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सीएम शिवराज की हुई किरकिरी, पत्नी पर कविता चोरी करने का आरोप

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी पर कविता चोरी करने का आरोप लगा है। एक लड़की ने दावा किया है कि उसने अपने डैडी की याद में इस कविता को लिखा था और 21 नवंबर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया था। साधना सिंह ने इस कविता को कॉपी किया। डैडी शब्द की जगह बाबूजी किया और पोस्ट कर दिया। बाद में शिवराज ने इसे शेयर करते हुए साधना सिंह की लिखी कविता बताया। सीएम ने लिखा था कि उनकी पत्नी साधना ने कविता अपने पिता के लिए लिखी है, जिनकी कुछ दिनों पहले ही मौत हो गई थी। भूमिका ने कविता के शब्दों में हेरफेर पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने लिखा है कि वे अपने पिता को डैडी कहती थी, लेकिन सोशल मीडिया इसे कुछ लोग बाबूजी, बाऊजी या पापा जैसे शब्दों के साथ शेयर कर रहे हैं। उन्होंने अपील की है कि कविता के शब्द बेहद व्यक्तिगत हैं और इससे उनकी भावनाएं जुड़ी हैं। इसे तोड़-मरोड़कर कविता के साथ अन्याय न करें। कांग्रेस ने कहा- भाजपा नाम बदलने में माहिर इस विवाद पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि भाजपा नाम बदलने में माहिर है। अब तो शिवराज दूसरों की लिखी कविता को अपनी धर्म पत्नी की लिखी हुई बता रहे हैं। 18 नवंबर को सीएम शिवराज के ससुर का निधन हो गया था 18 नवंबर की देर रात मुख्यमंत्री के ससुर घनश्यामदास मसानी का निधन हो गया था। 88 साल के मसानी भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। उस समय सीएम अपनी पत्नी और दोनों बेटों के साथ तिरुपति बालाजी के दर्शन के लिए गए थे। खबर मिलते ही शिवराज अपनी यात्रा बीच में छोड़कर लौट आए थे

MP : प्रोटेम स्पीकर ने कहा- ईदगाह हिल्स गुरुनानक के नाम पर होना चाहिए

भोपाल। मध्यप्रदेश के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा के भोपाल के ईदगाह हिल्स का नाम बदलने वाले बयान को कांग्रेस ने आड़े हाथ लिया है। शर्मा ने प्रकाश पर्व के दौरान कहा कि यह भोपाल का सौभाग्य है कि 500 साल पहले गुरुनानक भोपाल आए थे। वे भारत भ्रमण के दौरान राजधानी में रुके थे। यह राजा भोज की नगरी का सौभाग्य है। यहां उनके चरण पड़े। कोई बताए कि 500 साल पहले यहां किसका मकान था। पहले तो यह गुरुनानक टेकरी थी। वही नाम होना चाहिए। ईदगाह तो बाद में बनी। सत्य को स्वीकार करो। इसके बाद कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे सामाजिक ताने-बाने को ध्वस्त करने की बात कही।

सिंधिया को करना पड़ा सीएम शिवराज का 40 मिनट इंतजार, सिर्फ 10 मिनट ही हुई मुलाक़ात

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद ज्याेतिरादित्य सिंधिया के बीच हुई मुलाकात महज 10 मिनट में खत्म हो गई। इससे पहले सिंधिया को सीएम हाउस में शिवराज का करीब 40 मिनट इंतजार करना पड़ा। दरअसल, शिवराज सुबह गोंदिया गए थे। वे तय कार्यक्रम से करीब आधा घंटा लेट दोपहर 2:30 बजे भोपाल पहुंचे। सिंधिया से मुलाकात के तत्काल बाद मुख्यमंत्री ने शहडोल में नवजातों की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ बैठक की। इसके बाद शाम 4 बजे दोनों नेता ओरछा रवाना हो गए हैं। जहां वे केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल की पुत्री के विवाह समारोह में शामिल होंगे। शिवराज और सिंधिया आज ही देर शाम दिल्ली रवाना हो जाएंगे। मुख्यमंत्री मंगलवार को सुबह 10:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच निगम-मंडलों में नियुक्ति को लेकर बातचीत हुई है। हालांकि जानकारों का कहना है कि अभी मंत्रिमंडल विस्तार में समय लग सकता है। लेकिन जब भी मंत्रिमंडल विस्तार होगा सिंधिया खेमे के विधायक तुलसी सिलावट और गोविंदसिंह राजपूत को पहले मंत्री बनाया जाएगा। उपचुनाव के परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा था कि मंत्रिमंडल विस्तार की कोई जल्दी नहीं है। इसके बाद सिंधिया ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर सहमति जताई थी। दरअसल, मंत्रिमंडल के विस्तार से पहले भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा होने की उम्मीद है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने अपनी टीम का चयन कर लिया है। इससे पहले शर्मा की दिल्ली में सिंधिया के साथ बैठक हो चुकी है। इससे पहले मुख्यमंत्री और प्रदेश संगठन मंत्री सुहास भगत के साथ उन्होंने कार्यसमिति को लेकर मंथन किया था। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की जानकारी मोदी को देंगे सीएम मुख्यमंत्री मंगलवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश योजना के तैयार किए जा रहे रोडमैप की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के अलावा मप्र में कोरोना की मौजूदा स्थिति और इससे निपटने के लिए तैयारियों से भी प्रधानमंत्री को अवगत कराएंगे। मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री केंद्र से मिलने वाली लंबित राशि राज्य को देने का प्रधानमंत्री से अनुरोध कर सकते हैं।

क्या मार ही डालोगे सरकार…. मध्य प्रदेश में पेट्रोल के दाम 90 रुपये प्रति लीटर के पार

भोपाल. मध्य प्रदेश (MP) में पेट्रोल और डीजल के दाम (Petrol-Diesel Price hike) में आग लग गई है. राजधानी भोपाल सहित चारों प्रमुख महानगरों में पेट्रोल 90 रुपये प्रति लीटर का आंकड़ा पार कर गया है. ऐसा पहली बार हुआ है जब पेट्रोल के दाम ₹90 प्रति लीटर से भी ज्यादा हुए हैं. वहीं डीजल जी ₹81 प्रति लीटर के करीब पहुंच गया है. पेट्रोल और डीजल के दाम में हुई इस बढ़ोतरी से आम जनता काफी परेशान है. लोगों का कहना है कि सरकार को जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर रेट कम करना चाहिए. इस वक्त मध्य प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर सबसे ज्यादा टैक्स वसूला जा रहा है. यही वजह है कि इनके दाम भी आसमान छू रहे हैं. पेट्रोल और डीजल के दाम में हुई बढ़ोतरी के बाद विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस की मांग है कि सरकार को आम लोगों को राहत देने के लिए टैक्स कम करना चाहिए. टैक्स की मार मध्यप्रदेश में पेट्रोल और डीजल के दाम सबसे ज्यादा होने के पीछे वजह सबसे ज्यादा टैक्स है. यहां पर प्रदेश सरकार वेट के जरिए पेट्रोल डीजल पर मुनाफा कमा रही है.पहले जहां पेट्रोल पर कुल टैक्स 30% था जो अब 39% हो गया है. वहीं डीजल पर टैक्स 20% था जो अब 27% हो गया है. ज्यादा टैक्स की वजह से सरकार को 341 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई का अनुमान लगाया जा रहा है. 4 महानगरों में रेट भोपाल पेट्रोल – 90.15 रुपये/लीटर डीजल – 80.23 रुपये/लीटर जबलपुर पेट्रोल – 90.15 रुपये/लीटर डीज़ल 80.23 रुपय/ लीटर इंदौर पेट्रोल 90.16 रुपए/ लीटर डीजल – 80.23 रुपए / लीटर ग्वालियर पेट्रोल 90.02 रुपए /लीटर डीजल 80.09 रुपए/ लीटर

MP : 40 रु पेट्रोल के दाम पर सड़क पर उतरने वाले भाजपाई आज 90 रु होने पर चुप क्यों?

जबलपुर। कीमत बढ़ने से एक ओर जहां लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी नजर आई तो वहीं दूसरी ओर अब राजनीतिक नेता भी कीमत बढ़ने से सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने दाम बढ़ने पर बीजेपी नेताओं को घेरा है। विवेक तन्खा ने कहा कि यूपीए शासनकाल में पेट्रोल के दाम पर हायतौबा मचाने वाले आज कहां गए? तब 40 रु पेट्रोल के दाम पर सड़क पर उतरने वाले भाजपाई आज 90 रु दाम पर चुप क्यों? पेट्रोल-डीज़ल आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गया। भाजपा अमेरिका की तरह भारत को फ्री इकोनॉमी की तरफ ले जाना चाहती है। 80 फीसदी गरीबों को देश में महंगाई के बोझ से नहीं लादा जा सकता। पीएम मोदी इसे लेकर सोचे। किसान आंदोलन को लेकर सांसद तन्खा ने कहा कि देश के मेहनती किसानों को खालिस्तानी बताया जा रहा है। क्या सिर्फ भाजपाई ही हिंदुस्तानी है। आगे कहा कि बीजेपी अपने मुंह मियां मिट्ठू बन रही है। जब किसान खुश नहीं तो कैसे कृषि कानून किसान हितैषी हुआ। किसान हितैषी था कानून तो क्यों आनन-फानन में लागू किया गया। नया कानून सरकार की किसान विरोधी कवायद थी। देश की GDP संभाल रहे कृषि क्षेत्र को परेशान करना बुद्धिमानी नहीं। पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह इस विषय को गंभीरता से लें।

MP : अपराधियों पर सीएम शिवराज सख्त, कहा- अपराधियों को दफन करना है

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को भोपाल में आपात बैठक बुलाई। इसमें शिवराज ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में गुंडों बदमाशों और रसूखदारों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में डीजीपी से लेकर प्रमुख सचिव और भोपाल डीआईजी, नगर निगम कमिश्नर और कलेक्टर को तलब किया गया गया था। शिवराज ने कहा कि मध्यप्रदेश में गुंडों बदमाशों और अपराधियों को दफन करना है। इनके खिलाफ दंड ही एकमात्र उपाय है। उनके खिलाफ कार्रवाई चलती रहना चाहिए। एक तो सीधे सुशासन का कार्य करना है। जहां गड़बड़ी की संभावना हो, वहां बिना देरी समय पर कार्रवाई हो। उदाहरण बनना चाहिए। भोपाल को मॉडल बनाना है। यहां मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी तक हैं। मध्यप्रदेश का मॉडल भोपाल कैसे बने, आप बैठकर सभी चीजों पर नए सिरे से विचार करें। 10 से 15 दिन में रूप रेखा बनाकर विकास के लिए प्लान तैयार करें। प्रशासन, सुशासन, सुविधाओं और विकास पर काम करना है। मेट्रो के कार्य में तेजी लाना है। धीमी गति से काम नहीं चलेगा। अगर बाधा है, तो उसे दूर करने के उपाय करें। अगर दिक्कत है, तो तत्काल सीएमओ को सूचना दें। हम इसे दूर करेंगे। इससे पहले सीएम ने ईरानी डेरे के बाहर हुई कार्रवाई की जानकारी भी ली। उन्होंने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाने के लिए कहा। इसके अलावा, सीएम ने कोरोना को लेकर अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को अतिक्रमण और कोरोना से निपटने के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक के बाद शिवराज सिंह शाहगंज रवाना हो गए। सीएम 7 दिसंबर को वीसी करेंगे मुख्यमंत्री चौहान 7 दिसंबर को कलेक्टरों और संभागायुक्तों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात करेंगे। इसमें शिवराज 13 नवंबर 2020 को आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में दिए गए निर्देशों का पालन प्रतिवेदन लेंगे। साथ ही आयुष्मान भारत कार्यक्रम-निरामयम मध्यप्रदेश योजना, मिलावट से मुक्ति अभियान, खरीफ-2020 उपार्जन एवं रबी-2020-21 हेतु यूरिया/खाद उपलब्धता, आबादी सर्वे की समीक्षा करेंगे।

MP : फिल्म विद्या बालन ने वन मंत्री विजय शाह की डिनर की पेशकश ठुकराई फिर …

भोपाल। मध्यप्रदेश के वन मंत्री विजय शाह की डिनर की पेशकश ठुकराने से एक्ट्रेस विद्या बालन के सामने एक मुश्किल खड़ी हो गई। अगले ही दिन DFO ने शूटिंग यूनिट की गाड़ी रोक दी। हालांकि, बात ऊपर तक पहुंची तो सब ठीक हो गया। विद्या फिल्म शेरनी की शूटिंग के सिलसिले में बालाघाट आई थीं। विद्या बालन की फिल्म शेरनी की शूटिंग बालाघाट में चल रही थी। इसके लिए 20 अक्टूबर से 21 नवंबर तक की मंजूरी ली गई थी। इसी बीच शाह ने विद्या से मिलने की इच्छा बताई। 8 नवंबर को सुबह 11 से 12 बजे तक का समय तय हुआ। इसके बाद शाम चार बजे वन मंत्री को महाराष्ट्र के ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व जाना था। वहीं उन्हें रात रुकना था, लेकिन वे भरवेली खदान के रेस्ट हाउस में रुक गए। शाम पांच बजे वे विद्या से मिलने पहुंचे और मुलाकात के बाद डिनर की इच्छा जताई। चूंकि विद्या बालन महाराष्ट्र के गोंदिया में रुकी हुई थीं, लिहाजा उन्होंने डिनर के लिए मना कर दिया। इसका असर यह हुआ कि दूसरे दिन जब फिल्म से जुड़े लोग रोज की तरह वहां पहुंचे तो साउथ DFO जीके बरकड़े ने प्रोडक्शन यूनिट की गाड़ियां रोक दीं। अचानक वन विभाग के इस रुख की जानकारी बड़े अफसरों तक पहुंची तो तुरंत DFO को निर्देश दिया गया। तब शूटिंग शुरू हो सकी। प्रिंसिपल सेक्रेटरी के फोन के बाद शुरू हो पाई शूटिंग इस बारे में चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (CCF)नरेंद्र कुमार सनोडिया ने बताया कि मुलाकात के समय वे खुद मंत्रीजी के साथ थे। CCF ने कहा कि उन्हें डिनर की पेशकश के बारे में जानकारी नहीं है। दूसरे दिन DFO ने कुछ गाड़ियां जरूर रोकी थीं। इस पर PS ने फोन करके DFO को कहा कि प्रदेश में फिल्म की शूटिंग कम ही होती है। ऐसे काम रोकोगे तो प्रदेश की बदनामी होगी। इसके बाद शूटिंग शुरू हो गई। गाड़ियां जनरेटर की वजह से रोकी गई थीं: मंत्री शाह उधर, वन मंत्री शाह ने कहा कि डिनर का इंतजाम जिला प्रशासन ने किया था। गाड़ियां इसलिए रोकी गईं, क्योंक शूटिंग के दौरान जंगल में दो जनरेटर जाते थे, लेकिन उस दिन उन्होंने जनरेटर वाली कई गाड़ियां जंगल में ले जाने की कोशिश की जिसे DFO ने रोक दिया था।

कोलकाता में भाजपा-पुलिस में झड़प भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया

कोलकाता : कोलकाता में गुरुवार को भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया है। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। भाजपा कार्यकर्ता माझेरहाट ब्रिज को शुरू करने में हो रही देरी को लेकर विरोध कर रहे थे। वे कंस्ट्रक्शन साइट की तरफ बढ़ रहे थे, इस बीच पुलिस ने उन्हें रोका तो झड़प हो गई। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया था, इसलिए हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। कैलाश विजयवर्गीय भी प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे माझेरहाट ब्रिज का एक हिस्सा 4 सितंबर 2018 को गिर गया था। हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई थी। उसके बाद ब्रिज को गिराकर नए सिरे से काम शुरू किया गया था। ब्रिज अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है। ब्रिज के काम में देरी होने पर भाजपा विरोध कर रही है। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक गुरुवार के प्रदर्शन में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल होने वाले थे, लेकिन पुलिस ने पहले ही भीड़ को रोक दिया।

MP : भाजपा सांसद डामोर के बेटे के विवाह समारोह एक हजार से ज़्यादा लोग, गाइडलाइन 250 की

इंदौर . इंदौर में ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में झाबुआ से सांसद डामोर के बेटे के विवाह के मौके पर आशीर्वाद समारोह में कई बड़े नेता और अन्य लोग शामिल हुए। कांग्रेस का आरोप है कि समारोह के दौरान कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं किया गया। कांग्रेस नेता ने समारोह की कुछ तस्वीरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कमलनाथ को भी ट्वीट की हैं। साथ ही कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग भी की है। बता दें कि गाइडलाइन के अनुसार विवाह समारोह में 250 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते हैं। कांग्रेस सचिव राकेश सिंह यादव ने आयोजन को लेकर सवाल किया है कि क्या भाजपा के सांसदों ने पीएम मोदी की चेतावनी को बहुत हल्के में लेना शुरू कर दिया है। या फिर भाजपा सांसद यह मानते हैं कि कोरोना संक्रमण है ही नहीं… सब नौटंकी है। हाल ही में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाई थी। अब सांसद गुमान सिंह डामोर ने वैवाहिक कार्यक्रम में एक हजार से ज़्यादा लोगों को आमंत्रित कर लिया। यादव का आरोप है कि कार्यक्रम स्थल पर बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ एक हजार से ज्यादा मेहमान मौजूद थे, जबकि अनुमति मात्र 250 लोगों की ही थी। कार्यक्रम स्थल पर एक हजार से ज्यादा प्लेटें लगाई गई थीं। उन्होंने सवाल किया है कि क्या सारे कानून सिर्फ जनता के लिए हैं.? क्या देश के पीएम की बात भाजपा के सांसद गंभीरता से नहीं लेते हैं। क्या जनप्रतिनिधि प्रदेश की जनता को यह संदेश देना चाहते हैं की कानून का मजाक उड़ाएं? यादव ने पीएम मोदी को मेल और ट्वीट के जरिए शिकायत कर सांसद पर सख्त कार्यवाही करने की मांग की है।

MP : हिंदू लड़कियों से शादी करने के मिल रहे पैसे, ‘लव जिहाद’ फंडिंग की हो जांच : मंत्री अरविंद भदौरिया

भोपाल . उत्तर प्रदेश के बाद अब मध्य प्रदेश में भी कथित लव जिहाद ((Love Jihad)) कानून की अटकलों के बीच शिवराज सरकार के मंत्री का एक बड़ा बयान सामने आया है. मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया का कहना है कि लव जिहाद और धर्मांतरण के लिए फंडिंग हो रही है. वे लोग हिंदू लड़कियों से शादी करने के लिए पैसे दे रहे हैं. गृह मंत्रालय को इस तरह की फंडिंग की पूरी जांच करनी चाहिए. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी होनी चाहिए. तो वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे मध्य प्रदेश की धरती पर किसी भी कीमत में लव जेहाद नहीं होने देंगे. सीएम चौहान एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने इस मौके पर कहा कि मेरे सामने ऐसे उदाहरण भी हैं कि शादी कर लो, पंचायत चुनाव लड़वा दो और फिर पंचायत के संसाधनों पर कब्जा कर लो. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से सावधान रहने कि जरूरत है. मैं किसी भी कीमत पर मध्य प्रदेश की धरती पर लव जेहाद को कामयाब नहीं होने दूंगा. गौरतलब है कि अभी एक दिन पहले ही उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल ने लव जेहाद को लेकर एक अध्यादेश को मंजूरी दी है. इससे कुछ दिन पहले ही मध्य प्रदेश ने यूपी सरकार से लव जेहाद अध्यादेश का ड्राफ्ट भी मांगा था. धर्म स्वातंत्र्य विधेयक लाने की तैयारी गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के आगामी विधानसभा सत्र में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक लाने की तैयारी है. प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2020 का मसौदा तैयार करने के लिए भोपाल में मंत्रालय में बैठक की. इसमें सजा का प्रावधान 5 साल से बढ़ाकर 10 साल करने पर सहमति बनी.उन्होंने कहा लव जिहाद के खिलाफ सरकार का ड्राफ्ट तैयार है. अब कैबिनेट में प्रस्ताव रखा जाएगा. इस विधेयक में सजा का प्रावधान 10 साल तक रखा जाएगा.

पश्चिम बंगाल में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली’ होंगे बीजेपी का चेहरा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में 8 माह का वक्त बाकी है, विधानसभा चुनाव के लिए सियासी जमीन अभी से तैयार होने लगी है. बीजेपी भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली पर दांव खेल सकती है. सौरव गांगुली को बंगाल में बीजेपी का चेहरा बनाया जा सकता है. काफी वक्त से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली राजनीति में आ सकते हैं. फिलहाल गांगुली बीसीसीआई अध्यक्ष हैं. सौरव गांगुली इंडियन क्रिकेट टीम के सबसे सफल कप्तानों में से एक हैं. ‘दादा’ के नाम से जाने जाने वाले पूर्व क्रिकेटर और वर्तमान BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली पश्चिम बंगाल में बहुत लोकप्रिय हैं और उन्हें पसंद करने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है. वे बंगाल में एक यूथ आइकन के तौर पर जाने जाते हैं और वहां उनकी लोकप्रियता सीएम ममता बनर्जी से कम नहीं आंकी जाती. वहीं 2019 लोकसभा चुनाव में अभूतपूर्व प्रदर्शन करके ममता बनर्जी की अगुआई वाली तृणमूल कांग्रेस को झटका देने वाली बीजेपी को भी मौजूदा वक्त में बंगाल में किसी ऐसे चेहरे की जरुरत है जो पॉपुलर्टी के मामले में ममता बनर्जी को बराबर टक्कर दे सके. ऐसे में सौरव से बेहतर फेस और कोई हो ही नहीं सकता. बीजेपी ने आम चुनावों में भी सौरव गांगुली पर दांव लगाने का प्लान बनाया था. उस समय सौरव गांगुली के बीजेपी की ओर से लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलें लगी थीं, लेकिन तब गांगुली ने खुद बयान देकर ऐसी अटकलों पर विराम लगा दिया था. अब विधानसभा चुनाव आने के बाद फिर से इन खबरों को हवा मिलने लगी है. वैसे भारतीय जनता पार्टी हमेशा चाहती थी कि सौरव गांगुली एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं, लेकिन सौरव कई दूसरी भूमिकाओं में व्यस्त रहे. बीजेपी का मानना है कि सौरव गांगुली की ओर से कोई भी भूमिका पार्टी की मदद करेगी. हालांकि, खुद गांगुली की ओर से अभी कोई बयान नहीं आया है. हालांकि मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सौरव गांगुली फिलहाल चुनाव लड़ने के मूड में नहीं है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दादा ने बीजेपी नेतृत्व को बता दिया है कि वह ना तो राजनीति में उतरना चाहते हैं और ना ही विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करेंगे. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि सौरव गांगुली ने पिछले महीने बीजेपी के सामने यह साफ कर दिया था कि वह एक्टिव पॉलिटिक्स में शामिल नहीं होना चाहते और बीसीसीआई चीफ के तौर पर अपने रोल से ही खुश हैं.

MP : विधायक का सराहनीय कदम 25 हजार कार्ड बंट चुके थे, बेटे की शादी में आने थे 50 हजार लोग, क्षमा मांग ली

भोपाल। बेटे के विवाह के 25 हजार कार्ड बंट चुके थे। सभी तैयारियों अंतिम दौर में थीं। मेहमानों के आने का सिलसिला भी शुरू हाे चुका था। गार्डन, डीजे वालों को बयाना दिया जा चुका था। 50 हजार से ज्यादा लोगों के लिए खाने का मेन्यू बन चुका था। इन सब में लाखों रुपए खर्च हो चुके थे, लेकिन ऐन-मौके पर सबकुछ निरस्त कर दिया गया। कारण बना कोरोना। शादी की प्लानिंग काे कैंसिल करने का सराहनीय कार्य किया इंदौर के क्षेत्र क्रमांक – 1 के कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने। शुक्ला ने सोशल मीडिया के जरिए आमंत्रित किए गए लोगों से क्षमा मांगते हुए घर से ही वर-वधु को आशीर्वाद देने की अपील की है। इंदाैर में बढ़ते काेराेना से पार पाने की मुहिम में शामिल विधायक शुक्ला ने बताया कि बेटे आकाश की शादी 9 दिसंबर काे हाेने जा रही है। शादी को लेकर 25 हजार पत्रिका बंट चुकी हैं। लाभ मंडपम् गार्डन में होने वाली शादी को लेकर हमारी तैयारी हो चुकी थी। शादी में बड़ी संख्या में परिचित शामिल होने वाले थे, लेकिन शहर में एक बार फिर से कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। ऐसे में हमें आगे आकर महामारी से लड़ना होगा। इसी काे ध्यान में रखते हुए बेटे के 4 से 11 दिसंबर तक आयोजित होने वाले समारोह में स्नेह भोज और मांगलिक आयोजन काे निरस्त कर दिया गया है। एक माह से चल रही थी तैयारियां विधायक शुक्ला के अनुसार विवाह की तैयारी और निमंत्रण का कार्य एक माह से चल रहा था। इस बीच हाल में कोरोना का प्रकोप देश में एक बार फिर बढ़ गया है। अनेक लोग संक्रमित हो रहे हैं, जिसके मद्देनजर परिवार ने तय किया है कि कोविड-19 गाइड-लाइन के अनुसार सिर्फ परिवार द्वारा विवाह की रस्में निभाई जाएंगी। विधायक ने लोगों से आग्रह किया है कि वे अपनी बधाइयां और शुभकामनाएं सोशल मीडिया के माध्यम से देकर वर-वधु को आशीष दे सकते हैं। शुक्ला ने कहा कि जल्द ही वैक्सीन आने वाली है, तब तक सावधान रहना होगा। हम सब मिलकर कोरोना से जंग जीतेंगे और स्नेह भोज का आयोजन महामारी समाप्त होने पर फिर से किया जाएगा। उन्होंने और परिवार ने उन सभी लाेगाें ने क्षमा भी मांगी है, जिन्हें वे समाराेह में आमंत्रित नहीं कर पा रहे।

MP : विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भी कांग्रेस में बड़े भाई व छोटे भाई का दबदबा बरकरार

भोपाल। मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव (MP Assembly Bypolls) में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के बाद भी प्रदेश कांग्रेस में कमलनाथ (Former CM Kamal nath) और दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) की सेहत पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा। दोनों ही नेता अब भी कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के विश्वासपात्र बने हुए हैं और उनके दबदबे को चुनौती मिलने की फिलहाल संभावना नहीं दिखती। शायद यही कारण है कि जहां दिग्विजय सिंह को कांग्रेस की आर्थिक मामलों की समिति में सदस्य बनाया गया है, जबकि कमलनाथ के खिलाफ बयान देने वाले पार्टी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को कांग्रेस की आर्थिक मामलों की समिति का सदस्य बनाया गया है। इससे पहले सितंबर महीने में उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी का स्थानीय सदस्य बनाया गया था। इधर, कमलनाथ के खिलाफ बयानबाजी को लेकर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और प्रवक्ता की छुट्टी कर दी गई है। आजाद सिंह डबास को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ब्रजभूषण नाथ को प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं स्वदेश शर्मा को प्रवक्ता के पद से हटा दिया है। प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर ने भूषण एवं शर्मा को सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि यदि आपने भविष्य में कांग्रेस संगठन को क्षति पहुंचाने वाली बयानबाजी जारी रखी तो पार्टी कार्रवाई करेगी। इसके अलावा मंदसौर जिला के कार्यकारी अध्यक्ष संदीप वर्मा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष कर्मवीर सिंह भाटी और चेतन चौधरी को भी पार्टी से बाहर किया गया है। देश भर में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी लगातार अंतर्कलह से जूझ रही है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को लेकर भी लगातार बयानबाजी हो रही है। इसी तरह, एमपी में भी कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के खिलाफ असंतोष के स्वर उभर रहे हैं, लेकिन मौजूदा माहौल में इसकी संभावना कम है कि प्रदेश कांग्रेस में कोई बड़ा बदलाव होगा।

आपस में भिड़ी 6 कारें, सीएम शिवराज काफिला अचानक रुकने से पीछे आ रहे कमलनाथ के काफिले की गाड़ी टकराईं 

भोपाल। सोमवार को दौरे पर निकले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की गाड़ियाें में आपस मेें टक्कर हो गई। गनीमत रही कि हादसे में किसी को चोट नहीं आई। इसमें करीब छह कारें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। हादसा दोपहर करीब एक बजे का है। इसमें कमलनाथ का पुलिस वाहन भी शामिल है। हादसे के दौरान कमलनाथ लालघाटी से अपने निवास जा रहे थे। हादसे के बाद शिवराज सिंह चौहान ने घटना की जगह को देखा। पुलिस प्रशासन ने सफाई दी कि एक्सीडेंट सीएम के काफिले के पीछे चल रही प्रेस की गाड़ी के अचानक ब्रेक लगाने के कारण हुआ। जानकारी के अनुसार शिवराज सिंह चौहान का काफिला दौरे के बाद वीआईपी रोड पर करबला से कमला पार्क की तरफ आ रहा था। उनके पीछे नाथ अपने काफिले के साथ लालघाटी से कमला पार्क की तरफ जा रहे थे। करबला के पास उनके पुलिस वाहन के सामने वाले एक कार चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इससे पुलिस वाहन उससे टकरा गया। उनके आगे इसी तरह पांच से छह गाड़ियां आपस में भिड़ती चली गईं। हालांकि नाथ का वाहन आगे निकल चुका था, जबकि शिवराज सिंह चौहान मौके कुछ देर तक कार से उतरकर रुके। फिर वहां से आगे के लिए रवाना हो गए। गनीमत रही कि इसमें किसी को चोट नहीं आई।

बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष बोले- TMC के लोग नहीं सुधरे तो हाथ-पैर तोड़ देंगे

कोलकाता। बंगाल में चुनाव अगले साल होने हैं, लेकिन नेताओं के बोल अभी से बिगड़ने लगे हैं। बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने ममता बनर्जी की पार्टी को धमकी दी है। उन्होंने TMC समर्थकों से कहा, “या तो सुधर जाओ, नहीं तो हाथ-पैर तोड़ दिए जाएंगे, जान से भी मारे जा सकते हैं।” घोष ने रविवार को पश्चिमी मिदनापुर जिले के हल्दिया कस्बे की रैली में यह बयान दिया। ‘6 महीने में सुधर जाएं’ घोष ने कहा कि विधानसभा चुनाव राज्य की पुलिस के जिम्मे नहीं, बल्कि केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में करवाए जाएंगे। TMC के जो लोग अभी तक नहीं सुधरे हैं और आम आदमी को टॉर्चर कर रहे हैं, उन्हें अगले 6 महीने में सुधर जाना चाहिए। नहीं तो पसलियां तुड़वाकर अस्पताल में भर्ती होना पड़ेगा। फिर भी नहीं माने तो श्मशान जाना पड़ेगा। ‘TMC सरकार के अब ज्यादा दिन नहीं बचे’ घोष ने कहा कि बंगाल में हमारी पार्टी जीती तो राज्य में फिर से लोकतंत्र बहाल होगा। मैं भरोसा देता हूं कि केंद्र सरकार बंगाल के लोगों के साथ है। राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाए जाएंगे। लोग बिना किसी डर के वोट डाल सकेंगे। TMC सरकार के अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। पिछले हफ्ते अमित शाह ने बंगाल का दौरा किया था बंगाल की 294 सीटों पर अगले साल अप्रैल-मई में चुनाव होने की उम्मीद है। भाजपा ने यहां 200 सीटें जीतने का टार्गेट तय किया है। पिछले हफ्ते गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल का 2 दिन का दौरा किया था। उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल में तुष्टिकरण की राजनीति से यहां की महान परंपरा आहत हुई है। आपने कांग्रेस को मौका दिया, कम्युनिस्टों को मौका दिया, 2 बार ममता दीदी को मौका दिया। एक बार मोदी को मौका दीजिए। हम 5 साल में सोनार बांग्ला बनाने का वादा करते हैं।

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