बसपा और गोंडवाणा गणतंत्र पार्टी में हुआ चुनावी गठबंधन
भोपाल, बसपा और गोंडवाणा गणतंत्र पार्टी में हुआ चुनावी गठबंधन, 230 में से 178 सीट पर BSP और 52 सीटों पर GGP लड़ेगी चुनाव.
भोपाल, बसपा और गोंडवाणा गणतंत्र पार्टी में हुआ चुनावी गठबंधन, 230 में से 178 सीट पर BSP और 52 सीटों पर GGP लड़ेगी चुनाव.
सोर्स – दैनिक भास्कर मध्य प्रदेश की खेल मंत्री और सिंधिया राज घराने कि यशोधरा राजे सिंधिया ने चुनाव ना लड़ने की ऐलान किया है। फ़ोन पर बात करते हुए उन्होंने बताया, “ख़राब स्वास्थ की वजह से मैं चुनाव नहीं लडूगी और एक माह पहले ही पार्टी को सूचित कर दिया था।” हालाकि दो दिन पूर्व पार्टी द्वारा उनका टिकेट काटे जानें की अफ़वाह भी उड़ी थी। अटकलें लगाई जा रही है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए शिवपुरी सीट से उतारा जा सकता है। शिवपुरी ज़िले से 1998 से विधायक यशोधरा राजे आज तक चुनाव नहीं हारी। वह 2007 में ग्वालियर से सांसद भी चुनी गई थी।
मध्यप्रदेश में चुनावी समर के बीच कांग्रेस की महिला विधायक ने अपनी ही पार्टी के नेता के खिलाफ पुलिस में छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई है। महिला विधायक ने पार्टी नेता पर शराब पीकर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। जिस पर पुलिस ने शिकायत दर्ज करके मामले में जांच की बात कही है। जिस कांग्रेस नेता मनोज बागरी उर्फ बबलू पर विधायक से बदसलूकी और छेड़छाड़ का आरोप है वह काफी समय से रैगांव विधायक का विरोध करता आ रहा है। दरअसल दोनों एक ही विधानसभा क्षेत्र के हैं और कांग्रेस की राजनीति करते हैं। मध्य प्रदेश के सतना जिले में कांग्रेस नेता ने अपनी ही पार्टी की महिला विधायक से छेड़छाड़ कर दी। शराब के नशे में टुन्न बताए जा रहे कांग्रेसी नेता मनोज बागरे और उनके समर्थकों ने क्षेत्र की कांग्रेस पार्टी की ही महिला विधायक की गाड़ी रुकवाई और सीधे विधायक और उनके साथ रही उनकी निजी सहायक से भी बदसलूकी की गई। रैगांव विधायक कल्पना वर्मा ने बताया कि गुरुवार को वो विधानसभा क्षेत्र में जनसम्पर्क में निकली थी। जनसम्पर्क के दौरान हाटी के उप सरपंच की मां के निधन की सूचना प्राप्त हुई लिहाजा उप सरपंच के घर शोक संवेदना व्यक्त करने जा रही थी। रास्ते में कांग्रेस नेता मनोज बागरी उर्फ बबलू मिला जो शराब के नशे में था। बबलू ने शराब पिलाकर कई लोगों को एकत्र कर रखा था। विरोध करने के इरादे से बबलू ने जबरिया गाड़ी रुकवाई। बकौल विधायक वह जब गाड़ी से उतरी तो मनोज बागरी उर्फ बबलू ने कुछ लोगों के साथ मिलकर विधायक और उनकी निजी सहायक के साथ अभद्रता की। आरोप है कि कांग्रेस नेता के द्वारा विधायक और उनकी निजी सहायक का हाथ पकड़कर धक्का देकर गिराने का प्रयास किया गया। रैगांव विधायक के द्वारा घटनाक्रम से पुलिस अधीक्षक सतना को अवगत कराते हुए सिविल लाइन थाने में आरोपी कांग्रेस नेता मनोज बागरी बबलू के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने महिला विधायक की शिकायत पर कांग्रेसी नेता और उनके सहयोगियों के खिलाफ धारा 294 354 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। भीड़ होते देखकर भागे आरोपी। विधायक रैंगाव कल्पना वर्मा की गाड़ी खड़ी है यह देखकर आसपास के लोग भी विधायक मैडम से मिलने पहुंचने लगे तो देखा कि उसी विधानसभा का कांग्रेस नेता मनोज और उसके साथी शराब के नशे में महिला विधायक से अभद्रता कर रहे थे। यह देख आसपास के लोग एकत्र हुए तब मनोज और उसके साथी मौके से भाग निकले। इसके बाद विधायक ने अपने समर्थकों समेत सतना पहुंचकर एसपी से बात कर घटना की जानकारी दी। टिकट के दावेदार हैं आरोपी कांग्रेस नेता। जिस कांग्रेस नेता मनोज बागरी उर्फ बबलू पर विधायक से बदसलूकी और छेड़छाड़ का आरोप है वह काफी समय से रैगांव विधायक का विरोध करता आ रहा है। दरअसल दोनों एक ही विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की राजनीति करते हैं। दो बार जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुके मनोज विधानसभा चुनाव में भी टिकट के प्रबल दावेदार है। कांग्रेस नेताओं ने साधी चुप्पी। कांग्रेस पार्टी की सतना विधायक के अपनी ही पार्टी के नेता पर लगाये गए छेड़छाड़ के आरोप पर कांग्रेस के नेताओं ने चुप्पी साध रखी है। महिला अपराधों पर बड़े बड़े बयान देने वाले कांग्रेसी नेता इस मामले पर कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं। जबकी भाजपा इस मामले को लेकर हमलावर है। कांग्रेस पार्टी का चरित्र सबके सामने आया:-भाजपा रैगांव विधायक के साथ अभद्रता पर भाजपा के सतना जिला मीडिया प्रभारी कामता पांडेय ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी का चरित्र सबके सामने आ चुका है। जिस पार्टी के नेता अपनी ही महिला विधायक का सम्मान न करते हों, उनसे महिला सम्मान की उम्मीद रखना बेमानी है। बात-बात पर प्रदेश सरकार को कोसने वाले कांग्रेस के नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह अब इस पर क्या कहेंगे? भाजपा प्रवक्ता आशीष अग्रवाल ने ट्वीट कर कसा तंज ये हैं कांग्रेस की विधायक कल्पना वर्मा जिनको कांग्रेस नेता मनोज बागरी बबलू द्वारा की गई अभद्रता, गुंडागर्दी से परेशान होकर FIR कराने थाने जाने पड़ा…. धिक्कार है ऐसे कांग्रेसी नेताओं पर जो महिलाओं का अपमान करते हैं, अभद्रता करते हैं और शर्म के मारे चुल्लू भर पानी में डूब जाना चाहिए उन कांग्रेसी नेताओं को जो महिला हितैषी बनने का पाखंड करते हैं। इस घटना पर मौन साधकर कन्नी काटने से कुछ नहीं होगा कमलनाथ जी, आप बताएं कि महिला के साथ अभद्रता, गुंडागर्दी करने वाले इस कांग्रेसी नेता के खिलाफ कांग्रेस पार्टी क्या एक्शन लेगी? खैर कांग्रेसियों से कार्रवाई की उम्मीद ही करना बेमानी है क्योंकि इनके नेता कमलनाथ जी महिला को ‘आइटम’ और दिग्विजय सिंह जी ‘टंचमाल’ कहकर अपनी कुत्सित मानसिकता का परिचय दे ही चुके हैं। वैसे अब देखना होगा कि प्रियंका गांधी का ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ वाला नारा, महिला से गुंडागर्दी करने वाले इस कांग्रेसी नेता के खिलाफ कब बुलंद होगा!
कटनी, नगर निगम में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को समर्थन देने के लिए नगर निगम के सामने धरना स्थल में वरिष्ठ पार्षद मिथलेश जैन एडवोकेट, पूर्व महापौर व पार्षद राजकुमारी जैन एडवोकेट, पूर्व पार्षद मनोज गुप्ता एडवोकेट, पूर्व पार्षद कमलेश चौधरी, पूर्व पार्षद इश्तियाक अहमद, कांग्रेस नेता रोहित द्विवेदी ने सफाई मित्रों को संबोधित किया और सभी सफाई मित्रों को आश्वासन दिलाया कि आपके अधिकार की लड़ाई में पूरी कांग्रेस पार्टी आपके साथ है
दिल्ली, एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर निर्वाचन आयोग ने कहा है कि यह अभी नहीं हो सकता है, इसके लिए समय चाहिए। दरअसल चुनाव आयोग ने विधि आयोग से कहा है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने में कुछ समय लगेगा। विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रितु राज अवस्थी ने बताया कि चुनाव आयोग ने कानून पैनल के साथ परामर्श के दौरान 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के कार्यान्वयन पर कोई टिप्पणी नहीं की। न्यायमूर्ति अवस्थी ने कहा, “चुनाव आयोग ने एक साथ चुनाव के कार्यान्वयन के लिए कोई विशिष्ट समयसीमा नहीं दी है। आयोग एक साथ चुनावों पर एक रिपोर्ट पर चुनाव निकाय, सरकारी विभागों और अन्य हितधारकों के साथ परामर्श कर रहा है। इस बीच, पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ समिति ने 23 सितंबर को अपनी पहली बैठक की और एक साथ चुनाव के विचार पर हितधारकों और राजनीतिक दलों से सुझाव लेने का फैसला किया है।
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने जबसे मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी की है। तब से कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टीयों में उथलपुथल मची हुई है। 39 उम्मीदवारों की दूसरी सूची में इंदौर-1 से मैदान में उतारे गए भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय एक वीडियो में यह कहते नजर आए कि में चुनाव का टिकट मिलने से खुश नहीं हुँ और मेरी चुनाव लड़ने की कोई इच्छा नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने तो खुद को बड़ा नेता घोषित करते हुए यहां तक बोल दिया कि अब जनता के हाँथ कौन जोड़े। इस बात को बोलते हुए नेताजी यह भी भूल गए कि इसी विधानसभा क्षेत्र की जनता ने आपको कैलाश विजयवर्गीय से कैलाश जी बनाया है उसी जनता जनार्दन के हाँथ जोड़ने में परहेज? इस बात को लेकर इंदौर ही नहीं पूरे प्रदेश में चर्चाओं का बाजार गर्म है। चर्चा है कि कैलाश विजयवर्गीय राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद पद के नशे में चूर होकर अपने आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बराबर का नेता समझने लगे हैं। वहीं चर्चा तो यह भी है की भाजपा में एक परिवार में एक ही टिकट काकी नीति है। जिसके चलते कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र और इंदौर-3 से विधायक आकाश विजयवर्गीय का टिकट खतरे में पड़ गया है और इसीलिए पुत्र मोह के चलते नेताजी चुनाव लड़ने से नाखुश होने की बात कहते हुए नजर आ रहे हैं। इंदौर -1 सीट से टिकट फाइनल होने के बाद भगवान गणेश जी के दरबार में पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने एक वीडियो में वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए खुलेआम टिकट मिलने पर खुश नहीं होने और मन से चुनाव लड़ने की इच्छा न होने की घोषणा कर सभी को हैरत में डाल दिया। कैलाश विजयवर्गीय ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी ने मुझे टिकट दिया है, लेकिन ईमानदारी से कहूं तो मैं अंदर से खुश नहीं हूं क्योंकि मैं चुनाव नहीं लड़ना चाहता, एक फीसदी भी नहीं। कैलाश विजयवर्गीय के बिगड़े बोल कह दी बडी बात। चुनावी मैदान में उतारे जाने से परेशान भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने बड़े बोल बोलते हुए यहां तक कह दिया कि एक माइंडसेट होता है न चुनाव लड़ने का। मेरी तो चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं थी। अब हम बड़े नेता हो गए हैं। अब हाथ-वाथ जोड़ने कहां जाएंगे। सोचा था कि अपने को तो जाना है। भाषण देना और निकल जाना है – भाषण देना और निकल जाना है। हमने तो प्लान ये बनाया था कि रोज आठ सभा करनी हैं। पांच हेलीकॉप्टर से और तीन कार से, ये सब प्लान भी बन गया था। अंदाजा नहीं था कि पार्टी मुझे टिकट देगी। कैलाश विजयवर्गीय आगे कहा कि मैं चुनाव नहीं लड़ना चाहता था लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने परसों मुझे कुछ दिशा-निर्देश दिए। जिससे मैं असमंजस में था और एलान होने के बाद मैं हैरान रह गया, पर आप जो सोचते हो वो होता कहां है। भगवान की जो इच्छा होती है वही होता है। भगवान की इच्छा थी कि मैं फिर से उम्मीदवार बनूं, जनता के बीच जाऊं लेकिन मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि मैं उम्मीदवार हूं, सच कह रहा हूं। हालांकि इससे पहले उन्होंने ये भी कहा था कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे चुनावी राजनीति में भाग लेने का अवसर मिला और मैं पार्टी की अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करूंगा। पुत्र मोह के चलते छोड़ी सीट ताकि बेटा बने विधायक 2018 के चुनाव तक इंदौर से कैलाश विजयवर्गीय विधायक थे। 2018 के चुनाव में कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र आकाश विजयवर्गीय भी चुनाव लड़ना चाहते थे। उस समय सीएम शिवराज सिंह चौहान ने टिकट बंटवारे को लेकर ये साफ कर दिया था कि एक परिवार में एक से अधिक टिकट नहीं दिए जाएंगे। उस समय पुत्र मोह में फंसे कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बेटे आकाश को विधायक बनाने के लिए अपनी विधायकी कुर्बान कर खुद को चुनाव मैदान से दूर कर लिया और बेटे आकाश विजयवर्गीय को बीजेपी के टिकट पर इंदौर-3 विधानसभा सीट से मैदान में उतार दिया। बेटे को विधायक बनाने की चाहत में कैलाश विजयवर्गीय इंदौर-3 सीट की सीमा के बाहर बहुत कम ही प्रचार करते नजर आए थे।
ग्वालियर। मध्य प्रदेश की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने जिस तरह से दिग्गज नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों को विधानसभा चुनाव में अपने ही लोकसभा क्षेत्रों की विधानसभा सीटों से मैदान में उतारा है। जबकि इनमें से एक भी विधानसभा चुनाव लड़ने के मूड में नजर नहीं आ रहे थे। इन दिग्गज नेताओं के नाम सामने आने के बाद से राजनीतिक गलियारों में हंगामा मचा हुआ है। भाजपा के इस फैसले को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। हर तरफ चर्चा है कि सत्ताधारी पार्टी को विधानसभा चुनाव में बड़े नेताओं को मैदान में उतारने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या पार्टी को 2018 के चुनाव परिणाम को दृष्टिगत रखते हुए हार का डर सता रहा है? जिसके चलते पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती या फिर भाजपा मुख्यमंत्री पद के लिए नए चेहरे को लेकर कोई कोई बड़ा दाव खेल रही है। खबर तो यह भी है कि भाजपा की अगली लिस्ट में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कुछ और भी दिग्गजों को मैदान में उतारा जा सकता है। इसका खुलासा भी बहुत जल्द ही चौथी लिस्ट आने के बाद हो जायेगा। मध्य प्रदेश के चुनावों की रणभेरी बजने से पहले ही भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के अलावा नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल और फग्गनसिंह कुलस्ते के तौर पर तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ ही जबलपुर के सांसद राकेश सिंह, सतना के सांसद गणेश सिंह, सीधी की सांसद रीति पाठक और नर्मदापुरम के सांसद उदय प्रताप सिंह को प्रत्याशी बनाया है। खबर है कि इनमें से एक भी दिग्गज नेता विधानसभा चुनाव लड़ना नहीं चाहते थे लेकिन भविष्य की राजनीति परिस्थितियों के बारे में विचार करते हुए पार्टी के निर्णय का विरोध नहीं कर पा रहे हैं। जबकि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय तो खुलेआम कह भी चुके हैं कि टिकट मिलने से मेरा दिल खुश नहीं है। में चुनाव नहीं लड़ना चाहता था। अब सवाल ये उठता है कि टिकट के दावेदारों की लंबी कतार के बाबजूद ऐसी कौन सी मजबूरी है कि पार्टी को उन नेताओं को चुनाव मैदान में उतारना पड़ा जो लड़ने के लिए तैयार नहीं थे या लड़ना नहीं चाहते? मुख्यमंत्री पद के चार चेहरे। मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कुर्सी पर भी खतरा मंडराता हुआ नजर आ रहा है। यहां खबर यह भी है कि मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदारों के तौर पर केंद्रीय मंत्री, नरेंद्र सिंह तोमर और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के नाम बहुत पहले से चर्चाओं में शामिल रहे हैं। इसके अलावा नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारे गए सांसद एवं केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल और नवास विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते भी आदिवासी चेहरे के तौर पर मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं। सिंधिया भी लड़ सकते हैं चुनाव। भाजपा ने अब तक तीन सूची जारी की है। जिनमे कुल 79 उम्मीदवारों के नाम हैं। जिनमें केंद्रीय मंत्रियों सहित अन्य दिग्गज नेताओं के नाम सामने आने के बाद चौथी सूची को लेकर भी अटकलें लग रही हैं। प्रबल संभावना है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी विधानसभा चुनाव के अखाड़े में उतारा जा सकता है। इसके अलावा गुना से सांसद केपी यादव और झाबुआ-रतलाम सांसद गुमान सिंह डामोर, समेत कुछ और सांसदों को भी विधानसभा चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। शिवराज की बदल सकती है सीट। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सीहोर के बजाय उनकी कर्मस्थली एवं संसदीय सीट रहे विदिशा से विधानसभा चुनाव लड़ाने की चर्चा जोरों पर है। इस सीट पर 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के मुकेश टंडन को हराकर कांग्रेस के शशांक भार्गव ने कब्जा जमा लिया था। यह सीट भाजपा के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कटनी। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा वैसे-वैसे चुनावी हलचल तेज होती जा रही है आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है ऐसे में कांग्रेस भला पीछे कैसे रह सकती है इसी क्रम में जिला कांग्रेस कमेटी शहर ने प्रदेश सरकार का बहिष्कार करते हुए जन आक्रोश यात्रा रैली निकाली। जिसमें एकजुटता के साथ वरिष्ठ जन एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस के नेतृत्व में निकाली गई जन आक्रोश यात्रा के दौरान आमजन का आक्रोश भी प्रदेश सरकार के खिलाफ देखने को मिला। जन आक्रोश यात्रा के दौरान उमडे जन सैलाब को देखकर प्रदेश में परिवर्तन की लहर का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदेश सरकार की नाकामियों को उजागर करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हवाला दिया कि सरकार लगातार कर्ज लेकर लोक लुभावन योजनाएं बना रही है। ताकि उसका वोट बैंक बढ जाए।सरकार को इस बात की कोई फ़िक्र नही है कि उसके कर्ज से आम आदमी की कमर टूट रही है। जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष विक्रम खम्परिया ने सरकार को घेरते हुए कहा कि शहडोल में मोदी जी ने कहा था कि जिस भी राज्य में 100 रुपए से ज्यादा कीमत में पेट्रोल मिल रहा है, वहां की सरकार जन विरोधी है। ऐसे में मौजूदा सरकार ने साबित कर दिया है कि वो जनता के साथ न्याय नही बल्कि लूट कर रही है। बेहिसाब बिजली बिलों को देख कर जनता कराह रही है और प्रदेश सरकार महज चुनाव जीतने के लिए कर्ज पर कर्ज लेकर जनता से वसूली कर ब्याज भर रही है। जन आक्रोश यात्रा कटनी रेलवे स्टेशन से प्रारंभ स्टेशन स्थित मेन रोड़ से दक्षिणमुखी हनुमान जी, सुभाष चौक, झंडा बाजार मार्केट, सराफा बाजार, छोटी मढिया, श्री जैन मंदिर, गांधीद्वार होते हुए अहिंसा चौक में संपन्न हुई। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने कहा कि कटनी में भी कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी है। खुल्लेआम दिन दहाड़े दुकानों को लूटा जा रहा है। और पुलिस महज खाना पूर्ति करके सरकार और जनता के आंखों में धूल झोंक रही है। उन्होंने कमलनाथ सरकार के कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि मिलावट के खिलाफ़ जो काम कांग्रेस के कार्यकाल में हुआ है उसे जनता भूली नही है। यात्रा में शामिल जिला कांग्रेस प्रभारी रमेश चौधरी ने भी भाजपा सरकार को आड़ेहांथों लेते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। श्री चौधरी ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भर्ती परीक्षाओं के लिए कुख्यात हो चुका है। व्यापम भर्ती घोटाले से हुई शुरुआत अब तक जारी है। क्या आपको अपने ही राज्य की कोई खबर नहीं मध्यप्रदेश देश का इकलौता राज्य है जहाँ पटवारी से लेकर मुख्यमंत्री तक की कुर्सी सौदे से हथियाई जा रही है। ये आपके लिए शर्म का विषय है या अभिमान का ? मध्यप्रदेश के 7 विभिन्न संगठनो, ठेकेदारों, डाक्टरों, बीजेपी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पत्र लिखकर बताया की मध्यप्रदेश में 50% कमीशन दिये बिना कोई काम नहीं होता। जन आक्रोश यात्रा में भारी संख्या में आम जनता के साथ सभी कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे
भोपाल, भाजपा मध्यप्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की तृतीय सूची भी घोषित कर दी है इस सूची में सिंगल नाम है।हाल ही में भाजपा में सम्मिलित हुई मोनिका बट्टी को छिंदवाड़ा की अमरवाड़ा विस से प्रत्याशी बनाया गया है मोनिका गोंडवाना के पूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्टी की बेटी है।
बुरहानपुर। लोकतंत्र के पवित्र मंदिर में भाजपा सांसद रमेश बिघुड़ी द्वारा सांसद दानिश अली के विरुद्ध की गई अपमानजनक टिप्पणी पर पूरे देश और देश में उनकी निंदा की जा रही है। इस क्रम में बुरहानपुर में सर्व भारतीय समाज एवं राजनीतिक दलों के युवाओं द्वारा बीजेपी सांसद रमेश विधूड़ी का पुतला जयस्तंभ पर गत दिवस पर फूंका गया। गौर तलब है की बीते दिन संसद में बीजेपी सांसद रमेश विधूड़ी द्वारा बीएसपी सांसद कुंवर दानिश अली को संसद में अमर्यादित टिप्पणी की थी जिससे सर्व भारतीय समाज सामान्य रुप से और मुस्लिम समाज खासतौर से आहत है। उज़ैर नक्काश अंसारी और उबैदुल्ला ने कहा कि ऐसी मानसिकता सिर्फ और सिर्फ बीजेपी के आने से हो रही है। अगर इनकी संसद सदस्यता रद्द नही की गई तो आगे इसका नुकसान सर्व भारतीय समाज को होगा। हम मांग करते है की जल्द से जल्द इस बेतुके बयान, वो भी जो लोकतंत्र के पवित्र मंदिर में दिया गया, इसपर कड़ी कारवाही की जाए। इस मौके पर उबैदुल्ला, नज़ीर अंसारी, सैय्यद इसहाक अली,मोहम्मद उजैर अंसारी सोहराब कुरैशी, वसीम शैख, नौशाद अली अंसारी, समीर अहमद बागवान, डॉक्टर फैसल, तनवीर रज़ा बरकाती, सय्यद नबील अली,अंजुम अंसारी, उजैर अली,संदीप जाधव, एडवोकेट निखिल खंडेलवाल, बाबा मीर, नफीस अहमद, रईस अहमद, और सर्व भारतीय समाज के युवा साथी उपस्थित थे।
भोपाल, कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई।, पटवारियों को एग्रीस्टेक सर्वे भत्ता दिए जाने का निर्णय आज की कैबिनेट द्वारा लिया गया। जिसके तहत एग्रीस्टेक भत्ता हर महीने 3 हजार रुपए अतरिक्त हल्के का भत्ता में 500 रुपए की बढ़ोत्तरी की गई है और 500 रुपए के स्थान पर 1000 रुपए की गई है। कुल मिलाकर 4000 रुपए अतिरिक्त भत्ता बढ़ाने का निर्णय आज की बैठक में लिया गया है।
इन प्रस्तावों पर लगी मुहर – Shivraj Cabinet Big Decision – पत्रकार सम्मान निधि 10000 से बढ़कर 20000 करने को कैबिनेट की स्वीकृति मिली। – आर्थिक सहायता 20000 से 40000 को भी मिली स्वीकृति। – मुख्यमंत्री श्री चौहान अगले सप्ताह में मीडिया सेंटर का भूमि पूजन करेंगे। – जिला मउगंज में नई तहसील बनेगी देवतालाब। – पोरसा बनेगा नया अनुभाग। – पिछोर बनेगी नई तहसील। – कॉलेज के अतिथि विद्वानों को मिलेंगे ₹50,000 महीना। – राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को पंचम वेतनमान मिलेगा। – कोटवारों का मासिक पारिश्रमिक और ₹500 बढ़ेगा। – पटवारी को अतिरिक्त ₹4000 मिलेंगे। – संबल खिलाड़ी योजना शुरू होगी। – अब मध्य प्रदेश के प्रत्येक गांव में नल से जल पहुंचेगा , शेष बचे गांवों के लिए भी कैबिनेट ने दी मंजूरी। – इंदौर में इंफोसिस से 50 एकड़ जमीन वापस लेगी सरकार।
भोपाल। मध्य प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने भाजपा प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी। इस लिस्ट में मुरैना से सांसद एवं केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, नरसिंहपुर से केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल, निवास विधानसभा क्षेत्र से केंद्रीय मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते, इंदौर से कैलाश विजयवर्गीय और सीधी से रीती पाठक जैसे तमाम दिग्गज नेताओं को मैदान में उतारा गया है। इस लिस्ट को जारी करने से पहले भोपाल से लेकर दिल्ली तक बैठकें कर गहन चिंतन-मनन किया गया है तब जाकर 39 प्रत्याशियों के नामों पर मोहर लगी। इस लिस्ट में केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को उनके ही लोकसभा क्षेत्र की हॉट सीट दिमनी विधानसभा से मैदान में उतारा गया है। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस ने विजय प्राप्त की थी। जिसके बाद 2020 के उपचुनाव में भी ये सीट कांग्रेस के खाते में ही रही। वर्तमान में दिमनी विधानसभा से कांग्रेस पार्टी के रविन्द्र सिंह तोमर भिड़ोसा विधायक हैं। यह सीट राजपूत (क्षत्रीय) समाज बाहुल्य है और राजपूत समाज का वोट ही यहां निर्णायक माना जाता है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और वर्तमान कांग्रेस विधायक रविन्द्र सिंह तोमर दोनों एक ही (राजपूत) समाज से हैं। इतना ही नहीं इस बार आम आदमी पार्टी से इसी समाज के सुरेंद्र सिंह तोमर भी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। जिसके चलते अब यहां चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है।
छतरपुर विधानसभा चुनाव में जरूर लडूंगी. मगर जगह और पार्टी समय आने पर बताऊंगी – अर्चना सिंह विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को झटके लग रहे हैं. छतरपुर से बड़ा झटका लगने की सम्भावना भी बन रही है. पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं भाजपा नेता अर्चना सिंह ने बगावत कर दिया है. उन्होंने पार्टी के खिलाफ बड़ा बयान देते हुए कहा कि 2023 का विधानसभा चुनाव में जरूर लडूंगी. मगर जगह और पार्टी समय आने पर बताऊंगी.
छतरपुर, भाजपा प्रत्याशी ने विधानसभा का नहीं बल्कि अपना विकास किया है – आलोक चतुर्वेदी कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा के दौरान विधायक आलोक चतुर्वेदी ने कहा भाजपा प्रत्याशी ने विधानसभा का नहीं बल्कि अपना विकास किया है, पहले क्या थी और अब क्या है यह किसी से छिपा नहीं है, भाजपा प्रत्याशी के लिए बोले छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी