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योगी आदित्यनाथ ने कहा- महाकुंभ को बदनाम करने के लिए विरोधियों ने दुष्प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ा, विपक्ष पर बरसे

महाकुंभ नगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ-2025 के समापन के बाद विपक्ष पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ को बदनाम करने के लिए विरोधियों ने दुष्प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ा। कोई काहिरा की तो कोई काठमांडू की घटना का वीडियो दिखाकर प्रयागराज को बदनाम करता रहा। सीएम योगी ने कहा कि आस्था का इतना विशाल समागम दुनिया के अंदर कभी नहीं हुआ। 66 करोड़ 30 लाख श्रद्धालु किसी आयोजन का हिस्सा बने और कोई अपहरण की घटना नहीं, कोई लूट की घटना नहीं, कोई छेड़छाड़, कोई दुष्कर्म की घटना नहीं, कोई भी ऐसी घटना नहीं, जिसके बारे में कोई सवाल उठा सके। दूरबीन लगाकर, माइक्रोस्कोप लगाकर भी ऐसी घटना को ढूंढा नहीं जा सकता। हालांकि, फिर भी विरोधियों ने दुष्प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिनको आस्था का यह समागम अच्छा नहीं लगा, उन्होंने कोई मौका नहीं छोड़ा। मौनी अमावस्या के दिन 8 करोड़ श्रद्धालु यहां पर थे, हमारी प्राथमिकता थी कि इन श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान कर उनके गंतव्य की ओर प्रस्थान कराया जाए। लेकिन, विरोधी लगातार दुष्प्रचार कर रहे थे, बदनाम कर रहे थे। उनकी भाषा अपमानित करने वाली थी। कोई काहिरा की तो कोई काठमांडू की घटना का दृश्य दिखाकर प्रयागराज को बदनाम कर रहा था। पहले की सरकारों ने भारत की आस्था का सम्मान नहीं किया। उन्होंने महाकुंभ के माध्यम से अर्थव्यवस्था में आई मजबूती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ ने आस्था और आर्थिकी का एक नया संदेश दिया। भगवान वेद व्यास ने 5,000 साल पहले ही कहा था कि मैं बाहें उठा करके चिल्ला-चिल्लाकर कह रहा हूं कि धर्म के मार्ग पर चलो, धर्म से ही अर्थ और कामनाओं की पूर्ति हो सकती है। प्रयागराजवासियों ने भगवान वेदव्यास की इस वाणी को सत्य साबित कर दिया। लाखों रोजगार मिले, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था एक नया आयाम छूने के लिए उतावली दिखाई दे रही है। सीएम योगी ने कहा कि आज आस्था के साथ नई अर्थव्यवस्था का जो आधार बना है, वह अद्भुत है। यहां आने के लिए दुनिया चकित और लालायित है। केवल भारत ही नहीं, दुनिया के अंदर एक दर्जन देशों के मंत्री या राष्ट्राध्यक्ष भी इस आयोजन का हिस्सा बने और 74 देशों के एंबेसडर और हाई कमिश्नर भी यहां आए। पहली बार 80 से अधिक देशों के लोग इस आयोजन में भागीदार बने। जो आया, वह अभिभूत होकर गया।

संभल हिंसा मामला में जेल में बंद 17 आरोपियों की कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज

संभल उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पिछले साल 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा हुई थी। इस मामले में जेल में बंद 17 आरोपियों की कोर्ट ने गुरुवार को जमानत याचिका खारिज कर दी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट इससे पहले 42 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर चुका है। बवाल के आरोप में जेल में बंद अब तक कुल 59 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की जा चुकी है। कोर्ट का कहना है कि सभी आरोपियों पर गंभीर आरोप हैं। शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश सैनी ने गुरुवार को बताया कि शाही जामा मस्जिद प्रकरण में 29 लोगों के प्रार्थना पत्र पहले खारिज हो चुके हैं। कोर्ट में आज 17 जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई है। सभी 17 याचिकाओं को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कुल मिलाकर अब 59 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की जा चुकी है। जानकारी के अनुसार, संभल हिंसा मामले में 80 आरोपी जेल में बंद हैं। हालांकि, आरोपी पक्ष के वकीलों ने हाल में जमानत याचिका खारिज होने पर हाईकोर्ट जाने की बात कही थी। संभल के एसपी कृष्ण बिश्नोई ने शुक्रवार (21 फरवरी) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया था कि 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के मामले में अब तक कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिसमें से सात मामले संभल कोतवाली, चार मामले नखासा थाने और एक जीरो एफआईआर मुरादाबाद में दर्ज की गई है। छह मामलों में पुलिस ने चार्जशीट पेश कर दी है। सबसे पहले लिखी गई दो एफआईआर में उपनिरीक्षक शाह फैसल की पर्सनल बुलेट और सरकारी गाड़ियों को आग लगाने का प्रयास किया गया। सरकारी गाड़ी जल गई, जबकि उपनिरीक्षक की पर्सनल गाड़ी को जलने से बचा लिया गया। सीसीटीवी के आधार पर इस मामले में 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। उन्होंने कहा कि दूसरे मामले में एक अपराधी ने फायरिंग की थी, जिसमें 25 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। इसके अलावा एक और मामले में 21 लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया था। नामजद अभियुक्त समेत 53 लोगों के खिलाफ इसमें चार्जशीट दायर की गई है। चौथे मामले में एसडीएम पथराव के दौरान घायल हुए थे। उसमें 37 लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है। साथ ही कोतवाली क्षेत्र के एक मामले में सीओ को पैर में गोली लगी थी। इस केस में 38 लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई है। इसके अलावा, जामा मस्जिद के पास हथियारों को लूटने के मामले में 39 लोगों को जेल भेजा गया है। एसपी कृष्ण बिश्नोई ने बताया कि छह मुकदमों में शुरुआत से 36 लोग नामजद थे। इसके बाद 123 लोगों के नाम प्रकाश में आए थे। कुल मिलाकर 159 लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से 80 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। साथ ही 79 लोगों की गिरफ्तारी अभी बाकी है।

श्रद्धलुओं ने बदली रामलला की दिनचर्या, 19 घंटे तक दे रहे हैं दर्शन; भोग और आरती का समय भी घटा

अयोध्या महाकुंभ शुरू होने के बाद अयोध्या में आ रही अप्रत्याशित भीड़ ने बालक राम की दिनचर्या बदल दी। मकर संक्राति से महाशिवरात्रि तक सवा करोड़ लोगों ने दर्शन किए।  महाकुंभ शुरू होने के बाद रिकॉर्ड संख्या में लोग अयोध्या पहुंच रहे हैं। इस बीच इतनी भीड़ आ जाएगी इसकी कल्पना मंदिर ट्रस्ट ने भी नहीं की थी।  पिछले एक माह से आ रही अप्रत्याशित भीड़ ने रामलला की दिनचर्या बदल दी है। मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक रामलला के दरबार में सवा करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई है। अधिक से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर सकें इसलिए मंदिर सुबह पांच बजे से रात 12 बजे तक खोला जा रहा है। रामलला प्रतिदिन 19 घंटे भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। रामलला के दरबार में रोजाना साढ़े तीन से चार लाख श्रद्धालु हाजिरी लगा रहे हैं। ट्रस्ट की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार मकर संक्रांति 14 जनवरी से 26 फरवरी महाशिवरात्रि तक रामलला के दरबार में 1.26 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया है। राम मंदिर में निरंतर उमड़ रही भीड़ ने रामलला की पूरी दिनचर्या को प्रभावित कर रखा है। पुजारियों का कहना है कि रामलला की आरती, राग-भोग के दौरान भी मंदिर बंद नहीं हो पा रहा है। बताया गया कि इस समय रामलला को सुबह चार बजे ही जगाया जाता है। इसके बाद उनकी मंगला व श्रृंगार आरती होती है। सुबह पांच बजे से मंदिर दर्शन के लिए खोल दिया जाता है। श्रद्धालुओं में दर्शन की ललक इस कदर है कि रात दो बजे से दर्शनपथ पर श्रद्धालु जुटने लगते हैं। दोपहर की आरती के दौरान भी दर्शन चलता रहता है। केवल पांच से 10 मिनट के पर्दा लगाकर रामलला को भोग अर्पित किया जाता है। इस दौरान श्रद्धालु मंदिर में कतारबद्ध रहते हैं।   18 से 19 घंटे खुल रहा है मंदिर  पहले दोपहर भोग आरती के लिए मंदिर एक घंटे के लिए बंद किया जाता था। यही स्थिति संध्या आरती के दौरान भी रहती है। राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी श्रद्धालुओं की भीड़ को अप्रत्याशित बताते हैं। उनका कहना है कि रामलला को ठीक से विश्राम नहीं मिल पा रहा है, मंदिर 18 से 19 घंटे खोलना पड़ रहा है, यह स्थिति व्यवहारिक नहीं है। महाशिवरात्रि पर शिवमय हुई राम की नगरी सर्वार्थ सिद्धि व त्रिग्रही योग के दुर्लभ संयोग में महाशिवरात्रि पर रामनगरी ब्रह्ममुहूर्त से ही बमबम करने लगी। घाट से लेकर मठ-मंदिरों तक हर-हर महादेव की गूंज… शिवालयों में पूजन सामग्री से सजी थाली लेकर कतारबद्ध भक्त और श्रद्धालुओं से पटी अयोध्या। बुधवार को रामनगरी में यह दृश्य आस्था का चरम प्रदर्शित कर रहा था। रामधुन में लीन रहने वाली अयोध्या पूरी तरह से शिवमय नजर आई। प्रशासन के मुताबिक करीब पांच लाख भक्तों ने जलाभिषेक, पूजन किया। महाशिवरात्रि पर ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुई शिवालयों सहित अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन का सिलसिला दिन भर चलता रहा।  अधिकतर ने भोले के मंदिर पर दस्तक देने से पूर्व सरयू में स्नान किया। इसी के साथ ही आस्था का प्रवाह शिव मंदिरों की ओर निकल पड़ा। हालांकि रामपथ पर बैरिकेडिंग के चलते श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। नागेश्वरनाथ तक जाने के लिए श्रद्धालुओं को टेढ़ी बाजार के पीछे से होते हुए करीब चार किलोमीटर तक चलना पड़ा। क्षीरेश्वरनाथ पहुंचने के लिए यह दूरी बढ़कर पांच किलोमीटर हो गई। जैसे ही श्रद्धालु भोलेबाबा की चौखट पर पहुंचे और उनके कानों में हर-हर महादेव की गूंज पहुंची तो उनकी सारी थकान दूर होती नजर आई। क्षीरेश्वरनाथ मंदिर में राम मंदिर के दर्शनार्थी भी खूब उमड़े। दर्शनार्थियों ने रामलला के साथ भोलेबाबा की भी पूजा-अर्चना की। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। सीसीटीवी से मेला क्षेत्र की निगरानी होती रही। मंडलायुक्त गौरव दयाल, आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी राजकरण नय्यर ने मेला क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं को परखा।

सफाईकर्मियों को 10 हजार बोनस, अप्रैल से खाते में आएंगे पैसे… सीएम योगी की घोषणा, 16 हजार रुपये मासिक मिलेंगे…

प्रयागराज  उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ मेला 2025 के समापन के मौके पर सफाई कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सफाई कर्मचारियों के सम्मान समारोह के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने सैलरी में बढ़ोतरी की घोषणा की। सीएम योगी ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को 10,000 रुपये का बोनस भी दिया जाएगा। 1 अप्रैल से हर सफाई कर्मचारी को 16,000 रुपये महीना वेतन मिलेगा। साथ ही, सीएम योगी ने सफाई कर्मचारियों को 5,00,000 रुपये की स्वास्थ्य बीमा का भी ऐलान किया। वर्तमान समय में यूपी में संविदा पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को 14 हजार रुपये मासिक सैलरी मिलती है। इस प्रकार इसमें दो हजार रुपये का इजाफा सरकार की ओर से किया गया है। संगम तट पर इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने गंगा की आरती की। इसके बाद विशेष सफाई अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सफाई कर्मियों के साथ भोजन किया। महाकुंभ मेले के दौरान सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने वाले स्वच्छता कर्मियों और लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने वाले मेडिकल कर्मचारियों को सम्मानित किया। सीएम योगी ने इस मौके पर कहा कि हर किसी के सहयोग से यह महाकुंभ मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। सीएम योगी ने किया ऐलान सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज महाकुंभ में काम कर रहे स्वच्छताकर्मियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने सफाईकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों को उपहार के साथ ही स्वच्छ कुंभ कोष से बीमा प्रमाण पत्र प्रदान किया। साथ ही, मंच से ऐलान किया कि जो भी स्वच्छताकर्मी और स्वास्थ्यकर्मी महाकुंभ के महाआयोजन में सहभागी बने, उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त बोनस के रूप में 10 हजार रुपए की धनराशि प्रदान की जाएगी। सीएम योगी ने यह भी ऐलान किया कि अप्रैल से प्रदेश सरकार एक कॉर्पोरेशन का गठन करने जा रही है। इसके माध्यम से हर स्वच्छताकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी और उन सभी कर्मियों को जिन्हें मिनिमम वेज नहीं मिल पाता था, उन्हें सरकार 16 हजार रुपए प्रतिमाह प्रदान करेगी। यह धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में भेजी जाएगी। इसके साथ ही सीएम ने यह भी कहा कि हर स्वच्छताकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी को आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा से भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के साथ ही स्वच्छताकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कार्यक्रम स्थल गूंज गया। वेलफेयर के लिए करते रहेंगे काम सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित भव्य और दिव्य महाकुंभ के आयोजन के बाद आज आप सभी का अभिनंदन करने के लिए पूरी प्रदेश सरकार आपके बीच है। इस आयोजन को भव्य और दिव्य बनाने में स्वच्छता और स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष योगदान है। हमारी सरकार आपसे वादा करती है कि आपके वेलफेयर के लिए हम आगे भी लगातार काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि टीम भावना के साथ जब कोई कार्य होता है तो उसके परिणाम ऐसे ही होते हैं। जैसा प्रयागराज महाकुंभ में आज हमको देखने को मिल रहे हैं। आज आप सबने साबित कर दिया कि अगर थोड़ी भी इच्छा शक्ति हो और सही सपोर्ट मिले तो परिणाम कुछ भी लाया जा सकता है। सीएम योगी ने सभी स्वच्छताकर्मियों से अपील की कि स्वच्छता कार्यक्रम को अब नए सिरे से प्रस्तुत करना है। स्वच्छता का विशेष अभियान चलाना होगा। आज हमने इसकी शुरुआत की है। अब सभी अधिकारी, कर्मचारी भी इस अभियान में जुटें। मां गंगा के प्रति हमारी कृतज्ञता ज्ञापित होनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि आपको सम्मानित करते हुए और आपके साथ सहभोज में हिस्सा बनते हुए हमारा मंत्रिमंडल अभिभूत है। स्मार्ट सिटी के रूप में चमक रहा प्रयागराज सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 13 दिसंबर को प्रयागराज महाकुंभ के शुभारंभ के लिए यहां आए थे। उससे पहले भी और उस दौरान भी उन्होंने बहुत मार्गदर्शन दिया। भारत सरकार के सभी अधिकारी, सभी मंत्रालय इस आयोजन को यूपी सरकार के साथ मिलकर सफलता की नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए जुटे थे। हर विभाग में अपने स्तर पर इस आयोजन में भरपूर सहयोग किया। इसमें आर्थिक रूप से भी सहयोग करते हुए प्रयागराज के कायाकल्प को सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि आज महाकुंभ के बहाने प्रयागराज शहर एक स्मार्ट सिटी के रूप में चमक रहा है। आतिथ्य का उत्कृष्ट उदाहरण किया पेश सीएम योगी ने कहा कि जो भी प्रयागराज आया उसने दो बातों की सराहना जरूर की। एक स्वच्छता और स्वच्छता कर्मियों की। दूसरी पुलिस के व्यवहार की। ऐसे लगता था जैसे यह सबका अपना आयोजन हो। पूरा परिवार मिलकर कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा हो। यही नहीं, प्रयागराज वासियों ने भी इसे अपने घर का आयोजन बना लिया। जगह-जगह पर लंगर लगाए, अतिथियों का अभिवादन किया। अपनी परेशानी को भूल कर वे इस आयोजन का हिस्सा बने। सीएम ने कहा कि जिस शहर में 25 से 30 लाख लोग रहते हैं, वहां अचानक 7-8 करोड़ लोग आ जाएंगे तो क्या स्थिति होती होगी? जिस घर में पांच सदस्य रहते हैं। अचानक 10 लोग आ जाएं तो हालत खराब हो जाती है। यहां तो 20-20 गुना लोग आ रहे थे, लेकिन प्रयागराज वासियों ने पूरे धैर्य के साथ, खुशी के साथ इसे अपना आयोजन बना दिया। सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज से प्रेरित होकर पूरे प्रदेश ने इसमें अपना योगदान किया। जिस मार्ग से तीर्थयात्री और श्रद्धालु, पूज्य संत गए, उनके अभिनंदन और स्वागत के लिए प्रदेशवासी वहां नजर आए। प्रदेशवासियों ने आतिथ्य का जो उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है, उसके लिए उनका हृदय से अभिनंदन करता हूं। आध्यात्मिक टूरिज्म का मार्ग प्रशस्त सीएम योगी ने प्रदेश में टूरिज्म की नई संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि महाकुंभ ने उत्तर प्रदेश के अंदर आध्यात्मिक टूरिज्म के कई सर्किट प्रस्तुत किए हैं। एक प्रयागराज से मां विंध्यवासिनी का धाम होते हुए काशी का सर्किट बना। जिस प्रकार प्रयागराज में करोड़ों की संख्या में लोग जुटे थे, उसी तरह मां विंध्यवासिनी धाम में इस दौरान प्रतिदिन 5 से लेकर 7 लाख तक लोग जुटे। इसी तरह, काशी में बाबा विश्वनाथ धाम में 10 से लेकर 15 लाख श्रद्धालु एक दिन में रहते थे। एक और सर्किट बना अयोध्या धाम और गोरखपुर का। सीएम ने … Read more

संगम स्‍नान को ध्‍यान में रखते रेलवे ने स्‍पेशल प्‍लान बनाया, रेल मंत्री वैष्‍णव प्रयागराज पहुंचे हैं और भीड़ का जायजा लिया

प्रयागराज  प्रयागराज में डेढ़ माह से चल रहा महाकुंभ भले ही खत्‍म हो गया हो लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे अभी स्‍पेशल ट्रेनों को बंद नहीं करेगा. पूर्व निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ये ट्रेनें चलती रहेंगी. संगम स्‍नान को ध्‍यान में रखते रेलवे ने स्‍पेशल प्‍लान बनाया है. वहीं आज स्‍वयं रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव प्रयागराज पहुंचे हैं और भीड़ का जायजा लिया है. विश्‍व का सबसे बड़ा पर्व महाकुंभ शिवरात्रि को समाप्‍त हो गया है. लेकिन यहां पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला अभी भी जारी है. आज भी संगम तट तक खासी भीड़ देखी जा रही है. इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी आने वाले कुछ दिनों तक इसी तरह श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहेगा. क्‍योंकि तमाम श्रद्धालु महाकुंभ के दौरान भीड़ की वजह से नहीं पहुंच पाए होंगे, वो अब जरूर जाएंगे. रेलमंत्री पहुंचे प्रयागराज महाकुंभ के सफल आयोजन में जुटे रेल कर्मियों को आभार व्‍यक्‍त करने के लिए आज रेल मंत्री महाकुंभ पहुंचे. उन्‍होंने बताया कि इस मेले की तैयारी ढाई साल पहले से शुरू कर दी गयी है. श्रद्धालुओं को सुविधाजनक सफर कराने के लिए प्रयागराज में कई फ्लाईओवर और गंगा में पुल समेत कई अन्‍य निर्माण कार्य कराए गए हैं. इस दौरान वहां भीड़ का जायजा लिया. जानें भारतीय रेलवे का ‘स्‍पेशल प्‍लान’ रेलवे मंत्रालय के डायरेक्टर इनफॉरमेशन एंड पब्लिसिटी शिवाजी मारुति सुतार ने बताया कि महाकुंभ के लिए स्‍पेशल ट्रेनों को एक साथ नहीं बंद किया जाएगा. इसके लिए रेलवे की टीम लगातार मोनिटर कर रही है कि महाकुंभ के बाद प्रयागराज के लिए टिकटों की बिक्री कितनी हो रही है या फिर प्रयागराज की ओर जाने वाली ट्रेनों में सामान्‍य दिनों के मुकाबले अधिक भीड़ है क्‍या, इनका आंकलन करने के बाद ट्रेनों को चलाने और बंद करने का फैसला किया जाएगा. यानी अगर आपने महाकुंभ के दौरान भीड़ और ट्रेन में रिजर्वेशन न मिलने की वजह से स्‍नान नहीं किया है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. विभिन्‍न शहरों से चलाई जा रही स्‍पेशल ट्रेनों से प्रयागराज पहुंचकर स्‍नान कर सकते हैं. चार गुना अधिक चलाई गयीं ट्रेनें भारतीय रेलवे ने पिछले महाकुंभ में 4000 ट्रेनें चलाई थीं, वहीं, इस बार रेलवे की प्‍लानिंग 13000 ट्रेनों की चलाने की थी, लेकिन भीड़ को देखते हुए 16000 के करीब ट्रेनें चलाई गयी हैं. इन ट्रेनों से साढ़े चार से पांच करोड़ श्रद्धालुओं ने सफर किया है.

सीएम योगी ने महाकुंभ के आयोजन का श्रेय पीएम मोदी को दिया, CM योगी ने सफाई कर्मियों संग किया संवाद

 प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन को सफल बताते हुए। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया और कहा कि इस महाआयोजन ने सकल विश्व को ‘सभी जन एक हैं’ का अमृत संदेश दिया है। सीएम योगी ने गुरुवार को प्रयागराज के अरैल घाट पर स्वच्छता अभियान कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने घाट की साफ-सफाई की। उनके साथ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। सफाई अभियान में शामिल हुए CM योगी     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सफाई कर्मियों संग संवाद किया।     अरैल घाट पर सफाई अभियान में भाग लेकर सफाई का संदेश दिया। प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जताया आभार सीएम योगी ने एक्स पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा:     “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन प्रेरणादायी रहा।”     “महाकुंभ 2025 एकता, समता और समरसता का महायज्ञ साबित हुआ।”     “सुरक्षा, स्वच्छता और सुव्यवस्था के नए मानक स्थापित किए गए।”     “66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई।” महाकुंभ 2025 का यह ऐतिहासिक आयोजन पूरी दुनिया के लिए भारत की आस्था, संस्कृति और व्यवस्थागत दक्षता का एक जीवंत प्रमाण बनकर सामने आया। सीएम योगी ने एक्स पर कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी, यह आपके यशस्वी मार्गदर्शन का ही सुफल है कि ‘एकता, समता, समरसता का महायज्ञ’ महाकुम्भ-2025, प्रयागराज भव्यता-दिव्यता के साथ सुरक्षा-स्वच्छता-सुव्यवस्था के नवीन मानक गढ़कर आज संपन्न हो गया है। विगत 45 पुण्य दिवसों में पूज्य साधु-संतों समेत 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पावन त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाकर कृतार्थ हुए हैं। सकल विश्व को ‘सभी जन एक हैं’ का अमृत संदेश देने वाला यह मानवता का महोत्सव ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के पुण्य भाव के साथ संपूर्ण विश्व को एकता के सूत्र में पिरो रहा है। आपका मार्गदर्शन एवं शुभेच्छाएं हम सभी को सदैव नई ऊर्जा प्रदान करती हैं, हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी! हर हर-गंगे, भगवान बेनी माधव की जय! 15000 सफाईकर्मियों ने दिया योगदान महाकुंभ अपनी स्वच्छता को लेकर भी चर्चा में रहा जिसमें स्वच्छता कर्मियों की अहम भूमिका रही। महाकुंभ मेले में स्वच्छता प्रभारी डाक्टर आनंद सिंह ने बताया कि पूरे मेले में 15,000 स्वच्छता कर्मी चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात रहे। कई पालियों में उन्होंने साफ सफाई की जिम्मेदारी बखूबी निभाई और मेले में शौचालयों और घाटों को पूरी तरह से साफ रखा। सभी ने उनके कार्यों की सराहना की। महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की घटना से इसकी छवि थोड़ी धूमिल हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर इस घटना का कोई खास असर नहीं पड़ा और लोगों का आगमन अनवरत जारी रहा। भगदड़ में 30 लोगों की मृत्यु हो गई थी। बड़ी हस्तियों ने लगाई डुबकी महाकुंभ मेले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, फिल्मी सितारों और खेल जगत, उद्योग जगत की हस्तियों तक ने संगम में डुबकी लगाई और प्रदेश सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। इस महाकुंभ में नदियों के संगम के साथ ही प्राचीनता और आधुनिकता का भी संगम देखने को मिला जिसमें एआई से युक्त कैमरों, एंटी ड्रोन जैसी कई अत्याधुनिक प्रणालियों का उपयोग किया गया और मेला पुलिस को इन प्रणालियों का प्रशिक्षण दिया गया। हालांकि, यह मेला कई विवादों को लेकर भी चर्चा में रहा। जैसे, फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर बनना और उनको लेकर विवाद खड़ा होना। इसके अलावा, गंगा जल की शुद्धता को लेकर राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एनपीसीबी) की रिपोर्ट और फिर उस पर सरकार के हवाले से कई वैज्ञानिकों द्वारा गंगा जल की शुद्धता की पुष्टि करना भी चर्चा में रहा। यूपी में बनाया गया 76वां जिला हिंदुओं की मान्यता है कि ग्रह नक्षत्रों के विशेष संयोग से कुंभ और महाकुंभ में गंगा और संगम में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। परमार्थ निकेतन आश्रम, ऋषिकेश के प्रमुख चिदानंद सरस्वती के अनुसार गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त शुरू होने के साथ मेला समाप्त हुआ। इस मेले के लिए एक नया जिला-महाकुंभ नगर अधिसूचित किया गया और मेला संचालन के लिए जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस और प्रशासन की नियुक्ति की गई। यह प्रदेश का 76वां अस्थायी जिला है। महाकुंभ मेले में सभी 13 अखाड़ों ने तीन प्रमुख पर्वों- मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी पर अमृत स्नान किया। हालांकि, मौनी अमावस्या पर भगदड़ की घटना के बाद अखाड़ों का अमृत स्नान अधर में लटक गया था, लेकिन अंततः अखाड़ों के साधु संतों ने अमृत स्नान किया और बसंत पंचमी स्नान के साथ वे मेला से विदा हो गए। विपक्ष के आरोप मौनी अमावस्या को हुए हादसे को लेकर नेताओं ने सरकार पर निशाना साधना शुरू किया जिसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महाकुंभ को ‘मृत्युकुंभ’ करार दिया। हालांकि, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसका तगड़ा जवाब दिया। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर भगदड़ में मृतकों की संख्या छिपाने का आरोप लगाया। सपा समेत विपक्षी दलों ने श्रद्धालुओं की संख्या पर भी सवाल खड़ा किया, लेकिन सरकार ने 1,800 एआई कैमरों समेत 3,000 से अधिक कैमरों, ड्रोन और 60,000 कर्मचारियों के हवाले से श्रद्धालुओं की सही संख्या बताने की बात कही। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘श्रद्धालुओं की संख्या का मिलान करने के लिए एआई कैमरों के साथ ही हम रोडवेज, रेलवे और हवाईअड्डे के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहे।’’ विदेशी हस्तियां भी हुईं शामिल महाकुंभ मेले में अग्निशमन विभाग ने आग की घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाई और आग लगने की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई किए जाने से जनहानि की एक भी सूचना नहीं आई। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 37,000 पुलिसकर्मी, 14,000 होमगार्ड के जवान तैनात रहे। इसके अलावा, तीन जल पुलिस थाने, 18 जल पुलिस कंट्रोल रूम और 50 ‘वाच टावर’ स्थापित किए गए थे। महाकुंभ में आने वाले अति विशिष्ट लोगों में भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, उद्योगपति मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी, एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल, ब्रिटेन के रॉक बैंड कोल्डप्ले के क्रिस मार्टिन प्रमुख रूप से शामिल थे। 45 दिन में 10 बार महाकुंभ पहुंचे योगी सोशल मीडिया के चर्चित चेहरों में हर्षा रिछारिया, माला बेचने वाली युवती मोनालिसा भोसले और ‘आईआईटी बाबा’ के नाम … Read more

बजट में दिव्यांगजन कल्याण के लिए 1,424 करोड़ रुपए का खजाना खोला, हर दिव्यांग बन रहे आत्मनिर्भर: योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 2025-26 के बजट में दिव्यांगजन कल्याण के लिए 1,424 करोड़ रुपए की बड़ी राशि प्रस्तावित की है। यह प्रावधान न केवल उनकी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दिव्यांगजन अक्सर आर्थिक अस्थिरता के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करते हैं। उनकी इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने भरण-पोषण अनुदान योजना के तहत 1,424 करोड़ रुपए की व्यवस्था की है। इस योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि वे अपने जीवनयापन के लिए किसी पर निर्भर न रहें। दिव्यांगजन की जीवनशैली को सरल और सुगम बनाने के लिए सरकार ने 35 करोड़ रुपए का बजट कृत्रिम श्रवण सहायक यंत्र, व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल और अन्य सहायक उपकरणों के लिए प्रस्तावित किया है। यह पहल उन्हें शारीरिक रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगी। तकनीक की सहायता से दिव्यांगजन अब नए अवसरों की ओर बढ़ सकेंगे। स्वास्थ्य सेवाएं हर नागरिक का अधिकार हैं, लेकिन आर्थिक समस्याओं के कारण दिव्यांगजन अक्सर उचित इलाज से वंचित रह जाते हैं। इस समस्या को हल करने के लिए योगी सरकार ने 10 करोड़ रुपए की राशि असहाय दिव्यांग व्यक्तियों के इलाज हेतु अनुदान योजना के लिए तय की है। इस अनुदान से दिव्यांगजन को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी, जिससे उनका जीवन सुगम होगा। इसके अलावा दिव्यांग बच्चों की देखभाल और शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने प्रदेश के 18 मंडलों में ‘बचपन डे केयर सेंटर’ स्थापित किए हैं। इन केंद्रों में 3 से 7 वर्ष के श्रवणबाधित, मानसिक मंदित और दृष्टि बाधित बच्चों के लिए विशेष शिक्षा और देखभाल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना से दिव्यांग बच्चों को सही मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे वे समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकेंगे। योगी सरकार की यह पहल न केवल दिव्यांगजनों को सहायता प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए प्रेरित भी करेगी। सीएम योगी का मानना है कि विकास का असली अर्थ तभी है, जब समाज के सबसे कमजोर वर्ग की जरूरतें पूरी हो और उन्हें उनका अधिकार मिले। सीएम योगी की अगुवाई में मनरेगा योजना को इस तरह से लागू किया गया है कि दिव्यांगजन भी इसके माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री का यह प्रयास प्रदेश के समग्र विकास और समाज के सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मनरेगा योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों को उनकी योग्यता, क्षमता और कार्यकुशलता के अनुसार रोजगार प्रदान किया जा रहा है। समाज के इस वर्ग को भी आजीविका का समान अधिकार मिले, इसके लिए सीएम योगी प्रयासरत हैं। इसी के मद्देनजर वर्ष 2017-18 से लेकर अब तक 1.24 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को रोजगार देकर उनकी आजीविका को सशक्त बनाया गया है। इन दिव्यांगजनों के माध्यम से अब तक 44.64 लाख मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। मनरेगा योजना के अंतर्गत जरूरतमंद श्रमिकों को उनकी मांग के अनुसार 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। दिव्यांगजनों को उनकी जरूरतों और क्षमता के आधार पर कार्य सौंपा जा रहा है। यह योजना न केवल रोजगार प्रदान कर रही है, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता को भी बढ़ावा दे रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराने में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। इस वर्ष 50,201 पंजीकृत दिव्यांग जॉब कार्ड धारकों में से 23,262 दिव्यांगजनों को मनरेगा योजना के तहत रोजगार प्रदान किया गया है। इसके साथ ही, अब तक 8.28 लाख मानव दिवस सृजित किए गए हैं। बीते वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2017-18 में 11,332, 2018-19 में 10,993, 2019-20 में 10,699, 2020-21 में 17,400, 2021-22 में 14,065, 2022-23 में 13,948 और 2023-24 में 22,630 दिव्यांगजनों को रोजगार प्रदान किया गया। वर्तमान वर्ष में यह आंकड़ा 23,262 तक पहुंच चुका है।

BJP नेता संगीत सोम का महाकुंभ को लेकर बड़ा बयान, अखिलेश और ममता बनर्जी को लेकर कही ये बात

प्रयागराज BJP नेता संगीत सोम का महाकुंभ को लेकर बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने सीएम योगी के गिद्ध वाले बयान को लेकर कहा, सीएम योगी के बयान से मैं 100 प्रतिशत सहमत हूं. आज भी बाबर और औरंगजेब की औलाद कुछ खराब ही ढूंढेंगे. अखिलेश यादव और ममता जैसे लोग टिप्पणी करने का काम कर रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी ने कहा, जिसने जो तलाशा उन्हें वो मिला. जिसने सुअर तलाशा, उसे सुअर मिला. जिसने धर्म तलाशा, उसे धर्म मिला. महाकुंभ में 65 करोड़ लोगों ने डुबकी लगाई है. दुनिया में इतना बड़ा आय़ोजन इतने अच्छे से और इतने प्यार से संपन्न हो जाए, ये संभव नहीं था. वहीं फराह खान को लेकर कहा कि ये वो लोग हैं, जो रहते भारत में हैं, लेकिन प्रेम पाकिस्तान जैसो देश से है. उन्हें चले जाना चाहिए, ऐसे लोगों का देश में कोई काम नहीं है. देश के 140 करोड़ सनातनियों ने ठान लिया है कि देश में इस तरह के लोग रह भी नहीं सकते. अब तक 64 करोड़ श्रद्धालु लगा चुके हैं डुबकी बता दें कि अब तक महाकुंभ में 64 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं. इस पावन तीर्थ में अब तक कई हस्तियां शामिल हो चुकी हैं. कुंभ में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ (मंत्रिमंडल समेत) डुबकी लगा चुके हैं. इसके अलावा 73 देशों के प्रतिनिधिमंडल, भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, उत्तराखंड के राज्यपाल, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, मंत्रिमंडल, सांसद, विधायक, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी, मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव, उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी, मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन मांझी, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल, श्रीपद नाइक, बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी और राज्य सभा सांसद सुधा मूर्ति भी संगम स्नान कर चुके हैं.

महाशिवरात्रि पर अंतिम महास्नान पर उमड़ा भक्तों का सैलाब, दो बजे तक 132 लाख श्रद्धालुओं ने किया स्नान

प्रयागराज महाकुंभ में महाशिवरात्रि के आखिरी स्नान पर्व पर स्नानार्थियों की जबरदस्त भीड़ है। सुबह 6:00 बजे तक ही 40 लाख से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं। अब तक 65 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु डुबकी लगा चुके हैं। महाकुंभ: आज शाम चार बजे तक 1.32 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में डुबकी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ में महाशिवरात्रि के अवसर पर दोपहर दो बजे तक 1.32 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई है। प्रयागराज में परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि सच कहूं तो मैं वापस नहीं जाना चाहता हूं। हमने संगम पर सनातन के एक साथ आने की एक झलक देखी। मैं यहां आए सभी लोगों को नमन करता हूं- कैसी भक्ति! कैसी आस्था!… मैं सीएम योगी आदित्यनाथ और पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा की गई कड़ी मेहनत की भी सराहना करता हूं। तमाम राजनीति और नकारात्मकता के बावजूद 65 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। लोग अभी भी आ रहे हैं। मैं अपनी पूरी टीम के साथ संगम की सफाई में मदद करने के लिए दो दिन और रुकूगा। हम अपनी नदियों और जलधाराओं की सफाई सुनिश्चित करने और पर्यावरण की स्वच्छता सुनिश्चित करने का संदेश देंगे। प्रयागराज के बाद दिल्ली भी सज गई है। अब समय आ गया है कि हम यमुना में डुबकी लगाएं। ‘सबने की तैयारी है, अब यमुना की बारी है’। आज महाकुंभ का हो रहा समापन महाकुंभ 2025 का हिस्सा बनने के लिए त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है। पौष पूर्णिमा 13 जनवरी से शुरू हुआ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समागम आज संपन्न हो रहा है।   प्रयागराज के महाकुंभ क्षेत्र में नौ गश्ती दल ड्यूटी पर प्रयागराज के एडिशनल एसपी श्वेताभ पांडे ने कहा कि आज महाकुंभ का अंतिम ‘स्नान पर्व’ है। पुलिस द्वारा नावों पर गश्त की जा रही है। जिन लोगों ने नावों पर बेल्ट नहीं लगाई है, उन्हें सतर्क किया जा रहा है। अगर कोई नाव अवैध रूप से चल रही है, तो उसे पकड़ा जा रहा है। मोटरबोट और किसी भी तरह की इंजन से चलने वाली नावों का संचालन आज नहीं किया जा रहा है। आज नियमित नावें चल रही हैं। नौ गश्ती दल ड्यूटी पर हैं, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। कल रात से गश्त शुरू हुई। व्यापक गश्त की जा रही है। यह तब तक जारी रहेगी, जब तक यहां भीड़ नहीं छंट जाती। अंतिम दिन पुलिस दे रही गश्त उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आज मेले के अंतिम दिन महाकुंभ क्षेत्र में पुलिस द्वारा नाव से गश्त की जा रही है।

प्रयागराज महाकुंभ 2025 मानव इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन, इससे पहले ऐसी सहभागिता का प्रमाण नहीं

महाकुम्भनगर  तीर्थराज प्रयागराज की धरती पर बीते 13 जनवरी से आयोजित हो रहे महाकुंभ मेला ने बुधवार को महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व पर 65 करोड़ का आंकड़ा पारकर इतिहास रच दिया। महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व पर सुबह 8 बजे तक ही लाखों लोगों ने स्नान कर इस महारिकॉर्ड को स्थापित कर इस महाकुम्भ को संख्या के लिहाज से इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया। दावा किया जा रहा है कि कुंभ ही नहीं, दुनिया के किसी भी आयोजन में आज तक एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोग नहीं जुटे हैं, जितने 45 दिनों के अंदर प्रयागराज में बनाए गए एक अस्थायी शहर में जुट गए। यह संख्या कई देशों की आबादी से भी कई गुना अधिक है। अब तक 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में सनातन आस्था की पावन डुबकी लगाई है। कई देशों की आबादी से ज्यादा लोग कर गए स्नान 65 करोड़ श्रद्धालुओं के किसी एक स्थान पर जुटने का इतिहास में और कोई उदाहरण नहीं दिखाई देता। सनातन के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था, दृढ़ निश्चय और विश्वास का ही यह फल है कि संगम तट पर इतना विशाल जनसमूह 45 दिनों में एकत्र हो गया। यदि इस संख्या की दुनिया भर के देशों की आबादी से तुलना की जाए तो कई देशों की आबादी इसमें समा जाएगी। उदाहरण के तौर पर अमेरिका की दोगुनी से ज्यादा, पाकिस्तान की ढाई गुना से अधिक और रूस की चार गुनी से ज्यादा आबादी के बराबर श्रद्धालु यहां अब तक आ चुके हैं। यही नहीं, जापान की 5 गुनी आबादी, यूके की 10 गुनी से ज्यादा आबादी और फ्रांस की 15 गुनी से ज्यादा आबादी ने यहां आकर त्रिवेणी संगम में पावन डुबकी लगा ली है। देश की लगभग आधी आबादी ने लगाई डुबकी तीर्थराज प्रयागराज में आयोजित इस महाकुम्भ में संख्या के लिहाज से भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में सनातन धर्म को मानने वाले करोड़ों श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। यदि देश की कुल जनसंख्या से स्नानार्थियों की तुलना की जाए तो इसके अनुसार भी लगभग 50 प्रतिशत भारत ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा ली है। वहीं अगर सनातन धर्मावलंबियों की बात करें तो देश के 60 प्रतिशत से ज्यादा और दुनिया के करीब 55 प्रतिशत सनातनी श्रद्धालुओं ने पावन स्नान कर लिया है। 45 दिन तक चले इस आयोजन में श्रद्धा की डुबकी लगाने के लिए दुनिया भर से श्रद्धालु जुटे हैं। 73 देशों के राजनयिकों के साथ भूटान नरेश नामग्याल वांगचुक समेत तमाम देशों के अतिथि यहां अमृत स्नान करने पहुंचे। यही नहीं, मां जानकी के मायके नेपाल के 50 लाख से अधिक लोग अब तक त्रिवेणी के पवित्र जल में स्नान कर महाकुम्भ के साक्षी बन चुके हैं। इसके अलावा इटली, फ्रांस, यूके, पुर्तगाल, अमेरिका, इजराइल, ईरान, मॉरीसस समेत दुनिया के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं। सीएम योगी की उम्मीदों के पार पहुंचा श्रद्धालुओं का आंकड़ा मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य मां सरस्वती के पवित्र संगम में श्रद्धा और आस्था से ओत-प्रोत साधु-संतों, श्रद्धालुओं, स्नानार्थियों और गृहस्थों का स्नान अब उस शिखर के भी पार पहुंच गया है, जिसकी महाकुम्भ से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उम्मीद जताई थी। सीएम योगी ने अनुमान जताया था कि इस बार जो भव्य और दिव्य महाकुम्भ का आयोजन हो रहा है, वह स्नानार्थियों की संख्या का नया रिकॉर्ड स्थापित करेगा। उन्होंने शुरुआत में ही 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई थी। हालांकि, श्रद्धालुओं की संख्या सीएम योगी के अनुमान से भी आगे निकल गई। बीती 11 फरवरी को ही 45 करोड़ श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार हो गया, जबकि 22 फरवरी को यह संख्या 60 करोड़ से भी ऊपर पहुंच गई। महाशिवरात्रि पर 65 करोड़ की संख्या पारकर इसने नया कीर्तिमान बना दिया।

महाशिवरात्रि के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के कंट्रोल रूम में सीएम योगी, सुबह से देख रहे व्‍यवस्‍थाओं की निगरानी

उत्तर प्रदेश महाकुंभ 2025 में बड़ी संख्‍या में श्रद्धालुओं के प्रयागराज पहुंचने का सिलसिला जारी है। वाराणसी में काशी विश्‍वनाथ मंदिर, अयोध्‍या और अन्‍य शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी है। इस बीच मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ भोर से व्‍यवस्‍थाओं पर निगरानी रखे हुए हैं। गोरखनाथ मंदिर में सीएम कार्यालय में लगे मॉनिटरों पर सुबह से व्‍यवस्‍थाओं को सीएम योगी देख रहे हैं। महाकुंभ में हुए सभी अमृत स्नानों और स्नान पर्वों की तरह सीएम योगी आदित्‍यनाथ बुधवार को महाशिवरात्रि के मौके पर भी तड़के 4 बजे से ही व्यवस्थाओं को देखने के लिए कंट्रोल रूम पहुंच गए थे। गोरखपुर प्रवास के चलते उनके लिए गोरखनाथ मंदिर में ही कंट्रोल रूम स्थापित किया गया, जहां वह स्नान पर्व पर पल-पल की मॉनीटरिंग करते नजर आए। टीवी पर उन्होंने श्रद्धालुओं के स्नान की एक-एक फीड को लाइव देखा और कंट्रोल रूम से ही आला अधिकारियों को निर्देशित किया। सीएम योगी के निर्देश पर समस्त आला अधिकारी भी मुस्तैद नजर आए और सुबह से ही उन्होंने भी मोर्चा संभाल लिया। इससे पूर्व सीएम योगी ने बसंत पंचमी और माघ पूर्णिमा अमृत स्नान के अवसर पर भी प्रातः से वॉर रूम में अधिकारियों के साथ बैठक की थी और मॉनिटरिंग करते रहे थे। कंट्रोल रूम में मुख्यमंत्री की सक्रिय निगरानी महाशिवरात्रि अमृत स्नान के साथ ही बुधवार को महाकुम्भ 2025 का समापन होना है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने महाशिवरात्रि स्नान पर्व के इस महत्वपूर्ण आयोजन की सुरक्षा और व्यवस्था के संदर्भ में पूरी स्थिति का जायजा लिया। गोरखपुर में वह सुबह से ही गोरखनाथ मंदिर स्थित कंट्रोल रूम में पहुंच गए और टीवी पर स्नान पर्व की लाइव फीड पर मॉनीटरिंग करते रहे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई भी असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। वह टीवी पर महाकुम्भ नगर समेत समस्त प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भीड़, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और सुविधाओं की लाइव फीड देखते रहे। अधिकारियों को दिए निर्देश योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समस्त घाटों पर पूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें और श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करें। साथ ही, उन्होंने आस्था के इस महान पर्व पर प्रशासन की तत्परता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को बिना किसी समस्या के त्रिवेणी संगम में स्नान का लाभ मिल सके।

46 साल बाद महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर संभल मंदिर में लगा भक्तों का ताता, हुआ जलाभिषेक

संभल महाशिवरात्रि पर शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. यूपी के संभल जिले में स्थित कार्तिकेय महादेव मंदिर में भी भक्तों की भीड़ उमड़ी है. दूर-दूर से लोग दर्शन-पूजन और जलाभिषेक के लिए यहां आ रहे हैं. ये मंदिर 46 साल से बंद था, जिसे कुछ महीने पहले ही पुलिस-प्रशासन ने खुलवाया था. कार्तिकेय महादेव मंदिर संभल के मुस्लिम बहुल खग्गू सराय इलाके में है. दरअसल, ये मंदिर 1978 से बंद था, तब यहां हिंदू आबादी काफी रहा करती थी. मगर 1978 में हुए दंगे के बाद मंदिर के आसपास रहने वाले हिंदू लोग पलायन कर गए. लेकिन योगी सरकार में प्रशासन की मुस्तैदी के चलते संभल के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में जितने भी मंदिर, कुएं, बावड़ी आदि थे उन्हें फिर से संरक्षित और पुनर्जीवित किया जा रहा है.    इसी बीच खग्गू सराय के इस मंदिर को भी कब्जा मुक्त कराया गया. अब महाशिवरात्रि के मौके पर कार्तिकेय महादेव मंदिर पर जलाभिषेक हो रहा है. लोगों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है. बृजघाट से कावड़ लेकर आए कांवड़ियों ने भी जलाभिषेक किया. मंदिर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर इंस्पेक्टर एवं महिला एसआई सहित पीएसी बल को तैनात किया गया है.  बीते दिन जिला मजिस्ट्रेट राजेंद्र पेंसिया ने कहा था कि खग्गू सराय के कार्तिकेय महादेव मंदिर, वेरानी शिव मंदिर और सादातबाड़ी शिव मंदिर में बड़ी भीड़ उमड़ने की संभावना है. ऐसे में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और गश्त जारी है. बकौल जिला मजिस्ट्रेट- महाशिवरात्रि के दिन और अगली सुबह मेडिकल टीमें मंदिर परिसर में तैनात हैं. इसके अलावा, श्रद्धालुओं की किसी भी समस्या के समाधान के लिए एक सामान्य नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है. मालूम हो कि श्री कार्तिकेय महादेव मंदिर, जिस भस्म शंकर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, को पिछले साल 13 दिसंबर को फिर से खोल दिया गया था. अधिकारियों ने कहा था कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान उन्हें यह ढका हुआ ढांचा मिला था. मंदिर में भगवान हनुमान की मूर्ति और शिवलिंग था. यह सन 1978 से बंद था.

अब बाबा विश्वनाथ के दर्शन का मिलेगा 36 घंटे का समय, काशी में हर-हर महादेव के नारे गूंजेंगे, दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु

काशी काशी विश्वनाथ मंदिर में इस बार महाशिवरात्रि को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। बाबा विश्वनाथ के भक्तों के लिए इस बार 36 घंटे तक दर्शन का अवसर मिलेगा। मंदिर प्रशासन ने इसके लिए पूरी योजना तैयार कर ली है। महाशिवरात्रि के दिन सुबह मंगला आरती के बाद बाबा का दरबार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा और अगले दिन दोपहर में भोग आरती होगी। काशी में हर-हर महादेव के नारे गूंजेंगे। भारी संख्या में पहुंच रहे हैं श्रद्धालु महाशिवरात्रि से पहले ही काशी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सभी भक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए उत्सुक हैं। इस बार महाशिवरात्रि के दिन बाबा के दर्शन के लिए 36 घंटे का समय मिलेगा। महाशिवरात्रि के दिन सुबह साढ़े 3 बजे बाबा का दरबार खुल जाएगा। भगवान के दर्शन का समय महाशिवरात्रि के दिन 26 फरवरी को सुबह 3:15 बजे मंगला आरती समाप्त होगी, और इसके बाद बाबा का दरबार श्रद्धालुओं के लिए सुबह 3:30 बजे खोला जाएगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने महाशिवरात्रि के दिन पूजा और आरती के लिए एक समय सारणी जारी की है। रात में होने वाली चारों प्रहर की आरतियों के दौरान बाबा विश्वनाथ के दर्शन लगातार जारी रहेंगे। महाशिवरात्रि का पूरा शेड्यूल:- – मंगला आरती और पूजा: सुबह 2:15 बजे से शुरू होकर 3:15 बजे तक। – भोग आरती: सुबह 11:40 बजे से शुरू होकर 12:20 बजे तक। रात्रि में आरतियों का समय:- – प्रथम प्रहर: रात 9:30 बजे शंख बजेगा और पूजा की तैयारी होगी, आरती रात 10 बजे से शुरू होकर 12:30 बजे तक। – द्वितीय प्रहर: रात 1:30 बजे से 2:30 बजे तक। – तृतीय प्रहर: सुबह 3:30 बजे से 4:30 बजे तक। श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था के तहत काशी के प्रमुख स्थलों जैसे मैदागिन, गोदौलिया और दशाश्वमेध घाट पर तीन लेयर बैरिकेडिंग की गई है। मंदिर के अंदर भी मंदिर चौक से गर्भगृह तक जिक-जैक बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही जगह-जगह रास्ते की जानकारी देने के लिए बोर्ड लगाए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।  

UP में सुबह-सुबह बड़ा एनकाउंटर, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बदमाश जितेंद्र ढेर, एक लाख रुपए का था इनामी

मेरठ  STF नोएडा यूनिट और मेरठ पुलिस को उस वक्त बड़ी सफलता हाथ लगी जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बदमाश जीतू उर्फ जितेंद्र को एनकाउंटर में मार गिराया. मारा गया बदमाश जितेंद्र पर एक लाख का इनाम घोषित था. आजीवन कारावास की सजा पा चुका जितेंद्र पैरोल पर छूटने के बाद भाग गया था. गाजियाबाद पुलिस ने उस पर एक लाख का इनाम घोषित किया था. जानकरी के मुताबिक मेरठ के मुंडाली थाना क्षेत्र में रात करीब दो बजे यह मुठभेड़ हुई, जिसमें गोली लगने से जितेंद्र घायल हो गया. उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मारा गया बदमाश असौंदा सिवान, जिला झज्जर, हरियाणा का रहने वाला था. उसके ऊपर आठ मुकदमे दर्ज थे. बता दें कि 2016 में हुए दोहरे हत्याकांड में जीतू को आजीवन कारावास की सजा हुई थी. 2023 में पैरोल पर बाहर आने के बाद वह फरार हो गया था. तभी से पुलिस को जीतू की तलाश थी. गाजियाबाद पुलिस ने उस पर एक लाख का इनाम भी घोषित किया था. जीतेन्द्र जेल में रहने के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गैंग के संपर्क में आ गया और फरारी के बाद गैंग के सदस्यों के साथ काम करने लगा.  उपचार के दौरान घायल अभियुक्त जीतू उर्फ जितेंद्र की मृत्यु हो गई. आपराधिक इतिहास 1- केस नम्बर 333/16 us 379 A IPC , 25 Arms Act थाना सदर , बहादुर गढ़ झज्झर हरियाणा (दिनाक 29-8-18 को पांच साल की सजा कोर्ट से हुई) 2- केस नम्बर 609/16 us 398/401 ipc 25 Arms Act थाना सदर बहादुरगढ़ झज्झर हरियाणा 3- केस नम्बर 376/16 us 449/302/120B IPC 25 Arms Act थाना सदर बहादुरगढ़, झज्झर (दिनाक 3-2-18 को कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा हुई) 4- केस नम्बर 341/16 us 392/ 397/342/379 IPC 25 Arms Act थाना सदर , बहादुरगढ़ झज्झर हरियाणा (दिनांक 29-8-18 को कोर्ट से दस वर्ष की सजा हुई) 5- केस नम्बर 697/16 us 394/34 IPC , 25 Arms Act थाना सदर झज्झर 6- केस नम्बर 293/16 us 392/34 IPC थाना कंझवाला दिल्ली (वांछित) 7- केस नम्बर 394/16 us 382/24/411 IPC थाना विकासपुरी दिल्ली 8- केस नम्बर 611/23 us 147/148/149/302/34 IPC , थाना तिलामोड़ गाजियाबाद

महाकुंभ में व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे CM योगी, श्रद्धालुओं पर की गई पुष्प वर्षा

प्रयागराज  उत्तर प्रदेश समेत देशभर में आज महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। प्रयागराज महाकुंभ मेला 2025 का समापन महाशिवरात्रि स्नान पर्व के साथ होने वाला है। महाशिवरात्रि स्नान पर्व को लेकर बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे हैं। मंगलवार रात से ही त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का भारी जुटान दिख रहा था। बुधवार अहले सुबह से ही श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगा रहे हैं। प्रयागराज में पहुंचे श्रद्धालुओं को देखते हुए मेला प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं। योगी सरकार की ओर से महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर संगम में स्नान कर रहे श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश की गई। मेला में व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रयागराज से वाराणसी तक श्रद्धालुओं के उफान और आस्थ के सैलाब। सुबह 11 बजे तक 85 लाख से अधिक ने लगाई पवित्र डुबकी सुबह 11 बजे तक, 85 लाख से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर लिया था। वे “हर हर गंगे, बम बम भोले, और जय श्री राम” के जयकारे लगा रहे थे। कुंभ मेला क्षेत्र दिव्य ऊर्जा से भर गया था। सीएम योगी ने किया रुद्राभिषेक महाशिवरात्रि के मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया। गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी पूरे विधि-विधान के साथ रुद्राभिषेक करते दिखे। इससे उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ में चल रहे आखिरी स्नान पर्व की स्थिति को लेकर अधिकारियों को निर्देश जारी किया। सुबह 8 बजे तक 60 लाख से अधिक स्नान महाकुंभ मेला के आखिरी दिन सुबह 8 बजे तक 60 लाख 14 हजार लोगों ने पवित्र त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई। लोगों का प्रयागराज पहुंचना लगातार जारी है। सरकार और प्रशासन की ओर से आंकड़ा दो करोड़ पार करने की उम्मीद है। 11 जनवरी को महाकुंभ मेला की शुरुआत के बाद से 25 फरवरी तक 64 करोड़ करोड़ 77 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई। महाशिवरात्रि स्नान पर्व की शुरुआत के साथ ही आंकड़ा 65 करोड़ पार कर गया है। काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं का इंतजार काशी विश्वनाथ मंदिर जाने वाले रास्ते बैरिकेड्स से घिरे हैं। इन रास्तों पर हजारों श्रद्धालु कतारों में खड़े हैं और मंदिर में प्रवेश का इंतजार कर रहे हैं। सभी 7 अखाड़ों के अपने मठों में 11 बजे तक लौटने के बाद ही श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश मिलेगा। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे ने महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान शिव और देवी शक्ति से सभी के लिए आशीर्वाद की कामना की। राहुल गांधी ने X पर अपनी शुभकामनाएं साझा करते हुए लिखा, “महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर सभी को हार्दिक बधाई। शिव शक्ति का आशीर्वाद आप सभी पर सदा बना रहे। हर हर महादेव।” खड़गे ने भी X पर अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए लिखा, “महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान महादेव का आशीर्वाद सभी पर बना रहे, और आपके जीवन में सुख, समृद्धि और प्रगति का वास हो। यही मेरी प्रार्थना है।” इसी बीच, जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने महाकुंभ के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि लगभग आधे भारत की आबादी ने इस आयोजन में भाग लिया। इससे दुनिया के सामने भारत की समृद्ध सभ्यता और संस्कृति की झलक दिखाई दी। महाकुंभ में लोगों की भागीदारी भारत की आध्यात्मिकता का प्रमाण है। यह आयोजन देश की एकता और विविधता को भी दर्शाता है। महाकुंभ जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति को जीवंत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस पर्व के माध्यम से लोगों को धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से जुड़ने का अवसर मिलता है। स्वामी जी ने महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन इसी प्रकार सफल रहेंगे। इससे भारतीय संस्कृति और परंपराओं का प्रचार-प्रसार होता रहेगा।

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