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राशिफल मंगलवार 08 अक्टूबर 2024

मेष: मेष राशि वालों को आज चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। खुद पर भरोसा करें। अपने फैसलों के बारे में क्लियर रहें। जल्दबाजी मे गलतियां करने से बचें। सेहत पर ध्यान दें। अगर कोई टास्क ज्यादा रिस्की लगता है तो दूसरों को काम सौंपने या हेल्प लेने में संकोच न करें। कुछ बदलाव आपको परेशान कर सकते हैं लेकिन सावधानी से आगे बढ़ें। अपने काम में समझदारी बरतना महत्वपूर्ण है। वृषभ: वृषभ राशि वालों आज उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करें, जो वास्तव में आपके लिए मायने रखती हैं। याद रखें कि सफलता ऐसे विकल्प चुनने से आती है, जो आपके लक्ष्य के अनुसार हों। आप वास्तव में जो चाहते हैं उस पर ध्यान देकर आप जीवन के नए अवसरों को अपनाने के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकेंगे। अपने गोल्स पर फोकस करने के लिए समय निकालें। मिथुन: मिथुन राशि के जातक आज अपनी प्राथमिकताओं पर फोकस करें। सफलता पाना ही आपका मोटिव होना चाहिए। आज इस बात पर गौर करें की आपके लक्ष्य आपकी जरूरतों और इच्छाओं के साथ मेल खा रहे हैं या नहीं। कभी-कभी हम जो सोचते हैं, वह पूरा नहीं कर पाते हैं। इसमें उदास होने वाली कोई बात नहीं है। ऐसे विकल्प चुनने के लिए समय निकालें, जो आपके लॉंग टर्म गोल्स से मेल खाते हों। कर्क: कर्क राशि के जातकों को आज अपने रास्ते में आने वाली अच्छी चीजों के लिए तैयार रहना चाहिए। उन मौकों को अपनाएं जो आपका इंतजार कर रहे हैं। जीवन में विकास की प्रक्रिया पर भरोसा रखें। याद रखें कि हर बंद दरवाजा नए अवसरों की ओर ले जाता है। हो सकता है जल्द ही एक और मौका आपके सामने आने वाला है। आगे क्या होने वाला है उस पर ध्यान केंद्रित करें। सिंह: आज सिंह राशि के जातकों के लिए बदलावों भरा दिन साबित हो सकता है। कभी-कभी हमारी इच्छा के बावजूद, लोग उस तरह नहीं बर्ताव कर पाते जैसा हम उम्मीद करते हैं। चेंज की भावना भीतर से आनी चाहिए। यह ऐसी चीज नहीं है, जिसे हम दूसरों पर थोप सकते हैं। इस बात को स्वीकार करने से शांति की फीलिंग और समझ के साथ आगे बढ़ने की क्षमता पैदा हो सकती है। कन्या: कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन पॉजिटिव न्यूज लेकर आ सकता है। जल्दबाजी में आकर गलत डिसीजन न लें। अपने आस-पास की पॉजिटिव एनर्जी को अपनाएं। चाहे यह किसी प्रोजेक्ट पर पॉजिटिव फीडबैक हासिल करना हो या आइडिया एक्सेप्ट किए जाने और जश्न मनाने की भावना हो, संकेत एक शानदार दिन की ओर इशारा कर रहे हैं। अपनी इच्छाओं पर कंट्रोल बनाए रखें। तुला: तुला राशि के जातकों आज का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। करियर, परिवार और पार्टनरशिप के मामलों में आज खास ध्यान देने की जरूरत है। अगर आप सोच रहे हैं कि क्या आपका पार्टनर वास्तव में आपकी परवाह करता है, तो यह जानने के लिए आपकी उनके एक्शन व हाव-भाव पर नजर रखनी होगी। अपने आस-पास की पॉजिटिविटी पर ध्यान दें। अपनी बॉडी को हाइड्रेटेड रखें। वृश्चिक: आज के दिन वृश्चिक राशि वाले एक साथ कई कार्य करने में सक्षम हो सकते हैं। सेहत को लेकर काम और पर्सनल लाइफ के बीच बाउन्ड्री बनाना अच्छा रहेगा। पहचानें कि आपके लिए क्या बेस्ट है, भले ही इसका मतलब कभी-कभी दूसरों को निराश करना हो। दिल की आवाज पर भरोसा रखें। याद रखें कि नो कहना ठीक है और जब जरूरत पड़े तो खुद को ही चुनें। खुद की देखभाल को प्राथमिकता देना जरूरी है। धनु: धनु राशि के जातकों को अपनी खर्च करने की आदतों पर आज नजर रखनी चाहिए। फालतू चीजों की खरीदारी आकर्षक लग सकती है, लेकिन अच्छे और स्टेबल फ्यूचर के लिए बैलेंस जरूरी है। याद रखें, बचाया गया पैसा कमाया हुआ पैसा है। अपने सेविंग्स प्लान पर बारीकी से नजर डालें। देखें कि आप कहां बदलाव कर सकते हैं। संयम बरतने से, आप लंबे समय में अधिक लाभ कमाने के लिए खुद को तैयार कर लेंगे। मकर: मकर राशि वाले खुद को आज के दिन की एनर्जी का आनंद लेते हुए पाएंगे। ग्रहों की चाल के अनुसार, प्यार और धन के मामले में चीजें बेहतर हो रही हैं। इस बारे में डाउट होना नॉर्मल है कि आपके प्रयासों की तारीफ की जाएगी या नहीं। आज का राशिफल आपको पॉजिटिव सोच अपनाने की सलाह दे रहा है। रिलेशन को बनाए रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा वक्त पार्टनर के साथ स्पेन्ड करें। जरूरी मुद्दों पर बात करें। कुंभ: आज कुंभ राशि वाले खुद को मुश्किल सिचूऐशन का सामना करते हुए पा सकते हैं। आज का दिन थोड़ा कठिन लग सकता है। याद रखें कि ऐसा कुछ भी ऐसा नहीं है, जिसे आप संभाल नहीं सकते। कठिन परिस्थितियों से निपटने की अपनी क्षमता पर विश्वास करें। फिट रहने के लिए हेल्दी खाएं। आपके रास्ते में जो भी आएगा, उससे निपटने के लिए आपके पास आपकी क्रिएटिविटी और स्किल्स हैं। मीन: मीन राशि के लोगों अब समय आ गया है कि टॉक्सिक चीजों को लेट गो किया जाए। सेहत पहले से बेहतर होगी। कुछ अच्छा करने की दिशा में नए प्रोजेक्ट की शुरुआत हो सकती है। आज खुद को ऐसी सिचूऐशन में पाएंगे, जहां आपको थोड़ा दबाव महसूस हो सकता है। भरोसा रखें कि आपके जीवन का अगला चैप्टर सुधार का है। हो सकता है इसका मतलब किसी व्यक्ति को अलविदा कहना हो।

शारदीय नवरात्रि 2024: पांचवे दिन मां स्कंदमाता पूजा विधि

नवरात्रि के पांचवे दिन मां दुर्गा के पांचवे स्वरुप स्कंदमाता की पूजा अर्चना की जाती है। स्कंदमाता माता की पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों का माश होता है। स्कंदमाता अपने भक्तों के सभी काम बना देती हैं। असंभव से असंभव कार्य उनकी पूजा से पूरे हो जाते हैं। साथ ही स्कंदमाता की पूजा अर्चना करने से व्यक्ति को संतान सुख की प्राप्ति भी होती है। साथ ही व्यक्ति को सभी दुख दर्द से छुटकारा मिलता है। आइए जानते हैं स्कंदमाता की पूजा विधि, भोग, मंत्र और स्तोत्र आदि… स्कंदमाता का स्वरुप भगवान शिव की अर्धांगिनी के रुप में मां ने स्वामी कार्तिकेय को जन्म दिया था। भगवान कार्तिकेय का दूसरा नाम स्कंद है इसलिए मां दुर्गा के इस रुप को स्कंदमाता कहलाया। मां स्कांदमाता की चार भुजाएं हैं। मां भगवान कार्तिकेय को अपनी गोद में लेकर शेर पर सवार रहती है। मां के दोनों हाथों में कमल है। साथ ही स्कंदमाता की पूजा में धनुष बाण अर्पित करने चाहिए। स्कंदमाता का भोग स्कंदमाता को पीले रंग की वस्तुएं सबसे अधिक प्रिय है। माता को केले का भोग लगाना चाहिए। उन्हें पीले रंग के फूल और फल अर्पित करने चाहिए। स्कंदमाता को आप चाहे तो केसर की खीर का भोग लगा सकते हैं। साथ ही मां को हरी इलायची भी अर्पित करके लौंग का जोड़ा चढ़ाएं। स्कंदमाता को कौनसा रंग प्रिय है स्कंदमाता की पूजा में पीले रंग के वस्त्र पहनने चाहिए। आप चाहे तो सुनहरे रंग के वस्त्र भी पहन सकते हैं। साथ ही स्कंदमाता को भी इसे रंग के वस्त्र अर्पित करें। मां स्‍कंदमाता का ध्यान मंत्र सिंहासना गता नित्यं पद्माश्रि तकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।। या देवी सर्वभू‍तेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। स्कंदमाता की पूजा विधि     रोजाना की तरह सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर लें और पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध कर लें।     इसके बाद लकड़ी की चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछा लें और स्कंदमाता की मूर्ति या फिर तस्वीर को स्थापित करें।     फिर स्कंदमाता को पीले फूल से श्रृंगार का सामान अर्पित करें। साथ ही पीले रंग के वस्त्र भी पहनाएं।     इसके बाद स्कंदमाता का ध्यान करते हुए उनके मंत्र का 108 बार जप करें और उन्हें पान का पत्ता, इल्याची, लौंग आदि चीजें अर्पित करें। फिर दुर्गासप्तशती का पाठ करें।     इन सबसे बाद स्कंदमाता की आरती करके सभी को प्रसाद वितरीत कर दें। अंत में मां के सामने शिश झुकार आपकी जो भी मनोकामना हो उसे बोंलें। मां स्‍कंदमाता की आरती जय हो स्कंद माता। पांचवा नाम तुम्हारा आता।। सब के मन की जानन हारी। जग जननी सब की महतारी।। जय हो स्कंद माता। पांचवा नाम तुम्हारा आता।। तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं। हरदम तुम्हें ध्याता रहूं मैं।। कई नामों से तुझे पुकारा। मुझे एक है तेरा सहारा।। जय हो स्कंद माता। पांचवा नाम तुम्हारा आता।। कही पहाड़ो पर हैं डेरा। कई शहरों में तेरा बसेरा।। हर मंदिर में तेरे नजारे। गुण गाये तेरे भगत प्यारे।। भगति अपनी मुझे दिला दो। शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो।। इंद्र आदी देवता मिल सारे। करे पुकार तुम्हारे द्वारे।। दुष्ट दत्य जब चढ़ कर आएं। तुम ही खंडा हाथ उठाएं।। दासो को सदा बचाने आई। ‘चमन’ की आस पुजाने आई।। जय हो स्कंद माता। पांचवा नाम तुम्हारा आता।। अंत में क्षमा प्रार्थना जरूर पढ़े अपराधसहस्त्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया। दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरि॥1॥

राशिफल सोमवार 07 अक्टूबर 2024

मेष: आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। काम में वृद्धि होगी। सेहत का ध्यान रखें। आपसे जिम ज्वाइन करने या फिटनेस रूटीन अपनाने के बारे में बात की जा सकती है। आपको पैसे के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। आपको पैसे के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है।   वृषभ: करियर में नई पहचान बना सकते हैं। मन प्रसन्न तो रहेगा। फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखें। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी का साथ रहेगा। आज एक्सरसाइज करने से आप ज्यादा एनर्जी महसूस करेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।  आज आप परिवार के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं। धन की स्थिति अच्छी रहेगी। मिथुन: करियर में कोई बड़ी उपलब्धि पा सकते हैं। मन परेशान हो सकता है। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें तथा बातचीत में भी संतुलित रहें। संतान व जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। जो लोग खराब मौसम का अनुभव कर रहे हैं उनमें सुधार दिखने की संभावना है। आज किसी बुजुर्ग से महत्वपूर्ण मामले में सलाह ले सकते हैं।  आज शहर से बाहर यात्रा के योग बन रहे हैं। कर्क: मन परेशान रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। किसी दूसरे स्थान पर भी जाना पड़ सकता है। परिवार की समस्याएं परेशान कर सकती हैं। पिता का साथ मिलेगा। सेहत के मोर्चे पर आपके फिट रहने के प्रयास सफल होंगे। आज किसी को ऑफिस में अचानक मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।  कोई मित्र या रिश्तेदार आज आपके घर आ सकता है और दिन को खुशनुमा बना सकता है। शैक्षणिक मोर्चे पर आज अच्छा करेंगे। सिंह: आज शाम तक कोई सुखद समाचार मिल सकता है। मन अशांत रहेगा। अपनी भावनाओं को वश में रखें। नौकरी के लिए साक्षात्कारादि कार्यों में सफलता मिलेगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। आज व्यापारी धन जुटाने में सफल रहेंगे।  आज कुछ लोगों को पैतृक संपत्ति विरासत में मिल सकती है। कन्या: आज आपको धन जुटाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। कार्यस्थल पर किसी मुश्किल काम को करने से आप प्रसन्न होंगे। आपका पॉजिटिव एटीट्यूड घर को एक खुशहाल जगह बनाने में मदद करेगा। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अच्छी तैयारी की आवश्यकता होगी। मित्रों से सद्भाव बनाए रखें। सेहत के प्रति सचेत रहें। कुटुंब की किसी महिला से धन मिल सकता है। वाहन सुख में वृद्धि। तुला: आज आपने जो सोचा है उसे लागू करने के लिए दिन अच्छा है। शैक्षणिक मोर्चे पर आज लो प्रोफाइल रहना महत्वपूर्ण रहेगा। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, परंतु मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर भी मिल सकते हैं। आज आपको एक्सरसाइज करने का पूरा लाभ मिलेगा। आप आज कर्ज चुकाने की स्थिति में आ सकते हैं। संपत्ति बेचने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए दिन पॉजिटिव रहेगा। वृश्चिक: आज किसी सोशल प्रोग्राम में आपकी कई महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात होने की संभावना है। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन अशांत रहेगा। व्यर्थ के क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलित रहें। सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में लाभ में वृद्धि होगी। आज आपकी सेहत में सुधार होगा। आर्थिक रूप से आपका दिन अच्छा रहने वाला है। आज आपके पास पैसा आएगा। अच्छी नेटवर्किंग आपको जगह दिलाएगी, लेकिन आपको अपने संपर्कों को फ्रेश करने की जरूरत होगी। धनु: आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे, परंतु आय में कमी व खर्च अधिक की स्थिति से परेशान भी हो सकते हैं। पिता से धन मिल सकता है। परिवार का साथ मिलेगा। आप अपने पैसे के मामले में किसी पर भरोसा करके अपनी उंगलियां जला सकते हैं। बार-बार यात्रा करने वालों को फिट रहने के लिए मौसम का ध्यान रखना होगा।  धन की स्थिति अच्छी रहेगी लेकिन बढ़े हुए खर्च आपका मानसिक तनाव बढ़ा सकते हैं। मकर: किसी बड़े बुजुर्ग से अच्छी सलाह मिल सकती है। मन परेशान रहेगा। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। लाभ के अवसर भी मिलेंगे। आपको निवेश का अच्छा रिटर्न मिल सकता है। आज आपको पर्याप्त मात्रा में धन मिल सकता है। कार्यस्थल पर आपको कोई नया प्रोजेक्ट मिल सतता है। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात संभव है। सेहत अच्छी रहेगी। कुंभ: मन परेशान हो सकता है। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी हो सकता है। किसी दूसरे स्थान पर जाना हो सकता है। आज आप फिट रहेंगे। आज आपके सामने खर्चे सामने आ सकते हैं। करियर में कोई नई उपलब्धि हासिल हो सकती है। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। मीन: आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। शैक्षणिक मोर्चे पर आपका प्रदर्शन अच्छा रहने वाला है। कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की संभावना है। संयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखें। परिवार में भी शांति बनाए रखने का प्रयास करें। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। मीठे खान-पान के प्रति रुझान बढ़ेगा। आज ऑफिस में गलतियों से बचने के लिए अपने दिमाग को तनावमु्क्त रखें। आज अपने करीबियों के साथ समय बिता सकते हैं।

शारदीय नवरात्रि 2024: चौथे दिन माँ कुश्मांडा पूजा विधि, भोग और मंत्र

शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा शुरू की जाती है। मां कूष्मांडा की मंदबुद्धि मुस्कान से ही इस दुनिया ने ली थी सांस, यानि कि सृष्टि से ही हुई थी सृष्टि की शुरुआत। जब सृष्टि में चारों तरफ का अंधेरा फैला हुआ था। तब देवी कूष्माण्डा ने अपनी मंदबुद्धि मुस्कान से अंधकार का नाश करके सृष्टि में प्रकाश डाला था। माँ कूष्माण्डा को मध्य में ब्रह्मा का वास माना जाता है और वह पूरे ब्रह्मा की रक्षा करती हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा कैसे शुरू होती है। माँ कूष्माण्डा की पूजा से क्या लाभ होता है जो व्यक्ति माँ कूष्माण्डा के हृदय से पूजा करवाता है उससे उसके सभी रोग दोष नष्ट हो जाते हैं। साथ ही मां कूष्मांडा श्यामा पूजा से व्यक्ति को यश, बल और धन की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन से सारा डार्कनेस दूर होता है। यदि विद्यार्थी मां कूष्माण्डा की पूजा करते हैं तो विवेक बुद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही व्यक्ति की सारी भावनाएं भी पूरी होती हैं। माँ कूष्माण्डा का स्वरूप माँ कूष्माण्डा को अष्टभुजा देवी कहा जाता है। उनके आठ भुजाएँ हैं। मां कूष्मांडा के हाथों में धनु, बाण, पुष्प कमल, चक्र, गदा, कमंडल, जप माला और अमृतपूर्ण कलश कहा जाता है। मां कुष्मांडा सिंह की सवारी है। मां कूष्मांडा की पूजा में हरे रंग का प्रयोग सबसे ज्यादा करना चाहिए। माँ कूष्माण्डा को हरा रंग और नीला रंग अति प्रिय है। मां कूष्मांडा की पूजा विधि सबसे पहले सूर्योदय से पहले ही स्नान कर लें और हरे रंग के वस्त्र धारण करें। इसके अलावा आप नीले रंग के परिधान भी धारण कर सकते हैं।  सबसे पहले रोज की तरह कलश की पूजा करें। कलश का तिलक करें।  मां कूष्मांडा का पंचामृत से स्नान कराके उन्हें हरे रंग के वस्त्र से निर्वस्त्र करें।  इसके बाद मां कूष्मांडा का ध्यान करते हुए उनके मंत्र का जाप करें। ध्यान के बाद इन्हें लाल फूल, सफेद कुम्हड़ा, फल, सुखे मेवे आदि सुरक्षित करें।  इसके बाद मां कूष्मांडा की आरती करें और फिर अंत में मां को भोग लगाएं। मां कूष्मांडा का ध्यान मंत्र या देवी सर्वभू‍तेषु मां कूष्मांडा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ इस मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें। जिस देवी की पूजा में आप भी उनकी पूजा करें, ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥ मंत्र से सुरक्षित करें। माँ कूष्माण्डा का भोग देवी कूष्माण्डा को पेठा जिसे कुम्हारा भी कहते हैं अधिक प्रिय है। इसके अलावा मां कूष्माण्डा को दही और हलवे का भोग भी लगाया जा सकता है। कूष्माण्डा माता की आरती कूष्माण्डा जय जग सुखदानी। मुझ पर दया करो महारानी॥ पिगंला विद्वत निराली। शाकंबरी माँ भोली भाली॥ करोड़ नाम निराले तेरे। भक्त मतवाले तेरे॥ भीमा पर्वत पर स्थित है। स्वीकारो प्रणाम ये मेरा॥ ब्रह्माण्ड सुनती हो जगंबे। सुख पसंद हो माँ अम्बे॥ तेरे दर्शन का मैं प्यासा। पूर्ण कर दो मेरी आशा॥ माँ के मन में ममता भारी। क्यों ना सुनेगी अरज हमारी॥ तेरा दर पर काम है। दूर करो माँ संकट मेरा॥ मेरा कर्ज पूरा कर दो। मेरे तुम भंडारे भर दो॥ तेरा दास तू ही ध्याए। भक्त तेरा दर शीश झुकाए॥

31 अक्टूबर या 1 नवंबर, कब मनाई जाएगी दीपावली कन्फ्यूजन जारी ? ज्योतिषी ने दूर किया भ्रम

 हर साल की तरह इस साल भी दिवाली का त्योहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाएगा, लेकिन इस बार तिथि की शुरुआत और समापन के बीच त्योहार मनाने की तारीखों को लेकर असमंजस खड़ी हो गई है. हिंदू धर्म के बड़े त्योहारों में से एक दिवाली को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है. इसकी तैयारी महीनों पहले शुरू हो जाती है. इस दिन भगवान श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के बाद वापिस अयोध्या आए थे, लेकिन इस बार दिवाली 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी या फिर 1 नवंबर को इसको लेकर बड़ी असमंजस बनी हुई है. सनातन धर्म के पर्वों की तिथियों को लेकर अक्सर मतभेद रहता है. देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग पंचांगों के अनुसार ज्योतिर्विद पर्वों की तिथियों का निर्धारण कर देते हैं. ऐसा ही कुछ इस बार दीपावली के पर्व पर भी हुआ है. काशी में जहां एक ओर दीपोत्सव का पर्व 31 अक्टूबर तय हो गया है तो वहीं अयोध्या सहित पश्चिम यूपी में 1 नवंबर को दिवाली के मनाने की बात सामने आ रही है. तो आइए जानते हैं कि ज्योतिष और धर्म शास्त्र के मुताबिक, दीपावली का यह महत्वपूर्ण पर्व कब मनाया जाएगा. काशी के ज्योतिष ने दिवाली की तिथि को लेकर क्या कहा काशी के ज्योतिष ऋषि द्विवेदी ने बताया कि सनातन धर्म में कार्तिक अमावस्या को दीपोत्सव या दीपावली मनाया जाता है. जिसका सभी पर्वों में अपना एक विशिष्ट स्थान है. वहीं, कार्तिक अमावस्या इस बार दो दिन है. इस बार कार्तिक अमावस्या तिथि 31 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 12 मिनट से लग रही है जो अगले दिन 1 नवंबर को सायं 5 बजकर 13 मिनट तक रहेगी. देखा जाए तो इस बार दीपावली की तिथि के निर्णय ने लोगों में संशय प्रकट कर दिया है. ज्योतिष ऋषि द्विवेदी ऐसे संदर्भ में धर्म सिंधु का निर्णय सर्वोपरि माना जाता है. जिसके अनुसार कहा गया है कि “पूर्वत्रैव प्रदोष व्याप्तौ लक्ष्मीपूजनादौ पूर्वा अभ्यंग स्नान दौ परा” अर्थात यदि कार्तिक अमावस्या दो दिन हो तो उसमें पूर्व दिन लेना चाहिए. कारण है कि अमावस्या प्रदोष और रात्रि व्यापिनी में होनी चाहिए जो कि इस बार 31 अक्टूबर की अमावस्या प्रदोष और रात्रि में ही मिलेगी. इसलिए, दीपावली शास्त्रानुसार 31 अक्टूबर को मनाना शास्त्र संवत है. क्योंकि 1 अक्टूबर को रात्रि काल में अमावस्या नहीं मिल रही है इसलिए उस 1 नवंबर को दीपावली मनाना शास्त्र संवत नहीं है. उन्होंने आगे यह चुनौती भी दी कि जो लोग 1 नवंबर को दीपावली मनाने का दावा कर रहें हैं उन्हें शास्त्र की आज्ञा को प्रकट करना चाहिए. वाराणसी ज्योतिषाचार्य श्रीधर पांडेय का पक्ष वहीं, वाराणसी के ज्योतिषाचार्य श्रीधर पांडेय ने बताया कि दीपावली की पूजा अमावस्या में होती है और अमावस्या की रात्रि महाकाली की रात्रि होती है. 31 अक्टूबर 2024 को दोपहर 3 बजकर 12 मिनट के बाद अमावस्या लग रही है जो अगले दिन 1 नवंबर को शाम 5 बजकर 14 मिनट तक रहेगी. इसलिए, दीपावली का मान 31 अक्टूबर को ही है. दीपावली के पर्व पर महारात्रि में अमावस्या मिलनी चाहिए और इसमें उदया तिथि की मान्यता नहीं होती है. ज्योतिषाचार्य श्रीधर पांडेय माना जाता है कि अमावस्या की काली रात में माता लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं. उस समय जो लोग अपने घरों और दरवाजे पर दीपक जलाते हैं और महानिशा काल में पूजन करते हैं, उन पर मां लक्ष्मी की कृपा होती है. कई जगहों पर उदया तिथि का तर्क देकर दीपावली को 1 नवंबर को मनाने का प्रचार अपने-अपने पंचांग के मुताबिक किया जा रहा है जो सरासर गलत और भ्रमित करने वाला है. धर्म शास्त्रों के अनुसार, 31 अक्टूबर की रात्रि ही दीपावली मनाई जाएगी. ज्योतिष उमंग नाथ शर्मा का तथ्य वाराणसी के एक अन्य ज्योतिष उमंग नाथ शर्मा ने बताया कि 31 अक्टूबर को ही दीपावली मनाई जाएगी. क्योंकि, रात्रि में अमावस्या का मिलना आवश्यक होता है और काशी से जितने भी पंचांग निकलते हैं उनकी गणित शास्त्रीय विधि से पूर्ण रहती है. सिंधु ग्रंथ में संदेहास्पद तिथि और पर्व को नक्षत्र और तिथि के अनुसार तय किया जाता है कि कब और किस दिन पर्व मनाए जाएंगे. निर्णय सिंधु के आधार पर पूर्ण रूप से दीपावली का पर्व 31 अक्टूबर को ही मनाई जाएगी. पूर्वांचल की तुलना में पश्चिम में सूर्योदय का समय भिन्न होता है जिसकी वजह से उदया तिथि के अनुसार चलने वाले कई जगहों पर 1 नवंबर को दीपावली मनाने की बात सामने आ रही है. जो शास्त्र संवत नहीं है. प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताई दीपावली की तिथि वहीं, काशी विद्वत परिषद के महामंत्री और बी.एच.यू संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के प्रो. रामनारायण द्विवेदी के अनुसार 31 अक्टूबर को पूर्णकालिक प्रदोष व्यापिनी अमावस्या मिलने के कारण और धर्मसिंधु ग्रंथ के अनुसार यदि ये खास अमावस्या जिस दिन प्राप्त होती है उसी दिन दीपोत्सव मनाने के विधान शास्त्रों में बताए गए हैं. प्रो. रामनारायण द्विवेदी श्री काशी विद्वत परिषद तिथि पर्व निर्णय के अनुसार भी, 31 अक्टूबर को ही दीपावली मनाई जाएगी. दरअसल, 1 नवंबर को अमावस्या पूर्णकालिक प्रदोष व्यापिनी से न मिलकर अंशकालिक ही मिल रही है जिस वजह से जो शास्त्र संवत नहीं है. इसलिए दीपावली का पर्व 31 अक्टूबर को मनाना ही शास्त्र संवत है. काशी के सभी पंचांगकारों ने 31 अक्टूबर को ही दीपोत्सव मनाने का विधान लिखा है. दीपावली का पर्व प्रदोष काल का ही पर्व होता है. इसलिए इसमें उदया तिथि के गृहीत का विधान नहीं है. यह है दिवाली का शुभ मुहूर्त  इस बार तारीख के साथ ही दिवाली के शुभ मुहूर्त को लेकर भी असमंजस है. ऐसे में दिवाली का पहला शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में शाम 5 बजकर 36 मिनट से लेकर रात के 8 बजकर 11 मिनट तक रहेगा. वहीं वृषभ काल में शुभ मुहूर्त शाम के 6 बजकर 20 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 15 मिनट तक रहेगा. इस समय में लक्ष्मी पूजन करना शुभ होगा. 

राशिफल रविवार 06 अक्टूबर 2024

मेष राशि कल का राशिफल मेष राशि के जातकों के लिएआज दिन कुछ टेंशन लेकर आने वाला है. आपको अपने कामों को पूरा करने में काफी मेहनत मशक्कत लगेगी. स्वास्थ्य भी आपका कुछ उतार-चढाव भरा रहेगा, जो आपकी समस्या को बढ़ाएगा. आपको पारिवारिक समस्याओं को किसी बाहरी व्यक्ति के सामने उजागर नहीं करना है, नही तो वह इसका फायदा उठा सकते है. ससुराल पक्ष से  आपको धन लाभ मिलने की संभावना है. आपकी कार्यक्षेत्र में किसी से बेवजह बहस बाजी हो सकती है. वृषभ राशि कल का राशिफल वृषभ राशि के जातकों को  अपने कामों में जोखिम थोड़ा सोच समझ कर उठना होगा. आपको कोई किसी से कोई वादा करने से पहले उसे पूरा करने के बारे में अवश्य सोचें, क्योंकि आपके पास धन को लेकर कुछ समस्याएं बनी रहेगी. कुछ मौसमी बीमारियां आपको अपनी चपेट में ले सकती है, जिससे आपको बचना होगा. आप जीवनसाथी के लिए कोई डिसीजन बहुत ही सोच विचार कर लें. विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई लिखाई में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ेगा. मिथुन राशि कल का राशिफल मिथुन राशि के जातकों के लिए आज दिन बिजनेस के मामले में अच्छा रहने वाला है. आप अपने कामों को लेकर काफी उत्साहित रहेंगे. कोई बड़ा टेंडर भी आपको मिलने की संभावना है. आप अपना कुछ समय परिवार के सदस्यों के साथ व्यतीत करेंगे, जिससे आपको अपनी संतान के मन में चल रही बातों को जानने की कोशिश करनी होगी. आपका कोई मित्र  आपसे मेल मिलाप करने आ सकता है. आपको अपने आसपास रह रहे विरोधियों से सावधान रहने की आवश्यकता है. कर्क राशि कल का राशिफल कर्क राशि के जातकों को  अकस्मात धन लाभ मिलने की संभावना है व अपने किसी नए घर को लेकर काम शुरू कर सकते हैं, जो उनके लिए अच्छा रहेगा. शेयर मार्केट में भी आपको मार्किट की चाल को देखकर निवेश करने की आवश्यकता है.  आपके परिवार में कोई  मांगलिक कार्यक्रम होने से माहौल खुशनुमा रहेगा. आपको अपने कामों को किसी दूसरे के भरोसे नहीं डालना है. सिंह राशि कल का राशिफल सिंह राशि के जातकों के लिए आज दिन को समस्याओं भरा रहने वाला है. आपका कोई पुराना विवाद उभरने की संभावना है. आप अपनी पर्सनल बातें किसी मित्र से शेयर ना करें. आपको वैवाहिक जीवन में कुछ समस्याएं हो सकती हैं.  आप अपने करियर को लेकर थोड़ा परेशान रहेंगे, लेकिन आपको किसी नई नौकरी का ऑफर भी आने की संभावना है. पिताजी को  आप कोई उपहार दे सकते हैं. आपको अधिक काम करने के कारण शारीरिक थकान व कमजोरी होने हो सकती है. कन्या राशि कल का राशिफल कन्या राशि के जातको के लिए दिन  आत्मविश्वास से भरपूर रहने वाला है. आपके किसी पर आंख मूंद कर भरोसा ना करें, नहीं तो समस्या हो सकती है. परिवार के सदस्यों का सहयोग आपको भरपूर मात्रा में मिलेगा. आप अपने परिवार के सदस्यों के साथ कुछ समय मौज-मस्ती करने में व्यतीत करेंगे. आपको कार्य क्षेत्र में अपने पार्टनर से धोखा मिलने की संभावना है, इसलिए आप अपनी आंख व  कान खुले रखें . तुला राशि कल का राशिफल तुला राशि के जातकों के लिए आज दिन कुछ खास रहने वाला है. परिवार में आप अपनी संतान से कुछ जरूरी कामों को लेकर बातचीत कर सकते हैं. आपका कोई पुराना काम पूरा होने से आपको खुशी होगी.  आप अपने घर परिवार में कामों को लेकर प्लानिंग करके आगे बढ़ेंगे, जिसमें माता-पिता आपको कोई अच्छी सलाह दे सकते हैं.  आप किसी धार्मिक आयोजन में सम्मिलित होंगे, जिससे आपके मन में उत्साह बना रहेगा. वृश्चिक राशि कल का राशिफल वृश्चिक राशि के जातकों के लिए दिन आपके लिए किसी बड़े परिवर्तन को करने के लिए रहेगा, जो विद्यार्थी विदेश जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं, उन्हें  कोई अच्छा असर मिल सकता है.  आपको अपने घर परिवार के कुछ कामों को पूरा करने के लिए काफी मेहनत मश्कत करनी होगी, नहीं तो आपको अपने बिजनेस में भी सफलता मिलेगी. आप किसी से धन उधार ले सकती है और चुटपुट लाभ की योजनाओं पर पूरा ध्यान देना होगा. धनु राशि कल का राशिफल धनु राशि के जातक किसी नए काम की शुरुआत कर सकते हैं, जो आपके लिए अच्छी रहेगी. आपके स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव बने रहेंगे. आपको पार्टनरशिप में किसी काम को करने पर ध्यान देने की आवश्यकता है. संतान आपकी उम्मीदो पर खरी उतरेगी. आपको अपनी तरक्की की राह में आ रही बाधाओ को दूर करने की आवश्यकता है. आप बिजनेस में किसी से धन उधार ना लें, नहीं तो आपको उसमें समस्या हो सकती है. मकर राशि कल का राशिफल मकर राशि के लिए आज दिन स्वास्थ्य के लिहाज से कमजोर रहने वाला है.  आपको अपने कामों में अच्छा लाभ न मिलने से मन में थोड़ी निराशा तो रहेगी. किसी नए काम को शुरुआत करने से बचें, कोई वाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो, तो आप उसमें चुप लगाये. छोटे बच्चों के लिए आप कोई उपहार लेकर आ सकते हैं. आपको संतान की पढ़ाई लिखाई पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि वह किसी गलत राह पर आगे बढ़ सकते हैं. कुंभ राशि कल का राशिफल कुंभ राशि के जातकों के लिए आज दिन बाकी दिनों की तुलना में बेहतर रहने वाला है.  आप अपने घर की साज सज्जा पर ज्यादा ध्यान देंगे, जिसके लिए आप कहीं शॉपिंग  पर भी जा सकते हैं. आपको  किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा. विद्यार्थीयो के मन में यदि किसी बात को लेकर भय बना हुआ है, तो उसके लिए आप अपने अध्यापकों से बातचीत कर सकते हैं. आपको  किसी से कोई वादा करने से बचना होगा और अपने खर्चों पर पूरा ध्यान दें. मीन राशि कल का राशिफल मीन राशि के जातकों के लिए आज दिन लाभदायक रहने वाला है. नौकरी को लेकर यदि आप परेशान चल रहे थे, तो आपकी वह चिंता भी दूर होगी और किसी कानूनी मामले में आपको जीत मिलने से आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा. जीवन साथी को  कार्य क्षेत्र में कोई नया पद मिल सकता है. कल आपको कार्यक्षेत्र में कोई गलती दौहराने  से बचना होगा, नहीं तो उसमे आपसे कोई गलती हो सकती है.

शारदीय नवरात्रि 2024: तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा पूजा विधि

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। देवी भागवत पुराण में बताया गया है कि मनुष्य अत्यंत सौम्य और शांत है, जो सुख-समृद्धि प्रदान करता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से वैभव बढ़ता है, सुखों में वृद्धि होती है और सामाजिक प्रभाव भी बढ़ता है। लोग आपको सम्मान देना शुरू कर देते हैं। देवी भागवत पुराण में बताया गया है कि माँ अत्यंत सरल सौम्य, शांत और ममतामयी है। माँ इस रूप में अपने भक्‍तों की सुख-समृद्धि में वृद्धि करती है। मां चंद्रघन माता की पूजा करने से आपके सुखों और भौतिक सुखों में वृद्धि होती है और मां दुर्गा समाज में आपका प्रभाव बढ़ता है। आइए विस्तार से जानें मां चंद्रघंटा की पूजा विधि, भोग और पूजा मंत्र व आरती। माँ का चंद्रघंटा नाम कैसे मनाया जाता है? माँ की पूजा से जीवन में सफलता मिलती है। माँ के मस्तक पर घंटे के आकार का चंद्रमा होता है, इसलिए उन्हें चंद्रघन कहते हैं। मां चंद्रघन को अलौकिक, किशोरी और ममतामयी के रूप में माना जाता है। माँ के इस रूप की पूजा करने से आपको जीवन के हर क्षेत्र में आदर्श की स्थापना होती है। माँ की पूजा सूर्योदय से पहले करनी चाहिए। पूजा में लाल और पीली गेंदे के फूल चढ़ाने चाहिए। माँ के मस्तक पर अर्धचन्द्र के आकार का शोभायमान है, इसलिए देवी का नाम चन्द्रघन बताया गया। पूजा में शंख और घंटियाँ के साथ पूजा करने से माँ की शोभा होती हैं और कृपालु मोती मिलते हैं। माँ चंद्रघंटा का रूप नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा होती है। माँ का रंग सोने जैसा चमकीला है और वह शेर की सवारी करती है। उनके आठ हाथों में कमल, धनुर्धर, बाण, तलवारें, कमंडल, त्रिशूल और गदा जैसे अस्त्र-शस्त्र हैं। माँ के गले में सफेद फूलों की माला और सिर पर चंद्रमा से रत्नजड़ित मुकुट है। माँ सदैव युद्ध की मुद्रा में तंत्र साधना में लीन रहती हैं। उनकी पूजा करने से आपके तेज और प्रभाव में वृद्धि होती है। आपके समाज में आपका एटमविश्लेषण विशाल है और आपके समाज में विशेष वर्गीकरण होता है। माँ चंद्रघंटा की पूजा विधि नवरात्रि में तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा का महत्व बताया गया है।  सुबह स्नान करके साफ-सुथरा साबुन और मां का ध्यान करें।  मां चंद्रघंटा की मूर्ति को लाल या पीले वस्त्रों में स्थापित करें।  मां को कुमकुम और अक्षत से सुरक्षित करें और विधान से पूजा करें।  मां चंद्रघंटा का रंग पीला अत्यंत प्रिय है। माँ को मिठाई और दूध से बनी खीर का भोग।  पूजा के दौरान मंत्रों का जाप करना चाहिए। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती और चंद्रघंटा माता की आरती का पाठ भी करें। ऐसा करने से मां खुश होती हैं और भक्त अपनी कृपा बरसाती हैं। मां चंद्रघंटा की पूजा में मां चंद्रघंटा का प्रिय भोग लगाया जाता है। माँ को केसर की खीर बहुत पसंद है. आप लौंग, इलायची, पंचमेवा और दूध से बनी मिठाइयाँ बनाकर भी माँ को भोग लगा सकते हैं। ब्लॉग में मिसरी जरूर रखें और पेड़े भी चढ़ा सकते हैं। मां चंद्रघन की पूजा में लाल रंग का महा सिद्धांत लाल रंग की शक्ति और तीरंदाजी का प्रतीक माना जाता है। मां चंद्रघन की पूजा में लाल रंग के वस्त्र धारण करना शुभ होता है। ऐसा करने से मां चंद्रघंटा आपके परिवार पर अपनी कृपा बनाती हैं। इससे आपके सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है। आपकी टार्की होती है और आपके अंदर एक नया एटमविश्लेषणवास पैदा होता है। माँ चन्द्रघन पुष्पा का पूजा मंत्र पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता।। वन्दे शाश्वत लाभाय चन्द्राधिकृत शेखरम्। सिंहरूढ़ा चंद्रघंटा यशस्वनीम्॥ सामुदायिक स्थितां तृतीय दुर्गा त्रिनेत्राम्। रंग, गदा, त्रिशूल, चापचर, पदम् कमण्डलु मंगल वरभीतकराम॥ मां चंद्रघंटा आरती जय मां चंद्रघंटा सुख धाम। पूर्ण कीजो मेरे सभी काम। चन्द्र समान तुम शीतल दाती। चन्द्र तेज किराए में समाती। क्रोध को शांत करने वाली। गैजेट बोल सिखाने वाली। मन की मालक मन भाती हो। चन्द्र घंटा तुम वरदाती हो। सुंदर भाव को वापस लाने वाली। हर संकट में डूबने वाली। हर रविवार जो तुम ध्यान करो। श्रद्धा जो विनय सुनाएं। मूर्तिपूजक चंद्र आकार सन्मुख घी की ज्योत जलें। नज़र कहे मन की बात. पूर्ण आस करो जगदाता। काँची पुर स्थान। कर्नाटिका में मन प्रियजन। नाम तेरा रतु महारानी। भक्त की रक्षा करो भवानी।

राशिफल शनिवार 05 अक्टूबर 2024

मेष राशि- आत्मविश्वास बहुत रहेगा, परन्तु आत्मसंयत रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती हैं। परिश्रम अधिक रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। आय की स्थिति में सुधार होगा। किसी राजनेता से मिलना हो सकता है। क्रोध एवं आवेश की अधिकता रहेगी। जीवनसाथी से नोंकझोंक हो सकती है। कुटुम्ब की किसी महिला से धन की प्राप्ति हो सकती है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। वृष राशि- आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। व्यर्थ की चिंताओं से मन परेशान हो सकता है। बातचीत में संयत रहें। किसी मित्र के सहयोग से किसी नए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। जीवन में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे। कुटुम्ब-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। उच्च शिक्षा के लिए विदेश प्रवास के योग बन रहे हैं। परिश्रम की अधिकता रहेगी। सुखद समाचार की प्राप्ति होगी। मिथुन राशि- मानसिक शान्ति रहेगी। आत्मसंयत रहने के प्रयास करें। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। सचेत रहें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किसी मित्र के सहयोग से नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। नौकरी में बदलाव की स्थिति बन रही है। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जा सकते हैं। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। शैक्षिक कार्यों में मनवांछित सफलता के योग हैं। भाइयों से मनमुटाव हो सकता है। कर्क राशि- मन अशान्त रहेगा। आत्म संयत रहें। क्रोध से बचें। बातचीत में वाणी पर नियंत्रण रखें। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। सचेत रहें। सन्तान के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कारोबार का विस्तार होगा। परिश्रम की अधिकता होगी। लाभदायक परिणाम मिलेंगे। रोजगार में किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। शासकीय कार्यों में सफलता मिलेगी। किसी रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। सिंह राशि- मन परेशान हो सकता है। बातचीत में संयत रहें। कारोबार में कुछ कठिनाइयां आ सकती हैं। व्यर्थ की भागदौड़ रहेगी। खर्च भी अधिक रहेंगे। मित्रों का सहयोग मिल सकता है। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। अपनी सेहत का ध्यान रखें। राजनैतिक महत्वाकांक्षा की पूर्ति होगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। आय कम एवं खर्च अधिक की स्थिति रहेगी। कारोबार का विस्तार हो सकता है। लाभ के अवसर मिलेंगे। कन्या राशि- नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा।तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। वाणी में मधुरता रहेगी। धैर्यशीलता बनाये रखने का प्रयास करें। वाहन सुख की प्राप्ति हो सकती है। यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। यात्रा लाभप्रद रहेगी। कारोबार का विस्तार हो सकता है। पिता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। खर्चों की अधिकता रहेगी। मन में शान्ति रहेगी। तुला राशि- क्रोध के अतिरेक से बचें। बातचीत में सन्तुलन बनाकर रखें। घर-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। माता-पिता का साथ मिलेगा, परन्तु रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। किसी धार्मिक यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। सुस्वादु खानपान में रुझान बढ़ सकता है। किसी मित्र के सहयोग से नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। किसी दूसरे स्थान पर जाना पड़ सकता है। खर्च अधिक रहेंगे। वृश्चिक राशि- आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। कारोबार के प्रति सचेत रहें। परिश्रम अधिक रहेगा। माता-पिता से धन की प्राप्ति हो सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। धैर्यशीलता बनाये रखने के प्रयास करें। वस्त्रों आदि पर खर्च बढ़ सकते हैं। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के भाव रहेंगे। जीवनसाथी को स्वास्थ्‍य विकार रहेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। मन परेशान रहेगा। धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं। धनु राशि- आत्मविश्वास तो बहुत रहेगा, परन्तु अति उत्साही होने से बचें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मनःस्थिति रहेगी। नौकरी में स्थान परिवर्तन हो सकता है। पारिवारिक सुख में कमी आ सकती है। माता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। मन में नकारात्मक विचारों का प्रभाव हो सकता है। मकर राशि- वाणी में मधुरता रहेगी। फिर भी आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाये रखने के प्रयास करें। लेखनादि-बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। आय में वृद्धि होगी। सेहत का ध्यान रखें। मानसिक शान्ति के लिए धर्म-कर्म में व्यस्तता बढ़ सकती है। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। माता की सेहत का ध्यान रखें। अध्ययन में रुचि रहेगी। आय के कुछ नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती हैं। कुंभ राशि- आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। मन में आलस्य के भाव सकते हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकता है। कारोबार में परिश्रम अधिक रहेगा। लाभ के अवसर मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों में अवरोध आ सकते हैं। वस्त्रों पर खर्च बढ़ सकते हैं। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की स्थिति रहेगी। परिवार के साथ यात्रा-देशाटन के लिए जा सकते हैं। अफसरों का सहयोग मिलेगा। मीन राशि- मन में शान्ति एवं प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिश्रम में कमी आएगी। अफसरों से सद्भाव बनाकर रखें। खर्च अधिक रहेंगे। परिवार का साथ मिलेगा। यात्रा पर जाना पड़ सकता है। आय की स्थिति में सुधार होगा। आशा-निराशा के मिश्रित भाव मन में रहेंगे। कारोबार में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। स्वास्थ्‍य के प्रति सचेत रहें। व्यर्थ के विवादों से बचने का प्रयास करें।

नवरात्रि 2024 विशेष-वित्तीय स्थिरता और व्यवसाय में लाभ के लिए करें ये 6 ज्योतिषीय उपाय

नवरात्रि 2024 की शुरुआत हो चुकी है। नवरात्रि का पर्व माता दुर्गा के नौ सिद्धांतों को मनाया जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि में माता दुर्गा की पूजा करने से साहस, बुद्धि, बल और प्रभाव में वृद्धि होती है। साथ ही व्यक्ति हर तरह के संकट से मुक्ति पाता है। इसके अलावा नवरात्रि को धन प्राप्ति के लिए भी बहुत विशेष माना जाता है। माता दुर्गा का एक रूप महालक्ष्मी भी है इसलिए लक्ष्मी जी की विशेष कृपा पाने के लिए आपको नवरात्रि में धन प्राप्ति के कुछ विशेष उपाय भी करने चाहिए। ​नवरात्रि की शाम के समय या फिर नदी के किनारे दीया जलाना। दीया के बाद हाथ जोड़कर माता लक्ष्मी की पूजा करें और फिर बिना कुछ कहे उस स्थान से प्रस्थान करें। ​नवरात्रि पर बरगद के पेड़ की जड़े अपने घर ले जाएं। कैंची को बंद करने से पहले माता लक्ष्मी सहित नव दुर्गा का नाम लेकर अपनी संपूर्ण मूर्ति की मुक्ति के लिए प्रार्थना करें। इससे आपको धन प्राप्ति होगी। ​नवरात्रि में श्री सूक्त का पाठ करना होता है। ऐसा 108 दिनों तक लगातार करने से धन से जुड़ी सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं। साथ ही इस दौरान माता लक्ष्मी की आरती भी करें। ​माता लक्ष्मी को केसरयुक्त प्रसाद का भोग लगाएं कनकधारा स्त्रोत​ आपको माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए आज शाम माता लक्ष्मी को केसरयुक्त मां लक्ष्मी को कनकधारा स्त्रोत का पाठ 9 बार प्राप्त करें। इससे नौ देवियों की कृपा से न केवल आपके जीवन में धन धान्य की कमी होती है बल्कि आपके धन समृद्धि का संकट भी दूर हो जाता है। ​पीपल पर लाल रंग का झंडा और जलता हुआ दीपक ​अगर आप नवरात्रि में अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहते हैं, तो आपको लाल रंग का झंडा लगाना चाहिए। साथ ही पीपल के पेड़ के पास देसी घी का एक दीपक भी जलाएं। इससे माता भगवती की विशेष कृपा होती है जिससे आपको अचानक धन लाभ होता है और आपकी आर्थिक तंगी दूर हो जाती है। ​नवरात्रि में कमल को बनाए रखना बहुत खास होता है लेकिन नवरात्रि में शुक्रवार के दिन आप कमल के फूल की सजावट करते हैं इसे लाल रंग के कपड़े में लपेटकर अपनी सालगिरह या पैसिफिक में रखने वाली अलमारी में रख देते हैं, इससे आप पर भी माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

राशिफल शुक्रवार 04 अक्टूबर 2024

मेष राशि- आज मेष राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। आर्थिक रूप से मन परेशान रहेगा। हालांकि धैर्य से काम लें, वरना नुकसान हो सकता है। बेवजह के गुस्से से बचें। कारोबार में वृद्धि होगी। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। पिता की सेहत पर नजर रखें। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए आज का दिन सौभाग्य लेकर आया है। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों को आज परिवार का साथ मिलेगा। धैर्य बनाए रखें। कारोबार का विस्तार हो सकता है। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। कुटुंब के किसी बुजुर्ग से धन मिल सकता है। संतान पक्ष से सुख मिलने के संकेत हैं। आर्थिक रूप से आपकी स्थिति बेहतर होगी। व्यापारियों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन भाग्यशाली रहने वाला है। नौकरी पेशा करने वाले जातकों को तरक्की के साथ आय में बढ़ोतरी मिल सकती है। माता की सेहत का ध्यान रखें। व्यापारियों को मनमुताबिक मुनाफा होने से मन प्रसन्न रहेगा। हालांकि जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर अनबन हो सकती है। कर्क राशि- कर्क राशि वालों का आज धर्म की ओर रुझान रहेगा। घरेलू सुख में वृद्धि होगी। किसी शुभ कार्य में रुपए-पैसे खर्च हो सकते हैं। व्यापारियों के लिए आज का दिन सामान्य रहने वाला है। लिखने-पढ़ने के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। भूमि, भवन व वाहन की खरीदारी के योग भी बन रहे हैं। अपनों का साथ मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। सिंह राशि- आज खर्चों में वृद्धि होने के कारण सिंह राशि वालों का मन परेशान रह सकता है। मन में उतार-चढ़ाव के भाव आ सकते हैं। ऑफिस में बातचीत में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। आपको अपनी स्किल दिखाने के अवसर भी प्राप्त होंगे। सेहत अच्छी रहने वाली है। फिलहाल आर्थिक बजट बनाकर ही काम करें, वरना मानसिक तनाव हो सकता है। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लोग आज आर्थिक रूप से स्थिर रहेंगे। आज आप आपा खो सकते हैं, इसलिए छोटी बातों को नजरअंदाज करना ठीक रहेगा। व्यापपारियों को लाभ के मौके मिलेंगे। सेहत पर नजर रखना अनिवार्य है। किसी मित्र के सहयोग से आर्थिक लाभ हो सकता है। अपने मन की बात जीवनसाथी या पार्टनर से कहने से झिझकें। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहने वाला है। कार्यस्थल पर कोई महत्वपूर्ण उपलब्धि मिल सकती है। अपनी भावनाओं को वश में रखें। यात्रा से लाभ होगा। हालांकि अतीत की बातों से मन परेशान हो सकता है। कारोबारियों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। किसी कर्ज से मुक्ति मिलने के संकेत हैं। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों को आज धन लाभ के कई अवसर प्राप्त होंगे, जिनका आप लाभ उठाने में सफल रहेंगे। नौकरी पेशा करने वालों को जॉब के नए प्रस्ताव मिल सकते हैं। कुछ लोगों के स्थान में परिवर्तन हो सकता है। वाहन सुख में वृद्धि के योग हैं। परिवार में शांति बनाए रखना ठीक रहेगा। जीवनसाथी की भावनाओं की कद्र करें। धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए आज का दिन सामान्य रहेगा। फिलहाल जरूरी फैसले अभी रोक कर रखें। धन का निवेश करना आपके लिए वर्जित रहेगा। स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी लापरवाही भी आपके लिए खतरनाक सिद्ध हो सकती है। ऑफिस में उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। वाहन प्रयोग में सावधानी बरतें। परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। मकर राशि- मकर राशि वालों को आज बिना वजह गुस्सा करने से बचना चाहिए। किसी छोटी बात से बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है। कुछ लोगों को लीगल मामलों में खर्च करने की जरूरत पड़ सकती है। परिवार की स्थिति ठीक रहेगी। व्यापारियों का दिन सामान्य रहेगा। ऑफिस में काम के प्रेशर होने से आपको ज्यादा घंटे बिताने पड़ सकते हैं। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के मन में आज आशा-निराशा का भाव रहेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं। सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में बदलाव का विचार कर रहे हैं तो फिलहाल के लिए टाल दें। कुछ जातकों को बैंक लोन मिल सकता है। व्यापारी अपना बकाया चुकाने में सफल हो सकते है। लाइफस्टाइल थोड़ी परेशानी भरी रहने वाली है। मीन राशि- मीन राशि के लोगों की पठन-पाठन में रुचि रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी। आय में वृद्धि भी होगी। कारोबार में लाभ के अवसर मिलेंगे। कार्यस्थल पर अपने विचारों को खुलकर शेयर करें। कोई कलीग आपके खिलाफ साजिश रच सकता है, लेकिन आपको अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए।

नवरात्री 2024 : मां दुर्गा की आराधना से धुल जाते हैं जन्म जन्मांतर के पाप

इस वर्ष 03 अक्टूबर से नवरात्रि अर्थात दुर्गा पूजा उत्सव प्रारंभ हो रहा है! हमारे देश का यह उत्सव बड़े व्यापक रुप से हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जगह-जगह भव्य पांडालों एवं झांकियों के साथ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इन स्थलों की सजावट तो देखते ही बनती है। इन दिनों सारा वातावरण मां दुर्गा की भक्ति से सराबोर रहता है, सारा देश भक्तिमय रहता है। नवरात्रि पर्व. को मनाने के पीछे पौराणिक कथा प्रचलित है जो इस प्रकार है। एक समय की बात हैं ब्रम्हा आदि देवताओं ने पुष्प आदि विविध प्रकार से मां दुर्गा की पूजा की। फलस्वरुप दुर्गा जी प्रसन्न होकर उन्हें वरदान मांगने को कहा। तब दुर्गा की ममतामयी वाणी सुनकर देवतागण बोले-हे देवी हमारे शत्रु महिषासुर को, जो संपूर्ण जगत के लिये त्रासद का कारण था जिसे अपने हाथों से आपने संहार किया था. तब से समस्त विश्व निरापद होकर चैन की सांस ले पा रहें हैं। आपने पृथ्ची के समस्त दृष्टों अत्याचारियों का वध करके सब देवताओं को भयमुक्त कर दिया है। अतः अब हमारे मन में कुछ भी पाने की अभिलाषा नहीं है। हमें संब कुछ मिल गया। तथापि आपकी आज्ञा है, इसलिये हम जगत की रक्षा के लिये आपसे कुछ पूछना चाहते हैं-महेश्वरी! कौन सा ऐसा उपाय है कि जिससे आप शीघ्र प्रसन्न होकर संकट में पड़े जीव की रक्षा करती हैं। देवश्वरी यह बात सर्वथा गोपनीय हो तो भी हमें अवश्य बताइये! देवताओं के इस प्रकार प्रार्थना करने पर दयालू मां ने कहा देवगण यह रहस्य अत्यंत गोपनीय और दुर्लभ है। मेरे बत्तीस नामों की माला सब प्रकार के दुःखों और विपत्तियों का नाश करने वाली है। तीनों लोकों में इसके समान दूसरी कोई स्तुति नहीं हैं। यह स्तुति रहस्य रूप है। इमे बताती हूं। सुनो ये बत्तीस नाम हैं (1) दुर्गा (2) दुर्गर्तिशमनी (3) दुर्गा पाद्धि निवारिणी (5) दुर्ग नाशिनी(6) दुर्गा साधिनी (7)) दुर्ग तौधरनी (8) दुर्ग मच्छेदनी(9) दुर्गमापडा (10) दुर्गमज्ञानदा(11) दुर्गा दैत्यलोक दानवला(12) दुर्गमा(13) दुर्गमालोका(14) दुर्गामात्म स्वरूपिणी(15) दुर्गमार्गप्रभा(16) दुर्गम विद्या(17) दुर्गा मांश्रिता(18) दुर्गम ज्ञानस्थाना(19) दुर्ग मोहा(20) दुर्ग मध्यानभाषिनी (21) दुर्गमना(22) दुर्गमार्थ स्वरुपिणी (23) दुर्गमासूर सहंस्त्री(24) दुर्गमां युद्धधारिणी(25) दुर्गभीमा (26) दुर्गामता (27)दुर्गम्या(28) दुर्गमेश्वरी(29) दुर्गमांगी (30)दुर्गभामा (31) दुर्गभाऔर (32) दुर्गमांगी “नामावलिमियां यस्तु दुर्गाया मम मानव:। पढेत् सर्वभवान्मुक्तों भविष्यति न संशयः। । कहा जाता है कि जो मनुष्य प्रतिदिन दुर्गाजी के इन नामों का एक सौ आठ बार पाठ करता है उसके लिये तीनों लोकों में कुछ भी असाध्य नहीं रहता है। वह निःसंदेह सब प्रकार के भय के मुक्त हो जाता है। कोई शत्रुओं से पीड़ित हो दुर्भेट्य बंधन में पड़ा हो, इन बत्तीस नामों के उच्चारण मात्र से संकट से छुटकारा पा जाता है। विपत्ति के समय इसके समान अवनाशक उपाय दूसरा नहीं है। देवगण! इस नाम माला का पाठ करने वाले मनुष्यों की कभी कोई हानि नहीं होती। हमारे देश में दुर्गाजी की प्रतिमा जो मूर्तिकारों द्वारा बनाई जाती है अक्सर आप सभी ने देखा होगा वे सभी शेर पर सवार एवं अष्टभुजी, हर हाथों में ‘ढाल, तलवार, आदि हथियार रहते हैं, तो इसके पीछे एक महत्वपूर्ण कारण है। जब देवताओं ने मां दुर्गा जी से उनकी प्रसन्नता का रहस्य पूछा था तो देवी ने उनके समक्ष उपरोक्त बत्तीस नामों के पाठ का उल्लेख तो किया ही, साथ ही यह भी कहा था कि उनकी सुंदर मिट्टट्टी की क्रमशः गदा, खड़ग, त्रिशूल बाण, धनुष, वाली बाल, मुग्दर और कमल धारण करावें एवं अष्टभुजा मूर्ति बनायें! मूर्ति के मस्तक में चंद्रमा का चिन्ह हो उसके तीन नेत्र हो, उसे लाल वस्त्र पहनाया गया हो, वह सिंह पर सवार हो और महिषासुर का वध कर रही हो। मां का 16 श्रृंगार होना चाहिए। सोलह श्रृंगारों में यथा (1) शौच (2) उबटन (3) स्नान (4) केश बंधन) (5) अंगराज (6) अंजन (7) महावर (8) दंतरंजन (9) तांबूल (10) वसन (11) भूषण (12) सुगंध (13) महावर (14) कुंमकुम (15) भाल तिलक एवं (16) चिबुक बिंदु। को शामिल किया गया है। इस प्रकार मां की प्रतिमा बनाकर नाना प्रकार की सामग्रियों से भक्तिपूर्वक मूर्ति का पूजन करने से भक्तों की सब मनोकामना पूर्ण होती है। दुर्गापूजा भारत के अलावा कई देशों में भी की जाती है। दुर्गापूजा की परंपरा सिंधु कालीन सभ्यता के समय से इतिहास वेत्ताओं ने माना है। खुदाई से प्राप्त मूर्तियों, सिक्को में अंकित लिंग, वोनी, नंदीपद, स्त्री की सिंह सवार मूर्ति आदि से उक्त मान्यता को बल मिलता है कि प्राचीन समय से ही शक्ति पूजा की परंपरा थी। वर्तमान में दुर्गा पूजा को जापान में चनेष्टि यूनान में दीमेतारे तिब्बत में लामो मिश्र में आईसिस हैथर के नाम से पूजित किया जाता है। महाभारत के युद्ध के समय भी दुर्गा पूजा का एक विशेष उल्लेख आता है। जब कुरुक्षेत्र में युद्ध शुरू होने के पूर्व श्री कृष्ण ने अर्जुन की विजय श्री के लिए माँ दुर्गा की पूजा एवं उपासना की थी। श्री दुर्गा सप्तशती में दुर्गा देवी के जन्म की और उनके द्वारा अनेक राक्षसों का वध कर देवताओं को सुरक्षा प्रदान करने का विस्तार से वर्णन है। इसी परम धार्मिक ग्रंथ में देवी के नौ रूपों का भी उल्लेख है, जिसमें प्रथम शैलपुत्री द्वितीय ब्रह्मचारिणी तृतीय चंद्रघंटा चतुर्थ कूष्मांडा पंचम स्कंध माता षष्टम कात्यायनी सप्तम कालरात्रि अष्टम महागौरी एवं नवम व अंतिम दुर्गा सिद्धिदात्री का पूर्ण वर्णन किया गया है।  

राशिफल गुरुवार 03 अक्टूबर 2024

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। हालांकि व्यापारियों को कार्यों में व्यस्तता रह सकती है। मित्रों के साथ अच्छा तालमेल बनाकर रखें। सेहत के प्रति सचेत रहें। परिवार की किसी महिला से धन मिल सकता है। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। आर्थिक रूप से अच्छे रहेंगे। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। वृषभ राशि-  आज कार्यों को धैर्य के साथ पूरा करें। अनुशासन व ईमानदारी से कार्यों को करने से आप उच्चाधिकारियों को प्रभावित भी कर पाएंगे। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। काम में वृद्धि होगी। सेहत का ध्यान रखें। परिवार के किसी सदस्य से अच्छी खबर मिल सकती है। अपनों का साथ होगा। आर्थिक रूप से आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। हालांकि किसी भी काम में बहुत जल्दबाजी ने करें, वरना परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी का साथ रहेगा। व्यापारियों के लिए शुभ दिन। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा। कर्क राशि- आज खर्चों में वृद्धि होने के कारण मन परेशान हो सकता है। बातचीत में संतुलन बनाकर रखें, वरना ऑफिस में वाद-विवाद हो सकता है। बेकार के क्रोध से बचें। संतान व जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। पिता का साथ होगा, जिससे धन लाभ के योग बनेंगे। निवेश के अच्छे विकल्प सामने आ सकते हैं। सिंह राशि- आज काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है। यात्रा के दौरान सावधानी बरतना जरूरी होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। आर्थिक लाभ के संकेत हैं। परिवार की समस्याएं परेशान कर सकती हैं। पिता का साथ मिलेगा। जीवनसाथी के साथ किसी छोटी बात को लेकर अनबन हो सकती है। बच्चों की सेहत अच्छी रहेगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों का आज अतीत की बातों को लेकर मन परेशान रह सकता है। हालांकि शाम तक मूड अच्छा हो जाएगा। अपनी भावनाओं को वश में रखें। नौकरी के लिए इंटरव्यू कार्यों में सफलता मिलेगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। ऑफिस में उच्चाधिकारी आपके काम की तारीफ कर सकते हैं। आर्थिक रूप से संतुलन बनाकर चलें। तुला राशि- आज तुला राशि के जातक आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे, लेकिन कुछ चीजों को लेकर मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर भी मिल सकते हैं। नौकरी की तलाश करने वालों के लिए यह समय अच्छा रहने वाला है। आर्थिक रूप से लाभ के योग बन रहे हैं। वृश्चिक राशि- आज महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिलने से मन प्रसन्न रहेगा, लेकिन आय में कमी व खर्च ज्यादा की स्थिति से परेशान भी हो सकते हैं। पिता से धन मिल सकता है। परिवार का साथ मिलेगा। जीवनसाथी का भरपूर सानिध्य मिलेगा। नौकरी पेशा करने वालों को अच्छे अवसरों की प्राप्ति हो सकती है। व्यापारियों के लिए दिन सामान्य रहने वाला है। धनु राशि- आर्थिक रूप से मुश्किलों का सामना करने के कारण मन परेशान रह सकता है। कार्यक्षेत्र में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। आर्थिक लाभ के अवसर भी मिलेंगे। किसी पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। धैर्य से काम लें। अटके हुए कार्यों में सफलता हासिल हो सकती है। मकर राशि- आज मकर राशि के कुछ जातकों के लिए नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी हो सकता है। किसी दूसरे स्थान पर जाना हो सकता है। व्यापारियों के लिए आज का दिन लाभकारी रहने वाला है। आर्थिक रूप से आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। छात्रों के लिए अच्छा समय रहने वाला है। कुंभ राशि- आज शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान रह सकते हैं। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन अशांत रहेगा। बेकार के गुस्से से बचें। बातचीत में बैलेंस बनाए रखें। सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में लाभ में वृद्धि होगी। आय के नवीन सोर्स बनेंगे, पुराने सोर्स से भी पैसे आएंगे। जीवनसाथी की बातों को नजरअंदाज न करें। व्यापार अच्छा दिख रहा है। मीन राशि- मीन राशि के जातकों को पारिवारिक मामलों में धैर्य के काम लेना होगा। परिवार में भी शांति बनाए रखने का प्रयास करें। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। घर में मेहमान का आगमन हो सकता है। भूमि, भवन व वाहन की खरीददारी संभव है। अपनों का साथ होगा। व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। जीवनसाथी का सानिध्य प्राप्त होगा।

कल से नवरात्रि शुरू, वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिशा में लगाए माता की चौकी

सनातन धर्म में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व है। इसमें पूजा-पाठ से संबंधित नियम के बारे में बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि देवी-देवताओं की मूर्ति को शुभ दिशा में लगाने से घर में सुख-शांति का वास होता है। ऐसे में इस लेख में जानते हैं कि शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन मां दुर्गा की चौकी को किस दिशा में लगाना चाहिए? शारदीय नवरात्र 2024 डेट और टाइम पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 03 अक्टूबर को देर रात 12 बजकर 18 मिनट से होगी। वहीं, इसका समापन 04 अक्टूबर को देर रात 02 बजकर 58 मिनट पर होगा। ऐसे में शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 03 अक्टूबर से होगा। वहीं, इसका समापन 11 अक्टूबर को होगा। इस मुहूर्त में लगाएं मां दुर्गा की चौकी घटस्थापना मुहूर्त – सुबह 06 बजकर 15 मिनट से 07 बजकर 22 मिनट तक घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक। इस दिशा में लगाएं मां की चौकी शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की चौकी लगाने से पहले वास्तु शास्त्र के नियम के बारे में जान लें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां दुर्गा की चौकी लगाने के लिए उत्तर-पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है। मां की चौकी उत्तर-पूर्व दिशा दिशा की ओर स्थापित करें। मान्यता है कि ऐसा करने से जातक को शारीरिक और मानसिक शांति मिलती है। इसके अलावा मां दुर्गा की चौकी लगाने के लिए पश्चिम दिशा भी शुभ मानी जाती है। पूजा के दौरान साधक का मुख पूर्व या फिर दक्षिण दिशा की तरफ होना चाहिए। माना जाता है कि पूर्व दिशा की ओर मुख कर उपासना करने से चेतना जागृत होती है। साथ ही घर में सुख-शांति का वास होता है। मां दुर्गा के किस रूप की किस दिन करें पूजा?     03 अक्टूबर को मां शैलपुत्री की पूजा करें।     04 अक्टूबर को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करें।     05 अक्टूबर को मां चंद्रघंटा की पूजा करें।     06 अक्टूबर को मां कूष्मांडा की पूजा करें।     07 अक्टूबर को मां स्कंदमाता की पूजा करें।     08 अक्टूबर को मां कात्यायनी की पूजा करें।     09 अक्टूबर को मां कालरात्रि की पूजा करें।     10 अक्टूबर को मां सिद्धिदात्री की पूजा करें।     11 अक्टूबर को मां महागौरी की पूजा करें।  

20 अक्टूबर को मनाया जाएगा करवाचौथ का व्रत

करवा चौथ 2024 का पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। यह त्योहार हर साल कार्तिक माह की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। खासकर उत्तर भारत में इसका खास महत्व है, जहां महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और रात को चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत तोड़ती हैं। करवाचौथ का महत्व करवा चौथ का धार्मिक और सामाजिक महत्व बहुत खास है। इस दिन का व्रत सुहागन महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस व्रत को पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन के सौभाग्य के लिए रखा जाता है। महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले सरगी, जो सास द्वारा दी जाती है, को ग्रहण करती हैं। दिनभर जल-अन्न का त्याग कर व्रत करती हैं और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। पति के हाथ से पानी पीकर व्रत समाप्त होता है, जिससे वैवाहिक प्रेम और संबंधों की मजबूती का प्रतीक है। सरगी, जो करवाचौथ की परंपरा का अहम हिस्सा है, महिलाओं के लिए ऊर्जा का स्रोत होती है। सरगी में फल, मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, और हल्का भोजन होता है, जिसे व्रत शुरू करने से पहले खाया जाता है। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को महिलाएं करवा माता की पूजा करती हैं। पूजा में करवा चौथ की कथा सुनी जाती है, और फिर चंद्रमा के उदय होने पर उसे अर्घ्य देकर व्रत समाप्त किया जाता है। शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय 2024 में करवाचौथ पर चंद्रमा के दर्शन का समय रात्रि लगभग 8:24 बजे है। महिलाएं इस समय का बेसब्री से इंतजार करती हैं ताकि चंद्रमा के दर्शन कर वे व्रत खोल सकें। इस समय चंद्र दर्शन और पूजा का विशेष महत्व होता है। त्योहार की तैयारी और बाजार की रौनक करवा चौथ की तैयारियां कई दिन पहले से शुरू हो जाती हैं। महिलाएं इस दिन को खास बनाने के लिए मेहंदी लगाती हैं, नई साड़ियां पहनती हैं और सोलह श्रृंगार करती हैं। बाजारों में इस दिन की खरीदारी की खूब रौनक रहती है, विशेष रूप से मेहंदी, चूड़ियों, और साज-सज्जा का सामान लेने के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ती है। करवाचौथ का आधुनिक रूप आजकल करवाचौथ केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा। इसे एक सांस्कृतिक और सामाजिक पर्व के रूप में भी देखा जाने लगा है। आधुनिक समय में कई पति भी अपनी पत्नी के साथ व्रत रखते हैं और इसे अपने रिश्ते की मजबूती और एक-दूसरे के प्रति समर्पण का प्रतीक मानते हैं।  

नवरात्रि 2024: गृह स्थापना शुभ मुहूर्त, मंत्र और महत्व | कलश रखने के नियम

नवरात्रि का आरंभ आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि यानि 3 अक्टूबर से हो रही है। अश्विन माह में आने वाले नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि कहा जाता है। नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना होती है। सिद्धांत यह है कि जो व्यक्ति 9 दिनों में मां दुर्गा की भक्ति से दिल से प्रार्थना करता है, उसकी सभी भावनाएं पूरी हो जाती हैं। इसी के बीच नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना शुभ उत्सव में अत्यंत पूजनीय है। आइए जानते हैं नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के शुभ उत्सव। ईसाईयों और धर्मग्रंथों के अनुसार, घाट स्थापना और देवी पूजा प्रात: काल में करने का विधान है। लेकिन, इसमें चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग को वर्जित माना गया है। 3 अक्टूबर गुरुवार के दिन चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग दोनों नहीं हैं। इसलिए लाभ: काल घट स्थापना संभव है। आइए जानते हैं आपके शहर के अनुसार, घाट स्थापना का शुभ उत्सव क्या है। नवरात्रि 2024 घट स्थापना का शुभ उत्सव 1) दिल्ली – सुबह 6 बजे से 19 मिनट तक 8 बजर 39 मिनट तक। इसके बाद अभिजित मुखर्जी 11 नागालैंड 46 मिनट से 12 बंगला 33 मिनट तक। 2)कोलकाता – 5 बागान 32 मिनट से 7 तूफान 53 मिनट तक। इसके बाद अभिजित 11 नागार्जुन 1 मिनट से 11 नागालैंड 48 मिनट तक। 3) नागालैंड – 6 नागालैंड 30 मिनट से 8 मकान 50 मिनट तक। इसके बाद अभिजित मस्जिद 11 तूफान 57 मिनट से 12 तूफान 43 मिनट तक। 4) मुंबई – सुबह 6 बजे तक 33 मिनट से 8 बजे तक 55 मिनट तक। इसके बाद अभिजित 12 नागालैंड 03 मिनट से 12 बंगला 51 मिनट तक। 5) चेन्नई – सुबह 6 नागालैंड 02 मिनट से 8 नागालैंड 24 मिनट तक। इसके बाद अभिजित 11 नागार्जुन 34 मिनट से 12 नागालैंड 21 मिनट तक। 6)नालाँग – सुबह 6 बजे से 04 मिनट तक 8 बजे तक। इसके बाद अभिजीत गोस्वामी 12 बजे से 12 बजे 50 मिनट तक। 7) वाराणसी – सुबह 5 बजे तक 55 मिनट से 8 बजे तक 16 मिनट तक। इसके बाद अभिजित 11 नागालैंड 23 मिनट से 12 बंगला 1 मिनट तक। 8) डेमोक्रेटिक – सुबह 6 नागालैंड 16 मिनट से 8 नागालैंड 36 मिनट तक। इसके बाद अभिजित 11 नागार्जुन 43 मिनट से 12 नागालैंड 29 मिनट तक। 9) बेंगलुरु – सुबह 6 बजे 12 मिनट तक, 8 बजे तक, 35 मिनट तक। इसके बाद अभिजीत मस्जिद 11 तूफान 44 मिनट से 12 तूफान 32 मिनट तक। 10) भोपाल – सुबह 6 बजे 6 मिनट तक, 6 मिनट पर, 8 मिनट पर, 37 मिनट तक। इसके बाद अभिजीत मस्जिद 11 तूफान 45 मिनट से 12 तूफान 32 मिनट तक। 11) बेंगलुरु – सुबह 6 बजे से 10 मिनट तक, 8 बजे तक, 32 मिनट तक। इसके बाद अभिजीत मस्जिद 11 तूफान 41 मिनट से 12 तूफान 28 मिनट तक। 12) चंडीगढ़ – सुबह 6 बजे 22 मिनट से 8 बजे तक 2 मिनट तक। इसके बाद अभिजीत मस्जिद 11 तूफान 48 मिनट से 12 तूफान 34 मिनट तक। कलश स्थापना का मंत्र ॐ ऐं जिघ्र कलशं मह्या त्वा विशांतविन्दव:। पुनरूर्जा नि वर्तस्व सा नः सहस्रं दुखोरुधारा पयस्वति पुनर्मा विष्टादयः।। इस मंत्र का जाप करते हुए कलश की स्थापना करें। कलश स्थापना में बताई ये बातें -नवरात्रि के पहले दिन जब आप कलश स्थापना करें तो खुद को शुद्ध रखें और मन को भी नकारात्मक विचार न दें। नवरात्रि के पहले दिन, कलश की स्थापना उत्तर-पूर्व दिशा में करें। इसके अलावा आप उत्तर या पूर्व दिशा में भी कलश की स्थापना कर सकते हैं। कलश स्थापना के साथ ही यह भी है पवित्र बात आप 9 दिन तक पूरे विधि विधान से प्रतिदिन कलश की पूजा करें। नवमी तक दैनिक कलश की पूजा करने से बाद दशमी तिथि में कलश का विसर्जन करें।

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