LATEST NEWS

शेयर बाजार ने रचा इतिहास, निफ्टी ने तोड़ डाले पुराने सभी रिकॉर्ड… अब नए शिखर पर

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार पिछले दो दिनों की गिरावट के बाद एक बार फिर बढ़त के साथ बंद हुआ। सोमवार को सेंसेक्स 367.47 (0.56%) अंकों की बढ़त के साथ 66,527.67 अंकों के लेवल पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी 107.75 (0.55%) अंक चढ़कर 19,753.80 अंकों के स्तर पर बंद हुआ। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले मामूली रूप से 0.0100(0.0122%) प्रतिशत फिसलकर 82.2500 अंकों के लेवल पर बंद हुआ। सोमवार को बाजार की तेजी में ऑटो, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों का योगदान रहा। निफ्टी में पावर स्टॉक्स में सबसे ज्यदा तेजी दिखी। इनमें एनटीपीसी टॉप गेनर रहा। Trending Videos हफ्ते के पहले कारोबारी दिन निफ्टी के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स शेयर निफ्टी के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स शेयर ये रहे फॉक्सकॉन ने मोबाइल उपकरण बनाने की फैक्ट्री ने के लिए तमिलनाडु से किया करार ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन ने कांचीपुरम में मोबाइल उपकरण बनाने का कारखाना लगाने के लिए तमिलनाडु सरकार के साथ एक आशय पत्र (एलओआई) पर सोमवार को हस्ताक्षर किए। कुल 1,600 करोड़ रुपये की लागत से इसकी स्थापना की जाएगी और इससे 6,000 नौकरियों का सृजन होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने ट्वीट किया कि उनकी मौजूदगी में राज्य सरकार और फॉक्सकॉन समूह के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान फॉक्सकॉन समूह का प्रतिनिधित्व यंग लियू ने किया। देश के फॉरेक्स रिजर्व में दर्ज की गई गिरावट, 1.987 अरब डॉलर घटकर 607 डॉलर हुआ 21 जुलाई को समाप्त हुए हफ्ते के दौरान देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 1.987 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई और यह 607.035 बिलियन पर पहुंच गया। आरबीआई की ओर से जारी आंकड़ों में इसकी पुष्टि की गई है। इससे पिछले हफ्ते में सात दिनों के दौरान ही विदेशी मुद्रा भंडार 12.743 अरब डॉलर बढ़कर 609.022 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। बता दें कि अक्तूबर 2021 में विदेशी मुद्रा भंडार अक्तूबर 2021 में अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर 645 अरब डॉलर पर पहुंचा था। उसके बार वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच रुपये को संभालने के लिए केंद्रीय बैंक की ओर से फॉरेक्स रिजर्व का इस्तेमाल करने के कारण इसमें गिरावट दर्ज की गई। आरबीआई की ओर बीते शुक्रवार को जारी जारी साप्ताहिक साख्यिकीय पूरक के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार के मुख्य घटक फॉरेन करेंसी असेट्स में 21 जुलाई को समाप्त हफ्ते के दौरान 2.414 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई औेर यह 537.752 अरब डॉलर पर पहुंच गया। आरबीआई के अनुसार इस दौरान देश का स्वर्ण भंडार 41.7 करोड़ डॉलर बढ़कर 45.614 अरब डॉलर पर पहुंच गया। आठ प्रमुख बुनियादी ढांचागत क्षेत्रों की वृद्धि दर पांच महीनों के उच्चतम स्तर कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और बिजली के उत्पादन में गिरावट के कारण आठ प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की वृद्धि दर जून 2023 में एक साल पहले इसी महीने की तुलना में घटकर 8.2 प्रतिशत पर आ गई। हालांकि मासिक आधार पर यह पांच महीने का उच्चतम स्तर है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि जून 2022 में कोर सेक्टर की वृद्धि दर 13.1 प्रतिशत थी। हालांकि जून में उत्पादन वृद्धि पांच महीने के उच्च स्तर पर रही। जनवरी में प्रमुख क्षेत्रों की वृद्धि दर 9.7 प्रतिशत रही जबकि मई 2023 में यह 5 प्रतिशत थी। अप्रैल-जुलाई 2023-24 में आठ क्षेत्रों की उत्पादन वृद्धि घटकर 5.8 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले की इसी अवधि में 13.9 प्रतिशत थी।

देश का सबसे बड़ा बैंक फ्रॉड , एबीजी शिपयार्ड ने 28 बैंकों को लगाया 22,842 करोड़ का चूना

मुंबई। सीबीआई (CBI) ने एबीजी शिपयार्ड और उसके निदेशकों के खिलाफ 28 बैंकों को 22,842 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर (FIR) दर्ज की है. सीबीआई ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank Of India), वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, कफे परेड, कोलाबा मुंबई ब्रांच के डीजीएम बालाजी सिंह समानता की शिकायत पर मेसर्स एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड, मगदला विलेज, ऑफ डुमास रोड, सूरत, गुजरात कंपनी, ऋषि कमलेश अग्रवाल, चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर, गारंटर संथानम मुथास्वामी, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अश्वनी कुमार, डायरेक्टर सुशील कुमार अग्रवाल, डायरेक्टर रवि विमल निवेदिता, डायरेक्टर मेसर्स एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और अज्ञात सरकारी लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश, चीटिंग, क्रिमिनल बीच ऑफ ट्रस्ट, पोस्ट का दुरुपयोग करके कॉन्सॉर्टियम ऑफ बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, ई स्टेट बैंक ऑफ पटियाला ( मौजूदा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ), ई स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर (मौजूदा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) जिसे आईसीआईसी बैंक लीड कर रहा था, टोटल 22,842 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है. शिकायत में मौजूद आरोप और फैक्ट्स के मुताबिक आईपीसी 120बी, 409, 420 और 13(2), 13(1) (d), ऑफ प्रिवेंशन औ करप्शन एक्ट के तहत (1) एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड, (2) ऋषि कमलेश अग्रवाल, (3) संथानम मुथोस्वामी, (4) अश्वनी कुमार, (5) सुशील कुमार अग्रवाल, (6) रवि विमल निवेतिया, (7) मेसर्स एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, (8) अज्ञात पब्लिक सर्वेंट और प्राइवेट लोगों के खिलाफ सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया है और सीबीआई के पीआई नई दिल्ली कमलेश चंद्र तिवारी को जांच करने के लिए आदेश दिया गया है. आठ नवंबर 2019 को दर्ज कराई गई थी पहली शिकायत बैंकों के संघ ने सबसे पहले आठ नवंबर 2019 को शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर सीबीआई ने 12 मार्च 2020 को कुछ स्पष्टीकरण मांगा था. बैंकों के संघ ने उस साल अगस्त में एक नई शिकायत दर्ज की और डेढ़ साल से अधिक समय तक जांच करने के बाद सीबीआई ने इस पर कार्रवाई की. अधिकारी ने कहा कि कंपनी को एसबीआई के साथ ही 28 बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने 2468.51 करोड़ रुपए के ऋण को मंजूरी दी थी. उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक ऑडिट से पता चला है कि वर्ष 2012-17 के बीच आरोपियों ने कथित रूप से मिलीभगत की और अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया, जिसमें धन का दुरुपयोग और आपराधिक विश्वासघात शामिल है. सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी जहाज निर्माण और जहाज की मरम्मत का काम करती है. इसके शिपयार्ड गुजरात के दहेज और सूरत में स्थित है. इस बीच 22,842 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई मुंबई में एबीजी शिपयार्ड से जुड़ी कई जगहों पर छापेमारी कर रही है. इससे पहले नीरव मोदी ने बैंकों के साथ लगभग 13,200 करोड़ रुपए का घोटाला किया था.

IPL 2022 : ईशान को सबसे ज्यादा 15.25 करोड़ मिले, शार्दूल 10.75 करोड़ में, फुल डिटेल्स

बेंगलुरु। IPL 2022 का मेगा ऑक्शन बेंगलुरु में जारी है। बोली लगा रही 10 फ्रेंचाइजियों ने अब तक 41 खिलाड़ियों को खरीदा है। इनमें अब तक के सबसे महंगे खिलाड़ी ईशान किशन रहे हैं, जिन्हें 15.25 करोड़ में मुंबई ने खरीदा। उन पर बोली लगाने के लिए नीता अंबानी की मुंबई और गुजरात के बीच 10 मिनट तक लंबी होड़ चली। ईशान इस नीलामी के साथ आईपीएल में दूसरे सबसे महंगे भारतीय हो गए हैं। इससे पहले युवराज को 16 करोड़ में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा था। ईशान ने अपने गुरु महेंद्र सिंह धोनी को भी पछाड़ दिया, जिन्हें चेन्नई ने 12 करोड़ में रिटेन किया है। ईशान के बाद दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी बिके दीपक चाहर। उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स ने 14 करोड़ में खरीदा। मिडिल ऑर्डर बैट्समैन और विकेटकीपर निकोलस पूरन के लिए भी लंबी लड़ाई चली। करीब 8 मिनट की बोली के बाद पूरन को हैदराबाद ने 10.75 करोड़ में खरीदा। IPL मेगा AUCTION में अब तक बिके अहम खिलाड़ी… 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले युजवेंद्र चहल को 6.50 करोड़ में राजस्थान रॉयल्स ने खरीदा। लेग स्पिनर के लिए मुंबई, राजस्थान और दिल्ली ने बोली लगाई थी। पिछले साल तक RCB के लिए खेलते हुए चहल को 6 करोड़ मिलते थे। 75 लाख के बेस प्राइस वाले राहुल चाहर को 5.25 करोड़ में पंजाब किंग्स ने खरीदा। राहुल के लिए SRH, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और मुंबई ने बोली लगाई थी। पिछले साल राहुल को मुंबई से 1.9 करोड़ रुपए मिलते थे। 1 करोड़ के बेस प्राइस वाले कुलदीप यादव को 2 करोड़ में दिल्ली कैपटिल्स ने खरीदा। चाइनामैन गेंदबाज के लिए पंजाब और दिल्ली ने बोली लगाई थी। पिछले साल KKR से खेलते हुए उनकी सैलरी 5.8 करोड़ रुपए थी। बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को 2 करोड़ में दिल्ली ने खरीदा। रहमान का बेस प्राइस 2 करोड़ था और उनके लिए दिल्ली और राजस्थान ने बोली लगाई थी। पिछले साल उनको 1 करोड़ रुपए मिलते थे। लॉर्ड शार्दूल के नाम से मशहूर हो चुके 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले शार्दूल ठाकुर को 10.75 करोड़ में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा। इनके लिए पंजाब, गुजरात और दिल्ली ने दिलचस्पी दिखाई थी। पिछले साल CSK से खेलते हुए ठाकुर को 2.6 करोड़ मिलते थे। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले भुवनेश्वर कुमार को 4.20 करोड़ में SRH ने खरीदा। भुवी के लिए राजस्थान, मुंबई, SRH और लखनऊ ने बोली लगाई थी। स्विंग के बादशाह भुवनेश्वर कुमार को SRH से 8.50 करोड़ मिलते थे। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले इंग्लैंड के पेसर मार्क वुड को 7.50 करोड़ में लखनऊ ने खरीदा। वुड के लिए लखनऊ के अलावा दिल्ली ने बोली लगाई थी। 2018 में वुड को CSK की ओर से 1.50 करोड़ मिलते थे। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले ऑस्ट्रेलिया के जोश हेजलवुड को 7.75 करोड़ में RCB ने खरीदा। चेन्नई, लखनऊ, मुंबई, RCB और दिल्ली के बीच जोरदार बोलियां लगीं। IPL 2021 में CSK के लिए खेलते हुए हेजलवुड की सैलरी 2 करोड़ थी। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले कीवी तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन को 10 करोड़ में गुजरात टाइटन्स ने खरीदा। फर्ग्यूसन पर गुजरात और दिल्ली ने बोली लगाई थी। पिछले साल KKR से खेलते हुए उनको केवल 1.60 लाख मिलते थे। 1 करोड़ के बेस प्राइस वाले प्रसिद्ध कृष्णा को 10 करोड़ में राजस्थान रॉयल्स ने खरीदा। शानदार फॉर्म में चल रहे कृष्णा पर लखनऊ और राजस्थान ने बोली लगाई थी। पिछले साल KKR से खेलते हुए उनको केवल 20 लाख मिलते थे। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले दीपक चाहर को 14 करोड़ में CSK ने खरीदकर अपने साथ जोड़ा। स्विंग में माहिर चाहर डेथ ओवर्स में तेज रन भी बना सकते हैं। उन पर हैदराबाद, दिल्ली, चेन्नई और राजस्थान ने बोली लगाई थी। पिछले साल उनकी सैलरी 80 लाख थी। 1 करोड़ के बेस प्राइस वाले तेज गेंदबाज टी नटराजन को 4 करोड़ में सनराइजर्स हैदराबाद ने खरीदा। नटराजन के ऊपर SRH और गुजरात ने बोली लगाई थी। पिछले साल SRH से खेलते हुए उनकी सैलरी 40 लाख थी। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले विकेटकीपर ईशान किशन को 15.25 करोड़ में मुंबई ने खरीदा। ईशान पर मुंबई और पंजाब ने बोली लगानी शुरू की थी। पिछले साल उनकी आईपीएल सैलरी 6.20 करोड़ थी। 1.50 करोड़ के बेस प्राइस वाले वेस्टइंडीज के निकोलस पूरन को 10.75 करोड़ में हैदराबाद ने खरीदा। पूरन पर CSK, SRH और KKR ने बोली लगाई थी। पिछले साल पंजाब किंग्स से खेलते हुए उनकी सैलरी 4.2 करोड़ थी। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले दिनेश कार्तिक को 5.50 करोड़ में RCB ने खरीदा। RCB के अलावा चेन्नई ने भी उनके ऊपर बोली लगाई थी। KKR के लिए खेलते हुए उनकी सैलरी 7.40 करोड़ थी। 1.50 करोड़ के बेस प्राइस वाले इंग्लैंड के जॉनी बेयरस्टो को 6.75 करोड़ में पंजाब किंग्स ने खरीदा। बेयरस्टो पर दिल्ली, पंजाब और हैदराबाद ने बोली लगाई थी। पिछले साल उनकी सैलरी 2.20 करोड़ थी। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले अंबाती रायडू को 6.75 करोड़ में चेन्नई सुपर किंग्स ने खरीदा। पिछले साल भी अंबाती CSK का ही हिस्सा थे। अंबाती पर उनकी चेन्नई, दिल्ली और हैदराबाद ने बोली लगाई थी। पिछले साल उनको चेन्नई से 2.20 करोड़ मिलते थे। 1.50 करोड़ के बेस प्राइस वाले वॉशिंगटन सुंदर पर पंजाब, गुजरात और हैदराबाद ने दांव लगाया था। सुंदर को SRH ने 8.75 करोड़ में खरीदा। पिछले साल RCB से सुंदर को 3.20 करोड़ मिलते थे। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले ऑलराउंडर मिचेल मार्श को 6.50 करोड़ में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा। मार्श पर SRH और गुजरात ने भी बोली लगाई। पिछले साल हैदराबाद में मार्श की सैलरी 2 करोड़ रुपए थी। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या को 8.25 करोड़ में लखनऊ ने खरीदा। पंड्या पर पंजाब, SRH और गुजरात ने भी बोली लगाई। पांड्या की मुंबई इंडियंस में सैलरी 8.8 करोड़ थी। हसरंगा पर पंजाब और RCB ने बोली लगाई थी। पिछले साल हसरंगा टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बॉलर रहे थे। पिछले साल RCB में उनकी सैलरी 50 लाख रुपए थी। कैरेबियाई ऑलराउंडर जेसन होल्डर को अपने साथ जोड़ने के लिए मुंबई, … Read more

NCP चीफ शरद पवार ने की पीएम मोदी की तारीफ, बोले – पीएम मोदी की प्रशासन पर अच्छी पकड़ है

मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चीफ शरद पवार (NCP Chief Sharad Pawar) ने पीएम मोदी नरेंद्र मोदी (PM Modi) की जमकर तारिफ की है. मुंबई में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम में एनसीपी चीफ ने कहा कि पीएम मोदी की प्रशासन (Administration) पर अच्छी पकड़ है. यही उनका पक्ष काफी मजबूत करता है. शरद पवार ने कहा कि पीएम के कामकाज की शैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक बार जब कोई कार्य करते हैं तो वो इसे पूरा करना सुनिश्चित करते हैं. पवार ने कहा कि मोदी बहुत प्रयास करते हैं और काम पूरा करने के लिए पर्याप्त समय देते हैं. उन्होंने कहा कि मोदी का स्वभाव ऐसा है कि एक बार जब वो किसी भी कार्य को हाथ में लेते हैं, तो वो ये सुनिश्चित करेंगे कि जब तक वो अपने निष्कर्ष पर नहीं पहुंच जाता, तक तक वो नहीं रुकेगा. सहयोगियों को साथ ले जाने का एक अलग तरीका एनसीपी चीफ ने आगे कहा कि पीएम इस बात पर भी जोर देते हैं कि उनकी सरकार की नीतियों के प्रभावी कार्यान्यवयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और उनके सहयोगी एक साथ कैसे आ सकते हैं. मोदी के पास अपने सहयोगियों को साथ ले जाने का एक अलग तरीका है और वो शैली मनमोहन सिंह जैसे पूर्व प्रधानमंत्रियों में नहीं थी. पवार ने कहा कि मेरी और तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह की राय थी कि तत्कालीन गुजरात के सीएम मोदी के खिलाफ प्रतिशोध की राजनीति नहीं की जानी चाहिए. पवार ने कहा कि जब मोदी गुजरात के सीएम थे, मैं केंद्र में था. जब पीएम सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाते थे, तब मोदी बीजेपी शासित राज्यों के सीएम के एक समूह का नेतृत्व करते थे और केंद्र पर हमला करते थे. मोदी लगातार सरकार पर हमला करते थे उन्होंने कहा कि तो ऐसी स्थिति में मोदी को कैसे जवाब दिया जाए, इस पर रणनीति बनाई जाती थी. मेरे अलावा यूपीए सरकार में कोई अन्य मंत्री नहीं था जो मोदी से बातचीत कर सके क्यों कि वो मनमोहन सिंह सरकार पर लगातार हमला करते थे. राज्यसभा सांसद ने कहा कि यूपीए की आंतरिक बैठकों मे वह उपस्थित सभी लोगों से कहते थे कि भले ही उनके और मोदी और उनकी पार्टी भाजपा के बीच मतभेद हों, किसी को ये नहीं भूलना चाहिए कि वो सीएम थे. उन्होंने कहा कि मैं बैठकों में कहा करता था कि हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि वो एक राज्य के सीएम हैं और लोगों ने उन्हें जनादेश दिया है, अगर वो यहां मुद्दों के साथ आ रहे हैं, तो ये सुनिश्चित करना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है कि मतभेदों का समाधान हो और हित उनके राज्य के लोग प्रभावित नहीं है. उन्होंने कहा कि तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह ने उनकी राय का समर्थन किया.

क्या खत्म हो गया PM मोदी का करिश्मा … रैली के लिए भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी सरकारी अफसरों पर

कानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करिश्मा क्या खत्म हो गया है। 28 दिसंबर को कानपुर में रैली के लिए भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी सरकारी अफसरों के कंधों पर है। 16 विभागों को 70 हजार की भीड़ जुटाने का फिक्स टारगेट दिया गया है। यह विभाग अपनी अलग-अलग योजनाओं के 70 हजार लाभार्थियों को पीएम के कार्यक्रम में लेकर आएंगे। इन्हें लाने और ले जाने से लेकर खाने-पीने का इंतजाम भी सरकारी अफसर ही करेंगे। यानी पीएम मोदी के कार्यक्रम में दिखने वाली भीड़ भी सरकारी ही होगी। कार्यक्रम में 70 हजार लोगों की भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी डीएम विशाख जी. को दी गई है। उन्होंने सीएमओ से लेकर समाज कल्याण अधिकारी, आईटीआई के प्रिंसिपल, केडीए सचिव, परियोजना अधिकारी डूडा समेत 16 अलग-अलग विभागों को लाभार्थियों को लाने का लक्ष्य दिया है। सभी विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के लाभार्थियों को लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। विभाग की ओर से ही 2250 बसों का इंतजाम किया गया है। विभागों के चपरासी से लेकर बाबू और अफसरों को बस से लाभार्थियों को लाने और वापस निर्धारित स्थान पर पहुंचाने के साथ ही खाने का भी इंतजाम करने की जिम्मेदारी दी गई है। मोदी के आगमन पर इन सभी विभागों में कामकाज ठप रहेगा। अगर किसी भी विभाग ने इसमें लापरवाही की तो संबंधित अफसर या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी कही गई है। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग, कृषि, उद्यान विभाग, खाद्य एवं रसद, समाज कल्याण, बैंक, विद्युत विभाग, श्रम विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पंचायती राज, स्किल डेवलपमेंट, नगर निगम, डूडा और केडीए समेत 16 विभागों से 70 हजार लाभार्थियों को बुलाया गया है। योगी-मोदी की सभा में पहले भी जुटाई गई है भीड़ CM योगी की रविवार को प्रयागराज के लीडर प्रेस मैदान में जनसभा थी। इसमें भीड़ जुटाने के लिए जिले के आला अफसर पिछले तीन-चार दिनों से लगे थे। सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि वह ज्यादा से ज्यादा संख्या में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचें। इसमें शिक्षा विभाग, एनआरएलएम, डूडा, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास विभाग जैसे सभी विभागों को शामिल किया गया था। सुल्तानपुर में 16 नवंबर को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करने पीएम मोदी पहुंचे थे। मोदी की सभा में शामिल होने के लिए करीब 2 लाख लोगों को लाने का लक्ष्य रखा गया था। इतने लोगों को लाने-ले जाने के लिए सुल्तानपुर के DM ने 2 हजार बसें उपलब्ध कराई थीं। 19 नवंबर को महोबा जिले में PM नरेंद्र मोदी की रैली थी। आसपास के जिलों से भीड़ लाने के लिए 1,600 रोडवेज बसों का जुगाड़ किया गया था। डीएम मनोज कुमार ने परिवहन विभाग से बसों की मांग की थी।

सरकार ने 1.38 करोड़ टैक्सपेयर को दिया 1.44 करोड़ का ITR रिफंड, कैसे चेक करें

नई दिल्ली। अब तक 1.38 करोड़ टैक्सपेयर्स को 1.44 लाख करोड़ रुपये का इनकम टैक्स रिफंड दिया जा चुका है. आईटी डिपार्टमेंट ने यह जानकारी दी. अभी आईटीआर फाइलिंग का समय भी चल रहा है. इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग की अंतिम तारीख 31 दिसंबर निर्धारित है. टैक्स विभाग ने इनकम टैक्स रिफंड के बारे में कहा है कि 99.75 लाख रिफंड 2021-22 एसेसमेंट ईयर का है. इस एसेसमेंट ईयर की मियाद 31 मार्च 2021 को समाप्त होगा. अब तक 99.75 लाख लोगों को रिफंड के तौर पर 20,451.95 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. टैक्स रिटर्न की दी जानकारी दूसरी ओर, टैक्स विभाग ने आईटीआर फाइलिंग की भी जानकारी दी है. टैक्स विभाग ने कहा है कि 2020-21 वित्त वर्ष के लिए 21 दिसंबर तक 4 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल हो चुकी है. 31 दिसंबर की डेडलाइन नजदीक आने के साथ ही आईटीआर फाइलिंग में तेजी देखी जा रही है. आईटी विभाग ने एक ट्वीट में लिखा, अब तक 4 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल की गई हैं. पिछले 7 दिन में ही 46.77 लाख आईटीआर दाखिल की गई है. 21 दिसंबर को 8.7 लाख आईटीआर दाखिल की गई. रिफंड के बारे में क्या कहा टैक्स विभाग ने रिफंड के बारे में इनकम टैक्स विभाग ने एक ट्वीट में लिखा है, 1,35,35,261 संस्थाओं को 49,194 करोड़ रुपये का आयकर रिफंड जारी किया गया है और 2.11 लाख से अधिक मामलों में 95,133 करोड़ रुपये का कॉर्पोरेट टैक्स रिफंड जारी किया गया है. ट्वीट में कहा गया, “सीबीडीटी ने 1 अप्रैल, 2021 से 20 दिसंबर, 2021 तक 1.38 करोड़ से अधिक करदाताओं को 1,44,328 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड जारी किया.” इससे पहले टैक्स रिटर्न के बारे में विभाग ने कहा, ‘आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 21 दिसंबर 2021 तक चार करोड़ से अधिक आईटीआर मिले हैं. पिछले एक सप्ताह में 46.77 लाख और 21 दिसंबर को 8.7 लाख आईटीआर रिटर्न दाखिल किए गए.’ मंत्रालय ने कहा कि करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की बढ़ी हुई अंतिम तिथि 31 दिसंबर है. आयकर विभाग ने करदाताओं को अंतिम तारीख याद दिलाने के लिए मैसेज और ईमेल भी भेजे हैं. विभाग ने आईटीआर जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी है. रिफंड कैसे करें चेक जब रिफंड मिल रहे हैं तो इसे चेक करने का तरीका भी जान लेना चाहिए. आपको जानना चाहिए कि आईटीआर भरने के बाद भी क्यों अब तक रिफंड नहीं मिला. नियम के अनुसार अगर आपने रिटर्न भरा है तो रिफंड भी आएगा. रिफंड के बारे में जानने के लिए आपको इनकम टैक्स इनकम टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाना होगा. यहां आपको my account-my returns/forms सेक्शन में जाना होगा. यहां हो सकता है कि आपको यह लिखा मिले कि आपका आईटीआर प्रोसेस हो चुका है लेकिन इनक टैक्स डिपार्टमेंट अभी नो रिफंड की स्थिति में है. हो सकता है कि आपको यह लिखा दिखे कि टैक्स डिपार्टमेंट रिफंड के लिए तैयार है, लेकिन आप तक चेक या ईसीएस क्रेडिट नहीं पहुंच पा रहा. इसकी वजह यह हो सकती है कि आपने जो पता दिया है, वह गलत हो या उस पते पर चेक या ईसीएस कोई नहीं ले रहा हो. यह भी हो सकता है कि आपने जो पता दिया है वह घर बंद हो. हो सकता है कि ईसीएस क्रेडिट के लिए जो अकाउंट नंबर दिया गया है, वह गलत हो. ऐसी स्थिति में रिफंड इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को वापस मिल जाता है. इसके लिए आपको अपनी जानकारी पुष्ट करनी चाहिए जो टैक्स डिपार्टमेंट को दिया है.

मध्यप्रदेश में हर महीने 1100 नवजात अस्पताल में ही तोड़ देते हैं दम

भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले एक साल में सरकारी अस्पतालों में इलाज के दौरान 13 हजार 530 नवजातों की मौत हुई। यानी रोजाना 37 बच्चों ने दम तोड़ा। हर महीने लगभग 1100। यह बात कोई और नहीं, मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कबूली है। वे एक सवाल का विधानसभा में जवाब दे रहे थे। सरकार की ओर से आया यह जवाब ही बच्चों के स्वास्थ्य और सुविधाओं के दावों पर कई सवाल खड़े कर रहा है। मामले में किसी तरह की लापरवाही से मौत हुई है या नहीं, न यह बताया, न इसे रोकने के लिए क्या तगड़े प्रबंध किए जाने वाले हैं, उस पर खुलकर कुछ ठोस रणनीति का जिक्र किया। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने सरकार से पूछा था कि चाइल्ड इनटेंसिव केयर यूनिट में इलाज के दौरान पिछले पांच साल में कितने नवजात शिशुओं की मौत हुई? पटवारी ने पिछले दिनों भोपाल के हमीदिया अस्पताल में हुए हादसे की जांच को लेकर सवाल किए थे, लेकिन इसका जवाब मंत्री डाॅ. चौधरी ने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी एकत्र की जा रही है। सरकार के इस जवाब ने बच्चों के इलाज के लिए किए जा रहे दावों पर सवाल खड़ा कर दिया है। विधायक पटवारी ने हमीदिया हादसे को लेकर सरकार से पूछा था कि पिछले माह आग लगने और उसमें नवजात शिशुओं के मृत होने की घटना की जांच करने किस अधिकारी को नियुक्त किया था? क्या स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर पर कोई जांच की है? इस हादसे के लिए किन-किन दोषी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई? लेकिन स्वास्थ्य मंत्री को इसकी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने अपने लिखित जवाब में कहा कि जानकारी एकत्र की जा रही है। मंत्री से पूछे गए सवाल के जवाब में यह सामने आया कि सरकारी अस्पतालों में नवजातों के इलाज की संख्या 2015-16 में 84,691 थी, जो 2019-20 में बढ़कर 1 लाख 12 हजार हो गई। जबकि यह आंकड़ा वर्ष 2020-21 में 99 हजार से ज्यादा रहा। यह आंकड़े बताते है कि प्रतिवर्ष इन गहन चिकित्सा इकाई में इलाज के दौरान 14 से 15 प्रतिशत बच्चों की मौत हो रही है। यानी हर 6 में से 1 नवजात ने दम तोड़ा। स्वास्थ्य मंत्री को कोविड मृतकों को सहायता राशि देने की जानकारी नहीं कोरोना संक्रमण से मरने वालों के आश्रितों को सरकार ने अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. चौधरी को इसकी कोई जानकारी नहीं है। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने सरकार से पूछा कि प्रदेश में कोरोना से मरने वालों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 1 लाख रुपए से घटाकर 50 हजार रुपए कर दी गई है? इसके लिए बनाए गए नियमों की जानकारी दें? इस राशि का वितरण कब किया जाएगा? इन सभी सवालों का कोई जवाब सरकार के पास नहीं है। डाॅ. चौधरी ने अपने लिखित जवाब में कहा कि यह जानकारी एकत्रित की जा रही है। डाॅ. चौधरी ने पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक तरुण भनोत के एक सवाल के जवाब में कहा कि कोविड से हुई मौत के एवज में मिलने वाली अनुग्रह राशि के संबंध में कोई अधिसूचना सरकार की तरफ से जारी नही हुई है। कोरोना पॉजिटिव 448 मरीजों की होम आइसोलेशन में हुई थी मौत मध्य प्रदेश में काेरोना से अब तक 10 हजार 80 लोगों की मौत हुुई है। इसमें से 448 कोरोना मरीज ऐसे हैं, जिनकी होम आइसोलेशन में ही मौत हो गई थी। जिलेवार आंकड़ों को देखें तो सबसे ज्यादा नीमच में 102 कोरोना मरीजों ने घर में ही दम तोड़ दिया था।

महाठग की महा दीवानगी .. जैकलीन से किया 500 करोड़ की सुपरहीरो फिल्म बनाने का वादा

मुंबई। 200 करोड़ की महाठगी करने वाले कॉनमैन सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन फर्नांडीज को लाखों-करोड़ों के तोहफे ही नहीं वुमन सेंट्रिक सुपरहीरो फिल्म का लालच भी दिया था। सुकेश ने जैकलीन से कहा था कि वह उसके लिए 500 करोड़ के बजट की तीन पार्ट्स फिल्म का प्रोडक्शन करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह वादा भी जैकलीन को लुभाने की प्लानिंग में से एक था। केस से जुड़े एक सूत्र ने खुलासा किया कि सुकेश अच्छी तरह से जानता था कि जैकलीन बॉलीवुड में काम की तलाश में हैं। वह बहुत ज्यादा फिल्में साइन नहीं कर रही थी, इसलिए सुकेश ने जैकलीन से फिल्म बनाने का वादा किया था जिसमें ए-लिस्ट प्रोड्यूसर्स के नाम हटा दिया गया था। फिल्म में हॉलीवुड वीएफएक्स कलाकार शामिल होने और इसे वर्ल्डवाइड शूट करने का झांसा भी दिया था। उसने जैकलीन से यह भी कहा था कि वह हॉलीवुड एक्ट्रेस एंजेलिना जोली से मिलती-जुलती हैं और वह अपने इर्द-गिर्द बनी एक सुपरहीरो सीरीज की हकदार हैं। सुकेश के वादे पर भरोसा कर चुकी थीं जैकलीन जैकलीन ने भले ही पूरी सावधानी बरती लेकिन फिर भी वह सुकेश के इस वादे से आश्वस्त थी कि वह वास्तव में उसके लिए बड़े बजट की यह फिल्म प्रोड्यूस करेगा। सूत्र ने आगे खुलासा किया कि सुकेश ने फिल्म बजट, प्रोडक्शन पर पर्याप्त होमवर्क और रिसर्च किया था अपनी हर बातचीत के दौरान इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े नामों को शामिल किया था। 4 साल से सुकेश के संपर्क में थीं जैकलीन चार्जशीट में जैकलीन ने चंद्रशेखर के साथ अपनी मुलाकात के बारे में भी खुलासा किया है। उन्होंने कहा था, ‘मैं फरवरी 2017 से सुकेश से बात कर रही हूं। अगस्त 2021 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद मैं उनसे कभी नहीं मिली। उन्होंने मुझे बताया था कि वे सन टीवी के मालिक हैं और जयललिता के राजनीतिक परिवार से हैं।’ जैकलीन के अलावा नोरा फतेही के भी चंद्रशेखर से महंगे तोहफे लेने की खबर हैं। कथित तौर पर नोरा को सुकेश ने एक महंगी BMW दी थी। कौन है सुकेश चंद्रशेखर? सुकेश चंद्रशेखर कर्नाटक के बेंगलुरु का रहने वाला है। कहा जाता है कि उसने लैविश लाइफस्टाइल जीने के लिए 17 साल की उम्र से ही लोगों को ठगना शुरू कर दिया था। बेंगलुरु में ठगी करने के बाद उसने चेन्नई और दूसरे शहरों में भी लोगों को निशाना बनाया। सुकेश हाई-प्रोफाइल लोगों को फोन कर खुद को बड़ा सरकारी अफसर बताता था। 2007 में उसने खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी बताते हुए बेंगलुरू डेवलपमेंट अथॉरिटी में काम कराने के बदले 100 से ज्यादा लोगों को ठगा था। इस मामले में सुकेश की गिरफ्तारी भी हुई थी। जेल से छूटने के बाद सुकेश ने दोबारा लोगों को ठगने का काम जारी रखा। सुकेश के ऊपर 30 से भी ज्यादा मामले दर्ज हैं। कहा जाता है कि तमिलनाडु में वो खुद को पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि का बेटा बताता था। वो खुद को आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वायएसआर रेड्डी का भतीजा बताकर भी कई लोगों से ठगी कर चुका है।

ED के शिकंजे में बच्चन परिवार, सवालों की बौछार, ऐश्वर्या के होश उड़े

नई दिल्ली। पनामा पेपर लीक मामले में सोमवार को ऐश्वर्या राय बच्चन से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 7 घंटे पूछताछ की। ऐश्वर्या से उनकी कंपनियों और बैंक अकाउंट्स के बारे में सवाल हुए। भास्कर को सूत्रों ने बताया कि ED ने ऐश्वर्या से पूछा कि उन्होंने 50 हजार डॉलर में खरीदी कंपनी महज 1500 डॉलर्स में क्यों बेच दी। अमिताभ बच्चन की बहू बनने के बाद कंपनियों को बंद क्यों कर दिया गया? ED ने सोमवार को उनसे दिल्ली के लोकनायक भवन में पूछताछ की। ED के अधिकारी ऐश्वर्या के लिए सवालों की लिस्ट पहले ही तैयार कर चुके थे। वे शाम 7:30 बजे ED ऑफिस से रवाना हुईं। सूत्रों के मुताबिक ऐश्वर्या ED दफ्तर के पिछले दरवाजे से निकलीं। उन्होंने ED के सामने केस से जुड़े कुछ दस्तावेज भी सब्मिट किए हैं। ऐश्वर्या से ED ने पूछे 5 सवाल 1. आप किन-किन कंपनियों में डायरेक्टर के पद पर रही हैं? 2. अमिताभ बच्चन जिन कंपनियों में डायरेक्टर थे, बाद में उनके शेयर क्यों बेच दिए गए? 3. 2008 के बाद कंपनियों को क्यों बंद कर दिया गया? 4. क्या आपकी कंपनी ने RBI वित्तीय लेन-देन की मंजूरी ली थी? 5. 50 हजार डॉलर की कंपनी को महज 1500 डॉलर में क्यों बेच दिया? पनामा पेपर्स में 500 बड़े नाम दरअसल, पनामा पेपर्स मामले में भारत के करीब 500 लोगों के शामिल होने की बात सामने आई थी। इनमें नेता, अभिनेता, खिलाड़ी, बिजनेसमैन हर वर्ग के प्रमुख लोगों के नाम हैं। इन लोगों पर टैक्स की हेराफेरी का आरोप है, जिसको लेकर टैक्स अथॉरिटी जांच में जुटी है। पनामा पेपर्स मामले की लंबे समय से जांच चल रही है। ED के अधिकारी देश की कई बड़ी हस्तियों को जांच में शामिल कर चुके हैं। इसी कड़ी में एक महीने पहले अभिषेक बच्चन भी ED कार्यालय में पहुंचे थे। वे कुछ दस्तावेज भी ED अधिकारियों को सौंपे चुके हैं। ED सूत्रों की मानें तो जल्द ही इस मामले में उनके पिता अमिताभ बच्चन को भी ED नोटिस देकर बुलाने वाली है। बच्चन परिवार का नाम क्यों? साल 2016 में ब्रिटेन में पनामा की लॉ फर्म के 1.15 करोड़ टैक्स डॉक्युमेंट लीक हुए थे। इसमें दुनियाभर के बड़े नेताओं, कारोबारियों और बड़ी हस्तियों के नाम सामने आए थे। भारत की बात करें तो करीब 500 लोगों के नाम सामने आए थे। इसमें बच्चन परिवार का नाम भी शामिल है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अमिताभ बच्चन को 4 कंपनियों का डायरेक्टर बनाया गया था। इनमें से तीन बहामास में थीं, जबकि एक वर्जिन आइलैंड्स में। इन्हें 1993 में बनाया गया। इन कंपनियों की कैपिटल 5 हजार से 50 हजार डॉलर के बीच थी, लेकिन ये कंपनियां उन शिप्स का कारोबार कर रही थीं, जिनकी कीमत करोड़ों में थी। ऐश्वर्या को पहले एक कंपनी का डायरेक्टर बनाया गया था। बाद में उन्हें कंपनी का शेयर होल्डर डिक्लेयर कर दिया गया। कंपनी का नाम अमिक पार्टनर्स प्राइवेट लिमिटेड था। इसका हेडक्वार्टर वर्जिन आइलैंड्स में था। ऐश्वर्या के अलावा उनके पिता के. राय, मां वृंदा राय और भाई आदित्य राय भी कंपनी में उनके पार्टनर थे। यह कंपनी 2005 में बनाई गई थी। तीन साल बाद यानी 2008 में कंपनी बंद हो गई थी।

सिद्धू को मनाने के मूड में नहीं हाईकमान,CM चन्नी को भी मिलने से रोका

जालंधर। नवजोत सिद्धू का रवैया देख कांग्रेस हाईकमान भी अड़ गया है। सिद्धू को साफ संदेश भेज दिया गया है कि उनकी हर जिद अब पूरी नहीं होगी। इसी वजह से सिद्धू के इस्तीफे के 2 दिन बीतने के बाद भी हाईकमान ने उनसे बात नहीं की। यह देख अब पंजाब में सिद्धू के प्रधान बनने से जोश में दिख रहे विधायक और नेता भी उनका साथ छोड़ने लगे हैं। कैप्टन का तख्तापलट करते वक्त सिद्धू के साथ 40 विधायक थे, अब वे अकेले पड़ गए हैं। उनके समर्थन में सिर्फ रजिया सुल्ताना ने ही मंत्रीपद छोड़ा। उनके करीबी परगट सिंह डटकर सरकार के साथ खड़े हैं। बुधवार रात मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी चंडीगढ़ से पटियाला जाने की तैयारी में थे। ऐन वक्त पर यह दौरा टल गया। माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें इनकार कर दिया। चुनाव की घोषणा में सिर्फ 3 महीने बचे हैं। ऐसे में उन्हें सरकार के काम पर फोकस करने को कहा गया है। हाईकमान सिर्फ परिणाम चाहता है ताकि पंजाब में अगली सरकार कांग्रेस की बन सके। सिद्धू को मनाने के लिए हाईकमान के कहने पर CM चरणजीत चन्नी ने नवजोत के ही करीबी मंत्री परगट सिंह और अमरिंदर राजा वडिंग की कमेटी बना दी है। वे पहले 2 बार सिद्धू से मिल चुके हैं, लेकिन आगे कोई बात नहीं हुई है। सिद्धू की शर्तें मानी तो सुपर-CM पर लगेगी हाईकमान की मुहर कांग्रेस ने पंजाब में पहला अनुसूचित जाति का CM बनाया है। पंजाब में 32% अनुसूचित जाति का वोट बैंक है। इसी को निशाना बना चन्नी सीएम बन गए। अगर सिद्धू की शर्तें मान ली तो DGP और AG को हटाना पड़ेगा। ऐसा हुआ तो सरकार कमजोर पड़ जाएगी। हाईकमान ने ऐसा करवा दिया तो सिद्धू के सुपर CM बनने पर मुहर लग जाएगी। ऐसे में चन्नी को लेकर विरोधी मुद्दा बनाकर कांग्रेस का यह दांव फेल कर देंगे। इसी वजह से सिद्धू के बिना बात किए अचानक इस्तीफा देने पर कांग्रेस हाईकमान ने उनसे दूरी बना ली है। हाईकमान ने नया प्रधान ढूंढने को कहा सिद्धू के अड़ियल रवैए को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान ने अब पंजाब में नए प्रधान के संकेत दे दिए हैं। कांग्रेस के पर्यवेक्षक हरीश चौधरी बुधवार सुबह ही चंडीगढ़ पहुंच गए थे। इसके बाद उन्होंने कुछ नेताओं से मुलाकात और बातचीत की। चर्चा यही है कि सिद्धू के इस्तीफा वापस न लेने की सूरत में नया प्रधान बना दिया जाए। मंत्री पद पाने से आखिरी समय में चूके कुलजीत नागरा इसके बड़े दावेदार हैं। चर्चा पूर्व CM बेअंत सिंह के परिवार से जुड़े सांसद रवनीत बिट्‌टू की भी है। यह भी संभव है कि सुनील जाखड़ को वापस प्रधान बना दिया जाए ताकि उनकी भी नाराजगी दूर हो सके। सिद्धू की मनमानी नहीं आ रही रास सिद्धू भले ही मुद्दों की बात कर रहे हों, लेकिन उनके तरीके को लेकर कांग्रेस के भीतर ही नाराजगी है। सिद्धू ने इस्तीफा तब दिया, जब मंत्री चार्ज संभाल रहे थे। यह टाइमिंग सबको नागवार गुजरी। पहले इसके बारे में किसी से बात नहीं की। सीधे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। जब सब पूछते रहे कि नाराजगी की वजह क्या है तो सोशल मीडिया पर फिर वीडियो पोस्ट कर दिया। CM चन्नी ने भी इस ओर इशारा किया कि वे पार्टी प्रधान हैं, परिवार में बैठकर बात करते। सिद्धू का यह रवैया किसी को रास नहीं आ रहा। जाे अब तक साथ थे, वो अलग होते चले गए कैप्टन अमरिंदर के विरोध के बावजूद सिद्धू पंजाब कांग्रेस प्रधान बने। इसमें अहम रोल मौजूदा डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा और मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा का रहा। नई सरकार बनी तो अब वे सिद्धू का साथ छोड़ गए। परगट सिंह सिद्धू के करीबी थे, उन्होंने भी सिद्धू के समर्थन में इस्तीफा न देकर किनारा कर लिया। अमरिंदर राजा वडिंग को मंत्री बनाने में सिद्धू ने खूब लॉबिंग की, वे मंत्री बन गए तो अब सिद्धू का सपोर्ट करके नहीं, बल्कि मध्यस्थ बनकर काम कर रहे हैं। इसी बड़ी वजह सिद्धू के अचानक लिए जाने वाले फैसले हैं। पहले कैप्टन और अब सिद्धू के चक्कर में टिकट न कटे, इसलिए विधायक और नेता कूदकर सरकार के पाले में चले गए हैं। इस बार अपने स्टाइल से खुद झटका खा गए सिद्धू नवजोत सिद्धू के अचानक फैसले लेने का स्टाइल समर्थकों को खूब रास आता रहा है। उनके बयान से लेकर हर बात पर अड़ जाने की खूब चर्चा रही। सिद्धू की जिद के आगे हाईकमान को कैप्टन को हटाना पड़ा। चरणजीत चन्नी का नाम भी सिद्धू ने ही आगे किया था। चन्नी सीएम बने तो अब सिद्धू की सुनवाई नहीं हो रही। संगठन प्रधान होने के बावजूद वे खुद उसकी सीमा लांघ गए। सब कुछ सार्वजनिक तरीके से कर रहे है। सीएम चन्नी ने भी यही बात कही थी कि अगर उन्हें कोई एतराज है तो वे बैठकर बात कर सकते हैं। वे जिद्दी नहीं हैं, फैसला बदला जा सकता है। हालांकि, सिद्धू चर्चा नहीं बल्कि सीधे मनमाफिक फैसला चाहते हैं, जिसे हाईकमान मानने को तैयार नहीं है।

MP : 90 साल की दादी मां तेज रफ्तार से दौड़ाती हैं कार

भोपाल. मध्य प्रदेश के देवास से एक ऐसा वीडियो (Dewas Old Women Driving Video) सामने आया है, जिसे देखकर कहा जा सकता है कि एज इज जस्ट अ नंबर…दरअसल एक 90 साल की बुजुर्ग महिला का कार चलाने का वीडियो सामने आया है. बुजुर्ग रेशमी बाई तंवर इस उम्र में गाड़ी चलाकर दूसरे बुजुर्गों को सीखते रहने का संदेश दे रही हैं. दरअसल 90 की उम्र आते-आते ज्यादातर बुजुर्ग (90 Year Old Women) सोचने लगते हैं कि वह कुछ नया नहीं सीख सकते. लेकिन रेशमी बाई तंबर ने इस सोच को काफी पीछे छोड़ दिया है. रेशम बाई तंवर का कहना है कि उनकी उम्र भले ही 90 साल है. लेकिन फिर भी उन्हें गाड़ी चलाना (Car Driving) बहुत अच्छा लगता है. उनका कहना है कि वह पहले भी बहुत बार गाड़ी चला चुकी हैं. इतना ही नहीं वह पहले ट्रैक्टर भी चला चुकी हैं. रेशमी बाई को गाड़ी चालाना बहुत ही पसंद है. 90 साल की उम्र में बुजुर्ग ने चलाई कार 90 साल की बुजुर्ग इस तरह से सदे हुए हाथों से ड्राइविंग कर रही हैं कि उन्हें देखकर लग रहा है कि वह ड्राइविंग में एक्सपर्ट हैं. गाड़ी चलाते हुए वह बहुत ही खुश दिख रही हैं. वेशभूषा से काफी साधारण दिखने वाली रेशमी बाई तंबर का ये वीडियो लोगों को काफी पसंद आ रहा है. इसके साथ ही इस उम्र में सीखते रहने के उनके जज्बे को लोग सलाम कर रहे हैं. ‘रुचि पूरी करने के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं’ 90 साल की दादी का ये वीडियो देखकर सीएम शिवराज सिंह चौहान भी काफी खुश हैं. उनका कहना है कि दादी मां ने सभी को प्रेरणा दी है कि अपनी रुचि पूरी करने के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं होता है. चाहे कितनी भी उम्र हो इंसान के भीतर जीवन जीने का जज्बा होना चाहिए. दादी मां रेशमी बाई के परिवार ने अब उनके लाइसेंस के लिए भी एप्लाई किया है.

महाराष्ट्र : खड़से ने दी बीजेपी को करारी चोट, जलगांव में BJP को बड़ा झटका

मुंबई। महाराष्ट्र के जलगांव जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को ज़बर्दस्त झटका लगा है. जलगांव में बीजेपी में पार्टी के अंदर का असंतोष खुल कर सामने आ गया है. जिले के मुक्ताईनगर और बोधवड नगरपालिका से जुड़े 11 नगरसेवक (Corporators) आज (24 सितंबर, शुक्रवार) शिवसेना (Shiv Sena) में शामिल हो रहे हैं. ये सभी के सभी कॉर्पोरेटर्स मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) की मौजूदगी में शिवबंधन बांधेंगे. प्राप्त जानकारी के मुताबिक जलगांव जिले के 11 नगरसेवकों ने बीजेपी को छोड़ने का फ़ैसला किया है. जलगांव जिले के ये सारे नगरसेवक एकनाथ खडसे (Eknath Khadse) के समर्थक बताए जाते हैं. याद दिला दें कि एकनाथ खडसे पहले बीजेपी में ही थे. जब राज्य में देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) की सरकार बनी थी, तब वे नाराज हो गए थे. वे अपने आप को मुख्यमंत्री के पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार समझ रहे थे, क्योंकि वे फडणवीस सरकार बनने से पहले नेता प्रतिपक्ष भी थे. बाद में बीजेपी छोड़कर वे एनसीपी (NCP) में चले गए. जब से वे एनसीपी में गए हैं तब से बीजेपी को किसी ना किसी तरह से नुकसान पहुंचाते आ रहे हैं. फिलहाल उनके खिलाफ जमीन घोटाले के मामले में ईडी की जांच शुरू है. एकनाथ खडसे बीजेपी को पहुंचा रहे हैं नुकसान, ईडी की कार्रवाई का बदला? महाराष्ट्र के पूर्व राजस्व मंत्री रहे एकनाथ खडसे पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस चल रहा है. ईडी ने पुणे के जमीन घोटाले से जुड़े मामले में उन पर कार्रवाई करते हुए उनकी 5.73 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली है. उनका एक बैंक अकाउंट भी सील किया गया है. उस खाते में कुल 86 लाख रुपए डिपॉजिट थे. इसके अलावा ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उनका लोनावाला का एक बंगला, जलगांव में तीन फ्लैट और जमीन भी जब्त कर लिए हैं. ये सारी प्रॉपर्टी एकनाथ खडसे, उनकी पत्नी मंदाकिनी खडसे और दामाद गिरीश चौधरी के नाम पर है. एकनाथ खडसे ने जब बीजेपी को छोड़ कर एनसीपी ज्वाइन किया था तब कहा था कि अगर मेरे पीछे ईडी लगाई गई तो मैं सीडी निकालूंगा (बीजेपी से जुड़े लोगों के भ्रष्टाचार का खुलासा करूंगा). लेकिन ईडी की जांच शुरू भी हो गई, लोग खडसे की सीडी का इंतजार ही कर रहे हैं. खडसे सीडी तो नहीं ला पाए, लेकिन बीजेपी को नुकसान पहुंचाने का कोई मौका नहीं चूकते हैं. 11 नगरसेवकों की बीजेपी से छुट्टी करवा कर शिवसेना में शामिल करवाना खडसे के बदले की ही एक मिसाल है.

UP में चार साल में 42 साधु-संतों की हत्या ….संपत्ति का लालच मुख्य वजह

कांग्रेस ने पिछले दो साल में 20 साधुओं की हत्या का दावा करते हुए डाटा जारी किया लखनऊ। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और प्रयागराज के बाघंबरी गद्दी मठ के महंत नरेंद्र गिरि की असमय मौत पर उत्तर प्रदेश में राजनीति शुरू हो गई है। चार साल के भीतर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 42 साधु-संतों की हत्या हुई है। कहीं संपत्ति का विवाद था तो कहीं वर्चस्व और गद्दी को लेकर हत्या की बाते सामने आईं। 2019 में श्री निरंजनी पंचायती अखाड़ा के सचिव महंत आशीष गिरि की संदिग्ध हालात में मौत का राज अभी भी खुल नहीं सका है। इसी तरह 2018 में देवरिया में साधु सज्जाराम, हरभजन और चेले की हत्या, रायबरेली में पुजारी प्रेमदास की हत्या भी चर्चा में रही। 2019 में रायबरेली के ऊंचाहार में राम जानकी मंदिर के पुजारी बाबा प्रेमदास का मंदिर के गेट पर लटका मिला था। खास बात यह है उस समय रायबरेली के डीएम संजय खत्री थे, वही अब वर्तमान में प्रयागराज के डीएम हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने पिछले दो साल में 20 साधुओं की हत्या का दावा करते हुए डाटा जारी किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक फोटो जारी किया था। जिसमें उत्तर प्रदेश के नक्शे पर जिलावार आंकड़ा जारी किया गया है। लिखा गया है कि उत्तर प्रदेश में हत्याओं का अंबार है, यह कैसा रामराज्य है। प्रयागराज में आशीष गिरि सुसाइड केस: निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत आशीष गिरि की 17 नवंबर 2019 को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। पुलिस ने रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या करने की बात कही थी। वह पिथौरागढ़ के रहने वाले थे और घटना के वक्त पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के आश्रम दारागंज में रहते थे। औरैया का ट्रिपल मर्डर: 14 अगस्त 2018 को औरेया बिधूना कोतवाली के भयानक नाथ मंदिर में बदमाशों ने चारपाई में हाथ पैर बांधकर साधु लज्जाराम, हरभजन और सेवक की जीभ काटकर हत्या कर दी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने जमकर बवाल किया, जिसमें आगजनी और पथराव में कई लोग घायल हुए थे। बुलंदशहर में गला रेता गया: बुलंदशहर के अनूपशहर थाना क्षेत्र में 28 अप्रैल 2020 को मंदिर में सो रहे साधु गरीबदास उर्फ जगनदास व शेर सिंह उर्फ सेवादास की गला रेतकर हत्या कर दी गई। कबीर मठ के प्रशासनिक अधिकारी की हत्या: लखनऊ में कबीर मठ के प्रशासनिक अधिकारी धीरेंद्र दास की उन्हीं के शिष्य ने साथियों के साथ मिलकर 24 अगस्त 2020 को हत्या कर दी। हत्या के पीछे प्रॉपर्टी का विवाद सामने आया था। 32 तारीखों में 42 हत्याएं 07 अप्रैल 2017: गोसाईगंज थाना क्षेत्र में मनोहर दास (50) की बेरहमी से हत्या। पुजारी के सर, पेट, सीना व गुप्तांग पर वार किया गया था। 20 जून 2017: कुशीनगर पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बेतिया गाँव में स्थित शिव मंदिर के पुजारी जय प्रकाश व उनकी पत्नी की गला काटकर हत्या। 14 जुलाई 2018: मेरठ के भगवानपुर क्षेत्र के अब्दुल्लापुर में साधु क्रांति प्रसाद की पीट-पीटकर हत्या की गई। 18 जुलाई 2018: पीलीभीत में बाबा लाल गिरी की हत्या हुई। 19 अगस्त 2018: मेरठ में पुजारी विनोद व सेवादार सुल्तान की हत्या। 31 अगस्त 2018: पीलीभीत जिला स्थित ग्राम भूड़ कोनी दीनारपुर स्थित शिव मंदिर के पुजारी रामेश्वर दयाल (65) की गला रेत कर हत्या। 31 अगस्त 2018: बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र में थालकला गांव के बाहर काले पहाड़ बाबा मंदिर के पुजारी शमशेर सिंह (65) की धारदार हथियार से हत्या। 13 अगस्त 2018: सुल्तानपुर के पयागीपुर में स्थित पहलवान वीर बाबा मंदिर के पुजारी श्यामलाल (75) की मंदिर परिसर में पीट-पीटकर हत्या। 12 अगस्त 2018: अलीगढ़ जिला के शेखूपुर सटकना में शिव मंदिर के महंत कालिदास, मंदिर में पुजारी सोनपाल और महेंद्र उर्फ बड़ेल की हत्या। 02 जनवरी 2019: रायबरेली के ऊंचाहार में राम जानकी मंदिर के पुजारी बाबा प्रेमदास का शव मंदिर के बाहर फांसी पर लटका मिला। 14 जून 2019: मथुरा में एक साधु की हत्या । 28 अक्टूबर 2019: मुरादाबाद में साधु राजेंद्र गिरि की हत्या। 18 जनवरी 2020: चित्रकूट में महंत अर्जुनदास की हत्या। 25 फरवरी 2020: पीलीभीत में पुजारी विष्णु सहाय की हत्या। 25 अप्रैल 2020: गोरखपुर के बुजारी कोईल दास की हत्या। 14 जुलाई 2020: मेरठ में सेवादार की हत्या। 01 सितंबर 2020: हदरोई में साधु हीरादास, साध्वी मीरा दास व उनके बेटे चेतराम की हत्या। 06 सितंबर 2020: कन्नौज में साधु शालिग्राम की हत्या। 24 सितंबर 2020: बागपत टीकरी में साधु की हत्या। 24 सितंबर 2020: मेरठ की सरधना गंग नहर में साधु वेशभूषा वाले युवक का शव मिला। 09 सितंबर 2020: बिजनौर के ग्राम पहाड़पुर खुर्द में मंदिर परिसर में सो रहे योगानंद महाराज की संदिग्ध परिस्थिति में मौत। 05 अक्टूबर 2020: मथुरा में साधु कैलाश नाथ की हत्या। 10 अक्टूबर 2020: गोंडा में इटियाथोक में रामजानकी मंदिर के महंत सम्राट दास की गोली मारकर हत्या। 11 अक्टूबर 2020: गोंडा में रामजानकी मंदिर के पुजारी बाबा सम्राट दास की गोलीमारकर हत्या। 09 अक्टूबर 2020: बागपत में यमुना नदी में साधु वेशभूषा वाले अधेड़ शव मिला। 05 दिसंबर 2020: गोरखपुर के हरपुर बुदहट में साधु ललई की गला रेतकर हत्या। 04 अप्रैल 2021: गोरखपुर के चौरीचौरा में साधु परोरा की सिर कुचलकर हत्या। 26 जून 2021: बिजनौर में गांव उमरी में मां काली मंदिर के पुजारी दयानंद गिरि की पीटपीट कर हत्या। 29 जून 2021: मेरठ के मुंडाली के बढ़ला गांव में साधु चंद्रपाल की ईंट से कुचलकर हत्या। 15 जुलाई 2021: बुलंदशहर के बुगरासी चौकी के गांव बुकलाना में चामुड़ा मंदिर की साध्‍वी की गला दबाकर हत्‍या। 24 जुलाई 2021: गोरखपुर के मकरहट स्थित रामजानकी मंदिर के साधु राजेंद्र बाबा की संदिग्ध हालात में मौत।

युवक ने शादी का झांसा देकर सौ से ज्यादा लड़कियों को ठगा

पुणे. महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित पिम्परी चिंचवाड़ पुलिस ने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से एक ऐसे आरोपी को पकड़ा है, जिसने अब तक 100 से ज्यादा लड़कियों को शादी का झांसा देकर लाखो रुपये ऐंठे है। जानकारी के मुताबित आरोपी ने बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह की फ़िल्म ‘लेडीज वर्सेस रिकी बहल ‘ देख हाईप्रोफाल लड़कियों को अपना निशाना बनाता था। पुलिस के मुताबित गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान प्रेमराज थेवराज के रूप में हुई हैं , प्रेम शादी की वेबसाइट मेट्रोमोनियल पर नौकरी पेशा , कारोबारी महिला, तलाकशुदा , और विधवा हुई महिलाओं को अपना निशाना बनाता था। आरोपी प्रेम मेट्रोमोनियल वेबसाइट से उनकी पर्सनल जानकारी निकाल कर उन्हें अपना  निशाना बनाया करता था। पिम्परी – चिंचवाड़ के अंतर्गत आनेवाले निगड़ी पुलिस के वरिस्ठ पुलिस निरीक्षक गणेश जवादवाड़ के मुताबित आरोपी प्रेमराज ने पिम्परी – चिंचवाड़ की कई महिलाओं को अपना निशाना बनाया था, जिसमे से शिकार हुई महिला की फर्याद उनके पास आई थी। जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछा कर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आरोपी प्रेमराज को धर दबोचा । पुलिस के मुताबित आरोपी ने शहर के रहने वाली एक लड़की को रेलवे का ठेकेदार बन कर मिला था। फिर उससे 12 लाख रुपये ऐंठ कर वह वहाँ से फरार हो गया । शिकायतकर्ता महिला के अनुसार आरोपी ने उन्हें चेन्नई बुलाकर फेक शादी भी की थी। जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाते हुए पीड़ित महिला के द्वारा आरोपी को पैसे देने के बहाने पुणे बुलाया । आरोपी मंगवालर के दिन जैसे ही पुणे ऐयरपोर्ट पर पहुँचा, वहा पुलिस ने उसे घर दबोचा। पुलिस के अनुसार आरोपी ने इससे पहले चेन्नई में एक महिला को अपना शिकार बनाते हुए 98 लाख रुपये का चूना लगाया था। पुलिस को आरोपी के पास से 13 अलग – अलग कंपनी के सिमकार्ड , 7 मोबाइल फ़ोन , 4 एटीएम कार्ड , 2 आधार कार्ड , पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस मिले है। फिलहाल पुलिस आरोपी प्रेमराज को गिरफ्तार कर आगे की कार्यवाई कर रही है  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet