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खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता की ओर छत्तीसगढ़ : राज्य में 10,796 हेक्टेयर क्षेत्रों में ऑयल पाम की खेती

रायपुर. खाद्य तेल में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ में ऑयल पाम की खेती को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में अब तक 10,796 हेक्टयर क्षेत्रों में ऑयल पाम की खेती हो रही है। जिसमें 7,315 किसान लाभान्वित हो रहे हैं। जिला प्रशासन भी ऑयल पाम के लिए जमीन चिहांकित कर रकबा बढ़ाने प्रयासरत हैं।  इसी क्रम में संचालक उद्यानिकी श्री लोकेश कुमार ने दुर्ग एवं बेमेतरा जिलों के किसानों के खेतों का निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिक क्षेत्र में ऑयल पाम लगाने के लिए किसानों को प्रेरित किया। उद्यानिकी संचालक श्री लोकेश कुमार ने निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय बागवानी मिशन, समेकित उद्यानिकी विकास कार्यक्रम तथा नेशनल मिशन ऑन ऑयल पाम के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। गौरतलब है कि राज्य में ऑयल पाम की खेती वर्ष 2012-13 से की जा रही है। वर्तमान में राज्य के समस्त जिलों में लगभग 10,796 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपण किया जा चुका है, जिससे 7,315 किसान लाभान्वित हुए हैं। अब तक लगभग 1,394.88 टन फ्रेश फ्रूट बंच का उत्पादन हुआ है। भारत सरकार द्वारा फ्रेश फ्रूट बंच का न्यूनतम मूल्य 16,460.46 रुपये प्रति टन निर्धारित कया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ में किसानों से 22,000 रुपये प्रति टन की दर से सीधी खरीदी की जा रही है। संचालक श्री लोकेश कुमार ने दुर्ग जिले के ग्राम ढाबा में श्रीमती सुनिती देवी मढरिया के एक हेक्टेयर में लगाए गए ऑयल पाम के साथ टमाटर की अंतरवर्ती फसल तथा श्री प्रवीण मढरिया के एक हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम के साथ केले की खेती का अवलोकन किया। यहां किसानों से सब्सिडी और अनुदान से जुड़ी जानकारी साझा की। इसके पश्चात दुर्ग जिले के ही परसदापार, चिखला एवं राजपुर तथा बेमेतरा जिले के डोंगीतराई गांव में चयनित और लाभान्वित किसानों के खेतों में रोपित ऑयल पाम, केला, आम, फेंसिंग और अंतरवर्ती फसलों का अवलोकन किया।  संचालक श्री लोकेश कुमार ने किसानों को योजना के अंतर्गत ऑयल पाम पौध, फेंसिंग, ट्यूबवेल, ड्रिप सिंचाई तथा अंतरवर्ती फसलों पर मिलने वाली आर्थिक सहायता और उत्पाद की बाजार व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऑयल पाम की खेती किसानों की आय बढ़ाने का बेहतर विकल्प बन रही है। राजपुर स्थित शासकीय बीज प्रगुणन प्रक्षेत्र में प्लग टाइप सीडलिंग यूनिट का निरीक्षण कर इसे शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए, ताकि आगामी मौसम में किसानों को गुणवत्तायुक्त पौध उपलब्ध कराई जा सके।

श्रम मंत्री ने की विभागीय कामकाज की गहन समीक्षा, सुधार के दिए निर्देश

रायपुर. श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन ने आज गुरुवार को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में श्रम विभाग की दो चरणों में मैराथन समीक्षा बैठक ली। प्रथम चरण की बैठक में श्रम विभाग के अंतर्गत आने वाले तीनों मंडलों की योजनाओं और कारखानों में श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर समीक्षा की गई। मंत्री  देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए की कारखाने की नियमित तौर पर निरीक्षण करें। श्रमिकों की हितों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखें। कमी मिलने पर संबंधित उद्योग को निर्देशित करें। हर महीने किए जाने वाले निरीक्षण की भी समीक्षा करने की निर्देश दिए गए।        बैठक में उपस्थित अधिकारियों को श्रम मंत्री ने कहा कि श्रमिकों के कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, उनके हितों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशा अनुरूप श्रमिक भाई बहनों को योजनाओं के ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलवाए, सुरक्षा के मानको का पूरा ख्याल रखने का प्रयास करें। श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण, और योजनाओ का क्रियान्वयन समय अवधि में पूर्ण करें। बैठक में श्रम विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता, उप सचिव  विपुल गुप्ता, अपर श्रमायुक्त एस. एल. जांगड़े, मती सविता मिश्रा, बीओसी सचिव गिरीश रामटेके सहित जिलो से आए मैदानी अधिकारी उपस्थित रहे। कॉन्ट्रैक्ट श्रमिक अधिनियम पर विशेष फोकस करें  बैठक में श्रम मंत्री  देवांगन ने कॉन्ट्रैक्ट श्रमिक अधिनियम को लेकर विशेष निर्देश दिए गए। इस अधिनियम के तहत पंजीकृत श्रमिकों को ईएसआईसी और पीएफ का लाभ सुनिश्चित करने साथ ही श्रमिकों की संख्या का मिलान करने के भी निर्देश दिए गए। ठेकेदार को जितने श्रमिकों का लाइसेंस प्राप्त है, उतने ही श्रमिक कार्यरत है की नहीं यह सुनिश्चित करने कहा गया। इसके साथ-साथ निजी कंपनिययों से सेवानिवृत हो चुके कर्मियों के उपादन भुगतान संबंधी मामले के जल्द निराकरण, विभिन्न माध्यमों से आने वाले शिकायतों का समय अवधि में निराकरण, करने के निर्देश दिए गए। सात जिलों में शहीद वीर नारायण श्रम अन्न केंद्र प्रारंभ करने की निर्देश  बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणा शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत किफायती दर पर भोजन केंद्र की भी समीक्षा की गई। प्रदेश के साथ जिलों में जल्द ही श्रम अन्न केंद्र प्रारंभ करने निर्देश दिए गए। इनमें मुंगेली, सक्ति, जगदलपुर, कांकेर, खैरागढ़ छुई खदान गंडई, जशपुर और जगदलपुर में केंद्र शुरू करने कहा गया है।     श्रमिकों के स्वास्थ्य के नियमित जांच करने की निर्देश        दूसरे चरण की बैठक में मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं और औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। श्रम मंत्री  देवांगन ने सभी जिलों के डिस्पेंसरी की समीक्षा की। ओपीडी की संख्या को और बढ़ाने और श्रमिकों के गुणवत्तापूर्ण इलाज के निर्देश दिए गए। डिस्पेंसरी के स्टाफ की रोजाना हाजिरी बायोमेट्रिक के आधार पर करने के निर्देश दिए। प्रमुख डिस्पेंसरी में सुविधा और बढ़ाने कार्य योजना बनाने कहां गया है। मंत्री  देवांगन ने उद्योगों में नजदीकी डिस्पेंसरी का पता चस्पा करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कारखाने की नियमित जांच कर उनमें आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए।

नगर के सर्वांगीण विकास के लिए आधारभूत संरचनाओं को किया जा रहा मजबूत– उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर शहर के अंबेडकर चौक से समनापुर पुल तक बनेगी सड़क और सामुदायिक भवन का होगा निर्माण उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने आज कवर्धा नगर के विकास को नई गति देते हुए कुल 2 करोड़ 80 लाख रुपए के निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर अंबेडकर चौक से समनापुर पुल तक बी.टी. रोड एवं नाली निर्माण तथा लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया।  उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि नगर के विकास के लिए सड़क, नाली और सामुदायिक भवन जैसे मूलभूत कार्य अत्यंत आवश्यक हैं। अंबेडकर चौक से समनापुर पुल तक लगभग 2 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से बी.टी. रोड एवं नाली का निर्माण किया जाएगा, जिससे आवागमन सुगम होगा और नागरिकों को बेहतर सुविधा मिलेगी। वहीं लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास 20 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण होगा, जिससे सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि नगर के सर्वांगीण विकास के लिए आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने मोहल्लावासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से निर्माण कार्य जल्द पूरा होगा। इस दौरान उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क गैस सिलेंडर एवं चूल्हा वितरित किया।        उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने कहा कि अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लोगों के लिए आवास स्वीकृत होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। उन्होंने बताया कि जो लोग जिस स्थान पर काबिज हैं और वहां समेकित कर, बिजली बिल तथा संपत्ति कर जमा कर रहे हैं या जिनके पास पुराना पट्टा है लेकिन उसका नवीनीकरण नहीं हुआ है, ऐसे सभी पात्र लोगों का प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किया जाएगा। नगर पालिका द्वारा उन्हें कब्जे का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जिसके बाद आवास की स्वीकृति में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष को कहा कि ऐसे सभी लोगों को शीघ्र प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को 2 लाख 36 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी, जिससे वे अपने अनुरूप बेहतर घर बना सकेंगे।         उप मुख्यमंत्री ने बताया कि अंबेडकर चौक के पास 30 लाख रुपए की लागत से सियान सदन बनाया जाएगा, जहां वरिष्ठ नागरिक बैठकर समय व्यतीत कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर उन्हें घर से लाने-ले जाने की व्यवस्था भी की जाएगी। शहर के सभी प्रमुख चौकों के सौंदर्यीकरण के लिए भी 20-20 लाख रुपए की स्वीकृति मिलने वाली है, जिसमें गाडगे जी, सहस्त्रबाहु जी, सेन जी और महाराज करपात्री जी महाराज से जुड़े चौकों का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही कवर्धा कॉलेज परिसर में 4.5 करोड़ रुपए की लागत से नालंदा परिसर के रूप में आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जा रही है। भोजपुरी तालाब के समीप हनुमंत वाटिका का निर्माण किया जा चुका है, वहीं घोटिया क्षेत्र में 354 करोड़ रुपए की लागत से मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। रायपुर–बिलासपुर मार्ग के 7.8 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन बनाते हुए कवर्धा एंट्रेंस का विकास किया जाएगा, जिसके लिए 54 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।      नगर पालिका अध्यक्ष  चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि कवर्धा का चौमुखी विकास उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के मार्गदर्शन में लगातार हो रहा है और यह पूरे शहर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि 4 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से गौरव पथ रोड का निर्माण कराया गया है। ठाकुर देव से नया बस स्टैंड तक तक 11 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से सड़क बनकर तैयार हो चुकी है। उन्होंने बताया कि शहीद वीर स्तंभ चौक में शहीदों की प्रतिमा स्थापित की गई है और शहर के हर क्षेत्र में विकास कार्य किए जा रहे हैं। चौपाटी, हनुमंत वाटिका और बूढ़ा महादेव मंदिर में कांवड़ियों के विश्राम के लिए  निर्माण किया जा रहा है।         इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी,  नितेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य  रामकुमार भट्ट, डॉ. बीरेन्द्र साहू,  मनिराम साहू,  विजय पाटिल, नगर पालिका उपाध्यक्ष  पवन जायसवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  संतोष पटेल, पार्षद  बिहारी धुर्वे,  अजय ठाकुर,  योगेश चंद्रवंशी,  दीपक सिन्हा,  केशरीचंद सोनी,  संजीव, मती सुषमा उपाध्याय,  केशरीचंद सोनी,  भुनेश्वर चंद्राकर,  उमंग पाण्डेय, डॉ. आनंद मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

एमसीबी में बिजली उपभोक्ता करीब 3 गुना, सिंचाई पंप 9 गुना बढ़े

रायपुर  एमसीबी में बिजली उपभोक्ता करीब 3 गुना, सिंचाई पंप 9 गुना बढ़े मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में पिछले 25 वर्षों में बिजली व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। वर्ष 2000 में अविभाजित कोरिया जिले का हिस्सा रहे इस क्षेत्र में अब विद्युत उपभोक्ताओं, उपकेंद्रों, ट्रांसफार्मरों और लाइनों के नेटवर्क में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इसका सीधा लाभ कृषि, उद्योग और घरेलू उपभोक्ताओं को मिला है। वर्ष 2000 में जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 6,228 वर्ग किमी था, जो 2022 में पृथक जिला बनने के बाद 4,227 वर्ग किमी रह गया। क्षेत्रफल कम होने के बावजूद बिजली सुविधाओं का विस्तार तेजी से हुआ है। उपभोक्ता संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी जिले में कुल विद्युत उपभोक्ता वर्ष 2000 में 21,209 थे, जो बढ़कर 57,549 हो गए हैं। उच्च दाब (एचटी) उपभोक्ता 15 से बढ़कर 37 और निम्न दाब (एलटी) उपभोक्ता 9,505 से बढ़कर 57,549 तक पहुंच गए हैं। बीपीएल कनेक्शन 3,562 से बढ़कर 22,679 हो गए हैं, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 7,999 से बढ़कर 27,213 हो गई है। कृषि क्षेत्र को मिली बड़ी राहत सिंचाई पंप उपभोक्ताओं की संख्या 128 से बढ़कर 1,159 हो गई है, जो लगभग 9 गुना वृद्धि है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए नियमित बिजली उपलब्ध हो रही है और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिला है। उपकेंद्र और ट्रांसफार्मर बढ़े 132/33 केवी उपकेंद्र 1 से बढ़कर 2 (चैनपुर और बहरासी) हो गए हैं। 33/11 केवी उपकेंद्र 4 से बढ़कर 13 हो गए। पावर ट्रांसफार्मर 5 से बढ़कर 17 और वितरण ट्रांसफार्मर 276 से बढ़कर 3,018 हो गए हैं। लाइन नेटवर्क में भी बड़ा विस्तार उच्च दाब लाइनें 734 किमी से बढ़कर 3,718 किमी और निम्न दाब लाइनें 368 किमी से बढ़कर 3,429 किमी तक पहुंच गई हैं। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा एक जोन और 8 वितरण केंद्रों के माध्यम से जिले के सभी गांवों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में 57 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को नियमित बिजली आपूर्ति दी जा रही है। बिजली अधोसंरचना के इस विस्तार ने जिले में विकास की रफ्तार को तेज किया है। कृषि, लघु उद्योग और घरेलू सुविधाओं में सुधार के साथ एमसीबी जिले में बिजली अब विकास की मजबूत धुरी बन गई है।

मुख्यमंत्री साय सरकार ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सतत प्रयासरत है- उपमुख्यंत्री विजय शर्मा

रायपुर. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शैक्षणिक भ्रमण के लिए बस को दिखाई हरी झंडी उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज कवर्धा के समनापुर पुल के पास से डेयरी कोऑपरेटिव एवं अमूल डेयरी कोऑपरेटिव बनासकाठा गुजरात के शैक्षणिक भ्रमण पर जाने वाले पशुपालकों और बिहान की दीदियों की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने बस में पहुंचकर बिहान समूह की दीदियों एवं पशुपालकों से आत्मीय संवाद किया तथा भ्रमण के उद्देश्य और अपेक्षित सीख के संबंध में चर्चा की। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे बनासकाठा जाकर वहां की उन्नत व्यवस्थाओं को गंभीरता से देखें, समझें और सीखें। यह भ्रमण केवल देखने भर का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सीखने और उसे लागू करने का अवसर है। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि वे वहां के सफल डेयरी मॉडल, प्रबंधन प्रणाली और तकनीकी नवाचारों का गहन अध्ययन कर जिले में दुग्ध उत्पादन एवं आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने में योगदान दें।              उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण से प्रतिभागियों को उन्नत पशुपालन तकनीक, संतुलित चारा विकास, डेयरी कोऑपरेटिव की अवधारणा, दुग्ध संकलन एवं प्रसंस्करण प्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, डेयरी उत्पाद निर्माण तथा विपणन व्यवस्था के संबंध में व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त होगा। साथ ही उन्हें यह भी समझने का अवसर मिलेगा कि किस प्रकार सहकारी मॉडल के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से कबीरधाम जिले के 17 बिहान समूह (एनआरएलएम) की दीदियां एवं 17 पशुपालक इस शैक्षणिक भ्रमण में शामिल हो रहे हैं। यह दल गुजरात के बनासकाठा डेयरी कोऑपरेटिव और अमूल डेयरी कोऑपरेटिव का अवलोकन करेगा, जो देश-विदेश में अपनी उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन प्रणाली और सहकारी मॉडल के लिए प्रसिद्ध हैं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सतत प्रयासरत है। बिहान समूहों के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, वहीं पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।       इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, नितेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य रामकुमार भट्ट, डॉ. बीरेन्द्र साहू, मनिराम साहू, विजय पाटिल, नगर पालिका उपाध्यक्ष पवन जायसवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष पटेल, पार्षद बिहारी धुर्वे, अजय ठाकुर, योगेश चंद्रवंशी, दीपक सिन्हा, केशरीचंद सोनी, संजीव, श्रीमती सुषमा उपाध्याय, केशरीचंद सोनी, भुनेश्वर चंद्राकर, उमंग पाण्डेय, डॉ. आनंद मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, बिहान समूह की दीदियां एवं पशुपालक उपस्थित थे।

कोयला व्यापारी पर आयकर का शिकंजा, SIR सर्वे टीम बनकर की गई छापेमारी

बिलासपुर  इनकम टैक्स की टीम ने बिलासपुर और चांपा में कोयला व्यापारी के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई कर रही है. इस छापामार कार्रवाई के लिए आईटी की टीम SIR की सर्वे टीम बनकर पहुंची थी. जानकारी के अनुसार, इनकम टैक्स की टीम बिलासपुर में फिल ग्रुप के मालिक प्रवीण झा के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है, जिसमें श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित दफ्तर और रामा वर्ल्ड स्थित घर शामिल है. इसके अलावा इनकम टैक्स की टीम चाम्पा में चाम्पा-बिर्रा ओवर ब्रिज के पास स्थित तिरुपति मिनरल्समें भी छापामार कार्रवाई कर रही है.

मीना बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल बलरामपुर

बलरामपुर  जिले के रामचन्द्रपुर जनपद पंचायत के ग्राम मरमा की मीना रवि स्व-सहायता समूह से जुड़ कर अपने व परिवार के भविष्य को नई दिशा दी है। कभी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करने वाली मीना आज आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल बन चुकी हैं। कुछ वर्ष पूर्व तक मीना रवि का जीवन अभावों से घिरा हुआ था। परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। घर का खर्च चलाने के लिए उन्हें मजदूरी करनी पड़ती थी, तब कहीं जाकर घर में खाने की पूर्ति हो पाती थी। सीमित आय के कारण बच्चों के पढ़ाई-लिखाई और बेहतर भविष्य की कल्पना भी मुश्किल लगती थी। हर दिन उनके लिए एक नई चुनौती लेकर आता था। इस दौरान महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने का फैसला मीना के जीवन में बदलाव लेकर आया। इससे उन्हें नियमित आय का साधन मिला। साथ ही उन्होंने गांव में कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) का कार्य भी संभाला। धीरे-धीरे उनकी मासिक आय 1,500 से बढ़कर 2000 तक पहुंच गई। समूह से मिले सहयोग के साथ मीना ने स्व-सहायता समूह से चार किश्तों में कुल 60,000 का ऋण लिया और अपने पति के साथ मिलकर एक राशन दुकान शुरू किया। और आज उनकी दुकान से सालाना लगभग 1,50,000 की आय हो रही है। उन्होंने अपनी मेहनत और समूह से मिले ऋण की सहायता से 5 डिसमिल जमीन खरीदा और उसी जमीन पर अपना दुकान स्थापित किया। जो आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई। अब मीना रवि आत्मनिर्भर बन लाखों रुपए आय अर्जित कर लखपति दीदी के रूप में जानी जा रही है। वे बच्चों की शिक्षा , परिवार संबंधित सभी आवश्यकताओं को पूरा कर पा रही हैं। वे कहती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग मिले तो वे स्वयं सशक्त बन पूरे परिवार और समाज की दिशा बदल सकती हैं।    

ऑफर वाले बयान पर सियासी तकरार, केदार कश्यप बोले— बयानबाजी से नहीं बदलती हकीकत

 रायपुर भूपेश बघेल के बीजेपी में शामिल होने के ऑफर पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी जरूरत न छत्तीसगढ़ को है, और न ही भाजपा को है. वो सुर्खियों में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं. कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने आज अपने विभाग का लेखा-जोखा मीडिया के सामने पेश किया. इस दौरान पत्रकारों के सवालों का दवाब देते हुए कांग्रेस नेताओं के बयानों का जवाब भी दिया. उन्होंने पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के पीडीएस दुकान के खाली होने के आरोप पर कहा कि जिन लोगों ने पूरे प्रदेश को लूटने का काम किया, जिनके ऊपर केस चल रहा हैं, वो बता रहे हैं कि हमारी पीडीएस की दुकानें खाली हो गई हैं. जिन लोगों ने खाली किया आज वे विपक्ष में हैं. वहीं अमरजीत भगत के नक्सली कमांडर हिडमा को सपोर्ट वाले बयान पर कहा मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस हमेशा नक्सलियों के साथ में रही है. झीरम घाटी के नाम पर ये घड़ियाली आंसू बहाते हैं. इस बात को साबित करता है कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हो या यहाँ के लोग हों. ये कहते हैं कि झीरम के सबूत इनके पास है. जब सबूत है तो स्वाभाविक है, आपसी गुटबाजी के कारण झीरम कांड हुआ है. दरअसल, कांग्रेस पार्टी को इस बात का दुख है कि नक्सलवाद खत्म हो रहा है, और कांग्रेस के समर्थक खत्म हो रहे हैं. कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने हमेशा मंचों से कहा है कि वे नक्सलियों के साथ खड़े हैं. वहीं बीजापुर विधायक के सुरक्षा वाले मामले में केदार कश्यप ने कहा कि कहीं किसी को जाने के लिए नहीं रोका जा रहा है. वो बिना सुरक्षा के अंदरूनी क्षेत्र में चले जाते थे. उनको सुरक्षा की क्या आवश्यकता है. वो बिना सुरक्षा और बिना पुलिसकर्मी के नक्सल क्षेत्र में घूमते थे, उन्हें क्या सुरक्षा की आवश्यकता है. अब बस्तर नक्सल मुक्त हो रहा है. असम में कांग्रेस नेता चुनाव में गए हैं, क्या बीजेपी नेता भी जाएंगे? इस पर केदार कश्यप ने स्पष्ट किया कि असम में हमारे नेता प्रचार करने जा रहे है. फिर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में लोग किसलिए जा रहे, ये बाद में पता चलेगा. पिछले बार तो यहां लाकर बकरा और सूअर खिलाए थे. इस बात क्या खिलाएंगे ये देखना होगा. वहीं बस्तर में स्वास्थ्य की स्थिति पर मंत्री कश्यप ने कहा कि हमारी सरकार में 3 मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई. स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐसी स्थिति निर्मित ना हो, इसे लेकर हमारी सरकार काम कर रही है. चिकित्सा के क्षेत्र में और भी विस्तार हो रहा है. अंदुरूनी क्षेत्र में भी चिकित्सा का जाल बिछ रहा है. वहीं युवा कांग्रेस की महापंचायत का केदार कश्यप ने स्वागत करते हुए कहा कि उम्मीद है कि वो वास्तविक लोगों को लेकर आएंगे, मरे हुए लोगों को न लाए. 2 सालों में परिवहन विभाग के कार्यों को लेकर कहा कि सीएम ग्रामीण बस योजना से लोगों को लाभ मिला. 425 नए गांव तक पहली बार बस पहुंचे. सड़क दुर्घटना में रायपुर जिले को सड़क दुर्घटना में शून्य मृत्यु जिले के रूप में शामिल किया जा रहा है. इलेक्ट्रिक वाहन नीति में वाहन मूल्य का 10% या अधिकतम 1 लाख रुपए छूट दी जा रही है. आटो एक्सपो के माध्यम से 133.4 करोड़ के RTO टैक्स का छूट मिला. बस संगवारी एप की सुविधा लोगों को दी गई है. वाहन 4.0 और सारथी 4.0 ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से हो रहे है. आरसी/डीएल की घर पहुंच सेवा के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र को डाक के माध्यम से भेजा जा रहा है. ई-चालान के माध्यम से अनफिट वाहनों पर कार्रवाई हो रही है. वर्तमान में 20 टोल नाकों से गुजरने वाले बिना फिटनेस और टैक्स के वाहनों पर ई-चालान की कार्रवाई की जा रही है. सड़क दुर्घटना में घायलों को कैशलेश उपचार की व्यवस्था की जा रही है. वन विभाग की दो साल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 355 हाथियों का विचरण हो रहा है. हाथी-मानव द्वंद कम हो, इस पर काम हो रहा है. प्रभावित इलाकों में एलिफेंट ट्रेकिंग मेसेज के माध्यम से जानकारी दी जाती है. दो सालों में छत्तीसगढ़ ने नया कीर्तिमान रचा है. सघन वनों में 70% घनत्व बढ़ा है. 7 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण का कार्य हुआ है. भूमि स्वामी को वृक्षारोपण के लिए योजना बनाकर प्रेरित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में रहने वाले देवगुड़ियों का निर्माण कराया गया. 463 पदों में भर्ती की गई, 1500 में और भी करना है. वर्तमान में बाघों की संख्या 35 है. बाघों के संरक्षण में काम किया जा रहा है. वन भैंसा, पहाड़ी मैना के संरक्षण में काम किया जा रहा है. वहीं सहकारिता विभाग में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री के संकल्प से विभाग लोगों के हित में काम कर रहा है. 515 नई पैक्स समितियों का गठन किया गया है. 2739 उपार्जन केंद्रों में 25.49 किसानों से 139 मिट्रिक टन धान खरीदी हुई है, 1.45 लाख किसानों को क्रेडिट कार्ड दिया गया. उच्च शक्कर कारखाने लगाए गए है.

वन मंत्री केदार कश्यप की पत्रकार वार्ता : दिनांक 12 फरवरी 2026 वन मंत्री केदार कश्यप

रायपुर. वन, सहकारिता एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने आज छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में वन संरक्षण, हरित आवरण विस्तार, वन्यजीव संवर्धन, इको-टूरिज्म विकास तथा वनवासियों की आजीविका सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं। उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन संरक्षण के साथ-साथ सतत विकास, जैव विविधता संरक्षण और वनवासियों की आजीविका सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वन आवरण में वृद्धि           प्रेस वार्ता में मंत्री कश्यप ने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण संस्थान द्वारा दिसंबर 2024 में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के वन एवं वृक्ष आवरण में लगभग 683 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 44 प्रतिशत भाग वन क्षेत्र है। अत्यंत सघन वनों (Very Dense Forest) में 348 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज होना वनों की गुणवत्ता और पारिस्थितिक संतुलन में सुधार का प्रमाण है। हरित छत्तीसगढ़ अभियान       कश्यप ने बताया कि राज्य में “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान के तहत वर्ष 2024 में 4 करोड़ 20 लाख से अधिक तथा वर्ष 2025 में 2 करोड़ 79 लाख से अधिक पौधों का रोपण एवं वितरण किया गया है। किसान वृक्ष मित्र योजना           उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित किसान वृक्ष मित्र योजना के अंतर्गत निजी भूमि पर वाणिज्यिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों को पांच एकड़ तक 100 प्रतिशत तथा उससे अधिक क्षेत्र में 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान दिया जाता है। विगत दो वर्षों में 36 हजार 896 हितग्राहियों की 62 हजार 441 एकड़ भूमि में 3 करोड़ 67 लाख से अधिक पौधे लगाए गए। देव स्थलों का संरक्षण         प्रेस वार्ता में मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के अनुरूप आदिवासी देव स्थलों के संरक्षण के लिए “मोदी की गारंटी” के तहत पिछले दो वर्षों में 435 देवगुड़ियों का निर्माण किया गया, जिस पर लगभग 16.17 करोड़ रुपये व्यय किए गए। वन विभाग में भर्ती         उन्होंने बताया कि वन विभाग में पिछले दो वर्षों में तृतीय श्रेणी के 313 पदों पर भर्ती की गई है। इसके अलावा 150 आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गई है। वनरक्षक के 1484 पदों की शारीरिक परीक्षा पूर्ण हो चुकी है तथा आगे की प्रक्रिया जारी है। बाघ संरक्षण में सफलता           कश्यप ने बताया कि राज्य में बाघ संरक्षण के लिए गुरू घासी दास- तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व का गठन किया गया है। वर्ष 2022 में प्रदेश में 17 बाघ थे, जो अब बढ़कर 35 हो गए हैं। बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए अन्य टाइगर रिजर्व से बाघों के स्थानांतरण की अनुमति भी प्राप्त हुई है। वनभैंसा और पहाड़ी मैना संरक्षण           प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वन मंत्री कश्यप ने कहा कि राजकीय पशु वनभैंसा के संरक्षण के लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है। इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में 14 से 17 वनभैंसे देखे गए हैं। राज्य पक्षी पहाड़ी मैना के संरक्षण के लिए स्थानीय युवाओं को ‘मैना मित्र’ के रूप में जोड़ा गया है, जिसके परिणामस्वरूप अब लगभग 600 से 700 पहाड़ी मैना देखे जा रहे हैं। बर्ड सफारी और रामसर साइट             उन्होंने बताया कि गिधवा- परसदा में बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर और बर्ड सफारी का शुभारंभ किया गया है, जहां 270 से अधिक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। बिलासपुर का कोपरा जलाशय राज्य का पहला और देश का 96 वां रामसर स्थल घोषित हुआ है, जिससे इको- टूरिज्म और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इको-टूरिज्म और अधोसंरचना विकास     मंत्री कश्यप ने बताया कि प्रदेश में 240 नैसर्गिक पर्यटन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 50 से अधिक स्वावलंबी बन चुके हैं। वनवासियों की सुविधा के लिए 96 रपटा-पुलिया का निर्माण किया गया है। मानव-हाथी द्वंद नियंत्रण       प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ‘गज संकेत’ ऐप के माध्यम से हाथियों की निगरानी कर ग्रामीणों को समय पर सूचना दी जा रही है। राज्य में 90 हाथी मित्र दल गठित किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल 355 हाथी दर्ज किए गए हैं। औषधीय पौध रोपण और महिला सशक्तिकरण            उन्होंने कहा कि औषधि पादप बोर्ड के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने हेतु विभिन्न जिलों में औषधीय पौधों का रोपण कराया गया है। हजारों महिलाओं को इससे रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं तथा पारंपरिक वैद्यों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। वन विकास निगम की उपलब्धियां वन मंत्री केदार कश्यप ने प्रेस वार्ता में राज्य वन विकास निगम की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य वन विकास निगम द्वारा सतत वानिकी सिद्धांतों के तहत काष्ठ उत्पादन, वृक्षारोपण, अवैध अतिक्रमण हटाने तथा ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने जैसे कार्य किए गए हैं। काष्ठिय वनोपज की बिक्री ई-ऑक्शन के माध्यम से प्रारंभ की गई है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। इसके अतिरिक्त वन संरक्षण के साथ साथ विकास कार्य भी लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, विद्यालय, स्वास्थ्य सुविधा, पेयजल एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए 1165 प्रकरणों में वनभूमि उपयोग की स्वीकृति प्रदान की गई है। सबसे बड़ा समुद्रीय जीवाश्म पार्क वन मंत्री कश्यप ने बताया कि मनेन्द्रगढ-चिरमिरी- भरतपुर जिला का मरीन फ़ासिल पार्क एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा समुद्रीय जीवाश्म पार्क है l यह जीवाश्म हसदेव नदी के किनारे लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है l यहां 29 करोड़ वर्ष पूर्व के जीवाश्म मिले हैं l देश में ऐसे 4 जगह समुद्रीय जीवाश्म मिले हैं l

सिक्किम से अध्ययन भ्रमण पर आए पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

रायपुर सिक्किम से अध्ययन भ्रमण पर आए पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर प्रदेश है और धन-धान्य से पुष्पित-पल्लवित इस धरा को हमारी सरकार सुंदर, समृद्ध, सुरक्षित और विकसित बनाने के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में सिक्किम राज्य से अध्ययन भ्रमण पर पहुंचे पत्रकारों के दल से मुलाकात कर आत्मीय संवाद किया और उनसे छत्तीसगढ़ को लेकर ढेर सारी बातें साझा की। उन्होंने सभी अतिथियों को राजकीय गमछा भेंट कर छत्तीसगढ़ में स्वागत और अभिवादन किया। मुख्यमंत्री की सहृदयता और आतिथ्य पाकर  सभी पत्रकार अभिभूत हुए और उन्हें सिक्किम आने का निमंत्रण भी दिया।                मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ 44 प्रतिशत वन क्षेत्र से आच्छादित है तथा यहां 31 प्रतिशत आदिवासी समुदाय निवासरत है। वनोपज संग्रहण और मूल्य संवर्धन के माध्यम से जनजातीय समुदाय आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। जशपुर जिले में स्व-सहायता समूह की महिलाएं ‘जशप्योर’ ब्रांड के अंतर्गत उत्पाद तैयार कर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए सरकार द्वारा 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जा रहा है तथा चरण पादुका योजना के तहत निःशुल्क चप्पल प्रदान की जा रही है।                 मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह की चिंता को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2005 में इस योजना की शुरुआत की गई थी। हाल ही छह हजार से अधिक जोड़े इस योजना के अंतर्गत विवाह बंधन में बंधे, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत नवदंपतियों को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता एवं 15 हजार रुपये का सामग्री सहयोग प्रदान किया जाता है।                    नक्सलवाद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सफल नेतृत्व और दृढ़ इच्छाशक्ति के चलते प्रदेश में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। राज्य सरकार की आकर्षक पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को 50 हजार रुपये की सहायता तथा तीन वर्षों तक प्रति माह 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। अब तक 2,500 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें रोजगार से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। श्री साय ने बताया कि जगदलपुर में आत्मसमर्पित नक्सलियों द्वारा ‘बस्तर पंडुम’ कैफे का सफल संचालन इसका सशक्त उदाहरण है।            मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के अंतर्गत 17 शासकीय योजनाओं को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया गया है, जिससे सड़क, बिजली, पानी, राशन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की पहुंच सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहे हैं। पर्यटन की संभावनाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। चित्रकोट जलप्रपात, कुटुम्बसर गुफाएं, अबूझमाड़ के वन और धुड़मारास जैसे स्थल प्रदेश की पहचान हैं। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु होम स्टे को उद्योग का दर्जा दिया गया है, जिसके तहत ग्रामीणों को पांच कमरों तक निर्माण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं औद्योगिक विकास के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि नवा रायपुर में 100 एकड़ क्षेत्र में मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है, जहां निम्न आय वर्ग के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने प्रदेश की आकर्षक नवीन औद्योगिक नीति का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसके तहत राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। साथ ही चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना से प्रदेश में फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।  “छत्तीसगढ़ ने भारतीय होने का गर्व कराया” –  अर्चना प्रधान सिक्किम की पत्रकार  अर्चना प्रधान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ‘मेक इन इंडिया’ का प्रभावी स्वरूप देखने को मिला। भिलाई स्टील प्लांट में रेल पटरियों सहित विभिन्न इस्पात उत्पादों का निर्माण प्रदेश के औद्योगिक सामर्थ्य को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इकाइयों को हमें करीब से देखने का मौका मिला और हम जान पाए है कि इस प्रदेश का देश के विकास में कितना महत्वपूर्ण योगदान है।  सिक्किम के पत्रकारों को भाया छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री से भ्रमण उपरांत मिलने पहुंचे पत्रकारों ने  कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और लोगों का आत्मीय व्यवहार अत्यंत प्रभावित करने वाला है। उन्होंने भ्रमण के दौरान प्राप्त अनुभवों को साझा करते हुए स्थानीय खान-पान और सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। सिक्किम से आए पत्रकारों ने अपने पांच दिवसीय भ्रमण के दौरान भिलाई स्टील प्लांट, गेवरा ओपन माइंस, नवा रायपुर तथा जनजातीय संग्रहालय का अवलोकन किया। पत्रकारों ने बताया कि छत्तीसगढ़ भ्रमण की सुंदर स्मृतियों को अपने साथ लेकर जा रहे हैं, जो उन्हें आजीवन याद रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, किसानों के हित में की गई घोषणाओं, स्वच्छ वातावरण तथा पुनर्वास नीति की सराहना की। मुख्यमंत्री को भेंट किया सिक्किम का स्मृति चिन्ह ‘थांका’ पत्रकारों के दल ने मुख्यमंत्री को सिक्किम की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक ‘थांका’ पेंटिंग भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस उपहार के लिए आभार व्यक्त करते हुए इसे स्नेह और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक बताया।          पत्रकारों ने बताया कि सिक्किम का थांका पेंटिंग एक पवित्र स्मृति चिन्ह है, जो सूती या रेशमी कपड़े पर बौद्ध देवताओं, मंडलों और बुद्ध के जीवन दृश्यों को दर्शाता है। यह हस्तनिर्मित कला सिक्किम की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, जिसे अक्सर घर की सजावट और सकारात्मक ऊर्जा के लिए लाया जाता है। इन्हें रोल करके आसानी से ले जाया जा सकता है, जो यात्रियों के लिए एक बेहतरीन सोवेनियर है। यह पारंपरिक कलाकृति सिक्किम के निवासियों के लिए धार्मिक विश्वास और आस्था का प्रतीक है।   इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह, पीआईबी गंगटोक के सहायक निदेशक श्री मानस प्रतिम शर्मा, पीआईबी रायपुर के सहायक निदेशक श्री सुदीप्तो कर, श्री पुरुषोत्तम झा और श्री … Read more

गन्ना किसानों के चेहरे पर खुशी, भोरमदेव शक्कर कारखाने ने होली से पहले बांटे ₹4.73 करोड़

कवर्धा होली से पहले भोरमदेव शक्कर कारखाने से जुड़े गन्ना किसानों के लिए राहतभरी खबर है। कारखाने ने किसानों के खातों में 4 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि जारी की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उत्साह का माहौल बन गया है। चालू पेराई सत्र में अब तक 14,518 किसानों को कुल 51 करोड़ 51 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। समयबद्ध भुगतान से किसानों में भरोसा मजबूत हुआ है और खेती-किसानी के साथ त्योहारी तैयारियों को भी बल मिला है। प्रशासनिक मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया निरंतर जारी रहने की जानकारी कारखाना प्रबंधन ने दी है। उत्पादन के मोर्चे पर भी कारखाना बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। अब तक 2 लाख 42 हजार 990 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है, जिससे 2 लाख 86 हजार 743 क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ है। प्रबंधन का मानना है कि किसानों के सहयोग और सुव्यवस्थित संचालन से इस वर्ष बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। कारखाना प्रशासन ने सदस्य और गैर-सदस्य किसानों से सर्वे के अनुरूप अधिक से अधिक गन्ना आपूर्ति करने की अपील की है, ताकि पेराई लक्ष्य समय पर पूरा हो सके और सहकारी व्यवस्था मजबूत बनी रहे। किसानों को एफआरपी के अतिरिक्त रिकवरी राशि, बोनस, रियायती दर पर शक्कर वितरण, उन्नत बीज और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं भी दी जा रही है। साथ ही श्रमिकों और किसानों के लिए सस्ती भोजन व्यवस्था जैसी पहलें सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाती हैं।

व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग के सबूत मान्य, हाईकोर्ट ने पत्नी की याचिका की खारिज

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने पति-पत्नी से संबंधित विवाद के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मंजूर करने की अनुमति दी है। हाईकोर्ट ने मामले में पत्नी की याचिका खारिज करते हुए कहा है कि परिवार न्यायालय के पास यह विशेष शक्ति है कि मामले के प्रभावी निपटारे के लिए किसी भी दस्तावेज या जानकारी को बतौर सबूत स्वीकार कर सकते हैं। बता दें कि रायपुर निवासी ने पत्नी से तलाक की मांग करते हुए एक याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता पति ने पत्नी की अन्य लोगों के साथ व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग को रिकॉर्ड में लेने के लिए आवेदन किया था। पत्नी ने इसका विरोध करते हुए इसे निजता के अधिकार का उल्लंघन बताया। हालांकि फैमिली कोर्ट ने पति की याचिका मंजूर कर ली, जिसके खिलाफ पत्नी हाईकोर्ट पहुंची। हाईकोर्ट ने भी परिवार न्यायालय के आदेश पर मुहर लगाते हुए पति को राहत दी है और प्राइवेसी से अहम फेयर ट्रायल को माना है।

किसानों को 1508 करोड़ रुपए किए भुगतान, समर्थन मूल्य पर हुई धान खरीदी

बिलासपुर. सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचने वाले किसानों को सरकार द्वारा अब तक 1 हजार 508 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। हालांकि इतना भुगतान करने के बाद अभी भी हजारों की संख्या में किसान शेष हैं, जो भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। विपणन विभाग के अनुसार ऐसे सभी किसानों को दो से तीन दिनों के भीतर राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। 15 नवंबर से प्रारंभ की गई समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का शासन द्वारा समय-समय पर भुगतान जारी किया जाता रहा है। इसके अंतर्गत आज की स्थिति तक किसानों को 1 हजार 508 करोड़ रूपए का भुगतान जारी किया जा चुका है। हालांकि भुगतान की गति काफी धीमी रही है। ऐसे किसान जिन्होंने 15 जनवरी या इसके बाद की स्थिति में अपना धान बेचा था, इन्हें तेरह दिनों बाद भी भुगतान प्राप्त नहीं हो सका था। भुगतान प्राप्त नहीं होने से परेशान किसान किसी गड़बड़ी की आशंका पर लगातार अपनी समितियों में एवं बैंकों में जाकर पतासाजी कर रहे थे। इन किसानों को जनवरी के अंत तक भुगतान प्राप्त हो सका था। इधर सरकार ने भले ही किसानों को 15 सौ करोड़ का भुगतान किया है, लेकिन अभी भी हजारों की संख्या में किसान भुगतान का इंतजार कर ही रहे हैं, जिन्हें दो से तीन दिनों के भीतर भुगतान होने की बात कही जा रही है।

आईटीआई कोनी में दो दिवसीय आयोजन, संभाग स्तरीय रोजगार मेला शुरू

बिलासपुर. राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए 12 एवं 13 फरवरी को सवेरे 10 बजे से शाम 4 बजे तक आईटीआई कोनी में संभाग स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन शुरू किया गया है। 26 निजी कंपनियों द्वारा फायनेंस, एग्रीकल्चर, मैनेजमेंट, मेडिकल व फार्मेसी, सोलर एनर्जी, टेक्सटाईल इंडस्ट्री, सर्विस टेक्निकल, मेनुफैक्चरिंग, सिक्यूरिटी सर्विस, इंश्योरेंस, आटोमोबाईल, ज्वेलेरी जैसे क्षेत्रों में लगभग 4 हजार पदों पर भर्ती की कार्रवाई की जाएगी। रोजगार मेले में शामिल होने के लिए रोजगार पंजीयन, ई रोजगार पोर्टल में आवेदक का ऑनलाईन मेला पंजीयन होना अनिवार्य है। इच्छुक आवेदक आधार कार्ड, फोटो, बायोडाटा एवं निर्धारित शैक्षणिक प्रमाण पत्र के साथ रोजगार मेले में शामिल हो सकते है। मेले में शामिल होने एवं रिक्त पदों की विस्तृत जानकारी www.eroj-gar.cg.gov.in एवं छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप से प्राप्त कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय कोनी से भी संपर्क किया जा सकता है।

मैदान में हैं 61 प्रत्याशी, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का चुनाव आज

बिलासपुर. हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का चुनाव गुरुवार 12 फरवरी को होगा। चुनाव के लिए कुल 17 पदों के लिए 61 प्रत्याशी मैदान में है। जारी चुनावी कार्यक्रम के तहत मतदान गुरुवार की सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। अगले दिन 13 फरवरी को मतगणना होगी और उसी दिन देर शाम परिणाम भी जारी कर दिए जाएंगे। ध्यान रहे कि इससे पहले इस चुनाव पर रोक लगाने के लिए दायर याचिका को हाईकोर्ट के जस्टिस एनके चंद्रवंशी ने खारिज कर दिया था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, इसलिए अब इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। इधर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के वर्ष 2026-2028 के लिए चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनूप मजुमदार द्वारा जारी सूचना के अनुसार सुबह 11 बजे से वोटिंग होगी। चुनाव में अध्यक्ष के लिए सीनियर एडवोकेट राजीव श्रीवास्तव, अरविंद सिन्हा, दिनेश कुमार तिवारी, अब्दुल वहाब खान, शैलेन्द्र कुमार बाजपेयी, हनुमान प्रसाद अग्रवाल और रजनीश सिंह बघेल मैदान में हैं। वहीं, उपाध्यक्ष (वरिष्ठ) के लिए दीपक कुमार जैन, भरत लाल सोनी, गौतम खेत्रपाल, अरविंद दुबे, महेन्द्र नाथ दुबे और शशिकांत सोनकर ने फार्म भरे हैं। वहीं उपाध्यक्ष (महिला) पद के लिए मांडवी भारद्वाज, संगीता मिश्रा, मधुनिशा सिंह और रीमा दुबे के बीच प्रतिस्पर्धा होगी।

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