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यह संघर्ष सिर्फ एक क्षेत्रीय समस्या नहीं है, बल्कि इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है: जयशंकर

नई दिल्ली मध्य पूर्व में चल रहे हमास और इजरायल के बीच के संघर्ष ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारी चिंता पैदा कर दी है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह संघर्ष सिर्फ एक क्षेत्रीय समस्या नहीं है, बल्कि इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने इसे “गहरी चिंता का विषय” बताया, जिससे भारत समेत पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है। जयशंकर ने साफ कहा कि भारत मिडिल ईस्ट की इस जंग का फायदा नहीं उठा रहा है बल्कि इससे उसे नुकसान ही हो रहा है। मिडिल ईस्ट की जंग का फायदा नहीं उठा रहा भारत विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, “मध्य पूर्व आज एक अवसर नहीं, बल्कि गहरी चिंता का क्षेत्र है। संघर्ष बढ़ता जा रहा है और इसका असर केवल वहीं नहीं, बल्कि पूरे विश्व पर पड़ रहा है।” उन्होंने बताया कि ग्लोबल सप्लाई चैन पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे भारत समेत अन्य देशों को आर्थिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “यह संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है – पहले हमने एक आतंकी हमला देखा, फिर उसकी प्रतिक्रिया हुई, उसके बाद गाजा में जो कुछ हुआ, वह सबके सामने है। अब हम देख रहे हैं कि यह संघर्ष लेबनान तक फैल गया है, जहां इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। वहीं, हूथी विद्रोही लाल सागर में हमले कर रहे हैं।” जयशंकर ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष वैश्विक समस्याओं को जन्म दे रहा है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ किसी एक क्षेत्र की समस्या नहीं है, और यह मानना गलत होगा कि कोई निष्पक्ष रहकर इससे लाभ उठा सकता है। वैश्वीकरण के इस युग में, किसी भी हिस्से में होने वाला संघर्ष कहीं न कहीं दुनिया के दूसरे हिस्सों पर असर डालता है। इससे किसी न किसी प्रकार की सप्लाई चेन पर असर पड़ेगा।” जयशंकर ने आगे कहा कि आज दुनिया भर में हो रहे संघर्ष, चाहे वह यूक्रेन में हो या मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया में, यह अस्थिरता के बड़े कारक बन चुके हैं। उन्होंने कहा, “यह पूरी दुनिया के लिए, जिसमें हम भी शामिल हैं, चिंता का विषय है।” हमास-इजरायल संघर्ष की शुरुआत 7 अक्टूबर, 2023 को हमास ने इजरायल पर अचानक हमला कर दिया, जिससे एक हजार से ज्यादा लोग हताहत हुए और बड़े पैमाने पर विध्वंस हुआ। इस हमले के जवाब में इजरायल ने गाजा पर तीव्र हवाई हमले और जमीनी ऑपरेशनों की शुरुआत की। इन हमलों में हमास की संरचनाओं और नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। इस संघर्ष ने गाजा पट्टी को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है और बड़ी संख्या में लोग मारे गए। अब यह जंग लेबनाने से होते हुए ईरान तक पहुंच चुकी है। यह संघर्ष सिर्फ हमास और इजरायल तक सीमित नहीं रहा है। इसके विस्तार के रूप में लेबनान और ईरान के बीच भी तनाव बढ़ रहा है। ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के प्रमुख ही इजरायली हमले में मौत के बाद स्थिति को और भी जटिल बन गई। हाल ही में ईरान ने इजरायल पर 200 के करीब मिसाइलों से हमला किया था। साथ ही, हौथी विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में भी हमले की खबरें आ रही हैं, जिससे समुद्री व्यापार पर भी खतरा मंडरा रहा है। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है, और यहां की अस्थिरता भारत की तेल आपूर्ति पर प्रतिकूल असर डाल सकती है। इसके अलावा, भारत के लाखों प्रवासी इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा और भविष्य भी इस संघर्ष से प्रभावित हो सकते हैं। भारत ने इस संघर्ष के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कूटनीतिक प्रयासों में तेजी लाने की अपील की है।

पुणे की अदालत ने सावरकर मानहानि मामले में अदालत ने गांधी को समन जारी कर 23 अक्टूबर को पेश होने को कहा

पुणे पुणे की एक विशेष अदालत ने विनायक दामोदर सावरकर के पोते द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी को तलब किया है, जिसमें कांग्रेस नेता पर सावरकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। अदालत ने गांधी को समन जारी कर 23 अक्टूबर को पेश होने को कहा। पिछले साल सावरकर के पोते सात्यकी सावरकर ने इस सिलसिले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ पुणे की एक अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। पिछले महीने यह मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (एफएमएफसी) अदालत से सांसदों और विधायकों के लिए विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था। सात्यकी सावरकर का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता संग्राम कोल्हटकर ने बताया कि संयुक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) अमोल शिंदे की अध्यक्षता वाली विशेष अदालत ने गांधी के खिलाफ समन जारी करते हुए कहा कि मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 500 (मानहानि) के तहत दंडनीय आरोप का जवाब देने के लिए उनकी उपस्थिति आवश्यक है और उनका 23 अक्टूबर को अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना आवश्यक है। अपनी शिकायत में सात्यकी सावरकर ने आरोप लगाया कि गांधी ने मार्च 2023 में लंदन में दिए अपने भाषण में दावा किया था कि वी डी सावरकर ने एक किताब में लिखा है कि उन्होंने और उनके पांच-छह दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उन्हें (सावरकर को) खुशी हुई थी। सात्यकी सावरकर ने कहा कि ऐसी कोई घटना कभी नहीं हुई और वी डी सावरकर ने कभी भी, कहीं भी ऐसी कोई बात नहीं लिखी। उन्होंने गांधी के आरोप को ‘‘काल्पनिक, झूठा और दुर्भावनापूर्ण’’ करार दिया। अदालत ने पुलिस को आरोपों की जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। विश्रामबाग पुलिस थाने ने जांच की और कहा कि प्रथम दृष्टया शिकायत में सच्चाई है।  

इजरायल ने चार दिनों में हिज्बुल्लाह के 2000 से अधिक सैन्य ठिकानों को तबाह किया, 250 हिज़्बुल्लाह लड़ाकों को खत्म

तेलअवीव इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने दावा किया है कि इजरायल पिछले चार दिनों में हिज्बुल्लाह के 2000 से अधिक सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है और लगभग 250 हिज़्बुल्लाह लड़ाकों को खत्म कर दिया है. आईडीएफ के मुताबिक, मारे गए हिज़्बुल्लाह कमांडरों में पांच बटालियन कमांडर, 10 कंपनी कमांडर और छह प्लाटून कमांडर शामिल थे. आईडीएफ ने आगे कहा कि इजरायली वायु सेना दक्षिणी लेबनान में खुफिया-आधारित अभियानों के दौरान एहतियाती हमले भी कर रही है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखे पोस्ट में आईडीएफ ने लिखा,  “पिछले 4 दिनों में, आईडीएफ ने 2,000 से अधिक सैन्य ठिकानों और 250 हिज़्बुल्लाह आतंकवादियों को खत्म कर दिया है. उनमें से 5 बटालियन कमांडर- 10 कंपनी कमांडर- 6 प्लाटून कमांडर शामिल हैं.” आईडीएफ ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, ‘दक्षिणी लेबनान में 24 घंटे के ऑपरेशन का विवरण: सटीक खुफिया-आधारित छापों के दौरान, IDF सैनिकों को एक आवासीय घर के अंदर रॉकेट लॉन्चर गोला-बारूद, एंटी-टैंक मिसाइल और रॉकेट मिले. इसके अलावा, इमारतों और घरों में दर्जनों हथियार मिले जिनका लक्ष्य इजरायली क्षेत्र था. हथियारों में एंटी-टैंक मिसाइल, फायरआर्म्स, विस्फोटक उपकरण शामिल हैं.’ रान ने दागी थीं मिसाइलें इजरायल रक्षा बलों ने एक अपडेट साझा किया जिसमें कहा गया कि “लगभग 2 महीनों में पहली बार, दक्षिणी इजरायल में सायरन बज रहे हैं.” यह घटनाक्रम ईरान द्वारा मंगलवार को इजरायल के खिलाफ युद्ध में सैकड़ों मिसाइलों को लॉन्च करने के कुछ दिनों बाद हुआ है.ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले के जवाब में अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है. अल जज़ीरा के अनुसार ईरान ने कहा था कि हमास, हिजबुल्लाह और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के शीर्ष नेताओं की हत्या के जवाब में इजरायल पर लगभग 180 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं. देश दो मोर्चों पर युद्ध का सामना कर रहा है  जिसमें देश के उत्तरी हिस्से से ईरान समर्थित हिजबुल्लाह और दक्षिणी सीमा पर हमास हमला कर रहा है. ऐसे हुई थी शुरूआत दशकों पुराने इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष उस समय खूनी लड़ाई में तब्दील हो गया है जब 7 अक्टूबर, 2023 को  फिलिस्तीनी हमास आतंकवादियों द्वारा इजरायल में घुसकर हमला किया गया. इस हमले में 1,200 लोग मारे गए और जिसमें लगभग 250 को बंधक बना लिया गया. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने गाजा पर हमला कर दिया था जिसमें 41,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए, गाजा की लगभग पूरी आबादी विस्थापित हो गई. इसके बाद भूखमरी का संकट पैदा हो गया तथा इजरायल पर नरसंहार के आरोप लगे.    

अशोक तंवर ने कहा- हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ, कांग्रेस 75 सीटें जीत रही है

सिरसा (हरियाणा) हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों पर शनिवार को मतदान हुआ। कांग्रेस नेता अशोक तंवर ने यहां अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान केंद्र से बाहर निकलने के बाद अशोक तंवर ने मीडिया से बात की। उन्होंने दावा किया, “हरियाणा में कांग्रेस की पूर्ण बहुमत की सरकार बन रही है। इस बार प्रदेश में ‘हाथ बदलेगा हालत’। प्रदेश में परिवर्तन का माहौल दिख रहा है। कांग्रेस 75 सीटें जीत रही है और यह संख्या बढ़ भी सकती है। अशोक तंवर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “आज सिरसा में अपने बूथ पर पहुंच कर हरियाणा के उज्ज्वल भविष्य के लिए मतदान किया। इस दौरान सिरसा से प्रत्याशी गोकुल सेतिया भी साथ रहे। आप भी लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा अवश्य लें और राहुल गांधी तथा कांग्रेस की ‘नफरत छोड़ो -भारत जोड़ो’ और सबको न्याय देने की मुहिम द्वारा हरियाणा प्रदेश में उन्नति और खुशहाली लाने के लिए मतदान करें।” सिरसा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी गोकुल सेतिया ने कहा, “पिछले चुनाव में कांग्रेस की 30 से 31 सीटें आई थीं। इसके अलावा कुल 10 सीटें ऐसी थीं जहां जीत और हार का अंतर कुछ हजार वोटों का था। मैं पिछले चुनाव में 600 वोट के अंतर से रह गया था। यहां की जनता ने भी महसूस किया है कि स्थानीय विधायक ने कोई काम नहीं कराया जिससे सिरसा के लोगों को परेशानी हुई। अब उन चीजों से जनता भी छुटकारा पाना चाहती है। मुझे पिछले चुनावों में भी जनता का भारी समर्थन मिला था। इस चुनाव में भी समर्थन मिल रहा है। मुझे बनाने वाले सिरसा के लोग हैं। मेरा विजन यह है कि मैं क्षेत्र की जनता के लिए काम करूंगा। सिरसा आने वाले समय में विकास की बुलंदियों को छुएगा।” बता दें कि हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों पर मतदान संपन्न होने के बाद भारतीय चुनाव आयोग 8 अक्टूबर को परिणाम घोषित करेगा।

सभी 90 विधानसभा सीटों पर हरियाणा विधानसभा चुनाव में सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न

चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा चुनाव में शनिवार को सभी 90 विधानसभा सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। राज्य के मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पूरे राज्य में मतदान प्रतिशत उत्साहजनक रहा। चुनाव आयोग के अनुसार शाम 5 बजे तक राज्य में 61.00% मतदान दर्ज किया गया। कहा कितना मतदान हुआ -: अंबाला-: 62.26% भिवानी-: 63.06% चरखी दादरी-:58.10% फरीदाबाद-:51.28% फतेहाबाद-:67.05% गुरुग्राम-:49.97% हिसार-:64.16% झज्जर-:60.52% जींद-:66.02% कैथल-:62.53% करनाल-:60.42% कुरुक्षेत्र-:65.55% महेंद्रगढ़-:65.76% नूंह-:10.64% पलवल-:67.69% पंचकूला-:54.71% पानीपत-:60.52% रेवाड़ी-:60.91% रोहतक-:60.56% सिरसा-:65.37% सोनीपत-:56.69% यमुनानगर-:67.93% हरियाणा के मुख्यमंत्री और लाडवा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार नायब सिंह सैनी ने कहा, “मैं प्रदेश के लोगों से कहना चाहूंगा कि 100% मतदान करें… जिस गति से प्रधानमंत्री मोदी और डबल इंजन सरकार ने पिछले 10 सालों में काम किया है, आने वाले समय में हम उससे भी तेज गति से काम करेंगे। मैं प्रदेश की जनता से कहना चाहूंगा कि प्रदेश के विकास के लिए खुलकर मतदान करें। विकास की गारंटी ‘मोदी की गारंटी’ है, कांग्रेस की कोई गारंटी नहीं है। कांग्रेस के दावे बेबुनियाद हैं, वे लोगों का विश्वास खो चुके हैं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, “वे(कांग्रेस) अब तक अपने मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं कर पाए, हमने मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया.इनके(कांग्रेस) समय में भ्रष्टाचार का बोलबाला था…पिछले 10 साल में हरियाणा में औद्योगिक विकास हुआ है, सबको काम मिला है। कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा, “…हमारी पार्टी फैसला करती है, यह हमारी परंपरा है। आज हरियाणा की किस्मत बदलेगी। आज एकतरफा मुकाबला है और लोग यह दिखा भी रहे हैं…कांग्रेस पार्टी और हम नीति और नेतृत्व पर मजबूत हैं…हम राज्य की सभी 90 सीटें जीतने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। रानिया विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार रणजीत सिंह चौटाला ने वोट डाला।रणजीत सिंह चौटाला ने कहा, “यहां एक तरफ भूपेंद्र सिंह हु्ड्डा है और दूसरी तरफ नायब सिंह सैनी है जिसमें हुड्डा बड़ी पसंद निकल रहे हैं…मेरी कोई नाराजगी नहीं है, मैं PM मोदी की इज्जत करता हूं… INLD, BJP और हलोपा तीनों का गठबंधन है। तोशाम से कांग्रेस उम्मीदवार अनिरुद्ध चौधरी ने कहा, “…बहुत अच्छा माहौल है, कांग्रेस पार्टी की सरकार आ रही है। लोगों ने कांग्रेस पार्टी को जिताने का मन बना लिया है। कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने जा रही है और तोशाम से कांग्रेस जीतेगी।

नेतन्याहू से अभी तक इस बात की कोई गारंटी नहीं मिली है कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने से परहेज करेगा

अमेरिका अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव लड़ रहे डोनाल्ड ट्रंप ने आज ही इजरायल से ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के लिए उकसाया था। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अभी तक इस बात की कोई गारंटी नहीं मिली है कि यहूदी देश ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने से परहेज करेगा। उनके इस कदम ने अमेरिका की चिंता बढ़ा दी है। अगर इजरायल ने इस दिशा में कोई कदम उठाया तो दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की मुहाने पर खड़ी हो जाएगी। अमेरिका के विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा, “यह बताना वास्तव में कठिन है।” कई अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के मिसाइल हमलों का जवाब देने के इजरायल के अधिकार के लिए समर्थन व्यक्त किया है। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर इजरायली हमले का समर्थन नहीं करेगा। उन्होंने कहा था कि इजरायल की स्थिति में होते तो वे तेल क्षेत्रों को टारगेट करने के विकल्पों पर विचार करते। इससे पहले ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि इजरायल को जवाबी कार्रवाई करते हुए सबसे पहले ईरान के परमाणु ठिकानों को उड़ा देना चाहिए। एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने इस सप्ताह राष्ट्रपति जो बाइडेन से पूछे गए एक सवाल का जिक्र किया, जिसमें इजरायल द्वारा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाए जाने की संभावना के बारे में पूछा गया था। ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि बाइडेन वह गलत हैं। क्या आपको यही नहीं करना चाहिए? मेरा मतलब है कि हमारे लिए सबसे बड़ा जोखिम परमाणु हथियार है।” ट्रंप ने कहा, “जब उन्होंने उनसे यह सवाल पूछा, तो जवाब यह होना चाहिए था कि पहले परमाणु बम गिराओ और बाकी की चिंता बाद में करो। अगर वे ऐसा करने जा रहे हैं, तो वे ऐसा करने जा रहे हैं। लेकिन हम पता लगा लेंगे कि उनकी क्या योजना है।” आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायल को ईरान की तेल के ठिकानों पर हमला करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वह मध्य पूर्व में पूर्ण युद्ध की बढ़ती संभावना से बचने के लिए दुनिया को एकजुट करने की कोशिश कर रहे थे। बिडेन ने कहा कि नेतन्याहू को अगले कदमों पर निर्णय लेते समय इजरायल के लिए अमेरिकी समर्थन को याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर मैं उनकी जगह होता तो मैं तेल क्षेत्रों पर हमला करने के अलावा अन्य विकल्पों के बारे में सोचता।”

बंगाल में ट्यूशन से घर लौटते वक्त लड़की के साथ वारदात, अब कक्षा 4 की छात्रा का बलात्कार के बाद हत्या

कोलकाता पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में कक्षा 4 की छात्रा से बलात्कार और हत्या का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्यूशन से घर लौटते वक्त लड़की के साथ इस वारदात को अंजाम दिया गया। शनिवार की सुबह कृपाखाली गांव में गंगा नदी के किनारे उसका शव मिला। पुलिस का कहना है कि पीड़िता शुक्रवार शाम को लापता हो गई, जिसे लेकर आधी रात को केस दर्ज किया गया था। शुरुआती जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। बारुईपुर के पुलिस अधीक्षक पलाश ढाली ने कहा कि शुक्रवार रात 9 बजे लड़की के लापता होने की सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद जांच शुरू कर दी गई, जिससे संदिग्ध की पहचान हो सकी। आधी रात तक FIR दर्ज कर ली गई और फिर आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया। इसके बाद सुबह में पीड़िता का शव बरामद हुआ। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सभी जरूरी कदम उठाए हैं। किसी भी तरह की शिकायत का समाधान किया जा रहा है। इस मामले में आरोपी से पूछताछ की जा रही है। भाजपा ने सीएम ममता बनर्जी पर साधा निशाना भाजपा की बंगाल इकाई के प्रमुख सुकांत मजूमदार ने इस घटना पर दुख जताया। साथ ही, बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना की। उन्होंने कुछ फुटेज भी जारी किए जिनमें स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं। मजूमदार ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘कुलटाली पुलिस स्टेशन के कृपाखाली इलाके की यह घटना है। ट्यूशन से लौटते समय चौथी कक्षा की छात्रा के साथ बलात्कार किया गया और बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई। कुछ समय बाद ग्रामीणों को उसका शव नदी के किनारे मिला। महिलाओं को सुरक्षा देने में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी फेल हो गई हैं। उनसे मेरा सवाल है कि क्या देवी पक्ष की शुरुआत में भी बंगाल की लड़कियों को राहत नहीं मिलेगी? आपके कुशासन में और कितनी बंगाली लड़कियों को यह दुर्दशा झेलनी होगी?’ आरजी कर मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर मामले को लेकर हंगामा जारी है। 9 अगस्त को आरजी कर कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था। इसे लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए। जूनियर डॉक्टर्स ने घटना के विरोध में ‘पूर्ण काम बंद आंदोलन’ वापस लेने के बावजूद शनिवार को मध्य कोलकाता में धरना जारी रखा। चिकित्सकों ने आरोप लगाया कि पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कोलकाता के दक्षिणी हिस्से में शुक्रवार को एसएसकेएम अस्पताल से एस्प्लेनेड तक निकाली गई उनकी रैली के दौरान पुलिस ने कुछ आंदोलनकारियों पर लाठी चार्ज किया। पुलिस के लाठी चार्ज के विरोध में कुछ जूनियर डॉक्टर बारिश के बीच हाथ में छाता लिए दिखाई दिए, जबकि कुछ तिरपाल के नीचे शरण लिए रहे।

पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने नेतन्याहू को दी सलाह, बोले- सबसे पहले ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करे इजराइल

वाशिंगटन  हिज्बुल्ला के समर्थन में ईरान भी इजराइल के जंग में कूद गया है। ईरान अब तक इजराइल पर दो बड़े हमले कर चुका है। एक हमला 13 अप्रैल 2024 को किया था और दूसरा हमला हाल ही में 1 अक्टूबर की रात को किया। इस हमले में ईरान ने इजराइल पर 181 मिसाइलें दागीं। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजराइल को जवाबी कार्रवाई में संयम बरतने का सलाह दी है। दूसरी ओर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजराइल को ईरान के परमाणु स्थलों पर हमला करने की सलाह दे रहे हैं। ईरान के इस कदम से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। डोनान्ड ट्रंप ने कहा कि इजराइल को ईरान के मिसाइल हमले के जवाब में उसके परमाणु ठिकाने पर हमला करना चाहिए। न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, ट्रम्प ने ये बात शुक्रवार को नॉर्थ कैरोलिना में एक चुनावी कैंपेन के दौरान कही। ट्रंप राष्ट्रपति बाइडेन से पूछे गए एक सवाल का जिक्र कर रहे थे, जिसमें 200 मिसाइलों के हमले के जवाब में इजरायल द्वारा ईरान की एटमी ठिकानों को निशाना बनाने की संभावना के बारे में पूछा गया था. बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी विदेश विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि इजरायल ने बाइडेन प्रशासन को इस तरह का कोई आश्वासन नहीं दिया है कि वह ईरान की परमाणु सुविधाओं को निशाना नहीं बनाएगा. ट्रंप का बाइडेन पर हमला ट्रंप ने कहा, “उनसे पूछा गया कि आप ईरान के बारे में क्या सोचते हैं? क्या आप ईरान पर हमला करेंगे? और उन्होंने कहा, जब तक वे परमाणु हथियारों पर हमला नहीं करते.. यही वह चीज है जिस पर आप हमला करना चाहते हैं, है न? 5 नवंबर के अमेरिकी चुनावों के लिए रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ट्रंप ने कहा बाइडेन को इजरायल से ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमला करने के लिए कहना चाहिए था और बाकी सब चीजों की चिंता बाद में करनी चाहिए. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “अगर वे ऐसा करने जा रहे हैं, तो वे ऐसा करेंगे. लेकिन हम उनकी योजनाओं का पता लगा लेंगे.” बाइडेन ने दिया था ये बयान 78 वर्षीय ट्रंप की यह टिप्पणी राष्ट्रपति बाइडेन के उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि मध्य पूर्व में “पूरी तरह से युद्ध” की संभावना नहीं है. जब उनसे पूछा गया था कि लेबनान और ईरान द्वारा इजरायल को घेरने की कोशिश के कारण मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ने के बारे में उन्हें कितना भरोसा है, तो बाइडेन ने कहा, “आपको कितना भरोसा है कि बारिश नहीं होगी? देखिए, मुझे नहीं लगता कि पूरी तरह से युद्ध होने वाला है. मुझे लगता है कि हम इसे टाल सकते हैं.” जब उनसे पूछा गया कि क्या वे इजरायल की मदद के लिए अमेरिकी सेना भेजेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया: “हमने पहले ही इजरायल की मदद की है. हम इजरायल की रक्षा करने जा रहे हैं.” बाइडन को ट्रंप ने बताया गलत ट्रंप ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि बाइडेन गलत हैं। हमारे लिए सबसे बड़ा खतरा परमाणु हथियार हैं। उनके पास परमाणु हथियार जरूर होंगे जो हमारे लिए दिक्कतें पैदा करेंगी। ट्रंप ने कहा, जब उनसे ये सवाल पूछा गया तो उनका जवाब होना चाहिए था कि पहले वहां यानी ईरान के परमाणु ठिकानों पर बम गिराओ और बाकी चीजों की चिंता बाद में करो। बाइडन ने क्या कहा था ईरान ने इजराइल पर हमला इस राष्ट्रपति जो बाइडन से सवाल पूछे जाने पर बाइडन ने कहा कि वह इजराइल के साथ हैं। क्या इजराइल जवाबी कार्रवाई में ईरान के एटमी ठिकानों पर हमला करेगा। इस पर बाइडन ने कहा कि इजराइल ये कदम अस्वीकार्य होगा। साथ ही उन्होंने इजराइल को ईरान के जवाब में हमला करने पर संयम बरतने की सलाह दी थी। वहीं ट्रंप बाइडन के एकदम विपरीत इजराइल को समर्थन में सलाह दे रहे हैं।  

आज महाराष्ट्र के वाशिम में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने दिया किसानों को नवरात्रि का तोहफा, 18वीं किस्त हुई जारी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महाराष्ट्र के वाशिम में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 18वीं किस्त जारी कर दी है. योजना के तहत देश के किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए हर साल 6000 रुपये की राशि दी जाती है. यह राशि किसानों के खाते में तीन किस्तों में ट्रांसफर की जाती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महाराष्ट्र के वाशिम में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 18वीं किस्त जारी कर दी है. आपको बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की योजना है, जिसे 1 फरवरी 2019 को पीयूष गोयल द्वारा शुरू किया गया था. इस योजना के तहत देश के किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए हर साल 6000 रुपये की राशि दी जाती है. यह राशि किसानों के खाते में तीन किस्तों में ट्रांसफर की जाती है. एक किस्त में किसान को 2000 रुपये दिए जाते हैं. पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 18वीं किस्त पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत सरकार ने देशभर के 9.4 करोड़ से अधिक किसानों को 0,000 करोड़ से ज्यादा की धनराशि ट्रांसफर की है. महाराष्ट्र के वाशिम में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने 18वीं किस्त जारी करते हुए कहा कि “नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मुझे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त जारी करने का अवसर मिला. महाराष्ट्र की डबल इंजन सरकार यहां के किसानों को दोहरा लाभ दे रही है. पोहरादेवी के आशीर्वाद से मुझे अभी लाड़की बहन योजना की लाभार्थियों की मदद करने का अवसर मिला है, यह योजना नारी शक्ति का सम्मान बढ़ा रही है.” खाते में 18वीं किस्त आई या नहीं ऐसे करें चेक आपके खाते में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 18वीं किस्त के 2000 रुपये आए हैं या नहीं. इसे चेक करने के लिए आपको पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाना होगा. FARMERS CORNER पर जाकर आपको नो योर स्टेटस पर क्लिक करना होगा. दूसरा पेज खुलते ही Know Your Registration Number पर क्लिक करें और अपना आधार नंबर दर्ज करें. ओटीपी मिलने पर ओटीपी दर्ज करें. इसके बाद आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर मिल जाएगा. रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड फिल करें और Get Data पर क्लिक करें. आपको अब पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ी सारी जानकारी मिल जाएगी. अगर आपके खाते में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के पैसे नहीं आए हैं, तो आप टोल फ्री नंबर 155261, 1800115526 या 011-23381092 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कर सकते हैं.  

ईरानी राजदूत ने कहा कि उनके देश और इजराइल के बीच तनाव को सिर्फ भारत ही कम करवा सकता है

 नई दिल्ली ईरान द्वारा इजरायल पर 200 मिसाइलों से हमला करने के बाद पश्चिम एशिया में ना सिर्फ भारी तनाव पसरा हुआ है बल्कि बड़े पैमाने पर भयानक युद्ध की आशंका भी घर कर रही है। इस बीच, भारत में ईरान के राजदूत इराज इलाही ने क्षेत्र में स्थिरता और शांति की बहाली कराने में भारत से हस्तक्षेप करने की मांग की है। ईरानी राजदूत ने कहा, “भारत को इस अवसर का लाभ उठाकर इजरायल को क्षेत्र में अपनी आक्रामकता रोकने और शांति और स्थिरता कायम करने के लिए राजी करना चाहिए।” ईरानी राजदूत ने कहा कि उनके देश और इजराइल के बीच तनाव को सिर्फ भारत ही कम करवा सकता है। बता दें कि भारत के दोनों देशों से मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। यही वजह है कि ईरानी राजनयिक भारत सरकार से पश्चिम एशिया संकट में शामिल सभी पक्षों से तनाव कम करने और कूटनीति और बातचीत के माध्यम से मुद्दों को हल करने का आग्रह कर रहे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की थी, जब इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह आतंकियों के खिलाफ अपने उत्तरी पड़ोसी लेबनान में संघर्ष के लिए एक नया मोर्चा खोला था। प्रधानमंत्री मोदी ने तब दो टूक शब्दों में कहा था कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। NDTV को दिए एक इंटरव्यू में ईरानी राजदूत ने यह भी कहा कि अगर इजरायल रुकता है, तभी हम भी रुकेंगे। उन्होंने आगे कहा, “ईरान युद्ध नहीं चाहता है। हम क्षेत्र में शांति चाहते हैं, लेकिन यदि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई आंच आती है, तो हमारे पास जवाबी कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है, और हमने ठीक यही किया भी है।” ईरानी राजदूत ने कहा कि मंगलवार (01 अक्तूबर) को इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल से किए गए हमले बदले की कार्रवाई का रणनीतिक हिस्सा था। उन्होंने कहा, “यह ईरान की धरती पर हमास प्रमुख इस्माइल हनीयेह की हत्या के जवाब में किया गया पलटवार था। वह हमारे राजकीय अतिथि थे और हमारे देश में इजरायल द्वारा उनकी हत्या कर दी गईी। यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है और हमारे संविधान के अनुसार, हमें इस तरह के मुद्दे से जवाबी प्रतिक्रिया के साथ निपटना होगा।” ईरानी राजदूत ने यह स्पष्ट किया कि मिसाइल हमला हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह की हत्या के लिए नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, “यहां मुद्दा उलझाया जा रहा है। इजरायल के प्रति हमारी जवाबी कार्रवाई केवल इस्माइल हनीयेह की हत्या के लिए थी, हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह के लिए नहीं। हिजबुल्लाह खुद का ख्याल रख सकता है।” बता दें कि रूस-यूक्रेन जंग में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी पीएम मोदी से रूस को मनाने और युद्धविराम कराने की गुजारिश की थी। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल कीव की यात्रा पर गए थे।

यासीन मलिक ने UAPA ट्रिब्यूनल में हलफनामा पेश किया, 1994 में हिंसा और हथियार छोड़कर गांधीवादी बनने की बात की

नई दिल्ली  जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट-यासीन (जेकेएलएफ-वाई) के अध्यक्ष यासीन मलिक ने UAPA ट्रिब्यूनल को एक हलफनामा सौंपा है। इस हलफनामे में मलिक ने बताया कि उसने 30 साल पहले ही हथियार छोड़ दिया है और अब वह गांधीवादी हो गया है। उसने ऐसा 1994 में “एकजुट स्वतंत्र कश्मीर” स्थापित करने के लिए किया है। बता दें कि यासीन मलिक इस समय टेरर फंडिंग मामले में दिल्ली के तिहाड़ जेल में सजा काट रहा है। उसने अपने हलफनामे में कहा कि मैंने 1994 से ही हिंसा और हथियार छोड़ दिया है। गांधीवादी हो गया यासीन मलिक यासीन मलिक ने यूएपीए ट्रिब्यूनल में एक हलफनामा पेश किया। मलिक ने लिखा कि उसने 30 साल पहले यानी 1994 में ही हिंसा और हथियार छोड़ दिया था। अब वह गांधीवादी हो गया है। मलिक ने आगे लिखा कि उन्होंने 1994 में “एकजुट स्वतंत्र कश्मीर” स्थापित करने के जेकेएलएफ-वाई के उद्देश्य को प्राप्त करने के साधन के रूप में हिंसा के रास्ते को छोड़ गांधीवादी हो गया है। यासीन के हलफनामे को पिछले महीने जारी किया गया था और गुरुवार को राजपत्र में प्रकाशित किए गए यूएपीए ट्रिब्यूनल के आदेश में उद्धृत किया गया था। 1967 के गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम(UAPA) के तहत जेकेएलएफ-वाई को ‘अवैध संघ’ घोषित करने के निर्णय को आगे के लिए बरकरार रखा गया था। वायुसैनिकों के खून से रंगे हैं यासीन के हाथ यासीन मलिक ने 1988 में जेकेएलएफ-वाई की स्थापना की थी। वह 1990 में श्रीनगर के रवालपुरा में चार भारतीय वायु सेना कर्मियों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी है। मलिक की पहचान इस साल की शुरुआत में मुख्य शूटर के रूप में की गई थी। उसे मई 2022 में एनआईए की ओर से जांच किए गए एक आतंकवाद वित्तपोषण मामले में आजीवन कठोर कारावास भी दिया गया था। यासीन ने ट्रिब्यूनल को अपने हलफनामे में दावा किया कि उसे नब्बे के दशक की शुरुआत में “विभिन्न राज्य अधिकारियों” द्वारा आश्वासन दिया गया था कि वे कश्मीर विवाद को एक सार्थक बातचीत के माध्यम से हल करेंगे और एक बार जब उन्होंने एकतरफा युद्धविराम शुरू किया, तो उनके खिलाफ और जेकेएलएफ-वाई के सभी मामलों को वापस ले लिया जाएगा। ट्रिब्यूनल के आदेश में दर्ज है कि इसके बाद, 1994 में उसके और उनके संगठन द्वारा एकतरफा युद्धविराम घोषित किया गया था और इसके परिणामस्वरूप, उसे TADA के तहत 32 लंबित मिलिटेंसी से संबंधित मामलों में जमानत प्रदान की गई थी और उसके बाद, 1994 से 2018 तक युद्धविराम समझौते के अनुसार उसके खिलाफ कोई भी मामला आगे नहीं बढ़ाया गया था। एनआईए का आरोप है कि वह 2016 में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी की हत्या के बाद 89 से अधिक पत्थरबाजी के मामलों में फंसा है, यासीन ने कहा कि वह हिंसा के दौरान पुलिस हिरासत में था। हालांकि यासीन ने दावा किया कि कश्मीर में जेकेएलएफ-वाई अधिकारी बंद थे क्योंकि इसे पहली बार 2019 में प्रतिबंधित किया गया था। उसने स्वीकार किया कि इसके 50 से अधिक देशों में अंतर्राष्ट्रीय शाखाएं कार्यात्मक हैं और संगठन के कारण का समर्थन कर रही हैं। यह उनके प्रस्तुतिकरण को झुठलाता है कि 2019 के प्रतिबंध के बाद से जेकेएलएफ-वाई और उसके कैडरों द्वारा कोई गैरकानूनी गतिविधि नहीं है।

5 राज्यों के 22 ठिकानों पर NIA का एक्शन, आतंकी संगठन JeM से जुड़े मामले में छापेमारी

श्रीनगर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों ने प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों से संबंधित एक मामले में राष्ट्रीय राजधानी सहित पांच राज्यों के 22 ठिकानों पर छापेमारी की है। एनआईए के अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छापेमारी जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, असम और दिल्ली में की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि तलाशी के लिए एनआईए की टीमों को स्थानीय अधिकारियों द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है। एनआईए के प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी की दिल्ली शाखा में दर्ज एक मामले में पांच राज्यों के 22 स्थानों पर छापेमारी जारी है। एनआईए ने कहा कि “आरसी-13/24/एनआईए/डीएलआई मामले में तलाशी ली जा रही है। यह छापेमारी जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों से संबंधित है।” गौरतलब है कि जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना मौलाना मसूद अज़हर ने की थी, वह उन तीन आतंकवादियों में से एक था, जिन्हें 1999 में आईसी 814 यात्रियों के बदले में रिहा किया गया था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव (यूएनएससी) द्वारा जैश-ए-मोहम्मद को ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। मसूद अज़हर को यूएनएससी ने 2019 में ‘वैश्विक आतंकवादी’ घोषित किया था। पश्चिम बंगाल में मंगलवार को थी छापेमारी इससे पहले अभी हाल में ही एनआईए ने पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में कई स्थानों पर छापेमारी की थी। एनआईए की टीम ने राज्य के दक्षिण 24 परगना, आसनसोल, हावड़ा, नदिया और कोलकाता जिलों में 11 स्थानों पर संदिग्धों के आवासों की गहन तलाशी ली। एनआईए की तरफ से कहा गया कि संदिग्ध भाकपा (माओवादी) के सक्रिय कार्यकर्ता थे और माना जाता है कि उन्होंने नक्सली गतिविधियों को अंजाम देने में संगठन के कमांडरों की सहायता की। एनआईए की तरफ से कहा गया कि तलाशी में कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पर्चे, पत्रिकाएं और हस्तलिखित पत्र जब्त किए गए। एनआईए ने कहा कि यह मामला पोलित ब्यूरो, केंद्रीय समिति के सदस्यों, कार्यकर्ताओं और प्रतिबंधित संगठन के समर्थकों की साजिश से संबंधित है।  दिल्ली के मुस्तफाबाद पहुंची टीम एनआई की टीम इस मामले में नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में शुक्रवार देर रात रेड करने पहुंची. NIA के साथ दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और लोकल पुलिस भी मौजूद थी. सूत्रों के मुताबिक, मुस्तफाबाद में जहां रेड हुई वहां से काफी संदिग्ध सामान मिला है. NIA ने रेड के बाद कुछ लोगों को नोटिस दिया है और 1 से 2 लोगों को पूछताछ के लिए ले गई है.  महाराष्ट्र से दो संदिग्ध हिरासत में जांच एजेंसी एनआईए ने इस ऑपरेशन के दौरान महाराष्ट्र के जालना, औरंगाबाद और मालेगांव में भी रेड डाली. इन जगहों से कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है. बताया गया है कि जालना से 2 लोगों को, छत्रपति शम्भाजी नगर और मालेगांव से 1-1 शख्स को हिरासत में लिया है. जम्मू-कश्मीर: बारामूला में भी पहुंची NIA की टीम जम्मू-कश्मीर के बारामुल्ला जिले के संगरी और कुछ अन्य इलाकों में भी NIA की टीमें स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी की. यह कार्रवाई अब भी चल रही है. संगरी कॉलोनी में मौलवी इकबाल भट के घर में तलाशी ली गई है. फिलहाल किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है. सूत्रों ने आगे बताया कि कश्मीर के अन्य हिस्सों में अभी छापेमारी जारी है. यूपी और असम में भी रेड सूत्रों की मानें तो एनआई की टीम असम और उत्तर प्रदेश भी पहुंची और अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की. इस दौरान कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई. हालांकि यहां से किसी को हिरासत में लेने की खबर नहीं है. क्यों हुई ये कार्रवाई एनआईए से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई देश विरोधी गतिविधि, आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद से जुड़े मामले में हो रही है. कुछ संदिग्धों के पास से कई सामान मिले हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है.

नागपुरी गेट थाना परिसर में सैकड़ों मुस्लिमों ने पत्थर फेंके, नारेबाजी करते हुए FIR करने की मांग

मुंबई पैंगंबर मोहम्मद साहब पर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद की विवादित टिप्पणी को लेकर महाराष्ट्र में हवाल हो गया। महाराष्ट्र के अमरावती में भीड़ ने थाने पर हमला कर दिया। एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर पहुंची भीड़ ने जमकर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। बल ब्रयोग करके भीड़ को किसी तरह काबू किया गया। पीटीआई की ओर से जारी वीडियो में दिख रहा है कि नागपुरी गेट थाना परिसर में सैकड़ों पत्थर फेंके गए। नारेबाजी करते हुए भीड़ देर रात थाने तक पहुंची थी। उनकी मांग थी कि यति नरसिंहानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। इस दौरान अचानक भीड़ उग्र हो गई और थाने पर पथराव शुरू कर दिया गया। पथराव में 21 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि अमरावती शहर के नागपुरी गेट पुलिस थाने के बाहर शुक्रवार रात को हुई पथराव की घटना में कम से कम पुलिस की 10 वैन क्षतिग्रस्त हो गईं। एक अधिकारी ने बताया कि इस सिलसिले में 1,200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और पुलिस ने उनमें से 26 की पहचान कर ली है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी कर नागपुरी गेट क्षेत्र में पांच या इससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में डासना स्थित देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद ने 29 सितंबर को पैगंबर मोहम्मद साहब पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। गुरुवार रात इसका वीडियो सामने आया तो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। गाजियाबाद पुलिस ने यति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हालांकि, मुस्लिम समाज के लोगों को कहना है कि सिर्फ एफआईआर काफी नहीं है, यति को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। एक तरफ जहां सोशल मीडिया पर लोगों ने यति के खिलाफ कार्रवाई के लिए आवाज उठाई तो वहीं कई जगह लोगों ने सड़कों पर उतरकर भी नारेबाजी की। गाजियाबाद में भी शुक्रवार रात कई जगहों पर प्रदर्शन किया गया। वहीं, महाराष्ट्र के अमरावती में भीड़ हिंसक हो उठी। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने पहले तो जमकर नारेबाजी की और फिर अचानक पथराव शुरू कर दिया गया। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से हालात को काबू किया। शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। नागपुरी थाने के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है। आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

भारत सरकार के लिए खुशखबरी, नए लाइफटाइम हाई पर पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार, गोल्ड रिजर्व में भी बढ़ोतरी

नई दिल्ली भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पहली बार 700 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। 27 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान इसमें 12.6 अरब डॉलर की भारी बढ़ोतरी हुई थी। वीकली ग्रोथ के हिसाब से देखें तो यह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में अब तक की पांचवीं बड़ी बढ़ोतरी है। शुक्रवार को आरबीआई द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार 704.8 अरब डॉलर होने का अनुमान है। चीन, जापान और स्विटजरलैंड के बाद भारत इस मुकाम पर पहुंचने वाला चौथा देश बन गया है। चीन का विदेशी मुद्रा भंडार तो भारत से करीब पांच गुना है। अमेरिका के बाद चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकॉनमी है लेकिन फॉरेक्स रिजर्व के मामले में दूर-दूर तक कोई चीन के आसपास नहीं है। साल की पहली तिमाही में चीन का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 3500 अरब डॉलर था। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर जापान है। उसका फॉरेक्स रिजर्व करीब 1,300 अरब डॉलर है। यूरोप का छोटा सा देश स्विट्जरलैंड इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है। इस देश के पास करीब 900 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। गोल्ड रिजर्व के मामले में अमेरिका सबसे आगे है। अमेरिका के सरकारी खजाने में करीब 8,133 टन सोना जमा है। दास के कार्यकाल में रेकॉर्ड उछाल भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे बड़ी साप्ताहिक उछाल अगस्त 2021 में आई थी। तब यह 16.6 अरब डॉलर बढ़ा था। मार्च 2024 से विदेशी मुद्रा भंडार में 58.4 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है जबकि पिछले साल के मुकाबले इसमें 117.9 अरब डॉलर की तेजी आई है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास के कार्यकाल में भारत के विदेशी भंडार में अब तक की सबसे तेज मासिक वृद्धि हुई है। 70 महीनों की अवधि में यह $4.2 अरब प्रति माह रही। उनके कार्यभार संभालने के बाद से इसमें $298 अरब की तेजी आई। विदेशी मुद्रा आस्तियां 616.15 अरब डॉलर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार 27 सितंबर को समाप्त हफ्ते में मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां 10.47 अरब डॉलर बढ़कर 616.15 अरब डॉलर हो गई. डॉलर के संदर्भ में उल्लेखित विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की घट-बढ़ का प्रभाव शामिल होता है. समीक्षाधीन सप्ताह में गोल्ड भंडार का मूल्य 2.18 अरब डॉलर बढ़कर 65.79 अरब डॉलर हो गया. विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 80 लाख डॉलर बढ़कर 18.55 अरब डॉलर हो गया. रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) के पास भारत का आरक्षित भंडार 7.1 करोड़ डॉलर घटकर 4.39 अरब डॉलर रहा.  

17 अक्टूबर को रनवे का रखरखाव कार्य मुंबई हवाई अड्डे पर शुरू होगा

मुंबई महाराष्ट्र के मुंबई में मानसून के बाद छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (सीएसएमआईए) की व्यापक रनवे रखरखाव योजना के तहत क्रॉस रनवे-आरडब्ल्यूवाई 09/27 और 14/32 आगामी 17 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक को अस्थायी तौर पर बंद रहेंगे। हवाई अड्डे पर रनवे को अस्थायी तौर पर बंद रखना मानसून के बाद उसकी मरम्मत और रखरखाव योजना के मद्देनजर किया गया है। सीएसएमआईए के एक प्रवक्ता ने कहा, “इस नियोजित बंद का प्राथमिक उद्देश्य आवश्यक मरम्मत और रखरखाव कार्यों को पूरा करना है जो यह सुनिश्चित करेगा कि हवाई अड्डे की अवसंरचना वैश्विक मानकों को पूरा करती है। मानसून के बाद रनवे रखरखाव का यह वार्षिक कार्य परिशुद्धता और सावधानीपूर्वक की गई गतिविधियों का हिस्सा है, जो परिचालन निरंतरता और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करता है, इस प्रकार हवाई अड्डे के संचालन के मूल में यात्रि सुरक्षा पहले वाले दृष्टिकोण को अपनाता है।” मानसून के बाद रनवे का निर्बाध संचालन और सुचारू निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख हितधारकों के सहयोग से उड़ान कार्यक्रम को पहले ही समन्वित किया जा चुका है।  

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