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यूपी में लागातार ठंड में गिरावट, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, बारिश होने की संभावना

उत्तर प्रदेश जनवरी खत्म होने के बाद से यूपी में लागातार ठंड में गिरावट देखी जा रही है। बदलते मौसम और धूम की चिलचिलाहट से लोग गर्मी महसूस कर रहे हैं। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि प्रदेश में अगले तीन दिनों तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। प्रदेश में तापमान बढ़ने से ठंड कम हो गई है। बीते कई दिनों से कंपकंपाने वाली ठंड महसूस नहीं की जा रही है, और दोपहर में धूप तेज हो रही है। मौसम विभाग से मिली जानकारी में कहा गया है कि आज से यानि सोमवार से मौसम आचानक से बदल सकता है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 3 फरवरी से 5 फरवरी के बीच बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।  पश्चिमी यूपी में 3 फरवरी से मौसम बदल सकता है। इस अवधि में कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि पूर्वी यूपी में मौसम शुष्क बना रहेगा। इसके अलावा, सुबह और देर रात के समय हल्का कोहरा छाने की संभावना भी जताई गई है। 4 फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी, जबकि पूर्वी यूपी के अधिकांश जिलों में आसमान साफ रहेगा। इसी तरह, 5 फरवरी को पश्चिमी यूपी में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि पूर्वी यूपी में मौसम सामान्य रहेगा। 6 से 8 तक साफ रहेगा मौसम अनुमान है कि 6, 7 और 8 फरवरी को उत्तर प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। लेकिन, सुबह और रात के समय हल्का कोहरा भी पड़ सकता है। तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे सुबह और रात में हल्की ठंड महसूस हो सकती है। प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। लखनऊ में 12.6℃ न्यूनतम और 29.2℃ अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। अयोध्या, नजीबाबाद और शाहजहांपुर में न्यूनतम तापमान 9℃ दर्ज किया गया, जबकि मेरठ, बहराइच और गोरखपुर में यह 9.8℃ रहा।

लखनऊ एयरपोर्ट पर बिजली ठप, मचा हाहाकार, लिफ्ट में फंसीं 2 क्रू मेम्बर

लखनऊ लखनऊ में अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बिजली सप्लाई ठप होने से हाहाकार की स्थिति हो गई। उस वक्त दो एयरलाइंस की क्रू मेम्बर लिफ्ट में रहीं। बिजली ठप होने से लिफ्ट बीच में ही फंस गई। टर्मिनल के डिपार्चर हॉल में लोग चेकइन नहीं कर पा रहे थे। बीप के आवाज के साथ कम्प्यूटर बंद हो गए। फ्लाइटों का टाइम जैसे-जैसे करीब आ रहा था यात्री आते जा रहे थे लेकिन चेकइन न होने से कतारें लग गईं। पावर सप्लाई 7:50 के करीब अचानक ठप हो गई। बैकअप की कोई व्यवस्था भी काम नहीं आई। ऐसे में 10 मिनट के भीतर ही समूचे एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई। एयरलाइंस की क्रू मेम्बर करीब 24 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रहीं। किसी तरह उनको बाहर निकाला गया। ऑटोमैटिक गेट चैनल काम नहीं कर रहे थे। एक तरफ यहां से उड़ान भरने को तैयार यात्रियों की लम्बी कतारें डिपार्चर हॉल में लगी हुई थीं। दूसरी ओर अराइवल में भी लम्बी कतारें थीं। दूसरे शहरों की उड़ानों से एयरपोर्ट पहुंचे लोगों समान के लिए जद्दोजहद करते दिखे। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर किया। एयरपोर्ट पर कई बार हंगामे की स्थिति हुई। कन्वेयर बेल्ट ठप हो जाने से किसी का सामान नहीं पहुंच पाया। ऐसे में तीनों बेल्ट के आसपास बड़ी संख्या में यात्री हंगामा करने लगे। एयरलाइंस स्टाफ उनको समझाने का प्रयास करता दिखा। लखनऊ में अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बिजली सप्लाई ठप होने से हाहाकार की स्थिति हो गई। उस वक्त दो एयरलाइंस की क्रू मेम्बर लिफ्ट में रहीं। बिजली ठप होने से लिफ्ट बीच में ही फंस गई। टर्मिनल के डिपार्चर हॉल में लोग चेकइन नहीं कर पा रहे थे। बीप के आवाज के साथ कम्प्यूटर बंद हो गए। फ्लाइटों का टाइम जैसे-जैसे करीब आ रहा था यात्री आते जा रहे थे लेकिन चेकइन न होने से कतारें लग गईं। पावर सप्लाई 7:50 के करीब अचानक ठप हो गई। बैकअप की कोई व्यवस्था भी काम नहीं आई। ऐसे में 10 मिनट के भीतर ही समूचे एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई। एयरलाइंस की क्रू मेम्बर करीब 24 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रहीं। किसी तरह उनको बाहर निकाला गया। ऑटोमैटिक गेट चैनल काम नहीं कर रहे थे। एक तरफ यहां से उड़ान भरने को तैयार यात्रियों की लम्बी कतारें डिपार्चर हॉल में लगी हुई थीं। दूसरी ओर अराइवल में भी लम्बी कतारें थीं। दूसरे शहरों की उड़ानों से एयरपोर्ट पहुंचे लोगों समान के लिए जद्दोजहद करते दिखे। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर किया। एयरपोर्ट पर कई बार हंगामे की स्थिति हुई। कन्वेयर बेल्ट ठप हो जाने से किसी का सामान नहीं पहुंच पाया। ऐसे में तीनों बेल्ट के आसपास बड़ी संख्या में यात्री हंगामा करने लगे। एयरलाइंस स्टाफ उनको समझाने का प्रयास करता दिखा। सीसीएसआईए प्रवक्ता ने बताया कि आज सुबह चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर बिजली जाने के कारण यात्रियों को आने-जाने में थोड़ी देरी हुई। एयरपोर्ट की तकनीकी टीम शीघ्र बिजली बहाल करने में सफल रही। उल्लेखनीय है की उड़ान संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

संबंध बनाने के दौरान ही रवीना ने इकबाल को गिराकर, गला घोंटकर की हत्या , शव को दरवाजे पर फेंका

 बरेली  बरेली में एक शादीशुदा महिला ने कथित तौर पर ब्‍लैकमेलिंग और बार-बार की धमकी से परेशान होकर शारीरिक संबंध बनाते समय अपने प्रेमी पड़ोसी युवक की गला दबाकर हत्‍या कर दी। प्रेमी से मिलने के लिए जाने से पहले महिला ने अपने पति को नशीली चाय पिलाकर सुला दिया था। पुलिस ने कारचोबी ठेकेदार इकबाल अहमद की हत्‍या का पर्दाफाश कर दिया है। इसके साथ ही उसकी प्रेमिका रवीना को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। पुलिस के सामने प्रेमिका ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। लेकिन इकबाल के परिवारीजन इस घटना में शामिल अन्‍य लोगों के शामिल होने का भी आरोप लगा रहे हैं। बरेली के भोजीपुरा के गांव घुर समसपुर के रहने वाले कारचोबी ठेकेदार इकबाल अहमद का शव 30 जनवरी की सुबह अपने ही घर के बाहर सीढ़ियों पर मिला था पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्‍या करने की पुष्टि हुई थी। इस मामले में इकबाल की पत्‍नी शहनाज ने शनिवार को गांव की रहने वाली महिला रवीना और उसके पति इदरीश के खिलाफ केस दर्ज कराया था। आरोप था कि रवीना से उसके पति के अवैध संबंध थे। इस वजह से रवीना ने अपने पति के साथ मिलकर इकबाल की हत्या कर दी है। रविवार दोपहर पुलिस ने रवीना को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने अपने जुर्म का इकबाल कर लिया। एसपी उत्तरी मुकेश चन्द्र मिश्र ने बताया कि इकबाल अहमद रवीना से जरी का काम कराता था। इसी दौरान दोनों में प्रेम संबंध हो गए। 29 जनवरी को इकबाल अपनी शहनाज के साथ ससुर की बरसी के लिए ससुराल गया और उसे वहां छोड़कर वापस आ गया। रात में इकबाल रवीना ने को कॉल करके मिलने की इच्छा जाहिर की और उसे नींद की दो गोलियां देकर पति को देने को कह दिया। पति को नशीली चाय पिलाने के बाद रात 11.40 बजे उसे इकबाल का फाेन आया। इकबाल ने उसे अपने घर आने को कहा। जब वह पहुंची तो इकबाल खिड़की से निकलकर बाहर चबूतरे पर खड़ा मिला। संबंध बनाने के दौरान ही रवीना ने इकबाल को गिराकर उसके दोनों हाथ पैरों से दबा दिए। एक हाथ से मुंह दबाया और दूसरे से गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर शव को दरवाजे पर फेंककर चली गई। एसपी उत्तरी ने बताया कि रवीना ने इस बारे में अपने पति को भी जानकारी नहीं। रवीना बोली, ब्लैकमेल करता था इकबाल रवीना ने पुलिस को बताया कि काम के सिलसिले में नजदीकियां बढ़ने पर इकबाल से मोबाइल नंबर का आदान प्रदान हो गया। एक दिन इकबाल ने जबरन दुष्कर्म किया। उसने पति से शिकायत करने की बात कही तो इकबाल बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग के जरिये बदनाम करने की धमकी देने लगा। फिर इसी बहाने आए दिन उसे बुलाकर संबंध बनाने लगा। वह इससे परेशान हो गई थी, इसी वजह से हत्या कर दी। परिजनों ने खुलासे पर उठाए सवाल इस खुलासे को लेकर इकबाल के परिजन संतुष्ट नहीं हैं। इकबाल के भाई कल्लू का कहना है कि कोई भी महिला अकेले पुरुष की हत्या नहीं कर सकती। पुलिस रवीना के पति और इस वारदात में शामिल अन्य लोगों को बचा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि रवीना इतनी ताकतवर नहीं है, जो इकबाल की अकेले हत्या कर दे।

दलित युवती की हत्या के मामले में पुलिस को मिली बड़ी सफलता, तीन आरोपी गिरफ्तार

अयोध्या अयोध्या में दलित युवती की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी राज करण नैय्यर ने खुलासा करते हुए बताया कि हरी राम कोरी, विजय साहू व दिग्विजय सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि युवती की हत्या तीनों आरोपियों ने शराब के नशे में की थी। गांव के ही एक स्कूल में हत्या हुई थी। हत्या कर नाले के पास शव फेंक दिया था। पुलिस तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेगी। आपको बता दें कि अयोध्या में शुक्रवार शाम से लापता एक युवती का नग्न अवस्था में शव मिला था। घटना कोतवाली क्षेत्र के सहनवा गांव की थी। जहां हैवानों ने दलित युवती के साथ दरिंदगी की। 30 जनवरी की रात 22 साल की युवती भागवत देखने गई थी। जहां रात करीब 11 बजे तक वह घर नहीं आई। परिजनों ने जब खोज की लेकिन उसका पता नहीं चल सका। शनिवार सुबह नाले के पास युवती का अर्धनग्न हाल में शव बरामद हुआ। वहीं, पास में खून से लथपथ कपड़े मिले। युवती की बेरहमी से हत्या की गई थी। उसका हाथ-पैर टूटा हुआ था। साथ ही आंखे भी फोड़ दी गई थीं। चेहरे पर कई जगह जख्म के निशान थे। फफक-फफक कर रोए थे सांसद अवधेश इस हत्याकांड पर रविवार को अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने एक प्रेसवार्ता की थी। इस दौरान वे फफक-फफक कर रोए। काफी देर तक सांसद रोते रहे। उन्होंनेे न्याय न मिलने पर लोकसभा से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा कि मामले को सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखूंगा और न्याय न मिलने पर इस्तीफा दे दूंगा। उन्होंने कहा कि देश की बहुचर्चित निर्भया कांड से भी बेदर्दी से बेटी की हत्या की गई है। सांसद ने कहा कि दलित बेटी के साथ अत्याचार की पराकाष्ठा पार कर दी गई है। घटना को बयां करते हुए शर्म आ रही है। सांसद ने कहा पीड़ित परिवार दहशत में है। मृतका का अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज के तहत न करके पुलिस प्रशासन ने जेसीबी मशीन से खोदकर मिट्टी डाल दी। सांसद ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते ही फांसी की सजा दिलाने की मांग की।

इस दरगाह में मुस्लिम भी मानते है वसंत पंचमी

बलरामपुर बलरामपुर जिले में स्थित दरगाह पीर हनीफ शरीफ मथुरा बाजार हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है। यहां वसंत पंचमी के मौके पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया गया है। मेले में भारत और नेपाल राष्ट्र के तमाम लोग यहां आकर जियारत व चादर पोशी करते हैं। ऐसी मान्यता है कि मजार के पास आठ कोने का एक कुंआ बना हुआ है, इसका पानी पीने से लोग बीमारियों से निजात पा जाते हैं। दरगाह शरीफ मथुरा बाजार का इतिहास काफी पुराना है। इसका निर्माण दिल्ली के शासक शाहजहां ने वर्ष 1627 में कराया था। तभी से यह हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक है। यहां दोनों समुदाय के लोग चादरपोशी के लिए पहुंचते हैं। वसंत पंचमी के मौके पर मेले में भारी संख्या में लोग शामिल होते हैं। दरगाह के अंदर की नक्काशी व गुंबद इसकी भव्यता को चार चांद लगाते हैं। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि मजार के पास आठ कोने का पुराना कुआं बना है। कुएं का पानी पीने से बीमार लोग ठीक होते हैं। किंवदंतियों के अनुसार दरगाह शरीफ के चारों तरफ 9 किलोमीटर तक घना जंगल था। इसे लोग नौ गजा भी कहा कहते हैं। जंगल के बीच सैयद पीर मोहम्मद हनीफ की मजार थी। वहां कुछ लोग नमाज अदा कर रहे थे। वर्ष 1627 में इसी रास्ते से शाहजहां बंगाल जा रहे थे। वह मजार पर आकर खुद नमाज अदा किए। उसी स्थान पर उन्होंने भव्य मस्जिद बनवाने का फैसला लिया। मस्जिद बनने में 6 माह 13 दिन लगे थे। दरगाह शरीफ के गद्दी नशीन बाबा मोहम्मद शाहनवाज शाह ने बताया कि दरगाह में प्रतिदिन लोगों की भीड़ बनी रहती है, लेकिन तीन दिवसीय वसंत मेले में यहां बड़ा आयोजन होता है। भारत व पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से तमाम लोग मेले में आते हैं। मजार पर चादरपोशी कर अपनी मन्नतें मांगते हैं। लोगों का मानना है कि दरगाह शरीफ से उनकी मन्नतें पूरी होती हैं। आज से शुरू होगा वसंत मेला तीन फरवरी से यहां वसंत मेले का आयोजन होगा, जो तीन दिनों तक चलता रहेगा। यह मेला क्षेत्रीय लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहता है। दरगाह शरीफ के मेला प्रबन्धक ग्राम प्रधान मोहम्मद उमर शाह ने बताया कि वसंत मेले में खोया पाया केंद्र, चिकित्सा व्यवस्था के साथ पेयजल की व्यवस्था की गई है। बस व अन्य बड़े वाहनों का पार्किंग अलग बनाया गया है। वसंत मेले के पूर्व ही दूरदराज की दुकानें सज गई हैं। मेले में झूला, सर्कस व अन्य मनोरंजन के साधन लग चुके हैं। मेला अध्यक्ष मोहम्मद अहमद उस्मान ने बताया कि गरीब लोगों के लिए लंगर का आयोजन भी मेले में किया गया है। इस संबंध में ललिया थाना निरीक्षक बृजानंद सिंह ने बताया कि शांति, सुरक्षा के दृष्टिगत मेले में पुलिस बल की तैनाती की गई है।

गाजियाबाद में एक स्कूल को बम से उड़ाने की मिली धमकी, खाली कराई गई बिल्डिंग

गाजियाबाद गाजियाबाद के शालीमार गार्डन थाना इलाके में एक स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। साथ ही डॉग व बॉम स्कवाड की टीम भी पहुंची। आनन-फानन बच्चों को स्कूल मैदान में भेजा गया और जांच की गई। जानकारी के अनुसार, शालीमार गार्डन थाना इलाके में स्थित सेंट मैरी स्कूल को ईमेल पर सोमवार सुबह करीब सात बजे धमकी भरा मैसेज पहुंचा। स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। एसीपी शालीमार गार्डन सलोनी अग्रवाल ने बताया कि ईमेल में स्कूल को खाली करने और बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। सुरक्षा के लिहाज से तुरंत सभी बच्चों को स्कूल मैदान में भेज दिया गया। साथ ही डॉग व बॉम स्कवाड की टीम ने जांच शुरू की। छानबीन व तलाश करने फर्जी धमकी होने का पता चला। स्कूल प्रबंधक की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही जो ईमेल आया था उसकी जांच के लिए भी साइबर टीम लगाई गई है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश ने चुनाव प्रचार के अंतिम दिन मिल्कीपुर में जनसभा को किया संबोधित

अयोध्या सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को चुनाव प्रचार के अंतिम दिन मिल्कीपुर में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अयोध्या में विकास के नाम पर लोगों से जमीनें छीनी और लोगों को मुआवजा नहीं दिया है। 2027 के विधानसभा चुनाव में जब सपा की सरकार बनेगी तो हम अयोध्या को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अयोध्या में खरीदी गई जमीनों की सूची जारी कर दें तो पता चल जाएगा कि सबसे बड़ा भूमाफिया कौन है? सबसे बड़े भूमाफिया भाजपा के लोग ही हैं। अयोध्या में फाइव स्टार होटल बनाने के लिए जमीन ली गई पर गरीबों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया। अखिलेश यादव ने कहा कि ये तो भाजपा के लोग भी जानते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसी के नहीं हैं। वो भाजपा वालों के भी नहीं हैं। वो सिर्फ परिस्थितियों के अनुसार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए लोगों को डराने-धमकाने का काम कर रही है। इसके लिए अफसरों की तैनाती की जा चुकी है। अफसरों में पीडीए के लोग नहीं हैं। अखिलेश यादव ने महाकुंभ में मची भगदड़ को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि मुख्यमंत्री योगी गूगल पर सर्च करना नहीं जानते हैं। अगर जानते हों तो गूगल पर महाकुंभ टाइप करें पता चल जाएगा कि कितनी जगह भगदड़ मची है।

मिल्कीपुर उपचुनाव में भाजपा और सपा के बीच दिख रहा सीधा मुकाबला, शाम से चुनाव प्रचार खत्म

मिल्कीपुर मिल्कीपुर विधानसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में यों तो भाजपा और सपा के बीच सीधा मुकाबला दिख रहा है। सपा के बागी व आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सूरज चौधरी व कांग्रेस के बागी भोलानाथ भारती इसे बहुकोणीय बनाने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव में दलित व ब्राह्मण वोट निर्णायक भूमिका में हैं। जो दल इन दोनों जातियों को साधने में सफल रहेगा उसके सिर जीत का सेहरा बंधेगा। इसी वजह से दोनों दलों के क्षत्रपों ने पूरे इलाके को मथ दिया है। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद फैजाबाद संसदीय सीट पर भाजपा की हार की वजह से यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण हो गया है। पूरे देश की नजर दिल्ली विधानसभा के साथ हो रहे इस एकमात्र सीट के उपचुनाव पर टिकी हुई है। आरक्षित सीट होने की वजह से सभी दलों से दलित समुदाय के लोग ही चुनाव मैदान में हैं। भाजपा और सपा दोनों ही पासी बिरादरी से प्रत्याशी के बलबूते चुनाव मैदान में हैं। दोनों पार्टियों ने विधायकों तथा रणनीतिकारों की फौज उतार रखी है। सभी अपने अपने तरीके से मतदाताओं को भुनाने में जुटे हुए हैं। ब्राह्मण मतदाताओं को साधने के लिए भाजपा ने पूर्व विधायक खब्बू तिवारी और सपा ने पूर्व मंत्री पवन पांडेय व अन्य को लगा रखा है। खब्बू लगातार इलाके में सक्रियता बनाए हुए हैं। भाजपा के चंद्रभानु व सपा के अजित प्रसाद दोनों ही युवा हैं। दोनों इलाके में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। यदि 2002 से पिछले पांच विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो तीन बार सपा और भाजपा व बसपा एक-एक बार जीत दर्ज करने में सफल रही है। चुनाव में सपा और भाजपा दोनों के साथ ऐसे कुछ समीकरण हैं जिससे उन्हें कुछ फायदा है तो नुकसान भी। भाजपा के चंद्रभानु पासवान को टिकट मिलने के बाद अन्य दावेदार नाराज हो गए। इनमें पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ, रामू प्रियदर्शी भी थे, लेकिन बाद में मुख्यमंत्री के आश्वासन पर सभी नाराज नेता चुनाव प्रचार में शामिल हो गए। सपा के लिए फायदे की बात यह है कि पूर्व मंत्री व कद्दावर नेता मित्रसेन यादव के बेटे आनंद सेन साथ हैं। पहली बार सेन परिवार अवधेश प्रसाद के साथ आया है। हालांकि, उसे बागी व आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) प्रत्याशी सूरज चौधरी से नुकसान पहुंच सकता है। सूरज सांसद अवधेश प्रसाद का करीबी बताया जाता है और चुनाव की घोषणा से कुछ दिन पहले उन्होंने परिवारवाद व अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए सपा से किनारा कर लिया था। इसके साथ ही कांग्रेस के साथ होने के बाद भी पार्टी के कद्दावर नेता भोलानाथ भारती मैदान में हैं। कांग्रेस की ओर से नोटिस दिए जाने के बाद भी वह मैदान से नहीं हटे। भोलानाथ ने जिला पंचायत चुनाव में सपा प्रत्याशी तथा अवधेश प्रसाद के बेटे अजित प्रसाद को हराया था। इस वजह से उनका क्षेत्र में जनाधार बताया जाता है। सपा परिवारवाद के आरोप से भी जूझ रही है। सपा पर सत्ताधारी दल की ओर से लगातार इसको लेकर हमले किए जा रहे हैं। वह इसे भुनाने में लगी हुई है। मुद्दे की बात न होने से इलाके के लोग मायूस इलाके के लोगों का कहना है कि क्षेत्र के विकास की बात होनी चाहिए। बेरोजगारी कैसे दूर हो, इसकी चिंता हो। कैसे युवाओं का अन्य जगहों पर रोजी-रोटी की तलाश में जाना रुके, इस पर ध्यान होना चाहिए। मुद्दे पर तो बात ही नहीं हो रही है, सब अपनी पार्टी के लिए वोट मांग रहे हैं। आखिर नई पीढ़ी के सामने रोजी-रोजगार के क्या साधन होंगे, पढ़ाई लिखाई, स्वास्थ्य की कैसी व्यवस्था होगी, यह प्राथमिकता होनी चाहिए। चाहे इलाके में सभाएं हों या रोड शो या पार्टियों की बैठकें सभी में वादे किए जा रहे हैं, लेकिन किसी ने भी ठोस एलान नहीं किया। यह नहीं बताया कि रोडमैप क्या होगा। यह है वोटरों का लेखा-जोखा कुल मतदाता 192984 पुरुष 177838 महिला जातिगत आंकड़े (अनुमानित) अनुसूचित जाति 90 हजार पासी 65 हजार यादव 62 हजार मुस्लिम 31 हजार ब्राह्मण 63 हजार क्षत्रिय 18 हजार चौरसिया 16 हजार मौर्या 12 हजार अन्य (कुर्मी, निषाद, विश्वकर्मा) 13829

त्रिवेणी संगम में महाकुंभ के अंतिम अमृत स्नान में नागा साधुओं का अद्भुत प्रदर्शन

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ के अंतिम अमृत स्नान में नागा साधुओं का अद्भुत प्रदर्शन श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना। त्रिवेणी घाट पर इन साधुओं की पारंपरिक और अद्वितीय गतिविधियों ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अमृत स्नान के लिए ज्यादातर अखाड़ों का नेतृत्व कर रहे इन नागा साधुओं का अनुशासन और उनका पारंपरिक शस्त्र कौशल देखने लायक रहा। कभी डमरू बजाते दिखे, तो कभी भाले और तलवारें लहराते हुए दिखे, इन साधुओं ने युद्ध कला का अद्भुत प्रदर्शन भी किया। लाठियां भांजते और अठखेलियां करते हुए ये साधु अपनी परंपरा और जोश का प्रदर्शन करते नजर आए। घोड़ों पर और पैदल निकली शोभा यात्रा वसंत पंचमी के अमृत स्नान के लिए निकली अखाड़ों की शोभा यात्रा में कुछ नागा साधु घोड़ों पर सवार होकर निकले तो वहीं  कुछ पैदल चलते हुए दिखे। इस दौरान अपनी विशिष्ट वेशभूषा और आभूषणों से सजे हुए नजर आए। जटाओं में फूल, फूलों की मालाएं और त्रिशूल हवा में लहराते हुए उन्होंने महाकुंभ की पवित्रता को और भी बढ़ा दिया।  महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि… अनुशासन में रहने वाले इन साधुओं को कोई रोक नहीं सकता था। लेकिन अखाड़ों के शीर्ष पदाधिकारियों के आदेशों का पालन करते हुए नजर आए। नगाड़ों की गूंज के बीच उनके जोश ने इस अवसर को और भी खास बना दिया। त्रिशूल और डमरू के साथ उनके प्रदर्शन ने यह संदेश दिया कि महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति और मनुष्य के मिलन का उत्सव भी है। नृत्य, नगाड़े और उत्साह शोभायात्रा के दौरान मीडिया ही नहीं, बल्कि आम श्रद्धालुओं के मोबाइल के कैमरे भी नागा साधुओं को कैप्चर करते दिखे। नागा भी किसी को निराश नहीं कर रहे थे, बल्कि वो अपने हाव भाव से उन्हें आमंत्रित कर रहे थे। कुछ नागा तो आंखों में काला चश्मा लगाकर आम लोगों से इंटरैक्ट भी कर पा रहे थे। इन स्टाइल को हर कोई कैमरे में कैद कर लेना चाहता था। यही नहीं, नागा साधु नगाड़ों की ताल पर नृत्य करते हुए अपनी परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी जोश और उत्साह से भरपूर गतिविधियों ने श्रद्धालुओं के बीच अपार उत्साह पैदा किया। जितने उत्साहित नागा साधु थे, उतने ही श्रद्धालु भी उनकी हर गतिविधि को देख मंत्रमुग्ध हो गए। स्नान के दौरान भी मस्ती संगम में स्नान के दौरान भी नागा साधुओं का अंदाज निराला था। त्रिवेणी संगम में उन्होंने पूरे जोश के साथ एंट्री की और पवित्र जल के साथ अठखेलियां कीं। इस दौरान सभी नागा आपस में मस्ती करते नजर आए। महिला नागा संन्यासी भी जुटीं पुरुष नागा साधुओं के साथ ही महिला नागा संन्यासियों की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी भी रही। पुरुष नागाओं की तरह ही महिला नागा संन्यासी भी उसी ढंग से तप और योग में लीन रहती हैं। फर्क सिर्फ इतना होता है कि ये गेरुआ वस्त्र धारत करती हैं उसमें भी ये बिना सिलाया वस्त्र धारण करती हैं। उन्हें भी परिवार से अलग होना पड़ता है। सभी नियमों का पालन करना होता है। खुद के साथ परिवार के लोगों का पिंड दान करना होता है तब जाकर महिला नागा संन्यासी बन पाती हैं। जब एक बार महिला नागा संन्यासी बन जाती हैं तो उनका लक्ष्य धर्म की रक्षा, सनातन की रक्षा करना होता है। इस महाकुम्भ में हर कोई इनके बारे में जानने को उत्सुक नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं के लिए संदेश नागा साधुओं ने अपने व्यवहार और प्रदर्शन से यह संदेश दिया कि महाकुम्भ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मनुष्य के आत्मिक और प्राकृतिक मिलन का उत्सव है। उनकी हर गतिविधि में महाकुम्भ की पवित्रता और उल्लास का अद्वितीय अनुभव दिखता है। महाकुंभ 2025 का यह आयोजन नागा साधुओं की विशिष्ट गतिविधियों और उनकी परंपराओं के कारण लंबे समय तक याद रखा जाएगा।   वसंत पंचमी के अमृत स्नान पर त्रिवेणी संगम में आस्था का जनसैलाब उमड़ा है। महाकुंभ के तीसरे अमृत स्नान पर नागा संन्यासियों के साथ देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु भी साक्षी बने। हर-हर गंगे, बम बम भोले और जय श्री राम के गगनभेदी उद्घोष से महाकुंभ क्षेत्र गूंज उठा है।  श्रद्धालुओं, साधु-संतों और महामंडलेश्वरों ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई और स्नान के बाद दान-पुण्य किया। महाकुंभ का डिजिटल स्वरूप आकर्षण का केंद्र बना है, श्रद्धालु इस दिव्य अनुभूति को अपने कैमरों में कैद करने को उत्साहित दिखे। संगम तट पर श्रद्धालुओं ने संतों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया, जिससे माहौल और भव्य बन गया। विदेशी श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में वसंत पंचमी के अवसर पर अमृत स्नान किया और भारतीय संस्कृति में पूरी तरह रम गए। उन्होंने न केवल पवित्र डुबकी लगाई बल्कि अन्य तीर्थयात्रियों का भी गर्मजोशी से स्वागत किया। इटली, क्रोएशिया और ऑस्ट्रिया से आए श्रद्धालुओं ने महाकुंभ के अनुभव को अद्वितीय, अविस्मरणीय और जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर बताया।

Prayagraj DM ने बसंत पंचमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर सरकारी दफ्तरों में छुट्टी की घोषित

 प्रयागराज बसंत पंचमी के अवसर पर स्नान के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट ने आज (सोमवार) को जिले के सरकारी कार्यालयों में स्थानीय अवकाश घोषित किया है। जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के एक आदेश के अनुसार, इसमें कहा गया है कि लाखों श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की निरंतर आमद के कारण मुख्य स्नान के दिनों में प्रयागराज जिले की सीमा के भीतर सभी सरकारी कार्यालयों में छुट्टी घोषित करना आवश्यक हो गया है। महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान के लिए देश-विदेश से लोग उमड़ रहे हैं। आदेश में कहा गया है कि सूचित किया जाता है कि 3 फरवरी को बसंत पंचमी के मुख्य स्नान पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं एवं स्नानार्थियों की भारी भीड़ एवं यातायात प्रतिबंध के कारण शांति और कानून और व्यवस्था बनाये रखने हेतु जनपद प्रयागराज में सरकारी कार्यालयों में स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। इससे पहले, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राजेश द्विवेदी ने रविवार को आश्वासन दिया कि पवित्र आयोजन की सुचारू कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए त्रिस्तरीय प्रणाली लागू की जा रही है। समाचार एजेंसी से बात करते हुए द्विवेदी ने कहा, “यहां एक त्रिस्तरीय प्रणाली काम कर रही है। सभी वरिष्ठ अधिकारी समन्वय कर रहे हैं ताकि इस तरह की कोई घटना न हो और चीजें सुचारू रूप से चलें।” उन्होंने कहा, ” हम भीड़ की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।” शनिवार तक 330 मिलियन (33 करोड़) से अधिक श्रद्धालुओं ने महाकुंभ में पवित्र स्नान किया है, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन बनाता है। उसी दिन 200 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय भक्तों ने प्रयागराज में प्रार्थना और भजन कीर्तन में भाग लिया और कार्यक्रम की आध्यात्मिक ऊर्जा और असाधारण संगठन के लिए अपनी सराहना व्यक्त की। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस आयोजन के लिए विस्तृत व्यवस्था की है, जिसकी भक्तों ने प्रशंसा की है। कई लोगों ने तीर्थयात्रियों के लिए एक सहज और सुरक्षित अनुभव सुनिश्चित करने में सरकार के प्रयासों की सराहना की है।  

यूपी : सोनभद्र में बड़ा सड़क हादसा, तेज रफ्तार कार और ट्रक में टक्कर, 6 लोगों की मौत

सोनभद्र उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में भीषण हादसा हो गया। रविवार (2 फरवरी) की रात ‘प्रयागराज महाकुंभ’ जा रहा परिवार का एक्सीडेंट हो गया। तेज रफ्तार क्रेटा और ट्रेलर की आमने-सामने से टक्कर हो गई। हादसे में कार सवार छत्तीसगढ़ के दरोगा, उनकी मां, पत्नी और बेटे समेत 6 लोगों की मौत हो गई। 2 गंभीर घायल हैं। टक्कर के बाद ट्रेलर चाय पीने उतरे एक ट्रक चालक को रौंदता हुआ एक मकान से टकरा गया। हादसे में चालक समेत एक अन्य राहगीर की भी मौत हुई है। एक्सीडेंट वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर हाथीनाला थाना क्षेत्र के रानीताली इलाके में हुआ। गंगा स्नान करने जा रहा था परिवार छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज से दरोगा रवि प्रकाश मिश्रा अपनी मां उषा मिश्रा, पत्नी प्रियंका मिश्रा, बेटे दिव्यांशु मिश्रा, अथर्व मिश्रा और नौकरानी दुर्गा देवी के साथ प्रयागराज महाकुंभ में गंगा स्नान करने जा रहे थे। दरोगा की क्रेटा गाड़ी उनका ड्राइवर सने कादरी चला रहा था। रविवार रात 8 बजे वाराणसी-शक्तिनगर स्टेट हाईवे पर दौड़ रही कार की सामने से आ रहे ट्रेलर से भीषण टक्कर हो गई। हादसे में रवि प्रकाश, उषा मिश्रा, प्रियंका, अथर्व और ड्राइवर की मौत हो गई। दिव्यांशु मिश्रा और दुर्गा देवी गंभीर घायल हैं। कार के दरवाजे काटकर निकाले शव दरोगा की कार को टक्कर मारने के बाद ट्रेलर चाय पीने उतरे एक ट्रक चालक को रौंदता हुआ एक मकान से टकरा गया। हादसे में चालक समेत एक अन्य राहगीर की भी मौत हुई है। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पुलिस पहुंची। गैस कटर से कार के दरवाजे काटे। शवों को निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। महिला और एक बच्चे की हालत गंभीर है। घायलों को हायर सेंटर में रेफर किया है हादसे की सूचना मिलते ही एसपी और डीएम घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस हादसे कारणों की जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि हाथीनाला थाना क्षेत्र में रात 8 बजे सड़क हादसा हुआ। ट्रेलर डिवाइडर को क्रॉस करके दूसरी लाइन में आ गया। इस बीच छत्तीसगढ़ नंबर की क्रेटा कार से उसकी टक्कर हो गई। साथ ही एक ड्राइवर की ट्रक की टक्कर में मौत हो गई। हादसे में कुल 6 लोगों की मौत हुई है। 3 गंभीर घायल हैं। घायलों को हायर सेंटर में रेफर कर दिया है। परिवार वालों से संपर्क किया है।

महाकुंभ में अब तक 35 करोड़ श्रद्धालु स्‍नान कर चुके, हेलिकॉप्‍टर से पुष्‍पवर्षा, योगी 3 बजे से लखनऊ वार रूम में मॉनिटरिंग कर रहे

प्रयागराज महाकुंभ 2025 में सोमवार को बसंत पंचमी का अमृत स्‍नान देर रात से जारी है। मौनी अमावस्‍या पर भगदड़ से सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ खुद लखनऊ स्थित अपने आवास में बने वॉर रूम से सुबह तीन बजे से निगरानी कर रहे हैं। उनके साथ डीजीपी प्रशांत कुमार और अन्‍य अधिकारी भी मौजूद हैं। इस बीच, महाकुंभ में नागा साधुओं और आम श्रद्धालुओं के ऊपर हेलिकॉप्‍टर से फूल वर्षा की गई है।     नागा साधुओं ने त्रिशूल और डमरू बजा किया प्रदर्शन     बसंत पंचमी के अमृत स्नान के लिए निकली अखाड़ों की शोभायात्रा में कुछ नागा साधु घोड़े पर सवार थे तो कुछ पैदल चलते हुए अपनी विशिष्ट वेशभूषा और आभूषणों से सजे हुए थे। जटाओं में फूल, फूलों की मालाएं और त्रिशूल हवा में लहराते हुए उन्होंने महाकुंभ की पवित्रता को और भी बढ़ा दिया। स्व-अनुशासन में रहने वाले इन साधुओं को कोई रोक नहीं सकता था, लेकिन वे अपने अखाड़ों के शीर्ष पदाधिकारियों के आदेशों का पालन करते हुए आगे बढ़े। नगाड़ों की गूंज के बीच उनके जोश ने इस अवसर को और भी खास बना दिया। त्रिशूल और डमरू के साथ उनके प्रदर्शन ने यह संदेश दिया कि महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति और मनुष्य के मिलन का उत्सव है। महाकुंभ में देखने को मिल रही विविध संस्कृतियों की झलक प्रयागराज में श्रद्धालुओं / स्नानार्थियों के जोश और उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है. पूरे देश और दुनिया से पवित्र त्रिवेणी में श्रद्धा और आस्था के साथ डुबकी लगाकर पुण्य प्राप्त करने के लिए श्रद्धालु प्रतिदिन करोड़ों की संख्या में प्रयागराज पहुंच रहे हैं. बसंत पंचमी के अंतिम अमृत स्नान पर भी सुबह से ही करोड़ों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम स्नान को पहुंचे. रविवार 2 फरवरी को करीब 1.20 करोड़ ने स्नान किया था, जिसके बाद कुल स्नानार्थियों की संख्या 35 करोड़ के करीब पहुंच गई थी, जिसने सोमवार सुबह यह आंकड़ा पार कर लिया. स्नानार्थियों में 10 लाख कल्पवासियों के साथ-साथ देश विदेश से आए श्रद्धालु एवं साधु-संत शामिल रहे. स्नान पर्व पर उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ अब तक के कुल स्नानार्थियों की संख्या का विश्लेषण करें तो सर्वाधिक 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था. जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर अमृत स्नान किया था. एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ के पार और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई. ये प्रमुख लोग अब तक लगा चुके हैं पावन डुबकी गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ (मंत्रिमंडल समेत) संगम में डुबकी लगा चुके हैं. इसके अलावा राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल, बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी, राज्य सभा सांसद सुधा मूर्ति, असम विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव, प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे, गोरखपुर के सांसद रवि किशन, हेमा मालिनी, बॉलीवुड एक्ट्रेस भाग्यश्री, अनुपम खेर, मिलिंद सोमण, एक्ट्रेस से किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनीं ममता कुलकर्णी, कवि कुमार विश्वास, क्रिकेटर सुरेश रैना, खली और कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा भी संगम में स्नान कर चुके हैं. महाकुंभ की आलोचना करने वालों को संतों ने दिया माकूल जवाब बसंत पंचमी के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करने के साथ ही संत और महात्माओं ने महाकुंभ की आलोचना करने वालों को माकूल जवाब भी दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं को दी जा रही सुविधाओं की तारीफ करते हुए विपक्षी दलों को आईना भी दिखाया। पंच निर्मोही अनी अखाड़ा के जगतगुरु महामंडलेश्वर संतोष दास सत्तुआ बाबा महाराज ने कहा, “जो लोग साधु और महाकुम्भ के बारे में बातें कर रहे हैं, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि (सपा प्रमुख) अखिलेश यादव जी, आपने कभी सनातन का पालन नहीं किया और न ही सनातन का सम्मान किया। तो अब इसका फायदा मत उठाइए। हमने देखा है जब आपकी पार्टी सत्ता में थी, आपने सनातनियों पर गोलियां चलाई थीं। अपने फायदे के लिए अफवाहें मत फैलाइए। हम सनातनी हैं और हम आपके जैसे लोगों को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे। काला चश्‍मा पहने नागा साधु बने आकर्षण का केंद्र महाकुंभ में सोमवार को बसंत पंचमी के अवसर पर आयोजित तीसरे अमृत स्नान में नागा साधु आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्होंने अपने विशिष्ट स्वरूप और अनुष्ठानों से श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। अमृत स्नान के लिए अधिकांश अखाड़ों का नेतृत्व कर रहे इन नागा साधुओं का अनुशासन और उनका पारंपरिक शस्त्र कौशल देखने लायक था। कभी डमरू बजाते हुए तो कभी भाले और तलवारें लहराते हुए, इन साधुओं ने हथियार चलाने के कौशल का अद्भुत प्रदर्शन किया। कुछ नागा साधु घोड़ों पर सवार दिखे, जबकि अन्य गले में माला और त्रिशूल लटकाए नंगे पांव चलते दिखे। जब मीडियाकर्मी और श्रद्धालु उनकी तस्वीर ले रहे थे तो साधुओं ने उत्साहपूर्वक उन्हें अपनी परंपराओं को करीब से देखने के लिए आमंत्रित किया। कुछ ने तो काले चश्मे भी पहने हुए थे, जिससे दर्शक काफी खुश हुए। पुष्‍पवर्षा से अभिभूत नजर आए साधु और आम श्रद्धालु अमृत स्नान के दौरान पुष्पवर्षा से नागा संन्यासी, साधु संत और श्रद्धालु भी अभिभूत नजर आए। हर हर महादेव, जय श्री राम, गंगा मैया की जय जैसे जयकारों से पूरा त्रिवेणी क्षेत्र गुंजायमान हो गया। मालूम हो कि प्रयागराज उद्यान विभाग की ओर से अमृत स्नान के लिए पहले ही पर्याप्त फूलों की व्यवस्था की गई है। उद्यान विभाग की ओर 20 क्विंटल से अधिक मात्रा में गुलाब के फूलों का स्टॉक जमा किया गया था। वहीं 5 क्विंटल फूल रिजर्व में भी रखे गए हैं। बसंत पंचमी के अवसर पर विदेशी श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करते हुए भारतीय संस्कृति के जीवंत रंगों में रंगे दिखाई दिए। वे न सिर्फ भारतीय मित्रों के साथ आध्यात्मिक गहराइयों में डूबे नजर आए, बल्कि अन्य तीर्थयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत करते भी दिखे। विदेशी श्रद्धालुओं ने इस विशेष अवसर पर भारतीय परंपराओं को अपनाते हुए दिव्य स्नान में भाग लिया और अपनी यात्रा को एक अद्वितीय और अविस्मरणीय अनुभव बताया। सभी घाटों और अखाड़ों पर हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा महाकुंभ 2025 … Read more

उत्तर पश्चिम भारत में आज से पांच फरवरी तक होगी बारिश, अगले 24 घंटे में घना कोहरा देखने को मिलेगा: मौसम विभाग

लखनऊ यूपी समेत उत्तर भारत का मौसम आज से बदलने वाला है। यूपी के साथ-साथ कई राज्यों में बारिश होने वाली है। मौसम विभाग ने बताया है कि पहाड़ी राज्यों में पांच फरवरी तक बारिश जारी रहने वाली है, जबकि उत्तर पश्चिम भारत में तीन से पांच फरवरी तक बारिश होगी। इसके अलावा, उत्तर भारत में अगले 24 घंटे में घने से बहुत घना कोहरा देखने को मिलेगा, लेकिन उसके बाद इसमें कमी आएगी। उत्तर प्रदेश में तीन से पांच फरवरी तक हल्की बारिश होगी, जबकि पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान में तीन और चार फरवरी को बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो पंजाब, उत्तर प्रदेश में बहुत घना कोहरा देखने को मिला, जबकि सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल में भी घना कोहरा छाया रहा। वहीं, जम्मू कश्मीर, लद्दाख में हल्की बारिश हुई। पहाड़ी राज्यों में पांच फरवरी तक बारिश जारी रहने वाली है। कई जगह बर्फबारी भी होगी। वहीं, उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में तीन से पांच फरवरी के बीच हल्की बारिश होगी। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में अगले दो दिनों के दौरान मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा, लेकिन उसके बाद इसमें दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो जाएगी। उत्तर पश्चिम भारत में अगले चार से पांच दिनों के दौरान तापमान दो से तीन डिग्री और बढ़ने वाला है। पश्चिमी भारत के राज्यों में दो दिनों के बाद दो से तीन डिग्री सेल्सियस गिरावट होगी। मध्य भारत में भी तापमान दो से तीन डिग्री तापमान गिरेगा। कोहरे की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में दो फरवरी को घना कोहरा देखने को मिलेगा, जबकि बिहार, ओडिशा, असम, मेघालय में तीन फरवरी तक कोहरे की स्थिति रहने वाली है।

महाकुंभ में पूरी दुनिया आकर अभिभूत है, लेकिन सपा को इससे पीड़ा हो रही है: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी को खूब धोया। बोले कि ‘एक्स’ पर दो महीने से सपा अध्यक्ष के पोस्ट को देखिए, यह प्रयागराज महाकुंभ का विरोध करते हुए आए हैं। अब तक 34 करोड़ श्रद्धालुओं ने पावन त्रिवेणी के संगम पर आस्था की डुबकी लगाई है। शनिवार को उप राष्ट्रपति, कई देशों के राजदूत-हाई कमिश्नर आए थे। पूरी दुनिया आकर अभिभूत है, लेकिन सपा को इससे पीड़ा हो रही है। जिससे सनातन धर्म का गौरव बढ़ता हो, भारतीयों का सीना चौड़ा होता हो, उससे सपा को पीड़ा होती है। सपा सनातन धर्म और सामाजिक न्याय के पुरोधाओं की विरोधी है। मुख्यमंत्री ने मिल्कीपुर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी चंद्रभानु पासवान के पक्ष में रविवार को जनसभा कर उन्हें जिताने की अपील की। सीएम ने कहा कि परसों (शुक्रवार) हेलीकॉप्टर से जा रहा था, अयोध्या धाम में हर तरफ जनसैलाब दिखाई दे रहा था। भाजपा की डबल इंजन सरकार ने फोरलेन सड़कें, रेलवे लाइन को डबल, स्टेशनों का सुदृढ़ीकरण, इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विस्तार नहीं किया होता तो प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु यहां नहीं आ पाते। केंद्र व राज्य सरकार का पैसा और हमारे जनप्रतिनिधियों का प्रयास रहा तो अयोध्या का विकास व व्यवसाय बढ़ रहा है। जब भी हमने अयोध्या के विकास की कार्ययोजना को बढ़ाया तो सपा ने विरोध किया। सड़क चौड़ीकरण के दौरान 1700 करोड़ से अधिक का मुआवजा दिया गया। राम मंदिर का शिलान्यास और राम मंदिर में रामलला विराजमान हुए, तब भी सपा ने विरोध किया। एयरपोर्ट का नामकरण महर्षि वाल्मीकि, रैन बसेरों का नाम निषादराज गुह्य के नाम पर किया गया, रसोई का नाम मां शबरी के नाम पर रखा गया, तब भी सपा को पीड़ा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने यूपी में पीएसी की तीन महिला बटालियन (वीरांगना उदा देवी, झलकारी बाई, अवंती बाई लोधी) गठित की। सपा ने तब भी विरोध किया था। यह वही सपा है, जो बहराइच में महाराज सुहेलदेव के विजय स्मारक का विरोध करती है, यह कहती है कि वहां गाजी का स्मारक होना चाहिए। सपा को गाजी व पाजी (बदमाश) प्यारे हैं। इन्हें बेटियों की इज्जत पर हाथ डालने वाला मिल्कीपुर का मोईद खान और कन्नौज का नवाब सिंह यादव प्यारा है। सपा गरीब, किसान, बेटी-बहन, व्यापारी, युवा के साथ नहीं, बल्कि माफिया, दुष्चरित्र व पेशेवर अपराधी के साथ खड़ी होती है। कोई घटना घटित होती है तो सपा का हाथ होता है या वह षड्यंत्र में शामिल रहती है। सीएम ने कहा कि सपा भारत विरोधी तत्वों को गले लगाती है। विधानसभा उपचुनाव के दौरान इनके दरिंदे नेता ने मैनपुरी में दलित बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। अयोध्या में कल एक बेटी के साथ घटना हुई है, आज इनका सांसद नौटंकी कर रहा है। जांच होगी तो उसमें भी सपा का कोई दरिंदा शामिल जरूर होगा। सीएम ने कहा कि 2016 में सपा सरकार के समय 2.35 लाख पर्यटक अयोध्या आए थे, जबकि 2024 में यहां 16.11 करोड़ श्रद्धालु आए। विकास विरोधी सपा की दृष्टि सैफई से बाहर नहीं जाती। सत्ता में आने पर यह परिवार के लिए कार्य करते हैं और वोट मांगने के लिए जाति का सहारा लेते हैं। सीएम ने कहा कि मिल्कीपुर का चुनाव भी राष्ट्रवाद बनाम परिवारवाद का चुनाव बन गया है। एक तरफ एनडीए प्रत्याशी के रूप में चंद्रभानु पासवान राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं के साथ मैदान में हैं तो दूसरी तरफ सपा के परिवारवाद का नमूना है, जिसका नाम भूमाफिया-अनैतिक, अराजक गतिविधियों में आता है। सीएम ने सपा पर हमला करते हुए कहा कि सब कुछ सुधर सकता है, लेकिन प्रवृत्ति नहीं। इनका पेशा अपराध, गुंडागर्दी, बेटी-व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाना है। समाजवादियों का नारा है, खाली प्लॉट हमारा है…, लेकिन 2017 में जब भाजपा सरकार आई और हमने एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स बनाया तो इसने गुंडों से 64 हजार एकड़ लैंड खाली कराई। यह परेशान हैं कि डबल इंजन सरकार ऐसे ही कार्य करेगी तो इनका धंधा चौपट हो जाएगा। धंधा चौपट होने से इनकी पार्टी भी चौपट हो जाएगी। सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या आकर विकास का मॉडल देखा जा सकता है। सरयू में स्टीमर भी चलकर सैर करा रही है। सपा को यह विकास अच्छा नहीं लग रहा है। सपा कहती थी कि अयोध्या का समाधान हुआ तो खून की नदियां बहेंगी, हमने कहा कि खून की नदियां बहाने वाले जहन्नुम में जा चुके हैं, धरती पर उनके लिए जगह नहीं है। अयोध्या की तर्ज पर मिल्कीपुर का समग्र विकास कराने के लिए चंद्रभानु पासवान यहां की आवश्यकता है। सीएम योगी ने कहा कि सपा वाले केवल सैफई का विकास कराते थे, लेकिन मैंने गोरखपुर और पीएम मोदी जी के आशीर्वाद से काशी में जितना विकास हुआ, उससे अधिक विकास अयोध्या में कराया गया। कोई भेदभाव नहीं हुआ। यह लोग कारसेवकों का रक्त बहाते थे। हम लोगों ने दीपोत्सव से यात्रा प्रारंभ की, आज यहां घर-घर में दीप जल रहे हैं। हमारी सरकार बिना भेदभाव विकास के लिए भरपूर मदद कर रही है। जनसभा में कृषि मंत्री व अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, योगी सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, जेपीएस राठौर, गिरीश चंद्र यादव, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, मयंकेश्वर शरण सिंह, सतीश चंद शर्मा, मनोहर लाल कोरी, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, विधायक रामचंद्र यादव, अमित सिंह चौहान, धर्मराज निषाद, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, अवनीश सिंह पटेल, पूर्व सांसद लल्लू सिंह आदि मौजूद रहे।

बजट अगर चुनावी व राजनीतिक स्वार्थ पर आधारित होगा तो उससे देशहित कैसे संभव है: मायावती

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने केंद्रीय बजट पर रविवार को विस्तार से प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बजट अगर चुनावी व राजनीतिक स्वार्थ पर आधारित होगा तो उससे देशहित कैसे संभव है। मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार का बजट विशुद्ध रूप से देश की प्रगति अर्थात करोड़ों गरीबों, मजदूरों, किसानों व अन्य मेहनतकशों के साथ-साथ खासकर दलितों, आदिवासियों, अन्य पिछड़ों व धार्मिक अल्पसंख्यकों के हित व कल्याण को साधने वाला बहुजनों का हितैषी होना जरूरी है, तभी विकसित भारत का सपना व लक्ष्य की प्राप्ति आज नहीं तो कल संभव हो पाएगा। उन्होंने कहा कि वैसे तो 12 लाख रुपए तक के इनकम टैक्स में छूट देने को सरकार व रूलिंग पार्टी भाजपा राजनीतिक रूप से काफी भुनाने की कोशिश करने में लगी है, किन्तु वेतन पाने वाले मध्यम वर्ग के एक छोटे से समूह को ही इसका लाभ मिल पाएगा, तो फिर इससे सर्वजन हित कैसे संभव होगा। मायावती ने कहा कि वास्तव में देश की सम्पूर्ण कर व्यवस्था तथा जीएसटी कर व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत है ताकि मासिक सैलरी पाने वाले मध्यम वर्ग के साथ ही रोजमर्रा इस्तेमाल की चीजों पर जीएसटी कर का भारी बोझ झेलने वाले सवा सौ करोड़ से अधिक देश की आबादी को इस महंगाई के दौर में थोड़ी राहत जरूर मिल सके। बसपा मुखिया ने कहा कि भाजपा तथा उसकी केंद्र सरकार की गलत नियत एवं नीतियों के कारण देश में छाई जबरदस्त महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, असुरक्षा जन व देशहित के ऐसे गंभीर वास्तविक मुद्दे हैं, जिसके प्रति सच्ची देशभक्ति, सोच व ईमानदार कार्यशैली बहुत जरूरी है। तभी सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय के लक्ष्य की प्राप्ति होगी। मायावती ने कहा कि बजट जिस भी मद में निर्धारित किया जा रहा है, उसका सही से उपयोग न होने से, उसका जमीनी लाभ लोगों को नहीं मिल पाना कांग्रेस के समय से ही बहुत बड़ी समस्या है। इतना ही नहीं, बल्कि बजट का सही आकलन, सही निर्धारण तथा बिना डाइवर्जन के सही से जमीनी उपयोग सुनिश्चित होना भी अति आवश्यक है। वर्ना विकास व जीडीपी दर आदि के वादे और दावे सब वैसे ही हवा-हवाई ही बने रहेंगे, जैसा कि कांग्रेस के समय से अब तक होता चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति व विकास पर सभी का हक होगा, तभी देश गैर-बराबरी व विषमताओं से मुक्त, गौरव करने योग्य खुश व खुशहाल हो पाएगा। केवल सरकारी वादों व दावों से लोगों का पेट नहीं भरेगा और न ही खाली पेट लोग बहुत दिनों तक सरकारी भजन करेंगे। मायावती ने कहा कि बीएसपी की यूपी में चार बार रही सरकार “सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय” के आधार पर सर्व समाज की गरीब, बेरोजगारी, रोटी-रोजी के अभाव में मजबूरी का पलायन रोकने तथा पिछड़ापन आदि दूर करने के मामले में ऐसी मिसाल है, जो लोगों के दिल-दिमाग में लगातार जीवित है। इसलिए सरकार, केंद्र सरकार को राजनीतिक व चुनावी स्वार्थ से ऊपर उठकर पूरी तरह से जन व देशहित में बजट का आवंटन तथा उससे भ्रष्टाचार से मुक्त जमीनी हकीकत में उतारना भी बहुत जरूरी है।

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