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भोपाल में ट्यूबवेल खनन पर रोक, तेज गर्मी-गिरते भूजल स्तर को देखते हुए फैसला; 30 जून तक नहीं करवा पाएंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गर्मी और भू-जल के गिरते स्तर को देखते हुए ट्यूबवेल खनन पर रोक लगा दी गई है। कोई भी व्यक्ति 30 जून तक भोपाल जिले में ट्यूबवेल की खुदवाई नहीं करा सकेगा। इस संबंध में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, एसडीएम की अनुमति के बिना जिले में बोरिंग मशीनों का प्रवेश और खनन दोनों प्रतिबंधित रहेगा। केवल सार्वजनिक सड़कों से गुजरने वाली मशीनों को छूट दी गई है। अवैध बोरिंग पर FIR और 2 साल तक की सजा भी होगी। भोपाल में गर्मी और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए ट्यूबवेल खनन पर रोक लगा दी गई है। अब कोई भी व्यक्ति 30 जून तक भोपाल जिले में ट्यूबवेल नहीं खुदवा सकेगा। इस संबंध में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सोमवार को आदेश जारी किया। सोमवार को प्रदेश के सभी शहरों में सुबह से ही तेज धूप खिलने की वजह से गर्मी का असर बढ़ा है। भोपाल में सुबह 11 बजे ही सड़कें सूनी नजर आईं। मौसम विभाग के मुताबिक, आज सोमवार को पूरे प्रदेश में गर्मी का असर रहेगा जबकि मंगलवार से लू का अलर्ट है। 15 अप्रैल तक राजस्थान से सटे जिलों में लू चलेगी। वहीं, 9 और 10 अप्रैल को कुछ जिलों में हल्की बारिश और बादल छाए रहेंगे। अगर कोई मशीन अवैध रूप से जिले में प्रवेश करती है या नलकूप खनन करती है, तो संबंधित एसडीएम और पुलिस अधिकारी मशीन को जब्त कर एफआईआर दर्ज करवा सकेंगे। आदेश का उल्लंघन करने पर दो हजार रुपए जुर्माना, दो साल की सजा या दोनों हो सकते हैं। मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम की धारा 6 (1) के तहत पूरे जिले में निजी नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह आदेश केवल निजी नलकूपों पर लागू होगा। शासकीय योजनाओं के तहत किए जा रहे नलकूप खनन कार्यों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। पीएचई द्वारा संचालित कार्यों को परमिशन की जरूरत नहीं होगी आगे ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग, भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- पिछले दिनों एक्टिव रहा ओले-बारिश का सिस्टम आगे बढ़ गया है। अब राजस्थान से जुड़े जिलों में हीट वेव का असर देखने को मिलेगा। 8 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने का अनुमान है। इसकी वजह से पूर्वी हिस्से में मौसम बदला रहेगा। अप्रैल में 7 से 10 दिन चल सकती है लू मध्यप्रदेश में अप्रैल महीने में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। पहले और दूसरे सप्ताह में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, दूसरे सप्ताह से लू भी चलेगी। सबसे गर्म आखिरी सप्ताह रहेगा। दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पार हो सकता है। मौसम केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक निदेशक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया- इस बार तापमान के सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। वहीं, प्रदेश में अप्रैल महीने में 7 से 10 दिन तक हीट वेव यानी लू का असर देखने को मिल सकता है।

जीआरएमसी की जूनियर डॉक्टर की मौत, डीन ने जूनियर डॉ को दिया नोटिस, घटना वाली रात रेखा के कमरे में मौजूद था

ग्वालियर.  ग्वालियर की गजराराजा मेडिकल कॉलेज में न्यूरोलॉजी की डॉक्टर रेखा रघुवंशी की मौत के मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इस मामले में GRMC के डीन ने एक जूनियर डॉक्टर को नोटिस दिया है. बताया जा रहा है कि जिस जूनियर डॉक्टर को नोटिस मिला है, वो कार्डियोलॉजी से DM कर रहे है. घटना वाली रात डॉक्टर रेखा के कमरे में यहीं जूनियर डॉक्टर मौजूद था. अब डीन ने नोटिस देकर पूछा है कि महिला हॉस्टल में किसकी परमिशन से पहुंचे थे. जूनियर डॉक्टर के मौजूदगी की जानकारी हॉस्टल वार्डन ने डीन को दी थी. इसके बाद अब बड़ी कार्रवाई की गई है. मालूम हो कि 29 मार्च को डॉ रेखा रघुवंशी की संदिग्ध हालत में हॉस्टल में मौत हो गई थी. हॉस्टल के कमरे में उनकी बॉडी मिली थी. रेखा के परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताया था. फिलहाल कंपू पुलिस मामले की जांच कर रही है. हॉस्टल में मिली थी डॉक्टर की बॉडी ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज में न्यूरोलॉजी की पढ़ाई कर रही डॉक्टर रेखा रघुवंशी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. हॉस्टल में उनकी बॉडी मिली थी. डॉ. रेखा अशोकनगर जिले की रहने वाली थी. वे गजराराजा मेडकिल कॉलेज से MBBS और MD करने के बाद DM ( Doctorate of Medicine) कर रही थी. शनिवार देर रात हॉस्टल के वार्डन ने रेखा की मौत की खबर कॉलेज प्रशासन को दी. रेखा अपने कमरे में मृत मिली थी. हॉस्टल में डॉक्टर रेखा की बॉडी मिला था. माना जा रहा है कि उन्होंने फांसी लगाकर खुदकुशी की है. घटना की सूचना मिलने पर कंपू थाना पुलिस मौके पर पहुंची. फिर डॉक्टर रेखा के शव को पोस्टमार्टम के लिए जयरोग्य अस्पताल के पीएम हाउस लाया गया था. रिश्तेदार का कहना था कि रेखा की शादी तय हो चुकी थी. अगले साल फरवरी में उसकी शादी होने वाली थी. लेकिन हॉस्टल के अंदर रेखा ने खुदकुशी कर ली, इस पर संदेह जताया है. कंपू पुलिस ने जांच के लिए डॉक्टर रेखा रघुवंशी का फोन भी बरामद किया है. फोन की चैटिंग और पीएम रिपोर्ट के आधार पर कंपू पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.  

ग्वालियर-चंबल अंचल के लोगों को बड़ी राहत, सप्ताह में 5 दिन चलने वाली ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी अब रोज दौड़ेगी

ग्वालियर  केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहल ने रंग दिखा दिया है. अब ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी रोजाना चलेगी. इससे ग्वालियर-चंबल अंचल के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों के कारण रेलवे ने नवरात्रि पर ये बड़ी सौगात दी है. ग्वालियर व चंबल संभाग के लोग इस मांग को लगातार उठा रहे थे. लोगों ने इस मांग को केंद्रीय मंत्री सिंधिया के सामने भी उठाया था. उस समय सिंधिया ने लोगों को आश्वस्त किया था कि इस बारे में रेल मंत्री से बात करेंगे. सिंधिया ने रेल मंत्री को लिखा था पत्र अब ग्वालियर से भोपाल तक चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस (12198/97) सप्ताह के सातों दिन चलेगी. अब तक यह ट्रेन केवल सप्ताह में 5 ही संचालित होती थी. बता दें कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मामले को लेकर पिछले साल रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा था. इसमें कहा गया था “यात्रियों की संख्या व सुविधा को देखते हुए ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी एक्सप्रेस को रोजाना चलाया जाना चाहिए.” अब रेल मंत्रालय ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने X पर दी जानकारी लोगों ने इस ट्रेन के रोज चलने पर खुशी जताई है. लोगों का कहना है “बेहतर कनेक्टिविटी, अधिक विकल्प और सुगम आवागमन से शिक्षा, रोजगार और व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा.” केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट X पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है. गौरतलब है कि शिवपुरी-गुना-अशोकनगर के सांसद चुने जाने के बाद ही सिंधिया क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं. इसके पहले भी उन्होंने शिवपुरी को रेल सुविधा बढ़ाने की पहल की थी.

राज्यपाल पटेल ने कहा तथ्य ही सत्य, तथ्यों पर आधारित दलील का कानून स्वाभाविक रूप से साथ देता

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि निष्ठा और धैर्य के साथ न्यायसंगत दलील देना लोक अभियोजक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि तथ्य ही सत्य है। तथ्यों पर आधारित दलील का कानून स्वाभाविक रूप से साथ देता है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि क्षमताओं और कार्यकुशलता को विकसित कर विभाग को और अधिक ऊँचाइयों पर पहुँचाने की चुनौती में प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान तथा अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन सहयोगी होगा। राज्यपाल पटेल सोमवार को केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी (सीएपीटी) भोपाल में आयोजित सहायक लोक अभियोजन अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर 10 सहायक लोक अभियोजकों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने अकादमी परिसर में गोल्डन चंपा का पौधा भी लगाया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का वो स्तम्भ है, जिस पर नागरिकों की गहरी आस्था है। वह उसे सबसे अधिक आदर भाव से देखते हैं। न्याय व्यवस्था में अभियोजन अधिकारियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, बहुआयामी है। उनकी जिम्मेदारी पीड़ितों के लिए मुकदमा चलाने तक सीमित नहीं है। कोर्ट के समक्ष सबूत पेश कर दोषी को सजा और पीड़ित को न्याय दिलाना है। अभियोजन अधिकारी के रूप में अपराध नियंत्रण में पुलिस की जांच में गुणवत्ता लाने, शासकीय विभागों को कानूनी सलाह देने, प्रकरणों में अपील करवाने और पीड़ितों को मुआवजा दिलाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि अभियोजन अधिकारी के रूप में उनके पास वंचित, गरीब और पीड़ित व्यक्ति अत्याचार, अनाचार के खिलाफ न्याय के उसके संघर्ष का रक्षक मानकर आएगा। उस समय उनका संवेदनशील व्यवहार, सहानुभूति और सहयोग न्याय में उसके विश्वास को मजबूत बनाएगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सहायक लोक अभियोजक के रूप में उनका चयन कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद हुआ है, क्योंकि सरकारी नौकरी व्यवसाय मात्र नहीं है। यह वंचितों के जीवन में खुशहाली लाकर देश, प्रदेश और समाज के विकास के द्वारा सुखद भविष्य बनाने की प्रतिबद्ध सेवा का संकल्प है। उन्होंने लोक सेवक के रूप में इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए प्रशिक्षु अधिकारियों का अभिनंदन किया। यह अपेक्षा की है कि न्याय के मंदिर में वह निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य के उच्च मानदण्ड स्थापित करेंगे। लोकायुक्त न्यायमूर्ति सत्येन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि लोक शांति राज्य का दायित्व है। लोक शांति के लिए अपराधिक न्याय प्रणाली का मजबूत होना आभारभूत आवश्यकता है। इस कार्य में लोक अभियोजकों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे न्याय को सुनिश्चित करने के लिए अभियोजन अधिकारी के विहित दायित्वों का निर्वहन जितनी कुशलता और निष्ठा से करेंगे, परिणाम उतने ही अच्छे मिलेंगे। अपर मुख्य सचिव गृह जे. एन. कंसोटिया ने कहा कि नए विचारों और ऊर्जा के साथ सहायक लोक अभियोजक कार्य को नौकरी की तरह नहीं, सेवा के रुप में करें। उन्होंने न्याय व्यवस्था में लोक अभियोजकों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और शुभकामनाएं दी। केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी भोपाल के निदेशक अनिल किशोर यादव ने अकादमी की स्थापना, प्रशिक्षण व्यवस्था और कार्यक्रमों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि नवीन कानूनों को लागू होने के 40 घंटों के भीतर अकादमी में उनका प्रशिक्षण प्रारम्भ हो गया था। प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि नये कानून में लोक अभियोजकों की भूमिका काफी मजबूत हो गई है। संचालक लोक अभियोजन बी. एल. प्रजापति ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि सहायक लोक अभियोजन अधिकारियों को 45 दिवस का आधारभूत प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने प्रशिक्षण की गतिविधियों का ब्यौरा दिया। बताया कि प्रशिक्षण के दौरान कानूनों के विभिन्न आयामों के साथ योग एवं व्यायाम के सत्र भी आयोजित किए गए है। समापन सत्र में आभार प्रदर्शन संयुक्त संचालक लोक अभियोजन रामेश्वर कुम्हरे ने आभार प्रदर्शन किया।  

मुख्यमंत्री के निर्देश के झोलाछाप डॉक्टरों पर हो सख्त कार्रवाई, फर्जी डॉक्टर्स को ढूंढने चलेगा

भोपाल मध्य प्रदेश के दमोह में फर्जी डॉक्टर्स द्वारा मरीजों के ऑपरेशन करने और उससे हुई मौतों के बाद अब सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में कोई भी फर्जी डॉक्टर प्रेक्टिस नहीं कर सके ऐसे डॉक्टर्स को पता लगाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। दमोह के मिशन हॉस्पिटल में फर्जी डॉक्टर्स द्वारा ऑपरेशन कर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का मामला सामने आने के बाद से जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से लेकर भोपाल में बैठे स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी तक सवालों के घेरे में हैं , मामला उजागर होने के बाद सीएमएचओ ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है उधर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी सख्त तेवर दिखाए हैं। दमोह की घटना के बाद सीएम डॉ मोहन यादव सख्त   मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि दमोह में जो मामला सामने आया है उसमें सरकार सख्ती से कार्रवाई कर रही है, उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी को भी गलत और गैर क़ानूनी काम करने की इजाजत नहीं है सरकार इसके सख्त खिलाफ है। प्रेक्टिस कर रहे फर्जी डॉक्टर्स का पता लगाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने दमोह की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रदेश में कहीं भी इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए, अधिकरियों को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी जिले में इस तरह के फर्जी डॉक्टर मिलते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये ।

दूध के थोक में खरीदी भाव 10 रुपए तक उछले, गर्मी की शुरुआत के साथ ही दूध के उत्पादन में गिरावट दर्ज

भिंड मध्य प्रदेश के भिंड के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों ने दूध के दाम 5 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ा दिए हैं, वहीं शहर में दूध पहुंचाने वाले दूधियों ने इस महीने दूध के रेट 10 रुपए तक बढ़ा दिए हैं। भैंस का दूध गांवों में जहां पहले 40 रुपए लीटर था, अब वह 50 रुपए लीटर तक पहुंच गया है, जबकि शहर में इसका दाम 60 से 70 रुपए लीटर तक हो गया है। इसी तरह, गाय का दूध भी गांवों में 25 से बढ़कर 30 रुपए लीटर हो गया है, और शहर में इसे 40 रुपए प्रति लीटर तक बेचा जा रहा है। बढ़ोतरी का कारण बढ़ती गर्मी को बताया गया है। पशुपालन पर टिकी है ग्रामीण अर्थव्यवस्था ग्रामीण इलाकों में लोगों की आजीविका का मुख्य स्रोत खेती के साथ-साथ पशुपालन भी है। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए दूध की बिक्री ही गृहस्थी चलाने का एकमात्र साधन है। लेकिन इस साल की शुरुआत से ही दूध के भाव गांवों में कम बने रहे। पिछली साल की तुलना में भैंस के दूध का रेट 40 रुपए प्रति लीटर और गाय का दूध 25 से 30 रुपए लीटर पर ही टिके रहे। केवल अक्टूबर में एक महीने के लिए भाव बढ़े, फिर नवंबर में दाम फिर से नीचे आ गए। इस बार गर्मी की दस्तक के साथ ही दूध पर महंगाई की मार शुरू हो गई है। पशुपालकों की चिंता पशुपालक अतरसिंह (दौनियापुरा) ने बताया, “गर्मी बढ़ने से पशु कम दूध देने लगे हैं और आगे यह और घटेगा। हमारी पूरी आय दूध पर ही निर्भर है।” वहीं, रामकेश तोमर (सुंहास) ने कहा, “एक माह तक 40 से 42 रुपए लीटर में दूध बेचा है, जिससे पशुओं के चारे का खर्च भी नहीं निकल पाया। अब भाव ठीक मिल रहे हैं।” खाद्य विभाग सतर्क खाद्य सुरक्षा अधिकारी रीना बंसल ने कहा, “गर्मी में दूध का उत्पादन कम होता है, और आगे और भी घटेगा। ऐसे में मिलावट की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए जिले में मिलावट के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।” 58 टन से घटकर 46 टन रह गया उत्पादन ग्रामों से रोजाना 58 टन दूध का उत्पादन होता था, जिसमें अब 12 टन की गिरावट आ चुकी है। पशुपालकों के अनुसार गर्मी में मवेशी कम दूध देते हैं क्योंकि पानी की कमी से उनके शरीर में कैल्शियम की मात्रा घट जाती है। अभी गर्मी की शुरुआत है, मई-जून में हालात और बिगड़ सकते हैं। गांवों में 50 से 55 रुपए प्रति लीटर तक दूध खरीदने वाले दूधिये अब शहरी क्षेत्रों में महंगे भाव पर बेच रहे हैं। पिछले साल कार्रवाई बनी थी सस्ते दूध की वजह फरवरी 2024 में खाद्य सुरक्षा विभाग ने दूध माफियाओं पर कार्रवाई की थी। इसका असर यह हुआ कि व्यापारियों ने गांवों से दूध उठाना बंद कर दिया, जिससे गांवों में दूध के भाव 10 रुपए तक गिर गए थे। कुछ दूधिये चोरी-छिपे अंधेरे में दूध उठाकर डेयरियों और बाजारों तक पहुंचा रहे थे। अधिकांश गांवों में नियमित रूप से सुबह-शाम दूध का उठाव नहीं हो पा रहा था। जानकारों का मानना है कि गर्मी का यह असर अभी शुरुआत मात्र है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा, दूध की उपलब्धता और घटेगी और इसके दामों में और भी तेजी आएगी। ऐसे में आने वाले महीनों में शहरवासियों की जेब और भी ढीली हो सकती है।

शुद्ध और प्रवाहमयी भाषा का करें विकास, यह कौशल दिलाएगा सफलता

बड़वानी भाषा वह माध्यम है, जिसके द्वारा हम स्वयं को अभिव्यक्त करते हैं. यह अभिव्यक्ति लिखित और मौखिक दोनों तरह की हो सकती है। हमारे द्वारा प्रयुक्त भाषा शुद्ध और प्रभावी होना चाहिए. हमारी भाषाई प्रस्तुति में एक आकर्षक प्रवाह बनना चाहिए. इसके लिए निरंतर अभ्यास की आवश्यकता है. उच्च कोटि के साहित्य का नियमित स्वाध्याय हमारी भाषा को परिष्कृत करने में बहुत सहयोगी सिद्ध होता है. युवाओं द्वारा वर्तनीगत अशुद्धियाँ बहुत अधिक की जाती है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. वाल्मीकि, अतिशयोक्ति, उज्ज्वल, संन्यास, अभयारण्य, सशक्तीकरण, पुनर्स्थापना, आशीर्वाद, दवाइयां जैसे अनेक शब्दों को प्रायः गलत लिखा जाता है। आप सभी इस पर ध्यान दीजिये. हर शब्द को प्रयत्नपूर्वक सीखिए और फिर लिखिए. भाषाई कौशल आपकी सफलता की आधारशिला बनेगा. एक शिक्षक, प्रोफ़ेसर, अधिवक्ता, पत्रकार, सम्पादक, लेखक, राजनीतिज्ञ, वक्ता आदि के रूप में सफलता में भाषा की बहुत बड़ी भूमिका होती है. लोक सेवा आयोग और संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में सफलता में भाषा का योगदान होता है. ये बातें प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित परिचर्चा में करियर काउंसलर डॉ. मधुसूदन चौबे ने कहीं. उन्होंने ऐसे अनके शब्दों का उदाहरण दिया, जो प्रायः अशुद्ध लिखे जाते हैं. डॉ. वीणा सत्य के मार्गदर्शन में आयोजन हुआ.संचालन वर्षा मुजाल्दे ने किया. विकास सेनानी एवं कन्हैया फूलमाली ने सहयोग दिया.

सर्वप्रथम अपने स्वास्थ्य का ध्यान दे-न्यायाधीश अमूल मण्डलोई

बड़वानी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महेन्द्र कुमार जैन के मार्गदर्शन में 07 अप्रैल, 2025 को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर प्राथमिक उपचार केन्द्र बड़वानी में जागरूकता शिविर एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।     विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अमूल मण्डलोई द्वारा प्राथमिक उपचार केन्द्र बड़वानी पर स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं आमजन को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी । साथ ही नियमित व्यायाम, समय-समय पर स्वास्थ्य जाँच एवं तनाव मुक्त रहने हेतु स्वंय के लिए संकल्प दिलाया एवं विधिक कानूनों की जानकारी दी।     इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग बड़वानी से डॉ पल्लवी राठौर एवं आशा वर्कर पी.एल. व्ही शांतिराम वास्कले, अर्जुन परमार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

सम्राट विक्रमादित्य के विराट व्यक्तित्व पर महानाट्य दिल्ली में 12, 13 और 14 अप्रैल को लाल किले पर होगा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के विराट व्यक्तित्व को सबके सामने लाने के लिए महानाट्य की कल्पना की गई है. उन्होंने कहा कि जब इसका मंचन दिल्ली में 12, 13 और 14 अप्रैल को लाल किले पर होगा तो इसमें हाथी, घोड़ों, पालकी के साथ 250 से ज्यादा कलाकार अभिनय करते नजर आएंगे. महानाट्य में शामिल कलाकार निजी जीवन में अलग-अलग क्षेत्र के प्रोफेशनल्स हैं. महानाट्य में वीर रस समेत सभी रस देखने को मिलेंगे. उन्होंने कहा कि महानाट्य का मंचन गौरवशाली इतिहास को विश्व के सामने लाने का मध्य प्रदेश सरकार का एक अभिनव प्रयास है. इस कालजयी रचना को सबके सामने रखने में दिल्ली सरकार का भी सहयोग मिल रहा है. इससे पहले हैदराबाद में भी विक्रमादित्य महानाट्य की प्रस्तुति हो चुकी है.    ‘आज भी लोग प्रेरणा लेते हैं’ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का शासन काल, सुशासन व्यवस्था का एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है. वे एकमात्र ऐसे शासक थे, जिनके जीवन के विविध प्रसंगों से आज भी लोग प्रेरणा लेते हैं. उनके द्वारा किए गए कार्य और नवाचार आज भी प्रासंगिक हैं. वर्तमान में हिजरी और विक्रम संवत प्रचलन में हैं. इसमें विक्रम संवत उदार परंपरा को लेकर चलने वाला संवत है, अर्थात संवत चलाने वाले के लिए शर्त है कि जिसके पास पूरी प्रजा का कर्ज चुकाने का सामर्थ्य हो, वही संवत प्रारंभ कर सकता है. 60 अलग-अलग प्रकार के हैं नाम उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपने सुशासन, व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहन और दूरदृष्टि से यह संभव किया विक्रमादित्य ने विदेशी शक आक्रांताओं को पराजित कर विक्रम सम्वत् का प्रारंभ 57 ईस्वी पूर्व में किया था. विक्रम संवत के 60 अलग-अलग प्रकार के नाम हैं. संवत 2082 को धार्मिक अनुष्ठानों के संकल्प में “सिद्धार्थ” नाम दिया गया है. ये 60 नाम चक्रीकरण में बदलते रहते है. विक्रमादित्य का न्याय देश और दुनिया में प्रचारित हुआ. यह सम्वत् भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक आधार वाला कालगणना सम्वत् बन गया, जो आज भी प्रचलित है. सीएम मोहन यादव ने कहा कि भारत वर्ष में उज्जयिनी के सार्वभौम सम्राट विक्रमादित्य युग परिवर्तन और नवजागरण की एक महत्वपूर्ण धुरी रहे हैं और उनके द्वारा प्रवर्तित विक्रम सम्वत् हमारी एक अत्यंत मूल्यवान धरोहर है. विक्रम सम्वत् हिंदू समाज का महज एक पर्व या नववर्ष भर नहीं है. विक्रम सम्वत् और सम्राट विक्रमादित्य भारतवर्ष के गौरव को, मनोबल को और राष्ट्र की चेतना को जागृत करने का एक उपयुक्त अवसर है. यह पुरातन परंपरा से शक्ति प्राप्त कर भारत को विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित करने का एक राष्ट्रव्यापी अभियान है. हमारे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है, “यही समय है, सही समय है…” विश्व में भारत का समय है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम जानते हैं कि विदेशी आक्रांताओं और उपनिवेशवादी इतिहासकारों ने भारत गौरव तथा ज्ञान संपदा के प्रमाणों, साक्ष्यों, स्थापत्यों के सुनियोजित विनाश का अभियान चलाया. उनके द्वारा हमारी संपदा का विध्वंस किये जाने के प्रमाण लगातार मिलते रहे हैं.   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहली बार सम्राट विक्रमादित्य की शासन व्यवस्था में ही नवरत्नों का समूह देखने को मिलता है. इन नवरत्नों में सभी अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ थे. उन्होंने सुशासन की व्यवस्था स्थापित की. नवरत्न सभी परिस्थितियों में सुचारू शासन संचालन में सक्षम थे. इसी क्रम में 300 साल पहले शिवाजी महाराज के अष्ट प्रधान की पद्धति में यही व्यवस्था दिखाई देती है. विक्रमादित्य उज्जैन के सार्वभौम सम्राट के रूप में लोक विख्यात हैं. आज विक्रमादित्य के अनेक पुरातत्‍वीय प्रमाण, लेख, मुद्रा अवशेष प्राप्त हैं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की दानशीलता, वीरता और  प्रजा के प्रति संवेदनशीलता अद्भुत थी. विक्रम-बेताल पच्चीसी और सिंहासन बत्तीसी की कहानियों में इस प्रकार के कई प्रसंग आते हैं. सम्राट विक्रमादित्य के आदर्शों का सभी शासक अनुसरण करना चाहते थे.  विक्रमादित्य का मूल नाम साहसांक था, उन्हें विक्रमादित्य की उपाधि से सुशोभित किया गया, जो उल्टे क्रम को सूत्र में बदल दे, वो विक्रम और जो सूर्य के समान प्रकाशमान रहे वो आदित्य का भाव निहित था. उज्जयिनी के सार्वभौम सम्राट विक्रमादित्य भारतीय अस्मिता के उज्जवल प्रतीक हैं. वे शक विजेता, सम्वत् प्रवर्तक, वीर, दानी, न्यायप्रिय, प्रजावत्सल, स्तत्व सम्पन्न थे. वे साहित्य, संस्कृति और विज्ञान के उत्प्रेरक रहे.   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने 2000 साल पहले गणतंत्र की स्थापना की, उन्होंने कभी स्वयं को राजा नहीं कहा. प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी भी स्वयं को देश का प्रधान सेवक मानते हैं. मध्यप्रदेश सरकार ने 20 साल पहले विक्रमादित्य शोध पीठ स्थापित की है, जो विक्रमादित्य के जीवन मूल्यों पर आधारित पुस्तकें प्रकाशित कर विभिन्न तथ्य सामने ला रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपने जीवनकाल में मथुरा और अयोध्या जैसे 300 से अधिक स्थानों पर मंदिरों का निर्माण कराया, साथ ही किसी को भी बेघर नहीं रहने दिया. विक्रमादित्य काल के समान ही प्रधानमंत्री  मोदी के कार्यकाल में गरीबों को मकान बनाने में मदद की जा रही है. देश की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है. प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश सक्षम और सशक्त बन रहा है. यही रामराज्य है, जो विक्रमादित्य काल में परिलक्षित होता था. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार जन कल्याण से जुड़े निर्णय लेते हुए किसानों को 30 लाख सोलर पम्प देकर उन्हें बिजली के बिल के भार से मुक्त करने का प्रयास कर रही है. किसानों को कर्ज मुक्त करने की दिशा में भी प्रदेश में प्रयास जारी हैं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपने जीवनकाल में वेधशालाओं का निर्माण कराया. उनके काल में वर्तमान ईरान क्षेत्र में भी वेधशाला निर्माण का संदर्भ मिलता है. उनके कार्यकाल की उपलब्धियां स्वर्ण अक्षरों में अंकित होनी चाहिए. ईराक और मक्का के पुस्तकालयों में उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतों में सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और पड़ोसी देशों में उनकी सत्कीर्ति का उल्लेख मिलता है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अतीत के गौरवशाली इतिहास को जन सामान्य के सामने लाने के लिए 2 हजार वर्ष पहले सम्राट विक्रमादित्य द्वारा सुशासन के सिद्धांतों पर स्थापित शासन संचालन व्यवस्था और उनकी कीर्ति पर केन्द्रित महानाट्य की प्रस्तुति दिल्ली के लाल किले पर 12-13-14 अप्रैल को होने … Read more

आज से 12 अप्रैल तक गांव-बस्ती चलोग अभियान के तहत बीजेपी जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता गावों, मोहल्लों और सेवा बस्तियों का दौरा करेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश में भाजपा का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इसके साथ ही भाजपा के कई कार्यक्रम की शुरुआत भी कर दी है। इसी क्रम में 7 से 12 अप्रैल तक गांव-बस्ती चलोग अभियान के तहत जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता गावों, मोहल्लों और सेवा बस्तियों का दौरा करेंगे। इस दौरान कार्यकर्ता मंदिर, अस्पताल, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत कार्यालय आदि स्थानों पर जाकर स्वच्छता अभियान, जनसंवाद, वन नेशन, वन इलेक्शन और सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। इससे पहले 6 अप्रैल भाजपा के स्थापना दिवस पर  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रदेश कार्यालय में ध्वजारोहण किया और कार्यकर्ताओं को बधाई दी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के आव्हान पर प्रदेशभर में लाखों कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अपने घरों पर भाजपा का झंडा फहराया।     बाबा साहब की प्रतिमाओं की सफाई और दीपोत्सव 13 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर भाजपा कार्यकर्ता बाबा साहब की प्रतिमाओं की सफाई करेंगे। संध्या के समय दीप जलाकर दीपोत्सव मनाया जाएगा, और सामूहिक पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। इस दिन भाजपा कार्यकर्ता संविधान का सामुहिक पाठ करेंगे 8-9 अप्रैल: विधानसभा स्तर पर सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे 7 से 13 अप्रैल तक: गांव-बस्ती चलो अभियान के अंतर्गत कार्यकर्ता गांवों, मोहल्लों और सेवा बस्तियों का दौरा करेंगे  

सुल्तानपुर में मुस्लिम समुदाय ने वक्फ कानून को दिखाया समर्थन

सुल्तानपुर वक्फ कानून का कहीं विरोध हो रहा है तो कई जगह मुस्लिम समुदाय के लोग इसका समर्थन करते भी नजर आ रहे हैं. इस बीच रविवार को मध्य प्रदेश के सुल्तानपुर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वक्फ कानून का समर्थन किया. इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उनके साथ मौजूद रहे. मुसलमानों ने शिवराज सिंह चौहान का फूल बरसाकर स्वागत किया. सुल्तानपुर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने वक्फ (संशोधन) विधेयक के पास होने पर स्वागत किया. इसके अलावा शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन जिले में विभिन्न कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया. जबलपुर में मुसलमानों ने मनाईं खुशियां इसके अलावा जबलपुर में भी मुस्लिम समाज ने वक्फ बिल का स्वागत किया और मिठाइयां बांटीं. वरिष्ठ बीजेपी नेता जमा खान ने जबलपुर के औमती चौक पर मुस्लिम समाज के सैकड़ों धर्मावलंबियों के साथ वक्फ बिल के पास होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने की खबरों के बीच खुशी में मिठाई बांटी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया. पीएम मोदी का दिया धन्यवाद इस बिल को राष्ट्रहित में बताते हुए मुस्लिम समाज के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया. कार्यक्रम में मौजूद एस के मुद्दीन ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल मुसलमानों की दशा और दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने इसे समुदाय के कल्याण के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह बिल निश्चित रूप से मुस्लिम समाज के विकास में योगदान देगा. ‘मुसलमानों का सुधरेगा भविष्य’ इस दौरान जमा खान ने कहा कि वक्फ बिल मुसलमानों का भविष्य सुधारेगा. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 70 सालों से कुछ लोग वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग कर लाभ उठाते रहे हैं. यह संपत्तियां गरीबों, मजदूरों और बेसहारा लोगों की मदद के लिए थीं, न कि नेताओं और उनके रिश्तेदारों के लिए.

मध्य प्रदेश सरकार ने वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद वक्फ संपत्तियों की जांच शुरू कर दी, 14,986 का होगा सत्यापन

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद वक्फ संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के पास कुल 23,118 संपत्तियां हैं, जिनमें से 14,986 संपत्तियों की जांच की जाएगी। इसमें आवासीय, व्यावसायिक और अन्य प्रकार की बेशकीमती संपत्तियां शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत खरबों में आंकी जा रही है। इन संपत्तियों का सत्यापन करने के बाद, सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किए जाएंगे। सत्यापन प्रक्रिया राजस्व विभाग की सहायता से की जाएगी और राजधानी भोपाल में इसकी शुरुआत हो चुकी है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के मुताबिक, भोपाल जिले में वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण किया जा रहा है, जिसके परिणाम ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। भोपाल जिले के 81 गांवों में स्थित 777 वक्फ संपत्तियों की जांच पूरी हो चुकी है, जिसमें प्लॉट, मकान और अन्य प्रकार की संपत्तियां शामिल हैं। यह सर्वे क्षेत्र के पटवारियों द्वारा कराया गया है, जिसमें किराए पर देने और कब्जे का रिकॉर्ड भी दर्ज किया गया है। संशोधित वक्फ कानून के तहत इन संपत्तियों का सत्यापन अनिवार्य किया जा रहा है। मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का रिकॉर्ड बताता है कि प्रदेश में कुल 23,118 वक्फ संपत्तियां हैं, जिनमें मकान, दुकान और सार्वजनिक व व्यावसायिक इमारतें शामिल हैं। इन संपत्तियों का प्रबंधन वक्फ बोर्ड करता है और उससे होने वाली आय को जमा करने की जिम्मेदारी भी उसी की है। संशोधित वक्फ कानून के तहत अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति पर दावा करता है, तो उसका सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इसके अलावा, जिन संपत्तियों को लेकर वक्फ बोर्ड और आम व्यक्तियों के बीच विवाद चल रहे हैं, उनका भी सत्यापन किया जाएगा। मध्य प्रदेश में वक्फ संपत्तियों की जांच केंद्र सरकार के संशोधित वक्फ कानून के लागू होने से पहले ही शुरू कर दी गई है। भोपाल के 81 गांवों में स्थित 777 संपत्तियों का सत्यापन पूरा हो चुका है, और प्रदेश में कुल 14,986 संपत्तियों की जांच की जानी है। 

इंदौर प्रेस क्लब का 63वां स्थापना दिवस, ‘इंदौर का पत्रकारिता घराना’ विषय पर वरिष्ठजनों ने रखे विचार

इंदौर इंदौर प्रेस क्लब के 63वें स्थापना दिवस पर 7, 8 और 9 अप्रैल को इंदौर मीडिया कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। आज सोमवार को इस पत्रकारिता महोत्सव की शुरुआत हुई। पत्रकारिता महोत्सव के पहले सत्र का विषय ‘इंदौर का पत्रकारिता घराना’ रहा। इस आयोजन में देशभर से पत्रकारिता, फोटोग्राफी और साहित्य जगत की अनेक हस्तियां शामिल हो रही हैं। लिखने का सलीका सीखने को मिला कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि नई दुनिया के बगैर इंदौर के पत्रकारिता घराने की बात करना बेमानी है। वहां की पत्रकारिता सामाजिक सरोकारों से जुड़ी है।  लिखने का सलीका सीखने को मिला। यहां की पत्रकारिता एक तपस्या के जैसी थी। हमने भी इंदौर में 9 सालों तक धुनी रमाई। शब्दों के सितारे रहे इंदौर के पत्रकार वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने कहा कि ‘घराना’ शब्द सिर्फ इंदौर के लिए ही इस्तेमाल होता है। इंदौर से दिल्ली गए पत्रकार शब्दों के सितारे रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता को नई ताकत दी है। उन्होंने बताया कि राजेंद्र माथुर कहा करते थे कि इंदौर की पत्रकारिता ने अपनी एक शैली बनाई और पत्रकारिता को नई धार दी। इंदौर से खिले फूल अपनी खुशबू के साथ राष्ट्रीय पत्रकारिता में मौजूद हैं। घराने को अखबारों ने दी मजबूती अमर उजाला समूह सलाहकार संपादक यशवंत व्यास ने कहा कि इंदौर की पत्रकारिता का अतीत भव्य किस्म का था। इंदौर का घराना सिर्फ इंसानों की बदौलत नहीं है, बल्कि यहां से निकले अखबारों ने इसे मजबूती दी। इंदौर की तासीर, यहां की गलियों चौराहों, भावनाओं से जो दृष्टि विकसित हुई, वही इस घराने में दिखती है।  

जब न्याय में देरी होती है तो समाज में असंतोष पैदा होता है : हाईकोर्ट

जबलपुर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ ने कहा है कि अदालती प्रक्रिया को ई प्रक्रिया के साथ डिजिटल बनाएं। कोर्ट रूम को कार्य स्थल के साथ-साथ कर्म स्थल भी बनाएं। जज, वकीलों की सरल, सुगम, सस्ता न्याय दिलाने में अहम भूमिका होती है। जब न्याय में देरी होती है तो समाज में असंतोष पैदा होता है, अतः न्याय में देरी ना करें। जस्टिस कैथ ने यह विचार जिले के मालथौन में 12 करोड़ से अधिक में तैयार किए गए सिविल कोर्ट भवन का लोकार्पण करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी के कारण समाज में असंतोष पैदा होता है। असंतोष पैदा ना हो इसलिए सभी जजो और वकील तत्काल कार्रवाई करते हुए शीघ्रता से मुकदमों का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि अदालती प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए डिजिटल सिस्टम लागू करें, जिससे कि सभी काम जल्द से जल्द से किए जा सकें। उन्होंने कहा कि अदालत में बार एवं बेंच का सामान होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की सरकार के द्वारा न्यायालय के संसाधनों के लिए पर्याप्त बजट प्रदान किया गया है। इस बजट के माध्यम से अदालतों में सभी आवश्यकताएं पूरी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सागर एक खूबसूरत शहर है, इसी प्रकार यह भवन भी खूबसूरत है। आप सभी अपने काम को भी खूबसूरत बनाएं। उन्होंने कहा कि यह भवन मात्र पत्थरों की संरचना नहीं है, इस संरचना में न्याय की देवी के माध्यम से समाज को न्याय मिलता है। हाईकोर्ट के जस्टिस एवं सागर जिले के पोर्टफोलियो जज संजय द्विवेदी ने कहा कि भवन निर्जीव होता है, जिसे सजीव बनाने के लिए आप सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह भवन समय पर बना है, इसके लिए जिला प्रशासन के कार्य को धन्यवाद देते हैं। इसी प्रकार तुरंत न्याय करने के लिए जज एवं वकील काम करें। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेश कुमार शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए सागर जिले एवं नवनिर्मित भवन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

राजगढ़ जिले में लोकायुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई, एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए बाबूरंगे हाथों गिरफ्तार किया

 राजगढ़ मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में लोकायुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने मत्स्य महासंघ के एक आउटसोर्स कर्मचारी मुबारिक गौरी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।यह राशि कथित तौर पर जिलाधिकारी सुरेखा सराफ के लिए ली जा रही थी। यह कार्रवाई इंदौर के मछली ठेकेदार अनवर कादरी की शिकायत पर हुई। जानकारी के मुताबिक, इंदौर के एक मछली ठेकेदार अनवर कादरी ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें राजगढ़ के कुंडलिया डैम में नवंबर 2024 में 7 सालों के लिए मछली पालन का ठेका मिला था, लेकिन राजगढ़ जिला मत्स्य महासंघ की अधिकारी सुरेखा सराफ इसके लिए हर महीने 3 लाख रुपये की रिश्वत मांग रही थीं और न देने पर काम में रुकावट डालने और झूठे आरोप लगाकर टेंडर रद्द करने की धमकी दी है। टीम ने योजना बनाकर कर्मचारी को पकड़ा इसके बाद कादरी ने इसकी शिकायत भोपाल लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक दुर्गेश राठौर से की। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई और निरीक्षक रजनी तिवारी के नेतृत्व में टीम राजगढ़ पहुंची। टीम ने जाल बिछाकर आरोपी मुबारिक गौरी को 1 लाख की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। हालांकि, आरोपी महिला अधिकारी सुरेखा सराफ को फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। मामला दर्ज, महिला अधिकारी की तलाश जारी निरीक्षक रजनी तिवारी ने बताया कि सुरेखा सराफ और मुबारिक गौरी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। दोनों पर भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7,12 के तहत मामला दर्ज किया गया है। छापेमारी की सूचना मिलते ही अफसर ऑफिस और घर से फरार हो गईं। उनके मोबाइल नंबर भी बंद है। लोकायुक्त की टीम सुरेखा सराफ की तलाश कर रही है।

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