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देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में कचरे के बाद अब पुराने अनुपयोगी कपड़ों की प्रोसेसिंग होगी, कपड़ों से सीमेंट सहित अन्य कई उत्पाद तैयार हो सकेंगे

इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में कचरे के बाद अब पुराने अनुपयोगी कपड़ों की प्रोसेसिंग हो सकेगी. लिहाजा कचरे में पाए जाने वाले कपड़ों के टुकड़ों से सीमेंट सहित अन्य कई उत्पाद तैयार हो सकेंगे. अपनी तरह के इस प्लांट से प्रतिदिन 50 टन कपड़ों की प्रोसेसिंग हो सकेगी. इससे नगर निगम की आय में भी इजाफा होगा. पुराने कपड़ों से बनेंगे उत्पाद दरअसल, इंदौर शहर में प्रतिदिन जो कचरा निकलता है, उसकी प्रोसेसिंग नेप्रा नामक एजेंसी द्वारा की जाती है. फिलहाल इस एजेंसी के पास भी कपड़ों की प्रोसेसिंग सुविधा नहीं है. यही वजह है कि शहर भर से इकट्ठा होने वाले कपड़ों के टुकड़ों को प्रोसेसिंग के लिए अलग-अलग एजेंसी को भेजना पड़ता है. इसके अलावा कचरे के निष्पादन की एजेंसियों के स्तर पर भी कपड़े के उचित प्रबंधन करने की मांग नगर निगम प्रशासन से की जा रही थी. जिसके फल स्वरुप नगर निगम प्रशासन ने अब गीले और सूखे कचरे के निस्तारण की तरह ही कपड़े से सीमेंट और अन्य कई उत्पाद बनाने के लिए एक अलग से प्लांट बनाने की तैयारी कर ली है. इंदौर नगर निगम का नया प्लान नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा के मुताबिक, ”प्लांट बनाने के लिए टेंडर के जरिए एजेंसी तय करने के बाद कपड़े के निस्तारण की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी को दी जएगी. इस कार्य को लेकर 20 साल की समय अवधि भी दी जाएगी. कपड़े के निस्तारण से जो राशि प्राप्त होगी उसकी एक निश्चित हिस्सेदारी नगर निगम की होगी. इस प्लांट की क्षमता के मुताबिक 50 टन तक कपड़े को प्रोसेस किया जा सकेगा. मलवे से तैयार हो रहे हैं कई उत्पाद इंदौर नगर निगम द्वारा न सिर्फ गीले और सूखे कचरे से तरह-तरह के उत्पाद मीथेन और सीएनजी गैस के अलावा प्राकृतिक खाद बनाई जा रही है, बल्कि इससे नगर निगम को हर साल करोड़ों रुपए की आय भी होती है. अब नगर निगम की कोशिश है कि जो कपड़ा कचरे में पाया जाता है उसके निस्तारण के लिए भी प्लांट की स्थापना करके रॉयल्टी और आय का नया संसाधन स्थापित किया जा सके. महापौर इंदौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि, ”हमने तय किया है कि हम सफाई को नेक्स्ट लेवल पर लेकर जाएंगे. जो घरों से, फैक्ट्रियों या अन्य स्थानों से निकलने वाला कपड़ा है. उसे कलेक्ट करके रेवेन्यू जनरेट करने का प्रपोजल तैयार किया है.”

चीतों को मिल गया नया घर, कूनो जंगल के बाद गांधी सागर में शिफ्ट होंगे , गांधी सागर अभ्यारण में सारी तैयारी पूरी

भोपाल चीतों का दूसरा घर मंदसौर जिले का गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य(Gandhi Sagar Sanctuary) होगा। यहां दक्षिण अफ्रीका से चीते लाने में देरी के बीच अब कूनो नेशनल पार्क(Kuno National Park) से ही आज 20 अप्रेल को 2 चीते भेजेंगे। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव व सीएम डॉ. मोहन यादव ने सीएम निवास पर हुई चीता प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक में इसे हरी झंडी दी। 18 फरवरी 2023 को जो 12 चीते दक्षिण अफ्रीका से लाए गए, उनमें से पावक और प्रभाष को गांधी सागर में छोड़ा जाएगा। 5 साल के पावक और साढ़े पांच साल के प्रभाष को खेमला वन क्षेत्र में बने 15.04 वर्ग किमी बाडे़ में छोड़ा जाएगा। दोनों भाई हैं, अभी बाडे़ में हैं। देश के अंदर चीतों की इस पहली शिफ्टिंग की शुरुआत शनिवार रात से होगी, रविवार अपराह्न तीन बजे खत्म होगी। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और सीएम डॉ. मोहन यादव अपराह्न 3 बजे दोनों को गांधीसागर में छोड़ेंगे। सीएम बोले- कूनो में रोड टू एयर कनेक्टिविटी सीएम डॉ. यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा, ग्वालियर से कूनो तक पक्की सड़क बनेगी। टेंट सिटी बनेगी। युवाओं-महिलाओं को वन्य पर्यटन से जोड़ेंगे, चीता मित्र, महिला स्व-सहायता समूह को टूरिस्ट गाइड बनाएंगे। दीदी कैफे से रोजगार मिलेगा। 10 किंग कोबरा लाने पर विचार हो रहा है। सीएम ने चंबल से घड़ियाल व कछुओं को 4 बड़ी नदियों में छोड़ने के निर्देश दिए। गुजरात भी शिफ्ट किए जाएंगे चीते केंद्रीय मंत्री यादव ने कहा कि आज सुबह NTCA की बैठक हुई। बैठक में, NTCA ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक के दौरान लिए गए निर्णय पर एक व्यापक योजना पर चर्चा करने का फैसला किया। भविष्य में गुजरात के बन्नी घास के मैदानों और मध्य प्रदेश के गांधीसागर अभयारण्य में चीतों को पेश करने की कार्य योजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। सीएम हाउस में विस्तार से होगी समीक्षा उन्होंने यह भी बताया कि चीता परियोजना से संबंधित एक विस्तृत समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री आवास पर होगी। इस बैठक में चीतों को शिफ्ट करने पर बात होगी। देश में हैं 58 टाइगर रिजर्व केंद्रीय मंत्री यादव ने आगे कहा कि अब हमारे देश में 58 टाइगर रिजर्व हैं। 58वें टाइगर रिजर्व का श्रेय मध्य प्रदेश को जाता है। यह वास्तव में एक टाइगर स्टेट है और यहां माधव टाइगर रिजर्व बनाया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि मध्य प्रदेश देश में एक विशेष राज्य है, जो वन, इको-टूरिज्म और सांस्कृतिक विरासत पर ध्यान केंद्रित करता है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर्यटन, वन और आदिवासी लोगों के विकास के लिए काम कर रहे हैं। गांधी सागर में सारी तैयारी पूरी इस बीच, मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने कहा कि गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में सभी जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं। विजय शाह उस समय राज्य के वन मंत्री थे जब चीतों को पहली बार लाया गया था। उन्होंने कहा कि लोगों को जल्द ही चीतों को वहां शिफ्ट करने की खुशखबरी मिलेगी। कूनो नेशनल पार्क में चीतों को बसाने के बाद, अब गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य को चुना गया है। यह अभयारण्य चीतों के लिए एक नया घर होगा। सरकार चीतों की सुरक्षा और उनके विकास के लिए पूरी तरह से तैयार है। मई में बोत्सवाना से आएंगे 4 चीते इस शिफ्टिंग के साथ ही दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना और केन्या से चीते लाने की प्रक्रिया भी जारी रहेगी। अगले एक साल में 8 और चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। बैठक में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने बताया, 4 चीते मई 2025 तक बोत्सवाना से लाए जाने हैं। भारत और केन्या के बीच अनुबंध पर सहमति प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 4 चीते गांधी सागर अभयारण्य में रखे जाने हैं, बाकी कूनो में ही छोड़े जाएंगे। अपने यहां सबसे ज्यादा सर्वाइवल रेट अफसरों ने बताया, देश में जन्मे चीता शावकों का सर्वाइवल रेट विश्व में सबसे अधिक है। अन्य देशों में जलवायु अनुकूलन के अभाव में आसानी से सर्वाइव नहीं कर पाते। गांधीसागर अनुकूल है, इसलिए यहां चीते छोड़ने का फैसला लिया गया। आइआइएफएम की मदद से ट्रेनिंग केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा, श्योपुर के 80 गांवों के 400 चीता मित्रों को प्रशिक्षित करने के लिए आइआइएफएम भोपाल की मदद लेंगे। सैटेलाइट कॉलर आइडी से निगरानी होगी। चीता सफारी शुरू करने की प्रक्रिया तेज होगी। कूनो (Kuno National Park)और गांधी सागर से जुड़े रिजर्व व दूसरे प्रदेशों के पार्कों के बीच वन्यप्राणी कॉरिडोर के साथ पर्यटन कॉरिडोर बनाएं।

अयोध्या नगर मार्केट में अवैध, अव्यवस्थित दुकानदारों पर करें चालानी कार्रवाई : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने शनिवार को गोविंदपुरा क्षेत्र में अयोध्या नगर वार्ड 68 के क्षेत्रवासियों से जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और कहा कि जनसुविधा और व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। सरयू सरोवर पार्क की बाउंड्री के चारों ओर लगने वाली सब्ज़ी मंडी के कारण उत्पन्न हो रही जाम की समस्या को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध और अव्यवस्थित रूप से लगने वाले ठेलों पर चालानी कार्रवाई की जाए और सब्ज़ी विक्रेताओं को निर्धारित सीमा के अंदर ही रोका जाए। यह सुनिश्चित करें कि किसी भी प्रकार से यातायात बाधित न हो। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने भ्रमण के दौरान अयोध्या नगर सेक्टर-ए और एच में सीवेज लाइन और सड़क निर्माण को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए कि अमृत फेज़-2 योजना के अंतर्गत पहले सीवेज लाइन का कार्य हो, तत्पश्चात तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण सुनिश्चित करें। अयोध्या नगर – एन सेक्टर स्थित मां दुर्गा मंदिर के पास सड़क चौड़ीकरण, पार्क और मंदिर सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न मुद्दों के त्वरित समाधान हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। सेक्टर एल एवं एम के रहवासियों ने स्ट्रीट लाइट, सीवेज व्यवस्था, मंगल भवन निर्माण एवं सफाई से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन विषयों का त्वरित और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। रॉयल एवेन्यू, अयोध्या नगर में रहवासियों से सीवेज लाइन की समस्या को संज्ञान में लेते हुए तत्काल अमृत फेज-2 के अंतर्गत कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। अयोध्या नगर चौराहा गीत बंगले के रहवासियों ने कम प्रेशर से पानी मिलने की बात कहीं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अधिकारियों को जब तक प्रेशर लाइन ठीक नहीं हो जाती, तब तक ट्रैंकर से स्पलाई बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि भीषण गर्मी में पानी की समस्या से लोगों को नहीं जूझना पड़े। इंड्स पार्क फेस-1 के रहवासियों ने बारिश का पानी कालोनी में जमा होनी की शिकायत की और सड़क निर्माण की मांग की। संतोष बिहार के लोगों ने पानी की समस्या की शिकायत की। झील नगर के रहवासियों ने अधूरे पड़े नाली निर्माण के कार्य को पूरा कराने, पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलने, नालियों की सफाई नहीं होने की समस्या से अवगत कराया। किरन नगर के रहवासियों ने नाली निर्माण, सड़क निर्माण की मांग करते हुए कालोनी में सफाई नहीं होने की समस्या से अवगत कराया। इस दौरान पार्षद श्रीमती उर्मिला मौर्य , श्रीमती शिरोमणी शर्मा, श्री भीमक सिंह बघेल, श्री राहुल यादव, श्री लवकुश यादव, श्री मलखान सिंह मीणा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक , कार्यकर्ता और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियों की समीक्षा की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में चल रहे तीन माह अवधि के जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों की स्वच्छता, संरक्षण और उनकी देखरेख के कार्यों में नागरिकों की भागीदारी और जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेकर अच्छे परिणाम सामने लाएं। शासन स्तर पर अभियान की निरंतर समीक्षा की जा रही है और डैश बोर्ड पर ग्राम एवं नगर स्तर के कार्यों को दर्ज करने का कार्य भी किया जा रहा है। श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में अभियान की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1.06 लाख जल दूत तैयार किए गए हैं, जो जल स्रोतों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 30 मार्च से प्रारंभ जल गंगा संवर्धन अभियान 30 जून तक चलना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिलों में देखेंगे कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राजस्व, नगरीय विकास एवं आवास विभागों सहित मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के स्तर पर अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त कर निर्देश दिए। जिला कलेक्टर्स भी बैठक से वर्चुअल रूप से जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्य देखने विभिन्न जिलों में जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्थापत्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण जल संरचनाओं की सूची तैयार की जाए। पुरातत्व और पर्यटन महत्व की ऐसी धरोहर को सहेजने की दृष्टि से संरक्षण गतिविधियों से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि भोपाल के साथ ही जबलपुर, सागर, उज्जैन नगरों में अनेक प्राचीन बावड़ियां विद्यमान हैं, वहां स्वच्छता के कार्य संचालित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विभागवार अभियान के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। संस्कृति और शिक्षा विभाग पर्व त्योहारों पर करें आयोजन मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को जलस्रोतों और जल संरक्षण के महत्व की जानकारी प्रार्थना सभाओं के अवसर पर दी जाए। शिक्षा विभाग संस्कृति विभाग के साथ मिलकर विभिन्न पर्व और त्योहारों पर पानी के महत्व पर निबंध और भाषण स्पर्धाएं आयोजित करे। गंगा दशहरा और आखातीज जैसे अवसरों पर ऐसे कार्यक्रम किए जाएं। खेत तालाब योजना में बालाघाट अव्वल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में सर्वाधिक 561 खेत तालाब बनाए जाने पर अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में बताया गया कि जीआईएस आधारित प्रणाली में प्रदेश में निर्मित 76 हजार खेत तालाब की संख्या एक उपलब्धि है। प्रदेश में अनूपपुर जिला 275 खेत तालाब बनाकर दूसरे क्रम और अलीराजपुर जिला 216 खेत तालाब बनाकर तीसरे क्रम पर है। अमृत सरोवर निर्माण के लिए सिवनी जिले में सबसे अच्छा कार्य हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने इन जिलों के कलेक्टर्स और अधिकारियों की टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की जिलों के कार्या पर चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टर्स से अभियान के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। भोपाल जिले में कलियासोत से कार्य प्रारंभ किया गया है। साथ ही बैरसिया में प्राचीन जल स्रोतों को स्वच्छ बनाया जा रहा है। रायसेन कलेक्टर ने बताया कि भोपाल शहर के नजदीक स्थित बेतवा नदी के उद्गम स्थल ग्राम झिरी में बोरी बंधान निर्माण के कार्य हो रहे हैं। टीकमगढ़ कलेक्टर ने बताया कि 70 प्राचीन तालाबों और 10 बावड़ियों के निकट क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें स्वच्छ और सुंदर बनाने का कार्य हो रहा है। शहडोल में तातापानी से गर्म जल की उपलब्धता के नाते यह विशेष स्थान माना जाता है। ऐसे स्रोतों को सहेजने का कार्य हो रहा है। सागर में पुरानी संरचनाओं को राजस्व रिकार्ड में लिया गया है। नदियों को पुनर्जीवित करने के कार्य भी किए जा रहे हैं। ग्वालियर में व्यापारी संघ ने सार्वजनिक प्याऊ के लिए मटकों और चील्ड कूलर की व्यवस्था की है। उपार्जन केंद्रों पर पानी के साथ शरबत और छांछ की व्यवस्था की जा रही है। राजगढ़ में मोहनपुरा क्षेत्र में इजराइल पद्धति से पानी के उपयोग और उज्जैन में गयाकोठा, बावनकुंड के साथ ही पंचक्रोशी यात्रा के मार्ग में अभियान के तहत हो रहे कार्यों की जानकारी दी गई। बैठक में विभिन्न जिलों में पौधरोपण गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में नवाचार करने वाले और सक्रियता से कार्य करने वाले जिलों की प्रशंसा की। पेयजल प्रबंध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल प्रबंध कार्यों की जानकारी विस्तार से प्राप्त की। उन्होंने हर जिले में प्रत्येक बसाहट में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिए। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।       

ऐशबाग आरओबी से क्षेत्र की संपूर्ण यातायात व्यवस्था में आयेगा सकारात्मक परिवर्तन : मंत्री सारंग

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने शनिवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत ऐशबाग रेलवे ओवर ब्रिज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री सारंग ने निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा में कार्य को गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, जिससे जनता को शीघ्र लाभ मिल सके। 15 जून तक कार्य पूर्ण करने के दिये निर्देश मंत्री श्री सारंग ने बताया कि ऐशबाग आरओबी का लगभग 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए 15 जून तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि क्षेत्र में यातायात के बढ़ते दबाव से ट्रैफिक की बड़ी समस्या थी, वहीं अब ऐशबाग स्टेडियम के सामने आरओबी के निर्माण से महामाई बाग, पुष्पा नगर सहित स्टेशन क्षेत्र से जो लोग नये भोपाल की ओर जाते थे, उनके लिये यह बहुत बड़ी सौगात होगी। डैडलाइन में नहीं किया जायेगा परिवर्तन मंत्री श्री सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा में क्षेत्रवासियों की सुविधा के लिये 10-10 फ्लाईओवर की शुरूआत की गई है। यही कारण है कि नरेला विधानसभा को “फ्लाईओवर विधानसभा” के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि ऐशबाग स्टेडियम के सामने का फ्लाईओवर संपूर्ण क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लायेगा, जिससे नागरिकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। हमने यह सुनिश्चित किया है कि अब डैडलाइन को नहीं बढ़ाया जायेगा। ऐशबाग स्टेडियम के समीप पार्किंग का किया जायेगा निर्माण मंत्री श्री सारंग ने आरओबी के निरीक्षण के दौरान ऐशबाग स्टेडियम के समीप पार्किंग निर्माण हेतु भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि स्टेडियम को रेनोवेट करने के साथ ही स्टेडियम कार्यालय के समक्ष स्थित पॉवर हाउस को दूसरी ओर शिफ्ट कर यहां व्यवस्थित पार्किंग स्थल बनाया जाये। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग (सेतु), जिला प्रशासन, यातायात व नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

ग्राम पंचायत पिनौरा के ग्रामीणों की मदद से एक गरीब कन्या का विवाह संपन्न, झाड़ू-पोंछा करने वाली बेटी हुआ विवाह

नौरोजाबाद पिता बचपन में गुजर गए, मां मानसिक रूप से बीमार थी, अपनी छोटी बहन के साथ मां के पालन की जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए ग्राम पंचायत पिनौरा की पूजा लोगों के घरों में कई साल से झाड़ू-पोंछा कर रही थी। गांव की बेटी की उम्र हुई तो गांव के लोगों को उसके विवाह की चिंता भी होने लगी। विवाह के लिए पूजा की इच्छा जानने के बाद गांव के लोगों ने उसके लिए वर की तलाश की और बड़े धूम-धाम से उसका विवाह कर दिया। इस तरह उमरिया जिले के जनपद पंचायत करकेली अंतर्गत ग्राम पंचायत पिनौरा के ग्रामीणों की मदद से एक गरीब कन्या का विवाह संपन्न हो गया।   बरम बाबा मंदिर में आयोजन गाँव के बरम बाबा मंदिर प्रांगण मे ईस विवाह के साक्षी बने गाँव के ऐसे लोग जो कन्या को आशीर्वाद देने के साथ उपहार भी लेकर पहुंचे। इसके बाद नम आँखों के साथ ख़ुशी ख़ुशी कन्या अपने वर के साथ ससुराल रवाना हुई। ग्रामीणों ने पूजा के घर की आर्थिक को देखते हुए उसके शादी करने का फैसला किया था। इसकी शुरुआत पूजा के लिए दूल्हा ढूंढने से हुई। 14 अप्रैल को हिन्दू धर्म के रीति रिवाज़ के अनुसार दूल्हे का टीका किया गया। छादा से आई बारात दूल्हा गोविन्द बर्मन निवासी छादा खुर्द नौरोजाबाद गाजे बाजे के साथ अपनी दुल्हन को लेने 18 अप्रैल को बरात लेकर ग्राम पिनौरा पहुंचा। जहाँ पर ग्रामीणों के द्वारा भारत का भव्य स्वागत किया गया। साथ ही दूल्हा दुल्हन का जयमाला का कार्यक्रम मे भी सपन्न कराया गया। तत्पश्चात मंडफ के नीचे वैदिक मंत्रोउच्चार के साथ दूल्हा दुल्हन ने साथ फेरे लेकर जीवन भर साथ रहने का वादा किया। गरीब कन्या की शादी को सफल बनाने ग्राम और क्षेत्रवासियों का सराहनीय योगदान रहा। गांव ही मेरे माता-पिता मेरे गांव ने मेरे मात-पिता की भूमिका निभाई है। सभी ग्राम पिनौरा वासियों को धन्यवाद देना चाहती हूं। किसी ने मेरा पिता बनकर कन्या लिया तो, किसी ने भाई बनकर अपने भाई होने का धर्म निभाया। गांव की इस मदद को मै कभी भी भुला नहीं पाउंगी। दुल्हन है पूजा बर्मन गांव के लोगों की मदद से आज मेरा विवाह सम्पन्न हुआ। मेरा तथा मेरे बरातियों का स्वागत शानदार तरीके से किया गया। मै लोगो से प्रार्थना करता हूं की आप सभी लोगो को गरीब की मदद करने के लिए आगे आना चाहिए, ताकि हम जैसे लोगो का भला हो सके।

एमपी ट्रांसको वेबसाइट पर पेंशनरों के लिये बढ़ी सुविधाएं : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने अपने पेंशनरों और उनके आश्रितों के लिए ऑनलाइन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नई सुविधाएँ शुरू करने के बाद अब उसमें और अनेक नई सुविधाओं को जोड़ा है। अब पेंशनर कहीं से भी डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। एमपी ट्रांसको के मुख्य वित्तीय अधिकारी श्री मुकुल महरोत्रा ने बताया कि पहले पेंशनरों या उनके आश्रितों को जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए एमपी ट्रांसको के कार्यालयों में जाना पड़ता था, लेकिन अब यह आवश्यकता समाप्त कर दी गई है। नई सुविधा के साथ, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र सेवा अब वेबसाइट पर आसानी से उपलब्ध है। पेंशनर अब अपनी पेंशन की स्थिति की जांच कर सकते हैं और वर्तमान जीवन प्रमाण-पत्र की वैधता भी ऑनलाइन देख सकते हैं। इससे उन्हें समय पर डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, वेबसाइट पर एक समर्पित टैब भी जोड़ा गया है, जहाँ पेंशनर अपनी पेंशन स्लिप देख और डाउनलोड कर सकते हैं। इनकम टैक्स फॉर्म-16 एक्सेस कर सकते हैं और डाउनलोड कर सकते हैं। वर्तमान में, एमपी ट्रांसको के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और पारिवारिक पेंशन यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से वितरित की जाती है, जिसमें 4,285 पेंशनर जुड़े हुए हैं। भविष्य में इस प्रणाली को अन्य बैंकों से भी जोड़ने की योजना है।  

गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय ग्वालियर प्रदेश का पहला व सबसे पुराना चिकित्सा महाविद्यालय है। ग्वालियर-चंबल संभाग सहित प्रदेश के अन्य जिलों एवं राजस्थान व उत्तरप्रदेश के समीपवर्ती जिलों के मरीज महाविद्यालय और जेएएच अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं। गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय को उत्कृष्ट चिकित्सा के लिहाज से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए आधुनिक चिकित्सा उपकरण, अधोसंरचना, चिकित्सक व पैरा मेडीकल स्टॉफ की पूर्ति सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि जेएएच अस्पताल समूह में आने के बाद हर प्रकार के मरीज को सभी प्रकार की उच्च स्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं मिलनी चाहिए। यहां से किसी भी मरीज को कहीं ओर रेफर करने की नौबत न आए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल को ग्वालियर में गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय की सामान्य परिषद की 10वीं बैठक में यहां की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह, राज्यसभा सांसद श्री अशोक सिंह , महापौर डॉ. शोभा सिकरवार, विधायकगण श्री मोहन सिंह राठौर, डॉ. सतीश सिकरवार व श्री साहब सिंह गुर्जर, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया, संभाग आयुक्त श्री मनोज खत्री, संचालक लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा एवं अध्यक्ष स्वाशासी समिति श्री नीरज सिंह , कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान व मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. आर के एस धाकड़ सहित सामान्य परिषद के अन्य सदस्यगण एवं मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय और संबद्ध अस्पतालों में उन्नत चिकित्सकीय सेवाओं बाईपास व ओपन हॉर्ट सर्जरी, किडनी ट्रांसप्लांट, न्यूरोसर्जरी व यूरोलॉजी एवं केंसर के जटिल ऑपरेशन का प्रदाय शुरू करें। सभी जरूरी सुविधाएं सरकार उपलब्ध कराएगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रदेश के हर क्षेत्र में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि ग्वालियर मेडिकल कॉलेज सहित प्रदेश के इंदौर, भोपाल, जबलपुर व रीवा के मेडीकल कॉलेज अस्पतालों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दिशा में तेजी से प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। खाली पद भरने के लिए वॉक इन इंटरव्यू जारी रखें उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज के डीन को निर्देश दिए कि मेडीकल कॉलेज में स्वीकृत प्राध्यापक व सहायक प्राध्यापकों के खाली पद भरने के लिए लगातार वॉक इन इंटरव्यू कराएं। साथ ही सुपर स्पेशिलिटी सहित अन्य विभागों में जरूरत के मुताबिक पद स्वीकृत कराएं। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश भर में पदों की पूर्ति के लिए सरकार द्वारा चिकित्सकों के 3500 एवं पेरा मेडीकल स्टाफ के 10 हजार पदों की भर्ती की जा रही है। अक्टूबर माह तक यह भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। मरीजों एवं अटेण्डर का हो स्वागत उन्हें भटकना न पड़े उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इलाज के लिए जेएएच समूह आने वाले मरीजों एवं उनके अटेण्डर को अस्पताल पहुँचते ही ऐसा महसूस होना चाहिए कि यहाँ पर उनका स्वागत हो रहा है। उनके प्रति स्टाफ का व्यवहार संवेदशील हो और उन्हें इलाज के लिए भटकना न पड़े। ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे भर्ती की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूर्ण होकर और इलाज शुरू हो जाए। उन्होंने अस्पताल परिसर में मरीजों के आवागमन के लिए जल्द से जल्द टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर वाहन सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। वेतन संबंधी समस्याएं भी जल्द हल की जाएंगी उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सुपर स्पेशिलिटी के चिकित्सकों को आश्वस्त किया कि उनकी वेतन विसंगति संबंधी समस्या का जल्द निदान किया जाएगा। उन्होंने सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में चिकित्सकों के पदों की पूर्ति के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।

जन-भागीदारी से जल गंगा संवर्धन अभियान बना जन-आंदोलन, जन-जागरूकता के लिये हो रही विभिन्न गतिविधियाँ

भोपाल जल गंगा संवर्धन अभियान प्रदेश में एक व्यापक जन-आंदोलन बन चुका है। राज्य सरकार “खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में’’ के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ चला रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आहवान पर जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए वर्षा जल संचयन के साथ नदियों एवं पारम्परिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। डिंडोरी में नदी की सफाई जल गंगा संवर्धन अभियान बरगांव के विद्यार्थियों के सहयगो से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद ने डिंडोरी जिले के शहपुरा विकास खंड में गांव बरगांव से सटी सिलगी नदी की सफाई की गई। सिलगी नदी घाट में बच्चे स्नान करते हैं। साथ ही विशेष उत्सवों पर आसपास के ग्रामीण भीनदी स्नान का मुण्य लेते हैं। नदीं अत्यधिक चोई जमा हो जाने से स्नान में बाधा उत्पन्न हो रही थी। गांव के छात्रावासों में रह रहे विद्यार्थियों के सहयोग से नदी की सफाई की गई। ‘जल के बिना जीवन संभव नहीं’, शहडोल में नुक्कड़ नाटक से बताया जल का महत्व शहडोल जिले में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में चल रहे ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान के अंतर्गत ‘ जल के बिना जीवन संभव नहीं’ नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जल का महत्व समझाय गया। नुक्कड़ नाटक में “जल ही जीवन है” जल को भविष्य के लिए करें सुरक्षित” आदि स्लोगन्स से जल संरक्षण का महत्व बताया गया। शहडोल के ही गांव भुरसी हर बार गर्मी के मौसम में सूख जाने वाली नदी अखड़ार में त्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से चलाएस गए अभियान से किए गए सफाई कार्य से नदी स्वच्छ जल धारा प्रवाहित होने लगी।  उमरिया में इस बार नहीं सूखी भडारी नदी जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत उमरिया की भडारी नदी में नगर परिषद के कर्मचारियों तथा स्थानीय निवासियों के श्रमदान से नदी की सफाई की। श्रमदानियों ने जल स्रोतों को साफ रखने, उसके आसपास गंदगी नही करने और जल की एक-एक बूंद के संरक्षण की शपथ भी ली। बुरहानपुर के परम्परागत जल-स्त्रोतों में की जा रही है सफाई जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बुरहानपुर जिले के समस्त नगरीय निकायों में जल स्रोतों तथा नदी, तालाबों, कुओं, बावड़ी तथा अन्य जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन हेतु जीर्णोद्धार एवं सफाई के कार्य किये जा रहे हैं। जिले के नेपानगर में अभियान के अंतर्गत ताप्ती नदी की सहायक पांधार नदी में नगर पालिका के सफाई मित्रों, सफाई बहनों एवं समस्त अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा सफाई अभियान चलाया गया। नदी के अधिकांश छोटे-छोटे हिस्सों में पुराना जल भरा होने के कारण सफाई के दौरान उनमें फंसे हुए अवरोध को हटाकर खाली किया गया। थोड़े से परिश्रम से ही पंधार में पानी प्रवाहित होने लगा। बुरहानपुर में जल-संगोष्ठी बुरहानपुर में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत किसान के लिए जल-संगोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठियों में किसानों को जल का महत्व बताते हुए जल संवर्धन की तकनीकें बताई गईं। किसान को वर्षा जल संचयन, भूजल की रिचार्जिंग तकनीकों के विषय में जानकारियां दी गईं। संगोष्ठी के माध्यम ड्रिप-सिंचाई और प्लास्टिक मल्चिंग जैसी जल बचत कराने वाली सिंचाई तकनीकें भी समझाई गईं।  

मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा- जन-समुदाय की पारम्परिक ज्ञान प्रणाली की वन संरक्षण में अहम भूमिका

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जन-समुदाय की पारम्परिक ज्ञान प्रणाली की वन संरक्षण में अहम भूमिका है। मंत्री श्री पटेल आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में समुदाय आधारित वन पुनर्स्थापन एवं जलवायु परिवर्तन-अनुकूलन आजीविका कार्यशाला के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के सहयोग से वनों के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन के कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किये जा सकते हैं। समुदाय की सहभागिता को बढ़ावा देने और सतत विकास के लिये प्रशिक्षण एवं जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया गया। कार्यशाला में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सत्येन्द्र सिंह ने विभिन्न सत्रों के प्रतिभागियों को वन प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और स्थानीय स्तर पर नवाचारों के प्रयोग के बारे में बताया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रशासकीय अधिकारी एवं अकादमी के कर्मचारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गाँधी सागर अभयारण्य में छोड़ेंगे 2 चीते, चीतों का बनेगा नया आशियाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को मंदसौर जिले के गाँधी सागर अभयारण्य में 2 चीतों को छोड़ेंगे। “चीता प्रोजेक्ट” मध्यप्रदेश की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य भारत में चीतों की संख्या बढ़ाना और उनकी प्रजाति को बचाना है। इस परियोजना के तहत मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क के साथ अब गाँधी सागर अभयारण्य में चीतों का आशियाना बनाया जा रहा है। गाँधी सागर अभयारण्य प्रदेश का दूसरा ऐसा स्थान होगा, जहाँ चीतों को बसाया जा रहा है। यह वन्य-जीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। साथ ही वन्य-जीव संरक्षण प्रेमियों और देशी-विदेशी पर्यटकों के लिये भी यह उत्साह का अवसर होगा। प्रदेश में चीतों की संख्या बढ़ाने के लक्ष्य के तहत दक्षिण अफ्रीका, केन्या और बोत्सवाना से चीते लाकर उन्हें मध्यप्रदेश के जंगलों में बसाया जा रहा है। श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में वर्तमान में 26 चीते हैं। बोत्सवाना से 8 चीते लाने की योजना है। मई-2025 तक 4 चीते लाये जायेंगे। इसके बाद 4 चीते और लाये जायेंगे। दक्षिण अफ्रीका और केन्या से भी चीते लाने की योजना प्रस्तावित है। अंतर्राज्यीय चीता संरक्षण परिसर की स्थापना के लिये मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच सैद्धांतिक सहमति हो चुकी है। दोनों राज्य मिलकर अंतर्राज्यीय चीता संरक्षण परिसर बनायेंगे। चीता परियोजना पर 112 करोड़ रुपये व्यय किये जा चुके हैं, जिसमें से 67 प्रतिशत राशि मध्यप्रदेश में चीता पुनर्वास पर व्यय हुई है। भारत और लगभग सम्पूर्ण एशिया महाद्वीप से विलुप्त हो चुके चीतों का पुनर्वास कर राज्य सरकार प्रकृति से प्रगति और प्रगति से प्रकृति के संरक्षण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। गाँधी सागर पूर्वी मध्यप्रदेश में स्थित एक वन्य-जीव अभयारण्य है। यह अभयारण्य प्रदेश के मंदसौर और नीमच जिले में फैला हुआ है। इस अभयारण्य में सलाई, करधई, धौड़ा, तेंदू, पलाश जैसे पेड़ हैं। यह विश्व प्रसिद्ध चतुर्भुज नाला का हिस्सा है। रॉक सेंटर भी इसी अभयारण्य का हिस्सा है। इस अभयारण्य को वर्ष 1974 में अधिसूचित किया गया था और वर्ष 1984 में अभयारण्य बनाया गया। अभयारण्य में वन शैल चित्रकला स्थलों और चतुर्भुजनाथ मंदिर जैसे प्रसिद्ध मंदिरों के होने से इसका पुरातात्विक और धार्मिक महत्व है। अभयारण्य गाँधी सागर के बैक वाटर के आसपास के क्षेत्र में फैला हुआ है, जो जंगली कुत्ते, चिंकारा, तेंदुआ, ऊदबिलाव, मगरमच्छ जैसे कुछ दुर्लभ प्रजातियों के लिये जाना जाता है। इसके अलावा यहाँ चित्तीदार हिरण, सांभर, ग्रे लंगूर जैसे जानवर भी पाये जाते हैं।  

हमारा संविधान सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय प्रदान करता है : राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने पर भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अम्बेडकर और संविधान सभा के सभी महानुभावों का पुण्य स्मरण और नमन करते हुए कहा कि उनकी अद्भुत दूरदृष्टि तथा प्रयासों ने हमें एक ऐसा संविधान दिया है, जो सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय प्रदान करता है। इसके लिए हम सब उनके प्रति कृतज्ञ है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल रायसेन जिले की सिलवानी तहसील के ग्राम प्रतापगढ़ में संविधान गौरव सम्मान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य श्री प्रियंक कानूनगो और स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आदिवासी, गरीब, अति पिछड़े वर्ग के उत्थान और उन्नति के लिए काम करने वाले नागरिकों को सम्मानित भी किया गया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि आदिवासी और अति पिछड़े समाज का उत्थान करने, उन्हें आगे लाने के लिए सभी को पूरी निष्ठा और लगन से प्रयास करना होगा।  दूरस्थ क्षेत्रों में रह रहे जनजाति के लोगों को शासन की योजनाओं की जानकारी देकर  विकास में उनकी मदद करें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनजाति, अति पिछड़े और वंचित वर्ग के कल्याण, विकास और उनकी आर्थिक उन्नति के लिए अनेकों योजनाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना शुरू की है, जिसमें भारिया, सहरिया, बैगा वर्ग शामिल हैं। इन वर्गो की उन्नति और विकास के लिए नौ से अधिक विभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उनको दिया जा रहा है। साथ ही जनजातीय क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, पानी, स्वास्थ्य, पक्के  आवास सहित अन्य सुविधाएं भी तेजी से उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गरीब महिलाएं कच्चे चूल्हे पर खाना बनाती थी, जिससे निकलने वाले धुएं से महिलाओं और परिवार के सदस्यों को गंभीर बीमारियां होती थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इन गरीब महिलाओं की चिंता करते हुए प्रधानमंत्री उज्जवला योजना शुरू कर निःशुल्क गैस चूल्हा कनेक्शन प्रदान किए  हैं। इसी प्रकार आयुष्मान योजना के माध्यम से गरीबों को हर साल पांच लाख रूपए तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा मिली हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना की मदद से गरीबों को पक्का मकान मिल रहा है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य श्री प्रियंक कानूनगो ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी विगत एक दशक से अधिक समय से देश को आगे ले जाने के लिए पूरी ताकत से काम कर रहे हैं। यह संविधान की ही ताकत है कि आज भारत  की राष्ट्रपति आदिवासी परिवार से आती है। वे  शिक्षिका रही हैं। उन्होंने समुदाय की शिक्षा के माध्यम से सर्वांगीण विकास और उन्नयन के लिए काम किया है।आज राष्ट्रपति पद को शुशोभित कर रही हैं। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि प्रतापगढ़ वीर शंकर शाह, रघुनाथ शाह जी के वंशजों का क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए शिक्षित होना बेहद जरूरी है। सभी को शिक्षा का महत्व समझना होगा। शिक्षा के लिए काम करना होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने में प्रतापगढ़ क्षेत्र के बच्चे, युवा सभी अपनी सहभागिता दें। राज्यपाल श्री पटेल ने हितग्राही के आवास पर किया भोजन सिलवानी जनपद के प्रतापगढ़ में आयोजित संविधान गौरव सम्मान कार्यक्रम के उपरांत राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य श्री प्रियंक कानूनगो और स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही श्री अवधेश बारीवा के घर पहुंचे। उनके घर पर उनके साथ भोजन किया। राज्यपाल से संवाद के दौरान हितग्राही अवधेश बारीवा ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना, खाद्यान्न पात्रता पर्ची सहित सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है।  

आईआईटी जेईई मेन परिणाम: बुरहानपुर के विद्यार्थी माजिद हुसैन ने आल इंडिया रैंकिंग में 30वां स्थान हासिल किया

बुरहानपुर आईआईटी जेईई मेंस 2025 के परीक्षा परिणाम शनिवार को घोषित किए गए हैं। इसमें बुरहानपुर के विद्यार्थी माजिद हुसैन ने आल इंडिया रैंकिंग में 30वां स्थान हासिल किया है। साथ ही वे मप्र के टाॅपर बन गए हैं। इस परीक्षा में माजिद ने 99.9992 परसेंटाइल हासिल किए हैं। उनकी इस सफलता पर एकेडमी के डायरेक्टर आनंद चौकसे व शिक्षकों ने फूल माला पहना कर स्वागत किया। माजिद मूलत: पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के जलगांव जिले के रहने वाले हैं। काफी समय से बुरहानपुर में रह कर परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। ये है सफलता की कहानी IIT जेईई मेन 2025 की परीक्षा में आल इंडिया रैंकिंग में 30वां स्थान हासिल करके मध्य प्रदेश में टाप करने वाले माजिद हुसैन को यूं ही सफलता हाथ नहीं लगी। परीक्षा की तैयारी के दौरान माजिद ने दिन के 12 से 14 घंटे किताबों के बीच खपाए हैं। इस परीक्षा में माजिद ने 99.9992 परसेंटाइल हासिल किए हैं। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले की एक निजी शिक्षण संस्था में अध्ययनरत रहकर तैयारी करने वाले माजिद हुसैन मूलत: पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के जलगांव जिले के रहने वाले हैं। उनके पिता जलगांव में इंजीनियर हैं, जबकि मां शिक्षिका हैं। माजिद बताते हैं कि कक्षा 10वीं से वह बुरहानपुर की निजी शिक्षण संस्था में अध्ययनरत हैं और यहीं छात्रावास में रहकर परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। टाॅपर बनना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उनका अगला लक्ष्य IIT जेईई एडवांस्ड में देशभर में टाप करना है। उन्होंने एनएसईसी, आइएनपीएचओ, आइओक्यूएम, एनएसईपी, आइएनएमओ की अंतरराष्ट्रीय गणित ओलंपियाड में भी प्रथम स्थान हासिल किया। माजिद ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, माता-पिता के सहयोग और एकेडमी के बेहतर मार्गदर्शन को दिया है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा है। माता-पिता और एकेडमी के प्रोत्साहन के कारण ही आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। माजिद ने एनएसईसी, आईएनपीएचओ, आईओक्यूएम, एनएसईपी, आईएनएमओ की अंतर्राष्ट्रीय गणित ओलंपियाड में भी प्रथम स्थान हासिल किया है। माजिद ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य आईआईटी जेईई एडवांस्ड में भी देशभर में टाॅप करना है। इन्होंने भी पाया बेहतर स्थान माजिद के साथ ही एकेडमी के शुभ जैन ने 99.88, साजिद हुसैन 99.84, संमित महाजन 99.82, आयुशी साहू 99.74, गौरव अडवानी 99.66, अदम्य पाटीदार 99.60, स्वर्णिम राठौर 99.58, मकरंद सरखाने 99.53, कृष यादव 99.51, दिव्यांश तिवारी 99.50, हर्ष रावत 99.48, आदि कुमार जैन 99.47, आरूश साहू 99.34, अर्पित पटेल 99.31, कृष्णम पाटिल 99.14, ऋतुराज सिंह चौहान 99.05 अजय धोते ने भी 99.05 परसेंटाइल हासिल किया है।

दीपावली तक 17.5 किमी रूट पर दौड़ने लगेगी मेट्रो रेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रायोरिटी कारिडोर का निरीक्षण किया

इंदौर इंदौर में 5.9 किमी लंबे सुपर प्रायोरिटी कारिडोर पर सीएमआरएस से मेट्रो रेल चलाने की अनुमति मिल चुकी है। अब कमर्शियल रन की तैयारी की जा रही है। इसी के तहत शनिवार को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रायोरिटी कारिडोर का निरीक्षण किया। उन्होंने सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ मेट्रो का सफर किया। अधिकारियों ने सभी यात्री सुविधाओं से अवगत कराया। निरीक्षण के बाद विजयवर्गीय ने कहा कि जल्द ही मेट्रो रेल की सुविधा मिलेगी। दीपावली तक 17.5 किमी मार्ग पर रेल दौड़ने लगेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। गांधीनगर स्टेशन से लेकर सुपर कारिडोर स्टेशन-3 तक मेट्रो के कमर्शियल रन की तैयारी अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। मंत्री विजयवर्गीय ने गांधी नगर स्टेशन की टिकट खिड़की से मेट्रो का पहला टिकट लिया। स्वचालित डोर टिकट के माध्यम से ऊपर पहुंचे। लगेज चेकिंग मशीन और अन्य सुविधाओं का अवलोकन किया। एस्केलेटर से ऊपर पहुंचकर मेट्रो में सवार हुए। गांधीनगर स्टेशन से मेट्रो 11:45 पर रवाना हुई। करीब पांच किमी की दूरी तय कर 11.58 बजे सुपर कारिडोर स्टेशन-3 पहुंची। मंत्री विजयवर्गीय चालक कक्ष में भी पहुंचे। यहां चालक गणेश देशमुख से मेट्रो के संचालन की जानकारी ली और अनाउंसमेंट व अन्य सुविधाओं को समझा। इस दौरान नगरीय विकास एवं आवास विभाग के मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल, मेट्रो के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य, निदेशक सिस्टम शोभित टंडन, निदेशक प्रोजेक्ट अजय गुप्ता मौजूद रहे। इंदौरियों के लिए बनेगी आकर्षण मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मेट्रो का उद्घाटन होने के साथ संचालन शुरू कर दिया जाएगा। शुरुआत में प्रायोरिटी कारिडोर पर ही मेट्रो का संचालन होगा, लेकिन यह इंदौरियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। शुरू में लोग मेट्रो में सफर से अधिक इसे देखने और अनुभव करने के लिए आएंगे। यह मेट्रो शहरवासियों को यातायात की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएगी। 17.5 किमी मार्ग पर परीक्षण की तैयारी मंत्री विजयवर्गीय ने निरीक्षण के बाद बताया कि मेट्रो का कार्य तेज गति से जारी है। दीपावली तक पहले चरण के 17.5 किमी रूट पर मेट्रो का संचालन शुरू कर देंगे। इस रूट पर ट्रायल की तैयारी की जा रही है। दूसरे चरण में भूमिगत लाइन करने को लेकर सर्वे किया जा रहा है। एमजी रोड से पहले कहीं मेट्रो रेल को भूमिगत किया जाएगा। मेट्रो स्टेशन से जोड़ेंगे सिटी बसें कमर्शियल रन से पहले मेट्रो स्टेशन से सिटी बसों की कनेक्टिविटी की योजना भी बनाई जा रही है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव इस बात की कोशिश कर रहे हैं कि शहर की बसों को मेट्रो से अच्छी तरह जोड़ा जाए। सिटी बसों के अलावा जरूरत पड़ने पर ई-रिक्शा को भी मेट्रो स्टेशन तक पहुंच दी जाएगी। मेट्रो स्टेशन के आसपास पार्किंग बनाने की योजना पर भी काम हो रहा है।  

रेल विकास की नई रफ्तार: निमाड़ के सपनों को पंख मिलेंगे : राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी

बड़वानी निमाड़ अंचल के विकास की दिशा में एक और सार्थक कदम उठाते हुए, राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने आज मुंबई में आयोजित रेलवे संबंधी संसदीय स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में सक्रिय भागीदारी की। इस बैठक में दो महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं — इंदौर से मनमाड़ नवीन रेल लाइन एवं खंडवा से अलीराजपुर प्रस्तावित रेल मार्ग — की समीक्षा की गई। डॉ. सोलंकी ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि यह परियोजनाएं केवल पटरियाँ नहीं, बल्कि निमाड़ के सामाजिक-आर्थिक विकास की रीढ़ साबित होंगी। उन्होंने विशेष रूप से इन रेलमार्गों से संबंधित सर्वे कार्य की प्रगति पर जानकारी ली और समयबद्ध क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने बताया कि इंदौर-मनमाड़ रेललाइन परियोजना को हाल ही में स्वीकृति मिली है और खंडवा-अलीराजपुर मार्ग का सर्वे कार्य अंतिम चरणों में है। ये दोनों मार्ग न सिर्फ परिवहन को आसान बनाएंगे, बल्कि आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों को देश की मुख्यधारा से जोड़ेंगे। डॉ. सोलंकी ने रेल मंत्रालय को धन्यवाद देते हुए कहा, “निमाड़ के विकास की जो किरण सालों से इंतजार कर रही थी, अब वह क्षितिज पर दिखने लगी है। मैं यह विश्वास दिलाता हूँ कि क्षेत्र की जनता के हर सपने को पूरा करने के लिए मैं पूरी ताक़त से जुटा हूँ।” उन्होंने समिति में यह भी आग्रह किया कि इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाया जाए, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार, व्यापारियों को व्यापार और आमजन को सस्ता, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके।

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