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NEET UG केस में सीलबंद लिफाफे में SC के समक्ष रिपोर्ट, अगली सुनवाई 18 जुलाई को

नई दिल्ली नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट आज अहम सुनवाई होनी थी, जिसे अब अगले गुरुवार तक के लिए टाल दिया गया है. चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच 18 जुलाई को परीक्षा में अनियमितता और री-एग्जाम की याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. केंद्र और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के एफिडेविट के बाद आज केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दायर कर दी है. सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि नीट पेपर लीक केवल एग्जाम सेंटर्स तक ही सीमित है, यह सोशल मीडिया पर लीक नहीं हुआ. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 8 जुलाई को सुनवाई के दौरान सीजेआई ने केंद्र से कई सवालों के जवाब मांगे थे. उन्होंने कहा था, ‘यह मानते हुए कि हम परीक्षा रद्द नहीं करने जा रहे हैं, तो धोखाधड़ी के लाभार्थियों की पहचान करने के लिए हम आज क्या करने जा रहे हैं? उन्होंने आगे कहा कि लाभार्थियों की पहचान करने के लिए सरकार ने अब तक क्या किया है?’ सीजेआई ने कहा, ‘ऐसी स्थिति में जहां उल्लंघन से पूरी प्रक्रिया प्रभावित होती है और लाभार्थियों को अन्य लोगों से अलग करना संभव नहीं होता, वहां री-एग्जाम का आदेश देना आवश्यक हो सकता है.’ सीजीआई ने कहा था कि NEET-UG 2024 की अखंडता से समझौता हुआ है तो परीक्षा रद्द होनी चाहिए. CBI ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि पेपर लीक की घटना स्थानीय तौर पर हुई है. परीक्षा का पेपर सोशल मीडिया पर सर्कुलेट नहीं हुआ है. केंद्र ने दाखिल किया हलफनामा केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. केंद्र ने हलफनामे में कहा कि भारत सरकार उन छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए बाध्य है जिन्होंने नीट परीक्षा 2024 दी है. हलफनामे में कहा गया, सरकार समाधान खोजने के लिए चौतरफा प्रयास कर रही है, साथ ही यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी दोषी उम्मीदवार को कोई लाभ न मिले. यह भी सुनिश्चित किया जाए कि 23 लाख छात्रों पर सिर्फ आशंकाओं के चलते एक नई परीक्षा का बोझ न डाला जाए. अगर परीक्षा रद्द नहीं करते हैं तो… CJI ने केंद्र से कही ये बात सुप्रीम कोर्ट सीजेआई ने कहा, ‘यह मानते हुए कि हम परीक्षा रद्द नहीं करने जा रहे हैं, तो धोखाधड़ी के लाभार्थियों की पहचान करने के लिए हम आज क्या करने जा रहे हैं? उन्होंने आगे कहा कि लाभार्थियों की पहचान करने के लिए सरकार ने अब तक क्या किया है?’ सीजेआई ने कहा, ‘ऐसी स्थिति में जहां उल्लंघन से पूरी प्रक्रिया प्रभावित होती है और लाभार्थियों को अन्य लोगों से अलग करना संभव नहीं होता, वहां री-एग्जाम का आदेश देना आवश्यक हो सकता है.’

आतंकियों ने कठुआ हमले से पहले बंदूक दिखाकर ग्रामीणों से जबरन खाना बनवाया था

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के कठुआ में सेना के काफिले पर हमला करने वाले आतंकवादियों ने घात लगाने से पहले कई ग्रामीणों को बंदूक की नोक पर खाना पकाने के लिए मजबूर किया था। आतंकवादियों ने हमले के दौरान बॉडी कैमरा पहना हुआ था और वे सेना के जवानों के हथियार छीनना चाहते थे। सैनिकों ने साहस और बहादुरी का परिचय दिया और घायल होने के बावजूद हथियार छीनने की उनकी योजना को विफल कर दिया। इंडिया टुडे ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी है। सूत्रों ने कहा है कि आतंकवादी उन इलाकों में हमला कर रहे थे जो सुरक्षा बलों के कैंप से बहुत दूर हैं। वहां सड़कों की स्थिति भी काफी खराब है। सुरक्षा बलों को अतिरिक्त बल भेजने में समय लगा। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने पूछताछ के लिए 20 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने हमले की जांच तेज कर दी है। आपको बता दें कि सोमवार को कठुआ जिले के बदनोटा गांव के पास माचेडी-किंडली-मल्हार पहाड़ी सड़क पर गश्त कर रहे एक दल पर आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में एक जेसीओ सहित सेना के पांच जवान शहीद हो गए।  कई अन्य घायल हो गए। एक महीने के भीतर जम्मू क्षेत्र में यह पांचवां आतंकी हमला था। ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैन्यकर्मियों की पहचान जेसीओ अनंत सिंह, हेड कांस्टेबल कमल रावत, सिपाही अनुज नेगी, राइफलमैन आदर्श नेगी और एनके कुमार के रूप में हुई है। इससे पहले सूत्रों ने कहा था कि कठुआ में हमला पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा किया गया था। उन्होंने अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया था। सूत्रों ने कहा था कि आतंकवादियों ने स्थानीय समर्थकों की मदद से इलाके की टोह ली थी। सूत्रों के अनुसार, आतंकवादियों ने एम4 कार्बाइन राइफलों और विस्फोटक उपकरणों का हमले के लिए इस्तेमाल किया था। हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैन्य कर्मियों की मौत पर शोक व्यक्त किया और जोर देकर कहा कि सैनिक क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ हैं।  

चंद्रबाबू नायडू की इच्छा मोदी सरकार ने की पूरी, आंध्र के लिए 60 हजार करोड़ की योजना को दी मंजूरी; बिहार के लिए क्या?

नई दिल्ली आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं की मुलाकात के 5 दिन ही बीते हैं कि केंद्र ने आंध्र प्रदेश में 60,000 करोड़ रुपये के निवेश से तेल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल हब स्थापित करने की प्रमुख मांग को स्वीकार कर लिया है। नायडू ने बुधवार को राज्य में रिफाइनरी स्थापित करने की व्यवहार्यता पर चर्चा करने के लिए भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात भी की। अब लोगों की नजरें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जा टिकी हैं। ऐसा इसलिए कि केंद्र सरकार में टीडीपी के साथ-साथ जेडीयू की भी अहम भूमिका है। द इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में जानकार लोगों के हवाले से बताया है कि रिफाइनरी के लिए तीन स्थानों पर चर्चा की गई। इनमें श्रीकाकुलम, मछलीपट्टनम और रामायपट्टनम शामिल हैं। लोगों ने कहा कि रिफाइनरी की औपचारिक घोषणा 23 जुलाई को पेश किए जाने वाले बजट में किए जाने की संभावना है। स्थानों का आकलन किया जाएगा और फिर उन्हें अंतिम रूप दिया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि इस प्रक्रिया में कम से कम दो महीने लगेंगे और बजट में स्थान की घोषणा नहीं की जा सकती है। आपको बता दें कि यह चंद्रबाबू नायडू के लिए बड़ी जीत है, क्योंकि उन्होंने पीएम और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी के साथ अपनी बैठकों के दौरान रिफाइनरी स्थापित करने पर जोर दिया था। नायडू के 16 सांसद भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को समर्थन देते हैं। हालांकि, नायडू स्पष्ट रूप से लगातार कह रहे हैं कि उनके मन में अपने राज्य के हित हैं और वे किसी भी मांग को लेकर सरकार नहीं गिराएंगे। बीपीसीएल और पेट्रोलियम मंत्रालय इस कदम के बारे में फिलहाल चुप है। सीएम नायडू ने एक्स पर लिखा, “देश के पूर्वी तट पर रणनीतिक रूप से स्थित हमारे राज्य में पेट्रोकेमिकल की महत्वपूर्ण क्षमता है। आज मैंने अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कृष्ण कुमार के नेतृत्व में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। हमने 60-70 हजार करोड़ रुपये के निवेश के साथ आंध्र प्रदेश में एक तेल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की स्थापना की संभावना तलाशी। मैंने 90 दिनों में एक विस्तृत योजना के साथ रिपोर्ट मांगी है। इस परियोजना के लिए लगभग 5000 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी, जिसे सरकार बिना किसी परेशानी के पूरा करने की उम्मीद करती है।” बिहार की मुख्य मांगें बिहार नौ हवाई अड्डे, चार नई मेट्रो लाइन्स और सात मेडिकल कॉलेज के साथ 200 अरब रुपये का थर्मल पावर प्लांट लगाने के लिए पैसा मांगा है। 20,000 किलोमीटर से अधिक लंबाई की सड़कों की मरम्मत के लिए अलग से पैकेज की मांग रखी है। साथ ही, बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने का मुद्दा भी उठाया है। ऐसे में बिहार को लेकर बजट में कुछ बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं।  

Joshimath-Badrinath Highway पर हुआ भयंकर Landslide, फंसे हजारों यात्री

जोशीमठ बदरीनाथ नेशनल हाईवे बंद होने से जोशीमठ और आसपास के इलाके में दो हजार से अधिक तीर्थयात्री 48 घंटे से फंस हुए हैं। गुरुवार सुबह छह बजे उन्हें फंसे हुए 48 घंटे हो जाएंगे। जोशीमठ में कई घंटे इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवा भी बाधित रही। यूपी, दिल्ली-एनसीआर, एमपी, राजस्थान आदि से भक्तजन धाम के दर्शन को जाते वक्त हाईवे पर भूस्खलन की वजह से बुरी तरह से फंस गए हैं।  फंसे यात्री न परिजनों से संपर्क कर पा रहे थे और न ऑनलाइन भुगतान करके सामान खरीद पाए। रोज के इस्तेमाल में होने वाले सामान से लेकर रहने के होटल अचानक डेढ़ गुना तक मंहगे हो गए। उपचुनाव के लिए मतदान के कारण बुधवार को बाजार बंद रहा, लिहाजा कई तीर्थयात्रियों को जरूरी सामान नहीं मिल सका। इसके चलते यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हाईवे का करीब 30 मीटर हिस्सा मंगलवार सुबह छह बजे भूस्खलन की चपेट में आकर पूरी तरह गायब हो गया। उसे नए सिरे से बनाना पड़ रहा है। इसलिए इसमें ज्यादा समय लग रहा है। बदरीनाथ के दर्शन करने जोशीमठ से आगे गए यात्री सड़क बंद होने के कारण फंस गए। सीमा सड़क संगठन की टीम रोड खोलने के लिए जूझ रही है। गुरुवार को सड़क खुलने की संभावना जताई गई है। यात्रियों का कहना है कि इंटरनेट बंद होने से उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। जेब में नगदी कम थी और जरूरी सामान खरीदने के लिए वे ऑनलाइन पेमेंट नहीं कर पा रहे थे। परिजनों से संपर्क न होने से लोग परेशान दिखे। मोबाइल और इंटरनेट सेवा शाम करीब सात बजे बहाल हो पाई। वहीं, महिला यात्रियों का कहना था कि सार्वजनिक शौचालय न होने से बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। होटल और लॉज में कमरे बहुत महंगे मिल रहे हैं। उपचुनाव के कारण बाजार बंद होने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। यात्रियों ने व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल बदरीनाथ हाईवे बंद होने से जोशीमठ और आसपास के क्षेत्रों में फंसे यात्रियों का परेशानी झेलनी पड़ रही है। हेमकुंड की यात्रा कर लौट रहे फरीदाबाद निवासी राहुल और दीपक जायसवाल ने बताया कि हाईवे खोलने को लेकर उन्हें कोई सही जानकारी नहीं दे रहा था। इंटरनेट भी ठप होने से वे परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे। यही हाल वहां फंसे अन्य यात्रियों का था। हापुड़ निवासी मोनू सैनी, मोनू भारती, अजय कुमार, संजय कुमार और मोहित कुमार भी फंस गए। मंगलवार रात को कहीं भी कमरा नहीं मिला, पूरी रात बस में बैठकर गुजारी। उनका कहना था कि प्रशासन चाहता तो किसी सार्वजनिक सुरक्षित स्थान पर यात्रियों को ठहरा सकता था। सड़क कब खुलेगी इसकी जानकारी किसी के पास नहीं थी। रंगपुरी दिल्ली निवासी वेद प्रकाश ने कि रात को पहले होटल वाले ने कमरे का किराया 11 सौ रुपये बताया बाद में कमरा देने से ही मना कर दिया। चाय उन्हें 20 रुपये और ब्रेड पकोड़ा 25 रुपये में मिला। बसंत कुंज दिल्ली निवासी अर्जुन सिंह नागर, नवाब सिंह भी जोशीमठ में फंस गए। जोशीमठ गुरुद्वारा प्रबंधक सेवा सिंह ने बताया कि गोविंदघाट गुरुद्वारा में 700, जोशीमठ गुरुद्वारा में 600 यात्री ठहरे हैं। उनके खाने, रहने की व्यवस्था की है।वहीं एसडीएम जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने कहा कि यात्रियों के लिए ठहरने की व्यवस्था गुरुद्वारा में की जा रही है। पहाड़ी का एक बड़ा भाग हाईवे पर आ गया है। मंगलवार रात को तीन बार ब्लॉस्ट किया गया, लेकिन हजारों टन मलबा सड़क पर आ चुका है। बुधवार रात को ब्लॉस्ट कर बोल्डर तोड़े गए। मलबा हटाने का काम जारी है। अंकुर महाजन, कमांडर ,बीआरओ  

पहाड़ी पर ट्रक ने सेना के काफिले को ओवरटेक किया, वाहन स्लो हुए तो आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू

कठुआ जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में सेना के वाहनों पर अटैक मामले में सुरक्षा एजेंसियां हमलावर आतंकवादियों की तलाश में जुटी हैं. इस बीच, जांच में पता चला है कि हमले से ठीक पहले पहाड़ी पर एक ट्रक ने सेना के काफिले की गाड़ियों को ओवरटेक किया था. जैसे ही सेना के वाहन स्लो हुए तो आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी और हमले में 5 जवान शहीद हो गए. 5 अन्य घायल हो गए. घटना 7 जुलाई की है. सुरक्षा एजेंसियों को शुरुआत से ही बड़ी साजिश की आशंका है. इसलिए मामले में 51 संदिग्धों से पूछताछ हो रही है. अधिकारियों का कहना था कि आतंकवादियों की तलाश की जा रही है. एक ट्रक चालक और 50 अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. गोलीबारी होते ही स्लो हो गया था ट्रक अधिकारियों के अनुसार, माचेडी-किंडली-मल्हार पहाड़ी सड़क पर सेना के वाहनों के पीछे एक ट्रक चल रहा था. लेकिन, लोहाई मल्हार में बदनोटा गांव के पास जब आतंकवादियों ने सेना के वाहनों पर दो अलग-अलग दिशाओं से गोलीबारी शुरू की तो यह ट्रक स्लो हो गया. जानबूझकर तो नहीं पास मांग रहा था ट्रक? ट्रक चालक पर संदेह जताया जा रहा है. अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इस ट्रक ड्राइवर ने पुलिया पर ओवरटेक मांगकर जानबूझकर सैन्य काफिले को निकलने में देरी करवाई है? माना जा रहा है कि ट्रक चालक ने जानबूझकर पुलिया पर पास (ओवरटेक) मांगा था. एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा, आमतौर पर इन क्षेत्रों में सेना के वाहनों को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन ट्रक ने फिर भी पास मांगा, जिससे दोनों वाहनों की स्पीड धीमी हो गई. आतंकियों को मार गिराने के लिए सर्च ऑपरेशन फिलहाल, चार जिलों के घने जंगलों में भारी बारिश के बीच सेना और पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. कठुआ, उधमपुर और भद्रवाह से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है. हमले के संबंध में पूछताछ के लिए 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है. जंगल में छिपे आतंकवादियों का पता लगाने और उन्हें मार गिराने के प्रयास किए जा रहे हैं. सेना की टीमें  डोडा जिले के ऊंचे इलाकों में भी तलाशी अभियान चला रही हैं. उधमपुर, सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों के विभिन्न हिस्सों में घने जंगलों में सेना और पुलिस के जवान तैनात हैं. सुबह कई इलाकों में फिर तलाशी शुरू की गई. ग्राम रक्षा समूह स्थापित करने की मांग बदनोटा गांव और आसपास के लोगों ने हमले के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और आतंकवादी खतरों से निपटने के लिए ग्राम रक्षा समूहों की स्थापना की मांग की है. स्थानीय निवासियों ने सरकार से हथियार और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का आग्रह किया है ताकि वे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों का समर्थन कर सकें. हेलिकॉप्टर और यूएवी की मदद ली जा रही है. सर्च टीमें डॉग स्क्वायड और मेटल डिटेक्टरों की सहायता से जंगल खंगाल रही हैं.. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जांच में पुलिस की सहायता कर रही है. जबकि विशेष बल यूनिट सर्जिकल ऑपरेशन कर रही हैं. एक अधिकारी ने कहा, स्थानीय लोग आतंकवाद के खिलाफ हैं और शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ एकजुट हैं. वे इलाके से आतंकवाद को खत्म करने में सुरक्षा बलों की सहायता के लिए तैयार हैं. हथियार और प्रशिक्षण दे सरकार स्थानीय निवासी जगदीश राज ने कहा, सरकार को हमें हथियार और प्रशिक्षण देना चाहिए. हम आतंकवादियों के खिलाफ अपनी सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने के लिए तैयार हैं. 20 वर्षीय छात्र पंकज ने कहा कि आतंकवादियों ने स्थानीय लोगों में डर पैदा कर दिया है, लेकिन जब आपके हाथों में हथियार होते हैं तो स्थिति पूरी तरह से बदल जाती है. उन्होंने क्षेत्र के स्थानीय युवाओं के लिए विशेष भर्ती अभियान की मांग की और कहा, हम तेजी से जंगलों में जा सकते हैं और आतंकवाद के खतरे से निपटने में मदद कर सकते हैं. शाहिद अहमद ने कहा कि इलाके के मुसलमान और हिंदू शांति चाहते हैं और आतंकवाद को खत्म करने में सुरक्षा बलों की मदद करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, अपने सैनिकों को खोने पर हमारी आंखें भर आईं. दो दशक पहले आतंकवाद के चरम के दौरान भी (यहां) ऐसा हमला कभी नहीं हुआ था. उन्होंने कहा कि सरकार को लड़ने के लिए हथियार और प्रशिक्षण मुहैया कराना चाहिए. अहमद ने कहा कि ग्रामीण अपने पशुओं के साथ ऊपरी इलाकों में चले गए हैं. उन्होंने कहा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम अपनी सेनाओं के साथ हैं.  

डेनमार्क और नीदरलैंड से यूक्रेन जाएंगे F-16 फाइटर जेट, क्या बदलेगा युद्ध का मंजर

वॉशिंगटन अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि F-16 लड़ाकू विमानों का पहला बैच यूक्रेन को भेजा जा रहा है। बुधवार को नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान बोलते हुए ब्लिंकन ने कहा कि F-16 को डेनमार्क और नीदरलैंड से यूक्रेन भेजा जा रहा है। वाशिंगटन डीसी में नाटो शिखर सम्मेलन में नाटो देशों के नेताओं ने यूक्रेन को अपना समर्थन जारी रखने की बात भी दोहराई है। अमेरिका में बना F-16 दुनिया के सबसे अच्छे फाइटर जेट में गिना जाता है। एफ-16 लड़ाई में कई भूमिका निभा सकता है। ये हवा से हवा और हवा से सतह पर हमले में काफी सफल रहा है। ऐसे में यूक्रेन इस जेट की मदद से युद्ध में रूस को कड़ी चुनौती दे सकता है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लिंकन ने कहा कि F-16 जेट यूक्रेन के आसमान में उड़ान भरेंगे ताकि रूसी आक्रमण का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। यूक्रेन बीते काफी समय से मॉडर्न विमानों की मांग कर रहा था। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन को F-16 ट्रासंफर की इजाजत दी थी। हालांकि कई एक्सपर्ट ने यूक्रेनी कर्मियों को विमान उड़ाने की ट्रेनिंग में लगने वाले समय पर चिंता जताई थी। अमेरिका में हो रही नाटो समिट के एजेंडे में रूस का यूक्रेन पर आक्रमण सबसे ऊपर है। नाटो के 32 सदस्य देशों के नेता इस समिट में शामिल हो रहे हैं। इनमें यूक्रेन के राष्ट्रपति भी शामिल हैं। जेलेंस्की ने जेट देने के लिए किया धन्यवाद नाटो सदस्यों ने यूक्रेन की मदद के लिए पांच अतिरिक्त पैट्रियट और अन्य रणनीतिक वायु रक्षा प्रणालियों की डिलीवरी की घोषणा की है। F-16 के ट्रांसफर पर अमेरिका, नीदरलैंड और डेनमार्क के नेताओं ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा, ‘हम यूक्रेन की वायु क्षमताओं को और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यूक्रेन की एयरफोर्स में चौथी पीढ़ी के F-16वाले विमानों के स्क्वाड्रन शामिल हो रहे हैं। गठबंधन का इरादा उनके संधारण और शस्त्रीकरण का समर्थन करना है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने यूक्रेन को F-16 फाइटर जेट मिलने पर राहत और खुशी जाहिर की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए जेलेंस्की ने लिखा कि F-16 देकर यूक्रेन की एयरफोर्स को मजबूत करने के लिए अमेरिका, डेनमार्क और नीदरलैंड का हम शुक्रिया अदा करते हैं। मुझे विश्वास है कि ये जेट यूक्रेन के लोगों को रूसी हमलों से बेहतर तरीके से बचाने में मदद करेंगे। इससे कीव में बच्चों के अस्पताल पर हमले जैसी घटनाएं रुक सकेंगी। नाटो शिखर सम्मेलन बाइडन के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है। उनको इस साल के अंत में राष्ट्रपति चुनाव के लिए जाना है। शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान बाइडन ने यूक्रेन के लिए दीर्घकालिक समर्थन का वादा किया और नाटो को अपने इतिहास में पहले से कहीं अधिक मजबूत बताया।

बंद लिफाफे में CBI ने पेश की रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट आज करेगा बड़ी सुनवाई, क्या फिर से होंगे NEET-UG एग्जाम?

नई दिल्ली  नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट आज अहम सुनवाई करने वाला है. चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली  बेंच आज (11 जुलाई) परीक्षा में अनियमितता और री-एग्जाम की याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. केंद्र और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के एफिडेविट के बाद बंद लिफाफे में केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने भी सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दायर कर दी है. सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि नीट पेपर लीक केवल एग्जाम सेंटर्स तक ही सीमित है, यह सोशल मीडिया पर लीक नहीं हुआ. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 8 जुलाई को सुनवाई के दौरान कहा था कि NEET-UG 2024 की अखंडता से समझौता हुआ है तो परीक्षा रद्द होनी चाहिए. CBI ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि पेपर लीक की घटना स्थानीय तौर पर हुई है. परीक्षा का पेपर सोशल मीडिया पर सर्कुलेट नहीं हुआ है. थोड़ी ही देर में कोर्ट मामले में की सुनवाई शुरू करने वाला है. ‘ऑनलाइन लीक नहीं हुआ पेपर’, सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता 8 जुलाई को हुई सुनवाई में सीजेआई ने ऑनलाइन नीट पेपर लीक की आशंका को लेकर चिंता जताई थी. सुनवाई के दौरान कहा गया था कि अगर इलेक्ट्रॉनिक यानी ऑनलाइन माध्यम से पेपर लीक हुआ है तो ये जंगल में आग की तरह फैल सकता है और बड़े पैमाने पर लीक हो सकता है. सीबीआई द्वारा कोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा है कि पेपर ऑनलाइन लीक नहीं हुआ था, केवल स्थानीय लेवल पर लीक हुआ था. NEET के अलावा UGC NET पेपर लीक पर भी एक्शन में CBI नीट पेपर लीक के अलावा सीबीआई यूजीसी नेट पेपर लीक भी जांच कर रही है. सीबीआई जल्द ही उस शख्स के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर सकती है, जिसने कथित तौर पर टेलीग्राम पर यूजीसी-नेट पेपर का ‘छेड़छाड़’ स्क्रीनशॉट शेयर किया था, जिसके कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय से संभावित ‘उल्लंघन’ के बारे में अलर्ट मिलने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी. CBI ने पेपर लीक को बताया स्थानीय सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि नीट पेपर लीक की घटना स्थानीय स्तर पर हुई है, सोशल मीडिया पर नीट का पेपर सर्कुलेट नहीं हुआ है. केंद्र ने दाखिल किया हलफनामा केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. केंद्र ने हलफनामे में कहा कि भारत सरकार उन छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए बाध्य है जिन्होंने नीट परीक्षा 2024 दी है. हलफनामे में कहा गया, सरकार समाधान खोजने के लिए चौतरफा प्रयास कर रही है, साथ ही यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी दोषी उम्मीदवार को कोई लाभ न मिले. यह भी सुनिश्चित किया जाए कि 23 लाख छात्रों पर सिर्फ आशंकाओं के चलते एक नई परीक्षा का बोझ न डाला जाए. CJI का कहना कि यदि परीक्षा की पवित्रता खत्म हो जाती है तो दोबारा परीक्षा का आदेश देना होगा, यदि दागी और बेदाग को अलग करना संभव नहीं है तो दोबारा परीक्षा का ही विकल्प है। यदि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पेपर लीक हुआ है तो ये जंगल में आग की तरह फैल सकता है और बड़े पैमाने पर लीक हो सकता है। केंद्र सरकार और NTA ने अपने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा-     सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में सरकार ने कहा, गड़बड़ी में शामिल लोगों की पड़ताल डेटा एनालिसिस के जरिए करने के लिए मद्रास IIT से अनुरोध किया गया है। जिनको ज्यादा नंबर आए हैं उनका डाटा विश्लेषण बताता है कि बड़ी अनियमितता नहीं हुई है, क्योंकि ग्राफ ऊपर उठने के साथ ही जल्दी ही नीचे गिर जाता है। यानी घंटी के आकार का ग्राफ है।     केंद्र सरकार ने कहा है कि जांच के साथ ही एहतियातन NEET काउंसिलिंग भी जुलाई के तीसरे हफ्ते में कराने का निर्णय लिया गया है। काउंसलिंग चार चरणों में होगी, ताकि किसी भी किस्म की गड़बड़ी का फायदा उठाकर आने वाले छात्र की पहचान और पड़ताल इन चार चरणों में हो ही जाए। जहां पता चला, वहीं उसे बाहर कर दिया जाएगा।     केंद्र सरकार ने पहले भी कोर्ट को बताया है कि वो NEET की परीक्षा दोबारा कराने के समर्थन में नहीं है। केंद्र ने कहा है कि वो यह सुनिश्चित कर रहा है कि 23 लाख अभ्यर्थियों पर ‘अप्रमाणित आशंकाओं’ के आधार पर दोबारा परीक्षा का बोझ ना डाला जाए। केंद्र सरकार ने कहा है कि वो ये सुनिश्चित कर रहा है कि गलत तरीके से फायदा उठाने के दोषी किसी भी अभ्यर्थी को कोई लाभ ना मिले।     सरकार ने कहा है कि शिक्षा मंत्रालय ने IIT मद्रास से आग्रह किया था कि वो नीट परीक्षा 2024 के उम्मीदवारों का डेटा एनालिसिस करने में मदद करें। आईआईटी मद्रास ने शहरवार और केंद्रवार 2 सालों (2023 और 2024) का विश्लेषण किया। यह विश्लेषण शीर्ष 1.4 लाख रैंक के लिए किया गया है।     IIT मद्रास के विश्लेषण से पता चलता है कि ना तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का कोई संकेत है और ना ही किसी खास सेंटर के उम्मीदवारों को मदद मिली जिसके चलते उन्होंने असामान्य स्कोर मिला हो। IIT मद्रास की स्टडी के मुताबिक छात्रों को मिले अंकों में समग्र वृद्धि हुई है। खासतौर से 550 से 720 अंकों के बीच। अंकों में ये बढ़ोतरी लगभग सभी शहरों और केंद्रों में देखी गई है. इसकी वजह सिलेबस में 25% की कटौती है।     जिन छात्रों ने ज्यादा अंक हासिल किए हैं, वो अलग-अलग शहरों और अलग-अलग सेंटर के है जो बड़े पैमाने पर किसी गड़बड़ी की संभावना को खारिज करता है।     सरकार ने यह भी कहा कि काउंसलिंग जुलाई के तीसरे सप्ताह से शुरू होकर चार चरणों में आयोजित की जाएगी। यदि कोई अभ्यर्थी किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का शिकार पाया जाता है तो उसकी उम्मीदवारी काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान या उसके बाद भी किसी भी स्तर पर रद्द कर दी जाएगी।     NTA ने कहा, पटना/ हजारीबाग मामले में कोई प्रश्न पत्र गायब नहीं पाया गया है। प्रत्येक प्रश्न पत्र में एक अद्वितीय क्रमांक होता है और उसे एक विशेष उम्मीदवार को सौंपा जाता है। कोई भी ताला टूटा हुआ नहीं मिला। एनटीए पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट में कुछ … Read more

कर्नाटक केवाल्मीकि निगम घोटाला मामले में ईडी ने पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक पर छापेमारी की

बेंगलुरु कर्नाटक (Karnataka) लोकायुक्त ने आज सुबह राज्य भर में कई सरकारी अधिकारियों के ठिकानों पर छापे मारे. जानकारी के मुताबिक, लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों और शिकायतों से जुड़े मामलों पर छापेमारी की है. कुल 9 जिलों में 11 मामलों से जुड़ी छापेमारी की गई है, जिनमें दावणगेरे और चित्रदुर्ग के दो-दो मामले शामिल हैं. इसके साथ ही ईडी ने भी पूर्व मंत्री और विधायक के घरों पर छापेमारी की है. मिली जानकरी के मुताबिक, जिलों के एसपी लोकायुक्त मामलों की निगरानी कर रहे हैं. 56 जगहों की तलाशी ली गई है. इसमें करीब 100 अधिकारी शामिल थे. कहां-कहां हुई छापेमारी? कलबुर्गी: बसवराज मागी, राजस्व अधिकारी, केंगेरी डिवीजन, बीबीएमपी जोन, बेंगलुरु मांड्या: शिवराजू एस, कार्यकारी अभियंता (रिटायर्ड), ग्रामीण पेयजल और स्वच्छता प्रभाग, मांड्या जिला चित्रदुर्ग: एम. ​​रवींद्र, मुख्य अभियंता (रिटायर्ड), लघु सिंचाई विभाग, बेंगलुरु धारवाड़: शेखर गौड़ा, परियोजना निदेशक बेलगावी: महादेव बन्नूर, सहायक कार्यकारी अभियंता दावणगेरे: डी. एच. उमेश, कार्यकारी अभियंता (वी) और एम. ​​एस. प्रभाकर, सहायक कार्यकारी अभियंता कोलार: विजयन्ना, तहसीलदार मैसूर:-महेश के, अधीक्षक अभियंता हासन: एन. एम. जगदीश, ग्रेड-1 सचिव चित्रदुर्ग: केजी जगदीश, अधीक्षक अभियंता 18 से ज्यादा जगहों पर ईडी की छापेमारी कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक (Karnataka) के पूर्व मंत्री बी नागेंद्र और कांग्रेस विधायक बी दद्दाल के आवासों पर 24 घंटे से ज्यादा वक्त तक छापेमारी की. केंद्रीय जांच एजेंसी ने निगम के बैंक खातों से 187 करोड़ रुपये के कथित अनधिकृत अनियमितताओं की जांच के तहत 18 से ज्यादा स्थानों पर एक साथ छापेमारी की. हालांकि ईडी अधिकारियों ने आधी रात को तलाशी रोक दी, लेकिन टीमें छापेमारी वाली जगह पर ही रहीं. गुरुवार सुबह 7 बजे निरीक्षण फिर से शुरू हुआ. मई में इस्तीफा देने से पहले नागेंद्र कर्नाटक के आदिवासी कल्याण मंत्री थे, जबकि दद्दाल निगम के अध्यक्ष थे. इस साल 21 मई को निगम के लेखा अधीक्षक चंद्रशेखरन पी की मौत के बाद कथित घोटाला सामने आया. अपने सुसाइड नोट में अधिकारी ने निगम से विभिन्न बैंक खातों में अवैध रूप से फंड ट्रांसफर करने का आरोप लगाया. घटना पर आक्रोश और विपक्ष की आलोचना के बीच दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया और नागेंद्र ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. कर्नाटक सरकार ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन भी किया है. बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उनकी सरकार ईडी जांच में हस्तक्षेप नहीं करेगी. हालांकि, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि ईडी की छापेमारी अनुचित थी. शिवकुमार ने कहा, “जब राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी पहले से ही मामले की जांच कर रही है, तो ईडी को मामले में छापेमारी करने की कोई जरूरत नहीं थी.” उन्होंने कहा कि पिछली बीजेपी सरकार के दौरान भी इसी तरह के मामले हुए थे.  

President Murmu ने राष्ट्रपति भवन में साइना नेहवाल के साथ खेला बैडमिंटन

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन के बैडमिंटन कोर्ट में दिग्गज शटलर और राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता साइना नेहवाल के साथ बैडमिंटन खेला. बैडमिंटन खेलने के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने मंझे हुए खिलाड़ी की तरह कई शॉट लगाए और उन्होंने कई मौके पर साइना नेहवाल को मात भी दी.  इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इससे पहले बुधवार को राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में प्रतिष्ठित डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी का अनावरण किया था. राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति का यह प्रेरणादायक कदम ऐसे समय में भारत के बैडमिंटन की महाशक्ति के रूप में उभरने के अनुरूप है, जब महिला खिलाड़ी विश्व मंच पर बड़ा प्रभाव डाल रही हैं. उसने मुर्मू और नेहवाल के मुकाबले की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का खेलों के प्रति स्वाभाविक प्रेम तब देखने को मिला जब उन्होंने राष्ट्रपति भवन के बैडमिंटन कोर्ट में बहुचर्चित खिलाड़ी साइना नेहवाल के साथ बैडमिंटन खेला.’ साइना सहित पद्म पुरस्कार विजेता महिलाएं ‘उनकी कहानी-मेरी कहानी’ व्याख्यान श्रृंखला के तहत राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में व्याख्यान देंगी और दर्शकों से बातचीत करेंगी. साइना नेहवाल ने भी राष्ट्रपति के साथ खेलने का मौका मिलने पर अपनी खुशी जाहिर की. नेहवाल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “भारत के राष्ट्रपति के साथ खेलना मेरे लिए सम्मान की बात है… यह मेरे जीवन का कितना यादगार दिन है. मेरे साथ बैडमिंटन खेलने के लिए राष्ट्रपति जी  का बहुत-बहुत धन्यवाद.” ओलंपिक में जीत चुकी हैं कांस्य हरियाणा की रहने वाली, 33 वर्षीय शटलर नेहवाल ने अपने करियर की शुरुआत में 2008 में BWF विश्व जूनियर चैंपियनशिप जीतकर सभी का ध्यान आकर्षित किया था. 2008 में, वह ओलंपिक क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं. उन्होंने हांगकांग की तत्कालीन विश्व नंबर पांच खिलाड़ी वांग चेन को हराया, लेकिन इंडोनेशिया की मारिया क्रिस्टिन यूलियांटी से हार गईं. 2009 में, साइना BWF सुपर सीरीज प्रतियोगिता जीतने वाली पहली भारतीय बनीं.  उन्हें 2009 में अर्जुन पुरस्कार और 2010 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया. लंदन में 2012 ओलंपिक खेलों के दौरान, नेहवाल ने महिला एकल कांस्य पदक जीता. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 20 से अधिक खिताब जीते हैं और 2016 में केंद्र ने उन्हें प्रतिष्ठित पद्म भूषण से सम्मानित किया था. शटलर ने भारत के लिए एक शानदार करियर बनाया है, जिसने देश में खेल को बदल दिया है। साइना ने कई प्रमुख बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें उन्होंने कई ट्रॉफी और पदक जीते। वह खेल में दुनिया की नंबर 1 रैंकिंग रखने वाली एकमात्र महिला भारतीय खिलाड़ी भी हैं.  

अनुसूया ने अपना नाम बदलकर एम. अनुकाथिर सूर्या और लिंग बदलकर महिला से पुरुष करने का अनुरोध किया था, मिली मंजूरी

नई दिल्ली  वित्त मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) की एक वरिष्ठ महिला अधिकारी के सभी आधिकारिक अभिलेखों में अपना नाम और लिंग बदलने के अनुरोध को मंजूरी दे दी है। यह अनुरोध 2013 बैच की आईआरएस (सीमा शुल्क व अप्रत्यक्ष कर) अधिकारी सुएम. अनुसूया ने किया था। वह वर्तमान में हैदराबाद में सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क व सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (सीईएसटीएटी) के मुख्य आयुक्त के कार्यालय में संयुक्त आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं। अनुसूया ने अपना नाम बदलकर एम. अनुकाथिर सूर्या और लिंग बदलकर महिला से पुरुष करने का अनुरोध किया था। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड नौ जुलाई 2024 को जारी कार्यालय आदेश में कहा कि प्राधिकारी ने उनके अनुरोध पर विचार किया गया और ‘‘ अब से अधिकारी को सभी आधिकारिक अभिलेखों में अनुकाथिर सूर्या के रूप में मान्यता दी जाएगी।’’ यह आदेश सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया गया है। सूर्या ने दिसंबर 2013 में चेन्नई में सहायक आयुक्त के रूप में अपना करियर शुरू किया। 2018 में उन्हें उप आयुक्त के रूप में पदोन्नत किया गया। पेशेवर मंच लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, पिछले साल वह हैदराबाद तैनात की गईं। सूर्या ने 2010 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स व संचार में स्नातक की डिग्री हासिल की। 2023 में भोपाल में नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी से ‘साइबर लॉ एंड साइबर फोरेंसिक’ में पीजी डिप्लोमा किया।    

महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक 11 और 12 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान

नई दिल्ली  भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गोवा में रेड अलर्ट जारी किया, जिसके अनुसार अगले कुछ दिनों तक राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। मौसम एजेंसी ने महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण कम दृश्यता की भविष्यवाणी की और 11 और 12 जुलाई के लिए राज्यों के कुछ हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया। इसके अलावा, इस सप्ताह 10 अन्य राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। गोवा में लगातार तीसरे दिन बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने दीवार गिरने की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई। आईएमडी ने इस सप्ताह मध्यम से भारी बारिश की उम्मीद के बीच मेघालय, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया। आईएमडी ने कहा, 10 जुलाई को टिहरी, पौड़ी, बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान है। महाराष्ट्र के रायगढ़ में भी भारी बारिश और कुछ इलाकों में जलभराव के कारण शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए। आईएमडी ने 12 जुलाई तक पालघर, ठाणे, धुले, नंदुरबार, जलगांव, नासिक, अहमदनगर, कोल्हापुर, सांगली, शोलापुर, औरंगाबाद, जालना, परभणी, बीड, हिंगोली, नांदेड़, लातूर, उस्मानाबाद, अकोला, अमरावती, भंडारा, बुलढाणा, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, गोंदिया, नागपुर, वर्धा, वाशिम और यवतमाल में भारी से मध्यम वर्षा की भविष्यवाणी की है। वहीं असम में बाढ़ की स्थिति में मामूली सुधार हुआ है, हालांकि अभी भी 27 जिलों में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या करीब 18.80 लाख है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को राज्य में छह और लोगों की मौत होने से वर्ष बाढ़, भूस्खलन और तूफान से मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। ब्रह्मपुत्र सहित कई प्रमुख नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं तथा कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। भारी बारिश ने मुंबई को सोमवार को ठप कर दिया और इस बीच मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने महाराष्ट्र के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मुंबई के असहाय निवासियों को   सुबह एक और निराशाजनक सुबह का सामना करना पड़ा, एक बार फिर लगातार बारिश हुई, जो सोमवार की पीड़ा को दर्शाती है। लगातार बारिश ने शहर और उसके उपनगरों पर कहर बरपाया, उपनगरीय ट्रेन सेवाएं पटरी से उतर गईं और उड़ान संचालन अस्त-व्यस्त हो गया। महानगर में रोजमर्रा की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई, जहां एक बुजुर्ग महिला की शॉर्ट-सर्किट से जलने से मौत हो गई। लोगों को जलजमाव वाली सड़कों से गुजरना पड़ा और यातायात की अव्यवस्था से निपटना पड़ा, व्यवधान और निराशा का एक और दिन सहना पड़ा।    

चीन ने CPEC के जरिए पाकिस्तान को पूरी तरह से चीन के कंट्रोल में, दुनिया में बीजिंग से नजदीकी बढ़ाने वाले देशों के लिए एक सबक

इस्लामाबाद  चीन के बुने कर्ज के जाल में पाकिस्तान इस कदर जकड़ गया है कि अब चाहकर भी उसके लिए निकल पाना संभव नहीं है। चीन पाकिस्तान ऑर्थिक कॉरिडोर (CPEC) के जरिए आज पाकिस्तान पूरी तरह से चीन के कंट्रोल में है, जो पूरी दुनिया में बीजिंग से नजदीकी बढ़ाने वाले देशों के लिए एक सबक है। पाकिस्तान के एक्सपर्ट का ऐसा मानना है। उनके मुताबिक, पाकिस्तान की हालत ये है कि उसने सीपीईसी के तहत जो कर्ज लिया है, उसे चुका पाने की क्षमता नहीं है। बेहद चालाकी से बिछाए गए कर्ज के जाल में पाकिस्तान फंस गया है और अब उसका भविष्य चीन के हाथ में है। पाकिस्तानी पत्रकार और एक्सपर्ट कामरान खान ने अपने शो में कहा कि सीपीईसी पाकिस्तान के कर्ज के जाल का क्लासिक उदाहरण है। चीन पहले कर्ज देकर अपने जाल में फंसाता है और जब कर्जदार देश अपने भुगतान को पूरा करने में असमर्थ हो जात है, तो खुद ही आर्थिक या राजनीतिक रियायतें निकालने के इरादे से कर्जदार देश को और ज्यादा कर्ज देकर अपना गुलाम बना लेता है। सबसे खास बात ये है कि इस दौरान कर्ज की शर्तों को अक्सर छिपा लिया जाता है। 17 प्रतिशत का ब्याज वसूल रहा चीन पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने बताया कि चीन पाकिस्तान को दिए गए कर्ज पर 17 प्रतिशत का ब्याज लगाया हुआ है। ये ब्याज डॉलर के आधार पर तय किया गया है, जिसका मतलब है कि अगर डॉलर मजबूत होता है तो पाकिस्तान के ऊपर ज्यादा बोझ पड़ेगा। इसके पहले चीन ने नेपाल के साथ ही ऐसा ही किया है, जिसके चलते 3 प्रतिशत के ब्याज का रिटर्न की जगह काठमांडू को 36 फीसदी अदा करना पड़ रहा है। पाकिस्तान के लिए राष्ट्रीय संकट कामरान खान ने माना कि पाकिस्तान इस समय चीन का कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं है और उसने हाथ खड़े कर दिए हैं। शो में ये भी खुलासा हुआ कि पाकिस्तान ने चीन के सामने कर्ज की अदायगी पर ब्याज को कम करने के लिए चीन से बात भी की थी। इस दौरान उसने अदा करने के लिए 10 साल की जगह 20 साल की समय सीमा करने की मांग की थी, लेकिन चीन ने इसे इनकार कर दिया। पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने कहा कि सीपीईसी का कर्ज जाल अब पाकिस्तान के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा संकट में बदल गया है और इससे बाहर निकलने की कुंजी केवल चीन के ही पास है। पाकिस्तान की वरिष्ठ पत्रकार मारियाना बाबर ने भी चीन के कर्ज को पाकिस्तान के लिए खतरा बताया है। उन्होंने एक्स पर कामरान खान की पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि अमेरिका ने बहुत पहले पाकिस्तान को चेतावनी दी थी। अमेरिका ने अफ्रीकी देशों का उदाहरण दिया था, जहां चीन ने धोखाधड़ी की थी। बाबर ने आगे बताया कि सीपीईसी में कभी कोई पारदर्शिता नहीं थी, केवल बहुत प्रचार किया गया। चीन एक बहुत जरूरी सहयोगी है, लेकिन इस कीमत पर नहीं।  

दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों में सैन मिगुएल डी ऑलेंडे का पहला स्थान उदयपुर को दूसरा स्थान व तीसेर स्थान पर क्योटो शहर

जयपुर  ट्रेवल प्लस लीजर ने अमेरिका में वर्ल्ड बेस्ट अवार्ड घोषित किए। राजस्थान के उदयपुर को पूरी दुनिया में सबसे सर्वश्रेष्ठ शहरों की रैंकिंग में दूसरा स्थान मिला है वहीं एशिया में उदयपुर नंबर वन रैकिंग पर है। ट्रेवल प्लस लीजर रीडर्स अवार्ड के तहत दुनिया भर दस सर्वश्रेष्ठ शहरों की लिस्ट जारी की गई जिसमें मैक्सिको के शहर सैन मिगुएल डी ऑलेंडे को पहला स्थान उदयपुर को दूसरा स्थान व तीसेर स्थान पर जापान का क्योटो शहर है। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने उदयपुर को वर्ल्ड रैंकिंग में दूसरा स्थान व एशिया में पहला स्थान मिलने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि उदयपुर को दुनिया के सबसे खूबसूरत व सर्वश्रेष्ठ शहरों में स्थान मिलना शहर की विरासत, कला-संस्कृति, खान-पान और स्थानीय लोगों का सम्मान हैं जिन्होंने दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों व पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स की सामूहिक प्रयासों का परिणाम है कि राजस्थान दुनिया के सबसे पंसदीदा व बेस्ट पर्यटन स्थलों में शुमार है और यहां आने वाले पर्यटक सुखद यादें संजो कर अपने देश को लौटते हैं। वहीं प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी जी के नेतृत्व में राजस्थान पर्यटन सफलता के नए आयाम गढ़ रहा है, इस साल की शुरूआत में ही प्रदेश में देशी व विदेशी पर्यटकों की आवक में काफी बढोतरी हुई है, जो इस बात का संकेत है कि राजस्थान पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा राज्य है। पर्यटन विभाग की निदेशक डॉ. रश्मि शर्मा ने इस अवसर कहा कि प्रदेश पर्यटन विभाग पर्यटन स्थलों पर पर्यटकीय सुविधाओं को वैश्विक मानकों के अनुसार विकसित कर रहा है। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी जी के कुशल नेतृत्व व प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ के दिशा-निर्देशन में राजस्थान पर्यटन रेकॉर्ड उपलब्धियां हासिल करेगा। दुनिया के दस सर्वश्रेष्ठ शहरः- 1. सैन मिगुएल डी ऑलेंडे, मेक्सिको 2. उदयपुर, भारत 3. क्योटो, जापान 4. होई एन, वियतनाम 5. चियांग माई, थाईलैंड 6. फ्लोरेंस, इटली 7. बैंकॉक, थाईलैंड 8. टोक्यो, जापान 9. उबुद, इंडोनेशिया 10. फुंचाल, पुर्तगाल

चीन के सबसे बड़े निवेशकों में से एक टेमासेक में भारत की हिस्सेदारी सात फीसदी

नई दिल्ली  सिंगापुर की सरकारी निवेश कंपनी टेमासेक (Temasek) कई साल से चीन के सबसे बड़ी संस्थागत निवेशकों में से एक है। लेकिन अब उसने चीन में अपना निवेश कम करना शुरू कर दिया है। करीब एक दशक में पहली बार कंपनी के पोर्टफोलियो में अमेरिका चीन से आगे निकल गया है। टेमासेक अमेरिका के साथ-साथ भारत पर भी बड़ा दांव खेल रही है। कंपनी का कहना है कि चीन के कैपिटल मार्केट्स में सुस्ती से देश में उसकी एसेट्स की वैल्यू में गिरावट आई है। लेकिन दूसरे बाजारों से उसे अच्छा रिटर्न मिल रहा है। इससे कंपनी के पोर्टफोलियो की नेट वैल्यू 389 अरब डॉलर पहुंच गई है जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में 382 अरब डॉलर थी। टेमासेक लंबे समय से चीन के सबसे बड़े संस्थागत निवेशकों में शामिल रहा है। 2020 में कंपनी के पोर्टफोलियो में चीन की हिस्सेदारी 29 फीसदी थी। लेकिन चार साल बाद यह घटकर 19 फीसदी रह गई है। मार्च में कंपनी के पोर्टफोलियो में अमेरिका की हिस्सेदारी 22 फीसदी हो गई है। सिंगापुर 27 फीसदी के साथ टेमासेक के पोर्टफोलियो में सबसे ऊपर है। कंपनी भारत में इनवेस्टमेंट तेजी से बढ़ा रही है। अभी उसके पोर्टफोलियो में भारत की हिस्सेदारी सात फीसदी है। करीब एक दशक में यह पहला मौका है जब कंपनी के पोर्टफोलियो में अमेरिका की हिस्सेदारी चीन से अधिक हुई है। चीन की स्थिति पिछले साल चीन के शेयर मार्केट का प्रदर्शन काफी खराब रहा था। यह दुनिया में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले शेयर बाजारों में शामिल था। देश का रियल एस्टेट सेक्टर गहरे संकट में है और कंज्यूमर स्पेंडिंग सुस्त पड़ी है। लोग पैसे खर्च करने के बजाय बचत में लगे हैं। इसकी वजह यह है कि वे इकॉनमी को लेकर निश्चिंत नहीं हैं। रियल एस्टेट संकट के कारण पूरी इकॉनमी के डूबने का खतरा पैदा हो गया है। देश की जीडीपी में इस सेक्टर की करीब 30 फीसदी हिस्सेदारी है। टेमासेक के अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका कंपनी का सबसे बड़ा डेस्टिनेशन बना रहेगा क्योंकि चीन को लेकर संदेह बना हुआ है। अमेरिका और चीन दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं।

त्रिपुरा के युवा नशे की गिरफ्त में, 828 छात्र हुए HIV पॉजिटिव, 47 की एड्स से मौत

अगरतला  करीब 35 लाख की आबादी वाला त्रिपुरा के युवा नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं। नशे के कारण नॉर्थ-ईस्ट के राज्य त्रिपुरा में एचआईवी भी तेजी से पैर पसार रहा है। चिंताजनक हाल यह है कि इसकी चपेट में स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले युवा आ रहे हैं। त्रिपुरा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (टीएसएसीएस) के आंकड़ों के अनुसार, अभी तक राज्य में 828 छात्र एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं जबकि 47 छात्रों की मौत हो चुकी है। एचआईवी ग्रस्त 572 छात्र अभी भी जिंदा है और इनमें से कई हायर एजुकेशन के लिए त्रिपुरा से बाहर चले गए हैं। टीएसएसीएस का एक खुलासा और भी चौंकाने वाला है। सोसायटी के एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक राज्य के 220 स्कूल और 24 ऐसे कॉलेजों की पहचान की गई है, जहां छात्र नशीली दवा लेते हैं। इतने एचआईवी केस, डराने वाला है आंकड़ा त्रिपुरा में एचआईवी के आंकड़े डराने वाले हैं। राज्य के नौजवान न सिर्फ ड्रग्स ले रहे हैं बल्कि नशे की चाहत में एचआईवी ग्रस्त हो रहे हैं। त्रिपुरा पत्रकार संघ और वेब मीडिया फोरम के एक कार्यक्रम में त्रिपुरा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (टीएसएसीएस) के संयुक्त निदेशक ने बताया कि त्रिपुरा में रोजाना एचआईवी के पांच-सात मामले सामने आ रहे हैं। अभी तक 47 छात्रों की एड्स से मौत हो चुकी है। मई 2024 तक एआरटी (एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी) सेंटरों पर इलाज के लिए 8,729 लोगों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। एचआईवी से पीड़ित कुल लोगों की संख्या 5,674 है, इनमें 4,570 पुरुष और 1,103 महिलाएं हैं। हैरान करने वाला फैक्ट यह है कि एचआईवी की चपेट में आने वाले अधिकतर युवा है। उनमें 828 स्कूल और कॉलेज के छात्र हैं। अधिकारी ने बताया कि चौंकाने वाला यह आंकड़ा राज्य भर के 164 हेल्थ सर्विस सेंटर से लिया गया है। अमीर परिवार के बच्चे आ रहे चपेट में अभी तक आए मामलों से पता चला कि जो छात्र एचआईवी की चपेट में आए, उनमें से अधिकतर अमीर परिवारों से हैं। उनके माता और पिता नौकरी करते हैं। ऐसे छात्रों को ड्रग्स खरीदने के लिए पैसे की कमी नहीं होती है। बता दें कि कुछ दिन पहले त्रिपुरा हाई कोर्ट ने भी ऐसे एक मामले की सुनवाई करते हुए एनडीपीएस अधिनियम के तहत पकड़े गए आरोपियों के माता-पिता घरवालों को सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया था। साथ ही उनसे गांव में एक महीने तक नशा विरोधी अभियान चलाने को कहा था।

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