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कांग्रेस ने अमेरिका से भारतीय युवाओं की वापसी पर प्रधानमंत्री का जलाया पुतला

 अलवर अलवर जिला कांग्रेस कमेटी ने अमेरिका से भारतीय युवाओं को हथकड़ी लगाकर वापस भेजने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंका। कांग्रेस की जिलाध्यक्ष योगेश मिश्रा ने इस घटना को भारत के लिए शर्मनाक बताया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी युवाओं के इस अपमान पर चुप्पी साधे हुए हैं। इसके विरोध में अलवर जिला कांग्रेस कमेटी ने नंगली सर्किल पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। इस मामले में कांग्रेस की जिलाध्यक्ष योगेश मिश्रा ने बताया जिस तरह अमेरिका में भारत के युवा गए थे और अमेरिका सरकार ने उनके हाथ पैरों पर जंजीर से बांधकर उनको भारत के लिए रवाना किया है। यह अपने आप मे ही शर्मनाक है और कांग्रेस इस मामले में सड़क पर उतर कर आंदोलन करेगी। जिया अध्यक्ष ने कहा कि यह बहुत शर्मनाक है, जिसका हम विरोध करते हैं। उन्होंने कहा जो युवा काम की तलाश में अमेरिका गए थे। अमेरिका सरकार ने उनको वापसी का रास्ता दिखा दिया है और उनको हाथों में हथकड़ी लगाकर भारत लाया जा रहा है। उसको लेकर हमारे देश के प्रधानमंत्री बिल्कुल चुप्पी साधे बैठे हैं। ऐसे में कांग्रेस पार्टी उनका विरोध करती है और आज उनका पुतला जलाया जा रहा है। जिला अध्यक्ष ने कहा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने आप को विश्व महागुरु समझते हैं। कहते हैं हम युवाओं के साथ हैं, लेकिन जब युवाओं को इस तरह लेकर आ रहे थे तब ऐसा कहने वाले मोदी जी क्यों कुछ नहीं बोल रहे। क्यों उन्होंने इसका विरोध नहीं किया। जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अमेरिका के आगे अपने घुटने टेक दिए हैं। जिला अध्यक्ष ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को अमेरिका सरकार से बात करनी चाहिए और इसका विरोध करना चाहिए,लेकिन वह उल्टा अमेरिका सरकार की बात मान रहे हैं। अगर इसी तरह चलता रहा तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक इसका विरोध करेगी और युवाओं के साथ खड़ी रहेगी। जिला अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ मोदी जी अमेरिका के राष्ट्रपति को अपना दोस्त कहते है और उनके शपथ ग्रहण में विदेश मंत्री तक को भेजते है वही दूसरी ओर अमेरिका भारत के युवाओं के साथ ऐसी असहनीय हरकत कर रहा है।  

मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना : उत्कृष्ट रूप से कोचिंग सुविधा करवाई जा रही उपलब्ध

सिरोही मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न प्रोफेशनल कोर्सेज एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से उत्कृष्ट रूप से कोचिंग सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार अधिकतम विद्यार्थियों को इसमें लाभान्वित करने की दृष्टि से राज्य सरकार द्वारा योजना को और बेहतर तरीके से लागू किया जा रहा है। इस दृष्टि से जिले ने मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के लिए अभ्यर्थियों से 10 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक राजेन्द्र कुमार पुरोहित ने बताया कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स एवं नौकरियों के लिए 30 हजार सीटों पर वरीयता अनुसार प्रवेश दिए जाने के लिए अभ्यर्थियों से वर्ष 2024-25 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजनान्तर्गत पात्र अभ्यर्थी द्वारा कोचिंग किए जाने के लिए अपने आवेदन एसएसओ पोर्टल द्वारा विभागीय एसजेएमएस एसएमएस एप के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के संबंध में नवीनतम विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाईट पर प्राप्त की जा सकती है। इन प्रतियोगी परीक्षाओं की करवाई जाएगी तैयारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक राजेन्द्र कुमार पुरोहित ने बताया कि यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा, आरपीएससी द्वारा आयोजित आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा, सब इंस्पेक्टर पूर्व में 3600 ग्रेड पे तथा वर्तमान पर मैट्रिक्स पे-लेवल 10 की अन्य परीक्षाएं, रीट परीक्षा, आरएसएसबी द्वारा आयोजित पटवारी, कनिष्ठ सहायक व समकक्ष अन्य परीक्षा, कान्सटेबल परीक्षा, बैकिंग एवं बीमा के विभिन्न परीक्षाएं, इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश, क्लेट, रेलवे रिकटमेंट बोर्ड, यूपीएससी द्वारा आयोजित कंबाइड डिफेन्स सर्विसेस स्टाफ सिलेक्शन कमिश्नर द्वारा आयोजित परीक्षाएं सीडीएस एवं एसएसत्ती, सीयूईटी आदि परिक्षाओं की तैयारी कोचिग संस्थाओं के माध्यम से कराई जाती है। ये है नियम पुरोहित के अनुसार योजनान्तर्गत आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग, आर्थिक पिछड़ा वर्ग एवं विशेष योग्यजन श्रेणी का सदस्य होना चाहिए। इसके साथ ही आवेदक के राज्य का मूल निवासी होना आवश्यक है। छात्र-छात्राएं जिनके परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये प्रतिवर्ष से कम हो या जिनके माता-पिता राज्य सरकार के कार्मिक होने पर पे-मैट्रिक्स का लेवल 11 तक का वेतन प्राप्त कर रहे हो, योजना के नियमानुसार पात्र होंगे। अभ्यर्थी द्वारा पूर्व में संचालित अनुप्रति योजना का लाभ नहींं लिया गया हो, यदि कोई अभ्यर्थी केन्द्र, राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम, आयोग, बोर्ड व अन्य किसी शासकीय निकाय में नियमित राजकीय कार्मिक के रूप कार्य करने वाले अभ्यर्थी कोचिंग योजनान्तर्गत पात्र नहीं होगा।

कोटा रेल मंडल में कार्यरत महिला कर्मचारी पर CBI ने डमी रूप से परीक्षा पास करने के आरोप में किया मुकदमा

कोटा सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन की टीम ने कोटा रेल मंडल में कार्यरत एक रेल कर्मचारी के खिलाफ डमी रूप से परीक्षा पास करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही एक महिला को भी इस पूरे मामले में आरोपी बनाया गया है जो की डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा में बैठी थी। वहीं रेलवे के अज्ञात अधिकारियों की मिलीभगत का भी आरोप इस पूरे मामले में लगा है। सीबीआई की टीम ने करौली, कोटा और अलवर सहित कई जगह पर दबिश दी थी। आरोपी महिला आशा मीणा कोटा रेल मंडल के सोगरिया रेलवे स्टेशन पर प्वांइट्समैन की ड्यूटी पर कार्यरत है। सीबीआई ने इस संबंध में प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर मुख्यालय से उन्हें एक शिकायत प्राप्त हुई थी। जिसमें डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा पास करने का आशा मीणा पर आरोप लगा था। मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जानकारी में सामने आया है कि शुक्रवार को सीबीआई की एक टीम कोटा पहुंची। टीम ने भदाना रोड स्थित एक रेलवे कर्मचारी के घर पर सर्च किया। करीब 2 घंटे जांच पड़ताल के बाद सीबीआई की टीम वापस निकल गई। टीम ने कई महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट और सबूत भी बरामद किए हैं। सीबीआई को शक है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में कुछ रेलवे अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। वहीं, दूसरी तरफ एक मामले में एक व्यक्ति मनीष मीणा ने भी अपनी ही पत्नी सपना मीणा पर आरोप लगाते नौकरी से बर्खास्त करने की मांग की थी। 15 दिन पहले मनीष मीणा ने बताया था कि उसकी पत्नी सवाई माधोपुर की रहने वाली है। जिसने साल 2019 में आरआरबी बोर्ड अजमेर से ग्रुप डी की भर्ती में ऑनलाइन आवेदन किया था। मनीष ने आरोप लगाया कि आवेदन करते समय फोटो, साइन और फिंगर मिक्सिंग करके लगाए गए। सपना ने अपने रिश्तेदार के जरिए 15 लाख रुपए में दूसरी लड़की को डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा में बैठाया था। साल 2023 में यह परीक्षा आयोजित की गई थी।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के 44 अपात्र लाभार्थियों को नोटिस जारी, जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर जिला रसद अधिकारी की कार्रवाई

जयपुर, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने वाले अपात्र व्यक्ति के लिये खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा 3 दिसम्बर, 2024 से ’गिव अप’ अभियान चलाया जा रहा है। उक्त अभियान के अन्तर्गत ऊपर वर्णित अपात्र व्यक्ति अपना नाम खाद्य सुरक्षा योजना से हटवाने हेतु आवेदन कर सकते हैं। 28 फरवरी 2025 तक स्वेच्छा से अपना नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटवाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की जायेगी। जिला रसद अधिकारी त्रिलोकचंद मीणा ने बताया कि जिला कलक्टर के निर्देशानुसार कार्यालय जिला रसद अधिकारी जयपुर प्रथम के द्वारा नोटिस जारी किये जा रहे हैं। जिला रसद अधिकारी जयपुर प्रथम द्वारा 23 अपात्र लाभार्थियों एवं जिला रसद अधिकारी जयपुर द्वितीय द्वारा 21 अपात्र लाभार्थियों सहित कुल 44 अपात्र लाभार्थियों को नोटिस जारी किये गये हैं। उन्होंने बताया कि गिव अप अभियान के अन्तर्गत खाद्य सुरक्षा सूची की निष्कासन श्रेणी में सम्मिलित परिवार यथा ऐसे परिवार जिनमें कोई भी एक सदस्य सरकारी, अर्द्ध सरकारी, स्वायत्तशासी संस्थाओं में नियमित कर्मचारी या अधिकारी हो अथवा 1 लाख रुपये वार्षिक से अधिक पेंशन प्राप्त करता हो अथवा जिसके सभी सदस्यों की कुल आय 1 लाख रुपये वार्षिक से अधिक हो या निजी चौपहिया वाहन धारक या आयकरदाता हो सम्मिलित है, को प्रेरित कर खाद्य सुरक्षा सूची से अपना नाम स्वेच्छा से पृथक करवाए जाने हेतु आवेदन करवाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि जयपुर शहर में अब तक हजारों परिवारों द्वारा गिव अप अभियान के अन्तर्गत आवेदन कर अपना नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटवाया गया है। पूर्व में उक्त अभियान की अन्तिम तिथि 31 जनवरी 2025 निर्धारित थी परन्तु वर्तमान में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा उक्त अवधि को 28 फरवरी 2025 तक बढ़ाया जाकर अपात्र व्यक्तियों को स्वेच्छा से अपना नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटवाये जाने हेतु अवसर प्रदान किया गया है।

राज्यपाल श्री बागडे से ‘भारत दर्शन यात्रा’ पर आए विद्यार्थी दल ने मुलाकात की —राज्यपाल ने विद्यार्थियों से संवाद किया

जयपुर, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से शनिवार को राजभवन में ‘भारत दर्शन यात्रा’ पर आए 35 विद्यार्थियों के दल ने मुलाकात की। सीमा सुरक्षा बल द्वारा आयोजित यह दल ‘जम्मू तवी से जयपुर’ यात्रा पर आया हुआ है। इस दौरान राज्यपाल से संवाद में उन्होंने भारत दर्शन यात्रा के अपने अनुभव साझा किए। राज्यपाल श्री बागडे ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’की संकल्पना के अंतर्गत इस तरह की यात्राओं को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने राजस्थान की संस्कृति, वीरता और शौर्य की चर्चा करते हुए गौरवमय अतीत से जुड़े राजस्थान के शौर्य और वीरता के किस्से—कहानियों में यहां के किले—महलों और मंदिरों के स्थापत्य के साथ राष्ट्रीयता से जुड़े मूल्यों पर विद्यार्थियों से संवाद किया। ‘भारत दर्शन’ पर आए 35 विद्यार्थियों के इस दल में 20 लड़के और 15 लड़कियां सम्मिलित है।

मुख्यमंत्री का विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस पर जवाब- 8 करोड़ लोगों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा कि हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाते हुए प्रदेश को खुशहाल व विकसित बनाने का है। राज्य सरकार गरीब, युवा, अन्नदाता, महिला के साथ-साथ समस्त वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा विकसित भारत 2047 हेतु दिये गये विजन के आधार पर काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने जेजेएम की अवधि मार्च 2028 तक बढ़ाई- मुख्यमंत्री ने कहा कि गत सरकार के समय जल जीवन मिशन में प्रदेश सम्पूर्ण देश में अंतिम पायदान पर खड़ा था। कार्य की गति धीमी थी, इस कारण मार्च 2025 में जेजेएम समाप्ति पर लाखों घर इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाते। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने केन्द्रीय बजट में जेजेएम की अवधि बढ़ाकर मार्च 2028 तक कर दी है। यह हमारी डबल इंजन की सरकार की शक्ति से संभव हुआ है। श्री शर्मा ने कहा कि गत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार और घोटाले किए गए थे। हमारी सरकार इनकी जांच करवा रही है। गत सरकार के समय योजना के तहत टेंडर्स में अत्यधिक प्रीमियम आ रहा था, उस पर भी अब नियंत्रण हो गया है। इसी तरह गत सरकार के समय सहकारिता विभाग द्वारा दुर्घटना एवं जीवन बीमा के लिए प्रीमियम राशि 450 करोड़ रूपये से अधिक हो गई थी, जबकि अब वह 269 करोड़ रूपये ही है। केन्द्रीय करों में राज्य की हिस्सा राशि वर्ष 2025-26 के लिए 85 हजार 716 करोड़ रूपये- श्री शर्मा ने कहा कि राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए उपलब्ध कराई जा रही सहायता तथा ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए दिये गये अतिरिक्त ऋण का महत्व है। पन्द्रहवें वित्त आयोग के तहत केन्द्र सरकार द्वारा आगामी वर्ष भी इन प्रावधानों को सहमति प्रदान की गई है। इन प्रावधानों के तहत राज्य को 18 हजार करोड़ रूपये से अधिक की राशि प्राप्त होगी। केन्द्रीय करों में राज्य की हिस्सा राशि को भी 75 हजार 156 करोड़ रूपये में 14 प्रतिशत से अधिक वृद्धि करते हुए वर्ष 2025-26 के लिए 85 हजार 716 करोड़ रूपये कर दिया गया है। केन्द्र सरकार के आम बजट वर्ष 2025-26 में हुई ऐतिहासिक घोषणाएं- मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने आम बजट वर्ष 2025-26 में ऐतिहासिक घोषणाएं कर आत्मनिर्भर भारत की ओर एक और मजबूत कदम बढ़ा दिया है। अब वह दिन दूर नहीं, जब हमारे देश की अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगी। उन्होंने कहा कि इस बजट की वजह से राजस्थान में भी 12 लाख वार्षिक आय वाले मध्यम वर्ग व नौकरी पेशा लोगों को अब किसी प्रकार का आयकर नहीं देना होगा। इससे आमजन की जेब में जब ज्यादा पैसा आयेगा और वह निश्चित तौर पर ज्यादा खर्च करेगा। उन्होंने कहा कि 77 लाख से अधिक अन्नदाताओं, किसानों के लिए केसीसी की सीमा को 3 लाख से बढाकर 5 लाख किया गया है। साथ ही, प्रदेश में 6 लाख गिग वर्कर्स को पंजीकृत कर पीएम जन आरोग्य योजना से जोड़ने का फैसला आम बजट में लिया गया है। उन्होंने कहा कि आमजन, कृषकों, निवेशकों एवं उद्यमियों को राहत देने की श्रृंखला में आर.बी.आई. द्वारा भी 0.25 प्रतिशत रेपो रेट में कमी की गई है। किसान सम्मान निधि 6 हजार से बढ़ाकर की 8 हजार रूपये- श्री शर्मा ने कहा कि गत सरकार द्वारा अतार्किक रूप से थोथी घोषणाएं की गई। किसानों से 10 दिन में संपूर्ण कर्जमाफी का वादा कर वादाखिलाफी की गई। हमारी सरकार ने प्रथम वर्ष में ही प्रदेश के विकास का एक्शन प्लान घोषित किया है। उन्होंने कहा कि वह किसान परिवार से आते है, इसलिए किसानों की जरूरतों को समझते है। आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र के तहत किसान सम्मान निधि की राशि को दोगुना करने का वादा किया था। प्रथम फेज में इसे 6 हजार रूपये से बढाकर 8 हजार रूपये किया गया है। गत सरकार के कार्यकाल में लगभग आधी घोषणाएं अपूर्ण- मुख्यमंत्री ने कहा कि गत सरकार के कार्यकाल में कुल 4148 घोषणाओं में से लगभग आधी 1921 घोषणाएं अपूर्ण रही हैं। उनके कार्यकाल में 50 हजार करोड़ रूपये से भी अधिक की अनेकों घोषणाओं पर काम ही प्रारम्भ नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि जनहित का ध्यान रखते हुए हमने पहले बजट में 5 वर्षों की कार्ययोजना निर्धारित कर 1 हजार से अधिक घोषणाएं की हैं। हमारी सरकार ने लेखानुदान और परिवर्तित बजट में कुल 1272 बजट घोषणाएं की हैं जिसमें से 297 पूर्ण हो चुकी हैं। 488 बजट घोषणाओं के संबंध में प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृतियां जारी की गई है और काम भी प्रगतिरत है। एक वर्ष की अल्प अवधि में गरीब और किसानों को पहुंचाई मदद- श्री शर्मा ने कहा कि गत सरकार के अंतिम वर्ष में 4232 स्कूटी वितरण हुई, जबकि हमारी सरकार के प्रथम वर्ष में ही 24 हजार 517 स्कूटियों का वितरण किया गया। हमने 88 हजार 800 टेबलेट का वितरण किया, जबकि गत सरकार के अंतिम वर्ष में यह संख्या शून्य रही। इसी प्रकार प्रथम वर्ष में 28 हजार 884 सोलर पम्प की स्थापना की गई जबकि गत सरकार के कार्यकाल में यह संख्या 1200 रही। हमारी सरकार ने एक वर्ष में नहरी तंत्र के माध्यम से 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई। गत सरकार के अंतिम वर्ष में यह आंकड़ा 12 हजार 492 रहा। हमने एक वर्ष में गौशालाओं को 1148 करोड़ रूपये की सहायता दी, जबकि गत सरकार ने अंतिम वर्ष में गौशालाओं को 733 करोड़ रूपये की ही सहायता दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ाते हुए कैंसर जैसी गम्भीर बीमारियों एवं शिशुओं के पैकेज आदि को सम्मिलित कर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (माँ योजना) लागू की गई। इसी प्रकार पशुधन बीमा में छोटे पशु भी शामिल करते हुए मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना लागू की गई है। रामजल सेतु लिंक परियोजना का दायरा बढ़ाया- मुख्यमंत्री ने कहा कि गत सरकार के समय ईआरसीपी को लटकाया, अटकाया और भटकाया गया। हमारी सरकार ने इस परियोजना का दायरा बढ़ाते हुए ’रामजल सेतु लिंक परियोजना’ के … Read more

180 अतिथियों के साथ रयागराज संगम स्नान करने के लिए रवाना हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री

राजस्थान प्रयागराज में महाकुंभ के अवसर पर राजस्थान मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद का विशेष दौरा प्रस्तावित था। महाकुंभ में पावन स्नान के लिए शनिवार सुबह मुख्यमंत्री अपनी मंत्रिपरिषद के 180 अतिथियों के साथ प्रयागराज पहुंचे। यह आयोजन धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रही है। मुख्यमंत्री अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ जयपुर से प्रातः 7:20 बजे विशेष हवाई जहाज से रवाना हुए और लगभग 8:40 बजे प्रयागराज हवाई अड्डे पर पहुंचे। हवाई अड्डे से मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद और अतिथिगण संगम घाट की ओर प्रस्थान करेंगे, जहां वे पावन स्नान करेंगे। राजस्थान मंडपम में होगा मंत्रिपरिषद का विशेष सत्र संगम स्नान के बाद मुख्यमंत्री और अतिथियों का राजस्थान मंडपम में स्वागत कार्यक्रम प्रस्तावित है। दोपहर के भोजन के उपरांत मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक राजस्थान मंडपम में आयोजित होगी। यह बैठक दोपहर 2:30 बजे प्रारंभ होकर 3:30 बजे तक चलेगी। बैठक में विभिन्न प्रशासनिक और राजनीतिक विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। शाम को जयपुर लौटने का कार्यक्रम बैठक के समापन के बाद शाम 5:00 बजे मुख्यमंत्री और प्रतिनिधि मंडल प्रयागराज से जयपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। कर्नल राज्यवर्धन सिंह और किरोड़ी लाल मीणा की अनुपस्थिति जानकारी के अनुसार कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के पिता के स्वर्गवास के कारण वे इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे। वहीं, वरिष्ठ नेता डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का भी कार्यक्रम में शामिल होना संदिग्ध माना जा रहा है। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व राजस्थान मंत्रिपरिषद का महाकुंभ स्नान में भाग लेना धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। इस यात्रा को राज्य सरकार की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान के सम्मान से जोड़ा जा रहा है।

राजस्थान के मायरे ने फिर चौंकाया, बहन के भरा 3 करोड़ का मायरा

नागौर  राजस्थान में एक बार फिर मायरा चर्चा का विषय बन गया है। यहां नागौर के साडोकण गांव के तीन भाइयों ने अपनी बहन के बच्चों की शादी में जो किया, उसे जानकर हर कोई हैरान है। उन्होंने मायरे यानी भात में 1 करोड़ 51 लाख रुपये नकद, 25 तोला सोना, 5 किलो चांदी और नागौर शहर में 2 प्लॉट दिए हैं। 7 फरवरी, 2025 को हुई इस कार्यक्रम में बहन के लिए भाईयों ने दिल खोल के मायरा भरा। बता दें कि राजस्थान में बहन के बच्चों की शादी में भाई की ओर से मायरा यानी (तोहफे) देने की परंपरा है। नागौर में यह परंपरा अक्सर करोड़ों के मायरे के रूप में देखने को मिलती है। इससे पहले भी नागौर में 2 करोड़ और 8 करोड़ के मायरे की खबरें सामने आ चुकी हैं। भांजे और भांजी की शादी में करोड़ों का मायरा यह मायरा इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि तीनों भाइयों ने मिलकर अपनी बहन बीरज्या देवी के बच्चों, भांजे और भांजी की शादी में 1 करोड़ 51 लाख रुपये नकद दिए। इसके अलावा 25 तोला सोना, 5 किलो चांदी और नागौर शहर में 2 प्लॉट भी मायरे में शामिल थे। यह शादी फरदोद गांव में हुई थी। यहां बीरज्या देवी के पति मदनलाल रहते हैं। भाइयों के नाम हरनिवास खोजा, दयाल खोजा और हरचंद खोजा हैं। जानिए क्या है मायरे की परंपरा राजस्थान में बहन के बच्चों की शादी में भाई की ओर से मायरा देने की परंपरा काफी पुरानी है। यह परंपरा रियासतकाल से चली आ रही है। आमतौर पर बेटी के पिता या भाई अपनी बहन के बच्चों की शादी में कपड़े और कुछ पैसे मायरे के रूप में देते हैं। मायरे को भात भी कहा जाता है। लेकिन नागौर जिले में यह परंपरा थोड़ी अलग है। यहां अक्सर करोड़ों के मायरे देखने को मिलते हैं, जो लोगों को हैरान करते हैं। कुछ समय पहले ही नागौर में एक टीचर ने 2 करोड़ रुपये का मायरा दिया था। उससे पहले एक और भाई ने 8 करोड़ रुपये का मायरा दिया था। अब यह नया मामला सामने आया है, जिसमें 1 करोड़ 51 लाख रुपये का मायरा दिया गया है। रामबक्स के दोहिते और दोहिती की आज शादी थी। इनका आज मायरा था। मायरे की रीत-रिवाज नागौर में जायल के खिंयाला का रियासत काल से ही प्रसिद्ध था। रामबक्स अपने परिवार, रिश्तेदारों और मिलने वालों के साथ बेटी के घर दो हजार लोगों के साथ पहुंचे। तीनों भाइयों ने मिलकर अपनी बहन बिराजया को चुनरी ओढ़ाई और मायरे की शुरुआत की। मायरे में एक करोड़ 51 लाख रुपये नकद, 30 तोला सोना, पांच किलो चांदी और दो प्लॉट नागौर शहर में बहन के नाम किए। इस दौरान महेंद्र चौधरी (पूर्व राजस्थान सरकार के उप मुख्य सचेतक) सुनीता चौधरी (पूर्व जिला प्रमुख) और रिद्धकरण लामरोड़ (पूर्व प्रधान जायल) सहित हजारों लोग मौजूद रहे। नागौर का मायरा सदियों से प्रसिद्ध नागौर में जायल के जाटों का मायरा सदियों से प्रसिद्ध है। मारवाड़ में इस मायरे को कॉफी सम्मान की नजर से देखा जाता है। गूगल साम्राज्य के दौरान जायल के खियाला और जायल के जाटों ने मिलकर लिछमा गुजरी को अपनी धर्म की बहन मानकर भर गए थे। मायरा आज भी जब शादी होती है और उस समय मायरा आता है तो महिलाएं लोकगीत में भी गाती हैं। कहा जाता है कि खियाला के जाट धर्माराम और गोपालराम दोनों मुगल साम्राज्य में बादशाह के लिए टैक्स कलेक्शन का काम करते थे और टैक्स कलेक्शन कर टैक्स को जमा करवाने के लिए वह दिल्ली दरबार जा रहे थे। जब दोनों भाई दिल्ली टैक्स कलेक्शन दिल्ली दरबार में जमा करवाने जा रहे थे। इसी दौरान बीच रास्ते में शादी के दिन लिछमा गुजरी नामक एक महिला बिलखती हुई रोती हुई नजर आई। जब उन्होंने कारण पूछा तो लिछमा गुजरी ने बताया कि उसके घर पर शादी है, बेटों की और उसके कोई भाई नहीं हैं, जिसके कारण उसके बच्चों की शादी में अब मायरा कौन लेकर आएगा। तब उन्होंने धर्माराम और गोपाल रामजाट ने ढांढस बांधते हुए कहा कि वह तुम्हारे भाई हैं और तुम चलो घर हम करेंगे मायरा। उस दौरान दोनों जाटों ने अपनी बहन लिछमा गुजरी के लिए टैक्स कलेक्शन के सारे रुपये से मायरा भर दिया। दूसरी तरफ बादशाह नाराज हो गए, वह समय पर नहीं पहुंचे थे। जब वह पहुंचे तब सारी बात बादशाह के सामने रखी तो उन्होंने सजा देने के बजाय उनको माफ कर दिया। कब हुई मायरे की शुरुआत मायरे की शुरुआत 600 साल पूर्व नरसी भगत ने शुरू की थी। नरसी भगत का जन्म गुजरात के जूनागढ़ में 600 साल पहले हुआ था, उस समय हुमायूं का शासन काल था। नरसी भगत जो कि जन्म से ही गूंगे और बहरे थे। वह अपनी दादी के पास ही रहते थे, उनके एक भाई भाभी भी थे। भाभी का स्वभाव कड़क था, लेकिन नरसी भगत जो कि एक संत प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। इसी प्रवृत्ति के चलते उनको आवाज और उनका वीरप्पन ठीक हो गया। नरसी जी के मां बाप एक महामारी के शिकार हो गए, नरसी भगत की शादी हुई थी और पत्नी भी भगवान के प्यारी हो गई। नरसी जी की दूसरी शादी भी करवाई, कुछ दिन बीतने पर नरसी जी के घर पर एक लड़की का जन्म हुआ और उसका नाम नानीबाई रखा नरसी बाई नरसी भगत ने अपनी बेटी की शादी अंजार नगर में करवा दी। दूसरी तरफ नरसी जी की भाभी ने उनको घर से निकाल दिया, नरसी भगवान श्री कृष्ण के अटूट भगत हैं। वह उन्हीं की भक्ति में लीन हो गए, भगवान शंकर की कृपा से उन्होंने ठाकुर जी के भी दर्शन कर लिए। उसके बाद तो नरसी जी ने सांसारिक मोहेबी त्याग दिया और संत बन गए उधर नरसी भाई ने पुत्री को जन्म दिया और पुत्री विवाह लाइक हो गई। किंतु नरसी को कोई खबर नहीं थी, लड़की के विवाह पर ननिहाल की तरफ से भात भरने की रसम के चलते नरसी जी को नरसी के पास देने के कुछ नहीं थे, नरसी जी के पास खुद की टूटी-फूटी बैलगाड़ी और बूढ़े 220 हैं। नरसी जी ने अपने कुटुम के भाई लोगों … Read more

मौसम विभाग ने जारी किया पूर्वानुमान, शीतलहर का असर स्पष्ट दिखाई दे रहा, अगले 2 दिन बढ़ेगा पारा

राजस्थान राजस्थान के हाड़ौती अंचल में पिछले दो दिनों से जारी शीतलहर ने सर्दी का असर बढ़ा दिया है। रात के समय गलन बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं। कोटा शहर में भी शीतलहर का असर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। बुधवार रात को कोहरा छाया था, जिसके परिणामस्वरूप गुरुवार सुबह गलन में वृद्धि हुई। स्कूली बच्चे ठिठुरते हुए विद्यालय पहुंचे, लेकिन सुबह 8 बजे के बाद धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिली और वे धूप सेंकते नजर आए। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरी हवाओं के प्रभाव से सर्द मौसम बना रहेगा। 8 और 9 फरवरी को बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि, अगले सप्ताह से प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने और दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी होने का पूर्वानुमान जताया गया है। इसका मतलब यह है कि जल्द ही सर्दी का असर कम होने लगेगा और तापमान में वृद्धि होगी। तापमान में गिरावट और राहत की उम्मीद बीती रात 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चली उत्तरी हवाओं के कारण रात का तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। शेखावाटी अंचल के फतेहपुर कस्बे में न्यूनतम तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो मैदानी इलाकों में सबसे कम था। तापमान की जानकारी विभिन्न स्थानों का तापमान निम्नलिखित रहा- करौली: 3.8 डिग्री सेल्सियस लूणकरणसर: 4.6 डिग्री सेल्सियस माउंट आबू: 4.0 डिग्री सेल्सियस अंता बारां: 5.7 डिग्री सेल्सियस पिलानी: 6.4 डिग्री सेल्सियस चूरू: 5.6 डिग्री सेल्सियस दौसा: 5.6 डिग्री सेल्सियस संगरिया: 6.6 डिग्री सेल्सियस वनस्थली: 6.1 डिग्री सेल्सियस भीलवाड़ा: 6.2 डिग्री सेल्सियस चित्तौड़गढ़: 6.4 डिग्री सेल्सियस सीकर: 7.0 डिग्री सेल्सियस आने वाले दिनों में मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 8 और 9 फरवरी को बादल छाने की संभावना है, लेकिन उसके बाद प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा। तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे सर्दी का असर कम हो सकता है। सर्दी के बढ़ते प्रभाव के कारण लोग ऊनी कपड़े पहनकर बाहर निकलने लगे हैं। अलाव जलाना और धूप सेंकना सर्दी से राहत पाने के प्रमुख उपाय बन गए हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में लोग शीतलहर से बचने के लिए अलाव जलाकर सर्दी से बचने का प्रयास कर रहे हैं। कोटा का अधिकतम तापमान 1 डिग्री गिरकर 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 5 डिग्री गिरकर 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दृश्यता भी 3,000 मीटर से घटकर 2,000 मीटर रह गई थी।

मुख्यमंत्री शर्मा ने कांग्रेस के हंगामे के बीच राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का दिया जवाब, विपक्ष को कठघरे में किया खड़ा

जयपुर राजस्थान विधानसभा में सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया अध्याय लिखा गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस के हंगामे के बीच राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का जवाब दिया और विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया। खासतौर पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के न बोलने को लेकर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर “षड्यंत्र” का आरोप लगाते हुए इसे पार्टी की अंदरूनी कलह करार दिया। हंगामे के बीच विपक्षी विधायक नारे फोन टैपिंग बंद करो, मुख्यमंत्री इस्तीफा दो के नारे लगाते रहे। कांग्रेस के अंदरूनी संघर्ष पर तंज मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर वंचित वर्ग से आने वाले नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका, जिससे साफ जाहिर होता है कि पार्टी के भीतर गहरी खींचतान चल रही है। सत्ता पक्ष के इस आरोप से एक ओर जहां कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर सवाल उठते हैं, वहीं दूसरी ओर यह भी स्पष्ट होता है कि भाजपा इस मुद्दे को एक बड़े चुनावी नैरेटिव के रूप में देख रही है। राज्य की योजनाओं पर आरोप-प्रत्यारोप मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार और धीमी गति का आरोप लगाया। यह बयान स्पष्ट करता है कि भाजपा आने वाले समय में कांग्रेस शासन की नाकामियों को जोर-शोर से उठाकर खुद को मजबूत स्थिति में लाने की रणनीति अपना रही है। चार साल बाद कांग्रेस के विधायक सदन में नहीं दिखेंगे? मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह दावा कि “चार साल बाद कांग्रेस विधायक सदन में नजर नहीं आएंगे”, यह दिखाता है कि भाजपा अपने चुनावी भविष्य को लेकर बेहद आत्मविश्वास से भरी हुई है। हालांकि, यह दावा करना जल्दबाजी होगी कि कांग्रेस पूरी तरह हाशिए पर चली जाएगी, लेकिन विधानसभा में मौजूदा गतिरोध और कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को देखते हुए भाजपा के लिए यह अवसर जरूर है कि वह अपनी राजनीतिक जमीन को और मजबूत करे। उपचुनाव के नतीजों पर सियासी वार मुख्यमंत्री ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर तंज कसते हुए कहा कि “मोरिया किसका बोला?” यानी उपचुनाव के नतीजे कांग्रेस की हार की ओर इशारा करते हैं। इससे साफ है कि भाजपा राजस्थान में उपचुनाव के परिणामों को कांग्रेस के खिलाफ बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल करने जा रही है। विपक्ष की रणनीति और भाजपा की आक्रामकता मुख्यमंत्री का यह बयान कि “डोटासरा के चक्कर में आ गए जूली”, यह दर्शाता है कि भाजपा विपक्षी एकता को तोड़ने और कांग्रेस में अंतर्विरोध को उजागर करने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं, कांग्रेस के लिए यह जरूरी होगा कि वह अपनी गुटबाजी को खत्म कर एक संगठित विपक्ष की भूमिका निभाए, वरना भाजपा अपने राजनीतिक एजेंडे को मजबूती से आगे बढ़ाने में कामयाब हो जाएगी।

राहगीरों से मोबाइल और पैसे छीनने वाले दो युवकों भीड़ ने बुरी तरह से पीटा

बीकानेर शहर के सदर थाना इलाके के चौखूंटी पुलिया के पास राहगीरों से मोबाइल और पैसे छीनने वाले दो युवकों को यहां इकट्ठा हुई भीड़ ने बुरी तरह से पीटा। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार मोबाइल की छीना-झपटी करने वाले युवकों में एक युवक भागने में सफल रहा, लेकिन दूसरा भीड़ के हत्थे चढ़ गया और गुस्साई भीड़ ने उसकी जमकर धुनाई कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इलाके में लंबे समय से मोबाइल और पैसे छीनने की घटनाएं बढ़ रही थीं। इसी के चलते इलाके में जब लोगों ने इन युवकों को संदिग्ध हरकत करते देखा और फिर एक राहगीर से मोबाइल छीनते हुए पकड़ा तो युवक को घेर लिया और लात-घूंसों से उसकी पिटाई शुरू कर दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह भीड़ को शांत करवाकर आरोपी को हिरासत में ले लिया। अब पुलिस आरोपी युवक से उसके साथियों के बारे में पूछताछ की आगे की कार्रवाई में लगी है।

राजस्थान रोडवेज बस में शराबी कंडक्टर ने महिला यात्री से बदसलूकी, लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा

सवाई माधोपुर सवाई माधोपुर रोडवेज डिपो से जयपुर जा रही बस में कंडक्टर पर महिला यात्री से अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम सवाई माधोपुर आगार की रोडवेज बस के कंडक्टर देवीलाल जाट शराब के नशे में धुत होकर यात्रियों के टिकट बना रहा था। इस दौरान उसने एक महिला यात्री को गलत टिकट दिया और विरोध करने पर उससे बदसलूकी की। इससे  गुस्साएं यात्रियों ने बस रोक दी और थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने कंडक्टर को हिरासत में ले लिया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद रोडवेज प्रबंधन ने आरोपी कंडक्टर को रूट से हटा दिया और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। जानकारी के मुताबिक सवाई माधोपुर रोडवेज डिपो से एक बस वाया बौंली होते हुए जयपुर की ओर जा रही थी। इस इस दौरान बस कंडक्टर देवीलाल जाट शराब के नशे में धुत होकर बस में यात्रियों के टिकट बनाने लगा। इस दौरान एक महिला यात्री ने बस कंडक्टर से बार-बार जामडोली का टिकट मांगा, लेकिन नशे में धुत बस कंडक्टर ने महिला यात्री का टिकट जामडोली की बजाय निवाई का बना दिया। जिस पर महिला यात्री ने बस कंडक्टर को टोका तो बस कंडक्टर महिला यात्री के साथ बदसलूकी पर उतर आया। इस दौरान नशे में धुत बस कंडक्टर अन्य यात्रियों के साथ भी गलत तरीके से पेश आया। आरोप है कि कंडक्टर ने शराब पी रखी थी और नशे में धुत था। लगातार बस में सवार यात्रियों से दुर्व्यवहार कर रहा था। शराबी बस कंडक्टर की हरकतों से तंग आकर गुस्साए बस यात्रियों ने टोरडा गांव में रोडवेज बस को रोक लिया और सभी आक्रोशित यात्री बस से नीचे आ गए। हंगामा देख गांव के ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए और बौंली थाना पुलिस को भी मौके पर बुला लिया। ग्रामीणों ने कहा कि कंडक्टर देवीलाल जाट आए दिन शराब पीकर ही बस में अपनी ड्यूटी करता है और यात्रियों से दुर्व्यवहार करता है। ऐसे में ड्यूटी पर लापरवाही बरतने वाले कंडक्टर के खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए। भीड़ का गुस्सा देखकर पुलिस ने कंडक्टर को हिरासत में ले लिया। उसके बाद रोडवेज बस को रवाना किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने घटना का वीडियो भी बना लिया और वायरल कर दिया। रोडवेज ने जारी किया नोटिस शराब के नशे में धुत बस कंडक्टर द्वारा महिला यात्री सहित अन्य यात्रियों के साथ बदसलूकी करने का वीडियो वायल होने के बाद सवाई माधोपुर रोडवेज आगार प्रबंधक पीयूष जैन द्वारा आरोपी बस कंडक्टर देवीलाल जाट को रूट से हटा दिया गया। साथ ही नोटिस जारी किया गया है। मामले को लेकर रोडवेज आगार प्रबंधक पीयूष जैन का कहना है कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी बस कंडक्टर के खिलाफ आवश्यक विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं बौंली थाना पुलिस आरोपी बस कन्डेक्टर की शांतिभंग में गिरफ्तार किया है।

भीलवाड़ा के मांडलगढ़ में सड़क दुर्घटना में 8 युवकों की अंत्येष्टि में कलेक्टर भी हुए शामिल, बंद रहा बड़लियावास

भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बड़लियावास के 8 युवकों की गुरुवार देर शाम जयपुर के पास दूदू में हुए भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद बड़लियास सहित आसपास के गांवों में गमगीन माहौल है। बड़लियास गांव पूरी तरह से बंद रहा, जहां पांच मृतकों की अंत्येष्टि संपन्न हुई, जबकि तीन मृतकों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांवों में किया गया। भीलवाड़ा के जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू शुक्रवार सुबह बड़लियास पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी और मुख्यमंत्री की ओर से शोक संवेदना प्रकट की। उन्होंने घोषणा की कि प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बड़लियास में पांच मृतकों की अंत्येष्टि के दौरान सैकड़ों लोग शामिल हुए। जानकारी के अनुसार मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बड़लियास और आसपास के गांवों के ये युवक महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज जा रहे थे। हादसा उस समय हुआ जब जोधपुर से आ रही एक रोडवेज बस का टायर फट गया और बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार करके श्रद्धालुओं की कार से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह पिचक गई और उसमें सवार सभी आठ युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में रविकांत पुत्र मदनलाल, बाबू रैगर पुत्र मदनलाल, नारायण निवासी बड़लियास, दिनेश कुमार पुत्र मदनलाल रैगर, बबलू मेवाड़ा पुत्र मदन मेवाड़ा, किशन पुत्र जानकीलाल, प्रमोद सुथार पुत्र मूलचंद निवासी मुकुंदपुरिया), मुकेश कुमार शामिल थे। एक ही जगह पर पांच चिताएं जलती देख पूरा गांव गमगीन हो गया। सैकड़ों लोगों ने अंतिम संस्कार में भाग लिया। जिला कलेक्टर ने बताया कि सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के तहत भी मृतकों के परिजनों को सहायता दी जाएगी। वहीं ग्राम सरपंच प्रकाश रैगर ने मृतकों के परिवारों के लिए 21 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। मांडलगढ़ विधायक गोपाल खंडेलवाल ने इस भीषण सड़क हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। विधायक खंडेलवाल ने कहा कि वे हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हादसे के वक्त वे विधानसभा सत्र में थे, लेकिन सूचना मिलते ही तुरंत दूदू मोर्चरी पहुंचे। उन्होंने पुलिस को पंचनामा तैयार करवाने और शवों का पोस्टमार्टम कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। रात में सभी शवों को एंबुलेंस से उनके गांवों तक पहुंचाया गया।  

किसानों और लघु उद्यमियों को सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से मिलेगा दीर्घकालीन ऋण

36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों को 130 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य आवंटित जयपुर,  राज्य भूमि विकास बैंक प्रदेश के 36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों को 130 करोड़ रुपये के दीर्घकालीन ऋण वितरण करेगा। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने बताया कि राज्य के सभी जिलों के किसानों और लघु उद्यमियों को अब सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से दीर्घकालीन कृषि एवं अकृषि ऋण उपलब्ध हो पाएंगे। सहकारिता मंत्री ने बताया कि कृषकों और लघु उद्यमियों को यह ऋण राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप क्रमश: 7 प्रतिशत एवं 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के तहत उपलब्ध करवाये जाएंगे। उन्होंने बताया कि नाबार्ड से पुनर्वित्त के अभाव में काफी समय से अधिकांश भूमि विकास बैंकों द्वारा उक्त योजनाओं के अंतर्गत ऋण वितरण नहीं हो पा रहा था। विगत दिनों नाबार्ड द्वारा पुनर्वित्त जारी करने एवं एनसीडीसी द्वारा ब्याज दरों में कमी किये जाने के परिणामस्वरूप अब ऋण वितरण संभव हो सकेगा। श्री दक ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ब्याज अनुदान उपलब्ध करवाये जाने के फलस्वरूप भूमि विकास बैंकों द्वारा वितरित दीर्घकालीन कृषि ऋण मात्र 5.05 प्रतिशत एवं दीर्घकालीन अकृषि उत्पादक ऋण मात्र 7.05 प्रतिशत की ब्याज दर पर उपलब्ध होगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ऐसे लगभग 15 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों, जहां पिछले 5-6 वर्षों से दीर्घकालीन ऋण वितरण नहीं किया जा रहा था, को भी ऋण वितरण के लक्ष्य आवंटित किये गये हैं। इनमें अजमेर, केकड़ी, टोंक, हिण्डौन, सवाई माधोपुर, जालौर, पाली, सिरोही, बारां, बूंदी, झालावाड़, कोटा, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक शामिल हैं। प्रदेश की दीर्घकालीन सहकारी साख संरचना के पुनरुद्धार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने स्व. कर्नल लक्ष्मण सिंह राठौड़ को श्रद्धासुमन अर्पित किए

जयपुर, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने शुक्रवार को उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के निजी आवास पर पहुंचकर उनके पिता स्व. कर्नल लक्ष्मण सिंह राठौड़ की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। दिया कुमारी ने कर्नल लक्ष्मण सिंह राठौड़ के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. कर्नल लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने अपना संपूर्ण जीवन देश की सेवा में समर्पित किया, उनके योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता।

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