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हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर का शिलान्यास, उत्तरप्रदेश-मुख्यमंत्री योगी पहुंचे जनपद बस्ती में कर्मा देवी शैक्षणिक समूह के 15वें स्थापना दिवस समारोह

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि हम सभी ने विगत10 वर्षों में भारत की शानदार यात्रा देखी है। देश में विरासत और विकास का अद्भुत2समन्वय देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश की आजादी केशताब्दी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने के संकल्प को देशवासियों केसामने रखा है। वर्ष 2047 में हमें एक ऐसा भारत चाहिए जो स्वावलम्बी तथा आत्मनिर्भरहो। भारत स्वावलम्बी तथा आत्मनिर्भरता तब बनेगा, जब व्यक्ति, गांव, नगर, जनपद तथाप्रदेश आत्मनिर्भर बनेंगे। मुख्यमंत्री जी आज जनपद बस्ती में कर्मा देवी शैक्षणिक समूह के 15वें स्थापनादिवस पर मुख्य अतिथि के तौर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर परमुख्यमंत्री जी ने ओमनी हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर का शिलान्यास किया। उन्होंने शिक्षा,सेवा एवं संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों एवं विद्यार्थियों कोपुरस्कार प्रदान किये। उन्होंने कहा कि यह भूमि प्रभु श्रीराम के जन्म का हेतु है। कहाजाता है कि महाराज दशरथ ने प्रभु श्रीराम के जन्म के लिए इसी जनपद में पुत्रेष्टि यज्ञकिया था। महर्षि वशिष्ठ ने भी इसी जनपद में अपना आश्रम स्थापित किया था। प्रभुश्रीराम ने हम सबको प्रेरणा दी है कि व्यक्ति चाहे जितना यश प्राप्त कर ले याधन-धान्य से परिपूर्ण हो जाए, वह तब तक अधूरा है जब तक वह अपनी जननी तथामातृभूमि के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित नहीं करता।मुख्यमंत्री जी ने कर्मा देवी शैक्षणिक समूह के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बधाईदेते हुए कहा कि श्री ओम नारायण सिंह, श्रीमती नीता सिंह, स्व0 श्री देव मंगल सिंहतथा स्व0 श्रीमती सरोज सिंह ने अपनी मां की स्मृतियों को इस समूह के रूप में जीवन्तबनाया। यहां पहले पी0जी0 कॉलेज था, लेकिन बाद में बी0टी0सी0, बी0एड0, नर्सिंग,फार्मा, लॉ, सी0बी0एस0ई0 बोर्ड द्वारा संचालित पब्लिक स्कूल तथा बी0सी0ए0 आदिइकाइयों में शिक्षा की व्यवस्था की गई। आज यहां ओमनी हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर केशिलान्यास का कार्य भी सम्पन्न हुआ है।मुख्यमंत्री जी ने स्व0 श्रीमती कर्मा देवी सिंह, स्व0 देव मंगल सिंह तथा स्व0सरोज सिंह के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्व0 श्रीमती कर्मा देवी सिंह केपुत्रों ने उनकी स्मृतियों को शिक्षा के इस बेहतरीन केन्द्र के रूप में स्थापित करते हुएउनका मूर्त स्मारक इन शिक्षण संस्थानों के माध्यम से स्थापित किया है। जननी औरजन्मभूमि के प्रति यही कृतज्ञता का भाव है। जो बीज यहां रोपा गया था, आज वह कर्मादेवी समूह के रूप में विशाल वट वृक्ष बनकर निरन्तर आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान कररहा है। यहां के गरीब विद्यार्थियों को भी अच्छी और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध हो सके,इस दृष्टि से कर्मा देवी समूह अपना उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। हजारों बच्चे लम्बे3समय तक अपने कर्म पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त कर सम्मान तथा स्वावलम्बनके साथ जीवन यापन करेंगे।जब कोई व्यक्ति जन्म लेता है, तो उसके पास पाँच प्रकार के ऋणों से मुक्तिप्राप्त करने का अवसर होता है। तभी मनुष्य के रूप में हमारी जीवन यात्रा पूर्ण मानीजाती है। हमारा यह कर्तव्य माता, पिता, गुरु, मातृभूमि तथा देवगण के प्रति होता है।इनके आदर्शों को अपने जीवन में अंगीकार करने का प्रयास उऋण होने का माध्यमहोता है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्री ओम नारायण सिंह गोरखपुर के जिलाधिकारी केरूप में काम कर चुके हैं। वह अपनी प्रशासनिक व्यस्तता के कारण अन्य कार्यों के लिएज्यादा समय नहीं दे पाते थे, लेकिन स्व0 श्रीमती सरोज सिंह तथा श्रीमती नीता सिंहका श्री गोरक्षनाथ मंदिर में आना-जाना होता था। उस समय मैं प्रदेश का मुख्यमंत्रीबनने के बारे में नहीं सोचता था। स्व0 श्रीमती सरोज सिंह हमेशा इस बात को कहतीथीं कि आप उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अवश्य बनेंगे। आज उत्तर प्रदेश को आपकीआवश्यकता है। सुरक्षा खतरे में हैं। बेटियां असुरक्षित हैं। जगह-जगह दंगे हो रहे हैं।इससे सभ्य समाज के मन में आक्रोश उत्पन्न हो रहा है। वह कहती थीं कि यदि आपआएंगे, तो प्रदेश को दंगों से मुक्ति मिलेगी, बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नर्सिंग एक ऐसा क्षेत्र है जहां यदि अच्छी शिक्षा दीजाए, तो शत-प्रतिशत प्लेसमेंट प्राप्त किया जा सकता है। सरकारी व निजी क्षेत्र तथादुनिया में भारत के नर्सिंग प्रोफेशनल्स की मांग है। इस मांग को पूरा करने के लिए हमेंस्वयं को तैयार करना होगा। फार्मेसी का क्षेत्र भी अत्यंत विस्तृत है। कोरोना कालखण्डमें चीन ने भारत में दवा भेजने में आनाकानी की थी। प्रधानमंत्री जी ने उस समय देशके फार्मा उद्योग को पुनर्जीवित करने का कार्य किया था। देश में ही आवश्यक दवाइयोंका निर्माण प्रारम्भ किया गया। जिन दवाइयों के लिए हम दुनिया के अन्य देशों परनिर्भर थे, हमारा फार्मा उद्योग उन्हें आगे बढ़ा सकता है।प्रदेश में फार्मा पार्क का निर्माण किया जा रहा है। जहां पर 2,000 एकड़ क्षेत्रफलमें फार्मा से जुड़े हुए अलग-अलग उद्योग लगने जा रहे हैं। पहले चरण में बुन्देलखण्डमें इस कार्य को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है। वहां उद्योग लगने शुरू हो गएहैं। लोगों ने प्रोडक्शन के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे ही अन्य क्षेत्रों में भीलगातार कार्य करने की तैयारी हो रही है।4मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्किल डेवलपमेंट पर फोकसकिया गया है। संस्थानों को भी स्किल डेवलपमेंट के पाठ्यक्रम चलाने चाहिए, ताकिकोई भी विद्यार्थी संस्थान से अध्ययन पूर्ण करने के पश्चात स्वयं को असहाय न महसूसकरे। पूरी दुनिया भारत के युवाओं की प्रतीक्षा कर रही है। हमें युवाओं को दुनिया कीविभिन्न भाषाओं के बारे में जानकारी प्रदान करनी होगी। विद्यार्थियों को देश के विभिन्नप्रदेशों की भाषाएं भी आनी चाहिए। कन्नड़, मराठी, तमिल, बंगाली, गुजराती आदिभाषाओं का ज्ञान आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। भारत की भाषाएं भारत कीएकत

लोगों से सुविधाओं की ली जानकारी, कम्बल-भोजन बांटा, उत्तरप्रदेश-गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी ने रैन बसेरों का किया निरीक्षण

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद गोरखपुर में रेलवेस्टेशन के सामने, कचहरी बस स्टैन्ड के पास, नक्को बाबा की मजार के पास (धर्मशालाबाजार) एवं गोरखनाथ (झूलेलाल मन्दिर) के पास स्थित रैन बसेरों का निरीक्षण किया। इसदौरान उन्होंने धर्मशाला बाजार के नवनिर्मित रैन बसेरे का उद्घाटन किया। उन्होंने जिलाप्रशासन व नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोरखपुर महानगर क्षेत्र मेंजरूरतमंदों की सेवा और सुविधा के लिए तीन और रैन बसेरे बनाए जाएं। मुख्यमंत्री जी ने रैन बसेरों में ठहरे लोगों से उन्हें उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओंकी जानकारी प्राप्त की तथा जरूरतमंदों को कम्बल, भोजन एवं बच्चों को खिलौने व चॉकलेटवितरित की। रैन बसेरों में देवरिया, कुशीनगर, बलिया, गगहा, चौरीचौरा समेत पूर्वांचल केअलग अलग क्षेत्रों के नागरिकों के अलावा बिहार राज्य से आए लोग भी ठहरे थे। रैन बसेरेमें ठहरे लोगों में से कोई काम की तलाश में, तो डॉक्टर को दिखाने या फिर किसी अन्यकार्य से गोरखपुर आए थे।मुख्यमंत्री जी ने प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुये कहा कि हर जरूरतमंद कोसम्मानजनक आश्रय देने के लिए डबल इंजन की सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए प्रधानमंत्रीआवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में लोगों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं।शहर में किसी कार्य से आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए निःशुल्क रैन बसेरों2की व्यवस्था की गई है। प्रशासन को इसे प्राथमिकता पर लेते हुए यह सुनिश्चित करना होगाकि सभी रैन बसेरों में पर्याप्त संख्या में बिस्तर व कम्बल का इंतजाम हो। साफ-सफाई काभी पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही यदि किसी के पास भोजन की व्यवस्था नहीं है, तो उसेभोजन भी उपलब्ध कराया जाए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भीषण ठण्ड और शीतलहर से आमजनमानस के बचाव केलिए राज्य सरकार की तरफ से पहले चरण में 04 लाख लोगों को प्रदेश में बने कम्बलवितरित करने के लिए हर जिले को पर्याप्त धनराशि जारी कर दी गई है। साथ ही, प्रशासनको निर्देशित भी किया गया है कि जरूरतमंद लोगों की सूची बनाकर कम्बल वितरणसुनिश्चित कराया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 10 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व मेंप्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 56 लाख परिवारोंको पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा 04 लाख लोगों को शीघ्र ही आवासउपलब्ध कराए जाएंगे। इस व्यवस्था के बाद भी जो लोग शहरी क्षेत्र में उपचार कराने याकिसी अन्य कार्य से आते हैं। उनके पास रात्रि में यदि होटल आदि में रुकने की क्षमता नहींहै, तो उनके लिए शहरी क्षेत्रों में डबल इंजन सरकार की तरफ से स्थानीय निकायों केमाध्यम से रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ठण्ड से किसी की मृत्यु न हो और न ही कोई ठिठुरे, इसकेलिए सरकार की तरफ से कई स्तरों पर प्रबंध किए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों मेंपढ़ने वाले बच्चों के लिए स्वेटर की व्यवस्था के लिए उनके अभिभावकों के खाते में धनराशिभेज दी गई है। आने वाले समय में शीतलहर के दौरान जनमानस और जीव जंतुओं के ठण्डसे बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की भी व्यापक व्यवस्था की जाएगी।मुख्यमंत्री जी ने रेलवे स्टेशन रोड स्थित रैन बसेरे में जरूरतमंद लोगों को कम्बल औरभोजन का वितरण करते हुए कुछ नेत्र दिव्यांगों को देखा। उन्होंने, उन्हें कम्बल और भोजनके पैकेट दिए। मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियांे को निर्देशित किया कि इन दिव्यांगजन से वार्ताकर यह पता कर लें कि इन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। यदि वेयोजनाओं के लाभ से वंचित हैं तो लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। कचहरी बस स्टेशनके पास स्थित रैन बसेरे का निरीक्षण करने के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ बुजुर्गों से संवादकरते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि जल्द ही उनके आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनवा दिएजाएंगे।रैन बसेरों के निरीक्षण के दौरान सांसद श्री रविकिशन शुक्ल, गोरखपुर के महापौर डॉ.मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक श्री विपिन सिंह सहितअन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जिले, प्रदेश आत्मनिर्भर बनेंगे तो देश भी आत्मनिर्भर बनेगा: मुख्यमंत्री योगी

बस्ती  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास कर रहा है और 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बन जाएगा।कर्मा देवी शिक्षण संस्थान समूह के 15वां स्थापना दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए श्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास की ओर निरंतर अग्रसर है भारत को विकसित देश बनाने के लिए हमें आत्मनिर्भर होना पड़ेगा और इसके लिए पहले हमें आधुनिक शिक्षा ग्रहण करनी होगी। जब हमारा गांव ,नगर, जिला,प्रदेश आत्म निर्भर बनेगा तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा। भारत पूरी दुनिया में प्रत्येक क्षेत्र में अपना झंडा बुलंद कर रहा है। कोरोना काल में जिस तरीके से चीन ने भारत को दवा देने से मना कर दिया था और धोखा दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फार्मेसी उद्योग ने दवा बनाकर पूरे विश्व को एक नया संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 1947 से 2014 तक भारत आर्थिक व्यवस्था से ऊपर-नीचे उठकर 11 वे पायदान पर था लेकिन 2014 के बाद से भारत देश की पांचवी अर्थव्यवस्था बन गई। सकारात्मक सोच हमें बहुत आगे ले जा सकती है सकारात्मक सोच से ही भारत बहुत तेजी से विकासशील हो रहा है। नकारात्मक सोच हमें गड्ढे में गिरा सकती है इसलिए हमें हमेशा सकारात्मक सोच से आगे बढ़ना चाहिए। भारत की भाषाएं भारत की एकता का प्रतीक है हमें सभी भाषाओं का अध्ययन करना चाहिए। एक भारत नेक भारत के लिए हमें सदैव कार्य करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के लोग 50 साल इसलिए पीछे हो गए हैं क्योंकि पिछली सरकारों ने आधुनिकता, शिक्षा, संसाधन पर ध्यान नहीं दिया था पिछली सरकारों ने समस्या को समस्या समझा उसको निस्तारण करने से पीछे भागते रहे। इसी कारण से यहां के युवा पलायन करने लगे। अगर उस समय फार्मेसी कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज,ला कॉलेज होते तो आज यहां के युवा प्रत्येक क्षेत्र में अपनी अलग छाप छोड़ रहे होते। फार्मेसी क्षेत्र बहुत बड़ा क्षेत्र है। बुंदेलखंड में फार्मेसी को आगे बढ़ाने के लिए उद्योग स्थापित किया गया है। पूरी दुनिया आपका इंतजार कर रही है आप एक सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते हुए सही दिशा में सही काम करे। पूरी दुनिया में जो सबसे अच्छी 100 कंपनियां है उनमें से 20 कंपनियों के सीईओ भारत के हैं जो बेहद ही गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज जब मिलकर काम करेगी तभी हमारा गांव ,नगर, जिला , प्रदेश विकास की ओर आगे बढ़ेगा। बस्ती में एक कवि आए थे उन्होंने बहुत पहले कहा था बस्ती को ‘बस्ती को बस्ती कहूं , काके कहूं उजाड़’ लेकिन अब बस्ती एक विकसित नगर बन गया है। बस्ती में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई है। यहां की भूमि भगवान श्री राम के जन्म के लिए महाराज दशरथ जी ने पुत्रेष्टि यज्ञ के लिए चुना था। बस्ती की भूमि वंदनीय है। पूर्वी उत्तर प्रदेश संसाधनों के मामले में हमेशा उपेक्षित रहा है लेकिन प्रदेश सरकार ने बस्ती, सिद्धार्थनगर, देवरिया, महाराजगंज में मेडिकल कॉलेज स्थापित करके स्वास्थ्य क्षेत्र को एक नई दिशा प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन मुंडेरवा चीनी मिल में अन्नदाता किसान प्रदर्शन कर रहे थे उस दौरान गोली चलने से तीन किसान शहीद हो गए थे और पिछली सरकार ने मुंडेरवा चीनी मिल को बेच दिया था यहां के जनप्रतिनिधि ने जब मुझे अवगत कराया तो मेरे द्वारा पुनः चीनी मिल का शुभारंभ कराया गया। केंद्र तथा प्रदेश सरकार किसानों की आय दुगनी करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। हाल ही में उत्तर प्रदेश से एक टीम मास्को गई थी जहां पर आम के बाजार में उन्होंने 8 सौ से लेकर 1 हजार रुपया किलो तक के आम बिकने का अध्ययन किया। बस्ती जनपद की भूमि आम्रपाली आम की जननी है अगर यहां बाजार में 60 -70 रुपए किलो आम बिक रहे है और हम मास्को में आम बेचने के लिए अगर 2 सौ रुपया खर्च करके बेचे तो हमारे अन्नदाता को कई गुना मुनाफा होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है गोबर के खाद से हम एक अच्छी , निरोगित फसल को पैदा कर सकते है। जो हम फसल में कीटनाशक दवाएं डाल रहे हैं उससे बचने के लिए देशी खाद का उपयोग बहुत ही जरूरी है। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षित कर रही है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें देश हित में कार्य करना चाहिए। मनुष्य को चाहे जितनी बड़ी यश प्राप्ति हो जाए अगर वह अपनी मां के प्रति, पिता के प्रति,मातृ भूमि के प्रति, गुरु के प्रति,देव के प्रति लगाव नहीं है तो जीवन सफल नहीं है। कर्मा देवी शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष ओम नारायण सिंह से प्रेरणा लेकर अपने पूर्वजों को जीवंत रखने के लिए उनके स्मृति में हमें बहुत कुछ करना चाहिए। श्री योगी ने स्थापना दिवस के अवसर पर शिक्षण संस्थान के पूरे परिवार को बधाई देते हुए यहां के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए अलग से क्लास संचालित करने का अनुरोध किया है। इस मौके पर ओम नारायण सिंह, विधायक अजय सिंह, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला, पूर्व विधायक दयाराम चौधरी, अध्यक्ष जिला पंचायत संजय चौधरी, पूर्व विधायक रवि सोनकर , अंकुर वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

एनसीसीओईईई की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक हुई, जिसमे कर्मचारियों ने की राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा

लखनऊ उत्तर प्रदेश में बिजली वितरण निगमों के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईईई) की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक आज लखनऊ में हुई। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। विरोध की तारीखें और स्थान : 13 और 19 दिसंबर को देशभर में बिजली कर्मचारी निजीकरण के खिलाफ विरोध सभाएं करेंगे। : 22 दिसंबर को लखनऊ में और 25 दिसंबर को चंडीगढ़ में बिजली निजीकरण के विरोध में विशाल बिजली पंचायत आयोजित की जाएगी। : एनसीसीओईईई ने यह भी निर्णय लिया कि अगर उत्तर प्रदेश में विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण की कोई भी एकतरफा कार्रवाई होती है तो उसी दिन और बिना किसी नोटिस के देशभर के 27 लाख बिजली कर्मचारी सड़कों पर उतरकर  विरोध प्रदर्शन करेंगे। : बैठक में यह भी तय किया गया कि चंडीगढ़ में जब निजी कंपनी को विद्युत व्यवस्था सौंपने की कार्रवाई होगी उसी दिन देशभर में विरोध किया जाएगा। विशाल बिजली पंचायत और कार्यक्रम एनसीसीओईईई ने बताया कि 13 दिसंबर को देशभर में बिजली कर्मचारी “निजीकरण विरोधी दिवस” मनाएंगे। इसके बाद 19 दिसंबर को काकोरी क्रांति के महानायकों पं. राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान दिवस पर पूरे देश में “शहीदों के सपनों का भारत बचाओ – निजीकरण हटाओ” दिवस मनाया जाएगा। इस दिन जनपद और परियोजना मुख्यालयों पर विरोध सभाएं की जाएंगी। इसके अलावा 22 दिसंबर को लखनऊ और 25 दिसंबर को चंडीगढ़ में विशाल बिजली पंचायत आयोजित की जाएगी जिसमें बिजली कर्मचारियों के साथ-साथ किसान और आम उपभोक्ता भी शामिल होंगे। इस पंचायत में उपभोक्ताओं और कर्मचारियों को बिजली के निजीकरण से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जाएगा। निजीकरण के विरोध में सख्त निर्णय एनसीसीओईईई ने यह भी तय किया है कि अगर उत्तर प्रदेश में बिजली वितरण निगमों के निजीकरण की कोई भी कार्रवाई शुरू की जाती है तो उसी दिन देशभर के 27 लाख बिजली कर्मचारी सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगे। यह विरोध देशव्यापी होगा और इसमें बिजली कर्मचारियों के साथ-साथ आम लोग भी शामिल होंगे।

अखिलेश के पीछे हटने की क्या है वजह, क्यो नहीं कर रही सपा पार्टी बागी विधायकों पर कार्यवाही

लखनऊ समाजवादी पार्टी क्रास वोटिंग करने वाले अपने बागी विधायकों की सदस्यता खत्म करने की अब तक कोई याचिका नहीं दाखिल की है। दरअसल, राज्यसभा चुनाव में क्रास वोटिंग करने के आधार पर दल बदल विरोधी कानून के जरिए उनकी सदस्यता खत्म कराना संभव नहीं है। सपा को इसका अहसास पहले से ही था। इसलिए वह दूसरे विकल्प के रूप में लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में प्रचार करने बागियों की भूमिका व भागीदारी के पर्याप्त सुबूत तलाश रही थी। लेकिन ठोस सुबूत अभी तक नहीं मिल पाएं हैं। शायद यही वजह है अखिलेश के पीछे हटने की। यही कारण है कि सपा विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष अभी तक इन बागी विधायकों के खिलाफ उनकी सदस्यता खत्म कराने संबंधी कोई याचिका दाखिल नहीं कर पाई है। 27 फरवरी को राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव हुए सपा के 7 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग करते हुए भाजपा उम्मीदवार संजय सेठ के पक्ष में वोट किया था। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने बागी विधायकों की पार्टी में वापसी की किसी संभावना से इंकार करते हुए साफ कहा था कि इन पर कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। यही नहीं कुछ बागी विधायकों की वापसी के लिए पार्टी के नेताओं ने पैरवी की तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने साफ कहा कि किसी को वापस नहीं लिया जाएगा। लोकसभा चुनाव के कारण इन बागियों पर कार्रवाई का मुद्दा पीछे हो गया। बाद में लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए प्रचार करने में इन बागियों की भूमिका तलाशने व उसके प्रमाण जुटाने की कोशिश हुई। इनकी सदस्यता खत्म कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाने की संभावना तलाशी गई। सूत्र बताते हैं कि एक विधायक को छोड़ कर पार्टी किसी के खिलाफ ऐसे सुबूत नहीं जुटा पाए जिससे दल विरोधी आचरण साबित हो सके। ऐसे में अब सपा का रूख अब इनके प्रति नर्म दिखता है। संभव है कि सियासी जरूरतों के चलते इनमें से कुछ की वापसी हो जाए। अखिलेश यादव का कुछ विधायकों को लेकर रुख नरम यूपी में 16 दिसंबर से शीतकालीन सत्र शुरू होने जा रहा है। चर्चा है कि महज क्रॉस वोटिंग ही सदस्यता खत्म करने का आधार नहीं हो सकता है। जब तक सदस्यों ने सदन के भीतर पार्टी व्हिप का उल्लंघन न किया हो। अखिलेश यादव की पार्टी सपा के पास कोई ठोस साबूत नहीं है। वहीं चर्चा यह भी है कि अखिलेश यादव का कुछ विधायकों को लेकर रुख नरम हुआ। ये सात विधायकों ने की थी क्रास वोटिंग सपा के सात विधायकों ने भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में क्रासवोटिंग की। इन विधायकों में ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडेय, गोसाईंगंज से विधायक अभय सिंह, गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह, कालपी के विधायक विनोद चतुर्वेदी, चायल से विधायक पूजा पाल, जलालाबाद से विधायक राकेश पांडेय और बिसौली से विधायक आशुतोष मौर्य शामिल हैं। इसके अलावा अमेठी से विधायक महाराजी देवी ने भी मतदान में गैर-हाजिर रहीं।

अतुल सुभाष ने अपने बेटे को लिखी चिट्ठी, 2038 में खोलने को क्यों कहा, 4 साल के बेटे के लिए छोड़ा गिफ्ट

लखनऊ उत्तर प्रदेश के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या का मामला चर्चा में छाया बना हुआ है। इस बीच एक भावुक बात सामने निकलकर आई है। आतुल सुभाष ने अपनी जान लेने से पहले अपने 4 वर्षीय बेटे के लिए एक उपहार और एक पत्र छोड़ा है। खास बात यह है कि उन्होंने अपने बेटे से यह उपहार और पत्र 2038 में खोलने के लिए कहा है। यानी कि 34 साल बाद। इस रहस्यमय उपहार और पत्र में कुछ खास बातें छिपी हुई हैं। आतुल सुभाष ने अपने अंतिम पत्र में एक चौंकाने वाला दावा किया है कि उनकी पत्नी ने उनके बेटे को उनसे दूर रखा और वह कभी भी अपने बेटे से नहीं मिल पाए। पुलिस ने बताया कि बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में काम करने वाले अतुल सुभाष ने 24 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने शादी के बाद जारी तनाव और उसके खिलाफ दर्ज कई मामलों तथा उसकी पत्नी, उसके रिश्तेदार एवं उत्तर प्रदेश के एक जज द्वारा प्रताड़ित किए जाने का विस्तृत विवरण दिया है। पुलिस ने बताया कि सुभाष का शव मंजूनाथ लेआउट क्षेत्र में स्थित उनके आवास पर फंदे से लटका मिला। उनके कमरे में एक तख्ती भी लटकी मिली जिसमें लिखा था ‘‘न्याय मिलना बाकी’’ है। अतुल सुभाष ने आत्महत्या करने से पहले डेढ़ घंटे का एक वीडियो बनाया जिसमें उन्होंने उन सभी परिस्थितियों का जिक्र किया, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में सुभाष यह कहते हुए नजर आ रहे हैं, ‘‘मुझे लगता है कि आत्महत्या कर लेनी चाहिए क्योंकि मैं जो रुपये कमा रहा हूं उससे मेरे दुश्मन और मजबूत हो रहे हैं। उन्हीं रुपयों का इस्तेमाल मुझे बर्बाद करने के लिए किया जा रहा है और यह चक्र यू हीं चलता रहेगा। मेरे द्वारा चुकाए गए करों से प्राप्त धन से यह न्यायालय और पुलिस व्यवस्था मुझे, मेरे परिवार को और अन्य सज्जन लोगों को परेशान करेगी।’’ सुभाष ने मांग की कि उनकी मौत के बाद पत्नी और उसके परिवार को उनके शव के पास जाने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने वीडियो में अपने परिजनों से कहा कि जब ​​तक उनका कथित उत्पीड़न करने वालों को सजा नहीं मिल जाती तब तक वे उनकी अस्थियों का विसर्जन न करें। सुभाष ने न्याय की मांग करते हुए अपने परिजनों से आग्रह किया कि यदि उसका उत्पीड़न करने वालों को दोषी नहीं ठहराया जाता है तो वे उसकी अस्थियों को अदालत के नाले के बाहर फेंक दें। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘सुभाष के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर हमने उसकी पत्नी और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। सभी आरोपों की जांच की जा रही है।’’ पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चला है कि सुभाष का अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक कलह था और उसकी पत्नी ने सुभाष के खिलाफ उत्तर प्रदेश में मामला दर्ज कराया था। अधिकारी ने बताया कि सुभाष ने अपना सुसाइड नोट कई लोगों को ईमेल के जरिए भेजा तथा उसे एक व्हॉट्सऐप समूह पर भी साझा किया था, जिससे वह जुड़ा हुआ था। सुभाष ने सुसाइड नोट में आग्रह किया कि उसके बच्चे का लालन-पालन उसके माता-पिता को सौंपा जाए। सुभाष ने सुसाइड नोट में बताया कि 2019 में उसने शादी की थी और अगले साल उसका एक बेटा हुआ। सुसाइड नोट में उन्होंने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी के परिजन उन्हें (सुभाष) बार-बार रुपयों के लिए परेशान करते थे और लाखों रुपये मांगते थे और जब उन्होंने रुपये देने से इनकार कर दिया तो उनकी पत्नी कथित तौर पर 2021 में बेटे के साथ घर छोड़कर चली गई। सुभाष ने आरोप लगाया, ‘‘मेरी पत्नी मेरे बच्चे को अलग रखेगी और मुझे, मेरे बुजुर्ग माता-पिता तथा मेरे भाई को परेशान करने के लिए और भी मामले दर्ज कराएगी। मैं गुजारा भत्ता के लिए उसे जो पैसे देता हूं वह उसका इस्तेमाल हमारे बच्चे के कल्याण के बजाय मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।’’

प्रधानमंत्री मोदी 13 दिसंबर को प्रयागराज आएंगे, महाकुम्भ से जुड़ी परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ

प्रयागराज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेने और परियोजनाओं का लोकार्पण करने 13 दिसंबर को महाकुंभनगर और प्रयागराज आ रहे हैं। यहां पर पीएम मोदी सात हजार करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। साथ ही संगम तट पर जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके लिए जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं। पीएम मोदी की सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए जा रहे है। सीएम योगी करेंगे समीक्षा बता दें कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए विमान से एयर रूट रिहर्सल किया गया। उधर, पांच दिनों के भीतर ही मुख्यमंत्री योगी दूसरी बार प्रयागराज पहुंच रहे हैं।11 दिसंबर को वह महाकुंभ से जुड़े कार्यों की एक बार फिर से समीक्षा और निरीक्षण करेंगे। खासतौर पर मुख्यमंत्री बड़े हनुमान मंदिर और अक्षयवट कॉरिडोर पहुंचेंगे, जहां 13 को प्रधानमंत्री को भी जाना है। जोर-शोर से चल रही तैयारियां प्रधानमंत्री के प्रयागराज दौरे को लेकर सभी विभाग और अधिकारी पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं। नगर निगम की ओर से स्ट्रीट लाइटिंग और थीमेटिक लाइटिंग का कार्य किया जा रहा है। विद्युत विभाग की ओर से सभी पावर केबल्स को बिछाने का काम भी तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। पीएम की जनसभा के लिए संगम तट पर भव्य पंडाल तैयार हो गया है। साथ ही इसका ले-आउट भी फाइनल हो गया है। विशाल पंडाल में करीब 40 ब्लाक बनाए गए हैं, जिसमें वीआईपी समेत अलग-अलग करीब 20 हजार व्यक्तियों के लिए व्यवस्था की जा रही है, हालांकि भाजपा नेताओं की ओर से दो लाख लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है।

अब जौनपुर की अटाला मस्जिद पर विवाद, धर्म-इतिहास से जुड़ी हैं हिंदू-मुस्लिम पक्ष के दावों की जड़ें, फैसला 16 दिसम्बर को होगा

जौनपुर  जौनपुर की अटाला मस्जिद का सर्वे कब और कैसे कराया जाएगा इसका फैसला अब 16 दिसम्बर को होगा। कोर्ट में आज मंगलवार को सुनवाई के दौरान सीनियर डिवीज़न कोर्ट ने अगली तारीख तय की है। हिन्दू पक्ष फोर्स के साथ मस्जिद के सर्वे की मांग कर रहा था।। मुस्लिम पक्ष इसका विरोध कर रहा है। स्वराज वाहिनी असोसिएशन ने कोर्ट में याचिका दायर की थी जौनपुर की अटाला मस्जिद पूर्व में अटला देवी का मंदिर हुआ करता था। इसे तोड़ कर मंदिर स्थापित की गई है। इसमें हिन्दू पक्ष को पूजा की इजाजत दी जाए। इस प्रकरण को लेकर मंगलवार को सीनियर डिवीज़न कोर्ट में सुनवाई होनी थी। कोर्ट ने अटाला मस्जिद के सर्वे पर 16 दिसम्बर की तारीख मुक़र्रर की है। इस दिन यह फैसला होगा कि सर्वे करने अमीन जाएगा या फोर्स के साथ सर्वे होगा। ‘मीडिया ट्रायल करा रहा हिन्दू पक्ष’ मुस्लिम पक्ष ने हिंदू पक्ष के अधिवक्ता पर आरोप लगाते कोर्ट में कहा कि हिंदू पक्ष के द्वारा मीडिया ट्रायल कराया जा रहा है। इस पर हिंदू पक्ष के अधिवक्ता राम सिंह ने बताया कि मडिया स्वतंत्र है। उसके कार्य में कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकते है। ‘फोर्स के साथ हो अटाला मस्जिद का सर्वे’ कोर्ट में सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष ने अटाला मस्जिद के सर्वे की बात दोहराई है। सर्वे को लेकर याचिका में मांग की गई है कि पर्याप्त पुलिस बल व अमीन के साथ मौके का सर्वे का कराया जाय। अब तक यह कुछ हुआ कोर्ट में पूर्व में अटाला मस्जिद प्रकरण को लेकर वक्फ अटाला मस्जिद ने सिविल जज सुधा शर्मा की कोर्ट प्रार्थना पत्र दिया और कहा था कि वादी स्वराज वाहिनी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष कुमार मिश्रा का दावा पोषणीय नहीं है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद वक्फ अटाला मस्जिद का प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया और विपक्षी गण को जवाबदेही, अमीन की रिपोर्ट, अस्थाई निषेधाज्ञा पर आपत्ति की सुनवाई के लिए 16 नवंबर तिथि नियत की। इसके पूर्व जिला जज वाणी रंजन अग्रवाल ने विपक्षी की निगरानी निरस्त कर आदेश दिया था कि वादी पक्ष वाद दाखिल कर सकता है। वाद पोषणीय है या नहीं, या कोर्ट को क्षेत्राधिकार है या नहीं, इन बिंदुओं को वक्फ सचिव संबंधित कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। जिस पर विपक्षी ने संबंधित सिविल जज कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया जिसे कोर्ट ने निरस्त कर दिया। क्या है विवाद दरअसल, स्वराज वाहिनी संगठन ने जौनपुर जिला कोर्ट में मुकदमा दाखिल कर दावा किया है कि मंदिर को तोड़कर अटाला मस्जिद बनवाई गई जिस जगह मस्जिद है, वहां पहले अटला देवी का मंदिर था। हिंदू पक्ष का दावा है कि अटला मंदिर का निर्माण 1155 ई. में राजा विजय चंद्र ने कराया लेकिन फिरोजशाह तुगलक के भाई बरबक ने 1364 ई. में इस मंदिर को तोड़ दिया। फिर इस जगह पर 1377 ई. में अटाला मस्जिद बनवाई गई। संगठन की मांग है कि मस्जिद का सर्वे होने चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। अगस्त में भी टीम गई थी अटाला मस्जिद बता दें कि दो अगस्त को भी कोर्ट कमिश्नर की टीम कार्यवाही के लिए अटाला मस्जिद गई थी लेकिन मस्जिद के दरवाजे बंद थे, इसलिए कार्यवाही हो नहीं पाई और टीम को वापस आना पड़ा। हिंदू पक्ष के वकील ने कहा कि हमने मस्जिद का सर्वे कराने की मांग की थी। कोर्ट ने हमारी मांग मान ली है। अब अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी। मुस्लिम पक्ष के लोग न्यायालय में सहयोग करने की बात तो करते हैं लेकिन मौके पर उनका सहयोग दिखाई नहीं देता। मुस्लिम पक्ष का दावा – अटाला मस्जिद में 1476 से नमाज वहीं, मुस्लिम पक्ष हिंदू समुदाय के दावों को खारिज कर रहा है। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि अटाला मस्जिद में 1476 से नमाज होती आई है। अटाला मस्जिद पर विवाद सरकार ने शुरू किया। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि अटाला मस्जिद का निर्माण किसी मंदिर को तोड़कर नहीं हुआ है। मुस्लिम पक्ष ने सर्वे की मांग का विरोध किया था। दरअसल, ढांचे की बाहरी दीवारों पर ऐसी कलाकृतियां मौजूद हैं जो किसी आम तौर पर इस्लामिक संरचना में नहीं पाई जातीं। इस तरह की आकृतियां देवी-देविताओं से जुड़े मंदिरों में मिलती हैं। हिंदू पक्ष के वकील राम सिंह ने कहा कि कोर्ट ने आज कोई फैसला नहीं दिया है। केवल मामले की सुनवाई हुई है। आदेश 16 दिसंबर के लिए सुरक्षित रखा गया है।  

समय के अनुरूप सोचने और चलने की आदत डालनी होगी, खुद को तैयार नहीं करने वाले पीछे छूट जाते हैं : CM योगी

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कालचक्र किसी की परवाह नहीं करता है, उसका प्रवाह निरंतर चलता रहता है, इसलिए हमें खुद को समय की धारा के अनुरूप तैयार करना होगा। समय के अनुरूप सोचने और चलने की आदत डालनी होगी। समय के अनुरूप खुद को तैयार नहीं कर पाने वाले पिछड़कर पिछलग्गू हो जाते हैं। सीएम योगी मंगलवार को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 92वें संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम समय के अनुरूप समाज के प्रत्येक तबके को जोड़ते हुए टीम भावना के साथ समाज और देश हित के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएं। जब सामूहिकता की भावना और टीम वर्क से प्रयास किए जाएंगे तो परिणाम भी उसी के अनुरूप सार्थक आएंगे। परिणाम ही प्रयास और तैयारी के स्तर का वास्तविक परिचय देता है। टीम वर्क और परिणाम के बीच साम्य को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने इंसेफेलाइटिस नियंत्रण की सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश का बचपन इंसेफेलाइटिस के दुष्चक्र में 1977 से लेकर 40 साल तक फंसा रहा। पूर्वी उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में पचास हजार से अधिक बच्चों की मौत हो गई। पहले उपचार की व्यवस्था नहीं थी। उपचार की व्यवस्था हुई, वैक्सीन आया तो वायरस ने अपना नेचर चेंज कर लिया। 2017 में जब हमारी सरकार आई तो प्रदेश और केंद्र सरकार ने टीम भावना के साथ, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ और अन्य संगठनों के सहयोग तथा सरकार के विभिन्न विभागों के समन्वय से मिलकर लड़ाई लड़ी। इसका परिणाम रहा कि 40 साल की समस्या का समाधान 2 साल में हो गया। इंसेफेलाइटिस नियंत्रण की सफलता कठिन चुनौतियों का सामना करने से लेकर टीम भावना से परिणाम प्राप्त करने की यात्रा रही है। मुख्यमंत्री योगी ने आज की पीढ़ी के मोबाइल फोन के इस्तेमाल में अत्यधिक समय बिताने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी मोबाइल के उपयोग में अनावश्यक अत्यधिक समय बिताने से बचे। अपना समय प्रकृति के बीच, रचनात्मक कार्यों, अध्ययन और कौशल विकास की गतिविधियों में बिताएं। हमें यह ध्यान रखना होगा कि तकनीकी हमसे संचालित हो, हम तकनीकी से संचालित न हों। नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के जीवन से सीख लेने की बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी रुचि के अनुसार लीक से हटकर कुछ नया करने का प्रयास करना चाहिए। यह क्षेत्र समाज सेवा, सामाजिक चेतना, महिला एवं बाल उत्थान, अन्नदाता किसानों के जीवन में परिवर्तन या समाज से जुड़ा कुछ भी हो सकता है। हम किसी भी एक क्षेत्र को चुनकर आगे बढ़ सकते हैं। अपने क्षेत्र में, रुचि के अनुसार ईमानदारी और कठिन परिश्रम से कार्य करेंगे तो परिणाम अवश्य आएगा। जीवन शॉर्टकट का मार्ग नहीं है। जीवन में सफलता के सतत प्रवाह के लिए परिश्रम और ईमानदारी का कोई विकल्प नहीं है। यदि जीवन में अधूरी तैयारी होगी, विजन और एक्शन नहीं होगा तो कन्फ्यूजन की स्थिति बनी रहेगी। जीवन का उद्देश्य सिर्फ डिग्री और नौकरी हासिल करना नहीं हो सकता। जीवन का उद्देश्य विराट होना चाहिए। यदि हम विजन के अनुरूप निष्ठा और ईमानदारी से प्रयास करेंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी। नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने यही साबित किया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात समाज सुधारक और नोबल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी का स्वागत करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज ही के दिन दस वर्ष पूर्व उन्हें दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान नोबल पुरस्कार प्राप्त हुआ था। कैलाश सत्यार्थी का जीवन प्रत्येक क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरक है, खासकर उन युवाओं के लिए जो किन्हीं कारणों से असमंजस की स्थिति में रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद अपने संस्थापकों के मूल्यों और आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए 92 वर्षों से निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। जब देश गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था और नागरिकों के मन में असमंजस की स्थिति थी, तब युवाओं में देश हित और स्वाभिमान की भावना को जगाने के लिए 1932 में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की थी। देश और स्वाभिमान की प्रेरणा के प्रतीक महाराणा प्रताप के त्याग और बलिदान को केंद्र में रखकर राष्ट्रवादी शिक्षा का कार्य प्रारंभ किया। आज यह परिषद पूर्वी उत्तर प्रदेश में राष्ट्रवादी शिक्षा की गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाते हुए सेवारत है। संस्थापक सप्ताह के मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नोबल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की उत्कृष्ट संस्थाओं, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया। मंच से 200 पुरस्कार वितरित किए गए। करीब 800 पुरस्कार संस्थाओं के माध्यम से वितरित किए जाएंगे। संस्थापक समारोह के मुख्य महोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नोबल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के हाथों एमपीपीजी कॉलेज जंगल धूसड़ में शिक्षा शास्त्र विभाग की अध्यक्ष शिप्रा सिंह की पुस्तक ‘शिक्षा की भारतीय अवधारणा’ का विमोचन भी किया गया।

अटाला मस्जिद विवाद में कोर्ट ने दिया आदेश, अब होगा सर्वे, हिंदू पक्ष की बड़ी जीत, पूजा-अर्चना के लिए इजाजत की मांग

जौनपुर यूपी में अब एक और मस्जिद की सर्वे करने के लिए कोर्ट ने आदेश दिया है। दरअसल, जौनपुर की अटाला मस्जिद विवाद में हिंदू पक्ष की बड़ी जीत हुई है। क्योंकि सिविल जज जूनियर डिविजन की अदालत ने मस्जिद की सर्वे कराने की बात मान ली है।  सर्वे कमीशन का प्रारूप क्या होगा इसे लेकर रूपरेखा 16 दिसंबर को तय होगी। इस फैसले को हिंदू पक्ष की जीत मानी जा रही है जो यहां पर पूजा-अर्चना की इजाजत मांग रहा है। सर्वे के आदेश को हिंदू पक्ष को शुरुआती जीत माना जा सकता है। आपको बता दें कि जौनपुर के जिला जज ने 12 अगस्त 2024 को आदेश जारी कर जौनपुर की जिला कोर्ट में दाखिल मुकदमे की सुनवाई को मंजूरी दी थी। इसके पहले 29 मई को जौनपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के सिविल जज ने मुकदमे को अपने यहां रजिस्टर्ड कर सुनवाई शुरू किए जाने का आदेश दिया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुस्लिम पक्ष की ओर से दाखिल की गई याचिका में 29 मई और 12 अगस्त के दोनों आदेशों को चुनौती दी गई थी। जानिए क्या है पूरा मामला? जौनपुर की अटाला मस्जिद को लेकर स्वराज वाहिनी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष कुमार मिश्रा ने जौनपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में मुकदमा दर्ज करवाया था। उन्होंने दावा किया कि जौनपुर की अटाला मस्जिद अटाला देवी मंदिर को तोड़कर बनाई गई है। यहां पर अटाला देवी के मंदिर होने के ऐतिहासिक तथ्य भी मौजूद हैं। 13वीं शताब्दी में राजा विजय चंद्र ने करवाया था निर्माण  इस मंदिर का निर्माण 13वीं शताब्दी में राजा विजय चंद्र ने करवाया था और इसके सबूत ऐतिहासिक तथ्यों से मिले प्रमाणों से पता चलती है। फिरोज शाह तुगलक ने जौनपुर पर कब्जा करने के बाद अटाला देवी के मंदिर को तोड़कर उसी जगह पर अटाला मस्जिद का निर्माण करवाया था। स्वराज वाहिनी एसोसिएशन ने अपनी याचिका में अटाला मस्जिद को अटाला देवी मंदिर बताते हुए वहां पर पूजा-अर्चना करने की इजाजत मांगी है।

संभल में हिंसा के बाद 13 घरों की हुई तलाशी, 93 पुड़िया स्मैक और अवैध तमंचा बरामद

संभल उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा को लेकर पुलिस ने समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर रहमान बर्क के पास के घरों में दबिश दी। पुलिस ने 13 घरों की तलाशी ली। तीन घरों में तमंचे समेत संदिग्ध सामान बरामद हुए। पुलिस ने सारा सामान सील कर दिया है। संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण बिश्नोई ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर दो थाने की फोर्स और आरएफ, आरआरएफ और पीएसी की टोली बनाकर 13 घरों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें तीन घरों में संदिग्ध चीजें मिली हैं। मुल्ला आसिफ के घर से 93 पुड़िया स्मैक मिली है। वहीं, तासवर और नैवर नाम के युवक के घर से 315 बोर का तमंचा मिला। इन तीन घरों में जो भी लोग मौजूद थे, उन्हें पूछताछ के लिए थाने लाया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा चेकिंग के दौरान तीन दर्जन बाइक के चालान काटे गए और चार बाइक को सीज किया गया है। संभल में अब तक 39 उपद्रवी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। हिंसा में लिप्त लोगों की धर-पकड़ जारी है। जिनके चेहरे सामने आए हैं और नाम जानना बाकी है। उन सब की गिरफ्तारी की जाएगी। बता दें कि संभल की जामा मस्जिद का कोर्ट के आदेश पर 19 नवंबर को पहला सर्वे हुआ था। हिंदू पक्ष ने दावा किया था कि जामा मस्जिद मुगल शासक बाबर के समय श्रीहरिहर मंदिर था। बाबर ने उसे तुड़वाकर मस्जिद में बदल दिया। 24 नवंबर की सुबह करीब 7.30 बजे सर्वे टीम दोबारा मस्जिद पहुंची। सुबह 6 बजे से ही जामा मस्जिद पर पुलिस तैनात थी। इलाके में भारी फोर्स को देखते हुए मुस्लिम कम्युनिटी में हलचल शुरू हो गई। पूरे शहर में अफवाह फैलने लगी कि आज मस्जिद पर कुछ होने वाला है। वॉट्सएप ग्रुप्स में मैसेज वायरल होने लगे। धीरे-धीरे शहर के दूसरे हिस्सों में रहने वाले लोग भी जामा मस्जिद के आसपास जुटने लगे। भीड़ बढ़ी तो पुलिस और भीड़ के बीच झड़प शुरू हो गई थी। बवाल इतना बढ़ा कि पुलिस पर पथराव और फायरिंग की गई। इस बवाल के दौरान ही चार लोगों की जान चली गई। अब इस उपद्रव के वीडियो और फोटो के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।  

जनता दर्शन में आए लोगों से योगी न कहा- तत्परता और संवेदनशीलता से हो जनता की समस्याओं का समाधान

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद मंगलवार सुबह जनता दर्शन में आए लोगों से मुलाकात की। सीएम ने लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का समाधान जल्द किया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम योगी ने कहा कि हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता की हर समस्या का समाधान सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक सीएम योगी खुद पहुंचे और एक-एक करके सभी की समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 150 लोगों से मुलाकात की। सीएम ने सभी को आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति को न्याय दिलाया जाएगा। सभी के प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए तत्काल निस्तारण का निर्देश देने के साथ ही सीएम ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करा कर शासन को उपलब्ध कराया जाए। गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह सीएम योगी की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने प्रातःकाल गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर मत्था टेका। सीएम योगी जब भी गोरखनाथ मंदिर में होते हैं तो गोसेवा उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा रहती है। मंगलवार सुबह वह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मंदिर की गोशाला में पहुंचे और वहां कुछ समय व्यतीत किया। गोवंश को दुलार कर उन्होंने अपने हाथों से उन्हें गुड़ खिलाया। इस दौरान एक गोवंश के साथ सीएम योगी स्नेहिल भाव से कुछ देर खेलते भी रहे।  

हाथरस में बड़ा सड़क हादसा, कंटेनर ने मैजिक में मारी टक्कर, 7 लोगों की दर्दनाक मौत

हाथरस उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना उस समय हुई जब एक तेज रफ्तार कंटेनर ने सवारी से भरी मैजिक वैन को जोरदार टक्कर मार दी। सवारी से भरी मैजिक वैन, जो हाथरस से अलीगढ़ की ओर जा रही थी, अचानक तेज रफ्तार कंटेनर की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैन में सवार 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश दिए।

लखनऊ में हिमाचल प्रदेश के गवर्नर के काफिले की गाड़ियां भिड़ीं, 3 घायल, राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला सेफ

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला के काफिले के वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए। यह हादसा शहीद पथ पर लुलु मॉल के पास हुआ, जब काफिले की एक गाड़ी के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे चल रहे वाहन आपस में टकरा गए। हादसे में काफिले के कई स्टाफ सदस्य घायल हो गए हैं, जबकि राज्यपाल की गाड़ी सुरक्षित रही। राज्यपाल सुबह 8 बजे फ्लाइट संख्या 6ई146 से लखनऊ पहुंचे थे। आधे घंटे बाद उनका काफिला एयरपोर्ट से राजभवन की ओर रवाना हुआ। शहीद पथ पर लुलु मॉल के पास एक वाहन के ब्रेक लगाने से अन्य वाहन असंतुलित होकर भिड़ गए। दुर्घटना में काफिले की एम्बुलेंस भी हुई क्षतिग्रस्त दुर्घटना में काफिले की एम्बुलेंस भी शामिल थी। जानकारी के मुताबिक, इसमें मौजूद सरोजनीनगर के नर्सिंग अर्दली विभोर के हाथ और पैर में चोटें आईं, जबकि एक डॉक्टर के पैर में चोट लगी। सभी घायलों का इलाज सरोजनीनगर स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। लग गया था लंबा जाम हादसे की वजह से शहीद पथ पर ट्रैफिक बाधित हो गया और लुलु मॉल, अहिमामऊ समेत आसपास के इलाकों में जाम लग गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने गाड़ियों को हटाकर ट्रैफिक बहाल किया। पुलिस के अनुसार, हादसा काफिले के वाहनों के अचानक ब्रेक लगाने के कारण हुआ। सुशांत गोल्फ सिटी और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर जल्द ही जाम हटाने का प्रयास किया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

प्रदेश में घने कोहरे के साथ पड़ेगी कड़ाके की ठंड, बुलंदशहर में सबसे कम 8℃ तापमान

प्रयागराज उत्तर प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है. लगातार मौसम के यूटर्न से तापमान में भी गिरावट हो रही है. हालांकि, आने वाले दिनों में मौसम साफ रह सकता है, लेकिन देर रात और सुबह भोर में घना कोहरा छाने की संभावना जताई गई है. आईएमडी से मिली जानकारी के अनुसार,10 दिसंबर यानी मंगलवार को पश्चिमी और पूर्वी यूपी में मौसम साफ रहने की संभावना है. इस दौरान दोनों हिस्सों में देर रात और सुबह के समय कहीं-कहीं पर घना कोहरा होने की चेतावनी जारी की गई है. मंगलवार को सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, वाराणसी, मऊ, देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर और आजमगढ़ में फॉग होने की संभावना है. जौनपुर, प्रयागराज, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, संतकबीर नगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, अयोध्या और अमेठी में भी कोहरा का अलर्ट है. 11 दिसंबर से शीतलहर की चेतावनी इसके अलावा बलरामपुर, गोंडा, बाराबंकी, श्रावस्ती, बहराइच, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बरेली, बदायूं, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में कोहरा छाने के आसार जताए गए हैं. 11 दिसंबर को भी मौसम साफ रहने के साथ ही कहीं-कहीं पर घना कोहरा छाने के आसार जताए गए हैं. वहीं बुधवार को पश्चिमी यूपी में कहीं-कहीं पर शीतलहर चलने की संभावना है . बुलंदशहर में सबसे कम 8℃ तापमान जबकि, प्रदेश के तापमान में लगातार गिरावट और बढ़ोतरी जारी है. बुलंदशहर में सबसे कम 8℃ न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है. साथ ही मेरठ में 8.1℃, नजीबाबाद और अयोध्या में 8.5℃, बहराइच में 9℃ और मुजफ्फरनगर में 9.9℃ न्यूनतम तापमान रिकार्ड किया गया है. घने कोहरे के साथ पड़ेगी कड़ाके की ठंड लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को यूपी के 40 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा दिखाई देगा. इसके साथ ही अनुमान है कि आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की कमी भी आ सकती है. वहीं दिन के समय में अभी भी धूप निकलने से ज्यादा ठंड नहीं हो रही है, लेकिन न्यूनतम तापमान गिरने से रात में कड़ाके की ठंड पड़नी शुरू हो गई है. आने वाले दिनों में प्रदेश में शरीर कांपने वाली ठंड पड़नी शुरू हो सकती है. उन्होंने बताया कि आने वाले दो दिनों तक यूपी कोहरे के आगोश में होगा. इसके अलावा दो से तीन दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है.

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