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MP : चुनाव में कालेधन के इस्तेमाल से सियासी उफान, 124 करोड़ का लेनदेन

भोपाल। चुनाव में कालेधन के इस्तेमाल से उठे सियासी उफान के बीच आयकर के दस्तावेजों में नया खुलासा हुआ है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव से पहले हुए लेन-देन से जुड़ी आयकर विभाग की अप्रेजल रिपोर्ट में आठ विभागों के नाम के आगे 124 करोड़ 20 लाख रुपए का जिक्र किया गया है। इसमें सर्वाधिक राशि परिवहन विभाग और आबकारी विभाग के आगे लिखी है। चुनाव आयोग के निर्देश के बाद राज्य सरकार द्वारा आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) को केस सुपुर्द करते ही जांच का दायरा तीन आईपीएस अधिकारियों और एक राज्य पुलिस सेवा के अफसर के साथ इन विभागों तक भी पहुंचेगा। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस केस के बारे में जानकारी दे दी गई है। एक-दो दिन बाद ईओडब्ल्यू को केस सौंपा जा सकता है। इस बीच रविवार को भाजपा दफ्तर पहुंचे मुख्यमंत्री से मीडिया ने इस केस के संबंध में सवाल किया कि सरकार में शामिल कुछ मंत्रियों और विधायकों के साथ नेताओं के नाम भी शामिल हैं, इस पर उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा। आयकर दस्तावेज में कंप्यूटर बाबा के नाम के आगे लिखा 25 लाख आम चुनाव में दिग्विजय सिंह भोपाल संसदीय सीट से प्रत्याशी रहे। आयकर के दस्तावेजों में उन्हें 90 लाख दिए जाने के साथ कंप्यूटर बाबा का भी जिक्र है। बाबा उस समय भोपाल में दिग्विजय के लिए ही प्रचार कर रहे थे। बाबाे नाम के आगे 25 लाख लिखा है। प्रतीक जोशी की डायरी में कई नाम अप्रैल 2019 में पड़े आयकर छापे के दौरान प्रतीक जोशी के घर से एक डायरी भी मिली, जिसमें चुनाव के लिए पैसा देने और लेने वालों के नाम लिखे हैं। इसी में कुछ विभागों के भी नाम हैं। साथ ही बैलेंस शीट व खर्च का भी उल्लेख है। इस सूची का मिलान ललित छजलानी घर से लैपटॉप में मिली सूची से किया गया, जो तकरीबन मिल रही है। छजलानी के घर से मिली सूची की एक्सएल फाइल को लोकसभा लिखा गया है। संजीव सिंह-रामबाई के नाम के आगे 50 लाख से अधिक का जिक्र अप्रेजल रिपोर्ट में बसपा विधायकों से जुड़ी जानकारी का भी जिक्र है। एक रसीद है, जिसमें बसपा विधायक संजीव सिंह के द्वारा 25 लाख लेने का जिक्र है। एक जगह सूची में संजीव सिंह के नाम के आगे 10 लाख लिखा है। इसी तरह बसपा की दूसरी विधायक रामबाई के नाम के आगे 36 लाख 50 हजार लिखा है। परिवहन, आबकारी, पीएचई सहित 8 विभागों से लेन-देन का जिक्र आयकर दस्तावेजों में परिवहन (फंड ऑफ ट्रांसपोर्ट) के सामने 58 करोड़ और एम. सिखरवार से 3 करोड़, आबकारी (फंड ऑफ एक्साइज) 38.8 करोड़, पीडब्ल्यूडी-नगरीय विकास से 7.2 – 7.2 करोड़, इरीगेशन-खनिज से छह-छह करोड़, ऊर्जा से 1.5 और पीएचई से 1.3 करोड़ लिखा है।

MP : कालेधन मामले में मंत्रियों के नाम आने से शिवराज सरकार में हड़कंप, कांग्रेस हमलावर

भोपाल। लोकसभा चुनाव 2029 में कालेधन का लेनदेन में सियासत गरमा गई है। जिन विधायकों के नाम केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की रिपोर्ट में आए हैं, वे कांग्रेस के हों या बीजेपी के सभी के स्वर एक समान ही हैं। उनका कहना है कि हमें बदनाम करने की साजिश हुई है। सत्ता दल और विपक्ष दोनों के नेताओं का नाम होने से सरकार कार्रवाई पर फैसला नहीं ले पा रही है। पहले एक्शन को भाजपा नगरीय निकाय चुनाव में मुद्दा बनाने जा रही थी, उससे पहले ही कांग्रेस ने पुरानी रिपोर्ट उछालकर मामला फिफ्टी-50 बनाने की कोशिश तेज कर दी है। बीजेपी-कांग्रेस के संदेही नेताओं ने ही आरोप से बचने के लिए एक स्वर में कहा कि यदि हमने चुनाव में पैसा लिया है तो जांच एजेंसियों ने अब तक नोटिस क्यों नही दिया? पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का बयान भी कुछ इसी लाइन पर आया है। इसको लेकर सरकार भी सांसत में है। दरअसल, इस मामले में शिवराज सरकार के 2 मंत्री और 11 विधायक भी फंस रहे हैं, जो कांग्रेस से बीजेपी में आए हैं। सीबीडीटी की रिपोर्ट में तत्कालीन कमलनाथ सरकार के मंत्री सहित 64 विधायकों के नाम हैं। इनमें से 13 विधायक रिपोर्ट आने से पहले बीजेपी का दामन थाम चुके हैं। पार्टी बदलने के बाद भी उनके स्वर रिपोर्ट पर कांग्रेस जैसे ही हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का बयान आ चुका है, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रतिक्रिया नहीं आई। जबकि बीजेपी के 13 में से 8 विधायक (इसमें से दो प्रद्युमन सिंह तोमर और राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव मंत्री हैं) सिंधिया समर्थक हैं। इस रिपोर्ट में सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम नहीं है, लेकिन दिग्विजय सिंह पर लोकसभा चुनाव में 90 लाख रुपए मिलने के आरोप हैं। इस पर सफाई देने दिग्विजय सिंह ने शनिवार को प्रेस कान्फ्रेंस बुलाई थी। उन्होंने कहा कि हर तरह की जांच के लिए तैयार हूं। साथ ही, सवाल खड़ा किया – यह कैसी जांच है, अभी तक मुझे एक भी नोटिस देकर बयान नहीं लिए गए। दिग्विजय जैसा ही बयान सिंधिया के कट्टर समर्थक शिवराज सरकार के मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने दिया है। तोमर ने कहा -यदि लेन-देन में हम शामिल हैं तो अब तक नोटिस क्यों नहीं दिया गया? शिवराज सरकार में उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव ने भी कहा कि आरोप झूठे हैं। हर तरह की जांच के लिए तैयार हूं। क्या वे बीजेपी में आने के बाद पवित्र हो गए? कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने इसको लेकर आगे की जांच की निष्पक्षता को लेकर बीजेपी से सवाल किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है – कमलनाथ को बदनाम करने की साजिश लोकसभा चुनाव के पहले रची गई थी। सीबीडीटी की कपोल-कल्पित रिपोर्ट में शिवराज सरकार में सिंधिया समर्थक दो मंत्रियों और कई विधायकों के भी नाम आए हैं। क्या उन पर भी एफआईआर होगी? वे बीजेपी में आने के बाद पवित्र हो गए हैं? CM की मुख्यसचिव से हो चुकी चर्चा मंत्रालय सूत्रों ने दावा किया है कि सीबीडीटी की रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस तथा प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी के साथ बैठक हो चुकी है। इसमें तय किया गया है कि विधि विभाग की राय लेने के बाद रिपोर्ट ईओडब्ल्यू को सौंपने का निर्णय लिया जाएगा। शिवराज ने कहा था – दोषी कोई भी हो, कार्रवाई होगी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले में कहा है कि रिपोर्ट के तथ्यों के आधार पर दोषी कोई भी हो, वैधानिकता के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

MP : कैश कांड में सिंधिया समर्थक नेताओं का नाम आने के बाद बीजेपी में हड़कंप

भोपाल। मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान कैश के लेनदेन को लेकर हो रहे खुलासों में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के नाम तो शामिल हैं ही, लेकिन सीबीडीटी की रिपोर्ट में सिंधिया समर्थक उन नेताओं के नाम भी सामने आ रहे हैं जो पहले कांग्रेस में थे लेकिन फिर बीजेपी में शामिल हो गए। इतना ही नहीं कुछ नाम तो ऐसे हैं जो अभी शिवराज सरकार में मंत्री हैं या फिर बीजेपी से विधायक हैं। कैशकांड में कांग्रेस पर हमलावर हो रही बीजेपी आखिर इनको लेकर क्या स्टैंड अपना रही है? इस खुलासे से बीजेपी खेमे में हड़कंप है. इस सिलसिले में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि कमलनाथ के काले और गोरखधंधों की वजह से ही उन नेताओं ने कांग्रेस छोड़ी थी। इस मामले में कोई भी लिप्त क्यों न हो कानून – अपना काम करेगा। वीडी शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास रहा है भ्रष्टाचार का। दिग्विजयसिंह तो पहले से कहते रहे हैं कि चुनाव मैनेजमेंट से जीते जाते हैं। दिग्विजयसिंह ने धनबल बाहुबल से चुनाव जीतने की कोशिश की। कमलनाथ इस पूरे खेल के कर्ताधर्ता थे उन पर भी एफआईआर होनी चाहिए। कांग्रेस से बीजेपी में गए इन नेताओं के नाम सामने आए सीबीडीटी की रिपोर्ट में कुछ ऐसे नेताओं के नाम भी हैं जो पहले कांग्रेस में थे, लेकिन अब बीजेपी में आ चुके हैं। इनमें राहुल लोधी, नारायण पटेल, बिसाहूलाल सिंह, रक्षा सिरोनिया, प्रद्युमन सिंह तोमर, राजवर्धन दत्तिगांव, गिर्राज दंडोतिया, कमलेश जाटव, रणवीर जाटव, एदल सिंह कंसाना, सुमित्रा कासदेकर, प्रद्युम्न लोधी के नाम शामिल हैं। इनके साथ ही बीएसपी के दोनों विधायक और एसपी के एक विधायक के नाम भी शामिल हैं। कांग्रेस का पलटवार आयकर की रिपोर्ट में कांग्रेस नेताओं के नाम सामने आने पर दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर निशाना साधा है। दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। आयोग ने उन अफसरों के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए हैं, जिनका चुनाव करवाए जाने से कोई लेना-देना नहीं रहा। भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर आदेश देने का अधिकार चुनाव आयोग को नहीं है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि हर तरह की जांच के लिए कांग्रेस नेता तैयार हैं।  

MP : दगाबाज दूल्हे सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने की 6 दिन में 2 शादियां

भोपाल। मूसाखेड़ी इंदौर निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर दगाबाज दूल्हा निकला। इस फरेबी ने महज छह दिन में दो शादियां कर लीं और दोनों ससुराल से मिले दहेज और नकदी लेकर गायब हो गया। उसकी करतूत का पता चलने के बाद से वह घर नहीं लौटा और उसका मोबाइल भी बंद है। खंडवा निवासी पहली दुल्हन के परिजनों ने दूल्हे के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए एसपी को आवेदन सौंपा है। दरअसल, कहारवाड़ी बजरंग चौक निवासी मोहन पांचाल की बेटी पूजा (25) का विवाह मूसाखेड़ी इंदौर निवासी नवीन पिता अनिल पांचाल (26) के साथ चार माह पहले तय हुआ था। 2 दिसंबर को खंडवा में हिंदू रीति रिवाज के साथ दोनों का विवाह संपन्न हुआ। इसमें दोनों के माता-पिता सहित रिश्तेदार व दोस्त शामिल हुए थे। एक ही बेटी होने के कारण विवाह में माता-पिता ने गृहस्थी का हर सामान दिया। बताते हैं कि करीब 10 लाख रुपए विवाह पर खर्च किए। विदाई के बाद दुल्हन पूजा अपने ससुराल इंदौर पहुंच गई। पति नवीन ने पूजा से कहा, ‘मैं किसी काम से भोपाल जा रहा हूं और खुद दूसरी शादी की तैयारी में जुट गया।’ उधर, गणेशपुरी कॉलोनी उमरिया महू की घनश्याम कुंवर उर्फ नंदिता जाधव भी नवीन के नाम की मेहंदी रचा चुकी थी। 3 दिसंबर से उसकी शादी के भी कार्यक्रम शुरू हो गए थे। 7 दिसंबर को दोनों का विवाह भी हो गया। दूसरी शादी होने के बाद नवीन ने पहली दुल्हन को मोबाइल से कहा, ‘मैं भोपाल में हूं। तुम अपने मायके चले जाना। बाद में लेने मैं आ जाऊंगा।’ ऐसे की धोखेबाजी… पहली शादी 2 दिसंबर को खंडवा में की, दूसरी शादी में 7 दिसंबर को दोस्तों को रिश्तेदार बनाकर उमरिया ले गया था। लेकिन उसका यह फरेब ज्यादा दिन तक नहीं छिप सका। खंडवा से उमरिया पहुंचे रिश्तेदार ने नवीन को देखा तो तत्काल पूजा के परिजनों फोटो भेज दिए। युवती के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपा है। फिलहाल धोखेबाज बलमा घर से कहीं भाग गया है और अपना मोबाइल भी बंद कर लिया है। खंडवा की दुल्हन के रिश्तेदार ने की दूल्हे की पहचान नवीन के दूसरे विवाह वाले दिन स्वरुचि भोज कार्यक्रम में पहली दुल्हन के रिश्तेदार अपने दोस्त के साथ शामिल हुए थे। वे दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद देने मंच पर पहुंचे तो दूल्हे का चेहरा और हाथ में कड़ा देख उसे पहचान लिया। उन्होंने तत्काल खंडवा फोन किया, लेकिन पूजा और उसके परिजन को यकीन नहीं हुआ। इस पर रिश्तेदार ने शादी के फोटो निकालकर मोबाइल से भेजे। पूजा के पिता ने नवीन के परिजन को जब यह बात बताई तो उन्होंने कहा कि हमें पता नहीं। वह (नवीन) तो हमें भोपाल जाने का कहकर घर से गया था। दोस्तों को बताया अपना रिश्तेदार खंडवा में 2 दिसंबर को पहली शादी में युवक पिता अनिल पांचाल, मां सुमन सहित बहन-भाई व अन्य रिश्तेदारों लेकर आया था। दूसरी शादी में 7 दिसंबर को दोस्तों को रिश्तेदारों बताकर उमरिया-महू बाराती बनाकर ले गया। पूजा के परिजन ने दूसरी पत्नी नंदिता से जब इस संबंध में बात की तो उसका कहना था कि नवीन से जबरदस्ती शादी नहीं की है। हमारी शादी होना, बारात आना, ये सब पहले से तय था। दो माह पहले ही हमने शादी की पत्रिका छपवाई थी। वरिष्ठ अधिवक्ता सरदार सिंह तंवर ने बताया कि युवक पहले से जानता था कि पांच दिन बाद दूसरी शादी करना है। इसके बावजूद दूसरी शादी कर धोखाधड़ी की है। विदाई कर ले जाने के बाद युवती का शारीरिक शोषण भी किया। युवती के पिता ने दहेज भी दिया है, वह भी उसने अपने पास रखकर धोखाधड़ी की है। खंडवा एसपी विवेकसिंह ने बताया कि युवती के परिजन द्वारा दिए शिकायती आवेदन की जांच कर प्रकरण दर्ज करेंगे।

कैसे होता है सोशल मीडिया अकाउंट हैक? जानें इससे बचने के तरीके

भोपाल। सेलेब्रिटी, बिजनेसमैन या राजनेता का सोशल मीडिया अकाउंट हो जाता है । एक सर्वे की मानें, तो दुनियाभर में सोशल मीडिया हैकिंग के मामले बढ़े हैं। इनमें 22% इंटरनेट यूजर्स के सोशल मीडिया अकाउंट हैक किए जा चुके हैं। 14% ऐसे यूजर्स हैं, जिनका सोशल मीडिया अकाउंट एक से ज्यादा बार हैक किया जा चुका है। दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी सोशल मीडिया इस्तेमाल कर रही है, लॉकडाउन में सोशल मीडिया पर 59% वक्त ज्यादा दे रहे भारतीय हैकर्स किन तरीकों से करते सोशल मीडिया अकाउंट हैक? बैंगलुरु में रहने वाले साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट अविनाश जैन कहते हैं कि सभी सोशल मीडिया अकाउंट को हैक करने का तरीका हैकर्स का एक जैसा ही होता है। वह हैकर्स के हैक करने के दो तरीकों की जानकारी देते हैं। इन दो गलतियों का फायदा उठाते हैं हैकर्स 1. पहला: टेक्नीकल फ्लॉस (Technical Flaws) एक्सपर्ट कहते हैं कि आपके सोशल मीडिया अकाउंट, जैसे- फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और लिंक्डइन होते हैं। यूजर्स इन सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सोशल और प्रोफेशनल तौर पर लोगों से जुड़ने के लिए करते हैं। इन दो गलतियों की वजह से हैकर्स अकाउंट हैक कर सकते हैं। पहली तो अगर सोशल मीडिया की एप्लीकेशन में किसी तरह का लूपहोल होता है, तो इन्हीं टेक्नीकल फ्लॉस का फायदा हैकर्स उठाते हैं। हालांकि, सोशल मीडिया की कंपनियों के पास अच्छे टेक्नीकल प्रोफेशनल की टीम होती हैं, लेकिन इसके बावजूद भी हैकर्स टेक्नीकल लूपहोल निकाल ही लेते हैं। 2. दूसरा- फिशिंग ट्रेप (Phishing Trap) एक्सपर्ट के मुताबिक, दूसरी गलती जिसका फायदा हैकर्स उठाते हैं। वह यूजर्स की गलतियां ही होती हैं। इसमें कई तरह से हैकर्स लोगों की ID हैक कर सकते हैं। इसको ऐसे समझ सकते हैं कि हैकर्स कॉल या मैसेज करके आपसे फिशिंग लिंक शेयर कर सकते हैं। जैसे ही आप इस लिंक पर क्लिक करेंगे, तो आप फेसबुक, ट्विटर जैसी दिखने वाली साइट पर जा सकते हैं। इस पर वे लॉगिन करने को कहेंगे। अगर उनके झांसे में आकर लॉगिन करते हैं, तो हैकर्स अकाउंट का ID और पासवर्ड चुरा सकते हैं। उन्हें हैक करने में आसानी हो सकती है। कई बार प्राइवेसी सेटिंग बदलने के नाम पर भी हैकर्स OTP मांग सकते हैं। हैकिंग को कैसे रोक सकते हैं? एक्सपर्ट्स सोशल मीडिया पर हैकिंग से बचने के लिए सबसे ज्यादा यूजर्स को जागरुक रहने की सलाह देते हैं। वह कहते है कि किसी के साथ अपनी सोशल मीडिया अकाउंट की डिटेल शेयर करने से बचें। अगर कोई अनजान नंबर से आपके मोबाइल पर फोन करके OTP मांगता हैं, तो न दें। फिशिंग लिंक का ध्यान रखें। ऐसे लिंक पर ही क्लिक करें, जो ऑथेंटिक हो। कंपनियों को भी अपनी एप्लीकेशन की रेगुलर टेस्टिंग एंड ऑडिटिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर की टेस्टिंग IT प्रोफेशनल से कराते रहना चाहिए। इसकी चेकिंग के लिए थर्ड पार्टी IT कंपनियों से भी रिव्यू कराते रहना चाहिए। प्राइवेसी को लेकर भारत में किसी तरह का कानून है? एक्सपर्ट की मानें तो डेटा प्रोटेक्शन को लेकर इंडिया में फिलहाल किसी तरह का कानून नहीं बना है। 11 दिसंबर 2019 को मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री ने पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल (PDP) संसद में पेश किया था। जो अभी तक पेंडिंग है। हालांकि, NCPI ने प्राइवेसी को लेकर गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत देश का डेटा देश में ही रहना चाहिए, उसे बाहर ले जाने की अनुमति नहीं है। वहीं, यूरोप में डेटा प्रोटेक्शन को लेकर GDPR नाम से कड़ा कानून बनाया गया है।

इंदौर में सनसनीखेज चोरी: 60 लाख रुपए के सोने के आभूषण उड़ाए

इंदौर। इंदौर में शुक्रवार रात चोरी की बड़ी वारदात हुई। छोटा सराफा के खियालाल कॉम्प्लेक्स में सोने की ज्वेलरी बनाने के कारखाने में चाेरों ने धावा बोला और चार दुकान के ताले चटका दिए। चोर यहां से 50 से 60 लाख रुपए का एक किलो 300 ग्राम सोने के आभूषण लेकर फरार हो गए हैं। थाने से महज 200 कदम की दूरी पर हुई इस चोरी में चोर दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। पुलिस मामले में पड़ताल की बात कह रही है। बदमाश मालिक और स्टाफ के जाने पांच मिनट बाद ही आ धमके थे। शॉप कर्मी शाहरुख ने बताया कि सुबह मकान मालिक ने कॉल कर बताया कि आपके दुकान के ताले टूटे हुए हैं। वारदात करीब 10:30 बजे की है। चोर यहां आए और सबसे पहले उन्होंने कैमरे की दिशा को मोड़ दिया। कैमरा घुमाने से वह बंद हो गया। इसके बाद पौने 12 बजे के करीब एक चोर ऊपर गया तो वह वहां लगे कैमरे में कैद हो गया। चोर दुकान में रखा एक किलो 300 ग्राम सोना लेकर भागे हैं। हमारे यहां 8 कारीगर काम करते हैं। यहां सभी के बैैठक के पास जेवर बनाने के लिए थोड़ा-थोड़ा सोना रखा था। हमारे यहां करीब 50 से 60 लाख रुपए की चोरी हुई है। उन्होंने बताया कि हम रात में 10.25 बजे दुकान बंद कर निकले थे। बदमाश पूरी तरह से रैकी करके आए थे। वे हमारे जाने के पांच मिनट बाद ही तलघर स्थित दुकान पर आ धमके। कैमरे में कैद युवक ने मास्क लगा रखा था। चोरी की सूचना के बाद एफएसएल के अधिकारी और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। पुलिस का कहना है कि एक व्यक्ति सीसीटीवी में नजर आ रहा है। हुलिए के आधार पर चोर को तलाशा जा रहा है। प्रदेश में ज्वैलरी बनाने की सबसे बड़ी मंडी बता दें कि इंदौर का छोटा और बड़ा सराफा प्रदेश में ज्वैलरी बनाने की सबसे बड़ी मंडी है। यहां 1000 हजार से ज्यादा दुकानें और कारखाने हैं। यहां पर हजारों की संख्या में बंगली कारीगर ज्वैलरी डिजाइन करते हैं। यहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में सोने-चांदी की खरीदी-बिक्री का काम होता है। प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के भी ज्वैलर यहां ज्वेलरी डिजाइन करवाते हैं। यह कोई पहला मामला नहीं है, इसके पहले भी कई बार यहां पर इस प्रकार की वारदात हो चुकी है। कई मामले में तो बंगाली कारीगरों ने ही व्यापारियों को चूना लगाया है। पुलिस की मानें, तो सस्ती दरों पर मिलने वाले कारीगरों यहां लाकर काम करवाया जाता है। कई व्यापारियों ने तो पुलिस को अपने यहां काम करने वाले कारीगरों की सही सूचना तक नहीं देते। इसी कारण कई बार ऐसी घटनाएं हो जाती हैं।

MP : विकास बनकर मिला वसीम, पहले की दोस्ती और फिर मंगलसूत्र पहनाकर जबरन बनाए शारीरिक संबंध

भोपाल. मध्य प्रदेश के उज्जैन के मुनिनगर से लव जिहाद के एक खबर आ रही है। यहां एक मुस्लिम युवक हिन्दू नाम बताकर दो साल तक महिला का शोषण करता रहा। असलियत पता चलने पर महिला ने थाने में शिकायत की है। प्राप्त समाचार के अनुसार, उज्जैन के मुनिनगर निवासी 35 वर्षीय महिला ने शुक्रवार को महिला थाने पहुंचकर लव जिहाद का आरोप लगाते हुए युवक के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत की। हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ पहुंची महिला ने बताया कि दो महीने पहले ही युवक के पर्स में पहचान पत्र देखा तो हकीकत का पता चला। जानें कैसे खुला राज महिला ने बताया कि परिचित महिला के माध्यम से युवक ने मोबाइल नंबर ले लिया फिर फोन व वीडियो कॉलिंग करने लगा। खुद का नाम विकास निवासी नागदा बताते हुए दोस्ती करने के बाद शारीरिक संबंध बनाए। दो साल से वह शादी का झांसा देकर फायदा उठा रहा था। महिला ने बताया दो महीने पहले युवक के पर्स से परिचय पत्र घर में गिर गया जिस पर वसीम अकरम निवासी बड़नगर अंकित था। युवती के गले में मंगलसूत्र पहनाने का भी किया नाटक पहचान सामने आने पर महिला को अहसास हुआ कि युवक नाम व धर्म बदलकर धोखा देकर शोषण कर रहा था। महिला ने थाना प्रभारी ज्योति दीखित को घटना की जानकारी दी। महिला थाना प्रभारी ने बताया कि कार्रवाई की जा रही है। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 7 सितंबर 2018 को परिचित महिला के माध्यम से विकास उर्फ वसीम ने मोबाइल नंबर पता किया। फिर दोस्ती करने के बाद मिलने बुलाया व मेरी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। वह शादी का झांसा देता रहा। भरोसा दिलाने के लिए उसने गले में मंगलसूत्र पहनाने का नाटक भी किया, लेकिन शादी नहीं करते हुए कई बार फायदा उठाया। वीडियो कालिंग के दौरान उसने मेरे अश्लील फोटो खींच लिए थे जिनके माध्यम से वह मुझे ब्लैकमेल भी करने लगा था। 25 अक्टूबर 2020 को शादी का दबाव बनाने पर उसने मुझे अपशब्द कहे। इस दौरान उसका पर्स नीचे गिर गया। उसमें ड्राइविंग लाइसेंस पर उसका नाम वसीम पुत्र नासिर लिखा था व पता कोर्ट चौराहा बड़नगर का था। जबकि वसीम ने खुद को विकास निवासी नागदा बताते हुए दोस्ती की थी। उसकी सच्चाई सामने आने पर विरोध किया तो 17 दिसंबर को नासीर ने शादी से मना करते हुए जान से मारने की धमकी दी।

MP : सत्ता का दम्भ, आम आदमी पर बंदिशें, बीजेपी की किसान सम्मेलन में उमड़े हजारों

इंदौर। शहर में बुधवार को कोरोना मरीजों का आंकड़ा 50,332 पर पहुंच गया। कोराना पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने आम लोगों पर तमाम पाबंदियां लागू कर रखी हैं। इनमें शादी समारोह में कितने लोग शामिल होंगे कि सूचना थाने पर देने से लेकर बाजार बंद होने का समय, रात का कर्फ्यू, स्कूल-कॉलेज, कोचिंग तक पर पाबंदियां शामिल है। इसके विपरीत दशहरा मैदान पर हुए भाजपा के किसान सम्मेलन पर किसी तरह की पाबंदी नजर नहीं आई। 22 नवंबर को जारी कलेक्टर के आदेश के अनुसार सभी प्रकार के धरना, प्रदर्शन और रैलियों पर रोक है, उसके बाद भी न सिर्फ इस आयोजन की अनुमति दी गई, बल्कि उसमें कोरोना प्रोटोकाॅल के उल्लंघन पर किसी तरह की कार्रवाई भी नहीं की गई। सम्मेलन में हजारों की भीड़ थी, लेकिन न सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया, न ही मास्क का। यहां तक कि मंच पर बैठे नेताओं में से भी ज्यादातर ने मास्क उतार रखे थे। भाजपा ने घोषणा की है कि वह कृषि सुधार कानूनों के समर्थन में प्रदेश से एक लाख ट्रेक्टर पर 4 लाख किसानों को दिल्ली लेकर जाएगी। अब कांग्रेस विरोध में सम्मेलन करेगी भाजपा के सम्मेलन के बाद कांग्रेस नेता कृषि बिल के विरोध में किसान सम्मेलन करने की तैयारी कर रहे हैं। पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा और शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने सम्मेलन की मंजूरी देने पर आपत्ति लेते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण से लोग परेशान हैं। ऐसे में बीच शहर में भीड़ एकत्र करने की अनुमति प्रशासन ने कैसे दे दी? अब कांग्रेस भी किसान सम्मेलन कर कृषि बिल का विरोध करेगी।

कमलनाथ की मुश्किल बढ़ी, मप्र कैडर के तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू में दर्ज होगा मामला

भोपाल। चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के मप्र कैडर में पदस्थ तीन अधिकारियों के समेत उन सभी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं जिन पर 2019 के आम चुनाव के दौरान कालाधन ले जाने के आरोप लगे थे। आयकर विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के परिजनों और उनके सहयोगियों के यहां मारे गए छापों के बाद आरोप लगाए गए थे। आयोग ने केंद्रीय मुख्य सचिव से भी इन अधिकारियों के खिलाफ उपयुक्त विभागीय कार्रवाई करने को कहा है। मप्र के मुख्य सचिव से भी इसी तरह की कार्रवाई करने को कहा गया है। आयकर विभाग ने छापों में पाया था कि 2019 के आम चुनाव में भारी मात्रा में नकदी का इस्तेमाल किया गया था। इसकी रिपोर्ट आयकर विभाग की शीर्ष संस्था केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने चुनाव आयोग को भेजी थी। आयोग ने कहा कि उसने इस रिपोर्ट के सभी पहलुओं पर विचार विमर्श के बाद ही यह निर्देश दिए हैं। चुनाव आयोग से जारी बयान के मुताबिक सीबीडीटी की रिपोर्ट में कहा गया था कि इन की अधिकारियों की एक राष्ट्रीय पार्टी की ओर से कुछ लोगों तक पहुंचाने में भूमिका रही है। आयोग ने अपने बयान में किसी पार्टी का नाम नहीं लिया है। लेकिन यह बिलकुल स्पष्ट है कि यह बोर्ड का इशारा कांग्रेस पार्टी की ओर है। चुनाव आयोग ने मप्र के सीईओ को 28 अक्टूबर 2020 को ही यह रिपोर्ट भेज दी थी। इसमें सीईओ को निर्देश दिए गए थे कि वह तीन अधिकारियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कराए। 4 अफसरों पर हैं आरोप सुशोभन बैनर्जी, संजय माने और वी मधु कुमार आईपीएस अधिकारी हैं जबकि अरुण मिश्रा मप्र राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। यह था मामला आयकर विभाग दिल्ली की इंवेस्टिगेशन विंग ने 2019 में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़, सलाहकार राजेंद्र मिगलानी, मोजेर बियर कंपनी के मालिक भांजे रतुल पुरी और एक अन्य कारोबारी अश्विन शर्मा के 52 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे थे। 8 अप्रैल को आयकर विभाग ने 14.6 करोड़ रुपए की बेहिसाब नकदी बरामद की थी। इसके साथ बड़े पैमाने पर डायरियां और कंप्यूटर फाइल जब्त की थीं। इनमें सैकड़ों करोड़ रुपए के लेनदेन के हिसाब थे। बाद में आयकर विभाग ने बताया था कि दस्तावेजों में यह प्रमाण मिले हैं कि 20 करोड़ रुपए की राशि एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के दिल्ली स्थित मुख्यालय भेजा गया। इन छापों में कुल 281 करोड़ रुपए के लेनदेन के पुख्ता प्रमाण मिले थे। यह पैसा विभिन्न कारोबारियों, राजनीतिज्ञों और नौकरशाहों से एकत्र किया गया था। यह 20 करोड़ रुपए की नकदी हवाला के माध्यम से तुगलक रोड स्थित एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी के मुख्यालय को भेजी गई थी। भेजी गई राशि 20 करोड़ से बढ़कर 106 करोड़ निकली आयकर विभाग की जांच में यह सामने आया था कि कांग्रेस पार्टी के दिल्ली स्थित मुख्यालय को 20 करोड़ नहीं, बल्कि 106 करोड़ रुपए भेजे गए थे। इसके अतिरिक्त विकास ढिंगरा नामक व्यक्ति के खाते में 72 करोड़ रुपए भेजे गए। आयकर विभाग की यह जांच विकास ढींगरा नामक व्यक्ति पर भी केंद्रित रही। जिसमें पाया गया है कि ढींगरा अप्रैल 2019 को ही विदेशी चला गया था। इसके बाद अब तक नहीं लौटाा। हालांकि विभाग का दावा है कि वह इस रकम के लेनदेन का सीधे लाभार्थी नहीं है। वह केवल रकम एक जगह से दूसरी जगह भेजने का माध्यम भर है। दिल्ली के अकाउंटेंट ललित चलानी के तार कमलनाथ के करीबियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक 7 अप्रैल 2019 को आयकर ने छापे मारे थे, उनमें मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी 5 लाेग शामिल थे ।जिसमें बड़े पैमाने पर पैसों के लेनदेन के सबूत मिले थे। इसके बाद इकट्ठा किए गए सबूत और रिपोर्ट सीबीआई को भेज दिए गए थे। आयकर विभाग ने चुनाव आयोग को जो साक्ष्य और जांच रिपोर्ट सौंपी, उसमें लोकसभा चुनाव के दौरान 11 उम्मीदवारों को कथित तौर पर भारी रकम ट्रांसफर किए जाने का आरोप है। यह जानकारी दिल्ली के एक शख्स ललित कुमार चेलानी के कम्प्यूटर से मिली थी। चेलानी एक अकाउंटेंट हैं, जो कमलनाथ के करीबी आरके मिगलानी के साथ काम कर चुके हैं। चलानी के खाते से ही ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी को रकम का भुगतान करने के सबूत आयकर को मिले थे। चलानी के जरिए 2 उम्मीदवारों मिली थी रकम सूत्रों के मुताबिक 11 लोकसभा उम्मीदवारों को चलानी के माध्यम से रकम मिली थी। हालांकि भुगतान से जुड़ी रसीदें सिर्फ दो उम्मीदवारों सतना से राजाराम प्रजापति और बालाघाट से मधु भगत के मामले में मिली थी। अन्य जिन उम्मीदवारों को फंड मिलने का आरोप है, वे हैं- मंदसौर से मीनाक्षी नटराजन, मंडला से कमल मांडवी, शहडोल से प्रमिला सिंह, सीधी से अजय सिंह, भिंड से देवाशीष जरारिया, होशंगाबाद से शैलेंद्र सिंह दीवान, खजुराहो से कविता सिंह, भोपाल से दिग्विजय सिंह और दमोह से प्रताप सिंह लोधी।

भोपाल से बालाघाट जा रही बस 300 मीटर नीचे खाई में गिरी

भोपाल. भोपाल से बालाघाट जा रही बस हादसे शिकार हो गयी। हादसा मुलताई-छिंदवाड़ा रोड के लावा घोघरी जंगल में हुआ है. बताया जा रहा है कि जंगल में बस सड़क से 300 मीटर अंदर खाई में फंसी हुई है. जानकारी मिलते ही कृषि मंत्री कमल पटेल ने छिंदवाड़ा जिले के लावा घोघरी थाने के प्रभारी राकेश भारती को मदद के लिए भेजा. बताया जाता है कि हादसा बस का टायर फटने से हुआ. उधर झाबुआ में भी बस हादसे में एक महिला की मौत हो गई है. हादसे में 70 घायल हैं. उत्तर प्रदेश के बनारस से गुजरात के सूरत जा रही बस जब देर रात माछलिया घाट से गुजरी तो बस का संतुलन बिगड़ गया और वह पुलिया से नीचे जा गिरी. बस में काम की तलाश में गुजरात जा रहे लोग सवार थे. बस में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी थे. लोगों को कांच तोड़कर निकाला गया बस से आ रही चीख-पुकार सुनकर पास से गुजर रहे लोगों ने 108 एबुंलेंस को बुलाया. लोगों को निकालने के लिए बस के कांच तोड़ने पड़े. उन्हें तुरंत झाबुआ जिला अस्पताल और रामा सामुदायिक केंद्र पहुंचाया गया. बस में सवार कुछ लोगों का आरोप है कि ड्राइवर और उसका साथ पूरे रास्ते शराब पीते हुए आए. हर ढाबे पर उन्होंने शराब पी और इससे वे बस संभाल नहीं पाए. इस वजह से उन्हें पुलिया भी नहीं दिखी और उन्होंने बस पलटा दी. तीन गुना ज्यादा थे यात्री हादसे को लेकर लोगों का कहना है कि यूपी से बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं. इस समय परिवहन के साधन कम हैं, इसलिए बस मालिक उनकी मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं. लोगों ने बताया कि बस में जगह थी 36 लोगों की, जबकि थे 90 लोग. बताया जाता है कि माछलिया घाट पर अक्सर हादसे होते हैं. यहां घंटों लंबा जाम लगा रहता है. दरअसल ये घाट अधूरा है और इस पर बनी पुलिया जर्जर हो चुकी है. कई बार शिकायत के बाद भी नेशनल हाई वे ऑथोरिटी पुलिया निर्माण नहीं कर पा रही.

घर से भागने के लिए बस अड्डे पहुंची प्रेमिका, साथ में 2 बच्‍चे देखकर चुपके से खिसका प्रेमी

कन्‍नौज। यूपी में कन्‍नौज से एक दिलचस्‍प खबर सामने आई है। हुआ यूं कि यहां बस स्‍टॉप पर एक प्रेमिका अपने प्रेमी के साथ घर से भागने के लिए पहुंची। प्रेमिका को देखते ही प्रेमी खुश हो गया पर थोड़ी ही देर में उसकी सारी खुशी काफूर हो गई जब‍ उसे पता चला कि प्रेमिका अपने दो छोटे बच्‍चों को भी साथ लेकर आई है। प्रेमिका ने बताया कि एक बच्‍चे को घर पर छोड़कर आई है और दो को अपने साथ लेकर चलेगी। यह सुनकर नाराज प्रेमी चाय पीने के बहाने वहां से खिसक लिया। काफी देर तक जब वह लौटकर नहीं आया तो महिला रोने लगी। बाद में पुलिस ने महिला को बच्‍चों समेत उसके घर पर पहुंचाया। पूरे शहर में इस घटना की खूब चर्चा हुई। इंदरगढ़ थाना क्षेत्र में रहने वाली एक शादीशुदा महिला का कुछ दिन पहले तिर्वा कस्बा निवासी एक युवक से प्रेम संबंध हो गए। धीरे-धीरे उनका संबंध प्रगाढ़ हुआ और वे साथ जीने-मरने की कसमें खाने लगे। दोनों एक-दूसरे के साथ रहने को तैयार हो गए। महिला पति का घर छोड़कर प्रेमी के साथ रहने के लिए निकल पड़ी। वह अपने दो बच्‍चों को साथ में लेकर सरायमीरा बस स्‍टॉप जा पहुंची। करीब एक घंटे बाद उसका प्रेमी वहां पहुंचा तो प्रेमिका को देखकर उसकी खुशी का ठिकाना ना रहा। बच्‍चों को ले जाने पर अड़ी रही महिला थोड़ी देर बाद जब महिला ने प्रेमी को अपने दोनों बच्‍चों से रूबरू करवाया तो प्रेमी का गुस्‍सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस बात को लेकर दोनों में विवाद भी हुआ पर प्रेमिका बच्‍चों को साथ ले जाने पर अड़ी रही। इस दौरान युवक चाय पीने का बहाना बनाकर वहां से भाग निकला। देर शाम तक जब वह बस स्‍टॉप पर वापस नहीं लौटा तो महिला रोने लगी। आसपास के यात्रियों ने पुलिस को इस बात की सूचना दे दी। सूचना पर पहुंचे सरायमीरा चौकी प्रभारी कमल भाटी ने पूछताछ की। महिला ने बताया कि प्रेमी उसे अकेले साथ ले जाने की बात कह रहा था। बच्चों को साथ ले जाने की जिद पर वह उसे छोड़कर चला गया। इसके बाद चौकी प्रभारी ने उसे व उसके बच्चों को घर तक पहुंचाया।

मैहर दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली पलटी, 3 की मौत 18 घायल

सतना.सतना (Satna) के मैहर में देवी दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से (Road Accident) 3 लोगों की मौत और करीब 18 लोग घायल हो गए. घायलों में चार की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है. सभी पीड़ित लोग उत्तर प्रदेश के कौशांबी के रहने वाले थे और एक ही परिवार के नाते-रिश्तेदार थे. सतना चित्रकूट मार्ग पर नया गाँव थाना क्षेत्र के बटोही मोड़ के पास बड़ा सड़क हादसा हो गया. यहां श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गयी. हादसा इतना भीषण था कि 3 श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गयी. इस हादसे में करीब डेढ़ दर्जन श्रद्धालु घायल हो गए. इनमें से चार की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है. सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है. उत्तर प्रदेश का है परिवार सड़क हादसे का शिकार ये सभी श्रद्धालु उत्तरप्रदेश के कौशांबी जिले के रहने वाले हैं. ये लोग मैहर में शारदा माता मंदिर के दर्शन के बाद चित्रकूट लौट रहे थे. ट्रैक्टर-ट्रॉली में 35 से ज़्यादा लोग सवार थे. बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर की रफ्तार ज़्यादा थी. उसी दौरान वो सड़क से नीचे उतर गया और पलट गया. ट्रैक्टर पलटते ही घटना स्थल पर चीख पुकार मच गयी. ट्रॉली में सवार लोग उसके नीचे दब गए. उनमे से तीन ने तो वहीं दम तोड़ दिया. बाकी बचे 6 लोगों को जेसीबी मशीन की मदद से बाहर निकाला गया. मौके पर पहुंचे अधिकारी खबर मिलते ही एसडीएम, एसडीओपी, नायब तहसीलदार समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा और फौरन बचाव कार्य शुरू किया गया. घायलों को सदगुरु चिकित्सालय जानकीकुंड और मझगंवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया.

भोपाल में दो दोस्तों ने सुसाइड किया, 20 साल के दो लड़कों ने पेड़ पर फांसी लगाई

भोपाल। भेल जंबूरी मैदान के एक पेड़ पर देर रात 20 साल के दो युवकों की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। दोनों ने पेड़ की अलग-अलग डालियों पर फांसी का फंदा बनाकर सुसाइड किया था। पुलिस की माने तो प्रेम प्रसंग के चलते दोनों युवाओं ने खुदकुशी की है, लेकिन उसके कारणों का खुलासा नहीं हो पाया। वह घर से झगड़ कर निकले थे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। ASP राजेश सिंह भदौरिया के मुताबिक भोपाल के पिपलानी इलाके में भेल जंबूरी मैदान में मंगलवार देर रात 20 साल के दो युवकों के शव पेड़ पर फंदे से लटके मिले थे। उनकी गुमशुदगी भी दर्ज की गई थी। दोनों ने पेड़ की अलग-अलग डालियों पर रस्सी से फंदा लगाकर सुसाइड किया था। मृतकों की शिनाख्त आनंद नगर के शिव नगर निवासी 20 साल के समीर और 20 साल के राजा जाटव के रूप में हुई। ASP भदौरिया ने बताया कि मौका मुआयना करने पर यह स्पष्ट है कि दोनों ने खुदकुशी ही की है। हालांकि दूसरे एंगल पर भी जांच कर रहे हैं। इस मामले में प्रेम प्रसंग की बात सामने आ रही है, लेकिन असल कारणों का पता नहीं चल सका है। अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। शाम को घर से झगड़ा करके निकले थे टीआई पिपलानी चैन सिंह रघुवंशी ने बताया कि समीर और राजा जाटव शिव नगर में अड़ोस-पड़ोस में रहते थे। दोनों मंगलवार शाम करीब 7 बजे घर से निकल गए थे। दोनों का अपने घर में परिजनों से झगड़ा हुआ था। उनके निकलने के बाद परिजनों ने उन्हें फोन लगाया, लेकिन उनके फोन बंद हो गए थे। उसके बाद से वह उनकी तलाश कर रहे थे। पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई थी, देर रात दोनों के शव मिल गए। मौके से और घर से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अब तक की जांच में प्रेम प्रसंग की बात सामने आई है, लेकिन किन कारणों से दोनों ने सुसाइड किया इसका खुलासा नहीं हो पाया है।

ग्वालियर में किसानों पर लाठियां:कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन से रोका तो पुलिस से भिड़े किसान

ग्वालियर। कृषि कानून के खिलाफ सोमवार शाम 4 बजे कलेक्टोरेट पर प्रदर्शन करने पहुंचे डबरा और चीनौर के किसानों को पुलिस द्वारा रोके जाने पर हंगामा हो गया। नाराज किसानों ने बेरिकेड्स फेंक दिए। यहां पुलिस से उनकी झड़प हुई। स्थिति संभालने पुलिस ने हल्के बल का भी प्रयोग कर किसानों को खदेड़ दिया। इसी समय किसानों से भरे अन्य वाहन वहां पहुंचे। भीड़ बढ़ने पर किसानों ने बेरिकेड्स हटाते हुए कलेक्टोरेट ऑफिस पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसान कानून को वापस लेने की बात करते हुए किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी दिया है। करीब दो घंटे हंगामा चलता रहा। कृषि कानून के विरोध में डबरा के चीनौर इलाके से करीब 150 से 200 किसान सोमवार को कलेक्टोरेट प्रदर्शन करने पहुंचे थे। ये सूचना पहले ही जिला प्रशासन और पुलिस को मिल गई थी। किसानों को कलेक्टोरेट नहीं पहुंचने देने के मकसद से पुलिस ने उन्हें कलेक्टोरेट पहाड़िया के नीचे ही मुख्य मार्ग पर घेरने की योजना बनाकर बेरिकेड्स लगा दिए, पर जैसे ही किसान जत्थों में आए, उन्हें रोका गया। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने आ रहे किसान यह देखकर नाराज हो गए और बेरिकेड्स हटा दिए। पुलिस ने हिदायत दी, लेकिन किसान नहीं माने। इस पर अफसरों ने बल पूर्वक स्थिति संभालने का इशारा कर दिया। फिर पुलिस जवानों ने किसानों पर हल्का बल प्रयोग करना शुरू कर दिया। इससे स्थिति और बिगड़ गई, पर यहां किसानों ने समझदारी दिखाई। वे लगातार माइक पर अनाउंस करते रहे कि किसान भाई संयम से काम लें। यह हमें उग्र करने का प्रयास है। इसके बाद किसान वहीं ठहर गए। पुलिस ने भी लाठियां चलाना बंद कर दिया। इस समय तक कुछ और किसान जत्थे भीड़ में शामिल हो गए। संख्या बढ़ी, तो वह बेरीकेड्स हटाते हुए कलेक्टोरेट पहाड़ी पर ऑफिस के सामने पहुंच गए। किसानों ने वहां बैठकर धरना प्रदर्शन किया। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह को कृषि कानून को वापस लेने ज्ञापन दिया। किसान नेता शैलेन्द्र सिंह रावत का कहना है कि प्रदर्शन भारतीय किसान संगठन से जुड़े किसानों ने किया है। 172 से अधिक किसान संगठन है, पर कानून बनाते समय राय नहीं ली गई। यहां अपनी मांग लेकर आए, तो हमें उग्र करने के लिए लाठियां बरसाई जा रही हैं। यह ठीक नहीं है। अब किसानों के बीच जाएगी भाजपा अब कृषि कानून पर भ्रम की स्थिति दूर करने किसानों के बीच जाएगी भाजपा। प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री भारत सिंह कुशवाह ने बताया कि 16 दिसंबर को ग्वालियर के फूलबाग मैदान पर किसान सम्मेलन करने जा रहे हैं। इसमें केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र तोमर, सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, खुद राज्यमंत्री भारत सिंह उपस्थित रहेंगे। इसमें किसानों को कृषि कानून के फायदे बताए जाएंगे। जिससे किसान आंदोलन को रोका जा सके।

फाेटो वायरल ….. ड्रग आंटी प्रीति जैन का बेटा यश जैन खड़ा है सीएम शिवराज, विधायक मेंदोला और रंजना बघेल के साथ

भोपाल। शहर में पकड़ाई ड्रग आंटी प्रीति जैन के मामले में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हो गई है। प्रीति जैन के बेटे यश जैन के फोटो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई भाजपा नेताओं के साथ कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर वायरल किए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा है कि भाजपा के कनेक्शन ड्रग माफियाओं से हैं। वह भाजपा के सम्मेलनों में बड़े नेताओं के साथ सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता के रूप में भी दिखाई दे रहा है। नशे के कारोबार को भाजपा का संरक्षण सलूजा का कहना है कि इससे समझा जा सकता है कि वर्षों से ड्रग के नशे का अवैध कारोबार किसके संरक्षण में पनपा। अब आंटी के पकड़े जाने के बाद बचने के लिए ड्रग माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का दिखावटी ऐलान किया। आपात बैठक बुलाई गई। आरोप है कि पर्दे के पीछे भाजपा का खुला संरक्षण है। एक ओर जहां सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में ड्रग माफियाओं के खिलाफ एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद कांग्रेस ने फोटो वायरल कर निशाना साधा है। आईजी को दी थी बधाई कुछ दिन पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान निजी कार्यक्रम में इंदौर आए थे। उन्होंने आईजी योगेश देशमुख को ड्रग माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए बधाई भी दी थी। दूसरी ओर, भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि मुझे मामले की जानकारी नहीं है। वो इस मामले पर कुछ भी कहने से बचते नजर आए। उन्होंने कहा कि जानकारी लेने के बाद ही आपको बता सकता हूं।

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