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संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र पर बढ़ाई सुरक्षा, भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने उठाया बड़ा कदम

 उमरिया मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में है संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र (Sanjay Gandhi Vidyut Taap Kendra), भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के हालात को ध्यान रखते हुए विद्युत केंद्र की सीमा में अनावश्यक व्यक्तियों के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध एहतियातन लिया गया फैसला मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वहीं अनावश्यक व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया गया है। भारत-पाक के बीच तनावपूर्ण हालात को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों (Security Agencies) ने एहतियातन यह फैसला किया है। ताकि संभावित खतरे से केंद्र की सुरक्षा सुरक्षित की जा सके। उच्चस्तरीय निर्देशों के तहत लिया निर्णय ताप विद्युत केंद्र (Sanjay Gandhi Thermal Power) की सुरक्षा को लेकर केंद्र के मुख्य अभियंता का कहना है कि जबलपुर से मिले उच्चस्तरीय निर्देशों के तहत यह निर्णय लिया गया है। देश की सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। ऐसे में केंद्र की कॉलोनी सहित पुरे परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्राधिकृत व्यक्तियों को ही मिलेगी एंट्री उनका कहना है कि अब यहां अनावश्यक लोगों की एंट्री बंद कर दी गई है। वहीं केवल प्राधिकृत लोग ही यहां प्रवेश कर सकेंगे। यहां मौजूद कर्मचारियों और निवासियों से अनुरोध किया गया है कि वे सुरक्षा कर्मियों द्वारा की जा रही जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग करें। परिसर के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर भी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जा रहा है। अफवाह पर न दें ध्यान विद्युत केंद्र (Sanjay Gandhi vidyut Taap kendra) प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों से अपील की गई है कि वे संयम रखें और अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान ना दें। इस समय संयम और जागरुकता ही सबसे बड़ा हथियार है। सभी को मिलकर इस चुनौतीपूर्ण समय में सहयोग करना चाहिए। केंद्र के साथ ही राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति प्रशासन जागरूक और प्रतिबद्ध है। सुरक्षा के मद्देनजर ये कदम उठाया है, ये अस्थाई व्यवस्था है।

मध्यप्रदेश के 7.50 लाख कर्मचारियों के बड़ी खुशखबरी, महंगाई भत्ते के आदेश जारी

भोपाल राज्य शासन ने शासकीय सेवकों को बड़ी राहत देते हुए मंहगाई भत्ते की दर में वृद्धि का आदेश जारी किया है।आदेश में कहा गया है कि फरवरी-2024 से 7वें वेतनमान के तहत 50 फीसदी महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। विभाग ने कहा है कि एक जुलाई 2024 से 53 प्रतिशत और एक जनवरी 2025 से 55 प्रतिशत राशि का भुगतान कर्मचारियों को किया जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसी महीने महंगाई भत्ता देने की घोषणा की थी। इसे पिछली कैबिनेट बैठक में मंजूरी भी दे दी गई है। दो चरणों में बढ़ेगा DA आदेशानुसार, सातवें वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान 50% महंगाई भत्ते के स्थान पर दो चरणों में बढ़ा हुआ भत्ता मिलेगा। एक जुलाई 2024 से मंहगाई भत्ता 3% बढ़कर 53% किया गया है, जिसका भुगतान अगस्त 2024 के वेतन में होगा।इसी तरह 1 जनवरी 2025 से इसमें और 2% की वृद्धि कर इसे कुल 55% कर दिया जाएगा, जिसका भुगतान फरवरी 2025 के वेतन के साथ किया जाएगा। मई 2025 से मिलेगा लाभ, एरियर 5 किश्तों में राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि इस वृद्धि का वास्तविक लाभ 1 मई 2025 से दिया जाएगा और 1 जुलाई 2024 से 30 अप्रैल 2025 तक की एरियर राशि का भुगतान जून से अक्टूबर 2025 के बीच 5 किश्तों में किया जाएगा। 1 मई से 55% भत्ता वेतन के साथ मिलेगा वित्त विभाग के आदेश में कहा गया है कि कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का फायदा एक मई 2025 से मिलेगा, जिसका भुगतान जून में होगा। एक जुलाई 2024 से 30 अप्रैल 2025 तक की एरियर राशि का भुगतान 5 समान किस्तों में जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2025 में किया जाएगा। जो कर्मचारी अधिकारी एक जुलाई 2024 से 31 मई 2025 की अवधि में रिटायर हुए हैं या जिनकी मौत हो गई है उन्हें और उनके नॉमिनेट परिजन को एरियर की राशि दी जाएगी। पेंशनर्स और उनके परिजन के लिए भी आदेश वित्त विभाग ने प्रदेश के पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को भी महंगाई राहत देने के आदेश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि 30 अक्टूबर 2024 के आदेश द्वारा पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को 1 अक्टूबर 2024 (भुगतान नवंबर-2024) से सातवें वेतनमान में मूल पेंशन, परिवार पेंशन पर 50% की दर से और छठे वेतनमान पर 239% की दर से महंगाई राहत दी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 12 मार्च 2025 से मप्र पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 के अंतर्गत एक मार्च 2025 से सातवें वेतनमान में 53% और छठवें वेतनमान में 246% महंगाई राहत दिए जाने के फैसले में मध्य प्रदेश सरकार से सहमति चाही गई थी। इसलिए प्रदेश के पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को एक मार्च 2025 से सातवें वेतनमान पर 3 प्रतिशत और छठवें वेतनमान पर सात प्रतिशत महंगाई राहत मंजूर की जाती है। इसके बाद छठवें वेतनमान पर 246 प्रतिशत और सातवें वेतनमान पर पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को 53 प्रतिशत महंगाई राहत मिलेगी। अगर किसी को पति या पत्नी की मृत्यु के कारण अनुकंपा नियुक्ति के आधार पर सेवा में रखा गया है तो ऐसे मामले में परिवार पेंशन पर महंगाई राहत की पात्रता नहीं होगी। 6वें वेतनमान वाले कर्मचारियों को ऐसे मिलेगा डीए वित्त विभाग के आदेश में कहा गया है कि छठवां वेतनमान पा रहे कर्मचारियों को एक जनवरी 2024 से 239 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। अब नई व्यवस्था के अनुसार एक जुलाई 2024 से सात प्रतिशत ज्यादा भत्ता मिलेगा, जो 246 प्रतिशत होगा। इसके साथ ही एक जनवरी 2025 से 246 प्रतिशत महंगाई भत्ते को 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए 252 प्रतिशत कर दिया गया है। इस आधार पर एक जुलाई 2024 से 246 प्रतिशत और एक जनवरी 2025 से 252% महंगाई भत्ता छठवां वेतनमान पाने वालों को मिलेगा। इनके एरियर का भुगतान भी सातवां वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों की तरह जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2025 में पांच समान किस्तों में किया जाएगा। सेवानिवृत्त व दिवंगत कर्मियों को एकमुश्त भुगतान 1 जुलाई 2024 से 31 मई 2025 के बीच सेवानिवृत्त हो चुके शासकीय कर्मचारियों को एरियर की पूरी राशि का एकमुश्त भुगतान किया जायेगा। इसी तरह एक जुलाई 2024 से 31 मई 2025 की अवधि में मृत कर्मचारियों के परिजनों को एरियर की पूरी राशि एकमुश्त प्रदान की जाएगी। अन्य निर्देश 50 पैसे या उससे अधिक की राशि को अगले पूर्णांक रुपए में पूर्णांकित किया जाएगा। मंहगाई भत्ते का कोई भी भाग वेतन के रूप में नहीं माना जाएगा। इस भुगतान का व्यय संबंधित विभाग के चालू वित्तीय वर्ष के स्वीकृत बजट प्रावधान से अधिक नहीं होना चाहिए।  

हिन्दू लड़कियों से रेप व जिहाद के मामले में लगातार नए खुलासे, प्रेग्नेंट न हो छात्राएं देते थे गर्भनिरोधक गोलियां

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हिंदू युवतियों से बलात्कार और ब्लैकमेलिंग के मामले में एक नया खुलासा हुआ है. एक पीड़ित युवती ने बताया कि कई बार उन्हें गर्भनिरोधक गोलियां दी गईं ताकि वे गर्भवती न हों. दरअसल, इस मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम तीन दिनों तक भोपाल में रही और इस दौरान पुलिस के जांच अधिकारियों, पुलिस कमिश्नर, और पीड़ित युवतियों से मुलाकात कर उनके बयान दर्ज किए. महिला आयोग की टीम में शामिल महिला सदस्यों ने जब पीड़िताओं की आपबीती सुनी, तो उस हैवानियत को सुनकर उनकी आंखें नम हो गईं.इतना ही नहीं, पीड़िताओं ने महिला आयोग की टीम को बताया कि कई बार उन्हें जबरन गर्भनिरोधक गोलियां खिलाई गईं ताकि वे गर्भवती न हों. इन गोलियों के सेवन के बाद कई पीड़िताओं को शारीरिक तकलीफें हुईं और कुछ का मासिक धर्म चक्र भी प्रभावित हो गया. युवतियों ने बताया कि गोलियां खाने से मना करने पर कई बार उनके साथ मारपीट की गई और गोलियां खाने के लिए दबाव डाला गया.  चंगुल में फंसी हिंदू छात्राओं को दूर जाने के बाद भी नहीं छोड़ता था गिरोह अपने चंगुल में फंसी युवतियों को गिरोह दूर जाने के बाद भी नहीं छोड़ता था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि भोपाल के टीआइटी कालेज की छात्रा को ही नहीं, उसकी बहन को भी आरोपित फरहान खान ने चंगुल में फंसाया। छात्रा को वह वर्ष 2023 से ब्लैकमेल कर रहा था। फरहान से बचने के लिए वह इंदौर पढ़ने चली गई। फरहान को पता चला तो वह इंदौर पहुंच गया। आठ अप्रैल की देर रात वह उसके कमरे में घुस गया। उस दौरान छात्रा रिश्ते के एक भाई से फोन पर बात कर रही थी। फरहान ने पहुंचते छात्रा से मारपीट की और दुष्कर्म किया। अचानक हुए घटनाक्रम के बीच छात्रा और उसके भाई की कॉल जारी रही। फरहान के मोबाइल में 10 से 12 युवतियों के वीडियो मिले टीआइटी कालेज प्रकरण में पुलिस को आरोपित फरहान के मोबाइल में 10 से 12 युवतियों के वीडियो मिले हैं। महिला पुलिस अधिकारियों ने कुछ छात्राओं से संपर्क कर उनकी काउंसलिंग की है और उन्हें केस करने को कहा है। इस बीच एक और लड़की शिकायत के लिए तैयार हुई है। संभावना है कि इस मामले में छठी एफआइआर दर्ज हो जाएगी। बता दें कि अब तक भोपाल के पांच थानों में पांच मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसमें 12 लोगों को आरोपित बनाया गया है। फरहान की बहन जोया और उसके पति पर भी केस दर्ज मुख्य आरोपित फरहान खान के अलावा अली, साहिल, साद, अबरार और नबील पर केस दर्ज है। फरहान की बहन जोया और उसके पति पर भी केस दर्ज है। पुलिस आयुक्त ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसआइटी का गठन किया है।  

जल गंगा संवर्धन अभियान कूप रिचार्ज पिट निर्माण में खंडवा जिले ने हासिल किया 100 फीसदी का लक्ष्य

 खंडवा  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश पुराने जल स्त्रोतों को सहेजने, नया जीवन देने और किसानों को सिंचाई व पीने के लिए नलकूप, कुओं से पर्याप्त मात्रा में पानी मिले, इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश भर में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत खेत तालाब, कूपजल गंगा संवर्धन अभियान रिचार्ज पिट, सोख्ता गड्ढ़ा, बोरी बंधान सहित बारिश का पानी रोकने के लिए अन्य कार्य किए जा रहे हैं। इसके लिए सभी जिलों को लक्ष्य भी दिया गया है। खंडवा जिला प्रदेश का पहला ऐसा जिला बना है, जिसने कूप रिचार्ज पिट निर्माण में 100 फीसदी का लक्ष्य हासिल किया है। 4 हजार 700 का मिला था लक्ष्य, बनाए 4 हजार 838 जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत खंडवा जिले को 4 हजार 700 कूप रिजार्च पिट बनाने का लक्ष्य मिला था, जिसे समय से पहले और लक्ष्य से अधिक पूरा कर लिया गया है। जिले में 4 हजार 838 कूप रिचार्ज पिट बनाएं गए हैं। जिला पंचायत सीईओ खंडवा नागार्जुन बी गौड़ा ने बताया कि इसके साथ ही जिले में 15 हजार कूप रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं, करीब 10 हजार कार्य प्रगतिरत हैं। जल संचय, जन भागीदारी अभियान में देश में तीसरे नंबर है खंडवा जिला बारिश के पानी का संचयन करने के लिए भारत सरकार के केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा ” जल संचय, जन भागीदारी अभियान राष्ट्रीय अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत देशभर के सभी जिलों में बारिश के पानी को एकत्र करने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग रिचार्ज पिट, स्टॉप डैम, सोख्ता गड्ढा सहित विभिन्न प्रकार के कार्य किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश का खंड़वा जिला 7 मई की स्थिति में देशभर में तीसरे नंबर पर है। कूप रिजार्च पिट के फायदें कूप रिचार्ज पिट, जिसे रिचार्ज शाफ्ट या रिचार्ज पिट भी कहा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य भू-जल स्तर को बढ़ावा देना है। बारिश का पानी जमीन के अंदर रिसने से भू-जलस्तर बढ़ता है। साथ ही कूप या नलकूपों के सूखने की संभावना भी कम रहती है। साथ ही सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बनी रहती है।  उल्लेखनीय है कि प्रदेश में बारिश के पानी को सहेजने, पुराने जल स्त्रोतों को संवारने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेशभर में 30 मार्च 2025 से 30 जून 2025 तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है।  जल संचय, जन भागीदारी अभियान में देश में तीसरे नंबर है खंडवा जिला बारिश के पानी का संचयन करने के लिए भारत सरकार के केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा ” जल संचय, जन भागीदारी अभियान राष्ट्रीय अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत देशभर के सभी जिलों में बारिश के पानी को एकत्र करने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग रिचार्ज पिट, स्टॉप डैम, सोख्ता गड्ढा सहित विभिन्न प्रकार के कार्य किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश का खंड़वा जिला 7 मई की स्थिति में देशभर में तीसरे नंबर पर है। 30 मार्च 2025 से 30 जून 2025 तक चलेगा अभियान उल्लेखनीय है कि प्रदेश में बारिश के पानी को सहेजने, पुराने जल स्त्रोतों को संवारने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेशभर में 30 मार्च 2025 से 30 जून 2025 तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। कूप रिजार्च पिट के फायदें कूप रिचार्ज पिट, जिसे रिचार्ज शाफ्ट या रिचार्ज पिट भी कहा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य भू-जल स्तर को बढ़ावा देना है। बारिश का पानी जमीन के अंदर रिसने से भू-जलस्तर बढ़ता है। साथ ही कूप या नलकूपों के सूखने की संभावना भी कम रहती है। साथ ही सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बनी रहती है।

बिजली कार्मिकों के भविष्य निधि खाते की शेष राशि पर ब्याज दर फाइनल

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा कार्मिकों के भविष्य निधि खाते की शेष राशि पर वार्षिक ब्याज दर तय कर दी गयी हैं। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास की 91वीं बैठक में लिए गए निर्णय के बाद जारी आदेश के अनुसार मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास के वित्तीय वर्ष 2024-25 में सेवारत/दिवंगत अथवा सेवानिवृत होने वाले कार्मिकों के भविष्य निधि खाते की शेष राशि पर 9.50 प्रतिशत (साढ़े नौ प्रतिशत) वार्षिक दर से ब्याज का भुगतान किया जाएगा। इसी तरह से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रावधिक रूप से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से भुगतान किया जाएगा। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास की बैठक में इस सहमति बनी। न्यास की 91वीं बैठक में लिए गए निर्णय के बाद इस संबंध में आदेश जारी किया गया। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास की बैठक में इस मुद्दे पर व्यापक विचार विमर्श के बाद फैसला लिया गया। शेष राशि पर 9.50 प्रतिशत (साढ़े नौ प्रतिशत) वार्षिक दर से ब्याज का भुगतान न्यास पदाधिकारियों द्वारा जारी आदेश के अनुसार मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास के कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते की शेष राशि पर 9.50 प्रतिशत (साढ़े नौ प्रतिशत) वार्षिक दर से ब्याज का भुगतान किया जाएगा। इसी तरह से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रावधिक रूप से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से भुगतान किया जाएगा। आदेश में इसके लिए पात्र कर्मचारी, अधिकारी भी रेखांकित किए मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास के आदेश में इसके लिए पात्र कर्मचारी, अधिकारी भी रेखांकित किए गए हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में सेवारत, दिवंगत अथवा सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों को यह लाभ दिया जाएगा।

कूनो नेशनल पार्क में एक और मादा चीता धीरा गर्भवती, वर्तमान में 10 वयस्क चीते और 19 शावक

शिवपुरी  मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में बसाए गए चीतों ने एक बार फिर अभयारण्य की सीमा से बाहर चले गए हैं। कल रात पांच चीतों का समूह पार्क से बाहर निकल गया था। इसे बाद आज सुबह ये शिवपुरी जिले के पोहरी तक पहुंच गए हैं। चीतों को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई है। चीता धीरा गर्भवती, पखवाड़े भीतर कुनबा बढ़ने की संभावना कूनो नेशनल पार्क में एक और मादा चीता धीरा गर्भवती है। अगले एक पखवाड़े में उसके संभावित प्रसव से यहां शावकों की संख्या में और इजाफा हो सकता है। वर्तमान में 10 वयस्क चीते और 19 शावक हैं। इन्हीं में से दो चीता प्रभाष व पावक को मंदसौर के गांधीसागर अभयारण्य भेजा गया है। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 20 चीतों में 10 मादा चीता थीं। इनमें से जीवित सात मादा चीतों में से अब केवल नाभा चीता ही शेष है, जो गर्भवती नही हुई है। भारत में पैदा हो रहे शावकों की बढ़ती संख्या से चीता पुनर्वास परियोजना को मजबूती मिली है। दो साल की हो चुकी है मुखी सबसे पहले ज्वाला चीता ने चार शावकों को जन्म दिया था, जिसमें से तीन की मौत हो गई थी, जबकि एक मादा शावक मुखी जिंदा बची थी, जो अब दो साल की हो चुकी है। ज्वाला इसके अलावा चार और शावकों को भी जन्म दे चुकी है। विशेष निगरानी की जा रही है आशा के तीन, गामिनी के चार, वीरा के दो, निर्वा के पांच शावक हैं। अब मादा चीता धीरा के गर्भवती होने की खुशखबरी से पार्क प्रबंधन ने उसे खुले जंगल से पकड़कर बाड़े में छोड़ा है। सिंह परियोजना के मुख्य वन संरक्षक उत्तम कुमार शर्मा के अनुसार मादा चीता धीरा को बाड़े में रखकर विशेष निगरानी की जा रही है। बाड़े में 13 चीता हो गए बाड़े में अब 13 चीता हो गए हैं। धीरा कुछ दिन पहले कूनो की सीमा से बाहर निकलकर कराहल के वन क्षेत्र तक पहुंच गई थी। इसलिए भी एहतियातन यह कदम उठाया गया है। खुले जंगल में ज्वाला के शावकों सहित कुल 16 चीता हैं। दस दिन पहले ही कूनो में निर्वा चीता ने पांच शावकों को जन्म दिया है, जो पूरी तरह स्वस्थ हैं। पहले भी निकले थे सीमा से बाहर दरअसल, ज्वाला और उसके चार बच्चे शनिवार शाम को पहली बार कूनो नेशनल पार्क की सीमा से बाहर निकले थे। रविवार दोपहर तक वे वापस जंगल में चले गए थे। लेकिन, रविवार रात को वे फिर से वीरपुर तहसील के श्यामपुर गांव के पास दिखाई दिए। वे श्योपुर-ग्वालियर ब्रॉडगेज रेल ट्रैक से लगभग 1 किलोमीटर दूर थे। लाठी-डंडे और पत्थर लेकर टूट पड़े गांव वाले ग्रामीणों ने चीतों को भगाने के लिए लाठियां उठाई। जब चीतों ने गाय पर हमला किया, तो लोगों ने उन्हें पत्थर मारे। सोमवार सुबह, ये पांचों चीते कूनो सायफन के पास से होते हुए कूनो नदी में पहुंचे। वे निर्माणाधीन रेलवे पुल के नीचे काफी देर तक बैठे रहे। इस दौरान, वहां से गुजरने वाले लोग चीतों को देखने के लिए जमा हो गए। गाय पर हमले से गुस्से में आए ग्रामीण मादा चीता और उसके बच्चे एक-एक करके रास्ता पार कर रहे थे। तभी उन्होंने एक गाय पर झपट्टा मारा। गाय पर हमला होते देख ग्रामीण गुस्से में आ गए। वे लाठी लेकर दौड़े और चीतों को पत्थर मारने लगे। चीता ज्वाला ने काफी देर तक गाय का गला पकड़ रखा था। लेकिन, जैसे ही उसे पत्थर लगा, उसने गाय को छोड़ दिया और अपने बच्चों के साथ भाग गई। रेल ट्रैक के पास लगी लोगों की भीड़ घटना के बाद, सुबह लगभग 10 बजे, चीतों का दल कूनो पुल क्षेत्र से निकल वीरपुर के तिललिडेररा क्षेत्र में पहुंच गया। निर्माणाधीन श्योपुर-ग्वालियर ब्रॉडगेज रेल ट्रैक के पास चीतों को देखने के लिए भीड़ जमा हो गई। एक महीने पहले ही छोड़ा गया था ज्वाला और उसके शावकों को 21 फरवरी को खजूरी क्षेत्र के जंगल में छोड़ा गया था। एक महीने तक वे पार्क की सीमा में ही रहे। चीतों के बाहर निकलने पर, क्षेत्र के चीता मित्रों और उनकी टीम ने आसपास के लोगों को जागरूक किया। उन्होंने लोगों को बताया कि चीते लोगों पर हमला नहीं करते हैं। उन्होंने लोगों से चीतों को न भगाने और उनकी सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की। बीते दो दिन से चीतों का समूह इस इलाके में डेरा डाले हुए है।

पोर्टल बंद होने से निगम की ऑनलाइन वसूली पूरी तरह से बंद, टैक्स जमा करने वाले परेशान

इंदौर नगर निगम का पोर्टल एक अप्रैल से बंद है। इस कारण जोनल कार्यालयों और निगम मुख्यालय पर कर जमा करने पहुंचने वाले लोग परेशान हो रहे हैं। उन्हें बगैर कर जमा कराए ही लौटना पड़ रहा है। पोर्टल बंद होने से नगर निगम को एक अप्रैल से अब तक करीब 25 करोड़ रुपये का फटका लग चुका है। निगम पोर्टल को नए वित्तीय वर्ष में डेटा अपडेट और अपलोड करने के उद्देश्य से बंद किया गया था। दावा था कि एक सप्ताह के भीतर इसे फिर चालू कर दिया जाएगा, लेकिन मई का पहला सप्ताह बीत चुका है। पोर्टल अब भी चालू नहीं हुआ।   रसीद मिल रही है और न रिकॉर्ड अपडेट पोर्टल बंद होने से निगम की ऑनलाइन वसूली पूरी तरह से बंद है। नागरिकों से कहा जा रहा है कि वे जोनल कार्यालय और मुख्यालय जाकर कर जमा कर सकते हैं। जब नागरिक जोनल कार्यालय और मुख्यालय कर जमा करने पहुंच रहे हैं, तो उन्हें यह कहकर लौटाया जा रहा है कि हमारे पास अभी रसीद कट्टे उपलब्ध नहीं हैं। इस वजह से संपत्ति कर, जल कर, किराया इत्यादि जमा नहीं हो पा रहे हैं। लोगों को न रसीद मिल रही है और न रिकॉर्ड अपडेट हो पा रहा है।   नए खाते खुलवाने के लिए चक्कर लगा रहे लोग पोर्टल बंद होने का सीधा असर नए खातों पर भी पड़ रहा है। जोनल कार्यालयों और मुख्यालय पर संपत्ति कर, जल कर के नए खाते खुलवाने वाले चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन पोर्टल बंद होने से नए खाते ही नहीं खोले जा रहे। निगम अधिकारी पोर्टल को लेकर भोपाल तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हो रहा। अधिकारी यह बताने की स्थिति में भी नहीं हैं कि पोर्टल कब तक चालू होगा। एक तरफ निगम आर्थिक संकट से जूझ रहा है दूसरी तरफ कर जमा करने के लिए पहुंचने वाले कर चुकाए बगैर लौट रहे हैं। 10 मई को है राष्ट्रीय लोक अदालत, कैसे जमा होगा कर वर्ष 2025 की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत 10 मई को आयोजित होना है। हर बार नगर निगम को लोक अदालत में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व प्राप्त होता है। नागरिकों को कर भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए नगर निगम सरचार्ज पर छूट भी देता है, लेकिन इस बार नगर निगम का पोर्टल बंद होने से अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। पोर्टल चालू नहीं होने से आमजन के पास बकाया टैक्स की जानकारी नहीं होगी। इस कारण वे कर जमा करने भी नहीं पहुंचेंगे।

गांधी सागर बांध से 891.944 एमसीएम पानी छोड़ने की अनुमति जारी, निर्धारित शर्तों पर जारी की गई अनुमति

भोपाल मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग जयपुर द्वारा प्रदत्त अनापत्ति एवं अनुशंसा के तहत ग्रीनको ग्रुप द्वारा 1920 मेगावॉट पम्प स्टोरेज परियोजना के निर्माण के लिये गांधीसागर बांध से 891.944 एमसीएम जल प्रवाहित करने की निर्धारित शर्तों पर अनुमति जारी की गई है। प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग भोपाल श्री विनोद कुमार देवड़ा ने मुख्य अभियंता जल संसाधन उज्जैन को निर्धारित शर्तों के अधीन पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक उपयोग के लिए आवश्यक जल गांधीसागर बाँध में संग्रहित रखने के निर्देश दिये हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि बाँध से जल प्रवाहित करने के लिए निर्धारित ऑपरेशन मैन्यूअल/बाँध सुरक्षा के मापदण्डों का पालन करना होगा। बाँध से जल प्रवाहित किये जाने के लिए निर्धारित (म.प्र. एवं राजस्थान राज्य) अंतर्राज्यीय नियंत्रण समिति/सदस्यों से परस्पर समन्वय कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बाँध के निचले क्षेत्र की सुरक्षा के लिए आवश्यक अलार्मिंग तंत्र के संज्ञान में लाकर जल प्रवाहित किये जाने की कार्रवाई की जाये। गांधीसागर जलाशय से प्रवाहित 891.944 एमसीएम जल के राणा प्रताप सागर बाँध में सुरक्षित संग्रहण एवं समुचित उपयोग के संबंध में राजस्थान राज्य के संबंधित मुख्य अभियंताओं से आवश्यक समन्वय किया जाए। सुरक्षित रूप से जल प्रवाह के दौरान टीम का गठन कर सतत् मॉनिटरिंग की कार्यवाही सुनिश्चित करें। जल प्रवाह किये जाने की कार्यवाही के संबंध में संबंधित कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व और पुलिस) और तहसीलदार को सूचित किया जाना सुनिश्चित करें।  

स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की मिलेगी छूट

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को दिन के टैरिफ में छूट प्रदान की जाएगी। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जाएगी। कंपनी ने कहा है कि यह छूट एलवी उपभोक्ता श्रेणियों के लिए विशिष्ट नियमों और शर्तों के आधार पर दिन के विभिन्न समय के दौरान खपत की अवधि के अनुसार ऊर्जा शुल्क पर लागू होगी। एल.वी.-1 घरेलू और एल.वी.-3 सार्वजनिक जल कार्य और स्ट्रीट लाइट पीक ऑवर्स (सुबह) 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। इसी तरह एल.वी.-2: गैर-घरेलू और एल.वी.-4: एल.टी. औद्योगिक ऑफ पीक/ सौर समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। उपरोक्त दोनों ही श्रेणियों में यह छूट 10 किलोवाट से अधिक स्वीकृत लोड / अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को ही मिलेगी। वहीं स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जिसमें एल.वी.-1 घरेलू, एल.वी.-2 गैर घरेलू, एल.वी.-3 सार्वजनिक जल कार्य और स्ट्रीट लाइट और एलवी-4 एलटी औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए ऑफ पीक/ सौर समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। यह छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड / अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को ही मिलेगी।  

मध्यप्रदेश में कृषि और उद्योग का समन्वय आत्मनिर्भरता की दिशा में दूरगामी पहल : प्रभारी मंत्री काश्यप

भोपाल एमएसएमई और भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने कहा है कि मध्यप्रदेश में कृषि और उद्योग के समन्वय का अनूठा प्रयोग प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य में नई क्रांति ला रहा है। कोर्टयार्ड बाय मैरियट में आयोजित “मध्यप्रदेश में गन्ना फसल एवं शुगर कारखानों के सतत् विकास” सम्मेलन में मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि खेती भारत की आत्मा है और एमएसएमई विभाग के माध्यम से शुगर फैक्ट्रियों की स्थापना से किसानों को बेहतर मार्केटिंग, तकनीकी सहायता एवं वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे ग्रामीण आर्थिक विकास को नई गति मिल रही है। सम्मेलन में प्रदेश के एमएसएमई और कृषि विभाग के अधिकारी, उद्योगपति तथा किसान प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 3 मई को मंदसौर में आयोजित बड़े कृषि समारोह में कृषि मेले में उद्योगों को शामिल करने का यह पहला प्रयास मध्यप्रदेश की नई दृष्टि को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि सिंचित क्षेत्र 7 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 55 से 60 लाख हैक्टेयर तक पहुंच गया है, जिससे प्रदेश की जीडीपी में कृषि का योगदान उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। प्रभारी मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने और उत्पादकता के साथ जीडीपी वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए कटिबद्ध है। शुगर मिलों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिये भूमि, बिजली और ऋण योजनाओं में विशेष रियायतें दी जा रही हैं। इससे कृषि क्षेत्र को बल मिलेगा, बेरोजगारी में कमी आएगी और आर्थिक समृद्धि के नए आयाम खुलेंगे। प्रभारी मंत्री श्री काश्यप ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि कृषि और उद्योग का यह सम्मिलन आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में एक सकारात्मक और दूरदर्शी पहल है, जो किसानों और उद्योग दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।  

दमोह जिले के पटेरा में 10 हजार से अधिक की आबादी को जल-आपूर्ति का लाभ, योजना से 2535 घरों को दिया गया नल कनेक्शन

भोपाल दमोह जिले के पटेरा नगर में जल-प्रदाय परियोजना का सफल क्रियान्वयन किया गया है। यह परियोजना एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से पूरी की गई है। पेयजल परियोजना का कार्य नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत कार्य करने वाली मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी द्वारा किया गया है। परियोजना की लागत 9 करोड़ 42 लाख रुपये है। इस लागत के साथ निर्माण एजेंसी पर परियोजना के 10 वर्षों तक संचालन और संधारण की भी जिम्मेदारी रहेगी। परियोजना के अंतर्गत पटेरा के 2535 घरों को नल कनेक्शन से जोड़ा गया है, जिससे अब प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो गई है। जल की शुद्धि के लिए व्यारमा नदी से पानी लेकर, जल निगम द्वारा निर्मित अत्याधुनिक जल शोधन संयंत्र के माध्यम से इसका शोधन किया जा रहा है। शहर की 10 हजार से अधिक की आबादी को लाभ पहुंचाने के लिये लगभग 45 किलोमीटर लंबी जल वितरण पाइप-लाइन बिछाई गई है। इसके अतिरिक्त जल संग्रहण के लिए 540 किलोलीटर क्षमता का ग्राउंड सर्विस रिजर्वायर भी तैयार किया गया है। इस परियोजना से पटेरा नगर के समस्त 15 वार्डों की जनता को लाभ मिल रहा है। घर-घर नल कनेक्शन मिलने से नागरिकों को अब पानी के लिए दूर जाने की दिक्कतों से छुटकारा मिल गया है। यह पहल न केवल नागरिकों की सुविधा बढ़ा रही है, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक परिवर्तन ला रही है।  

विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आवंटित बजट का शत-प्रतिशत करें उपयोग : मंत्री चौहान

भोपाल अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि विभाग में जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आवंटित बजट का शत-प्रतिशत उपयोग करें। आवंटित बजट का उपयोग शासन की मंशानुरूप अनुसूचित वर्ग के नागरिकों के कल्याण में किया जाए। यह बात मंत्री श्री चौहान ने गुरुवार को मंत्रालय में वित्तीय वर्ष 2025- 26 में बजट प्रावधान एवं व्यय की समीक्षा के दौरान कही। इस अवसर पर उन्होंने विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश भी दिए। प्रमुख सचिव श्री ई. रमेश कुमार, आयुक्त श्री धनंजय भदौरिया, अपर आयुक्त संजय वार्ष्णेय सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि अनुसूचित जाति विभाग अंतर्गत छात्रावासों में रिक्त सीटों की समीक्षा करें। उन्होंने कहा आगामी मई एवं जून माह में छात्रावासों की रिक्त सीटें भरने के लिए कार्य योजना बनाकर कार्य करें। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि छात्रावास अधीक्षकों की कार्यशाला का आयोजन भी आगामी माह किया जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों में शिक्षकों की पर्याप्त संख्या हो एवं पढ़ाई का स्तर भी प्रतियोगी परीक्षाओं के बदलते स्वरूप के अनुरूप हो, जिससे अनुसूचति जाति वर्ग के अधिक विद्यार्थी इन परीक्षाओं में सफल हो सके। उन्होंने कहा कि संभागवार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों की मांग के अनुसार कार्य योजना बनायी जाए। मंत्री श्री चौहान के कहा कि इस वित्तीय वर्ष में बजट के संपूर्ण व्यय की माइक्रो प्लानिंग कर बजट खर्च किया जाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में जन-प्रतिनिधियों की मांगो का भी अनुसरण करें। उन्होंने छात्रावास भवन विहीन छात्रावासों के निर्माण का कार्य शीघ्र से पूर्ण करें, जिससे छात्र- छात्राओं को असुविधा न हो। उन्होंने ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम की भी समीक्षा की। उन्होंने ज्ञानोदय विद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति करने के निर्देश भी दिए। मंत्री श्री चौहान ने इस दौरान विद्यार्थियों के लिए अनुसूचित जाति छात्रावास, आवास सहायता योजना, छात्रवृत्तियां, छात्रावास निर्माण, बाबू जगजीवन राव छात्रावास योजना, संत रविदास स्मारक निर्माण सहित कई विषयों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। प्रमुख सचिव श्री ई. रमेश कुमार ने विगत वर्षों के वित्तीय व्यय, विभागीय कार्यों की जानकारी से अवगत कराया।

प्रदेश में 15 हजार ईको क्लब गठित, प्रति विद्यालय पर्यावरण की दृष्टि से 35 पौधों का रोपण

भोपाल प्रदेश में बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिये विद्यालयों में ईको क्लब का गठन लगातार किया जा रहा है। अब तक 15 हजार ईको क्लब का गठन किया जा चुका है। प्रदेश में वर्ष 2022-23 से यूथ एण्ड ईको क्लब के गठन के संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किये थे। विभाग द्वारा प्रतिवर्ष ईको क्लब की गतिविधियों के संबंध में कैलेण्डर जारी किया जाता है। शैक्षणिक सत्र-2024-25 में 5 से 12 जून, 2024 तक राज्य में पर्यावरण सप्ताह के अंतर्गत समर कैम्प का आयोजन किया गया। कैम्प में “एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान, जल शक्ति अभियान, सम्पोषणीय जीवन-शैली संबंधित गतिविधियाँ, ईको हेकाथॉन के साथ निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित की गयीं। निबंध प्रतियोगिता का शीर्षक जीवित गवाह, एक पेड़ की नजर से रखा गया था। शैक्षणिक-सत्र 2025-26 के लिये तैयार किया जा रहा है कैलेण्डर स्कूलों में शैक्षणिक-सत्र 2025-26 के लिये पर्यावरण पर केन्द्रित कैलेण्डर तैयार किया जा रहा है। कैलेण्डर के अनुसार ईको क्लब में विद्यार्थियों की गतिविधियाँ सुनिश्चित की जायेंगी।  

आधार के अनुप्रयोग से सुगम हो रहा सुशासन, खुल रहे नवाचार के नये रास्ते

भोपाल “AI भारत @ एमपी” कार्यशाला में ‘Deriving Maximum Impact Out of Aadhaar’ विषय पर विशेष सत्र कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में आयोजित किया गया। सत्र में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के प्रतिनिधियों ने आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से सामाजिक कल्याण, नवाचार और ज्ञान (SWIK) आधारित सुशासन को और अधिक प्रभावशाली बनाने के संबंध में जानकारी दी। UIDAI के उप महानिदेशक श्री आमोद कुमार ने आधार की प्रभावशीलता और राज्यों द्वारा अपनाई गई सर्वोत्तम योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने UIDAI की AI आधारित चेहरा प्रमाणीकरण प्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली ने आधार सेवा की गतिशीलता बढ़ा दी है। साथ ही लाभार्थी की डाटा सुरक्षा में बढ़ोतरी भी हुई है। UIDAI प्रौद्योगिकी केंद्र, बेंगलुरु के श्री सुमित आनंद ने इस नवीन प्रणाली के तकनीकी पक्षों को विस्तार से समझाया। भारत सरकार के DBT मिशन के अपर सचिव श्री सौरभ कुमार तिवारी ने बताया कि कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) की व्यावहारिक चुनौतियों को आधार प्रमाणीकरण प्रणाली में आये तकनीकी नवाचारों ने और सुगम बना दिया है। समापन सत्र को संबोधित करते हुए UIDAI मध्यप्रदेश के निदेशक श्री सुमित मिश्रा ने बताया कि इस तरह की कार्यशालाओं से राज्यों की विशेष आवश्यकताओं का ज्ञान होता है। इन कार्यशालाओं से आधार सेवा प्रणाली को सशक्त बनाने औऱ लाभार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप और सक्षम बनाने के लिए आवश्यक जानकारियां मिलती हैं। इससे आधार की भूमिका को शासन के हर स्तर पर अधिकतम उपयोगी बनाने में सहायता मिलती है। कार्य़शाला में स्पष्ट हुआ कि UIDAI के द्वारा उपलब्ध कराई गई “आधार’’ सेवा मात्र पहचान बताने का माध्यम नहीं है। इससे सुशासन और सुगम बनाता है, साथ ही प्रशासन में नवाचारों के लिए नए मार्ग प्रशस्त होते हैं।  

तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लीजिए, कौशल सीखिए एवं राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनिए : मंत्री परमार

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने गुरुवार को मंत्रालय स्थित प्रतिकक्ष में तकनीकी शिक्षा विभाग अंतर्गत तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर तैयार विस्तृत मार्गदर्शिका का विमोचन किया। इस अवसर पर आयुक्त तकनीकी शिक्षा श्री अवधेश शर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को सर्वसुलभ, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुखी बनाने हेतु सतत प्रयत्नशील है। शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत छात्रवृत्ति एवं अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाती है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि प्रदेश में तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। विद्यार्थियों की सुविधा एवं मार्गदर्शन के लिए एक विस्तृत मार्गदर्शिका उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें पाठ्यक्रमों की जानकारी, पात्रता एवं प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया उपलब्ध है। मंत्री श्री परमार ने विद्यार्थियों से अपील करते हुए, उन्हें कौशल आधारित इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के लिए आमंत्रित किया है। मंत्री श्री परमार ने विद्यार्थियों से कहा कि उक्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश लीजिए, कौशल सीखिए एवं राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनिए। मंत्री श्री परमार ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएँ भी प्रेषित की है।  

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