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गाजा में बकरीद मना रहे लोगों पर IDF का कहर, इजरायली PM का चौंकाने वाला ऐलान

 गाजा इजरायल ने एक बार फिर बेगुनाह फिलिस्तीनियों पर कहर ढा दिया है. इजरायली सेना ने मध्य गाजा के ब्यूरिज कैंप पर भारी बमबारी की है. इस बमबारी में पांच बच्चों और एक महिला समेत कम के कम नौ लोग मारे गए हैं, जबकि कई लोग घायल हुए हैं. कई लोगों के मलबे में दबे होने की बात कही जा रही है. घायलों और मृतकों के शवों को दीर अल-बलाह के अल अक्सा अस्पताल में लाया गया है. न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने नौ फिलिस्तीनियों के मारे जाने के साथ दर्जनों लोगों के घायल होने की बात कही है. प्रेस का कहना है कि ये हमला तब हुआ जब शरणार्थी कैंप में लोग ईद अल-अजहा त्योहार मनाने की तैयारी कर रहे थे. पिछले साल अक्टूबर में गाजा पर शासन करने वाले हमास ने इजरायल पर हमला कर 1200 लोगों को मार डाला था, बदले की कार्रवाई में करीब 38 हजार फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. दूसरी तरफ इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी छह सदस्यीय वॉर कैबिनेट को भंग करने की घोषणा की है. वॉर कैबिनेट 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद 11 अक्टूबर को बनाई गई थी. ये कैबिनेट जंग के दौरान इजराइल की सुरक्षा से जुड़े अहम फैसले लेने के लिए जिम्मेदार थी. नेतन्याहू ने कैबिनेट भंग करते हुए कहा कि हमने कई ऐसे फैसले किए थे जिनसे सेना सहमत नहीं थी. नेतन्याहू के नेतृत्व में बनी वॉर कैबिनेट में काफी दिनों से मतभेद चल रहे थे. इसके चलते कैबिनेट के मेंबर रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज ने इस्तीफा भी दे दिया था. उन्होंने इसकी वजह गाजा में बंधकों की रिहाई के लिए नेतन्याहू द्वारा किए जा रहे प्रयास को गलत बताया था. गाजा में संघर्ष विराम और बंधकों की रिहाई को लेकर इजरायली मंत्रियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए थे. इसमें इजरायली वित्त मंत्री भी शामिल थे. बेनी गैंट्ज ने कहा था कि यदि इजरायल सरकार बंधकों की रिहाई के समझौते को रोकती है तो उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं रहेगा. वहीं वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोटरिच ने कहा कि सरकार समझौते के लिए तैयार होती है तो ये एक शर्मनाक सरेंडर होगा. यदि रफाह पर इजरायल का नियोजित हमला टाल दिया जाता है तो मौजूदा सरकार को जारी नहीं रखा जा सकता. उन्होंने सीजफायर का विरोध किया था. इधर, हमास की कैद से इजरायली बंधकों की रिहाई के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी सरकार पर दबाब बढ़ता ही जा रहा है. हाल के दिनों में तेल अवीव में बंधकों के परिजन और दोस्त लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. शनिवार को एक बार फिर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और इजरायल की सरकार से बंधकों की रिहाई के लिए हमास से समझौते की मांग करते हुए इजरायली सैन्य अभियान का विरोध किया. बंधक बनाए गए लोगों के परिजनों और दोस्तों को डर है कि यदि इजरायल गाजा में सैन्य अभियान जारी रखता है तो युद्ध लंबा खिंचेगा और ज्यादा बंधक मारे जाएंगे. इस प्रदर्शन में शामिल लोगों का दावा है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनकी वॉर कैबिनेट बंधकों को छुड़ाने और देश को चलाने में पूरी तरह से असमर्थ है. ऐसे में नेतन्याहू को तुरंत इस्तीफा देकर देश में आम चुनाव कराना चाहिए. इन प्रदर्शनों के बाद ही नेतन्याहू ने फैसाल लिया है. बताते चलें कि पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर हमला कर 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया था. करीब आधे बंधकों को हमास अब तक छोड़ चुका है, जबकि 41 बंधकों की मौत हो चुकी है. लेकिन अभी भी उसके कैद में करीब 116 इजरायली नागरिक हैं. वहीं इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शकारियों के बीच झड़पे भी हुई, जिसके बाद बेकाबू प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार किया.  

तातबंग के पास इंफाल में आवश्यक सामग्री की आपूर्ति करने जा रहे 100 से अधिक ट्रकों को लोगों ने रोक दिया

MLA Rameshwar Sharma met Union Minister Manohar Lal Khattar

इंफाल  मणिपुर के तामेंगलोंग जिले में तातबंग के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर इंफाल में आवश्यक सामग्री की आपूर्ति करने जा रहे 100 से अधिक ट्रकों को लोगों ने रोक दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। स्थानीय लोगों ने जिरिबाम जिले में हुई हिंसा के विरोध में इंफाल-सिलचर राजमार्ग को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का आह्वान किया है। पुलिस ने कहा, ‘‘इस बंद के समर्थकों में ज्यादातर महिलाएं हैं जिन्होंने जिरिबाम से इंफाल घाटी की ओर जा रहे ट्रकों को रोक दिया।’’ उसने बताया कि ट्रकों को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की सुरक्षा मुहैया कराई गई है। पुलिस ने बताया कि इन ट्रकों में ईंधन, एलपीजी और अन्य आवश्यक सामान है। एक ट्रक चालक के हवाले से एक अधिकारी ने बताया कि सीआरपीएफ ने नाकेबंदी के समर्थकों से ट्रकों को जाने देने की अपील की लेकिन वे नहीं माने। जिरिबाम जिले में भड़की हिंसा के विरोध में कुकी जो गांव के स्वयंसेवकों वंगाईलांग और तुइलांगकोल द्वारा 13 जून को राष्ट्रीय राजमार्ग-53 इंफाल सिलचर राजमार्ग पर अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया गया और जिरिबाम और तामेंगलोंग जिले के कुकी महिला संघ ने इसका समर्थन किया है। जिरिबाम जिले में हुई हिंसा में कम से कम दो लोगों की जान चली गई। इसके अलावा, 100 से ज्यादा घर जला दिए गए और 2,000 से ज्यादा लोग बेघर हो गये। छह जून को 59 वर्षीय सोइबाम सरतकुमार सिंह का शव जिरिबाम जिले में मिला था जिसके बाद से जिले में हिंसा भड़क गई। यह जिला अब तक जातीय हिंसा से अछूता था जो पिछले साल मई से मणिपुर में फैली। जिरिबाम में मेइती, मुस्लिम, नगा, कुकी और गैर मणिपुरी लोग रहते हैं। बहुसंख्यक मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में राज्य के पहाड़ी जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च के बाद 3 मई, 2023 को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़क उठी थी। तब से जारी हिंसा में कुकी और मेइती समुदायों तथा सुरक्षा बलों के 220 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।  

संघ ने भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष से संबंधित दैनिक जागरण में छपी एक खबर का खंडन किया

EOW raids cheese factory, 25 member team investigating

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष से संबंधित दैनिक जागरण में छपी एक खबर का खंडन किया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अ. भा. प्रचार प्रमुख ने एक बयान जारी कर कहा है कि ‘दैनिक जागरण में प्रकाशित समाचार पूर्णतः निराधार है। सरसंघचालक जी ने गोरखपुर में कोई सार्वजनिक वक्तव्य नहीं दिया है। वे वर्तमान में संघ के अंतर्गत प्रशिक्षण शिविरों के निमित्त देशव्यापी प्रवास पर हैं। उल्लेखनीय है कि दैनिक जागरण के 17 जुलाई के अंक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहनराव भागवत के हवाले से यह समाचार प्रकाशित किया गया था – नड्डा के व्यक्तिगत विचार से नहीं है संघ का कोई सरोकार। इसमें संवाददाता ने दावा किया था कि संघ प्रमुख ने कार्यकर्ता विकास वर्ग में प्रशिक्षुओं से संवाद के दौरान भाजपा अध्यक्ष नड्डा के उस बयान को निजी बताया था जिसमें उन्होंने पार्टी को सक्षम हो जाने और संघ की आवश्यकता न होने की बात कही थी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर संदेश जारी कर कहा गया है कि गोरखपुर में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में सरसंघचालक मोहनजी भागवत ने ऐसा कोई विषय नहीं रखा। न ही वहां कोई सार्वजनिक वक्तव्य जारी किया है। ऐसे में दैनिक जागरण में प्रकाशित समाचार पूरी तरह निराधार है।  

हिंदु कुश हिमालय की बर्फ पिघलने से 12 प्रमुख नदी घाटियों के जल प्रवाह का 23 प्रतिशत हिस्सा बनता

नई दिल्ली  हिंदु कुश हिमालय में इस वर्ष बर्फबारी में रिकॉर्ड स्तर की गिरावट के कारण निचले इलकों में रहने वाले लोगों को पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है। एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आयी है। नेपाल स्थित अंतरसरकारी संगठन ‘अंतरराष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केन्द्र’ (आईसीआईएमओडी) के प्रमुख विशेषज्ञों ने जल प्रबंधन अधिकारियों से सूखा प्रबंधन रणनीतियों और आपातकालीन जल आपूर्ति उपायों को शुरू करने का आग्रह किया है। हिंदु कुश हिमालय क्षेत्र पृथ्वी की सतह पर जमे पानी पर व्यापक रूप से निर्भर करता है, जिसमें बर्फ, पर्माफ्रॉस्ट (ऐसी सतह जो पूरी तरह से जमी हुई होती है), बर्फ के पहाड़, झील और नदियां शामिल हैं। हिंदु कुश हिमालय क्षेत्र में रहने वाले लगभग 24 करोड़ लोगों के लिए यह जमा हुआ पानी ताजे जल का एक महत्वपूर्ण स्रोत है और निचले इलाके में रहने वाले लगभग 165 करोड़ लोगों को इस जमे हुए जल से दूरगामी लाभ होता है। बर्फ पिघलने से हिंदु कुश हिमालय क्षेत्र से उत्पन्न होने वाली 12 प्रमुख नदी घाटियों के कुल जल प्रवाह का लगभग 23 प्रतिशत हिस्सा बनता है। हालांकि इसका योगदान नदी दर नदी अलग-अलग होता है। अमु दरिया के जल प्रवाह में 74 प्रतिशत, हेलमंद के जल प्रवाह में 77 प्रतिशत और सिंधु के जल प्रवाह में 40 प्रतिशत पानी बर्फ पिघलने से आता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस वर्ष पूरे क्षेत्र में बर्फबारी का स्तर सामान्य से लगभग पांचवे हिस्से से भी नीचे है। बर्फबारी में सबसे ज्यादा कमी पश्चिम में हुई है, जहां बर्फ पिघलने से जल आपूर्ति सबसे ज्यादा होती है।  जारी ‘स्नो अपडेट रिपोर्ट- 2024’ के मुताबिक, गंगा बेसिन में बर्फ का स्तर सामान्य से 17 प्रतिशत कम और ब्रह्मपुत्र बेसिन में सामान्य से 14.6 प्रतिशत कम रहा। वहीं हेलमंद नदी बेसिन में बर्फ के स्तर में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई, जहां सामान्य से 31.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी। इससे पहले बर्फ की मौजूदगी का सबसे कम स्तर 2018 में रहा था, जब इसमें 42 प्रतिशत की कमी आई थी। सिंधु बेसिन में बर्फ की मौजूदगी सामान्य से 23.3 प्रतिशत नीचे आ गई है, जो 22 वर्षों में सबसे कम है। वर्ष 2018 में बर्फ की मौजूदगी का स्तर 9.4 प्रतिशत तक पहुंच गया था। मेकांग बेसिन में सामान्य से सबसे कम बदलाव देखने को मिला, जहां बर्फ की मौजूदगी सामान्य से लगभग एक प्रतिशत तक कम रही। आईसीआईएमओडी के विशेषज्ञ और रिपोर्ट के लेखक शेर मोहम्मद ने बताया, ”हमने हिंदु कुश हिमालय में बर्फ की मात्रा और मौजूदगी में कमी की प्रवृत्ति देखी है, जिसमें पिछले 22 वर्षों में से 13 वर्षों में मौसम के दौरान होने वाली बर्फबारी सामान्य से कम दर्ज की गयी।” उन्होंने कहा, ”यह शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरे का एक संकेत है। कम बर्फबारी और बर्फ की मौजूदगी के स्तर में उतार-चढ़ाव के कारण विशेष रूप से इस वर्ष पानी की कमी का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।”    

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की नई थ्योरी सामने आई- इसमें कहा गया है कि संभवतः एलियन हमारे बीच रह रहे हैं

वॉशिंगटन  हमारा ब्रह्मांड बेहद विशाल है। इंसानों के मन में हमेशा से सवाल रहा है कि क्या सिर्फ पृथ्वी पर ही जीवन है, या दूसरे ग्रहों पर भी जीवन है। इसे लेकर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन ने हम सभी को हैरान कर दिया है। इसमें कहा गया है कि संभव है कि एलियन मनुष्यों के साथ गुप्त रूप से रह रहे हैं। सुनने में ये किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसा लग सकता है। शोधकर्ताओं ने साफ कहा है कि उनका पेपर एक निश्चित दावे की जगह एक विचार प्रयोग के रूप में है। दशकों से एलियन की खोज में वैज्ञानिक लगे हुए हैं। लेकिन अभी भी इसका सही जवाब नहीं मिल पाया है। पेपर के मूल में अनुमान लगाया गया है कि यूएफओ का देखा जाना, उन एलियन से जुड़ा हो सकता है जिन्होंने हमारे ग्रह पर खुद को छिपाने की कला में महारत हासिल कर ली है। वह हो सकता है हमारे बीच में घूम रहे हों। शोधकर्ताओं के मुताबिक ये जीव आपस में घुलने मिलने के लिए इंसानों का भेष धारण कर सकते हैं। हो सकता है कि ये पृथ्वी के भविष्य से आए हों या बुद्धिमान डायनासोर के वंशज हों। शोध में इस बात की संभावना जताई गई है कि एलियन अंडर ग्राउंड या फिर हमारे चंद्रमा पर रहे होंगे। दोस्तों से मिलने आते हैं एलियन! हार्वर्ड विश्वविद्यालय के मानव उत्कर्ष प्रोग्राम ने आगे कहा कि यूएफओ विदेशी अंतरिक्ष यान हो सकते हैं जो पृथ्वी पर रहने वाले अपने मित्रों से मिलने आते हैं। इस स्टडी का उद्देश्य यूएफओ देखे जाने से जुड़ा एक वैकल्पिक अपरंपरागत स्पष्टीकरण प्रदान करना था। इसने ऐसी थ्योरी बताई, जो संभवतः इनसे जुड़ी हो सकती है। शोधकर्ताओं ने पेपर में क्रिप्टोटेरेस्ट्रियल शब्द का इस्तेमाल किया है। इसका मतलब ऐसे काल्पनिक जीवों से होता है, जो इंसानों के बीच रहते हैं, लेकिन उनका किसी को पता नहीं होता। एलियन से जुड़ी चार थ्योरी आई सामने     पहले सिद्धांत का मानना है कि अत्यधिक उन्नत प्राचीन मानव सभ्यता, जो बाढ़ जैसी विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं से काफी हद तक नष्ट हो गई थी वह अभी भी किसी रूप में मौजूद हो सकती है।     दूसरे विचार के हिसाब से एक गैर मानव समाज संभवतः जमीन के नीचे रहता है और संभवतः स्थलीय प्राणियों से विकसित हुआ है। ये प्राणी बुद्धिमान डायनासोर या वानरों जैसे दिखने वाले होमिनिड के वंशज हो सकते हैं।     तीसरे विचार के मुताबिक एलियन चंद्रमा या किसी और ग्रह पर विकसित हुए और वहां से धरती पर आ गए। ये प्राणी मानव समाज में रहते हुए लोगों की नजरों से छिपे रह सकते हैं।     चौथी थ्योरी के मुताबिक ये प्राणी पृथ्वी पर रहने वाले स्वर्गदूतों से मिलते जुलते हैं, जिनका मनुष्यों से तकनीक की जगह जादुई संबंध है। जैसे परियों या बौनों की कहानियों में सुना होगा।

शिंदे सरकार ने राज्य की नई स्वास्थ्य बीमा योजना MJPJAY लागू करने का फैसला किया

मुंबई  महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने विधानसभा चुनावों से पहले राज्यवासियों को बड़ा तोहफा दिया है। अब राज्य की नई स्वास्थ्य बीमा योजना महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य अभियान (MJPJAY) सभी के लिए लागू करने का फैसला किया गया है। सरकार ने इस योजना के वार्षिक प्रीमियम को 60% बढ़कर 3,000 करोड़ रुपये से अधिक कर दिया है।  नई योजना 1 जुलाई से लागू होने जा रही है। नई स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत राज्यवासियों को अब डेढ़ लाख की जगह कुल पांच लाख का बीमा कवर दिया जाएगा। 2012 में लॉन्च होने के बाद से इस योजना में यह बड़ा बदलाव है। राज्य सरकार ने हाल ही में इस योजना के लिए निविदा प्रक्रिया का निपटान किया है। इसके लिए सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया एश्योरेंस का चयन किया गया है। राज्य के 12.3 करोड़ परिवारों के लिए सरकार प्रति परिवार 1,300 रुपये का प्रीमियम देगी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2023-24 में 5.7 लाख परिवारों ने इस योजना का लाभ उठाया है। नई योजना लागू होने से पहले बीमाधारकों को इसका लाभ लेने के लिए राशन कार्ड और एक लाख तक सालाना आय का प्रमाण पत्र देना होता था लेकिन अब सरकार ने इस बाध्यता को खत्म कर दिया है और सभी नागरिकों के लिए समान रूप से लागू कर दिया है। अब आय की भी कोई सीमा नहीं रखी गई है।  पहले इस योजना के तहत 1000 अस्पताल इम्पैनल थे लेकिन अब उसे बढ़ाकर 1900 हॉस्पिटल कर दिया गया है। बता दें कि पिछले साल जून में ही उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने MJPJAY की बीमा राशि को 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख की घोषणा की थी लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका था। लोकसभा चुनावों से ऐन पहले महाराष्ट्र सरकार ने चुनाव आयोग से इसे लागू करने के लिए पत्र लिखकर अनुमति मांगी थी। अब जब आदर्श आचार संहिता खत्म हो चुकी है तो सरकार ने इसे अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सरकार के मुताबिक यह योजना अब 1 जुलाई से नए स्वरूप में लॉन्च होने जा रही है।

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी गिरफ्तार ,पाक से सॉफ्ट टारगेट करने का था हुक्म

 हंदवाड़ा  जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में सुरक्षा बलों और पुलिस ने सयुंक्त रूप से अभियान चलाकर हिजबुल मुजाहिदीन के एक आतंकी को गिरफ्तार किया है। आतंकी को पाकिस्तान में बैठे उसके आकाओं से सॉफ्ट टारगेट करने का हुक्म दिया गया था। हंदवाड़ा के एसएसपी दाऊद अयूब ने जानकारी देते हुए बताया की सुरक्षा बलों और पुलिस ने एक हथियारबंद आतंकवादी को गिरफ्तार किया है जिसकी पहचान जाकिर हमीद मीर के रूप में हुई है। वह हंदवाड़ा के कचरी गांव का रहने वाला है। वह एक पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था। जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में सोमवार को सुरक्षाबलों के साथ जारी मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने सोमवार सुबह बांदीपोरा जिले के अरागाम गांव को घेर लिया। उन्होंने कहा, “सुरक्षाबलों ने छिपे हुए आतंकवादियों को घेर लिया, जिसके बाद उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। मुठभेड़ में अब तक एक आतंकवादी मारा गया है। मारे गए आतंकवादी की पहचान की जा रही है। इलाके में अभी भी ऑपरेशन जारी है।” इससे पहले, तड़के गांव में कुछ गोलियों की आवाज सुनी गई थी। अधिकारियों ने बताया, “इसके तुरंत बाद, सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी और तलाशी शुरू कर दी। इलाके में तलाशी अभियान के दौरान कुछ देर बाद गोलियां चलनी बंद हो गईं।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को सुरक्षाबलों को केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद को कुचलने और एक सुचारू, सुरक्षित तथा घटना-मुक्त अमरनाथ यात्रा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। केंद्र के सख्त निर्देश के मद्देनजर, सुरक्षा बलों से उम्मीद की जा रही है कि वे आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और उनके समर्थकों के खिलाफ बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान चलाएंगे।

दिल्ली एयरपोर्ट पर बिजली गुल, बोर्डिंग-चेक इन में देरी से यात्री परेशान

International Tiger Day 2024: Said 'Tiger is the real king of the jungle,

नई दिल्ली दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार को अचानक से कुछ देर के लिए बिजली गुल हो जाने से हंगामा मच गया। बताया गया है कि एयरपोर्ट पर करीब 20 से 30 मिनट के लिए बिजली गुल हो गई, जिससे यहां बोर्डिंग से लेकर चेक-इन तक में समस्या पैदा हो गई। इससे यात्री परेशान हो गए। एयरपोर्ट पर यह दिक्कत अचानक क्यों आई, यह अभी साफ नहीं है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से अंधेरा छा गया। साथ ही फ्लाइट ऑपरेशन सहित एयरपोर्ट का पूरा सिस्टम ठप्प हो गया। इतना ही नहीं यात्रियों का पानी सहित जरूरी चीजों की समस्याओं से भी जूझना पड़ा। एयरपोर्ट पर कई अहम ऑपरेशन ठप हुए सूत्रों के मुताबिक, अचानक बिजली जाने से एयरलाइंस चेक इन सिस्टम, सुरक्षा जांच के लिए इस्तेमाल होने वाले डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी), इमीग्रेशन ब्यूरो सिस्टम सहित एयरोब्रिज का ऑपरेशन ठप्प हो गया। कुछ मिनटों के बाद बिजली की आपूर्ति को बहाल कर दिया गया, लेकिन इन सिस्टम को दोबारा रिस्टार्ट होने में काफी समय लग गया। यूजर्स ने सोशल मीडिया पर की शिकायत गौरव कुमार नाम के एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट में बताया कि बिजली जाने से बोर्डिंग और चेक-इन में समस्या आ रही है। बीते 30 मिनट से आईजीआई पर पावर कट हुआ है। इससे दिल्ली एयरपोर्ट में बोर्डिंग पर प्रभाव पड़ा है।    

EOU ने कहा उसे अभी तक एनटीए की ओर से परीक्षा की मूल प्रश्नपत्र की प्रति नहीं भेजी गई

Shock to Bihar government from Supreme Court

पटना  बिहार सरकार की जांच एजेंसी आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने नीट पेपर लीक मामले में बड़ा दावा किया है। ईओयू ने सोमवार को कहा है कि उसे अभी तक एनटीए की ओर से परीक्षा की मूल प्रश्नपत्र की प्रति नहीं भेजी गई है। इस वजह से ईओयू इस मामले की जांच को आगे नहीं बढ़ा पा रहा है। ईओयू की ओर से एनटीए को अबतक तीन बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है लेकिन प्रश्नपत्र की प्रति उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसको लेकर जांच में शामिल अधिकारी भी हैरान हैं। ईओयू के अनुसार 18-19 जून को 9 परीक्षार्थियों से अलग-अलग पूछताछ किए जाने के लिए प्रश्नावली तैयार की गयी है। यह जानकारी ली जायेगी कि परीक्षार्थियों के अभिभावकों से क्या पहले ही ब्लैंक चेक ले लिया गया था। पूछताछ के दौरान उनके द्वारा परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने की तिथि से लेकर परीक्षा देने के दिन तक की सभी गतिविधियों की जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा नीट परीक्षा को लेकर उन्हें किन-किन स्रोतों से क्या-क्या मदद मिली है, इसको लेकर भी पूछताछ की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इन सभी नौ परीक्षार्थियों को ईओयू द्वारा नोटिस जारी कर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है। नीट पेपर लीक मामले में चार परीक्षार्थियों एवं छह परीक्षा माफियाओं को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा चुकी है। इसमें कई अहम जानकारियां भी इन लोगों ने पुलिस को दी है। इसमें प्रश्नपत्र हासिल करने, तैयार उत्तर से मिलान करने और उत्तर याद करने के बाद प्रश्नपत्र को जलाने की बात तक कबूल की गई है।  

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बाइक पर बैठ ग्राउंड जीरो पर पहुंचे, घायलों का जाना हाल

कोलकाता  रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार दोपहर पश्चिम बंगाल में न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन के पास रंगापानी में ट्रेन दुर्घटना स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। सड़क बड़े वाहनों के चलने के लिहाज से संकरी होने के कारण रेल मंत्री को दुर्घटना स्थल तक पहुंचने के लिये कुछ दूरी मोटरसाइकिल के पीछे बैठकर तय करनी पड़ी। दरअसल रंगापानी स्टेशन के पास सोमवार को सियालदह जाने वाली कंचनजंगा एक्सप्रेस से मालगाड़ी की टक्कर में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और करीब 60 अन्य घायल हो गए। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि टक्कर के कारण एक्सप्रेस ट्रेन के पीछे के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। उत्तर बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है। रेल मंत्री ने आर्थिक मदद का किया ऐलान इससे पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी में हुए ट्रेन हादसे में मरने वालों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। इसकी घोषणा रेल मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए दी है। उन्होंने सोमवार को एक्स पर लिखा कि पीड़ितों को बढ़ी हुई अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। मृत्यु की स्थिति में 10 लाख रुपये और गंभीर रूप से चोटिल को 2.5 लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों को 50,000 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। रेल मंत्री ने जताया दुख इससे पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हादसे पर दुख जताते हुए एक्स पर लिखा कि रेलवे के एनएफआर जोन में दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ है। बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। रेलवे, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ पूरे तालमेल के साथ काम कर रहे हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी किया मदद का ऐलान वहीं कंचनजंगा एक्सप्रेस हादसे पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपये और घायलों की 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की है कि पश्चिम बंगाल में रेल दुर्घटना में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। विपक्षी दलों सरकार को घेरा विपक्षी दलों ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है. कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटना पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “…उन्हें (रेलवे मंत्रालय) यात्रियों की सुविधाओं की परवाह नहीं है. उन्हें रेलवे अधिकारियों, रेलवे इंजीनियरों, रेलवे तकनीकी कर्मचारियों और श्रमिकों की भी परवाह नहीं है. वे भी परेशानी में हैं. उनकी पुरानी पेंशन वापस ले ली गई है. मैं पूरी तरह से रेलवे कर्मचारियों और रेलवे अधिकारियों के साथ हूं. वे अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं. लेकिन इस सरकार को केवल चुनाव की परवाह है. कैसे हैकिंग की जाए, कैसे हेरफेर की जाए, कैसे चुनाव में धांधली की जाए… मुझे लगता है कि उन्हें शासन के लिए अधिक समय देना चाहिए, बयानबाजी के लिए नहीं. ” क्या है पूरा मामला? बता दें कि पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में सोमवार को बड़ा रेल हादसा हो गया.  न्यू जलपाईगुड़ी के रंगापानी स्टेशन के पास कंचनजंगा एक्सप्रेस पर पीछे से आ रही मालगाड़ी ने टक्कर मार दी. इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई है.  जबकि कई यात्रियों के घायल होने की भी खबर है.

जानें कौन है NTA का चेयरमैन , कहां से की पढ़ाई?

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नईदिल्ली भारत में इस वक्त नीट परीक्षा को लेकर बवाल मचा हुआ है। कुछ छात्रों को ग्रेस मार्क्स देने को लेकर शुरू हुए इस विवाद में एनटीए द्वारा आयोजित इस परीक्षा में धांधली के आरोप लगे। इसी बीच एनटीए ने ग्रेस मार्क्स को रद्द कर दिया। नीट परीक्षा में शामिल होने वाले 1563 बच्चों को ग्रेस मार्क्स (क्षतिपूर्ति)अंक दिए गए थे। इन सब के बीच एनटीए चेयरमैन भी सुर्ख‍ियों में हैं। एनटीए के अध्यक्ष पर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। साथ ही साथ उनके शिक्षा से लेकर कार्यशैली पर भी लोगों ने प्रश्न चिन्ह लगाए। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि एनटीए के अध्यक्ष कौन हैं। साथ ही साथ उनकी शिक्षा और करियर से जुड़ी तमाम जानकारी हम आपके लिए लेकर आए हैं। कौन हैं NTA के चेयरमैन? प्रो. प्रदीप जोशी हैं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए के चेयरमैन हैं। उन्होंने बतौर एनटीए अध्यक्ष अगस्त 2023 में कार्यभार संभाला था। प्रो. प्रदीप जोशी को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से अगस्त 2023 में एनटीए का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। बता दें, एनटीए के चेयरमैन का कार्यकाल 3 साल का होता है। इस हिसाब से प्रो. जोशी अगस्त 2026 तक इस पद पर रहेंगे। प्रो. जोशी रह चुके हैं यूपीएससी के भी अध्यक्ष एनटीए के अध्यक्ष का पदभार संभालने से पहले प्रदीप जोशी संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के अध्‍यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वो छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग और मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग के भी अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके करियर ग्राफ को देखें तो प्रो. जोशी काफी प्रशासनिक अनुभव वाले व्‍यक्‍ति हैं। प्रो. प्रदीप जोशी उत्‍तराखंड के मूल निवासी हैं प्रोफेसर प्रदीप जोशी मूल रूप से उत्‍तराखंड के अल्मोड़ा के निवासी हैं। हालांकि, उनकी पढ़ाई-लिखाई उत्‍तर प्रदेश के कानपुर से हुई है। प्रो. जोशी के पिता बैंक में कार्यरत थे। जोशी ने साल 1977 में कानपुर विश्वविद्यालय से एसोसिएटेड डीएवी कालेज से कॉमर्स में पोस्‍ट ग्रेजुएशन किया है। साल 1981 में उन्होंने इसी कॉलेज से पीएचडी भी किया है। शिक्षक के रूप में की थी करियर की शुरुआत प्रोफेसर जोशी ने बतौर शिक्षक अपने करियर की शुरूआत की थी। लंबे वक्त तक वो बरेली कॉलेज के वाणिज्य विभाग में कार्यरत रहे। साल 1997 के दौरान वो रुहेलखंड यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट विभाग के डीन भी रह चुके हैं। साल 2000 से 2006 के दौरान उन्होंने रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी जबलपुर बिजनेस एडमिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के चेयरमैन का पद संभाला। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्‍यक्ष के पद पर भी कार्य किया। साल 2015 से 2020 तक प्रो. जोशी संघ लोक सेवा आयोग के अध्‍यक्ष रहे। साल 2023 के अगस्त में उन्‍हें नेशनल टेस्‍टिंग एजेंसी का चेयरमैन नियुक्त किया गया। एनटीए देश भर में होने वाली सभी प्रमुख परीक्षाओं का आयोजन कराती है। देश की तमाम श‍िक्षण संस्‍थाओं व फेलोश‍िप में दाख‍िले के ल‍िए जांच परीक्षा आयोज‍ित करने की ज‍िम्‍मेदारी इस एजेंसी के जिम्मे है। NTA कैसे संचालित होता है, कैसे चुने जाते हैं अध्यक्ष नीट यूजी 2024 रिजल्ट को लेकर उठे विवाद के बीच एनटीए इन दिनों चर्चा में है. इस विवाद के कारण इस संस्था की विश्वसनीयता पर संकट दिखाई दे रहा है. 1500 से ज्यादा अभ्यर्थियों को ग्रेस मार्क्स देने के कारण अब एनटीए को इन कैंडिडेट्स के लिए दोबारा से परीक्षा आयोजित करनी पड़ रही है. इसके लिए 23 जून की तारीख तय है और 30 जून को नतीजे घोषित किए जाएंगे. वहीं देश भर में NEET UG पेपर लीक होने के आरोप भी एनटीए पर लग रहे हैं. इन विवादों के बीच आइए जानने एनटीए है क्या और किन-किन परीक्षाओं का आयोजन करता है. एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना देश के उच्च शिक्षा संस्थानों में एडमिशन/फेलोशिप के लिए प्रवेश परीक्षाएं कराने के लिए किया गया है. यह एक विशेषज्ञता प्राप्त स्वायत्त संस्था है, जिसकी स्थापना भारतीय संस्था पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत की गई है. इसका उद्देश्य केवल प्रवेश ही नहीं, भर्ती के लिए भी उम्मीदवारों की योग्यता का आकलन करने के लिए पारदर्शी, कुशल और अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर जांच करना है. ये जिम्मा भी एनटीए के पास इसके अलावा एनटीए के पास एजुकेशनल, प्रोफेशनल और टेस्टिंग सिस्टम पर रिसर्च करने का जिम्मा भी है, जिसके जरिए नॉलेज सिस्टम में आने वाले अंतराल का पता लगाया जा सके और उनके बीच की दूरी को खत्म किया जा सके. परीक्षाओं के लिए प्रश्न तैयार करने के लिए यह विशेषज्ञों और संस्थाओं की पहचान करती है. साथ ही साथ यह एजुकेशन और प्रोफेशनल डेवलपमेंट पर रिसर्च और सूचनाओं की जानकारी देती है. ऑनलाइन होती हैं NTA की परीक्षाएं एनटीए सभी टेस्ट ऑनलाइन मोड में आयोजित करता है. इसलिए इसे ऐसे विद्यालयों और विश्वविद्यालयों का चुनाव करना होता है, जहां पर सभी तरह की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों. साथ ही यह भी देखना होता है कि परीक्षा के आयोजन से इन विद्यालयों और विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक दिनचर्या पर कोई प्रभाव न पड़े. एनटीए के पास इस बात का भी जिम्मा है कि वह देश के शिक्षा संस्थानों में समय-समय पर ट्रेनिंग और सलाह दे. यह भी है एनटीए का काम एनटीओ को एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विसेज जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ मिलकर काम करना होता है. अलग-अलग मंत्रालयों या केंद्र सरकार के विभागों और राज्य सरकारों द्वारा किसी परीक्षा के आयोजन का जिम्मा सौंपे जाने पर उसका संचालन करना होता है. स्कूलों, बोर्ड और दूसरे अन्य निकायों में ट्रेनिंग के साथ-साथ सुधार को सुनिश्चित करना और एडमिशन टेस्ट संबंधी मानकों की समय-समय पर जांच करना भी इसी का दायित्व है. कैसे होता है एनटीए का संचालन? एनटीए का प्रशासन एक गवर्निंग बॉडी के जरिए संचालित होता है, जिसमें एक चेयरपर्सन और एक मेंबर सेक्रेटरी (महानिदेशक) और 8 सदस्य होते हैं. एनटीए चेयरपर्सन की नियुक्ति मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से की जाती है, जो आमतौर पर जाने-माने शिक्षाविद होते हैं. वर्तमान में एनटीए के चेयरपर्सन यूपीएससी के पूर्व चेयरमैन रिटायर प्रोफेसर प्रदीप कुमार जोशी हैं. आईएएस सुबोध कुमार सिंह इसके महानिदेशक यानी सीईओ हैं. इनकी नियुक्ति भी केंद्र सरकार करती है. बोर्ड ऑफ गवर्नर में टेस्ट आयोजित कराने वाले संस्थानों के सदस्य शामिल होते हैं. किन … Read more

न्यू जलपाईगुड़ी में मालगाड़ी और कंचनजंगा एक्सप्रेस की टक्कर में अब तक 15 लोगों की मौत

कलकत्ता पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी में मालगाड़ी और कंचनजंगा एक्सप्रेस की टक्कर में अब तक 15 लोगों की मौत हो गई है जबकि 25 लोग घायल बताए जा रहे हैं. मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मारी थी. अब पता चला है कि ट्रेन के लोको पायलट ने सिग्नल को नजरअंदाज किया था. रेलवे बोर्ड की चेयरमैन जया वर्मा सिन्हा ने बताया कि आज कंचनजंगा ट्रेन का एक्सीडेंट हुआ है. मालगाड़ी के ड्राइवर ने यात्री ट्रेन को टक्कर मारी. शुरुआती जानकारी से पता चला है कि मालगाड़ी के चालक ने सिग्नल की अनदेखी की थी. इस वजह से पैसेंजर ट्रेन के सबसे पीछे का गार्ड का डिब्बा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और आगे दो पार्सल वैन के डिब्बे थे, जो क्षतिग्रस्त हुए. उन्होंने बताया कि बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है. मालगाड़ी के ड्राइवर (लोको पायलट) ने सिग्नल को पूरी तरह से नजरअंदाज किया था. इस दुर्घटना में मालगाड़ी के चालक और कंचनजंगा के गार्ड की भी मौत हुई है. अगरतला-सियालदाह रूट पर सभी रेलवे स्टेशनों पर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं. मालगाड़ी को रुकना चाहिए था, रेलवे बोर्ड की सीईओ का बयान  रेलवे बोर्ड की चेयरपर्सन और सीईओ जया वर्मा सिन्हा ने कहा कि पीछे से आ रही मालगाड़ी को रुकना चाहिए था। फिर भी ट्रेन नहीं रुकी तो यह जांच का विषय है। इस मामले में दिक्कत यह है कि मालगाड़ी के चालक की भी मौत हो चुकी है।  कंचनजंगा रेल हादसे पर रेलवे बोर्ड की चेयरपर्सन और सीईओ जया वर्मा सिन्हा ने कहा, ‘इस घटना के मामले में ऐसा लगता है कि मानवीय गलती थी। शुरुआती जांच में पता चलता है कि यह मसला सिग्नल को नजरअंदाज कर ट्रेन को आगे बढ़ाने का है।’ उन्होंने कहा कि हमें ‘कवच’ सिस्टम को बढ़ाना होगा, जिसके चलते ट्रेनों की भिड़ंत को टाला जा सकता है। न्यू जलपाईगुड़ी से 30 किलोमीटर दूर हादसा, स्टेशन पर खड़ी थी ट्रेन  उत्तर बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से लगभग 30 किलोमीटर दूर इस घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है और घायलों को निकटवर्ती अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “ट्रेन दुर्घटना में अब तक 15 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 60 लोग घायल हैं। इससे पहले, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे जोन में हुआ। बचाव अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है। रेलवे, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।’  कंचनजंगा रेल हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को मदद का ऐलान  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में न्यू जलपाईगुड़ी के समीप ट्रेन हादसे पर गहन दुख जताया और मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपए तथा घायलों को 50-50 हजार रूपये अनुग्रह राशि दिये जाने की घोषणा की। मोदी ने एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा , ‘पश्चिम बंगाल में रेल दुर्घटना दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति संवेदना। मैं प्रार्थना करता हूँ कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएँ। अधिकारियों से बात की और स्थिति का जायजा लिया। प्रभावितों की सहायता के लिए बचाव कार्य जारी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी भी दुर्घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं।’ प्रथम दृष्टया मानवीय चूक का मामला सिन्हा ने बताया कि प्रथम दृष्टया इस दुर्घटना में मानवीय चूक सामने आई है. लेकिन सही जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगी. हमारी पूरी कोशिश है कि ट्रेन दुर्घटनाओं को रोका जा सके, इसके लिए कवच हमारी प्राथमिकता है. इसे मिशन मोड में बढ़ाया जा रहा है. कैसी हुई दुर्घटना? त्रिपुरा के अगरतला से कोलकाता के सियालदाह जा रही कंचनजंगा एक्सप्रेस को एक मालगाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दी. ये घटना सोमवार सुबह 8.55 बजे हुई. न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से लगभग सात किलोमीटर दूर रंगापानी स्टेशन के पास खड़ी कंचनजंगा एक्सप्रेस को मालगाड़ी ने सिग्नल की अनदेखी कर टक्कर मार दी. मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मारी. इस घटना में कुल आठ लोगों की मौत हुई है, जिसमें तीन रेलवे कर्मचारी जबकि पांच यात्री हैं. इस घटना में लगभग 50 लोग घायल हैं. बता दें कि ये टक्कर सोमवार सुबह नौ बजे के आसपास उस समय हुई, जब 13174 कंचनजंगा एक्सप्रेस अगरतला से सियालदाह जा रही थी. इस टक्कर में कंचनजंगा एक्सप्रेस के दो डिब्बे डिरेल हो गए. हर तरफ चीख-पुकार मच गई. टक्कर लगने की वजह से ट्रेन की बोगियां पटरी से उतर गईं. लोको पायलट अनिल की हादसे में मौत, साथी मोनू अस्पताल में भर्ती  न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से 11 किलोमीटर पश्चिम दिशा में स्थित निजबाड़ी रेलवे स्टेशन पर खड़ी कंचनजंगा एक्सप्रेस और मालगाड़ी के बीच भीषण टक्कर में जख्मी हुए मालगाड़ी के सहायक लोको पायलट मोनू कुमार का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है ।  रेलवे एम्पलाई यूनियन के से उनकी स्थिति को जानने का प्रयास किया तो अचानक सहायक लोको पायलट पूछ बैठे कि मेरा ट्रेन का चालक अनिल भाई जी कैसे हैं। सुनते ही रेलकर्मी को समझ में नहीं आया कि वह क्या बताएं बाकी अपनी स्थिति पर नियंत्रण करते हुए रेलकर्मी ने कहा कि चालक ट्रेन के इंजन के अंदर फंसे हुए हैं उन्हें बाहर निकाला जा रहा है । इसके बाद मोनू काफी चिंतित हो गए और कहां की घटना की जानकारी उनके परिजन को अभी नहीं दिया जाए। इसके बाद यूनियन के कर्मी ने सहायक लोको पायलट को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया ।इधर रेलवे इंप्लाइज यूनियन के मंडल सचिव रुपेश कुमार ने घटना के प्रति कभी दुख जताया है जख्मी रेल कर्मियों को जल्द स्वस्थ होने की कामना ईश्वर से की है वही हादसे में  कंचनजंगा एक्सप्रेस के गार्ड और मालगाड़ी के लोको पायलट की मौत पर दुख जताया है ।  

मैं और मुख्य सचिव 1 जुलाई से हमारा बिजली का बिल भरकर मिसाल कायम करेंगे – CM हिमंत बिस्वा सरमा

Threatening the lawyer, SDM said - 'Whatever has to be uprooted, uprooted', what is it?

गुवाहाटी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने फरमान जारी कर दिया है कि मंत्री, विधायक और अधिकारी बिजली का बिल खुद ही भरेंगे। उनका कहना है कि इसका मकसद VIP कल्चर को खत्म करना है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिजली की दरों को कम करने की कोशिश कर रही है। खास बात है कि असम सरकार ने रात 8 बजे के बाद सभी सरकारी दफ्तरों में बिजली अपने आप काटने का फैसला किया है। सरमा ने लिखा, ‘करदाताओं के रुपयों से सरकारी अधिकारियों के बिल भरने के VIP कल्चर को खत्म कर रहे हैं। मैं और मुख्य सचिव 1 जुलाई से हमारा बिजली का बिल भरकर मिसाल कायम करेंगे। जुलाई 2024 की शुरुआत से सभी शासकीय कर्मचारियों को उनकी तरफ से खर्च की गई बिजली का बिल खुद ही भरना होगा।’ सीएम सरमा में रविवार को 2.5 मेगावाट के नए सोलर पावर प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि राज्य का मकसद बिजली के बिलों को 1 रुपये प्रति यूनिट कम करना है, ताकि समाज के गरीब वर्ग के लिए बिजली का इस्तेमाल आसान हो जाए। उन्होंने जानकारी दी है कि सरकार अगले साल अप्रैल तक 1 रुपये प्रति यूनिट करने का लक्ष्य रख रही है। सरमा ने बताया है कि सरकार राज्य के सभी विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज की छतों का इस्तेमाल सोलर पैनल के लिए करने जा रहे हैं। उनका कहना है कि असम के 2 लाख से ज्यादा परिवारों ने अपने घरों में सोलर पैनल लगाने के लिए आवेदन दिया है। उन्होंने जनता से बिजली बर्बाद नहीं करने की अपीली की है, क्योंकि राज्य सरकार की तरफ से बड़ी राशि सब्सिडी में खर्च की जाती है।  

पन्नू की हत्या की साजिश के आरोपी निखिल गुप्ता का प्रत्यर्पण

नई दिल्ली अमेरिका में खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोपी निखिल गुप्ता को चेक गणराज्य ने प्रत्यर्पित कर दिया है। फेडरल ब्यूरो ऑफ प्रिजन की वेबसाइट के मुताबिक गुप्ता को अमेरिका भेज दिया गया है। अमेरिकी प्रशासन की रिक्वेस्ट के पिछले साल जून में निखिल गुप्ता को अरेस्ट कर लिया गया था। आरोप है कि वह खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह बन्नू की हत्या की साजिश रचने में शामिल था। सोमवार को निखिल गुप्ता को न्यूयॉर्क के फेडरल कोर्ट में पेश किया जा सकता है। फिलहाल उन्हें ब्रुकलिन के मेट्रोपोलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। बता दें कि पन्नू अमेरिका में रहकर भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल रहता है। वह अकसर हिंदुओं को धमकी देता नजर आता रहता है। अमेरिकी संघीय अभियोजन ने कहा था कि गुप्ता ने भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर पन्नू की हत्या की साजिश रची थी। इसके बाद गुप्ता को प्राग में गिरफ्तार कर लिया गया था। चेक गणराज्य में निखिल गुप्ता ने प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका फाइल की थी जिसे खारिज कर दिया गया था। वहीं अमेरिकी  सरकार का कहना है कि गुप्ता ने पन्नू की हत्या के लिए हिटमैन हायर करने की कोशिश की थी। बता दें कि पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता है। भारत ने उसे यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया है। बता दें कि 23 नवंबर 2023 को ही प्राग के हाई कोर्ट ने निखिल गुप्ता के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी। इस फैसले के खिलाफ गुप्ता ने संवैधानिक अदालत में याचिका फाइल की थी। हालांकि इस याचिका को भी खारिज कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि अमेरिका द्वारा उपलब्ध कराए गए सबूतों और दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद यह फैसला सुनाया गया है। आरोप है कि गुप्ता ने हिटमैन को नकद 80 लाख रुपये देने का वादा किया था। आरोपों में यह भी कहा गया कि गुप्ता को एक भारतीय अधिकारी से निर्देश मिल रहे थे। हालांकि किसी अधिकारी का नाम नहीं लिया गया था।  

चारधाम यात्रा में आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में कुछ कमी आई

Akhilesh Yadav's warning to SP leaders: No entry of BJP leaders, do not advocate for them

देहरादून  चारधाम यात्रा में आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में अब कुछ कमी आई है। इसकी वजह से अब प्रशासन ने पंजीकरण से पहले की टोकन व्यवस्था को खत्म कर दिया है। ट्रांजिट कैंप में अब तीर्थयात्रियों का दबाव भी कम हो गया है। प्रतिदिन लगभग 2700 तीर्थयात्री पंजीकरण के लिए पहुंच रहे हैं। इनका पंजीकरण करवा कर सीधे यात्रा के लिए भेजा जा रहा है। उत्तराखंड में 10 मई से चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। 10 मई को केदारनाथ धाम, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे, जबकि बद्रीनाथ धाम के कपाट 12 मई को खोले गए। कई गुना अधिक यात्री आने से हुई थी अव्‍यवस्‍था धामों के कपाट खोलने के बाद से ही उत्तराखंड में तीर्थयात्रियों का सैलाब उमड़ रहा है। भारी संख्या में तीर्थयात्री चारों धाम के साथ ही पंच केदार और दूसरे पर्यटक स्थलों तक जा रहे हैं। मई माह से अब तक उम्मीद से कई गुना अधिक यात्रियों के आने के चलते कई बार व्यवस्थाएं धड़ाम भी हुईं लेकिन पुलिस प्रशासन ने व्यवस्थाओं को किसी तरह से पटरी पर बना कर रखा। पहले थी स्‍लॉट की व्‍यवस्‍था यात्रा प्रशासन की ओर से 1 जून से 1,500 तीर्थ यात्रियों के पंजीकरण का स्लॉट बनाया गया था। कुछ दिन बाद 2,000 का स्लॉट जारी किया गया फिर 3,000 किया गया। लेकिन बाद में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में चार हजार का स्लॉट जारी करने की घोषणा कर दी। हालांकि बाद में इस बाध्यता भी खत्म कर दिया गया था। अब रज‍िस्‍ट्रेशन के लिए मारामारी नहीं पिछले तीन दिनों से ट्रांजिट कैंप में लगभग 2,600 से 2,700 तीर्थयात्री काउंटर पर पंजीकरण कराने के लिए पहुंच रहे हैं। ट्रांजिट कैंप परिसर में अब पंजीकरण के लिए मारामारी भी नहीं हो रही है। कम तीर्थ यात्रियों के आने से यात्रा प्रशासन ने अब पंजीकरण से पहले टोकन देने की व्यवस्था खत्म कर दी है। अब तीर्थयात्री सीधे काउंटर पर आकर पंजीकरण करवाकर चारधाम की यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। चारधाम यात्रा प्रशासन के ओएसडी नरेंद्र क्वीरियाल के अनुसार चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण से पहले की टोकन व्यवस्था को खत्म किया गया है। प्रतिदिन औसतन 2,600 से 2,700 तीर्थयात्री पंजीकरण करवाकर सीधे चारधाम की यात्रा पर जा रहे हैं।

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