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रोज़ाना क्विनोआ खाने के साइड इफेक्ट्स: आहार में शामिल करने के प्रभाव

क्विनोवा एक तरह का अनाज होता है,प्रासंगिक सिद्धांत पिछले कुछ प्राचीन काल से तेजी से बड़ा है। जो लोग अपने प्लास्टिक में मथिया साबुत अनाज को शामिल करना चाहते हैं उनके लिए क्विनोवा सीड्स एक बेहतर विकल्प है। क्विनोआ को सुपर ग्रेन के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें एंटीऑक्सीडेंट, प्रोटीन और कई अन्य पोषक तत्वों की प्रचुरता होती है। इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, जो हमारे मेटाबोलिज्म को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह बीज चौलाई फैमिली का हिस्सा होता है, जो कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से लड़ने में सक्षम होता है। जिस तरीके से उपमा ओट्स और प्लास्टिक को अपलोड के साथ मिक्स करके बनाया जाता है। उसी तरह क्विनोवा की रेसिपी भी तैयार की जाती है। डॉ. निधि डायटिक्स, बाजीडी डायटिक्स, सरोजोहा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली के अनुसार इसमें मौजूद अमीनो एसिड और प्रोटीन यौगिकों को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं और वजन घटाने के लिए डाइ में शामिल किया जा सकता है। हृदय रोग से लेकर पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने के लिए और कैंसर जैसी बड़ी समस्या के खतरे को भी कम कर सकते हैं। ‌लेकिन क्या रोजाना सेवन करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है? जानिए इसके बारे में। क्विनोवा के नुकसान में कुछ सबसे बड़े पैमाने पर होने वाला बीज वजन का भारी उपयोग किया जा रहा है। इसके फायदे तो सभी जानना चाहते हैं लेकिन इसके दुष्प्रभावों के बारे में अभी तक पता नहीं चल पाया है। क्विनोवा का अधिक सेवन एलर्जी, पाचन से जुड़े मैट्रिक्स, लो ब्लड ग्लूकोज की समस्या सहित कई स्पेक्ट्रम का सबक बन सकता है। एलर्जी इस अनाज में सैपोनिन होता है, जो एलर्जी के कारण बन सकता है। ऐसे में त्वचा में खुजली, जलन, लाल निशान जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। अगर आपको किसी प्रकार की एलर्जी से परेशानी है तो डॉक्टर से बिना पूछे पूछें कि बच्चे को एलर्जी संबंधी परेशानी और अधिक बढ़ सकती है। ब्लड सप्लाई की समस्या क्विनोवा में एंटीहाइपरटेन्सिव गुण मौजूद हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को कम करने का काम करता है। वहीं जो लोग पहले से ही लो ब्लड लैब की समस्या से जूझ रहे हैं उन्हें इन ब्लड लैबोरेटरी को खाने से बचने की सलाह दी जाती है। जबकि हाई ब्लड वर्कशॉप के लिए यह सजावट से कम नहीं है। ये लोग बिना हुंचीचा क्विनोवा को अपने आहार का हिस्सा बना सकते हैं। प्रतिदिन क्विनोवा को शामिल करने से पाचन संबंधी संरचनात्मक क्षति हो सकती है। इस सुपर ग्रसन में सैपोनिन के सम्मिलित दस्तावेज़ को प्रभावित किया जा सकता है। वहीं जो लोग पेट दर्द, अल्सर, गैस एसिडिटी और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं से परेशान हैं उन्हें इनका सेवन नहीं करना चाहिए। क्विनोवा खाने का सही तरीका क्विनोवा का सेवन रोज करने के बजाय हफ्ते में 3 से 4 दिन ही करें। विभिन्न प्रकार के मसाले और उपमा इसी तरह से बनाए जाते हैं, जो बर्तन के बाद फूल बन जाते हैं। इसे आप सूप, प्यारी, पेन केक्स और केक्स के रूप में भी खा सकते हैं।

Hariyali Teej 2024: हरियाली तीज पर खीरे की क्यों करते हैं पूजा, जानें रहस्य

Why cucumber is worshiped on Hariyali Teej, know the secret

Why cucumber is worshiped on Hariyali Teej, know the secret Hariyali Teej 2024: हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं (Married Women) के लिए बहुत ही खास होता है. सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु की कामना और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए यह पर्व रखती हैं. वैसे तो साल भर में तीन प्रकार की तीज होती हैं, जिसमें हरियाली तीज सबसे पहले पड़ता है. हरियाली तीज का पर्व सावन महीने (Sawan Month 2024) की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को होती है, जोकि आज बुधवार 7 अगस्त 2024 को है. आज विवाहिताएं हरियाली तीज का व्रत रखेंगी और शिव-पार्वती (Shiv Parvati) की पूजा करेंगी. पूजा में कई तरह की सामग्रियों (Puja Samagri) की जरूरत पड़ती है, जिसमें खीरा (Kheera) भी शामिल है. हरियाली तीज की पूजा (Hariyali Teej ki Puja) में खीरा का होना बहुत जरूरी होता है, इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है. आइये जानते हैं आखिर क्यों हरियाली तीज में होती है खीरा की जरूरत और क्या है तीज में खीरा पूजन का रहस्य. हरियाली तीज की पूजा में खीरा का महत्व (Cucumber Importance of Hariyali Teej Puja) ज्योतिष शास्त्र (Jyotish Shastra) में खीरा का संबंध चंद्रमा (Chandrama) से बताया गया है. दरअसल जितने भी तरल पदार्थ होते हैं, उनका संबंध चंद्र ग्रह से होता है. हरियाली तीज में शिव शक्ति के साथ ही चंद्रमा पूजन का भी महत्व है. इसलिए पूजा के दौरान खीरा रखना अनिवार्य माना जाता है. एक अन्य कारण यह भी है कि, चंद्रमा शिव को अधिक प्रिय है. इसे शिवजी (Shiv ji) ने अपने माथे पर इसे सुशोभित किया है. चंद्रमा से खीरे का संबंध है और चंद्र का शिव से. इसलिए हरियाली तीज की पूजा में खीरा को चंद्रमा का प्रतीक मानकर पूजा जाता है, जिससे कि चंद्रमा के शुभ फल से मन के विकार दूर हों, शुभता प्राप्त हो और व्रत में किसी तरह का दोष न रहे.

किस विटामिन की कमी से जल्दी आता है बुढ़ापा? वैज्ञानिकों ने लगाया पता

Deficiency of which vitamin causes early ageing? Scientists discovered

Deficiency of which vitamin causes early ageing? Scientists discovered उम्र बढ़ना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है. हर कोई बूढ़ा होता है, लेकिन कुछ लोगों की उम्र उनके चेहरे पर नहीं दिखती. वे अपनी उम्र से काफी छोटे लगते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? वैज्ञानिकों ने इस सवाल का जवाब ढूंढ निकाला है. न्यूट्रिएंट्स जर्नल में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार, विटामिन डी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि विटामिन डी कई महत्वपूर्ण कारकों को प्रभावित करता है जो उम्र बढ़ने और उम्र से संबंधित बीमारियों से जुड़े होते हैं. उम्र बढ़ने की प्रक्रिया कैसे होती है?उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारे शरीर में कई बदलाव होते हैं. सेल्स में सूजन, सेल्स के बीच संचार में गड़बड़ी, स्टेम सेल की थकान, सेल्स की सेंसिटिविटी कम होना, माइटोकोंड्रिया का कमजोर होना, पोषक तत्वों का सही तरीके से अवशोषण न होना, प्रोटीन में बदलाव और जीन में बदलाव जैसे कई कारक उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं. ये सभी प्रक्रियाएं बहुत जटिल हैं, लेकिन विटामिन डी इन सभी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. विटामिन डी कैसे करता है काम?विटामिन डी हमारे शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है. यह हड्डियों को मजबूत बनाने, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और मूड को बेहतर बनाने में मदद करता है. इसके अलावा, विटामिन डी सेल्स की मरम्मत और नवीनीकरण में भी मदद करता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि विटामिन डी सूजन को कम करके, सेल्स के बीच संचार को बेहतर बनाकर और स्टेम सेल को सक्रिय करके उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है. विटामिन डी की कमी के क्या होते हैं लक्षण?विटामिन डी की कमी से हड्डियों का कमजोर होना, थकान, मसल्स में दर्द, डिप्रेशन और इम्यून सिस्टम कमजोर होना जैसे लक्षण हो सकते हैं. इसके अलावा, विटामिन डी की कमी से दिल की बीमारियां, कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. विटामिन डी कैसे प्राप्त करें?विटामिन डी सूर की रोशनी से मिलता है. आप रोजाना कुछ समय धूप में बैठकर अपनी विटामिन डी की जरूरत पूरी कर सकते हैं. इसके अलावा, आप विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे मछली, अंडे और दूध का सेवन भी कर सकते हैं. यदि आपको विटामिन डी की कमी है तो आप अपने डॉक्टर से विटामिन डी की गोलियां लेने की सलाह ले सकते हैं.

Nag Panchami 2024: नाग पंचमी की पूजा में शामिल करें ये चीजें, जीवन में नहीं लगेगा कोई दोष!

Nag Panchami 2024: Include these things in the worship of Nag Panchami, you will not face any flaw in life!

Nag Panchami 2024: Include these things in the worship of Nag Panchami, you will not face any flaw in life! Nag Panchami 2024: हिन्दू धर्म में नाग पंचमी का पर्व हर साल बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है. इस दिन नाग देवता की पूजा करने का विधान है. मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से न केवल उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है, बल्कि कई तरह के दोषों से भी छुटकारा भी मिलता है. विशेष रूप से, जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष है, उनके लिए नाग पंचमी का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है. काल सर्प दोष से पीड़ित व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ सकता है. इसके अलावा राहु-केतु की वजह से अगर जीवन में कोई कठिनाई आ रही है, तो भी नाग पंचमी के दिन सांपों की पूजा करने पर राहु-केतु का बुरा प्रभाव कम हो जाता है. पूजा का सही समयपंचांग के अनुसार, साल 2024 में नाग पंचमी तिथि 9 अगस्त को रात 12:36 पर शुरू होगी, जिसका समापन 10 अगस्त की रात 3:14 पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, नाग पंचमी का पर्व 9 अगस्त को मनाई जाएगी. पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 9 अगस्त की सुबह 5 बजे से लेकर 8 बजे तक रहेगा. इस दिन पूजा के लिए 3 घंटे की अवधि मिलेगी. इस समय में पूजा करना शुभ फलदायी होगा. इस दिन नाग देवता की पूजा करने से सारी समस्याओं से मुक्ति मिलती है. नाग पंचमी के दिन पूजा में कुछ चीजों को शामिल करना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि इनके बिना नाग देवता की पूजा अधूरी मानी जाती है और दोषों से भी जल्दी छुटकारा नहीं मिल पाता है. इसलिए नाग पंचमी की पूजा में इन चीजों को शामिल अवश्य करें. जिससे आपके किसी कार्य में बाधा न आए. इस दिन घर के द्वारों के पास गोबर, सिंदूर, नीम का पत्ता से नाग की आकृति बनाई जाती है. इसके बाद घरों में दूध, लावा नाग देवता को अर्पित कर पूजा-अर्चना की जाती है. इस दिन नाग देवता की पूजा करने से काल सर्प दोष, सर्पदंश आदि से मुक्ति मिलती है. पूजा में शामिल करें ये चीजेंनाग पंचमी पूजा करते समय, अनुष्ठान को सही तरीके से पूरा करने के लिए सभी जरूरी सामग्री का होना आवश्यक है, जैसे- चांदी, लाल मिट्टी, गाय के गोबर, लकड़ी या पत्थर से बनी सांप की तस्वीर या मूर्ति या सांप की पेंटिंग, दूध, मीठा, फल,फूल, दालें, हल्दी का पेस्ट, कपूर, अंकुरित अनाज, धूपबत्ती आदि. नाग पंचमी पर करें ये उपायनाग पंचमी के दिन घर के प्रवेश द्वार पर सांप की आकृति बनाने से और पूरी श्रद्धा से प्रार्थना करने से आपको आर्थिक लाभ होता है.भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए आपको नाग पंचमी के दिन उनके मंदिर में जाकर चंदन की सात गोलियां चढ़ाएं.नाग पंचमी के दिन शिवलिंग पर दूध, फल, धतूरा, फूल और अर्क चढ़ाते हुए रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है.अगर आपकी कुंडली में राहु और केतु का प्रभाव है, तो आपको ग्रह दोष को खत्म करने के लिए नाग पंचमी के दिन पूजा करें.अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आपको नाग पंचमी के दिन नाग पंचमी मंत्र का 108 बार जाप करें.मान्यताओं के अनुसार, कालसर्प दोष जीवन में कई तरह की समस्याएं पैदा करता है, जैसे कि धन-दौलत में बाधा, विवाह में अड़चन, संतान प्राप्ति में कठिनाई, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, और नौकरी में परेशानी, आदि. नाग पंचमी के दिन श्री सर्प सूक्त पाठ करें. ऐसा करने से काल सर्प दोष का प्रभाव बहुत हद तक कम हो जाता है.

सावन सोमवार से तुलसीदास जयंती तक 7 दिन के शुभ मुहूर्त, जानें

Auspicious times of 7 days from Sawan Monday to Tulsidas Jayanti, know

Auspicious times of 7 days from Sawan Monday to Tulsidas Jayanti, know Weekly Panchang 5 august-11 august 2024: 5 अगस्त 2024 को तीसरे सावन सोमवार (Sawan somwar) से अगस्त का पहला सप्ताह शुरू हो रहा है. इसकी समाप्ति 11 अगस्त 2024 को तुलसीदास जयंती (Tulsidas jayanti) पर होगी. इस सप्ताह में कल्कि जयंती (Kalki jayanti), सावन विनायक चतुर्थी (Sawan vinayak chaturthi), सावन मंगला गौरी व्रत, हरियाली तीज (Hariyali teej) आदि व्रत आएंगे. हरियाली तीज पति की लंबी उम्र के लिए मनाई जाती है. इस दिन सुहागिनें सुहाग की सलामती, सौभाग्य, सुख, समृद्धि और अच्छा जीवनसाथी पाने के लिए व्रत कर शिव-पार्वती की पूजा करती है. अगस्त के पहले सप्ताह में कोई ग्रह-गोचर नहीं हो रहा है.हालांकि शनि अभी वक्री चल रहे हैं ऐसे में सावन के सोमवार और हरियाली तीज पर भोलेनाथ की पूजा जरुर करें इससे शनि के दुष्प्रभाव में कमी आएगी.आइए जानते हैं 7 दिन कौन से त्योहार, व्रत, ग्रह परिवर्तन, शुभ योग होंगे. साप्ताहिक पंचांग 5 अगस्त – 11 अगस्त 2024, शुभ मुहूर्त, राहुकाल (Weekly Panchang 5 august – 11 august 2024) 5 अगस्त 2024 (Panchang 5 august 2024) व्रत-त्योहार – तीसरा सावन सोमवारतिथि – प्रतिपदापक्ष – शुक्लवार – सोमवारनक्षत्र – अश्लेषायोग – व्यतीपातराहुकाल – सुबह 07.25 – सुबह 09.066 अगस्त 2024 (Panchang 6 august 2024) व्रत-त्योहार – मंगला गौरी व्रततिथि – द्वितीयापक्ष – शुक्लवार – मंगलवारनक्षत्र – मघायोग – वरीयानराहुकाल – दोपहर 03.47 – शाम 05.287 अगस्त 2024 (Panchang 7 august 2024) व्रत-त्योहार – हरियाली तीजतिथि – तृतीयापक्ष – शुक्लवार – बुधवारनक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनीयोग – वरीयान, परिघराहुकाल – दोपहर 12.27 – दोपहर 02.078 अगस्त 2024 (Panchang 8 august 2024) व्रत-त्योहार – विनायक चतुर्थीतिथि – चतुर्थीपक्ष – शुक्लवार – गुरुवारनक्षत्र – उत्तराफाल्गुनीयोग – शिव, रवि योगराहुकाल – दोपहर 02.06 – दोपहर 03.469 अगस्त 2024 (Panchang 9 august 2024) व्रत-त्योहार – नाग पंचमीतिथि – पंचमीपक्ष – शुक्लवार – शुक्रवारनक्षत्र – हस्तयोग – सिद्ध, रवि योगराहुकाल – सुबह 10.47 – दोपहर 12.2610 अगस्त 2024 (Panchang 10 august 2024) व्रत-त्योहार – कल्कि जयंतीतिथि – षष्ठीपक्ष – शुक्लवार – शनिवारनक्षत्र – चित्रायोग – साध्य, द्विपुष्कर, रवि योगराहुकाल – सुबह 09.07 – सुबह 10.4711 अगस्त 2024 (Panchang 11 august 2024) व्रत-त्योहार – तुलसीदास जयंतीतिथि – सप्तमीपक्ष – शुक्लवार – रविवारनक्षत्र – चित्रायोग – द्विपुष्कर, रवि, शुभ योगराहुकाल – शाम 05.24 – रात 07.04

उंगलियों के आकार से जानें अपने अंदर छुपी क्वालिटी, सामने आएंगे व्यक्तित्व के राज

Know the hidden qualities within you from the shape of your fingers

Know the hidden qualities within you from the shape of your fingers, the secrets of your personality will be revealed. Personality Test: हमारे आसपास कई सारे लोग रहते हैं। यह लोग अपने अलग व्यक्तित्व, रहन-सहन और स्वभाव के लिए पहचाने जाते हैं। इनका व्यवहार, बोलचाल, पहनावा, खानपान ही दूसरे लोगों को उनके व्यक्तित्व के बारे में जानकारी देने का काम करता है। किसी को भी हमेशा उसके स्वभाव और रहन-सहन के आधार पर पहचानने की कोशिश की जाती है। वैसे बात अगर आज के दौर की की जाए तो फैशन और आधुनिकता से भरे हुए इस दौर में हर कोई अपने आप को बेहतर दिखाना चाहता है। खुद को बेहतर दिखने की चाहत में व्यक्ति अच्छा पहनावा, खाना और वह सभी चीज करता है, जो देखने में लोगों को अच्छी लगे। ऐसे में ही बड़ा सवाल है कि आखिरकार किसी के भी व्यक्तित्व की सही जानकारी किस तरह से निकली जाए। हर व्यक्ति का स्वभाव जैसा है उसका व्यक्तित्व भी वैसा ही निकले यह जरूरी नहीं। ऐसे में अगर हम चाहे तो व्यक्ति की उंगलियों के आकार के आधार पर उसके बारे में सब कुछ पता कर सकते हैं। चलिए आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देते हैं। अलग-अलग उंगलियांकुछ लोगों की उंगलियां बिल्कुल अलग-अलग होती है। यानी की किसी भी उंगली की लंबाई एक जैसी नहीं होती। इसका मतलब है कि उनकी उंगली पर बनने वाला हर पर्वत संतुलित अवस्था में है। इस तरह के लोग संतुलित जीवन जीने वाले होते हैं। यह हमेशा आगे बढ़ने का प्रयत्न करते हैं। इन्हें जीवन से ज्यादा अपेक्षा नहीं होती। इन लोगों के पास जितना होता है यह उसी में खुश रहना पसंद करते हैं। झुकी उंगलियांकुछ लोगों की आपस में एक दूसरे की तरफ झुकी हुई होती है। इस तरह के लोगों का स्वभाव लचीला होता है। यह लोग कभी भी किसी के सामने झुकने से या आगे रहकर कोई काम करने से पीछे नहीं हटते। अनामिकाजिन लोगों की अनामिका सीधी और लंबी होती है यह लोग काफी भाग्यशाली होते हैं। दरअसल यह मेहनत करने वाले होते हैं जिससे इन्हें जीवन में खूब सफलता मिलती है। अपनी मेहनत के दम पर यह दौलत और शोहरत दोनों हासिल करते हैं।

Ginger water: खाने से पहले प‍िएं ये खास ड्र‍िंक, नहीं होगी गैस की समस्‍या

Ginger water: Drink this special drink before eating, there will be no gas problem

Ginger water: Drink this special drink before eating, there will be no gas problem GINGER WATER BEFORE MEALS: सुबह-सुबह या हर बार खाने से पहले अदरक का पानी पीने से सेहत को कई फायदे होते हैं. आयुर्वेद में भी अदरक के औषधीय गुणों के बारे में बताया गया है. प्राचीन चिकित्सा में, अदरक कई बीमारियों को कम करने के लिए जड़ी-बूटी के रूप में यूज किया जाता था. अदरक में कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जैसे क‍ि विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन, कॉपर, जिंक, मैंगनीज और क्रोमियम आदि. इसलिए जब आप इसे खाली पेट या खाने से कुछ देर पहले लेते हैं तो कई हेल्‍थ बेनेफिट्स मिलते हैं. आइये उनके बारे में जानते हैं… गैस और ब्‍लोट‍िंग कम करता हैअदरक के पानी में प्राकृतिक सूजनरोधी गुण होते हैं जो ब्‍लोट‍िंग यानी सूजन कम करते हैं. गैस के कारण पेट फूल जाता है. ऐसे में ये अदरक का पानी गैस कम करने में मदद करता है और पेट की सूजन कम करता है. इससे आप खाना खाने के बाद अधिक आरामदायक महसूस करते हैं. मेटाबोलिज्‍म बेहतर होता हैअदरक के पानी का सेवन करने से आपके मेटाबोलिज्‍म को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे आपका शरीर बेहतर तरीके से कैलरी बर्न कर पाता है. पाचन में मदद करता हैअदरक का पानी खाना पचाने में भी मददगार होता है. इससे भोजन को तोड़ना और पोषक तत्वों को अवशोषित करना आसान हो जाता है. ब्‍लड शुगर को संतुलित करता हैखाने से पहले अदरक का पानी पीने से ब्‍लड शुगर का स्तर कंट्रोल होता है. ये डायब‍िटीज वाले लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है. जी नहीं घबराताअगर आपको बार बार उल्‍टी जैसा महसूस हो रहा है तो अदरख का पानी पीने से आपको जरूर आराम म‍िलेगा . प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती हैअदरक एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होता है और इसमें रोगाणुरोधी गुण होते हैं, जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर करते हैं. ब्‍लड सर्कुलेशन में सुधारअदरक ब्‍लड सर्कुलेशन में सुधार करता है, जो दिल की सेहत ठीक रखता है और एनर्जी भी बढाता है. भूख कम करता हैभोजन से पहले अदरक का पानी पीने से आपकी भूख कम हो सकती है, जिससे आपके ज्‍यादा खाने की संभावना कम हो जाती है और वजन मैनेज रखने में मदद मिलती है.

सावधान रहें, डेंगू बन सकता है जानलेवा… बर्तनों में मिले सबसे ज्यादा लार्वा

Be careful, dengue can become fatal…Most larvae found in utensils

Be careful, dengue can become fatal…Most larvae found in utensils भोपाल। सतर्कता जरूरी है, नहीं तो डेंगू जानलेवा साबित हो सकता है। विभाग द्वारा किए एक सप्ताह के सर्वे में आठ हजार से अधिक घरों में डेंगू का लार्वा पाया गया है। मलेरिया विभाग की टीम लगातार घरों में जाकर सर्वे कर रही है। टीमों ने अभी तक दो लाख 75 हजार, 176 घरों का सर्वे किया है, जिसमें लगभग आठ हजार घरों में डेंगू का लार्वा पाया गया है। इन घरों में फूलों और पौधों के गमलों से लेकर पानी के बर्तनों, कूलरों एवं कंटेनरों में लार्वा जमा मिला है। खासबात यह कि घर के बर्तनों में सबसे ज्यादा लार्वा पाया गया है। आठ हजार 976 बर्तनों में खतरा इस दौरान अधिकारियों ने 1997940 बर्तनों का सर्वे किया गया, जिनमें आठ हजार 976 बर्तनों में खतरा पाया गया है। जांच के दौरान तीन हजार 187 कंटेनरों में खतरे की आशंका दिखाई दी है, जिनमें भारी लार्वा होने की उम्मीद है। इन कंटेनरों को खाली कराकर टोमोफास डाला गया। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में लार्वा सर्वे का काम और भी अधिक प्रभावी तरीके से चलेगा। इसके लिए टीमें भी बढ़ाई जाएंगी। बतादें कि अभी तक भोपाल में डेंगू के मरीजों की संख्या 82 हो गई है। पनप रहा एडीज मच्छर

सावन का तीसरा सोमवार कब ? शिव जी पर चढ़ाएं ये खास चीज

When is the third Monday of Sawan? Offer this special thing to Lord Shiva

When is the third Monday of Sawan? Offer this special thing to Lord Shiva Sawan Somwar 2024: चातुर्मास में संसार का संचालन शिव जी करते हैं और सावन चातुर्मास (Chaturmas) का पहला महीना होता है. इसलिए श्रावण की विशेष मान्यता है. इस साल सावन में पांच सोमवार (Sawan somwar) का संयोग बन रहा है. सावन सोमवार के दिन शिव जी का रुद्राभिषेक (Rudrabhishek) और जलाभिषेक (Jalabhishek) करने से अमोघ फल की प्राप्ति होती है. सावन सोमवार के व्रत रखने से वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहती है. जिन लोगों की शादी में अड़चने आ रही हैं वे सावन सोमवार के दिन कुछ खास उपाय जरुर करें. जानें 2024 में तीसरा सावन सोमवार कब है ? तीसरा सावन सोमवार 2024 (Sawan Third Somwar 2024) तीसरा सावन सोमवार 5 अगस्त 2024 को है. इस दिन सावन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 4 अगस्त 2024 को शाम 04.42 मिनट पर शुरू हो रही है, इसका समापन 5 अगस्त 2024 को शाम 06 बजकर 03 मिनट पर होगा. तीसरे सावन सोमवार पर करें ये उपाय (Sawan Somwar Upay) सफलता – बहुत मेहनत करने के बाद भी करियर में मन मुताबिक सफलता नहीं मिल रही है तो तीसरे सावन सोमवार के दिन गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करें. इस उपाय को करने से मनोवांछित सफलता मिलती है. बाधाओं का नाश होता है.व्यापार में वृद्धि – व्यापार मंद पड़ा है तो, बिजनेस को बढ़ाने की योजनाएं लाभ नहीं दे पा रही है या फिर किसी ने काम बांध रखा है तो सावन के तीसरे सोमवार पर शिवजी को केसर अर्पित करें. मान्यता है इससे भाग्योदय होता है. व्यक्ति कारोबार में तरक्की पाता है.घर में सुख-शांति – जिन लोगों के घर में आए दिन किसी बात को लेकर विवाद होता है. उन्हें सावन के पूरे महीने खासकर सोमवार के दिन शिव पुराण का पाठ करना चाहिए. शिव पुराण सुन भी सकते हैं. इससे तनाव दूर होता है. घर में हो रहे क्लेश मिटते हैं.धन लाभ – सावन सोमवार की पूजा में शिवलिंग पर लौंग अर्पित करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है. माना जाता है कि इससे धन से जुड़ी समस्याएं भी दूर होती हैं.

फूड पॉइजनिंग तो सुनी होगी, लेकिन क्या होती है वाटर पॉइजनिंग?

You must have heard of food poisoning, but what is water poisoning?

You must have heard of food poisoning, but what is water poisoning? फूड पॉइजनिंग को आम बोलचाल की भाषा में समझे तो गंदा आ दूषित खाना खाने से यह बीमारी होती है. गंदा खाना खाने से बैक्टीरिया शरीर में घुस जाता है और फिर यह शरीर को बीमार कर देता है. फूड पॉइजनिंग को आम बोलचाल की भाषा में समझे तो गंदा आ दूषित खाना खाने से यह बीमारी होती है. गंदा खाना खाने से बैक्टीरिया शरीर में घुस जाता है और फिर यह काफी ज्यादा परेशानी करता है. कुछ तो अपने आप ठीक हो जाते हैं लेकिन कुछ लोगों के शरीर में इसके खतरनाक रिएक्शन दिखते हैं. फूड पॉइजनिंग क्यों होता है? कुछ लोगों पर फूड पॉइजनिंग का ऐसा असर होता है कि इससे उनकी जान भी जा सकती है. फूड पॉइजन कई कारणों से हो सकता है जैसे- अधपका मांस, कच्ची सब्जियां, गंदे तरीके से पकाया हुआ खाना. जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है उन्हें खाना खाने के दौरान इन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए कि जो वो खा रहे हैं वह पका, साफ और अच्छा या नहीं वरना वह इससे गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं. फूड पॉइजनिंग किसी को कभी भी हो सकती है. एबीपी लाइव हिंदी ने ‘आकाश हेल्थकेयर’ के कंसल्टेंट डॉक्टर सरोज कुमार यादव से खास बातचीत की. डॉक्टर सरोज यादव ने बताया कि अक्सर गर्मियों या मॉनसून के दौरान फूड पॉइजनिंग की समस्या ज्यादा होती है. खासकर हमने यह जानने की भी कोशिश की वॉटर पॉइजनिंग क्या होता है?खासकर कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को इस बीमारी का खतरा काफी ज्यादा रहता है. शरीर में इस तरह की समस्या हो जाए तो शरीर पर कुछ इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं. वॉटर पॉइजनिंग क्या होता है? हाइपोनाट्रेमिया एक ऐसी कंडीशन होती है. जिसमें खून में सोडियम की मात्रा जरूरत से ज्यादा कम हो जाती है. ऐसा उस कंडीशन में होता है जब शरीर में पानी की जरूरत से ज्यादा होने जाने की वजह से सोडियम उसमें घुलता है. इसके कारण दिमाग की सेल्स यानी कोशिकाओं में सूजन आ जाती है. इस सूजन को सेरिब्रल ओएडेमा कहते हैं. इससे इलेक्ट्रोलाइट्स में कमी होने लगती है. वॉटर पॉइजनिंग का शरीर पर असर कम पानी पीने से शरीर में कई तरह के नुकसान होते हैं लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जरूरत से ज्यादा पानी पीने से भी शरीर को काफी ज्यादा नुकसान होता है. यहां तक कि मौत भी हो सकती है. वॉटर इनॉक्सिकेशन या वॉटर पॉइजनिंग भी कहते हैं. ज्यादा पानी पीने से ब्रेन ठीक से फंक्शन नहीं करता है. साथ ही साथ ब्लड में पानी की मात्रा बढ़ने लगती है. इसे ही वाटर पॉइजनिंग कहते हैं. वाटर पॉइजनिंग के कारण ब्लड में सोडियम का लेवल धीरे-धीरे कम होने लगता है. जिसका ब्रेन पर सीधा असर होता है और व्यक्ति कोमा में भी जा सकता है. शरीर में सोडियम की मात्रा कम होने पर ब्रेन और शरीर के सेल्स में सूजन भी हो सकती है. इसे सेल्युलर स्वेलिंग कहते हैं.

उमस भरे मौसम के कारण सिर में हो रही है खुजली, तो अपनाएं ये नुस्खे

If your head is itching due to humid weather, then follow these remedies

If your head is itching due to humid weather, then follow these remedies उमस और गर्मी के मौसम में स्कैल्प पर ज्यादा पसीना आने के कारण कई बार बदबू आना और खुजली जैसी समस्या हो सकती है. ऐसे में ये घरेलू नुस्खे इस परेशानी से राहत दिलाने में आपकी मदद कर सकते हैं. मौसम में बदलाव होने के साथ ही कई बार बालों से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं. उमस के मौसम में बालों में पसीना आने के कारण बदबू और स्कैल्प पर खुजली होने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इसके कारण बाल चिपचिपे लगने लगते हैं. इसकी वजह से कई लोगों को शर्मिंदा महसूस होना पड़ सकता है. इस समस्या से छुटकारा पाना थोड़ा मुश्किल है लेकिन इसे कम करने का प्रयास किया जा सकता है. मानसून के मौसम में बालों को एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है. जिससे की पसीने के कारण बदबू और खुजली जैसी परेशानियों का सामना न करना पड़े. ऐसे में आप कुछ घरेलू नुस्खों को अपना सकते हैं. हेयर वॉशअगर उमस और गर्मी के कारण आपके बालों में ज्यादा पसीना आता है, तो आपको बाल हफ्ते में दो से तीन बार जरूर धोने चाहिए. जिससे की बाल साफ रहें. लेकिन अपने बालों के मुताबिक ही शैंपू का इस्तेमाल करें. जैसे कि अगर ड्रैंडफ ज्यादा है तो एंटी-ड्रैंडफ शैंपू का इस्तेमाल करें. आप एक्सपर्ट से भी इस बारे में सलाह ले सकते हैं. एलोवेरा और नारियल तेलएलोवेरा और नारियल तेल इन दोनों को भी हमारे बालों के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसलिए ताजा एलोवेरा जेल और नारियल तेल को अच्छे से मिक्स करें और इसे अपने बालों पर 20 मिनट तक लगाएं रखने के बाद शैंपू से हेयर वॉश करें. लेकिन कई लोगों को एलोवेरा सूट नहीं करता है ऐसे में वो सिर्फ नारियल तेल भी लगा सकते हैं. नीम का उपयोगनीम औषधि गुणों के कारण जानी जाती है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण पाए जाते हैं. ऐसे में स्कैल्प पर होने वाली खुजली से राहत दिलाने में नीम मददगार साबित हो सकता है. इसके लिए पहले आपको नीम के ताजे पत्ते लेने हैं और इसे पानी में उबालना होगा. इसके बाद इस पानी को ठंडा होने पर छाल लें और शैंपू करने के बाद अपने बालों पर स्प्रे करें. आप नीम और तुलसी के पत्तों को एक साथ पीसकर उसका पेस्ट तैयार कर शैंपू करने के कुछ देर पहले आप अपने बालों पर 10 से 15 मिनट के लिए ये पेस्ट बालों और स्कैल्प पर लगा सकते हैं. एक बात का जरूर ध्यान रखें कि अगर स्कैल्प पर बहुत ज्यादा खुजली और जलन हो रही है तो पहले एक्सपर्ट से इसके बारे में सलाह लें और तभी कोई प्रोडक्ट और नुस्खा अपनाएं. क्योंकि कई बार इंफेक्शन या किसी बीमारी के कारण भी ये समस्या हो सकती है. इसलिए ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है.

बालों से खुलेंगे व्यक्तित्व के राज, सामने आएंगी खूबियां और खामियां

Hair will reveal the secrets of personality, strengths and weaknesses will be revealed.

Hair will reveal the secrets of personality, strengths and weaknesses will be revealed. Personality Test: व्यक्ति के लिए उसके बाल बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी अपने बालों को सजाते संवारते हैं और उनकी केयर करते हैं। महिलाएं तो विशेष तौर पर अपने बालों का ध्यान रखती हैं। हर व्यक्ति का हेयर स्टाइल उसकी सहूलियत के हिसाब से अलग-अलग होता है। कोई लंबे बाल रखना पसंद करता है तो किसी को छोटे बाल पसंद होते हैं। किसी के बाल स्ट्रेट होते हैं तो कोई घुंघराले बाल करवाता है। व्यक्ति की यही पसंद ना पसंद उसके व्यक्तित्व के बारे में जानकारी देने का काम करती है। आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन किसी भी व्यक्ति के स्वभाव के अलावा उसके बालों को देखकर आसानी से व्यक्तित्व का अंदाजा लगाया जा सकता है। आज हम आपको बालों की लेंथ और प्रकार के जरिए महिलाओं की पर्सनैलिटी की जानकारी देते हैं। घुंघराले बालजिन महिलाओं के बाल घुंघराले होते हैं वह बहुत भावनात्मक किस्म की होती हैं। अपने इमोशनल स्वभाव की वजह से यह कई बार परेशानी में पड़ जाती हैं। हालांकि, ये मृदु भाषी होती हैं और अपनी मीठी बोली से लोगों का दिल जीत लेती हैं। सीधे बालकुछ महिलाओं के बाहर बिल्कुल सीधे यानी कि स्ट्रेट होते हैं। यह महिलाएं सुनती तो सबकी हैं लेकिन करती सिर्फ और सिर्फ अपने मन की हैं। अपने स्वभाव की वजह से घमंडी कहा जाता है लेकिन यह साफ और कोमल हृदय वाली होती हैं। लंबे बाल कुछ महिलाओं के बाल काफी लंबे होते हैं। यह अपनी इमोशंस लोगों के सामने व्यक्त करने में घबराती नहीं है। इनके मन में जो भी होता है यह साफ साफ बोल देती हैं। यह प्रैक्टिकल किसने की होती है और हर चीज का प्रैक्टिकल करने के बाद ही निर्णय पर पहुंचती हैं। छोटे बालकुछ महिलाओं को छोटे बाल रखना पसंद होता है। इस तरह की महिलाएं स्टाइलिश और फैशन में बने रहना पसंद करती हैं। ये दिल की साफ और अच्छी होती हैं।

उच्च प्रोटीन युक्त आहार: जानें कौन से खाद्य पदार्थ शामिल करें

प्रोटीन हमारे शरीर के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है, जो हमारे शरीर में एनर्जी को बनाए रखता है। वेट लॉस वालों के लिए यह एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। प्रोटीन मांसपेशियों की रिकवरी का काम करता है। इसलिए जितना हमारा वजन होता है, उसी के अनुसार उतने ग्राम प्रोटीन भी लेना जरूरी है। वेज वालों में प्रोटीन डाइट को लेकर काफी दिक्कत आती है। क्योंकि प्रोटीन को लेकर लोगों के दिमाग में यह मिथ होता है कि वेज में प्रोटीन मिलना मुश्किल है और सबसे ज्यादा प्रोटीन अंडे या चिकन में पाया जाता है। लेकिन ऐसा नहीं है, वेज में भी कई ऐसे मखाना मखाने में प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर और अन्य न्यूट्रिएंट्स भी होते हैं। मखानों को हल्का सा घी में भूनकर नमक और काली मिर्च डालकर खा सकते हैं। मूंग दाल चिल्ला मूंग दाल प्रोटीन का हाई सोर्स होता है और इसके चिल्ले में आप सब्जियों को एड कर के इसे और भी ज्यादा हेल्दी बना सकते हैं। दाल में हाई प्रोटीन और सब्जियों में प्राप्त होने वाले विटामिन, हेल्दी वेट लॉस में मदद करते हैं। मूंग दाल में फाइबर की उच्च मात्रा होती है, वेट लॉस में मदद के साथ पाचन को सुधारने में मदद करती है और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करती है। ​ चना सत्तू चने का सत्तू भी प्रोटीन का हाई सोर्स है। इसे लेने के लिए आप चने के सत्तू को पानी में घोलकर उसमें नींबू, नमक और भुना हुआ जीरा मिलाकर एक हेल्दी ड्रिंक बना सकते हैं। पनीर टिक्का पनीर में भी प्रोटीन हाई मात्रा में होती है। पनीर टिक्का के मामले में मेरिनेट करके तंदूर या ओवन में बेक करें। यह एक हेल्दी और टेस्टी स्नैक्स है। स्प्राउट्स सलाद स्प्राउट्स में भी प्रोटीन और फाइबर दोनों ही अधिक मात्रा मे होते हैं। हाई प्रोटीन के लिए आप मिक्स्ड स्प्राउट्स खाएं, जैसे कि मूंग, चना, मोठ, मूंगफली और उसमें गाजर, टमाटर जैसी सब्जियां मिक्स कर के।

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