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आपदा प्रबंधन पर जनजातीय छात्रावास में एक दिवसीय कार्यशाला

भोपाल एनडीआरएफ द्वारा भदभदा स्थिति अनुसूचित जाति एवं जनजातीय महाविद्यालयीनबाल छात्रावास में आपदाप्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। प्राकृतिक आपदा के दौरानजीवनरक्षक, प्राथमिक उपचार एवं प्रबंधनपर केन्द्रित कार्यशाला में एनडीआरएफ के द्वारा  छात्रों एवंस्टॉफ को आपदा संबंधी विभिन्न पहलूओं पर प्रशिक्षित किया गया।  कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय आपदा राहत दलकी 11वीं बटालियन के निरीक्षकश्री सत्यजीत सिंह की अध्यक्षता में किया गया। सहायक आयुक्त अनुसूचित जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित इस छात्रावास के छात्रों को एनडीआरएफ के प्रशिक्षकों द्वारा सर्पदंश, सीपीआर देने एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया। छात्रों को सीपीआर की प्रक्रिया के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्राकृतिक आपदा के अंतर्गत बाढ़ एवं भूकंप जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिये मॉकड्रिल के माध्यम से शेडो प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। कार्यशाला के दौरान काउंसलिंग अधिकारी श्री अमित कुमार अरजरिया ने आपातकालीन घटनाओं आपदा की स्थिति में सतर्क और जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिये तैयार करना है। कार्यशाला के समापन पर छात्रावास अधिक्षक श्री संजय गौतम ने एनडीआरएफ टीम और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया।  

प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाने के ठोस प्रयास

भोपाल प्रदेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी को सहेजने और जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिये जन भागीदारी के साथ “जल गंगा संवर्धन अभियान” तेजी से आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। अभियान में महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। जिलों में प्राचीन बावड़ियों और ऐतिहासिक तालाबों के सफाई कार्य को हाथ में लिया गया है। सामान्य जन को आगामी वर्षाकाल को दृष्टिगत रखते हुए विशाल पैमाने पर पौध-रोपण की तैयारी किये जाने की सलाह दी जा रही है। राजमहल बावड़ी की सफाई की गई राजगढ़ जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत राजमहल राजगढ़ की प्राचीन बावड़ी की सफाई का अभियान कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशानुसार किया गया। सह‌कारिता विभाग के उपायुक्त, बैंक मैनेजर और कर्मचारियों सहित नागरिकों ने अभियान को सफल बनाया। बावड़ी की सफाई का कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प भी लिया गया।    जल चौपाल का आयोजन विदिशा जिले में कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देश पर जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रतिदिन जल संरक्षण में जन-भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यानिकी विभाग की टीम द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान पर आधारित कार्यशाला जल-चौपाल का आयोजन कर किसानों और ग्रामीणों को जल के महत्व को बताया गया। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक श्री गिरवाल ने किसानों को उद्यानिकी फसलों के बारे में जानकारी दी। जिले की अनेक ग्राम पंचायतों में उद्यानिकी विभाग द्वारा जल-चौपाल लगाने की योजना तैयार की गई है। किसानों को परंपरागत फसल के साथ उद्यानिकी फसल लेने की भी सलाह दी जा रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान महत्वपूर्ण अभियान है इस अभियान के अंतर्गत विदिशा जिले के जल स्रोतों को संवारने का कार्य सतत जारी है। इस कार्य में जन अभियान परिषद विदिशा द्वारा चयनित नवांकुर संस्थाओं द्वारा विशेष कार्य किये जा रहे हैं। इन संस्थाओं के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के तालाब, हैंडपम्प, नदी सहित अन्य जल स्रोतों में श्रमदान और साफ-स्वच्छ कर उन्हें सहेजने का कार्य किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सीहोर में संचालित की जा रही अनेक गतिविधियां सीहोर जिले में  जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए दीवार लेखन, जागरूकता रैली, पोस्टर बैनर, रंगोली, ग्राम सभाएं, कलश यात्राएं, शपथ सहित अनेक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। अभियान में जिले के अनेक ग्रामों में कूप मरम्मत, तालाब जीर्णोद्धार, डैम की साफ-सफाई सहित अनेक कार्य किए जा रहे हैं तथा नागरिकों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई जा रही है। जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित खेत, तालाब, अमृत सरोवर, परकोलेशन टैंक, डगवेल, तालाब जीर्णोद्धार, जनभागीदारी के कार्य, कूप एवं बाउंड्री मरम्मत के कार्य किए जा रहे हैं।  अभियान में नदी के तटों की सफाई की गई। खेड़ा माताजी में बावड़ी की साफ-सफाई की गई नीमच जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में सीईओ जनपद नीमच, सरपंच और जन अभियान परिषद की टीम द्वारा गांव खेड़ा माताजी बिसलवास कला में बावड़ी में साफ-सफाई की गई। पेयजल स्रोत की सफाई के लिये श्रमदान किया गया। ग्रामीणों को जल संरक्षण, जल संचयन के प्रति जागरूक किया गया। महिलाओं की रही भागीदारी मन्दसौर जिले में जन अभियान परिषद द्वारा रैली, मेंहदी और वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिले में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान में कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग के मार्गदर्शन में जिले में जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। सेक्टर क्रमांक एक के ग्राम पिपल्दा (सुजानपुरा) में मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के छात्र एवं महिलाओं ने सफाई कार्य किया। उद्यानिकी कार्यशाला का आयोजन किया गया उज्जैन जिले में कृषकों को जल गंगा संवर्धन अभियान में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर का उपयोग कर पानी की बचत की जानकारी दी गई। किसानों को उद्यानिकी फसलों के महत्व के बारे में बताया गया। विकासखंड महिदपुर की नवांकुर संस्था के सेक्टर क्रमांक-5 “झारड़ा” में जल संरचनाओं की साफ-सफाई व रखरखाव की शपथ दिलाई गई। जन अभियान परिषद द्वारा खाचरौद में छात्रा ज्योति डोहरिया द्वारा जल संरक्षण संदेश हेतु आंगनवाड़ी के बच्चों से चित्रकला प्रतियोगिता करवाई गई। जनपद पंचायत बड़नगर में स्थित तालाब का गहरीकरण कार्य प्रगति पर है। अभी तक 6 हजार घन मीटर मिट्टी की खुदाई की जा चुकी है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत इंगोरिया में हेंडपंप के समीप सोखता गड्डा निर्माण और तालाब का गहरीकरण कार्य ग्राम खंडवाबीबी और सुरजनवासा में किया जा रहा है। जामनेर में जनसहयोग से नदी से निकाली जा रही गाद देवास जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में ग्रामीणों के सहयोग से जिले की जनपद पंचायत खातेगांव की ग्राम पंचायत जामनेर में नदी से गाद निकालकर गहरीकरण किया जा रहा है। इससे बारिश के दिनों में पानी का संग्रहित होगा तथा वॉटर लेवल भी बढ़ेगा। इससे पेयजल के साथ खेती करने के लिए भी पानी मिल सकेगा।  

फ्लाई ओवर के ऊपर से होकर गुजरेगा फ्लाई ओवर का थर्ड लेग, मंत्री सारंग ने किया स्थल का निरीक्षण

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को सुभाष नगर आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) के प्रस्तावित थर्ड लेग निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की रूपरेखा का अवलोकन कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग (सेतु), नगर निगम, जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री सारंग ने सभी संबंधित अधिकारियों के साथ मार्ग का अवलोकन कर थर्ड लेग निर्माण में आने वाली संभावित बाधाओं की समीक्षा कर उन्हें दूर करने के भी निर्देश दिए। फ्लाई ओवर के ऊपर से होकर गुजरेगा फ्लाई ओवर का थर्ड लेग मंत्री श्री सारंग ने बताया कि नरेला विधानसभा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से अब तक 10 फ्लाई ओवरों की सौगात दी है। विगत वर्ष बने सुभाष नगर आरओबी से 5 लाख नागरिकों को सुविधा मिल रही है। अब इसी आरओबी का विस्तार करते हुए इसका ‘थर्ड लेग’ तैयार किया जाएगा। यह फ्लाई ओवर, सुभाष नगर आरओबी के ऊपर से होकर गुजरेगा। थर्ड लेग से भेल क्षेत्र से आने-जाने वाले यात्रियों को एमपी नगर एवं न्यू भोपाल पहुँचने में और अधिक सुगमता होगी। सुभाष नगर थर्ड लेग होगा सिविल इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यह थर्ड लेग तकनीकी दृष्टि से अत्यंत उन्नत होगा तथा सिविल इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगा। यह फ्लाई ओवर, सुभाष नगर आरओबी के ऊपर से होकर गुजरेगा और अत्यंत आकर्षक डिज़ाइन के साथ कर्व लेते हुए निर्मित किया जाएगा। इसके निर्माण में लगभग 242 मीटर का स्पान शामिल होगा और इसकी अनुमानित लागत लगभग 22 करोड़ रूपये है। उन्होंने बताया कि थर्ड लेग की डिजाइन तैयार हो चुकी है और निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। यातायात की सुगमता के लिए आवश्यक है फ्लाई ओवर का थर्ड लेग मंत्री श्री सारंग ने बताया कि वर्तमान में भेल क्षेत्र की ओर से आने वाले यात्रियों को सुभाष नगर फ्लाई ओवर पर चढ़ने के लिए प्रभात चौराहा होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। थर्ड लेग के निर्माण से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। अब भेल से आने वाले वाहन पुराने फ्लाई ओवर पर सीधे चढ़ सकेंगे। इसके साथ ही मैदा मिल और एमपी नगर की ओर से भेल क्षेत्र की ओर जाने वाले यात्रियों को भी अब प्रभात चौराहे का रूट नहीं लेना पड़ेगा और मैदा मिल की तरफ से थर्ड लेग से चढ़कर मोती नगर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि यह थर्ड लेग यात्रियों को सीधे और सुविधाजनक पहुंच उपलब्ध कराएगा, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था और अच्छी होगी| मंत्री श्री सारंग के निर्देश पर तैयार की गई है थर्ड लेग की डिजाइन मंत्री श्री सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा में ट्रैफिक सिस्टम को सुव्यवस्थित करने के लिए हमने एक ठोस कार्य योजना बनाई है, जिसका निरंतर विस्तार किया जा रहा है। यह थर्ड लेग ना सिर्फ यातायात सुविधा को बढ़ाएगा, बल्कि भोपाल शहर के बुनियादी ढांचे को भी एक नई ऊँचाई प्रदान करेगा। उल्लेखनीय है कि थर्ड लेग की डिजाइन मंत्री श्री सारंग के निर्देश पर तैयार की गई है।  

6 लाख 44 हजार 878 किसानों से 56 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुई गेहूँ खरीदी : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रदेश में अभी तक 6 लाख 44 हजार 878 किसानों से 56 लाख 85 हजार 477 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। किसानों को उपार्जित गेहूँ का भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। अभी तक लगभग 4000 करोड़ रूपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसान गेहूँ उपार्जन के लिये 30 अप्रैल तक स्लाट बुक करा सकते हैं। प्रदेश में अभी तक जिला सीहोर में 6 लाख 9 हजार 192, उज्जैन में 5 लाख 98 हजार 610, विदिशा में 4 लाख 63 हजार 658, रायसेन में 4 लाख 63 हजार 338, शाजापुर में 3 लाख 26 हजार 19, भोपाल में 3 लाख 12 हजार 598, राजगढ़ में 3 लाख 01 हजार 900, देवास में 2 लाख 64 हजार 84, नर्मदापुरम में 2 लाख 61 हजार 47, इंदौर में 2 लाख 16 हजार 494, सागर में 1 लाख 97 हजार 658, आगर मालवा में 1 लाख 64 हजार 280, सिवनी में 1 लाख 57 हजार 254, मंदसौर में 1 लाख 44 हजार 379, हरदा में 1 लाख 3 हजार 663, रतलाम में 86 हजार 565, दमोह में 85 हजार 705, नरसिंहपुर में 74 हजार 855, श्योपुर में 50 हजार 190, दतिया में 46 हजार 310, शिवपुरी में 42 हजार 812, खण्डवा में 40 हजार 149, छतरपुर में 36 हजार 501, ग्वालियर में 35 हजार 229, कटनी में 34 हजार 48, गुना में 33 हजार 200, रीवा में 31 हजार 689, जबलपुर में 30 हजार 940, अशोकनगर में 30 हजार 876, नीमच में 30 हजार 241, पन्ना में 29 हजार 433, मण्डला में 29 हजार 340, भिण्ड में 26 हजार 204, बैतूल में 21 हजार 442, झाबुआ में 21 हजार 195, मैहर में 19 हजार 643, छिन्दवाड़ा में 17 हजार 896, मुरैना में 15 हजार 60, टीकमगढ़ में 8 हजार 628, शहडोल में 2 हजार 943, खरगौन में 2595, निवाड़ी में 1557, सिंगरौली में 1370, उमरिया में 1360, डिण्डोरी में 1254, मऊगंज में 1227, सीधी 874, बालाघाट में 636, अनूपपुर में 463 अलीराजपुर 214 और पांढुर्णा में 44 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है।  

मुख्यमंत्री ने रतलाम और रीवा की रीजनल न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशालाओं का किया वर्चुअल शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की न्याय व्यवस्था को सुगम, सर्व सुलभ और संशयमुक्त बनाने की दिशा में रीवा और रतलाम में आरंभ हो रही रीजनल न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशालाए महत्वपूर्ण कदम हैं। कुल 13 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बनी इन प्रयोगशालाओं से रीवा, सतना, सिंगरौली, मैहर तथा रतलाम नीमच और मंदसौर क्षेत्रों में घटना स्थल पर ही टॉक्सिकोलॉजी, रसायन और जीव विज्ञान से संबंधित प्रकरणों का परिक्षण किया जा सकेगा। पुलिस, फॉरेंसिक साइंस और न्यायपालिका जस्टिस डिलेवरी सिस्टम के अभिन्न अंग हैं। यह तीनों अंग जितने ज्यादा सशक्त होंगे, उतना ही वहां के नागरिक सुरक्षित होंगे और आपराधिक गतिविधियां नियंत्रण में रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा और रतलाम में न्यायिक विज्ञान प्रयोगशालाओं के समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वर्चुअल शुभारंभ अवसर पर यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री जे एन कंसोटिया,डॉ राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में न्याय प्रणाली को जनकेंद्रित और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में सघन गतिविधियां जारी हैं। लगभग 3 हजार से अधिक अनुपयोगी और अप्रचलित कानून निरस्त हुए हैं। नए कानूनों में ऑडियो-वीडियो रिकार्डिग, फॉरेंसिक साक्ष्य की वीडियोग्राफी और पूछताछ में डिजीटल रिकार्ड को कानूनी आधार देने की व्यवस्था की गई है। कोर्ट के कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स, वीडियो कांफ्रेंसिंग, मोबाइल ऐप, वर्चुअल सुनवाई आदि का उपयोग बड़े पैमाने पर हो रहा है। प्रदेश में भोपाल, सागर, ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर में फॉरेंसिक साइंस लैब की स्थापना की जा चुकी है। यह सब प्रयास लोगों को सही सटीक और शीघ्र न्याय दिलाने में सहायक होंगे। रतलाम में आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्री मथुरा लाल डामोर, महापौर रतलाम श्री प्रह्लाद पटेल और रीवा में हुए कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कौल, पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

फाइटर प्लेन से गिरी वस्तु से मकान के दो कमरे गिरे, घटना में किसी को चोट नहीं आई, मकान क्षतिग्रस्त हुआ

शिवपुरी/पिछोर मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर में एक शिक्षक के घर पर आसमान से गिरी कोई वस्तु की वजह से दो कमरे ध्वस्त होने और आठ फीट गहरा गड्ढा होने की खबर सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वस्तु एक फाइटर जेट से गिरी थी, जिसकी वजह से मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। पुलिस ने मकान को सील कर जांच शुरू कर दी है। जिस इलाके में यह हादसा हुआ है, वहां फाइटर प्लेन ट्रेनिंग के लिए उड़ान भरते हैं। इस मामले में अभी एयरफोर्स की ओर से कोई सूचना नहीं आई है। कलेक्टर के अनुसार लोगों ने फाइटर प्लेन ही देखा था उसी आधार पर कह रहे हैं। पिछोर थाना इलाके के ठाकुर बाबा कॉलोनी में रहने वाले एक शिक्षक के घर पर शुक्रवार की सुबह 11 बजे कोई वस्तु गिरी। इससे मकान के दो कमरे ध्वस्त हो गए हैं। जानकारी के अनुसार शिक्षक मनोज सगर अपने दोनों बच्चों के साथ घर में बैठकर खाना खा रहे थे। इसी दौरान घर की छत पर से किसी विमान के गुजरने की आवाज आई और ऐसा लगा कि उनके घर पर कुछ गिरा है। इसके बाद घर के दो कमरे गिर गए और जमीन के अंदर 8 फीट गहरा गड्ढा भी हो गया। फिलहाल पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर रही है कि यह फाइटर प्लेन से गिरा बम था या कोई अन्य वस्तु। हालांकि घटना का सुखद पहलू यह रहा कि घर के अंदर मौजूद किसी भी सदस्य को कोई चोट नहीं आई। पुलिस ने मकान को सील कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एयरफोर्स की टीम घटनास्थल पर पहुंचेगी, तभी साफ होगा ये क्या था पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के मुताबिक स्थानीय लोगों ने सुबह करीब 11 बजे आसमान में फाइटर प्लेन की आवाज सुनी, ऊपर प्लेन देखा भी है। उससे कोई तीन साढ़े तीन फीट की वस्तु नीचे गिरी है। नीचे आने के बाद गड्ढा हो गया और वह चीज भी टुकड़ों में बंट गई। अब करीब डेढ़ घंटे में एयरफोर्स की टीम घटनास्थल पर पहुंचेगी, वहीं बता पाएंगे कि ये क्या था।

अशासकीय स्कूलों में ऑनलाइन नि:शुल्क प्रवेश प्रक्रिया 5 मई से होगी, राज्य शिक्षा केन्द्र ने कलेक्टर्स को जारी किये निर्देश

भोपाल प्रदेश में नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की कार्यवाही पारदर्शी तरीके से की जायेगी। इसके लिये कमजोर वर्ग एवं वंचित समूह के बच्चों के नि:शुल्क प्रवेश की प्रक्रिया का टाइम टेबल घोषित कर दिया गया है। शिक्षण सत्र 2025-26 में 5 मई से प्रवेश प्रक्रिया की कार्यवाही शुरू की जा रही है। इस संबंध में राज्य शिक्षा केन्द्र ने जिला कलेक्टर्स और जिला परियोजना समन्वयक को निर्देश जारी किये हैं। जारी कैलेण्डर के अनुसार 5 मई, 2025 को नि:शुल्क प्रवेश के लिये मान्यता प्राप्त अशासकीय स्कूल एवं उनमें उपलब्ध कक्षा की सीट का पोर्टल पर प्रदर्शन होगा। पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन एवं त्रुटि-सुधार का कार्य 7 मई से 21 मई तक किया जायेगा। आवेदन के बाद सत्यापन का कार्य शासकीय जन-शिक्षा केन्द्र में 7 मई से 23 मई तक होगा। रेण्डम पद्धति से ऑनलाइन लॉटरी द्वारा स्कूल का आवंटन एवं चयनित आवेदकों को एसएमएस द्वारा सूचना 29 मई तक की जायेगी। आवंटन के बाद अशासकीय स्कूल में प्रवेश के लिये उपस्थिति और स्कूल द्वारा मोबाइल ऐप के माध्यम से एडमिशन रिपोर्टिंग का कार्य 2 से 10 जून तक किया जायेगा। आवेदक अपने ग्राम, वार्ड तथा विस्तारित पड़ोस के गैर-अनुदान मान्यता प्राप्त प्रायवेट स्कूलों में पोर्टल पर कक्षावार प्रदर्शित स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश के लिये आवेदन दर्ज करा सकेंगे। निर्धारित सत्यापन केन्द्र (शासकीय जन-शिक्षा केन्द्र) में मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाना अनिवार्य है। प्रवेश प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी एजुकेशन पोर्टल पर भी प्रदर्शित की गयी है। इससे जुड़ी जानकारी संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से भी प्राप्त की जा सकती है। प्रवेश प्रक्रिया में कक्षावार निर्धारित आयु की भी जानकारी दी गयी है। नर्सरी में न्यूनतम आयु 3 वर्ष एवं अधिकतम आयु 4 वर्ष 6 माह, के.जी.-1 में न्यूनतम आयु 4 वर्ष एवं अधिकतम आयु 5 वर्ष 6 माह, के.जी.-2 में न्यूनतम आयु 5 वर्ष एवं अधिकतम आयु 6 वर्ष 6 माह, कक्षा-1 में न्यूनतम आयु 6 वर्ष एवं अधिकतम आयु 7 वर्ष 6 माह निर्धारित की गयी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्धारित तय समय-सीमा में प्रक्रिया पूरा करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये हैं।  

इंदौर में महापौर भार्गव ने कहा- भूमिपूजन विकास का प्रतीक है, लेकिन वर्तमान में देश में शोक है, सड़क का काम हुआ शुरू

इंदौर एमआर-10 से एमआर-12 (ग्राम कुमैडी–भंगिया) को जोड़ने वाली सड़क का काम शुक्रवार से शुरू हो गया। यह सड़क 32 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है। सड़क सांवेर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 19 के अंतर्गत आती है और इसका निर्माण केंद्र सरकार से मिली विशेष आर्थिक सहायता से किया जा रहा है। शुक्रवार को सड़क निर्माण का भूमिपूजन केबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने किया। इस अवसर पर एमआइसी सदस्य राजेंद्र राठौर, अभिषेक शर्मा बबलू उपस्थित थे। सादगीपूर्ण ही रहा कार्यक्रम कार्यक्रम के प्रारंभ में पहलगाम में हुई आतंकी घटना में दिवंगत नागरिकों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। महापौर भार्गव ने कहा कि भूमिपूजन विकास का प्रतीक है, लेकिन वर्तमान में देश में शोक है। हम उत्सव नहीं बल्कि संकल्प के साथ शुरूआत कर रहे हैं। शहर में 450 करोड़ रुपये की लागत से मास्टर प्लान की 23 सड़कें बन रही हैं। यह पहली बार है जब इतने बड़े पैमाने पर काम शुरू हो रहा है। इस अवसर पर सिलावट ने कहा कि मैं जनता को आश्वासन देता हूं कि विकास कार्य के नाम पर न किसी का घर जाएगा, ना जमीन।

मेडिकल ऑफिसर एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया तीव्र गति से करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल ऑफिसर एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इन पदों की चयन प्रक्रिया शीघ्रतापूर्वक आयोजित करे, जिससे राज्य के अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्धता हो और मरीजों को समय पर समुचित इलाज मिल सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर कार्यालय में मेडिकल ऑफिसर एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की समय पर नियुक्ति से स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, म.प्र. लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री राजेश लाल मेहरा, आयोग के सदस्य प्रो. कृष्णकांत शर्मा, सचिव श्री प्रबल सिपाहा, विशेष कर्तव्य अधिकारी श्री आर. पंचवई अधिष्ठाता एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी एमजीएम इंदौर डॉ. अरविंद घनघोरिया सहित चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

विकास को वरदान बनाता है संस्कार : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि व्यक्तियों के समूह से समाज बनता है और समाज से देश का निर्माण होता है, लेकिन संस्कार देने का कार्य समाज करता है। विकास को वरदान बनाता है संस्कार। संस्कार से ही सशक्त समाज की रचना होती है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ड्रीम वर्ल्ड गार्डन एवं रिसोर्ट गोम्मटगिरि इंदौर में आयोजित श्री बागेश्वर कसौधन वैश्य समाज की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि भगवान शिव के अवतार है बागेश्वर और ऋषि कश्यप के वंशज है, जिनका संबंध कश्मीर से है। बागेश्वर कसौधन वैश्य समाज देशभर में फैला है और यह शिक्षा, स्वास्थ्य के बेहतरी के साथ सामूहिक विवाह जैसे कार्य भी कर रहा है, जो अनुकरणीय है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर रोजगार के क्षेत्र में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की कई कल्याणकारी योजनाएं चल रही है। जिसमें आयुष्मान भारत योजना, लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, स्टार्टअप योजना आदि शामिल है। इन योजनाओं से समाज लाभान्वित हुआ है और उनके जीवन में बदलाव आया। श्री शुक्ल ने कहा कि देश में जितने अधिक रोजगार के अवसर होंगे, भारत उतनी तेजी से आर्थिक महाशक्ति बनेगा। इसमें हर समाज अपनी भूमिका निभायें। श्री शुक्ल ने युवाओं से आहवान किया कि देश को आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाये और नशे से दूर रहें। सामाजिक उत्थान के साथ धार्मिक उत्थान की दिशा में भी कार्य करें, जिससे सनातन धर्म और मजबूत हो। श्री शुक्ल ने इंदौर के नागरिकों की स्वच्छता के संस्कार की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश को स्वच्छ बनाने की पहल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने की थी, लेकिन इसमें इंदौर ने अहम भूमिका निभाई। इंदौर के नागरिक स्वच्छता के प्रति बड़े सजग है। वे चॉकलेट के रैपर से केले के छिलके तक को सड़क पर नहीं फेंकते। इसी वजह से इंदौर शहर पूरे देश में लगातार सातवीं बार स्वच्छता में नम्बर वन बना हुआ है। यह साधारण बात नहीं, बगैर इच्छा शक्ति के यह संभव नहीं है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हमारे यहां बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री भी है, जो सनातन धर्म की ध्वजा को पूरे देश में फैला रहे हैं। वे अपनी गृह क्षेत्र में एक विशाल कैंसर अस्पताल बना रहे है, जिसके शिलान्यास में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु भी शामिल हुए। इतना बड़ा कार्य बिना इच्छा शक्ति के संभव नहीं। पूर्व विधायक श्री आकाश विजयर्वीय ने भी संबोधित किया। इस मौके पर श्री बागेश्वर कसौधन वैश्य समाज के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र गुप्ता सहित देश से आये समाजजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्प से साकार हो रहा औद्योगिक मध्यप्रदेश का स्वप्न

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने औद्योगिक विकास के जिस पथ को अपनाया है, उसने राज्य को निवेशकों के लिए भारत के सबसे भरोसेमंद और आदर्श स्थल के रूप में स्थापित कर दिया है। ‘विकसित भारत@2047’ के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साकार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के औद्योगिक परिवेश को धरातल पर परिवर्तित करने के लिए एक दूरदर्शी और व्यापक रणनीति अपनाई है। इस रणनीति के प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिये ‘रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव्स’ आयोजित की गई। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, नर्मदापुरम, रीवा, सागर और शहडोल में हुई आरआईसी में मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवेशकों और उद्योगपतियों से सीधा संवाद किया, जिससे जिला स्तर पर औद्योगिक जागृति और विश्वास का माहौल बना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई, पूणे, बेंगलुरु, कोलकाता, कोयंबटूर, दिल्ली के साथ-साथ जापान, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम जैसे अन्तर्राष्ट्रीय स्थलों पर निवेशकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर राज्य की संभावनाओं को राष्ट्रीय वैश्विक पटल पर भी प्रस्तुत किया। साथ ही परिणामस्वरूप, प्रदेश में निवेशकों की संख्या और उनकी प्रतिबद्धताओं में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इस कड़ी का सबसे बड़ा उदाहरण ‘इन्वेस्ट मध्यप्रदेश – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025’ रहा, जिसमें 60 से अधिक देशों के 100+ अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों सहित 25,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियों का शुभारंभ किया गया, जिसने प्रदेश के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा दी। 330 से अधिक इकाइयों का भूमि-पूजन/लोकार्पण, 1,070 से अधिक भूमि आवंटन पत्र वितरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में वर्ष 2024-25 के दौरान प्रदेशभर में 330 से अधिक औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन अथवा लोकार्पण किया गया, जिससे निवेश प्रस्ताव अब मात्र कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर साकार हो रहे हैं। इसके साथ ही 1,070 से अधिक उद्योगों को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए गए हैं, जिससे परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांतिकारी बदलाव धार में पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क, उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी में मेडिकल डिवाइस पार्क, नर्मदापुरम में पॉवर एवं रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण निर्माण क्षेत्र और मुरैना के सीतापुर में मेगा लेदर एवं फुटवियर क्लस्टर जैसी परियोजनाएं मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता का प्रमाण हैं। पीथमपुर और भोपाल में 2 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क का निर्माण भी प्रदेश को लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। महिलाओं को केंद्र में रखकर समावेशी औद्योगिक विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सोच समावेशी विकास की है। इसी सोच के तहत इंदौर, उज्जैन, पीथमपुर, भिंड, रायसेन, झाबुआ, सिंगरौली और धार जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं के लिए 8 आधुनिक छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है। इससे उन्हें सुरक्षित और अनुकूल कार्य वातावरण मिल सके। नियमों में सुधार से ‘विश्वास आधारित शासन व्यवस्था’ की ओर कदम ‘मध्यप्रदेश जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम-2024’ के माध्यम से राज्य के 8 कानूनों की 64 धाराओं को अपराधमुक्त कर व्यापारिक समुदाय को एक बड़ी राहत दी गई है। यह पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उस सोच को प्रतिबिंबित करती है, जिसमें शासन ‘विश्वास’ को मूल में रखकर कार्य करता है, न कि संदेह के आधार पर। ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ से होगा हर जिले में विकास और रोजगार का विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2025 को ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। इस विशेष अभियान के अंतर्गत एमएसएमई को मजबूती, युवाओं को प्रशिक्षण, स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा और हर जिले में औद्योगिक अवसरों का सृजन सुनिश्चित किया जा रहा है। इंदौर में 27 अप्रैल को ‘आईटी कॉन्क्लेव’ से इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है और अब कृषि, फार्मा, टेक्सटाइल, पर्यटन एवं ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विशेष सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाओं को और अधिक बल मिलेगा। निवेश से समृद्धि की ओर औद्योगिक विकास का यह सिलसिला न केवल निवेशकों के लिए लाभदायक सिद्ध हो रहा है, बल्कि इससे प्रदेश में रोजगार के हजारों अवसर सृजित हो रहे हैं, युवा वर्ग को नई दिशा मिल रही है और क्षेत्रीय असंतुलन दूर होकर समावेशी विकास को बल मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अब नीतियों, संरचना और कार्यान्वयन के तीनों मोर्चों पर एक मजबूत, आधुनिक और निवेशकों का प्रथम पसंद बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। यह न केवल एक विकास यात्रा है, बल्कि ‘विकसित मध्यप्रदेश’ की ओर उठाया गया ठोस और निर्णायक कदम है।

पितृ पर्वत पहुँचे उप मुख्यमंत्री शुक्ल, हनुमानजी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शुक्रवार को दोपहर पितृ पर्वत पहुँचकर श्री हनुमानजी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस मौके पर पूर्व विधायक श्री आकाश विजयवर्गीय भी साथ थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने श्री विजयवर्गीय के साथ सम्पूर्ण मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए कहा कि मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय एवं जागरूक नागरिकों ने एक निर्जन पहाड़ी पर लाखों पौधों का रोपण कर उसे हरियाली में तब्दील कर दिया है। इसे आज हम पितृ पर्वत के नाम से जानते हैं। पितृ पर्वत पर इतना सघन पौध-रोपण बगैर इच्छा शक्ति के संभव नहीं है, लेकिन श्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी इच्छा शक्ति से करके दिखा दिया। पितृ पर्वत आज इंदौर का प्रमुख दर्शनीय स्थल बन चुका है।

विक्रम उद्योगपुरी को मेगा इन्वेस्टमेंट जोन के रूप में विकसित करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विक्रम उद्योगपुरी को मेगा इन्वेस्टमेंट जोन के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए। उज्जैन में आईटी पार्क के द्वितीय चरण का कार्य समय सीमा निर्धारित कर पीपीपी मोड पर तत्काल आरंभ किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएसआईडीसी) के संचालक मंडल की बैठक में निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक कम्पनियों को दीर्घकालीन, अल्पकालीन ऋण, पूंजीगत सब्सिडी आदि के रूप में दी जाने वाली वित्तीय सहायता के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए ऋणों की वसूली की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र सिंह तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कार्पोरेशन के प्रबंधकीय तथा लेखा संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- वर्तमान और भविष्य की तकनीक का आधार आईटी है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान और भविष्य की तकनीक का आधार आईटी है। प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करते हुए समय के साथ चलने के लिए आईटी सेक्टर में निवेश और गतिविधियों का विस्तार आवश्यक है। इसी उद्देश्य से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद पहली सेक्टर आधारित कॉन्क्लेव आईटी पर केन्द्रित की जा रही है। प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में आईटी इंडस्ट्री का पर्याप्त आधार विद्यमान है। राज्य सरकार आवश्यक सहयोग और समर्थन उपलब्ध कराकर प्रदेश की आईटी इंडस्ट्री को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर तक व्यापक स्वरूप देने की इच्छुक है। इंदौर में 27 अप्रैल को होने वाली “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव” इस दिशा में निश्चित ही परिणाममूलक रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में होने वाली आईटी कॉन्क्लेव के संबंध में विभिन्न जिलों के उद्योगपतियों से समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वर्चुअली संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद में उद्योगपतियों ने आईटी पार्क के विस्तार की आवश्यकता बताई। साथ ही आईटी के क्षेत्र में कार्य कर रहे उद्योगपतियों ने दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा और औद्योगिक गतिविधियों में समन्वय, स्टार्ट-अप में उद्यमिता की संस्कृति को विकसित करने, प्राकृतिक गैस पर टैक्स कम करने और प्रदेश में स्टार्ट-अप कम्युनिटी के मध्य बेहतर समन्वय संबंधी चर्चा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद में वॉक-टू-वर्क सुविधा के साथ आईटी पार्क विकसित करने, प्रदेश में डिजिटल इकोनॉमी मिशन लागू करने और एआई आधारित गतिविधियों की अन्य उद्योगों में स्वीकार्यता बढ़ाने की दिशा में कार्य करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों की पहल और नवाचार की सराहना करते हुए उन्हें गतिविधियों के विस्तार के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह संवाद राज्य शासन और आईटी के क्षेत्र में कार्य कर रहे उद्योगपतियों के बीच मजबूत रिश्तों का आधार बनेगा और सबके सहयोग से मध्यप्रदेश आईटी सेक्टर में अपनी विशेष पहचान स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर, ग्वालियर, भोपाल और इंदौर में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विभिन्न उद्योगपतियों से संवाद किया। जबलपुर के श्री चंद्रेश वीरा प्रेम संस इंटरप्राईजेस और श्री अनुराग श्रीखंडे इंटेनिक्स प्रायवेट लिमिटेड से चर्चा की। ग्वालियर के श्री धर्मेन्द्र कुमार यादव स्मार्ट कंट्रोल इंडिया लिमिटेड, श्री अनुराग श्रीवास्तव आईआईआईटीएम, श्री राजेश खन्ना एसआरएफ लिमिटेड, श्री मुकुल चतुर्वेदी सूर्या रोशनी लिमिटेड और श्री कृष्णकांत चतुर्वेदी कोमोनिफाय वेंचर प्रायवेट लिमिटेड से चर्चा की। भोपाल के श्री मितेश लोकवानी एचएलबीएस, श्री सारंग वर्मा एपोंइटी और श्री अभिषेक गुप्ता वी विन से चर्चा की। इंदौर के श्री संजीव अग्रवाल इम्पेटस, श्री नरेंद्र सेन रेकबैंक, श्री धर्मेंद्र जैन यश टेक्नोलॉजी, सुश्री शानू मेहता एमएमसी कोन्वेर्टर और श्री आदित्य शास्त्री डेटा प्योर से चर्चा की। उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उनकी कम्पनियों के कार्यों, निवेश, रोजगार की जानकारी से अवगत कराया। आईटी और संबंधित क्षेत्रों में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाने के संबंध में सुझाव भी दिए। अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने 27 अप्रैल को आयोजित “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव” के कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जीसीसी, ड्रोन, एवीजीसी और सेमीकॉन नीति के संबंध में चार राउंड टेबल मीटिंग का आयोजन किया जाएगा। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत गठित सलाहकार बोर्ड के सदस्यों से वीसी के माध्यम से चर्चा की जाएगी। मुख्य कार्यक्रम में टेक डेस्टिनेशन मध्यप्रदेश की फिल्म प्रस्तुति, विभिन्न इकाइयों का भूमि-पूजन किया जाएगा। कार्यक्रम में नवीन स्थापित सेन्ट्रल ऑफ एक्सीलेंस और इन्क्यूबेशन सेन्टर का उद्घाटन भी किया जाएगा। चिहिन्त इकाइयों के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किए जाएंगे एवं आवंटन-पत्र भी सौंपे जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की चार नीतियों जीसीसी नीति, ड्रोन नीति, सेमीकंडक्टर एवं एवीजीसी नीतियों की गाईड लाइंस भी जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में आईटी एवं संबंधित क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपतियों, निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकों का आयोजन भी किया जाएगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह, एमडी एमपीएसईडीसी श्री आशीष वशिष्ठ, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एमपीएसईडीसी श्री गुरू प्रसाद सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

जिलाध्यक्षों के नाम घोषित होने के बाद प्रदेश को नया अध्यक्ष मिलने की संभावना थी, लेकिन यह इंतजार बढ़ता जा रहा है

भोपाल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के लिए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव अबूझ पहेली बनता जा रहा है। जिलाध्यक्षों के नाम घोषित होने के बाद प्रदेश को नया अध्यक्ष मिलने की संभावना थी, लेकिन यह इंतजार बढ़ता जा रहा है। जातिगत, राजनीतिक, क्षेत्रीय सहित विभिन्न समीकरणों को टटोलना के बाद जो नाम सतह पर आए भी थे, उन्हें लेकर भी चर्चाएं थम चुकी हैं। तय माना जा रहा है कि अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष का नाम सामने आएगा। जनवरी में चुनाव अधिकारी बनाए गए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का प्रदेश दौरा भी नहीं बन पाया। उन्होंने किसी नाम पर सहमति बनाने के प्रयास किए हों या रायशुमारी का दौर चला हो, ऐसे प्रयास भी सामने नहीं आए हैं। पार्टी नेताओं का अनुमान है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर सहमति के बाद मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे कई राज्यों के अध्यक्षों के नाम घोषित होंगे, लेकिन अब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम भी तय नहीं हो सका है। यह पहला अवसर है, जब भाजपा के संगठन चुनाव में बूथ अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्षों के चुनाव के चार महीने बाद भी प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर संगठन खाली हाथ है। पार्टी सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में बड़े कद के नेता कम हैं इसलिए वहां हाईकमान ने निर्णय कर दिया, लेकिन मध्य प्रदेश में मामला उल्टा है। यहां केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर, जयभान सिंह पवैया, कैलाश विजयवर्गीय और राकेश सिंह जैसे नेताओं की राय को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है। देरी की एक वजह इन दिग्गजों से रायशुमारी नहीं होना भी है। सत्ता और संगठन में बदलाव के बाद पुराने चेहरों की चिंता अपना किला बचाने की है, तो जिन्हें पीढ़ी परिवर्तन के चलते मौका मिला है, वे अपनी जमीन मजबूत करने के लिए प्रयासरत हैं।  

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