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भोपाल में संपत्ति और जलकर में वृद्धि: 3611 करोड़ से अधिक का बजट पेश, पिछली बार की तुलना में 300 करोड़ रुपए ज्यादा

भोपाल भोपाल नगर सरकार का सालाना बजट गुरुवार को महापौर मालती राय ने पेश किया गया। संभावना के मुताबिक बजट में प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत, पानी और ठोस-अपशिष्ट पर 15 प्रतिशत टैक्स की वृद्धि की गई है। इससे राजधानी के पौने 3 लाख नल कनेक्शन और 5.62 लाख प्रॉपर्टी टैक्स उपभोक्ता प्रभावित होंगे।महापौर मालती राय नगर निगम का बजट पेश करने के लिए एमआईसी मेंबर और पार्षदों के साथ परिषद में पहुंचीं। महापौर सफेद-नीले रंग के झोले में बजट की कॉपी लेकर पहुंचीं। इस दौरान मेयर के साथ निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी भी थे। अतः उक्त परिस्थितियों के आधार पर नगरीय विकास के लिये यह आवश्यक एवं उचित है कि संपत्तिकर, जलदर एवं उपभोक्ता प्रभार की दरों में वृद्वि की जावे। माननीय अध्यक्ष महोदय, इस वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये युक्तियुक्तकरण किया जाकर संपत्तिकर की गणना हेतु करयोग्य संपत्ति मूल्य अवधारण हेतु परिक्षेत्र एवं उससे संबंधित दरों में 10 प्रतिशत की वृद्वि एवं उपभोक्ता प्रभार-जलदर, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट की दरों में 15 प्रतिशत की वृद्वि प्रस्तावित की गई है।जो कि बजट पुस्तिका में संलग्न चार्ट में अवलोकन से स्पष्ट होगा कि बहुत अधिक दरों को नहीं बढ़ाया गया है। वन नेशन-वन इलेक्शन का विरोध बैठक में महापौर मालती राय ने वन नेशन वन इलेक्शन का समर्थन प्रस्ताव रखा। भाजपा पार्षद सूर्यकांत गुप्ता ने इस पर चर्चा शुरू करनी चाही, लेकिन कांग्रेस पार्षदों ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि यह लोकसभा का मामला है, नगर निगम में इसे क्यों उठाया जा रहा है। इस पर निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कहा कि प्रस्ताव मेरी अनुमति से रखा गया है, सभी पार्षद अपनी सीटों पर बैठें। लेकिन कांग्रेस पार्षदों ने विरोध जारी रखा और अध्यक्ष की आसंदी के सामने पहुंच गए। अध्यक्ष ने कांग्रेस पार्षदों को वापस भेजा, वहीं भाजपा पार्षद सूर्यकांत गुप्ता ने प्रस्ताव रखना जारी रखा और भाजपा पार्षदों ने इसका समर्थन किया। सरकारी आवास पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई के नाम भोपाल में टीटी नगर स्थित सरकारी आवास का निर्माण हुआ था। सीएम मोहन यादव ने परिसर का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई परिसर करने की घोषणा की थी। मीटिंग में यह प्रस्ताव भी ध्वनिमत से पास कर दिया गया। एमआईसी मेंबर रविन्द्र यति ने यह प्रस्ताव रखा। इस पर विपक्ष ने भी किसी प्रकार का विरोध नहीं दर्ज कराया।  छात्रों के लिए महापौर स्मार्ट पास फिर शुरू होंगे     शहर में 1 लाख 26 हजार पौधे रोपे गए।     जीआईएस के तहत शहर के सौदर्यीकरण के कार्यों को बनाए रखने के लिए 1 हजार लाख रुपए और मुख्य मार्गों के सौंदर्यीकरण के लिए 1500 लाख रुपए तथा पार्को के विकास के लिए 1200 लाख रुपए का प्रावधान बजट में किया।     शहर में शालाओं के निर्माण और विकास कार्यों के लिए शिक्षा उपकर की मद में 3065 लाख रुपए का प्रावधान किया।     निगम कर्मचारियों के कक्षा 10वीं और 12वीं में मैरिट में आने वाली बालिकाओं और बालकों को प्रोत्साहन योजना के तहत 10 हजार रुपए प्रत्येक छात्र को दिए जाने का प्रावधान किया गया।     करयोग्य संपत्ति मूल्य अवधारा के लिए परिक्षेत्र एवं उससे संबंधित दरों में 10 प्रतिशत की वृद्धि एवं उपभोक्ता प्रभार- जलदर, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट की दरों में 15 प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित की गई है।     वार्ड नियोजन निधि के रूप में प्रति वार्ड 50 लाख रुपए के मान से बजट में 4 250 लाख रुपए का प्रावधान।     जोन कार्यालय स्तर पर जोन अध्यक्ष निधि- प्रति जोन 10 लाख रुपए के मान से 210 लाख रुपए का प्रावधान किया गया।     परिषद अध्यक्ष निधि के रूप में 500 लाख रुपए रखने का प्रावधान।     एमआईसी सदस्यों की निधि के लिए 1 करोड़ रुपए प्रति एमआईसी के मान से 1 हजार लाख रुपए का प्रावधान बजट में किया गया।     समग्र विकास के लिए विशेष निधि राशि 1 हजार लाख और विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्य के लिए 1500 लाख रुपए का बजट में प्रावधान किया।     बजट में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुमानित आय 3611 करोड़ 79 लाख 75 हजार रुपए के विरुद्ध अनुमानित व्यय 3611 करोड़ 79 लाख 75 हजार रुपए प्रस्तावित है।     राजस्व आय की राशि 5 प्रतिशत रिजर्व राशि 110 करोड़ 7लाख 4 हजार रुपए रखने के उपरांत 110 करोड़ 7 लाख 4 हजार रुपए संभावित घाटे का बजट सदन के समक्ष स्वीकृति हेतु प्रस्तुत है। मेयर, अध्यक्ष, एमआईसी मेंबर-पार्षदों के लिए यह प्रावधान     वार्ड नियोजन निधि के रूप में प्रति वार्ड 50 लाख रुपए के मान से बजट में 42 करोड़ रुपए का प्रावधान।     जोन कार्यालय स्तर पर जोन अध्यक्ष निधि प्रति जोन 10 लाख रुपए के मान से 2 करोड़ रुपए का प्रावधान।     अध्यक्ष के लिए 5 करोड़ रुपए रखे गए हैं।     एमआईसी मेंबर के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रावधान।     महापौर के लिए बजट में 10 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। इससे पहले बैठक में निगम कमिश्नर द्वारा पार्षद को हटाने के प्रस्ताव का मुद्दा गरमा गया। पार्षदों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। ऐसे में महापौर मालती राय ने भी कहा कि किसी पार्षद के खिलाफ शासन को प्रस्ताव भेजने से पहले एमआईसी या परिषद से चर्चा होनी चाहिए। बैठक में अधिकारियों के व्यवहार और फोन न उठाने की समस्या पर भी नाराजगी जाहिर की गई। बीजेपी पार्षद एक स्वास्थ्य अधिकारी पर भड़क गए। पार्षद पप्पू विलास घाड़गे ने कहा कि एएचओ ने पार्षद के साथ अभद्रता की है और उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्षदों ने एक सुर में कहा कि अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं।  

हनुमान जयंती मेला 2025 के अवसर पर भोपाल – इटावा – भोपाल के बीच अनारक्षित मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन

भोपाल यात्रियों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल द्वारा डॉ. हनुमान जयंती मेला 2025 के अवसर पर भोपाल – इटावा – भोपाल के मध्य अनारक्षित मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। डॉ. हनुमान जयंती मेला, उत्तर प्रदेश के इटावा ज़िले स्थित पथरेश्वर धाम में प्रतिवर्ष भव्य रूप से आयोजित होता है, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालु भगवान श्री हनुमान जी के दर्शन हेतु एकत्र होते हैं। इस दौरान क्षेत्र में भारी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं अतिरिक्त यात्रीभार को ध्यान में रखते हुए गाड़ी संख्या 01601/01602 भोपाल – इटावा – भोपाल मेला स्पेशल का संचालन कुल 07 फेरे के रूप में किया जाएगा। पथरेश्वर धाम, इटावा (उत्तर प्रदेश) – यह डॉ. हनुमान जयंती मेला का प्रमुख स्थल है, जहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में भगवान बजरंगबली के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसका निकटतम रेलवे स्टेशन ‘इटावा जंक्शन (ETW)’ है, जो पथरेश्वर धाम मंदिर से मात्र 4 से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि गाड़ी संख्या 01601/01602 भोपाल-इटावा-भोपाल अनारक्षित मेला स्पेशल गाड़ी का संचालन कुल 07 फेरे के रूप में किया जाएगा। यह गाड़ी भोपाल से दिनांक 30 मार्च, 01, 03, 05, 07, 10 एवं 12 अप्रैल 2025 को एवं इटावा से भी इन्हीं तारीखों को चलाई जाएगी। गाड़ी संख्या 01601 भोपाल से इटावा यह गाड़ी भोपाल स्टेशन से प्रातः 04.50 बजे प्रस्थान करेगी और मार्ग में क्रमशः विदिशा (05.31 बजे), गंज बासौदा (06.01 बजे), मंडी बामौरा (06.24 बजे), बीना (06.45 बजे), मुंगावली (07.20 बजे), अशोक नगर (07.57 बजे), गुना (09.15 बजे), बदरवास (10.22 बजे), कोलारस (11.13 बजे), शिवपुरी (11.35 बजे), मोहाना (12.26 बजे), घाटीगांव (12.53 बजे), पनिहार (13.11 बजे), ग्वालियर (14.10 बजे), शनिचरा (14.32 बजे), मालनपुर (14.44 बजे), जांवल (15.01 बजे), सोनी (15.17 बजे), भिंड (15.55 बजे) होते हुए इटावा स्टेशन पर अपराह्न 16.55 बजे पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 01602 इटावा से भोपाल वापसी दिशा में यह गाड़ी इटावा स्टेशन से सायं 17.40 बजे प्रस्थान करेगी और मार्ग में भिंड (18.25 बजे), सोनी (19.03 बजे), जांवल (19.22 बजे), मालनपुर (19.39 बजे), शनिचरा (20.10 बजे), ग्वालियर (21.15 बजे), पनिहार (21.45 बजे), घाटीगांव (22.33 बजे), मोहाना (23.03 बजे), शिवपुरी (00.20 बजे), कोलारस (00.45 बजे), बदरवास (01.08 बजे), गुना (02.50 बजे), अशोक नगर (03.54 बजे), मुंगावली (04.31 बजे), बीना (05.05 बजे), मंडी बामौरा (05.28 बजे), गंज बासौदा (05.49 बजे), विदिशा (06.16 बजे) होते हुए भोपाल स्टेशन पर प्रातः 08.05 बजे पहुंचेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें। उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें।

देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने अपनी 7-8 साल पहले की सारी देनदारी चुकाने का कार्य किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर अपनी पुरानी देनदारी चुका कर, नई दृष्टि से विकास के पैमानों पर आगे बढ़ रही है। देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने अपनी 7-8 साल पहले की सारी देनदारी चुकाने का कार्य किया। हमारी सरकार ने एमएसएमई और हैवी इंडस्ट्रीज सहित सभी प्रकार की इकाइयों को गत एक वर्ष में लगभग 5 हजार 225 करोड़ की राशि देने का काम किया है। हमारी सरकार नवीन पहलों के माध्यम से उद्योगों के लिए निरंतर सकारात्मक वातावरण बना रही है। राज्य सरकार विकास के लिए प्रदेश से जुड़ने वाले उद्योगों से किये गये अपने सभी संकल्पों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को जारी संदेश में यह बात कही।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरविंद जोशी के निधन पर किया शोक व्यक्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माधवाश्रम न्यास गौशाला के संस्थापक व पूर्ण अध्यक्ष अरविंद जोशी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। अरविंद जोशी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह एवं वर्तमान में अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश भैयाजी जोशी के बड़े भाई थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने परिजन के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए, बाबा महाकाल से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को दुःख की इस घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।  

Indore municipal corporation: 8 हजार करोड़ का बजट पेश, तख्तियां लेकर पहुंचे कांग्रेसी पार्षद

 इंदौर इंदौर नगर निगम का बजट कार्यक्रम शुरू हो चुका है। गुरुवार सुबह अटल बिहारी वाजपेयी परिषद सभागृह अटल सदन में बजट कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस साल नए टैक्स का प्रावधान नहीं किया गया है और पुराने टैक्स में भी वृद्धि नहीं की गई है। 8 हजार 174 करोड़ का बजट है जिसमें कई विकास योजनाएं हैं। बिल घोटाले पर भिड़े नेता बजट सत्र शुरू होते ही कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच बजट पर हंगामा हुआ, खासतौर पर फर्जी बिल घोटाले को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाए। इस बार नगर निगम क्षेत्र में 29 गांवों में सीवरेज और ड्रेनेज लाइन का काम भी किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस कार्य के लिए 300 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। बजट से पहले ही शुरू हो गया हंगामा सुबह 11 बजे नगर निगम सभागृह सदन की कार्रवाई शुरू हुई। सभापति मुन्ना लाल यादव ने पहले दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सदन की कार्रवाई दस मिनट के लिए स्थगित कर दी। बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षदों ने फर्जी बिल घोटाले का मुद्दा उठाया। भाजपा के पार्षद बजट के मुद्दे पर बात करने के लिए जोर देते थे और हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बजट भाषण पढ़ा। उन्होंने कहा कि इस बार कोई नया कर नहीं लगाया और न ही कर में वृद्धि की गई है। सड़कों और पुलों के लिए बड़ी योजना   शहर में नई सड़कें बनाई जाएंगी और पुराने पुलों की मरम्मत की जाएगी। ट्रैफिक समस्या को हल करने के लिए प्रमुख चौराहों पर नए सुधार किए जाएंगे। स्वच्छता पर विशेष जोर इंदौर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। कचरा प्रबंधन में नई तकनीक का इस्तेमाल होगा, जिससे शहर की स्वच्छता पहले से बेहतर होगी। पर्यावरण संरक्षण हरित इंदौर अभियान के तहत शहर में बड़े पैमाने पर पेड़ लगाए जाएंगे और नए पार्क विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा, जल संरक्षण को लेकर भी कई योजनाएं लाई जाएंगी। डिजिटल सेवाओं का विस्तार नगर निगम की सेवाओं को डिजिटल किया जाएगा ताकि लोग घर बैठे ही जरूरी काम कर सकें। ऑनलाइन टैक्स भुगतान, शिकायत निवारण और अन्य सुविधाओं को और आसान बनाया जाएगा। कर्मचारियों के लिए राहत नगर निगम कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं में सुधार करने को लेकर कुछ बड़े फैसले लिए गए हैं। स्थायीकरण की मांग पर भी विचार किया जाएगा।”इंदौर को और ज्यादा विकसित और सुविधाजनक बनाने के लिए हमने यह बजट तैयार किया है। हमारा फोकस स्वच्छता, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेवाओं पर रहेगा, जिससे जनता को अधिक सहूलियत मिलेगी।”अब देखना होगा कि इस बजट की घोषणाएं कितनी तेजी से जमीनी स्तर पर अमल में आती हैं। क्या निगम प्रशासन अपने वादों को पूरा कर पाएगा या फिर यह सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेगा? ये देखना होगा। महापौर ने नेता प्रतिपक्ष के सवालों का दिया जवाब बजट भाषण के पहले कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौक से ने सवाल खड़े किए थे। कि पहले सवालों के जवाब दिए जाएं इसके बाद आपके बजट भाषण को सुना जाएगा। इसी दौरान महापौर ने आश्वासन देते हुए कहा था। आप पूरा भाषण सुनाएं आपके सवालों के जवाब भाषण में मिल जाएंगे। कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष ने सवाल खड़े किए थे। एक हज़ार करोड रुपए के डैनेज घोट के मामले में अब तक क्या करें कदम उठाए गए। इसको लेकर जवाब मांगा था। इसके सवाल के जवाब देते हुए । महापौर ने 1000 करोड रुपए के घोटाले को लेकर कहा मामले में सभी दोषी फिलहाल जेल के अंदर है। और जो ठेकेदार है उनके लगभग 1000 करोड़ के ही बिल नगर निगम ने रोक हैं। जनता के टैक्स के पैसे का हिसाब बराबर दिया जाएगा। एक हजार करोड़ का राजस्व मिला इस साल निगम ने एक हजार करोड़ का राजस्व एकत्र किया है। इस बार बजट में सड़क निर्माण पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। तीन साल बाद उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ मेले के मद्देनजर शहर में कई मार्गों को जोड़ा किया जाएगा। इंदौर में 30 से ज्यादा मास्टर प्लान सड़कों को चौड़ा किया जाना है। इस प्रोजेक्ट पर ही डेढ़ हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नर्मदा के चौथे चरण के लिए भी बजट में बड़ी राशि रखी जाएगी। जलूद में नगर निगम सोलर प्लांट भी लगा रहा है। इसके अलावा चौथे चरण के लिए पाइप लाइन भी बिछाई जाएगी। इसके अलावा नगर निगम सीमा में शामिल 29 गांवों में सीवरेज और ड्रेनेज लाइन के काम होना हैै। राज्य सरकार ने भी इसके लिए राशि जारी की है। 300 करोड़ रुपये इस पर खर्च होंगे। सफाई के लिए संसाधनों की खरीदी के लिए भी स्वास्थ्य विभाग मद में पिछले साल की तुलना में ज्यादा बजट रहेगा। उधर बजट सम्मेलन के दौरान कांग्रेेस पार्षद दल ने भाजपा परिषद को घेरने की तैयारी की है। फर्जी बिल घोटाले के मुद्दे पर कांग्रेस पार्षद हंगामा कर सकते है।

01663/01664 रानी कमलापति–सहरसा–रानी कमलापति ग्रीष्मकालीन विशेष साप्ताहिक ट्रेन (13-13 ट्रिप)

01663/01664 रानी कमलापति–सहरसा–रानी कमलापति ग्रीष्मकालीन विशेष साप्ताहिक ट्रेन (13-13 ट्रिप) भोपाल मंडल के रानी कमलापति,नर्मदापुरम एवं इटारसी स्टेशन से होकर गुजरेगी भोपाल रेल प्रशासन द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में, गाड़ी संख्या 01663/01664 रानी कमलापति – सहरसा – रानी कमलापति साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (13-13 ट्रिप) चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के नर्मदापुरम एवं इटारसी स्टेशनों पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। गाड़ी संख्या 01663 रानी कमलापति – सहरसा साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (13 ट्रिप) गाड़ी संख्या 01663 रानी कमलापति – सहरसा विशेष ट्रेन दिनांक 07 अप्रैल 2025 से 30 जून 2025 तक प्रत्येक सोमवार को रानी कमलापति स्टेशन से शाम 16:30 बजे प्रस्थान कर, (उसी दिन) मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए शाम 17:40 बजे नर्मदापुरम, शाम 18:15 बजे इटारसी स्टेशन एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद अगले दिन दोपहर 15:15 बजे सहरसा स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 01664 सहरसा – रानी कमलापति साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (13 ट्रिप) गाड़ी संख्या 01664 सहरसा – रानी कमलापति विशेष ट्रेन दिनांक 08 अप्रैल 2025 से 01 जुलाई 2025 तक प्रत्येक मंगलवार को शाम 18:30 बजे सहरसा स्टेशन से प्रस्थान कर, अगले दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए शाम 18:35 बजे इटारसी, शाम 19:20 बजे नर्मदापुरम एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद अगले दिन रात 21:10 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी के हाल्ट: रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में रानी कमलापति, नर्मदापुरम, इटारसी जंक्शन, पिपरिया, गाडरवारा, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पं. दीन दयाल उपाध्याय जं., बक्सर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र, हाजीपुर जं., बरौनी जं., बेगूसराय, खगड़िया जं., मानसी जं. स्टेशनों पर रुकेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें। उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें।

मऊगंज जिले में 4000 हजार रुपए की रिश्वत लेते एपीओ का वीडियो वायरल

 मऊगंज  मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले बड़ा मामला सामने आया है। जहां मनरेगा प्रभारी नीतू सिंह पर नंदन फल योजना के तहत फायदा पहुंचाने की एवज में 4000 हजार रुपए की रिश्वत मांगती दिख रही है।  दरअसल, हितग्राही मंगल सिंह और त्रियुगीनारायण मिश्रा ने इस पूरे मामले की शिकायत प्रशासन से की है। फरियादी ने बताया कि वह छह महीने पहले मऊगंज जनपद आए थे। यहां पर उन्होंने सरकार की नंदन फल योजना के तहत पौधारोपण करने के लिए ग्राम पंचायत में आवेदन दिया था। जिसे पंचायत स्तर पर स्वीकृति मिल गई थी। आगे फरियादी ने बताया कि आवेदन ईएश और टीएस भी हो गया था। फाइल मरेगा अतिरिक्त कर्मचारी नीतू सिंह के पास पहुंची थी। उन्होंने छह महीने बीत जाने के बाद भी जियो टैगिंग नहीं की। योजना का फायदा लेने के लिए देने होंगे 4 हजार रुपए फरियादी ने बताया कि जब वह एक महीने पहले नीतू सिंह के चेंबर में गए थे। वहां पर उन्हें बैठाया गया और कहा कि यदि योजना का फायदा लेना है तो 4 हजार रुपए देने होंगे। तब हमारे पास केवल 3 हजार रुपए ही थे। जो कि नीतू सिंह को दे दिए। इसके बाद नीतू सिंह ने पैसे अपने हाथ में लेकर गिने और अलमारी में रख दिए। बावजूद इसके उन्होंने 500 रुपए और मांगने की बात कही। इस पूरे मामले पर सीईओ मऊगंज रामकुशल मिश्रा ने कहा कि जिला पंचायत सीईओ ने वायरल वीडियो मुझे भेजा है। जांच कर रिपोर्ट मांगी है। एक-दो दिन में मैं जांच कर रिपोर्ट भेजूंगा, जो कलेक्टर के पास जाएगी। हालांकि, पत्रिका इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता। इधर, कलेक्टर संजय कुमार जैन ने वायरल वीडियो को संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत रीवा के सीईओ को जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

बैतूल:भीमपुर में एक साथ तीन बच्चों के जन्म का अनोखा मामला सामने आया, मां और बच्चे पूरी तरह से हैं स्वस्थ

बैतूल  जिले के भीमपुर में एक साथ तीन बच्चों के जन्म का अनोखा मामला सामने आया है. यहां बुधवार को महिला ने 3 बच्चों को जन्म दिया है. सभी बच्चों की नॉर्मल डिलीवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई है. स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने मां और तीनों बच्चों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया है, जिससे उन्हों और बेहतर देखभाल मिल सके. जिला चिकित्सालय में मां और उसके दो नवजात बेटी और एक नवजात बेटा पूरी तरह से स्वस्थ हैं. इस तरह के दुर्लभ प्रसव होने की खबर की इलाके में काफी चर्चा है. भीमपुर ब्लॉक के बोरी गांव का मामला दरअसल, यह मामला भीमपुर ब्लॉक के बोरी गांव का बताया जा रहा है. यहां कि रहने वाली सुशीला को प्रसव पीड़ा होने पर भीमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया. जहां उन्होंने एक साथ 3 बच्चों को जन्म दिया है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सफल प्रसव के बाद मां और तीनों बच्चों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. एक साथ तीन बच्चों की डिलीवरी से परिवार में खुशियों का माहौल है. डिलीवरी से पहले नहीं कराई थी सोनोग्राफी जानकारी के अनुसार, महिला ने प्रेगनेंसी के दौरान एक भी सोनोग्राफी नहीं कराई थी, जिस कारण परिवार और डॉक्टर पहले से सतर्क नहीं थे. बुधवार को महिला की हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू में रखा गया था. हालांकि, अब हालत सामान्य बताई जा रही है. तीनों बच्चों का वजन 2 किलोग्राम से ढाई किलोग्राम की बीच है. डॉक्टरों ने इस वजन को नॉर्मल बताया है. एक साथ तीन बच्चों के जन्म को इलाके के लोग चमत्कार भी मान रहे हैं. जिला अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रूपल श्रीवास्तव ने कहा, ” मां और दो लड़की समेत एक लड़का पूरी तरह स्वस्थ हैं. नॉर्मल डिलीवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई है. तीनों बच्चों का वजन नॉर्मल है.”

पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने देश के पहले हिन्दूग्राम के सपने को साकार करने भूमिपूजन कर आधारशिला रखी

छतरपुर  बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर हिन्दू राष्ट्र की परिकल्पना को लेकर लगातार कार्य कर रहे हैं। हिन्दू राष्ट्र ध्वज घोषित करने के बाद अब हिन्दू ग्राम बनाने की तैयारी शुरू कर दी। बागेश्वर धाम में हिन्दुस्तान का पहला हिन्दू ग्राम दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा। महाराजश्री ने बुधवार को भूमिपूजन करते हुए आधारशिला रखी। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने देश के पहले हिन्दूग्राम के सपने को साकार करने के लिए बागेश्वर धाम में ही वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमिपूजन किया। उन्होंने इस अवसर पर कन्यापूजन करते हुए आधारशिला रखी। महाराजश्री ने कहा कि हिन्दू राष्ट्र का सपना हिन्दू घर से ही शुरू होता है। हिन्दू परिवार, हिन्दू समाज और हिन्दू ग्राम बनाने के बाद हिन्दू तहसील, हिन्दू जिला और हिन्दू राज्य बनेगा तब कहीं जाकर हिन्दू राष्ट्र की परिकल्पना पूरी होगी। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर ने हिन्दू ग्राम की आधारशिला रखने के बाद अपने उद्बोधन में बताया कि धाम में ही एक हजार परिवारों का यह ग्राम तैयार कराया जा रहा है। बागेश्वर धाम जनसेवा समिति हिन्दू धर्म एवं सनातन धर्मप्रेमियों को जमीन उपलब्ध कराएगी। इस जमीन में भवन निर्माण होंगे। यहां रहने वालों के लिए कुछ बुनियादी शर्तें भी रखी गई हैं। यह भवन अनुबंध के आधार पर मिलेंगे। पहले ही दिन दो बहनों ने भवन लेने के लिए अपनी स्वीकृति देते हुए कागजी कार्रवाई पूर्ण कराई। इसके अलावा करीब आधा सैकड़ा लोग इस ग्राम में घर बनाने के लिए जुड़े हैं। भूमिपूजन के दौरान समिति के सचिव राजेन्द्र मिश्रा, रामस्वरूप पाठक के अलावा पन्ना मण्डल के अध्यक्ष कुंजबिहारी शर्मा विशेष रूप से भूमिपूजन में शामिल रहे। षडयंत्र से बचाने क्रय-विक्रय का रहेगा प्रतिबंध बागेश्वर धाम में हिन्दू ग्राम में रहने वाले व्यक्ति अनुबंधित रहेंगे। वे जिस मकान में रहेंगे उस मकान की खरीद-फरोख्त का हक उन्हें नहीं मिलेगा। इसके पीछे की वजह यह है कि विधर्मी लोभ-लालच देकर किसी भी स्तर पर जाकर किसी भी कीमत पर मकान खरीदने के प्रयास करते हैं। अक्सर ऐसा देखने में भी आता है कि लालच में आकर लोग धर्मविरोधी ताकतों के सामने खुद को सरेण्डर कर देते हैं। इसलिए बागेश्वर धाम का हिन्दू ग्राम क्रय-विक्रय से प्रतिबंधित रहेगा।

कालभैरव को मदिरा का भोग लगाने वाले श्रद्धालुओं को यह करना होगा, बदले नियम

उज्जैन धार्मिक नगरी उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु उनके सेनापति भगवान कालभैरव के दर्शन करने जरूर जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि जब तक कालभैरव के दर्शन नहीं किए जाते है, तब तक बाबा महाकाल के दर्शन करने का पुण्य लाभ नहीं मिलता है। ऐसे में महाकालेश्वर मंदिर के साथ ही प्रतिदिन कालभैरव मंदिर पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। भगवान कालभैरव को मदिरा का भोग भी लगता है। लेकिन, मध्यप्रदेश के 19 क्षेत्रों में 1 अप्रैल से लागू की गई शराबबंदी के बाद अब उज्जैन में नए नियम लागू हो चुके हैं, जिसके तहत नगर निगम की परिसीमा में शराब के विक्रय पर रोक लगा दी गई है। स्थिति यह बन चुकी है कि भगवान कालभैरव के दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी मंदिर के बाहर भगवान को भोग लगाने के लिए शराब नहीं मिल पा रही है। भक्तों को साथ लानी होगी शराब नए नियमों के तहत नगर निगम की परिसीमा में शराबबंदी किए जाने से कालभैरव को मदिरा का भोग लगाने के लिए श्रद्धालुओं को अब अपने साथ ही शराब खरीदकर मंदिर पहुंचना होगा। क्योंकि, यह मंदिर नगर निगम की सीमा के अंतर्गत आता है। इसीलिए मंदिर के बाहर उन्हें कालभैरव को मदिरा का भोग लगाने के लिए शराब नहीं मिल पाएगी। शराबबंदी के नियमों का पालन करने के लिए पुलिस विभाग पूरी तरह सख्त है। यही कारण है कि शहर में आने वाले मुख्य मार्गों पर चेकिंग की जा रही है और निर्धारित मात्रा से अधिक शराब ले जाने वाले लोगों को पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। नहीं बेच सकते मंदिर के बाहर शराब धार्मिक नगरी उज्जैन में शराबबंदी लागू होने के बाद इसका पालन भी शुरू हो चुका है। नगर निगम सीमा में शराब का विक्रय न हो, इसके लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी से धरपकड़ कर रही है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने भी कालभैरव मंदिर क्षेत्र के दुकानदारों को एफिडेविट देना अनिवार्य किया है कि वे इस क्षेत्र में शराब नहीं बेचेंगे। यहां दें गड़बड़ी की सूचना प्रतिबंधित क्षेत्र में शराब के विक्रय को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। यही कारण है कि उज्जैन पुलिस ने अवैध शराब बिक्री की सूचना देने के लिए दो नंबर 9479999037 और 7587624914 जारी किए हैं। इन नंबरों पर सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत कार्रवाई कर रही है। शहर के प्रवेश मार्गों पर चेकिंग अभियान पुलिस प्रमुख रूप से इंदौर-उज्जैन, देवास-उज्जैन, बड़नगर-उज्जैन, मक्सी-उज्जैन और आगर-उज्जैन मार्ग पर वाहनों की तलाशी ले रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की पुलिस को भी अलर्ट किया गया है, ताकि शहर में शराब के साथ लोगों के प्रवेश को रोका जा सके।

ग्वालियर के लोगों के लिए खुशखबरी, 1347।6 करोड़ की लागत से वेस्टर्न बाईपास को मंजूरी मिली

ग्वालियर  ग्वालियर के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने 1347.6 करोड़ रुपये की लागत से वेस्टर्न बाईपास बनाने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बाईपास से ग्वालियर-चंबल के साथ मुरैना और आसपास के इलाकों को भी फायदा होगा। सिंधिया ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर इस प्रोजेक्ट को जल्दी शुरू करने का अनुरोध किया था। यह सड़क NH-46 और NH-44 से जुड़ेगी। साथ ही, यह आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगी, जिससे पूरे इलाके में कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि उन्होंने नितिन गडकरी से जनवरी 2024 में दिल्ली में मुलाकात की थी। उन्होंने वेस्टर्न बाईपास के बजट और घोषणा को लेकर जल्द फैसले लेने का आग्रह किया था। अब बाईपास को मंजूरी मिल गई है। इस सड़क परियोजना से ग्वालियर-चंबल और मुरैना जिलों के कई तहसील और ब्लॉक भी आपस में जुड़ जाएंगे। इससे लोगों को आने-जाने में आसानी होगी। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिया धन्यवाद सिंधिया ने इस खबर को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए नितिन गडकरी को धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी जी का हृदय से आभार जिन्होंने मेरे अनुरोध पर ग्वालियर के पश्चिमी हिस्से में 28।516 किमी लंबाई के एक्सेस कंट्रोल्ड 4-लेन बाईपास के निर्माण हेतु 1347.6 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान कर पूरे क्षेत्र को एक अनुपम सौगात दी है। इससे पूरे इलाके को बहुत फायदा होगा। लोगों का होगा लाभ यह बाईपास 4 लेन का होगा। इस पर गाड़ियां आसानी से आ-जा सकेंगी। इससे ट्रैफिक कम होगा और लोगों का समय बचेगा। यह बाईपास ग्वालियर के पश्चिमी हिस्से में बनेगा। इससे शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। लोग आसानी से शहर के बाहर से ही निकल सकेंगे।

01667/01668 रानी कमलापति–हडपसर–रानी कमलापति साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (12-12 ट्रिप)

01667/01668 रानी कमलापति–हडपसर–रानी कमलापति साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (12-12 ट्रिप) भोपाल मंडल के रानी कमलापति,नर्मदापुरम, इटारसी एवं हरदा स्टेशन से होकर गुजरेगी भोपाल रेल प्रशासन द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में, गाड़ी संख्या 01667/01668 रानी कमलापति – हडपसर – रानी कमलापति साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (12-12 ट्रिप) चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के नर्मदापुरम, इटारसी एवं हरदा स्टेशनों पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। गाड़ी संख्या 01667 रानी कमलापति – हडपसर साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (12 ट्रिप) गाड़ी संख्या 01667 रानी कमलापति – हडपसर विशेष ट्रेन दिनांक 10 अप्रैल 2025 से 26 जून 2025 तक प्रत्येक गुरुवार को रानी कमलापति स्टेशन से सुबह 08:35 बजे प्रस्थान कर, (उसी दिन) मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए 09:33 बजे नर्मदापुरम, 10:00 बजे इटारसी, 10:58 बजे हरदा एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद अगले दिन 00.30 बजे हडपसर स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 01668 हडपसर – रानी कमलापति साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (12 ट्रिप) गाड़ी संख्या 01668 हडपसर – रानी कमलापति विशेष ट्रेन दिनांक 11 अप्रैल 2025 से 27 जून 2025 तक प्रत्येक शुक्रवार को सुबह 06:30 बजे हडपसर स्टेशन से प्रस्थान कर, उसी दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए 19:03 बजे हरदा, 21:00 बजे इटारसी, 21:28 बजे नर्मदापुरम एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद उसी दिन रात 22:55 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी के हाल्ट:रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में रानी कमलापति, नर्मदापुरम, इटारसी जंक्शन, हरदा, खंडवा जंक्शन, भुसावल जंक्शन, मनमाड जंक्शन, कोपरगांव, अहमदनगर, दौंड चॉर्ड लाइन, हडपसर स्टेशनों पर रुकेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें। उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें।

अन्नक्षेत्र में दानदाता को ठहरने के लिए महाकालेश्वर अतिथि निवास में नि:शुल्क कमरों की सुविधा भी मिलेगी

उज्जैन  महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में भक्तों को भोजन कराने वाले दानदाताओं को मंदिर समिति नि:शुल्क भस्म आरती दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है। ऐसे में दानदाता को पुण्य अर्जन के साथ भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन का लाभ भी मिलेगा। अगर दानदाता उज्जैन से बाहर के हैं, तो उन्हें ठहरने के लिए महाकालेश्वर अतिथि निवास में नि:शुल्क कमरों की सुविधा भी मिलेगी। दानदाता को इस प्रकार की सुविधा पहली बार मिलने जा रही है। क्या सीएम डॉ. मोहन यादव का सपना     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा है कि देश के अन्य प्रमुख मंदिरों की तरह महाकाल मंदिर का अन्नक्षेत्र भी अत्याधुनिक व सर्वसुविधा युक्त हो, ताकि अधिक से अधिक भक्त यहां भोजन प्रसादी का लाभ ले सकें।     व्यवस्था में सुधार की जिम्मेदारी वरिष्ठ समाजसेवी सुरेंद्रसिंह अरोरा को दी गई है। उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर व्यवस्था में सुधार का व्यापक प्लान तैयार किया है।     बुधवार को कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने अरोरा की मौजूदगी में मंदिर प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान में प्रतिदिन तीन से चार हजार भक्त अन्नक्षेत्र में भोजन कर रहे हैं।     एक माह में यह संख्या बढ़ाकर दस हजार करना है। अन्नक्षेत्र का संचालन दानदाताओं के सहयोग से होता है। दानदाता अन्नक्षेत्र में दान करें, इसके एवज में उन्हें भस्म आरती दर्शन व रहने ठहरने की सुविधा भी मिलना चाहिए। यहां भी क्लिक करें – श्री महाकाल महालोक में मिलेंगे अन्नक्षेत्र के निशुल्क भोजन प्रसादी के कूपन, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए काउंटर शुरू अभी यह हो रहा फिलहाल अन्नक्षेत्र में एक समय भोजन कराने के लिए दानदाता को 25 हजार रुपये का दान देना होता है। दानदाता भोग की थाली लेकर मंदिर में जाते हैं तथा उनकी मौजूदगी में पुजारी भगवान को भोग लगाते हैं। नई योजना में यह खास     अन्नक्षेत्र में भोजन बनाने का ठेका प्राइवेट फर्म को दिया जाएगा।     भोजन प्रसादी की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा, जिसकी आवश्यकता है।     भक्तों को प्रथम व द्वितीय तल पर बैठ कर भोजन करने के साथ बुफे की सुविधा भी मिलेगी।     अन्नक्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए जनरेटर लगाए जाएंगे।     महाप्रसादी के लिए कूपन वितरण की नई व्यवस्था होगी। अभी यह व्यवस्था ठीक नहीं चल रही। यह भी होगा देश के किसानों से अन्नक्षेत्र में गेहूं, चावल, दाल, सब्जी आदि दान करने के लिए अनुरोध किया जाएगा। एक दानदाता ने अन्नक्षेत्र में भोजन बनाने तथा भोजन पराेसने के लिए नि:शुल्क बर्तन दान किए हैं। अन्नक्षेत्र में लगी मशीनों के सुधार दानदाता के सहयोग से किया जा रहा है। आगे भी सहयोग लिया जाएगा। कलेक्टर ने ये निर्देश भी दिए कलेक्टर ने मंदिर के अधिकारियों को अन्नक्षेत्र का बैंक खाता अलग करने के निर्देश दिए। अन्नक्षेत्र का आय, व्यय पत्रक भी अलग से बनेगा। इस व्यवस्था से व्यवस्था के संचालन में पारदर्शिता रहेगी।

रीवा गैंगरेप केस :नवविवाहित महिला से हुई थी हैवानियत; गैंगरेप के आठों दरिंदो को उम्रकैद

रीवा  रीवा जिला न्यायालय ने एक बहुचर्चित गैंगरेप के मामले में 8 आरोपियों को कठोर सजा से दंडित करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. 6 माह पहले नवदंपती को बंधक बनकर आरोपियों ने गैंगरेप की हैवानियत की थी. इस अपराध को अदालत ने जघन्य माना. सभी आरोपियों को आजीवन कारावास के साथ 2 लाख 30 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है. पूरा मामला नवदंपती से हुई हैवानियत से जुड़ा हुआ है. रीवा जिले के गुढ़ थाना इलाके में 21 अक्टूबर 2024 को एक नवदंपति भैरव बाबा की पहाड़ी स्थित मंदिर के दर्शन कर लौट रहा था. तभी आरोपियों ने पति-पत्नी को बंधक बना लिया. आरोपी घटनास्थल पर शराब पार्टी कर रहे थे. आरोपियों ने नवदंपती के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर महिला से गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया था. वारदात को अंजाम देने की बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे. जानकारी मिलते ही पुलिस ने 8 आरोपियों पर BNS 70(1), 127(2), 115, 190, 351(3), 238 का मामला दर्ज किया. पुलिस की अलग-अलग टीमों ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई जगह दबिश देकर सभी आरोपियों को हिरासत में लिया. लोक अभियोजक अधिवक्ता विकास द्विवेदी ने बताया कि इस मामले को फास्ट ट्रैक में चलाया गया था. 6 महीने के अंदर जिला न्यायालय में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश पदमा जाटव की अदालत ने तथ्य प्रमाणित पाए जाने के बाद गैंगरेप के सभी 8 आरोपी रामकिशन, गरुड़ कोरी, राकेश गुप्ता, सुशील कोरी, रजनीश कोरी, दीपक कोरी, राजेंद्र कोरी और लवकुश कोरी आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही प्रत्येक आरोपियों को 2 लाख 30 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया है. इन्हें आखिरी सांस तक जेल की सलाखों के पीछे रहना होगा.

मिशन शक्ति सेट में स्कूली बच्चियों को सैटेलाइट बनाने का प्रशिक्षण, इसरो120 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण देगा

इंदौर  पिछड़े क्षेत्र की बच्चियों को भी चंद्रयान-4 से जुड़ने का मौका मिलेगा। ये बच्चियां न सिर्फ अंतरिक्ष विज्ञान में करियर के अवसरों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगी, बल्कि उन्हें सैटेलाइट बनाने का व्यावहारिक ज्ञान भी मिलेगा। इसके लिए मिशन शक्ति सेट के अंतर्गत इंदौर की करीब 14 बच्चियों का चयन किया गया है। ये सभी स्कूली बच्चियां हैं, जिन्हें 120 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। भारत अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। अपने अभिनव मिशनों और तकनीकी उपलब्धियों के माध्यम से वैश्विक मंच पर एक प्रमुख स्थान बना रहा है। इस क्षेत्र में महिलाएं भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करें और अंतरिक्ष क्षेत्र में सक्रिय रूप से शामिल हो सकें, इस उद्देश्य के साथ मिशन शक्ति-सेट की शुरुआत की गई है। यह मिशन चेन्नई स्थित स्पेस किड्स इंडिया द्वारा विकसित किया गया है। मिशन शक्ति सेट की निदेशक और स्पेस किड्स इंडिया की संस्थापक-सीईओ डॉ. केशन ने 16 जनवरी को इस मिशन की शुरुआत की थी। इसके माध्यम से बच्चियां शोध, नवाचार और नेतृत्व की भूमिकाएं भी निभाने में सक्षम होंगी। 120 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण मिशन शक्ति सेट में भारत सहित 108 देशों की हाईस्कूल की करीब 12 हजार छात्राएं शामिल रहेंगी। इनमें भारत की 130 छात्राएं शामिल हैं। इन छात्राओं को इसरो और इनस्पेस द्वारा 120 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें अंतरिक्ष तकनीक, पेलोड विकास और अंतरिक्ष यान प्रणालियों से संबंधित विषय शामिल होंगे। इसरो और अन्य वैश्विक संस्थानों के विज्ञानियों द्वारा डिजाइन किया गया यह कार्यक्रम छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान के व्यावहारिक अनुभव से अवगत कराएगा। प्रशिक्षण के बाद हर देश की एक बच्ची का चयन होगा और ये 108 बच्चियां चंद्रयान मिशन 2026 में भी योगदान देंगी और सैटेलाइट विकसित कर उसका प्रक्षेपण करेंगी। अंतरिक्ष विज्ञान में करियर के अवसर भारत में इस इस मिशन का नेतृत्व वायुसेना में पायलट रह चुकीं सेवानिवृत्त विंग कमांडर जया तारे कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जो बच्चियां अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं, हम उनके लिए यह अभियान चला रहे हैं। इसके अंतर्गत बच्चियों को विशेषज्ञों द्वारा मेंटरशिप प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही 108 देशों की बच्चियां एक ही मंच पर होंगी, जिससे उन्हें एक-दूसरे से जुड़ने का भी मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि यदि इन छात्राओं को सही दिशा, प्रेरणा और मार्गदर्शन दिया जाए, तो वे न केवल अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक में असाधारण उपलब्धियां हासिल करेंगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत भी बनेंगी। खरगोन की बच्ची भी शामिल इस अभियान के लिए इंदौर से 14 बच्चियों को चयन किया गया है। वहीं, खरगोन की भी एक बच्ची राशि चौरे का चयन हुआ है। इस तरह इस मिशन के लिए प्रदेशभर से 15 बच्चियां चयनित हुई हैं। मध्य प्रदेश में इन बच्चियों का चयन विजय सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा किया गया है। सोसाइटी की संस्थापिका माधुरी मोयदे ने बताया कि वे कई वर्षों से शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर बच्चियों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रयास कर रही हैं। इसी के चलते इस मिशन के अंतर्गत इन बच्चियों का चयन किया गया है। ऐसे हुआ चयन मिशन के लिए चयनित ये सभी बच्चियां शासकीय विद्यालयों की हैं। इनका टेस्ट और इंटरव्यू लिया गया था। चयनित बच्चियों में से अधिकतर बाल विनय मंदिर, सांदीपनि और पीएमश्री स्कूलों की हैं। इन बच्चियों का हुआ चयन तान्या यादव, कुशी तायड़े, कृष्णा खाजेकर, आरती पवार, अक्षरा जैन, शीतल मोरे, सुहानी मेश्राम, मुस्कान कैरो, निधि शर्मा, कलश जैन, दर्शना शर्मा, सुजाता इंगले, गौरी भदौरिया, वंशिका सोलंकी सभी इंदौर और राशि चौरे खरगोन।

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