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मुख्यमंत्री का दो दिवसीय हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर दौरा, सरसों की एमएसपी पर खरीद का किया शुभारंभ

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को श्रीगंगानगर स्थित नई धान मंडी में किसानों को विक्रय स्लिप प्रदान करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरसों खरीद का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस अवसर पर किसानों एवं व्यापारियों से संवाद करते हुए कहा कि अन्नदाता किसान को पूरा सम्मान और सुरक्षा के साथ ही उनकी उपज का उचित मूल्य दिलवाना हमारा ध्येय है। हमारी सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का किसानों के बैंक खातों में सीधा भुगतान समय पर सुनिश्चित कर रही है। इसी दिशा में किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने वर्ष 2025-26 में सरसों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 5 हजार 950 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है तथा इस साल 13 लाख 22 हजार मीट्रिक टन सरसों की खरीद का लक्ष्य रखा है। इसी तरह सरकार 5 हजार 650 रुपये प्रति क्विंटल की एमएसपी के आधार पर 5 लाख 46 हजार मीट्रिक टन चना की खरीद करेगी। हमारी सरकार ने एमएसपी खरीद की सीमा को बढ़ाया श्री शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2022-23 में सरसों का एमएसपी 5 हजार 50 रुपये था, जिसमें हमारी सरकार ने 900 रूपये तक की बढ़ोत्तरी की है। साथ ही एमएसपी पर खरीद के लिए प्रति किसान 25 क्विंटल की सीमा को बढ़ाकर 40 क्विंटल किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार ने सवा साल के समय में अब तक 4 लाख 85 हजार मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद की है जबकि पिछली सरकार ने अपने पूरे पांच साल के कार्यकाल में केवल 5 लाख 53 हजार मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद की थी। साथ ही हमारी सरकार ने मूंगफली के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 5 हजार 850 रुपये से बढ़ाकर 6 हजार 783 रुपये प्रति क्विंटल किया है। किसानों की समृद्धि के लिए कार्य कर रही राज्य सरकार मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की समस्याओं को दूर करते हुए उनकी समृद्धि के लिए कार्य कर रही है। इसी दिशा में हमारी सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के बोनस को बढ़ाकर 150 रुपये एवं किसान सम्मान निधि को 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया है। साथ ही, किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने से लेकर वर्ष 2027 तक दिन में बिजली उपलब्ध करवाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। इस अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा, जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गंगनहर परियोजना के शिवपुर हैड का किया निरीक्षण

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने अपने हनुमानगढ़- श्रीगंगानगर के दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन बुधवार को श्रीगंगानगर जिले में गंगनहर परियोजना के अर्न्तगत शिवपुर हैड का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने शिवपुर हैड का निरीक्षण करने के पश्चात कहा कि राज्य सरकार किसानों की खुशहाली और कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है ताकि अंतिम छोर पर स्थित खेतों तक भी पर्याप्त नहरी पानी पहुंचा कर किसानों को लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने कहा कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में नहरी जल पर निर्भरता को देखते हुए राज्य सरकार ने आईजीएनपी, भाखड़ा नहर और गंगनहर प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए गत दोनों बजट में कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं। गंगनहर में होंगे 1195 करोड़ के कार्य, टेल रीच पर मिलेगा पूरा पानी मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसानों की लम्बे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए गंगनहर प्रणाली में क्षतिग्रस्त लाइनिंग की मरम्मत, सीसी लाइनिंग, फीडर पुनर्निर्माण, ऑटोमेशन आदि के 1195 करोड़ रुपए के कार्य करवाएं जाएंगे, जिससे सीपेज लॉस में कमी आएगी और किसानों को उनके हक का पूरा पानी मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि 200 करोड़ रुपए की लागत से फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण कार्य की डीपीआर तैयार कर केन्द्रीय जल आयोग को भिजवाई जा चुकी है। यह कार्य पूरा होने पर श्रीगंगानगर क्षेत्र में खेतों को समय पर और भरपूर पानी मिल सकेगा। इसी प्रकार, 300 करोड़ रुपए की लागत से बीकानेर कैनाल के पंजाब में स्थित भाग (आर.डी. 45 से 368) की सीसी लाइनिंग, ग्रेवल रोड तथा पट्ड़ों के निर्माण कार्यों की डीपीआर शीघ्र ही पंजाब सरकार द्वारा बनवा ली जाएगी। इसके लिए पंजाब सरकार को पत्र लिखा जा चुका है। ऑटोमेशन सिस्टम दिलाएगा सेम की समस्या से निजात मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगनगर प्रणाली में कृषि, शहरी और औद्योगिक जरूरतों के लिए नहरी जल का बेहतर प्रबंधन करने के लिए 695 करोड़ रुपए की लागत से ऑटोमेशन की डीपीआर केन्द्रीय जल आयोग द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है। इसके वित्त पोषण के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भिजवाया गया है। उन्होने कहा कि ऑटोमेशन सिस्टम स्थापित होने से आरम्भिक छोर (हेड रीच) और अंतिम छोर (टेल रीच) पर समान रूप से पानी उपलब्ध हो सकेगा तथा अधिक पानी के कारण भूमि की उर्वरता में कमी एवं सेम की समस्या से छुटकारा मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए गंग कैनाल ऐप और गंगनहर रेग्युलेशन पोर्टल का निर्माण भी किया गया है, जिससे नहर खुलने और बंद होने की जानकारी उनके मोबाइल पर उपलब्ध हो सकेगी। काश्तकारों में बारी के विवादों के समाधन के लिए बाराबंदी सॉफ्टवेयर भी तैयार किया जा चुका है।   पक्के खालों के निर्माण की 60 साल पुरानी मांग बजट में पूरी श्री शर्मा ने कहा कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना के द्वितीय चरण की नहरों के जीर्णोद्धार, आधुनिकीकरण, पक्के खालों के निर्माण, बैलेन्सिंग रिजर्वायर आदि कार्यों के लिए इस वर्ष के बजट में 1108 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की 60 साल से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए हनुमानगढ़ जिले के एक लाख 7 हजार हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र में पक्केे खालों के निर्माण के लिए 590 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया गया है। कंवरसेन लिफ्ट नहर क्षेत्र में क्षतिग्रस्त खालों के जीर्णोद्धार के 185 करोड़ रुपये की लागत के कार्य आईजीएनपी बोर्ड द्वारा स्वी़कृत कर दिए गए हैं। इसी प्रकार, श्रीगंगानगर जिले में रायसिंहनगर, अनूपगढ़, घड़साना, रावला और श्रीविजयनगर के 44 हजार हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र में पक्के खालों का पुनर्निर्माण 200 करोड़ रुपये की लागत से करवाया जाएगा। साथ ही, भाखड़ा और गंगनहर परियोजना के अंतर्गत आने वाले श्रीगंगानगर के क्षेत्रों में अब तक शेष रहे खालों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे हर खेत तक पानी पहुंच सकेगा।   225 करोड़ से होगा भाखड़ा सिंचाई परियोजना का जीर्णोद्धार मुख्यमंत्री ने कहा कि भाखड़ा सिंचाई परियोजना के अंतर्गत नहरों के जीर्णोद्धार के लिए राज्य सरकार ने अब तक 225 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जिससे हनुमानगढ़ जिले की संगरिया, टिब्बी, हनुमानगढ़, पीलीबंगा और श्रीगंगानगर जिले की सादुलशहर तहसील के किसान लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि सिद्धमुख सिंचाई परियोजना के अंतर्गत नोहर व भादरा तहसीलों में नहरों के जीर्णोद्धार के 128 करोड़ रुपए के कार्य शुरू करवाए जा चुके हैं और 45 करोड़ रुपए के कार्य शीघ्र प्रारम्भ करवाए जाएंगे।   घग्घर डायवर्जन चैनल का होगा सुदृढीकरण, बाढ़ की समस्या का होगा समाधान श्री शर्मा ने कहा कि घग्घर डायवर्जन चैनल व नाली बैड के पटड़ों के सुदृढ़ीकरण, साइड स्लोपिंग और भेड़ताल क्षेत्र में बाढ़ के पानी को संग्रहित कर जल स्रोत बनाने आदि के कार्य 325 करोड़ रुपए की लागत से करवाए जाएंगे, जिससे घग्घर के पानी की सुरक्षित निकासी हो सकेगी और बाढ़ की समस्या का समाधान होगा। बेहतर सिंचाई प्रबंधन के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश मुख्यमंत्री ने शिवपुर हैड के कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से अधिकारियों से जानकारी ली तथा गंगनहर प्रणाली के बेहतर सिंचाई प्रबंधन के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान श्री शर्मा ने किसानों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम भी पूछी।इसके बाद श्री शर्मा ने शिवपुर हैड स्थित महाराजा गंगासिंह जी की प्रतिमा पर पहुंचे तथा संग्रहालय का अवलोकन किया।

प्रमुख शासन सचिव ने श्रीगंगानगर का दौरा कर सीवरेज व जलापूर्ति कार्यों को जल्द पूर्ण कर लाभ दिलाने के दिये निर्देश

जयपुर  स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री राजेश यादव व आरयूआईडीपी के परियोजना निदेशक श्री पीयूष समरिया ने श्रीगंगानगर शहर में किये जा रहे आधारभूत विकास कार्यों का निरीक्षण किया और परियोजना कार्याें के संबंध में आरयूआईडीपी, नगर परिषद एवं यूआईटी की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में ली। संयुक्त बैठक में अमृत 2.0 और आरयूआईडीपी द्वारा किये जा रहे सीवरेज व जलापूर्ति निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई और कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिये ताकि इन विकास कार्यों का लाभ आमजन को जल्द से जल्द मिल सके। श्रीगंगानगर जिले के प्रभारी सचिव श्री यादव ने बैठक के दौरान आरयूआईडीपी को सीवरेज एवं पेयजल परियोजना का कार्य जुलाई 2025 तक पूर्ण कर आमजन को परियोजना का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। नगर विकास न्यास को शुगर मिल सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लांट को आगामी 15 दिवस में शुरू करने एवं सद्भावना नगर सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लांट की रियूज वाटर लाईन के कार्य को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। अमृत 2.0 के तहत चल रहे पुरानी आबादी के सीवरेज कार्य के लिए नगर परिषद अधिकारियों को ईदगाह एसटीपी का कार्य तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए, साथ ही फर्म को धीमी गति से कार्य करने के कारण नोटिस देने के निर्देश दिए।   राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना के परियोजना निदेशक एवं रूडसिको के कार्यकारी निदेशक श्री पीयूष समरिया ने आरयूआईडीपी, नगर परिषद एवं यूआईटी अधिकारियों के साथ सद्भावना नगर एसटीपी, शुगर मिल एसटीपी एवं कुंज विहार में अमृत 2.0 के तहत चल रहे सीवरेज कार्याे का निरीक्षण कर कार्य को तय समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, साथ ही कहा कि सभी विभाग समन्वय से काम करें ताकि आमजन को परेशानी न हो। श्री समरिया ने विशेष जोर देते हुये कहा कि सीवरेज लाईन बिछाने के उपरांत रोड रेस्टोरेशन का कार्य तय समयावधि में पूर्ण करें।

हीट वेव से आमजन की सुरक्षा के लिए तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित

जयपुर राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बुधवार को शासन सचिवालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें राज्य में बढ़ती गर्मी, संभावित हीट वेव और अन्य मौसमी आपदाओं से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान डॉ. किरोडी लाल ने वीसी के माध्यम से विभिन्न जिलों के जिला कलेक्टरों से व्यवस्था का जायजा लिया तथा आवश्यक संसाधनों के साथ पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए। आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा कि हीट वेव से प्रभावित लोगों के लिए प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैठक में  पेयजल की नियमित आपूर्ति, विद्युत आपूर्ति की स्थिरता और विद्यालयों में दोपहर की छुट्टी या समय परिवर्तन, डिहाईड्रेशन से बचने के लिए जगह—जगह ओआरएस केन्द्र, मनरेगा के साथ अन्य निजी फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के समय में परिवर्तन तथा पानी और छाया जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई। डॉ.मीणा ने कहा कि आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार अभियान चलाया जाए, गर्मी से विशेष रूप से प्रभावित वर्गों जैसे निर्माण श्रमिक, बुजुर्ग एवं बच्चों के लिए अतिरिक्त सावधानियाँ बरती जाए। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग के अनुसार हीट वेव लम्बे समय तक रहेगी, इस कारण सभी विभाग अलर्ट रहें और सुनिश्चत करें कि किसी भी व्यक्ति कि इस गर्मी में हीट वेव के कारण मौत न हो। बैठक में आपदा प्रबन्धन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आनन्द कुमार, पंचायती राज (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड सहित  जलदाय विभाग, बिजली विभाग एवं शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

120वें वनरक्षक आधारभूत प्रशिक्षण पासिंग आउट परेड एवं दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन

जयपुर पर्यावरण एवं वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा ने कहा कि वनरक्षकों के लिए वन एवं वन्यजीव की रक्षा करना एक चुनौती का कार्य हैं, जिसे उन्हें पूर्ण निष्ठा एवं सजगता से करना होगा। श्री संजय शर्मा ने बुधवार को राजस्थान वानिकी एवं वन्यजीव प्रशिक्षण संस्थान, जयपुर द्वारा आयोजित 120 वें वनरक्षक आधारभूत प्रशिक्षण सत्र के 972 वनरक्षकों की गांडिव स्टेडियम, जयपुर में प्रस्तुत सामूहिक पासिंग आउट परेड एवं दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही। इस वर्ष लगाए जाएंगे 10 करोड़ पौधे- श्री संजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पौधारोपण को एक जन अभियान बनाने के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान से प्रेरणा लेकर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने ‘मिशन हरियालो’ के तहत गत वर्ष प्रदेश भर में 7 करोड़ पौधे लगाए गए तथा बजट  2025-26 की घोषणा की अनुपालना में इस वर्ष 10 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही 1750 वनरक्षकों के पदों का सृजन भी किया गया है। श्री संजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में हुए उत्कृष्ट कार्यों का प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में विशेष उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि श्री भजनलाल शर्मा के दिशा निर्देश में वन विभाग पौधों के वितरण के लिए सजगता से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पौधारोपण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा के लिए मॉनिटरिंग की भी अनूठी व्यवस्था की गई है। वन एवं पर्यावरण मंत्री ने वनरक्षक प्रशिक्षुकों को पासिंग परेड की बधाई व शुभकामनाएं देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर कहा कि दीक्षांत परेड के सहभागी प्रशिक्षणार्थियों के कॅरियर का नया अध्याय प्रारम्भ हुआ है। प्रशिक्षण से तकनीकी कुशलता, प्रक्रियागत एवं कानूनी जानकारी के साथ टीम भावना का विकास होता है। यह प्रशिक्षण प्रशिक्षुओं के जीवन का मुख्य पड़ाव साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह नौकरी ही नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति ट्रस्टी के रूप में कार्य करने का महान अवसर है। उन्होंने कहा कि वन विभाग निरन्तर पर्यावरण संतुलन एवं वन्यजीवों के संरक्षण के लिए तत्परता के साथ कार्य कर रहा है, जिसमें वनरक्षकों का प्रमुख कर्तव्य है कि वे वन एवं वन्यजीवों की रक्षा की जिम्मेदारियों को मुस्तैदी से पूरा करें। उन्होंने कहा कि वनरक्षक के रूप में वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा व संरक्षण का दायित्व का निर्वहन करने के साथ ही वन क्षेत्र के आसपास के ग्रामवासियों के हितों की रक्षा का भी कार्य करें। मानव जीवन के लिए प्रकृति का संरक्षण महत्वपूर्ण विषय है, उसकी सुरक्षा का दायित्व मिलना एक राजकीय कार्य के साथ पुनीत कार्य भी है। कार्यक्रम में हॉफ श्री अरिजीत बनर्जी ने कहा कि वन विभाग पब्लिक डीलिंग वाला विभाग वाला विभाग है, ऐसे में वनरक्षकों की महती जिम्मेदारी बन जाती है कि वे आमजन के हित में विनम्रता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि वनरक्षक राज्य के वन  एवं वन्यजीवों की रक्षा करें औऱ कुशलता पूर्वक कार्य करके विश्व भर में देश एवं राज्य का गौरव बढ़ाये। अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशिक्षण, श्रम एवं विधि) श्री वेंकटेश शर्मा ने अतिथियों एवं वनरक्षकों के परिवारजनों का स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि वनरक्षकों को अनुशासन के साथ प्रशिक्षण दिया गया है जिससे वे अपने कर्तव्यों का बखूबी निवर्हन कर सकेंगे। राजस्थान वानिकी एवं वन्यजीव प्रशिक्षण संस्थान निदेशक श्रीमती शैलजा देवल ने कहा कि आरडब्ल्यूएफटीआई ने इस वर्ष 18 सेटेलाइट प्रशिक्षण केन्द्रो पर 119 वां एवं 120वां वनरक्षक आधारभूत प्रशिक्षण संचालित किया। 963  वनरक्षकों को 4 माह का प्रशिक्षण अजमेर, जोधपुर, भरतपुर, अलवर, कोटा, उदयपुर और बीकानेर केंद्रों पर दिया गया है, जो कि वन विभाग के पहली बार हुआ हैं। उन्होंने सभी विभागों और संस्थाओं को इस प्रशिक्षण में सहयोग करने हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रशिक्षण सत्र मे टॉपर रहे वनरक्षकों को शील्ड एवं मैडल देकर सम्मानित किया गया। वन रक्षकों द्वारा रोमांचक कमांडो कॉम्बैट कार्यवाही का प्रदर्शन भी किया गया। इस दौरान ब्रिगेडियर श्री विक्रम सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन) श्री पवन कुमार उपाध्याय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक सुश्री शिखा मेहरा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कार्य, आयोजना एवं वन बंदोबस्त) श्री अनुराग भारद्वाज, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री केसीए अरुण प्रसाद, मुख्य वन संरक्षक श्री राजीव चतुर्वेदी सहित  वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, प्रशिक्षणार्थियों के परिजन उपस्थित रहे।

अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ गत सप्ताह में 314 कार्रवाई कर 152 वाहन मशीनरी किये जब्त

जयपुर खान विभाग द्वारा अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ प्रदेशभर में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 2 अप्रेल से 8 अप्रेल के दौरान अवैध खनन, खनिज परिवहन और खनिज भण्डारण के खिलाफ 314 कार्रवाई को अंजाम देते हुए 152 वाहन मशीनरी जब्त की है। इस दौरान समूचे प्रदेश में 24 हजार 461 टन से अधिक अवैध भण्डारित खनिज जब्त किया गया है वहीं अलग अलग पुलिस थानों में 43 एफआईआर दर्ज कराई गई है और 26 गिरफ्तारी हुई है। खान विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री टी. रविकान्त ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने 2 अप्रेल को खान विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करने के निर्देशों में कार्रवाई जारी हैं। मुख्यालय स्तर पर अतिरिक्त निदेशक विजिलेंस श्री पीआर आमेटा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। निदेशक माइंस श्री दीपक तंवर ने बताया कि समूचे प्रदेश से अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान 4 करोड़ 30 लाख रुपए के जुर्माने के साथ ही 1 करोड़ 89 लाख 44 हजार रुपये वसूल कर राजकोष में जमा कराये गये हैं। गत 7 दिवस में की गई कार्रवाई में खनि अभियंता ब्यावर श्री जगदीश मेहरावत ने प्रदेश में सर्वाधिक 7513 टन अवैध भण्डारित खनिज को जब्त किया है। कुल 9 कार्रवाई में 92 लाख 16 हजार का जुर्माना लगाया है। एमई उदयपुर श्री आसिफ अंसारी ने प्रदेश में सर्वाधिक 30 कार्रवाइयां की है। एमई चित्तोड श्री सिद्धिकी ने सर्वाधिक 33 लाख 82 हजार की जुर्माना वसूला है। एमई बूंदी द्वितीय श्री सहदेव सहारण ने 4893 टन खनिज जब्त किया है, एएमई बारां श्री भंवर लाल लबाना ने 2316 टन अवैध भंडारित खनिज जब्त व 13 लाख 49 हजार की जुर्माना राशि वसूली है। अतिरिक्त निदेशक मुख्यालय व उदयपुर श्री महेश माथुर के मार्गदर्शन में उदयपुर में सर्वाधिक कार्रवाई की गई है। एसएमई उदयपुर श्री एसपी शर्मा की टीम ने कार्यक्षेत्र में 66 कार्रवाई, 1729.99 टन खनिज जब्ती, 10 एफआईआर, 8 गिरफ्तारी और 18 वाहन जब्त किये हैं। उदयपुर के बाद सर्वाधिक कार्रवाई अतिरिक्त निदेशक श्री योगेन्द्र सिंह सहवाल व एसएमई श्री देवेन्द्र गौड की टीम ने अपने कार्यक्षेत्र में 49 कार्रवाई करते हुए 2702.5 टन खनिज जब्ती, 36.664 लाख जुर्माना, 34.96 लाख का जुर्माना वसूली, 10 एफआईआर, 5 गिरफ्तारी और 52 वाहन मशीनरी जब्त किये हैं। एसएमई भीलवाड़ा श्री ओपी काबरा की टीम में एमई भीलवाड़ा श्री महेश शर्मा, बिजोलिया श्री प्रवीण अग्रवाल, चित्तोड श्री सिद्धीकी और निम्बाहेडा में 39 कार्रवाई में 938 टन खनिज जब्ती, 30.528 लाख का जुर्माना, 34.348 लाख का जुर्माना वसूली, 5 एफआईआर और 11 वाहन मशीनरी जब्त की है। एसएमई कोटा श्री अविनाश कुलदीप की टीम ने क्षेत्र में 30 कार्रवाई कर 7343 टन खनिज जब्ती, 107 लाख से अधिक का जुर्माना, 21 लाख से अधिक का जुर्माना वसूली की गई है। अतिरिक्त निदेशक जयपुर श्री एमपी मीणा के मार्गदर्शन में एसएमई जयपुर और अजमेर द्वारा कार्रवाई की गई है। एसएमई जयपुर श्री एनएस शक्तावत की टीम ने अपने कार्यक्षेत्र में 24 कार्रवाई कर 519 टन खनिज जब्ती, 15.43 लाख का जुर्माना और 13.499 लाख की वसूली की है। एसएमई अजमेर श्री जय गुरुबख्सानी की टीम ने क्षेत्र में 25 कार्रवाई करते हुए 8160 टन खनिज जब्ती, 99 लाख से अधिक का जुर्माना, सात लाख से अधिक की वसूली और 20 वाहन जब्त किये हैं। एसएमई बीकानेर श्री एनके बैरवा, की टीम ने क्षेत्र में 11 कार्रवाई और एसएमई भरतपुर श्री सुनील शर्मा की टीम ने और एसएमई राजसमंद श्री अनिल खमेसरा की टीम ने क्षेत्र में कार्रवाई की है। एसएमई विजिलेंस जयपुर श्री प्रताप मीणा की टीम ने 7 कार्रवाई कर 5.75 लाख की वसूली की है। राज्यभर से विजिलेंस टीमों द्वारा भी कार्रवाई जारी है। जयपुर और अलवर टीम द्वारा कार्रवाइयां— एसएमई जयपुर श्री एनएस शक्तावत और विजिलेंस श्री प्रताप मीणा के मार्गदर्शन में खनि अभियंता जयपुर श्री श्याम कापड़ी की टीम ने सामरेड खुर्द पहाडी में अवैध खनन करते दो जेसीबी, 4 ट्रेक्टर ट्राली, एक ट्रेक्टर ट्राली मय पत्थर जब्त की है। तड़के ही एमई अलवर श्री मनोज शर्मा और एएमई श्री पुष्पेन्द्र सिंह की टीम ने भुजाका नोगंवा में एक जेसीबी, एक डंपर जब्त किया है। इसके साथ ही एक एफआईआर भी दर्ज कराई है।

दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में हीट वेव से हाल बेहाल, राजस्थान में अगले दो दिनों तक हीट वेव का अलर्ट

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी (Heat Wave) का प्रकोप देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों में लगातार तापमान में बढ़त देखने को मिल रही है। कुछ शहरों में तो पारा रिकॉर्ड तोड़ रहा है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कई राज्यों में हीट वेव (Heat Wave) को लेकर चेतावनी जारी की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा अपडेट में बताया कि अगले दो दिनों तक दिल्ली, पश्चिमी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात के कुछ हिस्सों में हीट वेव का प्रकोप रहेगा। पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा दिए गए ताजा अपडेट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में लू की स्थिति रही। वहीं, राजधानी दिल्ली में भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। दिल्ली में सोमवार को इस मौसम की पहली लू चली। मौसम विभाग ने बताया कि गत 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश, पंजाब के कुछ स्थानों पर भीषण गर्मी की स्थिति रही। हरियाणा-चंडीगढ़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र के कुछ स्थानों पर भीषण गर्मी की स्थिति रही। वहीं, त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर आंधी तूफान देखने को मिला। अगले 24 घंटे के मौसम का पूर्वानुमान मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान में बताया गया कि 09 अप्रैल को पश्चिमी राजस्थान के कई स्थानों पर लू चलने की संभावना है, इसको देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को राजस्थान का बाड़मेर सबसे गर्म रहा। जहां पर तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा बुधवार को सौराष्ट्र और कच्छ, पूर्वी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ स्थानों पर लू चलने की संभावना है। वहीं, 08 से 10 अप्रैल के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर गर्म रात की स्थिति की संभावना है। इसके साथ राजस्थान, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र और 08 अप्रैल को पंजाब, हरियाणा चंडीगढ़ और दिल्ली में भी भीषण गर्मी का सितम देखने मिल सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 2 दिनों तक तापमान में कमी होनी की कोई संभावना नहीं है। इन राज्यों में बारिश की संभावना जहां एक ओर उत्तर भारत में गर्मी का सितम देखने मिल रहा है। वहीं, दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश देखने को मिल रही है। इस बीच मौसम विभाग ने बताया कि 08 और 09 अप्रैल को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, केरल और माहे, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तेलंगाना, कर्नाटक में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इसके अलावा 08-12 अप्रैल के दौरान पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 09 अप्रैल को बिहार के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि हो सकती है। 09 और 10 अप्रैल को असम और मेघालय में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। इसलिए पड़ रही इतनी गर्मी मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अप्रैल में ही इस साल इतनी अधिक गर्मी पड़ने की वजह जलवायु परिवर्तन एवं ग्लोबल वार्मिंग का असर तो है ही, पश्चिमी विक्षोभों का अभाव भी है। मार्च में 90 प्रतिशत तक कम वर्षा दर्ज हुई तो अप्रैल में अभी तक एक बूंद भी नहीं बरसी है। इस पर भी हवा की दिशा अब दक्षिणी पूर्वी हो गई है। राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवा और ज्यादा गर्मी बढ़ा रही है। तब बनती है लू वाली स्थिति:-मौसम विभाग के मुताबिक जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री से ऊपर और सामान्य से साढ़े चार से साढ़े छह डिग्री सेल्सियस ऊपर रहता है तो ऐसी स्थिति को लू की स्थिति मानी जाती है।

दूरसंचार सेवाओं को सुदृढ़, सुगम और विश्वसनीय बनाने में प्रतिबद्ध होकर अधिकारी कार्य करे: राज्यपाल

भारतीय दूरसंचार सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने राज्यपाल से मुलाकात की   जयपुर  राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे से मंगलवार को राजभवन में भारतीय दूरसंचार सेवा के वर्ष 2023 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुलाकात की। ये प्रशिक्षु अधिकारी स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत तीन दिवसीय दौरे पर जयपुर आए हुए हैं। राज्यपाल श्री बागड़े ने दूरसंचार सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद करते हुए उन्हें “राष्ट्र प्रथम” की सोच को ध्यान में रखते हुए भारतीय दूरसंचार सेवाओं को सुदृढ़ करने में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दूरसंचार सेवाओं में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अंतर्गत भारतीय दूरसंचार सेवाओं को और अधिक सुगम, सुलभ और प्रभावी बनाने के साथ विश्व भर में अग्रणी करने में अधिकारी संकल्पबद्ध होकर कार्य करें। राज्यपाल ने भारतीय दूरसंचार सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को राष्ट्र के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता रखते हुए संचार सेवाओं के अंतर्गत साइबर सुरक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण और उपभोक्ताओं को संचार सेवाओं के बगैर बाधा समुचित रूप में उपलब्ध कराने के लिए भी सुनियोजित सोच के साथ काम करने पर जोर दिया। उन्होंने दूरसंचार सेवाओं के अंतर्गत यूनेस्को स्तर पर भारत को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिलने पर प्रसन्नता भी जताई तथा कहा कि भारत की तकनीकी श्रेष्ठता के लिए सभी मिलकर कार्य करें। राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी ने कहा कि दूरसंचार सेवाओं को श्रेष्ठ करने के साथ इसकी विश्वसनीयता के लिए भी अधिकारी प्रतिबद्ध होकर कार्य करें। उन्होंने राजभवन में सभी का अभिनंदन किया। इससे पहले भारतीय दूरसंचार सेवा के उप महानिदेशक श्री आनंद कटोच ने प्रशिक्षु अधिकारियों के प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी। निदेशक श्री द्वारका करोल और प्रशिक्षण अधिकारी श्री श्वेताभ कुमार तथा श्री भूपेन्द्र धीमान ने आभार जताया।

सिंधी भाषा सांस्कृतिक विरासत की पहचान नई पीढ़ी का सिंधी भाषा से बढ़ायें जुड़ाव: देवनानी

जयपुर राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि सिंधी भाषा  समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और साहित्यिक परम्परा की वाहक है। सिंधी भाषा का सिंधी समुदाय की पहचान के साथ भाषागत विविधता को बनाये रखने में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने सिंधी भाषा से नई पीढ़ी के जुड़ाव को बढ़ाने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुये कहा कि इससे सिंधी भाषा का विकास होगा और युवा अपनी संस्कृति और भाषा से जुड़ सकेंगे। श्री देवनानी मंगलवार को गोवा में केन्द्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्चतर शिक्षा विभाग के राष्ट्रीय सिंधी भाषा संवर्धन परिषद की अखिल भारतीय स्तर की महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में परिषद के सदस्यगण और अधिकारीगण ने भाग लिया। श्री देवनानी ने कहा कि सिंधी भाषा के विकास से ही सिंधी भाषा को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि सिंधी समुदाय के लोग अपनी भाषा और संस्कृति को दुनिया से साझा करें। इसी से सिंधी भाषा को संरक्षित करने और भाषा की विविधता को बढ़ावा मिल सकेगा। सिंधी समुदाय की युवा पीढ़ी भी अपनी जडों से जुडी रहेगी। बैठक में परिषद के सदस्यों से चर्चा करते हुये श्री देवनानी ने सिंधी भाषा को बढ़ावा देने और उसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिये अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिये। श्री देवनानी ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में सिंधी भाषा को एक विषय के रूप में शामिल किया जा सकता है साथ ही सिंधी लेखकों, सिंधी समाचार पत्रों व मीडिया में सिंधी कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जाए। श्री देवनानी ने कहा कि सिंधी समुदाय के लोगों को सिंधी भाषा के विकास में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार का राष्ट्रीय सिंधी भाषा संवर्धन परिषद सिंधी भाषा के विकास, सिंधी भाषा को बढ़ावा देने, विभिन्न भाषाओं में राष्ट्रीय नीति और विचारों को सिंधी भाषा में रूपातंरित कर लोगों को उपलब्ध करानें, सिंधी संवर्धन और सिंधी भाषा से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श और मंथन कर नीतिगत निर्णय लेता है।

राजस्थान और गोवा पर्यटन के ऐतिहासिक धरोहर: देवनानी

जयपुर राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि राजस्थान और गोवा पर्यटन की दृष्टि से राष्ट्र के ऐतिहासिक धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि गोवा में समुद्र तट और राजस्थान में रेत के धोरे देश व विदेश के लोगों के लिये आकर्षण के केन्द्र हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जीवनशैली सादगी और आतिथ्य प्रेम के लिये और गोवा की जीवनशैली प्रकृति से निकटता से जुडने का माध्यम है। राज्यों की सांस्कृतिक विविधता ही राष्ट्र की एकता का परिचायक है। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने गोवा में राजस्थान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में गोवा के मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत व केंद्रीय राज्य मंत्री श्री श्रीपद नायक भी उपस्थित रहे। यह समारोह एक भारत, श्रेष्ठ भारत के तहत आयोजित किया गया। समारोह में बडी संख्या में राजस्थान के प्रवासी लोग मौजूद थे। समारोह में राजस्थान के लोक नृत्य और गीत प्रस्तुत किये गये। समारोह का शुभारंभ अध्यक्ष श्री देवनानी ने दीप प्रज्जवलित करके किया। श्री देवनानी का गोवा की धरती पर राजस्थानी साफा पहनाकर स्वागत किया गया। श्री देवनानी ने कहा कि गोवा में राजस्थान के शौर्य, त्याग, बलिदान, साहस एवं समृद्ध सांस्कृतिक परम्पराओं को याद करते हुये राजस्थान दिवस का आयोजन राजस्थान व राजस्थान के लोगों के लिये गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि राजस्थान और गोवा में सांस्कृतिक समानताएं हैं।दोनों राज्यों का विविधतापूर्ण प्राकृतिक सौन्दर्य ऐतिहासिक गौरव है। गोवा की पहचान मनोहारी समुद्री तट है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गोवा और राजस्थान के बुनियादी ढांचा विकास, पर्यटन संर्वधन और ऊर्जा संरक्षण के लिये विशेष प्रयास किये गये हैं। दोनों राज्यों के किले केवल स्थापत्य के ही उदाहरण नहीं है बल्कि वे संघर्ष और इतिहास के साक्षी हैं। श्री देवनानी ने कहा कि राजस्थान के लोग देश और विदेश में प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने राजस्थान के प्रवासियों को अपनी जड़ों से जुड़ने का आह्वान किया। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों का सम्मान भी कियागया ।     श्री देवनानी ने गोवा के मुख्यमंत्री से की शिष्टाचार मुलाकात- राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने गोवा प्रवास के दौरान गोवा के मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सांवत से मुख्यमंत्री आवास पर शिष्टाचार भेंट की। श्री देवनानी ने श्री सावंत से विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा की। श्री देवनानी ने श्री सावंत को राजस्थान विधानसभा का स्मृति चिन्ह, विधान सभा दैनंदिनी और नवाचारों का एक वर्ष पुस्तक भेंट की। राजस्थान विधान सभा में नवाचारों के एक वर्ष पुस्तक के लिये गोवा के मुख्यमंत्री श्री सावंत ने राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री देवनानी को शुभकामनाएं देते हुये कहा कि विधान सभा में उनकी पहल अन्य विधान सभाओं के लिये अनुकरणीय है। एक वर्ष में अनेक नवाचार श्री देवनानी की दूरदर्शिता का परिचायक है।जिसके परिणामों से राजस्थान विधान सभा को नई दिशा मिल सकेगी। श्री देवनानी की पूर्व विधायक श्री नाई के निधन पर संवेदना- राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने पूर्व विधायक श्री किसनाराम नाई के निधन पर दुःख व्यक्त किया है। श्री देवनानी ने कहा कि तीन बार के विधायक श्री किसनाराम का क्षेत्र के लोगों से जुडाव था। उनके निधन से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। श्री देवनानी ने दिवगंत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिये परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की है।

लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे वरिष्ठ भाजपा नेता किशनाराम नाई का निधन

बीकानेर भाजपा के वरिष्ठ नेता और तीन बार विधायक रह चुके किशनाराम नाई का सोमवार देर रात निधन हो गया। वे 94 वर्ष के थे और लंबे समय से किडनी तथा सीने में संक्रमण की बीमारी से जूझ रहे थे। श्री डूंगरगढ़ स्थित अपने निवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से राजस्थान की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। उनकी अंतिम यात्रा मंगलवार दोपहर 2 बजे श्रीडूंगरगढ़ के कालू रोड स्थित मोक्षधाम पहुंचेगी, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके पड़पोते करण आशीष जाड़ेवाल ने यह जानकारी दी। उन्होंने वर्ष 1956 में राजनीति में कदम रखा था और भाजपा के टिकट पर तीन बार विधायक चुने गए और श्रीडूंगरगढ़ नगर पालिका के चेयरमैन, भाजपा बीकानेर देहात और चूरू जिलाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे। उल्लेखनीय है कि पहले श्रीडूंगरगढ़ चूरू जिले का हिस्सा था, तब वे चूरू भाजपा देहात अध्यक्ष बने। बाद में जब यह क्षेत्र बीकानेर जिले में सम्मिलित हुआ तो उन्होंने बीकानेर देहात अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 1990 में वे पहली बार चर्चा में तब आए जब उन्होंने दिग्गज नेता कुंभाराम आर्य को पराजित कर विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद 1993 में जब भैरोंसिंह शेखावत सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे थे, तब किशनाराम नाई ने ‘संकटमोचक’ की भूमिका निभाते हुए सरकार को संभालने में अहम योगदान दिया और इसी के चलते वे शेखावत के विश्वासपात्रों में गिने जाने लगे। किशनाराम नाई के निधन पर केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, पूर्व विधायक बिहारीलाल बिश्नोई, भाजपा नेता अशोक भाटी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया। नेताओं ने उन्हें एक जुझारू, अनुभवी और जमीन से जुड़े नेता के रूप में याद किया, जिन्होंने सदैव पिछड़े वर्ग और ग्रामीण जनमानस की आवाज को बुलंद किया। उनके निधन को क्षेत्रीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने उनके निवास पर पहुंच रहे हैं।

जयपुर बम ब्लास्ट में मिला इंसाफ, कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला; 4 दोषियों को आजीवन कारावास

जयपुर जयपुर बम ब्लास्ट से जुड़े मामले में सबसे बड़ी खबर, जयपुर बम ब्लास्ट के गुनहगारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जिंदा बम मिलने के मामले में दोषी ठहराए गए चारों आतंकियों को सजा सुनाई गई है। 4 अप्रैल को जज रमेश कुमार जोशी ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराया था। जयपुर में करीब 17 साल पहले हुए सीरियल बम धमाकों के दौरान जिंदा मिले बम केस में चारों आतंकियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने 600 पेज का फैसला दिया है। 13 मई को 2008 को जयपुर में 8 सीरियल ब्लास्ट हुए थे, नौंवा बम चांदपोल बाजार के गेस्ट हाउस के पास मिला था। बम फटने के 15 मिनट पहले इसे डिफ्यूज कर दिया गया था।  अदालत ने शाहबाज हुसैन, सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ और सैफुर्रहमान को दोषी करार देते हुए कहा कि सजा हुई है, मतलब गुनाह भी हुआ है। विशेष न्यायाधीश रमेश कुमार जोशी की अदालत ने चारों को भारतीय दंड संहिता (IPC), यूएपीए एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया है। बता दें कि बीती 4 अप्रैल 2025 को अदालत ने इन चारों आरोपियों को दोषी घोषित किया था। इसके बाद 6 अप्रैल को सजा पर बहस हुई और आज कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए उम्रकैद की सजा दी। दोषियों को IPC की धारा 120B (आपराधिक षड्यंत्र), धारा 121A (राजद्रोह संबंधी साजिश), धारा 307 (हत्या की कोशिश), धारा 153A (धार्मिक विद्वेष फैलाना), विस्फोटक अधिनियम की धारा 4, 5 और 6 और यूएपीए की धारा 13 और 18 के तहत सजा दी गई है। शुक्रवार को दोषी करार दिया था इससे पहले शुक्रवार को जयपुर बम ब्लास्ट मामलों की विशेष अदालत ने चारों को दोषी करार दिया था। अदालत ने जिंदा बम केस में सैफुर्रहमान, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद को दोषी ठहराया था। चारों आतंकियों को इंडियन पेनल कोड की 4 धाराओं, अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट (यूएपीए) की दो, विस्फोटक पदार्थ कानून की 3 धाराओं में दोषी ठहराया गया है। इन धाराओं में अधिकतम आजीवन कारावास का प्रावधान है। इनमें शाहबाज को छोड़कर अन्य को सीरियल ब्लास्ट के मामले में फांसी की सजा सुनाई गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इन्हें बरी कर दिया था। फांसी की सजा के मामले में राज्य सरकार की अपील सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है। 112 गवाहों के बयान हुए थे एटीएस ने जिंदा बम मामले में इन सभी आरोपियों को 25 दिसंबर 2019 को जेल से गिरफ्तार कर लिया था। एटीएस ने जिंदा बम मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की थी। इसमें एटीएस ने तीन नए गवाह शामिल किए थे। सुनवाई के दौरान एटीएस ने पत्रकार प्रशांत टंडन, पूर्व एडीजी अरविंद कुमार और साइकिल कसने वाले दिनेश महावर सहित कुल 112 गवाहों के बयान दर्ज करवाए थे। सरकारी और बचाव पक्ष की दलीलें राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक सागर तिवाड़ी ने कहा कि यह गंभीरतम अपराध है। इसमें किसी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती। ऐसे लोगों को शेष जीवनकाल तक जेल में रहना चाहिए। वहीं, आरोपियों के वकील मिन्हाजुल हक ने अदालत में तर्क दिया कि चारों आरोपी पिछले 15 साल से जेल में हैं, और अन्य आठ बम ब्लास्ट केसों में हाईकोर्ट उन्हें बरी कर चुका है। ऐसे में उन्हें कम से कम सजा दी जाए। अदालत की टिप्पणी- फैसला सुनाते वक्त न्यायालय ने कहा कि सबसे बड़ा न्यायालय, हमारा मन होता है… क्या गलत है, क्या सही, यह हमारा मन जानता है। सजा हुई है, मतलब गुनाह भी हुआ है। क्या है ब्लास्ट का पूरा मामला? बताते चलें कि 13 मई 2008 को जयपुर के विभिन्न स्थानों पर आठ सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे, जिसमें 70 से ज्यादा लोगों की जान गई थी और 180 से अधिक लोग घायल हुए थे। इसी दौरान नवां बम चांदपोल बाजार स्थित एक गेस्ट हाउस के पास मिला था, जिसे धमाके से 15 मिनट पहले डिफ्यूज कर लिया गया था जिससे एक और बड़ी त्रासदी टल गई थी।

जैसलमेर, बाड़मेर में लू का रेड अलर्ट, 46 डिग्री पहुंचा पारा

जयपुर राजस्थान में सड़कों पर निकलना अब जानलेवा हो चुका है। भीषण गर्मी ने प्रदेश में जबरदस्त लू का दौर शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने तापमान में और ज्यादा बढ़ोतरी की चेतावनी दे दी है और लू के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। भीषण लू  के प्रकोप से अब लोगों की हालत खराब हो रही है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। जानकारी के अनुसार आज स्वास्थ्य विभाग इस संबंध में वीसी के जरिए राज्य भर के स्वास्थ्य महकमे की बैठक ले सकता है।   19 शहरों में हीट वेव अलर्ट मौसम विभाग ने प्रदेश के 19 शहरों में आज हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। इसमें बाड़मेर में रेड अलर्ट, चित्तौड़गढ़, झुंझुनू, बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, गंगानगर में ऑरेंज अलर्ट और अजमेर, भीलवाड़ा, बूंदी, जयपुर, कोटा, सीकर, टोंक, चूरू, हनुमानगढ़, जालौर, नागौर और पाली में यलो अलर्ट जारी किया गया है। 50 डिग्री की तरफ बढ़ रहा राजस्थान में फिलहाल तापमान 46 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। हिल स्टेशन माउंट आबू को छोड़कर शेष पूरे राजस्थान में पारा 40 से 46 डिग्री के बीच चल रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में प्रदेश का पारा और बढ़ेगा। पिछले साल गर्मियों में अधिकतम तापमान मई में 50 डिग्री पर पहुंचा था लेकिन इस बार यह स्थिति और भी पहले बनती नजर आ रही है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में ही पारा 46 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जबकि पिछले साल इसी दौरान अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा था। मौसम विभाग का कहना है कि 9 अप्रैल तक बीकानेर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा व जयपुर संभाग में हीट वेव का सर्वाधिक असर रहेगा। वहीं 10 व 11 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ के असर से कहीं-कहीं बूंदाबांदी और मेघगर्जन के साथ छींटे पड़ सकते हैं, इससे तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है।

जयपुर : नाहरगढ़ में हुए हिट एंड रन मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई

जयपुर  राजधानी जयपुर के नाहरगढ़ क्षेत्र में सोमवार देर रात हुए हिट एंड रन मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। मंगलवार सुबह शास्त्री नगर निवासी 48 वर्षीय वीरेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले सोमवार को लालदास का बाड़ा निवासी अवधेश पारीक (35 वर्ष) और शास्त्री नगर निवासी ममता कंवर (50 वर्ष) की मौत हो चुकी थी। फिलहाल, जयपुर हिट एंड रन हादसे में घायल कई लोग अस्पताल में इलाजरत हैं। जयपुर में हो रहा प्रदर्शन, छोटी चौपड़ पर पुलिस बल तैनात आरोपी चालक उस्मान खान की पहचान हो गई है और जानकारी के अनुसार वह विश्वकर्मा इलाके में लोहे की फैक्ट्री संचालित करता है। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। इधर, छोटी चौपड़ पर इस घटना को लेकर लोगों का आक्रोश फूट पड़ा है और विरोध प्रदर्शन जारी है। देर रादत से ही पूरे इलाके में पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया है। प्रदर्शन को देखते हुए छोटी चौपड़ पर भी भारी पुलिस मौजूद है। हाजी उस्मान खान? जिसने जयपुर की सड़कों पर 3 लोगों को रौंदा; कांग्रेस ने उठाया बड़ा कदम राजधानी जयपुर में नशे में धुत कांग्रेस नेता और फैक्ट्री चालक ने सोमवार रात तेज रफ्तार में एसयूवी कार दौड़ाते हुए पैदल चलते और गाड़ी सवार 9 लोगों को कुचल दिया। इस हादसे में एक महिला समेत 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग गंभीर घायल हैं। कांग्रेस नेता उस्मान खान ने शहर के भीड़भाड़ इलाके में 7 किलोमीटर तक तेज रफ्तार में एसयूवी को दौड़ाया, जिससे कोहराम मच गया।  गौरतलब है कि कल रात तेज रफ्तार से एसयूवी कार दौड़ाने वाले ने 62 साल के नाहरी का नाका निवासी उस्मान खान बिजनेस के साथ जयपुर जिले की राजनीति में 20 सालों से सक्रिय हैं। उस्मान खान वार्ड 135 से पार्षद के लिए कांग्रेस से टिकट की मांग रहे थे। उस्मान खान विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया में एडेक्यूएट इलेक्ट्रो मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम से फैक्ट्री चलाते हैं, वो इस कंपनी के CEO हैं। उनकी कंपनी हॉस्पिटल बेड्स, चेयर, एंबुलेंस स्ट्रेचर आदि बनाती है। उस्मान खान को बीते दिनों 6वीं बार जयपुर शहर कांग्रेस में नियुक्ति मिली थी। हालांकि इस मामले के बाद जयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने उस्मान खान को बर्खास्त कर दिया है। उनको तुरंत प्रभाव से जिला उपाध्यक्ष पद से हटा दिया है। कड़ी से कड़ी सजा मिले- आरआर तिवाड़ी इस मामले को लेकर जयपुर कांग्रेस अध्यक्ष आर आर तिवाड़ी ने कहा कि अपराध करने वाला चाहे किसी भी पार्टी का हो। कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उस्मान खान ने बड़ा अपराध किया है, ऐसे में बिना राजीतिक भेदभाव के कानूनी कार्रवाई की जाएं और सख्त सजा मिले। ताकि लोगों को ये पता रहे कि आप गाड़ी कैसे चला रहे है। साथ ही उन्होंने कहा कि जयपुर कलेक्टर और कमिश्नर को ज्ञापन देखकर मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग करेंगे।     जयपुर में एक कार चालक द्वारा तेज़ रफ़्तार में कई लोगों को कुचलने की घटना अत्यंत दु:खद और दुर्भाग्यपूर्ण है, दुर्घटना में अपनों को खोने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।      अपराधी पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए- डोटासरा वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि ‘जयपुर में एक कार चालक द्वारा तेज़ रफ़्तार में कई लोगों को कुचलने की घटना अत्यंत दु:खद और दुर्भाग्यपूर्ण है, दुर्घटना में अपनों को खोने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। नशे की हालत में ऐसे कुकृत्य करने वाले अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करने एवं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है।’ पूरा घटनाक्रम… जयपुर परकोटा में नाहरगढ़ थाने के सामने से आधा किमी दूर तक तेज रफ्तार कार ने 9 लोगों को कुचला, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई। कार ने सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों व कई दोपहिया वाहनों को भी चपेट में ले लिया। इससे बाजार में अफरातफरी मच गई। बाद में कार चालक वाहन छोड़कर भाग गया। घटना के बाद मौके पर सैकड़ों लोग जुट गए और गलियों में तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाने की बात को लेकर आक्रोशित हो गए। पुलिस कार को थाने ला रही थी, तभी भीड़ ने कार में तोड़-फोड़ कर दी। भीड़ को उग्र होते देख आस-पास के थानों से पुलिस बल बुलाया गया। अशोक गहलोत, सचिन पायलट ने जताई संवेदना, की कड़ी कार्रवाई की मांग राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मंगलवार सुबह करीब 10 बजे इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘जयपुर में देर रात हुई दिल दहला देने वाली घटना में एक बेकाबू कार ने कई लोगों को कुचल दिया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। दोषी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।’ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस दर्दनाक हादसे पर दुख जताया। उन्होंने लिखा, “मैं इस हादसे में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और उनके परिजनों को हिम्मत देने की कामना करता हूं। साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”  

मुख्यमंत्री भजनलाल ने ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय की प्रमुख राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी के देहावसान पर शोक व्यक्त किया

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रमुख राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी के देहावसान पर गहरा शोक व्यक्त किया है। शर्मा ने कहा कि करूणामयी व्यक्तित्व से परिपूर्ण दादी जी ने पूरा जीवन त्याग, तपस्या और मानवता की सेवा के लिए समर्पित किया। उनका देवलोकगमन आध्यात्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय दादी रतनमोहिनी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने और उनके अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

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