

कोई भी करीबी लोग मिलने न आएं, बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद सलमान खान की फैमिली की अपील

नई दिल्ली. सिद्दीकी की हत्या के बाद सलमान खान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. बांद्रा में उनके गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर सुरक्षाकर्मियों की तादाद बढ़ा दी गई है. वहीं परिवार ने उनके इंडस्ट्री में मौजूद कई दोस्तों और करीबियों से रिक्वेस्ट की है कि वो एक्टर से मिलने न जाएं. जानकारी के मुताबिक, अपने बेहद करीबी दोस्त बाबा सिद्दीकी को खोने के बाद से ही सलमान बेहद दुखी हैं. बाबा, सलमान के लिए सिर्फ दोस्त ही नहीं बल्कि एक परिवार जैसे थे. हाल ही में जब बाबा सिद्दीकी अपने बेटे जीशान के साथ सलमान खान से मिलने उनके गैलेक्सी अपार्टमेंट स्थित घर पहुंचे थे, तो उनका बहुत प्यार से स्वागत किया गया था. सलमान भी एक सच्चे दोस्त की तरह इस दुखद घटना के बाद परिवार से मिलने पहुंचे. हालांकि, कल देर रात लीलावती अस्पताल से घर लौटने के बाद सलमान सो नहीं पाए और लगातार जीशान और परिवार का हालचाल पूछते रहे. सिद्दीकी परिवार के एक करीबी सूत्र ने बताया, “भाई फोन पर अंतिम संस्कार की तैयारियों और हर छोटी-बड़ी जानकारी ले रहे हैं. उन्होंने अगले कुछ दिनों के लिए अपनी सभी निजी मुलाकातें भी रद्द कर दी हैं.” खबरों के मुताबिक सलमान के करीबी परिवार के सदस्य भी इस नुकसान से उतने ही दुखी हैं. अरबाज खान और सोहेल खान भी बाबा के बहुत करीब थे और उनकी इफ्तार पार्टियों में अक्सर जाते थे. लॉरेंस ने ली जिम्मेदारी – NCP लीडर बाबा सिद्दीकी की शनिवार रात को गोली मारकर हत्या कर दी गई. वो फिल्म इंडस्ट्री में अपनी लैविश इफ्तार पार्टियों को लेकर जाने जाते थे. कई ए-लिस्ट सेलेब्रिटीज का उनके घर आना जाता था. हाल ही में एक वायरल पोस्ट में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है. इस पोस्ट में गैंग ने दावा किया है कि वे सलमान खान से कोई युद्ध नहीं चाहते थे, लेकिन बाबा की हत्या की वजह उनके दाऊद इब्राहिम के साथ जुड़ाव था. हालांकि, मुंबई पुलिस ने एफबी पोस्टी की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि इसकी जांच की जाएगी. बिश्नोई गैंग ने फेसबुक पोस्ट में कहा, “सलमान खान हम ये जंग चाहते नहीं थे. पर तुमने हमारे भाई (लॉरेंस बिश्नोई) का नुकसान करवाया. आज जो बाबा सिद्दीकी की शराफत के पुल बांधे जा रहे हैं, वो एक टाइम में दाऊद के साथ मकोका एक्ट में था. इसके मरने का कारण दाऊद को बॉलीवुड, राजनीती, प्रॉपर्टी डीलिंग से जोड़ना था.  इनके अलावा अनुज थापन का नाम भी पोस्ट में है, जिसने सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग की थी, और पुलिस कस्टडी में उसकी मौत हो गई थी. गैंग का कहना है कि ये मौत उसका बदला है. बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में मुंबई पुलिस ने अब तक तीन शूटरों की पहचान की है और मास्टरमाइंड की तलाश में लगी हुई है.

दिसानायके सरकार का फरमान, श्रीलंका में दोबारा खोले जाएंगे पुराने हाई-प्रोफाइल मामले

कोलंबो. श्रीलंका की नई सरकार अब कुछ पुराने हाई-प्रोफाइल मामलों को लेकर सख्त होती हुई दिख रही है। दिसानायके सरकार ने पुलिस को एक बार फिर इन मामलों की जांच करने के आदेश दिए है। इन मामलों में सबसे प्रमुख रूप से 2019 ईस्टर संडे आतंकी हमले और 2005 में तमिल अल्पसंख्यक समुदाय के पत्रकार की हत्या शामिल है। बता दें कि पिछले महीने राष्ट्रपति चुनाव जीतने वाली सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पावर ने पिछले मामलों की फिर से जांच करने का वादा किया था। श्रीलंकाई सरकार के इस आदेश के बाद पुलिस प्रवक्ता निहाल थलदुवा ने शनिवार को जानकारी देते हुए कहा कि मंत्रालय ने कार्यवाहक पुलिस प्रमुख से कहा है कि इन मामलों की फिर से जांच की जानी चाहिए। जिन मामलों की फिर से जांच की जानी है, उनमें 2015 में सेंट्रल बैंक बॉन्ड जारी करने में कथित घोटाला शामिल है, जिसके लिए तत्कालीन राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे की सरकार को दोषी ठहराया गया था, और 2019 ईस्टर संडे आतंकी हमले जिसमें 11 भारतीयों सहित 270 से अधिक लोग मारे गए थे। इन मामलों के मिलेगी प्राथमिकता इसके साथ ही पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि कैथोलिक चर्च ने उन हमलों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जिनका आरोप है कि पिछली सरकारों ने राजनीतिक रूप से प्रेरित कवर-अप किया था। जिन अन्य मामलों की जांच की जानी है। इसमें 2005 में तमिल अल्पसंख्यक समुदाय के पत्रकार डी शिवराम की हत्या और 2006 में एक तमिल अल्पसंख्यक शिक्षाविद का अपहरण और लापता होना शामिल है, जो उस समय पूर्वी विश्वविद्यालय का प्रमुख था। उत्तरी राजधानी जाफना में 2011 में दो राजनीतिक पार्टी कार्यकर्ताओं का लापता होना भी सूची में है।

बाबा सिद्दीकी के कत्ल की जिम्मेदारी लेकर बिश्नोई गैंग ने फिर धमकाया, ‘सलमान-दाऊद की हेल्प करने वाले अपना हिसाब-किताब रखना’

मुंबई. मुंबई में एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है. बिश्नोई गैंग के सदस्य ने सोशल मीडिया पर सलमान खान को संबोधित कर कहा कि हम ये जंग नहीं चाहते थे, लेकिन तुमने हमारे भाई का नुकसान करवाया. गैंग की ओर से धमकी दी गई है कि जो भी सलमान खान और दाऊद गैंग की मदद करेगा, अपना हिसाब-किताब लगाकर रखना. हालांकि आजतक इस पोस्ट की पुष्टि नहीं करता है, वहीं मुंबई पुलिस इस पोस्ट की जांच कर रही है. इसी पोस्ट में आगे कहा गया है कि आज जो बाबा सिद्दीकी की शराफत के पुल बांध रहे हैं, ये एक समय मकोका एक्ट में दाऊद इब्राहिम के साथ था. इतना ही नहीं इसी पोस्ट में बाबा सिद्दीकी को टारगेट करने की वजह भी बताई गई है. इसमें लिखा है कि इसके मरने का कारण अनुज थापन और दाऊद को बॉलीवुड, राजनीति और प्रॉपर्टी डीलिंग से जोड़ना था.  इसमें आगे लिखा है कि हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है पर जो भी सलमान खान और दाऊद गैंग की हेल्प करेगा, अपना हिसाब-किताब लगाके रखना. हमारे किसी भी भाई को कोई भी मरवाएगा तो हम प्रतिक्रिया जरूर देंगे. हमने पहले वार कभी नहीं किया. कौन था अनुज थापन? सोशल मीडिया पोस्ट में अनुज थापन का नाम लिखा गया है. यह वही अनुज थापन है, जिसने सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग की थी. जिसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था. हालांकि अनुज की मुंबई पुलिस की कस्टडी में मौत हो गई थी.  दो शूटर गिरफ्तार, एक फरार मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है. इनकी पहचान हरियाणा के रहने वाले गुरमैल बलजीत सिंह (23) और यूपी के बहराइच के रहने वाले धर्मराज राजेश कश्यप (19) के रूप में हुई है. जबकि तीसरा शूटर अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. उसका नाम शिवकुमार गौतम उर्फ शिवा (20) है और वो भी यूपी के बहराइच का ही रहने वाला है.  यूपी के क्रिमिनल का नहीं है कोई आपराधिक रिकॉर्ड जब मुंबई क्राइम ब्रांच ने यूपी पुलिस से इनकी क्रिमिनल हिस्ट्री के लिए कॉन्टैक्ट किया तो दोनों आरोपियों के खिलाफ जिले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं है. धर्मराज राजेश कश्यप और शिवकुमार गौतम उर्फ शिवा बहराइच जिले के कैसरगंज थाना क्षेत्र के गंडारा कस्बे के रहने वाले हैं. हालांकि हरियाणा के रहने वाले गुरमैल बलजीत के खिलाफ हत्या का एक मुकदमा पहले से दर्ज है. उसने अपने सगे बड़े भाई की सुआ मारकर हत्या की थी. यूपी के शूटर मजदूरी करने गए थे पुणे जानकारी मिली है कि धर्मराज कश्यप और शिवकुमार उर्फ शिवा गौतम मजदूरी करने के लिए पुणे आए थे. शिवा करीब 5-6 सालो से पुणे में एक स्क्रैप व्यापारी के यहां काम करता था. शिवा ने कुछ महीनों पहले धर्मराज को भी पुणे काम के लिए बुलाया था. सुपारी देने वाले व्यक्ति ने शिवा और धर्मराज से गुरमैल की मुलाकात कराई थी. हालांकि क्राइम ब्रांच इस बात का पता लगा रही है कि ये दोनों पुणे से मुंबई कैसे पहुंचे. 

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में रविवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए

जम्मू जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में रविवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर 4 रही तीव्रता। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि जिले में सुबह 6.14 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिसकी तीव्रता 4 थी। भूकंप के निर्देशांक अक्षांश 32.95 डिग्री उत्तर और देशांतर 75.83 डिग्री पूर्व हैं। यह धरती की सतह से 15 किलोमीटर नीचे आया। अभी तक कहीं से जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। आपको बताते चलें, जम्मू-कश्मीर के चिनाब घाटी क्षेत्र में अलग-अलग तीव्रता के भूकंप आते रहे हैं, जिसमें डोडा, किश्तवाड़, रामबन और रियासी जिले शामिल हैं। पिछले पांच से सात सालों में इन भूकंपों की आवृत्ति में वृद्धि हुई है। केंद्र शासित प्रदेश में भूकंप से पहले भी तबाही देखने को मिली है। कश्मीर घाटी भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। साल 2005 में 8 अक्टूबर को सुबह 8.50 बजे जम्मू-कश्मीर में रिक्टर पैमाने पर 7.6 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप का केंद्र पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के मुजफ्फराबाद शहर से 19 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित था। इस भूकंप से उत्तरी पाकिस्तान, उत्तरी भारत और अफगानिस्तान में भारी तबाही हुई थी। मुजफ्फराबाद क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था और वहां के कई गांव पूरी तरह से नष्ट हो गए थे। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग और श्रीनगर, बारामुला जिलों सहित कश्मीर घाटी के विभिन्न शहरों में करीब 32,335 इमारत ढह गई थीं। आधिकारिक तौर पर पीओजेके और पाकिस्तान के एनडब्ल्यूएफपी में मरने वालों की संख्या 79 हजार बताई गई, जबकि अन्य स्रोतों के अनुसार यह संख्या 86 हजार थी, जबकि घायलों की संख्या 69 हजार से ज्यादा होने का अनुमान था। जम्मू-कश्मीर में करीब 1,350 लोग मारे गए थे और 6,266 घायल हुए और भूकंप के झटके 1,000 किलोमीटर दूर दिल्ली तक महसूस किए गए थे।  

चार साल में रहे जातीय शोषण और जमीन विवाद के सर्वाधिक मुद्दे, अनुसूचित जाति आयोग में 47 हजार शिकायतें

नई दिल्ली. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के आंकड़ों के अनुसार, बीते चार साल में उन्हें 47 हजार से ज्यादा शिकायतें मिली हैं। इनमें जातीय अत्याचार, भूमि विवाद और सरकारी नौकरी से संबंधित विवाद ही मुख्य मुद्दे हैं। आरटीआई के जवाब में यह जानकारी मिली है। एनसीएससी के आंकड़ों के अनुसार, साल 2020-21 में उन्हें 11,917 शिकायतें मिलीं। वहीं 2021-22 में 13,964, और 2022-23 में 12,402 और इस साल यानी 2024 में 9,550 शिकायतें मिल चुकी हैं। एनसीएससी के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने बताया कि आयोग को मिलने वाली सबसे आम शिकायतें अनुसूचित जाति समुदाय के खिलाफ अत्याचार से संबंधित हैं, इसके बाद भूमि विवाद और सरकारी क्षेत्र में सेवाओं से संबंधित मुद्दे हैं। उन्होंने कहा, ‘शिकायतों को तेजी से दूर करने के लिए, अगले महीने से, मैं या मेरे सदस्य राज्य कार्यालयों का दौरा करेंगे और वहां लोगों के सामने आने वाली समस्याओं को देखेंगे।’ मकवाना ने कहा कि वह लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए सप्ताह में चार बार सुनवाई कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा शिकायतें एनसीएससी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी राज्यों में सबसे ज्यादा शिकायतें उत्तर प्रदेश से दर्ज की गई हैं। अधिकारी ने बताया कि आयोग को हर दिन 200-300 शिकायतें मिलती हैं और उनमें से कई का कुछ ही दिनों में समाधान हो जाता है, इसलिए यहां देखा गया डेटा ज्यादातर उन शिकायतों का है जिनका समाधान होने की प्रक्रिया चल रही है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के खिलाफ अत्याचारों पर राष्ट्रीय हेल्पलाइन के आंकड़ों के अनुसार, 6,02,177 कॉल प्राप्त हुईं। इनमें से कुल शिकायतों की संख्या 5,843 थी, जिनमें से 1,784 का समाधान किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश से आधे से अधिक कॉल यानी 3,10,623 प्राप्त हुई हैं। इस हेल्पलाइन की निगरानी सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा की जाती है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत नवीनतम सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, अनुसूचित जाति के खिलाफ अत्याचार के अधिकांश मामले 13 राज्यों में केंद्रित थे, जहां 2022 में सभी मामलों का 97.7 प्रतिशत दर्ज किया गया। 2022 में उत्तर प्रदेश में 12,287 मामले दर्ज हुए, जो कुल मामलों का 23.78 प्रतिशत हिस्सा थे, इसके बाद राजस्थान में 8,651 (16.75 प्रतिशत) और मध्य प्रदेश में 7,732 (14.97 प्रतिशत) थे। जाति अत्याचार के महत्वपूर्ण मामलों वाले अन्य राज्य बिहार में 6,799 (13.16 प्रतिशत), ओडिशा में 3,576 (6.93 प्रतिशत) और महाराष्ट्र में 2,706 (5.24 प्रतिशत) थे। इन छह राज्यों में कुल मामलों का लगभग 81 प्रतिशत हिस्सा था।

अजित, धनंजय ने बाबा सिद्दीकी के निधन पर जताया शोक

नई दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पार्टी महासचिव के सी वेणुगोपाल तथा संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अजित गुट के नेता एवं राज्य के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि यह वारदात महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। गौरतलब है कि हमलावरों ने कल देर रात श्री सिद्धिकी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इनमें दो हमलावरों को पकड़ लिया गया है। श्री खरगे ने कहा, “महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी का दुखद निधन शब्दों से परे स्तब्ध करने वाला है। दुख की इस घड़ी में, मैं उनके परिवार, दोस्तों और समर्थकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए और महाराष्ट्र सरकार को गहन और पारदर्शी जांच का आदेश देना चाहिए। दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले और जवाबदेही सर्वोपरि है।” श्री गांधी ने कहा, “बाबा सिद्दीकी का दुखद निधन चौंकाने वाला है। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। यह भयावह घटना महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने को उजागर करती है। सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और न्याय मिलना चाहिए” श्री वेणुगोपाल ने कहा, “बाबा सिद्दीकी की हत्या से स्तब्ध और आक्रोशित हूँ। सिद्दीकी ने समर्पण के साथ लोगों की सेवा की और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत की। उनका निधन मुंबई और महाराष्ट्र के लोगों के लिए एक बड़ी क्षति है। यह घटना महाराष्ट्र की चरमराती कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सिद्दीकी ने कई मौकों पर अधिकारियों को अपने जीवन के खतरों के बारे में सूचित किया था और वाई प्लस सुरक्षा के बावजूद उनकी हत्या की गई। यह गोलीबारी भीड़भाड़ वाले बाजारों के बीच सड़क पर हुई और इससे पता चलता है कि महाराष्ट्र में अपराधियों को अब कानून का डर नहीं रहा। यहां तक कि सत्तारूढ़ गठबंधन के नेता भी अब राजधानी में सुरक्षित नहीं हैं। सत्तारूढ़ शासन को जवाब देना होगा-जब सार्वजनिक हस्तियां सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिक कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे।” श्री खेड़ा ने कहा, “बाबा सिद्दीकी की हत्या के बारे में सुनकर स्तब्ध हूं, शब्दों से परे। श्री सुनील दत्त के साथ मेरी उनसे पहली मुलाकात 1999 में हुई थी। उनका यूं चले जाना व्यक्तिगत क्षति है।” वही आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित गुट) के नेता एवं राज्य के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की मुंबई में जिस प्रकार सरेआम हत्या कर दी गई, उससे ना केवल महाराष्ट्, र बल्कि देशभर के लोग ख़ौफ़ज़दा हैं। श्री केजरीवाल ने एक्स पर कहा, “मुम्बई में सरेआम राकांपा नेता की गोली मारकर हत्या की इस वारदात से ना केवल महाराष्ट, बल्कि देशभर के लोग ख़ौफ़ज़दा हैं। दिल्ली में भी कमोबेश यही माहौल बना दिया है इन्होंने। ये लोग पूरे देश में गैंगस्टर राज लाना चाहते हैं। जनता को अब इनके ख़िलाफ़ खड़ा होना ही पड़ेगा।” उल्लेखनीय है कि मुंबई के बांद्रा इलाक़े में शनिवार देर रात हमलावरों ने श्री सिद्धिकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष अजीत पवार और कृषि मंत्री धनंजय मुंडे ने पार्टी के वरिष्ठ नेता बाबा सिद्दीकी की मौत पर शोक व्यक्त किया है। गौरतलब है कि श्री सिद्दीकी की शनिवार देर रात मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई। श्री पवार ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि श्री सिद्दीकी पर गोलीबारी की घटना “बहुत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और दर्दनाक” है। हमले की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि घटना की पूरी जांच की जाएगी और हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि हमले के पीछे के मास्टरमाइंड को जवाबदेह ठहराया जाएगा। श्री पवार ने कहा कि श्री सिद्दीकी की मौत पार्टी के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा, “हमने एक अच्छे नेता को खो दिया है, जिन्होंने अल्पसंख्यक भाइयों के लिए लड़ाई लड़ी और सर्व-धार्मिक सद्भाव के लिए प्रयास किया।” वहीं श्री मुंडे ने एक्स पर अपने संदेश में कहा कि वरिष्ठ राकांपा नेता एवं पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की मौत की खबर “बहुत चौंकाने वाली और दुखद” है। उन्होंने कहा, “वरिष्ठ साथी बाबा सिद्दीकी के निधन से अल्पसंख्यक आंदोलन ने एक महान नेता खो दिया है। मैं श्री सिद्दीकी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, हम सभी सिद्दीकी परिवार के दुख में शामिल हैं, ईश्वर उन्हें यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”  

चेचन्या में ईंधन केंद्र में धमाका, जिनेवा में संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे स्पीकर बिरला

जिनेवा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अगले हफ्ते जिनेवा में होने वाली 149वीं अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) महासभा में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। बिरला के साथ राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश व संसद के दोनों सदनों के अन्य सदस्य भी होंगे। सोमवार को बिरला जिनेवा में भारतीय प्रवासियों को भी संबोधित करेंगे। बिरला महासभा को एक अधिक शांतिपूर्ण और टिकाऊ भविष्य के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार का उपयोग विषय पर संबोधित करेंगे। वे संगठन की सर्वोच्च निर्णायक इकाई, आईपीयू की गवर्निंग काउंसिल की बैठकों में भी भाग लेंगे। आईपीयू में 180 सदस्य संसद व 15 सहयोगी सदस्य शामिल हैं, जो चीन, भारत, इंडोनेशिया, केप वर्दे, सैन मैरिनो व पलाऊ जैसे कई देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। चेचन्या में ईंधन केंद्र में विस्फोट, चार की मौत रूसी प्रांत चेचन्या की राजधानी ग्रोज्नी में एक ईंधन केंद्र में शनिवार को हुए धमाके में दो बच्चों सहित चार लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि ईंधन केंद्र में धमाके के बाद आग फैल गई, जिसमें पांच अन्य लोग झुलस गए। चेचन्या के नेता रमजान कादीरोव ने एक बयान में कहा कि वह मामले की निगरानी कर रहे हैं। शांति सैनिकों ने महिलाओं को गर्भावस्था पर दिए सुझाव दक्षिण सूडान के विवादित क्षेत्र अबेई में संयुक्त राष्ट्र के अंतरिम सुरक्षा बल के तहत भारतीय सैनिकों ने ग्रामीण महिलाओं को गर्भावस्था देखभाल के बारे में जागरूक किया। कैप्टन जसप्रीत कौर व मेजर अभिजीत एस के नेतृत्व में 33 महिलाओं को स्वस्थ गर्भावस्था के लिए अहम सुझाव दिए गए। उन्होंने भारतीय सैनिकों की सराहना की व आगे भी ऐसे सत्रों की मांग की, क्योंकि उन्होंने बहुत कुछ नया सीखा। नोबेल विजेताओं ने परमाणु युद्ध के प्रति किया आगाह शांति का नोबेल पुरस्कार जीतने वाले समूह के नेताओं ने शनिवार को परमाणु युद्ध के बढ़ते खतरे के प्रति आगाह किया और परमाणु हथियारों को नष्ट करने की अपील दोहराई। 1945 में हिरोशिमा व नागासाकी पर अमेरिकी परमाणु हमले में जीवित बचे तथा निहोन हिदांक्यो समूह के सह-प्रमुख शिगेमित्सू तानाका ने कहा, अतंरराष्ट्रीय स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। युद्ध हो रहे हैं। देश परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे रहे हैं। मुझे डर है कि हम मानवजाति आत्मविनाश के रास्ते पर हैं। इसे रोकने का एकमात्र उपाय परमाणु हथियारों को खत्म करना है। परमाणु हमले में जीवित बचे लोगों को पुरस्कृत करते हुए नॉर्वे की नोबेल समिति ने शुक्रवार को निहोन हिदांक्यो को शांति पुरस्कार देने का एलान किया था। समूह परमाणु हथियारों  के खात्मे के लिए दशकों से प्रयासरत है।

रेल कर्मियों को बड़ी राहत, रेलवे के पैनल में शामिल हुई 13 निजी अस्पताल, होगा फ्री इलाज

बरेली रेल कर्मियों को गंभीर बीमारी होने पर इमरजेंसी की स्थिति में वह रेलवे के पैनल में शामिल निजी अस्पताल में उम्मीद कार्ड के आधार पर भर्ती हो सकेंगे। उन्हें रेलवे अस्पताल पहुंचकर रेफर कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। निजी अस्पताल 24 घंटे में रेलवे अस्पताल को ऑनलाइन इमरजेंसी रेफर लेटर भेजेगा। रेलवे अस्पताल की सहमति के बाद निश्शुल्क उपचार जारी रहेगा। यह सुविधा इमरजेंसी की स्थिति में ही मिलेगी। सामान्य स्थिति में रेलवे अस्पताल से चयनित निजी अस्पताल के लिए रेफर की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। एलएनएम का 13 निजी अस्पतालों के साथ करार जारी ललित नारायण मिश्र केंद्रीय रेलवे अस्पताल (एलएनएम) का 13 निजी अस्पतालों के साथ करार जारी रहेगा। एलएनएम प्रशासन ने मेदांता, द मेडिसिटी सेक्टर- 38, गुड़गांव के साथ 30 सितंबर 2025 तक कैशलेस उपचार के लिए करार कर लिया है। महाप्रबंधक सौम्या माथुर की सहमति के बाद चिकित्सा निदेशक डॉ. मो. असगर अली खान ने लखनऊ, वाराणसी, इज्जतनगर और गोंडा के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को मेदांता में रेफर करने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।   रेलवे के पैनल में शामिल निजी अस्पतालों की लिस्ट मेंदाता, द मेडिसिटी, सेक्टर- 38, गुडगांव यशोदा हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, गाजियाबाद सर्वोदय हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, फरीदाबाद- हरियाणा फोर्टिस एस्कोर्ट हर्ट इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर- नई दिल्ली नियो हास्पिटल- सेक्टर- 50 नई दिल्ली विजिटेक आई सेंटर- नई दिल्ली बत्रा हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, नई दिल्ली न्यू प्रकाश क्लीनिक, निकट कौवाबाग पुलिस चौकी, गोरखपुर श्रीराम जानकी नेत्रालय एडी चौक जुबिली रोड, गोरखपुर श्री साईं नेत्रालय दस नंबर बोरिंग सोनौली रोड, गोरखपुर फातिमा हास्पिटल, पादरी बाजार- गोरखपुर न्यू उदय हास्पिटल, गोलघर- गोरखपुर सावित्री हास्पिटल, दिलेजाकपुर- गोरखपुर बुजुर्गों की मदद को आगे आ रही बरेली पुलिस वहीं जिले की पुलिस को लेकर भी एक गर्व करने वाली बात सामने आई है। बरेली पुलिस अब बुजुर्गों की मदद को आगे आ रही है। एसएसपी के आदेश पर एसपी सिटी और एसपी नार्थ अपने-अपने क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्ग दंपती या एकल बुजुर्ग की लिस्ट तैयार करा रहे हैं। जिससे यदि उन्हें कोई समस्या होती है तो उनके दरवाजे तक स्वयं पुलिस मदद लेकर पहुंचे। उन्हें किसी भी तरह की कोई समस्या न हो। यहां ऐसे बहुत से बुजुर्ग हैं जो अपना बसर गुजर अकेले कर रहे हैं। उनकी देखभाल करने के लिए कोई नहीं हैं। इन्हीं लोगों की मदद को एक बार फिर से पुलिस आगे आ रही है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि लिस्ट फाइनल होने के बाद जिन बुजुर्गों या दंपतियों की कोई देखरेख करने वाला कोई नहीं हैं। उनकी देखरेख के लिए संबंधित बीट आरक्षी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। संबंधित थाना या चौकी का बीट सिपाही बुजुर्गों से संपर्क कर उनका नंबर लेगा और अपना नंबर उन्हें देकर आएगा। जिससे यदि उन्हें कभी कोई आवश्यकता होती है तो वह फोन कर सकें।

नायब सिंह सैनी को जान से मारने की धमकी, व्हाट्सएप ग्रुप पर दी थी धमकी, पुलिस ने एक को किया गिरफ्तार

हरियाणा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि राज्य के जींद जिले में जुलाना में व्हाट्सएप ग्रुप पर यह धमकी दी गई थी। आरोपी की पहचान जींद जिले के देवरार निवासी अजमेर के रूप में हुई है। जींद के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि अजमेर ने 8 अक्टूबर को राज्य में मतगणना के दिन व्हाट्सएप ग्रुप पर जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘जैसे ही मामला पुलिस के संज्ञान में आया प्राथमिकी दर्ज कर ली गई और अजमेर को गिरफ्तार कर लिया गया।’ मालू हो कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार और ओलंपिक पहलवान विनेश फोगट ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और भाजपा उम्मीदवार योगेश कुमार को हरा दिया। उन्होंने 6,015 मतों के अंतर से हराकर जुलाना विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की है। हालांकि, नतीजों से पहले कई राजनीतिक जानकारों का मानना था कि फोगाट की जीत का अंतर बड़ा हो सकता है। मगर, अंतिम नतीजे में दोनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। नई भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण 17 अक्टूबर को बता दें कि हरियाणा में नई भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 17 अक्टूबर को पंचकूला में होगा। पार्टी ने एक बयान में यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के सीनियर नेता और कुछ अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, ‘हमें प्रधानमंत्री की मंजूरी मिल गई है और 17 अक्टूबर को पंचकूला में मुख्यमंत्री व उनके मंत्रिपरिषद का शपथ ग्रहण समारोह होगा।’ शपथ ग्रहण समारोह पंचकूला के सेक्टर पांच स्थित दशहरा मैदान में सुबह 10 बजे होगा। बीजेपी ने विधानसभा चुनाव के दौरान संकेत दिया था कि अगर पार्टी जीतती है तो नायब सिंह सैनी शीर्ष पद के लिए उसकी पसंद होंगे, जिन्होंने मार्च में मनोहर लाल खट्टर की जगह हरियाणा के मुख्यमंत्री का पद संभाला था।

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