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गोविन्दपुरा रोपाड़ा में 9 जनवरी से आयोजन, राजस्थान-जयपुर में ‘सशक्त युवा-विकसित भारत’ की थीम पर होगा मिनी जम्बूरी

जयपुर। राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड मंडल मुख्यालय, जयपुर द्वारा आगामी 9 जनवरी से 13 जनवरी, 2024 तक जयपुर के गोनेर रोड स्थित गोविन्दपुरा रोपाडा़ में मिनी जम्बूरी (जिला स्तरीय प्रतियोगिता रैली) का आयोजन किया जाएगा। सशक्त युवा-विकसित भारत की थीम पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में जिला- जयपुर, जयपुर ग्रामीण, दूदू एवं कोटपूतली-बहरोड़ के 3 हजार से अधिक स्काउट गाइड भाग लेंगे। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने रैली के आयोजन के संबंध में बैठक ली एवं आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में जिला कलक्टर ने नगर निगम, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जलदाय विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, जयपुर विकास प्राधिकरण, स्कूल शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पर्यटन विभाग, वन विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग संबंधित विभागों के अधिकारियों को रैली के सफल आयोजन के लिए जिम्मेदारियां सौंपी। बैठक में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को मिनी जम्बूरी के सफल आयोजन के लिए हर संभव प्रयास एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

जनसुनवाई के प्रकरणों को समयबद्ध निपटाएं, राजस्थान-जयपुर कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने दिए निर्देश

जयपुर। जिला कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को साप्ताहिक समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को जनसुनवाई के दौरान प्राप्त प्रकरणों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिये। साथ ही जिला कलक्टर ने अधिकारियों को कुर्रेजात, सीमाज्ञान, नामांतरण, पत्थरगढ़ी एवं भू-रूपांतरण सहित समस्त प्रकार के लंबित राजस्व वादों में भी कमी लाने के निर्देश दिये। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को रास्ता खोलो अभियान के तहत अधिक से अधिक ग्रामीणों को लाभांवित करने एवं खोले गए रास्तों पर जल्द से जल्द ग्रेवल सड़कों के निमार्ण के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने बैठक में जिले में संचालित लोक कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन एवं कार्य प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले के सभी उपखण्ड अधिकारियों को युवा महोत्सव के सफल आयोजन के लिए समस्त तैयारियां दुरुस्त रखने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे सभी स्तर पर आयोजित होने वाले इस युवा महोत्सव में ज्यादा से ज्यादा प्रतिभाशाली युवा अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं इसके लिए अधिकारी कार्ययोजना का बेहतर रूप से क्रियान्वयन करें। डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को जिला स्तरीय जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने, नियमित जनसुनवाई करने, राजकीय कार्यालयों, विद्यालयों, छात्रावासों का नियमित रूप से निरीक्षण करने एवं अधिक से अधिक रात्रि चौपाल कार्यक्रमों के आयोजन के निर्देश दिये। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को आगामी सर्द ऋतु के मद्देनजर क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में रैन बसेरे संचालित करने एवं रैन बसेरों में साफ-सफाई, साफ बिस्तर सहित अन्य इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने अधिकारियों को मर्ज किये गए राजकीय विद्यालयों के भवनों में वर्तमान में किराये के भवन में संचालित आंगनबाड़ी अथवा स्वास्थ्य केन्द्र अथवा अन्य राजकीय कार्यालय संचालित करने की कार्यवाही अमल में लाने के लिए भी निर्देशित किया। बैठक में राजस्थान संपर्क पोर्टल, मुख्यमंत्री सहायता कोष से जुड़े प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग सुधार के लिए समस्त आवश्यक तैयारियां दुरुस्त करने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को अपने क्षेत्र में गोद लिये गए पार्कों का गुणवत्तापूर्ण विकास करने के निर्देश दिये गए। बैठक में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रथम) श्रीमती विनीता सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर (तृतीय) श्रीमती कुंतल विश्नोई, सहित नगर निगम, शिक्षा विभाग, सामाजिक न्या एवं अधिकारिता विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, समस्तर उपखण्ड अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, अधीशासी अधिकारी, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी वीसी के माध्यम से बैठक में जुड़े।

सार्वजनिक निर्माण कार्यों को जल्द मंजूरी की मांग, राजस्थान-उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी मिलीं केंद्रीय मंत्रियों से

जयपुर। राजस्थान की उप मुख्यमंत्री  दिया कुमारी ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और श्रीमती अन्नपूर्णा देवी से मुलाकात की।  उप मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर उन्हें अवगत करवाया कि राजस्थान में सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं पर्यटन विभाग से संबंधित विभिन्न कार्यों के संपादन के लिए आवश्यक पर्यावरण स्वीकृति हेतु केंद्र सरकार को भिजवाए गए प्रस्तावों पर शीघ्र कार्यवाही करते हुए स्वीकृति दिलवाने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री श्री यादव ने जल्द त्वरित कार्यवाही के लिए आश्वस्त किया। उप मुख्यमंत्री ने मंगलवार को ही केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्ण देवी से मुलाकात कर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से संबंधित राज्य सरकार की विभिन्न मांगों एवं विषयों पर सार्थक चर्चा की। केंद्रीय मंत्री द्वारा केंद्र सरकार द्वारा संपूर्ण सहयोग के लिए आश्वस्त किया गया।

विद्यार्थियों को दिलाई शपथ, राजस्थान-जयपुर में संविधान दिवस निकाली रैलियां

जयपुर। संविधान दिवस के अवसर पर मंगलवार को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार राजस्थान के सभी 36 जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुख्यालय व 181 तालुका विधिक सेवा समिति द्वारा जिला व तालुका स्तर पर विभिन्न विद्यालय, महाविद्यालय पर विद्यार्थियों को संविधान की पालना की शपथ दिलाई गई एवं विधिक जागरूकता रैलियां निकलायी गई एवं उपस्थित लाभार्थियों को संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों, मूल अधिकारों, नीति निर्देशक तत्वों के बारें मेें जानकारी दी गई। राजस्थान के विभिन्न कारागृहों में भी विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव ने बताया ​कि संविधान दिवस के अवसर पर मौलिक कर्तव्य, मूल अधिकारों, नीति निर्देशक तत्वों, शिक्षा का अधिकार के बारे में विधिक जागरूकता कार्यक्रम में विस्तार से जानकारी दी गई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं व निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर स्कीम, नालसा पोर्टल, नालसा हेल्पलाईन तथा कार्यस्थल पर महिलाओं का लैगिंक उत्पीड़न अधिनियम, वरिष्ठ नागरिकों का अधिकार एवं परिवार में उनकी भूमिका, दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या जैसे विषयों तथा लोक अदालत प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। इसके साथ ही राज्य के समस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुख्यालय व तालुका विधिक सेवा समिति द्वारा जिला व तालुका स्तर पर संविधान दिवस के अवसर पर 29 सेमीनार, 563 विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर एवं 30 रैलियों का आयोजन कर 62 हजार से ज्यादा व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया।

टेस्ट के बाद मिलती है गैंग में एंट्री, राजस्थान-जयपुर में लॉरेंस और रोहित गैंग के बदमाशों का खुलासा

जयपुर. संजय सर्किल थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए लॉरेंस और रोहित गैंग से जुड़े चार बदमाशों से पूछताछ में कई चौकाने वाली बातें सामने आई है। बदमाशों से पूछताछ में सामने आया है कि गैंग में एंट्री के लिए पहले टेस्ट देना पड़ा है। टेस्ट में पास होने पर ही उन्हें गैंग में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। गिरफ्तार हुए बदमाश फेमस होने के लिए वे गैंग से जुड़े थे। गैंग से जुड़ने से पहले छोटे-छोटे टेस्ट लेकर परखा जाता है। फोन के जरिए ही सभी ऑर्डर मिलते हैं। हथियार पिकअप और डिलीवर करते थे, लेकिन सिस्टम ऐसा है कि कभी किसी का चेहरा नहीं देखा। गैंग के बदमाशों के पास लॉरेंस गैंग की तरफ से फोन आता था। एमपी से हथियार लाते और जयपुर में डिलीवरी देते थे। ये लोग नहीं जानते थे कि किस से हथियार लाए हैं, किसे हथियार देने हैं। पूछताछ में सामने आया कि इनके पास फोन आता है। फोन करने वाला बताता था कि हथियार एक जगह पर पत्थर के नीचे रखे हुए हैं। बदमाश बताई जगह पर जाते। वहां से हथियार उठा लेते। फिर इन्हें बताया जाता कि जयपुर में किस जगह पर हथियार छोड़ने हैं। ये लोग उसी जगह हथियार छोड़ देते थे। चारों बदमाश किसी भी व्यक्ति के साथ डायरेक्ट सम्पर्क में नहीं थे।  उन्हें लगता है कि इस गैंग के साथ जुड़कर फेमस हो जाएंगे। उनको पैसा मिलेगा, क्योंकी अभी तक ये लोग बेरोजगार हैं। इनके पास कोई काम नहीं है। बदमाशों की पोस्ट को लाइक, कॉमेंट और फॉलो कर के गैंग से जुड़ जाते हैं। इनके पास फोन आने लगते हैं। फोन करने वाले खुद को लॉरेंस, रोहित गोदारा बता कर बात करते हैं। ये लोग इनसे फोन पर बात करते रहते हैं। गैंग के लोग पता करते हैं ये लोग काम के भी है या नहीं। पहले छोटे-छोटे टास्क दिये जाते हैं। इसमें किसी के घर के बाहर की रेकी करना, व्यापारियों के नम्बर लाना, उसके आने-जाने के टाइम नोट करना। काम अच्छा होने पर इन लोगों को पैसा दिया जाता है। पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर राशि डूडी डोगरा ने बताया कि आज के युवा जल्द पैसा कमाने और फेम कमाने के लिए हर तरीके अपना रहा है। वह बदमाशों के साथ इसीलिए जुड़ रहा है क्योंकी उसे जल्दी पैसा कमाना है। गैंग ऑपरेट करने वालों को भी ऐसे ही लोगों की जरूरत है। ये लोग नहीं समझ रहे कि ये लोग केवल एक कटपुतली हैं। इनका इस्तेमाल कर के जेल भिजवा देंगे और उनका कुछ नहीं जाएगा। चारों युवकों के पास से जो मोबाइल फोन मिले हैं, उन की फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) जांच करानी है। गिरफ्तार बदमाशों के पास गैंग का फोन कब और कहां से आया। उन नंबरों को कौन यूज कर रहा है। सारी जानकारी मिलने के बाद टीम एक्शन करेगी। टीम का आगे का काम यही है कि ये लोग जिन लोगों के सम्पर्क में थे उन लोगों तक कैसे पहुंचा जाए।

Kirodi Lal Meena की तबीयत हुई ख़राब, अस्पताल में भर्ती

जयपुर  भजनलाल सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की तबीयत अचानक बिगड़ गए गई है। बीती रात को वे जयपुर स्थित अपने आवास पर ही थे। आज बुधवार सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने से उनका स्टाफ उन्हें लेकर सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचा, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि डॉ. मीणा का पहले से ही इलाज चल रहा था। आज फिर से उनकी तबीयत बिगड़ने से उन्हें भर्ती किया गया है। सभी तरह की जांच की जा रही है। किरोड़ीलाल मीणा को पेट दर्द, उल्टी और जलन की शिकायत डॉ. मीणा की दवाइयां पिछले कुछ समय से चल रही है। आज सुबह उन्हें अचानक पेट दर्द, उल्टी, जलन और एसीडीटी की शिकायत ज्यादा हुई तो परिजन और स्टाफ उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचा। पहले इमरजेंसी में दिखाया गया और फिर उन्हें भर्ती कर लिया गया। अस्पताल अधीक्षक ने डॉक्टरों की एक टीम का गठन किया है जो डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के स्वास्थ्य का लगातार अपडेट ले रहे हैं। डॉ. मीणा को जनरल मेडिसिन डिपार्टमेंट के सीनियर प्रोफेसर डॉ. सीएल नवल की युनिट में भर्ती किया गया है। पिछले एक महीने रही काफी भागदौड़ डॉ. मीणा पिछले एक महीने से भारी भागदौड़ में रहे। विधानसभा उपचुनाव के पहले से वे चुनाव में व्यस्त हो गए थे। उनके छोटे भाई जगमोहन मीणा को भाजपा ने दौसा से चुनाव मैदान में उतारा था। अपने भाई के चुनाव प्रचार में डॉ. मीणा ने खूब मेहनत की। दिन रात भागदौड़ की। लगातार वे चुनाव प्रचार में व्यस्त रहे। इस दौरान वे अपने स्वास्थ्य का ख्याल नहीं रख पाए। चुनाव में जगमोहन मीणा चुनाव नहीं जीत पाए। इससे डॉ. मीणा को बड़ा धक्का लगा। शारीरिक और मानसिक रूप से वे अपने आप को एडजस्ट नहीं कर पाए। इस वजह से बुधवार सुबह उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी।

पुलिस को देखकर भागे कार सवार बदमाश, राजस्थान-जयपुर में युवक का अपहरण

जयपुर. शिप्रापथ थाना इलाके में कार सवार 4-5 बदमाशों एक युवक को अगवा कर लिया। बदमाश उसे टोंक की तरफ ले जा रहे थे, इसी दौरान पुलिस की नाकाबंदी देखकर बदमाश उसे छोड़कर भाग निकले। टोंक पुलिस की सूचना पर जयपुर पुलिस मौके पर पहुंची और अपहृत युवक को लेकर आई। पुलिस के अनुसार कुंडेरा सवाई माधोपुर निवासी विकास ने मामला दर्ज करवाया कि वह अपने दोस्त अभिलेख के साथ 25 नवंबर को जयपुर चौपाटी गया था। वह टॉयलेट करने चला गया, इसी दौरान जयपुर चौपाटी के पास पहले से मौजूद स्कॉर्पियो में से 4-5 बदमाश उतरे और जबरन उसके दोस्त को कार में पटक लिया और लेकर चलते बने। यह घटना इतनी जल्दबाजी में हुई कि वह बदमाशों की कार के नंबर नहीं देख पाया। इस पर उसने अभिलेख के परिजनों के साथ पुलिस को घटना की जानकारी दी। जांच अधिकारी एएसआई राजाराम ने बताया कि बदमाश अभिलेख को लेकर टोंक की तरफ निकल गए। सूचना पर स्थानीय पुलिस के साथ टोंक पुलिस से भी नाकाबंदी करवाई गई। दंतवास के पास बदमाश पुलिस की नाकाबंदी देखकर अभिलेख को उतारकर भाग निकले। इस दौरान बदमाशों ने रास्ते में अभिलेख से मारपीट की और उसके पिता से करीब 25 हजार रुपए ऑनलाइन डलवा लिए, लेकिन रुपयों का ट्रांसफर नहीं हो पाया। इस कारण पैसा बदमाशों तक नहीं पहुंच पाया। पुलिस ने बदमाशों का अपह्त युवक के नम्बरों के आधार पर करना शुरू किया था और उसी आधार पर टोंक पुलिस से भी नाकाबंदी करवाई थी। अपह्त युवक को चार घंटे में ही मुक्त करवा लिया गया था। फिलहाल बदमाश पकड़ से दूर है उनकी तलाश की जा रही है।

दरी पट्टी बिछाने पर विवाद, हालत गंभीर, राजस्थान-दौसा के स्कूल में 10वीं के छात्र का काटा गला

दौसा. दौसा जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के बहरावंडा गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 10 में पढ़ने वाले दो छात्रों में दरी पट्टी बिछाने की बात को लेकर विवाद हो गया था। जिसके चलते दोनों में हुए झगड़े में स्कूल प्रशासन ने दोनों को स्कूल से छुट्टी देकर घर भेज दिया। इस दरमियान घर जाते समय छात्र महेश सैनी पर पीछे से हमला कर गले पर धारदार हथियार से उसे जख्मी कर दिया। इधर, तीजे की बैठक में जाकर आ रहे उसके परिजनों को घटना की जानकारी पता चली। जिसपर परिजन घटनास्थल पर पहुंचे देखा तो महेश सैनी अचेत अवस्था में लहूलुहान हालत में बहराउंडा अस्पताल में भर्ती था। आनन-फानन में उसे दौसा जिला अस्पताल में रेफर कर दिया। थानाधिकारी सुणी लाल मीणा ने बताया कि घायल महेश सैनी दसवीं का छात्र है, जिसकी उम्र 15 साल की है। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।

चुनाव में संपत्ति की दी गलत जानकारी, राजस्थान-जोधपुर हाईकोर्ट ने विश्वराज-महिमा कुमारी और दीप्ति माहेश्वरी को दिया नोटिस

जोधपुर. जोधपुर राजस्थान हाईकोर्ट ने राजसमंद के लोकसभा चुनाव को लेकर निर्दलीय प्रत्याशी की ओर से पेश चुनाव याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जस्टिस मदन गोपाल व्यास की बेंच में जितेन्द्र कुमार खटीक की याचिका पर राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़, नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़, राजसमंद विधायक दिप्ती माहेश्वरी सहित अन्य को नोटिस जारी किया है। याचिका पर जस्टिस मदन गोपाल व्यास की बेंच ने मंगलवार को 16 दिसंबर सुनवाई की तारीख तय की। निर्दलीय प्रत्याशी एवं अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार खटीक ने चुनाव याचिका पेश की। याचिका में लोकसभा चुनाव में गड़बड़ी के आरोप और नामांकन गलत तरीके से स्वीकार करने को लेकर एवं गलत शपथ पत्र पेश करने और चुनाव जीतने के लिए मतदाताओं को प्रलोभन अन्य अवैध तरीके से विधि विरुद्ध चुनाव जीतने का आरोप लगाते हुए याचिका में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद याचिका में सभी पक्षकारों को नोटिस जारी करते हुए 16 दिसम्बर को जवाब तलब किया है। महाराणा प्रताप के वंशज विश्वराज सिंह मेवाड़ के राजतिलक के बाद से परेशानी बढ़ी हुई है। पारिवारिक विवाद के बाद हंगामा मच हुआ है। भाई के नोटिस का मामला अभी थमा भी नहीं था कि अब चुनाव में गड़बड़ी के आरोप के चलते हाईकोर्ट ने भी नोटिस थमा दिया है। ये है मामला राजसमंद के एडवोकेट जितेंद्र खटीक ने 8 जुलाई 2024 को यह याचिका दाखिल की थी, जिसे 23 जुलाई को स्वीकार किया गया। याचिका में सांसद महिमा कुमारी मेवाड़, उनके पति नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ और राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। संपत्ति और शपथ पत्र में विसंगतियां खटीक ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान महिमा कुमारी और उनके पति विश्वराज सिंह द्वारा पेश किए गए शपथ पत्रों में संपत्ति संबंधी जानकारियां अलग-अलग थीं। महिमा कुमारी ने अपने शपथ पत्र में 5 पैन कार्ड की जानकारी दी, जबकि विश्वराज सिंह ने केवल 4 पैन कार्ड अंकित किए। यह विसंगति चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है। दोहरा वोटर कार्ड का विवाद राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी पर आरोप है कि उन्होंने विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान राजसमंद का वोटर कार्ड नामांकन के साथ पेश किया, जबकि इससे पहले हुए उपचुनावों में उन्होंने उदयपुर का वोटर कार्ड प्रस्तुत किया था। याचिका में यह सवाल उठाया गया है कि एक व्यक्ति के पास दो अलग-अलग जगहों के वोटर कार्ड कैसे हो सकते हैं। मतदाताओं को लुभाने का आरोप चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए राजसमंद में वी-मार्ट मॉल का कथित रूप से इस्तेमाल किया गया। याचिका के अनुसार, मॉल के माध्यम से मतदाताओं को सामान और फ्रीबीज दिए गए, जिससे चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन हुआ।

15 लाख अभ्यर्थियों को नहीं करना होगा इंतजार, राजस्थान-जयपुर में REET की एक ही दिन होगी परीक्षा

जयपुर. राजस्थान में सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। शिक्षा विभाग ने REET (राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा) के आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। जयपुर के शिक्षा संकुल में मंगलवार को हुई बैठक में फरवरी 2024 में REET परीक्षा आयोजित करने और दिसंबर 2023 से आवेदन प्रक्रिया शुरू करने पर चर्चा हुई। शिक्षा विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया कि इस बार REET परीक्षा पूरे प्रदेश में एक ही दिन आयोजित की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के आवंटन में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि अभ्यर्थियों को उनके गृह जिले या नजदीकी जिलों में ही केंद्र मिले। तीन महीने में पूरी होगी प्रक्रिया परीक्षा के आयोजन के बाद तीन महीने में आंसर की और रिजल्ट जारी करने के साथ शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की तारीख भी घोषित कर दी जाएगी। शिक्षा विभाग वर्तमान में रिक्त पदों की संख्या का रिव्यू कर रहा है। पदोन्नति और अन्य प्रक्रियाओं के बाद यह तय होगा कि शिक्षक भर्ती में कितने पदों पर नियुक्ति होगी। ओएमआर शीट में 5 विकल्प होंगे, नेगेटिव मार्किंग लागू इस बार REET में अभ्यर्थियों को OMR शीट में चार की जगह पांच विकल्प मिलेंगे। किसी भी सवाल का जवाब न देने या गलत विकल्प चुनने पर नेगेटिव मार्किंग होगी। यदि कोई अभ्यर्थी 10% से अधिक सवालों में विकल्प नहीं भरता है, तो उसे अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। OMR शीट पर अभ्यर्थी के रोल नंबर के साथ उसकी फोटो लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। REET का महत्व और इतिहास REET (राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा) सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए आवश्यक पात्रता परीक्षा है। यह परीक्षा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा आयोजित की जाती है। सफल अभ्यर्थियों को तीन साल के लिए मान्य शिक्षक पात्रता प्रमाणपत्र दिया जाता है। पिछली बार REET परीक्षा 2022 में हुई थी। 15 लाख अभ्यर्थी कर रहे थे इंतजार रीट परीक्षा के आयोजन में देरी के कारण प्रदेश के 15 लाख से अधिक अभ्यर्थी लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। अब परीक्षा की तैयारी शुरू होने से युवाओं में उत्साह है। शिक्षा विभाग की इस पहल से प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

रात को होगा लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम, राजस्थान-अलवर में मत्स्य उत्सव का आज समापन

अलवर. अलवर में पिछले तीन दिन से चल रहे मत्स्य उत्सव के आज आखिरी दिन कंपनी बाग से कटी घाटी तक साइकिल रैली निकाली गई। इस रैली को प्रशासनिक अधिकारी ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। पर्यटन विभाग की अधिकारी टीना यादव व साइकिलिंग के सेक्रेटरी नानक सिंह ने बताया कि मत्स्य उत्सव के उपलक्ष्य में यह साइकिल रैली निकाली जा रही है, जो कंपनी बाग से शुरू होकर नंगली सर्किल एसएमडी मोती डूंगरी होते हुए कटी घाटी स्थित नगर वन पहुंचेगी। वहां पर इस रैली का समापन होगा। उसके बाद कंपनी बाग में फूलों की प्रदर्शनी का कार्यक्रम होगा। बाद में नंगली सर्किल पर प्रदर्शनी का कार्यक्रम होगा। उत्सव के आखरी दिन रात को म्यूजिकल नाइट कार्यक्रम होगा और इसी के साथ उत्सव का समापन भी होगा। इस उत्सव में इस बार कई प्रदेशों से आये लोक कलाकारों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया, लेकिन इस बार लोगों की भागीदारी इतनी नहीं रही जितनी, पहले होती थी। पहले शहर के लोग इस उत्सव की इंतजार किया करते थे और उत्सव में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते थे, लेकिन इस बार उत्सव में जन भागीदारी इतनी नहीं रही। सबसे बड़ी बात यह भी रही कि इस बार उत्सव की शुरुआत अलवर शहर से ना होकर ऐतिहासिक ओर पर्यटन स्थल भानगढ़ से हुई, जहां पहुंचना ही बहुत बड़ी बात है। इस उत्सव में इस बार प्रदेशो से लोक कलाकार भी इतने नही आये, जितने राज्यों से पहले आते थे। इस बार चार प्रदेशों से ही लोक कलाकारों ने इसमें हिस्सा लिया। पहले वेस्ट बंगाल और छत्तीसगढ़ तक से लोक कलाकार इसमें शामिल होने आते थे, जिनकी कला को देख कर ही लोग अभिभूत हो जाते थे, लेकिन इस बार ये लोक कलाकार इस उत्सव में शामिल होने नहीं आये।

दीवान की मिली है पदवी, राजस्थान-उदयपुर के मेवाड़ राजपरिवार में एकलिंग नाथ हैं महत्वपूर्ण

उदयपुर. मेवाड़ की जनता और मेवाड़ के राजपरिवार के बीच उदयपुर जिले में स्थित भगवान एकलिंग नाथ को मेवाड़ का आराध्य देव कहा जाता है, यहां पर प्रतिदिन भक्तों की बड़ी भीड़ लगती है और पूजा अर्चना की जाती है। मेवाड़ राज परिवार द्वारा भी प्रमुख अवसरों पर मंदिर में पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर की संपूर्ण देखरेख महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन की ओर से की जाती है। मेवाड़ और मेवाड़ राजपरिवार के लिए एकलिंग जी मंदिर का खास महत्व है। यही नहीं मेवाड़ का महाराजा भी एकलिंग नाथ को माना गया है इसीलिए यहां पर अब तक हुए महाराणा को एकलिंग जी का दीवान कहा जाता है। एकलिंगजी के मंदिर का निर्माण 8वीं शताब्दी में महाराणा बप्पा रावल ने करवाया था। भगवान एकलिंग उदयपुर से लगभग 20 किमी दूर कैलाशपुरी की पहाड़ियों के बीच स्थित है। एकलिंग का भव्य मंदिर होने के साथ ही इसकी वास्तु कला अद्भुत है। महाराणा और राजपूतों के कुल देवता एकलिंग नाथ भगवान महादेव का ही रूप हैं। उनकी प्रतिमा भी शिवलिंग की प्रतीक है। एकलिंग महादेव रूप में मेवाड़ राज्य के महाराणाओं तथा अन्य राजपूतों के कुल देवता हैं। इसी के चलते मेवाड़ रियासत में अब तक जो भी महाराणा बना उन्हें एकलिंगजी का दीवान कहा जाता है। यानी मेवाड़ के असली राजा एकलिंगजी भगवान हैं और जो महाराणा बनेंगे, वे एकलिंग जी के प्रतिनिधि के रूप में शासन करेंगे। एकलिंग जी के दर्शन जरूरी इतिहासकार चंद्रशेखर शर्मा बताते हैं कि मेवाड़ और मेवाड़ राज्य परिवार में कोई भी मांगलिक या अन्य कार्य एकलिंगजी के यहां माथा टेके बिना पूर्ण नहीं होता। रियासत काल में मेवाड़ के राजाओं द्वारा जितने भी युद्ध किए गए हैं, उन्होंने पहले एकलिंग जी के सामने माथा टेका फिर युद्ध में गए और भगवान एकलिंगनाथ के आशीर्वाद से मेवाड़ की ज्यादातर युद्ध में जीत हुई। शिवरात्रि को की जाती है पदयात्रा शिवरात्रि पर्व एकलिंगजी में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। पूरे मेवाड़ अंचल से लोग पैदल चलकर एकलिंग नाथ पहुंचते हैं। इसके अलावा श्रवण मास में कावड़ यात्रा भी एकलिंग नाथ पहुंचती है और यहां भगवान का जलाभिषेक किया जाता है। भगवान एकलिंगनाथ का मंदिर पूरे मेवाड़ के लिए आस्था का केंद्र है।

वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना का मिला लाभ, राजस्थान-हनुमानगढ़ से विशेष ट्रेन में 780 तीर्थयात्री रामेश्वरम रवाना

हनुमानगढ़. राज्य सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना 2024 अंतर्गत विशेष ट्रेन हनुमानगढ़ से रामेश्वरम्-मदुरई वाया सूरतगढ़-बीकानेर 26 नवंबर को सुबह 11.30 बजे हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। इस ट्रेन में हनुमानगढ़, सूरतगढ़ और बीकानेर 780 यात्री रामेश्वरम जाने वाले हैं। यात्रा में सभी यात्रियों की देखरेख के लिए 1 ट्रेन प्रभारी, प्रत्येक कोच में एक डॉक्टर और 2 नर्सिंग अधिकारी भी रहेंगे, जो यात्रा के दौरान यात्रियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखेंगे। इस ट्रेन के लिए वर्ष 2024-25 के साथ-साथ वर्ष 2023-24 के उक्त जिलों के अवशेष तीर्थयात्रियों को प्राथमिकता देकर सूचित किया गया है। उक्त ट्रेन में 8 दिन तक यात्रियों के आवास, भोजन आदि की सभी व्यवस्थाएं देवस्थान विभाग, राजस्थान सरकार की ओर से की जाएंगी। यात्रियों के लिए यह यात्रा पूर्णतः निःशुल्क है।

खारा गांव में बेटी ब्याहने से लोग कर रहे परहेज, राजस्थान-बीकानेर में औद्योगिक प्रदूषण ने छीना सांसों का सुकून

बीकानेर. देश की राजधानी दिल्ली सहित अन्य इलाकों में प्रदूषण को लेकर चर्चा हो रही है और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया, लेकिन बीकानेर में एक ऐसा गांव है, जहां प्रदूषण का मानक इन सबसे कहीं ज्यादा है। प्रदूषण से गांव का हर घर पीड़ित है। इतना ही नहीं अब तो लोग यहां अपनी बेटी की शादी करने से भी परहेज करने लगे हैं। बावजूद इसके अभी तक जिम्मेदारों की आंखें नहीं खुली हैं। बदलते समय के साथ औद्योगिक विकास का पहिया चलना जरूरी है, लेकिन ऐसे विकास से यदि मानव जीवन के साथ खिलवाड़ हो या उसे खतरे में डाला जाए तो ऐसा विकास किस काम का? बीकानेर जिला मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर बसे खारा गांव में रहने वाले लोगों के लिए अब यह औद्योगिक विकास जान पर आफत बनकर आया है। औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण से होने वाली बीमारियों को लेकर पीबीएम अस्पताल के श्वसन रोग विभाग के डॉ. गुंजन सोनी ने बताया कि खारा गांव में AQI (Air Quality Index) लेवल बहुत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि यहां प्रदूषण में पीएम 10 कण पाए गए हैं, जिससे खांसी, सांस लेने में दिक्कत, फेफड़ों में संक्रमण और यहां तक कि कैंसर का खतरा भी रहता है। उन्होंने कहा कि पीएम-10 की अधिक मात्रा से श्वसन तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे खांसी के दौरे, घबराहट और अस्थमा से लोगों को समस्या होती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आउटडोर में खारा से आने वाले मरीजों में इस तरह की दिक्कत देखी गई है। दरअसल यहां स्थापित वूलन और पीओपी फैक्ट्रियों की संख्या ज्यादा है और अधिकांश प्रदूषण पीओपी फैक्ट्री के चलते होता है क्योंकि गांव से कुछ ही दूरी पर रीको इंडस्ट्रियल एरिया है, जहां करीब 40 पीओपी फैक्ट्रियां हैं, इनसे निकलने वाला धुआं रूपी पाउडर यहां के लोगों की बीमारी का कारण बन गया है। ग्रामीण गजेसिंह का कहना है कि गांव की कुल आबादी के 40 प्रतिशत लोग बीमार हैं और हर घर में सांस और दमा के मरीज हैं। खारा गांव में पीओपी की फैक्ट्रियों के कारण वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चीफ इंजीनियर प्रेमालाल ने अपनी टीम के साथ यहां 3 दिन तक हालात का जायजा लिया और अब सरकार को उसकी रिपोर्ट सौंपी जाएगी। उन्होंने भी माना कि पीएम-10 (पार्टिकुलेट मैटर) की मात्रा मानक से कई गुना तक ज्यादा पाई गई। आम दिनों में इसकी मात्रा 1528 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रही, जबकि मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है। गांव के हर घर की छत पर जमी हुई बारीक पाउडर की परत साफ देखी जा सकती है। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम के आने की सूचना के बाद यहां POP की सारी फैक्ट्रियां 3 दिन तक बंद रहीं। अमर उजाला की टीम ने जब ग्राउंड रिपोर्ट पर लोगों से बात की तो लोगों का कहना था कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम के सामने हालात सामान्य नजर आए। इसके लिए फैक्ट्रियों को बंद रखा गया और सड़कों पर भी पानी गिराया गया, ताकि धूल-मिट्टी नहीं उड़े और हकीकत को छुपाया जा सके। गांव के भंवरसिंह खारा का कहना है कि हमने हर जगह अपनी बात पहुंचा दी लेकिन जिम्मेदारों की आंख नहीं खुल रही हैं और अब हमें अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी। समय रहते यदि बात मान ली गई तो ठीक, नहीं तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। ग्रामीण सुरेश पारीक कहते हैं कि यह समस्या अब हमारे लिए धीरे-धीरे बहुत गंभीर होती जा रही है, क्योंकि गांव के हर घर में इस प्रदूषण के चलते सांस और फेफड़ों में संक्रमण की बीमारी के मरीज सामने आ रहे हैं। अब तो कोई रिश्तेदार अपनी बहन-बेटी की शादी हमारे गांव में करना नहीं चाहता और यदि कोई एक दिन यहां आकर रुकता है तो वह अगले दिन जल्दी से जल्दी निकलने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रदूषण के चलते गांव में लड़कों की शादी होना अब मुश्किल होता जा रहा है। वही गांव की सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल सुमनलता सेठी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों पर इस मामले को लेकर असंवेदनशील होने का आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूल से 100 मीटर की दूरी पर पीओपी की फैक्टरियां हैं। जब इन फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन चालू रहता है तो यहां सांस लेना तक दूभर हो जाता है। बहरहाल औद्योगिक विकास के बीच अब ग्रामीण भी आरपार की लड़ाई के मूड में दिखाई दे रहे हैं।

राजतिलक की तैयारी के बीच उपजा आक्रोश, राजस्थान-उदयपुर के सिटी पैलेस में भिड़े महाराणा प्रताप के वंशज

उदयपुर. पूर्व मेवाड़ राजघराने के विश्वराज सिंह मेवाड़ के सोमवार को हुए राजतिलक के बाद उदयपुर में सिटी पैलेस स्थित कुलदेवता के दर्शन की मांग को लेकर चल रहे दबाव के बीच देर रात मामले ने हिंसक रूप धारण कर लिया। विश्वराज सिंह समर्थक जब देर रात सिटी पैलेस के मुख्य द्वार पर पहुंचे तो सिटी पैलेस के अंदर से परिवार के अन्य सदस्यों के समर्थकों द्वारा पथराव कर दिया। मामला गरमा गया। इधर, स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन को रिसीवर नियुक्त करना पड़ा। विवादित स्थल को लेकर कुर्की के आदेश जारी किए गए। बता दें कि सोमवार को चित्तौड़गढ़ में राजतिलक के बाद विश्वराज सिंह उदयपुर स्थित सिटी पैलेस में अपने कुल देवता के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए जाने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही उनके चाचा अरविंद सिंह मेवाड़ के नेतृत्व वाली महाराणा मेवाड फाउंडेशन ने सिटी पैलेस में किसी के भी अनाधिकृत प्रवेश पर रोक लगा दी। इसी बात को लेकर राजपूत समाज के एक खेमे में आक्रोश व्याप्त हो गया। नोटिस के बाद  सिटी पैलेस पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। शाम को जब विश्वराज सिंह मेवाड़ चित्तौड़गढ़ से उदयपुर सिटी पैलेस में दर्शन के लिए पहुंचे तो दरवाजे बंद मिले, इससे राजपूत समाज के लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। बड़ी संख्या में लोग सिटी पैलेस के बाहर जुटे रहे और विश्वराज सिंह को कुलदेवता के दर्शन के लिए अनुमति देने की मांग करते रहे। सिटी पैलेस में रह रहे अरविंद सिंह मेवाड़ के परिवार की ओर से इसकी अनुमति नहीं मिलने के बाद लोग पुलिस का गहरा तोड़कर जगदीश मंदिर छोड़ के मुख्य दरवाजे की ओर बढ़े। इसके बाद सिटी पैलेस के अंदर से पथराव शुरू हो गया। इसके बाद बात और बिगड़ती चली गई, दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। समझाइश की कोशिश कर रहे प्रशासन के अधिकारी भी मामले में बेबस दिखे। ऐसे में देर रात को जिला प्रशासन की ओर से विवादित स्थल के लिए रिसीवर नियुक्त कर दिया गया। विवादित जमीन को कुर्क करने का आदेश जारी किया गया। रात करीब 1:30 बजे विश्वराज सिंह और उनके समर्थक वहां से चले गए। बताया जा रहा है कि मंगलवार को दोपहर 12:30 बजे एक बार फिर सर्व समाज के लोग सिटी पैलेस के बाहर जुटेंगे, ऐसा बताया गया। प्रशासन द्वारा रिसीवर नियुक्त किए जाने के बाद पूरी संभावना है कि अब विश्वाराज सिंह कुलदेवता के दर्शन कर सकेंगे। सोमवार रात को विश्वराज सिंह मेवाड़ ने अपने बयान में कहा कि जो कुछ भी हुआ, उसके लिए प्रशासन जिम्मेदार हैं। यह परिवार की परंपरा है कि हम कुल देवता के यहां माथा टेके। इसके लिए रोकना पूरी तरह से गलत है। एकलिंग जी की सभी पर कृपा बनी रहे। प्रतीकात्मक महाराणा बने विश्वराज सिंह बता दें कि पिछले दिनों मेवाड़ राज परिवार के जस्ट पुत्र महेंद्र सिंह मेवाड़ का निधन हो गया था। मेवाड़ राज परिवार की परंपरा के अनुसार महेंद्र सिंह मेवाड़ के पुत्र विश्वराज सिंह का चित्तौड़गढ़ स्थित फतेह प्रकाश महल में राजतिलक समारोह आयोजित किया गया। राजतिलक समझ में विभिन्न राजघरणाओं के सदस्य और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और लोग शामिल हुए थे। सार्वजनिक सूचना के बाद बिगड़ी बात सोमवार को ही विभिन्न समाचार पत्रों में उनके चचेरे भाई और वर्तमान में सिटी पैलेस में निवास कर रहे महेंद्र सिंह मेवाड़ के छोटे भाई अरविंद सिंह मेवाड़ की अध्यक्षता वाली महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल ट्रस्ट फाउंडेशन की ओर से एक आम सूचना जारी की गई। जिसमें सिटी पैलेस में किसी भी तरह से अनादिकृत प्रवेश पर रोक की बात कही गई। दूसरी और राजतिलक के बाद विश्वराज सिंह मेवाड़ का सिटी पैलेस में अपने कुल देवता के दर्शन करने और आशीर्वाद लेने जाने का कार्यक्रम था। 40 साल से है राज परिवार में विवाद मेवाड़ राज परिवार के दिवंगत महेंद्र सिंह मेवाड़ और उनके छोटे भाई अरविंद सिंह मेवाड़ में पिछले करीब 40 सालों से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। राज परिवारों में बड़े पुत्र को ही उत्तराधिकारी माना जाता है, जबकि अरविंद सिंह मेवाड़ अपने पिता की वसीयत के आधार पर सिटी पैलेस में अपने परिवार सहित निवास करते हैं। वहीं महेंद्र सिंह मेवाड़ का परिवार सिटी पैलेस के समीप समोर बाग में निवास करता है। विश्वराज समर्थक कब्जा नहीं कर ले, इसी डर से जारी की सूचना इधर, माना जा रहा है कि सिटी पैलेस में अनधिकृत प्रवेश की सूचना इसलिए जारी की गई थी, कि राजतिलक के दिन बड़ी संख्या में राजपूत एकत्रित हुए। शायद अरविंद सिंह मेवाड़ के परिवार को आशंका थी कि कहीं विश्वाराज सिंह समर्थक सिटी पैलेस पर कब्जा नहीं कर ले। इसलिए राजतिलक से पहले ही सिटी पैलेस में प्रवेश पर रोक लगा दी गई और मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। लोअर कोर्ट से जीत चुके हैं महेंद्र सिंह मेवाड़ करीब चार दशक तक कैसे चलने के बाद 2020 में उदयपुर की लोअर कोर्ट से विश्वराज सिंह के पिता महेंद्र सिंह मेवाड़ और उनकी बहन के पक्ष फैसला आया था, लेकिन अरविंद सिंह मेवाड़ द्वारा अपर कोर्ट में अपील की गई है और सुनवाई जारी है। नाथद्वारा से विधायक है विश्वराज सिंह महेंद्र सिंह मेवाड़ के पुत्र विश्वराज सिंह वर्तमान में नाथद्वारा से विधायक हैं। वहीं उनकी पत्नी महिमा कुमारी सिंह राजसमंद लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। दोनों दंपति भाजपा से चुने गए हैं।

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