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लोको पायलट परीक्षा में धांधली पर CBI की बड़ी कार्रवाई, दो अधिकारी समेत 26 लोगों को ले गई अपने साथ

चंदौली उत्तर प्रदेश के चंदौली में सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय (PDDU) रेल मंडल की डिपार्टमेंटल परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़ा करने के आरोप में सीबीआई ने 26 लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार लोगों में रेलवे के दो बड़े अफसर, दर्जन भर लोको पायलट और अन्य लोग शामिल हैं. लखनऊ से आई सीबीआई की टीम ने चंदौली के एक मैरिज लॉन से कई सॉल्वर्स को भी हिरासत में लिया है. आरोप है कि ये सभी डिपार्टमेंटल परीक्षा में दूसरे की जगह एग्जाम दे रहे थे. बताया जा रहा है कि पकड़े गए लोगों की निशानदेही पर 1 करोड़ रुपये से अधिक का कैश भी बरामद हुआ है. आरोप है कि प्रमोशन के लिए आयोजित इस डिपार्टमेंटल परीक्षा को पास कराने के लिए बड़े पैमाने पर अभ्यर्थियों से धन उगाही की गई और सॉल्वर्स को बुलाकर एग्जाम दिलाया जा रहा था. दरअसल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय (PDDU) रेल मंडल की डिपार्टमेंटल परीक्षा बीते मंगलवार को होनी थी. इस बीच सीबीआई को सूचना मिली कि इस परीक्षा में गड़बड़ी हो रही है और कुछ सॉल्वर्स चंदौली के एक मैरिज लॉन में ठहरे हुए हैं. सूचना पाकर सीबीआई एक्टिव हुई और सोमवार रात को उक्त मैरिज लॉन में छापा मारते हुए दो दर्जन से अधिक लोगों को रंगेहाथ पकड़ लिया, जो दूसरों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे. पकड़े गए आरोपियों के पास से परीक्षा के पेपर भी बरामद हुए हैं. इस कार्रवाई से पूरे रेल मंडल में हड़कंप मच गया. दो सीनियर अफसर, लोको पायलट सहित 26 गिरफ्तार जानकारी के मुताबिक, मामले में पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के दो सीनियर अफसर और लोको पायलट सहित कुल 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई रेलवे की विभागीय प्रमोशन परीक्षा में पेपर लीक किए जाने के मामले में हुई है. रेलवे के लोको इंस्पेक्टर के लिए होने वाली यह विभागीय प्रमोशन की परीक्षा 4 मार्च को होनी थी, लेकिन इससे पहले ही सीबीआई टीम ने पेपर लीक किए जाने के इनपुट के बाद ताबड़तोड़ छापेमारी कर 26 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल, सीबीआई की टीम इन सभी आरोपियों को अपने साथ लेकर लखनऊ निकल गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो की लखनऊ ब्रांच की टीम को यह इंफ़ॉर्मेशन मिली थी कि 4 मार्च को पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के अंतर्गत होने वाली रेलवे की लोको इंस्पेक्टर की विभागीय प्रमोशन परीक्षा में बड़े पैमाने पर खेल हुआ है और इसका पेपर लीक कराया गया है. इस लीड के मिलने के बाद लखनऊ सीबीआई ब्रांच की टीम एक्टिव मोड में आ गई और इस टीम के तकरीबन दो दर्जन से ज्यादा मेंबर्स ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के अधिकारियों के साथ-साथ उन परीक्षार्थी लोको पायलट के ठिकानों पर भी छापेमारी की जिनको मंगलवार को परीक्षा देना था. अलग-अलग इलाकों से उठाए गए आरोपी सीबीआई की टीम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के अलग-अलग इलाकों से कई लोगों पायलट को रात में ही हिरासत में ले लिया. इसके बाद इन सभी लोगों को लेकर सीबीआई की टीम मुगलसराय कोतवाली पहुंची, जहां पर उनसे पूछताछ की गई. इन सभी लोगों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के बाद अगली सुबह सीबीआई की टीम ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के दफ्तर में भी छापा मारा और इस मामले में कथित तौर पर शामिल रेलवे के दो बड़े अधिकारियों को भी गिरफ्तार कर लिया. पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के दफ्तर में स्थित सभा कक्ष में सीबीआई के अधिकारियों ने इन सभी आरोपियों से पूरे दिन पूछताछ की. इसके बाद इन सभी 26 आरोपियों को प्रिजन वैन में बैठाकर सीबीआई की टीम लखनऊ लेकर चली गई. इस संदर्भ में जब सीबीआई के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने बात करने और किसी भी तरह की जानकारी शेयर करने से साफ-साफ इनकार कर दिया. हालांकि, बाद में सीबीआई की ओर से प्रेस नोट जारी कर डिटेल दी गई.  दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल में हड़कंप बताते चलें कि विभागीय प्रमोशन के लिए भारतीय रेलवे में अलग-अलग परीक्षाएं कराई जाती हैं. रेलवे की जो प्रमोशनल परीक्षा के पेपर लीक का मामला सामने आया है वह परीक्षा लोको पायलट से लोको इंस्पेक्टर बनने के लिए आयोजित की जानी थी. कोई भी लोको पायलट अगर 10 साल तक लोको पायलट की नौकरी कर लेता है या फिर 5 लाख किलोमीटर तक ट्रेन को चला लेता है तो इसके बाद वह लोको इंस्पेक्टर की परीक्षा के लिए एलिजिबल हो जाता है. इसी लोको इंस्पेक्टर की प्रमोशन परीक्षा 4 मार्च को पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल में होनी थी. लेकिन इससे पहले ही इस परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आ गया और सीबीआई ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे के सीनियर ऑफिसर्स के साथ-साथ कुल 26 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल, सीबीआई लखनऊ की टीम इन सभी 26 लोगों को लेकर लखनऊ के लिए निकल गई है, जहां पर पूरे मामले की जांच पड़ताल और अग्रिम कार्रवाई की जाएगी. सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई से पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल में हड़कंप मचा हुआ है. विभागीय परीक्षा पेपर लीक कांड का भंडाफोड़ सीबीआई ने 3 और 4 मार्च 2025 की मध्यरात्रि को शुरू किए गए एक अभियान के दौरान मुगलसराय में पूर्व मध्य रेलवे के तहत आयोजित एक विभागीय परीक्षा पेपर लीक घोटाले का भंडाफोड़ किया है. सीबीआई ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि पूर्व मध्य रेलवे ने 4 मार्च 2025 को मुख्य लोको निरीक्षकों के पदों के लिए एक विभागीय परीक्षा निर्धारित की थी. मुगलसराय में मध्यरात्रि को तीन स्थानों पर सीबीआई द्वारा की गई जांच के दौरान, 17 उम्मीदवारों के पास हस्तलिखित प्रश्नपत्रों की फोटोकॉपी पाई गई. जांच एजेंसी ने अपने बयान में कहा- “इस संबंध में एक वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता और आठ अन्य रेलवे अधिकारियों और अज्ञात उम्मीदवार और अज्ञात अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. ” सीबीआई की अब तक की जांच के अनुसार, आरोपी वरिष्ठ डीईई व्यक्ति को उक्त परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी. उन्होंने अंग्रेजी में प्रश्न लिखे … Read more

उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर धर्मांतरण की कोशिशें चल रही, सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी की निगरानी, सामने आया पूरा मामला

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर धर्मांतरण की कोशिशें चल रही हैं। इसको लेकर कई गैंग मिशन मोड में काम कर रहे हैं। इस बीच धर्मांतरण कराने वालों का रेट कार्ड भी सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक, पूरे परिवार का धर्मांतरण कराने वाले एजेंट को 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। वहीं, युवती का धर्म बदल कर शादी कराने की स्थिति में 15 हजर रुपये अतिरिक्त बोनस का प्रावधान किया गया है। मिशनरियों के धर्मांतरण के इस खेल में चर्चित स्कूल से लेकर प्रतिष्ठित संस्थान तक शामिल हैं। ये हवाला एजेंट की तर्ज पर मिशनरियों को बड़ी मात्रा में धनराशि उपलब्ध करा रहे हैं। पैसे की कमी नहीं होने से ग्रामीण स्तर तक धर्मांतरण गैंग का जाल फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, धर्मांतरण एजेंट प्रचारक के तौर पर अपनी गतिविधियों को अंजाम देने में जुटे हुए हैं। ऐसे काम करता है गैंग धर्मांतरण गैंग के प्रचारक बनकर गांव-गांव तैनात किए गए हैं। ये जरूरतमंदों को टारगेट करते हैं। उनके निशाने पर पैसे की तंगी से जूझ रहे और बीमार लोग होते हैं। ऐसे लोगों को प्रार्थना सभाओं में लाने का जिम्मा प्रचारकों का होता है। मिशनरियों की ओर से हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए प्रचारकों की नियुक्ति की गई है। ऐसे में प्रचारक अपने वर्ग के लोगों को समझाने और धर्म परिवर्तन के लिए राजी करने में कामयाब होते हैं। इस पूरे अभियान को प्रचारक, पास्टर और पदारी के माध्यम चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि धर्मांतरण गैंग को कुछ चर्चों से भी पैसे मिलने की जानकारी सामने आई है। आईबी के एक पूर्व अधिकारी का दावा है कि जोशुआ प्रोजेक्ट की वेबसाइट धर्मांतरण के पूरे जाल को समझा जा सकता है। स्टडी के नाम पर धर्मांतरण के बढ़ावा दिया जा रहा है। श्रावस्ती में आया मामला श्रावस्ती में धर्मांतरण के प्रयास का मामला सामने आया है। इसमें पंजाब मॉडल की बात सामने आ रही है। इकौना इलाके में रविवार को धर्मांतरण मामले में हरीश सिंह का नाम आया। उसने पांच साल पहले ही पंजाब में धर्म परिवर्तन कर लिया था। गांव लौटने के बाद झोपड़ी में प्रार्थना सभा आयोजित करने लगा। सुरक्षा एजेंसियों की दबिश के बाद वह गायब हो गया। एसपी घनश्याम चौरसिया ने इस मामले में सीओ के नेतृत्व में टीम का गठन किया है। नेपाल सीमा से सटे इलाकों में इस प्रकार के गिरोह के सक्रिय होने की बात सामने आई है। देवीपाटन मंडल के श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर और गोंडा जैसे संवेदनशील जिलों में पुलिस को कंवर्जन का मामला आते ही कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में आईजी अमित पाठक का कहना है कि चारों जिलों के एसपी को इस प्रकार के मामलों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर सक्रिय है टीमें धर्मांतरण के लिए जिला स्तर पर गैंगों को सक्रिय किया गया है। मिशनरियां अब मिशन मुस्लिम चला रही हैं। इसके लिए सबसे अधिक 443 सक्रिय टीम के संगम नगरी प्रयागराज में काम करने की बात सामने आई है। इसके अलावा महराजगंज में 398, बहराइच में 378, श्रावस्ती में 320, बलरामपुर में 330 और गोंडा में 340 टीमों के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। धर्मांतरण का नेटवर्क फैलाने में प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में 333 टमों के जुटे होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, अंबेडकरनगर में 347, सीतापुर में 326, सिद्धार्थनगर में 345, अमेठी में 317, रायबरेली में 323 और पीलीभीत में 346 सक्रिय टीमें अभियान में जुटी हैं। यह सब तब है, जब यूपी में धर्मांतरण के मामलों में कठोर कार्रवाई का नियम लागू है।  

अब आईपीएस अफसरों को नई जिम्मेदारियां, यूपी में 8 आईपीएस के तबादले: योगी सरकार

लखनऊ महाकुंभ में बड़े पैमाने पर अलग अलग जिलों के अधिकारियों को तैनात करने के बाद अब आईपीएस अफसरों को नई जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। इसी क्रम में मंगलवार को कई अधिकारियों के तबादले कर दिए गए। इनमें कई आईजी-डीआईजी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। बलिया में वसूली कांड के बाद हटाए गए देवरंजन वर्मा को भी तैनाती मिल गई है। हालांकि उन्हें कम महत्वपूर्ण पद रूल्स और मैनुअल में डीआईजी बनाया गया है। वाराणसी में तैनात 2004 बैच के आईपीएस डॉक्टर के एजिलरसन को ज्वाइंट पुलिस आयुक्त के पद से अब पुलिस महानिरीक्षक यूपी-112 की जिम्मेदारी दी गई है। मनोज कुमार सोनकर को पुलिस उपमहानिरीक्षक एटीएस लखनऊ के पद से पुलिस उपमहानिरीक्षक पीएसी वाराणसी भेजा गया है। शगुन गौतम पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ से पुलिस अधीक्षक एपीटीसी सीतापुर भेजे गए हैं। राजेश कुमार सिंह को पुलिस उपमहानिरीक्षक कमिश्नरेट कानपुर नगर से संयुक्त पुलिस आयुक्त पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी में तैनाती दी गई है। बलिया में वसूली प्रकरण के बाद हटाए गए उपमहानिरीक्षक देवरंजन वर्मा अभी तक प्रतीक्षारत थे। उन्हें अब पुलिस महानिदेशक मुख्यालय में डीआईजी रूल मैनुअल बनाया गया है। आशीष श्रीवास्तव को पुलिस उपायुक्त कमिश्नरेट कानपुर नगर से पुलिस उपायुक्त कमिश्नरेट लखनऊ भेजा गया है। श्रीमती अपर्णा गुप्ता को पुलिस उपायुक्त कमिश्नरेट लखनऊ से लखनऊ में ही तैनाती दी गई है। पुलिस मुख्यालय में अधीक्षक बनाई गई हैं। इसी तरह सूरज कुमार राय को पुलिस उपायुक्त आगरा कमिश्नरेट से सेनानायक 6वीं वाहिनी पीएसी मेरठ भेजा गया है। गौरतलब है कि इससे पहले तमाम अधिकारियों को प्रयागराज के महाकुंभ में विशेष तैनाती पर भेजा गया था। खासकर 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के मौके पर मची भगदड़ के बाद कई वरिष्ठ आईपीएस के साथ ही पीसीएस अफसरों को हालात संभालने के लिए वहां भेजा गया था। ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी कई आईपीएस अफसरों को योगी सरकार ने प्रयागराज भेजा था।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा- अयोध्या में पवित्र शहर को सनातन धर्म और सिख धर्म का ‘संगम स्थल’ बताया

अयोध्या केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अयोध्या में राम मंदिर में दर्शन किए और ऐतिहासिक गुरुद्वारे में मत्था टेका। उन्होंने पवित्र शहर को सनातन धर्म और सिख धर्म का ‘संगम स्थल’ बताया। पेट्रोलियम मंत्री ने अयोध्या की अपनी यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं हैं। इसमें उन्होंने राम की नगरी के महत्व के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने ‘एक्स’ पर किए गए पोस्ट में कहा कि अयोध्याधाम, सनातन धर्म और सिख धर्म की पवित्र संगम भूमि है और इसे प्रभु श्रीराम और तीन सिख गुरु साहिबों का आशीर्वाद प्राप्त है। उनके मुताबिक, सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी महाराज 1510-11 में, नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर जी 1668 में और गुरु गोबिंद सिंह जी 1672 में अयोध्या आए थे। उन्होंने कहा कि मुझे अयोध्याधाम के ब्रह्मकुंड में सरयू नदी के किनारे ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेकने और आशीर्वाद लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पुरी ने कहा कि पवित्र धाम में स्थित गुरुद्वारे आस्था के संगम, मध्यकालीन समय से सिख और हिंदू धर्म के बीच मजबूत संबंधों तथा आक्रमणकारियों से लड़ने के लिए दोनों धर्मों के एक-दूसरे के साथ खड़े रहने के परिचायक हैं। पुरी ने कहा कि 1697 में जब औरंगजेब के नेतृत्व में आक्रमणकारी मुगल सेना ने अयोध्या में राम मंदिर पर हमला किया तो गुरु गोबिंद सिंह ने 400 निहंग सिखों की एक बटालियन को भीषण युद्ध में अघोरियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने के लिए भेजा था। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव की ‘उदासी’ का इतना महत्व था और भव्य राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के लिए लंबी कानूनी लड़ाई के दौरान यह दिखा भी जब एक न्यायाधीश ने कहा कि 1510-11 ई. में भगवान राम की जन्मस्थली के दर्शन के लिए गुरु नानक देवजी की यात्रा हिंदुओं की आस्था और विश्वास को पुष्ट करती है। पुरी ने कहा कि 1697 में जब औरंगजेब के नेतृत्व में आक्रमणकारी मुगल सेना ने अयोध्या में राम मंदिर पर हमला किया तो गुरु गोबिंद सिंह ने 400 निहंग सिखों की एक बटालियन को भीषण युद्ध में अघोरियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने के लिए भेजा था। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव की ‘उदासी’ का इतना महत्व था और भव्य राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के लिए लंबी कानूनी लड़ाई के दौरान यह दिखा भी जब एक न्यायाधीश ने कहा कि 1510-11 ई. में भगवान राम की जन्मस्थली के दर्शन के लिए गुरु नानक देवजी की यात्रा हिंदुओं की आस्था और विश्वास को पुष्ट करती है।|#+| एक अन्य पोस्ट में पुरी ने कहा कि मुझे उस कुएं के पवित्र जल को महसूस करने का दिव्य सौभाग्य मिला, जहां से गुरु नानक देव जी के पवित्र स्नान के लिए पानी निकाला गया था। गुरु महाराज ने भी भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए इस पवित्र जल का छिड़काव किया था। उन्होंने कहा कि केंद्र में गुंबददार कमरा है, जो आकार में अष्टकोणीय और संगमरमर के फर्श वाला है… उसे सिंहासन स्थान गुरु गोबिंद सिंह जी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि इस जगह के मध्य में पवित्र अवशेष रखे गए हैं। ये पवित्र अवशेष श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा एक बार पहनी गई एक जोड़ी चप्पल, स्टील का एक तीर, एक खंजर, एक भाला और एक चक्र हैं। पुरी ने कहा कि पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब की 1838 बिक्रमी (1781 ई.) में रचित एक हस्तलिखित प्रति और अन्य पवित्र ग्रंथ भी यहां हैं।

बुलंदशहर जिले में दुल्हन को विदा करने के बाद एक ही परिवार के 4 लोगों की उठी अर्थी

बुलंदशहर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में भीषण सड़क हादसा हो गया। जहां एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। हादसे में एक महिला घायल है। जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। आस-पास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। फिलहाल, पूरे मामले की छानबीन चल रही है। एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत यह पूरा मामला जिले के गुलावठी थाना क्षेत्र के पितुवास गांव का है। जहां, कार में सवार होकर कुछ लोग शादी समारोह से लौट रहे थे। जैसे ही उनकी कार रजवाहे के पास पहुंची अनियंत्रित होकर पलट गई। जिससे मौके पर ही चार लोगों की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने राहत बचाव कार्य शुरु किया और घायल महिला को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल रेफर किया। पुलिस ने बताया कि कार सवार सभी लोग दुल्हन को विदा करने के बाद ऑल्टो कार से वापस लौट रहे थे। इस दौरान वो सड़क हादसे का शिकार हो गए। मृतकों की पहचान नसेर नगला निवासी निपेंद्र (36), उनके पुत्र कन्हैया (15), भाई की पुत्री वंशिका (16) और हर्ष (12) के रूप में हुई है। वहीं हादसे में निपेंद्र की पत्नी कौशल की हालत गंभीर है। सभी अमरोहा जिले के नौगावां सादात थाना क्षेत्र के निवासी थे। घटना के संबंध में परिजनों को सूचित कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रयागराज महाकुंभ की प्रशंसा की : सीएम योगी

 लखनऊ उत्तर प्रदेश की विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ का जिक्र किया. उन्होंने मजबूत कानून-व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि महाकुंभ में 33 करोड़ महिलाएं आईं, लेकिन उत्पीड़न/अपराध की एक भी घटना नहीं हुई. कुल 67 करोड़ श्रद्धालु कुंभ आए लेकिन एक भी अपराध की घटना नहीं हुई. वहीं, समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा- “आप(समाजवादी पार्टी) भारत की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं.  आपने कहा कि हमारी सोच सांप्रदायिक है लेकिन आप हमें बताएं कि हम कैसे सांप्रदायिक हो सकते हैं? हम सबका साथ, सबका विकास की बात करते हैं… 45 दिनों के आयोजन(महाकुंभ) ने भारत की विरासत और विकास की एक अनुपम छाप न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में छोड़ी है.” प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ पर यूपी विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “महाकुंभ के 45 दिनों में देश और दुनिया से 66 करोड़ से अधिक लोग मेले में आए. महाकुंभ में आए 66 करोड़ लोगों में से आधी संख्या महिला तीर्थयात्रियों की रही होगी, लेकिन उत्पीड़न, लूट, अपहरण या हत्या की एक भी घटना नहीं हुई… महाकुंभ में अपेक्षा से अधिक लोग आए और जो लोग आए और पवित्र स्नान किया, वे अभिभूत होकर लौटे. अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रयागराज महाकुंभ की प्रशंसा की.” सीएम योगी ने आगे कहा- “आज की समाजवादी पार्टी डॉ. लोहिया का नाम तो लेती है, लेकिन उनके आदर्शों से दूर हो गई है. डॉ. लोहिया के आचरण, आदर्शों और सिद्धांतों को सपा भूल गई है. उन्होंने कहा कि विष्णु, शंकर और राम भारत की एकता के आधार हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी इसमें विश्वास नहीं करती. हम सबका साथ-सबका विकास की बात करते हैं. महाकुंभ में भारत की विरासत और विकास की अनूठी छाप देखने को मिली. महाकुंभ में जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं देखा गया.” बकौल सीएम योगी- इस बार के महाकुंभ में 66 करोड़ 30 लाख लोगों ने स्नान किया. ये विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन था.  इसकी दुनिया भर में प्रशंसा हो रही है. दुनिया भर के मीडिया ने कहा कि इतना बड़ा आयोजन किसी चमत्कार से कम नहीं है. मगर कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें सिर्फ कमियां ही नजर आ रही थीं.    

वरमाला के बाद दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे भी लिए, लेकिन विदाई से पहले कुल देवता को लेकर बहस छिड़ी

बाराबंकी यूपी के बाराबंकी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां धूमधाम से एक शादी संपन्न हुई। वरमाला के बाद दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे भी लिए। लेकिन विदाई से ठीक पहले वर पक्ष और वधू पक्ष में कुल देवता को लेकर बहस छिड़ गई। वधू पक्ष ने दोनों परिवार के कुल देवता के एक न होने की बात कही। मामला इस कदर बढ़ गया कि थाने तक बात पहुंची। आखिर में बारात बिन दुल्हन के ही वापस लौट गई। ये मामला सफदरगंज थाना क्षेत्र के उधौली गांव का है। जहां रविवार की शाम को असन्द्रा थाना क्षेत्र के ग्राम पूरे तेलमहा पारा इब्राहिमपुर के रहने वाले बालकराम के बेटे आशीष कुमार की बारात गाजे बाजे साथ बारात आई थी। वधू पक्ष ने बड़े ही धूमधाम से वर पक्ष का स्वागत किया। नास्ते के बाद शादी की रस्में शुरू हो गईं। वरमाला के बाद दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे भी लिए। लेकिन जब सुबह विदाई की बारी आई तो कुल देवता को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। किसी ने दोनों परिवारों के कुल देवता के एक न होने की आवाज उठाई। दुल्हन रंजना कुमारी उर्फ शिवरंजना ने भी ससुराल जाने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि हमारे व दूल्हा आशीष के कुल देवता अलग-अलग है। इस बात पर दोनों पक्षों में बहस होने लगी। आखिर में मामला थाने पहुंचा। जहां वर पक्ष ने वधू पक्ष पर जेवर हड़पने की नीयत से देवता एक न होने की बात कहने की बात कही। वहीं वधू पक्ष का कहना है कि वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान दूल्हे ने शराब पी रखी थी। ग्रामीणों के अनुसार विवाह समारोह में सारी रस्में हो गई थीं। रात करीब साढ़े 12 बजे अचानक दूल्हे के कोट की जेब में कुलदेवता की चमड़े की तस्वीर देख दुल्हन रंजना बिफर पड़ी और देवता अलग-अलग होने की बात कहते हुए शादी से इनकार कर दिया।

सीएम योगी ने संभल का जिक्र करते हुए कहा- जो हमारा है, हमें मिल जाना चाहिए, इससे इतर कुछ नहीं

लखनऊ यूपी विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था से लेकर विकास कार्यों का विस्तार से ब्योरा दिया। इस दौरान समाजवादी पार्टी पर जमकर हमले किए। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के आंकड़ों को गलत बताया और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव को चच्चू कहकर एक बार फिर तंज भी कसा। सीएम योगी ने संभल का जिक्र करते हुए कहा कि जो हमारा है, हमें मिल जाना चाहिए। इससे इतर कुछ नहीं। सीएम योगी ने कहा कि एक शरारत के तहत संभल के 68 तीर्थों और 19 कूपों की निशानी मिटाने की कोशिश की गई। उसको खोजना हमारा काम था। हमने 54 तीर्थ खोजे और 19 कूपों को भी पाया। सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ में 66 करोड़ लोग पहुंचे लेकिन एक भी अपराध की घटना नहीं हुई है। महाकुंभ में जो आया, वो अभिभूत हो गया। सभी लोग सुरक्षित घर लौटे हैं। महाकुंभ में लूट, छेड़खानी, रेप या हत्या की एक भी घटना नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा भले डॉ. राममनोहर लोहिया को अपना आदर्श मानती हो लेकिन उनके बताए रास्ते पर नहीं चलती है। सपा लोहिया के आदर्शों से दूर जा चुकी है। लोहिया जी ने कहा था कि राम, कृष्ण, शंकर भारत के आदर्श हैं लेकिन सपा को इन तीन देवताओं पर कोई भरोसा नहीं है। उपचुनाव की चर्चा करते हुए उन्होंने सपा नेता शिवपाल सिंह यादव पर तंज कसा। कहा कि चुनाव कैसे जीता जाता है यह चच्चू से बेहतर कौन जानता है। सीएम ने कहा कि महाकुंभ में भारत के विकास और विरासत की छाप दिखाई दी। महाकुंभ में कोई जाति, धर्म, क्षेत्र का भेदभाव नहीं दिखाई दिया। सीएम योगी ने महाकुंभ से हुए आर्थिक लाभ के बारे में विधानसभा में बताया।

यूपी विधानसभा में विधायक ने पान मसाला खाकर थूका, अध्यक्ष महाना ने कहा, मैंने सब देख लिया लेकिन नाम नहीं बताऊंगा

 लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को एक ऐसी घटना घटी, जिसने सदन की गरिमा और स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले एक विधायक ने पान मसाला खाकर सदन के हॉल में थूक दिया. इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और इसे अनुशासनहीनता करार दिया. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ‘ मैंने वीडियो में देख लिया है कि यह किसने किया, लेकिन किसी सदस्य का नाम नहीं लूंगा ‘ विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने आज की कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले इसी मामले पर अपनी नाराजगी भी जताई. विधानसभा अध्यक्ष ने बेहद गंभीर लहजे में कहा कि सदन में इस तरह की हरकत बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा, ‘आज सुबह मुझे सूचना मिली कि हमारे विधानसभा के हाल में किसी माननीय सदस्य ने पान मसाला खाकर वहीं थूक दिया. मैं आया और उसे साफ करवाया. मैंने वीडियो में देख लिया है कि यह किसने किया, लेकिन मैं किसी का अपमान नहीं करना चाहता.’ विधानसभाअध्यक्ष सतीश महाना ने आगे कहा कि विधानसभा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि 403 विधायकों और उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की है. इसे स्वच्छ और गरिमामय बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है. स्वयं आकर बताएं, वरना बुलवाना पड़ेगा :   विधानसभा अध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में कहा कि ‘ जिसने यह कृत्य किया है, उसकी पहचान हो चुकी है. यदि वह स्वयं आगे आकर अपनी गलती स्वीकार कर लेता है तो ठीक, अन्यथा मुझे उसे बुलवाना पड़ेगा.’ अध्यक्ष ने सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई विधायक अपने साथी को इस तरह की हरकत करते देखे, तो उसे तुरंत ऐसा करने से रोके. उन्होंने कहा “यह सदन हम सबकी मर्यादा और उत्तर प्रदेश की जनता की आस्था का केंद्र है. इसे साफ-सुथरा और सम्मानजनक बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है.  

मायावती की कमजोरी से किसका फायदा- आकाश आनंद को बसपा से बाहर किया गया है, तीन में रेस

नई दिल्ली मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को ही पार्टी से बाहर कर दिया है। पहले उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी से हटाया गया और फिर वह पार्टी से ही बेदखल हो गए। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आकाश आनंद एक खेमे को ही आगे बढ़ा रहे थे और इसके चलते गुटबाजी बढ़ रही थी। ऐसी स्थिति में हाईकमान मायावती ने उन्हें बाहर करने का फैसला कर लिया। लेकिन पार्टी की चिंता यहां खत्म नहीं होती बल्कि शुरू होती है। दरअसल जिस तरह से आकाश आनंद को बसपा से बाहर किया गया है, उससे काडर में निराशा है। मायावती ने 2012 में सत्ता से विदाई के बाद से अब तक नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बाबू सिंह कुशवाहा, स्वामी प्रसाद मौर्य, आरके सिंह समेत तमाम ऐसे नेताओं को भी बाहर का रास्ता दिखाया है, जो कभी बसपा के मिशन का हिस्सा थे। इससे लीडरशिप में भ्रम की स्थिति भी समझ में आती है। कभी मायावती सतीश चंद्र मिश्रा को प्रमोट करती हैं तो कभी उन्हें बैकबेंचर बनाकर आकाश आनंद को प्रमोट किया जाता है। आकाश आनंद लोकसभा चुनाव में आक्रामक होते हैं तो उन्हें हटा लिया जाता है। फिर उनकी वापसी होती है और सक्रिय होने के बाद एक बार फिर से उन पर ऐक्शन होता है और वे पार्टी से बाहर हो जाते हैं। हाईकमान के ऐसे औचक फैसलों से कार्यकर्ता चौंकते हैं तो वहीं उनमें निराशा का भाव भी है। पार्टी के आंतरिक सूत्रों का कहना है कि यदि नेतृत्व के स्तर पर ही चीजें तय नहीं हैं तो फिर कार्यकर्ता किसके आदेशों पर काम करें। यह स्थिति मायावती की स्थिति कमजोर कर रही है और बसपा भी संगठन के तौर पर बिखराव की स्थिति में है। अब सवाल यह है कि मायावती की ऐसी स्थिति से फायदा किसे है। बसपा को 2022 के चुनाव में एक ही सीट पर जीत मिली थी। इसके अलावा 2024 के आम चुनाव में वह जीरो पर ही रह गई। बसपा के तमाम नेता और कार्यकर्ता सपा के पाले में चले गए हैं। इससे सपा मजबूत हुई है और उसे भाजपा के भी कई इलाकों में जीत हासिल हुई है। यह स्थिति बसपा की हालत बताती है कि अब नेतृत्व पर यकीन घट रहा है और उसका ठोस जनाधार माने जाने वाले दलित समुदाय के लोग भी छिटक रहे हैं। 2019 के आम चुनाव में अखिलेश यादव के साथ गठबंधन करके बसपा ने 10 सीटों पर जीत हासिल कर ली थी। लेकिन फिर सपा का साथ छूटा तो आधे समर्थक साइकिल पर ही सवार हो गए और आधे ही बसपा के साथ वापस लौटे। कुछ ऐसे इलाके भी हैं, जहां बसपा समर्थकों की बड़ी संख्या भाजपा के साथ हो गई। भाजपा को 2014 के आम चुनाव, 2017 के विधानसभा इलेक्शन और फिर 2019 के आम चुनाव में बसपा के वोटर कहे जाने वाले समाज का समर्थन मिला। फिर 2022 में सपा को भी कुछ वोट मिले और 2024 के आम चुनाव में बसपा समर्थकों का बड़ा हिस्सा सपा के साथ ही रहा। इस तरह इन दो दलों के बीच बसपा के जनाधार को हथियाने के लिए टाइट फाइट है। लेकिन तीसरा और सबसे अहम प्लेयर चंद्रशेखर हैं। उनकी भीम आर्मी बसपा के क्षरण के दौर पर अपने चरण मजबूती से जमाने की कोशिश में है। नगीना से सांसद बने चंद्रशेखर पश्चिम यूपी के अलावा सूबे के अन्य हिस्सों में भी खूब घूम रहे हैं।

उप्र पुलिस जवानों ने पेश की कर्तव्यनिष्ठा की अद्वितीय मिसाल, बिछड़ों को अपनों से मिलाया; खोने वालों को कीमती सामान लौटाए

प्रयागराज महाकुंभ 2025 में जहां एक ओर आस्था का महासमुद्र उमड़ा, वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अग्निशमन विभाग के जवानों ने सेवा, सुरक्षा और ईमानदारी की मिसाल पेश की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर संचालित विशेष अभियान के तहत पुलिस ने 15 देशों और 20 से अधिक राज्यों के श्रद्धालुओं को उनके परिवारों से मिलाने का कार्य किया। जवानों ने न केवल लाखों रुपए की नकदी, आईफोन, गहने और अन्य कीमती सामान खोने वालों को वापस लौटाया, बल्कि बीमारों को तत्काल चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई। इसके अलावा, पुलिस ने बुजुर्गों और दिव्यांगों को संगम स्नान में मदद की। इस सेवा भाव की चर्चा रूस, अमेरिका और जर्मनी समेत तमाम देशों तक पहुंच गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूरे मेले में खोया-पाया केंद्र बनाए और विशेष खोज अभियान चलाया। इस अभियान के प्रभारी आईजी पीएसी पूर्वी जोन डॉ. राजीव नारायण मिश्र ने कहा “हमारे जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की मदद की। इस अभियान से यूपी पुलिस की ईमानदारी और सेवाभाव की गूंज सात समंदर पार तक पहुंच गई है।” केस 1: 17 फरवरी को जयपुर के पुष्पेंद्र सिंह शेखावत अपने परिवार के साथ महाकुंभ में आए थे। उनका पर्स, जिसमें 69,000 रुपए नकद, दो आईफोन, सोने की चेन, दो अंगूठियां और एटीएम कार्ड थे, खो गया। 42वीं वाहिनी पीएसी नैनी प्रयागराज के अरविंद कुमार सिंह ने अरैल घाट पर यह पर्स खोजा और श्रद्धालु से संपर्क कर वापस सौंप दिया। केस 2: छत्तीसगढ़ की राजकुमारी यादव की अचानक तबीयत बिगड़ गई। 15वीं वाहिनी पीएसी आगरा के आरक्षी प्रशांत कुमार और रवींद्र सिंह ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें समय पर इलाज मिला। केस 3:29 जनवरी को रूस की रीता अपने साथियों के साथ संगम स्नान के लिए जा रही थी। रात में वह अपने समूह से बिछड़कर पाल बस्ती मवैया पहुंच गई।33वीं वाहिनी पीएसी झांसी के आरक्षी अमरदीप ने उन्हें खोजकर उनके साथियों से मिलाया। केस 4: 15 जनवरी को जर्मनी से आए श्रद्धालु नवाबगंज जाना चाहते थे, लेकिन रास्ता भटक गए।28वीं वाहिनी पीएसी इटावा के आरक्षी राजू सिंह ने उन्हें सुरक्षित नवाबगंज तक पहुंचाया। केस 5: बंगलुरु की शोभा संगम स्नान के दौरान घायल हो गईं। 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी के आरक्षी सुरजीत यादव ने उन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया और प्राथमिक चिकित्सा दिलवाई। केस 6: 24 जनवरी को संगम मार्ग पर विवेक भारती को कार चलाते समय मिर्गी का दौरा पड़ा। 47वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद के आरक्षी गुरदीप और कपिल कुमार ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, परिवार को सूचित किया और ठीक होने पर घर भेजा।

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे एवं हाईवे के किनारे शराब की दुकानें बिल्कुल न हो

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे एवं हाईवे के किनारे शराब की दुकानें बिल्कुल न हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि शराब की दुकानों के साइनेज बोर्ड बहुत बड़े होते हैं, इन्हें छोटा किया जाए. मुख्यमंत्री ने रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में यह आदेश दिए. मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं के वार्षिक आंकड़ों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे प्रदेश से आने वाले बिना परमिट के वाहनों को बॉर्डर पर रोकें जाए. सीएम योगी ने कहा कि ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन एवं व्हीकल एसोसिएशन से संवाद स्थापित कर यह सुनिश्चित कराएं कि लंबी दूरी के वाहनों पर दो ड्राइवर हों. इससे भी दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है. इसी के साथ सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि एक्सप्रेस-वे एवं हाइवे पर क्रेन, पेट्रोलिंग वाहन और एंबुलेंस की संख्या बढ़ाएं. एनएचआई की 93 सड़कों में से सिर्फ चार पर लगे हैं कैमरे: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एनएचआई की 93 सड़कें हैं, इनमें से सिर्फ चार सड़कों पर कैमरे लगें है, मुख्यमंत्री ने बाकी सड़कों पर भी कैमरे लगाने को कहा है. सीएम योगी ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि सड़क पर करते समय भी बहुत सी दुर्घटनाएं हो जाती हैं, इसके दृष्टिगत एनएचआई की बहुत सी सड़कों पर फुट ओवर ब्रिज की आवश्यकता है, स्थानों को चिन्हित कर उनका भी निर्माण कराया जाए.उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख मार्गों पर सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित साइनेज अवश्य लगाएं. ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन जरूरी: सीएम योगी ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में यह देखने को मिलता है नाबालिक बच्चे ई रिक्शा चला रहे हैं. इस पर प्रभावी अंकुश लगाना बहुत जरूरी है,उन्होंने पुलिस अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक कदम उठाने के आदेश दिए.  साथ ही सभी ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन अवश्य कराने को कहा. उन्होंने कहा कि आरटीओ ऑफिस को बिचौलियों से पूर्णतः मुक्त रखें, इसके लिए समय-समय पर रैंडम चेकिंग अभियान चलाएं. ट्रैफिक प्रबंधन सुधारने के बताए उपाय: सीएम योगी ने कहा कि सड़क जाम एक बड़ी समस्या बनती जा रही है, ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए प्रदेश में प्रयाप्त मैनपॉवर उपलब्ध है. आवश्यकता पड़ने पर सिविल पुलिस, पीआरडी और होमगार्ड के जवानों को ट्रेनिंग देकर ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाएं. उन्होंने कहा कि अस्पतालों, स्कूलों एवं मुख्य बाजारों के बाहर टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराए.मुख्यमंत्री के साथ इस बैठक में  संबंधित विभागों के मंत्री, शासन स्तर के अधिकारी, सभी मंडलों के कमिश्नर, सभी जनपदों के जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर एवं पुलिस अधीक्षक मौजूद थे. ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलेगी योगी सरकार, बच्चों को मिलेगा का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके। डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे। लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा। योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा। ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलेगी योगी सरकार, बच्चों को मिलेगा का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके। डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे। लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा। योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।    

दो बेटों ने कांवड़ में बैठाकर मां को कराई चारधाम यात्रा, एक साल पैदल चले

बदायूं बदायूं के बिसौली के नूरपुर गांव निवासी तेजपाल और धीरज दोनों भाई कलयुग में उन लोगों के लिए नजीर हैं जो बुढ़ापे में मां-बाप को उनके हाल में छोड़ देते हैं या फिर वृद्धाश्रम में छोड़ आते हैं। ये दोनों भाई एक साल 12 दिन पहले अपनी मां को कांवड़ में बैठाकर चारधाम यात्रा को निकले। न सिर्फ चारधाम यात्रा बल्कि हरिद्वार, नीलकंठ, अयोध्या, खाटूश्याम तक कांवड़ में बैठाकर पैदल गए और दर्शन कराए। दोनों भाई अब घर लौट रहे हैं। अभी घर पहुंचने में उन्हें तीन-चार दिन और लग जाएंगे। बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव नूरपुर निवासी तेजपाल और धीरज 18 फरवरी 2024 को श्रवण कुमार बनकर अपनी मां राजेश्वरी को कांवड में बैठाकर चारधाम यात्रा कराने निकले थे। दोनों भाइयों ने मां को पहले चारधाम की यात्रा कराई। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा कराई। इस दौरान दोनों भाइयों ने मां को हरिद्वार के मनसा देवी, नीलकंठ, वीरभद्र, सुरकंडा माता मंदिर समेत वहां के कई तीर्थस्थान के दर्शन कराए। अयोध्या में रामलला के दर्शन कराए दोनों भाइयों की पदयात्रा यहीं नहीं रूकी। इसके बाद वह मां को लेकर अयोध्या रामलला के दर्शन कराने पहुंचे। इस बीच दोनों भाइयों का हौसला बढ़ता गया। उन्होंने पदयात्रा को नहीं थमने दिया। वह मां को लेकर हरियाणा के चुलकाना धाम पहुंचे। यहां खाटू श्याम के दर्शन कराए। इसके बाद उनकी यात्रा राजस्थान पहुंची। जहां गोगामेड़ी और खाटूश्याम के मां को दर्शन कराए। पैदल इतने लंबे सफर को तय करने में दोनों भाइयों कोएक साल का समय लग गया। इसके बाद अब दोनों भाई मां को कांवड़ में ही बैठाकर वापस घर आ रहे हैं। एक साल 12 दिन बाद शनिवार को दोनों भाई जिले की सीमा में पहुंचे। यहां लोगों ने कांवड़ में बैठी मां को कंधे पर ले जा रहे दोनों बेटों को देखा तो उनका सत्कार किया। मुजरिया चौराहे पर रहने वाले सुमित साहू उन्हें चाय नाश्ता कराया। वहीं, उनके पिता रामौतार ने फल खिलाए। माता-पिता की करनी चाहिए सेवा तेजपाल और धीरज का कहना है कि मां को कांवड़ में बैठाकर चारधाम की यात्रा कराने के पीछे उनका उद्देश्य सिर्फ इतना है कि वह समाज को संदेश देना चाहते हैं कि बुजुर्ग मां-बाप बोझ नहीं होते, उनकी मरते दम तक सेवा करनी चाहिए। उन्हें वृद्धाश्रम में नहीं छोड़ना चाहिए। लोग उनसे प्रेरित हो, इस उद्देश्य से उन्होंने पदयात्रा शुरू की थी। दोनों भाइयों ने बताया कि वह करीब 20 साल पहले हिमाचल प्रदेश की तहसील बद्दी के मंधाला गांव में रहते थे। जब वह छोटे थे। तब उनके पिता भगवान दास का बीमारी के कारण निधन हो गया था। इसके बाद उनकी मां बिसौली के गांव नूरपुर ले आई। यहां मां ने उनकी बड़े ही लाड़ प्यार से परवरिश की। तेजपाल ने बताया कि उनकी एक बहन पार्वती भी है। उसने भी उन्हें इस यात्रा के लिए प्रेरित किया था। उनकी मां राजेश्वरी ने बताया कि वह खुशकिस्मत है कि उनके श्रवण कुमार जैसे दोनों बेटे मिले हैं।  

पड़ोसी मुल्क से नोएडा आई सीमा हैदर, 5वीं बार बनने वाली हैं मां, धूमधाम से हुई गोद भराई की रस्म

नोएडा पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर सोशल मीडिया पर अक्सर चर्चा में रहती हैं और इस बार भी उनका एक वीडियो वायरल हो गया है। दरअसल, सीमा हैदर इस बार अपनी प्रेग्नेंसी के कारण सुर्खियों में हैं। वह जल्द ही सचिन के बच्चे की मां बनने वाली हैं और यह उनका पांचवां बच्चा होगा। सीमा ने खुद सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर इस खुशखबरी की जानकारी दी है। सीमा हैदर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि उनका 9वां महीना चल रहा है और मार्च में उनकी डिलीवरी होने वाली है। सीमा ने यह भी बताया कि उन्होंने अब तक चार बच्चों को जन्म दिया है और अब यह उनकी पांचवी प्रेग्नेंसी है। मोहल्ले की महिलाओं ने गाए पारंपरिक गीत मोहल्ले की महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाकर और पूरे रीति-रिवाज के साथ ये रस्में पूरी कीं। मेरे भाई एपी सिंह… सीमा हैदर ने इंस्टाग्राम पर दो वीडियो पोस्ट किए हैं। जिसमें वह कह रही हैं कि मैं तैयार होकर आई हूं, मेरी गोद भराई होने वाली है। मेरे पहले से ही चार बच्चे हैं, लेकिन यह पहली बार है जब मैं गोद भराई कर रहा हूँ और मैं पहली बार गोद भराई देख रहा हूँ। मैंने इतनी खुशी कभी नहीं देखी जितनी भारत में देख रहा हूँ। मेरे भाई डॉ. एपी सिंह भी आ रहे हैं। खाने-पीने का इंतजाम किया गया है। सीमा ने इस वीडियो को अपनी गोद भराई की रस्म के दौरान बनाया। रविवार को ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में उनकी गोद भराई का आयोजन धूमधाम से किया गया। इस मौके पर परिवार और दोस्तों के साथ समारोह में खूब खुशियां मनाई गईं। सीमा ने बताया कि उनकी यह गोद भराई की रस्म पहली बार हो रही है, जबकि उनके पहले से चार बच्चे हैं। आपको बता दें कि सीमा हैदर और सचिन की दोस्ती पबजी गेम के जरिए शुरू हुई थी, जिसके बाद सीमा पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत पहुंची थीं। सीमा की भारत आने की कहानी भी चर्चा में रही है, और अब उनके परिवार में एक और सदस्य जुड़ने जा रहा है, जिसे लेकर वह बेहद खुश हैं। इस वीडियो के बाद सीमा के प्रशंसकों और सोशल मीडिया यूजर्स की तरफ से उन्हें बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया है। वहीं, कुछ यूजर्स इस पर तंज भी कस रहे हैं, लेकिन सीमा की खुशी में चार चांद लग गए हैं। घर में शुरू हुईं बच्चे के आने की तैयारियां सीमा हैदर के ससुराल में जश्न की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बच्चे के जन्म से पहले ही सचिन मीना घर में ढोलक लेकर आ गए हैं, वो पूजा पाठ की तैयारी भी करते नजर आ रहे हैं। घर में डीजे लगवाने की भी चर्चा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सीमा की डिलीवरी जल्द ही होने वाली है। इस दौरान सीमा हैदर ने कहा कि उनके चार बच्चे हैं लेकिन उनकी गोदभराई की रस्म कभी नहीं हुई। यह पहली बार है जब उनकी गोदभराई हो रही है। इस दौरान एपी सिंह अपनी मां और परिवार के साथ आए और भाई के तौर पर गोदभराई की रस्में पूरी की। मुंह बोले भाई और सचिन मीणा के साथ झुमकर किया डांस कार्यक्रम आसपास की महिलाएं भी पहुंची और पारंपरिक गीत गाए। सभी रस्में पूरी होने के बाद सीमा हैदर एपी सिंह, सचिन मीणा और अन्य लोगों के साथ झूम कर डांस करती नजर आईं।

दो डॉक्टरों से एक दंपती ने अपनी बेटियों के साथ मिलकर की 3.56 करोड़ ठगी, पुलिस कर रही जांच

मेरठ एक दंपती ने अपनी बेटियों के साथ मिलकर शहर के दो डॉक्टरों से इंग्लैंड की कंपनी में धन निवेश कर लाभ कमाने का लालच देकर साढ़े तीन करोड़ से अधिक रुपये ठग लिए। आरोपियों ने कीर्ति पैलेस निवासी डॉ. सुरक्षा बंसल से तीन करोड़, 7,55,400 रुपये और जागृति विहार सेक्टर दो निवासी डॉ. अतुल गुप्ता से 49,16,800 रुपये की ठगी है। दोनों डॉक्टरों ने मेडिकल थाने पर आरोपी सरस्वती विहार रोहटा रोड निवासी अतुल सक्सेना, उसकी पत्नी रचना वर्मा, बेटियां अदिति सोनी व यशस्वी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है।   मेडिकल थाने पर एसएसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कीर्ति पैलेस कालोनी निवासी डॉ. सुरक्षा बंसल ने बताया कि आठ नवंबर 2024 को रचना वर्मा पत्नी अतुल सक्सेना निवासी सरस्वती विहार, रोहटा रोड ने फोन कर बताया था कि हमारी कम्पनी आरपीसी का 10 नवंबर को इनाम वितरण एवं सेमिनार कार्यक्रम है। जिसमें उन्होंने उसे मुख्य अतिथि बनाया। डॉ. सुरक्षा बंसल कार्यक्रम में शामिल हुईं। रचना वर्मा और उसके पति अतुल सक्सेना ने बताया कि आरपीसी इंग्लैंड की कंपनी है, जो 1974 से लगातार फिल्म प्रोडक्शन एवं प्रमोशन के कार्य में लगी है। इसी वर्ष इसने देश में पंजीकरण कराकर अपना कार्य शुरू किया है। यह कंपनी लोगों से जमानत राशि एक वर्ष के लिए जमा कराकर उन्हें प्रतिदिन कुछ मूवी के क्लिप्स को देखकर सबमिट करने पर प्रोत्साहन के रूप में मोटी धनराशि उपलब्ध कराती है।   आरोप है कि उन्होंने धोखाधड़ी करके विभिन्न खातों में पहले 2 करोड़ 47 लाख 56 हजार चार सौ रुपये और बाद में दूसरे खाते में 60 लाख रुपये जमा कराए। इसके बाद आरोपियों ने धनराशि वापस देने से इन्कार कर दिया। अब उनके फोन भी बंद है।   इसी प्रकार जागृति विहार सेक्टर दो निवासी डॉ. अतुल गुप्ता से साथ भी अतुल सक्सेना उसकी पत्नी रचना वर्मा, बेटियों अदिति सोनी व यशस्वी ने 49 लाख 16 हजार आठ सौ रुपये की ठगी है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों डॉक्टरों ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। एसएसपी के आदेश पर मेडिकल थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करके कार्यवाही शुरू कर दी है।

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