LATEST NEWS

सूदखोर के जाल में फंसकर तबाह हो रहे जगदलपुर के व्यापारी

रिजर्व बैंक की गाइडलाइन और वित्तीय कानूनों की धज्जियां उड़ा रहा सूदखोर 85 लाख का कर्ज तीन साल में बढ़कर 12 करोड़ हुआ तो घर छोड़कर भागना पड़ा व्यापारी को रायपुर नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में एक सूदखोर के चुंगल में फंसकर कई प्रतिष्ठित व्यापारी तबाह हो रहे हैं। नानजी भाई चोपड़ा नाम का यह सूदखोर जरूरतमंद व्यापारियों को मासिक 3 प्रतिशत ब्याज पर कर्ज देता है। ब्याज की यह रकम सालाना 36 प्रतिशत की दर पर बढ़ती जाती है और व्यापारी को बर्बाद कर देती है। चोपड़ा ने अपनी शर्तों और दरों पर एक अवैध बैंक संचालित कर रखा है। उसने न तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से कोई लाइसेंस लिया है न वित्त विभाग के किसी नियम कानून की उसे कोई परवाह है। हैरानी की बात तो यह है कि अवैध सूदखोरी के इस कारोबार में लेनदेन चोपड़ा और उसके परिजनों के बैंक खातों से खुलेआम किया जा रहा है। अब इस मामले की शिकायत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की दिल्ली और रायपुर शाखाओं में की गई है। मांग की गई है कि चोपड़ा और उसके परिजनों के खातों की जांच की जाए। नानजी भाई चोपड़ा और उसके परिवार के हितेश चोपड़ा तथा रीता बेन चोपड़ा ने जगदलपुर के एक ठेकेदार बिल्लू ब्याज को सूदखोरी के जाल में फंसाकर इस कदर प्रताड़ित किया कि बिल्लू को शहर छोड़कर लापता होना पड़ा। चोपड़ा बाजार से 10 प्रतिशत सालाना ब्याज पर पैसे उठाता है और उसी पैसे को मासिक 3 प्रतिशत यानी सालाना 36 प्रतिशत की ब्याज दर पर जरूरतमंद व्यापारियों को कर्ज देता है। नियम कानून को ताक पर रखकर वह वसूली के लिए अमानवीय तरीके अपनाता है। व्यापारियों को सरे राह बेइज्जत करना, किसी भी वक्त वसूली के लिए उनके घर पहुंच जाना, धमकी देना आदि तरीकों से वह मूलधन का 80 से 100 गुना तक वसूली करता है। ठेकेदार बिल्लू बजाज ने 2019 में अपने किसी ठेकेदारी के प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए चोपड़ा से 85 लाख रुपए लोन लिया था। 2022 में यह रकम बढ़कर करीब 12 करोड़ हो गई। सूदखोर चोपड़ा की हैंडराइटिंग में उपलब्ध खाते में जो हिसाब दर्ज है उसमें ब्याज पर ब्याज का ऐसा चक्रव्यूह स्पष्ट दिखता है जिससे कोई व्यापारी निकल ही नहीं सकता। बजाज के मामले में चेक से ब्याज की रकम चोपड़ा की पुत्रवधू रीता के खाते में अंतरित की गई है फिर भी मूलधन बढ़ता रहा। बजाज के परिवार को भी जगदलपुर छोड़कर रायपुर में शरण लेनी पड़ी है। चोपड़ा की सूदखोरी का यह अकेला मामला नहीं है। पूछताछ में पता चला है कि दर्जनों व्यापारी उसके चुंगल में फंसकर बर्बाद हो चुके हैं। अब एक व्यापारी ने हिम्मत दिखाते हुए रिजर्व बैंक को शिकायत भेजी है। मामले की जांच हुई तो सूदखोरी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश होगा।  

नगर निगम अधिकारी के खिलाफ कोतवाली में शिकायत, दुकान को लेकर विवाद

रायपुर जिले के नगर निगम में एक अधिकारी के खिलाफ कोतवाली थाने में एक शिकायत की गई है। इसमें दावा किया गया है कि उक्त अधिकारी ने प्रार्थी अपनी दुकान बेचने का दबाव बना रहे है। दुकान न बेचने पर उसे तोड़ने की धमकी दिए जाने की बात कही गई है। प्रार्थी ने मिडियाकर्मियों को दस्तावेज उपलब्ध करते हुए दावा किया है कि उक्त दुकान के निर्माण के बाद राजीनामा कराकर वे जुर्माना पटाने (नियमों के तहत) तैयार है और इसका आवेदन भी दिया है। वहीं इसका जवाब भी निगम से नोटिस के माध्यम से मिला और कुछ दस्तावेज जमा कराने कहा गया है। प्रार्थी ने दावा किया है कि निगम अधिकारियों द्वारा मांगे गए दस्तावेज भी उन्होंने जमा करा दिए, लेकिन अब निगम अधिकारी दबाव बना रहे है कि वो इस दुकान को बेच दें, नहीं तो उनकी दुकान तोड़ दी जाएगी। प्रार्थी का दावा है कि उनकी दुकान बिना नोटिस के सील कर दी गई है। वहीं कार्रवाई करने पहुंची निगम की टीम और प्रार्थी के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। वहीं इस मामले में जोन 4 के निगम कमिश्नर का कहना है कि अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई है। राजीनामे के सवाल पर उनका कहना था कि पहले अवैध निर्माण तोड़ा जाएगा और फिर आगे की कार्रवाई होगी।

छत्तीसगढ़ में शहरी गरीबों को मिलेगा रियायती दरों पर घर,बनाए जाएंगे 1650 आवास, जानिए कैसे मिलेगा मकान

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘सभी के लिए आवास’ की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में “अटल विहार योजना” के अंतर्गत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की 7 आवासीय परियोजनाओं का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार के एक वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा अटल विहार योजना प्रारंभ की जा रही है ताकि जरूरतमंदों को विशेष रूप से शहरी क्षेत्र के लोगों को किफायती दर पर मकान उपलब्ध कराए जा सकें। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिन आवासीय परियोजनाओं का शुभारंभ किया उनके तहत 07 विभिन्न स्थानों पर भूरकोनी -रायपुर, पथर्रा – राजिम, खरतुली – धमतरी, सिहाद – धमतरी, पुलगांव – दुर्ग, गुरूर – बालोद, एवं कोकड़ापारा – बीजापुर में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी श्रेणी के आवास बनाए जाएंगे। लगभग 300 करोड रुपए की लागत की इन परियोजनाओं के तहत 1650 मकान बनाए जाएंगे, इनमें ई.डब्ल्यू.एस. और एल.आई.जी. श्रेणी के 1452 आवास तथा एम.आई.जी. श्रेणी के 200 आवास बनाए जाएंगे। हितग्राही भवनों का ऑनलाईन पंजीयन वेबसाईट (www.cghb.gov.in) के माध्यम से घर बैठे कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा हर शहरी गरीब परिवारों को आवास मिले, इस उद्‌द्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना लागू की गई है। इससे प्रेरणा लेते हुए हमारी राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों एवं विकासखंड में रह रहे आवासहीन अथवा कच्चे भवन के स्थान पर किफायती एवं पक्के छत युक्त आवास उपलब्ध कराने के लिए ‘अटल विहार योजना” प्रारंभ की है, जिसके तहत हाउसिंग बोर्ड द्वारा 50,000 भवनों का निर्माण कर आबंटन का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल विहार योजना के लिए हाउसिंग बोर्ड को एक रूपये प्रति वर्ग फुट पर शासकीय भूमि उपलब्ध कराई जा रही है इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिये गये है। इस योजना में पूर्व में घोषित अनुदान को जारी रखते हुए ई.डब्ल्यू.एस. भवनों में 80,000 रुपए एवं एल.आई.जी. भवनों में 40,000 रुपए अनुदान राज्य शासन द्वारा दिया जा रहा है। वित्त तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि अटल विहार योजना के तहत आवासों का निर्माण गुणवत्ता के साथ किया जाएगा। इस योजना के तहत राजधानी रायपुर के साथ – साथ दूरस्थ बीजापुर जिले में भी मकान बनाए जाएंगे। जल्द ही यह योजना सभी जिलों में शुरू होगी। हाउसिंग बोर्ड द्वारा नियमित भवनों को फ्री-होल्ड करने की योजना वर्ष 2012 में प्रारंभ की गई। इस योजना में राज्य के लोगों की मांग को प्राथमिकता देते हुए हमारी सरकार द्वारा अभी हाल ही में 26 नवम्बर 2024 को आयोजित कैबिनेट की बैठक में फ्री-होल्ड किये जा रहे भवनों में डायवर्सन शुल्क एवं पेनाल्टी में शत प्रतिशत छूट प्रदान की गई है, इससे हाउसिंग बोर्ड के लगभग 80 हजार हितग्राहियों को राहत मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव श्री बसव राजू एस., आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल श्री कुंदन कुमार सहित छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में गिरावट होने की संभावना

रायपुर बादल छाए रहने और बारिश का दौर समाप्त होने के बाद अब दोबारा पारा गिरने के आसार हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार आज से न्यूनतम तापमान में गिरावट होने की संभावना है। वहीं, 24 घंटे के बाद प्रदेशभर में न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री तक गिरावट के आसार हैं। साथ ही आज को प्रदेश के एक दो स्थानों पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ वज्रपात हो सकता है। रायपुर में मौसम आंशिक मेघमय रहने और अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूतनम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने की संभावना है। रविवार को प्रदेश में एक दो स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। अधिकतम बारिश जगदलपुर में 11.5 मिमी दर्ज की गई। वहीं, प्रदेश में सर्वाधिक तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में, जबकि न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री सेल्सियस बलरामपुर में दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान उतार चढ़ाव भरा मौसम विज्ञानियों के पिछले तीस वर्षों के आंकड़ों के अनुसार अधिकतम तापमान उतार चढ़ाव भरा है। दुर्ग में यह सामान्य औसत से चार डिग्री, अंबिकापुर में 2.3 डिग्री और रायपुर में 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक है। जगदलपुर में यह सामान्य औसत से 1.1 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 0.2 डिग्री और पेंड्रा रोड में 0.1 डिग्री सेल्सियस कम है। न्यूनतम तापमान नौ डिग्री तक ज्यादा इसी बीच वर्षा की वजह से न्यूनतम तापमान औसत से कहीं ज्यादा चल रहा है। आंकड़ों के अनुसार, यह जगदलपुर में सामान्य से नौ डिग्री, रायपुर और दुर्ग में 4.5 डिग्री, बिलासपुर में 3.4 डिग्री, पेंड्रा रोड में 1.7 डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं, सिर्फ अंबिकापुर में ही यह सामान्य से 0.6 डिग्री सेल्सियस कम है। यह बन रहा है सिस्टम एक पश्चिमी विक्षोभ 70 डिग्री पूर्व और 30 डिग्री उत्तर में 3.1 किलोमीटर से 4.5 किमी ऊंचाई तक ऊपरी हवा के चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण के रूप में तथा 5.8 किलोमीटर ऊंचाई पर एक द्रोणिका के रूप में स्थित है। इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से प्रचूर मात्रा में नमी आने की संभावना है, जिसके कारण प्रदेश के अनेक जिलों में एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।

दाने-दाने के लिए करना पड़ता है मेहनत, खाते में आती है राशि तो मिलती है खुशी

किसान गुलाब सिंह ने कृषक उन्नति योजना को बताया आर्थिक उन्नति का माध्यम रायपुर, सिंचाई के साधनों से जूझने वाले हम किसानों के लिए तो आसमान और सरकार ही भगवान है। बारिश अच्छी हुई तो फसल भी अच्छा होता है और अच्छी फसल होने और सरकार द्वारा अच्छी कीमत तय करने पर ही हमें अपनी मेहनत का पूरा मोल मिल पाता है। हमें खेत में उतरकर परिश्रम करना पड़ता है। पसीने बहाने पड़ते हैं, तब जाकर फसल ले पाते हैं और दाने-दाने को अलग कर इन फसलों को बेच पाते हैं। हमारी खुशी तब दुगनी होती है जब हमारी उम्मीदें पूरी होती है। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव की सरकार ने हम किसानों के मेहनत के पसीने की कीमत को समझकर धान के समर्थन मूल्य पर खरीदने की अच्छी व्यवस्था की है, जिससे हम किसान खुश है। यह उम्मीदें तब से बनती रहती है जब से किसान खेत में हल चलाता है और उनके ऊपर जो कर्ज है, उससे मुक्त होने के लिए उम्मीदें लगाए रहता है, फसल बेचकर घर का कुछ नया सामान लाने का सपना संजोएं रहता है। यह उम्मीद, यह सपना फसल अच्छा पैदा होने और उसे सुरक्षित बेच पाने के बाद जब खाते में राशि आती है तभी खुशी के रूप में पूरी होती है…यह कहना है लगभग सत्तर साल के किसान गुलाब सिंह का। खेत से धान की फसल को लाकर मिंजाई में व्यस्त गुलाब सिंह ने बताया कि किसानों को आसमान और सरकार से ही उम्मीद रखनी पड़ती है, इस बार भी दोनों से उम्मीद पूरी हो रही है, यह बहुत खुशी की बात है। गुलाब सिंह ने बताया कि उन्हें मालूम है कि पिछले साल भी जब उन्होंने अपनी खेत में लगी धान को बेचा था तब समर्थन मूल्य की राशि के अलावा जो अंतर की राशि थी वह एकमुश्त खाते में आ गई थी। उन्हें प्रति क्विंटल 31 सौ रूपये की दर से धान का लाभ मिला था। इसके अलावा दो साल का बकाया बोनस की राशि भी उन्हें मिली थी। गुलाब सिंह खुश है कि इस बार भी उन्हें अपनी मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा और जो उम्मीदें हैं वह पूरी होंगी। कोरबा विकासखंड अंतर्गत सुदूरवर्ती ग्राम ठाड़पखना के किसान गुलाब सिंह ने बताया कि उनके पास लगभग 6-7 एकड़ की जमीन है, जिस पर धान की फसल लेता है। अभी धान की मिंजाई में व्यस्त किसान गुलाब सिंह ने बताया कि विगत वर्ष भी बारिश ठीक-ठाक हुई थी। इस साल भी बारिश ने दगा नहीं दिया और उन्हें उम्मीद के मुताबिक फसल मिली है। बुजुर्ग किसान गुलाब सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र में सिंचाई का साधन नहीं है। पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से आसमान पर ही सबको निर्भर रहना पड़ता है। इस वर्ष बारिश अच्छी हुई है और फसल भी ठीक-ठाक हो गया है, इसलिए परेशानी नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले लेमरू में उन्होंने अपना धान बेचा था, धान बेचने की गई व्यवस्था पहले की अपेक्षा बहुत बदल गई है और सुविधाजनक हो गई है। पहले धान बेचने में बहुत परेशानी उठानी पड़ती थी। उन्होंने बताया कि धान का समर्थन मूल्य मिलने के साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अतिरिक्त राशि दी जाती है। यह राशि हम किसानों के लिए बहुत काम आती है। हमें खुशी है कि हम किसानों को एक क्विंटल धान की कीमत 31 सौ रूपए मिलती है, जो कि अन्य दूसरे राज्यों की अपेक्षा सर्वाधिक कीमत है। किसान गुलाब सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय किसान परिवार से है, इसलिए किसानों की समस्याओं को समझते हैं। उन्होंने कहा कि कृषक उन्नति की दिशा में उठाए गए कदम से किसानों को राहत मिल रही है और किसान भी खुश है। गुलाब सिंह ने बताया कि जल्दी ही मिंजाई का काम पूरा होने के बाद वे अपनी धान उपार्जन केंद्र में बेचेंगे, उन्होंने अपना पंजीयन भी कराया है।

दो बड़ी बहनों पर सगे भाई ने चाकू से किया हमला, आरोपी भाई गिरफ्तार

रायपुर राजधानी रायपुर के मौलीपारा इलाके में चाकूबाजी की वारदात हुई है. जहां सगे भाई ने दो बड़ी बहनों पर धारदार चाकू से हमला कर दिया. घटना में दोनों बहनें गंभीर रुप से घायल हो गई. जिसके बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पूरा मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है. मामूली बात को लेकर विवाद जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक प्रशांत कुमार बेर की मां और दो बड़ी बहनें पिछले कुछ दिनों से धमतरी से रायपुर आकर रह रही थी. जिन्हें वापिस ले जाने के लिए आरोपी प्रशांत रायपुर आया था. इस दौरान मामूली बात को लेकर प्रशांत की कहा सुनी हो गई. जिसके बाद आक्रोश में आकर आरोपी ने चाकू से अपनी दोनों सगी बहनों पर जानलेवा हमला कर दिया. तेलीबांधा थाना प्रभारी विनय सिंह बघेल ने बताया कि आरोपी ने अपनी बहनों पर धारदार चाकू से हमला किया है. आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है.

युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में सहायक होगा मशरूम उत्पादन

महंत बिसाहू दास उद्यानिकी महाविद्यालय में मशरूम उत्पादन पर सफल प्रयोग रायपुर, धान के भूसे का उपयोग करके मशरूम के बैग तैयार किए। मशरूम उत्पादन के लिए सबसे पहले बैग भरने से एक दिन पहले ओएस्टर मशरूम के बीजों को गर्म पानी और फार्मलिन प्लस बाविस्टीन से निर्जलीकरण किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ओएस्टर मशरूम का जीवन चक्र लगभग 25 से 30 दिन का होता है और इसका आदर्श तापमान 23 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड होता है। धान का भूसा 4 रुपए प्रति किलो की दर पर मिलता है और प्रत्येक बैग में लगभग 50 ग्राम मशरूम बीज डाला जाता है। इस तरह से प्रति बैग की लागत 20 रुपये से भी कम आता है। एक बैग से लगभग डेढ़ से दो किलो मशरूम प्राप्त होते हैं।  पेंड्रा क्षेत्र का वर्तमान तापमान ओएस्टर मशरूम उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल है। इसे ध्यान में रखते हुए महंत बिसाहू दास उद्यानिकी महाविद्यालय जीपीएम के प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं ने मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय प्रयास किया है। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. नारायण साहू के मार्गदर्शन और विषय अध्यापिका डॉ. चेतना जांगड़े के सहयोग से मशरूम उत्पादन का सफल प्रयोग किया गया। सर्वप्रथम छात्रों ने ओएस्टर मशरूम (मशरूम का एक प्रमुख प्रकार) की खेती की, जिसमें सफेद और गुलाबी आयस्टर मशरूम की किस्मों का चयन किया गया। मशरूम उत्पादन आर्थिक रूप से लाभकारी व्यवसाय साबित हो सकता है। यह पहल न केवल छात्रों को कृषि विज्ञान में व्यावहारिक अनुभव प्रदान कराती है, बल्कि उनके लिए आर्थिक रूप से लाभकारी और पर्यावरणीय दृष्टि से भी अनुकूल है। महाविद्यालय की यह पहल आने वाले समय में युवाओं को मशरूम उत्पादन के लिए स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा। इस प्रयास में महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक डॉ. सोनल तिवारी सहायक प्राध्यापक आनुवांशिकी और पादप प्रजनन, डॉ. शुभम ठाकुर कृषि अर्थशास्त्र, डॉ. मुकेश पटेल किट विज्ञान, सुश्री गरिमा कोर्राम मृदा विज्ञान और डॉ. लक्ष्मी प्रसाद भरद्वाज सब्जी विज्ञान का भी सहयोग रहा है।

आधुनिकता की इस दौड़ में पीछे छुटते व्यवसाय को मुख्यमंत्री साय ने बनाया आय का जरिया

कृषक उन्नति से किसान प्रेमचंद का बेटा कर रहा बीएससी एग्रीकल्चर धमतरी, कृषक उन्नति से किसान प्रेमचंद का बेटा कर रहा बीएससी एग्रीकल्चरखेती-किसानी का काम काफी चुनौती भरा होता है, कभी मौसम की बेमानी से होनी वाली अधिक वर्षा तो, कभी अल्पवर्षा। अगर वर्षा ठीक रही तो फसलों में बीमारी या कीट प्रकोप से निपटना एक बड़ी समस्या होती है, जिसके कारण किसानां को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। आधुनिकता की इस दौड़ में खेती-किसानी का काम पीछे छुटते व्यवसाय को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खेती-किसानी को आय का जरिया बना दिया है। किसानों की आय को दुगुना करने के लिए अनेक किसान हितैषी योजनाएं संचालित की है। इन्ही योजनाओं में से एक  है, मुख्यमंत्री कृषक उन्नति योजना। धमतरी जिले के ग्राम भटगांव निवासी श्री प्रेमचंद साहू, जो कि मुख्यमंत्री कृषक उन्नति योजना से लाभान्वित किसान है, वे बताते है कि उनके पास लगभग साढ़े सात एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे खेती-किसानी कर अपना और अपने परिवार का जीवन यापन कर रहे है। उनकी धर्मपत्नी एक कुशल गृहणी है, जो कि घर के कामकाज सम्हालती हैं और उनके दो बेटे है, जिसमें बड़ा बेटा यशराज राजधानी रायपुर में बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहा है। वहीं छोटा बेटा स्थानीय निजी स्कूल में कक्षा 10 वीं की पढ़ाई कर रहा है। श्री प्रेमचंद ने बताया कि खेती किसानी पुस्तैनी काम है, जिसे उनके पूर्वज करते आये और अब वे खुद सम्हाल रहे है। वे खरीफ में धान की फसल और रबी में चना की फसल लेते है। गत वर्ष धान विक्रय की लगभग 32 हजार रूपये का बोनस उन्हें प्राप्त हुआ था, जिसका उपयोग उन्होंने अपने पुत्र की पढ़ाई के लिए किया। वे कहते है  कि खेती-किसानी को अगर आधुनिक पद्धति से किया जाये, तो यह आय का अच्छा साधन बन सकता है, इसके लिए वे अपने पुत्र को एग्रीकल्चर की पढ़ाई करा रहे है। श्री प्रेमचंद ने बताया कि गांव में पहला ट्रेक्टर लाने वाला उन्ही का परिवार था। प्रेमचंद प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देते हुए कहते है कि ऐसी योजनाओं से प्रदेश के किसानों के माथे पर पड़ी चिंता की लकीरे हटने लगी है और उनके चेहरे पर मुस्कान आ गयी है। इसके लिए उनका ह्दय से धन्यवाद। बता दें कि मुख्यमंत्री कृषक उन्नति योजना, छत्तीसगढ़ सरकार की एक किसान कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। इस योजना के तहत, किसानों को धान का समर्थन मूल्य से अधिक कीमत दी जाती है। इस योजना के तहत, किसानों को धान का मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से दिया जाता है। जिसमें किसानों को समर्थन मूल्य से अंतर की रकम दी जाती है। किसान इस योजना से मिलने वाली रकम से अपने घर के काम, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और परिवार की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। इस योजना से किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है और खेती-किसानी में उनका रुझान भी बढ़ रहा है। साथ ही किसानों को आर्थिक मजबूती मिल रही है और उनकी तरक्की भी हो रही है। इस योजना से मिलने वाली रकम से किसान खेत में बोर कराकर ज्यादा फसल का उत्पादन कर सकते हैं।

महंत बिसाहू दास उद्यानिकी महाविद्यालय में मशरूम उत्पादन पर सफल प्रयोग

गौरेला पेंड्रा मरवाही, पेंड्रा क्षेत्र का वर्तमान तापमान ओएस्टर मशरूम उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल है। इसे ध्यान में रखते हुए महंत बिसाहू दास उद्यानिकी महाविद्यालय जीपीएम के प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं ने मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय प्रयास किया है। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. नारायण साहू के मार्गदर्शन और विषय अध्यापिका डॉ. चेतना जांगड़े के सहयोग से मशरूम उत्पादन का सफल प्रयोग किया गया। सर्वप्रथम छात्रों ने ओएस्टर मशरूम (मशरूम का एक प्रमुख प्रकार) की खेती की, जिसमें सफेद और गुलाबी आयस्टर मशरूम की किस्मों का चयन किया गया। छात्रों ने धान के भूसे का उपयोग करके मशरूम के बैग तैयार किए। मशरूम उत्पादन के लिए सबसे पहले बैग भरने से एक दिन पहले ओएस्टर मशरूम के बीजों को गर्म पानी और फार्मलिन प्लस बाविस्टीन से निर्जर्मीकरण किया गया।           प्राप्त जानकारी के अनुसार ओएस्टर मशरूम का जीवन चक्र लगभग 25 से 30 दिन का होता है और इसका आदर्श तापमान 23 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड होता है। धान का भूसा 4 रुपए प्रति किलो की दर पर मिलता है और प्रत्येक बैग में लगभग 50 ग्राम मशरूम बीज डाला जाता है। इस तरह से प्रति बैग की लागत 20 रुपये से भी कम आता है। एक बैग से लगभग डेढ़ से दो किलो मशरूम प्राप्त होते हैं। मशरूम उत्पादन आर्थिक रूप से लाभकारी व्यवसाय साबित हो सकता है। यह पहल न केवल छात्रों को कृषि विज्ञान में व्यावहारिक अनुभव प्रदान कराती है, बल्कि उनके लिए आर्थिक रूप से लाभकारी और पर्यावरणीय दृष्टि से भी अनुकूल है। महाविद्यालय की यह पहल आने वाले समय में मशरूम उत्पादन को एक प्रभावी और स्थिर व्यवसाय के रूप में स्थापित कर सकती है। इस प्रयास में महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक डॉ. सोनल तिवारी सहायक प्राध्यापक आनुवांशिकी और पादप प्रजनन, डॉ. शुभम ठाकुर कृषि अर्थशास्त्र, डॉ. मुकेश पटेल किट विज्ञान, सुश्री गरिमा कोर्राम मृदा विज्ञान और डॉ. लक्ष्मी प्रसाद भरद्वाज सब्जी विज्ञान का भी सहयोग रहा है।

जेम पोर्टल के माध्यम से स्टेशनरी क्रय करने के निर्देर्शों के तहत फर्मों से प्राप्त निविदा निरस्त

गौरेला पेंड्रा मरवाही राज्य शासन के निर्देशानुसार जेम पोर्टल के माध्यम से स्टेशनरी क्रय करने के निर्देर्शों के तहत शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) गौरेला द्वारा रा मटेरियल एवं स्टेशनरी आपूर्ति हेतु तीन फर्मों-शैल इंटरप्राईजेस गौरेला, सियाराम इंटरप्राईजेस पेण्ड्रा एवं राय रेडियो गौरेला से प्राप्त निविदा निरस्त कर दिया गया है। सभी फर्मों को सूचनार्थ कर अनुबंध की राशि मूलतः वापिस किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गौरेला, मरवाही एवं पेण्ड्रा के कार्यालयीन उपयोग हेतु 22 जुलाई 2024 तक स्टेशनरी और रा मटेरियल की आपूर्ति हेतु आईटीआई गौरेला द्वारा निविदा आमंत्रित किया गया था।

उद्योग मंत्री देवांगन बोले – विष्णु के सुशासन की सरकार का परिणाम है कि एक-एक वार्ड में हो रहे लाखों के विकास कार्य

रायपुर, प्रगतिपथ पर कोरबा विधानसभा के विकास कार्य  तेज रफ्तार से हो रहे हैं, ये विष्णु के सुशासन की सरकार का ही परिणाम है कि अब एक-एक वार्ड में 50 लाख से एक करोड़ तक के कार्य एक साथ प्रारंभ हो रहे हैं। अभी तो सरकार को एक साल ही हुए हैं, आने वाले 4 वर्षों में वार्डों को सारी समस्याओं से मुक्त और सुविधाओं से परिपूर्ण करने के लक्ष्य लेकर हम काम कर रहे हैं।।        उक्त बातें वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कोरबा नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 32 डिंगापुर में आयोजित चार वार्डों में होने वाले 1.11 करोड़ के 12 विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के आसंदी से कही।।इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने भूमिपूजन कर शिलापट्टिका का अनावरण किया।         मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि हमारा एक ही प्रयास है विकास और तेज रफ्तार से कोरबा का विकास। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद एक ही प्रयास रहा है कि किस तरह वार्डाे और मोहल्लों को विकास हो। जिस तेज रफ्तार से कोरबा शहर बढ़ रहा है उसी रफ़्तार से विकास करने पर भी जोर दिया जा रहा है। ताकि हर गली आने वाले 5 साल में पक्की हो सके, नाली निर्माण और बिजली के खंभे लग सके।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि वार्ड क्रमांक 32 रिसदी में कुछ वर्ष पूर्व जर्जर आंगनबाड़ी धराशाही होकर ढह गया था। तब से वार्ड वासी मांग कर रहे थे कि सभी जगह नए आंगनबाड़ी भवन का निर्माण हों, मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि  सरकार आते ही सभी आंगनबाड़ी भवन के मरम्मत और निर्माण की स्वीकृति दे दी गई है। आज इस वॉर्ड में तीन नए आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण होने जा रहा है। 0 वार्ड की महिलाओं ने किया उद्योग मंत्री का अभिनन्दन डिंगापुर में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री श्री देवांगन का वॉर्ड की महिलाओं ने आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने मंत्री श्री देवांगन का आभार जताते हुए कहा कि जिन कार्यों की लंबे समय से मांग थी वह अब जाकर पूरी हो रही है।  इन कार्यों की मंत्री श्री देवांगन ने रखी आधारशिला     वार्ड क्रमांक 29, पोड़ीबहार में सीसी रोड निर्माण कार्य लागत 10 लाख, वॉर्ड क्रमांक 31 दादर बांसवाडी के सामने सामुदायिक भवन निर्माण कार्य लागत 10 लाख, वॉर्ड क्रमांक 31 हाउसिंग बोर्ड कालोनी में सांस्कृतिक मंच निर्माण लागत 5 लाख, वार्ड क्रमांक 32 सतनाम नगर बस्ती में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य 10 लाख, वॉर्ड क्रमांक 33 रामपुर बस्ती में सीसी रोड निर्माण कार्य लागत 10 लाख, वार्ड क्रमांक 33 में नाली निर्माण 5 लाख, वार्ड क्रमांक 32 डिंगापुर 1, डिंगापुर 2, रिश्दी 1 में क्रमशः 12-12 लाख की लागत से तीन आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण, वार्ड क्रमांक-31 दामाद मोहल्ला दादरखुर्द में सीसी रोड निर्माण कार्य 10 लाख, वॉर्ड क्रमांक 32 डिंगापुर संस्कार स्कूल के सामने सामुदायिक भवन निर्माण कार्य 10 लाख, वार्ड क्रमांक 32 रिश्दी बाजार के पास मुक्तिधाम निर्माण 5 लाख, कुल 1 करोड़ 11 लाख के विकास कार्यों की आधारशिला रखी गई।        इस अवसर पर पार्षद अजय गोंड, नारायण दास महंत, सुकुंदी यादव, पीलूराम साहू, सुमन सोनी, पूर्व पार्षद दिनेश वैष्णव, रमा मिरी, गुड़िया यादव,चन्दन सिंह, संजू सिंह, लक्ष्मण श्रीवास, शिव चंदेल, वैभव शर्मा, ललेश दुबे, अभिषेक पालीवाल समेत अधिक संख्या में  कार्यकर्ता व वॉर्ड के स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

बालोद जिले के 95 गांवों की सैकड़ों महिलाओं से 70 करोड़ से अधिक की ठगी, मुख्य आरोपित सहित तीन गिरफ्तार

बालोद 95 गांवों की सैकड़ों महिलाओं के नाम पर बैंक व माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से करीब 70 करोड़ रुपये से अधिक का लोन निकाला गया है। इस मामले में पुलिस ने रविवार को सप्तऋषि संस्थान के संचालक व मुख्य आरोपित खोलबहरा कैवर्त्य, बालोद निवासी दंपती सरिता व चंद्रहास करियाम को हिरासत में ले लिया है। शनिवार को गुरुर थाने के ग्राम नारागांव और किनारगोंदी की 86 से अधिक महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस रविवार को शिकायतकर्ताओं को थाने में बुलाकर बयान दर्ज करने में जुटी रही। अब शनिवार को गुरुर थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम नारागांव और किनारगोंदी के 86 से अधिक महिलाओं ने लोन के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत करने के लिए गुरुर थाना पहुंची थी। पुलिस ने खोलबहरा कैवर्त्य, सरिता करियाम सहित एक अन्य पुरुष की तलाश में जुट गई है। रविवार को पुलिस ने शिकायतकर्ताओं को थाने में बुलाकर बयान दर्ज करने में जुटी हुई है। महिलाओं के नाम लोन लेकर शेयर मार्केट में निवेश जानकारी के अनुसार मुख्य आरोपित खोलबहरा महिला समूह के नाम पर लोन निकालने के बाद मोटी रकम को शेयर मार्केट में निवेश करने की बात सामने आ रही है। साथ ही वह बिटकाइन में भी पैसा फंसाया गया है। वहीं शेयर मार्केट में उसे काफी नुकसान होने व बिटकाइन से लगभग 12 लाख रुपये लाभ कमाया था। शेयर बाजार में नुकसान होने के चलते संबंधित बैंकों का किश्त नहीं चुका पाया। इसके बाद वह वहां से फरार हो गया। दीवाली के बाद से आरोपित फरार ठगी का मास्टर माइंड खोलबहरा कैवर्त्य पिता मंगलू राम कैवर्त्य अपनी पत्नी निर्मला कैवर्त्य के साथ बालोद बाईपास मार्ग पर स्थित ग्राम परेगुड़ा में प्रकाश साहू के मकान पर करीबन दो-तीन वर्षों से किराए पर रह रहा था। वह मूल रूप से जांजगीर चांपा जिले में कटनई के हाऊस नंबर 134 सिधादेव पहरिया पाट मंदिर का रहने वाला था। अभी बीते दीपावली के आसपास घर खाली कर पूरे सामान को साथ लेकर गायब हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि हमारे यहां के कुछ महिलाएं भी आधार कार्ड के माध्यम से खाता खुलवाने व लोन संबंधी इसके झांसे में आए हैं। इसके साथ में एक स्थानीय महिला सरिता करियाम भी काम कर रही थी। कर्ज पटाने के लिए पहुंचा नोटिस तब ठगी का हुआ एहसास खरथुली, नारागांव और किनारगोंदी की महिलाओं के अनुसार वे विभिन्न बैंक एवं माइक्रो फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी, आइडीएफसी, एक्सिस, ग्रामशक्ति, अन्नपूर्णा, सूर्योदय, अविरल सहित अन्य माइक्रो फाइनेंस कंपनी से लोन लेकर खोलबहरा कैवर्त्य और सरिता करियाम को दिए हैं। खोलबहरा ने लोन की सभी किश्तों को जमा करने की बात कही थी। बीते माह से किश्त की राशि जमा नहीं हो रही है। जिससे उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ।

मुख्यमंत्री साय बोले- अटल विहार योजना से जरूरतमंदों को किफायती दर पर उपलब्ध होगे आवास

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा बनाए जाएंगे 1650 आवास ई.डब्ल्यू.एस. भवनों में 80,000 रुपए एवं एल.आई.जी. भवनों में 40,000 रुपए की सब्सिडी राज्य शासन द्वारा मिलेगी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘सभी के लिए आवास’ की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में “अटल विहार योजना” के अंतर्गत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की 7 आवासीय परियोजनाओं का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार के एक वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा अटल विहार योजना प्रारंभ की जा रही है ताकि जरूरतमंदों को विशेष रूप से शहरी क्षेत्र के लोगों को किफायती दर पर मकान उपलब्ध कराए जा सकें। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिन आवासीय परियोजनाओं का शुभारंभ किया उनके तहत 07 विभिन्न स्थानों पर भूरकोनी -रायपुर, पथर्रा – राजिम, खरतुली – धमतरी, सिहाद – धमतरी, पुलगांव – दुर्ग, गुरूर – बालोद, एवं कोकड़ापारा – बीजापुर में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी श्रेणी के आवास बनाए जाएंगे। लगभग 300 करोड रुपए की लागत की इन परियोजनाओं के तहत 1650 मकान बनाए जाएंगे, इनमें ई.डब्ल्यू.एस. और एल.आई.जी. श्रेणी के 1452 आवास तथा एम.आई.जी. श्रेणी के 200 आवास बनाए जाएंगे। हितग्राही भवनों का ऑनलाईन पंजीयन वेबसाईट (www.cghb.gov.in) के माध्यम से घर बैठे कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा हर शहरी गरीब परिवारों को आवास मिले, इस उद्‌द्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना लागू की गई है। इससे प्रेरणा लेते हुए हमारी राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों एवं विकासखंड में रह रहे आवासहीन अथवा कच्चे भवन के स्थान पर किफायती एवं पक्के छत युक्त आवास उपलब्ध कराने के लिए ‘अटल विहार योजना” प्रारंभ की है, जिसके तहत हाउसिंग बोर्ड द्वारा 50,000 भवनों का निर्माण कर आबंटन का लक्ष्य निर्धारित किया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल विहार योजना के लिए हाउसिंग बोर्ड को एक रूपये प्रति वर्ग फुट पर शासकीय भूमि उपलब्ध कराई जा रही है इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिये गये है। इस योजना में पूर्व में घोषित अनुदान को जारी रखते हुए ई.डब्ल्यू.एस. भवनों में 80,000 रुपए एवं एल.आई.जी. भवनों में 40,000 रुपए अनुदान राज्य शासन द्वारा दिया जा रहा है। वित्त तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि अटल विहार योजना के तहत आवासों का निर्माण गुणवत्ता के साथ किया जाएगा। इस योजना के तहत राजधानी रायपुर के साथ – साथ दूरस्थ बीजापुर जिले में भी मकान बनाए जाएंगे। जल्द ही यह योजना सभी जिलों में शुरू होगी। हाउसिंग बोर्ड द्वारा नियमित भवनों को फ्री-होल्ड करने की योजना वर्ष 2012 में प्रारंभ की गई। इस योजना में राज्य के लोगों की मांग को प्राथमिकता देते हुए हमारी सरकार द्वारा अभी हाल ही में 26 नवम्बर 2024 को आयोजित कैबिनेट की बैठक में फ्री-होल्ड किये जा रहे भवनों में डायवर्सन शुल्क एवं पेनाल्टी में शत प्रतिशत छूट प्रदान की गई है, इससे हाउसिंग बोर्ड के लगभग 80 हजार हितग्राहियों को राहत मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव बसव राजू एस., आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल कुंदन कुमार सहित छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- वैश्विक पर्यटन के नक्शे में जशपुर जिले का शामिल होना सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं और उसका सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है। अब देशभर के पर्यटन प्रेमी जशपुर की हरी-भरी वादियों की जानकारी के लिए  पर्यटन वेबसाइट www.easemytrip.com का उपयोग कर सकते हैं। जशपुर पर्यटन वेबसाइट में शामिल होने वाला प्रदेश का पहला जिला बन गया है। अब पर्यटन वेबसाइट के  माध्यम से पर्यटन प्रेमियों को जशपुर के नैसर्गिक जगहों की जानकारी आसानी से मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा है कि वैश्विक पर्यटन के नक्शे में जशपुर जिले का शामिल होना सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है। छत्तीसगढ़ में पर्यटन के क्षेत्र को समृद्ध बनाने हेतु हमारी सरकार कृत संकल्पित है। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा जशपुर में पर्यटन को बढ़ावा देने के क्षेत्र में अनेक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग में स्थित जशपुर जिला शहरी जीवन शैली से और भागदौड़ की जिंदगी से सुकून का अहसास दिलाता है। प्रकृति को नजदीक से जानने के लिए जशपुर एक आदर्श स्थान है। चाहे वह हरे-भरे चाय बागान हो , रॉक क्लाइम्बिंग का रोमांच हो, आदिवासी समुदायों की जीवंत परंपराओं को नजदीक से जानना  हो, जशपुर हर यात्री के लिए एक अनूठा अनुभव प्रदान करता है। अपने मनमोहक परिदृश्य, ठंडी जलवायु और आदिवासी संस्कृति, रीति रिवाज, रहन-सहन, खान-पान, पारंपरिक व्यंजन और आत्मीयता से समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ, जशपुर एक ऐसा अनुभव प्रदान करता है जो यात्रा के बाद लंबे समय तक पर्यटकों के साथ रहता है। जशपुर में रूकने के लिए एक सुंदर और आकर्षक सुविधा युक्त सरना एथनिक रिज़ॉर्ट है। जशपुर में दमेरा, देशदेखा, चाय बगान, सोगड़ा आश्रम, रानीदाह, बगीचा विकास खंड में कैलाश गुफा, खुडियारानी,राजपुरी ,दनगरी , मकरभंजा , कुनकुरी विकास खंड में एशिया का सबसे दूसरा बड़ा चर्च, मधेश्वर पहाड़ सबसे बड़ा शिवलिंग, मयाली नेचर कैम्प आदि बहुत सारे पर्यटन स्थल का आनंद लिया जा सकता है।

हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करने तथा सुशासन स्थापित करने के लिए दृढ़ संकल्पित: मुख्यमंत्री साय

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजनांदगांव जिले के गायत्री विद्यापीठ स्कूल में एकल अभियान अभ्युदय यूथ क्लब संभाग स्तरीय खेलकूद के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में एक पक्ष जीतता है, तो दूसरा पक्ष हारता नहीं है, बल्कि दूसरे पायदान पर आ जाता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों को ग्रामीण क्षेत्रों में एकल अभियान अभ्युदय यूथ क्लब के माध्यम से बहुत लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गायत्री विद्यापीठ स्कूल के खेल मैदान के सौंदर्यीकरण के लिए 20 लाख रूपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करने तथा सुशासन स्थापित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश के 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, तेंदूपत्ता बोनस एवं विभिन्न योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए विशेष तौर पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे स्कूली बच्चों, विजेता प्रतिभागियों एवं एकल अभियान परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला कि बिलासपुर में एक रिक्शा चालक की बिटिया पर्वतारोहण के लिए अफ्रीका के किलीमंजारो जाना चाहती है, उसे तत्काल पौने चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता देकर समस्या का समाधान किया गया। वही एक श्रमिक की बिटिया बैडमिंटन की प्रतिभावान खिलाड़ी है, उसे भी सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संसाधन की कमी नहीं होगी और प्रदेश के खिलाडिय़ों को शासन द्वारा हरसंभव मदद दी जाएगी। ओलंपिक में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों द्वारा स्वर्ण पदक प्राप्त करने पर 3 करोड़ रूपए, रजत पदक में 2 करोड़ रूपए और कांस्य पदक में एक करोड़ रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बहुत परिश्रमी रहे हैं तथा उन्होंने जशपुर में पैदल चलकर तथा कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई की है। आप में से भी कोई कठिन परिश्रम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि परिश्रम की पराकाष्ठा तक जाइए, आपका सफल होना सुनिश्चित है। इस अवसर पर सांसद संतोष पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, एकल विद्यालय एवं यूथ क्लब के सदस्य, खिलाड़ी बच्चे उपस्थित थे।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet