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सीसीपीएल का फाइनल देखने पहुंचे उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव

  रायपुर   उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव रविवार की शाम नवा रायपुर के शहीद वीरनारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग (सीसीपीएल) का फाइनल मुकाबला देखने पहुंचे। छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित इस लीग का फाइनल मैच रायपुर रायनोस और बिलासपुर बुल्स के बीच खेला गया, जिसमें रायपुर रायनोस की टीम चैंपियन बनी। उप मुख्यमंत्री श्री साव के स्टेडियम पहुंचने पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। श्री साव ने हाथ हिलाकर वहां मौजूद दर्शकों का अभिवादन किया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सीसीपीएल के फाइनल मुकाबले में कहा कि यह आयोजन किसी भी मायने में आईपीएल से कम नहीं है। इसमें खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा मौका मिल रहा है। इससे निश्चित ही छत्तीसगढ़ से नई प्रतिभाएं सामने आएंगी। श्री साव ने कहा कि फाइनल मुकाबला देखने के लिए 20 हजार से ज्यादा दर्शक पहुंचे हुए हैं। यह लीग और राज्य के खिलाड़ियों के प्रति उनके अपार प्रेम को दर्शाता है। श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी श्री शशांक सिंह ने हाल ही में समाप्त हुए आईपीएल में अपने खेल से खूब धूम मचाई थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सीसीपीएल छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए आईपीएल जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स में खेलने का रास्ता खोलेगा। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन होगा। सीसीपीएल के निर्देशक श्री बलदेव सिंह भाटिया और श्री विजय शाह, गर्वनिंग काउंसिल के चैयरमैन श्री प्रमोद शंकर शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के अध्यक्ष श्री जुबिन शाह और सचिव श्री मुकुल तिवारी भी इस दौरान मौजूद थे।

यूपी में 90 फीसदी हैं पसमांदा मुस्लिम, BJP की योजनाओं के बावजूद नहीं दिया साथ

लखनऊ लोकसभा में उत्तर प्रदेश की 33 सीटों पर सिमटने ने एनडीए की जीत का स्वाद फीका कर दिया। पीएम नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठ तो गए लेकिन अकेले दम पर बहुमत हासिल करने के भाजपा का सपना अधूरा रह गया। अब पार्टी की तरफ से समीक्षा और पड़ताल शुरू कर दी गई है। जो एक वर्ग भाजपा के साथ नहीं आया, उसमें पसमांदा मुसलमान प्रमुख हैं। बीते कुछ साल से भाजपा मिशन मोड पर इस समुदाय को आकर्षित करने के लिए काम कर रही थी लेकिन एक प्रतिशत तबके ने ही समर्थन किया। आखिर पसमांदा मुस्लिमों ने साथ क्यों नहीं दिया, यह बड़ा सवाल है। पसमांदा का मतलब भी समझिए पसमांदा एक फारसी शब्द है, जो पस और मांदा से मिलकर बना है। पस का अर्थ- पीछे होता है और मांदा का अर्थ- छूट जाना होता है। जिसके मायने हैं- काफ़िले या जत्थे का वह व्यक्ति जो यात्रा करते समय पीछे रह गया हो। ऐसे में मुस्लिमों में सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े तबके को पसमांदा कहा जाता है। उत्तर प्रदेश में पसमांदा मुस्लिमों की तादाद 80 से 90 प्रतिशत तक मानी जाती है। बाकी के उच्च वर्ग के मुसलमान हैं। कौन होते हैं पसमांदा मुस्लिम? इसमें मोटे तौर पर ओबीसी और पिछड़ी वंचित जातियां शामिल होती हैं। धोबी, अंसारी, बुनकर, नाई, रंगरेज, धुनिया, फकीर, गुजर, राइन आदि-आदि। मुस्लिमों के अजलाफ और अरज़ाल वर्ग का समुदाय इसमें आता है। भाजपा की तरफ से इन पसमांदा लाभार्थियों तक पहुंच बनाने का प्रयास चल रहा है। भाजपा ने यूपी के पिछले विधानसभा चुनाव में इस रणनीति को अपनाने की कोशिश की। इसके बाद स्थानीय निकाय और अब लोकसभा में भी दांव चला गया। BJP का फोकस पसमांदा जुलाई 2022 में हैदराबाद में हुई भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पसमांदा मुसलमानों में भी पैठ बनाने की कोशिश पर जोर देने पर बात हुई। खुद पीएम मोदी ने कई बार मंच से मुस्लिमों के इस वर्ग को लेकर बयान दिया। उन्होंने इस बार 22 अप्रैल को अलीगढ़ में संबोधन करते हुए जोर देकर कहा कि सपा और कांग्रेस जैसे दलों ने मुस्लिमों के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक उन्नति के लिए कुछ नहीं किया। पूर्वांचल का पसमांदा गढ़ प्रधानमंत्री आवास योजना और राशन कार्ड सहित तमाम योजनाओं का फायदा लाखों की तादाद में पसमांदा मुस्लिमों को मिला। बुनकर समुदाय के लिए भी विशेष लाभकारी योजनाएं लाई गईं। लेकिन बीजेपी को इसका फायदा नहीं मिला। पूर्वांचल में गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़ के इलाके पसमांदा मुस्लिमों के गढ़ माने जाते हैं। लेकिन यहां एकतरफा वोट सपा-कांग्रेस गठबंधन को पड़े। घोसी लोकसभा में सबसे अधिक पसमांदा मुस्लिम हैं लेकिन यहां सपा प्रत्याशी राजीव राय ने जीत हासिल की। पश्चिम में हल्का-फुल्का समर्थन पश्चिमी यूपी में पसमांदा मुसलमान कुछ संख्या में भाजपा की तरफ जरूर आए लेकिन कैराना, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर में यह संख्या नाकाफी रही। कई जगहों पर तो समुदाय के कुल वोट का एक फीसदी भी भाजपा को नहीं मिला। बूथ लेवल पर हुए विश्लेषण में पसमांदा मुस्लिम बहुल इलाकों में 10 फीसदी वोट हासिल हुए। इससे अधिक वोट तो उच्च वर्ग के मुस्लिमों, जैसे- मुस्लिम राजपूत, जाट, त्यागी, अशराफ, पठान और तुर्क समुदाय से हासिल हुए। मंत्री और MLC भी बनाए गए 2022 के विधानसभा चुनाव में 8 प्रतिशत पसमांदा मुस्लिमों ने भाजपा का साथ दिया था। इसके बाद योगी सरकार में दानिश आजाद अंसारी को मंत्री बनाकर भगवा दल ने एक नया दांव चला। इसके साथ ही अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर तारिक मंसूर को विधान परिषद भेजा। दोनों ही पसमांदा समुदाय से आते हैं। भाजपा यूपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने कहा कि तमाम प्रयास और योजनाओं के बावजूद आखिर क्यों साथ नहीं मिला, इसके कारण तलाशे जा रहे हैं।  

उम्र कैद की सजा, 10 करोड़ का जुर्माना, बुलडोजर एक्शन… योगी ला रहे पेपर लीक रोकने का तगड़ा कानून

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पेपर लीक मामलों ने लगातार सरकार की परेशानी बढ़ाई है। युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ और इससे उनमें पनपते आक्रोश को देखते हुए सरकार का ध्यान इस गंभीर चिंता पर गया है। इस समस्या को दूर करने के लिए योगी सरकार अब कड़े कानून लाने जा रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर युवाओं से कहा है कि यूपी में होने वाली भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए जल्द ही नया कानून लाने जा रहे हैं। किसी भी कीमत पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेंगे। दरअसल, यूपी में लोकसभा चुनाव से पहले हुए सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला खासा गरमाया था। अब सीएम योगी ने कहा है कि युवाओं के खिलाफ काम करने वाले नकल माफियाओं पर सख्त कार्रवाई होगी। अगर वे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेंगे तो हम भी उनके साथ कोई नरमी नहीं बरतेंगे। गृह और न्याय एवं कानून विभाग को भी संभालने वाले सीएम योगी ने साफ कर दिया है कि नकल रोधी कानून का प्रारूप तैयार हो रहा है। यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा में करीब 40 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। पेपर लीक केस ने विपक्ष को एक मौका दे दिया। सरकार को घेर लिया गया। भाजपा की लोकसभा चुनाव में यूपी में करारी हार के बाद समीक्षा बैठक में युवाओं की नाराजगी का मुद्दा सामने आया है। पेपर लीक से होने वाले प्रभाव का भी चुनावी रिजल्ट पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। लगातार पेपर लीक मामलों से युवाओं में नाराजगी बढ़ी थी। ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पेपर लीक मामलों में नया और सख्त कानून बनाने का ऐलान कर युवाओं के मन में भरोसा बढ़ाने की कोशिश शुरू कर दी है। इसी क्रम में नकल रोधी कानून को अब अमली जामा पहनाए जाने की तैयारी है। कानून के मसौदे में क्या-क्या? सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से घोषणा के बाद माना जा रहा था कि न्याय एवं विधि विभाग और गृह विभाग मिलकर नकल रोधी कानून का मसौदा तैयार करेंगे। कानून का मसौदा तैयार किए जाने के बाद इसे सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा जाएगा। अब खबर है कि मसौदा बनकर लगभग तैयार है। सीएम योगी स्वयं इस संबंध में साफ कर चुके हैं। नकल रोधी कानून तैयार करते समय अन्य राज्यों के कानून की भी समीक्षा की गई। उम्मीद की जा रही है कि उत्तर प्रदेश का नकल रोधी कानून अन्य राज्यों से काफी कड़ा होगा। अगर यूपी सरकार राजस्थान मॉडल को अपनाती है तो यूपी में तैयार किए जा रहे कानून में पेपर लीक के आरोपियों को उम्र कैद की सजा और 10 करोड़ रुपये जुर्माना का दंड लागू किया जा सकता है। नकल माफियाओं पर गैंगस्टर जैसे एक्ट लगाए जा सकते हैं। नकल रोधी कानून अगर गैंगस्टर के दायारे में आए तो नकल माफियाओं की संपत्ति पर बुलडोजर भी चल सकता है। आर्थिक नुकसान की भरपाई उनकी संपत्तियों को जब्त कर की जा सकती है। वैसे सीएम योगी आदित्यनाथ ने पेपर लीक को रोकने के लिए तत्काल अधिकारियों को कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण पर सतर्कता सीएम योगी आदित्यनाथ ने नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के निर्धारण पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि चयन परीक्षाओं के लिए राजकीय माध्यमिक स्कूल, डिग्री कॉलेज, विश्वविद्यालय, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों के परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। इसके अलावा स्वच्छ रिकॉर्ड वाले वित्तपोषित शैक्षिक संस्थानों में ही केंद्र बनाने का निर्देश दिया गया है। सीएम ने साफ कहा है कि परीक्षा केंद्र वहीं बने, जहां सीसीटीवी की व्यवस्था हो। परीक्षा केंद्र शहरी क्षेत्र में बनाए जाएं। परीक्षा केंद्रों में महिलाओं और दिव्यांगों की सहूलियत का विशेष ध्यान रखा जाए। ऐडेड कॉलेज में केंद्र बनाए जाने की स्थिति में साफ किया गया है कि इनके प्रबंधक परीक्षा व्यवस्था में कहीं भी शामिल न हों। कमजोर है नकल रोधी कानून यूपी में अभी लागू नकल रोधी कानून काफी कमजोर है। इसके तहत आरोपी को आसानी से जमानत मिल जाती है। यूपी में वर्ष 1998 में बने नकल रोधी कानून के तहत कार्रवाई होती है। इसमें 1 से 7 साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माने तक का प्रावधान है। दरअसल, यूपी में पिछले 7 साल में हुई 8 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। सबसे पहले योगी सरकार में पेपर लीक का मामला 2017 में आया था। यूपी एसआई भर्ती परीक्षा 25- 26 जुलाई 2017 को हुई थी। 3307 पदों के लिए निकली वैकेंसी में करीब 1 लाख 20 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इस परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। वहीं, 2018 में यूपीपीसीएल की ओर हुई जेई भर्ती परीक्षा, नलकूप ऑपरेटर भर्ती परीक्षा और आरओ- एआरओ भर्ती परीक्षा का भी पेपर लीक हुआ। वहीं, यूपीएसएसएससी की जुलाई 2018 में हुई 14 विभागों की वैकेंसी का पेपर भी लीक हो गया था। इसमें 67 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। वहीं, 17-18 फरवरी 2024 को हुई यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा का भी पेपर लीक हुआ। 60,244 पदों के लिए आई वैकेंसी में 40 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनके अलावा यूपीएसएसएससी पीईटी और यूपीटेट के पेपर भी लीक हुए। इन पेपर लीक के कारण सरकार की छवि पर प्रभाव पड़ा है। केंद्र भी बना रहा है कानून केंद्र सरकार की ओर से पेपर लीक और नकल पर लगाम लगाने के लिए 5 फरवरी को लोकसभा में एक विधेयक पेश किया गया। इसमें परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों को कम से कम 3 साल और अधिकतम 10 साल की जेल की सजा और एक करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान। है यह बिल लोकसभा से पास हो चुका है। राज्यसभा में इसे पेश किए जाने की तैयारी है। इसके बाद राष्ट्रपति के पास इसे भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून का रूप लेगा। भर्ती प्रक्रिया बनाई जाएगी पारदर्शी सीएम योगी ने साफ किया है कि भर्ती प्रक्रिया में व्यापक बदलाव करते हुए पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाएगा। भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की आशंका हर स्तर पर खत्म की जाएगी। यह युवाओं के भविष्य का मामला है। … Read more

छत्तीसगढ़-महासमुंद में रेलवे लाइन में दो भाइयों के शव

Ginger water: Drink this special drink before eating, there will be no gas problem

महासमुंद. महासमुंद में रायपुर-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन में आज सुबह दो सगे भाइयों की लाश मिली है। एक साथ दो भाइयों की लाश मिलने से आसपास सनसनी फैल गई है तो वहीं परिवार में मातम का माहौल है। कोतवाली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मृतकों में सुनील यादव 35 वर्ष और आकाश यादव उम्र 22 वर्ष हैं जो महासमुंद शहर के वार्ड नं 11 नयापारा के रहने वाले बताए जा रहे हैं। दरसल कल रात दोनों भाई खाना खाने के बाद घर से निकले थे, और आज सुबह उनकी इमलीभाठा कैनाल रेलवे ट्रैक के पास इनकी रेलवे ट्रैक पर लाश मिली है। दोनों भाई श्रमिक का काम करते हैं। पुलिस के मुताबिक यह आत्महत्या है या फिर हत्या इसका कारण अब तक अज्ञात है और मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। बड़ा भाई सुनील, कैटरिंग का काम करता था। इसके अलावा छोटा भाई आकाश राज मिस्त्री का काम करता था। कोतवाली पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। एसडीओपी अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि मृतक सुनील की पत्नी कुछ दिन पहले कही चली गयी थी। जिसकी वजह से वो डिप्रेशन में रहता था। बहरहाल पुलिस को पीएम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे हत्या या आत्महत्या का कारण का पता चल सके।

राजस्थान सरकार के मंत्री किरोड़ीलाल के इंकार के बाद कृषि संबंधी प्री-बजट बैठक निरस्त

जयपुर. प्रदेश की भजनलाल सरकार के लिए कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के इस्तीफे का विवाद गले की हड्डी बन गया है। सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में सीएमओ में बुलाई गई कृषि से जुड़ी प्री बजट बैठक निरस्त कर दी गई। जानकारी के मुताबिक किरोड़ील मीणा ने इस बैठक में शामिल होने से मना कर दिया है। प्रदेश की भजनलाल सरकार की प्री-बजट बैठकें ही विवादों में आ गई हैं। कभी इन बैठकों में मंत्रियों को नहीं बुलाने पर बवाल होता है अब जानकारी यह आ रही है कि कृषि विभाग की प्री बजट मीटिंग में खुद कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने आने से इंकार कर दिया और इसी के चलते सोमवार को प्रस्तावित इस बैठक को सरकार ने निस्तर कर दिया है। सीएम भजनलाल शर्मा के लिए बजट सत्र से पहले ही बड़ी चुनौती खड़ी नजर आ रही है। अपने इस्तीफे की अटकलों के बीच किरोड़ीलाल मीणा ने सरकारी कामकाज से पूरी तरह खुद को अलग कर लिया है। यह बैठक सोमवार को सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में दोपहर 3 बजे प्रस्तावित थी लेकिन अब इसके निरस्त किए जाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार लोकसभा चुनावों के नतीजे आने के तुरंत बाद ही किरोड़ीलाल मीणा ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भेज दिया था। हालांकि मीडिया से बातचीत में किरोड़ीलाल मीणा ने इसका जिक्र नहीं किया लेकिन रविवार को उन्होंने इस्तीफे के सवाल पर यह जरूर कहा कि जो कहा है, वह करना तो पड़ेगा। इधर बीजेपी अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने भी किरोड़ी के इस्तीफे के सवाल पर कहा कि वे किरोड़ी से इस विषय पर बैठकर बातचीत करेंगे।

राजस्थान-सिरोही में दो भालुओं ने मजदूर पर किया हमला

Shootout in broad daylight in the city, chain snatched from woman's neck and shot, son was targeted but mother died

सिरोही/माउंट आबू. माउंट आबू में  मजदूरी करने आए एक श्रमिक पर बीती रात दो भालुओं ने हमला कर घायल कर दिया। उसे गंभीर हालत में तत्काल ग्लोबल हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां उसे भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बीती रात को यह श्रमिक मजदूरी कर अपने साथियों के साथ वापस अपने घर लौट रहा था कि पीस पार्क के पास अचानक दो भालुओं ने उस पर हमला कर दिया। उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के अन्य लोग दौड़कर मौक पर पहुंचे और खासी मशक्क्त के बाद उसे भालूओं के चंगुल से छुड़वाया। इसके बाद  तत्काल ग्लोबल हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां उसे भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। मजदूरी करने आए एक श्रमिक पर बीती रात दो भालुओं ने हमला कर घायल कर दिया। उसे गंभीर हालत में तत्काल ग्लोबल हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां उसे भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

राजस्थान में 4 बड़े सोलर प्रोजेक्ट पर 10 हजार करोड़ का निवेश: मुख्यमंत्री

फलौदी. राजस्थान में 4 नए सोलर प्रोजेक्ट का निवेश होने जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इनके लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार बीकानेर जिले में 2450 मेगावाट के 3 सोलर पार्कों की स्थापना के लिए राजस्थान सोलर पार्क डवलपमेंट कंपनी को कुल 4780 हैक्टेयर तथा फलौदी जिले में 500 मेगावाट के एक सोलर प्रोजेक्ट की स्थापना के लिए एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड को लगभग 910 हैक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है। बीकानेर जिले में एक-एक हजार मेगावाट के दो तथा 450 मेगावाट का एक सोलर पार्क स्थापित किया जाएगा। पहले सोलर पार्क के लिए पूगल तहसील के ग्राम सूरासर में लगभग 1881 हैक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है। इसी तरह एक हजार मेगावाट के दूसरे सोलर पार्क के लिए दो हजार हैक्टेयर भूमि आवंटित की जाएगी, जिसमें से 1194 हैक्टेयर भूमि सूरासर तथा लगभग 807 हैक्टेयर भूमि ग्राम भणावतावाला में स्थित है। इसी प्रकार बीकानेर जिले में ही 450 मेगावाट के तीसरे सोलर पार्क की स्थापना हेतु छत्तरगढ़ तहसील के ग्राम सरदारपुरा में 900 हैक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है। ये सोलर पार्क राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा नवीन एवं नवीकरणीय मंत्रालय (केन्द्र सरकार) की सौर पार्क योजना के अन्तर्गत 3 चरणों में विकसित किये जाएंगे। शर्मा ने इसके साथ ही एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड को 500 मेगावाट सोलर प्रोजेक्ट की स्थापना के लिए फलौदी जिले की बाप तहसील में ग्राम भड़ला में 910 हैक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी है। रोजगार के अवसर होंगे सृजित मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इन सोलर प्रोजेक्ट्स के माध्यम से राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का हमारा संकल्प साकार होगा और ये प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होने के साथ ही क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। शर्मा ने कहा कि ये सोलर प्रोजेक्ट्स पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएंगे और सालाना लगभग 2 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इन सोलर पार्क्स में अत्याधुनिक सौर पैनल्स और ग्रिड टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा, जिससे ऊर्जा उत्पादन की क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में लगभग 10 हजार करोड़ का निवेश भी होगा। एमएनआरई अनुमोदित परियोजना होने से 33 प्रतिशत अनुदान मिलेगा तथा अगले दो वर्ष में पूरा किया जा सकेगा। प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए गत 10 मार्च को राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड, एनटीपीसी लिमिटेड, एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड, कोल इंडिया लिमिटेड एवं एनएलसी इंडिया लिमिटेड के मध्य 3325 मेगावाट की थर्मल परियोजनाएं एवं 28,500 मेगावाट की अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं संयुक्त उपक्रम के तहत स्थापित करने हेतु 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपये के एमओयू किए गए हैं। साथ ही प्रसारण तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए पॉवर ग्रिड कॉर्पोरेशन के साथ 24:74 शेयर धारिता के अनुपात में संयुक्त उपक्रम की स्थापना हेतु एमओयू किया गया है, जिसके तहत 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके अतिरिक्त राजस्थान ऊर्जा विकास निगम एवं एसजेवीएन के मध्य 600 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं से बिजली की आपूर्ति के लिए पॉवर परचेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए हैं। 3200 मेगावाट कोल आधारित परियोजना, 8000 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना टैरिफ आधारित निविदा प्रक्रिया माध्यम से करने हेतु प्रक्रिया प्रारंभ की गयी है। इन परियोजनाओं की स्थापना से लगभग 64 हजार करोड़ रुपये का निवेश हो सकेगा।

छत्तीसगढ़-कांकेर में आकाशीय बिजली गिरने से एक की मौत चार घायल

कांकेर. कांकेर जिले के नरहरपुर थाना अंतर्गत थानाबोडी में आकाशीय बिजली गिरने से 21 वर्षीय युवती की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं चार ग्रामीण घयाल हो गए। घायलों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरहरपुर में इलाज जारी है। गौरतलब है कि आज सुबह नरहरपुर क्षेत्र में गरज चकम के साथ तेज बारिश हो रही थी। घर के बाड़ी में काम कर रहे गीतेश्वर कुंजाम 20 वर्ष, नरेश कुंजाम 26 वर्ष, रमाकांत सिन्हा 32 वर्ष, यगुवेन्द्र टेमरे 18 वर्ष और तमेश्वरी सिन्हा 21 वर्षीय ह्रदय राम के घर के बॉडी में काम कर रहे थे। बारिश से बचने के लिए पेड़ का सहारा लेकर सभी अपना मोबाइल इस्तेमाल कर रहे थे इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरी आकाशीय बिजली गिरने से मोबाइल वही फट गया। वहीं इस घटना में तमेश्वरी सिन्हा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं चार लोग घायल हो गए। बताते चलें कि बरसात के दिनों में आकाशीय बिजली अक्सर जानलेवा साबित होती है। खेतों में काम करने वाले, पेड़ों के नीचे पनाह लेने वाले, तालाब में नहाते समय बिजली चमकने पर इसकी आगोश में आने की संभावना अधिक रहती है। पर कुछ उपाय ऐसे हैं जिससे आकाशीय बिजली से बचा जा सकता है। राज्य सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा भी लोगों को सतर्क रहने के लिए दिशा निर्देश जारी किया गया है। जब आप घर के भीतर हों तो बिजली से संचालित उपकरणों से दूर रहें, तार वाले टेलीफोन का उपयोग नहीं करना चाहिए। खिडकियां व दरवाजे बंद कर दें बरामदे और छत से दूर रहें। इसके अलावा ऐसी वस्तुएं जो बिजली के सुचालक हैं उनसे भी दूर रहना चाहिए। धातु से बने पाइप, नल, फव्वारा, वाश बेसिन आदि के संपर्क से दूर रहना चाहिए। इसी तरह जब आप घर के बाहर हैं तो आपको इनसे दूर रहना चाहिए।

मध्य प्रदेश में देरी से आएगा मॉनसून, IMD ने नई तारीख बताकर बढ़ा दी टेंशन

भोपाल समय से पहले ही दस्तक देने वाला मॉनसून अब धीमा पड़ता नजर आ रहा है। भीषण गर्मी से जूझ रहे मध्य प्रदेश के इसके इंतजार में कुछ और दिन बिताने होंगे। वहीं, छिटपुट बारिश ने राज्य के कई हिस्सों में उमस बढ़ा दी है। कहा जा रहा है कि अरब सागर और कमजोर पड़ने के कारण मॉनसून धीमा हो गया है। हालांकि, राजधानी भोपाल में बारिश से कुछ राहत मिलने के आसार हैं। आमतौर पर मध्य प्रदेश में मॉनसून की दस्तक 15 जून के आसपास हो जाती है, लेकिन राज्य में अब तक इसकी एंट्री नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि मॉनसून फिलहाल गुजरात में अटका हुआ है और इसकी वजह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में सिस्टम का कमजोर पड़ना है। अब संभावनाएं जताई जा रही हैं की मॉनसून राज्य में 19-20 जून को आ सकता है। राज्य में बालाघाट और डिंडोरी के जरिए मॉनसून की दस्तक हो सकती है। फ्री प्रेस जर्नल के अनुसार, भोपाल में मौसम विभाग में वरिष्ठ वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने कहा, ‘अभी के लिए राज्य में प्री मॉनसून गतिविधियां ही चलती रहेंगी। भोपाल, इंदौर और जबलपुर मंडलों में सोमवार को बारिश के आसार हैं। जबकि, निवाड़ी और छतरपुर जैसे जिले लू का सामना करते रहेंगे।’ कहां पहुंचा मॉनसून IMD ने बताया है कि महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी, बिहार के कुछ और हिस्सों में मॉनसून के बढ़ने के लिए स्थिति अनुकूल नजर आ रही हैं। विभाग ने सोमवार को बताया है कि अगले 5 दिनों के दौरान मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में छिटपुट या मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। आज इन जिलों में होगी बारिश मौसम विभाग के अनुसार आज झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, सीधी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, आगर मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, अनूपपुर में हवा आंधी के साथ बारिश की संभावना है.  कुछ जिलों में चढ़ा पारा  इधर हवा-आंधी बारिश के बावजूद प्रदेश के कई जिलों में तापमान भी अपने तीखे तेवर दिखा रहा है, यहां पारा 40 डिग्री के पार चल रहा है. शनिवार को प्रदेश में खजुराहो सबसे गर्म रहा, यहां तापमान 45.2 डिग्री दर्ज किया गया. जबकि बिजावर, छतरपुर में 45.0, सीधी में 44.4, रीवा में 44.2, सिंगरौली में 44.1, सतना में 44.1, नौगांव में 44.0, शहडोल में 43.6, दमोह में 43.5 और ग्वालियर में 43.3 डिग्री दर्ज किया गया है.

छत्तीसगढ़-दुर्ग में परिणय सूत्र में बंधे 250 दिव्यांग जोड़ों को सीएम विष्णुदेव साय ने दिया आशीर्वाद

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दुर्ग. प्रदेश के सीएम विष्णुदेव साय आज अखिल भारतीय निर्धन दिव्यांग सामूहिक आदर्श विवाह समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दुर्ग के बाफना टोल प्लाजा के पास स्थित अग्रसेन भवन में समाजसेवी संस्था आस्था बहुउद्देशीय कल्याण संस्थान द्वारा आयोजित इस सामूहिक आदर्श विवाह में सभी समाज के 250 दिव्यांग जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इस दिव्यांग विवाह समारोह में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड के अलावा अन्य राज्यों के भी दिव्यांगजन शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने परिणय सूत्र में बंधे दिव्यांग नव दंपत्तियों को उनके सुखमय दाम्पत्य जीवन के लिए आशीर्वाद दिया। इस मौके पर दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल, विधायक  ललित चंद्राकर और नगर निगम दुर्ग के महापौर धीरज बाकलीवाल समेत अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि आस्था बहुउद्देशीय कल्याण संस्थान का यह आयोजन पुण्य का कार्य है। संस्था लगातार जनकल्याण का कार्य कर रही है। चाहे वह लावारिश लाशों को सद्गति देने का कार्य हो, रक्तदान कार्य हो या दिव्यांगजनों का वैवाहिक कार्यक्रम हो। संस्था से जुड़े सभी पदाधिकारी पुण्य के कार्य में सहभागी हैं। उन्होंने आदर्श विवाह में सम्मिलित होने पहुंचे हुए नवदम्पत्तियों के परिजनों को भी बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सीएम ने अपने करकमलों से आस्था बहुउद्देशीय कल्याण संस्थान के विकास में उल्लेखनीय योगदान करने वालों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। आस्था बहुउद्देशीय कल्याण संस्थान के संरक्षक दुर्ग सांसद विजय बघेल ने कहा कि यह संस्था विगत 19 वर्ष से दिव्यांगजनों आदर्श विवाह करते आ रही हैं। अब तक 1890 दिव्यांग जोड़े का विवाह संपन्न करायी जा चुकी है। आज यहां पर लगभग 250 से अधिक जोड़ों का विवाह कार्यक्रम संपन्न हुआ है। उन्होंने बताया कि यह संस्था अब तक 1789 लावारिश लाशों को सद्गति प्रदान कर चुकी हैं। इस सामूहिक विवाह में राजनांदगांव, कोरबा, जशपुर, सूरजपुर, सरगुजा जिलों से आए युवक-युवतियों ने संस्था द्वारा कराए जा रहे आदर्श सामूहिक विवाह को सराहा। सामूहिक विवाह में युवतियों को संस्था द्वारा गृहस्थी का सामान थाली, चम्मच, गिलास, पानी टंकी, लोटा, कटोरी उपहार स्वरूप प्रदान किया गया। साथ ही मंगलसूत्र, पायल, बिछिया, साड़ी आदि उपहार के रूप भेट किए गए।

राजस्थान-नागौर में ई मित्र संचालक से लूट के दोनों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा

नागौर. नागौर के कुचेरा थाने इलाके में 11 जून को ई मित्र संचालक की आंखों में मिर्च डालकर सवा चार लाख रुपये और अन्य कागजात लेकर फरार हुए आरोपी समेत एक अन्य आरोपी को पुलिस ने जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ही आरोपियों ने पिछले कई दिनों से नागौर के बुटाटी गांव में कमरा किराया पर ले रखा था और ई मित्र संचालक की रैकी कर रहे थे। मौका मिलते ही दोनों ने ई मित्र संचालक की आंखों में मिर्च झोंकी और रुपये लेकर फरार हो गए। दोनों आरोपी जयपुर में भी एक बड़ी लूट को अंजाम देने वाले थे लेकिन नागौर पुलिस ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया। मामले के अनुसार गत 11 जून को ओमप्रकाश पुत्र डूंगरराम विश्नोई ने कुचेरा थाने में लिखित रिपोर्ट दी थी कि वह बुटाटी गांव में ई मित्र का कार्य करता है। 11 जून की रात जब वह अपने घर जा रहा था तो पीछे से एक गाड़ी आई और उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डालकर उसके पास से सवा चार लाख रुपये और कागजातों से भरा बैग भरकर फरार हो गए। पुलिस ने मामले के संबंध में जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार षड्यंत्रकारी मुलजिम अजीत बिश्नोई पिछले कई दिनों से प्रार्थी के साथ लूट करने की फिराक में था इसलिए उसने अपने दो दोस्तों को लूट की वारदात को अंजाम देने से एक दिन पहले ही बुटाटी गांव बुलाकर वहां एक कमरा किराए पर लिया था। यहां रुककर उन्होंने ई मित्र संचालक ओमप्रकाश पर नजर रखना शुरू की और मौका मिलते ही अपनी योजना को अंजाम दे दिया। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में टीम में गठित कर सूचना व तकनीकी साक्ष्य के आधार पर अजीत बिश्नोई और राकेश पुत्र हनुमानराम बिश्नोई को गिरफ्तार किया है। दोनों ही आरोपी जयपुर में भी एक बड़ी घटना को अंजाम देने वाले थे।

छत्तीसगढ़-सुकमा-बीजापुर-नारायणपुर के तेंदूपत्ता संग्राहकों अब नकद मिलेगा भुगतान : वन मंत्री

खुश खबरी: छत्तीसगढ़ के वनमंत्री ने लगाई मुहर, तेंदूपत्ता संग्राहकों मिलेगा नकद भुगतान, जानिए क्या है शर्तें सुकमा/बीजापुर/नारायणपुर. बस्तर के तीन जिलों में लगातार उठ रही मांगो को लेकर तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए अब राहत की खबर निकलकर आई है। बीजापुर सुकमा और नारायणपुर जिले में अंदरूनी इलाकों के तेंदूपत्ता संग्रहकों के द्वारा तेंदूपत्ता का नगद भुगतान की मांग लगातार उठ रही थी और वनमंत्री से लेकर वन विभाग के आल्हा अफसर तक संग्राहकों के द्वारा पत्राचार कर मांग की जा रही थी। जिसपर वन मंत्री केदार कश्यप की पहल से आखिरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों की मांग पर मुहर लग गई। अपर सचिव ने सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक को आदेश जारी किया है। जिसमें छह सूत्रीय शर्तों के अधीन संग्राहकों को तेंदूपत्ता पारिश्रमिक का नगद भुगतान की अनुमति कलेक्टरों को दी है। बता दें कि बस्तर भर में तेंदूपत्ता वन उपज की खरीदी संग्राहकों के माध्यम से की जाती है। जहां हितग्राही तेंदूपत की तोड़ाई कर उसे सरकार द्वारा तय किए गए ठेकेदारों को बेचा जाता है , इन हितग्राहियों का पारिश्रमिक तेंदूपत्ता हितग्राहियों के खाते में किया जाना होता है। लेकिन सुकमा बीजापुर नारायणपुर जिले के ज्यादातर इलाकों में बैंक में खाता ना होना, नेटवर्क , बैंक की दूरी, आवागमन और अशिक्षित होना की वजह से हितग्राहियों को खाते में पैसा लेने में काफी दिक्कतों का सामना उठाना पड़ता है। जिसको लेकर लगातार हितग्राहियों के द्वारा मांग रखी जा रही थी कि उन्हें नगद भुगतान किया जाए इससे पहले भी कई बार हितग्राहियों की मांग पर उन्हें नगद भुगतान किया जाता था। लेकिन नगद भुगतान की स्थिति में कई बार अशिक्षित हितग्राहियों तक उनका पूरा हक नहीं पहुंच पाता जिस वजह से पैसों के हेरफेर का भी अंदेशा बना रहता है । इन सब को ध्यान में रखते हुए अपर सचिव ने 6 शर्तों के अधीन नगद भुगतान की अनुमति दी है। जानिए क्या है शर्तें —– 1. नगद भुगतान के लिए कौन से संग्राहक पात्र होंगे इसका निर्धारण कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। 2. प्रत्येक प्रकरण का नगद भुगतान कलेक्टर की अनुमति से होगा। 3. समस्त नगद भुगतान की कार्यवाही जिला कलेक्टर के पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण से संपन्न होगी। 4. प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर तथा वन मंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक जिला यूनियन द्वारा आपसी समन्वय से प्रस्तावित क्षेत्र के अंतर्गत है बाजार या अन्य उपयुक्त स्थान पर कैंप का आयोजन कर संबंधित संग्राहको को तेंदूपत्ता संग्रहण कार्ड में उचित प्रविष्टि कर नगद भुगतान करते हुए पावती प्राप्त करेंगे । नगद भुगतान के पूर्व पर्याप्त प्रचार प्रसार किया जाएगा और नगद भुगतान से संबंधित समस्त कार्य की पूर्ण वीडियोग्राफी करते हुए प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। 5. संबंधित जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में उपरोक्त कैंप के दौरान संग्राहकों को आवश्यकता अनुसार आधार कार्ड जारी करने बैंक खाता खुलवाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें इस हेतु सीएससी स्थानीय बैंक आदि से आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाएगा। 6. संग्राहकों के द्वारा प्राप्त बैंक खाता विवरण के अनुरूप संग्राहक सर्वेक्षण सॉफ्टवेयर तेंदूपत्ता पेमेंट सॉफ्टवेयर में आवश्यक पंजीयन आदि जिला यूनियन तथा कस के माध्यम से कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। इन शर्तों के अधीन तत्काल भुगतान प्रदान कर 15 दिन के भीतर पूर्ण किए जाने हेतु अपर सचिव के एल मांझी ने प्रबंध संचालक को निर्देश दिया है।

छत्तीसगढ़-बलरामपुर में गंगा दशहरा पर हजारों दीयों से जगमगाई कन्हर नदी

बलरामपुर. बलरामपुर रामानुजगंज में ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा का पावन पर्व नगर में धूमधाम से मनाया गया। गंगा दशहरा के अवसर पर नगर के मां महामाया मंदिर के समीप कन्हर नदी छठ घाट में कन्हर नदी में आरती करने के लिए श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड पड़ा। गंगा आरती में नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल, वरिष्ठ नागरिक सुभाष जायसवाल पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष आर के पटेल, पार्षद अशोक जयसवाल शैलेश गुप्ता, एसपी निगम बड़ी संख्या में नगर वासी सम्मिलित हुए। गंगा दशहरा के साथ-साथ मां गायत्री जयंती भी धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने कहा कि गंगा दशहरा के अवसर पर आप सब का उमड़े जन सैलाब इस बात का परिचायक है कि कन्हर नदी से आप सब का गहरा लगाव एवं आस्था है। यह नदी हम सबके लिए गंगा के सदृश्य है। जिस प्रकार मां गंगा उत्तर में बहती है उसी प्रकार कन्हर भी उत्तर दिशा में बहती है। कन्हर नदी का पानी उत्तर प्रदेश में सोन नदी में मिलता है और सोन नदी में जाकर गंगा में मिलती है। जिस प्रकार नगर को साफ सुथरा रखने में आप सब नगरवासी सहभागी बनते हैं उसी प्रकार से कन्हर नदी को भी साफ सुथरा रखने में आप सब की सहभागिता महत्वपूर्ण है। गंगा दशहरा आयोजन समिति के प्रमुख विकास दुबे ने कहा कि विगत देड दशकों से नगर में गंगा दशहरा का आयोजन होते आ रहा है साल दर साल आयोजन की भव्यता नगर वासियों के सहयोग से बढ़ते जा रही है आने वाले समय में गंगा दशहरा को और भव्य स्वरूप दिया जाएगा। इस दौरान सुभाष केसरी, सुनील गुप्ता,अजय गुप्ता,मुकेश जायसवाल,प्रमोद कश्यप, विजय रावत , धर्म प्रकाश केशरी, आशीष गुप्ता, अंकित गुप्ता,अमित गुप्ता, महेश अग्रवाल, पवन गुप्ता, निशांत गुप्ता, विनोद केसरी सहित बड़ी संख्या में नगर वासी उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं को प्रसाद का विवरण किया गया। एक साथ नदी में जगमगा उठे हजारों दिए गंगा दशहरा के आयोजन में सम्मिलित होने हजारों की संख्या में महिलाएं छठ घाट पहुंची थी सभी महिलाओं के द्वारा पूजा अर्चना के लिए दिया भी लाया गया था जब आरती के पश्चात नदी में दीप प्रज्वलन हुआ तो एक साथ हजारों दिनों से पूरा छठ घाट जगमगा उठा हजारों दिनों के एक साथ जलने से अद्भुत दृश्य छठ घाट में देखने को मिला। विधि-विधान से कराया पूजा गंगा दशहरा एवं मां गायत्री जयंती के अवसर पर विधि विधान से नगर पुजारी नंदू पांडे के नेतृत्व में महामाया मंदिर के मुख्य पुजारी जितेंद्र पांडे, शिव मंदिर के पुजारी श्याम कुशल पांडे, दामोदर मिश्रा, विनय पांडे सहीत अन्य पुजारी के दल ने विधि विधान से शंख ध्वनि के बीच गंगा दशहरा के अवसर पर एवं मां गायत्री जयंती के अवसर पर अनुष्ठान पूर्ण कराया।

प्रदीप मिश्रा और प्रेमानंद महाराज के बीच मतभेद दूर, मंत्री विजयवर्गीय ने फोन पर कराई सुलह

Kerala: Landslide caused devastation, 24 people died

भोपाल  राधारानी पर टिप्पणी को लेकर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा वृंदावन के संतों के निशाने पर थे। चर्चित संत प्रेमानंद महाराज जी ने इस टिप्पणी के बाद प्रदीप मिश्रा को आक्रोश में बहुत कुछ कहा था। प्रेमानंद महाराज जी ने यहां तक कह दिया था कि तुम किसी काम के नहीं रहोगे। इसके बाद पंडित प्रदीप मिश्रा सफाई दे रहे थे। साथ ही उनसे माफी मांग रहे थे। अब मीडिया में खबरें आ रही हैं कि इस विवाद का पटाक्षेप हो गया है। मध्य प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री ने प्रेमानंद महाराज जी और कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की सुलह कराई है। प्रदीप मिश्रा और प्रेमानंद महाराज में फोन पर बात मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मध्य प्रदेश के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने तीन दिन पहले ओंकारेश्वर में कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा से बात की थी। दोनों की मुलाकात होटल के कमरे में हुई थी। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच राधारानी विवाद पर भी बात हुई थी। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने दोनों में सुलह की पहल की। उन्होंने प्रेमानंद महाराज जी से फोन पर प्रदीप मिश्रा से बात कराई। इसके बाद महाराज जी का गुस्सा शांत हुआ है। नर्क जाओगे तुम दरअसल, राधारानी को लेकर वीडियो आने के बाद वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज गुस्से से तमतमा गए थे। वह इस टिप्पणी को लेकर तू तड़ाक पर उतर आए थे। साथ ही कह दिया था कि राधा जी के बारे में ऐसी बात करते हो, तुम्हें नर्क में जाने से कोई नहीं बचा पाएगा। साथ ही गुस्से में प्रेमानंद जी महाराज ने कहा था कि तुम्हारा सत्यानाश हो गया। श्रीजी के चरणों में आकर साष्टांग दंडवत माफी मांगो। ये था पूरा विवाद पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि राधा जी बरसाने की नहीं है। वह उनके पिता जी का कचहरी था। वह साल में एक बार कचहरी आती थीं। उनके पति का नाम अनय घोष है। वह रावल गांव की रहने वाली थीं। साथ ही प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि वह भगवान श्रीकृष्ण की पत्नी नहीं है। इसी वीडियो के सामने आने के बाद विवाद की शुरुआथ हुई थी। प्रदीप मिश्रा ने मांगी थी माफी वीडियो सामने आने के बाद प्रदीप मिश्रा का जगह-जगह विरोध होने लगा। साथ ही वृंदावन के संतों में भी उनके खिलाफ नाराजगी बढ़ने लगी। इसके बाद एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में प्रदीप मिश्रा ने प्रेमानंद महाराज जी से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यह वीडियो 14 साल पुराना है, जिसे तोड़ मरोड़कर परोसा जा रहा है। प्रेमानंद महाराज के तल्ख तेवर के आगे प्रदीप मिश्रा बैकफुट पर थे और लगातार सफाई दे रहे थे। दोनों के बीच हो गई सुलह अब बताया जा रहा है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की पहल के बाद दोनों संतों में सुलह हो गई है। प्रेमानंद महाराज जी के आक्रोश वाले वीडियो एक्स से हटे हैं। वहीं, प्रदीप मिश्रा ने भी चुप्पी साध ली है। ऐसे में अब मामला ठंडा होने की संभावना है। अब दोनों ही तरफ से कोई प्रतिक्रिया या नया वीडियो सामने नहीं आया है।

राजस्थान में गलत टिकट वितरण और गुटबाजी ने के कारण हारे: बीजेपी

जयपुर. लोकसभा चुनावों में 11 सीटों पर हुई हार के पीछे खराब टिकट बंटवारा, संगठन और सरकार में तालमेल नहीं होना, अफसरशाही का हावी होना, आपसी फूट और गुटबाजी बड़ा कारण रही है। वरिष्ठ नेताओं के सामने हारे हुए उम्मीदवारों और फील्ड पर काम कर रहे नेताओं ने हार के कारण गिनाए हैं। कई प्रत्याशियों ने कहा- बहुत सी जगहों पर अपनों ने ही हरवाया है। स्थानीय नेताओं के फीडबैक में सामने आया है कि ग्राउंड पर सब कुछ ठीक नहीं था। बीजेपी मुख्यालय में पिछले दो दिनों से चल रही फीडबैक बैठक में शनिवार को टोंक-सवाई माधोपुर, दौसा, झुंझुनू, नागौर, सीकर, चूरू, बाड़मेर सीटों पर हार के कारणों का स्थानीय नेताओं से फीडबैक लिया गया। वहीं रविवार को चार सीटों, बांसवाड़ा, करौली-धौलपुर, भरतपुर और श्रीगंगानगर पर हार की समीक्षा की गई। सीएम भजनलाल शर्मा भी इस मीटिंग में कुछ देर के लिए पहुंचे थे। अब बड़ा सवाल यह है कि चुनाव में 11 सीटें हारने के बाद अब इस फीडबैक बैठक से बीजेपी क्या हासिल करना चाहती है, क्योंकि ये सभी कारण तो चुनावों के दौरान साफ सुनाई और दिखाई दे रहे थे। इससे भी बड़ी बात है कि लोकसभा चुनावों के बाद भी बीजेपी में इन फैक्टर्स को लेकर कोई बदलाव नहीं हुआ है। स्थितियां पहले जैसी थीं, अब भी वैसी ही हैं। बड़े नेताओं पर कोई एक्शन नहीं पार्टी के ग्राउंड वर्कर्स से बात करें तो वे भी यह मानते हैं कि ये फीडबैक बैठकें महज औपचारिकता हैं, क्योंकि इतनी बड़ी हार के बाद भी किसी बड़े नेता की कोई जिम्मेदारी तय नहीं की गई। यहां तक कि जिन मुद्दों को लेकर कार्यकर्ता नाराज थे, उनकी भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। संघ की बैठकों में भी खुलकर सामने आई नाराजगी चुनावी नतीजों के बाद आरएसएस के स्तर पर भी जिलों में ऐसी बैठकें ली गईं, जिनमें संघ कार्यकर्ताओं ने ही पार्टी में टिकट बंटवारे में धांधली के आरोप लगाए। यहां तक कि पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्षों ने कहा कि उन्हें चुनावों के दौरान साइड लाइन कर दिया गया।

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