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विदेशों में बढ़ रहा सनातन धर्म का क्रेज, इस वर्ष 150 से अधिक विदेशी नागरिकों के सनातन धर्म की दीक्षा ली

महाकुंभ नगर सनातन धर्म की आध्यात्मिक शक्ति और जीवनशैली से प्रभावित होकर दुनिया भर के लोग भारतीय संस्कृति की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण इस वर्ष 150 से अधिक विदेशी नागरिकों के सनातन धर्म की दीक्षा लेना है। शक्तिधाम आश्रम में मकर संक्रांति के अवसर पर 62 विदेशी नागरिकों ने दीक्षा ग्रहण की थी। इसके बाद से यह संख्या लगातार बढ़ रही है और अभी यह क्रम जारी है। सनातन धर्म की ओर झुकाव केवल आध्यात्मिक साधकों तक सीमित नहीं है बल्कि विज्ञान, कला और संगीत से जुड़े लोग भी इसे अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं। सनातन परंपराओं को अपना रहे व‍िदेशी इस वर्ष दीक्षा लेने वालों में इंजीनियर, शोधार्थी, संगीतकार और कलाकार शामिल हैं, जो भारत के प्राचीन ज्ञान और संस्कृति से प्रभावित होकर सनातन परंपराओं को अपना रहे हैं। वसंत पंचमी के अमृत स्नान के लिए एक फरवरी को 60 विदेशी नागरिकों का एक दल शक्तिधाम आश्रम पहुंचेगा। इन देशों के नागर‍िकों ने ली दीक्षा इनमें 20 इजरायल, 14 अमेरिका सहित फ्रांस, स्विटजरलैंड के नागरिक शामिल हैं। इसमें भी कई लोग सनातन धर्म की दीक्षा लेंगे और आध्यात्मिक जीवन को अपनाने का संकल्प लेंगे। वसंत पंचमी पर तीसरे अमृत स्नान की तैयारियों में जुटा शक्तिधाम आश्रम वसंत पंचमी पर महाकुंभ के तीसरे अमृत स्नान की तैयारियां जोरों पर हैं। सेक्टर 17 स्थित शक्तिधाम आश्रम में वसंत पंचमी पर भव्य अमृत स्नान के लिए तैयारी हो रही है। जगद्गुरु साईं मां लक्ष्मी देवी रजत सिंहासन पर विराजमान होकर भक्तों को आशीर्वाद देंगी। पूरी भव्‍यता के साथ होगा स्‍नान आश्रम के महामंडलेश्वर अनंत दास ने बताया कि इस बार शक्तिधाम आश्रम अपनी पूरी भव्यता और दिव्यता के साथ अमृत स्नान करेगा। वसंत पंचमी स्नान के दौरान जगद्गुरु साईं मां लक्ष्मी देवी का रथ और रजत सिंहासन विशेष रूप से फूलों की लड़ियों से सजाया जाएगा। नजदीकी घाटों पर स्नान की अपील शंख, घंटों और गाजे-बाजे के बीच महामंडलेश्वर और भक्तगण श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाएंगे। साईं मां ने श्रद्धालुओं को संगम तट पर आने के स्थान पर नजदीकी स्नान घाटों पर स्नान की अपील की है।

सिलेंडर से भरे ट्रक में अचानक लगी आग, दूर तक सुनाई दी धमाकों की आवाज, धमाकों की आवाज से सहमे लोग

गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में आज एलपीजी गैस सिलेंडर से भरे ट्रक में भीषण आग लग गई। इससे धमाका होने लगा। ब्लास्ट की आवाज दूर तक सुनी जा रही है। आग बुझाने की कोशिश की जा रही है। धमाका थाना टीला मोड़ क्षेत्र में दिल्ली-वजीराबाद रोड पर भोपुरा चौक के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सिलेंडर से भरे ट्रक में अचानक ही आग लग गई। इसके बाद विस्फोट होने लगा। आवाज दो-तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके की आवाज सुन इलाके के लोग सहम गए और घरों से बाहर निकल आए। इस घटना की जानकारी फायर ब्रिगेड को दी गई और आग को बुझाने का काम शुरू हो गया। जानकारी के अनुसार ट्रक में 150 से 200 तक सिलेंडर हो सकते हैं। मौके पर पहुंचे अग्निशमन अधिकारी सीएफओ राहुल पाल सिंह ने बताया, “आज सुबह करीब 4:35 बजे साहिबाबाद स्टेशन के पास भोपुरा में एलपीजी सिलेंडर से भरे ट्रक में आग लग गई। दमकल विभाग द्वारा आग पर काबू पाया जा रहा है। आग सुबह करीब 4:35 बजे लगी थी और एलपीजी सिलेंडर भरा ट्रक जल रहा है।”  

योगी ने किया हवाई सर्वेक्षण- महाकुंभ में पवित्र संगम में स्नान करने वालों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही

महाकुंभ नगर महाकुंभ में गंगा,यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में स्नान करने वालों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है और आज सुबह दस बजे तक करीब 90 लाख श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में पवित्र डुबकी लगा ली थी जिसमें दस लाख कल्पवासी भी शामिल हैं। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन फरवरी को बसंत पंचमी पर होने वाले अमृत स्नान पर्व के मद्देनजर आज सुबह महाकुंभ मेला क्षेत्र का हवाई निरीक्षण किया। मेला क्षेत्र में लाखों लोग संगम क्षेत्र की ओर बढ़ते दिखायी दे रहे हैं। संत महात्माओं का कहना है कि महाकुंभ के अवसर पर तीर्थराज प्रयागराज के किसी भी घाट पर स्नान का पुण्य फल मिलेगा। उन्होने अपील की कि श्रद्धालु अपने निकट के घाट पर स्नान ध्यान करें और भीड़ से बचें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सुबह हेलीकाप्टर से मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरुरी दिशा निर्देश दिये। अधिकृत जानकारी के अनुसार आज सुबह दस बजे तक 89 लाख 75 हजार श्रद्धालु त्रिवेणी में पवित्र स्नान कर चुके थे जिसे मिलाकर अब तक 31 करोड़ 46 लाख से अधिक श्रद्धालु महाकुंभ के दौरान संगम स्नान कर चुके हैं।उधर,मेला क्षेत्र में बसंत पंचमी स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर तमाम इंतजाम किये गये हैं। स्नान पर्व पर मेला क्षेत्र समेत समूचे प्रयागराज में वाहनो का प्रवेश निषेध रहेगा। सिर्फ पुलिस प्रशासन के वाहन और एबुंलेंस को मेला क्षेत्र में जाने की इजाजत होगी। स्कूलों में बसंत पंचमी के दिन अवकाश रहेगा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिये एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवान तैयार रहेंगे। चिकित्सा सुविधायें भी मेला क्षेत्र चाक चौबंद रहेंगी। श्रद्धालुओं को उनके निकटतम घाट पर स्नान के बाद सुरक्षित उनके गंतव्य पर वापस किया जायेगा। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिये श्रद्धालुओं से घाटों पर भीड़ न लगाने की अपील की जायेगी। साथ ही ड्रोन के जरिये भीड़ को नियंत्रित किया जायेगा।  

महाकुंभ में भगदड़ के बाद सरकार अलर्ट… दो सीनियर IAS अफसरों को किया तैनात

प्रयागराज हाल ही में महाकुंभ में मची भगदड़ के बाद यूपी सरकार ने भीड़ नियंत्रण और सुचारू व्यवस्था के लिए दो सीनियर आईएएस अधिकारियों की तैनाती की है. दोनों आईएएस अफसरों ने साल 2019 के अर्धकुंभ में जिम्मेदारी संभाली थी. सरकार ने आगामी बसंत पंचमी (अमृत स्नान) के सफल आयोजन को लेकर इन अधिकारियों को नियुक्त किया है. 3 फरवरी को होने वाले इस प्रमुख स्नान पर भारी भीड़ जुटने की संभावना है. महाकुंभ मेला में भगदड़ के एक दिन बाद गुरुवार को भारी भीड़ पहुंची. करीब दो करोड़ लोगों ने संगम स्नान किया. कुंभ में अब तक करीब 30 करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं. वहीं डीजीपी प्रशांत कुमार और मुख्य सचिव मनोज सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और हादसे की वजहों को जाना. न्यायिक आयोग की टीम भी यहां पहुंची. सरकार ने मौनी अमावस्या पर हादसे से सबक लेते हुए अमृत स्नान के दिन VIP मूवमेंट पर रोक लगा दी है. बाहरी वाहन भी कुंभ मेला क्षेत्र में नहीं आ पाएंगे. एजेंसी के अनुसार, सरकार ने सीनियर IAS अधिकारी अशीष गोयल और भानु चंद्र गोस्वामी को प्रयागराज भेजा है, जो अर्धकुंभ 2019 के दौरान प्रशासनिक टीम का हिस्सा थे. ये दोनों अधिकारी क्राउड मैनेजमेंट और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के साथ महाकुंभ की जिम्मेदारी संभालेंगे. इनकी नियुक्ति मेले के मुख्य अधिकारी विजय किरण आनंद के साथ की गई है. ये अधिकारी अब महाकुंभ के दौरान सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था देखेंगे. पुलिस महानिरीक्षक केपी सिंह ने कहा कि अमृत स्नान जैसे बड़े आयोजनों का सुचारू संचालन सुनिश्चित होगा. महाकुंभ के दौरान कानून-व्यवस्था की मजबूती के लिए सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भी तैनाती की है. इसके तहत चार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और तीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदारी दी गई है. इनमें देवरिया के वर्तमान एसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी, भ्रष्टाचार निरोधक विभाग के लक्ष्मीनिवास मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी राजधारी चौरसिया और कानपुर नगर के डीसीपी श्रवण कुमार सिंह प्रमुख रूप से शामिल हैं. इनके अलावा, तीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों को क्राउड मैनेजमेंट और सुरक्षा रणनीति को बेहतर बनाने के लिए विशेष जिम्मेदारी दी गई है. इनमें कानून-व्यवस्था के अतिरिक्त महानिदेशक के स्टाफ अधिकारी विकास चंद्र त्रिपाठी, बस्ती में तैनात ओमप्रकाश सिंह और श्रावस्ती के प्रवीण कुमार यादव प्रमुख हैं. सुरक्षा और व्यवस्था में उठाए गए कदम महाकुंभ में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं, जिसे देखते हुए ये व्यवस्थाएं की जा रही हैं. प्रमुख घाटों और संगम क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था की जा रही है. भीड़ की आवाजाही को सुव्यवस्थित करने के लिए नए रास्ते बनाए जा रहे हैं. इमरजेंसी रिस्पॉस सिस्टम को मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी स्थिति में तत्काल कार्रवाई हो सके. विभिन्न एजेंसियों के बीच सुरक्षा समन्वय मजबूत किया गया है. भीड़ की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है. अत्यधिक भीड़भाड़ से बचने के लिए मजबूत बैरिकेडिंग और एंट्री कंट्रोल के उपाय किए गए हैं. प्रमुख स्थानों पर पुलिस गश्त को बढ़ाया गया है. महाकुंभ 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा. अब तक 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालु महाकुंभ में शामिल हो चुके हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि यह संख्या 45 करोड़ तक पहुंच सकती है. बता दें कि बुधवार तड़के संगम नोज क्षेत्र में मची भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और 60 लोग घायल हुए थे. ये लोग मौनी अमावस्या पर गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदी के संगम में स्नान के लिए पहुंचे थे.  

प्रयागराज महाकुंभ में मंत्री जयशंकर के साथ 116 देशों के राजनयिक संगम में आज लगाएंगे डुबकी

प्रयागराज संपूर्ण दुनिया के आकर्षण का केंद्र बना प्रयागराज महाकुंभ नित नए कीर्तिमान रच रहा है। विश्व के 116 देशों के राजनयिक कल महाकुंभनगर आ रहे हैं। सभी राजनयिक प्रयागराज के बमरौली एयरपोर्ट पर उतरेंगे। वहां से हेलीकाप्टर से अरैल पहुंचेंगे। राजनयिकों के साथ विदेशमंत्री एस.जयशंकर पहुंच रहे हैं।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी का प्रयागराज में स्वागत करेंगे। सभी राजनयिक अरैल पहुंचने पर सबसे पहले अपने देश का झंडा फहरायेंगे। इसके बाद संगम में डुबकी लगाने पहुंचेंगे ।यह वैश्विक आयोजन मां गंगा के तट पर होगा। इस समागम में धुर विरोधी रूस और यूक्रेन के राजदूत भी शामिल होंगे। इसके अलावा अमेरिका, बांग्लादेश, जापान, जर्मनी, हंगरी, बेलारूस, कजाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, मलेशिया, जिम्बाम्बे, कम्बोडिया, इटली, नेपाल, थाईलैंड, स्वीडन व स्विटजरलैंड समेत 116 देशों के राजनयिक अमृतकाल के साक्षी बनेंगे।मेला अधिकारी विजय किरन आनंद के अनुसार, इस संबंध में सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राजनयिक संगम में डुबकी लगाने के बाद अक्षयवट और लेटे हुए हनुमान जी का दर्शन करेंगे। इसके बाद डिजिटल अनुभूति केंद्र में प्रयागराज के महात्म्य के संबंध में जानकारी लेंगे। इस बार 116 देशों के राजनायिक आ रहे हैं। वे आज शनिवार को सुबह अरैल पहुंचेंगे। अरैल स्थित टेंट सिटी में उनका परंपरागत तरीके से स्वागत किया जाएगा। इसी क्रम में राजनायिक झंडे को सलामी देंगे। इसके बाद उन्हें क्रूज से वीआईपी घाट लाया जाएगा। संगम पर उनके स्नान की भी व्यवस्था रहेगी। इसके लिए जेटी तैयार की जा रही है। वे अक्षयवट, हनुमान मंदिर में दर्शन करेंगे और संतों से भी मिलेंंगे। विदेशी डेलीगेट्स कला कुंभ, डिजिटल अनुभूति केंद्र समेत अन्य प्रदर्शनियों का अवलोकन करेंगे। शाम को सांस्कृतिक आयोजन में भी शामिल होंगे। इसके बाद वे वाराणसी के लिए रवाना होंगे। मेले में वाटर एटीएम दे रहा है फ्री आरओ पानी यूपी जल निगम ने मेला क्षेत्र में 200 वाटर एटीएम लगाए हैं। इनके माध्यम से श्रद्धालुओं को फ्री आरओ पानी मिल रहा है। प्रतिदिन 12 से 15 हजार लीटर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि मेला प्रशासन ने पहले इसके लिए एक रुपये का शुल्क लगाया था, पर अब यह पूरी तरह मुफ्त है। वाटर एटीएम पर ऑपरेटर बैठते हैं, जो श्रद्धालुओं के कहने पर बटन दबाकर शुद्ध जल उपलब्ध करा रहे हैं। इनकी सेंसर के माध्यम से निगरानी भी होती है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति को डेढ़ करोड़ ने किए हस्ताक्षर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति और मंदिर के भव्य निर्माण को लेकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास की ओर से मेले में चल रहे अभियान में डेढ़ करोड़ लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं। एक फरवरी को सेक्टर-16 स्थित जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राजेश्वर माऊली के पंडाल में महासंवाद होगा। इसमें आगे के आंदोलन की आधारशिला रखी जाएगी। अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की मूल जन्मस्थली (वर्तमान में शाही ईदगाह मस्जिद) को मुक्त कराने के लिए अभियान की शुरुआत जन्मभूमि के मुख्य द्वार से की गई थी। इसमें अब तक डेढ़ करोड़ लोगों ने हस्ताक्षर कर आंदोलन को समर्थन दिया है। साधु-महात्मा, महामंडलेश्वर, जगद्गुरु और शंकराचार्य महासंवाद में शामिल होंगे।  

पहली वर्षगांठ पर CM योगी ने शेयर की तस्वीर, रामनगरी में भव्य कार्यक्रम की तैयारी

अयोध्या अयोध्या राम मंदिर में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर रामनगरी में भव्य कार्यक्रम की तैयारी की गई है. सीएम योगी आदित्यनाथ आज शनिवार (11 जनवरी) को अयोध्या पहुंचेगे और रामलला का अभिषेक करेंगे. इस बीच सीएम योगी ने बेहद सुंदर तस्वीरों का एक कोलाज शेयर किया है जिसमें वो भगवान राम की पूजा अर्चना करते दिख रहे हैं. इन तस्वीरों में एक फोटो प्राण प्रतिष्ठा समारोह की भी है जहां वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दिख रहे है. राम मंदिर के पहली वर्षगांठ पर सीएम योगी ने देशवासियों को बधाई देते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट शेयर की. जिसमें उन्होंने रामचरित मानस के रचेयता गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई का जिक्र किया और लिखा- ‘हम चाकर रघुवीर के…जय श्री राम!’ इन पंक्तियों का अर्थ है कि हम सिर्फ भगवान श्रीराम के सेवक हैं. रामलला प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ राम मंदिर की पहली वर्षगांठ पर श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के द्वारा आज से तीन दिन का वृहद आयोजन किया जा रहा है. इस उत्सव को हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से प्रतिष्ठा द्वादशी का नाम दिया गया है. इस अवसर पर आज से राम मंदिर परिसर में कई भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ आज सबसे पहले मंत्रोच्चारण के साथ रामलला को अभिषेक करेंगे, दोपहर 12.20 बजे आरती होगी. राम मंदिर की पहली वर्षगांठ के आयोजन में शामिल होने के लिए सीएम योगी आज सुबह 10:45 बजे अयोध्या पहुंचेंगे. जहां वो सबसे पहले हनुमानगढ़ी जाकर बजरंगबली की पूजा अर्चना करेंगे. इसके बाद वो यहां से राम मंदिर जाएंगे और रामलला का महाभिषेक और आरती करेंगे. इसके बाद मुख्यमंत्री विभिन्न अनुष्ठानों में हिस्सा लेंगे. इसके बाद वो साधु संतों और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के मुलाकात करेंगे. सीएम योगी आज दोपहर दो बजे रामजन्मभूमि परिसर के पास स्थित अंगद टीला में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. इस जनसभा के लिए 100 फीट लंबा पंडाल बनाया गया है. इस दौरान उनके साथ दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहेंगे.

महाकुंभ 2025: 13 जनवरी से शुरू हो रहा महाकुंभ, प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा के कई इंतजाम किए, 40 करोड़ लोग लगाएंगे डुबकी

प्रयागराज महाकुंभ 2025 प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित होगा। इस आयोजन में लाखों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। इतनी बड़ी भीड़ में खोने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा के कई इंतजाम किए हैं। अगर आप महाकुंभ में खो जाएं या आपका कोई सामान या व्यक्ति गुम हो जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। निम्नलिखित तीन प्रमुख बिंदुओं के तहत जानिए क्या करना चाहिए। खोया-पाया केंद्रों का सहारा लें महाकुंभ मेला क्षेत्र में 10 अत्याधुनिक डिजिटल ‘खोया-पाया केंद्र’ स्थापित किए गए हैं। ये केंद्र हर सेक्टर में उपलब्ध हैं और एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।   इन केंद्रों पर जाकर गुमशुदा व्यक्ति या वस्तु की जानकारी दर्ज करवाएं।  सूचना दर्ज कराने वाले को एक कंप्यूटराइज्ड रसीद प्रदान की जाएगी।  इन केंद्रों पर 55 इंच की LED स्क्रीन लगी हैं, जहां गुमशुदा व्यक्ति या वस्तु की जानकारी प्रदर्शित होगी। सोशल मीडिया का उपयोग: इन केंद्रों की जानकारी फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप पर भी साझा की जाएगी। अनाउंसमेंट सेंटर से गुमशुदा व्यक्ति या सामान की घोषणा करवाएं। मेला क्षेत्र में जगह-जगह पुलिस तैनात होगी। अनाउंसमेंट सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। खोने से बचने के लिए कुछ सामान्य सावधानियां जरूरी हैं बच्चों के लिए विशेष सतर्कता बरतें, उन्हें पहले से सिखाएं कि गुम होने पर पुलिस की मदद लें। बच्चों की जेब में फोन नंबर और पता लिखकर रखें। भीड़ में बच्चों का हाथ पकड़कर चलें। घाटों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतें।  

राजनीतिक दलों में असमंजस की स्थिति बन रही, सपा-BJP के बीच कांटे की टक्कर, प्रत्याशी 14 जनवरी के बाद ही पर्चा भरेंगे

लखनऊ अयोध्या जिले की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन इस दौरान राजनीतिक दलों के बीच एक खास कारण से नामांकन की संख्या कम रहने की संभावना है। यह कारण है खरमास, जो हिंदू कैलेंडर के अनुसार एक धार्मिक अवध है, जिसमें शुभ कार्यों की शुरुआत नहीं की जाती। इसी वजह से प्रत्याशी 14 जनवरी के बाद ही पर्चा भरेंगे, इसको लेकर राजनीतिक दलों में असमंजस की स्थिति बन रही है। जानें खरमास का असर क्यों? मिल्कीपुर उपचुनाव को लेकर नामांकन की प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू हो गई, लेकिन अधिकांश प्रत्याशी 14 जनवरी के बाद ही पर्चा भरने के लिए तैयार हैं। हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व होता है और इस दौरान कोई भी नया कार्य या चुनावी गतिविधि शुभ नहीं मानी जाती। ऐसे में राजनीतिक दलों का मानना है कि 14 जनवरी तक नामांकन में ज्यादा सक्रियता नहीं दिखाई देगी।   मुख्य मुकाबला बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच मिल्कीपुर उपचुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, बीजेपी की तरफ से अभी तक इस सीट के लिए उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं किया गया है, जबकि समाजवादी पार्टी ने अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को अपना प्रत्याशी बनाया है। इस चुनावी घमासान में कांग्रेस ने सपा को समर्थन देने का फैसला किया है, और पार्टी की तरफ से कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा जाएगा। बसपा और अन्य दलों का रुख बसपा की ओर से पहले मिल्कीपुर सीट पर रामसागर कोरी को प्रत्याशी बनाने का ऐलान किया गया था, लेकिन अब तक बसपा की ओर से इस सीट पर चुनाव लड़ने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसके अलावा, आजाद समाज पार्टी द्वारा भी प्रत्याशी उतारे जाने की संभावना है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। चुनावी माहौल और प्रत्याशियों की तैयारी चुनाव आयोग ने मिल्कीपुर उपचुनाव के लिए तारीखों का ऐलान पहले ही कर दिया था, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि खरमास के चलते उम्मीदवारों को अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा। 14 जनवरी के बाद ही प्रमुख दलों की तरफ से नामांकन में तेजी देखने को मिल सकती है।  

योगी ने कहा- कुंभ में ऐसे लोगों का स्वागत है जो अपने गोत्र को भारत के ऋषियों के नाम से जोड़कर देखते हैं

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भव्य महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। इसकी तैयारी बड़े ही जोर-शोर से की जा रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। वह बार-बार प्रयागराज का दौरा कर रहे हैं। इस सबके बीच इस बात की चर्चा थी कि कुंभ के दौरान यहां मुसलमानों की एंट्री बैन कर दी गई है। हालांकि, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद इस मुद्दे पर खुलकर बात की है। जब योगी आदित्यनाथ से इस विषय पर पूछा गया तो उन्होंने साफ-साफ कहा कि जिस किसी को भी भारत की सनातन परंपरा में आस्था है वह यहां आएं। हालांकि उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कह दिया कि गलत मानसिकता से लोग यहां नहीं आएं। कुछ भी गलत करते हुए पकड़े जाने पर उनके साथ दूसरे तरीके से व्यवहार हो सकता है। योगी आदित्यनाथ ने कुंभनगरी में मुसलमानों का स्वागत करते हुए शर्तें भी लगा दी हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान ऐसे ही लोगों का स्वागत है जो अपने को भारतीय मानते हों। सनातन परंपरा में श्रद्धा रखते हैं। जिन्हें ऐसा लगता है कि भूतकाल में किसी दबाव में आकर उनके पूर्वजों ने उपासना विधि के रूप में इस्लाम स्वीकार किया था, लेकिन वे सनातनी हैं तो उनका कुंभ में स्वागत हैं। योगी ने कहा कि कुंभ में ऐसे लोगों का स्वागत है जो अपने गोत्र को भारत के ऋषियों के नाम से जोड़कर देखते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे लोग प्रयागराज आएं और परंपरागत तरीके से संगम में स्नान करें। ऐसे लोगों के आने में कोई समस्या नहीं हैं। योगी आदित्यनाथ वक्फ बोर्ड के दावों का जवाब देते हुए कहा कि अगर कोई आएगा और कहेगा कुंभ की यह भूमि हमारी है और हम लोग इस पर कब्जा करेंगे तो मुझे लगता है कि उनको ‘डेंटिंग-पेंटिंग’ का सामना करना पड़ सकता है। अखाड़ों के संतों के साथ योगी का डिनर वहीं, योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज दौरे के पहले दिन साधु संतों के साथ रात्रि भोज किया और उन्हें उपहार भी भेंट किया। रात्रि भोज में सभी अखाड़ों, खाकचौक, दंडीबाड़ा और आचार्यबाड़ा के संत उपस्थित रहे। इस रात्रि भोज कार्यक्रम में जूना, निरंजनी, उदासीन बड़ा, निर्मल, तीनों वैष्णव अखाड़े (निर्मोही, दिगंबर, निर्वाणी), अग्नि, आवाहन, अटल एवं आनंद अखाड़े के संत भी शामिल रहे। साथ ही खाकचौक से संतोष दास (सतुआ बाबा) भी इस दौरान उपस्थित रहे। साधु संतों ने मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुष्प वर्षा कर स्वागत और अभिनंदन किया।

सपा नेता वाट्सएप ग्रुप में मैसेज डाला जिसमें लिखा था, ‘दुआओं में याद रखना, फिर की आत्‍महत्‍या

लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के एक नेता ने खुद को गोली मारकर आत्‍महत्‍या कर ली है। वह कैंसर से पीड़ित थे। आत्‍महत्‍या से पहले उन्‍होंने एक वाट्सएप ग्रुप में मैसेज डाला जिसमें लिखा था, ‘दुआओं में याद रखना।’ यह घटना शुक्रवार की सुबह साढ़े 10 बजे के करीब लखनऊ के मौलवीगंज में हुई। मुजीबुर्रहमान बबलू समाजवादी पार्टी के पूर्व नगर अध्यक्ष थे। वह कैंसर से पीड़ित चल रहे थे। बताया जा रहा है कि इसी से दुखी होकर उन्‍होंने आत्‍महत्‍या की है। मुजीबुर्रहमान बबलू ने लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मारी। आत्‍महत्‍या करने से ठीक पहले उन्‍होंने वाट्सएप ग्रुप पर मैसेज भेजा। गोली की आवाज सुन लोग दौड़कर घटनास्‍थल पर पहुंचे। वहां सपा नेता को लहूलुहान देखकर लोग हैरान रह गए। लोगों को सपा नेता की बीमारी के बारे में पता था लेकिन किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह इस तरह आत्‍मघाती कदम उठा लेंगे। सूचना पर पहुंची पुलिस विधिक कार्यवाही में जुटी है। सपा नेता के करीबियों का कहना है कि वह लंबे समय से शारीरिक और मानसिक तकलीफ झेल रहे थे। इसी दर्द के चलते उन्‍होंने ऐसा कदम उठाया है। सपा नेता मुजीबुर्रहमान बबलू की मौत ने उन्‍हें जानने वाले लोगों को सकते में डाल दिया है। सपा ने जताया दुख सपा ने लखनऊ के अपने पूर्व नगर अध्‍यक्ष मुजीबुर्रहमान बबलू के निधन पर दुख जताया है। सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म एक्‍स पर सपा के अकाउंट पर पार्टी की ओर से लिखा गया, ‘ लखनऊ के पूर्व नगर अध्यक्ष मुजीबुर्रहमान बबलू जी का इंतकाल, अत्यंत दुःखद है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें, शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं। पार्टी के कई कार्यकर्ता घटना की सूचना पाकर मुजीबुर्रहमान बबलू के घर पहुंचे।

निर्मम हत्या: पति-पत्नी सहित 3 बेटियों का स्टोन कटर से काटा गला

मेरठ मेरठ में एक ही परिवार के 5 लोगों की हत्या करने का मामला सामने आया है। पति-पत्नी सहित 3 बेटियों को पत्थर काटने वाली मशीन से काटा गया है। बच्चियों के शव बोरी भर दिया। उसके बाद हत्यारों ने पांचों शवों को बेड के बॉक्स में छिपा दिया। पांचों शवों के गले किसी धारदार हथियार से काटे गए थे, जिसके गहरे निशान मिले। घर के बाहर ताला लटका हुआ था। पड़ोसी समझ रहे थे कि सभी कहीं बाहर गए हुए हैं। भाई व परिवार के लोग फोन कर रहे थे, लेकिन कोई रिसीव नहीं कर रहा था। मामला लिसाड़ी गेट इलाके के सोहेल गार्डन का है। सभी मरने वालों की पहचान हो गई है। पति मोईन, पत्नी आसमा, अफ्सा (8), अजीजा (4), अदीबा (1) के शव मिले हैं। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में शवों के गलों पर गहरे निशान मिले हैं, जिससे अनुमान है कि उनकी पत्थर काटने वाली मशीन से हत्या की गई है। मोईन के भाई पर शक एक बड़े हत्याकांड की खबर लगते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। एडीजी डीके ठाकुर व डीआईजी कलानिधि नैथानी ने लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने मोईन के भाई को हिरासत में लिया है। आसमा के भाई ने मामला दर्ज कराया, जिसमें आसमा की देवरानी व मोईन के दो भाइयों को नामजद किया है। पुलिस देवरानी नजराना को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घर में बिछी पड़ी थीं लाशें मोईन किराए के घर में परिवार के साथ रहता था। सुबह से परिवार के लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। भाई सलीम ने पत्नी के साथ घर जाकर देखा, तो ताला लटका हुआ था। उसने आसपास लोगों से पूछा तो पता चला कि कल से किसी को भी नहीं देखा है। आवाज लगाई, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। हम दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे तो सामान बिखरा मिला। फिर भाई और भाई के शव जमीन पर पड़े देखे। पास जाकर देखने पर पता चला कि वह मर गए थे।  

आज प्रदेश में धूप से तापमान में हल्की बढ़ोतरी, कल इन जिलों में होगी जमकर बारिश

लखनऊ प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से ठंड का प्रभाव जारी है, लेकिन गुरुवार को दिन में धूप से तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली। हालांकि, रात का मौसम ठंडा और कोहरे से ढका रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना है, जिससे ठंड में और वृद्धि हो सकती है। गुरुवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ठंड से लोग कांप गए। यहां का अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि शुक्रवार को घने कोहरे की संभावना है। शुक्रवार को अनुमान है कि अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। प्रदेश कई हिस्सों में मौसम का मिजाज शुष्क होगा, लेकिन घने कोहरे से विजिबिलिटी कम रहेगी। इन ज‍िलों में गरज चमक के साथ होगी बारिश आईएमडी के अनुसार उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार और शनिवार गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, जिसमें चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, रामपुर, और बरेली जैसे जिले शामिल हैं। कानपुर में पड़ी सबसे ज्यादा ठंडा प्रदेश में सबसे ज्यादा ठंड कानपुर में पड़ी। वहां का न्यूनतम तापमान सबसे कम 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। उसके बाद सोनभद्र में लोगों की ठंड से कंपकंपी छूट गई, क्योंकि वहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस था। बुलंदशहर में भी जमकर ठंड पड़ी, वहां 5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। बढ़ती ठंड के कारण मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लोगों को सलाह दी है कि वह अपना बचाव करें। अलाव जलाकर रखें, जिससे समय-समय पर खुद को गर्म रख सकें। मौसम विभाग ने कहा है कि शुक्रवार को आगरा में कोहरा या धुंध देखने को मिलेगी। दोपहर के बाद मौसम साफ होगा।  

यूपी में बृहस्पतिवार को थमी बर्फीली हवाओं की रफ्तार, कई इलाकों में धूप खिलने से राहत

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पिछले दो-तीन दिनों से चल रही तेज रफ्तार पछुआ हवाएं बृहस्पतिवार से मद्धिम हुईं। कई इलाकों में सुबह हुई गुनगुनी धूप और पछुआ थमने के असर से फौरी तौर पर गलन से थोड़ी राहत हुई। हालांकि तराई समेत अन्य कुछ जगहों पर बृहस्पतिवार को सुबह घना कोहरा छाया रहा। प्रयागराज समेत कुछ जिलों में दृश्यता शून्य तक जा पहुंची। राजधानी लखनऊ में बृहस्पतिवार को सुबह से ही हल्की धूप खिली और गलन से तात्कालिक तौर पर राहत मिली। यहां रात के पारे में 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह लखनऊ में  हल्के से मध्यम कोहरा छाने के आसार है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि प्रदेश में  शुक्रवार तक रात के पारे में हल्की गिरावट आएगी।  शनिवार से पश्चिमी विक्षोभ के असर से रात का पारा फिर से चढ़ेगा। कुल मिलाकर इस हफ्ते तापमान में उतार चढ़ाव जारी रहेगा। यहां है घना कोहरा छाने की संभावना प्रतापगढ़, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर संभल, बदायूं एवं आसपास इलाकों में घना कोहरा छाने की संभावना है।  

आखिर संतों के आश्रमों को अखाड़ा क्यों कहा जाने लगा, इस बारे में जानकार मानते हैं कि यहां अखाड़ा का भाव अखंड से है

प्रयागराज अखाड़ा शब्द सुनते ही हमारे जेहन में पहलवानों और उनके मल्ल युद्ध करने की तस्वीरें उभरने लगती हैं। लेकिन आध्यात्मिक क्षेत्र में अखाड़े संतों के होते हैं। निर्मोही अखाड़ा, जूना अखाड़ा, शंभू पंच दशनाम अखाड़ा समेत संतों के कई अखाड़े हैं, जो चर्चा में रहते हैं। फिलहाल सभी अखाड़ों के संत महाकुंभ 2025 में पहुंचे हुए हैं और उनके अस्थायी आश्रम ही बन गए हैं। करोड़ों की संख्या में महाकुंभ पहुंचने वाले लोग भी अलग-अलग अखाड़ों में जाकर संतों का आशीर्वाद लेना नहीं भूलते। लेकिन यह सवाल भी बनता है कि आखिर संतों के आश्रमों को अखाड़ा क्यों कहा जाने लगा। इस बारे में जानकार मानते हैं कि यहां अखाड़ा का भाव अखंड से है। दरअसल अखण्ड शब्द ही अपभ्रंश होते-होते अखाड़ा बन गया। यहां अखंड से आध्यात्मिक भाव यह है कि जिसका विभाजन न हो सकता हो। आदि गुरु शंकराचार्य ने सनातन धर्म की रक्षा हेतु साधुओं के संघों को मिलाने का प्रयास किया था। उसी प्रयास के तहत सनातन धर्म की रक्षा एवं मजबूती बनाए रखने एवं विभिन्न परम्पराओं व विश्वासों का अभ्यास करने वालों को एकजुट करने तथा धार्मिक परम्पराओं को अक्षुण्ण रखने के लिए विभिन्न अखाड़ों की स्थापना हुई। अखाड़ों से सम्बन्धित साधु-सन्तों की विशेषता यह होती है कि इनके सदस्य शास्त्र और शस्त्र दोनों में पारंगत होते हैं। अखाड़ा सामाजिक-व्यवस्था, एकता, संस्कृति तथा नैतिकता का प्रतीक है। समाज में आध्यात्मिक मूल्यों की स्थापना करना ही अखाड़ों का मुख्य उद्देश्य है। अखाड़ा मठों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सामाजिक जीवन में नैतिक मूल्यों की स्थापना करना है। इसीलिए धर्म गुरुओं के चयन के समय यह ध्यान रखा जाता है कि उनका जीवन सदाचार, संयम, परोपकार, कर्मठता, दूरदर्शिता तथा धर्ममय हो। भारतीय संस्कृति एवं एकता इन अखाड़ों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। अलग-अलग संगठनों में विभक्त होते हुए भी अखाडे़ एकता के प्रतीक हैं। नागा संन्यासी अखाड़ा मठों का एक विशिष्ट प्रकार है। प्रत्येक नागा संन्यासी किसी न किसी अखाड़े से सम्बन्धित रहते हैं। ये संन्यासी जहाँ एक ओर शास्त्र पारंगत होते हैं वहीं दूसरी ओर शस्त्र चलाने का भी इन्हें अनुभव होता है। वर्तमान में अखाड़ों को उनके इष्ट-देव के आधार पर निम्नलिखित तीन श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है। तीन प्रकार के होते हैं अखाड़े- शैव अखाड़े: इस श्रेणी के इष्ट भगवान शिव हैं। ये शिव के विभिन्न स्वरूपों की आराधना अपनी-अपनी मान्यताओं के आधार पर करते हैं। वैष्णव अखाड़े: इनके इष्ट भगवान विष्णु हैं। ये विष्णु के विभिन्न स्वरूपों की आराधना अपनी-अपनी मान्यताओं के आधार पर करते हैं। उदासीन अखाड़ा: सिक्ख सम्प्रदाय के आदि गुरु श्री नानकदेव के पुत्र श्री चंद्रदेव जी को उदासीन मत का प्रवर्तक माना जाता है। इस पन्थ के अनुयाई मुख्यतः प्रणव अथवा ‘ॐ’ की उपासना करते हैं।

मौसम विभाग ने बताया है कि अगले दो दिनों तक घने से बहुत घना कोहरा जारी रहने वाला है, इस दिन होगी बारिश

लखनऊ यूपी समेत उत्तर भारत में सर्दी का सितम जारी है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले दो दिनों तक घने से बहुत घना कोहरा जारी रहने वाला है। साथ ही, तेज हवाओं की जवह से उत्तर पश्चिम भारत में 10-12 जनवरी के बीच वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर देखा जाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में 11 जनवरी को बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो अंडमान और निकोबार द्वीप में भारी से बहुत भारी बरसात हुई। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कोल्ड से लेकर गंभीर कोल्ड डे की स्थिति रही। पंजाब में शीतलहर चली। पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मेघालय में बहुत घना कोहरा रहा, जिससे विजिबिलिटी कम होकर 50 मीटर से भी कम हो गई। मौसम विभाग ने बताया है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 11 और 12 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश होगी। साथ ही, उत्तर पश्चिम भारत और मध्य भारत में 10-12 जनवरी के बीच बरसात होने जा रही है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश में 11 जनवरी को बारिश होगी। आंधी तूफान का भी अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, दक्षिणी हरियाणा और राजस्थान में 11 जनवरी को ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर भारत के तापमान की बात करें तो जम्मू कश्मीर, लद्दाख में इस समय शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे मिनिमम टेम्प्रेचर चल रहा है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा में एक से चार डिग्री के बीच चल रहा है। वहीं, उत्तर पश्चिम भारत और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान 5-10 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले चार दिनों में उत्तर पश्चिम भारत का न्यूनतम तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस बढ़ने वाला है। हालांकि, उसके बाद फिर से दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। मध्य भारत में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी और फिर दो डिग्री तक तापमान कम हो जाएगा। पूर्वी भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। महाराष्ट्र और गुजरात में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने वाली है। यूपी में घने कोहरे का अलर्ट यूपी के लिए मौसम विभाग का अलर्ट है कि दस जनवरी तक सुबह और शाम के समय घना कोहरा देखने को मिलेगा। साथ ही, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में 10 जनवरी तक घना कोहरा रहेगा। राजस्थान में 12 जनवरी तक बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।

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