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543.31 लाख पात्र हितग्राहियों में से शेष 108.27 लाख हितग्राहियों की ई-केवायसी 30 अप्रैल तक पूर्ण करने निर्देश

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने राष्ट्रीय खाद्य, सुरक्षा अधिनियम के पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाकर करने के निर्देश दिये हैं। मंत्री राजपूत ने बताया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 543.31 लाख पात्र हितग्राहियों में से शेष 108.27 लाख हितग्राहियों की ई-केवायसी 30 अप्रैल तक पूर्ण करने के निर्देश भारत सरकार द्वारा प्राप्त हुए हैं। समय-सीमा में समस्त पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी न होने पर हितग्राहियों को खाद्यान्न प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है। इसलिये समस्त पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री राजपूत ने बताया कि 9 अप्रैल से 30 अप्रैल तक प्रदेश में ई-केवायसी कराने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विशेष अभियान में ई-केवायसी से शेष रह गये सभी पात्र हितग्राहियों की सूची पीओएस मशीन, स्थानीय निकाय, जेएसओ लॉगिन पर उपलब्ध कराई गयी है। उन्होंने बताया कि विशेष अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय प्रशासन विभाग के स्थानीय अमले का सहयोग लिया जा रहा है। कैंप लगाकर करायी जाएगी ई-केवायसी खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा है कि अभियान में हितग्राहियों की ई-केवायसी ग्रामवार एवं मुहल्लेवार कैंप लगाकर की जाये। ई केवायसी करने गठित दलों को ग्राम अथवा मोहल्ले की सभी हितग्राहियों की ई-केवायसी करने के बाद ही अन्य ग्राम या मोहल्ले में कैंप आयोजित किये जाये। ई-केवायसी के दौरान परिवार के किसी सदस्य की मुत्यु होने, स्थायी रूप से प्रवास पर जाने एवं डुप्लीकेट होने पर एम राशन मित्र पोर्टल पर स्थानीय निकाय के लॉगिन से विलोपन हेतु प्रविष्टि की जाएगी। सभी संभागायुक्त एवं कलेक्टर्स को जारी हुये निर्देश राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत शामिल पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी 9 से 30 अप्रैल तक जिलावार पूर्ण कराने के लिये खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने समस्त संभागायुक्त एवं कलेक्टर्स को ई-केवायसी कार्य को गंभीरता से तिथिवार पूर्ण कराने के निर्देश जारी किये हैं। एसीएस श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने कहा है कि ई-केवायसी से शेष हितग्राहियों की संख्या के अनुसार जिलों हेतु निर्धारित दैनिक लक्ष्य के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में शत्-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी पूर्ण कराये जाये। उन्होंने अफसरों को ई-केवायसी कार्य के जागरूकता के लिये व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये हैं।  

मंत्री पटेल ने मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल का दौरा कर पंजीकरण प्रक्रिया की सम्पूर्ण कार्य प्रणाली का अवलोकन किया

भोपाल लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है कि हर विद्यार्थी और पंजीकृत फार्मासिस्ट को बिना किसी विलंब के डिजिटल, सुलभ और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध हों। राज्य मंत्री पटेल ने मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल, भोपाल कार्यालय का दौरा कर पंजीकरण प्रक्रिया की सम्पूर्ण कार्य प्रणाली का अवलोकन किया। पंजीकरण प्रक्रिया को सरल, सुगम, पारदर्शी एवं छात्र हितैषी बनाने के लिए प्राप्त किए सुझाव राज्य मंत्री पटेल ने काउंसिल के अधिकारियों एवं स्टॉफ से संवाद कर पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक सरल, सुगम, पारदर्शी एवं छात्र हितैषी बनाने के संबंध में आवश्यक सुझाव प्राप्त किए। उन्होंने तकनीकी माध्यमों से प्रक्रिया को त्वरित और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि प्रदेश में फार्मेसी के किसी भी छात्र एवं अभ्यर्थी को पंजीकरण में अनावश्यक परेशानी न हो और सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से संचालित हों इसके लिए प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य शिक्षा और पंजीकरण से जुड़ी संस्थाओं में निरंतर सुधार और नवाचार के माध्यम से ही छात्र हितों की रक्षा की जा सकती है। फार्मेसी काउंसिल की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने हेतु राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। प्रभारी रजिस्ट्रार श्रीमती माया अवस्थी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय शैक्षिक मेला 2025

भोपाल वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय शैक्षिक मेला 2025, वैश्विक शिक्षा जगत का एक भव्य उत्सव था, जिसे दुनिया भर से अपार उत्साह और भागीदारी के साथ आयोजित किया गया था। मुख्य अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित शिक्षा रणनीतिकार डॉ. इंग्रिड ले गार्गासन की विशिष्ट उपस्थिति के साथ, यह कार्यक्रम वैश्विक शैक्षणिक उत्कृष्टता और सहयोग के लिए वीआईटी भोपाल की प्रतिबद्धता का एक शक्तिशाली प्रमाण बन गया। इस मेले में 75 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों और अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा और एशिया के विभिन्न क्षेत्रों सहित देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 85 प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। विश्वविद्यालय के जीवंत परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्रों, विद्वानों और शिक्षकों को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा पर उपयोगी बातचीत में शामिल होने, प्रवेश के रास्ते, छात्रवृत्ति के अवसरों का पता लगाने और विदेशी शैक्षणिक वातावरण में मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए एक गतिशील मंच प्रदान किया। मुख्य आकर्षणों में इंटरैक्टिव बूथ, विशेषज्ञ-नेतृत्व वाली कार्यशालाएँ, पैनल चर्चाएँ और नेटवर्किंग सत्र शामिल थे, जिन्होंने शैक्षणिक माहौल को समृद्ध किया और दीर्घकालिक साझेदारी को बढ़ावा दिया।  अंतर्राष्ट्रीय शैक्षिक मेला 2025 वास्तव में नवाचार, विविधता और परिवर्तनकारी शिक्षा के लिए वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में वीआईटी भोपाल की यात्रा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य अमले को तैयारियों के लिए जारी किये निर्देश

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने राज्य में बढ़ती गर्मी और लू की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल के समय में सभी नागरिकों, विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं। समस्त स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक तैयारियों के लिए निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने अपील की है कि सभी नागरिक सावधानियों का अवश्य पालन करें। प्रबंध संचालक, एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन और अस्पताल अधीक्षकों को गर्मी के दृष्टिगत स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आवश्यक तैयारियों और जागरूकता के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गर्मी के मौसम में भारत सरकार द्वारा हीट रिलेटेड इलनेस से बचाव के लिए दिशा-निर्देश को जिला व स्वास्थ्य संस्थानों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के लिए कहा है। साथ ही जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में इन पर चर्चा कर संबंधित विभाग प्रमुखों को भी अवगत कराने के निर्देश दिए गये हैं। उन्होंने जनसामान्य को जागरूक करने और सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में रोगियों को एचआरआई से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आईएचआईपी पोर्टल पर प्रतिदिन एचआरआई मामलों की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। इससे अधिक तापमान से होने वाली बीमारियों व अवांक्षित घटनाओं को रोका जा सकेगा। क्या करें हाइड्रेटेड रहना है जरूरी गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी होना आम समस्या है। इससे गंभीर बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं। नागरिक दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे। यात्रा करते समय पानी अवश्य साथ रखें। ओआरएस, नींबू पानी, लस्सी, छाछ, फलों के रस (थोड़ा नमक मिलाकर) जैसे घरेलू पेय का सेवन लाभकारी होता है। तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर, अनानास, खीरा जैसी मौसमी फल-सब्ज़ियों का सेवन शरीर में तरलता बनाए रखने में सहायक होता है। शरीर को ढँककर रखें धूप में निकलते समय शरीर को पूरी तरह ढँकना बेहद जरूरी है। हल्के रंग के, सूती और ढीले कपड़े पहनें ताकि गर्मी से राहत मिल सके। सिर को टोपी, छतरी, गमछा या पारंपरिक उपायों से ढकना चाहिए। नंगे पांव धूप में जाना भी हानिकारक हो सकता है, इसलिए चप्पल या जूते पहनना अनिवार्य है। घर को ठंडा और सुरक्षित बनाएँ जहाँ तक हो सके, दोपहर के समय घर के अंदर या छांव में रहें। घर में ठंडी हवा का संचार बना रहे, इसके लिए दिन में खिड़कियां और पर्दे बंद रखें और रात में उन्हें खोल दें। बाहर जाना जरूरी हो, तो सुबह या शाम के ठंडे समय में ही जाएं। गर्मी के समय बाहरी गतिविधियों को सीमित करना आवश्यक है। घर में ठंडक बनाए रखने के लिए पर्दे, शटर या सनशेड का उपयोग करें। दिन में निचली मंजिल पर रहना ज्यादा सुरक्षित होता है। शरीर को ठंडा रखने के लिए पंखा, ठंडा पानी, गीले कपड़े, या 20°C के पानी में पैरों को डुबोना सहायक होता है। विशेष ध्यान देने योग्य संवेदनशील वर्ग छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, मानसिक या शारीरिक बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति और बाहर कार्य करने वाले लोग अधिक संवेदनशील होते हैं। इन लोगों को अतिरिक्त सुरक्षा और देखरेख की आवश्यकता होती है। ठंडे प्रदेश से गर्म प्रदेश में आने वाले लोगों को अपने शरीर को नई जलवायु के अनुसार ढालने के लिए समय देना चाहिए। मौसम की जानकारी रखें रेडियो, टीवी, समाचार पत्रों या भारत मौसम विज्ञान विभाग की वेबसाइट (https://mausam.imd.gov.in) से मौसम की ताज़ा जानकारी लेते रहें। मौसम की पूर्व चेतावनियों को गंभीरता से लें और उसी अनुसार अपने कार्यक्रम बनाएं। बचाव के लिए ये गलतियां न करें दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बाहर न निकलें। इस समय गर्मी अपने चरम पर होती है। भारी कामकाज या शारीरिक मेहनत भी टालें। नंगे पांव बाहर न निकलें। गर्मी में खाना पकाते समय रसोई में वेंटिलेशन रखें। शराब, चाय, कॉफी, सॉफ्ट ड्रिंक्स, या अधिक मीठे पेयों से बचें, ये शरीर से तरलता कम करते हैं। बासी और भारी प्रोटीन युक्त भोजन न करें। किसी भी परिस्थिति में बच्चों या पालतू जानवरों को बंद वाहन में न छोड़ें। श्रमिकों और नियोक्ताओं के लिए विशेष निर्देश काम की जगह पर ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना अनिवार्य है और हर 20 मिनट में पानी पीने की सलाह दी जाए। काम को सुबह-शाम के समय शेड्यूल करें। छांव की व्यवस्था करें और कार्य के बीच पर्याप्त आराम दें। नए श्रमिकों के लिए कार्य का समय धीरे-धीरे बढ़ाएं ताकि वे मौसम के अनुसार ढल सकें। श्रमिकों को गर्मी से संबंधित लक्षणों की पहचान और प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग दें। ‘बडी सिस्टम’ अपनाएं और प्रशिक्षित फर्स्ट एड कर्मियों की व्यवस्था करें। गर्भवती या बीमार श्रमिकों के लिए डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है। भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में सावधानी खेलों या धार्मिक आयोजनों जैसे भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में अत्यधिक गर्मी और पसीने के कारण हीट रिले़टेड इलनेस (एचआरआई) की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे आयोजनों में पर्याप्त पानी, छांव और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था अनिवार्य है। उपस्थित लोगों को लक्षणों की जानकारी होनी चाहिए। गर्मी से होने वाली बीमारियां और लक्षण अत्यधिक गर्मी से शरीर का तापमान ऊपर जा सकता है, जिससे हीट स्ट्रेस, हीट रैश, हाथ-पांव सूजना, मांसपेशियों की ऐंठन, चक्कर आना, हीट एक्सहॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे दिल, फेफड़े, किडनी जैसी पुरानी बीमारियां भी बढ़ सकती हैं। लक्षणों में चक्कर, बेहोशी, उल्टी, सिरदर्द, बहुत ज्यादा प्यास, गाढ़ा पेशाब, तेज़ सांस और दिल की धड़कन शामिल हैं। मांसपेशियों की ऐंठन होने पर तुरंत ठंडे स्थान पर आराम करें और ओआरएस पिएं। एक घंटे से अधिक ऐंठन रहने पर डॉक्टर से परामर्श लें। हीट स्ट्रोक: जानलेवा स्थिति हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसमें शरीर का तापमान 40°C से ऊपर हो सकता है और व्यक्ति बेहोश, भ्रमित या चिड़चिड़ा हो सकता है। त्वचा लाल, गर्म और सूखी हो जाती है। बच्चों में संकेत: दूध न पीना, चिड़चिड़ापन, पेशाब कम होना, आंखों का धंसना, सुस्ती या झटका आना, शरीर से खून आना आदि। तुरंत क्या करें 108 या 102 पर कॉल करें। व्यक्ति को ठंडी जगह ले … Read more

होली मिलन एवं युवा युवती परिचय सम्मेलन 12 अप्रैल 2025

भोपाल  कार्यक्रम के संयोजक संजय मिश्रा पिंटू भैया ने बताया कि यह आयोजन पूर्वांचल ब्राह्मण समाज भोपाल के तत्वाधान मेंआज 12 अप्रैल 2025  समय संध्या 6:00 से  स्थान सर्व धर्म मंदिर न्यू मिनाल रेजीडेंसी भोपाल मे होगा कार्यक्रम के आयोजन की व्यवस्थाओ को लेकर समिति की बैठक आज न्यू मिनाल रेजीडेंसी स्थित मंदिर मे सम्पन्न हुई,  यह कार्यक्रम का प्रथम वर्ष है इसमें मुख्य रूप से जो पूर्वांचल के ब्राह्मण समाज के युवा युवती  हैं उनका परिचय सम्मेलन  एवं उनकका पंजीयन बायोडाटा इकट्ठा किया जाएगा एवं वही कुंडली का मिलान कर रिश्ते कराने का प्रयास किया जायेगा इस मे लगभग 400 परिवार शामिल होने वाले है.  इस अवसर पर सुप्रसिद्ध लोकगीत गायक कलाकार राजेश पिंटू दुबे एंड पार्टी बलिया यूपी से होली एवं चैता गीतों की प्रस्तुति देंगे  इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल होंगे आलोक शर्मा सांसद लोकसभा भोपाल  रामेश्वर शर्मा विधायक हुजूर  रीति पाठक कैबिनेट मंत्री मध्य प्रदेश शासन संजय पाठक पूर्व मंत्री मध्य प्रदेश  संजय पांडेय क्रिकेटर  पण्डित गिरीश शर्मा जी पण्डित निलम्प त्रिपाठी जी सहित समाज के गणमान्य लोग  कार्यक्रम में शामिल होंगे।  आज आयोजित बैठक मे इसमें विशेष रूप से संजय मिश्रा पिंटू भैया राम तिवारी  अजय कुमार दुबे सुनील चौबे शंभू चौबे अश्वनी चौबे अंकित मिश्रा रीता मिश्रा अजय पांडेय  शिव  दुबे उमेश तिवारी अशोक मिश्रा बसंत पांडेय विनोद पाण्डेय लक्ष्मण कुमार चौबे घनश्याम पांडेय  आशीष तिवारी  रोहित मिश्रा कुबेर चौबे दर्दर मुनि चौबे मुकेश शुक्ला सतीश पाण्डेय जनार्दन दुबे, एन डी, तिवारी आदित्य तिवारी राम शर्मा संजय उपाध्याय विजय उपाध्याय सहित समाज के सम्मानित प्रमुख लोग उपस्थित रहे।समाज की बैठक मे आह्वान किया गया की पूर्वांचल के सभी परिवार इस आयोजन मे सपरिवार सम्मिलित हो।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा को समाज के कल्याण की कुंजी मानने वाले महात्मा फुले का जीवन शोषितों व वंचितों के उत्थान और महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित रहा। उनके विचार समरस समाज के निर्माण के लिए सदैव सभी को प्रेरित करते रहेंगे।  

मध्यप्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे हैं मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उन्नत और समृद्ध रही है प्राचीन भारतीय वास्तुकला : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजा भोज द्वारा निर्मित बड़ा तालाब तकनीकी उत्कृष्टता का है श्रेष्ठ उदाहरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे हैं मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने वास्तुकारों को मध्यप्रदेश में गतिविधियों के विस्तार के लिए किया आमंत्रित मुख्यमंत्री ने “द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स” के राष्ट्रीय सम्मेलन “ट्रांसम” का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने डॉ. निधिपति सिंघानिया को किया सम्मानित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राचीनकाल से ही आर्किटेक्ट्स का विशेष महत्व रहा है। राजा भोज स्वयं बड़े वास्तुकार थे। भोपाल ताल सहित प्राचीन स्थापत्य के कई उदाहरण भोपाल और इसके आसपास विद्यमान है। भोपाल का ताल मूलतः बांध है। एक हजार साल पहले बनी है यह अद्भुत और बेमिसाल संरचना आज भी सामयिक और बड़ी आबादी के लिए उपयोगी है। मितव्ययता और तकनीकी उत्कृष्टता के साथ निर्मित यह संरचना, प्राचीन समृद्ध ज्ञान परंपरा का जीवंत उदाहरण है, जिस पर आज भी विचार प्रासंगिक है। इस दृष्टि से भोपाल में हो रहा आर्किटेक्ट्स सम्मेलन विशेष महत्व का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव “द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स” के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन “ट्रांसम” के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वास्तुशिल्प नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए वास्तुकला उत्कृष्टता में विरासत को समाहित करने के लिए डॉ. निधिपति सिंघानिया को भारतीय वास्तुकार संस्थान (आईआईए) फैलोशिप से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आर्किटेक्ट्स को विश्वकर्मा बंधु संबोधित करते हुए कहा कि मंदिर वास्तुकला और पूजा पद्धतियों में कई रहस्य विद्यमान हैं। भस्म आरती जन्म से लेकर मृत्यु तक की जीवन यात्रा को संक्षिप्त रूप में दिखाने का प्रकल्प है। राजा भोज द्वारा बनवाया गया भोजपुर मंदिर और उनके बड़े भाई राजा मुंज द्वारा मांडव में बनाई गई संरचनाएं तत्कालीन उत्कृष्ट वास्तु शिल्प का उदाहरण है। उत्कृष्ट तकनीक के ये प्रतीक हमारी संस्कृति पर गौरव और आत्म सम्मान का आधार भी हैं। उन्होंने कहा कि राजा भोज कई विधाओं के विशेषज्ञ थे, उन्होंने विभिन्न विषयों पर पुस्तक भी लिखी। उनकी राजधानी उज्जैन थी लेकिन उत्तर की ओर से हो रहे आक्रमणों से नागरिकों की सुरक्षा के लिए राजा भोज ने अपनी राजधानी को मांडव में स्थापित किया और वहां उत्कृष्ट जल संरचनाओं का भी निर्माण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस दौर में मध्यप्रदेश बदल रहा है, प्रदेश में औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, जलवायु, जन सामान्य का आत्मीय व्यवहार, सड़क-बिजली-पानी जैसी अधोसंरचनात्मक सुविधाएं, प्रदेश को निवेश के लिए आदर्श राज्य बनाती हैं। व्यवसायियों और उद्योगपतियों को कार्य में परेशानी ना आए इस उद्देश्य से ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ-साथ सेक्टर विशेष पर केंद्रित नीतियां लागू की गई है। प्रदेश में मेट्रोपॉलिटन सिटी भी तेजी से विकसित हो रही हैं, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े शहरों से आसपास के पांच जिलों को जोड़कर विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर को मिलाकर मेट्रोपॉलिटन विकसित करने की कल्पना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वास्तुकारों को मध्यप्रदेश में गतिविधियों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि है कि संस्था “द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स” वर्ष 1917 में स्थापित हुई, इसका मुख्यालय मुम्बई में है। देश के वास्तुविदो को संगठित कर वास्तु कला को बढ़ावा देने में संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। वास्तु कला और भवन निर्माण से जुड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से यह संस्था निरंतर समन्वय और सम्पर्क में रहती है। संस्था के सम्मेलन को भारत के सबसे बड़ा वास्तु कला उत्सव के रूप में देखा जाता है।  

ब्यावरा शहर में एक चौंकाने वाला सामने आया, 70 वर्षीय महिला करीब 35 साल पहले गायब हो गई थी, जो अचानक मिली

राजगढ़ मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर में एक चौंकाने वाला सामने आया है। एक 70 वर्षीय महिला करीब 35 साल पहले गायब हो गई थी। मृत समझकर परिवार के लोगों ने यूपी के प्रयागराज में पिंडदान भी कर दिया था। अब वह महिला अचानक जिंदा मिली है। जब वह अपने घर लौटी तो परिवार वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दरअसल, राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर के जगात चौक पर रहने वाले गोपाल सेन की पत्नी गीता सेन करीब 35 साल पहले अपने मायका शाजापुर जिले के कालापीपल तहसील के खोखरा गांव गई हुई थी। वह अचानक से गायब हो गई थी। इसके बाद परिवार के लोगों ने गीता बाई की खूब तलाश की, लेकिन गीताबाई का कोई सुराग नहीं मिला। करीब 5 साल पहले परिवार के लोगों ने मरा समझकर प्रयागराज जाकर गीता बाई का पिंडदान कर दिया। हर साल श्राद्ध पक्ष में नवमी के दिन श्राद्ध करने लग गए थे। लेकिन अचानक महाराष्ट्र के नागपुर के मेंटल हॉस्पिटल से एक फोन जिसके बाद परिवार को लोगों को पैरों तले जमीन खिसक गई। फोन पर गीता बाई के जिंदा होने की खबर मिली। नागपुर मेंटल हॉस्पिटल की समाजसेवा अधीक्षक कुंडा बिडकर और कालापीपल सहित ब्यावरा पुलिस के सहयोग से परिवार नागपुर पहुंचा और गीताबाई को सुरक्षित घर लेकर आए। 19 महीने तक एड्रेस किया सर्च नागपुर के क्षेत्रीय मेंटल हॉस्पिटल की समाजसेवा अधीक्षक कुंडा बिडकर ने बताया कि महिला को कोर्ट के आदेश पर बीमारी के हालत में भर्ती किया गया था। महिला को परिवार और एड्रेस के बारे में कुछ जानकारी नहीं थी। इस दौरान बायोमेट्रिक से भी एड्रेस पता लगाने की कोशिश की गई, लेकिन उसमें भी सफलता नहीं मिली। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कई गांव और पुलिस स्टेशनों और सरपंचों सहित किराना दुकानदारों से संपर्क ट्रेस किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। 19 महीने के बाद ब्यावरा के बारे में जानकारी मिली तो राजगढ़ एसपी कार्यालय में संपर्क किया। इसके बाद पुलिस के सहयोग से परिवार के बारे में जानकारी ली गई। घर लौटने पर परिवार के लोगों ने किया भव्य स्वागत गीताबाई के 35 साल बाद पहली बार घर लौटने पर पति, बेटे, बेटी और पोते- पोतियों ने फूल मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान पति-पत्नी ने एक दूसरे को माला भी पहनाई।

पुरानी पन्ना की बीड़ी कॉलोनी में संचालित अवैध मदरसे को लेकर प्रदेशाध्यक्ष शर्मा ने बड़ा बयान दिया

 पन्ना मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में खजुराहो सांसद और BJP प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने पुरानी पन्ना की बीड़ी कॉलोनी में संचालित एक अवैध मदरसे को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इस मदरसे पर अवैध गतिविधियों का आरोप लगाते हुए इसकी जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है. इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब मीडिया कवरेज के लिए मौके पर पहुंचा, जहां स्थानीय लोगों और मदरसे से जुड़े लोगों ने पत्रकारों को घेर लिया और चिल्लाकर उनका कैमरा बंद करवा दिया. BJP सांसद वीडी शर्मा ने कहा, “मुझे एक अल्पसंख्यक समाज के भाई ने बताया कि पन्ना में एक अवैध मदरसा संचालित हो रहा है. सोचिए, जब पन्ना जैसे छोटे शहर में वक्फ के नाम पर गुंडे अवैध संपत्ति बना रहे हैं, तो पूरे देश में कितनी अवैध संपत्तियां हो सकती हैं. इसकी जांच होनी चाहिए. इस देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह हैं. यह देश संवैधानिक तरीके से चलेगा.” स्थानीय लोगों और अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ जागरूक व्यक्तियों ने इस मदरसे के संचालक तांत्रिक अब्दुल रऊफ उर्फ हकीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि रऊफ करीब 10-12 साल पहले पन्ना में खाली हाथ आया था, लेकिन अब उसने धर्म की आड़ में चंदे का धंधा चमकाकर सरकारी जमीन पर अवैध रूप से तकरीबन 5000 वर्गफीट भूमि पर भारी-भरकम मदरसा बना लिया है. आरोप है कि इस मदरसे की आड़ में वह करोड़ों रुपए की चंदा वसूली कर रहा है. स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि कुछ साल पहले इस मदरसे में एक बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है, जिसकी जांच की मांग लंबे समय से की जा रही है. जब मीडिया ने इस मामले की कवरेज के लिए बीड़ी कॉलोनी का दौरा किया, तो वहां मौजूद मदरसे से निकले लोगों और आसपास की करीब दर्जनभर महिलाओं ने पत्रकारों को घेर लिया. उन्होंने चिल्लाकर कैमरा बंद करवा दिया और पत्रकारों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया. इस दौरान मदरसे के संचालक मौलाना तांत्रिक रऊफ से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वह मीडिया के सामने नहीं आए और शहर से बाहर होने की बात कहकर टाल गए. पन्ना के जागरूक नागरिकों और अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ लोगों ने इस मदरसे की अवैध गतिविधियों के खिलाफ पहले ही कलेक्टर को ज्ञापन देकर शिकायत दर्ज कराई थी. पन्ना के वक्फ बोर्ड के जिलाध्यक्ष अब्दुल हमीद ने aajtak से बात करते हुए कहा, “यह बाहरी व्यक्ति है, जो करीब 10 साल पहले पन्ना में आया था. यह मुंबई, छत्तीसगढ़ आदि से चंदा लाकर अवैध वसूली करता है. मदरसे में सिर्फ चार बच्चे रहते हैं, लेकिन यह सरकारी जमीन पर बनाया गया है. इसकी शिकायत कलेक्टर से की गई है और सांसद महोदय के संज्ञान में भी लाया गया है. चंदे से करोड़ों की वसूली होती है, लेकिन हिसाब लाखों में दिखाया जाता है. हर साल घाटा बताते हैं, लेकिन जब यह पन्ना आया था, तब इसके पास कुछ नहीं था. अब करोड़ों की संपत्ति कहां से आई, इसकी जांच होनी चाहिए. यह गोरिहार से आया है और इसकी शिक्षा यूपी में बताई जाती है, इसकी भी जांच होनी चाहिए.” पत्रकार एमएस खान ने इस मामले पर कहा, “सदर बनते ही मुस्लिम लोग पन्ना के मौलाना और मुल्लों को अपने चंगुल में लेते हैं और बदले में यह मौलाना शहर में सदर बनाने में मदद करते हैं. यह उनका गठजोड़ चल रहा है. इस मदरसे की शिकायत कलेक्टर से की गई थी और अब सांसद महोदय के संज्ञान में भी आया है. एक न एक दिन इसे कानून के दायरे में आना ही पड़ेगा. यह मदरसा पूरी तरह अवैधानिक है. इसकी कमेटी का सरकार में कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है, फिर भी यह लेटरहेड का इस्तेमाल करता है और शासन उस लेटरहेड पर कार्रवाई करता है, लेकिन यह नहीं देखता कि संस्था वैध है या अवैध. हम चाहते हैं कि कानून सम्मत कार्रवाई हो. जो लोग बाहर से आकर चंदे का धंधा और अवैध गतिविधियां चला रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई हो. इसके अलावा कटरा मोहल्ले में एक और अवैध बालिका मदरसा संचालित हो रहा है, जिसकी भी जांच होनी चाहिए.” पन्ना कलेक्टर से जब इस मामले में बात की गई, तो उन्होंने कहा, “मदरसे के मामले में शिकायती आवेदन पत्र आए हैं, जिन पर जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.”      

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेशवासियों को दी हनुमान जयंती की शुभकामनायें

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि भगवान श्री हनुमान, शक्ति, भक्ति, साहस, सेवा और समर्पण के प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें निष्ठा, अनुशासन और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी अटूट भक्ति और निष्काम सेवा प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणा स्रोत है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-शांति, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की है। उन्होंने भगवान हनुमान से सभी के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और संकल्प की भावना का संचार करने की प्रार्थना की है।  

इंदौर में लगातार बढ़ते AQI से प्रदूषण का स्तर चिंताजनक हालत में पहुंचा, मप्र में प्रदूषण का स्तर 8 से 9 गुना तक ज्यादा

इंदौर इंदौर में एक बार फिर से पॉल्यूशन बढ़ने लगा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार नीचे गिरता जा रहा है। 1 अप्रैल से इंदौर का AQI लेवल 100 के नीचे ही नहीं आया है। तापमान बढ़ने के साथ ही अब इसमें और वृद्धि होगी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार इसी हफ्ते इंदौर में सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स, एक्यूआई) 158 तक पहुंच गया था। रविवार को यह 147 पर था। इसमें महत्वपूर्ण प्रदूषणकारी घटक पीएम-10 और नाइट्रो ऑक्साइड का औसत भी काफी अधिक हो गया था। अब गर्मी बढ़ने के साथ एक्यूआई बढ़ता रहेगा। रियल टाइम पॉल्युशन स्टेशन के आंकड़ों के अनुसार 16 मार्च को आखिरी बार एक्यूआई 96 रहा था। इसके बाद से एक्यूआई 100 से नीचे नहीं आया है। इसमें अब लगातार वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतना बढ़ता हुआ प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। एक्यूआई को 100 से अधिक होने पर हानिकारक माना जाता है। इससे वृद्धों, बच्चों और सांस के मरीजों को दिक्कत हो सकती है। एक्यूआई 200 से अधिक होने से यह आम लोगों के लिए भी हानिकारक हो सकता है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। आईआईटी इंदौर की स्टडी के अनुसार मप्र में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक आईआईटी इंदौर की स्टडी में यह सामने आया है कि मप्र में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है। प्रदेशवासी हर साल 70 से 80 दिन बेहद खतरनाक हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। पहले यह साल में 15-25 दिन होती थी। यहां दिल्ली-एनसीआर और उप्र की तुलना में प्रदूषण कम है, लेकिन, मौजूदा स्तर भी चिंताजनक है। आईआईटी इंदौर की यह स्टडी एल्सेवियर के टेक्नोलॉजी इन सोसाइटी जर्नल में प्रकाशित हुई है। आईआईटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. मनीष कुमार गोयल और उनकी टीम की इस स्टडी में पाया कि मप्र में औसत वार्षिक पीएम 2.5 का स्तर 40-45 प्रति घन मीटर है, जो राष्ट्रीय मानक (40 प्रति घन मीटर में माइक्रोग्राम) के समान है। मगर प्रदूषण के चरम दिनों में यह 200-250 प्रति घन मीटर में माइक्रोग्राम तक पहुंच जाता है। मप्र में प्रदूषण का स्तर 8 से 9 गुना तक ज्यादा आईआईटी इंदौर के डायरेक्टर प्रो. सुहास जोशी का कहना है, मप्र में प्रदूषण का स्तर डब्ल्यूएचओ के मानकों से 8 से 9 गुना तक ज्यादा है। स्टडी के मुताबिक महिलाएं वायु प्रदूषण से अधिक प्रभावित हो रही हैं। इसका मुख्य कारण घर के अंदर ठोस ईंधन (लकड़ी, कोयला) से खाना पकाने के कारण होने वाला धुआं है। प्रो. मनीष गोयत बताते हैं, पीएम 2.5 के बढ़ते स्तर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पीएम 2.5 का मतलब हवा में मौजूद 2.5 माइक्रो मीटर से भी छोटे कणों से है, जो फेफड़ों और रक्तप्रवाह में आसानी से प्रवेश कर सकते हैं। एक्यूआई बढ़ना मतलब प्रदूषण बढ़ा एक्यूआई में पीएम-10, पीएम-2.5, कार्बन और सल्फर डाईऑक्साइड, नाक्स गैसेस, ओजोन आदि का अनुपात होता है। बीते दिनों में एक्यूआई अधिक रहा है। इसमें पीएम 2.5, कार्बन व सल्फर डाई ऑक्साइड की उल्लेखनीय बढ़ोतरी मिली है। यह हमारी आबोहवा को प्रभावित कर रहे हैं। विकास कार्यों और गर्मी के कारण बढ़ रहा AQI लेवल मप्र में AQI लेवल के लगातार बढ़ने के सबसे महत्वपूर्ण कारणों में शहरों में हो रहे विकास कार्य, वाहनों की संख्या में इजाफा, गर्मी में ज्यादा मात्रा में एसी का चलना, हरियाली का कम होना है। पॉल्यूशन लेवल बढ़ने का एक प्रमुख कारण हवा का तेज गति से नहीं चलना भी है। अधिकारियों के मुताबिक तेज हवा चलने पर वह पॉल्यूशन पार्टिकल को अपने साथ दूर तक उड़ा ले जाती है। पॉल्यूशन एक्सपर्ट के अनुसार AQI लेवल 100 से ज्यादा होने पर आंख, गले और फेफड़े की तकलीफ बढ़ने लगती है। सांस लेते वक्त इन कणों को रोकने का हमारे शरीर में कोई सिस्टम नहीं है। ऐसे में पीएम 2.5 हमारे फेफड़ों में काफी भीतर तक पहुंचता है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अशोकनगर में अलग ही अंदाज देखने को मिला, चश्मे में काफी स्टाइलिश लगे

अशोकनगर  केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अशोकनगर पहुंचे. जहां उनका अलग ही अंदाज देखने को मिला. वह यहां चश्मा पहने नजर आए, जो उनके चेहरे पर काफी स्टाइलिश दिखाई दे रहा था. उनका यह अंदाज लोगों के बीच सुर्खियां बना रहा. बता दें की सिंधिया क्षेत्र में भ्रमण के दौरान चश्मा नहीं पहनते थे. लेकिन इस दौरे में उन्होंने जो चश्मा पहना है, जिसने उनकी सुंदरता पर चार चांद लगा दिए. किसानों के दिए 30 लाख के स्वीकृति पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अशोकनगर आ रहे हैं. इससे पहले क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अशोकनगर पहुंचे. यहां बहादुरपुर तहसील के झागर बमुरिया सहित अन्य गांव में 3 दिन पहले आगजनी से करीब 1500 बीघा गेहूं जल गया था. इसकी जानकारी सिंधिया को मिली तो उन्होंने अपने सभी कार्यक्रम बदल दिए. वे गुरुवार को सीधे झागर बमुरिया पहुंचे. वहां जिन किसानों की फसल जली थी, वे सभी मौजूद थे. सिंधिया ने किसानों से मुलाकात की. उन्होंने फसल नुकसान के मुआवजे के रूप में 30 लाख रुपए की स्वीकृति पत्र भी किसानों को सौंपे. ट्वीट कर जताया सीएम का आभार ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ”जब भी आप पर कोई आपदा आएगी, तीन दिन के भीतर मैं या कलेक्टर स्वयं आपके पास होंगे.” सिंधिया ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विशेष आभार जताया. उन्होंने ‘X’ पर ट्वीट कर त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया. सिंधिया ने कहा, ”मेरे पूर्वज माधो महाराज जी भी यही करते थे, मैं भी वही कर रहा हूं.”   दुख के समय में सदैव आपके साथ खड़ा रहूंगा उन्होंने किसानों के नुकसान पर गहरी चिंता जताई. कहा, ”मैं हर किसान भाई-बहन के साथ खड़ा हूं. केंद्र और राज्य सरकार से हरसंभव मदद दिलाऊंगा.” पिछले साल ओलावृष्टि के समय भी सिंधिया ने क्षेत्र का दौरा किया था. तब भी उन्होंने खेतों में जाकर स्थिति देखी थी. मुख्यमंत्री के सहयोग से 48 घंटे में सर्वे और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पूरी करवाई थी. कांग्रेस के 60-70 सालों में जो नहीं हुआ, यहां 72 घंटे में कर दिखाया केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने झागर बमुरिया गांव में पहुंचकर गेहूं की फसल में हुए नुकसान को लेकर किसानों को मुआवजा प्रमाण पत्र बांटे. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि, ”कांग्रेस की 60-70 साल की सरकार में खराव हुई फसलों का सर्वे तक नहीं होता था. लेकिन यह भाजपा की सरकार है, और 72 घंटे में ही पीड़ित किसानों को मुआवजा राशि के प्रमाण पत्र बांटे गए.”

अगले सप्ताह तेलुगू कलाकार छिंदवाड़ा आएंगे , 25 दिनों तक शूटिंग में भाग लेंगे, जिला पंचायत सीईओ ने दियाअनुमति का पत्र

छिंदवाड़ा जिले के तामिया-पातालकोट सहित अन्य दर्शनीय स्थलों पर दो तेलुगू फिल्मों की शूटिंग होने जा रही है। इसके लिए लोकेशन तय हो चुकी हैं। प्रशासन से अनुमति के बाद अगले सप्ताह तेलुगू कलाकार छिंदवाड़ा आएंगे और करीब 25 दिनों तक शूटिंग में भाग लेंगे। इन फिल्मों में 150 से अधिक स्थानीय कलाकारों व तकनीकी युवाओं का सहयोग लिया जाएगा। इससे रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। शूटिंग की अनुमति का पत्र जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार ने आरबीजी मूवीज के महाप्रबंधक पुरुषोत्तम भारद्वाज को दी है। जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के नोडल अधिकारी बलराम राजपूत ने बताया कि दोनों फिल्मों की शूटिंग की अनुमति रेकॉर्ड समय में प्रदान की गई है। दोनों फिल्मों की 80 प्रतिशत शूटिंग तामिया-पातालकोट और चिमटीपुर में सहित अन्य स्थलों पर होगी। जिले के होम स्टे दिखेंगे स्क्रीन पर जिला प्रशासन ने फिल्म बनाने वाली टीम को जिले में टूरिज्म बोर्ड के विकसित होम स्टे में शूटिंग के लिए अनुरोध किया। इस पर पर्यटन ग्राम काजरा और चिमटीपुर के होम स्टे भी शूटिंग की लोकेशन में शामिल किए गए हैं। दोनों तेलुगू फिल्मों में कार्य करने के लिए करीब 30 कलाकार हैदराबाद से आएंगे और 150 से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाकर फिल्मों से जोड़ा जाएगा। पर्यटन स्थलों के प्रचार के साथ मध्य प्रदेश फिल्म पर्यटन नीति 2025 का मुख्य उद्देश्य राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देना, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाना और फिल्म निर्माण संबंधी आधारभूत ढांचे में निवेश आकर्षित करना है।

जिले में 30 अप्रैल तक ई-केवाईसी न कराने वालों को अपात्र माना जाएगा , सरकारी राशन नहीं मिलेगा

सीहोर खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा एक मई 2025 से स्मार्ट पीडीएस लागू किया जाएगा। स्मार्ट पीडीएस के सभी पात्र हितग्राहियों की ई-केवाईसी 30 अप्रैल तक कराई जानी है। जिले के 10.28 लाख हितग्राहियों में से अभी भी 1.45 लाख हितग्राहियों ने ईकेवाईसी नहीं कराई गई है। 30 अप्रैल तक ईकेवाईसी नहीं कराने वाले हितग्राहियों को अपात्रों की श्रेणी में माना जाएगा और ऐसे हितग्राहियों को सरकारी राशन मिलना बंद हो जाएगा। कलेक्टर बालागुरु ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाकर जिले के 10.28 लाख हितग्राहियों में से शेष रहे सभी 1.45 लाख हितग्राहियों की ईकेवाईसी कराने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि ईकेवाईसी के लिए शेष रहे हितग्राहियों की सूची पीओएस मशीन, स्थानीय निकाय, जेएसओ लॉगिन पर उपलब्ध है, जिसका प्रिंट निकालकर संबंधित अधिकारियों द्वारा ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय, उचित मूल्य दुकान पर प्रदर्शित कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि अभियान के अंतर्गत उचित मूल्य दुकान के विकेता, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक एवं वार्ड प्रभारी का दल गठित किया जाए। इस संबंध में दुकानवार आदेश जारी किया जाए। इसके साथ ही ईकेवाईसी के लिए दल द्वारा ग्रामवार एवं मोहल्ले वार कैंप लगाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि पात्र हितग्राहियों के डाटाबेस में त्रुटिपूर्ण दर्ज अन्य व्यक्ति का आधार नंबर दर्ज होने पर सही आधार नंबर दर्ज कर पीओएस मशीन के माध्यम से सुधार किया जाए। एसडीएम को बनाया नोडल अधिकारी कलेक्टर बालागुरू के. द्वारा जारी निर्देशानुसार इस अभियान की सतत मॉनिटरिंग के लिए अनुभागवार सभी एसडीएम को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके साथ ही सभी नगर परिषद सीएमओ एवं जनपद सीईओ को अभियान की प्रगति से नोडल अधिकारियों को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर बालागुरू के. ने जिले के सभी हितग्राहियों से अपील की हैं कि वह अपनी ईकेवाईसी निर्धारित तिथि 30 अप्रैल से पहले कराएं, ताकि उन्हें खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन का लाभ आगे भी प्रदान किया जा सके।  

महू: अंबेडकर जयंती को लेकर उत्साह , तैयारियों की रफ्तार तेज, एक लाख से ज्यादा अनुयायी आएंगे

 महू महू मेें आंबेडकर जयंती के मौके पर एक लाख से ज्यादा अनुुयायी आएंगे। इसके लिए महू में प्रशासन ने तैयारियां कर ली है। महू में एक लाख लोगों के भोजन की व्यवस्था के अलावा टेंट और पेयजल की व्यवस्था भी जाएगी। जयंती के लिए 12 अप्रैल से ही आयोजन शुरू हो जाएंगे। शाम चार बजे महू के हरीफाटक से राष्ट्रीय गौरव यात्रा निकलेगी, जो बाबा साहेब स्मारक तक जाएगी। इसके अलावा 13 अप्रैल को धम्मदेसना का आयोजन महू में होगा। रात को स्मारक स्थल पर भी विशेष बैंड की प्रस्तुती दी जाएगी। बाबा साहेब को सलामी देने के साथ आतिशबाजी भी की जाएगी। 14 अप्रैल को महू मेें बड़ा आयोजन होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव महू आएंगे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री भी आ सकते है। कांग्रेस के कुछ नेता भी महू आएंगे और बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। बाहर से आने वाले अनुयायियों के लिए महू में स्थानीय प्रशासन ने भोजन, पानी, टैंट की व्यवस्था की है। जहां अनुयायी रुकेंगे। वहां टैंट में बढ़ते तापमान को देखते हुए पंखे और कूलरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी वरिष्ठ अफसरों ने दिए है। इसके अलावा इंदौर रेलवे स्टेशन से महू तक बसों का संचालन भी किया जाएगा। महाराष्ट्र के यवतमाल, सतारा, नासिक, मुबंई सहित कई शहरों में बाबा साहेब के अनुयायी हर साल महू आते है। इस बार भी प्रशासन को अनुमान है कि एक लाख से ज्यादा लोग महू आएंगे। तैयारियों के मद्देजर बुधवार को प्रशासनिक अफसरों ने आयोजन स्थल का दौरा भी किया।  

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