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विकास के साथ औद्योगिक गतिविधियों और जन हितैषी कार्यों का विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में डबल इंजन की सरकार जनहितैषी संकल्पों के साथ अग्रसर है। उद्योग-व्यापार से लेकर खेलों तक राज्य में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और नीति आयोग के निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक विभाग में सुशासन के मूल भाव के साथ गतिविधियों की मॉनिटरिंग जारी है। राज्य सरकार के हर विभाग ने अपने-अपने क्षेत्र में श्रेष्ठतम कार्य करने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर अपनी पुरानी देनदारी चुका कर, नई दृष्टि से विकास के पैमानों पर आगे बढ़ रही है।विकास के साथ औद्योगिक गतिविधियों और जन हितैषी कार्यों का विस्तार इन्हीं दृढ़संकल्पों की परिणीती है। राज्य सरकार, प्रदेशवासी और अधिकारी- कर्मचारी एकजुट होकर एक भावना के साथ प्रगति पर अग्रसर हों, इसी मंशा के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया, बावजूद इसके गत वर्ष की तुलना में बजट में 16 प्रतिशत की वृद्धि की गई। कुशल वित्तीय प्रबंधन और सभी के सहयोग से सरकार हर क्षेत्र में अपने तय लक्ष्यों को प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के हित में लगभग 10-15 वर्ष तक पुराने भत्तों की राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए वर्ष 2025-26 के बजट में राशि आवंटित की गई है, जिससे सरकार पर करीब 1500 करोड़ रुपए का व्यय भार आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर ही अपने अधिकारी-कर्मचारियों की बेहतरी का ध्यान रख पा रही है। उन्होंने कहा कि विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में प्रदेश को प्राप्त हो रही उपलब्धियों का श्रेय अधिकारी-कर्मचारियों को जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पूरे देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने अपनी 7-8 साल पुरानी सारी देनदारी चुकाने का कार्य किया। हमारी सरकार ने एमएसएमई और हैवी इंडस्ट्रीज सहित सभी प्रकार की इकाइयों को गत एक वर्ष में लगभग 5 हजार 225 करोड़ रुपए की राशि देने का काम किया है। हमारी सरकार नवीन पहलों के माध्यम से उद्योगों के लिए निरंतर सकारात्मक वातावरण बना रही है। राज्य सरकार विकास के लिए प्रदेश से जुड़ने वाले उद्योगों से किये गये अपने सभी संकल्पों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर सभी केंद्रीय कोयला कंपनियों की देनदारियों का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। जेनरेशन कंपनी के चारों ताप विद्युत गृहों के कुशल प्रबंधन के फलस्वरूप अब तक का सर्वाधिक 11.73 लाख मैट्रिक टन कोयले का भंडारण किया गया है। ताप विद्युत गृहों में उपयोग के लिए कोयला भंडारण का अग्रिम भुगतान भी सरकार की ओर से किया जा चुका है।  

रोजगारपरक गतिविधियों के लिए खाद्य प्र-संस्करण पर विशेषज्ञता आधारित सेल गठित किया जाए: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में उद्यानिकी फसलों की जिलेवार मैपिंग की जाए। विश्वविद्यालय सहित अन्य शासकीय विभागों की खाली जमीनों पर उद्यान विकसित करने तथा प्रदेश में पीपीपी मोड पर नर्सरीयां विकसित करने के लिए कार्य योजना बनायी जाए। प्रदेश के सभी जिलों में उद्यानिकी और खाद्य प्र-संस्करण पर केंद्रित वर्कशॉप और मेले आयोजित कर जिलों के किसानों और उद्यमियों को अन्य जिलों में संचालित बेस्ट प्रैक्टिसेज से परिचित कराया जाए। जिलों में कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में नवाचार करने तथा अपने स्तर पर इस क्षेत्र में उपलब्धियां अर्जित करने वाले किसानों का सम्मान किया जाए। इन्वेस्टर्स समिट के समान प्रदेश में उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण पर समिट का आयोजन हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण विभाग की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में कृषि विशेष रूप से उद्यानिकी फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रदेश, भौगोलिक दृष्टि से सम्पन्न है, साथ ही सिंचाई और बिजली की भी पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश कि उद्यानिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय औसत से भी आगे निकले। उद्यानिकी के साथ खाद्य प्र-संस्करण के माध्यम से रोजगार के अवसर निर्मित करने की दिशा में भी अंन्तर्विभागीय समन्वय के साथ कार्य किया जाए। विभाग में विशेषज्ञों तथा तकनीकी दक्षता पर केंद्रित सेल स्थापित कर खाद्य प्र-संस्करण क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को प्रोत्साहित किया जाए। प्रदेश के तीनों क्षेत्रों चंबल-मालवा और महाकौशल में उद्यानिकी की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से क्षेत्र विशेष की आवश्यकता के अनुसार कार्य योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत और उपज का वाजिब मूल्य मिले, उन्हें यह भरोसा दिलाना आवश्यक है। किसानों की उपज के लिए उपयुक्त सुविधाजनक स्थलों पर स्टोरेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही आस-पास की मंडियों में उपज के मूल्य की सही जानकारी किसानों को उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था विकसित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बागवानी विकसित करने को जन आंदोलन बनाना जरूरी है। सभी विधायक और पंचायत प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में आदर्श बागवानी या नर्सरी विकसित कर क्षेत्र के किसानों को अपने स्तर पर प्रेरित करें। श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए किसानों को पुरस्कृत करने की व्यवस्था भी हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीनदयाल शोध संस्थान कृषि विज्ञान केंद्र जैसी संस्थाओं से किसानों के संवाद को भी प्रोत्साहित करना आवश्यक है। बैठक में जानकारी दी गई कि आगामी माह में नीमच, मंदसौर में औषधीय कृषि के लिए उद्यानिकी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होगा। प्रदेश में 22 लाख 72 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलें ली जा रही हैं। आगामी 5 वर्ष में 33 लाख 91 हजार हैक्टयर तक ले जाने का लक्ष्य है। प्रदेश मसालों के उत्पादन में देश में प्रथम, उद्यानिकी में द्वितीय, पुष्प और सब्जी उत्पादन में तृतीय तथा फल उत्पादन में देश में चौथे स्थान पर है। रीवा के सुंदरजा आम और रतलाम के रियावन लहुसन को जीआई टैग प्राप्त हो चुका है। स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से खरगोन की लाल मिर्च, जबलपुर के मटर, बुरहानपुर के केले, सिवनी के सीताफल, बरमान नरसिंहपुर के बैंगन, बैतूल के गजरिया आम, इंदौर के मालवी आलू, रतलाम की बालम ककड़ी, जबलपुर के सिंघाड़ा, धार की खुरासानी इमली और इंदौर के मालवी गराडू को जीआई टैग दिलाने की प्रकिया जारी है। इससे इन उत्पदों के निर्यात में वृद्धि होने से किसानों की आय भी बढ़ेगी। बैठक में विभिन्न केंद्रीय और राजकोषीय योजनाओं की प्रगति की समिक्षा की गई।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को लोकसभा में वक्फ़ बिल पारित होने पर बधाई देकर धन्यवाद ज्ञापित किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुरूवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में मध्यप्रदेश वक्फ़ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सनवर पटेल के नेतृत्व में मुस्लिम समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने लोकसभा में वक्फ़ बिल पारित होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई और शुभकामनाएं देकर एक स्वर में कहा कि बिल से मुस्लिम समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों को उनका जायज़ हक मिलेगा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि बिल के पारित होने से मुस्लिम समाज की संपत्तियों को कानूनी सुरक्षा प्राप्त होगी। इससे समाज के कमजोर तबके को न्याय मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वक्फ़ संपत्तियों के उचित संरक्षण, नियोजन और उनके न्यायोचित उपयोग के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए समुचित कदम उठाए हैं। उसी में वक्फ बोर्ड के नियम में इस प्रकार के संशोधन/प्रावधान करना जरूरी थे। वास्तविक गरीब से गरीब आदमी को वक्फ बोर्ड से लाभ मिले, खासतौर पर जरूरतमंद लोगों को। उन्होंने कहा कि कुछ शक्ति सम्पन्न लोगों ने अपने हित में वक्फ की सम्पत्ति पर अवैध कब्जे कर लिए थे, ताकि उनका आधिपत्य और वक्फ की सम्पत्ति पर दखल हमेशा बना रहे। यह ठीक किया जाना जरूरी था। इन सब व्यवस्थाओं में बदलाव के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बड़ी शुरूआत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वक्फ़ समिति के अध्यक्ष, सभी पदाधिकरियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने भोपाल शहर के मुस्लिम समाजजनों के बीच इस तथ्य को मजबूती के साथ सबके सामने रखा है। उन्होंने कहा कि समाज के कल्याण और गरीबों को उनका वाजिब हक़ दिलाने के लिए सबके साथ खुले मन से चर्चा करके सबके हित में निर्णय लेना जरूरी था और यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि देश की सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा में यह बिल पारित हो गया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्य सभा खुलकर चर्चा कर नियम-कानून और व्यवस्था बनाने के लिए ही जानी जाती है। लोकसभा में बहुमत से यह बिल पारित हुआ है। वक्फ बोर्ड संशोधन बिल के मूल में महिलाओं, गरीबों, जरूरतमंदों और सही अर्थ में वक्फ की ताकत अपने जरूरतमंद मुस्लिम बंधुओं को देने का भाव निहित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के सदस्यों ने भोपाल शहर में जो जन आंदोलन चलाया, इसका एक अच्छा संदेश पूरे देश में प्रसारित हुआ कि हमारे यहां कानून को मानने और पालन करने वाली जनता रहती है। वक्फ़ बिल के समर्थन में इस सहयोग से हर वर्ग के मन में केन्द्र सरकार और इसकी रीति-नीति के प्रति जनविश्वास सुदृढ़ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुस्लिम समाज के सभी जनप्रतिनिधियों को वक्फ़ बिल के समर्थन के लिए बधाई और साधुवाद दिया। प्रतिनिधि मंडल में श्री एम. एजाज खान, श्री शहरयार अहमद, श्री इरशाद अंसारी, श्री असलम इलियास, श्री अब्दुल रज्जाक खान, श्री यावर खान, श्री सैफ खान, श्री लियाकत खान सहित भोपाल शहर के मुस्लिम संगठनों के पदाधिकारी एवं समाज के वरिष्ठजन उपस्थित थे।  

खंडवा जिले के कोंडावत गांव में दुखद घटना, 7 लोग कुएं में डूबे, पसरा मातम

खंडवा मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के छैगांवमाखन क्षेत्र के कोंडावत गांव में गुरुवार शाम एक दुखद घटना घटी, जहां गणगौर विसर्जन के लिए कुएं की सफाई करते समय 7 लोग डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस व प्रशासन ने रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा। फिलहाल, डूबने वालों की पहचान नहीं हो पाई है। गांव के चौक में स्थित कुएं में दलदल और कचरा होने से जहरीली गैस से यह हादसा होने की बात कही जा रही है। कुएं में अंदर कितने व्यक्ति है, इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। गांव में पसरा है मातम सूचना मिलते ही एसपी मनोज राय, एसडीएम बजरंग बहादूर सिंह और छैगांवमाखन पुलिस मौके पर रवाना हो गई है। घटना से गांव में मातम पसर गया है। खंडवा से होमगार्ड की रेस्क्यू टीम मौक पर पहुंंच कर कुएं में उतरने का प्रयास कर रही है। कुएं में गैस का प्रभाव कम करने के लिए पानी डाला जा रहा हैं। मौके पर क्रेन, एंबुलेंस सहित प्रशासन की पूरी टीम मोर्चा संभाल चुकी है। पंधाना विधायक छाया मोरे ने भी गांव पहुंच कर घटना की जानकारी ली। घटना गुरुवार दोपहर करीब चार बजे की है। को जिले के छैगांवमाखन क्षेत्र के कोंडावत गांव की है। बताया जा रहा है कि गणगौर विसर्जन के लिए ये लोग कुएं की सफाई करने उतरे उतरे थे। कुएं में बड़ी मात्रा में गाद जमी हुई है। इसी गाद के नीचे सभी के दबे होने की आशंका है।

अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा ओरछा : प्रमुख सचिव शुक्ला

पर्यटन मंत्रालय से स्वदेश दर्शन 2.0 योजना में मिले 25 करोड़ रूपये इसके पूर्व पर्यटन मंत्रालय से मिले है 99.92 करोड़ रूपये ओरछा मध्यप्रदेश का ऐतिहासिक रत्न ओरछा, अब वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर ओरछा को प्रतिष्ठित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार ने ओरछा में पर्यटन अधोसंरचनाओं और सुविधाओं के विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना 2.0  में 25 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृति की गई है। स्वीकृत राशि से ओरछा में टूरिस्ट एक्सपीरियंस सेंटर, हुनरशाला, एंट्री प्लाजा के साथ यात्रा पथ का विकास किया जाएगा। इसके पूर्व दिसंबर माह में विरासतों के संरक्षण और संग्रहालयों के विकास आदि के लिए 99.92 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए थे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2027-28 में ओरछा को यूनेस्को विश्व धरोहर के रूप में मान्यता दिए जाने के लिए केंद्र सरकार ने यूनेस्को को सिफारिश की है। साथ ही ओरछा को यूनेस्को की एच.यू.एल. ( हिस्टोरिकल अर्बन लैंडस्केप) पहल के तहत चुना गया है। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय ने “स्वदेश दर्शन 2.0” उप-योजना के तहत चेलेंज्‍ड बेस्‍ड डेस्‍टिनेशन डेवलपमेंट पहल शुरू की है, जिसका उ‌द्देश्य पूरे देश में पर्यटन स्थलों का विकास करना है। इस योजना के तहत, 50 स्थलों (प्रत्येक राज्य में अधिकतम 5) को विकास के लिए चुना जाना है। इसी के तहत ओरछा को आध्यात्मिक गंतव्य स्थल की श्रेणी में चुना गया है। ओरछा में पर्यटकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ शहर के सौंदर्यकरण, ऐतिहासिक विरासतों के संरक्षण और स्थानीय कलाकारों और संस्कृति का संरक्षण किया जाएगा। इससे ओरछा में देशी -विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी और स्थानीय समुदाय को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट के संदर्भ में किए जाने वाले कार्य है। टूरिज्म इंटरप्रिटेशन सेंटर केंद्र सरकार से मिली सहायता से ओरछा में तोपची की हवेली के पास पर्यटन अनुभव केंद्र का विकास किया जाएगा जिसमें ओरछा का 3डी मॉडल, पैनल्स के माध्यम से ओरछा की ऐतिहासिक यात्रा का प्रदर्शन, बुकिंग कियोस्क, चिल्ड्रन प्ले एरिया और कैफे का निर्माण किया जाएगा। हुनरशाला      स्थानीय कारीगरों को द्वारा बनाए जाने वाले सुविनियर को उत्कृष्ट बनाने का प्रशिक्षण देकर हुनरशाला के रूप में बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। यहां पर्यटक न सिर्फ सुविनियर खरीद सकेंगे बल्कि उन्हें बनता हुआ देखने के साथ वर्कशॉप में स्वयं बना भी सकेंगे। हुनरशाला में ओपन एयर एमपीथिएटर का भी विकास किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग और दुर्ग समूह के बीच ब्रिज के दोनों ओर एंट्री प्लाजा बनेगा। जिसमें ई चार्जिंग स्टेशन और क्यूआर बेस्ड टिकटिंग की सुविधा होगी। पर्यटन यात्रा पथ पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ यात्रा पथ का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा। जिसमें पुराने पथों का संरक्षण और नए पथ का निर्माण, पथ के दोनों ओर रंग रोगन, आर्च और छज्जा निर्माण, पर्यटकों को बैठक सुविधा, लाइटिंग और साइनेज का निर्माण होगा। स्थानीय संस्कृति और पर्व को प्रदर्शित करने के लिए पथ किनारे छोटे स्टेज निर्माण किए जायेगे जहां  स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुति दे सकेंगे। आधुनिक पर्यटन सुविधाएं पर्यटकों को इसके माध्यम से स्थानीय संस्कृति के महत्व से परिचय होगा। पर्यटकों को सुगम आवागमन के लिए हिप ऑन हिप ऑफ बस की सुविधा रहेगी। ओरछा के ऐतिहासिक वैभव और सांस्कृतिक महत्व को प्रदर्शित करती एक वेबसाइट का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ स्मारकों के लिए ऑडियो गाइड सिस्टम और फीडबैक मैकेनिज्म की सुविधा रहेगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार से ओरछा को ₹ 99.92 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे। यह राशि पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना 2024-25 के अंतर्गत जारी की गई थी। जिससे ओरछा में पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ प्रवेशद्वारों का संरक्षण एवं पुलों का जीर्णोद्धार, मंदिर/स्मारकों का संरक्षण और संग्रहालयों का विकास भी किया जाएगा। योजना के अंतर्गत ओरछा में किए जाने वाले कार्य –    ओरछा शहर के आधारभूत संरचना में सुधार।   –    प्रवेशद्वारों का संरक्षण एवं पुलों का जीर्णोद्धार। –    संग्रहालय के आसपास व शहर की सड़कों को जोड़ना। यहां ई-कार्ट पार्किंग, चार्जिंग स्टेशन सुविधाएं, साइनेज आदि विकसित करना। –    स्मारकों को जोड़ने वाले मार्गों का विकास। –    प्रोजेक्शन मैपिंग और स्‍थानिय कलाकारों द्वारा लाइव परर्फामेंस। –   क्यूआर आधारित वॉक एप विकसित करना। –    सड़क पर रोशनी और हेरिटेज लाइटिंग। –    गढ़ परिसर के अंदर मंदिर/स्मारकों का संरक्षण। –    संग्रहालयों का विकास। –    आधुनिक शौचालयों का निर्माण व मेला ग्राउंड का विकास।   –    शॉपिंग क्षेत्र का विकास । नवीन युग की ओर अग्रसर ओरछा इस अभूतपूर्व विकास से न केवल ओरछा का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय समुदाय को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। इन योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ, ओरछा विश्व पर्यटन के मानचित्र पर अपनी अ‌द्वितीय छवि स्थापित करेगा और एक नई पर्यटन क्रांति का सूत्रपात करेगा।

वक्फ बोर्ड के कामकाज में पारदर्शिता लाएगा वक्फ संशोधन बिल, बढ़ेगी वक्फ बोर्ड की आय : डॉ. सनवर पटेल

  भोपाल, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत वक्फ संशोधन बिल का सभी को स्वागत करना चाहिए। इस बिल का विरोध न भारत के मुसलमान कर रहे हैं ना बाकी लोग कर रहे हैं। हर कोई इसका स्वागत कर रहा है। इसका विरोध सिर्फ कांग्रेस और सपा जैसे राजनीतिक दल कर रहे हैं, जो मुस्लिमों के हितैषी नहीं हैं, बल्कि उनका इस्तेमाल वोट बैंक की तरह करना चाहते हैं। इस बिल का विरोध ऐसे लोग भी कर रहे हैं जो वक्फ बोर्ड की आड़ में भू-माफिया बनकर मोटी कमाई कर रहे हैं। यही लोग देश की जनता को भड़काने का षडयंत्र रच रहे हैं। को मध्यप्रदेश सहित देशभर के दो करोड़ लोगों से सुझाव लेने के बाद वक्फ संशोधन बिल लाया गया है। ऑनलाइन भी सुझाव लिए गए हैं। यह बिल वक्फ कानून की विसंगतियां दूर करने के साथ मुस्लिम समाज के गरीबों-महिलाओं और जरूरतमंदों के लिए अंत्योदय का कार्य करेगा। डॉ. सनवर पटेल ने कहा कि यह बिल वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के असली हकदारों को उनका हक दिलाने के लिए लाया गया है। वक्फ बोर्ड के कामकाज में वक्फ संशोधन बिल पारदर्शिता लाएगा और वक्फ बोर्ड की आय भी बढ़ेगी। यह संशोधन विधेयक देश के भाईचारे और मुस्लिम समाज के हित व मुस्लिम समाज के जरूरतमंद लोगों के हक में है। मुस्लिमों के हर वर्ग का होगा सशक्तीकरण वक्फ बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी 1995 में वक्फ एक्ट लाई थी और 2013 में चुनाव से ऐन वक्त पहले कांग्रेस सरकार ने उसमें संशोधन किया। मुस्लिमों को वोट बैंक मानने वाली कांग्रेस पार्टी को न मुस्लिम समाज की भलाई की चिंता थी और न वक्फ बोर्ड के कामकाज में पारदर्शिता की फिक्र थी। मुस्लिम समाज के हितों के लिए मोदी सरकार वक्फ संशोधन बिल लाई है। डॉ. पटेल ने कहा कि मुस्लिमों में भी बोहरा, खानी, पसमांदा जैसे कई समाज हैं, लेकिन इन्हें वक्फ बोर्ड में कोई प्रतिनिधित्व प्राप्त नहीं था। यह मुस्लिम समाज के ही अंग हैं जिनको वर्तमान वक्फ अधिनियम में कोई प्रतिनिधत्व नहीं था। इन समाजों ने कई बार बोर्ड में प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग की थी। डॉ. पटेल ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन बिल से इन वर्गों के साथ-साथ महिलाओं को भी वक्फ बोर्ड में प्रतिनिधित्व मिल सकेगा। इससे महिला सहित सभी वर्गों का सशक्तीकरण होगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों के बाद वक्फ बोर्ड को लगभग 12000 करोड़ की आय होने का अनुमान है और ये पैसे मुस्लिम समाज के ही काम आएगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 15008 वक्फ संपत्तियां हैं। वर्ष 2020 में पट्टा नियम लागू किया गया। अगर पट्टा नियम के हिसाब से देखा जाए तो मध्यप्रदेश में वक्फ संपत्तियों से प्रति वर्ष को 100 करोड़ की आय होनी चाहिए, लेकिन कानून की विसंगतियों और कांग्रेस नेताओं के अवैध कब्जे के कारण वक्फ संपत्तियों से प्रतिवर्ष दो करोड़ की ही आय हो रही है। कानून में संशोधन के बाद वक्फ बोर्ड की आय बढ़ेगी, जिसका उपयोग गरीब मुस्लिमों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार में खर्च होगा। झूठ, भ्रम और विरोध की राजनीति करती है कांग्रेस भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सरवर पटेल ने कहा कि विपक्ष की जिम्मेदारी होती है कि वह सकारात्मक सुझाव भी दे, हर बात का विरोध न करे। लेकिन कांग्रेस हमेशा विचार-विमर्श से भागती रही है और विरोध की राजनीति करती है। आर्टिकल-370, ट्रिपल तलाक और जीएसटी के संबंध में संसद में जो विशेष सत्र आयोजित किए गए थे, कांग्रेस पार्टी इनमें भी शामिल नहीं हुई। राजनीति के लिए नए संसद भवन, सेंट्रल विस्टा का विरोध भी कांग्रेस का ऐसा ही कदम था। सीएए के बारे में कांग्रेस ने भ्रम फैलाया कि इससे मुस्लिमों की नागरिकता छिन जाएगी। कांग्रेस पार्टी बताए कि बीते पांच सालों में कितने मुस्लिमों की नागरिकता छीनी गई है? अगर ये सच नहीं था, तो क्यों देश में डर और भ्रम का माहौल बनाया गया, क्यों शाहीन बाग हुआ और क्यों सड़कों पर चक्काजाम करके तथा रेलें रोककर आम जनता को परेशान किया गया? सच्चर कमेटी की सिफारिशों का विरोध कर रही कांग्रेस भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सरवर पटेल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने मुस्लिमों के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए वर्ष 2005 में सच्चर कमेटी का गठन किया था, जिसने वर्ष 2006 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। लेकिन कांग्रेस की सरकार इस रिपोर्ट को वर्ष 2014 यानी करीब 8 साल तक दबाकर बैठी रही, क्योंकि उसका उद्देश्य कभी भी मुस्लिमों का कल्याण नहीं रहा। प्रस्तावित वक्फ संशोधन बिल के अनुसार वक्फ बोर्ड और वक्फ ट्रिब्यूनल में सच्चर कमेटी की सिफारिशों के अनुसार ही काम होगा। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि कांग्रेस पार्टी उस सच्चर कमेटी की सिफारिशों का ही विरोध करने लगी है, जिसका गठन उसकी ही सरकार ने किया था। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री एम एजाज खान, प्रदेश प्रवक्ता श्री पंकज चतुर्वेदी, श्री अजय सिंह यादव एवं पैनलिस्ट श्री शिवम शुक्ला उपस्थित रहे।  

एक जिला एक उत्पाद को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला हुई आयोजित

डिण्डौरी राज्य औषधि पादप बोर्ड मध्य प्रदेश के देवारण्य योजना अंतर्गत एक जिला एक औषधि उत्पादन परियोजना के संबंध में आयुष विभाग डिण्डोरी द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र डिण्डोरी में दो दिवसीय प्रशिक्षण सरस्वती पूजन दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में आयुष चिकित्सा अधिकारी सहित उद्यानिकी विभाग के अधिकारी,कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं विषय विशेषज्ञ द्वारा जिला स्तर पर एक एक जिला एक औषधि उत्पाद अंतर्गत चयनित तुलसी के बारे में कृषि संग्रहण, भंडारण, विपणन विक्रय आदि विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर पी.एल.अंबुलकर, डॉक्टर रेणु पाठक, डॉक्टर श्वेता मसराम उपसंचालक उद्यान की विभाग के द्वारा उक्त विषय में प्रशिक्षण दिया गया । औषधि फसल तुलसी की उन्नत कृषि एवं उत्पाद के संग्रहण के संबंध में जानकारी दी गई प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के रूप में सफल कृषक व भारतीय किसान संघ जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू ने जैविक कृषि व औषधीय पौधों के महत्व के बारे में संक्षिप्त जानकरी दिए । इस कार्यक्रम में जिला आयुष अधिकारी डॉ.संतोष परस्ते, शिवकुमार झरिया ग्रामीण आजीविका मिशन से पुरुषोत्तम, वर्षा मरकाम,डॉक्टर समीक्षा सिंह, डॉक्टर गायत्री श्याम, डॉक्टर अनुपम परस्ते, डॉ राजीव साहू, डॉ भूपेंद्र मथानिया, डॉक्टर रतन सिंह धुर्वे, डॉ आशीष सैयांम, डॉ संदीप वाडकर, डॉ रवि परस्ते, डॉक्टर खुशबू गुलवानी, डॉक्टर शुभम देवी परस्ते, डॉक्टर रंजीत धुर्वे उपस्थित रहे प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनों के द्वारा ब्लॉक स्तर पर महिला स्वास्थ्य सहायता समूह कृषक एवं वन समिति के सदस्यों की ट्रेनिंग कराई जाएगी यह प्रशिक्षण अप्रैल माह में विकास खंड स्तर पर होगा ।

नरेन्द्र सिंह कुशवाह बोले – भिण्ड विधानसभा क्षेत्र के अंतिम छोर तक पहुंचेगा सिंचाई के लिए नहरों का पानी

भिण्ड चंबल बैराज से नहरों में पानी छोड़ने के बाद आज मध्य दिन नहरों का पानी भिण्ड विधानसभा की सीमा पर पहुंचने पर विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह दबोह भटमासपुरा पहुंचकर पानी का जायजा लिया तथा इसके दो दिन पहले सोनी गांव में पहुंचकर गेट का मुआयना किया तथा भिंड की ओर आने वाली सभी नहरों के गेट खोलने के निर्देश भी दिए। विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के प्रयासों से जल संसाधन मंत्रालय ने 18.70 करोड़ रुपए से अधिक की राशि नहरों और सिंचाई सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। मंत्री तुलसी सिलावट ने इस संबंध में विधायक कुशवाह को पत्र लिखकर सूचित किया है।  विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि यह राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इसे शामिल किया गया है। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने बजट स्वीकृति की सूचना पत्र लिखकर विधायक को सूचना दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिंचाई को सृदृढ़ करने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विभिन्न परियोजनाओं के लिए यह राशि मंजूर की गई है। विधायक कुशवाह के अनुसार इन परियोजनाओं में भिण्ड विधानसभा क्षेत्र की 46 में करीब 30 ग्राम पंचायतों क्षेत्रों में लाभ होगा। इस बजट से चंबल नहर प्रणाली के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण का कार्य कराया जाएगा। इस राशि से भिण्ड विधानसभा क्षेत्र में 3.62 लाख हैक्टेयर से अधिक में सिंचाई सुविधा मजबूत होगी। विधायक कुशवाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हमेशा किसान हित में कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं रहते हैं। जब हमने यह मांग  सरकार के समक्ष रखी तो एक माह के भीतर ही बजट की व्यवस्था कर दी गई है। सामान्य तौर पर नहरों की स्थिति ठीक न होने से टेल एंड तक नहर का पानी नहीं पहुंंच पाता था, जिससे नहरों के अंतिम छोर पर बसे गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए परेशान होना पड़ता था। यह बजट और कार्य स्वीकृत करने के लिए विधायक कुशवाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्मयंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट का आभार व्यक्त किया है। विधायक ने कहा कि यह कार्य जल्द शुरू होंगे, जिनका जल्द ही किसानों को लाभ मिलेगा। विधायक ने इस संबंध में विधानसभा के बजट सत्र में तारांकित प्रश्न उठाया था जिसका जवाब 24 मार्च को जल संसाधन मंत्री ने देते हुए बजट स्वीकृत की बात कही थी।

अभी तक 1794 करोड़ 82 लाख रूपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका: मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रदेश में अभी तक एक लाख 25 हजार 631 किसानों से 10 लाख 25 हजार 735 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। किसानों को उपार्जित गेहूँ का भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। अभी तक 1794 करोड़ 82 लाख रूपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। जिला उज्जैन में एक लाख 93 हजार 362, सीहोर में एक लाख 61 हजार 737, देवास में 90 हजार 740, शाजापुर में 92 हजार 613, इंदौर में 69 हजार 558, भोपाल में 74 हजार 75, राजगढ़ में 66 हजार 47, मंदसौर 42 हजार 909, आगर मालवा में 40 हजार 550, धार में 33 हजार 249, विदिशा में 54 हजार 474, हरदा में 24 हजार 45, खण्डवा में 16 हजार 654, रतलाम में 19 हजार 743, नीमच में 6362, नर्मदापुरम में 8140, झाबुआ में 5710, रायसेन में 14183, बैतूल में 2431, दमोह में 3557, खरगौन में 565, गुना में 1057, सागर में 1053, नरसिंहपुर में 221, छिंदवाड़ा में 185, अशोकनगर में 119, सिवनी में 1313, सतना में 926, मण्डला में 90, दतिया में 43 और अलीराजपुर में 24, मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। इस वर्ष अभी तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये 15 लाख 9 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। किसान अब 9 अप्रैल तक पंजीयन करा सकते हैं।  गेहूँ उपार्जन के लिये किसान अब 9 अप्रैल तक करा सकते हैं पंजीयन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि किसानों के हित में रबी विपणन वर्ष 2025-26 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये पंजीयन की अवधि 9 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है। पूर्व में पंजीयन की अवधि 31 मार्च 2025 तक निर्धारित की गई थी। मंत्री श्री राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि जिन किसानों ने अभी तक पंजीयन नहीं करवाया है, वे 9 अप्रैल तक गेहूँ उपार्जन के लिये पंजीयन जरूर करायें। गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। उल्लेखनीय है कि गेहूँ उपार्जन के लिये 31 मार्च तक 15 लाख 9 हजार 324 किसान पंजीयन करा चुके हैं। गेहूँ का उपार्जन भी जारी है।  

श्री श्री संकटमोचन मंदिर अशोका गार्डन परिसर में अखण्ड रामायण एवं भंडारा

भोपाल मंदिर हनुमान अशोका गार्डन हनुमान धाम में श्रीराम चरित मानस का आठ दिवसीय   पाठ का शुभारंभ 5 अप्रैल प्रातः 10 बजे से 11 अप्रैल 2025 तक निरंतर रहेगा। इस मौके पर बाबा का भव्य श्रृंगार किया जाएगा और  प्रसाद अर्पित किया जाएगा। 12 अप्रैल को धूमधाम से मनाया जाएगा हनुमान प्रकटोत्सव श्री श्री संकटमोचन मंदिर धाम द्वारा 12 अप्रैल को श्री हनुमान प्रकटोत्सव महापर्व धूमधाम एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाया जाएगा जिसके लिए तैयारियां भी प्रारंभ कर दी गयी है. 12 अप्रैल को हवन पूजन एवं विशाल भण्डारे का आयोजन रखा गया। सभी श्रदालु बंधुओ से अनुरोध है की अधिक से अधिक सख्यां में आकर श्री श्री संकटमोचन हनुमान जी का आशीर्वाद लेऔर प्रसाद ग्रहण करे। जयश्री राम जयश्री राम जयश्री राम जयश्री राम जयश्री राम जयश्री राम  

कलेक्टर जैन ने औचक निरीक्षण किया, स्कूल से गायब दो टीचर निलंबित, 29 शिक्षकों की वेतन वद्धि रोकी

उमरिया  मध्यप्रदेश के उमरिया जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने स्कूल चलें हम अभियान के तहत स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। जिसमें उन्होंने दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही प्रिंसिपल और एक शिक्षा की वेतन वृद्धि रोकने के साथ-साथ 29 शिक्षकों की वेतन वृद्धि रोकने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।  दरअसल, सस्तरा स्थित प्राथमिक शाला का निरीक्षण करने कलेक्टर पहुंचे थे। इस स्कूल में तीन शिक्षक पदस्थ हैं। जिसमें से एक शिक्षक प्रेग्नेंट होने के कारण छुट्टी में थी। स्कूल में हेडमास्टर करूणा शरणागत मौजूद थी। वहीं अनीता टोप्पों अनुपस्थित थी। इस दौरान कलेक्टर ने स्कूल में अनुपस्थित शिक्षक अनीता टोप्पों की एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए हैं। ऐसे ही उच्च स्तरीय विद्यालय पिनौरा में निरीक्षण के दौरान स्कूल में पदस्थ 29 शिक्षकों द्वाराप्रवेश उत्सव संबंधी समस्त तैयारियां नहीं करने और बच्चों की उपस्थिति कम पाए जाने पर शाला की प्राचार्य लीला अग्रवाल की वेतन वृध्दि रोकने और सभी 29 शिक्षकों की एक-एक वेतन वृध्दि रोकने संबंधी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं शासकीय प्राथमिक शाला महुरा में कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान पाया कि स्कूल ही बंद थी। इस दौरान वहां पदस्थ दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया।

प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और ज़मीनी कार्यकर्ताओं के सामंजस्य और समर्पित प्रयास से प्राप्त हुए सकारात्मक परिणाम

भोपाल आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम के तहत खंडवा ज़िले ने स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में असाधारण प्रगति की है। नीति आयोग ने जिले के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना की है। नीति आयोग ने प्रयासों को प्रोत्साहित करने के लिये खंडवा ज़िले को 3 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की है। इस उपलब्धि के लिये ज़िले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और कुपोषण के खिलाफ व्यापक रणनीति अपनाने के प्रयास प्रमुख रहे हैं। खंडवा की यह उपलब्धि पूरे मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि खंडवा की यह उपलब्धि पूरे मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है। आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम के तहत इस तरह की सफलता प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यह उपलब्धि खंडवा प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा और एएनएम के सतत प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों, मैदानी कार्यकर्ताओं की सराहना की है। फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स को निरंतर प्रशिक्षित कर कार्यक्षमता में की गई वृद्धि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत ने बताया कि ज़िले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिये योजनाबद्ध प्रयास किए गए। ज़िले में प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया। आउटरीच स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर दूरस्थ इलाकों में चिकित्सा सुविधा पहुंचाई गई। इसके साथ ही फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स को निरंतर प्रशिक्षित कर उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि की गई। हाई रिस्क प्रेगनेंसी की समय पर पहचान कर संस्थागत सुरक्षित प्रसव किया गया सुनिश्चित ज़िले में मातृ स्वास्थ्य में सुधार के लिये गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, जांच और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए नवीन प्रसव केंद्र स्थापित किए गए। चिन्हित उप-स्वास्थ्य केंद्रों को प्रसव सुविधा से सुसज्जित किया गया, जिससे घर पर प्रसव के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान कर उनका समुचित उपचार सुनिश्चित किया गया। ‘लक्ष्य’ एवं नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स (एनक्यूएएस) के तहत ज़िले की 25 स्वास्थ्य संस्थाओं को उन्नत किया गया, जिससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल रही हैं। छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण और कुपोषित बच्चों की विशेष देखरेख ज़िले में शिशु स्वास्थ्य में सुधार के लिए समेकित प्रयास किए गये। सम्पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने के साथ कुपोषण निदान की सघन कार्यवाही से सकारात्मक परिणाम मिलना प्रारम्भ हुए। ‘मिशन इंद्रधनुष’ के तहत छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर उन्हें पूर्ण टीकाकरण के दायरे में लाया गया। कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पूरक पोषण योजनाओं से जोड़ा गया। आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से शिशु पोषण और देखभाल पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को किया सशक्त जिले में 177 उप-स्वास्थ्य केंद्रों को ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ के रूप में क्रियाशील किया गया, जिससे ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हुईं। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत लक्ष्य से अधिक मरीजों की पहचान कर उन्हें उपचारित किया गया। नॉन-कम्युनिकेबल डिसीज़ (एनसीडी) कार्यक्रम के अंतर्गत ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच के लिए व्यापक अभियान चलाया गया, जिससे मरीजों का समय पर उपचार संभव हुआ। स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण में पुरस्कार राशि से किए जायेंगे विकास कार्य कलेक्टर खंडवा श्री ऋषभ गुप्ता ने कहा कि नीति आयोग द्वारा प्राप्त 3 करोड़ रुपए की राशि को स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण के चिन्हित क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा, जिससे ज़िले के विकास को और गति मिलेगी।

बिजली चोरी रोकने के लिए चलाई जा रही पारितोषिक योजना में सभी श्रेणी के कर्मचारी योजना में शामिल

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली चोरी की रोकथाम के लिए चलाई जा रही पारितोषिक योजना के तहत बिजली के अवैध उपयोग की सूचना देने पर प्रकरण बनाने एवं राशि वसूली होने पर सूचनाकर्ता को 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाती है। योजना के संशोधित प्रावधान के अनुसार 5 प्रतिशत राशि का भुगतान संबंधित सूचनाकर्ता को सूचना सही पाए जाने पर जारी किए गए अंतिम निर्धारण आदेश के तुरंत बाद किया जाएगा। शेष पांच प्रतिशत राशि पूर्ण वसूली उपरांत देय होगी। कंपनी में कार्यरत नियमित कर्मचारी/ संविदा/ आउटसोर्स कर्मचारी को भी सूचनाकर्ता के रूप में शामिल किया गया है। सूचना सही पाए जाने एवं जारी किए गए अंतिम निर्धारण आदेश की पूर्ण वसूली होने पर एक प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जाएगी। कंपनी ने कहा है कि विभिन्न परिसरों की जांच एवं जांच के बाद बनाये गये पंचनामा के आधार पर आरोपी के विरूद्ध निकाली गयी राशि की वसूली में सभी कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। कंपनी ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ जांच एवं वसूली के कार्य में शामिल बाह्य स्त्रोत कर्मचारियों को भी परितोषिक योजना के तहत दी जाने वाली 2.5 (ढाई) प्रतिशत प्रोत्साहन राशि को सभी संबंधितों को समान रूप में दिया जाना निर्धारित किया गया है। कंपनी ने कहा है कि अब पारितोषिक योजना की पूरी जानकारी जैसे बिलिंग, भुगतान से संबंधित गतिविधियों को ऑनलाइन कर दिया गया है। अब सूचनाकर्ता को कंपनी के पोर्टल पर गुप्त रूप से दिए गए प्रारूप में बैंक खाता, पहचान क्र. (आधार अथवा पेन ) देना अनिवार्य कर दिया है। कंपनी द्वारा विद्युत की चोरी के प्रभावी रोकथाम एवं विद्युत के अवैध उपयोग को रोकने के लिए यह योजना चलाई गई है। योजनांतर्गत कोई भी व्यक्ति बिजली के अवैध उपयोग के संबंध में सूचना कंपनी मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय में मुख्य महाप्रबंधक, संचा.संधा/शहर वृत्त कार्यालय के महाप्रबंधकों को लिखित अथवा मोबाईल के साथ ही कंपनी की वेबसाईट portal.pmcz.in पर ऑनलाईन सूचना दे सकते हैं। पोर्टल अथवा उपाय एप पर देनी होगी सूचना कंपनी द्वारा योजना में सूचनाकर्ता को निर्धारित शर्तों के अधीन पारितोषिक देने का प्रावधान है। इस राशि की अधिकतम सीमा नहीं है। वर्तमान में इस व्यवस्था को पूर्ण रूप से ऑनलाइन किया गया है। कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in पर जाकर informer scheme लिंक पर क्लिक करके, सूचनाकर्ता के द्वारा गुप्त सूचना दर्ज की जा सकती है एवं उपाय ऐप के माध्यम से भी बिजली चोरी की सूचना दी जा सकती है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा सभी नागरिकों के साथ आउटसोर्स कर्मचारियों तथा उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे गुप्त सूचना देकर, पारितोषिक योजना का लाभ उठाकर कंपनी को सहयोग प्रदान अवश्य करें।  

छत्रपति शिवाजी महाराज ने धर्म,राष्ट्रीयता, न्याय और जनकल्याण के आधार पर की सुशासन की स्थापना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

छत्रपति शिवाजी महाराज ने धर्म,राष्ट्रीयता, न्याय और जनकल्याण के आधार पर की सुशासन की स्थापना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने शिवाजी महाराज की पुण्य-तिथि पर की श्रद्धांजलि अर्पित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने मातृभूमि के सम्मान के साथ कभी समझौता नहीं किया। सच्चे अर्थों में शिवाजी महाराज ने भारत में धर्म, राष्ट्रीयता, न्याय और जनकल्याण के स्तम्भों के आधार पर सुशासन की स्थापना की थी। उनका अप्रतिम साहस, अद्वितीय वीरता और आदर्श जीवन भावी पीढ़ियों को सदैव मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हिन्दवी साम्राज्य के संस्थापक, राष्ट्र गौरव, वीर शिरोमणि छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्य-तिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यह विचार व्यक्त किए।  

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं- 12वीं परीक्षा प्रैक्टिकल और मूल्यांकन की डेट बढ़ी, ऐसे करें चेक

भोपाल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन अंकों को जमा करने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब उम्मीदवार 6 अप्रैल 2025 तक अपने प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन के अंक भर सकते हैं। पहले तय थी 30 मार्च की समय सीमा एमपी बोर्ड ने 15 जनवरी 2025 को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें 30 मार्च 2025 को नियमित और स्व-अध्ययन छात्रों के लिए प्रैक्टिकल और आंतरिक परीक्षा परिणामों को जमा करने की अंतिम तिथि घोषित की गई थी। बोर्ड ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अंतिम तिथि के बाद किसी भी स्थिति में अंक स्वीकार नहीं किए जाएंगे। एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा परिणाम 2025 एमपी बोर्ड परीक्षा परिणाम 2025 की घोषणा अप्रैल 2025 में होने की संभावना है। छात्र अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी। ऐसे करें चेक:     आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in पर जाएं।     होमपेज पर उपलब्ध “MP Board Class 10 और 12 परिणाम 2025” लिंक पर क्लिक करें।     लॉगिन विवरण जैसे पंजीकरण संख्या और जन्मतिथि दर्ज करें और सबमिट करें।     रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा।     डाउनलोड करें और भविष्य के संदर्भ के लिए प्रिंट आउट निकाल लें।

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