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हज के पहले दिन 14 लाख तीर्थयात्री सऊदी अरब पहुंचे, 40 डिग्री का टॉर्चर और नंगे पांव काबा की कर रहे परिक्रमा

दुबई हर साल दुनियाभर के लाखों मुस्लिम तीर्थयात्री इस्लाम के पांच फर्ज़ में से एक ‘हज’ करने के लिए मक्का जाते हैं, जो इस्लामी कैलेंडर के आखिरी महीने धू अल हिज्जा के आठवें और 12वें दिन के बीच होता है। इस साल यह 4 जून से 9 जून के बीच होगा। आज (बुधवार, 4 जून को) हज शुरू होते ही 10 लाख से भी ज्यादा मुस्लिम तीर्थयात्री मक्का पहुंचे और इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए। बड़ी बात यह है कि यह धार्मिक आयोजन ऐसे वक्त में हो रहा है, जब पूरा सऊदी अरब प्रचंड गर्मी की मार झेल रहा है और मक्का का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस (104 डिग्री फॉरेनहाइट) को पार कर चुका है। हज के पहले दिन सफेद लिबास में और नंगे पांव संगमरमर की फर्श पर लाखों मुस्लिम तीर्थयात्रियों को धीरे-धीरे काबा की परिक्रमा करते देखा गया। काबा इस्लाम का सबसे पवित्र स्थल माना गया है, जो मक्का की ग्रैंड मस्जिद (मस्जिद अल-हरम) के बीचों बीच काले रंग की एक घनाकार इमारत है। इसे पवित्र बैत अल्लाह (ईश्वर का घर) के रूप में जाना जाता है। 14 लाख तीर्थयात्री सऊदी अरब पहुंचे सऊदी अरब की सरकारी मीडिया ने खबर दी है कि अन्य लोग मक्का के बाहरी इलाके में स्थित मीना के विशाल तंबू शहर में पहुंचने लगे हैं, जहां वे गुरुवार को हज के मुख्य पड़ाव – माउंट अराफात पर प्रार्थना से पहले रात बिताएंगे। ऐसा माना जाता है कि पैगंबर मोहम्मद ने यहीं अपना अंतिम उपदेश दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हज से पहले करीब 14 लाख तीर्थयात्री सऊदी अरब पहुंचे हैं। पिछले साल 1,301 तीर्थयात्रियों की मौत हुई थी दूसरी तरफ सऊदी अधिकारियों ने पिछले साल की घटना की पुनरावृत्ति ना हो, इससे बचने के लिए कई अतिरिक्त उपाय किए हैं और गर्मी से बचाव के उपाय बढ़ाते हुए कृत्रिम छाया की व्यवस्था की है। पिछले साल हज के दौरान तापमान 51.8 सेल्सियस (125.2F) तक पहुंच गया था, इससे 1,301 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी। तीर्थयात्री बुधवार को तवाफ़ करेंगे मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हज पर गए मुस्लिम तीर्थयात्री बुधवार को तवाफ़ करेंगे। काबा के चारों ओर सात बार परिक्रमा करने को तवाफ़ कहा जाता है, जिसके लिए मुसलमान हर दिन प्रार्थना करते हैं। मक्का में प्रवेश करने से पहले, तीर्थयात्रियों को सबसे पहले पवित्र होना पड़ता है, जिसे इहराम कहा जाता है। इसके लिए विशेष पोशाक और कुछ जरूरी क्रियाकलाप करने पड़ते हैं। इस दौरान पुरुष बिना जोड़ वाले सफेद कपड़े पहनते हैं, जबकि महिलाएं ढीले-ढाले सफेज वस्त्र पहनती हैं। ऐसी मान्यता है कि सफेद वस्त्र मक्का पहुंचे हाजियों के बीच सामाजिक और राष्ट्रीय पहचान से इतर एकता का संदेश देती है, जो अल्लाह के दरबार में एक समान हैं। 400 से अधिक कूलिंग यूनिट्स लगाए गए गर्मी से हज यात्रियों के बचाव और उनकी सुरक्षा के लिए सऊदी सरकार ने 40 से ज्यादा सरकारी एजेंसियों और 250000 से ज्यादा कर्मचारियों को तैनात किया है। सऊदी के हज मंत्री तौफीक अल-रबिया ने पिछले सप्ताह एएफपी को बताया था कि छायादार क्षेत्रों को बढ़ाकर 50,000 वर्ग मीटर (12 एकड़) कर दिया गया है। इसके अलावा हजारों अतिरिक्त चिकित्सकों को स्टैंडबाय मोड में तैनात रखा गया है। ग्रैंड मस्जिद के करीब 400 से अधिक कूलिंग यूनिट्स भी लगाई गई हैं, जो वहां ठंडी हवा देंगी और संगमरमर की फर्श को ठंडा करेंगी।  

गुजरात में कोरोना के 64 नए मामले दर्ज, 461 हुई संक्रमितों की संख्‍या, स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट

अहमदाबाद  गुजरात में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 64 केस दर्ज किए गए। इससे कुल संक्रमितों की संख्या 461 हो गई। राहत की बात यह है कि 461 सक्रिय मामलों में से केवल 20 मरीज वर्तमान में अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं, जबकि 441 घर पर ठीक हो रहे हैं। अहमदाबाद में सबसे ज्यादा 241 सक्रिय मामले सामने आए हैं। यह राज्य के कुल मामलों का आधे से भी अधिक है। मंगलवार को असरवा सिविल अस्पताल में 37 वर्षीय महिला को भर्ती कराया गया। यहां पर वर्तमान में चार मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनमें दो पुरुष, एक महिला और एक आठ महीने की बच्ची शामिल है। पिछले 24 घंटों में पूरे गुजरात में 64 नए मामले सामने आए, जबकि 36 मरीज ठीक हुए। जनवरी, 2025 से अब तक राज्य भर में कुल 156 मरीज ठीक हो चुके हैं। वहीं सक्रिय मामलों में केरल (1,416) और महाराष्ट्र (494) के बाद तीसरे स्थान पर है। इसके बाद दिल्ली में 393 केस और पश्चिम बंगाल में 372 केस हैं। देशभर के सक्रिय मामलों में से 10 प्रतिशत सिर्फ गुजरात में हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों से पता चलता है कि हल्के लक्षणों वाले ज्यादातर कोविड-19 मरीजों का इलाज घर पर ही किया जा रहा है। अस्पताल में भर्ती होने की व्यवस्था मुख्य रूप से गंभीर लक्षणों वाले मरीज के लिए आरक्षित है। कोविड-19 मामलों में हाल ही में हुई वृद्धि होने पर गुजरात सरकार सतर्क हो गई है और अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों को विशेष रूप से अहमदाबाद जैसे शहरी केंद्रों में, जहां अधिकांश मामले केंद्रित हैं, उच्च अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य ने परीक्षण बढ़ा दिया है और स्थानीय स्वास्थ्य निगरानी टीमों के माध्यम से क्लस्टरों की निगरानी कर रहा है। जिन जिलों में मामले बढ़ रहे हैं, वहां अस्पतालों को अलग से वार्ड तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। सिविल अस्पतालों और जिला स्वास्थ्य केंद्रों को आपातकालीन जरूरतों के लिए ऑक्सीजन बेड और आईसीयू तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जागरूकता अभियान फिर से शुरू किए गए हैं। नागरिकों से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने और अनावश्यक भीड़-भाड़ से बचने के लिए आग्रह किया है। वहीं, संपर्क ट्रेसिंग, सैनिटाइजेशन अभियान और सार्वजनिक संचार के लिए नगर निकायों के साथ समन्वय को मजबूत किया गया है।

अब मात्र ₹10,770 में आप माता वैष्णो देवी के पवित्र स्थान की यात्रा कर सकते हैं, जाने यात्रा की विस्तृत योजना

नई दिल्ली  अगर आप मां वैष्णो देवी के दर्शन की चाह रखते हैं लेकिन बजट या छुट्टियों की कमी के चलते यात्रा टाल रहे हैं, तो IRCTC ने आपके लिए एक बेहतरीन और किफायती पैकेज लॉन्च किया है। अब मात्र ₹10,770 में आप माता वैष्णो देवी के पवित्र स्थान की यात्रा कर सकते हैं, जिसमें ट्रेन से सफर, होटल में ठहराव, खाने-पीने का इंतजाम और स्थानीय दर्शन सभी शामिल हैं। आइए जानते हैं इस खास यात्रा पैकेज की पूरी जानकारी। माता वैष्णो देवी यात्रा अब होगी आसान और किफायती IRCTC ने एक विशेष टूर पैकेज ‘IRCTC Mata Vaishnodevi Ex Delhi’ की शुरुआत की है, जो 3 रात और 4 दिन का होगा। यात्रा 8 जून से शुरू होगी, और दिल्ली से AC 3-Tier ट्रेन से सफर किया जाएगा। इस पैकेज में आपके लिए ट्रेवल, रहने-खाने की सुविधाएं और कटरा से माता के दर्शन तक की पूरी व्यवस्था शामिल है, ताकि आपकी यात्रा आरामदायक और यादगार बन सके। पैकेज की कीमत और छूट इस पैकेज की कीमत एक यात्री के लिए ₹10,770 रखी गई है। अगर आप दो या तीन साथ में यात्रा करते हैं, तो प्रति व्यक्ति खर्च कम हो जाता है – दो लोगों के लिए ₹8,100 और तीन लोगों के लिए ₹6,900। बच्चों के लिए भी अलग दरें हैं, और उनके लिए भी पूरी सीट दी जाएगी। होटल में नाश्ता और डिनर APAI प्लान के तहत उपलब्ध होंगे। यात्रा की विस्तृत योजना यात्रा की शुरुआत नई दिल्ली स्टेशन से शाम 8:40 बजे होगी और सुबह 5 बजे जम्मू पहुंचकर वहां से कटरा के लिए नॉन-AC वाहन द्वारा ट्रांसफर होगा। कटरा में सरस्वती धाम जाकर पर्ची लेने के बाद होटल में चेक-इन होगा और नाश्ते के बाद बाणगंगा तक पहुंचाया जाएगा, जहां से माता के दर्शन की शुरुआत होगी। दर्शन के बाद होटल लौट कर विश्राम का प्रबंध है। तीसरे दिन चेक-आउट के बाद कंड कंडोली मंदिर, रघुनाथ मंदिर और बाग-ए-बाहू गार्डन की सैर कराई जाएगी, फिर शाम को ट्रेन से वापसी का सफर शुरू होगा। पैकेज में क्या-क्या शामिल और क्या अतिरिक्त इस यात्रा में AC 3-Tier ट्रेन टिकट, होटल में एक रात का ठहराव, ऑनबोर्ड और होटल में फिक्स्ड मेन्यू वाला भोजन, GST शामिल है। लेकिन बोतलबंद पानी, फोन बिल, टिप्स, बीमा, लॉन्ड्री, दर्शन पास, कैमरा चार्ज जैसी चीजें अतिरिक्त होंगी। यात्रियों को पहचान पत्र जरूर साथ रखना होगा। IRCTC सीट आवंटन और यात्रा रद्द करने का अधिकार भी सुरक्षित रखता है। मां वैष्णो देवी के इस पावन दर्शन के लिए यह पैकेज एक सुनहरा मौका है, खासकर उन लोगों के लिए जो बजट और समय की वजह से यात्रा को टाल रहे थे। आप भी इस ऑफर का लाभ उठाएं और माता के दरबार तक पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त करें।

अमेरिका में दो चीनी नागरिकों को पैथोजन को अवैध रूप से अमेरिका में लाने के आरोप में किया गिरफ्तार

वाशिंगटन  चीन की अमेरिका के खिलाफ बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। अमेरिका में दो चीनी नागरिकों को एक खतरनाक जैविक फफूंदी (पैथोजन) को अवैध रूप से अमेरिका में लाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस फफूंदी को वैज्ञानिक और सुरक्षा विशेषज्ञों ने एक संभावित जैविक आतंकवाद के हथियार के रूप में वर्गीकृत किया है, क्योंकि यह कृषि को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। फंगस  का नाम और खतरा  यह खतरनाक फफूंदी Fusarium graminearum है। यह फसल में “हेड ब्लाइट” नामक बीमारी फैलाती है, जिससे गेहूं, जौ जैसी फसलों को भारी नुकसान होता है। इस बीमारी के कारण हर साल खेती को अरबों डॉलर का नुकसान होता है। इसके अलावा, इस फफूंदी से निकलने वाले टॉक्सिन इंसान और जानवरों के लिए भी हानिकारक होते हैं। ये टॉक्सिन उल्टी, यकृत (लिवर) को नुकसान, और प्रजनन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।   गिरफ्तार आरोपी कौन? जुनयोंग लियू नाम के 34 साल के एक चीनी शोधकर्ता पर आरोप है कि उन्होंने जुलाई 2024 में यह फफूंदी अमेरिका में अपने साथ लाकर मिशिगन यूनिवर्सिटी की एक लैब में रिसर्च करने की कोशिश की। उनकी गर्लफ्रेंड, 33 साल की युनकिंग जियान भी इस लैब में काम करती हैं। दोनों ने एक साथ इस जैविक फफूंदी को अमेरिका में लाने की साजिश रची।   FBI ने किया खुलासा अमेरिकी एफबीआई (FBI) और कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) की संयुक्त जांच में पाया गया कि ये दोनों लोग फफूंदी को छुपाकर अमेरिका लाए। इनके खिलाफ साजिश रचना, गलत बयान देना, और वीजा धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। जांच में यह भी पता चला कि जियान को चीन सरकार से इस फफूंदी पर काम करने के लिए फंडिंग मिली हुई थी। उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। खाद्य सुरक्षा के लिए  बड़ा खतरा FBI के डेट्रॉइट क्षेत्रीय कार्यालय की स्पेशल एजेंट चेवोरिया गिब्सन ने बताया कि यह दोनों आरोपी अमेरिका की जनता और खाद्य सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा थे। अमेरिकी न्याय विभाग के अटॉर्नी जेरोम एफ. गॉर्गन जूनियर ने कहा कि यह मामले राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने बताया कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी इस तरह के ऑपरेटिव और शोधकर्ताओं के जरिए अमेरिका की संस्थाओं में घुसपैठ कर खाद्य आपूर्ति को निशाना बना रही है। सुरक्षा कड़ी करने की तैयारी  यह मामला अमेरिका और चीन के बीच पहले से ही बढ़े हुए तनाव के बीच सामने आया है। हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने घोषणा की थी कि वे चीन के छात्रों और शोधकर्ताओं के वीजा रद्द करने में कड़ी कार्रवाई करेंगे, खासकर उन लोगों के लिए जो चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े हैं या संवेदनशील क्षेत्रों में पढ़ाई कर रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि भविष्य में चीन और हांगकांग के सभी वीजा आवेदन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। 

बांग्लादेश की यूनुस सरकार ने रद्द किया दर्जा-बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान अब नहीं रहे ‘स्वतंत्रता सेनानी’

ढाका  बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने 1971 के मुक्ति संग्राम के 400 से अधिक प्रमुख व्यक्तियों का स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा रद्द कर दिया है। इसमें बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान भी शामिल हैं। दरअसल, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने ‘स्वतंत्रता सेनानी’ को लेकर एक नया अध्यादेश जारी किया है। इस आदेश के जरिए उन्होंने ‘स्वतंत्रता सेनानी’ (बीर मुक्तिजोद्धा) की परिभाषा को बदलते हुए बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान समेत 400 प्रमुख व्यक्तियों का स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा रद्द कर दिया है। मंगलवार रात को जारी किए गए अध्यादेश में राष्ट्रीय स्वतंत्रता सेनानी परिषद अधिनियम में संशोधन किया गया है। इसमें स्वतंत्रता सेनानी शब्द को फिर से परिभाषित किया गया है। इसमें कहा गया है कि मुक्ति संग्राम के दौरान बनी मुजीबनगर सरकार से जुड़े राष्ट्रीय और प्रांतीय सभा के सदस्य, जो बाद में संविधान सभा के सदस्य बने, उन्हें ‘स्वतंत्रता सेनानी’ की बजाय ‘मुक्ति संग्राम का सहयोगी’ माना जाएगा। इसके अलावा, इस नई श्रेणी में वे पेशेवर भी शामिल हैं, जिन्होंने विदेश में रहकर मुक्ति संग्राम में योगदान दिया। साथ ही वैश्विक जनमत बनाने में मदद करने वाले बांग्लादेशी नागरिक, मुजीबनगर सरकार में अधिकारी और कर्मचारी, चिकित्सक, नर्स और अन्य सहायक भी इसमें शामिल हैं। बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र प्रोथोम आलो की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वाधीन बांग्ला बेतार केंद्र के सभी कलाकार और कर्मचारी, देश-विदेश में मुक्ति संग्राम का समर्थन करने वाले बांग्लादेशी पत्रकार और स्वाधीन बांग्ला फुटबॉल टीम भी इस परिभाषा में शामिल हैं। यह अध्यादेश अब बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान, पूर्व प्रधानमंत्री ताजुद्दीन अहमद, पूर्व कार्यवाहक राष्ट्रपति सैयद नजरूल इस्लाम और 400 से अधिक अन्य लोगों के स्वतंत्रता सेनानी के दर्जे को प्रभावित करेगा, जो संविधान सभा के सदस्य थे और अब तक स्वतंत्रता सेनानी के रूप में पहचाने जाते थे। नए अध्यादेश के अनुसार, मुक्ति संग्राम को परिभाषित किया गया है कि ‘यह युद्ध 26 मार्च से 16 दिसंबर, 1971 तक लड़ा गया था, जिसका उद्देश्य बांग्लादेश के लोगों के लिए एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक राज्य के रूप में समानता, मानवीय गरिमा और सामाजिक न्याय स्थापित करना था। यह युद्ध पाकिस्तानी सशस्त्र बलों और उनके सहयोगियों- रजाकार, अल-बदर, अल-शम्स, मुस्लिम लीग, जमात-ए-इस्लामी, निजाम-ए-इस्लाम और शांति समिति के खिलाफ था’। अध्यादेश में कहा गया, “बीर मुक्तिजोद्धा (स्वतंत्रता सेनानी) वह व्यक्ति है, जिसने 26 मार्च से 16 दिसंबर 1971 के बीच या तो देश के गांवों में युद्ध की तैयारी की और प्रशिक्षण लिया या भारत में विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों में शामिल होने के लिए सीमा पार की, ताकि मुक्ति संग्राम में भाग ले सके। इन व्यक्तियों ने बांग्लादेश की स्वतंत्रता के लिए पाकिस्तानी सशस्त्र बलों और उनके स्थानीय सहयोगियों के खिलाफ सक्रिय रूप से युद्ध में हिस्सा लिया।” नए अध्यादेश में ‘राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान’ का नाम हटा दिया गया है और कानून के उन हिस्सों को भी हटा दिया गया है, जिनमें उनके नाम का जिक्र किया गया था। मुक्ति संग्राम के शोधकर्ता अफसान चौधरी ने इस कदम को ‘नौकरशाही का फैसला’ बताया। बांग्लादेशी अखबार ‘द डेली स्टार’ से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हम 1972 से यह देखते आ रहे हैं कि हर बार जब नई सरकार सत्ता में आती है, वे स्वतंत्रता सेनानियों की नई सूची बनाते हैं। इसमें व्यक्तिगत लाभ शामिल होते हैं।” उन्होंने कहा, “लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। आम लोगों के दिलों में मुक्ति संग्राम हमेशा की तरह ही रहेगा।”

सिख संगठनों ने HAF के खिलाफ खोला कानूनी मोर्चा, अमेरिका में बीजेपी विरोधी नया एजेंडा शुरू किया

वाशिंगटन  अमेरिका में भारत और भरातीय जनता पार्टी (BJP) विरोधी नया एजेंडा शुरू  किया गया है। अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित गुरुद्वारा साहिब फ्रेमोंट और कई प्रमुख सिख संगठनों ने  हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF)  के खिलाफ Foreign Agents Registration Act (FARA)  के तहत अमेरिकी न्याय विभाग में 24 पन्नों की शिकायत दर्ज करवाई है। | सिख कार्यकर्ता  सुखी चहल की रिपोर्ट के अनुसार इस शिकायत में HAF पर  बिना किसी आधिकारिक पंजीकरण के भारत सरकार और भाजपा के एजेंट के रूप में काम करने का आरोप लगाया गया है।  गुरुद्वारा फ्रेमोंट के सिख नेता का पुराना वीडियो भी सामने आया है जिसमें भारत के खिलाफ जहर उगला जा रहा है और खालिस्तान का खुला समर्थन किया जा रहा है। शिकायत Lex Politica PLLC नाम की एक प्रमुख कानून कंपनी ने तैयार की है। यह फर्म अमेरिका की राजनीति में जानी-पहचानी है और एलन मस्क की America PAC, अमेरिकी स्पीकर माइक जॉनसन और सीनेटर  रिक स्कॉट जैसे नेताओं का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। गुरुद्वारा साहिब फ्रेमोंट का कहना है कि HAF ने अमेरिका में भारतीय राजनीतिक एजेंडे को बढ़ावा दिया जो कि अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन है। HAF पर लगाए ये मुख्य आरोप  अमेरिका में भारतीय अधिकारियों की गोपनीय मीटिंग्स आयोजित कराना  भाजपा समर्थित विदेश और घरेलू नीतियों का प्रचार करना  भारत की मानवाधिकार रिकॉर्ड पर अमेरिकी आलोचना का विरोध करना  सिख अमेरिकियों और खालिस्तान समर्थकों को बदनाम करना  सिख नेताओं की अमेरिकी एजेंसियों द्वारा निगरानी को बढ़ावा देना  CAA, अनुच्छेद 370 और भारत में अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता पर उठे मुद्दों का विरोध करना     शिकायत में ईमेल, वीडियो, समाचार लेख, न्यूज़लेटर और HAF द्वारा “Howdy Modi” जैसे कार्यक्रमों में **भारतीय अधिकारियों से तालमेल के सबूत शामिल हैं।एक बड़ा आरोप यह भी है कि 2024 में कैलिफोर्निया पुलिस के साथ एक ट्रेनिंग सेशन में HAF ने  सिख समुदाय को अपराध और आतंक से जोड़ने की कोशिश की जो भारतीय खुफिया एजेंसियों की रणनीति से मेल खाता है। गुरुद्वारा साहिब फ्रेमोंट और सहयोगी सिख संगठनों ने अमेरिकी अटॉर्नी जनरल से अपील की है कि HAF की राष्ट्रीय सुरक्षा जांच कराई जाए  अगर वो विदेशी सरकार (भारत) के एजेंट के रूप में काम कर रही है तो  FARA के तहत पंजीकरण के लिए बाध्य किया जाए।

संसद का मॉनसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त तक, कई अहम बिलों पर हो सकती है चर्चा

नई दिल्ली संसद का मॉनसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त तक होगा। आगामी मॉनसून सत्र के बारे में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू जानकारी दी। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति ने तारीखों की सिफारिश की है। बीमा संशोधन विधेयक पेश कर सकती है सरकार रिजिजू की यह घोषणा ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए विपक्षी नेताओं द्वारा विशेष सत्र की मांग की पृष्ठभूमि में आई है। विपक्ष की मांग पर एक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि नियमों के तहत, मानसून सत्र के दौरान सभी मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। जानकारी के अनुसार, संसद के मॉनसून सत्र में बीमा संशोधन विधेयक भी पेश किया जा सकता है। विधेयक में बीमा क्षेत्र में एफडीआई (FDI) की सीमा बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने की तैयारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधेयक का मसौदा तैयार है और इसे जल्द ही मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग विधेयक को संसद में पेश करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। आगामी मॉनसून संसद सत्र में केंद्र सरकार दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और वर्तमान में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव भी लाएगी। सूत्रों के अनुसार, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू इस मामले को लेकर सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से चर्चा करेंगे। यह कदम मार्च में दिल्ली स्थित जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर आग लगने की घटना के बाद उठाया गया है, जब बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की गई थी। पेश किया जा सकता है बीमा संशोधन बिल संसद के मानसून सत्र में बीमा संशोधन बिल पेश किया जा सकता है। विधेयक में बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाकर 100% करने की तैयारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिल का मसौदा तैयार है और इसे जल्द ही मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग विधेयक को संसद में पेश करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।   इससे पहले संसद का बजट सत्र इस साल 31 जनवरी को शुरू हुआ था। लोकसभा और राज्यसभा दोनों को 4 अप्रैल को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया था, जिससे 2025 का पहला संसद सत्र समाप्त हो गया था।

भारतीय हमले में 6 पाकिस्तानी लड़ाकू विमान तबाह हो गए, वहीं, अब यह आंकड़ा 9 पर पहुंच गया है

पहलगाम  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद भारत ने पाकिस्तान पर अब तक का सबसे बड़ा पलटवार किया। इसकी कल्पना शायद पाकिस्तान ने भी नहीं की होगी। इन जवाबी हमलों में पाकिस्तान को होने वाले नुकसान की जानकारी धीरे-धीरे सामने आ रही है। पहले खबर सामने आई कि भारतीय हमले में 6 पाकिस्तानी लड़ाकू विमान तबाह हो गए। वहीं, अब यह आंकड़ा 9 पर पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद किए गए मूल्यांकन से पता चला है कि पाकिस्तान के हवाई और जमीनी सैन्य ढांचे को गहरा नुकसान पहुंचा है। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी वायुसेना (पीएएफ) के छह लड़ाकू विमान को गिरे हैं। इसके अलावा दो हाई वैल्यू निगरानी विमान और सी-130 हरक्यूलिस परिवहन विमान को भी मार गिराया गया। वहीं, दस से अधिक सशस्त्र ड्रोन को भी तबाह कर दिया गया। इससे पहले खबर आई थी कि भारतीय हमले में पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) और पाकिस्तानी पंजाब में हवाई संघर्ष के दौरान छह पाकिस्तानी फाइटर जेट मार गिराए गए थे। इन विमानों को भारतीय ग्राउंड-बेस्ड मिसाइल सिस्टम और हवाई चेतावनी रडारों ने ट्रैक कर ध्वस्त किया था। अब जो नई जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक, एक इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर (ECM) एयरक्राफ्ट को भारत की लंबी दूरी की स्ट्राइक प्रणाली सुदर्शन से 300 किमी की दूरी पर मार गिराया गया। दूसरा विमान स्वीडिश मूल का था और पाकिस्तान के भोलेरी एयरबेस पर तैनात था। एक क्रूज मिसाइल हमले में नष्ट हुआ। सैटेलाइट तस्वीरों में विमान हैंगर पूरी तरह तबाह दिखा। वहीं, मलतान के पास स्थित एक केंद्र पर ड्रोन स्ट्राइक में PAF का C-130 लॉजिस्टिक्स विमान नष्ट हुआ। भारत के राफेल और सुखोई-30 विमानों द्वारा किए गए एक हमले में विंग लूंग सीरीज के कम से कम दस ड्रोन एक हैंगर सहित नष्ट हुए। भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों ने जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में भारतीय सीमा में दाखिल कई पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया। भारत ने कितनी गहराई तक हमला किया? लीक हुई पाकिस्तानी सैन्य रिपोर्ट “ऑपरेशन बुन्यान उन मर्सूस” से सामने आया है कि भारत ने 7 अतिरिक्त स्थानों पेशावर, झंग, हैदराबाद (सिंध), गुजरात (पंजाब), बहावलनगर, अटक और छोर पर भी हमले किए। भारत की तरफ से यह जानकारी नहीं दी गई थी। ये सभी स्थान भी सैन्य ठिकाने थे। भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए नौ अहम स्थानों पर हमले किए, जिनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय और मुरिदके में लश्कर-ए-तैयबा का कैंप शामिल थे। PoJK के मुजफ्फराबाद, कोटली, रावलकोट, भिंबर और चकवाल में भी हमले हुए। मैक्सार टेक्नोलॉजी की सैटेलाइट तस्वीरों ने इन ठिकानों को पहुंचे गंभीर नुकसान की पुष्टि की है।  

76 किंग चार्ल्स इस बात पर भड़क गए कि उनके शिकार के लिए तीतरों की कमी हो गई, वजह आपको हैरत में डाल देगी

ब्रिटेन ब्रिटेन के महाराजा किंग चार्ल्स हाल ही में अपने सेवकों पर नाराज हो गए। इसकी वजह आपको हैरत में डाल देगी। दरअसल 76 किंग चार्ल्स इस बात पर भड़क गए कि उनके शिकार के लिए तीतरों की कमी हो गई है। द सन की एक रिपोर्ट के मुताबिक शाही परिवार के नॉरफ़ॉक एस्टेट में शिकार के लिए पक्षियों की संख्या कम होती जा रही है और ब्रिटिश किंग इससे खुश नहीं हैं। इससे नाराज होकर किंग चार्ल्स ने सैंड्रिंघम में लंबे समय से काम कर रहे गेमकीपर को नौकरी से निकाल दिया गया है। बता दें कि सैंड्रिंघम इंग्लैंड के नॉरफ़ॉक में स्थित एक शाही प्रॉपर्टी है। यह ब्रिटिश शाही परिवार के निजी आवासों में से एक है। यह महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से भी जुड़ा हुआ है और शाही परिवार पारंपरिक रूप से क्रिसमस और नया साल यहीं मनाता है। शिकार को भले ही आज के दौर में एक विवादास्पद खेल माना जाता है लेकिन सैंड्रिंघम में शाही परिवार अक्सर इसका आनंद लेता है। खास तौर ब्रिटेन के रईस इस खास इसे एक पारंपरिक खेल की तरह देखते हैं। ब्रिटेन के इस इलाके में तीतर की कई प्रजातियां आज विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गई हैं और यहां तीतरों को सिर्फ शिकार के उद्देश्य से ही पाला जाता है। हर साल ब्रिटिश शाही परिवार सैंड्रिंघम में पारंपरिक बॉक्सिंग डे शूटिंग में भाग लेता है। हालांकि तीतरों की कमी की वजह से किंग चार्ल्स ने इस साल शूटिंग पार्टी को रद्द करने की धमकी दी है। कथित तौर पर एस्टेट के गेमकीपर को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। एक सूत्र ने जानकारी देते हुए बताया कि किंग को यह बात बिल्कुल पसंद नहीं आई थी कि वह तीतर की व्यवस्था नहीं कर पा रहे।  

दोनों देशों की खुफिया एजेंसी यानी ISI और RAW के अधिकारियों के बीच बातचीत होने का भी दिया सुझाव

नई दिल्ली  ऑपरेशन सिंदूर में झटका झेलने के बाद पाकिस्तान अब भारत से बात करना चाहता है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बाद अब पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने भी ऐसी ही इच्छा जताई है। उन्होंने दोनों देशों की खुफिया एजेंसी यानी ISI और RAW के अधिकारियों के बीच बातचीत होने का भी सुझाव दिया है। खास बात है कि भारत की तरह ही पाकिस्तान ने भी अपना प्रतिनिधिमंडल अमेरिका भेजा है। यूएन ब्रीफिंग में शामिल हुए भुट्टो ने भारत के साथ सुलह की बात कही है। भुट्टो ने कहा, ‘पाकिस्तान अब भी आतंकवाद के खिलाफ जंग में भारत का सहयोग करना चाहता है। हम अरबों लोगों को भविष्य को नॉन स्टेट एक्टर्स और आतंकवादियों के हाथों में नहीं छोड़ सकते।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे पूरी तरह भरोसा है कि अगर ISI और RAW एक साथ बैठने और इन बलों के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार होते हैं, तो हमें भारत और पाकिस्तान दोनों ही जगह आतंकवाद में कमी देखने को मिलेगी।’ माना जा रहा है कि भुट्टो का यह नरम रुख संकेत दे रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान किस हद तक प्रभावित हुआ है और शांति चाहता है। शहबाज शरीफ भी जता चुके बातचीत की इच्छा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अजरबैजान के लाचिन में पाकिस्तान-तुर्किए-अजरबैजान त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन भारत के साथ बातचीत करने की अपनी इच्छा दोहराते हुए कहा कि दोनों पक्षों को साथ बैठकर कश्मीर, पानी और आतंकवाद सहित सभी मुद्दों का समाधान करना चाहिए। भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत पर जोर देने का शहबाज का यह उस सप्ताह दूसरा बयान था। शरीफ ने तेहरान में सोमवार को कहा था कि वह ‘सभी विवादों को हल करने के लिए’ भारत के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं। पाकिस्तान का कितना हुआ नुकसान एएनआई के अुसार, विश्लेषण से पता चलता है कि भारतीय वायुसेना ने 6 PAF लड़ाकू विमान, 2 हाई वैल्यू एयरक्राफ्ट, 10 यूसीएवी, 1 सी-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और कई क्रूज मिसाइलें तबाह की हैं।  

रूस से जंग के बीच यूक्रेन को इतनी बड़ी मदद करके ब्रिटेन ने साफ कर दिया है कि उसका रुख क्या है

लंदन रूस से बीते ढाई सालों से जंग लड़ रहे यूक्रेन की ताकत में अब इजाफा होता दिख रहा है। बीते सप्ताह ही यूक्रेन ने रूस की सीमा में 5000 किलोमीटर अंदर तक घुसकर मार की थी। यूक्रेन ने ड्रोन को अप्रैल 2026 तक 1 लाख ड्रोन देने का ऐलान किया है। रूस से जंग के बीच यूक्रेन को इतनी बड़ी मदद करके ब्रिटेन ने साफ कर दिया है कि उसका रुख क्या है। ब्रिटेन का कहना है कि ड्रोन्स ने जंग का रुख ही बदल दिया है और इनके जरिए यूक्रेन को बड़ी मदद मिल सकती है। इसलिए हमने ड्रोन्स की सप्लाई में 10 गुना तक इजाफा करने का फैसला लिया है। ब्रिटेन की इस मदद से पहले जर्मनी ऐलान किया था कि वह बड़ी संख्या में यूक्रेन को लॉन्ग रेंज की मिसाइलें देगा। ब्रिटेन उन पश्चिमी देशों में शामिल है, जिसने यूक्रेन को खुलकर मदद की है। अब तक की जंग में तोप, बंदूकों और गोलाबारी की जंग में यूक्रेन को पराजय ही मिली है, लेकिन ड्रोन वारफेयर की मदद से उसने रूस को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। यहां तक कि यूक्रेन के ड्रोन हमलों के बाद से यह चर्चा भी होने लगी है कि क्या भविष्य का वारफेयर ड्रोन से होगा। ऐसे में ब्रिटेन की मदद ने साफ कर दिया है कि वह यूक्रेन को खुलकर मदद देना जारी रखेगा। ऐतिहासिक रूप से ब्रिटेन का रुख रूस के विपरीत ही रहा है। ब्रिटिश सरकार ने कहा कि हम 4.5 अरब पाउंड की सैन्य सहायता यूक्रेन को देने वाले हैं। इसी के तहत हमने यह पैकेज जारी किया है और इसमें मुख्य मदद ड्रोन्स को लेकर होगी। ब्रिटिश रक्षा मंत्री जॉन हेली इसका ऐलान करेंगे। ब्रिटेन का कहना है कि इस साल के अंत तक ही हजारों ड्रोन्स की सप्लाई यूक्रेन को हो जाएगी। इसके बाद अप्रैल तक एक लाख ड्रोन्स का टारगेट रखा गया है। ड्रोन्स के अलावा बड़े पैमाने पर गोला-बारूद भी देने की तैयारी है। जर्मनी ने किया है यूक्रेन को मिसाइलें देने का ऐलान वहीं जर्मनी का कहना है कि वह यूक्रेन को 5 अरब पाउंड की मदद करेगा ताकि वह लॉन्ग रेंज की मिसाइलें बना सके। जर्मनी ने साफ कहा कि रूस से मुकाबले में यूक्रेन को लॉन्ग रेंज मिसाइलों की जरूरत है और हम उसके लिए फंडिंग करेंगे। जर्मनी की ओर से दी जाने वाली मदद को साफ तौर पर सैन्य मदद कहा गया है। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने पहले ही इस बारे में यूक्रेन से वादा किया था। जर्मनी के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हमारी यह मदद एक युद्ध ग्रस्त देश के लिए है, जिसे बड़े पैमाने पर हथियारों की जरूरत है। इस मदद से उसे उत्पादन बढ़ाने में सफलता मिलेगी।  

फिर बढ़ने लगा कोरोना का प्रकोप, एक्टिव मामले 7000 से, 24 घंटे में कोरोना के कितने केस बढ़े

नई दिल्ली कोरोना वायरस का खतरा एक बार फिर देश के कई हिस्सों में मंडराने लगा है. देशभर में कोविड-19 संक्रमण के कुल एक्टिव केस 4302 पर पहुंच गए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में कोरोना के 276 नए मरीज मिले हैं. वहीं इस दौरान कोविड-19 से संक्रमित 7 लोगों की जान चली गई. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में दिल्ली और गुजरात में कोविड-19 के 64-64 नए मामले सामने आए हैं. उत्तर प्रदेश में 63 और पश्चिम बंगाल में 60 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. अगर अब तक सामने आए कुल मामलों की बात करें तो केरल इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां अब तक 1,373 लोग संक्रमित पाए गए हैं. इसके बाद महाराष्ट्र का नंबर आता है, जहां 510 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है. वहीं दिल्ली में 457 और उत्तर प्रदेश में 201 संक्रमितों की जानकारी सामने आई है. देशभर में कोविड-19 से अब तक कुल 44 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से सात मौतें बीते 24 घंटे में दर्ज की गई हैं. महाराष्ट्र में मंगलवार को संक्रमण से दो और मौतें दर्ज की गईं, जिससे राज्य में इस साल यानी जनवरी 2025 से अब तक मौतों का कुल आंकड़ा 14 पहुंच गया है. हालिया मौतें चंद्रपुर और मिराज में दर्ज की गईं. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों में से एक व्यक्ति को क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और दिल की धड़कनों की अनियमितता जैसी पुरानी बीमारियां थीं. अब तक दर्ज 14 मौतों में से अधिकतर मरीज सह-रुग्णता से जूझ रहे थे. हालांकि राहत की बात यह है कि अधिकांश सक्रिय मामलों में संक्रमण की गंभीरता हल्की ही पाई गई है. राज्य में इस साल अब तक कुल 12,880 कोविड टेस्ट किए गए हैं, जिनमें से 959 सैंपल पॉजिटिव पाए गए. इनमें से 435 मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं, जबकि 3 जून तक महाराष्ट्र में 510 केस अब भी सक्रिय हैं. सिर्फ मंगलवार को ही राज्य भर में कोविड-19 के 86 नए मामले दर्ज किए गए. स्वास्थ्य विभाग सतर्क है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है. बीते एक दिन में पश्चिम बंगाल में 60 नए मामले मिले हैं। इसके अलावा यूपी में 63 और दिल्ली 64 केस मिले हैं। इससे पहले 65 नए केस मिले थे और कुल आंकड़ा 4,026 हो गया था। दिल्ली में सोमवार को 47 नए केस मिले थे और केरल में 35 केस पाए थे। इसके चलते हेल्थ अथॉरिटीज अलर्ट पर हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि कोरोना के ऐक्टिव केसों में इजाफा तो हो रहा है, लेकिन मामले इतने गंभीर नहीं हैं कि अस्पताल में एडमिट करना पड़े। इस बीच पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में कोरोना का पहला ऐक्टिव केस मंगलवार को मिला। यह मामला हमीरपुर के नाहन में मिला है। इसके अलावा गुजरात में 108 नए कोरोना केस मिले हैं। इनमें से एक की मौत भी हो गई है। फिलहाल देश के सभी राज्यों में हेल्थ अथॉरिटीज अलर्ट पर हैं। चिंता की बात यह भी है कि भारत के अलावा भी सिंगापुर जैसे कई देशों में कोरोना के केसों में इजाफा हुआ है। ऐसे में संक्रमण की वापसी का डर भी है, लेकिन अब तक कोरोना की इस नई लहर में मृत्यु की दर काफी कम है।  

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा खुलासा, भारत ने नष्ट किए पाक के 6 फाइटर जेट

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पाकिस्तान के नुकसान की खबरें सामने आने लगी हैं. भारतीय वायुसेना ने शौर्य का परिचय देते हुए पाक को ‘छठी का दूध’ याद करा दिया. सीडीएस ने बताया, भारत की जवाबी कार्रवाई से 8 घंटे में ही पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए थे और सीजफायर के लिए भारत के आगे नाक रगड़ने लगा था. ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. भारतीय वायू सेना ने जवाबी हमले में पाकिस्तान के कई फाइटर जेट और मिसाइलों को आसमान में ही नष्ट कर दिया. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद भारत ने पाकिस्तान पर अब तक का सबसे बड़ा पलटवार किया। इसकी कल्पना शायद पाकिस्तान ने भी नहीं की होगी। इन जवाबी हमलों में पाकिस्तान को होने वाले नुकसान की जानकारी धीरे-धीरे सामने आ रही है। पहले खबर सामने आई कि भारतीय हमले में 6 पाकिस्तानी लड़ाकू विमान तबाह हो गए। वहीं, अब यह आंकड़ा 9 पर पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद किए गए मूल्यांकन से पता चला है कि पाकिस्तान के हवाई और जमीनी सैन्य ढांचे को गहरा नुकसान पहुंचा है। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी वायुसेना (पीएएफ) के छह लड़ाकू विमान को गिरे हैं। इसके अलावा दो हाई वैल्यू निगरानी विमान और सी-130 हरक्यूलिस परिवहन विमान को भी मार गिराया गया। वहीं, दस से अधिक सशस्त्र ड्रोन को भी तबाह कर दिया गया। इससे पहले खबर आई थी कि भारतीय हमले में पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) और पाकिस्तानी पंजाब में हवाई संघर्ष के दौरान छह पाकिस्तानी फाइटर जेट मार गिराए गए थे। इन विमानों को भारतीय ग्राउंड-बेस्ड मिसाइल सिस्टम और हवाई चेतावनी रडारों ने ट्रैक कर ध्वस्त किया था। अब जो नई जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक, एक इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर (ECM) एयरक्राफ्ट को भारत की लंबी दूरी की स्ट्राइक प्रणाली सुदर्शन से 300 किमी की दूरी पर मार गिराया गया। दूसरा विमान स्वीडिश मूल का था और पाकिस्तान के भोलेरी एयरबेस पर तैनात था। एक क्रूज मिसाइल हमले में नष्ट हुआ। सैटेलाइट तस्वीरों में विमान हैंगर पूरी तरह तबाह दिखा। वहीं, मलतान के पास स्थित एक केंद्र पर ड्रोन स्ट्राइक में PAF का C-130 लॉजिस्टिक्स विमान नष्ट हुआ। भारत के राफेल और सुखोई-30 विमानों द्वारा किए गए एक हमले में विंग लूंग सीरीज के कम से कम दस ड्रोन एक हैंगर सहित नष्ट हुए। भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों ने जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में भारतीय सीमा में दाखिल कई पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया। भारत ने कितनी गहराई तक हमला किया? लीक हुई पाकिस्तानी सैन्य रिपोर्ट “ऑपरेशन बुन्यान उन मर्सूस” से सामने आया है कि भारत ने 7 अतिरिक्त स्थानों पेशावर, झंग, हैदराबाद (सिंध), गुजरात (पंजाब), बहावलनगर, अटक और छोर पर भी हमले किए। भारत की तरफ से यह जानकारी नहीं दी गई थी। ये सभी स्थान भी सैन्य ठिकाने थे। भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए नौ अहम स्थानों पर हमले किए, जिनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय और मुरिदके में लश्कर-ए-तैयबा का कैंप शामिल थे। PoJK के मुजफ्फराबाद, कोटली, रावलकोट, भिंबर और चकवाल में भी हमले हुए। मैक्सार टेक्नोलॉजी की सैटेलाइट तस्वीरों ने इन ठिकानों को पहुंचे गंभीर नुकसान की पुष्टि की है।

पूर्वोत्तर में बाढ़ से हालात नाजुक : अब तक 48 मौतें, सात लाख लोग प्रभावित; असम के 11 जिलों के लिए यलो अलर्ट

गुवाहाटी असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों का बाढ़ से बुरा हाल है. अब तक हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. जन जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है. लोगों को समझ ही नहीं आ रहा कि करें तो क्या करें. असम में बाढ़ (Assam Flood) की स्थिति मंगलवार को और ज्यादा बिगड़ गई. बाढ़ की वजह से वहां छह और लोगों की मौत हो गई, जिससे इस साल बाढ़ और भूस्खलन (Northeast Landslide) में मरने वालों का आंकड़ा 17 पहुंच गया. वहीं सिक्किम समेत क्षेत्र के सात राज्यों में मरने वालों का आंकड़ा करीब  48 हो गया है. बाढ़ के हालात से निपटने के लिए मदद का आश्वासन पीएम नरेंद्र मोदी असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के हालात पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं और लगातार दिशा-निर्देश दे रहे हैं. पीएम मोदी ने पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए मंगलवार को असम और सिक्किम के मुख्यमंत्रियों के साथ ही मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से बातचीत की. उन्होंने बाढ़ के खतरे से निपटने के साथ ही राहत और पुनर्वास कोशिशों में केंद्र की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया. बाढ़ और भूस्खलन से 7 राज्यों में 48 मौतें  पूर्वोत्तर राज्यों के अधिकारियों का कहना है कि 29 मई से हो रही बारिश और बाढ़ के दौरान हुई 48 मौतों में से करीब 17 लोगों की जान अकेले असम में गई है. वहीं अरुणाचल प्रदेश में 12, मेघालय में 6, मिजोरम में 5, सिक्किम में 4, त्रिपुरा में 2 और नागालैंड और मणिपुर में एक-एक मौत हुई है. असम में बाढ़ से 6.33 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, 21 जिलों में आई बाढ़ और बारिश की वजह से 6.33 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि 21 जिलों के 1506 गांवों में 14,739 हेक्टेयर से ज्यादा फसल भूमि भी प्रभावित हुई है. असम में कई जगहों पर ब्रह्मपुत्र और छह अन्य नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. 5 जून तक पूर्वोत्तर में बारिश जारी रहने की संभावना दक्षिण-पश्चिम मानसून समय से लगभग आठ दिन पहले आने के बाद ठिठक गया है। अब इसके 11 जून से फिर गति पकड़ने की उम्मीद है। इस बीच, जहां तक मानसून पहुंचा है वहां भारी बारिश हो रही है। इनमें दक्षिण भारत के केरल और आंध्र प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के सभी राज्य शामिल हैं। पूर्वोत्तर में खासतौर पर ज्यादा नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के मुताबिक 5 जून तक पूर्वोत्तर में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इससे स्थिति के और खराब होने की आशंका है।   सिक्किम में 1,700 लोग निकाले गए सिक्किम में भूस्खलन के बाद फंसे 34 लोगों को दो एमआई-17 वी5 हेलिकॉप्टरों की मदद से सुरक्षित निकाल कर पास के पाकयोंग हवाई अड्डे पर पहुंचाया गया है। राज्य में राज्य के विभिन्न हिस्सों में फंसे अब तक 1,700 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।   सैनिकों-सैलानियों की तलाश जारी सिक्किम के लाचेन शहर के छतेन में सैन्य शिविर पर भूस्खलन के बाद लापता छह सैनिकों की तलाश तेज कर दी गई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 23 सदस्यीय टीम को भी तलाशी अभियान में लगाया गया है। वहीं, उफनती तीस्ता नदी में वाहन के साथ बहे आठ लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है। 29 मई की रात वाहन एक हजार फीट नीचे नदी में गिर गया था। इसमें 11 लोग सवार थे, जिनमें से दो लोगों को सुरक्षित निकाल गया था, जबकि एक की मौत हो गई थी, शेष लोगों का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। वहीं, मेघालय में एनडीआरएफ के जवान इंदौर की एक लापता पर्यटन की तलाश में जुटे हैं। महिला के पति का शव एक दिन पहले पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा इलाके में एक खड्ड में मिला था, जिसकी पहचान राजा रघुवंशी (29) के रूप में हुई थी। राजा और उनकी पत्नी सोनम 23 मई से ही लापता थे। एनडीआरएफ की 17 सदस्यीय टीम सोनम की तलाश में जुटी है। मिजोरम : 10 दिन में 5 मौतें बारिश और बाढ़ से मिजोरम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बीते 10 दिनों के दौरान मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन की 552 घटनाएं हुई हैं और 152 घरों को नुकसान पहुंचा है। इन घटनाओं में 5 लोगों की जान चली गई है। भूस्खलन या दरारों के कारण 198 परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए हैं और बाढ़ के कारण 92 अन्य ने अपने घर खाली कर दिए हैं। बाढ़ से राज्य के 11 जिले प्रभावित हुए हैं। बारिश के चलते 10 जिलों में मंगलवार को पांचवें दिन भी स्कूल बंद रहे।     मणिपुर में बाढ़ से 10,477 घर क्षतिग्रस्त मणिपुर में बाढ़ की वजह से 56,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं और 10,477 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं. नदियों का उफान पर होने की वजह से राजधानी इंफाल के कई इलाके और इंफाल पूर्वी जिले पानी-पानी हो गए हैं. नदियों का पानी इन इलाकों में भर गया है. नगालैंड की बारिश में बह गई NH-2 की सड़क नगालैंड में भारी बारिश की वजह से कोहिमा जिले के फ़ेसामा गांव में NH-2 का 50 मीटर का हिस्सा बह गया. जिसकी वजह से नागालैंड और मणिपुर के बीच आवाजाही के मुख्य रास्ते से कनेक्शन कट गया. हालात इतने खराब हो गए हैं कि मणिपुर जाने वाले 100 से ज्यादा माल लदे ट्रक रविवार से सड़क पर ही फंसे हुए हैं. क्यों कि आगे बढ़ने के लिए रास्ता ही नहीं है. मिजोरम में 600 से ज़्यादा लैंडस्लाइड बतादें कि पिछले 100 दिनों में अकेले मिजोरम में 600 से ज़्यादा लैंडस्लाइड की घटनाएं हुई हैं. हालांकि त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में बाढ़ की स्थिति में सुधार जरूर देखा गया है. असम में बाढ़ और भूस्खलन से 17 की मौत असम में सात नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इसमें हैलाकांडी जिले के मतिजुरी में कटाखाल नदी भी शामिल हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बुलेटिन में कहा गया है कि सोमवार से अब तक छह मौतें हुई हैं, जिनमें हैलाकांडी, श्रीभूमि, मोरीगांव, कछार, … Read more

‘मैं अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता Musk.. ट्रंप के ‘टैक्स बिल’ को लेकर भड़के, कह दी ये बड़ी बात

वाशिंगटन एलन मस्क ने ट्रंप के विशाल कर और खर्च बिल (Massive Tax and Spending bill) को ‘घृणित घृणा’ करार देते हुए चेतावनी दी कि इससे घाटा 2.5 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ जाएगा और अमेरिकियों पर भारी, अस्थिर कर्ज का बोझ बढ़ जाएगा। मंगलवार को, अरबपति ने ट्रंप प्रशासन के नवीनतम कर और खर्च बिल के खिलाफ़ तीखी आलोचना की। ‘मुझे खेद है, लेकिन मैं अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता,’ मस्क ने एक्स के सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट किया, कांग्रेस द्वारा व्यापक रिपब्लिकन समर्थन के साथ पारित बिल पर नाराजगी व्यक्त की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस कानून को अपनी आर्थिक योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं, लेकिन राजकोषीय रूढ़िवादियों ने इसकी कड़ी आलोचना की है। एलन मस्क की कठोर आलोचना विशेष रूप से उल्लेखनीय थी क्योंकि यह सरकार को खर्च सुधारों पर सलाह देने की अल्पकालिक भूमिका समाप्त करने के कुछ ही दिनों बाद आई थी। मस्क ने पिछले सप्ताह सरकारी दक्षता विभाग (DoGE) के प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका से इस्तीफा दे दिया, जिसे संघीय खर्च में कटौती करने का काम सौंपा गया था। 2.5 ट्रिलियन डॉलर घाटे की चेतावनी मस्क ने आगाह किया कि ये विधेयक अमेरिका के पहले से ही विशाल बजट घाटे को बढ़ाकर 2.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा देगा, जिससे देश पर अस्थिर कर्ज़ का बोझ और गहराएगा. ट्रंप की टीम से अलग हुए मस्क कुछ ही दिन पहले एलन मस्क ने ‘गवर्नमेंट एफिशिएंसी विभाग’ (DOGE) के चीफ के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसकी जिम्मेदारी थी संघीय खर्च को कम करना. उन्होंने इस विवादित विधेयक से खुद को स्पष्ट रूप से अलग कर लिया है.  ट्रंप इस बिल पर कायमः व्हाइट हाउस व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने एलन मस्क की आलोचना को हल्के में लेते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप पहले से जानते थे कि एलन मस्क इस बिल को लेकर क्या सोचते हैं, लेकिन एलन मस्क का ये कदम उनका (ट्रंप) नजरिया नहीं बदलेगा. यह बिग ब्यूटीफुल बिल है और राष्ट्रपति इसके साथ खड़े हैं. बता दें कि इस बिल को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी आर्थिक नीति की रीढ़ बताया है, जबकि मस्क इसे अनियंत्रित खर्च का प्रतीक मान रहे हैं. मस्क ने ट्रंप को दी थी 250 मिलियन डॉलर की मदद एलन मस्क ने 2024 में ट्रंप के चुनावी अभियान के लिए 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा का दान दिया था. इसके बाद उन्होंने ‘Deficit Optimization and Government Efficiency (DOGE)’ नामक पहल को भी लीड किया, लेकिन अब उसे बंद कर दिया गया है. इसका उद्देश्य सरकारी अपव्यय को जड़ से खत्म करना था. राजनीतिक प्रतिक्रिया केंटकी के रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने एलन मस्क का समर्थन करते हुए कहा कि वह सही हैं. जवाब में मस्क ने दो शब्दों में जवाब दिया- ‘Simple math’. बिल को समझ नहीं पा रहे मस्क: हाउस स्पीकर जॉनसन हालांकि, हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने मस्क की आलोचना को बहुत निराशाजनक बताया. उन्होंने कहा कि उन्होंने एलन मस्क से सोमवार को 20 मिनट तक बात की थी और समझाने की कोशिश की थी कि यह बिल भारी टैक्स में कटौती और चुनावी वादों की पूर्ति की दिशा में पहला मजबूत कदम है. लेकिन एलन इसे समझ नहीं पा रहे हैं.

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