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एमपी हाईकोर्ट का फैसला, छत्तीसगढ़-कबीरधाम के शिवप्रसाद का शव कब्र से निकालकर दोबारा होगा पोस्टमार्टम

कबीरधाम/बालाघाट. लोहरीडीह मामले को लेकर एमपी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक फैसला दिया है। मृतक शिवप्रसाद साहू उर्फ कचरू के शव को कब्र से खोदकर निकाला जाएगा। इसके बाद उसका पोस्टमार्टम होगा। कोर्ट ने शिवप्रसाद साहू के शव परिजनों की मौजूदगी में कब्र से निकालकर विशेषज्ञ डॉक्टर की टीम से पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने कहा है। इस मामले में मृतक की बेटी ने हाईकोर्ट में अपने वकील में माध्यम से याचिका लगाई थी। दरअसल, 15 सितंबर को लोहारीडीह गांव के रहने वाले शिवप्रसाद साहू का शव एमपी के बालाघाट जिला अंतर्गत बोरसी थाना क्षेत्र के जंगल में पेड़ पर फांसी पर लटका मिला था। शुरूआती जांच में बोरसी पुलिस ने इसे आत्महत्या कहा था। हालांकि, 16 अक्तूबर को बालाघाट पुलिस ने खुलासा किया था कि शिवप्रसाद साहू की हत्या कर उसके शव को फांसी पर लटका दिया था। पुलिस ने इस मामले में टेकचंद पिता सनूकलाल पटेल (24) निवासी भेलवाटोला थाना रेंगाखार जिला कबीरधाम, दिनेश कुमार पिता रघुनाथ साहू (33) निवासी ग्राम लोहारीडीह थाना रेंगाखार जिला कबीरधाम, रोमन पिता सनूकलाल साहू (32) निवासी ग्राम लोहारीडीह थाना रेंगाखार जिला कबीरधाम व राखीलाल पिता सुखराम हिरवाने (40) निवासी बनाफरटोला ग्राम रेलवाही थाना बिरसा बालाघाट (एमपी) को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। अब फिर से शव का पीएम होने से आने वाले समय में बड़ा खुलासा हो सकता है।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चेकिंग के दौरान 8 लाख रुपये नगदी के साथ पकड़ा युवक

रायपुर आगामी उपचुनाव को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसी कड़ी में थाना पुरानी बस्ती और सीआरपीएफ की डी-62 कंपनी ने बुढ़ेश्वर चौक और पंकज गार्डन के पास चेकिंग पॉइंट स्थापित किए थे। इन चेकिंग पॉइंट्स पर की गई सख्त तलाशी के दौरान पुलिस ने एक मोटरसाइकिल को रोका और उसके चालक से बाइक के बारे में पूछताछ की। इसी दौरान पुलिस ने जब वाहन चालक से काले रंग के बैग की तलाशी ली, तो उसमें 8 लाख रुपये की नगदी राशि मिली। इस भारी रकम के बारे में जब वाहन चालक से वैध दस्तावेज दिखाने को कहा गया, तो वह कोई दस्तावेज दिखा नहीं सका। इस पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उक्त राशि को जब्‍त कर लिया और आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में जिला मॉनिटरिंग सेल को भेज दिया। यह कार्रवाई प्रशासन की कड़ी निगरानी और चुनावी प्रक्रिया के प्रति सख्त रवैये का हिस्सा है। आचार संहिता के तहत, चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या मनी ट्रांसफर पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा यह कदम उठाया गया है। पुलिस ने साफ किया कि चुनावी माहौल में अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के की जाएगी। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे आचार संहिता का उल्लंघन करने से बचें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में संलिप्त न हों।

संजय तरण पुष्कर का उद्यान आज हो रहा जर्जर

बिलासपुर कुदुदंड स्थित संजय तरण पुष्कर (स्वीमिंग पूल) का उद्यान एक समय शहर के बेहतरीन उद्यानों में से एक था। नरम गददेदार घास, विभिन्न तरह के सुगंधित फूल, कई तरह के विशाल वृक्ष और वाटर फाउंटेन के साथ आकर्षक लाइटिंग इस उद्यान की सुंदरता पर चार-चांद लगाती थी, लेकिन समय के साथ यह उद्यान भी अनदेखी का शिकार होकर रह गया। फूल के पौधे सूख चुके, कुर्सियां टूट चुकी लोग यहां सुबह-शाम टहलना पसंद करते थे। लगभग 39 साल तक इसे मेनटेन भी रखा गया। इसके बाद कोरोना काल आने के बाद इस उद्यान का सूध लेना छोड़ दिया गया। हालांकि कोरोना काल को गए दो साल हो चुके हैं, लेकिन इसके बाद से इस उद्यान पर ध्यान देना बंद कर दिया गया। वहीं अब दो साल में इस उद्यान की हालत पूरी तरह से खराब हो चुकी है। फूल के पौधे सूख चुके हैं, तो वाटर फाउंटेन खराब पड़े है। वहीं कुर्सियां टूट चुकी है। दीवारे बदरंग हो चुकी है। मौजूदा स्थिति में सिर्फ ओपन जिम ही बचा है। इस पर भी जंग लग चुका है। इसके बाद भी आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोग ओपन जिम में कसरत करने के लिए आते हैं। इन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि आसपास झाड़ियां उग आई हैं। इसको लेकर आसपास के रहवासी लगातार शिकायत करते आ रहे हैं और मांग रख रहे हैं कि उद्यान की साफ-सफाई कराई जाए और घास के साथ फूल आदि के पौधे लगाए जाए, लेकिन उनकी कोई नहीं सुन रहा है और उद्यान की हालत बद से बदतर होती जा रही है। सांप व जहरीले कीड़ों का डर गार्डन में अनावश्यक रूप से खरपतवार और अनउपयोगी घास उग आए है। जगह-जगह दो से तीन फीट तक झाड़ियां उग गई हैं। ऐसे में सांप के साथ जहरीले कीड़ों का वास इस उद्यान में हो गए हैं। इसकी वजह से भी लोग यहां नहीं आ रहे हैं और जिम्मेदार भी इस ओर जरा भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। यही आलम रहा तो आने वाले दिनों में यह उद्यान झाड़ियों के जंगल में परिवर्तित हो जाएगा। क्या कहते है लोग लगातार जानकारी देने के बाद भी स्थिति जस की तस नियमित रूप से ओपन जिम ने वाले जीपी पांडेय कहते हैं कि उद्यान की दुर्दशा को लेकर नगर निगम से कई बार शिकायत की जा चुकी है। हर बार कहा जाता है कि जल्द ही उद्यान को संवार लिया जाएगा, लेकिन एक साल से ज्यादा हो चुका है किसी तरह से उद्यान की सूध नहीं ली जा रही है।

14 नवंबर से धान खरीदी, सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ी टेंशन

रायपुर छत्तीसगढ़ में 14 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने जा रही है। हालांकि, इसी बीच छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर 4 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। संघ के अधिकारियों और कर्मचारियों ने राज्य के पांच संभागीय मुख्यालयों में धरना दिया है। इस वर्ष, छत्तीसगढ़ सरकार ने 25.75 लाख किसानों से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है। हड़ताल से धान खरीदी की तैयारियों पर असर संघ के उपाध्यक्ष जयप्रकाश साहू ने बताया कि हड़ताल की वजह से फिलहाल सहकारी समितियों में तालाबंदी हो गई है। इससे धान खरीदी की तैयारियों जैसे बारदाना (बोरियों) की व्यवस्था, लाइटिंग, सफाई और मानव संसाधन (हमाल) का काम ठप हो गया है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सारी व्यवस्थाएं ठंडे बस्ते में डाल दी गई हैं। विभिन्न स्थानों पर जारी धरना रायपुर संभाग में धमतरी मुख्यालय पर हड़ताल जारी है, जहां रायपुर, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद और बलौदाबाजार के अधिकारी-कर्मचारी धरने पर बैठे हुए हैं। इसके अलावा, दुर्ग, जगदलपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर में भी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उपाध्यक्ष साहू ने कहा कि संघ की तीन सूत्रीय मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है, जबकि संघ ने पहले भी चरणबद्ध आंदोलन किए थे। 13 हजार से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर प्रदेश की 2058 सहकारी समितियों में 13 हजार से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। इन कर्मचारियों में प्रबंधक, लेखापाल, लिपिक, विक्रेता और चपरासी से लेकर राशन दुकानों के कर्मचारी भी शामिल हैं। सभी ने काम बंद कर हड़ताल में हिस्सा लिया है। संघ की तीन प्रमुख मांगें     प्रबंधकीय अनुदान: मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रत्येक समिति को पांच लाख रुपये का प्रबंधकीय अनुदान दिया जाए।     सेवानियम 2018 में संशोधन: सेवानियम 2018 में आंशिक संशोधन कर कर्मचारियों को पुनरीक्षित वेतनमान और अन्य भत्ते दिए जाएं।     सूखत मान्यता: वर्ष 2023-24 की धान खरीदी में सूखत (सूखी धान) की मान्यता देने और आगामी वर्षों में भी इसका प्रावधान करने की मांग।  

शिनाख्त-जांच में जुटी पुलिस, छत्तीसगढ़-कोरबा की सर्वमंगला डंपिंग में मिली बुजुर्ग की लाश

कोरबा. सर्वमंगला चौकी अंतर्गत बरमपुर स्थित अंग्रेजी शराब दुकान के पीछे डंपिंग में शुक्रवार को एक बुजुर्ग व्यक्ति की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। मामले की सूचना पर सर्वमंगला पुलिस मौके और पहुंची। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। सर्वमंगला पुलिस द्वारा मृतक की पहचान हेतु प्रयास किए जा रहे हैं। मृतक बुजुर्ग व्यक्ति ने गुलाबी रंग का शर्ट और हाफ पेंट पहनी है। मृतक यहां डंपिंग में कैसे पहुंचा और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई है जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि शराब दुकान में मदिरा सेवन करने आए कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ी। पहले लोगों को लगा कि शराब के नशे में सोया होगा, लेकिन जब पास जाकर देखा तो मरा हुआ था। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सर्वमंगला चौकी प्रभारी वैभव तिवारी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच में जुट गई। अब तक उसकी पहचान नहीं हो पाई है। आसपास बस्ती और गांव में कोटवार के माध्यम से मुनादी कराई जा रही है। वहीं, इसके अलावा सोशल मीडिया ग्रुप पर व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से पहचान का प्रयास किया जा रहा।

शराब पीने से रोकने पर बेटे ने फावड़ा मारकर की हत्या, छत्तीसगढ़-दुर्ग में पुत्र गिरफ्तार

दुर्ग. खुर्सीपार थाना क्षेत्र में शराबी बेटे ने पिता पर फावड़े से वार कर हत्या कर दी। मृतक के बड़े बेटे ने थाने पहुंचकर घटना की जानकारी पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर जांच में जुट गई है। पुलिस के मुताबिक, भिलाई स्टील प्लांट के रिटायर कर्मचारी घर में सो रहे थे। इसी दौरान आरोपी शराबी बेटा आया और फावड़े का जोरदार प्रहार अपने पिता पर कर दिया। जानलेवा हमले में पिता की मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटा फरार हो गया। भिलाई एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि श्याम नारायण सिंह बीएसपी से रिटायर कर्मचारी थे। घटना के दिन वो घर में सो रहे थे। इसी दौरान बेटा करण नारायण सिंह ने मौके पर पहुंचकर सो रहे पिता के सिर पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। घटना की सूचना मृतक के बड़े बेटे ने थाने में दी। घटना की सूचना मिलते ही खुर्सीपार थाना पुलिस ने फरार आरोपी को घेराबंदी गिरफ्तार किया है। श्याम नारायण सिंह के चार बेटे है और रिटायर के बाद घर पर रहते थे। आरोपी बेटा नशे का आदी था और नशे के हालत में हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने बताया कि हत्या की वारदात से पहले रात को पिता और बेटे में काफी विवाद हुआ था। पिता बेटे को नशा छोड़ने की सलाह दे रहे थे, जिस पर विवाद खड़ा हुआ। पिता और पुत्र के बीच इसी बात को लेकर बहस हुई। पिता की डांट से गुस्से में आए बेटे ने इस वारदात को अंजाम दिया।

शिकायत के बाद गिरफ्तार, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में युवती से जंगल में डरा-धमकाकर अनाचार

जगदलपुर. बोधघाट थाना क्षेत्र के लामनी पार्क घूमने गई युवती को पहचान के युवक ने घर छोड़ने के नाम पर लिफ्ट दी। उसे घर न छोड़ते हुए जंगल में ले जाकर उसे डरा धमकाकर उसके साथ अनाचार किया। इसकी रिपोर्ट पर पुलिस ने मामले की कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। नगर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बोधघाट क्षेत्र में रहने वाली पीड़िता ने बोधघाट थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि सात नवंबर के दोपहर लामनी पार्क घूमने गई थी। वापस आने के दौरान पीड़िता को राजू नायक मिला। पीड़िता को घर छोड़ देने की बात कहते हुए अपनी बाइक पर बैठाकर करकापाल जंगल ले जाकर जान से मारने की धमकी देकर मारपीट कर जबरदस्ती अनाचार किया। पीड़िता की रिपोर्ट पर तत्काल मामला दर्ज कर तत्काल टीम को भेजा गया। टीम द्वारा आरोपी राजू नायक (27) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने धारा  61(1), 296, 115(2)  BNS तहत गिरफ्तार कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय पेश किया गया है।

हाईकोर्ट के जस्टिस भादुड़ी हुए रिटायर, बोले- ईश्वर और परिजनों के आशीर्वाद से हो सका संभव

बिलासपुर हाईकोर्ट के जस्टिस गौतम भादुड़ी शुक्रवार को रिटायर हो गए. अपने 11 साल के कार्यकाल में उन्होंने कुल 35 हजार 747 मामलों का निराकरण किया, जिसमें से 540 नजीर बने. चीफ जस्टिस के कोर्ट रूम में हुए विदाई समारोह में जस्टिस भादुड़ी ने कहा कि यह ईश्वर और परिजनों के आशीर्वाद से संभव हो सका. इस दौरान उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट उनके जीवन के स्कीम में नहीं है. हालांकि वे कल से कोर्ट में नहीं बैठेंगे, लेकिन विधि के क्षेत्र में सक्रियता बनी रहेगी. जस्टिस गौतम भादुड़ी का विदाई समारोह चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के कोर्ट रूम में आयोजित हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत में सीजे सिन्हा ने जस्टिस भादुड़ी के कार्यकाल पर अपनी बात रखते हुए न्यायपालिका में उनके योगदान की सराहना की. इसके बाद महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उमाकांत सिंह चंदेल और डिप्टी सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने अपनी बातें रखीं. रायपुर में हुई प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा 10 नवंबर 1962 को प्रसिद्ध वकील एस के भादुड़ी (पिता) और पी भादुड़ी (दादा) के परिवार में जन्म हुआ. प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा बंगाली कालीबाड़ी स्कूल, रायपुर में हुई, और उसके बाद सेंट पाल हायर सेकेंडरी स्कूल, रायपुर से माध्यमिक शिक्षा पूरी की. पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय, रायपुर से बीकाम और एलएलबी की डिग्री ली. एलएलबी में स्वर्ण पदक प्राप्त किया. वे उस सोसायटी से जुड़े थे, जो रायपुर में तीन कालेज चलाती है, जिनके नाम दुर्गा कालेज, विवेकानंद कालेज और अपने दादा द्वारा स्थापित ला कालेज. शैक्षिक सोसायटी और क्षेत्रीय सोसाइटियों के भी सदस्य रहे. वर्ष 1985 में शुरू की वकालत वर्ष 1985 में वकालत की प्रैक्टिस में शामिल हुए. छत्तीसगढ़ और तत्कालीन मध्य प्रदेश राज्य के अधिकार क्षेत्र के भीतर विभिन्न अधीनस्थ न्यायालयों और उच्च न्यायालय में वकालत की. वर्ष 2000 में बिलासपुर आए. सरकारी वकील के रूप में काम किया और उसके बाद बिलासपुर के महाधिवक्ता कार्यालय में उप महाधिवक्ता के रूप में पदोन्नत हुए और 2003 तक इस पद पर बने रहे. इसके बाद निजी तौर पर प्रैक्टिस की. सिविल, आपराधिक, संवैधानिक, कंपनी, श्रम मामलों को निपटाया. सीबीआइ के लिए स्थायी वकील रहे. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों – सेल, एनटीपीसी, बैंकों और कई निजी कार्पोरेट निकायों के लिए भी स्थायी वकील रहे. 16 सितंबर 2013 को बने छग हाई कोर्ट जज 16 सितंबर 2013 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए. 08 मार्च 2016 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली. उन्होंने 11 मार्च 2023 से 29 मार्च 2023 तक छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (कार्यवाहक) का पदभार संभाला.

लाश को ऑटो पर रखकर लगाया ठिकाने, छत्तीसगढ़-कोरबा में पत्नी-बेटे ने की पति की हत्या

कोरबा. गला दबाकर पति की हत्या कर पुत्र के साथ मिलकर लाश को ठिकाना लगाने के मामले में आरोपी पत्नी को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत खपराभट्ठा बस्ती का है। 2018-19 में घटना सामने आई थी। 33 वर्षीय सुशीला निषाद ने अपने पति विमल वाल्मीकि उर्फ सूर्या की गुमशुदा होने की शिकायत सिविल लाइन थाना पुलिस से की थी। काफी खोजबीन के बाद भी सूर्य का पता नहीं चल सका था। इसके बाद बालको थाना क्षेत्र अंतर्गत कॉफी प्वाइंट मे नर कंकाल मिला था। घटनास्थल से एक चूड़ा मिलने पर उसकी पहचान विमल वाल्मीकि उर्फ सूर्या के रूप में की गई। पहचान करवाई होने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और सुशीला निषाद और उसके बेटे से पूछताछ शुरू की। नर कंकाल का डीएनए किया गया। रिपोर्ट में नर कंकाल विमल वाल्मीकि का होना पाया गया। घटनाक्रम सामने आया कि विमल वाल्मीकि की हत्या कर उसे की कॉफी प्वाइंट में फेंका गया था। इस घटना को अंजाम किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी और बच्चे ने दिया था। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब हत्या करने के बाद लाश को जिस ऑटो में लेकर गए थे, उसके ऑटो चालक ने पुलिस को घटनाक्रम बताया। आरोपी सुशीला निषाद और उसके पति विमल वाल्मीकि के बीच आपसी विवाद हो गया था। पत्नी ने पति का गला घोट कर मौत के घाट उतारा। इसके बाद रात भर बिताने के बाद सुबह पिकनिक जाने के बहाने एक ऑटो बुक किया। लाश को चटाई से ढककर ऑटो में लेकर पिकनिक जाने के बहाने कॉफी प्वाइंट निकले। इस दौरान ऑटो चालक को शौच करने के बहाने गुमराह किया गया और लाश को कॉफी प्वाइंट के पास झाड़ियां में मां और बेटे फेंक दिया। इस दौरान ऑटो चालक की नजर मां और बेटे पर पड़ी जानकारी होने के बाद मां और बेटे ऑटो चालक को भी जान से करने और किसी मामले में फंसा देने की धमकी देते रहे। अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक कृष्ण द्विवेदी ने बताया कि शासकीय माननीय न्यायालय पीठासीन न्यायाधीश श्रीमती गरिमा शर्मा के कोर्ट में इस मामले का सनी किया गया, जहां आरोपी सुषमा निषाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

ग्रामीणों को बता रहे पानी का महत्व, छत्तीसगढ़-कबीरधाम में चल रहा जल उत्सव

कबीरधाम. जल संरक्षण, जल संवर्धन और जल की महत्त्ता को लोगों को पहुंचाने आने वाले 20 नवंबर तक छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में “जल उत्सव“ का आयोजन होगा। भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा जल उत्सव के आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के आकांक्षी ब्लॉक बोड़ला का चयन किया है। नीति आयोग भारत सरकार द्वारा पूरे देश के बीस अलग-अलग राज्यो के आकांक्षी विकासखंड का चयन हुआ है, जिसमे छत्तीसगढ़ के एक मात्र बोड़ला ब्लॉक शामिल है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने “जल उत्सव“ के मूल उद्देश्यों को आकांक्षी ब्लॉक बोड़ला के विशेष-पिछड़ी जनजाति बैगा तथा आदिवासी लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जल उत्सव आयोजन को कलस्टर बनाकर ग्रामीणों की सहभागिता बढाने के लिए कहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) से मिली जानकारी अनुसार जिले में जल उत्सव का आयोजन छह नवंबर से 20 नवंबर तक चलेगा। भारत सरकार व राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन योजना के बारे में जानकारी प्रदान किया जाएगा। जल सरंक्षण की सामूहिक जागरूकता की आवश्यकता के बारे में तथा उपलब्ध जल श्रोतों की समुचित उपयोग तथा जल श्रोतों की स्वामित्व भाव से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उक्त जल उत्सव कार्यक्रम में जल सरंक्षण ‘‘हर घर जल’’ सहित अन्य योजनाओं के अंतर्गत पंप हाऊस उंची टंकिया, जल प्रवाह स्थल आदि का संरक्षण तथा जल संसाधनों के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की बढ़ावा देने की जागरूकता और प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसे लेकर  आकांक्षी ब्लॉक बोड़ला के ग्राम तितरी में कार्यक्रम का आयोजन हुआ है।

कुवांरपुर में 15 नवम्बर को जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कुवांरपुर में 15 नवम्बर 2024 को जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का निवारण करना और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करना है। शिविर के लिए स्थान और तिथि निश्चित करते हुए कार्ययोजना के अनुसार नोडल अधिकारी तथा  सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। साथ ही शिविर के सफल संचालन की जिम्मेदारी के लिए संबंधित अधिकारियों को दायित्व सौंपी गई है। शिविर का आयोजन 15 नवम्बर 2024 को दिन शुक्रवार को  ग्राम पंचायत कुवांरपुर में किया जाएगा। इस शिविर में सुश्री सतरूपा साहू (तहसीलदार, विकासखंड-भरतपुर ) को प्रभारी नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिनका मोबाइल नंबर 9827969600 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही श्री ऋषि कुमार सहायक (विकास विस्तार अधिकारी, जनपद पंचायत भरतपुर ) को सहायक नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है।  जिनका मोबाइल नम्बर 8225864119 पर संपर्क किया जा सकता है। जिला स्तर के सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने विभाग से जुड़ी योजनाओं का स्टॉल लगाकर उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। साथ ही सभी अधिकारी/कर्मचारी निर्धारित समय से पहले शिविर स्थल पर पहुंचकर शिविर का सफलतापूर्वक संचालन सुनिश्चित करेंगे।

35 हजार का था इनाम, छत्तीसगढ़-दुर्ग पुलिस की जवाबी फायरिंग में बदमाश की मौत

दुर्ग. दुर्ग में बदमाश की पुलिस की जवाबी फायरिंग में मौत हो गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि हवाई फायरिंग का फरार आरोपी अमित जोश भिलाई पहुंचा है। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम अमित जोश की तलाश में भिलाई के जयंती स्डेटियम के पास पहुंची थी। इसी दौरान फरार आरोपी अमित जोश अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर घूम रहा था, जिसे पकड़े के लिए पुलिस पहुंची। पुलिस को देखकर फायरिंग कर दी, जिसके बाद क्राइम ब्रांच के डीएसपी और क्राइम ब्रांच प्रभारी के द्वारा जवाबी फायरिंग की गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में फरार आरोपी अमित जोश के एक गोली पैर पर लगी और दूसरी गोली सीने पर लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दुर्ग एसपी जितेन्द्र शुक्ल ने बताया कि सेक्टर 10 के ग्लोब चौक में चार माह पहले दो लोगों पर मृतक अमित जोश ने फायरिंग की थी। इसके बाद से आरोपी अमित जोश फरार चल रहा था। पुलिस फरार आरोपी की पतासाजी में जुटी हुई थी, लेकिन जगह बदल-बदलकर छिपा हुआ था। इसके बाद फरार आरोपी की सूचना देने वाले पर 35 हजार के इनाम की घोषणा भी की थी। पुलिस को दो दिन पूर्व फरार आरोपी अमित जोश की भिलाई पहुंचने की सूचना मिली थी, जिसके बाद से उसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस पकड़ने के लिए गई, लेकिन फरार आरोपी अमित जोश अपने पास रखी पिस्टल से क्राइम ब्रांच के डीएसपी और प्रभारी पर पहले फायरिंग की। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए फरार आरोपी पर फायरिंग में पैर और सीने में गोली लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस घटनास्थल को सील कर जांच में जुट गई है।

जहरखुरानी की आशंका, छत्तीसगढ़-कोरिया वन मंडल में मिला बाघ का शव

कोरिया. कोरिया वन मंडल व गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान के सीमा स्तिथ रामगढ़ क्षेत्र अंतर्गत देवसील ग्राम पंचायत के मार्ग में खनकोपर नदी के तट में एक मृत बाघ का शव मिला है। जिस जगह पर बाघ का शव मिला है, वह इलाका वन परिक्षेत्र सोनहत के कोरिया वन मंडल अंतर्गत आता है। मामले को लेकर अभी शुरुआती जानकारी ही मिली है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इलाके में मौजूद बाघ की मौत कैसे हुई यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्प्ष्ट होगा। वहीं, विगत तीन वर्ष पहले इसी इलाके में  ग्रामीणों ने जहर देकर एक बाघ को मार दिया था, जिससे जहरखुरानी की संभावना भी जताई जा रही है। वन सीमा से नदारद रहने वाले जिम्मेदार अधिकारी इस घटना के बाद मोबाइल बंद कर कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ भी जानकारी उपलब्ध कराने की बात कह रहें। जबकि जून 2022 में कोरिया जिले के गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान के रामगढ़ रेंज में सलगवांखुर्द में बाघ का शव मिला था। इस घटना के बाद जिले से लेकर प्रदेश के अफसरों में हड़कंप मच गया था। वहीं, गुरुघासीदास नेशनल पार्क, छत्तीसगढ़ में स्थित है. इसका प्रमुख हिस्सा 1,440 वर्ग किलोमीटर का है। जानकारी अनुसार, कोरिया जिले के अंतर्गत स्तिथ एक मात्र राष्ट्रीय उद्यान व कोरिया वन मंडल में अधिकारियों के मुख्यालय से लगातार नदारत रहने  व मध्यप्रदेश में स्तिथ किसी राष्ट्रीय उद्यान के बाघ की मौत कहि न कही वन विभाग के अधिकारियों के निवास में न रहने व गस्ती को लेकर कई सवाल छोड़ गया, जिसका जवाब अब पदस्थ अधिकारी के पास भी नही की आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन हैं! जानकारी अनुसार गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान व कोरिया वन मंडल में लगभग कुछ जगह सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रभारी डिप्टी रेंजरों व रेंजरों पर हैं, जो कि जुगाड़ में रेंजर की कुर्सी पर बैठ तो गए लेकिन अपने-अपने मुख्यालय से ज्यादातर नदारत रहते हैं। अब बाघ की मौत ने इन प्रभारी रेंजरों व रेंजरों की सुरक्षा को लेकर मॉनिटरिंग पर कई सवाल छोड़ गये कि आखिर क्या मजबूरी है कि इन जुगाड़ के डिप्टी रेंजरों व रेंजरों का तबादला नहीं होने के कारण एक ही जगह पर टिके हैं, जिसे लेकर अब सवाल उठना लाजमी है। वहीं, यदि इनके लोकेशन की जांच की जाए तो ज्यादातर प्रभारी अधिकारी मुख्यालय से नदारत ही मिलेंगे।

जम्मू-कश्मीर में फिर आतंकवाद लाना चाह रही कांग्रेस, छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय का निशाना

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में फिर से आतंकवाद और अलगाववाद का काला दौर लाना चाहती है। जम्मू- कश्मीर विधानसभा में धारा 370 और 35A को फिर से लाने के नेशनल कांफ्रेंस के प्रस्ताव का समर्थन कर कांग्रेस ने देश को तोड़ने का कुचक्र फिर से चल दिया है। उन्होंने कहा कि कल विधानसभा में जो भी कुछ हुआ, वह पाकिस्तान और देश विरोधी लोगों को खुश करने के लिए किया गया, जम्मू-कश्मीर की जनता को गुमराह करने के लिए किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज जो देश की एकता के लिए खड़े हैं, जम्मू-कश्मीर वे विकास और शांति के पक्ष में खड़े हैं, उन्हें मार्शल के जरिये बेरहमी से जम्मू-कश्मीर विधानसभा से बाहर निकाला जा रहा है। कांग्रेस-एनसी, पीडीपी – ये सब जम्मू-कश्मीर में फिर से आतंकवाद को लाना चाहते हैं। यह कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस का राष्ट्रविरोधी एजेंडा है। शेख अब्दुल्ला से लेकर उमर अब्दुल्ला तक, भावनात्मक ब्लैकमेल करना नेशनल कॉन्फ्रेंस की दिनचर्या है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर धारा 370 तथा 35A के काले साए से कब का निकल चुकी है। वह विकास के रास्ते पर चल पड़ी है, लेकिन कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी ये सब कश्मीर घाटी में आई शांति से परेशान हैं। ये जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद व अलगाववाद के काले दौर को वापस लाना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने वादा किया था कि जम्मू-कश्मीर को विधानसभा देंगे, चुनाव करायेंगे, केवल 5 साल के अंदर मोदी सरकार ने चुनाव कराये और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल किया। हम आगे भी जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए काम करेंगे। सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस फिर से धारा 370 बहाल करके की बात करके यह बताना चाहती है कि हम वाल्मीकियों, गोरखा समाज, पश्चिमी पाकिस्तान शरणार्थी, पहाड़ी और गुर्जर के खिलाफ हैं। कांग्रेस ने नेशनल कांफ्रेंस के घोषणापत्र का समर्थन कर जम्मू-कश्मीर में आरक्षण को ख़त्म करने का समर्थन किया था। वैसे भी राहुल गांधी अमेरिका जाकर आरक्षण को ख़त्म करने की बात कर चुके हैं। सीएम साय ने बताया कि धारा 370 के हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी आई है। नागरिकों की मृत्यु में भी लगभग 80% की कमी आई है। विदेशी नागरिकों के पर्यटन में 300 प्रतिशत का उछाल आया है। जम्मू-कश्मीर का बजट 17 प्रतिशत बढ़ा है। पत्थरबाजी की घटना बिलकुल बंद हो गई। आतंकवादी घटनाएं दो-तीन जिलों में ही सिमट कर रह गई। जहाँ पहले 5-7 प्रतिशत मतदान होता था, वहां भी 50 प्रतिशत मतदान होने लगा। जो पहले अलगाववाद और आतंकवाद की वकालत कर रहे थे, वे भी अब हिंदुस्तान के संविधान में लोकतंत्र को मजबूती देते हुए वोट मांगते दिखाई दिए। जी-20 की बैठक जम्मू-कश्मीर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। जम्मू-कश्मीर को 80 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मिला, 56 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया। आजादी से लेकर धारा 370 के हटने तक जम्मू-कश्मीर में जितना निवेश आया, उसकी तुलना में तीन गुना निवेश पिछले 4 सालों में जम्मू-कश्मीर में हुआ। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस को इसका जवाब देना होगा। इनके इरादे ठीक नहीं है। कांग्रेस नेता फिर से 90 के दशक वाला जैसा माहौल जम्मू-कश्मीर में बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के कांग्रेस विधायक दल के नेता गुलाम अहमद मीर ने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को कम करने और विभाजन के खिलाफ लोगों की नाराजगी का समर्थन किया था और किया है। गुलाम अहमद मीर ने एक तरह से प्रस्ताव का समर्थन किया, कांग्रेस विधानसभा में इस प्रस्ताव के समर्थन में खड़ी नजर आई। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी अनुच्छेद 370 को हटाने पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। कांग्रेस के एक और पुराने नेता सैफुद्दीन सोज ने प्रेस रिलीज करके इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जो प्रस्ताव पास किया गया है, भले ही उसमें से चालाकी से धारा 370 और 35A का जिक्र नहीं किया गया है लेकिन उस प्रस्ताव में जो मांग की गई है, वह धारा 370 और 35A के जैसा ही है। जब विधानसभा में यह प्रस्ताव पारित हो रहा था, तो भाजपा सदस्य इसका विरोध कर रहे थे जबकि कांग्रेस के सदस्य इसका मौन समर्थन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मीडिया से आई जानकारी में पता चला है कि स्पीकर ने स्वयं ही मंगलवार (5 नवंबर) को मंत्रियों की बैठक बुलाई थी और खुद ही प्रस्ताव तैयार किया। ये सरासर असंवैधानिक है। ये प्रस्ताव लाना पहले से सदन की कार्यवाही में लिस्टेड भी नहीं था। जब विधानसभा में एलजी के अभिभाषण पर चर्चा होनी थी तो प्रस्ताव कैसे लाया गया? इस प्रस्ताव को बिना किसी बहस के पारित कर दिया गया क्योंकि स्पीकर ने शोरगुल के बीच इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया। इतने बड़े विषय पर चर्चा नहीं होने दी गई। ये कैसा लोकतंत्र है? साय ने कहा कि इस प्रस्ताव की कोई कानूनी वैधता नहीं है क्योंकि जम्मू-कश्मीर विधानसभा संसद या सुप्रीम कोर्ट से ऊपर नहीं है। कोई भी विधानसभा अनुच्छेद 370 और 35A को वापस नहीं ला सकती। धारा 370 और 35A इतिहास बन चुकी है, इस इतिहास को अब कोई बदल नहीं सकता। नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर के लोगों को गुमराह कर रही है। जो लोग पहले धारा 370, 35A, स्वायत्तता और जमात-ए-इस्लामी के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाने की राजनीति करते थे, वे अब 5 अगस्त 2019 के बाद से स्थापित शांति से परेशान हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस राज्य के दर्जे पर बातचीत शुरू करके गरीब लोगों को फिर से सड़क पर लाना चाहती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अभी जब घाटी में आतंकी हमले हुए और उसमें पाकिस्तान के हाथ होने का मामला सामने आया, तब भी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान का जिक्र तक नहीं किया।

एक का हाथ तो दूसरे का टूटा दांत, छत्तीसगढ़-कोरबा में ASI-आरक्षक के बीच मारपीट

कोरबा. कोरबा सिटी कोतवाली में पदस्थ दो सहायक उप निरीक्षक और एक आरक्षक के बीच झड़प हो गई। एएसआई अश्वनी वर्मा और अजय सिंह और कोर्ट आरक्षक नितेश मिश्रा के बीच थाने के अंदर मारपीट हुई। यह घटनाक्रम 6 नवंबर 2024 की शाम 6 से 7 बजे बीच की बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कोरबा सीएसपी के प्रतिवेदन के आधार पर दोनों एएसआई को लाइन अटैच कर दिया है जबकि आरक्षक पूर्व से ही लाइन में रहकर न्यायालय कार्य में संलग्न है। इस घटना को लेकर जो बातें सामने आई हैं उसके मुताबिक थाने के दो मुखबिर और गवाहों को लेकर आरक्षक नितेश मिश्रा व एएसआई अश्वनी वर्मा के द्वारा अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करते हुए एएसआई अजय सिंह के लिए भी भला-बुरा कहा गया था। उक्त बातों की जानकारी होने और समय आने पर गवाहों को दारू-गांजा के मामले में जेल भेजने की बात को लेकर जब एएसआई अजय सिंह ने आरक्षक से उक्त बात की तस्दीक करना चाहा और ऐसा कहने व करने की वजह पूछी तो आरक्षक ने ऐसी बात कहने वाले के लिए ही गाली-गलौच करना शुरू कर दिया और जब अजय सिंह ने गलत बात करने से रोका तो उसके साथ हाथापाई पर उतारू हो गया। इसी समय एएसआई अश्वनी वर्मा के वहां पहुंचने पर उन सभी बातों को लेकर सवाल-जवाब किया गया तो नौबत मारपीट तक आ गई और आरक्षक के अलावा दोनों एएसआई आपस में ही भिड़ गए। थाना में मौजूद स्टाफ ने इन तीनों को अलग कराया। तब तक घटनाक्रम की सूचना फोन के जरिए एसपी को दी जा चुकी थी, जिसे उन्होंने गंभीरता से लेते हुए सीएसपी भूषण एक्का को जांच के निर्देश दिए। पुराने विवाद को लेकर हुए घटनाक्रम में जो बातें सामने आई उनके आधार पर पुलिस की छवि धूमिल होती देख दोनों एएसआई को लाइन अटैच कर दिया गया है। इससे पहले दोनों का मेडिकल मुलाहिजा जिला अस्पताल में सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद डडसेना की उपस्थिति में कराया गया। इस मारपीट की घटना में एएस आई अजय सिंह का दांत टूट गया है वही एएसआई अश्वनी का हाथ टूट गया है। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं इससे पहले भी अश्वनी वर्मा के विवादित मामले सामने आ चुके हैं।

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