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फर्जी बैंक खाता खुलवाकर लेन-देन का आरोप, छत्तीसगढ़ में पूर्व सीएम के करीबी पर ED ने दर्ज किया मामला

रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव के खिलाफ पीएमएलए और एफईओए के तहत मामला दर्ज किया है. इसके पहले तेलीबांधा थाने में केके श्रीवास्तव के खिलाफ 500 करोड़ रुपए का ठेका दिलवाने के नाम से 15 करोड़ रुपए की ठगी करने का अपराध दर्ज किया गया था. बताया जा रहा है कि पुलिस की जांच में पाया गया कि केके श्रीवास्तव ने दिल्ली और मुंबई में जोमैटो तथा स्विगी में काम करने वाले लड़कों के नाम से फर्जी बैंक खाता खुलवाकर 500 करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन किया गया है. इस बात की जानकारी रायपुर पुलिस ने ईडी और आयकर विभाग को पत्र लिखकर दी थी. मामले में अब ईडी ने रायपुर पुलिस की एफआईआर के आधार पर केके श्रीवास्तव के खिलाफ पीएमएलए ‘धन शोधन निवारण अधिनियम‘ (Prevention of Money Laundering Act) और एफईओए ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम’ (Fugitive Economic Offender Act-FEO) के तहत मामला दर्ज किया है. जानकारी के अनुसार, केके श्रीवास्तव ने दिल्ली के रावत एसोसिएट के डायरेक्टर अर्जुन रावत को स्मार्ट सिटी लिमिटेड रायपुर में 500 करोड रुपए का ठेका दिलवाने के नाम से विभिन्न बैंक अकाउंट में 15 करोड़ रुपए डलवाए थे. रावत एसोसिएट्स कंपनी – हाइवे कंस्ट्रक्शन, सरकारी ठेके बिल्डिंग निर्माण और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का काम करती है. कंपनी के डायरेक्टर की केके श्रीवास्तव से मुलाकात 2023 में आध्यात्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णन के माध्यम से हुई थी. राखड़ और फ्लाई ऐश का काम करने वाले केके श्रीवास्तव ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी बता ठेका दिलाने के नाम पर 15 करोड़ लिया और काम नहीं दिलाया. प्रार्थी ने पुलिस से की गई अपनी शिकायत में लिखा है कि केके श्रीवास्तव ने उन्हें रायपुर बुला प्रदेश के सबसे बड़े नेता से मिलवाया था. बड़े नेता ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा था कि केके भरोसे के आदमी है, आपका काम हो जाएगा. लेकिन काम नहीं होने पर रकम वापसी के लिए तीन-तीन करोड़ के चेक दिए गए, लेकिन सभी चेक बाउंस हो गए. पुलिस के अपराध दर्ज करने की जानकारी लगते ही केके श्रीवास्तव परिवार के साथ फरार हो गया. पुलिस ने उन्हें भगोड़ा घोषित करते हुए दस हजार रुपए का इनाम रख दिया गया. थाने में अपराध दर्ज होने के बाद रायपुर सत्र न्यायालय से जमानत याचिका खारिज होने के बाद केके श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी. केके श्रीवास्तव के अधिवक्ता ने इसे धोखाधड़ी न मानते हुए आपसी लेनदेन का मामला बता जमानत देने का निवेदन किया था. याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने मामले में गंभीर टिप्पणी की थी. पुलिस द्वारा पेश की गई तगड़ी केस डायरी और जमानत विरोध को देखते हुए श्रीवास्तव की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. अब ईडी के द्वारा मामला दर्ज करने से केके श्रीवास्तव की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

अंधे कत्ल का खुला राज, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में शराब पीते समय दोस्त के सर पर मारे डंडे

गरियाबंद। छुरा थाना क्षेत्र के कलमीदादर गांव में सोमवार को एक युवक की लाश क्षत-विक्षत हालत में मिली थी. मृतक की पहचान कोड़ामाल निवासी 35 वर्षीय रोमन कवर के रूप में हुई थी. पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की तो फोरेंसिक रिपोर्ट हत्या की ओर इशारा कर रही थी. जांच आगे बढ़ी तो पता चला मृतक का आना-जाना कलमीदादर निवासी उसके मित्र टिकेश्वर के घर होता था. शव टिकेश्वर के घर से 50 मीटर दूरी पर ही मिला था. संदेह की सुई टिकेश्वर पर आकर टिक गई. मामले में जब टिकेश्वर से पूछताछ की गई तो उसने हत्या की बात कबूल किया. थाना प्रभारी दिलीप मेश्राम ने बताया कि मामले में आरोपी टिकेश्वर नेताम (30 वर्ष) के खिलाफ धारा 103(1), 238 बीएनएस कायम कर आरोपी को आज विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे गरियाबंद उप जेल भेज दिया गया है. कपड़ों से हुई शव की पहचान, घटना स्थल पर हत्यारा भी था मौजूद घटना 11 अक्टूबर की है, जब मृतक का शव मिला था.धड़ को जंगली जानवरों ने नोच डाला था, सिर भी काफी दूर मिला, सड़ने के कारण शव की पहचान मुश्किल से हुई. शव मिलने के सूचना पर पूरा गांव इकठ्ठा था. हैरान करने वाली बात यह है कि भीड़ के बीच हत्यारा मित्र भी मौजूद था पूरे घटनाक्रम को देख रहा था. गुम सदस्य की तलाश कर रहे परिजनों ने कपड़े से शव की पहचान की थी. शराब के नशे में विवाद ने लिया हत्या का रूप आरोपी टिकेश्वर ने पुलिस को बताया कि 28 अक्तूबर को दोनों रास्ते में मिले थे और दोनों वहां से आरोपी के घर आ गए. आरोपी के बाड़ी में पीछे बैठकर शराब भी पीए. शराब पीते-पीते मामूली विवाद में झगड़ा हुआ तो पास पड़े डंडे से टिकेश्वर ने रोमन के सर पर जोरदार वार किया, जिससे वह मौके पर ही अधमरा हो गया. आरोपी दोस्त ने उसे उसी हाल में छोड़ दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. फोरेंसिक रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने तीन दिन के भीतर हत्यारे को पकड़ लिया.

लाखों रुपये नगदी और ताश के पत्ते जब्त, छत्तीसगढ़-धमतरी में फड़ों पर छापे में 18 जुआरी गिरफ्तार

धमतरी। जुआरियों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर लगे जुआ के फड़ों में छापेमारी कर 18 जुआरियों को जुआ खेलते गिरफ्तार किया है. सभी आरोपियों के पास से 1.03 लाख रुपये नगदी और दो बंडल ताश के पत्ते जब्त किये गए हैं. यह कार्रवाई धारा 3(2) जुआ एक्ट के तहत की गई है। यह कार्रवाई बिरेझर पुलिस चौकी ने ग्राम मड़ेली भाठापारा और चिरईया खार के पास मैदान में की गई है. मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बिरेझर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जुआ खेल रहे आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा. पहले फड़ में 10 जुआरियों से 59,850 रुपये नगद और ताश के पत्ते जब्त किए गए, जबकि दूसरे फड़ में 8 जुआरियों से 43,200 रुपये और ताश के पत्ते जब्त किए गए. सभी आरोपियों के खिलाफ बिरेझर पुलिस चौकी में वैधानिक कार्रवाई की गई है. आरोपियों के नाम और बरामद राशि:—- 0- मुकेश कुमार साहू से 5,450 रुपये 0- नवीन साहू से 6,400 रुपये 0- होमप्रकाश साहू से 6,250 रुपये 0- उत्तम कुमार साहू से 6,400 रुपये 0- शिव कुमार साहू से 5,750 रुपये 0- लोकनाथ साहू से 5,650 रुपये 0- गंगादीन साहू से 5,050 रुपये 0- गजेन्द्र सिंह ठाकुर से 4,650 रुपये 0- किशोर साहू से 7,150 रुपये 0- कुम्भनारायण साहू से 7,100 रुपये 0- योगेश्वर साहू से 5,900 रुपये 0- भीखम साहू से 6,400 रुपये 0- लीलाराम साहू से 4,600 रुपये 0- महेश साहू से 4,850 रुपये 0- किर्तन साहू से 2,700 रुपये 0- अनिल कुमार साहू से 4,900 रुपये 0- थानूराम सिन्हा से 5,500 रुपये 0- अरुण कुमार साहू से 5,350 रुपये

सड़क हादसे में वाहन के उड़े परखच्चे, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में SDM और नायब तहसीलदार बाल-बाल बचे

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में बीती रात ड्यूटी के बाद जिला मुख्यालय से देवभोग वापस लौटते समय SDM तुलसी दास मरकाम सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए. उनकी स्कॉर्पियो सीजी 30 डी 9997 नेशनल हाइवे 130 सी में अनियंत्रित होकर धवलपुर नाला के पास पलट गई. यह गाड़ी पलट कर जब टकराई तो वाहन के सामने के हिस्से के परखच्चे उड़ गए. इस घटना में एसडीएम और स्कॉर्पियो चला रहे तहसीलदार विजय सिंह बाल-बाल बचे हैं. दोनों को मामूली चोंटे ही आई है. दरअसल, इस हादसे के वक्त गाड़ी की सेफ्टी के लिए दोनों एयरबैग्स खुले हुए थे, जिसकी वजह से दोनों की जान बच पाई है. दोनों को मामूली अंदरूनी चोंट आई है. घटना के बाद तत्काल एसडीएम तुलसी दास मरकाम व वाहन चला रहे नायब तहसीलदार विजय सिंह को आवाजाही कर रहे मददगार के द्वारा मैनपुर अस्पताल में ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया गया. वहीं घटना के बाद वाहन को नाले से बाहर निकालकर धवलपुर ढाबे के पास रखा गया है. फिलहाल उनकी कार क्यों पलटी इसका कारण पता नहीं चल सका है. कारण का पता लगाने के लिए पुलिस की टीम घटना की जांच में जुट गई है.

नियद नेल्लानार से बदल रही बस्तर के गांवों की तस्वीर, छत्तीसगढ़-विष्णुदेव के सुशासन में बम की जगह फिर गूंजी मांदल

जगदलपुर. अपने विशिष्ट मानव और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर बस्तर अंचल के लोग अपनी अनोखी संस्कृति और परंपराओं का निर्वहन करने के लिए विश्वभर में विख्यात हैं. यहां के आदिवासी कठिन परिस्थितियों में भी खुशहाल जीवन जीने के लिए खुद को प्रकृति के अनुकूल बनाकर रखने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन पिछले कुछ दशकों में यहां के आदिवासियों के खुशहाल जीवन को नक्सलियों की नजर लग गई थी. अब आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन से बस्तर वासियों का वक्त बदला है. एक बार फिर धीरे-धीरे बस्तर क्षेत्र के आदिवासी अपने पुराने दिनों की ओर लौटने लगे हैं. उनकी समस्याओं के उन्मूलन के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने ‘‘नियद नेल्लानार‘‘ (आपका अच्छा गांव) योजना संचालित किया है, जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं. नियद नेल्लानार योजना विष्णुदेव साय सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसमें सुरक्षा कैंपों के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ शत प्रतिशत हितग्राहियों तक पहुंचाने की मुहिम चलायी जा रही है. इस योजना के सुचारू क्रियान्वयन से इसका असर अब अंदरूनी गांवों में भी देखने को मिल रहा है. स्थानीय हाट बाजार अब गुलजार होने लगे हैं. बंद पड़े हाट बाजार और स्कूल अब फिर से शुरू हो रहे हैं, जिससे बस्तर अंचल की तस्वीर बदल रही है. सालों से बम धमाकों के बीच दहशत में जीवन गुजारने वाले आदिवासियों के जीवन का पुराना दौर लौटने लगा है और इन इलाकों में सािलों बाद मांदर की थाप फिर गूंजने लगी है. छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय सरकार ने आदिवासी समुदाय के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर प्राथमिकता के साथ अपना ध्यान केंद्रित किया है. राज्य की लगभग 3 करोड़ आबादी में एक तिहाई जनसंख्या आदिवासी समुदाय की है. आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र विष्णुदेव साय सरकार के सुशासन से समग्र विकास की ओर अग्रसर है. आदिवासी समुदायों में होने वाले विकास का प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि इन इलाको में केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही पीएम जनमन योजना और राज्य सरकार की नियद नेल्ला नार योजना आदिवासियों का जीवन बदलने वाली साबित हो रही है. राज्य शासन की नियद नेल्लानार योजना जिसका शाब्दिक अर्थ होता है आपका अच्छा गांव योजना. ये योजना जनकल्याण का अभिनव उपक्रम साबित हो रही है. इस योजना के अंतर्गत माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित नए कैम्पों के आसपास के 5 किमी के दायरे में आने वाले 96 गांवों का चयन कर शासन के 17 विभागों की 53 योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं के तहत आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, पुल-पुलिया, स्कूल इत्यादि मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं. छत्तीसगढ़ सरकार की पहल पर छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण दिए जाने की भी योजना है.. शेष जिलों के विद्यार्थियों को 1 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाएगा.. ब्याज अनुदान के लिए शिक्षा ऋण की अधिकतम सीमा 4 लाख रूपए रखी गई है. बस्तर के दूरस्थ इलाकों में जिस तरह स्वास्थ्य, सड़क, संचार और सुरक्षा नेटवर्क को मजबूती दी जा रही है, उसका लाभ आदिवासी वर्ग को मिलता दिखाई दे रहा है. इस योजना के आ जाने से न सिर्फ़ आदिवासी समाज के जीवन स्तर में गुणवत्ता का संचार हो रहा है बल्कि सरकार की पहल से प्रदेश में वामपंथी उग्रवाद की समस्या को परास्त भी किया जा रहा है. केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को आदिवासी समुदाय तक पहुंचाने के लिए नए-नए प्रयास किए जा रहे हैं.. आदिवासी समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र का वातावरण बदल रहा है.. साय सरकार पिछले 10 माह में आदिवासी समुदाय के आवास, पेयजल, विद्युत और सड़क सहित सभी बुनियादी जरूरतों पर तेजी से काम कर रही है. रायपुर से विशाखापट्नम तक इकोनॉमी कॉरिडोर छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदाय की बसाहट ज्यादातर वनांचल क्षेत्रों में है. इन क्षेत्रों में सड़क, नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है.. केन्द्र सरकार द्वारा भी भारत माला प्रोजेक्ट के तहत रायपुर से विशाखापट्नम तक इकोनॉमी कॉरिडोर बनाया जा रहा है.. इसका सीधा फायदा भी आदिवासी इलाकों को मिलेगा.. केन्द्र सरकार द्वारा नगरनार में देश का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र भी शुरू किया गया है, इससे बस्तर अंचल के विकास को नई गति मिली है. राज्य के आदिवासी क्षेत्रों और अयोध्या धाम तक सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने रायगढ़-धरमजयगढ़-मैनपाट-अंबिकापुर-उत्तरप्रदेश सीमा तक कुल 282 किमी तक के मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की है. यह मार्ग प्रदेश के चार जिलों से होकर गुजरता है एवं धार्मिक नगरी अयोध्या से छत्तीसगढ़ राज्य को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है.. इस मार्ग के लिए भारत सरकार से हरी झण्डी मिल गई है. 36 कॉलेजों के भवन-छात्रावास के लिए 131 करोड़ 52 लाख की मंजूरी राज्य सरकार द्वारा 36 कॉलेजों के भवन-छात्रावास निर्माण के लिए 131 करोड़ 52 लाख रूपए मंजूर किए गए है.. इससे प्रदेश के 36 कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ होंगे तथा शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. इस स्वीकृति में अधिकांश आदिवासी बहुल क्षेत्रों के कॉलेजों को शामिल किया गया है.. नई दिल्ली के ट्रायबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर अब 185 कर दी गई है.. नई दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा की तैयारी करने के इच्छुक अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अब इस हॉस्टल में तीन गुने से भी अधिक सीटें उपलब्ध होंगी..आईआईटी की तर्ज पर राज्य के जशपुर, बस्तर, कबीरधाम, रायपुर और रायगढ़ में प्रौद्योगिकी संस्थानों का निर्माण किया जाएगा.. राज्य में छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन की स्थापना भी की जा रही है. प्रदेश के 263 स्कूलों में चल रही पीएमश्री योजना प्रदेश के 263 स्कूलों में पीएमश्री योजना शुरू की गई है, जिसके तहत इन स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है.. इस योजना के तहत स्कूलों में स्थानीय भाषाओं के साथ-साथ रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक विषयों को भी पढ़ाया जाएगा. पीएमश्री स्कूल आदिवासी बहुल इलाकों में भी स्कूलों को अपग्रेड किया रहा है, इससे इन क्षेत्रों के बच्चों को भी आधुनिक, ज्ञानपरक और कौशल युक्त … Read more

झोपड़ी में सोते समय हमले में मौत, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में हाथी ने अधेड़ ग्रामीण को कुचला

रायगढ़. रायगढ़ जिले में हाथी के हमले से फिर एक ग्रामीण की मौत हो गई। घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम मृतक के परिजनों को सहायता राशि देते हुए आगे की कार्रवाई में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, लैलूंगा रेंज के बगुडेगा के लाख पहरी जंगल में बीती रात हाथी ने एक अधेड़ ग्रामीण अगनु अगरिया 45 साल को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि मृतक अगनु बगुडेगा बस्ती से अलग जंगल के किनारे एक झोपड़ीनुमा घर में रहता था और बीती रात खान खाने के बाद रात 11 बजे करीब वह सोने गया था, जहां एक दंतैल हाथी ने उसका सामना हो गया। इसके बाद हाथी ने उसे कुचलकर मौत के घाट उतार कर वापस जंगल में चला गया। परिजनों को दी गई सहायता राशि इस घटना की जानकारी बुधवार की सुबह गांव के ग्रामीणों को लगने के बाद उन्होंने उक्त मामले की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिये अस्पताल भेजते हुए मृतक के परिजनों को तत्कालिक सहायता राशि देते हुए आगे की कार्रवाई में जुट गई है। दहशत में ग्रामीण गांव के ग्रामीणों ने बीते कुछ समय से उनके क्षेत्र में 22 हाथी विचरण कर रहे हैं और हाथियों के इस दल के द्वारा किसानों की फसलों को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसी बीच बीती रात हाथी के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो जाने के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल निर्मित हो गया है। जिले में 152 हाथी वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इन दिनों रायगढ़ जिले में 151 हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। हाथियों के इस दल में नर हाथी की संख्या 38, मादा हाथी की संख्या 76 के अलावा 37 हाथी शावक शामिल है। सबसे अधिक हाथी छाल रेंज के कुडेकेला बीट में 42 हाथी विचरण कर रहे हैं।

खरीदी से पहले बड़ी कार्रवाई, छत्तीसगढ़-कवर्धा में यूपी का 700 बोरा अवैध धान से भरा ट्रक जब्त

कवर्धा. छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू होने के एक दिन पहले कबीरधाम जिले में अवैध धान परिवहन पर बड़ी कार्रवाई की गई है. कबीरधाम जिले के मध्यप्रदेश से लगे सीमावर्ती क्षेत्र चील्फी में 700 बोरा अवैध धान पकड़ा गया है. धान से भरा ट्रक जब्त कर एक आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है. यह मामला चिल्फी थाना क्षेत्र का है. जानकारी के मुताबिक, यूपी से लाए जा रहे धान को छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में खपाने की तैयारी थी. धान के संबंध में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. अवैध धान की कीमत 5 लाख रुपए आंकी गई है. यह कार्रवाई पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने मिलकर की है. थाना प्रभारी उमाशंकर राठौर ने कहा, धान का अवैध परिवहन रोकने सीमावर्ती इलाके में चेक पोस्ट पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.

पारंपरिक खेलों और खिलाड़ियों को मिल रहा प्रोत्साहन, छत्तीसगढ़-अबूझमाड़ में बस्तर ओलंपिक का उत्साह

बस्तर/रायपुर. बस्तर संभाग के सभी जिलों में इन दिनों बस्तर ओलंपिक का आयोजन हो रहा है। अबूझमाड़ जैसे बेहद पिछड़े इलाके में भी बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बस्तर ओलंपिक में हिस्सा ले रहे हैं। बस्तर ओलंपिक के शुभंकर मस्कट वनभैंसा और पहाड़ी मैना से बच्चे, युवा और आम नागरिक को आकर्षित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर बस्तर संभाग में बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य के जनजातीय बहुल क्षेत्रों के खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा को निखारना है और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। मुख्यमंत्री साय ने बस्तर अंचल के लोगों से इन खेल प्रतियोगिताओं में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि राज्य में खेल और खिलाड़ियों को लगातार प्रोत्साहन दिया जा रहा है और बस्तर अंचल में नई खेल अधोसंरचनाएं विकसित की जा रही है। बस्तर ओलंपिक के आयोजन के तहत प्रथम चरण में 6 नवम्बर से 16 नवम्बर तक विकासखण्ड स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है। दूसरे चरण में 19 नवम्बर से 26 नवम्बर तक जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। इसके बाद अंतिम चरण में संभाग स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। बस्तर ओलंपिक में युवा खो-खो, कब्बडी, बालीबाल, ऊंची कूद, तवाफेक, फुटबाल, गोलाफेक, तीरदांजी, बैडमिन्टन जैसे खेलों का आयोजन किया जा रहा है। बचपन की यादें हो रही ताजा बस्तर ओलंपिक में ऐसे खेल शामिल किए गए हैं, जिसे ग्रामीणजन हमेशा से गांवों में खेलते आए हैं। ग्रामीण परिवेश से जुड़े खेल होने के कारण बिना किसी हिचक के इन खेलों में उत्साह के साथ शामिल हो रहे। इन आयोजनों में स्कूली बच्चों, ग्रामीण महिलाओं और बुजुर्गो को आनंद मिल रहा है। विशेषकर बुजुर्गों को अपने स्कूली जीवन और बचपन की याद ताजा हो रही है। बस्तर ओलंपिक सराहनीय पहल नारायणपुर के बोरावण्ड गांव के खिलाड़ी जयसिंह, रजनु यादव और उनके साथियों ने बस्तर ओलंपिक में अपने खेल को निखारने के इस अवसर के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ के सुदूर पहुंचविहीन गांव के प्रतिभावान युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने के लिए यह उनकी सराहनीय पहल है। उन्होंने बताया कि कबड्डी पुरुष वर्ग में उनकी टीम ने विकासखंड स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसके लिए उन्हें ट्रॉफी, मेडल और टीम को ड्रेस प्रदान किया गया। जिला स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार है। अबूझमाड़ अंचल में आ रहा बदलाव बस्तर ओलंपिक में शामिल हो रहे खिलाड़ियों ने बताया कि अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं में लगातार सुधार हो रहा है। इस क्षेत्र में माओवादी घटनाओं में कमी आई है और लोगों का जीवन स्तर भी बेहतर हो रहा है। अबूझमाड़ के संवेदनशील इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल और उप-स्वास्थ्य केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाएं बढ़ रही है। ईरकभट्टी, मसपुर और गारपा जैसे दूरस्थ गांवों तक अब पक्की सड़कें बन चुकी है, जिससे इन गांवों के निवासियों को शहरों और बाजारों से जोड़ने में आसानी हो रही है। नारायणपुर से गारपा और मसपुर तक बस सेवाओं की शुरुआत भी इस क्षेत्र के विकास में एक अहम कदम है, जिससे लोगों को यातायात में सहूलियत मिल रही है।

अस्पताल में मौत पर डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप, छत्तीसगढ़-दुर्ग में शादी के 11 साल बाद बनने वाली थी मां

दुर्ग। भिलाई के छावनी क्षेत्र में एक गर्भवती महिला की मौत का मामला सामने आया है. शहर के करुणा अस्पताल में इलाज के दौरान गर्भवती महिला की मौत हो गई. महिला की मौत पर परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है और जांच की मांग की है. बताया जा रहा है कि 32 वर्षीय गर्भवती महिला वंदना वैष्णव आठ महीने की गर्भवती थी और रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल पहुंची थी. अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के दौरान पाया कि उनकी बच्चेदानी का मुंह खुल गया है, जिसके बाद ऑपरेशन की तैयारी की गई. ऑपरेशन से पहले महिला डॉक्टर ने उन्हें एक इंजेक्शन लगाया, जिसके तुरंत बाद वंदना को अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) शुरू हो गया. ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत हो गई. वंदना के परिवार ने अस्पताल की महिला डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है. परिवार का कहना है कि 11 साल बाद गर्भवती होने के बाद उनकी खुशियों पर अचानक हादसा मातम में बदल गया. वंदना की नवजात बच्ची को जन्म के तुरंत बाद सांस लेने में तकलीफ होने के कारण स्पर्श अस्पताल में रेफर किया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है. परिजनों का आरोप मृतिका के पति विजय वैष्णव ने करुणा हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल का कहना है कि बच्चेदानी का मुंह खुल गया है तो उसके लिए फिर ऑपरेशन कराएं बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो बोलकर स्पर्श हॉस्पिटल ले गए और पत्नी की डेथ हो गई. अब यह डेथ नॉर्मल है. कैसा है, यह समझ में नहीं आ रहा. इसलिए हम पोस्टमार्टम करवाना चाह रहे हैं. अगर लापरवाही हुई होगी तो पोस्टमार्टम से पता चलेगा. डॉक्टर का पक्ष करुणा हॉस्पिटल की गायनिकोलॉजिस्ट डॉ. सोनल देवांगन ने बताया कि वंदना के गर्भाशय का मुंह खुलने के कारण ऑपरेशन करना जरूरी था. ऑपरेशन के दौरान वंदना का सैचुरेशन कम होने लगा, जिसके चलते उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया. डॉक्टर ने बताया कि वंदना को डीआईसी (डिसेमिनेटेड इंट्रावस्कुलर कोएगुलेशन) जैसी गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई.

पुलिस ने समझा बुझाकर उतारा, छत्तीसगढ़-कोंडागांव में मोबाइल टावर पर चढ़ा नशेड़ी

कोंडागांव। जिले के ग्राम चिवावंड में एक शराबी युवक की वजह से हड़कंप मच गया है। दरअसल, आज दोपहर साप्ताहिक बाजार के दौरान एक युवक शराब के नशे में धुत होकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने उसे नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन वह नीचे नहीं आया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को समझाईश दी, लेकिन युवक पर समझाईश का कोई भी असर नहीं दिखा रहा है। पुलिस ने जवानों को तैनात कर दिया है और उनका प्रयास जारी है। जानकारी के मुताबिक, मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक ग्राम भोगाड़ी का रहने वाला है। आज दोपहर वह चिवावंड के साप्ताहिक बाजार आया हुआ था, इस दौरान उसने शराब का सेवन किया और मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इस दौरान मौके पर हड़कंप मच गया। इस दौरान लोगों ने उसे नीचे उतरने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद लोगों ने सोचा कि शाम तक नशा उतरते वह नीचे उतर आएगा, लेकिन जब युवक नीचे नहीं आया तो लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। बता दें कि खबर लिखे जाने तक युवक को नीचे उतारने में सफलता नहीं मिली है।

मंत्री-अधिकारी करेंगे मंथन, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नई औद्योगिक विकास नीति का करेंगे विमोचन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 नवम्बर को शाम 6.30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मेफेयर लेक रिसार्ट में आयोजित कार्यक्रम में राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का विमोचन करेंगे। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। उप मुख्यमंत्री द्वय अरूण साव और विजय शर्मा कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। बता दें कि इस कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, खेल मंत्री टंकराम वर्मा, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। गौरतलब है कि 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित केबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 मंजूर की गई थी। इसमें छत्तीसगढ़ सरकार ने भारत सरकार के विजन 2047 की परिकल्पना को साकार करने तथा राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से कई प्रावधान किए हैं। नई औद्योगिक नीति को उद्योग विभाग द्वारा संबंधित सभी हितपक्षों, औद्योगिक संगठन, औद्योगिक समूहों, संबंधित विभागों के साथ संवाद एवं गहन विचार-विमर्श कर तैयार किया गया है।

अश्लील तस्वीरें बनाकर ब्लैकमेलिंग, छत्तीसगढ़-कोंडागांव में लड़की के इंस्टाग्राम से फोटो निकाले

कोंडागांव। इंस्टाग्राम पर युवती की फोटो का दुरुपयोग कर ब्लैकमेलिंग करने वाले आरोपी को पुलिस ने दबोचा है. आरोपी अविनाश दास मानिकपुरी युवती के इंस्टाग्राम से फोटो लेकर उसे अश्लील तरीके से एडिट कर फर्जी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करता था. आरोपी धमकी देता था की यदि उसे 2000 रुपये नहीं दिए गए, तो वह तस्वीरों को वायरल कर देगा. पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. यह मामला कोंडागांव थाना क्षेत्र का है. पीड़िता ने 2 सितंबर को थाने में शिकायत दर्ज करवाई कि इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई उसकी फोटो को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा फर्जी आईडी बनाकर, प्रार्थिया के फोटो को एडिट कर अश्लील फोटो बनाकर, प्रार्थिया व उसके दोस्तों और परिवार के बीच वायरल कर, प्रार्थिया को ब्लैकमेल कर, उससे 2000 रूपये की मांग की जा रही है. साथ ही पैसे ना देने पर फोटो को वायरल करने की धमकी दी जारी है. प्रार्थिया शिकायत पर पुलिस ने धारा 79, 308 (क) बीएनएस, 67 (क) आईटी एक्ट का अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया. मामले में जांच के दौरान साइबर सेल कोंडागांव के माध्यम से पुलिस को अज्ञात इंस्टाग्राम धारक और युपीआईडी का जानकारी प्राप्त हुई. आरोपी अविनाश दास मानिकपुरी के संबंध में जानकारी प्राप्त होने पर जब पुलिस की टीम के द्वारा आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया तब जानकारी प्राप्त हुआ कि आरोपी थाना सिरगिट्टी जिला बिलासपुर के अपराध में केंद्रीय जेल बिलासपुर में परिरुद्ध है. जिस पर प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर पूछताछ किया गया, जिस पर आरोपी अविनाश दास पिता मधु दास मानिकपुरी उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम पुडू रतनपुर थाना के द्वारा अपराध घटित करना स्वीकार्य किया गया, जिसे न्यायालय के समक्ष पेश कर आरोपी का न्यायिक रिमांड प्राप्त कर आरोपी को जेल में भेजा गया.

एक की मौत और छह घायल, छत्तीसगढ़-अंबिकापुर में बेकाबू स्कॉर्पियो ने बाइक-स्कूटी-ठेले को मारी टक्कर

अंबिकापुर. अंबिकापुर-दरिमा मार्ग पर ग्राम कंठी में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने दो बाइक व स्कूटी तथा एक ठेले को टक्कर मार दी। इस दौरान उसने सात लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हो गए। इधर हादसे के बाद गुस्साई भीड़ ने स्कॉर्पियो में आग लगा दी। थोड़ी ही देर में स्कॉर्पियो पूरी तरह जलकर खाक हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां दो लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, बुधवार की देर शाम करीब सात बजे काले रंग की स्कॉर्पियो क्रमांक सीजी 15 ईई- 7300 दरिमा की ओर से तेज रफ्तार से अंबिकापुर की ओर आ रही थी। इसी बीच स्कॉर्पियो ने ग्राम कंठी मुख्य मार्ग पर दो बाइक व स्कूटी सवारों तथा सड़क किनारे लगे एक ठेले को टक्कर मार दी। उसने मेडिकल दुकान जा रहे एक युवक को भी चपेट में ले लिया। हादसे में ग्राम करजी निवासी रमेश प्रजापति (35) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। स्कॉर्पियो की तेज रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह सड़क छोड़ एक घर में घुस गई। हादसे के बाद काफी संख्या में जुटी लोगों की भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने स्कॉर्पियो को आग के हवाले कर दिया। थोड़ी ही देर में स्कॉर्पियो पूरी तरह से जलकर खाक हो गई। कुछ देर के लिए मुख्य मार्ग पर जाम लग गया। हादसे की सूचना मिलते ही दरिमा थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों व मृतक को मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। यहां छह घायलों का इलाज जारी है। इधर पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को समझाइश देकर सड़क से हटाया तथा आवागमन शुरु कराया।

‘परेशान करने के लिए फंसाया गया’, छत्तीसगढ़-बिलासपुर HC ने रद्द किए आईपीएस जीपी सिंह के खिलाफ मुकदमे

बिलासपुर. राजद्रोह, ब्लैकमेलिंग और आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे आईपीएस जीपी सिंह को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने जीपी सिंह के खिलाफ दर्ज तीनों मामलों की एफआईआर प्रोसिडिंग्स को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की बेंच ने जीपी सिंह की याचिका पर यह फैसला सुनाया है। बता दें कि जीपी सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज सभी मामलों को रद्द करने की मांग की थी। अपनी याचिका में उन्होंने कहा था कि तत्कालीन सरकार ने उन्हें राजनीतिक षड़यंत्र के तहत फंसाया था। उनके खिलाफ किसी भी मामले में कोई भी साक्ष्य नहीं है। कोर्ट ने भी माना कि उन्हें परेशान करने के लिए झूठे मामले में फंसाया गया है। उनके खिलाफ किसी भी मामले में कोई भी ठोस सबूत नहीं है। लिहाजा सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने जीपी सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। बीते एक जुलाई 2021 की सुबह एसीबी (ACB) और ईओडब्ल्यू (EOW) की टीम ने जीपी सिंह और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की थी। लंबे अंतराल तक चली कार्रवाई के बाद 10 करोड़ की चल अचल संपत्ति का भी खुलासा किया गया था। छापे के दौरान एसीबी (ACB) और ईओडब्ल्यू की टीम ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद होने का दावा किया था। इन बरामद दस्तावेजों के आधार पर रायपुर पुलिस ने आईपीसी जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया था। इसके साथ ही उन पर भ्रष्टाचार से जुड़े हुए अपराध भी दर्ज किए गए थे। इन आरोपों के तहत जीपी सिंह को जेल भी जाना पड़ा था। बाद में उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसके अलावा एक अन्य मामले में साल 2015 में दुर्ग निवासी कमल सेन और बिल्डर सिंघानिया के बीच व्यावसायिक लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। सिंघानिया ने कमल सेन के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। आरोप है कि इस मामले में जीपी सिंह ने कमल सेन से 20 लाख रुपये वसूले थे। इसके साथ ही आईपीएस अफसर पर धमकाने का भी आरोप लगाया गया था।

23 नवंबर को फैसला, छत्तीसगढ़-रायपुर में आकाश और सुनील की किस्मत EVM में कैद

रायपुर. छत्तीसगढ़ की रायपुर शहर दक्षिण विधानसभा सीट पर उपचुनाव में बुधवार को 50 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने मतदान किया. रायपुर संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक और राज्य के पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद यह सीट रिक्त हुई. चुनाव अधिकारियों ने बताया कि रायपुर नगर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ. उन्होंने बताया कि सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदाताओं ने मतदान किया. अधिकारियों के मुताबिक, मतदान समाप्ति के बाद मतदान प्रतिशत 50.50 प्रतिशत दर्ज किया गया हालांकि मतदान प्रतिशत के ये आंकड़े अंतिम नहीं है. मतदान दलों की वापसी पूरी होने तथा प्रपत्रों की जांच के बाद मतदान के आंकड़े अंतिम रूप से तैयार किये जाएंगे. अधिकारियों ने बताया कि मतदान प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन क्षेत्र में किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली. उन्होंने बताया कि शुरुआत में मतदान धीमा रहा लेकिन बाद में मतदान केंद्रों के सामने मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं. अधिकारियों ने बताया कि महिला और युवा मतदाता भी बड़ी संख्या में मतदान करने पहुंचे. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुनील सोनी और विपक्षी दल कांग्रेस के उम्मीदवार आकाश शर्मा ने अपने-अपने मतदान केंद्रों में पहुंचकर मतदान किया. सुनील सोनी को बीजेपी ने उतारा है चुनावी मैदान में उपचुनाव में 30 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं लेकिन मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी दल कांग्रेस के बीच माना जा रहा है. बीजेपी ने रायपुर के पूर्व सांसद और पूर्व महापौर सुनील सोनी को चुनावी मैदान में उतारा है जबकि विपक्ष ने युवा चेहरा आकाश शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है. शर्मा युवा कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष हैं. अधिकारियों ने बताया कि इस निर्वाचन क्षेत्र में 1,33,800 पुरुष, 1,37,317 महिला और 52 ट्रांसजेंडर सहित कुल 2,71,169 मतदाता हैं. मतगणना 23 नवंबर को होगी. पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने राज्य की 90 में से 54 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस ने 35 और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने एक सीट जीती थी. पिछले साल हुए राज्य विधानसभा चुनाव में रायपुर शहर दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र में 60.2 प्रतिशत मतदान हुआ था.

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