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Indore’s Raja Raghuvanshi Murder: राज कुशवाहा भी अरेस्ट, सोनम के जरिए पहुंची पुलिस

इंदौर। राजा रघुवंशी हत्याकांड में पत्नी सहित 3 लोगों की गिरफ्तारी के बाद पहली बार इंदौर पुलिस का बयान सामने आया है। इंदौर एसपी ने बताया कि इस केस में राज कुशवाहा भी गिरफ्तार हो गया है। राज वही शख्स है जिसका सोनम के साथ अफेयर चल रहा था। इंदौर पुलिस ने सोनम के बारे में कहा कि पूछताछ में सब पता चल जाएगा। राजा की मां ने क्या सजा मांगी? पुलिस का आरोप है कि सोनम ने इंदौर के तीन हमलावरों को पति की हत्या के लिए हायर किया था, हालांकि सोनम के पिता ने अपनी बेटी को निर्दोष बताया है। इस मामले में मृतक राजा की मां का बयान भी सामने आया है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए हत्यारों के लिए सजा की मांग की है। राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने कहा है कि इसके जिम्मेदार लोगों को मौत की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमको जरा सी भी भनक नहीं है कि कौन था कौन नहीं था। राजा तक को भनक नहीं थी। अगर कुछ ऐसा होता तो राजा हमें बता देता। अगर राजा को सोनम ने मरवाया है तो मैं कड़ी से कड़ी सजा चाहती हूं। फांसी। इसके बाद राजा की मां ने कहा कि मैं कुछ बोलना नहीं… और फिर इतना कहते कहते रुक गईं। 23 मई को लापता हुए कपल में राजा रघुवंशी का शव सोमवार दो जून को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा क्षेत्र में एक झरने के पास गहरी खाई में मिला था, जबकि उनकी पत्नी की तलाश जारी थी। सोनम समेत तीन अन्य लोगों की गिरफ्तारी पर मेघालय मुख्यमंत्री कोनराड के सांग्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने अपने एक्स हेंडल पर लिखा- राजा हत्याकांड में 7 दिनों के भीतर मेघालय पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मध्य प्रदेश के रहने वाले 3 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है, महिला ने आत्मसमर्पण कर दिया है और 1 अन्य हमलावर को पकड़ने के लिए अभियान अभी भी जारी है। बहुत बढ़िया।

Indore’s Raja Murder: िजस सोनम को समझा पीड़ित वही निकली हत्यारन

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर से हनीमून के लिए मेघालय गए नवविवाहित कपल राजा और सोनम रघुवंशी की कहानी ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। जो खुशी की शुरुआत थी, वह दुखद और रहस्यमयी हत्याकांड में बदल गई। पहले राजा का शव मिला फिर पिछले 17 दिनों से सोनम लापता थी। जिसे हर कोई विक्टिम समझ रहा था आखिरकार वही सोनम आरोपी निकली। पुलिस ने सोनम को यूपी के गाजीपुर से गिरफ्तार किया। मेघालय पुलिस ने इस जटिल मामले को सुलझाने के लिए कई अहम सुरागों को जोड़ा। हनीमून मनाने मेघालय पहुंचे थे राजा और सोनम 11 मई 2025 को इंदौर में राजा और सोनम की शादी हुई। नई जिंदगी की शुरुआत के लिए, दोनों ने 20 मई को मेघालय के शिलांग को अपने हनीमून के लिए चुना। लेकिन 23 मई को, चेरापूंजी के नोंग्रियाट गांव में मशहूर ‘लिविंग रूट ब्रिज’ देखने के बाद दोनों लापता हो गए। उनकी किराए की स्कूटी 24 मई को शिलांग-सोहरा मार्ग पर लावारिस मिली। 2 जून को वेईसावडॉन्ग झरने के पास एक गहरी खाई में राजा का शव मिला, जिसकी पहचान उनके हाथ पर बने ‘राजा’ टैटू से हुई। लेकिन सोनम का कोई सुराग नहीं था। यह रहस्य और गहरा गया। एक-एक सुराग जोड़े: मेघालय पुलिस ने तुरंत हत्या का मामला दर्ज किया और एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जिसका नेतृत्व SP (सिटी) हर्बर्ट खारकोंगोर ने किया। जांच में कई अहम सुराग सामने आए। सीसीटीवी फुटेज: 21 मई की एक फुटेज में राजा और सोनम शिलांग के एक होमस्टे में चेक-इन करते दिखे। यह उनकी आखिरी तस्वीर थी। बरामद सामान: शव के पास से एक महिला की सफेद शर्ट, दवा की स्ट्रिप, स्मार्टवॉच, और एक टूटी मोबाइल स्क्रीन मिली। राजा की सोने की चेन, अंगूठी और पर्स गायब थे, जिससे लूट की आशंका बनी। हथियार का खुलासा: पुलिस ने एक ‘दाओ’ (पारंपरिक चाकू) बरामद किया, जिसे हत्या में इस्तेमाल होने का शक था। यह नया और खास इस अपराध के लिए खरीदा गया था। बांग्लादेश बॉर्डर से कनेक्शन जांच ने तब नाटकीय मोड़ लिया जब स्कूटी की लोकेशन शिलांग के पास बांग्लादेश सीमा के करीब पाई गई। राजा के भाई विपिन ने दावा किया कि इलाके में पर्यटकों को निशाना बनाने वाला एक गैंग सक्रिय है, जो पुरुषों की हत्या कर महिलाओं को अगवा करता है। इस आशंका ने मानव तस्करी की थ्योरी को हवा दी। चौंकाने वाला खुलासा: सोनम का सरेंडर 17 दिन बाद, 8 जून 2025 को, सोनम उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ढाबे पर बदहवास हालत में मिली। उसने गाजीपुर पुलिस के सामने सरेंडर किया और सनसनीखेज खुलासा किया कि उसने ही राजा की हत्या के लिए भाड़े के हत्यारों को सुपारी दी थी। मेघालय के डीजीपी आई नोग्रांग ने पुष्टि की कि सोनम सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें मध्य प्रदेश के तीन हमलावर शामिल थे। सोनम को गाजीपुर के वन स्टॉप सेंटर में रखा गया, जहां वह पूछताछ के लिए तैयार नहीं थी। गाइड की गवाही से मिला नया एंगल मावलखियात के गाइड अल्बर्ट पीडी ने बताया कि 23 मई को सुबह 10 बजे के आसपास उन्होंने राजा और सोनम को तीन पुरुषों के साथ 3000 सीढ़ियां चढ़ते देखा था। यह गाइड पहले भी कपल से मिल चुका था, लेकिन उन्होंने उसकी सेवाएं ठुकरा दी थीं। इस गवाही ने पुलिस को संदिग्धों तक पहुंचने में मदद की। सियासी हलचल और सीबीआई जांच की मांग परिवार और रघुवंशी समुदाय ने स्थानीय पुलिस की शुरुआती लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, और इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने मामले में हस्तक्षेप किया। मेघालय के मंत्री एलेक्ज़ेंडर लालू हेक ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से जांच का आश्वासन दिया। क्या थी हत्या की वजह? पुलिस और सूत्रों के मुताबिक, यह हत्या प्रेम प्रसंग से जुड़ी हो सकती है। सोनम ने कथित तौर पर अपने पति की हत्या की साजिश रची। हालांकि, उसकी चुप्पी ने कई सवाल छोड़ दिए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच से हत्या की सटीक वजह का खुलासा होना बाकी है।

CM मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु की हुई सगाई, घर में गूंजेगी शहनाई

भोपाल। सीएम मोहन यादव के घर जल्द ही खुशियों की शहनाई बजने वाली है। मोहन यादव ने खुद जानकारी साझा करते हुए बताया है कि उनके बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव की सगाई हो गई है। सगाई के कार्यक्रम में दोनों परिवार के करीबी लोग मौजूद रहे। सीएम द्वारा एक्स पर सगाई की बात साझा करते ही लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है कि आखिर मोहन परिवार में कौन सा नया सदस्य आने वाला है… सीएम मोहन यादव ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा- बा श्री महाकाल और श्री गोपाल कृष्ण की परम कृपा और पूज्य पिताश्री और माताश्री के आशीर्वाद से पुत्र चिरंजीवी डॉ. अभिमन्यु यादव की सगाई हो गई है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे की सगाई खरगोन के श्री दिनेश यादव जी की सुपुत्री डॉ. इशिता यादव के साथ संपन्न हुई है। इसके बाद उन्होंने आभार जताते हए लिखा- इस पुनीत, पावन मंगल बेला पर सभी वरिष्ठजनों ने आशीर्वाद प्रदान किया, स्वजनों ने बधाइयां दीं, आप सभी का हृदय से आभार, अभिवादन। सीएम के बेटे अभिमन्यु यादव और होने वाली बहु इशिता यादव ने मेडिकल की पढ़ाई की हुई है। अभिमन्यु ने मास्टर्स इन सर्जरी की पढ़ाई की है और एक योग्य डॉक्टर हैं। उनकी पहचान समाजसेवी के तौर पर भी है। वहीं होने वाली पत्नी इशिता ने एमबीबीएस की पढ़ाई की है। इस तरह दोनों लोग मेडिकल की दुनिया में अपना नाम कमा रहे हैं।

सोनम ने प्रेमी राज से शादी न होने पर राजा को उतरवाया मौत के घाट

इंदौर। इंदौर के कपल राजा रघुवंशी की मेघालय में हत्या के बाद चौंकाने वाली बात सामने आई है। मेघायल पुलिस ने यूपी के गाजीपुर से राजा की पत्नी सोनम को पकड़ लिया है। सोनम समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मेघालय के डीजीपी आई नोंगरांग ने कहा है कि सोनम कथित तौर पर पति की हत्या में शामिल है और उसने इसके लिए मध्य प्रदेश के ही हमलावरों को सुपारी दी थी। पुलिस ने हत्या की वजह का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इस हत्याकांड के पीछे ‘लव ट्राएंगल’है। पता चला है कि सोनम का अफेयर राज कुशवाहा नाम के एक शख्स से था, जबकि शादी राजा से हो गई थी। एक न्यूज चैनल के मुताबिक, अभी तक की जांच में सामने आया है कि सोनम का राज नाम के लड़के से अफेयर था और दोनों ने साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची थी। बताया जा रहा है कि मेघायल जाकर सोनम लगातार कुछ लोगों के साथ फोन पर संपर्क में थी और अपना लोकेशन शेयर कर रही थी। सोनम की शादी 11 मई को ही राजा के साथ हुई थी और 21 मई को दोनों हनीमून पर निकल गए थे। 2 जून को मेघायल में राजा की लाश खाई में बरामद हुई थी। मेघालय पुलिस का कहना है कि हमलावर मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं, जिन्हें सोनम ने हायर किया था। राजा की हत्या के समय सोनम मौके पर मौजूद रही होगी, इसका इशारा वहां मिले जैकेट से मिलता है। वारदात वाली जगह पर सोनम की एक जैकेट मिली थी जो वह एक सीसीटीवी फुटेज में पहने दिख रही है। सीसीटीवी में राज और सोनम स्कूटी पर घूमते नजर आए थे। इसके अलावा सोनम के आसपास तीन पुरुष दिखे थे। पिता ने कहा- सोनम का संबंध नहीं सोनम के पिता ने कहा कि राज नाम का लड़का उनके साथ काम करता है। उन्होंने कहा कि उसका सरनेम कुशवाहा है या नहीं यह उन्हें पता नहीं, लेकिन राज को वह जानते हैं। हालांकि, उन्होंने सोनम और राज के बीच अफेयर की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा कि राज से सोनम का कोई संबंध नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि सोनम और राज की शादी दोनों की रजामंदी से हुई थी। उन्होंने राजा से शादी के लिए सोनम पर किसी तरह के दबाव की बात से इनकार किया।

सरकार अब छोटे निवेशकों के साथी किसानों को भी बिजली उत्पादन का अवसर मुहैया कराने जा रही

भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार अब छोटे निवेशकों के साथी किसानों को भी बिजली उत्पादन का अवसर मुहैया कराने जा रही है। छोटे निवेशकों के साथ किसान सौर ऊर्जा अभियान में “सूर्य मित्र कृषक फीडर योजना” में निवेश करके बेहतर लाभ अर्जित कर सकते हैं। इस योजना का लाभ लेकर किसान सौर ऊर्जा के माध्यम से “बिजली उत्पादक” बन सकते है। मंत्री श्री शुक्ला ने रविवार को पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि “सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना” से प्रदेश के छोटे निवेशकों के साथ किसान भी लाभान्वित होंगे। मंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि योजना में विद्युत सब स्टेशन की 100% क्षमता तक की सौर परियोजनाओं को स्थापित करने का सरकार ने निर्णय लिया है। इस योजना से वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोजगार के अवसर मिलेंगे। शासन के साथ 25 वर्षों तक का विद्युत क्रय अनुबंध किया जाएगा। मंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि योजना से किसानों को दिन में भी सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी। किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण में भी योजना कारगर साबित होगी। अपर मुख्य सचिव, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव ने योजना के संबंध में विस्तार से पत्रकारों को जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश के छोटे निवेशकों और किसानों को इससे होने वाले लाभों के बारे में अवगत कराया। पत्रकार वार्ता में मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के एमडी श्री अमनवीर सिंह बैंस भी उपस्थित रहे। सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य है। सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना में ग्रिड से जुड़े हुए कृषि पम्पों को सौर ऊर्जा से बिजली देने के लिए फीडर पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के विस्तार का शासन द्वारा निर्णय लिया गया है। यहाँ पर सिंचाई सुविधाओं के लिए लगभग 8000 पृथक कृषि फीडर्स स्थापित किये गए हैं, जिन पर लगभग 35 लाख कृषि पम्प हैं। इन पृथक कृषि फीडर्स एवं मिश्रित फीडर्स भी जिन पर कृषि पम्प हैं को शीघ्र सौर ऊर्जा से बिजली देने के लिए फीडर पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की जाएगी। इन परियोजनाओं के मुख्य उद्धेश्य सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना का उद्देश्य कृषि लोड का दिन में प्रबंध कर किसान को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध कराना है। इससे किसानों की जीवन शैली को व्यवस्थित किया जा सकेगा। योजना से सीधे 11 किलो वोल्ट साईड पर बिजली देने से सब- स्टेशन के सभी फीडरों को दिन में एक साथ बिजली दी जा सकेगी। इस व्यवस्था के लिए विद्युत सबस्टेशन के सुधार / नए ट्रांसफार्मर पर होने वाले तात्कालिक खर्चे कम हो सकेंगे। योजना से म.प्र.पॉवर मेनेज़मेंट कंपनी लिमिटेड को कम दर पर विद्युत उपलब्ध करवाना है ताकि कृषि क्षेत्र में विद्युत सब्सिडी का भार कम हो सके। साथ ही सीधे विद्युत खपत स्थल पर ऊर्जा प्रदाय कर पारेषण हानि को कम करना, 33/11 किलोवोल्ट विद्युत वितरण उप- केन्द्रों पर स्थापित पावर ट्रांसफार्मर पर ओवर- लोडिंग. लो-वोल्टेज एवं पावर कट की समस्या कम करना , रिएक्टिव पॉवर के उपयोग से ग्रिड स्टेबिलिटी का प्रबंधन किया जा सकेगा। “सूर्य-मित्र कृषि फीडर”- क्रियान्वयन के मुख्य बिंदु – योजना के अंतर्गत विद्युत् सब-स्टेशंस की 100 प्रतिशत क्षमता तक की सौर परियोजनाओं की स्थापना की जा सकेगी। वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। शासन के साथ 25 वर्षों तक विद्युत् क्रय अनुबंध किया जाएगा। वर्तमान में 1900 से अधिक सब-स्टेशंस पर 14500 मेगावाट क्षमता परियोजनाओं के चयन हेतु उपलब्ध हैं।परियोजनाओं को एग्रीकल्चर इन्फ्रा फंड से 7 वर्षों तक 3 प्रतिशत ब्याज में छूट का प्रावधान है। परियोजनाओं की स्थापना उचित ढंग से हो सके, परियोजनाओं को सरलता से ऋण प्राप्त हो सके, स्थापना के बाद परियोजनाएं बेहतर से ढंग से संचालित हों ताकि अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके इसके लिये शासन ने बैंकों, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ एमओयू किये हैं। विगत 4 से 8 जून के दौरान जीआईज़ेड के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया जिसमे 100 से अधिक विकासकों एवं संयंत्र स्थापना कर्ता ईकाईयों ने भाग लिया। उपलब्धि एवं वर्तमान निविदा प्रदेश में अद्यतन 80 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे 16000 से अधिक कृषि पम्पों को सौर उर्जा से उर्जीकृत किया जा चुका है। 240 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं के विद्युत क्रय अनुबंध होकर स्थापनाधीन हैं एवं 200 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं प्रक्रियाधीन हैं। इस प्रकार इन 520 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं की स्थापना से एक लाख से अधिक कृषि पम्पों को सौर उर्जा से उर्जीकृत किया जा सकेगा। पीएम कुसुम योजनान्तर्गत 3.45 लाख पम्पस का लक्ष्य प्राप्त है। शेष 2.45 लाख पम्प के सोलाराईज़ेशन सहित “सूर्य-मित्र कृषि फीडर” के अतर्गत परियोजनाओं के विकासकों के चयन हेतु म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा निविदा जारी की गयी है। इसमें पीएम् कुसुम योजनान्तर्गत 1200 मेगावाट क्षमता तक की सौर परियोजनाओं को अनुदान प्राप्त करने का विकल्प होगा। वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। सूर्य मित्र कृषक फीडर योजना समिट 10 जून को परियोजना के विकासकों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स को निगम द्वारा इस निविदा, वित्तीय प्रबंधन, तकनीकी जानकारी देने की दृष्टि से सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट आगामी 10 जून को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशनल हाल में आयोजित होग

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कोल जनजातीय सम्मेलन में शामिल होंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहडोल जिले के ब्यौहारी में भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कोल जनजातीय सम्मेलन में शामिल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव 80 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 55 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 250 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 52 विकास कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित करेंगे। यह सम्मेलन राज्य सरकार की जनजातीय समुदायों के समावेशी विकास और उत्थान के लिये प्रतिबद्धता का प्रतीक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोक निर्माण विभाग के 6 कार्य (₹31.45 करोड़), लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 33 कार्य (₹22.64 करोड़), मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन का 1 कार्य (₹10 करोड़), मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के 10 कार्य (₹6 करोड़), लोक निर्माण विभाग (सेतु) का 1 कार्य (₹4.75 करोड़), जनजातीय कार्य विभाग का 1 कार्य (₹2.75 करोड़), लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के 3 (₹1.47 करोड़) कार्यों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग के 15 कार्य (₹121.92 करोड़), मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के 5 कार्य (₹94.49 करोड़), ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के 8 कार्य (₹9.17 करोड़), लोक निर्माण विभाग के 6 अन्य कार्य (₹7.69 करोड़), ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 16 कार्य (₹7.06 करोड़), लोक निर्माण विभाग (सेतु) का 1 कार्य (₹3.29 करोड़) और मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड कॉर्पोरेशन का 1 कार्य (₹0.47 करोड़) का भूमि-पूजन करेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न विभागों की योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान करेंगे। इनमें राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, किसान कल्याण एवं कृषि विकास, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, उद्यानिकी तथा स्वास्थ्य विभाग प्रमुख रूप से शामिल हैं।  

मप्र में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम 16 जून के बाद घोषित हो सकता है

भोपाल  मध्यप्रदेश बीजेपी का अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा इसे लेकर प्रदेश के कार्यकर्ता पिछले पांच महीने से असमंजस में हैं। जनवरी महीने में नौ बार में बीजेपी ने सभी संगठनात्मक जिलों के अध्यक्षों के नाम घोषित किए थे। बूथ समिति, मंडल अध्यक्ष और जिला अध्यक्षों के बाद प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होना था। दावा था कि फरवरी महीने में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव हो जाएगा। लेकिन, पांच महीने से इस बात पर सस्पेंस बना हुआ है कि आखिरकार प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कब होगा और कौन अगला प्रदेश अध्यक्ष बनेगा ?   16 जून के बाद घोषित हो सकता है चुनाव कार्यक्रम मप्र में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम 16 जून के बाद घोषित हो सकता है। 14 से 16 जून तक मप्र बीजेपी के विधायकों, सांसदों का प्रशिक्षण वर्ग पचमढ़ी में आयोजित होना है। इस वर्ग के उद्घाटन में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। समापन सत्र में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आएंगे। बीजेपी सूत्रों के अनुसार प्रशिक्षण वर्ग के बाद प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम घोषित हो सकता है।   कौन बनेगा अगला प्रदेश अध्यक्ष ? मध्यप्रदेश भाजपा का अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन बनेगा इसे लेकर कई नेताओं के नामों की चर्चाएं और कयास लंबे समय से लगाए जा रहे हैं। वर्तमान बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा इस रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं और इसका कारण उनके कार्यकाल में मध्यप्रदेश में भाजपा की अपार सफलता है । इसके साथ ही बैतूल विधानसभा सीट से विधायक हेमंत खंडेलवाल, पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी, मंडला लोकसभा सीट से सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, अनुसूचित जाति के होने के कारण लाल सिंह आर्य के नाम चर्चाओं में बने हुए हैं।

गर्मी उमस से बेहाल हुआ इंदौर, जून में भी मई जैसी तपन! 4 दिन में 6 डिग्री चढ़ा पारा

इंदौर  तपने वाले मई में बारिश के बाद बारिश वाले जून में गर्मी का असर तेज हो रहा है। पिछले 4 दिनों में तापमान 6.6 डिग्री बढ़कर 38 डिग्री के करीब पहुंच चुका है, जिसके कारण शहर गर्मी और उमस से परेशान है। लगातार चढ़ता रहा पारा शनिवार को दिन में तेज धूप से पारे में तेजी आई, वहीं शाम को हल्की बूंदाबांदी से माहौल में थोड़ी ठंडक घुली। विमानतल स्थित मौसम केंद्र के मुताबिक शनिवार सुबह से रविवार सुबह के बीच कुल 0.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 37.9 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1 डिग्री कम लेकिन परसों की अपेक्षा 1.6 डिग्री ज्यादा था, वहीं 4 दिन पहले 3 जून की अपेक्षा यह 6.6 डिग्री ज्यादा था। 3 जून को दिन का पारा 31.3 और रात का पारा 23.5 डिग्री था। यानी 4 दिन में ही तापमान में करीब 7 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है, वहीं रात का न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री और परसों रात की अपेक्षा 2.1 डिग्री कम था। इस दौरान हवाओं की दिशा पश्चिमी और उत्तर पश्चिमी रही। हवाओं की अधिकतम रफ्तार 33 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची।  गुरुवार तक खुला रहेगा मौसम, शुक्रवार से फिर बारिश  मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक आज से अगले 5 दिन मौसम खुला रहेगा, यानी गुरुवार तक बारिश के आसार नहीं है, वहीं शुक्रवार से एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होगा, जो आगे भी जारी रहेगा। अगर इस बीच अच्छी बारिश होती है तो मानसून की आमद भी हो सकती है।  

‘संकल्प से सिद्धि तक’ अभियान: केंद्र की मोदी सरकार की 11 वर्षों की उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाएंगे

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी आज से देशभर में ‘संकल्प से सिद्धि तक’ नामक एक व्यापक जनसंपर्क अभियान की शुरुआत करने जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य केंद्र की मोदी सरकार के 11 वर्षों की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना और कांग्रेस शासन की विफलताओं को उजागर करना है।   भारतीय जनता पार्टी आज से ‘संकल्प से सिद्धि तक’ नामक विशेष जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान के माध्यम से पार्टी के नेता और कार्यकर्ता देशभर में जाकर केंद्र की मोदी सरकार की 11 वर्षों की उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाएंगे। साथ ही, कांग्रेस शासन के दौरान हुई विफलताओं की भी जानकारी घर-घर दी जाएगी। इस अभियान के दौरान भाजपा मोर्चा और प्रकोष्ठों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है ताकि सरकार की योजनाएं और नीतियां समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकें। पार्टी स्तर पर रणनीति तय की गई है कि 10 और 11 जून को जिला स्तर पर प्रेस वार्ताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें मीडिया के माध्यम से लोगों तक सरकार की उपलब्धियों का संदेश जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक मंडल में ‘भारत संकल्प सभा’ का आयोजन किया जाएगा। 15 से 20 जून के बीच अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी के तहत मंडल स्तर पर योग शिविरों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे लोगों में स्वास्थ्य और योग के प्रति जागरूकता बढ़े। भाजपा इस अभियान को वैचारिक दृष्टिकोण से भी मजबूती देना चाहती है। 23 जून को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस और 6 जुलाई को उनकी जयंती का आयोजन कर पार्टी अपने वैचारिक स्तंभों को जन-जन तक ले जाएगी। वहीं, 25 जून को आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़े सेनानियों का सम्मान भी किया जाएगा। इस अभियान को व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए पार्टी ने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की जिम्मेदारी संभाग और जिला स्तर पर तय की है। भाजपा का लक्ष्य है कि जनता तक सरकार के कार्यों की सीधी जानकारी पहुंचे और 2024 लोकसभा चुनाव के बाद अब पार्टी 2029 की तैयारी के लिए फिर से जनविश्वास मजबूत करे। 

कूनो राष्ट्रीय उद्यान में फारेस्ट रिट्रीट फेस्टिवल, भारत में 26 चीते जन्मे, वर्तमान में हैं 19 शावक, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर की जाएगी ब्रांडिंग

भोपाल मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित चीतों का घर पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में कूनो फारेस्ट रिट्रीट फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन वन विभाग एवं पर्यटन विभाग मिलकर करवाया जाएगा। 17 सितंबर 2025 को चीता परियोजना को तीन साल पूरे हो जाएंगे, इसी उपलक्ष्य में आयोजन की तैयारी की जा रही है।  बता दें कि यह आयोजन सितंबर में होगा। इसको लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष के एक प्रस्तुतीकरण दिया जा चुका है। इसे निवेश की दृष्टि से भी देखा जा रहा है, क्योंकि इस फारेस्ट फेस्टिवल में पर्यटन क्षेत्र में निवेश करने वाले देश विदेश के निवेशकों को भी आमंत्रित किया जाएगा। इसकी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग भी की जाएगी।   पर्यटकों के लिए बन रहा जंगल लॉज इसके साथ ही, कूनो नेशनल पार्क में तीन करोड़ रुपये की लागत से ईको पर्यटन केंद्र बनाया जा रहा है। कूनो के ससइपुरा में बैंगलुरु की तर्ज पर जंगल लॉज बनाया जा रहा है। इसमें 8 कक्ष बनाए जा रहे है, हर कक्ष में आरामदायक सुविधा उपलब्ध होगी। पर्यटन की दृष्टि से इसे इस तरह से बनाया जा रहा है कि यहां ठहरने वाले पर्यटक को प्रकृति की करीब से अनुभूति हो सकें। चीतों के नए घर गांधी सागर में भी पर्यटकों के लिए ईको पर्यटन गंतव्य स्थल बनाया जाएगा। यह स्थल भी कूनो में बनाए जा रहे जंगल कॉटेज की तरह ही होगा। चीतों के लिए एक बेहतर ब्रीडिंग सेंटर बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने जन्म दिवस पर 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को कूनो में छोड़ा था। इसके बाद 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत लाए गए। भारत में अब तक 26 चीता शावकों का जन्म हो चुका है। 7 शावकों की मौत से अब 19 चीता शावक कूनो में है। वहीं 8 चीतों की मौत होने से 12 चीते है। लगातार चीतों की बढ़ती संख्या से तय हो गया है कि कूनो नेशनल पार्क चीतों का एक बेहतर ब्रीडिंग सेंटर का रूप ले चुका है। वर्तमान में छह चीता और 11 शावक खुले जंगल में घूम रहे हैं। बाकी को बाड़ों में रखा गया है। अब कूनो को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है।

साची से अब 15 दिन के लिए धातु कलश को धार्मिक विधि-विधान से किया जाएगा विदा, जायेगा चंगेज खान के देश मंगोलिया

भोपाल विश्व धरोहर सांची स्थित चेतियागिरि विहार से गौतम बुद्ध के परम शिष्यों सारिपुत्र और महामोग्गलायन के पवित्र अस्थि कलश (धातु कलश) को अब 15 दिन के लिए मंगोलिया भेजा जाएगा। यह कदम भारत सरकार के सांस्कृतिक मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बौद्ध धर्म से जुड़े देशों के साथ संबंधों को मजबूत करना है। यह 73 वर्षों में दूसरी बार होगा जब ये कलश सांची से बाहर ले जाए जाएंगे।   मंगोलिया में होता है तिब्बती बौद्ध परंपरा का पालन ध्यान देने वाली बात यह है कि मंगोलिया, जो कभी चंगेज खान के साम्राज्य का केंद्र रहा था, आज तिब्बती बौद्ध परंपरा का पालन करता है। ऐसे में इन पवित्र अवशेषों का वहां पहुंचना बौद्ध श्रद्धालुओं के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा। मिशन की तैयारियां विदेश मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय के समन्वय में चल रही हैं। संस्कृति मंत्रालय ने मध्य प्रदेश सरकार से इस योजना को लागू करने में सहयोग मांगा है। रायसेन जिला प्रशासन को इस कार्य का जिम्मा सौंपा गया है। प्रशासन ने सांची स्थित महाबोधि सोसायटी से विधिवत अनुमति ली है। कलश को धार्मिक विधि-विधान से किया जाएगा विदा महाबोधि सोसायटी ऑफ सांची के भिक्षु इंचार्ज स्वामी विमल तिस्स थेरो ने बताया कि उन्होंने धातु कलश को मंगोलिया भेजने की सहमति दे दी है। जिला प्रशासन के अनुसार, जैसे ही संस्कृति विभाग अंतिम यात्रा की व्यवस्था कर लेगा, कलश को पूरे धार्मिक विधि-विधान से विदा किया जाएगा। यात्रा के दौरान सांची से कुछ भिक्षु भी साथ जाएंगे, ताकि प्रतिदिन पूजन और परंपरा अनुसार सम्मान बना रहे। क्या है इन धातु कलश का इतिहास और महत्व? इन पवित्र अवशेषों की खोज 1851 में जनरल कनिंघम ने सांची स्तूप नंबर 3 की खुदाई के दौरान की थी। आजादी से पहले ये अवशेष ब्रिटेन में रहे, लेकिन 30 नवंबर 1952 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की उपस्थिति में इन्हें चेतियागिरि विहार में स्थापित किया गया। पिछले वर्ष 28 दिन के लिए भेजा था थाइलैंड पिछले साल थाइलैंड सरकार के आग्रह पर 28 दिन के लिए पवित्र अस्थि कलश को वहां भेजा गया था। थाइलैंड के बौद्ध प्रतिनिधिमंडल ने इन्हें दिल्ली में प्राप्त किया था। थाइलैंड में चार स्थानों पर भव्य कार्यक्रम हुए, जहां लाखों की संख्या में बौद्ध अनुयायियों ने इनके दर्शन किए थे। क्यों महत्वपूर्ण हैं ये धातु कलश? बौद्ध परंपरा में सारिपुत्र और महामोग्गलायन को भगवान बुद्ध के दाएं और बाएं स्थान पर बैठने का गौरव प्राप्त है। इन्हें धम्म और अभिधम्म का सर्वोच्च ज्ञाता माना जाता है। बुद्ध के जीवनकाल में ही उनका परिनिर्वाण हो गया था। इसलिए उनके पवित्र अवशेषों का धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्व है।

ग्वालियर में MPL का 12 जून से होगा आगाज, सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 50 रुपये में देख सकेंगे मैच

भोपाल क्रिकेट लवर्स के लिए एक अच्छी खबर है। मध्य प्रदेश लीग (एमपीएल) के दूसरे सीजन के टिकट इस बार मात्र 50 रुपये में उपलब्ध होंगे। दर्शकों की बढ़ती दिलचस्पी और भीड़ को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से ग्वालियर डिविजनल क्रिकेट एसोसिएशन ने यह फैसला लिया है। इस बार सभी टिकट पूरी तरह डिजिटल होंगे और जोमैटो ऐप के जरिए खरीदे जा सकेंगे। ग्वालियर डिविजनल क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव संजय आहूजा ने जानकारी दी कि टिकट ईस्ट और वेस्ट गैलरी के लिए उपलब्ध होंगे और दर्शकों को मैदान में प्रवेश केवल अपने मोबाइल पर मिले क्यूआर कोड को स्कैन करके मिलेगा। हर मैच का टिकट अलग होगा और प्रतिदिन के लिए नया टिकट लेना अनिवार्य होगा।  सुरक्षा के कड़े इंतजाम गौरतलब है कि पिछले साल के फाइनल मुकाबले में गेट नंबर 3 और 4 पर अव्यवस्था और आगजनी जैसी घटनाएं सामने आई थीं। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार ऑर्गेनाइजेशन ने सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था को लेकर खास योजना बनाई है। मैदान में किसी भी अव्यवस्था से बचने के लिए एक सीमित संख्या में ही टिकट जारी किए जाएंगे।    12 जून से लीग का आगाज श्रीमंत माधवराव सिंधिया क्रिकेट स्टेडियम, ग्वालियर में एमपीएल सीजन-2 की शुरुआत 12 जून को ग्वालियर चीताज और चंबल घड़ियाल के बीच होने वाले मुकाबले से होगी। कुल 13 दिनों तक चलने वाली इस लीग में इस बार महिला क्रिकेट लीग की भी शुरुआत की जा रही है, जिसमें चंबल घड़ियाल, बुंदेलखंड बुल्स और भोपाल वाल्बस की टीमें भाग लेंगी। इस पूरे आयोजन में नईदुनिया मीडिया पार्टनर की भूमिका निभा रहा है।   तैयारियों में जुटे खिलाड़ी एमपीएल सीजन-2 में प्रदेश की छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच देने का अवसर मिलेगा। गत चैंपियन जबलपुर रॉयल लायंस और ग्वालियर चीताज की टीमें पहले ही ग्वालियर पहुंच चुकी हैं और कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम में जमकर अभ्यास कर रही हैं। शनिवार को जबलपुर की टीम ने सुबह से दोपहर तक मैच सिमुलेशन ड्रिल्स में भाग लिया, जबकि दोपहर के बाद ग्वालियर की टीम ने नेट प्रैक्टिस और कैचिंग सेशन किया। गर्मी और तेज धूप के बावजूद खिलाड़ियों का उत्साह देखने लायक है। अभ्यास सत्रों में स्थानीय और युवा खिलाड़ी अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं, जबकि फ्रेंचाइजी के स्टार खिलाड़ी जल्द ही टीम से जुड़ेंगे। एमपीएल-2 का आयोजन 12 जून से 24 जून 2025 तक किया जाएगा। इस दौरान क्रिकेट प्रेमियों को रोमांचक मुकाबले और उभरते सितारे देखने का अवसर मिलेगा।

ऐसे क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर सृजित होते हैं और बेरोज़गारी तथा गरीबी वहाँ ढूँढ़ने से भी नहीं मिलती: राजेन्द्र शुक्ल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि किसी क्षेत्र में यदि औद्योगिक क्रांति, हरित क्रांति और पर्यटन क्रांति आ जाये तो उस क्षेत्र का विकास तीव्र गति से होता है। ऐसे क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर सृजित होते हैं और बेरोज़गारी तथा गरीबी वहाँ ढूँढ़ने से भी नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में अधोसंरचना विकास, पारंपरिक संस्कृति का संरक्षण एवं प्रोत्साहन और पर्यटन क्षेत्र में निजी सहभागिता को बढ़ावा देकर सुनियोजित एवं एकीकृत प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से आज मध्यप्रदेश पर्यटन क्षेत्र में असीम क्षमता और निवेश का आकर्षक क्षेत्र बन गया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने ट्रेवल एवं टूरिज्म के क्षेत्र में पिछले दो दशकों से सक्रिय ट्रेवल इंडिया टूरिज्म प्राइवेट लिमिटेड के भोपाल स्थित नवीन कार्यालय का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि अधोसंरचना विकास और अन्य आवश्यक प्रोत्साहनों के साथ ब्रांडिंग के लिए भी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश की समृद्ध पर्यटन धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाने के लिये सतत जागरूकता गतिविधियाँ की जा रही हैं। प्रदेश में पर्यटन के सांस्कृतिक, एडवेंचर, लेजर, धार्मिक, आध्यात्मिक, हेल्थ एंड वेलनेस, सेंटर, फ़िल्म आदि क्षेत्रों में आकर्षक वातावरण का निर्माण किया जा रहा है। पर्यटक मध्यप्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, धरोहर स्थल, संस्कृति और सुविधाओं के प्रति जागरूक होंगे तब पर्यटन क्षेत्र में विकास को तेजी मिलेगी। पर्यटन क्षेत्र की उपलब्ध संभावनाओं पर सशक्त प्रयास से देश ही नहीं, विदेशों से भी अधिकाधिक सैलानियों को आकर्षित करने में हम सफल होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने नवीन संस्थान के शुभारंभ पर ट्रेवल इंडिया टूरिज्म प्रा. लि. के प्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ दीं। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति श्री शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र में भी शासन विभिन्न मॉडल्स पर कार्य कर रही है। अधोसंरचना विकास के लिए सब्सिडी एवं निवेश प्रोत्साहन की नीतियाँ लागू की गई हैं। ट्रेवल इंडिया टूरिज्म प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक श्री महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कंपनी की 20वीं वर्षगांठ में पल्लवी नगर में नवीन कार्यालय की स्थापना की गई है। कार्यक्रम में पर्यटन, ट्रेवल एवं आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े विशिष्टजन, गणमान्य नागरिक एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 

प्रदेश के 41 सीएमएचओ और सिविल सर्जन के पदों पर बदलाव किए, भोपाल और इंदौर में नए CMHO मिले

भोपाल  भोपाल सहित प्रदेश के 41 सीएमएचओ और सिविल सर्जन के पदों पर बदलाव किए हैं। डॉ. प्रभाकर तिवारी, जो 5 वर्षों से भोपाल के सीएमएचओ थे, को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में भेजा गया है। उनकी जगह डॉ. मनीष शर्मा को भोपाल का नया सीएमएचओ नियुक्त किया गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल सहित प्रदेश के 41 सीएमएचओ और सिविल सर्जन के पदों पर बदलाव किए हैं। डॉ. प्रभाकर तिवारी, जो 5 वर्षों से भोपाल के सीएमएचओ थे, को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में भेजा गया है। उनकी जगह डॉ. मनीष शर्मा को भोपाल का नया सीएमएचओ नियुक्त किया गया है, जो ग्वालियर में उप संचालक के रूप में पदस्थ थे। डॉ. मनोज हुरमाडे को भोपाल से बैतूल भेजा गया है, और डॉ. दिनेश खत्री को रायसेन से राजगढ़ भेजा गया है। अन्य जिलों में भी कई सीएमओ और सिविल सर्जन के तबादले हुए हैं, जिनमें इंदौर, सिवनी, धार, छतरपुर, शाजापुर, नरसिंहपुर और राजगढ़ शामिल हैं। भोपाल और इंदौर में नए CMHO मिले मध्य प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। पांच साल से जमे भोपाल CMHO डॉ. प्रभाकर तिवारी को हटाकर उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में भेजा गया है। उनकी जगह डॉ. मनीष शर्मा को भोपाल का नया CMHO नियुक्त किया गया है। डॉ. शर्मा वर्तमान में ग्वालियर में उप संचालक के रूप में कार्यरत थे और क्षयरोग विशेषज्ञ हैं। इसी तरह इंदौर सहित अन्य जिलों में भी नए मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन अधिकारियों के हुए तबादले डॉ. राजेश कुमार अठ्या – CMHO दमोह डॉ. राज सिंह ठाकुर – CMHO कटनी डॉ. भरत कुमार खटीक – जिला स्वास्थ्य अधिकारी, कटनी डॉ. राजेश प्रसाद तिवारी – प्रभारी, CMHO पन्ना डॉ. मनोज कुमार हुरमाडे – प्रभारी, CMHO बैतूल डॉ. दिनेश खत्री – शल्यक्रिया विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय राजगढ़ डॉ. हरिनारायण मांड्रे – प्रभारी, CMHO रायसेन डॉ. बी. के. वर्मा – प्रभारी, CMHO दतिया डॉ. दर्पण टोके – प्रभारी, सिविल सर्जन, बुरहानपुर डॉ. प्रदीप मोजेश – मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी, बुरहानपुर डॉ. वी. एस. चंदेल – प्रभारी, CMHO उमरिया डॉ. शोभाराम रोशन – संयुक्त संचालक, कार्यालय क्षेत्रीय संचालक, सागर डॉ. धरित्री जे. मोहंती – CMHO मंडला डॉ. पवन जैन – प्रभारी संचालक, राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर डॉ. एम. के. जोशी – संयुक्त संचालक, कार्यालय क्षेत्रीय संचालक, उज्जैन डॉ. जितेन्द्र राजपूत – जिला स्वास्थ्य अधिकारी, उज्जैन डॉ. राजेश सिसोदिया – जिला चिकित्सालय, हरदा डॉ. किरण वाडिवा – वरिष्ठ संयुक्त संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, भोपाल डॉ. भूरे सिंह सैत्या – वरिष्ठ संयुक्त संचालक, कार्यालय क्षेत्रीय संचालक, ग्वालियर डॉ. पवन शर्मा – शिशु रोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय ग्वालियर डॉ. नीरज कुमार – शल्यक्रिया विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय भिंड डॉ. अलका त्रिवेदी – प्रभारी, CMHO अशोकनगर डॉ. के. सी. सरोत – वरिष्ठ संयुक्त संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल डॉ. माधव हसानी – प्रभारी, CMHO इंदौर डॉ. राष्ट्रेन्द्र कुमार खाड्योत – प्रभारी, CMHO नीमच डॉ. रामहित कुमार – जिला स्वास्थ्य अधिकारी, विदिशा डॉ. मनीष शर्मा – CMHO भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी – वरिष्ठ संयुक्त संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल डॉ. दिनेश देहलवार – प्रभारी, CMHO मालवा डॉ. राजेश गुप्ता – जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी, बड़वानी डॉ. मनोज कौरव – DHO, ग्वालियर डॉ. नरसिंह गेहलोत – CMHO नर्मदापुरम डॉ. सनेराम परस्ते – प्रभारी, सिविल सर्जन, अनूपपुर डॉ. अनिल झामनानी – प्रभारी, CMHO निवाड़ी डॉ. रामकुमार गुप्ता – CMHO ग्वालियर डॉ. प्रदीप कुमार जैन – शिशु रोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय ग्वालियर डॉ. यशपाल सिंह – प्रभारी, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, रायसेन डॉ. मुकेश जैन – शल्यक्रिया विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय दमोह डॉ. एस. के. त्रिपाठी – प्रभारी, CMHO पन्ना डॉ. राजेश परिहार – जिला परिवार कल्याण अधिकारी, बैतूल डॉ. सुशीला यादव – चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय सागर  

बच्चों में बौद्धिक क्षमताओं-भावनात्मक विकास और सामाजिक कौशल को विकसित करता स्कूल शिक्षा विभाग

भोपाल  स्कूली शिक्षा बच्चे के विकास में एक महत्वपूर्ण चरण है, जो उनके भविष्य को आकार देने वाली आधारभूत ज्ञान और कौशल प्रदान करती है। आमतौर पर गणित, विज्ञान, भाषा, कला और सामाजिक अध्ययन जैसे विभिन्न विषयों में औपचारिक निर्देश शामिल होते हैं। सिखाने के इस चरण का उद्देश्य बौद्धिक क्षमताओं, भावनात्मक विकास और सामाजिक कौशल को विकसित करना है। प्रदेश में इन्हीं उद्देश्यों को लेकर लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। स्कूली शिक्षा अनुशासन, टीमवर्क और समस्या समाधान जैसे मूल्यों को भी बढ़ावा देती है, जिससे बच्चों को अकादमिक और वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से निपटने में मदद मिलती है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति वर्ष 2020 का क्रियान्वयन भी प्रभावी तरीके से किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों की श्रेणी में आता है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह के कुशल मार्गदर्शन में नवाचारों के साथ कई प्रभावी कदम उठाये गये हैं। इसका प्रभाव यह हुआ है कि प्रदेश के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं सर्वांगीण शिक्षा प्रदान की जा रही है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में स्कूल शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के 2023-24 में कुल बजट का 92.12 प्रतिशत उपयोग किया गया था, जबकि वर्ष 2024-25 में प्रावधान किये गये बजट का 95.12 प्रतिशत व्यय किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.48 प्रतिशत अधिक है। बजट में प्रावधान की गई राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा की बेहतरी के लिये किया गया। प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड की कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षाओं में 76 प्रतिशत बच्चे उत्तीर्ण हुए, जो पिछले वर्ष के 58 प्रतिशत से 18 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि बच्चों में बढ़ी शैक्षणिक योग्यता को दर्शाती है। इसी तरह 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम पिछले वर्ष में 64 प्रतिशत की तुलना में इस वर्ष 74 प्रतिशत आया है, जो 10 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। प्रदेश के 53 प्रतिशत बच्चों ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। प्रदेश में बोर्ड परीक्षाएं शून्य प्रतिशत पेपर लीक के साथ संपन्न हुई। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। नई शिक्षा नीति में विभिन्न समितियों का गठन भी किया गया है। इन समितियों की अनुशंसा के अनुसार मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। भारतीय मूल्यों, संस्कृति आधारित शिक्षा के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने कई उल्लेखनीय कदम उठाये हैं। प्रदेश की शालाओं में गुरूओं को सम्मान प्रदान करने के लिये गुरू पूर्णिमा उत्सव का आयोजन, जन्माष्टमी पर्व, गीता महोत्सव और मकर संक्रांति पर्व विद्यालयों में आयोजित किये गये। कक्षा 11 और 12 में कला और संस्कृति पर आधारित प्रोजेक्ट जोड़े जा चुके हैं। स्थानीय भाषाओं गोंडी, सहरिया, बारेली, निमाड़ी, बुंदेली, बघेली में तैयार की गई त्रिभाषा पुस्तकें 21 जिलों में 89 जनजातीय विकासखंडों में उपलब्ध कराई गई हैं। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिये अनेक योजनाओं का फायदा दिलाया जा रहा है। नि:शुल्क पाठ्यक्रम योजना में शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत करीब 82 लाख बच्चों को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के करीब 60 लाख बच्चों को डीबीटी के माध्यम से राशि प्रदान की गई। कक्षा 1 से 12वीं में अध्ययनरत एससी, एसटी, ओबीसी और बीपीएल के 66 लाख बच्चों को विगत वर्ष छात्रवृत्ति के रूप में 332 करोड़ रूपये की राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना में कक्षा 6 और 9 के करीब 4 लाख 75 हजार बच्चों को घर से स्कूल तक आने जाने के लिये साइकिल वितरित की गई हैं। प्रदेश में कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले 89 हजार 801 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को करीब 224 करोड़ 25 लाख रूपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप टेबलेट क्रय करने के लिये उनके बैंक खातों में अंतरित की गई है। सरकारी स्कूलों में बच्चों को पूर्व प्राथमिक शिक्षा से जोड़ने के लिये 4 हजार 473 सरकारी स्कूलों में पूर्व प्राथमिक कक्षाएं शुरू की गई हैं। इन कक्षाओं में 3 वर्ष 6 वर्ष तक के आयुवर्ग के 96 हजार बच्चों को पिछले वर्ष दाखिला कराया गया था। इन कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने के लिये 117 मास्टर ट्रेनर्स और 4473 शासकीय शिक्षकों को प्रशिक्षण दिलाया गया। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 एवं 2 के छात्रों को बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान प्रभावी तरीके से देने के लिये मिशन अंकुर संचालित किया जा रहा है। इस मिशन के अंतर्गत बच्चों को अभ्‍यास के लिये नि:शुल्क वर्कबुक का वितरण किया गया। अंकुर मिशन में अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने और बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भाषा विकास की क्षमताओं का आकलन करने के लिये सभी स्कूलों में फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) मेलों का आयोजन किया गया। शिक्षकों को अपनी कक्षा अनुभवों, ज्ञान, कौशल एवं नवाचारों को अपने शिक्षक समुदाय से साझा करने के लिये कक्षा एक से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिये जन शिक्षा केन्द्र स्तर पर शैक्षिक संवादों का आयोजन किया गया।  

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