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India में एक और ब्रांड की होगी एंट्री, तीन नए फोन्स लॉन्च करेगा NxtQuantum

भारतीय बाजार में एक नई कंपनी अपना पहला स्मार्टफोन लॉन्च करने जा रही है. इस कंपनी का नाम NxtQuantum Shift Technologies है और इस फोन का नाम NOVA सीरीज होगा. कंपनी ने इसको लेकर AI+ की ब्रांडिंग की है. यह एक बजट 5G फोन होगा. एक फोटो भी सामने आई है, जिसको लेकर दावा किया है कि वह नोवा सीरीज का हैंडसेट है. NxtQuantum Shift Technologies की कमान माधव सेठ संभाल रहे हैं, जो इससे पहले Realme और भारत में Honor ब्रांड के फोन सेल करने वाली कंपनी Htech की कमान संभाल चुके हैं. Nova सीरीज के तहत तीन मॉडल्स को लॉन्च किया जा सकता है.   ये हो सकती है कीमत Fonearena की रिपोर्ट्स के मुताबिक,  इन हैंडसेट की कीमत 5 हजार रुपये से 8 हजार रुपये के बीच हो सकती है. इसमें यूजर्स को 5G सपोर्ट, एडवांस्ड AI फीचर, भारतीय यूजर्स के लिए ईको फ्रेंडली डिजाइन मिलेगा. मेड इन इंडिया के तहत प्रोडक्शन Nova सीरीज के हैंडसेट को मेक इन इंडिया के तहत तैयार किया जाएगा. इस स्मार्टफोन के अंदर यूजर्स को कस्टम ऑपरेटिंग सिस्टम यूज करने को मिलेगा, जिसे इंडियन इंजीनियर्स द्वारा तैयार किया गया है. रिफर्बिश्ड पार्ट्स का होगा यूज Nova सीरीज के तहत सस्टेनेबिलिटी पर फोक किया जाएगा, जिसमें कई रिफर्बिश्ड पार्ट्स का यूज कियाजाएगा. इसकी मदद से कंपनी इलेक्ट्रोनिक वेस्ट को कम करना चाहती है. इस हैंडसेट में हाई क्वालिटी रिफर्बिश्ड कंपोनेंट का यूज किया जाएगा. 25 जून से ही होगी सेल Nova सीरीज के हैंडसेट की सेल 25 जून से शुरू होगी. इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केट के जरिए सेल किया जाएगा. सीरीज की शुरुआती की कीमत 5 हजार रुपये है. हालांकि अभी इन हैंडसेट को लेकर और भी डिटेल्स सामने आएंगी. सामने आई लीक फोटो GSMArena पोर्टल ने एक फोटो शेयर की है, जिसमें दावा किया है कि यह फोटो AI+ Nova 2 5G की है. यह Nova series 5G सीरीज का ही स्मार्टफोन होगा. इस हैंडसेट में बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप LED फ्लैश को दिखाया गया है. साथ ही फोन के बैक पैनल पर AI+ की ब्रांडिंग भी है.  

परवरिश: मोबाइल की लत बच्चों के भविष्य पर भारी, जानें इससे छुटकारा पाने के उपाय

Parenting: Mobile addiction is harmful for children’s future, know the ways to get rid of it सूर्य प्रताप सिंह सिसोदिया (हेल्थ डेस्क) क्या आपका बच्चा मोबाइल के बिना रह सकता है?आज यह सवाल हर माता-पिता के मन में गूंज रहा है। तकनीक के इस दौर में मोबाइल बच्चों की जिंदगी का ऐसा हिस्सा बन चुका है, मानो उनका एक नया अंग हो। चाहे भोजन हो, पढ़ाई या आराम का समय हर क्षण मोबाइल उनके साथ है। यह डिजिटल डिवाइस केवल उनके शरीर को ही नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक विकास को भी गहराई से प्रभावित कर रहा है। बच्चों पर मोबाइल का असर: सिर्फ आंखें नहीं, पूरी सोच पर असर धैर्य में गिरावट:स्क्रीन पर मिलने वाला त्वरित मनोरंजन बच्चों को अधीर बना रहा है। किसी भी असफलता या देरी पर वे गुस्से में आ जाते हैं। माता-पिता या शिक्षकों की मामूली बात भी उन्हें आहत कर देती है। एकाग्रता में कमी:लगातार आने वाले नोटिफिकेशन्स और ऑनलाइन एक्टिविटी बच्चों की एकाग्रता को कमजोर कर रही है। वे लंबे समय तक किसी एक काम पर ध्यान नहीं दे पाते। संवादहीनता और सामाजिक दूरी:मोबाइल की लत बच्चों को परिवार और दोस्तों से दूर कर रही है। अब वे भावनाओं को शब्दों में नहीं, इमोजी में बयां करते हैं। इसका असर उनके आत्मविश्वास, भाषा कौशल और सामाजिकता पर पड़ रहा है। ऑनलाइन गेमिंग और मानसिक स्वास्थ्य:गेमिंग ऐप्स बच्चों के लिए एक नशे की तरह बन चुके हैं। लेवल पार करने का जुनून, पैसे हारने का डर और त्वरित सफलता की उम्मीद उन्हें तनाव, एंग्ज़ायटी और यहां तक कि आत्महत्या जैसे खतरनाक कदम तक ले जा रही है। नींद और शारीरिक समस्याएं:देर रात तक स्क्रीन देखने से मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर बिगड़ता है, जिससे नींद की गुणवत्ता घटती है। इससे चिड़चिड़ापन, मोटापा और आंखों की समस्याएं जैसे डिजिटल आई स्ट्रेन और दृष्टि दोष उत्पन्न होते हैं। अभिभावकों की भूमिका: शुरुआत घर से ही होती हैआमतौर पर मोबाइल की लत के बीज माता-पिता ही बोते हैं—कभी बच्चे को चुप कराने के लिए, तो कभी उसे व्यस्त रखने के लिए। एक साल के बच्चे को मोबाइल पर राइम्स दिखाना आज सामान्य बात हो गई है। फिर जब वही बच्चा 12-13 साल में मोबाइल मांगता है, तो माता-पिता उसे रोक नहीं पाते। समाधान: स्क्रीन से दूरी, जीवन से जुड़ाव स्क्रीन टाइम तय करें:परिवार में मोबाइल उपयोग का एक साझा नियम बनाएं। बच्चे को 15 साल की उम्र तक अपना व्यक्तिगत मोबाइल न दें। मैदानी खेल और आउटडोर एक्टिविटी:हर दिन कम से कम दो घंटे बच्चों को फिजिकल एक्टिविटी में व्यस्त रखें। फैमिली आउटिंग में मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित करें। बातचीत और समय:बच्चों से बात करें, उनकी समस्याएं समझें। जब वो आपकी बात सुनते हैं, तो आप भी उनकी दुनिया से जुड़ पाते हैं। तकनीक से नहीं, रिश्तों से जुड़ाव बढ़ाएं:उन्हें यादें लिखने के लिए प्रेरित करें, न कि इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने के लिए। मोबाइल कोई बुरा उपकरण नहीं है, लेकिन उसके गलत इस्तेमाल ने बच्चों को मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचाया है। माता-पिता यदि आज सतर्क नहीं हुए, तो कल बहुत देर हो जाएगी। सही परवरिश तकनीक से नहीं, समय और समझ से होती है। Tag: Parenting, Screen Addiction, Children Mental Health, Digital Detox

WhatsApp iPad App Launch,जल्द आएगा iPad के लिए नया ऐप

नई दिल्ली  मेटा ने करोड़ों iPad यूजर्स को बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, कंपनी ने iPad के लिए भी अब एक डेडिकेटेड WhatsApp ऐप लॉन्च कर दिया है। बता दें कि iPad यूजर्स लंबे वक्त से डेडिकेटेड WhatsApp ऐप की मांग कर रहे थे। इसी को देखते हुए कंपनी ने अब आखिरकार Apple App Store पर WhatsApp ऐप को iPad के लिए रिलीज कर दिया है। इस ऐप में भी आपको iPhone पर मिलने वाले WhatsApp ऐप जैसे ही फीचर्स मिलने वाले हैं। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानें… मिलते हैं ये जबरदस्त फीचर्स नए iPad ऐप के साथ यूजर्स 32 लोगों के साथ वीडियो और ऑडियो कॉल कर सकते हैं, अपनी स्क्रीन शेयर कर सकते हैं और फ्रंट और रियर कैमरे के बीच स्विच कर सकते हैं। अब तक iPad पर WhatsApp का इस्तेमाल करने के लिए ब्राउजर के जरिए वेब वर्जन की जरूरत पड़ती थी। वहीं, अब ये नया ऐप यूजर्स को अपने iPhone, Mac और अन्य डिवाइस पर सब कुछ सिंक रखने की भी सुविधा दे रहा है। जबकि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन इसे और भी ज्यादा सेफ बना रहा है। मल्टीटास्किंग हुई आसान iPad पर WhatsApp ऐप आने के बाद यह iPadOS मल्टीटास्किंग फीचर्स जैसे स्टेज मैनेजर, स्प्लिट व्यू और स्लाइड ओवर का पूरा लाभ उठाता है। इन फीचर्स के साथ यूजर्स एक साथ कई ऐप्स देख सकते हैं, वेब ब्राउज करते टाइम मैसेज रीड और सेंड कर सकते हैं और कॉल पर रहते हुए अन्य कोई काम भी कर सकते हैं। पहले यूजर्स को इस तरह के काम करने के लिए WhatsApp से दूर जाना पड़ता था। व्हाट्सएप ने यह भी बताया कि नया आईपैड ऐप मैजिक कीबोर्ड और एप्पल पेंसिल के साथ अच्छे से काम करता है। 15 साल बाद iPad पर आया WhatsApp कई सालों तक मेटा ने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया कि उसने दुनिया के सबसे पॉपुलर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को आईपैड पर क्यों नहीं पेश किया। यकीनन यह मार्केट में सबसे ज्यादा बिकने वाला टैबलेट है। व्हाट्सएप ने आईपैड पेश किए जाने से छह महीने पहले 2009 में एप्पल ऐप स्टोर पर शुरुआत की थी। यानी अब 15 साल बाद iPad पर WhatsApp आया है। मेटा ने 2014 में व्हाट्सएप का अधिग्रहण किया, लेकिन फिर भी कभी भी एक डेडिकेटेड आईपैड ऐप जारी नहीं किया।

रिसर्च : Energy Drinks बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा रही,दिल की बीमारी, घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर भी दे रही

नई दिल्ली एनर्जी ड्रिंक्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है. आज कल हर किसी के हाथ में एनर्जी ड्रिंक देखने को मिल जाती है. ये दिखने में भले ही मजेदार और इंस्टेंट एनर्जी देने वाली लगें, लेकिन ये बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. हाल के एक रिसर्च में पाया गया है कि ये ड्रिंक्स बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं. साथ ही, ये दिल की बीमारी, घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर और नींद की दिक्कत जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकते हैं. एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन और बहुत ज्यादा चीनी होती है, जो छोटे बच्चों के शरीर के लिए ठीक नहीं होती. इसलिए डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि बच्चों को एनर्जी ड्रिंक नहीं पीनी चाहिए. आज हम आपको बताएंगे कि एनर्जी ड्रिंक्स पीने से आपके बच्चे की हेल्थ पर क्या बुरा असर पड़ता है. डिहाइड्रेशन एनर्जी ड्रिंक्स किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं और इसका एक मुख्य कारण डिहाइड्रेशन है. इन ड्रिंक्स में अक्सर बहुत ज्यादा कैफीन होता है, जिससे शरीर में ज्यादा पेशाब बनता है. इससे बच्चों को बार-बार बाथरूम जाना पड़ता है और उनके शरीर से जरूरी फ्लूइड्स निकल जाते हैं. किडनी स्टोन होने का खतरा बढ़ता है एनर्जी ड्रिंक्स रिडनी स्टोन के जोखिम को बढ़ा सकते हैं. एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन, सोडियम और फॉस्फोरिक एसिड के साथ-साथ चीनी फ्रुक्टोज का लेवल ज्यादा होता है. ये शरीर में ऐसे एलिमेंट्स बनने में मदद करते हैं, जो  किडनी स्टोन बना सकते हैं.   किडनी पर डालती हैं बुरा असर एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद ज्यादा चीनी भी एक बड़ी चिंता है. ज्यादा चीनी खाने से मोटापा और डायबिटीज हो सकती है, जो किडनी की बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं. बच्चों के लिए बहुत ज्यादा मीठे एनर्जी ड्रिंक्स पीना आगे चलकर किडनी के खराब होने जैसी गंभीर दिक्कतें ला सकता है. ब्लड प्रेशर बढ़ाते हैं एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद ऐसे कई एलिमेंट्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर और हार्ट बीट को बढ़ा सकती हैं. हाई ब्लड प्रेशर किडनी डैमेज होने का एक मुख्य कारण होता है.   एक्यूट किडनी इंजुरी बहुत ज्यादा एनर्जी ड्रिंक पीना, खासकर जब आप ज्यादा एक्सरसाइज करते हों तो वो बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है. इन ड्रिंक्स में टॉरिन होता है, जो किडनी पर बुरा असर करता है. बच्चों के किडनी अभी पूरी तरह डेवलप नहीं बने होती, इसलिए यह ज्यादा खतरा होता है. ऊर्जा पेय क्या हैं? विशेषज्ञों का कहना है कि एनर्जी ड्रिंक्स ऐसे पेय पदार्थ हैं, जिनमें कैफीन के अलावा अतिरिक्त चीनी और कानूनी उत्तेजक पदार्थ होते हैं, जिनका उपयोग सतर्कता और ऊर्जा बढ़ाने के लिए किया जाता है। भले ही वे अल्पावधि में दिन भर आपकी सहनशक्ति को बढ़ा सकते हैं, लेकिन कैफीन शरीर से बाहर निकलने के बाद भी लंबे समय तक भारी प्रभाव डाल सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार , एनर्जी ड्रिंक बच्चों और किशोरों के लिए उपयुक्त नहीं हैं। उनके विकासशील अंगों- मस्तिष्क, हृदय या गुर्दे- के कारण ये पेय पदार्थ आवेग नियंत्रण को कम करते हैं, और छोटे शरीर के आकार कैफीन के सेवन के प्रभावों और जोखिमों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।  सोने में कठिनाई के अलावा,अधिकांश युवाओं में क्रोनिक किडनी संबंधी समस्याएं विकसित होती हैंडॉ. जैन ने कहा, “एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन की मात्रा बहुत अधिक होती है (प्रति सर्विंग 150-300 मिलीग्राम), जो एक सामान्य कप कॉफी से कहीं अधिक है। कैफीन एक मूत्रवर्धक है, जिससे शरीर में अधिक मूत्र बनता है और व्यक्ति निर्जलित हो सकता है, जिससे हृदय और गुर्दे पर अधिक दबाव पड़ता है।” ऊर्जा पेय आपके बच्चे के गुर्दे को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं?     निर्जलीकरण का कारण बनता है     गुर्दे की पथरी का खतरा     गुर्दे की कार्यप्रणाली पर प्रभाव     तीव्र किडनी चोट का जोखिम बढ़ जाता है ऊर्जा पेय पीने के दीर्घकालिक प्रभाव डॉ. जैन ने बताया कि यदि आपका बच्चा लम्बे समय तक एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन करता है, तो उसे निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:     बहुत अधिक चीनी से मोटापा और मधुमेह होता है; दोनों ही मधुमेह के प्रमुख जोखिम कारक हैं।दीर्घकालिक वृक्क रोग(सीकेडी)     कृत्रिम मिठास वाले पदार्थों में गुर्दे की कार्यप्रणाली में बाधा उत्पन्न करने तथा अपशिष्ट और तरल पदार्थों के प्रसंस्करण के तरीके को बदलने की क्षमता होती है     कोला और एनर्जी ड्रिंक्स में बड़ी मात्रा में मौजूद फॉस्फोरिक एसिड गुर्दे की पथरी, कमजोर हड्डियों और रक्त वाहिकाओं के कैल्सीफिकेशन में योगदान देता है, जिसके परिणामस्वरूप दिल का दौरा और स्ट्रोक हो सकता है     मधुमेह के साथ-साथ बढ़ता रक्तचाप क्रोनिक किडनी रोग का प्रमुख कारण है     एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन और उत्तेजक पदार्थ रक्तचाप और हृदय गति के स्तर को बढ़ाते हैं, जिससे किडनी के कार्य पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है एक स्वस्थ, प्राकृतिक विकल्प जिसे बच्चों को पीने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए डॉ. जैन के अनुसार, माता-पिता के रूप में, आप अपने बच्चे को अपने शरीर को हाइड्रेट करने और अपनी प्यास बुझाने के लिए बहुत सारा पानी पीने की आदत डाल सकते हैं। आप अन्य पेय पदार्थों की जगह पानी चुनकर और उनके भोजन के साथ पानी परोसकर इस व्यवहार को अपना सकते हैं। हालाँकि, कुछ अन्य स्वस्थ विकल्प इस प्रकार हैं:     बिना मीठा किया हुआ नारियल पानी     100 प्रतिशत पतला फलों का रस     कम वसा वाला दूध या दूध के विकल्प     हर्बल चाय     हरी चाय     ताजे फलों का उपयोग करके घर पर बनाई गई स्मूदी    

अमेरिका-भारत के बीच टशन का तमाचा सीधे पाकिस्‍तान को, आईफोन 17 सीरीज पाकिस्‍तान की हैसियत से बहार

नई दिल्ली अमेरिका की ट्रंप सरकार कभी इधर की बात करती है, कभी उधर की। मार्च से जारी उसका टैरिफ ‘कलह’ चीन से होते हुए भारत पहुंच गया है। कतर में अमेरिकी राष्‍ट्रपति का यह कहना कि वह नहीं चाहते ऐपल अपने आईफोन भारत में बनाए, कई सवाल खड़े कर गया। अब तो ट्रंप प्रशासन यह फैसला लेने जा रहा है कि वह अमेरिका में बिकने वाले सभी स्‍मार्टफोन्‍स पर 25 फीसदी इंपोर्ट टैरिफ लगाएगा। ऐसा लगता है कि अमेरिकी सरकार उसके देश में बिकने वाली सभी फोन्‍स को मेड इन अमेरिका बनाना चाहती है। ट्रंप सरकार के निशाने पर भारत समेत तमाम एशियाई देश हैं जहां स्‍मार्टफोन्‍स का बड़े पैमाने पर प्रोडक्‍शन होता है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सरकार की नई और पल-पल बदलती नीतियां कंपनियों को मजबूर कर रही हैं कि वो अपने फोन्‍स के प्राइस बढ़ा दें। कई रिपोर्टों में बताया जा चुका है कि ऐपल अपनी अपकमिंग आईफोन 17 सीरीज को महंगा बेच सकती है। ऐसा हुआ तो अमेरिका-भारत के बीच टशन का तमाचा सीधे पाकिस्‍तान को पड़ेगा, क्‍योंकि डॉलर से बदलकर जब पाकिस्‍तानी रुपये में आईफोन 17 सीरीज की कीमत आएगी तो उसे खरीदने की हैसियत पाकिस्‍तान की खत्‍म हो सकती है। आईफोन 17 सीरीज महंगी होने के संकेत मी‍डिया रिपोर्टों के अनुसार, ऐपल आईफोन 17 सीरीज के दाम बढ़ा सकती है। कहा जाता है कि भले ही अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ सुलह कुछ हद तक हो गई है लेकिन चीनी आयात पर अभी भी अमेरिका में 30 फीसदी टैक्‍स लगेगा। अब अगर भारत व अन्‍य एशियाई देशों से होने वाले इम्‍पोर्ट पर 25 फीसदी टैरिफ लगा तो आईफोन 17 सीरीज को महंगा किया जा सकता है। ऐपल ने इस बारे में ऑफ‍िशियली कुछ नहीं कहा है लेकिन रिपोर्ट्स में दावा है कि आईफोन 17 प्रो मैक्‍स मॉडल को देश में 1 लाख 64 हजार 900 रुपये में लाया जा सकता है। यह कीमत पाकिस्‍तान में साढ़े 5 लाख रुपये के करीब पहुंच जाएगी। याद रखने वाली बात है कि आईफोन 16 प्रो मैक्‍स मॉडल की कीमत पाकिस्‍तान में 3 लाख 70 हजार रुपये के करीब है। (mega.pk के अनुसार)। इसका सीधा मतलब है कि आईफोन 17 सीरीज का टॉप वेरिएंट पाकिस्‍तान में दो लाख रुपये तक महंगा हो सकता है। आईफोन 17 सीरीज के अनुमानित फीचर्स सितंबर में होने वाले अनुमानित लॉन्‍च इवेंट में ऐपल की तरफ से आईफोन 17, आईफोन 17 एयर को लॉन्‍च किया जा सकता है। कहा जाता है कि कंपनी आईफोन 17 मैक्‍स या अल्‍ट्रा मॉडल लेकर आएगी। मैक रुमर्स की रिपोर्ट के अनुसार इन फोन्‍स में 6.3 इंच से 6.9 इंच तक डिस्‍प्‍ले दिया जा सकता है। आईफोन 17 एयर कंपनी का स्लिम मॉडल होगा,‍ जिसका मुकाला सैमसंग एस25 ऐज से रहेगा। नए आईफोन्‍स में कंपनी एलटीपीओ डिस्‍प्‍ले, 120 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट के साथ दे सकती है। कैमरों के लेवल पर भी नए आईफोन्‍स में अपग्रेड आ सकता है। कहा जाता है कि कंपनी अपडेटेड 24 मेगापिक्‍सल के फ्रंट कैमरा पर काम कर रही है। पीछे की तरफ 48 मेगापिक्‍सल का कैमरा भी अपग्रेडेड हो सकता है। 12 मेगापिक्‍सल के एक और सेंसर को इम्‍प्रूव किया जा सकता है।

बिना इंटरनेट डाटा ट्रांसफर, जानें कैसे करें

अगर आपको डाटा ट्रांसफर करना है तो इंटरनेट की जरूरत पड़ेगी ही। पीसी से डाटा मोबाइल पर भेजना तो इंटरनेट का इस्तेमाल करना ही होगा और स्मार्टफोन पर रिसीव करना है तो भी इंटरनेट डाटा की खपत तय है, लेकिन इन सिंपल ट्रिक्स से आप बिना इंटरनेट के डाटा ट्रांसफर कर सकते हैंः 1. सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से जेंडर एप डाउनलोड करें। यह एक डाटा ट्रांसफर एप है। इसकी खासियत है कि यह एप बिना इंटरनेट, यूएसबी और वाई-फाई के डाटा ट्रांसफर करता है। 2. अब पीसी में जेंडर एप डाउनलोड करें। 3. इसके बाद पीसी और मोबाइल दोनों को डाटा ट्रांसफर के लिए साथ रखें। 4. अब जैसे ही आप फोन पर जेंडर एप खोलेंगे, उसे पता चल जाएगा कि साथ रखें डिवाइस में जेंडर इंस्टॉल है। 5. इसके बाद डिवाइस के ग्रुप में ऐड करें। 6. अब जिन फाइल्स को भेजना है उन्हें सेलेक्ट करके सेंड ऑप्शन पर क्लिक करके भेज दें। 7. इस एप की खासियत है कि आप किन्हीं भी दो डिवाइसेज के बीच डाटा ट्रांसफर कर सकते है। आप चाहे तो दो स्मार्टफोन्स के बीच या फिर चार डिवाइसेज को कनेक्ट उनके बीच भी डाटा ट्रांसफर कर सकते है।  

हार्ट अटैक से बचने के उपाय

दिल की सेहत पर ही निर्भर करती है, हमारे शरीर की सेहत। और दिल को सेहतमंद रखने के लिए बहुत जरूरी है कि हम संतुलित जीवनशैली अपनाएं और नियमित व्याहयाम करें। पर्याप्त नींद हार्वर्ड के 70,000 महिलाओं पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार, नींद हमारे दिल को सेहमतमंद रखने में काफी मदद करती है। इस अध्य यन में पाया गया कि जो लोग रात को एक घंटा अधिक सोते हैं, उन्हेंु दिल की बीमारी अन्यव लोगों की तुलना में कम होती है। वहीं सात घंटे से कम सोने वाले लोगों को दिल की बीमारी होने की आशंका अधिक होती हैद्य कोलेस्ट्रॉल कम करें रक्त में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल धमनियों की भीतरी दीवारों पर जम जाता है। इससे धमनियां सिकुड़ जाती हैं और परिणामस्वॉरूप दिल तक कम मात्रा में खून पहुंचता है। इसलिए आपको चाहिए कि अपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखें और इसकी नियमित जांच भी करवाते रहें। उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल, कोरोनरी हृदय रोग विकसित होने की संभावना को बढ़ा देता है। नियमित रूप से व्यायाम करें नियमित रूप से व्यायाम स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद करता है। इससे मधुमेह होने की आशंका भी कम हो जाती है। मधुमेह रोगियों के बीच हार्ट अटैक का खतरा ज्याकदा होता है। गैर इंसुलिन निर्भर मधुमेह के रोगियों में सभी मौतों में से लगभग आधी दिल की बीमारी के कारण होती हैं। फैट से बचें भोजन में तेल का प्रयोग कम कर ताजी हरी सब्जियों और फल की मात्रा बढ़ाएं। ये रेशेदार और एंटी ऑक्सीडेंट्स के स्रोत हैं जो खून की वाहिकाओं में खराब कोलेस्ट्रोल के असर को कम करती हैं। इनके प्रतिदिन प्रयोग से दिल की बीमारी से बचा जा सकता है। साथ ही जंक फूड का सेवन कम से कम करें। भोजन समय पर करें। धूम्रपान न करें सिगरेट पीना महिलाओं में दिल की बीमारी का सबसे प्रमुख कारण है। मध्य म वर्ग की महिलाओं में तंबाकू के कारण लगभग 50 प्रतिशत हार्ट अटैक के मामलें देखने को मिलते हैं। वैज्ञानिकों द्वारा यह बात सिद्ध की जा चुकी है कि धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में दिल का दौरा या आकस्मिक हृदय रोग से मृत्यु होने का खतरा आम व्यक्तियों की तुलना में दोगुनी होता है। धूम्रपान छोड़ देने के 10 वर्षो के अंदर इन बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। वजन को नियंत्रित करें यदि आपका वजन अधिक है तो आपके हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। उसे तेजी से धड़कना पड़ता है। अधिक वजन का कारण असंतुलित भोजन और व्यायाम की कमी है, जिससे कई अन्य रोग भी जन्म लेते हैं। इससे बचाव का सबसे अच्छा तरीका है, रेशे वाले अनाजों तथा उच्च किस्म के सलादों का सेवन। साथ ही नियमित रूप से आधे घंटे टहलना। यह आपके अच्छे कोलेस्ट्रोल यानी एचडीएल कोलेस्ट्रोल को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है। तनाव में कमी मनोवैज्ञानिक तनाव को हार्ट अटैक की मुख्य वजह मानते हैं। तनाव के प्रभाव को कम करने के और दैनिक आधार पर सामना करने वाले तनाव का प्रबंधन के लिए स्वस्थ तरीके खोजें। इसके अलावा, पौष्टिक आहार योजना और नियमित रूप से व्यायाम आपके स्वापस्य्नी  पर पड़ने वाले तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। शराब का सेवन कम अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, शराब का अत्यधिक सेवन हाई बीपी ओर दिल की बीमारियों का नेतृत्व कर सकता हैं। हालांकि, कुछ अध्ययनों से पता चला है कि कम मात्रा में शराब के सेवन से कोलेस्ट्रॉल सही रहता है और इसलिए यह दिल के लिए फायदेमंद है।  

जानिए प्रेगनेंसी के दौरान कौन से मेडिकल टेस्ट है जरूरी

गर्भधारण के दौरान समय-समय पर कई तरह की जांच की जाती हैं। इससे मां और बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी मिलती है। साथ ही कोई कंप्लीकेशन ना हो इसकी जानकारी भी चिकित्सक को मिल जाती है। यदि कोई कंप्लीकेशन होती भी है तो चिकित्सक समय रहते उसका इलाज कर बच्चे और मां को किसी भी परेशानी से बचाया जा सकता है। आइये जानते हैं कि गर्भधारण के दौरान डिलिवरी तक कौन-कौन सी चिकित्सा जांच की जाती हैं सीबीसी यानी कम्पलीट ब्लड काउंट टेस्ट डॉक्टर आपका सीबीसी टेस्ट आपके गर्भवती होने के बाद करेगा। इससे आपके रक्त में लाल और सफेद कोशिकाओ का पता लगाया जाता है । इसके साथ ही हीमोग्लोबिन, हेमैटक्रीट और प्लेटलेट्स कणों को भी काउंट किया जाता है। हीमोग्लोबिन रक्त में मौजूद प्रोटीन होता है जो कि सेल्स को ऑक्सीजन देता है और हेमैटक्रीट शरीर में लाल रक्त कणों को जांचने का माप है। दोनों में से किसी के भी कम होने पर एनीमिया कहा जाता है। प्लेटलेट्स रक्त में थक्का जमने में सहायता करती हैं। महिला नार्मल डिलिवरी के दौरान तकरीबन आधा लीटर रक्त खो देती है। ऐसे में रक्त की कमी होने पर बच्चे और मां दोनों के लिए स्थिति खतरनाक हो सकती है। आरएच फैक्टर टेस्ट आरएच फैक्टर टेस्ट में लाल रक्त कणों के सरफेस में प्रोटीन की मात्रा देखने को किया जाता है। अगर प्रोटीन होता है तो इसे आरएच पॉजिटिव कहा जाता है अन्यथा नेगेटिव। यह टेस्ट लगभग 85 प्रतिशत महिलाओं में पॉजिटिव ही आता है। यूरिन टेस्ट डॉक्टर यूरिन टेस्ट से ही गर्भवती महिला के स्वास्थ्य की सही जानकारी लगा पाते हैं। इसमें मुख्यत शुगर की जांच की जाती है। इसके साथ ही किडनी के इन्फेक्शन का पता लगाने के लिए यूरिन में प्रोटीन की मात्रा, जांच की जाती है। इस टेस्ट के माध्यम से बैक्टीरिया की जांच की जाती है जिससे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन का पता चल पता  है। केटोन्स की भी जांच होती है जिससे यह पता लगता  है कि शरीर कार्बोहाइड्रेट की जगह वसा का  इस्तेमाल ऊर्जा के लिए तो नहीं कर रहा है। रक्तचाप की जांच गर्भवती महिला के रक्तचाप की जांच की जाती है ताकि रक्तचाप ज्यादा या कम दोनों ही होने की स्तिथी में महिला को किसी भी प्रकार की हानि से बचाया जा सके। भ्रूण का अल्ट्रासाउंड भ्रूण के शारीरिक विकास को देखने के लिए समय समय पर अल्ट्रासाउंड किया जाता है। इसमें प्लेसेंटा की स्थिति और बच्चे के शरीर का हर माप देखा जाता है। बच्चे की मूवमेंट और अन्य क्रियाओं का भी पता अल्ट्रासाउंड से ही चलता है। मल्टीपल मार्कर स्क्रीनिंग यह दो तरह का होता है। ट्रिपल स्क्रीन टेस्ट और क्वाड स्क्रीन टेस्ट। यह आहार नाल न्यूरल टयूब में किसी भी तरह के डिफेक्ट को देखने के लिए किया जाता है। भ्रूण की हृदय गति मापना हर महीने भ्रूण की हृदय गति में बदलाव आता है। जन्म के समय भी यह बदल जाती है। डॉक्टर समय-समय पर जांच कर यह चेक करते हैं की हार्ट बीट सामान्य है या नहीं। यदि ह्रदय गति कम आये तो माना जाता है कि बच्चे को ऑक्सीजन कम मिल रही है।  

रियलमी जीटी 7 स्मार्टफोन ने 24 घंटे मूवी चलाकर गिनीज बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

नई दिल्ली Realme के एक जल्द लॉन्च होने वाले स्मार्टफोन ने कमाल का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। दरअसल हम बात कर रहे हैं Realme GT 7 की जिसने पूरे 24 घंटे तक मूवी प्ले करके एक अनोखा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। यह स्मार्टफोन जल्द ही लॉन्च होने वाला है। Realme ने 23 मई को पूरे 24 घंटे तक मूवी प्ले करने का रिकॉर्ड बनाया। क्या है रिकॉर्ड बता दें कि Realme की “Endless Power Journey” नाम की एक खास मुहिम के तहत कंपनी ने एक अनोखा रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की है। यह इवेंट यूरोप में एक क्रूज पर आयोजित किया गया था, जिसकी शुरुआत रोम, इटली से हुई। इस चैलेंज की शुरुआत 22 मई 2025 को रात 9:30 बजे (भारतीय समय के अनुसार) शेनझेन, चीन से एक लाइवस्ट्रीम के जरिए की गई थी। लगातार 24 घंटे तक मूवी प्लेबैक करने के इस रिकॉर्ड को 23 मई 2025 की रात 9:30 बजे आधिकारिक रूप से पूरा किया गया। जहां गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के जजेस ने इसे मान्य घोषित किया। Realme ने क्या बताया Realme ने हाल ही में अपने अपकमिंग स्मार्टफोन GT7 सीरीज से जुड़ी कुछ बड़ी जानकारी शेयर की हैं। कंपनी के मुताबिक, इस शानदार रिकॉर्ड के पीछे फोन की पावरफुल 7000mAh की बैटरी है, जो 120W की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इतनी बड़ी बैटरी और तेज चार्जिंग की वजह से ही Realme GT 7 ने बिना रुके 24 घंटे लगातार मूवी चलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। Realme ने यह भी बताया कि GT 7 की बैटरी की क्वालिटी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार TÜV Rhineland की 5-Star बैटरी सर्टिफिकेशन से नवाजा गया है। यह इस फोन में इस्तमाल की गई बैटरी की क्वालिटी और सेफ्टी को साबित करता है। बता दें कि यह सर्टिफिकेशन सिर्फ उन्हीं डिवाइसेज को दिया जाता है, जो लंबी बैटरी लाइफ, तेज चार्जिंग और सुरक्षित इस्तेमाल के सभी स्टैंडर्ड्स पर खरे उतरते हैं। कब होगा लॉन्च Realme GT 7 सीरीज का ग्लोबल और इंडिया लॉन्च 27 मई 2025 को होने वाला है। यह खास लॉन्च इवेंट पेरिस, फ्रांस में होगा। इस मौके पर कंपनी GT 7 और GT 7T दोनों ही पेश किए जाएंगे। लॉन्च के बाद इन दोनों स्मार्टफोन मॉडल्स को realme.com, Amazon.in और अन्य रिटेल स्टोर्स से खरीदा जा सकेगा। कुल मिलाकर इस वर्ल्ड रिकॉर्ड के जरिए Realme GT 7 ने साबित कर दिया है कि बैटरी को लेकर इस फोन से किसी को कोई शिकायत नहीं होने वाली है।

ये 5 गैजेट्स कोरोना में आपकी फैमिली की करेंगे सुरक्षा

नई दिल्ली पिछले कुछ समय से मुंबई, चेन्नई और अहमदाबाद जैसे शहरों में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी देखने को मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तमिलनाडु और पुडुचेरी में कोविड-19 के 12-12 नए मामले सामने आए हैं। वहीं कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने भी जानकारी दी थी कि कर्नाटक में कोविड-19 के 16 सक्रिय मामले सामने आए हैं। ऐसे में भले WHO ने 2023 में ही इस महामारी के खत्म होने की घोषणा कर दी हो लेकिन वैश्विक स्तर पर यह बीमारी लगातार फैल रही है। ऐसे में स्थिति बिगड़ने से पहले ही अगर हम कुछ बेसिक तैयारियां कर लें, तो खुद को और अपने परिवार को कोरोना की आहट से बचा सकते हैं। आज हम आपको 5 ऐसे गैजेट्स के बारे में बता रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने घर में कोरोना को आने से रोक सकते हैं। ऑटोमैटिक हैंड सैनेटाइजर डिस्पेंसर पिछली बार जब कोविड फैला था, तो हैंड सैनेटाइजर हर घर में इस्तेमाल होने लगा था। हालांकि जैसे-जैसे यह बीमारी दूर हुई लोगों ने हैंड सैनेटाइजर का इस्तेमाल कम कर दिया। अब जब कोरोना के मामले फिर से सामने आने लगे हैं, तो अपने घर में एक ऑटोमैटिक हैंड सैनेटाइजर डिस्पेंसर रख लेना समझदारी होगी। इससे कोरोना के फैलने की रिस्क काफी हद तक कम हो जाती है। इस डिवाइस को अपने घर के एंट्री गेट पर लगा दें और हर आने-जाने वाले को इसका इस्तेमाल करने को कहें। UV-C स्टरलाइजेशन बॉक्स या बैग कोराना के बढ़ते मामलों के बीच UV-C स्टरलाइजेशन बॉक्स या बैग को घर में रखना समझदारी भरा फैसला हो सकता है। यह एक स्मार्ट गैजेट है जो कि उन सामानों को वायरस और बैक्टीरिया से मुक्त करने में मदद करता है जो आपके साथ रोज घर से बाहर जाते हैं। इस डिवाइस में खास तरह की UV-C लाइट होती है, जो कोरोना वायरस जैसे सूक्ष्म जीवों को नष्ट कर देती है। इस डिवाइस में आप अपना मोबाइल, चाबी, वॉलेट, पैसे या छोटे पार्सल को रखकर कुछ ही मिनटों में पूरी तरह से सैनिटाइज कर सकते हैं। इसमें किसी तरह के कैमिकल का इस्तेमाल नहीं होता और यह कोरोना के खिलाफ एक बहुत ही कारगर हथियार है। नॉन-कॉन्टैक्ट थर्मामीटर कोरोना की आहट के बीच घर में एक नॉन-कॉन्टैक्ट थर्मामीटर रखना फायदेमंद हो सकता है। दरअसल अगर इस दौरान घर का कोई भी सदस्य बीमार होता है, तो शरीर के किसी हिस्से को छुए बिना तापमान मापा जा सकता है। कोरोना के लक्षणों में बुखार सबसे आम है, और इस थर्मामीटर से आप खुद या घर आने वाले लोगों का तापमान दूर से ही जांच सकते हैं। इससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है क्योंकि किसी को छूने की जरूरत ही नहीं पड़ती। यह तेज, सुरक्षित और आसान तरीका है कोरोना की पहचान और उसे फैलने से रोकने के लिए। HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर कोरोना हवा के जरिए भी फैलता है। ऐसे में एक HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर घर में रखना अच्छा हो सकता है। यह हवा को साफ करने में बहुत कारगर होता है और हवा में मौजूद वायरस, बैक्टीरिया, धूल, एलर्जी फैलाने वाले कणों को 99.97% तक सोंख लेने मे सक्षम होता है। कोरोना जैसे संक्रमण के समय जब हवा के जरिए वायरस फैल सकता है, तब यह डिवाइस घर के अंदर की हवा को शुद्ध और साफ रखता है। डोर ओपनर रिंग यह एक बहुत ही प्रैक्टिकल गैजेट है जिसे साथ में कैरी करना भी बेहद आसान है। दरअसल कोरोना वायरस अक्सर दरवाजों के हैंडल, लिफ्ट के बटन, एटीएम या अन्य पब्लिक जगहों पर छूने वाली सतहों से फैलता है। जब हम इन्हें हाथों से छूते हैं और फिर उसी हाथ से चेहरा या नाक-मुंह छू लेते हैं, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यह गैजेट हमें यही सब करने से रोकता है। इसकी मदद से आप दरवाजे खोलने और एटीएम के बटन दबाने जैसे काम आसानी से कर सकते हैं। इतना ही नहीं इसकी मदद से आप अपने फोन को भी ऑपरेट कर सकते हैं, ताकि आपको फोन की स्क्रीन को भी अपने हाथों से छूना न पड़े। इसे आप चाबी के छल्ले की तरह अपने साथ कैरी भी कर सकते हैं। इस डिवाइस के इस्तेमाल से संभव है कि आप कोरोना के वायरस अपने घर तक न ला पाएं।

टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने स्‍पैम कॉल्‍स से बचाने के लिए लाया TRAI DND ऐप

नई दिल्ली ट्राई यानी टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भारतीय मोबाइल यूजर्स को स्‍पैम कॉल्‍स से बचाने के लिए नए नियम बनाए थे। ऐसा लगता है कि लोगों को पूरी जानकारी है ही नहीं कि नियमों का इस्‍तेमाल कैसे करके वह स्‍पैम कॉल्‍स से खुद को बचा सकते हैं। ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में मोबाइल कॉल इस्‍तेमाल करने वाले 25 फीसदी से भी कम लोगों ने कमर्शल मैसेज को लेकर अपनी पसंद बताई है। इसका मतलब है कि देश की आबादी में 87 करोड़ मोबाइल ग्राहक अभी भी टेलीमार्केटर से आने वाली कॉल्‍स से परेशान होते हैं। इस मुश्किल को मिनटों में सुलझाया जा सकता है एक ऐप पर अपनी प्रेफरेंस बताकर। TRAI का DND 3.0 ऐप प्‍लेस्‍टोर से लेकर ऐप स्‍टोर में उपलब्‍ध है। इसे फ्री में डाउनलोड करके और अपनी पसंद सेट करके आप स्‍पैम कॉल्‍स को ब्‍लॉक कर सकते हैं। फालतू कॉल्‍स पर खीझते हैं, पर कुछ करते नहीं लोगों को अक्‍सर फालतू कॉल्‍स पर खीझते हुए देखा जाता है, लेकिन कोई उसका सॉल्‍यूशन नहीं ढूंढता। कुछेक स्‍पैम नंबर्स जो याद रह जाते हैं, उनसे कॉल आने पर हम कॉल कट कर देते हैं या फोन साइलेंट में रख देते हैं, लेकिन यह समस्‍या का हल नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के 1.15 अरब मोबाइल ग्राहकों में से सिर्फ 28 करोड़ लोगों ने ही अपनी प्रेफरेंस तय की है। यही वजह है कि टेलीमार्केटर 87 करोड़ लोगों को बिना रुकावट कमर्शल मैसेज भेज रहे हैं। TRAI DND 3.0 ऐप है सबसे आसान तरीका स्‍पैम कॉल्‍स पर लगाम कसने का सबसे आसान तरीका है ट्राई का DND 3.0 ऐप। प्‍ले स्‍टोर या ऐप स्‍टोर पर आप TRAI DND लिखेंगे तब भी यह ऐप दिखाई देगा। इसे डाउनलोड कर लीजिए। ऐप डाउनलोड होने के बाद आपको अपने मोबाइल नंबर से रजिस्‍टर करना होगा। फोन में दो सिम हैं, तो दोनों नंबरों से रजिस्‍टर करना होगा। ऐप की मदद से स्‍पैम कॉल्‍स और एसएमएस को ब्‍लॉक किया जा सकता है। टेलीमार्केटर की तरफ से आने वालीं कॉलें भी ब्‍लॉक हो सकती हैं। इस तरह से इस्‍तेमाल करें TRAI DND 3.0 ऐप स्‍टेप 1 : ऐप ओपन करने के बाद लॉगइन पर क्लिक करें। स्‍टेप 2 : सिम 1 और ऐड सिम 2 का विकल्‍प दिखेगा। ​स्‍टेप 3 : फोन में एक सिम है तो सिम ऑपरेटर को चुनें जैसे-बीएसएनएल, वोडा-आइडिया, एयरटेल, जियो और फ‍िर मोबाइल नंबर डालें। दूसरा सिम भी है तो नीचे ‘ऐड सिम 2’ पर जाकर नंबर टाइप करें। स्‍टेप 4 : साइन इन पर क्लिक करें। आपके फोन पर ओटीपी आएगा। उसे डालकर आगे बढ़ें। स्‍टेप 5 : ओटीपी डालते ही ऐप आपके मोबाइल नंबरों पर डीएनडी का स्‍टेटस दिखाएगा। मेरे दोनों नंबरों पर डीनएडी के लिए रजिस्‍टर नहीं किया गया था। स्‍टेप 6 : अपने नंबर पर डीएनडी लागू करने के लिए चेंज प्रीफरेंस का विकल्‍प चुनें। दिए गए विकल्‍पों का चुनाव करें। उसके बाद सबमिट कर दें। TRAI DND के फायदे ट्राई डीएनडी ऐप उन सभी के लिए काम का साबित हो सकता है जो स्‍पैम कॉल्‍स से परेशान हैं। यह ऐप सरकारी संस्‍था की तरफ से बनाया गया है, इसलिए धोखाधड़ी की गुंजाइश कम है। सबसे अच्‍छी बात कि ऐप का यूजर इंटरफेस साफ सुथरा है। 6 से 7 स्‍टेप्‍स में आपकी रिक्‍वेस्‍ट सबमिट हो जाती है। डीएनडी एक्टिवेट होने के बाद आपको कभी भी प्रमोशनल और स्‍पैम कॉल्‍स से परेशान नहीं होना पड़ेगा।

पिछले दिनों Ghibli ट्रेंड, अब बेबी वर्जन वीडियो का क्रेज़

नई दिल्ली पिछले दिनों Ghibli (घिबली) फोटोज काफी ट्रेंड में थे। जिसे देखो अपने फोटोज का घिबली वर्जन बना कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा था। अब इसी तरह का एक और ट्रेंड सोशल मीडिया पर जोर पकड़ रहा है। इस लेटेस्ट ट्रेंड में लोग अलग-अलग हस्तियों के बेबी वर्जन वाले वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। कुछ लोग अपने खुद के बेबी वर्जन वाले वीडियो भी बनाकर ऑनलाइन डाल रहे हैं। अगर आप भी इस तरह के वीडियो बनाना चाहते हैं, तो चलिए आज हम आपको बताते है कि किस तरह ये ट्रेंडिंग वीडियो बनाए जा सकते हैं। इस बार लगेंगे दो AI जैसा कि अभी तक होता आया था, इस तरह के एनिमेटेड फोटो बनाने के लिए किसी न किसी AI का इस्तेमाल किया जाता था। इस बार जो ट्रेंड चल रहा है उसके लिए आपको दो AI का इस्तेमाल करना पड़ेगा। दरअसल बेबी वर्जन वीडियो के लिए पहले आपको एक AI का इस्तेमाल करके अपना या किसी किरदार का बेबी वर्जन तैयार करना होगा। इसके बाद आपको उसे वीडियो में कन्वर्ट करने के लिए एक अलग AI का इस्तेमाल करना होगा। चलिए पूरा प्रोसेस समझते हैं। पहले करें ChatGPT का इस्तेमाल सबसे पहले आपको अपनी किसी फोटो का बेबी वर्जन तैयार करना होगा। इसके लिए सबसे पहले अपनी वह फोटो चुन लें जिसे आप बेबी वर्जन के तौर पर तैयार करना चाहते हैं। इसके बाद अपनी फोटो को ChatGPT में अपलोड करके इस प्रॉम्प्ट का इस्तेमाल करें – “Create a baby version of the person in the image, maintaining similar facial features, hairstyle, and skin tone. The baby should be wearing a miniature version of the same clothes as the original person. Keep the background, lighting, and overall setting the same or closely matched to the original photo.” इसके बाद आपके फोटो में मौजूद इंसान का एक बेबी वर्जन तैयार हो जाएगा। अब इमेज को बदलें वीडियो में इसके बाद आपको इस फोटो को Hedra वेबसाइट में ले जाकर उसे वीडियो में कन्वर्ट करना होगा। Hedra वेबसाइट पर आप लिख कर बता सकते हैं कि वीडियो में आप बेबी वर्जन को क्या करते देखना चाहते हैं। जैसे कि Talking on a phone या Dancing in a pub. यह वेबसाइट आपकी फोटो को आपकी कमांड के अनुसार वीडियो में बदल देगी। अगर आप किसी फेमस किरदार या फिल्म के सीन पर आधारित फोटो वीडियो बना रहे हैं, तो आपको ओरिजनल वीडियो से ऑडियो निकाल कर Hedra ऐप में डालना होगा। इससे आप हूबहू किसी फिल्म या सीरियल के सीन का बेबी वर्जन तैयार कर पाएंगे। ध्यान देने वाली बात ChatGPT ने कुछ समय पहले फोटो जेनरेट करने वाले फीचर को सभी यूजर्स के लिए फ्री कर दिया था। हालांकि फ्री यूजर्स के फोटो तैयार होने में काफी समय लेते हैं। ऐसे में अगर आप भी अपना बेबी वर्जन बनाने वाले हैं, तो याद रहे कि ChatGPT आपकी फोटो तैयार करने में कुछ समय लेगा। वहीं अगर आप पेड यूजर हैं, तो आपको इसमें ज्यादा समय नहीं लगेगा।

स्‍मार्टफोन मार्केट में फ‍िर से सनसनी मचाने आए लावा का 5G स्‍मार्टफोन

नई दिल्ली भारतीय कंपनी लावा ने शुक्रवार को स्‍मार्टफोन मार्केट में फ‍िर से सनसनी मचाई है। कंपनी ने Lava Shark 5G नाम से नया और सस्‍ता 5जी फोन लॉन्‍च कर दिया है। ऐसे लोग जो अभी तक 4जी स्‍मार्टफोन चला रहे हैं या जिनके पास फीचर फोन है, उन्‍हें 5जी में स्विच करने के लिए एक सस्‍ता विकल्‍प मिल गया है। कंपनी दावा कर रही है कि इस फोन के जरिए लोगों को हाई-स्‍पीड कनेक्टिविटी मिलेगी और परफॉर्मेंस में भी कोई रुकावट नहीं आएगी। नए लावा फोन में 5 हजार एमएएच की बैटरी, बड़ा डिस्‍प्‍ले ऑफर किया गया है। आइए जानते हैं कि इसकी सटीक कीमत, कलर ऑप्‍शंस और बाकी खूबियां। कीमत Lava Shark 5G की कीमत 7 हजार 999 रुपये है। इसे दो कलर्स- स्‍टीलर गोल्‍ड और स्‍टीलर ब्‍लू में लाया गया है। फोन की सेल लावा के रिटेल आउटलेट्स और ई-स्‍टोर पर आज से शुरू हो गई है। स्‍पेसिफ‍िकेशंस Lava Shark 5G में 6.75 इंच का एचडी प्‍लस डिस्‍प्‍ले दिया गया है, जिसमें 90 हर्त्‍ज का रिफ्रेश रेट मिलता है। इस फोन में यूनिसॉक का T765 ऑक्‍टा-कोर 5जी चिपसेट दिया गया है, जोकि 6एनएम प्रोसेस पर बना है। फोन में 4जीबी रैम दी गई है, जो 4जी वर्चुअल रैम को भी सपोर्ट करती है। वर्चुअल रैम से मतलब है कि फोन के खाली स्‍टोरेज का इस्‍तेमाल करके रैम को बढ़ाया जा सकता है। हालांकि फोन में 64 जीबी स्‍टोरेज मिलता है। ऐसे में उम्‍मीद कम है कि आप ज्‍यादा स्‍टोरेज बचा पाएंगे और वर्चुअल रैम का इस्‍तेमाल कर पाएंगे। कैमरों की बात करें तो Lava Shark 5G में 13 मेगापिक्‍सल का एआई रियर कैमरा दिया गया है। फ्रंट में 5 मेगापिक्‍सल का सेल्‍फी कैमरा मिलता है। फोन में 5 हजार एमएएच की बैटरी दी गई है। यह 18 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। हालांकि बॉक्‍स में सिर्फ 10वॉट का चार्जर कंपनी दे रही है। लेकिन प्राइस के आगे हम इसे कोई कमी नहीं मानते क्‍योंकि बड़ी कंपनियों और फ्लैगशिप फोन बेचने वाले ब्रैंड्स ने तो अपने बॉक्‍स से चार्जर ही हटा दिया है। लेटेस्‍ट एंड्रॉयड 15 ओएस Lava Shark 5G फोन एंड्रॉयड 15 ऑपरेटिंग सिस्‍टम पर चलता है। यह अभी तक मार्केट में मौजूद लेटेस्‍ट एंड्रॉयड सिस्‍टम है। लावा फोन्‍स में स्‍टॉक एंड्रॉयड का एक्‍सपीरियंस मिलता है। ऐसे में आपको ब्‍लोटवेयर ना के बराबर मिलेंगे और यूजर एक्‍सपीरियंस बेहतर रहेगा। कंपनी ने फोन के डिजाइन पर भी जानकारी दी है। बताया है कि Lava Shark 5G में स्‍टाइल‍िश ग्‍लॉसी बैक दिया गया है। 5जी कनेक्टिविटी के अलावा यह फोन आईपी54 रेटिंग के साथ है, जिसका मतलब है कि काफी हद तक धूल और पानी से होने वाले नुकसान से बचा रहेगा। कंपनी फ्री सर्विसऐटहोम की सुविधा एक साल की वॉरंटी के साथ दे रही है। यानी अगर एक साल तक कोई परेशानी आई तो आपको कस्‍टमर सर्विस सेंटर पर जाने की जरूरत नहीं होगी। सर्विस आपको घर पर पहुंचकर दी जाएगी।

सफल लोगों की 5 ऐसी आदतें हैं, जो हर काम में दिलाती है जीत

सफलता की कुंजी हमेशा कड़ी मेहनत को माना जाता है। लेकिन कई बार कड़ी मेहनत करने के बाद भी कुछ लोगों को सफलता नहीं मिल पाती है। क्या आप जानते हैं मेहनत करने के बावजूद भी क्यों कुछ लोग अपने लक्ष्य को हासिल करने में असफल बने रहते हैं? इस सवाल का जवाब सफल लोगों की 5 ऐसी आदतें हैं, जो अकसर कॉमन लोग नजरअंदाज कर देते हैं। आइए जानते हैं सफल लोगों की 5 ऐसी आदतों के बारे में, जो उन्हें आम से खास बनाकर सफलता का रास्ता तय करने में मदद करती हैं। मीठा बोलने का गुण व्यक्ति की सफलता के पीछे उसके व्यवहार की बड़ी भूमिका होती है। मधुरभाषी यानी मीठे बोल बोलने वाला व्यक्ति हमेशा लोगों के बीच पसंद किया जाता है। ऐसे लोगों की मदद करने के लिए सभी लोग हमेशा तैयार रहते हैं। ऐसे लोग अपनी भाषा से सबका दिल जीतने में कामयाब रहते हैं। जो भविष्य में उनके लिए सफलता का रास्ता तय करने में आसानी पैदा करते हैं। याद रखें, आपके शब्द आपके व्यक्तित्व की ताकत हैं। इन्हें अनमोल बनाएं और देखें कैसे ये आपकी जिंदगी को एक नई ऊंचाई पर ले जाते हैं। सुलझा स्वभाव वाणी में मिठास और अपने व्यवहार में सौम्यता रखने वाला मनुष्य अपने सुलझे हुए स्वभाव से लोगों को हमेशा प्रभावित कर लेता है। उनकी यह खासियत उसे हर क्षेत्र में तरक्की दिलाती है। अनुशासन अनुशासन से व्यक्ति के जीवन में स्थिरता, सफलता, और आत्मविश्वास का विकास होता है। जिस व्यक्ति के पास ये गुण मौजूद होता है, उसे जीवन में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। समय का सदुपयोग करने वाला व्यक्ति सफल व्यक्ति हमेशा अपने समय का सदुपयोग करते हुए नए कामों की योजनाएं बनाते हैं। इससे उनके भविष्य के लिए उन्हें एक रास्ता मिलता है, जिस पर काम करके वे सफलता की ऊंचाईयों को चूमते हैं। मेहनती जो लोग ईमानदारी से कड़ी मेहनत करते हैं, उन्हें देर से ही सही, लेकिन सफलता जरूर मिलती है। इसीलिए सफलता मिलने में देरी होने पर व्यक्ति को निराश नहीं होना चाहिए बल्कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।  

ये दो सरकारी ऐप्स कर लें इंस्टॉल, हर समस्या का होगा समाधान

नई दिल्ली जैसे-जैसे लोगों की पहुंच इंटरनेट तक बढ़ी है वैसे-वैसे सभी टेलिकॉम कंपनियों के नेटवर्क पर लोड बढ़ा है। इसके चलते अक्सर लोग खराब नेटवर्क और स्लो इंटरनेट स्पीड का सामना करते हैं। अगर आप भी कभी कॉल ड्रॉप या बहुत ही धीमे इंटरनेट की वजह से परेशान हुए हैं, तो TRAI के दो ऐप्स आपके बहुत काम आ सकते हैं। दरअसल टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी कि TRAI मोबाइल फोन यूजर्स के लिए क्वालिटी ऑफ सर्विस सुनिश्चित करने का काम करता है। TRAI और डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन समय-समय पर अपनी सर्विसेज को बेहतर करने के निर्देश टेलिकॉम कंपनियों को देते रहते हैं। हालांकि फिर भी अगर आप कभी खराब नेटवर्क की वजह से कॉल ड्रॉप या स्लो इंटरनेट का सामना करें, तो TRAI के TRAI MySpeed और TRAI MyCall को फोन में इंस्टॉल करके रख लें। TRAI MySpeed इंटरनेट से जुड़ी समस्याओं के लिए TRAI ने यह ऐप लॉन्च ही इसलिए किया था ताकि लोगों को अच्छी इंटरनेट स्पीड मिल सकें। अगर किसी को अच्छी इंटरनेट स्पीड नहीं मिल रही है, तो वह यूजर इस ऐप की मदद से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। इसके बाद TRAI और आपका सर्विस प्रोवाइडर उस समस्या को दूर करने की दिशा में काम करते हैं। इस ऐप को इस्तेमाल करना भी बेहद आसान है। आपको सिर्फ इस ऐप को Google Play Store से डाउनलोड करना है और ऐप में Begin Test पर टैप करना है। इसके बाद आपको आपके ऑपरेटर का नाम और मौजूदा इंटरनेट स्पीड दिखाई जाएगी। यहां आपको शिकायत दर्ज करने का ऑप्शन भी मिलेगा। Times of India की एक रिपोर्ट के अनुसार, MySpeed ने 10 लाख से ज्यादा यूजर्स को स्पीड से संबंधित समस्याओं को रिपोर्ट करने में मदद की है. TRAI MyCall ऐप, कॉल ड्रॉप या खराब नेटवर्क के लिए इस ऐप का इस्तेमाल यूजर्स खराब नेटवर्क की वजह से होने वाली परेशानियों की शिकायत करने के लिए कर सकते हैं। इस ऐप को भी Google Play Store से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है। इसमें आपको कॉल ड्रॉप, कमजोर सिग्नल, या इनडोर/आउटडोर कवरेज की समस्या को रिपोर्ट करने का ऑप्शन मिलेगा। आपको अपनी शिकायत में नेटवर्क ऑपरेटर, लोकेशन, और समस्या डिटेल्स देनी होंगी। TRA0 के इस ऐप की मदद से टेलिकॉम ऑपरेटर्स सिग्नल और कॉल क्वालिटी की समस्याओं को जल्दी पहचानने में मदद मलती है। ध्यान देने वाली बात इन ऐप्स पर किसी भी तरह की शिकायत के बाद आपको कुछ दिन इंतजार करना होगा। हालांकि इन ऐप्स पर की गई शिकायतों के बाद समस्याओं को ठीक किए जाने की संभावना काफी ज्यादा है। सरकारी विभाग की ऐप्स होने के चलते इनकी परफॉर्मेंस काफी अच्छी है और टेलिकॉम कंपनियां इन ऐप्स के जरिए मिली शिकायतों को काफी गंभीरता से लेती हैं।

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